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  • Yoga Tips: रोज सिर्फ 5 मिनट करें वृक्षासन, हड्डियां होंगी मजबूत और दिमाग रहेगा शांत

    Yoga Tips: रोज सिर्फ 5 मिनट करें वृक्षासन, हड्डियां होंगी मजबूत और दिमाग रहेगा शांत


    नई दिल्ली । आज की तेज रफ्तार और तनाव से भरी जिंदगी में शारीरिक फिटनेस के साथ मानसिक संतुलन बनाए रखना बड़ी चुनौती बन चुका है। ऐसे में योग एक ऐसा प्रभावी उपाय है, जो न केवल शरीर को मजबूत बनाता है बल्कि मन को भी शांत और स्थिर करता है। खासतौर पर वृक्षासन एक ऐसा आसान लेकिन बेहद असरदार योगासन है, जिसे रोजाना सिर्फ 5 मिनट करने से कई स्वास्थ्य लाभ मिल सकते हैं।

    वृक्षासन का अर्थ ही है पेड़ की तरह स्थिर और मजबूत खड़े रहना। यह आसन हमें सिखाता है कि जीवन की कठिन परिस्थितियों में भी कैसे संतुलन बनाए रखा जाए। जब आप एक पैर पर खड़े होकर शरीर को संतुलित करते हैं, तो यह न केवल आपकी शारीरिक क्षमता को बढ़ाता है बल्कि मानसिक एकाग्रता को भी मजबूत करता है। नियमित अभ्यास से दिमाग और मांसपेशियों के बीच तालमेल बेहतर होता है, जिससे शरीर की कार्यक्षमता बढ़ती है।

    इस योगासन का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह रीढ़ की हड्डी को सीधा और मजबूत बनाए रखने में मदद करता है। साथ ही पैरों की मांसपेशियां टोन होती हैं और शरीर का संतुलन सुधरता है। जो लोग लंबे समय तक बैठकर काम करते हैं, उनके लिए यह आसन विशेष रूप से फायदेमंद है। एक पैर पर संतुलन बनाने की प्रक्रिया फोकस और ध्यान केंद्रित करने की क्षमता को कई गुना बढ़ा देती है, जिससे काम में एकाग्रता भी बेहतर होती है।

    मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी वृक्षासन बेहद लाभकारी माना जाता है। यह शरीर के वात दोष को संतुलित करता है, जिससे तनाव, घबराहट और मानसिक अस्थिरता में कमी आती है। नियमित अभ्यास से मन शांत रहता है और सकारात्मक सोच विकसित होती है।

    इस आसन को करने का सबसे सही समय सुबह का होता है, जब पेट खाली हो। अगर आप इसे शाम के समय करना चाहते हैं, तो भोजन और योग के बीच कम से कम 4 से 6 घंटे का अंतर रखना जरूरी है। अभ्यास शुरू करने से पहले शरीर को तैयार करने के लिए हल्के वार्म-अप जैसे स्ट्रेचिंग या अन्य योगासन करना फायदेमंद रहता है।

    हालांकि, इस आसन को करते समय कुछ सावधानियां भी जरूरी हैं। जिन लोगों को घुटनों में दर्द, किसी प्रकार की गंभीर चोट या माइग्रेन की समस्या है, उन्हें इसे करने से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लेनी चाहिए। बिना मार्गदर्शन के अभ्यास करने से बचना बेहतर होता है।

    कुल मिलाकर, वृक्षासन केवल एक योगासन नहीं, बल्कि शरीर और मन को संतुलित करने का एक सरल विज्ञान है। अगर आप अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में बेहतर फोकस, मजबूत हड्डियां और मानसिक शांति चाहते हैं, तो इस आसान आसन को अपनी दिनचर्या में जरूर शामिल करें।

  • मोटापा बन रहा बीमारियों का बड़ा कारण, रोजमर्रा की आदतों में बदलाव से करें नियंत्रण

