जिन लोगों की त्वचा ऑयली होती है उनके चेहरे पर अतिरिक्त तेल के कारण चिपचिपाहट नजर आ सकती है। ऐसे में बेसन और पानी से तैयार किया गया हल्का पेस्ट चेहरे की सफाई के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके लिए एक कटोरी में थोड़ा बेसन लेकर उसमें जरूरत के अनुसार पानी मिलाएं। तैयार पेस्ट को चेहरे पर हल्के हाथों से लगाएं और थोड़ी देर बाद पानी से धो लें। बेसन को चेहरे पर पूरी तरह सूखने तक न छोड़ें और न ही त्वचा को जोर से रगड़ें। यदि चेहरे पर खिंचाव या जलन महसूस हो तो इसका इस्तेमाल बंद कर दें। ध्यान रखें कि बेसन मुंहासों का प्रमाणित इलाज नहीं है।
रूखी त्वचा वाले लोगों को बेसन का इस्तेमाल सावधानी से करना चाहिए क्योंकि इससे कुछ लोगों की त्वचा और ज्यादा रूखी हो सकती है। बेसन में थोड़ा सादा दही मिलाकर हल्का फेस पैक बनाया जा सकता है। इस मिश्रण को चेहरे पर थोड़ी देर लगाएं और फिर सामान्य पानी से धो लें। इसके बाद त्वचा के अनुसार मॉइस्चराइजर लगाना जरूरी है। यदि दही से खुजली या जलन होती है तो इसका इस्तेमाल न करें। संवेदनशील त्वचा वाले लोगों को कोई भी नया घरेलू नुस्खा आजमाने से पहले पैच टेस्ट करना चाहिए।
बेसन के साथ शहद मिलाकर भी फेस पैक बनाया जाता है। कुछ लोगों को इससे त्वचा मुलायम महसूस हो सकती है लेकिन इसका असर हर व्यक्ति पर एक जैसा नहीं होता। इसे बनाने के लिए थोड़े बेसन में शहद की कम मात्रा मिलाकर पेस्ट तैयार करें। इसे चेहरे पर लगाकर कुछ देर बाद पानी से साफ कर लें। यदि त्वचा पर लालिमा खुजली या जलन दिखाई दे तो इसका इस्तेमाल तुरंत बंद कर दें। चेहरे पर नींबू का रस या बेकिंग सोडा मिलाने से बचें क्योंकि इनसे त्वचा में जलन हो सकती है।
चेहरे पर निखार बनाए रखने के लिए केवल बेसन के फेस पैक पर निर्भर रहना सही नहीं है। रोजाना हल्के क्लींजर से चेहरा साफ करें और त्वचा के अनुसार मॉइस्चराइजर लगाएं। दिन में बाहर निकलते समय ब्रॉड स्पेक्ट्रम सनस्क्रीन का इस्तेमाल करें। पर्याप्त नींद लेना और संतुलित आहार अपनाना भी त्वचा की देखभाल का हिस्सा है। बेसन का इस्तेमाल जरूरत के अनुसार करें और इसे रोजाना लगाने से बचें। यदि चेहरे पर लगातार मुंहासे दाग धब्बे या जलन की समस्या बनी रहती है तो त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लें। सही देखभाल और नियमित आदतों से त्वचा को स्वस्थ बनाए रखने में मदद मिल सकती है।









