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  • पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव का असर, एयर इंडिया ने सऊदी अरब के तीन शहरों की उड़ानें 14 नवंबर तक रोकीं

    पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव का असर, एयर इंडिया ने सऊदी अरब के तीन शहरों की उड़ानें 14 नवंबर तक रोकीं

    नई दिल्ली । पश्चिम एशिया में लगातार बिगड़ते सुरक्षा हालात का असर हवाई सेवाओं पर पड़ने लगा है। सऊदी अरब आने-जाने वाले यात्रियों को अब अपनी यात्रा की योजनाओं में बदलाव करना पड़ सकता है। एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस ने सऊदी अरब के तीन प्रमुख शहरों के लिए अपनी उड़ानें 14 नवंबर 2026 तक निलंबित कर दी हैं। इस फैसले से जेद्दा, रियाद और दम्माम के लिए हवाई यात्रा करने वाले यात्रियों की परेशानी बढ़ सकती है। वहीं, इंडिगो और अकासा एयर ने भी सुरक्षा परिस्थितियों को देखते हुए अपनी कुछ सेवाएं अस्थायी रूप से बंद कर दी हैं।

    एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस ने पहले भी इन शहरों के लिए उड़ानों पर रोक लगाई थी। उस समय रियाद और दम्माम की उड़ानें 7 नवंबर तक, जबकि जेद्दा की उड़ानें 31 अक्टूबर तक निलंबित की गई थीं। अब क्षेत्र में सुरक्षा संबंधी चिंताओं को देखते हुए इस अवधि को बढ़ाकर 14 नवंबर 2026 कर दिया गया है। एयरलाइंस का यह निर्णय यात्रियों और विमान संचालन की सुरक्षा को ध्यान में रखकर लिया गया है।

    प्रभावित यात्रियों को राहत देने के लिए टिकट की तारीख बदलने और पूरा रिफंड लेने का विकल्प दिया गया है। इसके लिए कुछ शर्तें निर्धारित की गई हैं। यह सुविधा उन यात्रियों को मिलेगी जिनके टिकट 30 अक्टूबर 2026 या उससे पहले जारी हुए हैं और जिनकी यात्रा की तारीख 14 नवंबर 2026 तक निर्धारित थी। ऐसे यात्री एक बार बिना अतिरिक्त शुल्क के अपनी यात्रा की तारीख बदल सकते हैं। नई यात्रा 29 नवंबर 2026 तक पूरी करनी होगी। हालांकि, मुफ्त रीबुकिंग की सुविधा सीटों की उपलब्धता पर निर्भर करेगी।

    जो यात्री अपनी यात्रा नहीं करना चाहते, वे टिकट रद्द कर पूरा रिफंड प्राप्त कर सकते हैं। एयर इंडिया के यात्री सऊदी अरब में एयरलाइन के किसी भी चालू स्टेशन से आने-जाने के लिए टिकट की वैकल्पिक व्यवस्था करा सकते हैं। वहीं, एयर इंडिया एक्सप्रेस के यात्रियों को सऊदी अरब या बहरीन में एयरलाइन के किसी भी चालू स्टेशन के लिए रीबुकिंग का विकल्प दिया गया है। प्रभावित यात्रियों की सहायता के लिए दोनों कंपनियों ने संपर्क केंद्र और शहरों में टिकट बुकिंग कार्यालयों की सुविधा उपलब्ध कराई है।

    सऊदी अरब में हाल के हमलों के बाद सुरक्षा चिंताएं और बढ़ गई हैं। 21 अक्टूबर को दम्माम स्थित किंग फहद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे और शायबाह तेल क्षेत्र को निशाना बनाए जाने की घटना सामने आई थी। इस हमले में एक भारतीय नागरिक की मौत हो गई थी, जबकि दो अन्य घायल हुए थे। शायबाह तेल क्षेत्र में हुए हमले में भी एक भारतीय नागरिक घायल हुआ था। इन घटनाओं के बाद क्षेत्र में नागरिक और ऊर्जा से जुड़े महत्वपूर्ण ठिकानों की सुरक्षा को लेकर सतर्कता बढ़ाई गई है।

    उड़ानों पर रोक लगाने वाली कंपनियों में इंडिगो भी शामिल है। कंपनी ने जेद्दा, दम्माम और मदीना आने-जाने वाली अपनी उड़ानें 14 नवंबर तक रद्द की हैं। दूसरी ओर, अकासा एयर ने रियाद के लिए अपनी उड़ानों पर 30 नवंबर तक और जेद्दा के लिए 10 नवंबर तक रोक लगाने का फैसला किया है। इस तरह अलग-अलग एयरलाइंस की उड़ानों के निलंबन की अवधि अलग-अलग रखी गई है।

    प्रभावित यात्री टिकट में बदलाव या रिफंड से संबंधित जानकारी के लिए एयर इंडिया के संपर्क नंबर +91 11 69329333 और +91 11 69329999 पर संपर्क कर सकते हैं। एयर इंडिया एक्सप्रेस के यात्रियों के लिए +91 124 6935600 नंबर उपलब्ध कराया गया है।

    यात्रियों को सलाह दी गई है कि हवाई अड्डे के लिए रवाना होने से पहले अपनी उड़ान की स्थिति जरूर जांच लें। टिकट बदलने या रद्द कराने से पहले संबंधित एयरलाइन की निर्धारित शर्तों और उपलब्ध विकल्पों की जानकारी लेना भी जरूरी है। पश्चिम एशिया के मौजूदा हालात के बीच उड़ानों के संचालन में आगे भी बदलाव हो सकते हैं।

