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  • स्किन केयर रूटीन में शामिल करें एवोकाडो, पोषण और नमी से त्वचा को बना सकता है ज्यादा सॉफ्ट और हेल्दी

    स्किन केयर रूटीन में शामिल करें एवोकाडो, पोषण और नमी से त्वचा को बना सकता है ज्यादा सॉफ्ट और हेल्दी


    नई दिल्ली । त्वचा की देखभाल के लिए लोग बाजार में मिलने वाले महंगे ब्यूटी प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करते हैं लेकिन कई प्राकृतिक चीजें भी स्किन केयर रूटीन में उपयोगी साबित हो सकती हैं। इन्हीं में से एक है एवोकाडो जो अपने पोषक तत्वों और हेल्दी फैट्स के कारण काफी लोकप्रिय है। एवोकाडो को खाने के साथ साथ त्वचा की देखभाल में भी शामिल किया जा सकता है। इसमें मौजूद पोषक तत्व त्वचा को नमी देने और उसे मुलायम बनाए रखने में सहायक हो सकते हैं। खासतौर पर जिन लोगों की त्वचा रूखी रहती है उनके लिए एवोकाडो आधारित घरेलू स्किन केयर उपाय उपयोगी हो सकते हैं। हालांकि हर व्यक्ति की त्वचा अलग होती है इसलिए किसी भी चीज को चेहरे पर लगाने से पहले सावधानी रखना जरूरी है।

    एवोकाडो में प्राकृतिक रूप से हेल्दी फैट्स पाए जाते हैं जो त्वचा की नमी बनाए रखने में मदद कर सकते हैं। रूखी और बेजान त्वचा में नमी की कमी होने पर चेहरा खिंचा हुआ और थका हुआ दिखाई देने लगता है। ऐसे में एवोकाडो का गूदा त्वचा को मॉइस्चराइज करने वाले घरेलू उपाय के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। पके हुए एवोकाडो को अच्छी तरह मैश करके चेहरे पर हल्के हाथों से लगाया जा सकता है और कुछ समय बाद साफ पानी से धोया जा सकता है। यह त्वचा को मुलायम महसूस कराने में मदद कर सकता है।

    त्वचा की देखभाल के लिए एवोकाडो का इस्तेमाल अन्य प्राकृतिक चीजों के साथ भी किया जाता है। उदाहरण के लिए इसे थोड़ी मात्रा में शहद के साथ मिलाकर फेस पैक के रूप में लगाया जा सकता है। शहद त्वचा को नमी देने वाले गुणों के लिए जाना जाता है और एवोकाडो के साथ इसका संयोजन रूखी त्वचा के लिए उपयोगी महसूस हो सकता है। इस तरह के घरेलू फेस पैक को चेहरे पर बहुत अधिक देर तक रखने की जरूरत नहीं होती। लगाने से पहले त्वचा को साफ कर लेना चाहिए और बाद में चेहरे को सामान्य पानी से धोना बेहतर रहता है।

    अगर त्वचा बहुत ज्यादा रूखी दिखाई देती है तो एवोकाडो को दही जैसे हल्के प्राकृतिक पदार्थों के साथ मिलाकर भी इस्तेमाल किया जा सकता है। इससे त्वचा को ताजगी और नमी का एहसास मिल सकता है। हालांकि संवेदनशील त्वचा वाले लोगों को किसी भी नए मिश्रण का उपयोग करने से पहले पैच टेस्ट जरूर करना चाहिए। चेहरे पर सीधे कोई भी घरेलू नुस्खा लगाने से पहले हाथ के छोटे हिस्से पर जांच करना एक सुरक्षित तरीका हो सकता है। जलन खुजली लालिमा या किसी भी तरह की परेशानी महसूस होने पर उसका इस्तेमाल तुरंत बंद कर देना चाहिए।

    एवोकाडो का लाभ केवल बाहर से लगाने तक सीमित नहीं है। संतुलित आहार में पोषक तत्वों से भरपूर खाद्य पदार्थों को शामिल करना भी त्वचा के स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण होता है। पर्याप्त पानी पीना संतुलित भोजन करना अच्छी नींद लेना और नियमित रूप से त्वचा की सफाई करना हेल्दी स्किन के लिए जरूरी आदतें हैं। केवल एक घरेलू चीज से त्वचा की हर समस्या खत्म होने की उम्मीद करना सही नहीं है लेकिन सही जीवनशैली के साथ प्राकृतिक चीजों का संतुलित उपयोग स्किन केयर रूटीन को बेहतर बना सकता है।

    एवोकाडो को स्किन केयर का हिस्सा बनाते समय यह ध्यान रखना जरूरी है कि प्राकृतिक होने का मतलब यह नहीं है कि हर चीज हर व्यक्ति की त्वचा के लिए पूरी तरह उपयुक्त होगी। अगर लंबे समय से मुंहासे एलर्जी खुजली या अन्य त्वचा संबंधी समस्या बनी हुई है तो घरेलू उपायों पर निर्भर रहने के बजाय त्वचा विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर होता है। सही देखभाल और संतुलित दिनचर्या के साथ एवोकाडो को अपने ब्यूटी रूटीन में शामिल कर त्वचा को प्राकृतिक पोषण और नमी देने की कोशिश की जा सकती है।

  • स्किन को ग्लोइंग बनाने के लिए डाइट में शामिल करें ये फल! विटामिन और एंटीऑक्सीडेंट से त्वचा को मिलेगा पोषण

    स्किन को ग्लोइंग बनाने के लिए डाइट में शामिल करें ये फल! विटामिन और एंटीऑक्सीडेंट से त्वचा को मिलेगा पोषण


