Tag: glowing skin

  • Glowing Skin Tips: चेहरे पर बेसन लगाने से पहले जान लें सही तरीका और जरूरी सावधानियां

    Glowing Skin Tips: चेहरे पर बेसन लगाने से पहले जान लें सही तरीका और जरूरी सावधानियां


    नई दिल्ली । खूबसूरत और साफ त्वचा पाने के लिए हमेशा महंगे ब्यूटी प्रोडक्ट्स की जरूरत नहीं होती। रसोई में मौजूद बेसन का इस्तेमाल भी चेहरे की सफाई के लिए किया जा सकता है। बेसन त्वचा की सतह पर मौजूद अतिरिक्त तेल और गंदगी हटाने में मदद कर सकता है। हालांकि हर व्यक्ति की त्वचा अलग होती है इसलिए बेसन का इस्तेमाल अपनी स्किन टाइप के अनुसार करना चाहिए। सही तरीके से इस्तेमाल करने पर त्वचा साफ और मुलायम महसूस हो सकती है। वहीं गलत तरीके से लगाने या चेहरे को जोर से रगड़ने से रूखापन और जलन की समस्या भी हो सकती है।
    ऑयली स्किन के लिए बेसन
    जिन लोगों की त्वचा ऑयली होती है उनके चेहरे पर अतिरिक्त तेल के कारण चिपचिपाहट नजर आ सकती है। ऐसे में बेसन और पानी से तैयार किया गया हल्का पेस्ट चेहरे की सफाई के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके लिए एक कटोरी में थोड़ा बेसन लेकर उसमें जरूरत के अनुसार पानी मिलाएं। तैयार पेस्ट को चेहरे पर हल्के हाथों से लगाएं और थोड़ी देर बाद पानी से धो लें। बेसन को चेहरे पर पूरी तरह सूखने तक न छोड़ें और न ही त्वचा को जोर से रगड़ें। यदि चेहरे पर खिंचाव या जलन महसूस हो तो इसका इस्तेमाल बंद कर दें। ध्यान रखें कि बेसन मुंहासों का प्रमाणित इलाज नहीं है।
    रूखी त्वचा के लिए दही
    रूखी त्वचा वाले लोगों को बेसन का इस्तेमाल सावधानी से करना चाहिए क्योंकि इससे कुछ लोगों की त्वचा और ज्यादा रूखी हो सकती है। बेसन में थोड़ा सादा दही मिलाकर हल्का फेस पैक बनाया जा सकता है। इस मिश्रण को चेहरे पर थोड़ी देर लगाएं और फिर सामान्य पानी से धो लें। इसके बाद त्वचा के अनुसार मॉइस्चराइजर लगाना जरूरी है। यदि दही से खुजली या जलन होती है तो इसका इस्तेमाल न करें। संवेदनशील त्वचा वाले लोगों को कोई भी नया घरेलू नुस्खा आजमाने से पहले पैच टेस्ट करना चाहिए।
    बेसन और शहद का फेस पैक
    बेसन के साथ शहद मिलाकर भी फेस पैक बनाया जाता है। कुछ लोगों को इससे त्वचा मुलायम महसूस हो सकती है लेकिन इसका असर हर व्यक्ति पर एक जैसा नहीं होता। इसे बनाने के लिए थोड़े बेसन में शहद की कम मात्रा मिलाकर पेस्ट तैयार करें। इसे चेहरे पर लगाकर कुछ देर बाद पानी से साफ कर लें। यदि त्वचा पर लालिमा खुजली या जलन दिखाई दे तो इसका इस्तेमाल तुरंत बंद कर दें। चेहरे पर नींबू का रस या बेकिंग सोडा मिलाने से बचें क्योंकि इनसे त्वचा में जलन हो सकती है।
    ग्लोइंग स्किन के लिए जरूरी बातें
    चेहरे पर निखार बनाए रखने के लिए केवल बेसन के फेस पैक पर निर्भर रहना सही नहीं है। रोजाना हल्के क्लींजर से चेहरा साफ करें और त्वचा के अनुसार मॉइस्चराइजर लगाएं। दिन में बाहर निकलते समय ब्रॉड स्पेक्ट्रम सनस्क्रीन का इस्तेमाल करें। पर्याप्त नींद लेना और संतुलित आहार अपनाना भी त्वचा की देखभाल का हिस्सा है। बेसन का इस्तेमाल जरूरत के अनुसार करें और इसे रोजाना लगाने से बचें। यदि चेहरे पर लगातार मुंहासे दाग धब्बे या जलन की समस्या बनी रहती है तो त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लें। सही देखभाल और नियमित आदतों से त्वचा को स्वस्थ बनाए रखने में मदद मिल सकती है।
  • बेजान त्वचा और पिंपल्स से हैं परेशान, अपनाएं ये आसान घरेलू उपाय और रखें चेहरे की प्राकृतिक चमक बरकरार

    बेजान त्वचा और पिंपल्स से हैं परेशान, अपनाएं ये आसान घरेलू उपाय और रखें चेहरे की प्राकृतिक चमक बरकरार


    नई दिल्ली। आज के समय में हर कोई साफ निखरी और स्वस्थ त्वचा चाहता है लेकिन धूल प्रदूषण धूप तनाव खराब खानपान और अनियमित दिनचर्या का असर चेहरे पर साफ दिखाई देने लगता है। कई बार त्वचा बेजान नजर आने लगती है और पिंपल्स रूखापन ऑयली स्किन या टैनिंग जैसी समस्याएं भी परेशान करने लगती हैं। ऐसे में जरूरी नहीं कि हर बार महंगे स्किन केयर प्रोडक्ट्स का सहारा लिया जाए। रोज की कुछ आसान आदतों और घर में मौजूद सामान्य चीजों की मदद से त्वचा की बेहतर देखभाल की जा सकती है। हालांकि हर व्यक्ति की त्वचा अलग होती है इसलिए किसी भी घरेलू उपाय को चेहरे पर लगाने से पहले छोटे हिस्से पर पैच टेस्ट करना बेहतर रहता है।