  • इंदौर एयरपोर्ट से 25 अक्टूबर को बदलेगा फ्लाइट शेड्यूल, मुंबई और अहमदाबाद के यात्रियों को मिलेंगे नए विकल्प

    इंदौर एयरपोर्ट से 25 अक्टूबर को बदलेगा फ्लाइट शेड्यूल, मुंबई और अहमदाबाद के यात्रियों को मिलेंगे नए विकल्प

    मध्य प्रदेश: के इंदौर स्थित देवी अहिल्याबाई होलकर एयरपोर्ट पर 25 अक्टूबर 2026 से उड़ानों का नया विंटर शेड्यूल लागू होने जा रहा है। इसके तहत मुंबई और अहमदाबाद जाने वाले यात्रियों को अतिरिक्त उड़ानों के विकल्प मिलेंगे। अहमदाबाद के लिए तीसरी सीधी फ्लाइट शुरू करने की तैयारी है, जबकि मुंबई के लिए सुबह की नई उड़ान उपलब्ध होगी। इसके अलावा गोवा और पुणे के रास्ते कोच्चि जाने वाले यात्रियों के लिए भी कनेक्टिंग फ्लाइट के विकल्प रहेंगे।

    नए शेड्यूल में अहमदाबाद और मुंबई के रूट पर विशेष बदलाव किए गए हैं। इन दोनों शहरों के बीच इंदौर से बड़ी संख्या में लोग कारोबार, नौकरी, पढ़ाई और अन्य निजी कार्यों के लिए यात्रा करते हैं। उड़ानों के समय में बदलाव और नए विकल्प मिलने से यात्रियों को अपनी जरूरत के अनुसार यात्रा की योजना बनाने में सुविधा होगी।

    अहमदाबाद के लिए तीसरी सीधी उड़ान

    इंदौर से अहमदाबाद जाने वाले यात्रियों को नए विंटर शेड्यूल में तीसरी सीधी उड़ान का विकल्प मिलेगा। इस रूट पर पहले से संचालित दोनों उड़ानों के समय में भी बदलाव किया जाएगा। दोनों मौजूदा फ्लाइट अब अपने वर्तमान प्रस्थान समय से 30 मिनट पहले रवाना होंगी। इससे यात्रियों को उपलब्ध उड़ानों के समय के अनुसार अपना कार्यक्रम तय करना होगा।

    नई उड़ान दोपहर 12:05 बजे अहमदाबाद से इंदौर पहुंचेगी। इसके बाद विमान शाम 5 बजे इंदौर से अहमदाबाद के लिए रवाना होगा। वापसी के क्रम में अहमदाबाद से शाम 7:25 बजे उड़ान भरने के बाद विमान रात 8:35 बजे इंदौर पहुंचेगा। इस तरह अहमदाबाद रूट पर उड़ानों की संख्या बढ़ने से यात्रियों को यात्रा के समय के अधिक विकल्प मिल सकेंगे।

    अहमदाबाद व्यापार और कारोबार के लिहाज से इंदौर के लिए महत्वपूर्ण शहर है। दोनों शहरों के बीच व्यावसायिक गतिविधियों के साथ निजी कामों के लिए भी यात्रियों की आवाजाही होती है। ऐसे में तीसरी सीधी उड़ान शुरू होने से यात्रियों को पहले से उपलब्ध सेवाओं के अलावा एक अतिरिक्त विकल्प मिलेगा।

    मुंबई के लिए सुबह 8 बजे उड़ान

    मुंबई जाने वाले यात्रियों के लिए भी 25 अक्टूबर से नया विकल्प उपलब्ध होगा। एयर इंडिया इस रूट पर तीसरी इंदौर-मुंबई उड़ान शुरू करेगी। यह फ्लाइट सुबह 8 बजे इंदौर से रवाना होगी। इससे मुंबई जाने वाले यात्रियों को सुबह के समय हवाई यात्रा करने का एक और विकल्प मिलेगा।

    इंदौर और मुंबई के बीच कारोबारी बैठकों, नौकरी, पढ़ाई और अन्य जरूरी कामों के लिए लगातार यात्रा होती है। कई यात्रियों को सुबह मुंबई पहुंचने की आवश्यकता होती है। नई उड़ान से वे अपनी जरूरत और निर्धारित समय के अनुसार यात्रा की योजना बना सकेंगे।

    गोवा और पुणे के रास्ते कोच्चि की कनेक्टिंग फ्लाइट

    इंदौर से कोच्चि जाने वाले यात्रियों के लिए गोवा और पुणे के रास्ते कनेक्टिंग फ्लाइट की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी। गोवा के रास्ते जाने वाले यात्रियों की उड़ान शाम 5:25 बजे इंदौर से रवाना होकर शाम 7 बजे गोवा पहुंचेगी। इसके बाद रात 8 बजे गोवा से कोच्चि के लिए विमान रवाना होगा और रात 9:20 बजे कोच्चि पहुंचेगा।

    वापसी में कोच्चि से दोपहर 1:20 बजे उड़ान भरने वाला विमान दोपहर 3:10 बजे गोवा पहुंचेगा। वहां से शाम 4:50 बजे इंदौर पहुंचने का निर्धारित समय है।

    पुणे के रास्ते कोच्चि जाने के लिए इंदौर से रात 10:25 बजे उड़ान मिलेगी। यह विमान रात 11:40 बजे पुणे पहुंचेगा। इसके बाद रात 12:40 बजे पुणे से कोच्चि के लिए रवाना होगा और अगले दिन तड़के 2:25 बजे कोच्चि पहुंचेगा।