    मोटापा बन रहा बीमारियों का बड़ा कारण, रोजमर्रा की आदतों में बदलाव से करें नियंत्रण


    नई दिल्ली । आज की तेज रफ्तार जिंदगी में लोग सुविधाओं के पीछे इतने व्यस्त हो गए हैं कि अपने स्वास्थ्य की ओर ध्यान देना लगभग भूलते जा रहे हैं। यही कारण है कि मोटापा अब केवल दिखने या शरीर की बनावट से जुड़ी समस्या नहीं रह गया है बल्कि यह एक गंभीर स्वास्थ्य चुनौती बन चुका है। बदलती जीवनशैली असंतुलित खानपान और शारीरिक गतिविधियों की कमी के कारण मोटापे के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते इस पर ध्यान नहीं दिया गया तो यह कई गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है।

    स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं कि जब शरीर का वजन सामान्य सीमा से अधिक हो जाता है तो यह केवल शरीर में अतिरिक्त चर्बी ही नहीं बढ़ाता बल्कि शरीर के अंदरूनी तंत्र को भी प्रभावित करता है। मोटापे के कारण शरीर में आंतरिक सूजन बढ़ने लगती है जो धीरे धीरे इंसुलिन प्रतिरोध को जन्म देती है। यही स्थिति आगे चलकर कई गंभीर बीमारियों का कारण बनती है जिनमें Type 2 Diabetes High Blood Pressure Thyroid Disease और धमनियों में ब्लॉकेज जैसी समस्याएं शामिल हैं। इसलिए विशेषज्ञ मोटापे को कई बीमारियों का प्रवेश द्वार भी मानते हैं।

    मोटापा बढ़ने के पीछे सबसे बड़ा कारण आज का बदलता खानपान है। फास्ट फूड जंक फूड और कोल्ड ड्रिंक्स का अत्यधिक सेवन शरीर में अनावश्यक कैलोरी जमा कर देता है। इन खाद्य पदार्थों में पोषक तत्व कम और वसा व चीनी की मात्रा अधिक होती है जो वजन तेजी से बढ़ाने का काम करते हैं। इसके अलावा लंबे समय तक बैठकर काम करने की आदत भी मोटापे को बढ़ाने में अहम भूमिका निभाती है। ऑफिस में घंटों कंप्यूटर के सामने बैठना और बच्चों का खेल के मैदान के बजाय मोबाइल या टीवी पर समय बिताना शारीरिक सक्रियता को कम कर देता है जिससे शरीर की कैलोरी खर्च नहीं हो पाती।

    इसके साथ ही मानसिक तनाव और अनियमित नींद भी वजन बढ़ने का बड़ा कारण बनते जा रहे हैं। जब व्यक्ति पर्याप्त नींद नहीं लेता या लगातार तनाव में रहता है तो शरीर का मेटाबॉलिज्म प्रभावित होता है और वजन बढ़ने लगता है। ऐसे में विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि मोटापे को नियंत्रित करने के लिए दवाइयों से अधिक जरूरी है कि लोग अपनी जीवनशैली और आदतों में बदलाव करें।

    मोटापा नियंत्रित करने के लिए रोजाना कम से कम 30 मिनट तक तेज चलना साइकिल चलाना या योग करना बेहद फायदेमंद माना जाता है। नियमित व्यायाम से शरीर की अतिरिक्त कैलोरी बर्न होती है और वजन नियंत्रित रहता है। इसके साथ ही आहार में भी बदलाव जरूरी है। घर का बना संतुलित और पौष्टिक भोजन हरी सब्जियां फल और साबुत अनाज को प्राथमिकता देनी चाहिए जबकि चीनी और तेल का सेवन कम करना चाहिए।

