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  • नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से 24 घंटे उड़ानें शुरू

    नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से 24 घंटे उड़ानें शुरू


    मुंबई।
    नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (Navi Mumbai International Airport) से यात्रियों के लिए एक बड़ी राहत और खुशखबरी सामने आई है। अब यह हवाई अड्डा 12 घंटे के बजाय पूरे 24 घंटे संचालित (Operated 24 hours) होगा। आज यानी 01 फरवरी से नवी मुंबई एयरपोर्ट पर चौबीसों घंटे विमान सेवाएं उपलब्ध करा दी गई हैं। इससे पहले यह एयरपोर्ट केवल सुबह 8 बजे से शाम 8 बजे तक ही कार्यरत था।

    बता दें कि यात्रियों के लिए इसकी शुरुआत 25 दिसंबर से की गई थी। शुरुआत में सीमित समय और सीमित उड़ानों के साथ परिचालन शुरू किया गया था, लेकिन अब परिचालन समय बढ़ाए जाने से उड़ानों की संख्या में तेजी से इजाफा होने की उम्मीद जताई जा रही है। इससे न केवल यात्रियों की सुविधा बढ़ेगी, बल्कि मुंबई महानगर क्षेत्र पर हवाई यातायात का दबाव भी कम होगा।


    प्रति घंटे लगभग 10 विमानों की आवाजाही

    हालांकि फिलहाल देर रात और आधी रात की उड़ानों का आधिकारिक शेड्यूल घोषित नहीं किया गया है, लेकिन सूत्रों के मुताबिक जल्द ही मध्यरात्रि की सेवाएं भी शुरू कर दी जाएंगी। वर्तमान समय में नवी मुंबई एयरपोर्ट से आखिरी उड़ान रात 9 बजकर 50 मिनट पर रवाना होती है, जबकि पहली उड़ान सुबह 7 बजकर 10 मिनट पर संचालित की जाती है। 24 घंटे की अनुमति मिलने के बाद एयरलाइंस कंपनियां अपने स्लॉट्स धीरे-धीरे बढ़ाने की तैयारी कर रही हैं।

    विमानन उद्योग से जुड़े सूत्रों ने बताया कि मार्च के अंत में जब एयरलाइंस का समर शेड्यूल लागू होगा, तब नवी मुंबई एयरपोर्ट पर उड़ानों की संख्या में बड़ा उछाल देखने को मिलेगा। फिलहाल जहां प्रति घंटे लगभग 10 विमानों की आवाजाही हो रही है, वहीं अप्रैल महीने तक यह संख्या बढ़कर 20 प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है।


    सिर्फ 19 दिनोंमें एक लाख यात्रियों ने किया सफर

    अभी तक एयरपोर्ट पर केवल दो अतिरिक्त विमानों को शामिल किया गया है, लेकिन आने वाले दिनों और हफ्तों में कई विमानन कंपनियां नवी मुंबई एयरपोर्ट से अपनी उड़ानों की संख्या बढ़ा सकती हैं। इससे घरेलू के साथ-साथ भविष्य में अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के रास्ते भी खुलेंगे। नवी मुंबई एयरपोर्ट ने 12 जनवरी को एक अहम परिचालन उपलब्धि भी हासिल की थी। एयरपोर्ट के शुरू होने के महज 19 दिनों के भीतर ही एक लाख यात्रियों ने यहां से सफर किया था, जो इसकी लोकप्रियता और उपयोगिता को दर्शाता है।