    टिकट बुक करने से पहले जांचें समय

    25 अक्टूबर या उसके बाद यात्रा करने वाले यात्रियों को टिकट बुक करने से पहले नई उड़ानों का समय जांच लेना चाहिए। जिन यात्रियों ने पहले ही टिकट बुक कर लिया है, उन्हें भी अपनी फ्लाइट का प्रस्थान समय दोबारा देखना चाहिए। विंटर शेड्यूल लागू होने के साथ उड़ानों के समय और संचालन में बदलाव हो सकता है। इसलिए यात्रा से पहले संबंधित एयरलाइन की वेबसाइट या मोबाइल ऐप पर उपलब्ध नवीनतम जानकारी की पुष्टि करना उपयोगी रहेगा।

  • सऊदी अरब जाने वाली उड़ानों पर 24 अक्टूबर तक रोक, एअर इंडिया और एअर इंडिया एक्सप्रेस ने यात्रियों को दी राहत

    सऊदी अरब जाने वाली उड़ानों पर 24 अक्टूबर तक रोक, एअर इंडिया और एअर इंडिया एक्सप्रेस ने यात्रियों को दी राहत

    नई दिल्ली ।सऊदी अरब के मौजूदा हालात को देखते हुए एअर इंडिया और एअर इंडिया एक्सप्रेस ने अपनी उड़ानों को लेकर बड़ा फैसला लिया है। दोनों एयरलाइंस ने सऊदी अरब के तीन प्रमुख शहरों जेद्दा, रियाद और दम्माम के लिए 24 अक्टूबर 2026 तक अपनी सभी उड़ानें अस्थायी रूप से रद्द कर दी हैं। इस फैसले से प्रभावित यात्रियों को राहत देने के लिए टिकट की तारीख बदलने और पूरा रिफंड लेने की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है।

    एयरलाइंस के इस निर्णय से उन यात्रियों की यात्रा योजनाएं प्रभावित हो सकती हैं, जिन्होंने निर्धारित अवधि के दौरान सऊदी अरब आने-जाने के लिए टिकट बुक कराए थे। ऐसे यात्रियों को अपनी यात्रा से संबंधित विकल्पों की जानकारी लेकर उसी के अनुसार आगे की योजना बनाने की सलाह दी गई है। यात्रियों के लिए तारीख बदलने की सुविधा बिना अतिरिक्त शुल्क के उपलब्ध कराई गई है।

    जिन यात्रियों के पास 15 अक्टूबर 2026 या उससे पहले की कन्फर्म बुकिंग है और जिनकी यात्रा 9 से 25 अक्टूबर के बीच निर्धारित थी, वे 10 नवंबर 2026 तक अपनी यात्रा की तारीख बिना अतिरिक्त शुल्क के बदल सकते हैं। इस व्यवस्था के तहत प्रभावित यात्रियों को अपनी यात्रा दोबारा निर्धारित करने का अवसर दिया गया है। हालांकि, यात्रा में बदलाव करते समय संबंधित एयरलाइन की शर्तों और उपलब्ध उड़ानों की जानकारी लेना जरूरी होगा।

    एयरलाइंस ने यात्रियों को वैकल्पिक स्टेशन से यात्रा करने का विकल्प भी दिया है। इसके तहत यात्री अपनी सुविधा और संबंधित एयरलाइन की सेवाओं के आधार पर खाड़ी सहयोग परिषद (जीसीसी) क्षेत्र के किसी दूसरे स्टेशन से आने-जाने के लिए बुकिंग में बदलाव कर सकते हैं। इस सुविधा का उद्देश्य उन यात्रियों को वैकल्पिक व्यवस्था उपलब्ध कराना है, जिनकी मूल उड़ानें रद्द कर दी गई हैं।

    एअर इंडिया के यात्रियों को दुबई या दोहा से आने-जाने वाली उड़ानों के लिए अपनी बुकिंग में बदलाव करने की सुविधा दी गई है। वहीं, एअर इंडिया एक्सप्रेस के यात्री अबू धाबी, अल ऐन, बहरीन, दोहा, दुबई, कुवैत, मस्कट, रास अल खैमाह, सलालाह या शारजाह से आने-जाने वाली उड़ानों के लिए अपनी बुकिंग बदल सकते हैं। इन विकल्पों के जरिए यात्री अपनी जरूरत और उपलब्ध सेवाओं के अनुसार यात्रा की नई योजना बना सकते हैं।

    जिन यात्रियों की उड़ानें रद्द हुई हैं और वे अब यात्रा नहीं करना चाहते, उनके लिए पूरा रिफंड लेने का विकल्प भी रखा गया है। ऐसे यात्री टिकट की तारीख बदलने के बजाय अपनी बुकिंग रद्द कर धनवापसी का अनुरोध कर सकते हैं। इस तरह प्रभावित यात्रियों के पास यात्रा को आगे बढ़ाने या उसे पूरी तरह छोड़ने के दोनों विकल्प उपलब्ध हैं।

    एयरलाइंस का यह फैसला सऊदी अरब में सुरक्षा संबंधी चिंताओं के बीच आया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, ईरान समर्थित हूती समूह की हमले से जुड़ी गतिविधियों में तेजी आने की खबरों के बाद क्षेत्रीय हालात पर ध्यान दिया जा रहा है। इससे पहले ब्रिटेन के विदेश कार्यालय ने भी अपने नागरिकों के लिए यात्रा संबंधी सलाह जारी की थी। शुक्रवार को जारी सलाह में ब्रिटिश नागरिकों को सऊदी अरब की गैर-जरूरी यात्राओं से बचने की सिफारिश की गई थी।