    नई दिल्ली। ग्लोइंग और हेल्दी स्किन हर किसी की चाहत होती है और इसके लिए लोग तरह तरह के स्किन केयर प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करते हैं। हालांकि त्वचा की देखभाल केवल बाहर से किए जाने वाले स्किन केयर तक सीमित नहीं है। हमारी डाइट का भी त्वचा की सेहत पर असर पड़ता है। रोजाना की डाइट में पोषक तत्वों से भरपूर फलों को शामिल करके शरीर को जरूरी विटामिन मिनरल्स और एंटीऑक्सीडेंट मिल सकते हैं। ये पोषक तत्व त्वचा को स्वस्थ बनाए रखने में मदद कर सकते हैं। खासतौर पर कुछ फलों में मौजूद विटामिन सी विटामिन ए पानी और एंटीऑक्सीडेंट स्किन के लिए उपयोगी माने जाते हैं।

    संतरा और अन्य खट्टे फल त्वचा के लिए अच्छी डाइट का हिस्सा हो सकते हैं। इनमें विटामिन सी पाया जाता है जो शरीर के लिए जरूरी पोषक तत्व है। संतरे जैसे फलों में पानी की मात्रा भी अच्छी होती है जिससे शरीर को हाइड्रेशन बनाए रखने में मदद मिल सकती है। नियमित रूप से मौसमी फलों का सेवन करना त्वचा के साथ साथ पूरे शरीर के लिए बेहतर डाइट का हिस्सा बन सकता है।

    पपीता भी उन फलों में शामिल है जिन्हें स्किन फ्रेंडली डाइट में जगह दी जा सकती है। इसमें विटामिन ए विटामिन सी और कई अन्य पोषक तत्व पाए जाते हैं। पपीते को नाश्ते या दिन के किसी दूसरे समय आसानी से खाया जा सकता है। इसके सेवन से शरीर को जरूरी पोषण मिलता है और संतुलित डाइट बनाए रखने में मदद मिलती है।

    तरबूज गर्म मौसम में शरीर को हाइड्रेट रखने वाला लोकप्रिय फल है। इसमें पानी की मात्रा काफी अधिक होती है। शरीर में पर्याप्त पानी होना त्वचा के सामान्य स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण है। ऐसे में तरबूज को डाइट में शामिल करना खासतौर पर गर्म दिनों में अच्छा विकल्प हो सकता है। इसे सीधे काटकर या फ्रूट बाउल के रूप में खाया जा सकता है।

    कीवी भी पोषक तत्वों से भरपूर फलों में गिना जाता है। इसमें विटामिन सी और अन्य एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं। एंटीऑक्सीडेंट युक्त खाद्य पदार्थ शरीर को ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से बचाने में भूमिका निभाते हैं। इसलिए संतुलित डाइट में कीवी जैसे फलों को शामिल करना त्वचा के साथ संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद हो सकता है।

    स्ट्रॉबेरी और दूसरे बेरीज भी डाइट को पोषक बनाने का अच्छा विकल्प हैं। इनमें विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं। इन्हें दही के साथ या सीधे फल के रूप में खाया जा सकता है। हालांकि किसी एक फल को त्वचा की सभी समस्याओं का इलाज नहीं माना जा सकता। हेल्दी स्किन के लिए संतुलित आहार पर्याप्त पानी अच्छी नींद नियमित शारीरिक गतिविधि और सही स्किन केयर रूटीन पर भी ध्यान देना जरूरी है।

    इसलिए अगर आप अपनी त्वचा को अंदर से पोषण देना चाहते हैं तो डाइट में अलग अलग रंग और प्रकार के फलों को शामिल करने की कोशिश करें। मौसमी और ताजे फलों को प्राथमिकता देना बेहतर विकल्प हो सकता है। साथ ही बहुत ज्यादा मीठे पैकेज्ड जूस की जगह साबुत फल खाना अधिक उपयोगी हो सकता है क्योंकि इससे फल में मौजूद फाइबर भी मिलता है।

  • ग्लोइंग स्किन का आसान फॉर्मूला: रोज की इन आदतों से त्वचा रहेगी साफ और हेल्दी गलत स्किन केयर से बचना भी जरूरी

    ग्लोइंग स्किन का आसान फॉर्मूला: रोज की इन आदतों से त्वचा रहेगी साफ और हेल्दी गलत स्किन केयर से बचना भी जरूरी


    नई दिल्ली। स्किन केयर आज के समय में सिर्फ खूबसूरती से जुड़ा विषय नहीं है बल्कि स्वस्थ त्वचा के लिए सही देखभाल करना भी जरूरी माना जाता है। धूल मिट्टी प्रदूषण धूप बदलता मौसम तनाव और अनियमित दिनचर्या का असर त्वचा पर दिखाई दे सकता है। कई बार चेहरे पर रूखापन मुंहासे अतिरिक्त तेल या बेजानपन जैसी समस्याएं नजर आने लगती हैं। ऐसे में महंगे प्रोडक्ट्स की लंबी लिस्ट अपनाने के बजाय अपनी त्वचा की जरूरत को समझना और एक आसान नियमित स्किन केयर रूटीन बनाना ज्यादा महत्वपूर्ण हो सकता है।

    त्वचा की देखभाल की शुरुआत चेहरे की सफाई से होती है। दिनभर त्वचा पर धूल प्रदूषण और पसीना जमा हो सकता है इसलिए चेहरे को साफ रखना जरूरी है। हालांकि बहुत ज्यादा बार चेहरा धोने या कठोर क्लींजर इस्तेमाल करने से त्वचा की प्राकृतिक नमी प्रभावित हो सकती है। अपनी त्वचा के प्रकार के अनुसार हल्का क्लींजर चुनना बेहतर विकल्प हो सकता है। तैलीय त्वचा वाले लोगों को अतिरिक्त तेल पर ध्यान देना चाहिए जबकि रूखी त्वचा वालों के लिए नमी बनाए रखना ज्यादा जरूरी होता है।

    मॉइस्चराइजर भी स्किन केयर रूटीन का महत्वपूर्ण हिस्सा है। त्वचा तैलीय हो या रूखी उसे नमी की जरूरत होती है। सही मॉइस्चराइजर त्वचा को मुलायम बनाए रखने में मदद कर सकता है। इसके अलावा दिन के समय सनस्क्रीन का इस्तेमाल करना भी बेहद महत्वपूर्ण है। धूप में मौजूद पराबैंगनी किरणों से त्वचा को नुकसान पहुंच सकता है और लंबे समय में समय से पहले उम्र बढ़ने के संकेत दिखाई दे सकते हैं। इसलिए बाहर निकलने से पहले उपयुक्त सनस्क्रीन लगाना और जरूरत के अनुसार दोबारा लगाना फायदेमंद हो सकता है।

