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  • ऑस्ट्रिया पर जीत के साथ मेसी ने रचा इतिहास वर्ल्ड कप के सर्वाधिक गोल का नया कीर्तिमान

    ऑस्ट्रिया पर जीत के साथ मेसी ने रचा इतिहास वर्ल्ड कप के सर्वाधिक गोल का नया कीर्तिमान


    नई दिल्ली। डलास में खेले गए फीफा वर्ल्ड कप मुकाबले में अर्जेंटीना ने ऑस्ट्रिया को 2 0 से हराकर नॉकआउट चरण में अपनी जगह पक्की कर ली। इस मुकाबले में सबसे बड़ा आकर्षण लियोनेल मेसी रहे जिन्होंने दो गोल करके इतिहास रच दिया। इसी प्रदर्शन के साथ Lionel Messi ने वर्ल्ड कप इतिहास में सर्वाधिक गोल करने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया।

    मैच की शुरुआत में अर्जेंटीना को पेनल्टी का मौका मिला। लॉटारो मार्टिनेज को बॉक्स के अंदर फाउल किया गया था। पूरे स्टेडियम में उम्मीद थी कि मेसी इस मौके को गोल में बदल देंगे लेकिन उनकी किक गोल पोस्ट से बाहर चली गई। इस चूक के बाद कुछ पल के लिए मैच का माहौल बदल गया और ऑस्ट्रिया की टीम को राहत मिली।

    हालांकि मेसी का खेल यहां से और खतरनाक हो गया। उन्होंने पहले हाफ के अंत से ठीक पहले गेंद को बॉक्स के किनारे लिया और शानदार नियंत्रण के साथ गोलकीपर के ऊपर से गेंद को नेट में पहुंचा दिया। यह गोल न केवल खूबसूरत था बल्कि ऐतिहासिक भी था क्योंकि इसी के साथ उन्होंने वर्ल्ड कप में सर्वाधिक गोल का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया।

    इस मैच में अर्जेंटीना की टीम ने मजबूत संतुलन दिखाया। मिडफील्ड में लगातार पासिंग और तेज मूवमेंट से टीम ने ऑस्ट्रिया पर दबाव बनाए रखा। ऑस्ट्रिया ने भी कुछ आक्रामक प्रयास किए लेकिन अर्जेंटीना के डिफेंस और गोलकीपर ने उन्हें सफल नहीं होने दिया।

    दूसरे हाफ में ऑस्ट्रिया ने वापसी की कोशिश की। फ्री किक और तेज काउंटर अटैक से उन्होंने अर्जेंटीना की रक्षा को चुनौती दी। लेकिन कप्तान मेसी लगातार टीम को आगे बढ़ाते रहे और मैच पर पकड़ बनाए रखी।

    स्टॉपेज टाइम में मेसी ने अपना दूसरा गोल भी दाग दिया। इस बार उन्होंने राइट साइड से अंदर की ओर ड्रिबल करते हुए गेंद को गोल की ओर भेजा। पहले शॉट को उनके साथी खिलाड़ी जूलियन अल्वारेज पूरा नहीं कर सके लेकिन गेंद रिबाउंड हुई और मेसी ने तुरंत मौके का फायदा उठाकर उसे नेट में डाल दिया। यह उनका इस टूर्नामेंट में दूसरा गोल था और कुल मिलाकर वर्ल्ड कप में 18वां गोल भी बन गया।

    मैच खत्म होते ही स्टेडियम में मौजूद दर्शकों ने मेसी के नाम के नारे लगाए। अर्जेंटीना की यह लगातार दूसरी जीत थी जिससे टीम ने बिना किसी हार के नॉकआउट में प्रवेश किया। इस प्रदर्शन के बाद टीम को टूर्नामेंट की सबसे मजबूत दावेदारों में शामिल माना जा रहा है।

    अर्जेंटीना अब अपना अगला ग्रुप मैच 27 जून को जॉर्डन के खिलाफ खेलेगा। टीम का लक्ष्य लगातार जीत के साथ आगे बढ़ते हुए खिताब बचाने का है।

