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  • Gen Z दफ्तरों की जटिल अंग्रेजी से परेशान…. आसान भाषा अपनाने की उठी मांग

    Gen Z दफ्तरों की जटिल अंग्रेजी से परेशान…. आसान भाषा अपनाने की उठी मांग


    नई दिल्ली।
    ऑफिस (Office) में इस्तेमाल होने वाली भारी-भरकम अंग्रेजी (Heavy English.) आज की युवा पीढ़ी (Young Generation-Gen Z) के लिए परेशानी का कारण बनती जा रही है। जेन-जी (1997 से 2012 के बीच जन्मे युवा) का कहना है कि ऐसे शब्द न सिर्फ भ्रम पैदा करते हैं, बल्कि कामकाजी संवाद को भी मुश्किल बना देते हैं। इसी को लेकर अमेरिका के भाषा शिक्षण प्लेटफॉर्म ‘प्रेपली’ ने एक रिपोर्ट जारी की है।

    रिपोर्ट के मुताबिक, जब मैनेजर मीटिंग में यह कहते हैं कि “इस प्रोजेक्ट के लिए सिनर्जी चाहिए” या “क्या आपके पास इसकी बैंडविड्थ है”, तो कई युवा कर्मचारियों को इन शब्दों का सही मतलब समझने में दिक्कत होती है। भाषा विशेषज्ञों का कहना है कि हर महीने हजारों युवा इन कॉर्पोरेट शब्दों के अर्थ जानने के लिए गूगल का सहारा लेते हैं।

    रिसर्च में सामने आया है कि ‘Synergy’ सबसे ज्यादा खोजा जाने वाला ऑफिस शब्द है, जिसे हर महीने करीब 40,500 बार सर्च किया जाता है। इसके बाद ‘Paradigm’ (लगभग 27,000 सर्च) और ‘Best Practice’ जैसे शब्द सूची में शामिल हैं।


    युवाओं को कैसी भाषा चाहिए?

    आज की पीढ़ी ऐसी भाषा को प्राथमिकता देती है जो साफ, सरल और सीधी हो। उनके अनुसार, दफ्तरों में इस्तेमाल होने वाले पारंपरिक अंग्रेजी मुहावरे अक्सर दिखावटी लगते हैं और बातचीत को जटिल बना देते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर किसी कर्मचारी को काम समझने के लिए शब्दों का मतलब अलग से ढूंढना पड़े, तो यह संचार की कमजोरी को दर्शाता है।


    डिजिटल दौर से मेल नहीं खा रही कॉर्पोरेट भाषा

    जेन-जी का कहना है कि पारंपरिक कॉर्पोरेट अंग्रेजी अब डिजिटल युग की बातचीत से तालमेल नहीं बैठा पा रही है। वे चाहते हैं कि दफ्तरों की भाषा भी रोजमर्रा की बातचीत जैसी स्वाभाविक हो। यह बदलाव सिर्फ कार्यस्थल तक सीमित नहीं है—निजी जीवन में भी पुराने और भारी शब्दों की जगह आसान भाषा लेती जा रही है। भाषा विशेषज्ञों के अनुसार, हर पीढ़ी अपने समय के अनुसार भाषा को ढालती है और जेन-जी के लिए स्पष्टता और सादगी सबसे अहम है। जैसे-जैसे इस पीढ़ी की भागीदारी कार्यक्षेत्र में बढ़ रही है, वैसे-वैसे दफ्तरों में भी संवाद का तरीका बदल रहा है।


    कठिन शब्दों की जगह आसान विकल्प

    Synergy → Teamwork
    Bandwidth → Availability (समय/उपलब्धता)
    Circle Back → दोबारा बात करना

    युवाओं का मानना है कि इस तरह की सरल भाषा अपनाने से न सिर्फ काम आसान होगा, बल्कि संवाद भी ज्यादा प्रभावी बन सकेगा।

  • देश की जेन-जी को भाजपा के विकास मॉडल पर सबसे ज्यादा भरोसा: पीएम मोदी

    देश की जेन-जी को भाजपा के विकास मॉडल पर सबसे ज्यादा भरोसा: पीएम मोदी


    नई दिल्ली। मालदा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को पश्चिम बंगाल के मालदा में आयोजित एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य को दोहराया। उन्होंने कहा कि इस सपने को साकार करने में पूर्वी भारत की भूमिका सबसे अहम है और अब यह क्षेत्र तेजी से विकास की राजनीति को अपना रहा है।