    रूखी त्वचा के लिए एलोवेरा जेल एक आसान विकल्प हो सकता है। एलोवेरा त्वचा को नमी देने और उसे मुलायम बनाए रखने में मदद कर सकता है। इसे साफ चेहरे पर थोड़ी मात्रा में लगाया जा सकता है। अगर त्वचा बहुत ज्यादा रूखी है तो नियमित मॉइश्चराइजर का इस्तेमाल भी जरूरी है। नहाने के बाद या रात में सोने से पहले त्वचा को मॉइश्चराइज करने की आदत त्वचा की नमी बनाए रखने में मदद कर सकती है। घरेलू मॉइश्चराइजर के तौर पर एलोवेरा जेल और नारियल तेल जैसे मिश्रण भी इस्तेमाल किए जाते हैं लेकिन संवेदनशील या मुंहासे वाली त्वचा पर तेल लगाने से पहले सावधानी जरूरी है।

    चेहरे की प्राकृतिक चमक बनाए रखने के लिए खानपान पर भी ध्यान देना जरूरी है। पर्याप्त पानी पीने के साथ फल सब्जियां दालें नट्स और पोषक तत्वों से भरपूर भोजन को डाइट में शामिल करना त्वचा की सेहत के लिए फायदेमंद हो सकता है। विटामिन ए विटामिन ई ओमेगा 3 फैटी एसिड और जिंक जैसे पोषक तत्व त्वचा की सामान्य सेहत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। पर्याप्त नींद और तनाव कम रखना भी स्किन केयर का अहम हिस्सा है।

    अगर त्वचा पर पिंपल्स हैं तो बार बार चेहरा छूने या दाने दबाने से बचना चाहिए। चेहरे को जरूरत से ज्यादा धोना भी त्वचा की प्राकृतिक नमी को नुकसान पहुंचा सकता है। बहुत गर्म पानी और हार्श स्क्रब के इस्तेमाल से भी बचना बेहतर है। इसी तरह नींबू जैसे अम्लीय पदार्थों को सीधे चेहरे पर लगाने से जलन हो सकती है इसलिए ऐसे नुस्खों से सावधानी रखना जरूरी है।

    सबसे जरूरी बात यह है कि स्किन केयर को किसी एक घरेलू नुस्खे तक सीमित नहीं रखना चाहिए। चेहरे की नियमित सफाई मॉइश्चराइजर का इस्तेमाल धूप से बचाव संतुलित खानपान पर्याप्त नींद और पानी पीने की अच्छी आदतें लंबे समय में त्वचा को स्वस्थ रखने में मदद कर सकती हैं। अगर पिंपल्स दाग खुजली लालिमा या किसी अन्य त्वचा संबंधी समस्या लगातार बनी रहती है तो घरेलू नुस्खों पर निर्भर रहने के बजाय त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर होगा।

  • स्किन केयर के लिए महंगे प्रोडक्ट नहीं ये आसान आदतें अपनाएं त्वचा लंबे समय तक रहेगी साफ निखरी और स्वस्थ

    स्किन केयर के लिए महंगे प्रोडक्ट नहीं ये आसान आदतें अपनाएं त्वचा लंबे समय तक रहेगी साफ निखरी और स्वस्थ


    नई दिल्ली। आज के समय में हर कोई साफ निखरी और स्वस्थ त्वचा चाहता है लेकिन इसके लिए केवल महंगे ब्यूटी प्रोडक्ट का इस्तेमाल करना ही जरूरी नहीं है। त्वचा की सही देखभाल के लिए रोजमर्रा की कुछ आसान आदतों को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाना ज्यादा जरूरी है। धूल मिट्टी प्रदूषण धूप तनाव नींद की कमी और खानपान का सीधा असर हमारी त्वचा पर दिखाई दे सकता है। ऐसे में अगर स्किन केयर रूटीन को सही तरीके से अपनाया जाए तो त्वचा को लंबे समय तक स्वस्थ और चमकदार बनाए रखने में मदद मिल सकती है।

    स्किन केयर की शुरुआत चेहरे की सफाई से करनी चाहिए। दिनभर बाहर रहने के दौरान त्वचा पर धूल पसीना और गंदगी जमा हो जाती है। इसलिए त्वचा के प्रकार के अनुसार किसी हल्के क्लींजर से चेहरा साफ करना उपयोगी हो सकता है। हालांकि बहुत ज्यादा बार चेहरा धोने से त्वचा की प्राकृतिक नमी कम हो सकती है इसलिए जरूरत से ज्यादा सफाई करने से बचना चाहिए। चेहरे को साफ करने के बाद त्वचा को मॉइस्चराइज करना भी जरूरी है। तैलीय त्वचा वाले लोगों को हल्का और नॉन कॉमेडोजेनिक मॉइस्चराइजर पसंद आ सकता है जबकि रूखी त्वचा के लिए थोड़ा ज्यादा हाइड्रेटिंग मॉइस्चराइजर उपयोगी हो सकता है।

    धूप से त्वचा की सुरक्षा भी स्किन केयर का अहम हिस्सा है। लंबे समय तक तेज धूप में रहने से त्वचा पर टैनिंग और समय से पहले उम्र बढ़ने के संकेत दिखाई दे सकते हैं। इसलिए बाहर निकलते समय ब्रॉड स्पेक्ट्रम सनस्क्रीन का इस्तेमाल करना चाहिए और जरूरत के अनुसार इसे दोबारा लगाया जा सकता है। इसके साथ छाता टोपी और धूप से बचाने वाले कपड़ों का इस्तेमाल भी मददगार हो सकता है।

    त्वचा की खूबसूरती केवल बाहर से की जाने वाली देखभाल पर निर्भर नहीं करती। पर्याप्त पानी पीना संतुलित भोजन लेना और अच्छी नींद लेना भी जरूरी है। भोजन में फल सब्जियां दालें साबुत अनाज और पर्याप्त प्रोटीन शामिल करने से शरीर को जरूरी पोषक तत्व मिलते हैं। बहुत ज्यादा तला भुना और अत्यधिक मीठा भोजन नियमित रूप से लेने की आदत को कम करना बेहतर हो सकता है।