    स्किन केयर केवल बाहर से लगाए जाने वाले प्रोडक्ट्स तक सीमित नहीं है। शरीर को पर्याप्त पानी देना संतुलित भोजन लेना और पर्याप्त नींद लेना भी त्वचा के स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण है। फलों सब्जियों और पोषक तत्वों से भरपूर भोजन को रोज की डाइट में शामिल करना शरीर के साथ त्वचा के लिए भी बेहतर हो सकता है। वहीं लगातार तनाव और नींद की कमी का असर त्वचा की स्थिति पर भी पड़ सकता है इसलिए आराम और नियमित दिनचर्या को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

    एक आम गलती यह भी होती है कि लोग किसी दूसरे व्यक्ति की स्किन केयर रूटीन को बिना अपनी त्वचा समझे अपनाने लगते हैं। हर व्यक्ति की त्वचा अलग होती है और जो प्रोडक्ट किसी एक व्यक्ति को सूट करता है जरूरी नहीं कि वह दूसरे के लिए भी सही हो। नए प्रोडक्ट को सीधे पूरे चेहरे पर लगाने के बजाय पहले छोटे हिस्से पर पैच टेस्ट करना बेहतर रहता है। किसी प्रोडक्ट के इस्तेमाल के बाद जलन खुजली या लालिमा जैसी समस्या हो तो उसका इस्तेमाल रोक देना चाहिए।

    इसके अलावा मुंहासों को बार बार दबाना चेहरे को जरूरत से ज्यादा स्क्रब करना और बिना सलाह के कई तरह के एक्टिव प्रोडक्ट एक साथ इस्तेमाल करना त्वचा को नुकसान पहुंचा सकता है। यदि त्वचा पर लगातार गंभीर मुंहासे दाने लालिमा खुजली या कोई अन्य समस्या बनी रहती है तो घरेलू उपायों के बजाय त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर है। कुल मिलाकर हेल्दी और ग्लोइंग स्किन के लिए महंगे प्रोडक्ट्स से ज्यादा जरूरी नियमितता सही उत्पादों का चयन संतुलित खानपान धूप से बचाव और त्वचा की जरूरत को समझना है।

  • चेहरे की डलनेस और टैनिंग से परेशान हैं तो पपीता आजमाएं, स्किन केयर में ऐसे करें इस्तेमाल

    चेहरे की डलनेस और टैनिंग से परेशान हैं तो पपीता आजमाएं, स्किन केयर में ऐसे करें इस्तेमाल


    नई दिल्ली ।
    पपीता सिर्फ स्वादिष्ट फल ही नहीं बल्कि स्किन केयर के लिए भी एक आसान घरेलू विकल्प माना जाता है। अगर चेहरा बेजान नजर आने लगा है त्वचा पर टैनिंग दिखाई दे रही है या स्किन की चमक कम हो गई है तो पपीते का इस्तेमाल किया जा सकता है। पपीते में पपेन नामक एंजाइम पाया जाता है जो त्वचा की सतह पर जमा मृत कोशिकाओं को हटाने में मदद कर सकता है। इसके अलावा इसमें विटामिन ए और विटामिन सी जैसे पोषक तत्व भी पाए जाते हैं जो त्वचा की देखभाल में उपयोगी माने जाते हैं। यही वजह है कि पपीते को कई घरेलू स्किन केयर उपायों में शामिल किया जाता है।

    पपीते को चेहरे पर लगाने का सबसे आसान तरीका इसका फेस पैक बनाना है। इसके लिए पके हुए पपीते का थोड़ा सा गूदा लेकर अच्छी तरह मैश कर लें। इसे साफ चेहरे पर हल्की परत के रूप में लगाएं और करीब 10 से 15 मिनट तक लगा रहने दें। इसके बाद सामान्य पानी से चेहरा धो लें। पपीते का यह इस्तेमाल त्वचा को मुलायम महसूस कराने और चेहरे की डलनेस कम करने में मदद कर सकता है। हालांकि संवेदनशील त्वचा वाले लोगों को इसे पूरे चेहरे पर लगाने से पहले पैच टेस्ट जरूर करना चाहिए।

    अगर त्वचा बहुत ज्यादा रूखी रहती है तो पपीते में थोड़ा शहद मिलाकर फेस पैक तैयार किया जा सकता है। शहद त्वचा में नमी बनाए रखने में मदद करता है जबकि पपीते में मौजूद एंजाइम त्वचा की सतह से मृत कोशिकाओं को हटाने में सहायक हो सकते हैं। इस मिश्रण को चेहरे पर लगाने के बाद ज्यादा देर तक न रखें और कुछ समय बाद पानी से धो लें। वहीं तैलीय त्वचा वाले लोग पपीते के साथ थोड़ी मात्रा में दही का इस्तेमाल कर सकते हैं। इससे त्वचा को ठंडक और नमी मिल सकती है।

    पपीते का इस्तेमाल त्वचा को एक्सफोलिएट करने के लिए भी किया जाता है लेकिन इसे चेहरे पर जोर से रगड़ना सही नहीं है। खासकर अगर त्वचा पर मुंहासे हैं लालिमा है कट लगा है या जलन हो रही है तो पपीते का इस्तेमाल करने से बचना बेहतर है। प्राकृतिक चीज होने का मतलब यह नहीं है कि वह हर व्यक्ति की त्वचा के लिए सुरक्षित ही होगी। इसलिए पहली बार इस्तेमाल करने से पहले हाथ के छोटे हिस्से पर पैच टेस्ट करना जरूरी है।