    देश के विमानन ढांचे को करेगा मजबूत
    वैश्विक स्तर पर अगर देखा जाए तो यूरोप और अमेरिका में कई हवाई अड्डों पर रात के समय उड़ानों पर प्रतिबंध होता है। आमतौर पर शोर प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए वहां रात 11 बजे से सुबह 5 बजे तक एयरपोर्ट बंद रहते हैं। इस दौरान यदि कोई यात्री फंस जाता है तो उसे टर्मिनल छोड़ना पड़ता है। इसके विपरीत भारत के प्रमुख हवाई अड्डे 24 घंटे खुले रहते हैं, जिससे यात्रियों को रात के समय भी सुरक्षित स्थान उपलब्ध होता है। नवी मुंबई एयरपोर्ट का 24×7 संचालन इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जो यात्रियों की सुविधा, एयरलाइंस की क्षमता और देश के विमानन ढांचे को मजबूत करेगा।

  • भोपाल एयरपोर्ट पर नया आईएलएस सिस्टम: उड़ानें अब समय पर, यात्रियों को मिली राहत

    भोपाल एयरपोर्ट पर नया आईएलएस सिस्टम: उड़ानें अब समय पर, यात्रियों को मिली राहत


    भोपाल । भोपाल राजा भोज एयरपोर्ट पर अब यात्रियों को मौसम के खराब होने और कोहरे के कारण होने वाली उड़ान देरी से राहत मिल गई है। एयरपोर्ट पर अत्याधुनिक कैटेगरी-2 इंस्टूमेंट लैंडिंग सिस्टम आईएलएस की स्थापना के साथ अब उड़ानों की टाइमिंग पर ब्रेक लग गया है। पहले जहां मौसम खराब होने और घने कोहरे के कारण उड़ानों को डायवर्ट करना पड़ता था, वहीं अब इस नए सिस्टम की मदद से ऐसी घटनाओं में काफी कमी आई है। पिछले दिसंबर-जनवरी के महीने में भोपाल एयरपोर्ट पर उड़ानें लेट होने और डायवर्ट होने की समस्या आम थी, लेकिन अब नए सिस्टम के चलते एक भी उड़ान डायवर्ट नहीं हुई है।
    आईएलएस सिस्टम की स्थापना का काम तीन साल से चल रहा था, जिसमें मौसम उपकरणों के अपग्रेडेशन के लिए कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। रनवे से लगी कुछ ज़मीन सेना की थी, जिसके कारण इस उपकरण की स्थापना में रुकावट आ रही थी। हालांकि, इस समस्या का समाधान होते ही एयरपोर्ट अथॉरिटी ने इस अत्याधुनिक सिस्टम की स्थापना पूरी की। अब जब दृश्यता 350 मीटर तक घट जाती है, तब भी विमान इस सिस्टम की मदद से सुरक्षित लैंड कर सकते हैं।
    नए सिस्टम की स्थापना से न केवल उड़ान की देरी में कमी आई है, बल्कि यात्रियों को भी राहत मिली है। इस अपग्रेडेशन को नागर विमानन महानिदेशालय डीजीसीए से औपचारिक अनुमति मिलने के बाद पूरी तरह से लागू किया गया है। अब यह सिस्टम अपनी पूरी क्षमता से काम कर रहा है और यह सुनिश्चित कर रहा है कि कोहरे और खराब मौसम के बावजूद उड़ानें समय पर चल सकें।
    एयरपोर्ट अथॉरिटी के मुताबिक, इस अपग्रेडेशन से यात्रा की सुरक्षा और सुविधा दोनों बढ़ी हैं। पिछले कुछ समय से एयरपोर्ट पर यात्रियों की संख्या में भी वृद्धि हो रही है, और यह नया सिस्टम उनके लिए एक बड़ी राहत साबित हो रहा है। अब भोपाल एयरपोर्ट देश के उन चुनिंदा एयरपोर्ट्स में शामिल हो गया है, जहां अत्याधुनिक कैटेगरी-2 आईएलएस सिस्टम की स्थापना की गई है। यह एयरपोर्ट इस प्रणाली के साथ प्रदेश का पहला और देश का तीसरा एयरपोर्ट बन चुका है, जिसने अपने उड़ान संचालन को और भी सुरक्षित और प्रभावी बना लिया है।