    इसके अलावा चेहरे को बार बार छूने और बिना जरूरत पिंपल दबाने से बचना चाहिए। मेकअप इस्तेमाल करने वाले लोगों के लिए रात में सोने से पहले मेकअप अच्छी तरह साफ करना जरूरी है। तकिए के कवर तौलिया और मेकअप ब्रश जैसी चीजों की नियमित सफाई भी स्वच्छता बनाए रखने में मदद करती है।

    अगर त्वचा पर लगातार मुंहासे खुजली लालिमा जलन दाग या किसी तरह का असामान्य बदलाव दिखाई दे रहा है तो केवल घरेलू उपायों पर निर्भर रहने के बजाय त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर है। सही स्किन केयर का मतलब बहुत सारे प्रोडक्ट इस्तेमाल करना नहीं बल्कि अपनी त्वचा की जरूरत समझकर नियमित और संतुलित देखभाल करना है। छोटी छोटी अच्छी आदतें लंबे समय में त्वचा को स्वस्थ रखने में मदद कर सकती हैं।

  • चेहरे की खूबसूरती के लिए अलसी का नुस्खा, घर पर बनाएं जेल और फेस पैक, जानें आसान तरीका

    चेहरे की खूबसूरती के लिए अलसी का नुस्खा, घर पर बनाएं जेल और फेस पैक, जानें आसान तरीका


    नई दिल्ली। अलसी को आमतौर पर सेहत के लिए फायदेमंद बीज माना जाता है लेकिन इसका इस्तेमाल त्वचा की देखभाल के लिए भी किया जाता है। अलसी में ओमेगा 3 फैटी एसिड और कई पोषक तत्व पाए जाते हैं जो त्वचा को नमी देने और उसे मुलायम बनाए रखने में मदद कर सकते हैं। बदलते मौसम में जब त्वचा रूखी और बेजान नजर आने लगती है तब अलसी से तैयार घरेलू स्किन केयर उपाय को आजमाया जा सकता है। हालांकि हर व्यक्ति की त्वचा अलग होती है इसलिए किसी भी घरेलू नुस्खे को चेहरे पर लगाने से पहले पैच टेस्ट करना जरूरी है।

    अलसी से स्किन केयर करने का सबसे आसान तरीका इसका जेल तैयार करना है। इसके लिए एक से दो चम्मच अलसी के बीज लें और इन्हें एक कप पानी में डालकर धीमी आंच पर कुछ मिनट तक उबालें। जब पानी थोड़ा गाढ़ा होकर जेल जैसा दिखाई देने लगे तो गैस बंद कर दें। मिश्रण को ठंडा होने के बाद छान लें। तैयार अलसी जेल को साफ चेहरे पर हल्की परत के रूप में लगाया जा सकता है। इसे कुछ समय के लिए त्वचा पर रहने दें और फिर सामान्य पानी से चेहरा धो लें।

    अलसी जेल त्वचा को नमी देने में मदद कर सकता है और ड्राई स्किन वाले लोगों के लिए यह घरेलू विकल्प उपयोगी हो सकता है। यदि त्वचा बहुत ज्यादा रूखी है तो अलसी जेल में थोड़ी मात्रा में एलोवेरा जेल मिलाकर भी लगाया जा सकता है। एलोवेरा त्वचा को ठंडक देने के लिए जाना जाता है और दोनों का मिश्रण त्वचा को हाइड्रेटेड महसूस कराने में मदद कर सकता है। हालांकि संवेदनशील त्वचा वाले लोगों को किसी भी नए मिश्रण का इस्तेमाल सावधानी से करना चाहिए।

    अलसी से फेस पैक बनाने के लिए अलसी के बीजों को हल्का पीसकर पाउडर तैयार किया जा सकता है। इसमें दही या एलोवेरा जेल की थोड़ी मात्रा मिलाकर पेस्ट बनाया जा सकता है। इस मिश्रण को चेहरे पर लगाकर कुछ देर के लिए छोड़ें और सूखने के बाद बिना ज्यादा रगड़े पानी से साफ कर लें। फेस पैक हटाते समय त्वचा को जोर से स्क्रब करने से बचना चाहिए क्योंकि इससे जलन या लालिमा हो सकती है।

    अलसी का इस्तेमाल स्किन केयर में करते समय कुछ बातों का ध्यान रखना भी जरूरी है। सबसे पहले तैयार जेल या फेस पैक को लगाने से पहले हाथ या कान के पीछे थोड़ी मात्रा लगाकर पैच टेस्ट करें। यदि खुजली जलन लालिमा या किसी तरह की एलर्जी दिखाई दे तो इसका इस्तेमाल बंद कर दें। चेहरे पर खुले घाव या गंभीर त्वचा समस्या होने पर घरेलू नुस्खे आजमाने के बजाय त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर है।

    इसके साथ ही केवल किसी एक घरेलू उपाय पर निर्भर रहने के बजाय रोजाना त्वचा की बुनियादी देखभाल करना जरूरी है। चेहरे को साफ रखना पर्याप्त पानी पीना संतुलित आहार लेना और धूप में निकलते समय सनस्क्रीन का इस्तेमाल त्वचा की देखभाल में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। अलसी से बना जेल या फेस पैक त्वचा को नमी देने में मदद कर सकता है लेकिन इससे किसी गंभीर त्वचा समस्या का इलाज होने का दावा नहीं किया जाना चाहिए।

    इस तरह अलसी को अपनी स्किन केयर रूटीन में एक सरल घरेलू विकल्प के रूप में शामिल किया जा सकता है। सही तरीके से और अपनी त्वचा के अनुसार इसका इस्तेमाल करने पर त्वचा को मुलायम और हाइड्रेटेड महसूस कराने में मदद मिल सकती है। सबसे जरूरी बात यह है कि त्वचा पर कुछ भी नया लगाने से पहले उसकी संवेदनशीलता को ध्यान में रखा जाए।