    ऐसे हालात में सऊदी अरब जाने या वहां से भारत लौटने की योजना बना रहे यात्रियों के लिए अपनी उड़ान की स्थिति की पुष्टि करना महत्वपूर्ण है। जिन यात्रियों की बुकिंग प्रभावित हुई है, वे तारीख बदलने, वैकल्पिक स्टेशन से यात्रा करने या पूरा रिफंड लेने के विकल्पों पर विचार कर सकते हैं।

  • सऊदी अरब में सुरक्षा चिंताओं से उड़ानें प्रभावित, एयर इंडिया समेत कई कंपनियों ने सेवाएं कीं रद्द

    सऊदी अरब में सुरक्षा चिंताओं से उड़ानें प्रभावित, एयर इंडिया समेत कई कंपनियों ने सेवाएं कीं रद्द

    नई दिल्ली ।सऊदी अरब में सुरक्षा स्थिति को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच भारतीय विमानन कंपनियों ने कई शहरों के लिए अपनी उड़ान सेवाएं अस्थायी रूप से निलंबित कर दी हैं। एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस ने रियाद, जेद्दा तथा दम्माम के लिए आने-जाने वाली उड़ानें 20 अक्टूबर 2026 तक रद्द रखने का फैसला किया है। वहीं, इंडिगो और अकासा एयर ने भी कुछ सऊदी गंतव्यों के लिए अपनी सेवाओं को अलग-अलग तारीखों तक स्थगित कर दिया है।
    एयर इंडिया ने यात्रियों के लिए जारी यात्रा परामर्श में बताया कि सऊदी अरब में विकसित हो रही स्थिति को देखते हुए रियाद, दम्माम और जेद्दा से संबंधित उसकी सभी उड़ानें 20 अक्टूबर तक संचालित नहीं होंगी। कंपनी ने स्पष्ट किया कि रद्द उड़ानों से प्रभावित यात्रियों को पूरा रिफंड दिया जाएगा। एयरलाइन ने कहा कि यात्रियों और चालक दल की सुरक्षा उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
    एयर इंडिया एक्सप्रेस ने भी अपने परिचालन से जुड़ी जानकारी साझा करते हुए दम्माम, जेद्दा और रियाद के लिए आने-जाने वाली उड़ानों का निलंबन 20 अक्टूबर तक बढ़ाने की घोषणा की है। कंपनी के अनुसार, वह क्षेत्र की स्थिति पर लगातार नजर रख रही है और आवश्यकता के मुताबिक उड़ानों के संचालन की समीक्षा करेगी। प्रभावित यात्रियों को सहायता उपलब्ध कराने के लिए संबंधित टीमें काम कर रही हैं।
    एयर इंडिया एक्सप्रेस ने रद्द उड़ानों के यात्रियों को दो विकल्प दिए हैं। वे बिना अतिरिक्त शुल्क के अपनी यात्रा की तारीख बदल सकते हैं या टिकट का पूरा रिफंड ले सकते हैं। यात्रियों को अपनी यात्रा की योजना बनाते समय इन विकल्पों और उड़ान की मौजूदा स्थिति की जानकारी लेने की सलाह दी गई है।
    इससे पहले इंडिगो ने भी सऊदी अरब की स्थिति का आकलन करने के बाद रियाद, जेद्दा, दम्माम और मदीना के लिए तथा वहां से संचालित उड़ानों को 24 अक्टूबर 2026 तक रद्द रखने की घोषणा की थी। इस फैसले से इन शहरों के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों को अपनी योजनाओं में बदलाव करना पड़ सकता है। हालांकि, उड़ानों की बहाली को लेकर अंतिम निर्णय स्थिति की समीक्षा के आधार पर लिया जाएगा।
    अकासा एयर ने भी सऊदी अरब के लिए अपनी सेवाओं पर अस्थायी रोक बढ़ाई है। एयरलाइन ने रियाद से आने-जाने वाली उड़ानों का निलंबन 24 अक्टूबर तक और जेद्दा के लिए उड़ानों का निलंबन 21 अक्टूबर तक बढ़ाने की जानकारी दी है। प्रभावित यात्रियों को पूरा रिफंड लेने या बिना अतिरिक्त शुल्क के यात्रा की तारीख बदलने का विकल्प दिया गया है।
    अलग-अलग एयरलाइंस की ओर से घोषित तारीखों में अंतर होने के कारण यात्रियों के लिए अपनी संबंधित उड़ान की जानकारी अलग से जांचना जरूरी है। फिलहाल एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस ने 20 अक्टूबर तक, जबकि इंडिगो ने 24 अक्टूबर तक कुछ सेवाएं रद्द रखने की घोषणा की है। अकासा एयर की ओर से रियाद और जेद्दा के लिए अलग-अलग समयसीमा तय की गई है।
    एयरलाइंस ने यात्रियों को हवाई अड्डे के लिए रवाना होने से पहले अपनी उड़ान की स्थिति की पुष्टि करने की सलाह दी है। साथ ही, टिकट बुकिंग के दौरान दिया गया मोबाइल नंबर और ईमेल पता अपडेट रखने को कहा गया है, ताकि उड़ान में बदलाव या रद्द होने की स्थिति में जरूरी सूचना समय पर मिल सके।
    सऊदी अरब में स्थिति की लगातार समीक्षा के बीच उड़ान सेवाओं की बहाली इस बात पर निर्भर करेगी कि परिचालन को सुरक्षित तरीके से दोबारा शुरू करना कब संभव होता है। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे यात्रा से पहले अपनी एयरलाइन से संपर्क करें और रिफंड या पुनर्निर्धारण से संबंधित विकल्पों की जानकारी लेकर ही आगे की योजना बनाएं।
  • इंडिगो ने बढ़ाया फ्यूल चार्ज, घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का किराया बढ़ेगा, मंगलवार से नए शुल्क लागू होंगे