    विशेषज्ञ यह भी सलाह देते हैं कि स्क्रीन टाइम को सीमित किया जाए खासकर बच्चों के लिए। उन्हें अधिक समय तक मोबाइल या कंप्यूटर पर बैठने के बजाय शारीरिक खेलों के लिए प्रेरित करना चाहिए। इसके अलावा रोजाना 7 से 8 घंटे की गहरी नींद लेना भी वजन नियंत्रण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। छोटे छोटे बदलाव जैसे लिफ्ट की जगह सीढ़ियों का उपयोग करना हर एक घंटे के बाद कुछ मिनट टहलना और दैनिक काम खुद करना भी शरीर को सक्रिय बनाए रखने में मदद करते हैं।

    स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि यदि लोग समय रहते अपनी आदतों में सुधार कर लें तो मोटापे से बचना संभव है और इसके कारण होने वाली कई गंभीर बीमारियों के खतरे को भी काफी हद तक कम किया जा सकता है।

  • पूरे शरीर के लिए योग का वरदान: सर्वांगपुष्टि आसन के फायदे और अभ्यास

    पूरे शरीर के लिए योग का वरदान: सर्वांगपुष्टि आसन के फायदे और अभ्यास


    नई दिल्ली ।आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में जहां अनियमित दिनचर्या, तनाव और लंबे समय तक बैठे रहने की आदत आम हो गई है, वहीं शरीर कमजोर और सुस्त महसूस करना भी आम बात हो गई है। ऐसे समय में रोजाना 10 से 15 मिनट का योगाभ्यास न केवल शारीरिक स्वास्थ्य बल्कि मानसिक ऊर्जा बढ़ाने में भी कारगर साबित होता है ।

    मोरारजी देसाई नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ योगा के अनुसार, सर्वांगपुष्टि आसन एक सरल लेकिन प्रभावी योगासान है। यह पूरे शरीर को सक्रिय कर मांसपेशियों की ताकत, रक्त संचार और स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है। इस आसन के नियमित अभ्यास से रीढ़ की हड्डी मजबूत होती है, जिससे कमर और पीठ दर्द में राहत मिलती है।

    सर्वांगपुष्टि आसन पूरे शरीर की मांसपेशियों को टोन करता है, खासकर पेट, कमर और पैरों की चर्बी घटाने में मदद करता है। बेहतर रक्त संचार के कारण शरीर में ऑक्सीजन और पोषक तत्वों की आपूर्ति बढ़ती है, जिससे त्वचा में प्राकृतिक चमक आती है और इम्यूनिटी मजबूत होती है। इसके अलावा, मोटापा, कब्ज और शारीरिक दुर्बलता जैसी समस्याओं में सुधार आता है।

    बच्चों और युवाओं में हाइट और शारीरिक विकास को बढ़ावा देने में भी यह आसन सहायक है। जोड़ों की जकड़न दूर होती है, लचीलापन बढ़ता है और थकान एवं तनाव कम होकर ऊर्जा का स्तर बनाए रहता है।

    हालांकि, इसे करते समय सावधानी बरतना जरूरी है। गर्दन, पीठ या कंधे में चोट, उच्च रक्तचाप, सिरदर्द, गंभीर हृदय रोग या हाल ही में सर्जरी हुई हो तो यह आसन न करें। गर्भवती महिलाएं और पीरियड्स के दौरान भी इसे टालें। शुरुआत में अभ्यास को ज्यादा लंबा न रखें, सांस पर ध्यान दें और खाली पेट या हल्के व्यायाम के बाद ही करें। असुविधा या चक्कर आने पर तुरंत रुक जाएं।

    सर्वांगपुष्टि आसन शरीर को मजबूत बनाता है, सुस्ती दूर करता है और मानसिक ऊर्जा बढ़ाता है। रोजाना 10 मिनट का नियमित अभ्यास आधुनिक जीवन की चुनौतियों से निपटने और स्वास्थ्य को संतुलित रखने का सरल और प्रभावी तरीका है।

  • हल्दी वाले दूध से मिलते हैं 5 जबरदस्त फायदे, दर्द से लेकर नींद तक सब होगा बेहतर