    स्किन केयर में केवल फेस पैक लगाना ही पर्याप्त नहीं है। त्वचा को स्वस्थ रखने के लिए पर्याप्त पानी पीना संतुलित आहार लेना अच्छी नींद लेना और धूप से त्वचा को बचाना भी जरूरी है। दिन में बाहर निकलते समय सनस्क्रीन का इस्तेमाल करना चाहिए क्योंकि लगातार धूप में रहने से टैनिंग और त्वचा संबंधी दूसरी परेशानियां बढ़ सकती हैं।

    यह भी ध्यान रखना जरूरी है कि पपीते से तुरंत किसी चमत्कारी नतीजे की उम्मीद नहीं करनी चाहिए। इसका असर व्यक्ति की त्वचा के प्रकार और इस्तेमाल के तरीके पर निर्भर कर सकता है। अगर त्वचा पर लगातार दाने खुजली लालिमा या जलन जैसी समस्या बनी हुई है तो घरेलू उपायों के बजाय त्वचा विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर है। कुल मिलाकर सही तरीके और सावधानी के साथ पपीता आपके सामान्य स्किन केयर रूटीन का एक आसान घरेलू हिस्सा बन सकता है।

  • मानसून में त्वचा क्यों हो जाती है चिपचिपी और बेजान, इन जरूरी टिप्स से रखें स्किन को हेल्दी और ग्लोइंग

    मानसून में त्वचा क्यों हो जाती है चिपचिपी और बेजान, इन जरूरी टिप्स से रखें स्किन को हेल्दी और ग्लोइंग


    नई दिल्ली। मानसून का मौसम गर्मी से राहत जरूर देता है लेकिन इस दौरान वातावरण में नमी बढ़ जाने के कारण त्वचा से जुड़ी कई परेशानियां भी बढ़ सकती हैं। बारिश के मौसम में ज्यादा नमी और पसीने की वजह से त्वचा चिपचिपी महसूस हो सकती है। इसके साथ ही धूल मिट्टी और प्रदूषण त्वचा पर आसानी से जमा हो जाते हैं जिससे रोमछिद्र बंद होने का खतरा बढ़ सकता है। ऐसे में अगर त्वचा की सही तरीके से देखभाल न की जाए तो मुंहासे ब्लैकहेड्स खुजली और फंगल इंफेक्शन जैसी समस्याएं परेशान कर सकती हैं। इसलिए मानसून में स्किन केयर रूटीन को थोड़ा बदलना जरूरी माना जाता है।

    बारिश के मौसम में चेहरे को साफ रखना सबसे जरूरी है। दिन में दो बार किसी हल्के फेस क्लींजर से चेहरा साफ किया जा सकता है। बहुत ज्यादा तेज साबुन या कठोर स्क्रब का इस्तेमाल करने से बचना चाहिए क्योंकि इससे त्वचा की प्राकृतिक नमी प्रभावित हो सकती है। अगर त्वचा बहुत तैलीय है तो ऑयली स्किन के लिए उपयुक्त हल्का क्लींजर इस्तेमाल किया जा सकता है। वहीं रूखी या संवेदनशील त्वचा वाले लोगों को ऐसा उत्पाद चुनना चाहिए जो त्वचा को जरूरत से ज्यादा ड्राई न करे।

    मानसून में लोग अक्सर यह सोचकर मॉइस्चराइजर लगाना छोड़ देते हैं कि वातावरण में पहले से ही नमी है। लेकिन त्वचा को मॉइस्चराइज रखना फिर भी जरूरी है। इस मौसम में हल्का और नॉन कॉमेडोजेनिक मॉइस्चराइजर इस्तेमाल किया जा सकता है। इससे त्वचा में नमी बनी रहने में मदद मिलती है और भारीपन या अत्यधिक चिपचिपाहट भी महसूस नहीं होती।

    बारिश के मौसम में धूप कम नजर आने के बावजूद सनस्क्रीन को स्किन केयर रूटीन से बाहर नहीं करना चाहिए। बादलों के बीच भी पराबैंगनी किरणों का संपर्क त्वचा तक हो सकता है। इसलिए बाहर निकलते समय अपनी त्वचा के अनुसार ब्रॉड स्पेक्ट्रम सनस्क्रीन का इस्तेमाल करना बेहतर माना जाता है। लंबे समय तक बाहर रहने पर इसे दोबारा लगाने की जरूरत पड़ सकती है।

    मानसून में पसीना और नमी अधिक होने के कारण चेहरे को बार बार छूने की आदत से भी बचना चाहिए। हाथों पर मौजूद गंदगी और बैक्टीरिया चेहरे तक पहुंच सकते हैं और मुंहासों की समस्या बढ़ा सकते हैं। मेकअप करने वाले लोगों को भी रात में सोने से पहले मेकअप अच्छी तरह साफ करना चाहिए। गीले कपड़े पहनने या लंबे समय तक नम जूते मोजे इस्तेमाल करने से त्वचा पर फंगल संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है इसलिए शरीर को साफ और सूखा रखना जरूरी है।

    स्किन की सेहत केवल बाहरी देखभाल से तय नहीं होती। मानसून में पर्याप्त पानी पीना संतुलित आहार लेना और पर्याप्त नींद लेना भी जरूरी है। मौसमी फल सब्जियां और पोषक तत्वों से भरपूर भोजन त्वचा के लिए फायदेमंद हो सकता है। बहुत ज्यादा तला भुना या अत्यधिक मीठा भोजन करने के बजाय संतुलित डाइट पर ध्यान देना बेहतर है।

    अगर त्वचा पर लगातार खुजली लाल चकत्ते सूजन दर्दनाक मुंहासे या किसी तरह का संक्रमण दिखाई दे तो घरेलू उपायों पर निर्भर रहने के बजाय त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लेना उचित है। हर व्यक्ति की त्वचा अलग होती है इसलिए किसी दूसरे व्यक्ति के स्किन केयर प्रोडक्ट को बिना सोचे समझे इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। मानसून में थोड़ी सी सावधानी और नियमित देखभाल से त्वचा को स्वस्थ साफ और तरोताजा बनाए रखने में मदद मिल सकती है।