    इंडिगो ने बढ़ाया फ्यूल चार्ज, घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का किराया बढ़ेगा, मंगलवार से नए शुल्क लागू होंगे


    नई दिल्ली ।
    देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो ने एविएशन टरबाइन फ्यूल यानी एटीएफ की बढ़ती कीमतों के कारण घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर फ्यूल चार्ज बढ़ाने का फैसला किया है। एयरलाइन के अनुसार, नई दरें मंगलवार से बुक होने वाली सभी उड़ानों पर लागू होंगी। इससे हवाई यात्रा करने वाले यात्रियों के टिकट खर्च में बढ़ोतरी होगी। फ्यूल चार्ज घरेलू उड़ानों में तय दूरी के आधार पर और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में रूट तथा क्षेत्र के हिसाब से अलग-अलग रखा गया है।

    एयरलाइन के मुताबिक, ईंधन की कीमतों में लगातार वृद्धि हो रही है। हाल ही में एटीएफ की कीमतों में महीने-दर-महीने 14 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी हुई है। इसके चलते एटीएफ की लागत पिछले एक दशक के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गई है। एयरलाइन ने बताया कि एविएशन टरबाइन फ्यूल उसकी परिचालन लागत का एक बड़ा हिस्सा है। इसलिए ईंधन की कीमत बढ़ने का असर एयरलाइन की लागत संरचना और नेटवर्क के संचालन पर पड़ रहा है।

    घरेलू उड़ानों के लिए 500 किलोमीटर तक की दूरी पर 375 रुपये का फ्यूल चार्ज लगाया जाएगा। 501 से 1,000 किलोमीटर तक की उड़ानों के लिए यह शुल्क 600 रुपये होगा। 1,001 से 1,500 किलोमीटर की दूरी वाली उड़ानों पर 900 रुपये, 1,501 से 2,000 किलोमीटर की उड़ानों पर 1,150 रुपये और 2,000 किलोमीटर से अधिक दूरी वाली उड़ानों पर 1,300 रुपये का फ्यूल चार्ज लिया जाएगा। इस तरह घरेलू उड़ानों के लिए शुल्क दूरी बढ़ने के साथ अलग-अलग निर्धारित किया गया है।

    अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए भी अलग-अलग शुल्क तय किया गया है। सार्क क्षेत्र में 500 किलोमीटर तक की दूरी वाली उड़ानों पर 1,000 रुपये और 500 किलोमीटर से अधिक दूरी वाली उड़ानों पर 3,000 रुपये का फ्यूल चार्ज लगेगा। वहीं, साउथ-ईस्ट एशिया, जीसीसी, मिडिल ईस्ट और नॉर्थ व ईस्ट एशिया जाने वाली उड़ानों के लिए 5,500 रुपये का शुल्क निर्धारित किया गया है। अफ्रीका और यूरोप जाने वाली उड़ानों पर फ्यूल चार्ज 6,000 रुपये होगा।

    एयरलाइन ने कहा है कि बढ़ती ईंधन लागत की पूरी भरपाई करने के लिए फ्यूल चार्ज में इससे अधिक बढ़ोतरी की जरूरत हो सकती थी, लेकिन यात्रियों पर पड़ने वाले असर को कम रखने के लिए अपेक्षाकृत सीमित बदलाव किया गया है। एयरलाइन के अनुसार, ईंधन की लागत में लगातार हो रही वृद्धि के कारण यह शुल्क बढ़ाना जरूरी हुआ है। अमेरिका-ईरान युद्ध के कारण वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में भी बीते तीन महीनों में करीब 40 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हुई है। कच्चे तेल की कीमतों में इस वृद्धि का असर एयरलाइन के परिचालन खर्च पर पड़ रहा है। नई फ्यूल चार्ज दरों के लागू होने के बाद घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों तरह की उड़ानों के यात्रियों को टिकट बुक करते समय अतिरिक्त शुल्क देना होगा।

  • त्योहारी सीजन में हवाई किरायों में 100 फीसदी तक उछाल, दिल्ली-मुंबई और दिल्ली-बेंगलुरु रूट पर यात्रियों की बढ़ी परेशानी

    त्योहारी सीजन में हवाई किरायों में 100 फीसदी तक उछाल, दिल्ली-मुंबई और दिल्ली-बेंगलुरु रूट पर यात्रियों की बढ़ी परेशानी

    नई दिल्ली । देश में त्योहारी सीजन शुरू होने के साथ हवाई यात्रियों की परेशानी बढ़ती नजर आ रही है। विमान टिकटों के किराए में अचानक तेज बढ़ोतरी का दावा किया गया है। व्यापारियों और उद्यमियों के संगठन चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री यानी CTI ने केंद्र सरकार से मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने और विमान कंपनियों के किराए पर नियंत्रण के लिए कदम उठाने की मांग की है।

    CTI के अनुसार, कुछ दिन पहले जिन घरेलू उड़ानों के टिकट अपेक्षाकृत कम कीमत पर उपलब्ध थे, उनके किराए में अब 50 से 100 फीसदी तक बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। संगठन का कहना है कि त्योहारी मौसम में हवाई यात्रा की मांग बढ़ने वाली है और इसी दौरान किराए में इतनी बड़ी वृद्धि आम यात्रियों, खासकर मध्यम वर्ग और उच्च मध्यम वर्ग के लिए आर्थिक दबाव बढ़ा रही है।