    हल्दी वाले दूध से मिलते हैं 5 जबरदस्त फायदे, दर्द से लेकर नींद तक सब होगा बेहतर


    नई दिल्ली । हल्दी वाला दूध, जिसे हम अक्सर घरेलू नुस्खों में सुनते हैं, सर्दियों के मौसम में खासकर एक बेहतरीन स्वास्थ्यवर्धक उपाय साबित हो सकता है। हालांकि कई लोग इस दूध का स्वाद पसंद नहीं करते, लेकिन इसके अद्भुत फायदों को जानने के बाद शायद ही कोई इसे छोड़ने का सोचें। सोने से पहले एक गिलास हल्दी वाला दूध आपके शरीर और दिमाग दोनों के लिए बेहद फायदेमंद हो सकता है। आइए जानें इसके पांच मुख्य फायदे:

    जोड़ों और घुटनों के दर्द में राहत

    सर्दी के मौसम में जोड़ों और घुटनों में दर्द और अकड़न आम समस्या बन जाती है। हल्दी में मौजूद सूजन कम करने वाले गुण शरीर के दर्द को कम करने में मदद करते हैं। रोज रात को हल्दी वाला दूध पीने से हड्डियां मजबूत होती हैं और पुराने दर्द से राहत मिलती है। अगर आपको जोड़ों में दर्द की समस्या है, तो हल्दी वाला दूध एक प्रभावी घरेलू इलाज साबित हो सकता है।

    सर्दी-जुकाम से बचाव में असरदार

    मौसम बदलने पर सर्दी, खांसी और जुकाम जैसी समस्याएं आम हो जाती हैं। हल्दी वाला दूध शरीर को अंदर से गर्म रखता है और खांसी और जुकाम के लक्षणों से बचाव में मदद करता है। हल्दी के जीवाणुरोधी गुण गले की खराश और सीने की जकड़न को दूर करने में सहायक होते हैं, जिससे राहत मिलती है। अगर आप सर्दी-जुकाम से बचना चाहते हैं, तो हल्दी वाला दूध पिएं।

    अच्छी और गहरी नींद के लिए फायदेमंद

    अगर आपको रात में नींद न आने की समस्या है, तो हल्दी वाला दूध एक कारगर उपाय हो सकता है। हल्दी और दूध दोनों ही दिमाग को शांत करने में मदद करते हैं, जिससे तनाव कम होता है और नींद की गुणवत्ता बेहतर होती है। इससे आपकी नींद गहरी होती है और आप ताजगी महसूस करते हैं।

    त्वचा में लाता है प्राकृतिक चमक

    हल्दी त्वचा के लिए भी बहुत फायदेमंद है। यह शरीर को अंदर से साफ करती है, खून को शुद्ध करती है, जिससे पिंपल्स और मुंहासों की समस्या कम होती है। हल्दी में पाए जाने वाले एंटीऑक्सीडेंट्स और जीवाणुरोधी गुण त्वचा को निखारने में मदद करते हैं, जिससे त्वचा साफ, चमकदार और सुंदर दिखने लगती है।

    पाचन रहेगा दुरुस्त

    तला-भुना और भारी भोजन पाचन तंत्र को बिगाड़ सकता है। हल्दी वाला दूध पेट की गैस, अपच और जलन जैसी समस्याओं को कम करने में मदद करता है। यह आपके मेटाबॉलिज्म को भी बेहतर बनाता है, जिससे वजन बढ़ने की चिंता कम हो जाती है। यदि आप पाचन संबंधी समस्याओं से परेशान हैं, तो हल्दी वाला दूध आपके लिए एक प्राकृतिक उपाय हो सकता हैअगर आप सर्दियों में खुद को फिट और एनर्जेटिक रखना चाहते हैं, तो रोज रात सोने से पहले हल्दी वाले दूध की आदत डालें। यह न सिर्फ आपके शरीर को स्वस्थ रखेगा, बल्कि आपकी त्वचा और मानसिक स्वास्थ्य को भी बेहतर बनाएगा। हल्दी वाला दूध एक बहुत ही सरल और प्रभावी तरीका है जो लंबे समय तक आपकी सेहत को बनाए रखने में मदद करेगा