  • इंजरी टाइम में टूटा सपना रियल मैड्रिड का बेटिस ने छीना अहम जीत का मौका

    इंजरी टाइम में टूटा सपना रियल मैड्रिड का बेटिस ने छीना अहम जीत का मौका


    नई दिल्ली । ला लीगा के इस अहम मुकाबले में रियल मैड्रिड और रियल बेटिस के बीच खेला गया मैच फुटबॉल प्रेमियों के लिए बेहद रोमांचक साबित हुआ लेकिन अंत में यह मुकाबला रियल मैड्रिड के लिए निराशा लेकर आया। टीम ने मैच की अच्छी शुरुआत की और पूरे पहले हाफ में अपना दबदबा बनाए रखा। किलियन म्बाप्पे की मौजूदगी ने आक्रमण को और खतरनाक बना दिया था और टीम लगातार विपक्षी डिफेंस पर दबाव बना रही थी।
    मैच के सत्रहवें मिनट में विनीसियस जूनियर ने शानदार गोल कर रियल मैड्रिड को बढ़त दिलाई। यह मौका फेडेरिको वाल्वरडे के शक्तिशाली शॉट के बाद बना जिसे बेटिस के गोलकीपर सही तरीके से नियंत्रित नहीं कर पाए और रिबाउंड पर विनीसियस ने गेंद को नेट में डाल दिया। शुरुआती बढ़त के बाद मैड्रिड ने खेल की गति को नियंत्रित रखा और कई बार गोल बढ़ाने के अवसर बनाए।
    बेटिस की टीम ने भी हार नहीं मानी और धीरे धीरे मैच में वापसी करने की कोशिश शुरू कर दी। एंड्री लुनिन ने गोलपोस्ट पर शानदार प्रदर्शन किया और कई कठिन शॉट्स को रोककर टीम को बढ़त बनाए रखने में मदद की। पहले हाफ में बेटिस के कई आक्रामक प्रयासों को लुनिन ने सफलतापूर्वक विफल किया जिससे स्कोर लाइन बदल नहीं पाई।
    दूसरे हाफ में मुकाबला और अधिक तेज हो गया। किलियन म्बाप्पे ने एक शानदार गोल किया था लेकिन उसे ऑफसाइड करार देकर रद्द कर दिया गया जिससे मैड्रिड की बढ़त बढ़ने का मौका हाथ से निकल गया। दूसरी ओर बेटिस लगातार काउंटर अटैक के जरिए खतरा पैदा करता रहा।
    मैच के अंतिम चरण में दोनों टीमों ने जीत के लिए पूरी ताकत झोंक दी। फेडेरिको वाल्वरडे का एक और प्रयास गोलकीपर ने शानदार तरीके से बचा लिया जिससे मैड्रिड दूसरी बार बढ़त नहीं ले सका। इसी दौरान किलियन म्बाप्पे को मांसपेशियों में समस्या के कारण मैदान छोड़ना पड़ा जो टीम के लिए बड़ा झटका साबित हुआ।
    इंजरी टाइम में बेटिस ने आखिरकार बराबरी का गोल दाग दिया। हेक्टर बेलेरिन ने बेहतरीन फिनिश करते हुए गेंद को नेट में डाल दिया और स्कोर को एक एक से बराबर कर दिया। इस गोल में रियल मैड्रिड की डिफेंसिव चूक साफ नजर आई जब एंटोनियो रुडिगर गेंद को सही तरीके से क्लियर नहीं कर पाए।
    मैच समाप्त होने के बाद टीम के कोच ने निराशा जताई और कहा कि ऐसे करीबी मुकाबलों में छोटे फैसले और किस्मत बड़ी भूमिका निभाते हैं। इस ड्रॉ ने रियल मैड्रिड की ला लीगा खिताब जीतने की उम्मीदों को गहरा झटका दिया है और अब बार्सिलोना के लिए बढ़त और मजबूत करने का रास्ता खुल गया है।
  • लियोनेल मेसी के इंडिया टूर पर हुआ 100 करोड़ रुपये खर्च आयोजक ने खोला खर्च का पूरा विवरण

    लियोनेल मेसी के इंडिया टूर पर हुआ 100 करोड़ रुपये खर्च आयोजक ने खोला खर्च का पूरा विवरण