  • Skin Care Tips: चावल का पानी चेहरे पर लगाने से मिल सकती है त्वचा को ताजगी जानिए Rice Water के इस्तेमाल का आसान तरीका

    Skin Care Tips: चावल का पानी चेहरे पर लगाने से मिल सकती है त्वचा को ताजगी जानिए Rice Water के इस्तेमाल का आसान तरीका


    नई दिल्ली। चावल का पानी यानी Rice Water लंबे समय से घरेलू सौंदर्य देखभाल का हिस्सा रहा है। कई लोग इसे त्वचा को साफ और तरोताजा रखने के लिए इस्तेमाल करते हैं। चावल को भिगोने या उबालने के बाद बचने वाले पानी में स्टार्च और कुछ अन्य यौगिक मौजूद होते हैं जिन्हें पारंपरिक रूप से त्वचा की देखभाल से जोड़ा जाता है। हालांकि चावल के पानी को किसी त्वचा रोग का इलाज नहीं माना जाना चाहिए। सामान्य स्किन केयर रूटीन में इसे शामिल करने से पहले अपनी त्वचा के प्रकार और संवेदनशीलता को समझना जरूरी है।

    Rice Water तैयार करने का सबसे आसान तरीका चावल को पानी में भिगोना है। इसके लिए थोड़ी मात्रा में चावल लेकर उसे साफ पानी से धो लें और फिर पर्याप्त पानी में कुछ समय के लिए भिगोकर रखें। इसके बाद पानी को छानकर साफ बोतल में रखा जा सकता है। इसे चेहरे पर इस्तेमाल करने से पहले यह सुनिश्चित करें कि पानी साफ हो और लंबे समय तक कमरे के तापमान पर रखा हुआ न हो। ताजा तैयार किया गया पानी इस्तेमाल करना अधिक उचित है क्योंकि घरेलू तरीके से तैयार किए गए मिश्रण में दूषित होने की संभावना हो सकती है।

    चेहरे पर Rice Water इस्तेमाल करने के लिए सबसे पहले त्वचा को हल्के फेस वॉश से साफ करें। इसके बाद कॉटन पैड या साफ हाथों की मदद से थोड़ी मात्रा में चावल का पानी चेहरे पर लगाया जा सकता है। इसे कुछ समय त्वचा पर रहने देने के बाद सामान्य पानी से चेहरा धो सकते हैं। यदि त्वचा पर किसी तरह की जलन या असहजता महसूस हो तो तुरंत इस्तेमाल बंद कर देना चाहिए। इसके बाद त्वचा की जरूरत के अनुसार मॉइस्चराइजर लगाया जा सकता है।

    Rice Water को लेकर सोशल मीडिया पर त्वचा की रंगत निखारने और दाग धब्बे कम करने जैसे कई दावे किए जाते हैं लेकिन इन दावों के लिए मजबूत वैज्ञानिक प्रमाण सीमित हैं। इसलिए इसे तुरंत गोरा करने या पिगमेंटेशन पूरी तरह खत्म करने वाले उपाय के रूप में देखना सही नहीं होगा। त्वचा की देखभाल के लिए रोजाना सनस्क्रीन लगाना पर्याप्त मॉइस्चराइजिंग करना और त्वचा को साफ रखना ज्यादा महत्वपूर्ण है।

    अगर आपकी त्वचा संवेदनशील है तो चेहरे पर Rice Water लगाने से पहले पैच टेस्ट करना बेहतर रहेगा। हाथ या कान के पीछे थोड़ी मात्रा लगाकर देखें और कुछ समय तक त्वचा की प्रतिक्रिया पर ध्यान दें। लालिमा खुजली जलन या सूजन दिखाई दे तो इसका इस्तेमाल न करें। सक्रिय मुहांसे घाव या किसी त्वचा संक्रमण की स्थिति में घरेलू नुस्खे आजमाने के बजाय त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर है।

    Rice Water को स्किन केयर रूटीन में शामिल करते समय स्वच्छता का भी ध्यान रखना चाहिए। इसे लंबे समय तक स्टोर करके रखने से बचें और गंध या रंग में बदलाव आने पर इस्तेमाल न करें। किसी भी घरेलू नुस्खे की तरह इसका असर हर व्यक्ति की त्वचा पर अलग हो सकता है। नियमित और संतुलित स्किन केयर के साथ पर्याप्त नींद पानी का सेवन पौष्टिक भोजन और धूप से बचाव भी त्वचा को स्वस्थ रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

    इस तरह Rice Water को त्वचा की सामान्य देखभाल के लिए एक आसान घरेलू विकल्प के तौर पर आजमाया जा सकता है लेकिन इसे किसी चमत्कारी ब्यूटी ट्रीटमेंट की तरह नहीं देखना चाहिए। सही तरीके से इस्तेमाल और सावधानी के साथ यह आपकी स्किन केयर रूटीन का एक छोटा हिस्सा बन सकता है।

  • त्वचा की नमी बनाए रखने में मददगार है ग्लिसरीन, ऐसे करें इस्तेमाल और पाएं सॉफ्ट स्किन

    त्वचा की नमी बनाए रखने में मददगार है ग्लिसरीन, ऐसे करें इस्तेमाल और पाएं सॉफ्ट स्किन


    नई दिल्ली। आजकल त्वचा को मुलायम और हाइड्रेटेड रखने के लिए लोग तरह तरह के स्किन केयर प्रोडक्ट्स इस्तेमाल करते हैं। लेकिन कई बार साधारण और आसानी से मिलने वाली चीजें भी त्वचा की नमी बनाए रखने में मदद कर सकती हैं। ग्लिसरीन भी ऐसा ही एक लोकप्रिय मॉइस्चराइजिंग घटक है जिसका इस्तेमाल कई क्रीम और मॉइस्चराइजर में किया जाता है। त्वचा विशेषज्ञों की सलाह में भी ग्लिसरीन को ऐसे घटकों में शामिल किया जाता है जो रूखी त्वचा को नमी देने में मदद कर सकते हैं।