  • जिम जाने से डर लगता है? इन 5 टिप्स के साथ शुरू करें अपना वेट लॉस सफर

    जिम जाने से डर लगता है? इन 5 टिप्स के साथ शुरू करें अपना वेट लॉस सफर


    नई दिल्ली । वजन कम करने की प्रक्रिया अक्सर कठिन और उबाऊ लगती है। कई बार हम सोचते हैं कि हमें जिम में घंटों पसीना बहाना होगा और अपनी पसंदीदा चीज़ों को छोड़ना पड़ेगा। लेकिन असल में वजन घटाने की सफलता का सबसे बड़ा राज आपकी मानसिक सोच और मोटिवेशन में छिपा है। सही आदतें और सकारात्मक नजरिया ही इस सफर को आसान और मजेदार बना सकते हैं।अगर आप भी वजन घटाने के सफर की शुरुआत करना चाहते हैं तो इन 5 टिप्स को अपनाकर आप इसे सिर्फ प्रभावी नहीं बल्कि मजेदार भी बना सकते हैं।

    छोटे टारगेट से शुरुआत करें

    अगर आपने एक साथ 10 किलो वजन घटाने का सोच लिया तो यह आपको जल्दी ही हतोत्साहित कर सकता है। इसके बजाय छोटे और साप्ताहिक लक्ष्य तय करें जैसे कि हर हफ्ते 500 ग्राम वजन घटाना। शुरुआत में केवल 15-20 मिनट की एक्सरसाइज से शुरू करें। छोटे टारगेट पूरे होने पर मिलने वाली संतुष्टि आपको आगे बढ़ने की प्रेरणा देगी।

    फिजिकल एक्टिविटी को मजेदार बनाएं

    कभी-कभी वर्कआउट को बोझ जैसा महसूस करना स्वाभाविक है लेकिन इसे मजेदार बनाने की कोशिश करें। अपने पसंदीदा गानों की प्लेलिस्ट सुनते हुए वर्कआउट करें। म्यूजिक न केवल आपको ऊर्जा देगा बल्कि यह आपके मूड को भी बेहतर बनाएगा। इससे वर्कआउट की समय सीमा का पता भी नहीं चलेगा और आप आसानी से लंबे समय तक एक्टिव रहेंगे।

    वर्कआउट पार्टनर ढूंढें

    अकेले जिम जाने की सोच ही आलस को जन्म देती है। ऐसे में एक वर्कआउट पार्टनर का होना बहुत फायदेमंद साबित हो सकता है। किसी दोस्त या परिवार के सदस्य को अपने साथ वर्कआउट करने के लिए प्रेरित करें। इससे न केवल आपको प्रेरणा मिलेगी बल्कि आप एक-दूसरे को उत्साहित और प्रोत्साहित भी करेंगे। इसके अलावा वर्कआउट पार्टनर के साथ करने से यह और भी मजेदार हो सकता है।

    आहार में बदलाव करें पर प्रतिबंध नहीं

    वजन घटाने के सफर में आहार को भी बदलना महत्वपूर्ण है लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि आपको अपनी पसंदीदा चीजें छोड़नी पड़ें। अगर आप बहुत सख्त आहार योजना का पालन करेंगे तो जल्दी ही वह आपके लिए बोरिंग और मुश्किल हो जाएगा। इसके बजाय छोटे-छोटे बदलाव करें जैसे कि अधिक प्रोटीन और फाइबर का सेवन शक्कर और जंक फूड की मात्रा कम करना।