    कोलकाता । अर्जेंटीना के फुटबॉल स्टार लियोनेल मेसी के हाल ही में भारत दौरे पर 100 करोड़ रुपये का खर्च हुआ जिसे लेकर अब कई अहम खुलासे हुए हैं। इस खर्च में से 89 करोड़ रुपये मेसी की फीस थी जबकि 11 करोड़ रुपये भारत सरकार को टैक्स के रूप में दिए गए। इस राशि को लेकर आयोजक सताद्रू दत्ता ने जांच एजेंसियों के सामने कई अहम बातें साझा की हैं।

    न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक दत्ता ने एसआईटी स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम को बताया कि मेसी के इंडिया टूर के दौरान कुल 100 करोड़ रुपये खर्च हुए। इस रकम में से 30 प्रतिशत स्पॉन्सर से मिला जबकि बाकी 30 प्रतिशत टिकटों की बिक्री से जुटाए गए थे। एसआईटी द्वारा दत्ता के बैंक खातों की जांच के बाद उनके अकाउंट में 20 करोड़ रुपये से अधिक की रकम मिली जो कथित तौर पर कोलकाता और हैदराबाद में आयोजित मेसी के इवेंट के टिकटों की बिक्री और स्पॉन्सरशिप से आई थी।

    सताद्रू दत्ता जो मेसी के इवेंट्स के प्रमुख आयोजक थे को गिरफ्तार कर लिया गया था। एसआईटी के अधिकारियों ने शुक्रवार को दत्ता के घर पर छापेमारी की और कई महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए। दत्ता ने जांचकर्ताओं से कहा कि इवेंट के दौरान मेसी के प्रति सुरक्षा के तमाम इंतजाम किए गए थे लेकिन बावजूद इसके भीड़ के कारण कई समस्याएं उत्पन्न हुईं।

    कोलकाता के सॉल्ट लेक स्टेडियम में जब मेसी की उपस्थिति के दौरान हजारों दर्शक इवेंट में पहुंचे थे तब अफरातफरी का माहौल बन गया। फैंस की भीड़ इतनी बढ़ गई कि कई लोग मेसी के चारों ओर जमा हो गए जिससे वह गैलरी से मुश्किल से दिखाई दे रहे थे। इसके परिणामस्वरूप कई दर्शकों ने स्टेडियम के कुछ हिस्सों में तोड़फोड़ की। इस घटना ने पुलिस और आयोजकों को एक बड़ी चुनौती दी और सुरक्षा में चूक को लेकर कई सवाल उठाए।

    एसआईटी ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच तेज कर दी है। पश्चिम बंगाल सरकार ने इस घटना की पूरी जांच के लिए वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों की एक टीम गठित की जिसमें पीयूष पांडे जावेद शमीम सुप्रतिम सरकार और मुरलीधर शामिल हैं। अधिकारियों ने कहा कि जांच के दौरान यह देखा जा रहा है कि सुरक्षा में चूक आयोजकों की भूमिका और एक्सेस नियमों के उल्लंघन के पीछे कौन जिम्मेदार है।

    मेसी की सुरक्षा को लेकर दत्ता ने भी बयान दिया कि मेसी को छुआ या गले लगाया जाना पसंद नहीं आया और यह बात उनके सुरक्षा अधिकारियों ने आयोजकों को पहले ही बता दी थी। मेसी की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विदेशी सुरक्षा अधिकारियों ने भी कई बार चेतावनी दी थी। दत्ता ने कहा भीड़ को रोकने के लिए कई बार पब्लिक अनाउंसमेंट किए गए लेकिन इसका कोई असर नहीं हुआ। मेसी को इस तरह घेरने और गले लगाने का तरीका उनके लिए बिल्कुल भी स्वीकार्य नहीं था।

    इस दौरान एसआईटी अधिकारियों ने यह भी बताया कि दत्ता के बैंक खातों से जुड़ी रकम की जांच की जा रही है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि यह रकम इवेंट्स से सही तरीके से जुटाई गई थी या इसमें कोई अनियमितता थी। इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर से आयोजकों की जिम्मेदारी और सुरक्षा इंतजामों को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।

  • लियोनल मेसी ने GOAT इंडिया टूर के समापन पर भारत को धन्यवाद कहा फुटबॉल के भविष्य के प्रति जताई उम्मीद

    लियोनल मेसी ने GOAT इंडिया टूर के समापन पर भारत को धन्यवाद कहा फुटबॉल के भविष्य के प्रति जताई उम्मीद