  • स्किन केयर रूटीन में शामिल करें एलोवेरा जेल! जानें चेहरे पर लगाने का सही तरीका और जरूरी सावधानियां

    स्किन केयर रूटीन में शामिल करें एलोवेरा जेल! जानें चेहरे पर लगाने का सही तरीका और जरूरी सावधानियां


    नई दिल्ली । स्किन केयर की बात आती है तो एलोवेरा को लंबे समय से त्वचा के लिए उपयोगी माना जाता है। एलोवेरा जेल अपनी ठंडी और soothing प्रकृति के कारण त्वचा को शांत महसूस कराने में मदद कर सकता है। खासतौर पर गर्मी और धूप के कारण त्वचा में होने वाली जलन या रूखेपन के समय एलोवेरा का इस्तेमाल किया जाता है। हालांकि हर व्यक्ति की त्वचा अलग होती है इसलिए किसी भी घरेलू उपाय को चेहरे पर इस्तेमाल करने से पहले सावधानी रखना जरूरी है।

    चेहरे की देखभाल के लिए सबसे पहले साफ और ताजा एलोवेरा जेल लिया जा सकता है। यदि पौधे से जेल निकाल रहे हैं तो पत्ते को अच्छी तरह धोकर उसमें मौजूद पीले रंग का लेटेक्स अलग कर दें। इसके बाद पारदर्शी जेल को निकालकर चेहरे पर हल्के हाथों से लगाया जा सकता है। इसे कुछ देर त्वचा पर रहने देने के बाद साफ पानी से चेहरा धो लें। पहली बार इस्तेमाल करने वालों को पूरे चेहरे पर लगाने के बजाय त्वचा के छोटे हिस्से पर पैच टेस्ट करना बेहतर माना जाता है।

    एलोवेरा जेल त्वचा को नमी देने में मदद कर सकता है। जिन लोगों की त्वचा रूखी रहती है वे अपने स्किन केयर रूटीन में एलोवेरा को शामिल कर सकते हैं। इसे अकेले इस्तेमाल करने के अलावा अपनी त्वचा के अनुसार किसी उपयुक्त moisturizer के साथ भी रूटीन में शामिल किया जा सकता है। हालांकि एलोवेरा को किसी भी सामग्री के साथ मिलाकर लगाने से पहले यह समझना जरूरी है कि वह आपकी त्वचा के लिए सुरक्षित है या नहीं।

    धूप में ज्यादा समय बिताने के बाद त्वचा गर्म और संवेदनशील महसूस हो सकती है। ऐसे समय एलोवेरा जेल त्वचा को ठंडक देने वाला एहसास दे सकता है। लेकिन अगर त्वचा पर गंभीर जलन छाले या तेज दर्द हो तो केवल घरेलू उपायों पर निर्भर नहीं रहना चाहिए और त्वचा विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर होता है।

    ऑयली स्किन वाले लोग भी एलोवेरा का इस्तेमाल कर सकते हैं। हालांकि एलोवेरा को मुंहासों का निश्चित इलाज नहीं माना जाना चाहिए। अगर चेहरे पर लगातार पिंपल्स निकल रहे हैं तो समस्या के कारण को समझना जरूरी है। बिना सलाह के नींबू बेकिंग सोडा या अन्य तेज सामग्री के साथ एलोवेरा मिलाकर लगाने से बचना चाहिए क्योंकि इससे त्वचा में जलन या irritation बढ़ सकती है।

    एलोवेरा इस्तेमाल करते समय एक और जरूरी बात इसकी शुद्धता है। बाजार में मिलने वाले हर एलोवेरा जेल की गुणवत्ता एक जैसी नहीं होती। इसलिए उत्पाद खरीदते समय उसके ingredients और इस्तेमाल से जुड़ी जानकारी जरूर पढ़ें। खुशबू या अन्य additives वाले उत्पाद संवेदनशील त्वचा पर परेशानी पैदा कर सकते हैं।

    स्किन केयर में एलोवेरा को किसी जादुई उपाय की तरह देखने के बजाय एक सामान्य soothing और moisturizing ingredient के रूप में इस्तेमाल करना बेहतर है। त्वचा को स्वस्थ रखने के लिए पर्याप्त पानी पीना संतुलित आहार लेना अच्छी नींद लेना और रोजाना उपयुक्त sunscreen का इस्तेमाल करना भी जरूरी है। अगर एलोवेरा लगाने के बाद लालिमा खुजली या जलन महसूस हो तो तुरंत इस्तेमाल बंद कर दें।

  • चेहरे की चमक खो गई है तो बदलें अपनी डेली रूटीन, त्वचा की देखभाल के ये तरीके आएंगे काम

    चेहरे की चमक खो गई है तो बदलें अपनी डेली रूटीन, त्वचा की देखभाल के ये तरीके आएंगे काम


    नई दिल्ली। खूबसूरत और स्वस्थ त्वचा हर किसी की चाहत होती है लेकिन बदलता मौसम धूल मिट्टी प्रदूषण तनाव और अनियमित दिनचर्या त्वचा की प्राकृतिक चमक को प्रभावित कर सकते हैं। कई बार लोग चेहरे पर चमक लाने के लिए तरह तरह के कॉस्मेटिक प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करते हैं लेकिन त्वचा की सही देखभाल के लिए महंगे उत्पादों से ज्यादा जरूरी एक अच्छी और नियमित स्किन केयर रूटीन है। अगर त्वचा को पर्याप्त नमी मिले और उसे धूप प्रदूषण तथा गंदगी से बचाया जाए तो लंबे समय तक त्वचा को स्वस्थ बनाए रखने में मदद मिल सकती है।