    त्योहारी सीजन गणपति महोत्सव से शुरू होकर दिवाली और छठ पूजा तक जारी रहने वाला है। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग अपने घरों और परिवारों तक पहुंचने के लिए यात्रा करते हैं। ऐसे में हवाई यात्रा की मांग बढ़ने की संभावना रहती है। बढ़ती मांग के बीच टिकटों के दाम में तेज वृद्धि यात्रियों के यात्रा बजट को प्रभावित कर सकती है।

    किराए में बढ़ोतरी का असर प्रमुख घरेलू रूटों पर भी बताया गया है। कुछ समय पहले दिल्ली और मुंबई के बीच आने-जाने का हवाई किराया करीब 10 हजार रुपये था, जो अब बढ़कर 18 हजार से 25 हजार रुपये तक पहुंचने का दावा किया गया है। इसी तरह दिल्ली-अहमदाबाद रूट पर पहले करीब 10 से 12 हजार रुपये का किराया था, जो अब 18 से 20 हजार रुपये तक बताया जा रहा है।

    दिल्ली-बेंगलुरु रूट पर भी किराए में बड़ा अंतर सामने आया है। पहले जहां आने-जाने का टिकट करीब 12 से 15 हजार रुपये में उपलब्ध था, वहीं अब इसके लिए 30 से 35 हजार रुपये तक खर्च करने पड़ रहे हैं। दिल्ली-कोलकाता रूट पर भी पहले लगभग 11 हजार रुपये का किराया था, जो अब करीब 20 हजार रुपये तक पहुंच गया है।

    CTI ने विमान कंपनियों की क्षमता में कमी का मुद्दा भी उठाया है। संगठन के मुताबिक, सितंबर में घरेलू उड़ानों की सीट क्षमता में 5.6 फीसदी की कमी आई है। इसमें इंडिगो की क्षमता 4.5 फीसदी और एयर इंडिया की 8.8 फीसदी कम होने का दावा किया गया है। CTI का कहना है कि बड़ी विमान कंपनियों के पास घरेलू बाजार का बड़ा हिस्सा होने के कारण सीटों की उपलब्धता में कमी का सीधा असर किराए पर पड़ता है।

    इसके अलावा छोटे बच्चों के हवाई किराए में बढ़ोतरी का मुद्दा भी उठाया गया है। CTI के मुताबिक, तीन दिन से दो साल तक के बच्चों का शुल्क 2,000 रुपये से बढ़ाकर 3,000 रुपये कर दिया गया है, जबकि इस आयु वर्ग के बच्चों को अलग सीट उपलब्ध नहीं कराई जाती।

    CTI ने सरकार से मांग की है कि त्योहारी सीजन में यात्रियों को राहत देने के लिए विमान कंपनियों के किराए की स्थिति की तत्काल समीक्षा की जाए और जरूरत पड़ने पर उचित कदम उठाए जाएं।

  • दिल्ली में भारी बारिश से हवाई यातायात प्रभावित, आईजीआई एयरपोर्ट पर 200 से अधिक उड़ानें हुईं लेट, यात्रियों को एडवाइजरी जारी

    दिल्ली में भारी बारिश से हवाई यातायात प्रभावित, आईजीआई एयरपोर्ट पर 200 से अधिक उड़ानें हुईं लेट, यात्रियों को एडवाइजरी जारी

    नई दिल्ली । दिल्ली में शनिवार को तेज बारिश और खराब मौसम का असर हवाई यातायात पर भी देखने को मिला। इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर 5 सितंबर को 200 से अधिक उड़ानों के देरी से संचालित होने की जानकारी सामने आई। मौसम की स्थिति के कारण आने और जाने वाली कई उड़ानों के समय में बदलाव हुआ, जिससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

    खराब मौसम के चलते कुछ उड़ानों के दिल्ली पहुंचने में एक घंटे से अधिक की देरी हुई, जबकि कई प्रस्थान करने वाली उड़ानें करीब डेढ़ घंटे तक विलंबित रहीं। बारिश की स्थिति को देखते हुए एयरलाइंस की ओर से यात्रियों को यात्रा से पहले अपनी उड़ान की ताजा स्थिति जांचने की सलाह दी गई है।

    एयरलाइंस ने यात्रियों से कहा है कि वे घर से एयरपोर्ट के लिए निकलने से पहले अपनी फ्लाइट का स्टेटस जरूर देख लें। मौसम में बदलाव के कारण उड़ानों के समय में अचानक परिवर्तन हो सकता है। ऐसे में यात्रियों को एयरपोर्ट पहुंचने से पहले संबंधित एयरलाइन की वेबसाइट या मोबाइल ऐप पर जानकारी हासिल करने की सलाह दी गई है।

    इंडिगो ने भी खराब मौसम को लेकर यात्रियों के लिए ट्रैवल एडवाइजरी जारी की। एयरलाइन ने बताया कि दिल्ली से आने-जाने वाली उड़ानों पर मौसम का असर पड़ सकता है और कुछ फ्लाइट्स देरी से संचालित हो सकती हैं। यात्रियों से अपील की गई कि वे यात्रा शुरू करने से पहले अपनी उड़ान की स्थिति की पुष्टि कर लें।

    बारिश का असर केवल एयरपोर्ट के रनवे और हवाई संचालन तक सीमित नहीं है। दिल्ली में कई इलाकों में तेज बारिश के कारण सड़कों पर यातायात की रफ्तार भी प्रभावित हुई है। एयरपोर्ट की ओर जाने वाले रास्तों पर वाहनों की संख्या बढ़ने और ट्रैफिक धीमा होने की स्थिति में यात्रियों को सामान्य से अधिक समय लग सकता है।

    यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे एयरपोर्ट के लिए घर से पर्याप्त समय लेकर निकलें। रास्ते में बारिश और ट्रैफिक के कारण होने वाली संभावित देरी को ध्यान में रखते हुए अतिरिक्त समय रखना जरूरी है। इससे उड़ान के लिए निर्धारित चेक-इन और बोर्डिंग समय पर एयरपोर्ट पहुंचने में मदद मिल सकती है।

    एयरलाइंस और एयरपोर्ट से जुड़ी टीमें मौसम की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। परिस्थितियों के अनुसार उड़ानों के संचालन और समय में आवश्यक बदलाव किए जा रहे हैं। खराब मौसम की स्थिति में यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए उड़ानों के संचालन से जुड़े फैसले लिए जाते हैं।

    दिल्ली में बारिश के कारण शनिवार को हवाई यात्रियों के लिए सबसे महत्वपूर्ण सलाह यही है कि वे केवल टिकट पर दिए गए निर्धारित समय के आधार पर यात्रा की योजना न बनाएं। एयरपोर्ट रवाना होने से पहले फ्लाइट का लाइव स्टेटस जांचना और मौसम तथा सड़क यातायात की स्थिति को ध्यान में रखना जरूरी है।

    यात्रियों से एयरलाइंस ने सहयोग और धैर्य बनाए रखने की अपील की है। मौसम सामान्य होने के साथ उड़ानों का संचालन भी धीरे-धीरे नियमित होने की उम्मीद है, लेकिन जिन यात्रियों की शनिवार को दिल्ली से उड़ान है, उन्हें एयरपोर्ट जाने से पहले ताजा अपडेट जरूर देखना चाहिए।

  • नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से उड़ानों का विस्तार, इंडिगो ने 8 नए शहर जोड़े, अकासा एयर ने मुंबई के लिए शुरू की सेवा

    नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से उड़ानों का विस्तार, इंडिगो ने 8 नए शहर जोड़े, अकासा एयर ने मुंबई के लिए शुरू की सेवा


    नई दिल्ली। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से हवाई कनेक्टिविटी लगातार मजबूत हो रही है। देश की सबसे बड़ी घरेलू एयरलाइन इंडिगो (IndiGo) ने एयरपोर्ट से आठ नए शहरों के लिए उड़ानें शुरू कर अपने नेटवर्क का बड़ा विस्तार किया है। वहीं, अकासा एयर (Akasa Air) ने भी 2 जुलाई से मुंबई के लिए अपनी नियमित फ्लाइट सेवा शुरू कर दी है। इससे नोएडा एयरपोर्ट से यात्रियों के लिए हवाई सफर के विकल्प और बढ़ गए हैं।

    इंडिगो ने 8 नए शहरों को जोड़ा
    15 जून 2026 को शुरू हुए नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से इंडिगो ने शुरुआत में बेंगलुरु, हैदराबाद, लखनऊ, जम्मू और अमृतसर के लिए उड़ानें संचालित की थीं।

    अब 1 जुलाई से एयरलाइन ने जयपुर, जोधपुर, चंडीगढ़, देहरादून, धर्मशाला, भोपाल, बरेली और पंतनगर के लिए भी फ्लाइट सेवा शुरू कर दी है। इसके अलावा 2 जुलाई से किशनगढ़ को भी नेटवर्क में शामिल किया जा रहा है। इसके साथ ही नोएडा एयरपोर्ट से इंडिगो के गंतव्यों (डेस्टिनेशन) की संख्या बढ़कर 15 हो जाएगी।

    मुंबई के लिए अकासा एयर की नई उड़ान
    अकासा एयर ने 2 जुलाई से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एयरपोर्ट से जोड़ने वाली नई उड़ान सेवा शुरू कर दी है।

    एयरलाइन के बुकिंग पोर्टल के अनुसार, मुंबई रूट पर प्रतिदिन दो नई उड़ानें संचालित की जाएंगी। इससे पहले अकासा एयर देश की पहली एयरलाइन बनी थी, जिसने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट और नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट जैसे दो नए ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट को आपस में जोड़ने की शुरुआत की थी।

    जुलाई में रोजाना 40 से अधिक उड़ानों का लक्ष्य
    इंडिगो और अकासा एयर ने 16 जून से नोएडा एयरपोर्ट पर अपना परिचालन शुरू किया था। उस समय दोनों एयरलाइंस मिलकर प्रतिदिन 12 उड़ानें संचालित कर रही थीं, जिनमें आठ इंडिगो और चार अकासा एयर की थीं।

    इंडिगो द्वारा शुरू किए गए नए रूटों में बरेली, जोधपुर और किशनगढ़ के लिए उड़ानें एक दिन छोड़कर संचालित होंगी, जबकि अन्य सभी शहरों के लिए दैनिक उड़ानें उपलब्ध रहेंगी।

    इसके अलावा इंडिगो 13 जुलाई से चंडीगढ़ रूट पर दो अतिरिक्त दैनिक उड़ानें भी शुरू करने जा रही है। इन नई सेवाओं के साथ जुलाई के दौरान नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से प्रतिदिन 40 से 42 उड़ानें संचालित करने का लक्ष्य रखा गया है।

  • डीजीसीए ने एयर इंडिया को पश्चिम एशिया संकट के बीच लंबी उड़ानों के लिए दी अस्थायी छूट

    डीजीसीए ने एयर इंडिया को पश्चिम एशिया संकट के बीच लंबी उड़ानों के लिए दी अस्थायी छूट


    नई दिल्ली।
    पश्चिम एशिया में बढ़ते संकट के बीच विमानन सुरक्षा निगरानी संस्था नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने हवाई क्षेत्र प्रतिबंधों से एयर इंडिया को लंबी दूरी की उड़ानों के लिए अस्थायी छूट दी है।