    अपने छोटे-छोटे प्रगति को सेलिब्रेट करें

    वजन घटाने का सफर लंबा हो सकता है और इसके दौरान किसी छोटे बदलाव को नजरअंदाज करना आसान होता है। लेकिन छोटी-छोटी प्रगति को सेलिब्रेट करना आपके मोटिवेशन को बढ़ा सकता है। जैसे ही आप कोई छोटा लक्ष्य हासिल करें अपने आप को सराहें या खुद को कोई छोटा इनाम दें। इससे आपका आत्मविश्वास बढ़ेगा और आप और भी बेहतर करने के लिए प्रेरित होंगे। वजन घटाने का सफर मानसिक दृष्टिकोण से कहीं अधिक जुड़ा हुआ है। अगर आप इसे एक सकारात्मक और मजेदार अनुभव के रूप में देखेंगे तो यह सफर बेहद सफल और प्रेरणादायक बन सकता है। शुरुआत में छोटी शुरुआत करें इसे मजेदार बनाएं और साथ ही अपने आहार और आदतों में छोटे-छोटे बदलाव करें। जब आप इसे एक आदत के रूप में अपनाएंगे तो यह आसानी से आपका जीवन का हिस्सा बन जाएगा।

  • स्मार्ट वेलनेस रूटीन: सुबह की हल्की एक्सरसाइज और मेडिटेशन से जीवन में संतुलन

    स्मार्ट वेलनेस रूटीन: सुबह की हल्की एक्सरसाइज और मेडिटेशन से जीवन में संतुलन

    Smart wellness
    नई दिल्ली । आज की तेज रफ्तार और भागदौड़ भरी जिंदगी में शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को संतुलित रखना एक बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। बढ़ते काम का दबावस्क्रीन टाइम और अनियमित दिनचर्या लोगों को तनावथकान और बीमारियों की ओर धकेल रही है। ऐसे में विशेषज्ञ स्मार्ट वेलनेस रूटीन अपनाने की सलाह दे रहे हैंजिसमें सुबह की हल्की एक्सरसाइजमेडिटेशन और हेल्दी नाश्ता को प्राथमिकता दी जाती है।

    विशेषज्ञों के अनुसारसुबह की शुरुआत अगर हल्की एक्सरसाइज से की जाए तो इसका असर पूरे दिन दिखाई देता है। स्ट्रेचिंगवॉकयोग या हल्की फ्री-हैंड एक्सरसाइज मांसपेशियों को सक्रिय बनाती है और ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर करती है। इससे न केवल शरीर में फुर्ती आती हैबल्कि दिनभर ऊर्जा बनी रहती है और थकान की समस्या कम होती है। नियमित रूप से की गई हल्की एक्सरसाइज दिल की सेहतवजन नियंत्रण और इम्यून सिस्टम को भी मजबूत बनाती है।शारीरिक लाभों के साथ-साथ हल्की एक्सरसाइज मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी बेहद फायदेमंद मानी जाती है। यह तनाव और चिंता को कम करने में मदद करती है और मूड को बेहतर बनाती है। विशेषज्ञ बताते हैं कि सुबह की ताजी हवा में की गई वॉक या योग दिमाग को शांत करता है और दिनभर सकारात्मक सोच बनाए रखने में सहायक होता है।

    स्मार्ट वेलनेस रूटीन का दूसरा अहम हिस्सा मेडिटेशन है। रोजाना 10 से 15 मिनट का ध्यान मन को स्थिरता और शांति प्रदान करता है। मेडिटेशन से न केवल मानसिक तनाव कम होता हैबल्कि एकाग्रता और निर्णय लेने की क्षमता भी बढ़ती है। विशेषज्ञों का मानना है कि ध्यान करने से नींद की गुणवत्ता में सुधार होता है और भावनात्मक संतुलन बना रहता है।हेल्दी नाश्ता भी स्मार्ट वेलनेस रूटीन की बुनियाद है। सुबह का नाश्ता शरीर को दिनभर की ऊर्जा देता है। पोषण विशेषज्ञों के अनुसारनाश्ते में प्रोटीनफाइबर और विटामिन का संतुलन होना चाहिए। अंडादलियाओट्सफलनट्स या स्मूदी जैसे विकल्प शरीर को लंबे समय तक ऊर्जावान बनाए रखते हैं और बार-बार भूख लगने से बचाते हैं।