    ग्लिसरीन को ह्यूमेक्टेंट माना जाता है। इसका मतलब है कि यह त्वचा की सतह पर नमी बनाए रखने में मदद करता है। खासकर जिन लोगों की त्वचा रूखी रहती है उनके लिए ग्लिसरीन युक्त मॉइस्चराइजर उपयोगी हो सकता है। हालांकि चेहरे पर सीधे ग्लिसरीन लगाने से पहले यह समझना जरूरी है कि इसे किस तरह और किस चीज के साथ इस्तेमाल किया जाए। हर व्यक्ति की त्वचा अलग होती है इसलिए किसी भी नए प्रोडक्ट को इस्तेमाल करने से पहले पैच टेस्ट करना बेहतर रहता है।

    अगर आप ग्लिसरीन को स्किन केयर रूटीन में शामिल करना चाहते हैं तो सबसे पहले चेहरे को किसी माइल्ड क्लींजर से साफ करें। त्वचा को जोर से रगड़ने से बचें क्योंकि इससे जलन और रूखापन बढ़ सकता है। अमेरिकन एकेडमी ऑफ डर्मेटोलॉजी भी चेहरे की सफाई के लिए हल्के क्लींजर और गुनगुने पानी का इस्तेमाल करने की सलाह देती है।

    चेहरा साफ करने के बाद त्वचा को पूरी तरह सुखाने के बजाय हल्का नम रहने दें। इसके बाद ग्लिसरीन वाले मॉइस्चराइजर या उपयुक्त स्किन केयर प्रोडक्ट का इस्तेमाल किया जा सकता है। नम त्वचा पर मॉइस्चराइजर लगाने से नमी को बनाए रखने में मदद मिल सकती है। त्वचा विशेषज्ञ भी नहाने या चेहरा धोने के बाद नम त्वचा पर मॉइस्चराइजर लगाने की सलाह देते हैं।

    ग्लिसरीन का इस्तेमाल खास तौर पर रूखी त्वचा में फायदेमंद हो सकता है। इससे त्वचा में नमी बनी रहने में मदद मिलती है और रूखापन कम महसूस हो सकता है। नियमित मॉइस्चराइजिंग से त्वचा अधिक मुलायम महसूस हो सकती है। हालांकि ग्लिसरीन को चेहरे पर लगाने से यह दावा नहीं किया जा सकता कि इससे रंग बदल जाएगा या किसी तरह की त्वचा संबंधी समस्या पूरी तरह ठीक हो जाएगी।

    स्किन केयर में एक और जरूरी बात यह है कि जरूरत से ज्यादा प्रोडक्ट इस्तेमाल न किए जाएं। कई अलग अलग एक्टिव प्रोडक्ट एक साथ लगाने से संवेदनशील त्वचा में जलन हो सकती है। त्वचा विशेषज्ञों के अनुसार स्किन केयर प्रोडक्ट लगाने का क्रम भी महत्वपूर्ण होता है। सामान्य तौर पर चेहरा साफ करने के बाद ट्रीटमेंट प्रोडक्ट और फिर मॉइस्चराइजर या सनस्क्रीन लगाया जाता है।

    दिन के समय स्किन केयर करते हुए सनस्क्रीन को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। धूप से त्वचा को होने वाले नुकसान से बचाने के लिए ब्रॉड स्पेक्ट्रम सनस्क्रीन का इस्तेमाल जरूरी माना जाता है। केवल ग्लिसरीन लगाने से धूप से त्वचा की सुरक्षा नहीं होती इसलिए मॉइस्चराइजिंग के साथ सन प्रोटेक्शन भी स्किन केयर रूटीन का हिस्सा होना चाहिए।

    अगर ग्लिसरीन या किसी नए स्किन केयर प्रोडक्ट को लगाने के बाद जलन लालिमा खुजली या असहजता महसूस हो तो उसका इस्तेमाल रोक देना चाहिए। लगातार समस्या रहने पर त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर है। खासकर बहुत संवेदनशील त्वचा या पहले से किसी त्वचा रोग से परेशान लोगों को घरेलू प्रयोग करने के बजाय विशेषज्ञ की सलाह लेनी चाहिए।

    इस तरह ग्लिसरीन को स्किन केयर रूटीन में शामिल करने का सबसे आसान तरीका इसे किसी उपयुक्त मॉइस्चराइजर या ग्लिसरीन युक्त प्रोडक्ट के रूप में इस्तेमाल करना है। सही तरीके से इस्तेमाल करने पर यह त्वचा की नमी बनाए रखने में मदद कर सकता है और रूखी त्वचा को मुलायम महसूस कराने में उपयोगी हो सकता है।

  • स्किन केयर में सिरके का इस्तेमाल करने से पहले जान लें ये जरूरी बातें वरना त्वचा को हो सकता है नुकसान

    स्किन केयर में सिरके का इस्तेमाल करने से पहले जान लें ये जरूरी बातें वरना त्वचा को हो सकता है नुकसान


    नई दिल्ली । स्किन केयर के लिए लोग तरह तरह के घरेलू नुस्खे आजमाते हैं। इन्हीं में सिरका भी शामिल है जिसका इस्तेमाल कुछ लोग त्वचा की सफाई और अतिरिक्त तेल को कम करने के लिए करते हैं। खासतौर पर एप्पल साइडर विनेगर को लेकर इंटरनेट पर कई तरह के दावे किए जाते हैं। हालांकि सिरका एक अम्लीय पदार्थ है इसलिए इसे चेहरे पर सीधे लगाना त्वचा के लिए परेशानी पैदा कर सकता है। स्किन केयर में इसका इस्तेमाल करने से पहले इसके संभावित फायदे और सावधानियों को समझना जरूरी है।