    आधिकारिक सूत्रों ने रविवार को दी जानकारी में बताया कि पश्चिम एशिया में हवाई क्षेत्र पर लगे प्रतिबंधों के कारण एयर इंडिया यूरोप और अमेरिका जाने के लिए लंबा मार्ग अपनाकर उड़ानें संचालित कर रही है। विमानन नियामक डीजीसीए ने पायलटों के उड़ान और कार्य समय-सीमा में अस्थायी ढील दी है, जो 30 अप्रैल तक लागू रहेगी।

    डीजीसीए ने इस छूट के तहत लंबी दूरी की उड़ानों में दो पायलटों के लिए उड़ान समय 11 घंटे 30 मिनट और कार्य अवधि 11 घंटे 45 मिनट तक बढ़ा दी है। इसके साथ ही, पायलटों के समय-सारणी में 30 मिनट की अतिरिक्त सुविधा की जरूरत को भी छूट दी गई है। सूत्रों ने बताया कि एयर इंडिया की जेद्दा उड़ान में कार्य अवधि 11 घंटे 55 मिनट है, जो अनुमत सीमा से 10 मिनट अधिक है।

    डीजीसीए ने स्पष्ट किया है कि उड़ान समय वह अवधि है जब विमान उड़ान भरने के लिए जमीन से उठकर सुरक्षित लैंडिंग तक चलता है। कार्य अवधि तब शुरू होती है जब पायलट अपनी ड्यूटी पर रिपोर्ट करता है और तब खत्म होती है जब वह अंतिम उड़ान के इंजन बंद होने के बाद अपनी ड्यूटी समाप्त करता है। पश्चिम एशिया में जारी संकट के कारण कई एयरलाइंस ने अपनी उड़ानों में कटौती की है। डीजीसीए ने कहा कि यह छूट पायलटों की सुरक्षा और थकान को ध्यान में रखकर दी गई है, ताकि लंबा मार्ग अपनाने के बावजूद उड़ान संचालन सुरक्षित रूप से किया जा सके।

  • 400 करोड़ का आधुनिक डुमना एयरपोर्ट, लेकिन जबलपुर में उड़ानों की कमी बनी चुनौती..

    400 करोड़ का आधुनिक डुमना एयरपोर्ट, लेकिन जबलपुर में उड़ानों की कमी बनी चुनौती..


    जबलपुर :डुमना एयरपोर्ट का विस्तार और आधुनिकीकरण पर केंद्र सरकार ने करीब 400 करोड़ रुपये खर्च किए हैं उम्मीद जताई गई थी कि इससे जबलपुर को देश के बड़े शहरों से सीधी और नियमित हवाई कनेक्टिविटी मिलेगी लेकिन हालात इसके उलट हैं अत्याधुनिक टर्मिनल और लंबा रनवे होने के बावजूद उड़ानों की संख्या अपेक्षाकृत कम बनी हुई है

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2024 में विस्तारित एयरपोर्ट का लोकार्पण किया था और यात्रियों ने इससे नई उम्मीदें लगाईं लेकिन आज भी कई अहम रूट्स पर फ्लाइट न होने के कारण लोग ट्रेन या सड़क मार्ग पर निर्भर हैं इससे रोजाना सफर करने वाले यात्रियों में नाराजगी बढ़ रही है

    क्षमता बढ़ी है लेकिन कनेक्टिविटी अभी भी कम है विस्तार से पहले डुमना एयरपोर्ट का रनवे लगभग 1998 मीटर लंबा था जिसे अब बढ़ाकर 2750 मीटर कर दिया गया है टर्मिनल की क्षमता भी 150 यात्रियों से बढ़ाकर 800 यात्रियों तक पहुंचाई गई है अब एयरबस ए-320 जैसे बड़े विमान उतर सकते हैं इसके बावजूद उड़ानों की संख्या में अपेक्षित इजाफा नहीं हुआ

    दूसरे शहरों से तुलना में जबलपुर पिछड़ गया है इंदौर से जहां 20 से ज्यादा शहरों के लिए 40-50 उड़ानें संचालित हो रही हैं वहीं भोपाल से भी दर्जनों फ्लाइट्स उपलब्ध हैं लेकिन संभागीय मुख्यालय होने के बावजूद जबलपुर में सीमित उड़ानें यात्रियों की जरूरतों को पूरा नहीं कर पा रही हैंभोपाल और प्रयागराज के लिए सीधी उड़ानों की चर्चाएं पिछले वर्ष से जारी हैं और इन रूट्स पर मांग काफी अधिक है लेकिन अभी तक कोई ठोस निर्णय नहीं हुआ इससे व्यापारियों छात्रों और धार्मिक यात्रियों को नुकसान हो रहा है

    एयरपोर्ट विस्तार से पहले दिल्ली मुंबई हैदराबाद इंदौर बेंगलुरु और पुणे के लिए रोजाना चार से आठ विमानों की आवाजाही थी लेकिन अब उड़ानों की संख्या छह से बढ़कर केवल सात तक ही सीमित है फिलहाल जबलपुर से दिल्ली मुंबई हैदराबाद इंदौर बेंगलुरु बिलासपुर और जगदलपुर के लिए फ्लाइट्स संचालित हो रही हैंएयरपोर्ट डायरेक्टर राजीव रत्न पांडे का कहना है कि एयरपोर्ट में अतिरिक्त उड़ानों को संभालने की पूरी क्षमता है लेकिन नए रूट शुरू करने के लिए शासन स्तर पर निर्णय लेना जरूरी है यात्रियों की बढ़ती उम्मीदों और एयरपोर्ट की क्षमताओं के बीच यह संतुलन अभी तक नहीं बन पाया है