    स्किन केयर की शुरुआत चेहरे की सफाई से करनी चाहिए। दिनभर त्वचा पर धूल मिट्टी पसीना और प्रदूषण जमा हो सकता है। इसलिए सुबह और रात चेहरे को अपनी त्वचा के प्रकार के अनुसार उपयुक्त क्लींजर से साफ करना जरूरी है। बहुत ज्यादा बार चेहरा धोने से भी बचना चाहिए क्योंकि इससे त्वचा की प्राकृतिक नमी कम हो सकती है और रूखापन बढ़ सकता है। संवेदनशील त्वचा वाले लोगों को खासतौर पर तेज खुशबू या कठोर सामग्री वाले उत्पादों के इस्तेमाल से सावधानी बरतनी चाहिए।

    त्वचा को स्वस्थ रखने के लिए मॉइस्चराइजर का इस्तेमाल भी बेहद जरूरी माना जाता है। तैलीय त्वचा वाले लोगों को हल्के और नॉन कॉमेडोजेनिक मॉइस्चराइजर का चुनाव करना चाहिए जबकि रूखी त्वचा के लिए थोड़ा अधिक हाइड्रेटिंग मॉइस्चराइजर उपयोगी हो सकता है। नियमित मॉइस्चराइजिंग त्वचा की नमी बनाए रखने में मदद करती है और त्वचा को मुलायम महसूस करा सकती है।

    धूप से त्वचा की सुरक्षा भी स्किन केयर का अहम हिस्सा है। सूर्य की अल्ट्रावायलेट किरणों के लंबे समय तक संपर्क में रहने से त्वचा पर टैनिंग और समय से पहले उम्र बढ़ने के संकेत दिखाई दे सकते हैं। इसलिए बाहर निकलने से पहले ब्रॉड स्पेक्ट्रम सनस्क्रीन का इस्तेमाल करना बेहतर माना जाता है। लंबे समय तक धूप में रहने की स्थिति में सनस्क्रीन को दोबारा लगाने की जरूरत पड़ सकती है। इसके साथ छाता या टोपी जैसी चीजों की मदद से भी धूप से बचाव किया जा सकता है।

    त्वचा की खूबसूरती केवल बाहर से इस्तेमाल किए जाने वाले उत्पादों पर निर्भर नहीं करती। पर्याप्त पानी पीना पौष्टिक भोजन लेना और पर्याप्त नींद लेना भी त्वचा के लिए महत्वपूर्ण है। डाइट में मौसमी फल हरी सब्जियां साबुत अनाज दालें बीज और नट्स जैसी पौष्टिक चीजों को शामिल किया जा सकता है। बहुत ज्यादा तला हुआ भोजन और अत्यधिक मीठे खाद्य पदार्थों का सेवन कम करना भी बेहतर विकल्प हो सकता है।


    त्वचा की खूबसूरती केवल बाहर से इस्तेमाल किए जाने वाले उत्पादों पर निर्भर नहीं करती। पर्याप्त पानी पीना पौष्टिक भोजन लेना और पर्याप्त नींद लेना भी त्वचा के लिए महत्वपूर्ण है। डाइट में मौसमी फल हरी सब्जियां साबुत अनाज दालें बीज और नट्स जैसी पौष्टिक चीजों को शामिल किया जा सकता है। बहुत ज्यादा तला हुआ भोजन और अत्यधिक मीठे खाद्य पदार्थों का सेवन कम करना भी बेहतर विकल्प हो सकता है।

    तनाव और नींद की कमी का असर भी चेहरे पर दिखाई दे सकता है। इसलिए रोजाना पर्याप्त नींद लेने और तनाव को कम करने की कोशिश करनी चाहिए। नियमित व्यायाम भी शरीर में रक्त संचार को बेहतर बनाए रखने में मदद करता है। हालांकि किसी भी घरेलू नुस्खे या नए स्किन केयर प्रोडक्ट को चेहरे पर इस्तेमाल करने से पहले पैच टेस्ट करना समझदारी है।

    अगर त्वचा पर लगातार मुंहासे खुजली लालिमा दाने अत्यधिक रूखापन या किसी अन्य तरह की समस्या बनी रहती है तो खुद से उपचार करने के बजाय त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर है। सही त्वचा प्रकार की पहचान और जरूरत के अनुसार उत्पादों का इस्तेमाल ही बेहतर स्किन केयर की कुंजी है। नियमित सफाई मॉइस्चराइजिंग धूप से बचाव पौष्टिक आहार और अच्छी नींद को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाकर त्वचा को लंबे समय तक स्वस्थ और प्राकृतिक रूप से निखरा हुआ रखने में मदद मिल सकती है।
  • महंगे ब्यूटी प्रोडक्ट्स छोड़िए एवोकाडो से पाएं निखरी और मुलायम त्वचा जानें इस्तेमाल का सही तरीका

    महंगे ब्यूटी प्रोडक्ट्स छोड़िए एवोकाडो से पाएं निखरी और मुलायम त्वचा जानें इस्तेमाल का सही तरीका


    नई दिल्ली। आजकल त्वचा को स्वस्थ और चमकदार बनाए रखने के लिए लोग तरह तरह के ब्यूटी प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करते हैं लेकिन कई बार साधारण और प्राकृतिक चीजें भी स्किन केयर रूटीन में उपयोगी साबित हो सकती हैं। एवोकाडो ऐसा ही एक फल है जो अपने पोषक तत्वों के कारण डाइट के साथ साथ त्वचा की देखभाल के लिए भी लोकप्रिय है। इसमें हेल्दी फैट्स विटामिन ई विटामिन सी और कई एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं जो त्वचा को मॉइस्चराइज रखने और रूखेपन को कम करने में मदद कर सकते हैं।

    अगर आपकी त्वचा रूखी और बेजान नजर आती है तो एवोकाडो से बना फेस मास्क एक आसान घरेलू विकल्प हो सकता है। इसके लिए पके हुए एवोकाडो को अच्छी तरह मैश करके उसका मुलायम पेस्ट तैयार करें। इसे साफ चेहरे पर हल्के हाथों से लगाएं और करीब 10 से 15 मिनट के बाद सामान्य पानी से चेहरा धो लें। इसके बाद त्वचा पर हल्का मॉइस्चराइजर लगाया जा सकता है। एवोकाडो में मौजूद फैट्स त्वचा को नमी देने में मदद कर सकते हैं जिससे चेहरा अधिक मुलायम महसूस हो सकता है।