    नई दिल्ली । फुटबॉल जगत के महानतम खिलाड़ियों में शामिल लियोनल मेसी ने अपने भारत दौरे के समापन पर एक भावुक संदेश साझा किया। अर्जेंटीना के स्टार फुटबॉलर ने भारत के विभिन्न शहरों में अपने शानदार अनुभवों को साझा करते हुए देशवासियों का आभार व्यक्त किया। “नमस्ते इंडिया इस शब्द के साथ मेसी ने सोशल मीडिया पर अपने संदेश की शुरुआत की और भारत में बिताए गए समय को अविस्मरणीय बताया।

    दौरे की खासियतें

    लियोनल मेसी का GOAT इंडिया टूर भारत के चार प्रमुख शहरों – दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद और कोलकाता में हुआ। इस दौरे ने भारत में फुटबॉल प्रेमियों के बीच एक नया उत्साह और ऊर्जा का संचार किया। इन शहरों में मेसी को जहां जबरदस्त स्वागत मिला, वहीं उनकी यात्रा ने क्रिकेट और फुटबॉल के बीच एक अनोखा संबंध भी स्थापित किया। मेसी ने अपने दौरे के दौरान भारतीय क्रिकेट के महान खिलाड़ियों से भी मुलाकात की, जिनमें क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर, भारतीय क्रिकेट बोर्ड के सचिव जय शाह और भारतीय फुटबॉल टीम के कप्तान सुनील छेत्री शामिल थे। इन मुलाकातों ने मेसी के इस दौरे को और भी खास बना दिया।

    भारत में फुटबॉल का भविष्य

    मेसी ने अपने अनुभव को साझा करते हुए कहा कि भारत में फुटबॉल का भविष्य बहुत उज्ज्वल है। उन्होंने इस बात का भी उल्लेख किया कि भारत में फुटबॉल के प्रति बढ़ता प्यार और फुटबॉल के प्रति लोगों का जुनून देखकर उन्हें बेहद खुशी हुई। उन्होंने भारत के फुटबॉल प्रेमियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा यहां मिले प्यार और समर्थन को कभी नहीं भूलूंगा। मुझे यकीन है कि भारत में फुटबॉल का भविष्य बहुत उज्ज्वल है।

    भारत में फुटबॉल का महत्व

    भारत में फुटबॉल का इतिहास काफी लंबा और समृद्ध है लेकिन हाल के वर्षों में इस खेल के प्रति लोगों की रुचि में तेजी से वृद्धि हुई है। मेसी का दौरा इस बात का प्रतीक था कि भारत में फुटबॉल अब सिर्फ एक खेल नहीं, बल्कि एक जुनून बन चुका है। भारतीय फुटबॉल प्रेमियों का उत्साह और मेसी के प्रति प्यार इसे साबित करता है। मेसी ने इस दौरे के दौरान भारतीय फुटबॉल का समर्थन करने और इसे बढ़ावा देने का वादा किया।

    भारत की मेहमाननवाजी ने किया भावुक

    मेसी ने अपनी यात्रा को एक व्यक्तिगत अनुभव के रूप में भी देखा, जहां उन्हें न सिर्फ फुटबॉल के प्रति भारतीयों का प्यार मिला बल्कि भारतीय संस्कृति और मेहमाननवाजी का भी खास अनुभव हुआ। उन्होंने कहा, भारत में जितना प्यार और अपनापन मुझे मिला, वह किसी और देश में नहीं मिला। यह मेरे लिए एक अविस्मरणीय अनुभव रहेगा।

    लियोनल मेसी का GOAT इंडिया टूर भारत के फुटबॉल प्रेमियों के लिए एक ऐतिहासिक और प्रेरणादायक घटना बन गया। मेसी का भारत में आना न केवल फुटबॉल के प्रति जागरूकता बढ़ाने का कारण बना बल्कि इसने फुटबॉल और क्रिकेट के बीच की दूरी को भी खत्म किया। मेसी के इस दौरे से यह स्पष्ट है कि भारत में फुटबॉल का भविष्य मजबूत और उज्ज्वल है और अब भारत में इस खेल को लेकर और भी ज्यादा उत्साह देखने को मिलेगा।