    सिरके में एसिटिक एसिड मौजूद होता है। इसी अम्लीय प्रकृति की वजह से यह त्वचा के पीएच को प्रभावित कर सकता है। कुछ लोगों का मानना है कि पतला किया हुआ सिरका त्वचा से अतिरिक्त तेल और गंदगी हटाने में मदद कर सकता है। लेकिन हर व्यक्ति की त्वचा अलग होती है और जिस चीज से किसी व्यक्ति को फायदा महसूस हो वही दूसरे व्यक्ति की त्वचा में जलन पैदा कर सकती है। खासतौर पर संवेदनशील त्वचा वाले लोगों को घरेलू प्रयोग करते समय अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए।

    अगर कोई व्यक्ति सिरके को स्किन केयर में शामिल करना चाहता है तो सबसे जरूरी बात इसे बिना पतला किए चेहरे पर न लगाना है। शुद्ध सिरका त्वचा में जलन लालिमा खुजली या सूखापन पैदा कर सकता है। आंखों के आसपास की त्वचा पर इसे बिल्कुल नहीं लगाना चाहिए। इसके अलावा खुले घाव कट या पहले से irritated त्वचा पर सिरका लगाने से समस्या बढ़ सकती है।

    घरेलू स्किन केयर में किसी भी नए पदार्थ का इस्तेमाल करने से पहले पैच टेस्ट करना बेहतर माना जाता है। इसके लिए बहुत थोड़ी मात्रा को त्वचा के किसी छोटे हिस्से पर लगाकर प्रतिक्रिया देखी जा सकती है। अगर जलन खुजली लालिमा या सूजन जैसी समस्या दिखाई दे तो इसका इस्तेमाल रोक देना चाहिए। चेहरे की त्वचा पर प्रयोग करने से पहले यह सावधानी विशेष रूप से जरूरी है।

    मुंहासों को लेकर भी सिरके के इस्तेमाल की चर्चा होती है। कुछ लोग मानते हैं कि इसकी अम्लीय प्रकृति बैक्टीरिया और अतिरिक्त तेल को प्रभावित कर सकती है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि मुंहासों के इलाज के लिए सिरका एक प्रमाणित विकल्प है। मुंहासे लगातार बने रहते हैं या त्वचा पर दर्दनाक दाने और निशान हो रहे हैं तो त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लेना ज्यादा सुरक्षित तरीका है।

    सिरके का इस्तेमाल करने के बाद त्वचा में सूखापन महसूस हो सकता है। ऐसे में हल्का और त्वचा के अनुकूल मॉइस्चराइजर इस्तेमाल करना जरूरी हो सकता है। दिन में बाहर निकलते समय सनस्क्रीन लगाना भी स्किन केयर का महत्वपूर्ण हिस्सा है। किसी भी घरेलू नुस्खे को अपनाने के चक्कर में त्वचा की मूल देखभाल को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

    एक और महत्वपूर्ण बात यह है कि बाजार में मिलने वाले अलग अलग प्रकार के सिरके एक जैसे नहीं होते। खाने के लिए इस्तेमाल होने वाला सिरका और किसी विशेष कॉस्मेटिक उद्देश्य के लिए तैयार उत्पाद अलग हो सकते हैं। इसलिए इंटरनेट पर बताए गए किसी भी नुस्खे को बिना समझे चेहरे पर इस्तेमाल करना सही नहीं है।

    कुल मिलाकर सिरका स्किन केयर का कोई जादुई उपाय नहीं है। कुछ लोगों को पतला किए गए सिरके से त्वचा पर अलग अनुभव हो सकता है लेकिन गलत तरीके से इस्तेमाल करने पर जलन और त्वचा की सुरक्षा पर असर पड़ सकता है। इसलिए चेहरे पर सिरका लगाने से पहले त्वचा के प्रकार को समझना जरूरी है। संवेदनशील त्वचा वाले लोग या पहले से किसी त्वचा संबंधी समस्या से परेशान व्यक्ति घरेलू प्रयोग करने के बजाय त्वचा विशेषज्ञ की सलाह लें। स्वस्थ त्वचा के लिए नियमित सफाई मॉइस्चराइजिंग और सनस्क्रीन जैसी बुनियादी देखभाल ज्यादा महत्वपूर्ण है।

  • Skin Care Routine: महंगे प्रोडक्ट्स ही नहीं ये छोटी आदतें भी बनाती हैं त्वचा को खूबसूरत जानिए सही तरीका

    Skin Care Routine: महंगे प्रोडक्ट्स ही नहीं ये छोटी आदतें भी बनाती हैं त्वचा को खूबसूरत जानिए सही तरीका


    नई दिल्ली।
     आजकल हर कोई साफ निखरी और स्वस्थ त्वचा चाहता है। इसके लिए लोग महंगे स्किन केयर प्रोडक्ट्स से लेकर घरेलू नुस्खों तक कई तरीके अपनाते हैं। लेकिन त्वचा की अच्छी देखभाल केवल किसी एक क्रीम या फेस पैक पर निर्भर नहीं करती। नियमित स्किन केयर रूटीन और रोजमर्रा की कुछ अच्छी आदतें त्वचा को स्वस्थ बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। अपनी त्वचा के प्रकार को समझकर सही उत्पादों का चुनाव करना भी उतना ही जरूरी है।

    स्किन केयर की शुरुआत चेहरे की सफाई से की जा सकती है। दिनभर चेहरे पर धूल मिट्टी पसीना और अतिरिक्त तेल जमा हो सकता है। इसलिए त्वचा के प्रकार के अनुसार हल्के क्लींजर से चेहरा साफ करना जरूरी है। बहुत ज्यादा तेज या कठोर क्लींजर का इस्तेमाल करने से त्वचा रूखी और संवेदनशील हो सकती है। खासकर संवेदनशील त्वचा वाले लोगों को ऐसे उत्पाद चुनने चाहिए जो उनकी त्वचा को परेशान न करें।