    एवोकाडो में मौजूद विटामिन ई को त्वचा के लिए उपयोगी एंटीऑक्सीडेंट माना जाता है। यह त्वचा को फ्री रेडिकल्स से होने वाले नुकसान से बचाने में मदद कर सकता है। वहीं विटामिन सी त्वचा की सामान्य कोलेजन निर्माण प्रक्रिया में भूमिका निभाता है। यही वजह है कि संतुलित डाइट में एवोकाडो को शामिल करना त्वचा की सेहत के लिए भी फायदेमंद हो सकता है।

    एवोकाडो का इस्तेमाल केवल फेस मास्क के तौर पर ही नहीं बल्कि स्किन केयर रूटीन में मॉइस्चराइजिंग सामग्री के रूप में भी किया जाता है। कुछ लोग एवोकाडो पल्प को एलोवेरा जेल के साथ मिलाकर फेस पैक बनाते हैं। हालांकि हर व्यक्ति की त्वचा अलग होती है इसलिए किसी भी घरेलू नुस्खे को पूरे चेहरे पर लगाने से पहले पैच टेस्ट करना बेहतर रहता है। अगर त्वचा पर जलन खुजली या लालिमा दिखाई दे तो इसका इस्तेमाल तुरंत बंद कर देना चाहिए।

    अगर आपकी त्वचा बहुत ऑयली या मुहांसों वाली है तो एवोकाडो आधारित हेवी मास्क का इस्तेमाल सावधानी से करें। किसी भी प्राकृतिक सामग्री का मतलब यह नहीं है कि वह हर व्यक्ति की त्वचा के लिए सुरक्षित या उपयुक्त होगी। संवेदनशील त्वचा वाले लोगों को नए उत्पाद या घरेलू नुस्खे को अपनाने से पहले त्वचा विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर हो सकता है।

    स्किन केयर के साथ खानपान का भी त्वचा की सेहत पर असर पड़ता है। एवोकाडो को डाइट में शामिल करने से शरीर को हेल्दी फैट्स फाइबर और कई जरूरी पोषक तत्व मिल सकते हैं। इसे सलाद स्मूदी या टोस्ट के साथ लिया जा सकता है। हालांकि किसी एक फल को त्वचा की सभी समस्याओं का समाधान नहीं माना जा सकता। पर्याप्त पानी संतुलित आहार अच्छी नींद और नियमित स्किन केयर भी उतने ही जरूरी हैं।

    इस तरह एवोकाडो को अपनी स्किन केयर और डाइट का हिस्सा बनाकर त्वचा को नमी और पोषण देने में मदद मिल सकती है। लेकिन बेहतर परिणाम के लिए अपनी त्वचा के प्रकार को समझना और किसी भी नए घरेलू प्रयोग को सावधानी से शुरू करना जरूरी है।

  • राइस स्किन केयर का बढ़ता ट्रेंड जानिए चावल से कैसे बनाएं बेदाग दमकती और मुलायम त्वचा

    राइस स्किन केयर का बढ़ता ट्रेंड जानिए चावल से कैसे बनाएं बेदाग दमकती और मुलायम त्वचा


    नई दिल्ली। चावल लगभग हर भारतीय रसोई का अहम हिस्सा है लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि यह त्वचा की देखभाल के लिए भी बेहद फायदेमंद माना जाता है। एशियाई देशों में सदियों से चावल और चावल के पानी का उपयोग प्राकृतिक ब्यूटी ट्रीटमेंट के रूप में किया जाता रहा है। आज भी कई लोग महंगे ब्यूटी प्रोडक्ट्स की जगह राइस स्किन केयर को अपनाकर अपनी त्वचा को स्वस्थ और चमकदार बनाए रखते हैं। चावल में मौजूद विटामिन बी अमीनो एसिड एंटीऑक्सीडेंट और मिनरल्स त्वचा को पोषण देने में मदद करते हैं जिससे चेहरा साफ मुलायम और आकर्षक दिखाई देता है।

    राइस वॉटर यानी चावल का पानी त्वचा के लिए सबसे ज्यादा लोकप्रिय घरेलू उपायों में से एक है। चावल धोने या भिगोने के बाद बचा हुआ पानी कई पोषक तत्वों से भरपूर होता है। इसे चेहरे पर लगाने से त्वचा को ठंडक मिलती है और त्वचा की नमी लंबे समय तक बनी रहती है। नियमित उपयोग से त्वचा की बनावट में सुधार हो सकता है और चेहरा पहले से ज्यादा फ्रेश दिखाई देने लगता है।

    चावल में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट त्वचा को फ्री रेडिकल्स से होने वाले नुकसान से बचाने में मदद करते हैं। बढ़ती उम्र के साथ चेहरे पर झुर्रियां और फाइन लाइन्स दिखाई देने लगती हैं लेकिन सही स्किन केयर के साथ राइस वॉटर का उपयोग त्वचा को स्वस्थ बनाए रखने में सहायक माना जाता है। इससे त्वचा अधिक टाइट और चमकदार महसूस होती है।

    अगर चेहरे पर टैनिंग या दाग धब्बों की समस्या है तो चावल का फेस पैक भी उपयोगी साबित हो सकता है। इसके लिए चावल को पीसकर उसका महीन पाउडर तैयार करें और उसमें दही शहद या गुलाब जल मिलाकर पेस्ट बना लें। इस मिश्रण को चेहरे पर पंद्रह से बीस मिनट तक लगाकर रखें और फिर साफ पानी से धो लें। इससे त्वचा की गहराई से सफाई होती है और चेहरे पर प्राकृतिक निखार दिखाई देने लगता है।

    राइस वॉटर का इस्तेमाल प्राकृतिक फेस टोनर के रूप में भी किया जा सकता है। एक कॉटन की मदद से इसे चेहरे पर लगाएं और सूखने दें। इससे त्वचा ताजगी महसूस करती है और अतिरिक्त तेल को नियंत्रित करने में भी मदद मिल सकती है। गर्मियों के मौसम में ठंडा राइस वॉटर चेहरे को आराम देने का भी काम करता है।