  • हिमंत सरमा ने ममता बनर्जी को ठहराया मेसी के कोलकाता इवेंट में भगदड़ के लिए जिम्मेदारकहा गिरफ्तार हो राज्य के मुख्यमंत्री और पुलिस आयुक्त

    हिमंत सरमा ने ममता बनर्जी को ठहराया मेसी के कोलकाता इवेंट में भगदड़ के लिए जिम्मेदारकहा गिरफ्तार हो राज्य के मुख्यमंत्री और पुलिस आयुक्त


    नई दिल्ली । लियोनेल मेसी के भारत दौरे के पहले दिन कोलकाता में आयोजित उनके कार्यक्रम के दौरान मची भगदड़ ने राज्य की कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस घटना के बाद असम के मुख्यमंत्री हिमंत सरमा ने ममता बनर्जी की सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में वीआईपी कल्चर के चलते इस कार्यक्रम का संचालन सही तरीके से नहीं हो सकाजिससे अफरा-तफरी मच गई। सरमा ने यहां तक कहा कि राज्य के मुख्यमंत्रीगृहमंत्री और पुलिस आयुक्त को गिरफ्तार किया जाना चाहिए।

    सरमा ने आरोप लगाया कि बंगाल में ऐसे बड़े सार्वजनिक कार्यक्रमों के दौरान भीड़ प्रबंधन की भारी नाकामी नजर आती है। उन्होंने कहा”दूसरे राज्यों में भीड़ को शांतिपूर्वक संभाला जाता हैलेकिन बंगाल में कुछ भी सुनिश्चित नहीं होता। यहां वीआईपी कल्चर का प्रभाव बहुत ज्यादा हैजो कार्यक्रमों को बर्बाद कर देता है।

    उनके अनुसारगुवाहाटी में गायक जुबिन गर्ग के निधन के बाद तीन दिनों तक 10 लाख लोग सड़कों पर थेलेकिन कोई हादसा नहीं हुआ। वहींमुंबई में विश्व कप फाइनल भी शांति से संपन्न हुआ था। सरमा ने कहा”बंगाल में कोई बड़ी घटना कभी भी घट सकती हैक्योंकि यहां हर चीज पर वीआईपी कल्चर हावी है।

    कोलकाता के सॉल्ट लेक स्टेडियम में हुए इस कार्यक्रम में हजारों प्रशंसक अपने पसंदीदा फुटबॉल आइकॉन मेसी की एक झलक पाने पहुंचे थे। लेकिन केवल 15 मिनट के कार्यक्रम के बाद मेसी वहां से चले गएजिससे दर्शकों में नाराजगी फैल गई। गुस्साए प्रशंसकों ने आयोजकों पर आरोप लगाते हुए पानी की बोतलें फेंकी। आयोजकों का कहना था कि कार्यक्रम लगभग 45 मिनट तक चलने वाला थालेकिन मेसी केवल 15 मिनट के बाद ही चले गए।

    इसके बाद प्रशंसकों ने आरोप लगाया कि कार्यक्रम के दौरान टीएमसी नेताओं और वीआईपी लोगों के परिवारों ने मेसी को घेरे रखाजिससे आम दर्शकों को किसी भी प्रकार का सामान्य अनुभव नहीं मिला।हिमंत सरमा ने इस घटना की जिम्मेदारी राज्य सरकार की ठहराते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रमों का आयोजन सही ढंग से किया जाताअगर वहां पर कानून और व्यवस्था को बेहतर तरीके से लागू किया जाता।

  • कोलकाता में लियोनेल मेसी का दौरा 22 मिनट में खत्म, प्रशंसक हुए मायूस, जानिए क्या है वजह?

    कोलकाता में लियोनेल मेसी का दौरा 22 मिनट में खत्म, प्रशंसक हुए मायूस, जानिए क्या है वजह?


    नई दिल्‍ली । दिग्गज फुटबॉलर(Legendary footballer) लियोनेल मेसी(Lionel Messi) का कोलकाता दौरा, जिसके लिए फैन्स लंबे समय से इंतजार कर रहे थे वह महज 22 मिनट में ही खत्म हो गया और शनिवार को साल्ट लेक स्टेडियम के भीतर अफरा-तफरी का माहौल हो गया. अपने GOAT टूर के तहत शहर की दूसरी यात्रा पर आए मेसी से यह उम्मीद की जा रही थी कि यह भारत (India)में फुटबॉल के लिए एक यादगार दिन होगा. लेकिन हुआ इसका बिलकुल उल्टा.