    चेहरा साफ करने के बाद मॉइस्चराइजर लगाना भी जरूरी है। बहुत से लोग सोचते हैं कि ऑयली स्किन को मॉइस्चराइजर की जरूरत नहीं होती लेकिन त्वचा को नमी की आवश्यकता होती है। ऑयली त्वचा के लिए हल्का और नॉन कॉमेडोजेनिक मॉइस्चराइजर चुना जा सकता है जबकि रूखी त्वचा के लिए थोड़ा अधिक हाइड्रेटिंग मॉइस्चराइजर उपयोगी हो सकता है। सही मॉइस्चराइजर त्वचा की नमी बनाए रखने में मदद करता है।

    स्किन केयर रूटीन में सनस्क्रीन को विशेष महत्व दिया जाता है। धूप में मौजूद UV किरणें त्वचा को नुकसान पहुंचा सकती हैं और लंबे समय में समय से पहले त्वचा पर उम्र के निशान दिखाई देने का एक कारण बन सकती हैं। इसलिए दिन के समय बाहर निकलने से पहले पर्याप्त मात्रा में ब्रॉड स्पेक्ट्रम सनस्क्रीन लगाना उपयोगी माना जाता है। लंबे समय तक धूप में रहने पर इसे दोबारा लगाने की जरूरत पड़ सकती है।

    स्वस्थ त्वचा के लिए केवल बाहरी देखभाल ही पर्याप्त नहीं है। खानपान और जीवनशैली का भी ध्यान रखना चाहिए। पर्याप्त पानी पीना संतुलित आहार लेना और पर्याप्त नींद लेना शरीर के साथ त्वचा के लिए भी जरूरी है। फल सब्जियां प्रोटीन और अन्य पोषक तत्वों से भरपूर संतुलित भोजन को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाया जा सकता है। तनाव को कम रखने और नियमित शारीरिक गतिविधि करने से भी समग्र स्वास्थ्य को फायदा मिलता है।

    चेहरे पर बार बार हाथ लगाने या पिंपल्स को दबाने की आदत से बचना चाहिए। ऐसा करने से त्वचा में जलन बढ़ सकती है और दाग पड़ने का खतरा हो सकता है। मेकअप करने वाले लोगों को सोने से पहले मेकअप अच्छी तरह हटाना चाहिए। साथ ही तकिए के कवर तौलिया और मेकअप ब्रश जैसी चीजों की नियमित सफाई पर भी ध्यान देना चाहिए।

    हर व्यक्ति की त्वचा अलग होती है इसलिए किसी दूसरे व्यक्ति पर काम करने वाला प्रोडक्ट जरूरी नहीं कि आपकी त्वचा के लिए भी सही हो। नया स्किन केयर प्रोडक्ट इस्तेमाल करने से पहले पैच टेस्ट करना उपयोगी हो सकता है। अगर त्वचा पर लगातार खुजली लालिमा मुंहासे सूजन या अन्य परेशानी बनी रहती है तो त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर है। नियमितता और सही देखभाल के साथ त्वचा को स्वस्थ और बेहतर बनाए रखने की कोशिश की जा सकती है।

  • चेहरे की चमक बढ़ाने से लेकर दाग धब्बों तक एलोवेरा और हल्दी का ये तरीका आ सकता है काम स्किन केयर विथ एलोवेरा हल्दी

    चेहरे की चमक बढ़ाने से लेकर दाग धब्बों तक एलोवेरा और हल्दी का ये तरीका आ सकता है काम स्किन केयर विथ एलोवेरा हल्दी


    नई दिल्ली। आज के समय में त्वचा की देखभाल के लिए लोग कई तरह के महंगे प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करते हैं। लेकिन घर में मौजूद कुछ सामान्य चीजों को भी पारंपरिक तौर पर स्किन केयर में इस्तेमाल किया जाता रहा है। एलोवेरा और हल्दी इन्हीं में शामिल हैं। एलोवेरा त्वचा को ठंडक और नमी देने के लिए जाना जाता है जबकि हल्दी का इस्तेमाल पारंपरिक घरेलू देखभाल में किया जाता रहा है। दोनों को सही तरीके से इस्तेमाल करने पर त्वचा को साफ और फ्रेश महसूस कराने में मदद मिल सकती है।

    एलोवेरा में पानी की मात्रा काफी अधिक होती है और इसका जेल त्वचा पर लगाने से त्वचा को हाइड्रेटेड महसूस कराने में मदद मिल सकती है। खासतौर पर गर्मी या धूप के संपर्क के बाद एलोवेरा जेल त्वचा को ठंडक देने वाला एहसास दे सकता है। वहीं हल्दी का इस्तेमाल पारंपरिक रूप से त्वचा की देखभाल के लिए किया जाता है। इसमें करक्यूमिन नामक यौगिक पाया जाता है जिसे इसके एंटीऑक्सीडेंट और एंटी इंफ्लेमेटरी गुणों के लिए जाना जाता है।

    घर पर एलोवेरा और हल्दी का फेस पैक बनाने के लिए ताजा और साफ एलोवेरा जेल लिया जा सकता है। इसमें बहुत थोड़ी मात्रा में हल्दी मिलाई जा सकती है। दोनों को अच्छी तरह मिलाकर चेहरे पर पतली परत में लगाया जा सकता है। इसे कुछ समय तक रखने के बाद सामान्य पानी से चेहरा धो लें। इसके बाद त्वचा के अनुसार मॉइस्चराइजर लगाया जा सकता है। हल्दी की मात्रा ज्यादा रखने से चेहरे पर पीला रंग रह सकता है इसलिए इसका इस्तेमाल सीमित मात्रा में करना बेहतर है।

    अगर आपकी त्वचा संवेदनशील है तो किसी भी घरेलू नुस्खे को सीधे पूरे चेहरे पर लगाने से पहले पैच टेस्ट करना जरूरी है। इसके लिए मिश्रण को त्वचा के छोटे हिस्से पर लगाकर देखें। अगर लालिमा जलन खुजली या किसी तरह की परेशानी महसूस हो तो इसका इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। खुले घाव या पहले से irritated त्वचा पर भी ऐसे मिश्रण लगाने से बचना बेहतर है।