    हालांकि हर व्यक्ति की त्वचा अलग होती है इसलिए किसी भी घरेलू उपाय को अपनाने से पहले त्वचा के एक छोटे हिस्से पर परीक्षण करना बेहतर रहता है। यदि किसी तरह की एलर्जी या जलन महसूस हो तो इसका उपयोग बंद कर देना चाहिए। साथ ही केवल घरेलू उपायों पर निर्भर रहने के बजाय संतुलित आहार पर्याप्त पानी अच्छी नींद और नियमित स्किन केयर रूटीन भी जरूरी है।

    अगर आप बिना ज्यादा खर्च किए अपनी त्वचा की देखभाल करना चाहते हैं तो चावल और राइस वॉटर आपकी दिनचर्या का हिस्सा बन सकते हैं। सही तरीके से और नियमित उपयोग करने पर यह त्वचा को स्वस्थ मुलायम और प्राकृतिक चमक देने में मदद कर सकता है। प्राकृतिक उपायों की सबसे बड़ी खासियत यही है कि वे धीरे धीरे लेकिन लंबे समय तक असर दिखाते हैं और त्वचा को अंदर से पोषण देने का काम करते हैं।

  • महंगे प्रोडक्ट नहीं रोज की सही स्किन केयर दिलाएगी नैचुरल ग्लो जानिए त्वचा को स्वस्थ रखने के जरूरी नियम

    महंगे प्रोडक्ट नहीं रोज की सही स्किन केयर दिलाएगी नैचुरल ग्लो जानिए त्वचा को स्वस्थ रखने के जरूरी नियम


    नई दिल्ली। खूबसूरत और स्वस्थ त्वचा केवल महंगे ब्यूटी प्रोडक्ट्स से नहीं बल्कि सही और नियमित स्किन केयर रूटीन से मिलती है। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में धूल मिट्टी प्रदूषण तेज धूप और तनाव का सबसे ज्यादा असर हमारी त्वचा पर दिखाई देता है। यदि रोजाना कुछ आसान आदतों को अपनाया जाए तो त्वचा लंबे समय तक साफ चमकदार और जवां बनी रह सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि नियमित स्किन केयर केवल सुंदरता ही नहीं बल्कि त्वचा के स्वास्थ्य के लिए भी बेहद जरूरी है।

    दिन की शुरुआत चेहरे की अच्छी सफाई से करें। सुबह उठने के बाद अपने स्किन टाइप के अनुसार हल्के फेसवॉश से चेहरा धोएं ताकि रातभर जमा अतिरिक्त तेल और गंदगी साफ हो जाए। इसके बाद त्वचा पर हल्का मॉइस्चराइजर लगाएं जिससे त्वचा में नमी बनी रहे। यदि आप घर से बाहर निकल रहे हैं तो सनस्क्रीन लगाना बिल्कुल न भूलें। तेज धूप की अल्ट्रावायलेट किरणें समय से पहले झुर्रियां दाग धब्बे और टैनिंग का कारण बन सकती हैं।

    दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पीना भी स्वस्थ त्वचा के लिए जरूरी है। शरीर में पानी की कमी होने पर त्वचा बेजान और रूखी दिखाई देने लगती है। रोजाना पर्याप्त पानी पीने से शरीर के विषैले तत्व बाहर निकलते हैं और त्वचा प्राकृतिक रूप से चमकदार बनी रहती है। इसके साथ ही मौसमी फल हरी सब्जियां सूखे मेवे और विटामिन सी से भरपूर आहार त्वचा को अंदर से पोषण देते हैं।

    रात की स्किन केयर भी उतनी ही जरूरी होती है। सोने से पहले चेहरा अच्छी तरह साफ करें ताकि दिनभर की धूल मिट्टी मेकअप और प्रदूषण त्वचा से हट जाए। इसके बाद नाइट क्रीम या हल्का मॉइस्चराइजर लगाएं जिससे त्वचा रातभर रिपेयर हो सके। यदि त्वचा पर मुंहासे या पिगमेंटेशन जैसी समस्या है तो त्वचा विशेषज्ञ की सलाह से ही कोई उपचार अपनाएं।

    सप्ताह में एक या दो बार चेहरे को हल्के स्क्रब से एक्सफोलिएट करना भी फायदेमंद माना जाता है। इससे त्वचा की मृत कोशिकाएं हटती हैं और नई कोशिकाओं का निर्माण बेहतर होता है। हालांकि जरूरत से ज्यादा स्क्रब करने से त्वचा को नुकसान भी हो सकता है इसलिए संतुलन बनाए रखना जरूरी है।

    तनाव और नींद की कमी भी त्वचा की चमक को प्रभावित करती है। रोजाना सात से आठ घंटे की अच्छी नींद लेने से त्वचा को आराम मिलता है और चेहरे पर प्राकृतिक निखार दिखाई देता है। योग ध्यान और हल्की एक्सरसाइज करने से रक्त संचार बेहतर होता है जिससे त्वचा स्वस्थ रहती है।

    धूम्रपान और अत्यधिक जंक फूड का सेवन त्वचा को समय से पहले बूढ़ा बना सकता है। इसलिए संतुलित जीवनशैली अपनाना भी स्किन केयर का महत्वपूर्ण हिस्सा है। याद रखें कि हर व्यक्ति की त्वचा अलग होती है इसलिए किसी भी नए प्रोडक्ट का उपयोग करने से पहले उसकी गुणवत्ता और अपनी त्वचा की जरूरत को समझना जरूरी है।

    यदि रोजाना कुछ मिनट अपनी त्वचा की देखभाल के लिए निकाले जाएं तो बिना महंगे उपचार के भी लंबे समय तक स्वस्थ मुलायम और चमकदार त्वचा पाई जा सकती है। नियमित स्किन केयर और संतुलित खानपान ही प्राकृतिक सुंदरता का सबसे बड़ा राज माना जाता है।