    फीफा वर्ल्ड कप विजेता मेसी के आगमन को लेकर प्रशंसकों में जबरदस्त उत्साह था. शनिवार तड़के ही बड़ी संख्या में फैंस उन्हें देखने के लिए स्टेडियम पहुंच गए थे. लेकिन दोपहर होते-होते पूरा आयोजन बिखर गया. अब आइए जानते हैं कि आखिर ये अव्यवस्था हुई कैसे

    50 हजार से ज्यादा फैन्स पहुंचे
    करीब 50,000 दर्शक साल्ट लेक स्टेडियम में उमड़ पड़े थे, जिनमें से कई ने 4,000 रुपये से ज्यादा कीमत के टिकट खरीदे थे. वे बेबस होकर यह दृश्य देखते रह गए कि फुटबॉल के इस महान खिलाड़ी को राजनेताओं, वीवीआईपी लोगों, भारी सुरक्षा व्यवस्था और सेल्फी लेने में ज्यादा दिलचस्पी रखने वाले लोगों की भीड़ ने चारों ओर से घेर लिया.

    स्टेडियम के गेट सुबह 8 बजे खोल दिए गए थे और मेसी 11:30 बजे अपने इंटर मियामी टीम के साथी लुईस सुआरेज़ और रोड्रिगो डी पॉल के साथ मैदान में उतरे. जैसे ही उन्होंने प्रवेश किया, हजारों प्रशंसकों की गगनभेदी तालियों से उनका स्वागत हुआ.

    वीआईपी लोगों ने ही घेर लिया
    सूत्रों के अनुसार, कुछ ही मिनटों में मेसी खुद को राजनेताओं, पुलिस अधिकारियों, वीआईपी और उनके काफिलों से घिरा हुआ पाया, जिससे एक मानवीय घेरा बन गया. दर्शकों को उस खिलाड़ी की झलक तक नहीं मिल पा रही थी, जिसे देखने वे आए थे.

    हैरान और हल्की मुस्कान के साथ मेसी ने मैदान का एक धीमा चक्कर लगाने की कोशिश की और कुछ पूर्व खिलाड़ियों को ऑटोग्राफ भी दिए, लेकिन अव्यवस्था और बढ़ती चली गई.

    पब्लिक एड्रेस सिस्टम के जरिए प्रमोटर सताद्रु दत्ता ने बार-बार भीड़ से पीछे हटने की अपील की. तनाव भरी आवाज़ में उन्होंने कहा, “कृपया उन्हें अकेला छोड़ दें. कृपया मैदान खाली करें.”

    हालांकि, उनकी अपीलों को काफी हद तक नजरअंदाज कर दिया गया. आखिरकार, उनके एक घंटे के तय कार्यक्रम से काफी पहले ही सुरक्षा कारणों से उन्हें स्टेडियम से बाहर ले जाया गया और आयोजन रद्द करने का फैसला लिया गया. इसके बाद हालात और बिगड़ गए. स्टेडियम में तोड़फोड़ हुई, सजावट और संपत्ति को नुकसान पहुंचा और पूरा परिसर अस्त-व्यस्त हो गया.

    गांगुली चाहते थे मेसी और रुकें
    एक रिपोर्ट के अनुसार, इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथियों में शामिल सौरव गांगुली ने मेसी को ज्यादा देर रुकने के लिए मनाने की कोशिश की. आयोजन रद्द होने के बाद आयोजक, पश्चिम बंगाल के खेल मंत्री अरूप बिस्वास और राज्य पुलिस के डीजीपी राजीव कुमार को मेसी की टीम से बातचीत करते और उन्हें कार्यक्रम जारी रखने के लिए मनाने की कोशिश करते देखा गया.

    इसी दौरान गांगुली को यह कहते हुए सुना गया, “अगर आप थोड़ी देर और रुकें तो अच्छा होगा.”

    अब मेसी शनिवार को ही हैदराबाद के लिए रवाना हो गए हैं, जहां वह तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के साथ एक संक्षिप्त फुटबॉल सत्र (किकअबाउट) में हिस्सा लेंगे.