    इसके साथ ही आज के डिजिटल युग में तकनीक का संतुलित इस्तेमाल भी जरूरी है। मोबाइललैपटॉप और अन्य डिजिटल डिवाइस का अत्यधिक उपयोग मानसिक स्वास्थ्य और नींद को प्रभावित कर सकता है। स्मार्ट वेलनेस रूटीन में डिजिटल डिटॉक्स और स्क्रीन टाइम मैनेजमेंट को शामिल करना बेहद जरूरी माना जा रहा है।विशेषज्ञों का कहना है कि वेलनेस के लिए बड़े और कठिन बदलाव जरूरी नहीं हैं। रोज सुबह 10 मिनट वॉक10 मिनट मेडिटेशन और एक संतुलित नाश्ता जैसे छोटे कदम भी जीवन में बड़ा सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं। यह रूटीन न केवल शरीर को स्वस्थ रखता हैबल्कि मन को भी शांत और संतुलित बनाता है।

  • 71 साल की उम्र में रेखा का डांस वीडियो वायरल सोशल मीडिया पर आईं सराहनाएं 17 की हीरोइन को भी टक्कर दे रही हैं

    71 साल की उम्र में रेखा का डांस वीडियो वायरल सोशल मीडिया पर आईं सराहनाएं 17 की हीरोइन को भी टक्कर दे रही हैं


    नई दिल्ली । बॉलीवुड की दिग्गज अदाकारा रेखा अपने शानदार अभिनय के साथ-साथ अपनी खूबसूरती और फिटनेस के लिए भी पहचानी जाती हैं। 71 साल की उम्र में भी वह अपनी सेहत और खूबसूरती पर पूरी तरह से ध्यान देती हैं। अब उनका एक डांस वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है जिसमें वह मुग़ल-ए-आज़म के गाने “मोहे पनघट पे” पर डांस करती दिख रही हैं। इस गाने में पहले मधुबाला ने अपनी खूबसूरती और अदाओं से दर्शकों का दिल जीता था और रेखा ने उसी अंदाज में अपना जलवा बिखेर दिया।

    वीडियो में रेखा के चेहरे के भाव लचक और अनोखी अदाएं साफ नजर आ रही हैं जो दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर रही हैं। सोशल मीडिया पर यूजर्स इस वीडियो को देखकर रेखा की तारीफ करते नहीं थक रहे हैं। एक यूजर ने लिखा “71 की उम्र में 17 साल की हीरोइन को टक्कर दे रही हैं ” जबकि दूसरे यूजर ने कहा “रेखा जी आज की हीरोइनों को कड़ी टक्कर दे रही हैं।” कुछ और यूजर्स ने तो यह भी कहा कि रेखा की खूबसूरती के आगे सभी फीकी पड़ जाती हैं और उन्हें ‘लिजेंड’ करार दिया।

    वर्क फ्रंट की बात करें तो रेखा को आखिरी बार 2014 में सुपर नानी फिल्म में देखा गया था जिसमें उन्होंने मुख्य भूमिका निभाई थी। हालांकि फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सफल नहीं हो पाई लेकिन रेखा के अभिनय को सराहा गया। इसके अलावा रेखा को कई टीवी शोज और इवेंट्स में भी देखा गया है जहाँ वह अपनी अनोखी मौजूदगी से लोगों का दिल जीत लेती हैं।
    रेखा का यह नया डांस वीडियो उनके फैंस और बॉलीवुड इंडस्ट्री के लिए एक शानदार ट्रिब्युट है जो यह साबित करता है कि उम्र केवल एक संख्या है और असली खूबसूरती और टैलेंट कभी नहीं घटते।