    प्रधानमंत्री ने कहा कि दशकों तक पूर्वी भारत को नफरत भ्रम और तुष्टिकरण की राजनीति में उलझाकर रखा गया जिससे यहां विकास की रफ्तार धीमी रही। लेकिन अब हालात बदल रहे हैं और जनता विकास सुशासन और पारदर्शिता को प्राथमिकता दे रही है। पीएम मोदी ने दावा किया कि देश की जेन-जी भाजपा के विकास मॉडल पर सबसे ज्यादा भरोसा कर रही है क्योंकि युवा वर्ग को अवसर रोजगार और स्थायी भविष्य चाहिए।पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत के राजनीतिक परिदृश्य का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि ओडिशा में पहली बार भाजपा सरकार बनी है त्रिपुरा कई वर्षों से भाजपा पर भरोसा जता रहा है और असम में लगातार पार्टी को मजबूत जनसमर्थन मिल रहा है। हाल ही में बिहार में भी भाजपा-एनडीए की सरकार बनी है। उन्होंने कहा कि अब पश्चिम बंगाल में भी सुशासन की बारी है।

    पीएम मोदी ने दावा किया कि जहां-जहां वर्षों तक भाजपा को लेकर गलत जानकारी फैलाई गई वहां भी अब लोग सच्चाई समझ रहे हैं और पार्टी को समर्थन दे रहे हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि इस बार बंगाल की जनता भी भाजपा को विजयी बनाएगी।प्रधानमंत्री ने हालिया शहरी निकाय चुनावों का जिक्र करते हुए कहा कि महाराष्ट्र में भाजपा को ऐतिहासिक जीत मिली है। खासतौर पर मुंबई की बृहन्मुंबई नगर निगमबीएमसी में पहली बार भाजपा को रिकॉर्ड सफलता मिली है। उन्होंने कहा कि जिन जगहों पर कभी भाजपा की जीत को असंभव माना जाता था वहां भी अब अभूतपूर्व समर्थन मिल रहा है। पीएम मोदी ने यह भी बताया कि केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम में भाजपा का मेयर बनना देश की बदलती राजनीतिक सोच का संकेत है।

    विपक्ष पर हमला बोलते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि वे चाहते हैं कि पश्चिम बंगाल के हर गरीब परिवार को पक्का घर मिले और केंद्र सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का पूरा लाभ आम लोगों तक पहुंचे। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य की तृणमूल कांग्रेस सरकार केंद्र से भेजे गए गरीबों के पैसे का सही इस्तेमाल नहीं होने दे रही है।आयुष्मान भारत योजना का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि बंगाल देश का एकमात्र राज्य है जहां यह योजना लागू नहीं की गई है। इससे गरीब परिवारों को मुफ्त इलाज का लाभ नहीं मिल पा रहा है और इसके लिए राज्य सरकार जिम्मेदार है।

    प्रधानमंत्री ने पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना पर भी बात की। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत देशभर में लाखों परिवारों ने अपने घरों की छतों पर सोलर पैनल लगाकर बिजली बिल शून्य किया है और इसके लिए केंद्र सरकार ने हजारों करोड़ रुपये जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि वे चाहते हैं कि पश्चिम बंगाल के लाखों परिवार भी इसका लाभ उठाएं लेकिन राज्य सरकार इस दिशा में आगे नहीं बढ़ रही है।मालदा और पश्चिम बंगाल के विकास को लेकर पीएम मोदी ने कहा कि भाजपा सरकार बनने पर किसानों और युवाओं के लिए नए अवसर पैदा किए जाएंगे। उन्होंने मालदा की ‘मैंगो इकोनॉमी’ को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का वादा किया।

    जूट किसानों का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने आंकड़े पेश किए। उन्होंने बताया कि 2014 से पहले जूट का समर्थन मूल्य करीब 2400 रुपये था जो अब बढ़कर साढ़े 5500 रुपये से अधिक हो गया है। पहले दस वर्षों में जूट किसानों को केवल 400 करोड़ रुपये मिले थे जबकि पिछले 11 वर्षों में यह राशि बढ़कर 1300 करोड़ रुपये से ज्यादा हो चुकी है। पीएम मोदी ने कहा कि यह बदलाव भाजपा की किसान-हितैषी नीतियों का प्रमाण है।