    यह बात भी ध्यान रखने वाली है कि एलोवेरा और हल्दी किसी गंभीर त्वचा समस्या का इलाज नहीं हैं। मुंहासे दाग धब्बे एलर्जी या लगातार होने वाली त्वचा संबंधी परेशानी के लिए त्वचा विशेषज्ञ की सलाह लेना ज्यादा उचित रहता है। साथ ही दिन में बाहर निकलते समय सनस्क्रीन का इस्तेमाल त्वचा की देखभाल का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

    एलोवेरा और हल्दी का इस्तेमाल त्वचा को प्राकृतिक तरीके से संवारने वाली सामान्य घरेलू दिनचर्या का हिस्सा बनाया जा सकता है। हालांकि हर व्यक्ति की त्वचा अलग होती है इसलिए किसी भी घरेलू उपाय का असर भी अलग हो सकता है। नियमित सफाई पर्याप्त मॉइस्चराइजिंग संतुलित खानपान पर्याप्त पानी और धूप से बचाव के साथ त्वचा की बेहतर देखभाल की जा सकती है।

  • अलसी सिर्फ सेहत के लिए नहीं त्वचा के लिए भी है खास जानिए ग्लोइंग स्किन के लिए कैसे करें इस्तेमाल

    अलसी सिर्फ सेहत के लिए नहीं त्वचा के लिए भी है खास जानिए ग्लोइंग स्किन के लिए कैसे करें इस्तेमाल


    नई दिल्ली।अलसी को आमतौर पर सेहत के लिए फायदेमंद माना जाता है लेकिन इसका इस्तेमाल त्वचा की देखभाल के लिए भी किया जाता है। अलसी में ओमेगा 3 फैटी एसिड और कई पोषक तत्व पाए जाते हैं जो त्वचा को मॉइस्चराइज रखने में मदद कर सकते हैं। यही वजह है कि आजकल होम स्किन केयर में अलसी से बने जेल और फेस पैक का इस्तेमाल काफी लोकप्रिय हो रहा है। अगर आप भी अपनी त्वचा को नेचुरल तरीके से निखारने और मुलायम बनाए रखने की कोशिश कर रहे हैं तो अलसी को अपनी स्किन केयर रूटीन में शामिल कर सकते हैं।

    अलसी से जेल तैयार करना इसका सबसे आसान तरीका माना जाता है। इसके लिए एक से दो चम्मच अलसी को पानी में डालकर धीमी आंच पर कुछ देर उबालें। जब पानी थोड़ा गाढ़ा होने लगे तो गैस बंद कर दें और इसे ठंडा होने दें। इसके बाद साफ कपड़े या छन्नी की मदद से जेल को अलग कर लें। तैयार जेल को साफ डिब्बे में रखकर थोड़ी मात्रा में चेहरे पर लगाया जा सकता है। इसे कुछ देर त्वचा पर रखने के बाद सामान्य पानी से चेहरा धो लें।

    अलसी का जेल त्वचा को नमी देने वाली घरेलू देखभाल का हिस्सा बन सकता है। खासकर रूखी त्वचा वाले लोगों को इससे त्वचा में मुलायमपन महसूस हो सकता है। इसमें मौजूद फैटी एसिड त्वचा की नमी बनाए रखने में मदद कर सकते हैं। हालांकि हर व्यक्ति की त्वचा अलग होती है इसलिए किसी भी घरेलू नुस्खे को चेहरे पर लगाने से पहले पैच टेस्ट करना जरूरी है।

    अलसी से फेस पैक भी बनाया जा सकता है। इसके लिए अलसी के जेल में थोड़ी मात्रा में एलोवेरा जेल मिलाकर इस्तेमाल किया जा सकता है। इसे चेहरे पर हल्की परत के रूप में लगाएं और करीब 10 से 15 मिनट बाद धो लें। अगर त्वचा पर जलन खुजली या लालिमा महसूस हो तो तुरंत इसे धो दें और दोबारा इस्तेमाल न करें। संवेदनशील त्वचा वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।

    कुछ लोग अलसी के पाउडर को दही या अन्य घरेलू सामग्री के साथ मिलाकर फेस पैक के रूप में भी इस्तेमाल करते हैं। लेकिन किसी भी मिश्रण को चेहरे पर लगाने से पहले यह देखना जरूरी है कि उसमें शामिल सभी सामग्री आपकी त्वचा के अनुकूल हैं या नहीं। नींबू जैसी तेज अम्लीय सामग्री को सीधे चेहरे पर लगाने से बचना बेहतर है क्योंकि इससे कुछ लोगों की त्वचा में जलन या संवेदनशीलता बढ़ सकती है।

    स्किन केयर में अलसी का इस्तेमाल करते समय स्वच्छता का ध्यान रखना भी बेहद जरूरी है। घर पर तैयार किया गया अलसी का जेल लंबे समय तक सुरक्षित नहीं रहता इसलिए इसे कम मात्रा में बनाना बेहतर है। इसे साफ और बंद डिब्बे में रखें तथा खराब गंध या रंग में बदलाव दिखाई देने पर इस्तेमाल न करें। आंखों के आसपास या किसी कटे हुए हिस्से पर इसे लगाने से बचें।

    त्वचा को स्वस्थ रखने के लिए केवल किसी एक घरेलू नुस्खे पर निर्भर रहना पर्याप्त नहीं है। पर्याप्त पानी पीना संतुलित भोजन लेना अच्छी नींद लेना और धूप से त्वचा की सुरक्षा करना भी जरूरी है। अगर त्वचा पर लगातार मुंहासे खुजली दाने या जलन जैसी समस्या रहती है तो घरेलू उपायों के बजाय त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर होता है। अलसी को स्किन केयर में शामिल करने का उद्देश्य त्वचा को अतिरिक्त घरेलू देखभाल देना है न कि किसी त्वचा संबंधी समस्या का इलाज करना।