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  • त्वचा की छोटी छोटी गलतियां पड़ सकती हैं भारी इन आसान उपायों से रखें स्किन का खास ख्याल

    त्वचा की छोटी छोटी गलतियां पड़ सकती हैं भारी इन आसान उपायों से रखें स्किन का खास ख्याल


    नई दिल्ली। खूबसूरत और स्वस्थ त्वचा हर किसी की चाहत होती है लेकिन बदलता मौसम धूल मिट्टी प्रदूषण तनाव और गलत खानपान का असर त्वचा पर आसानी से दिखाई देने लगता है। कई बार लोग चेहरे पर निखार लाने के लिए महंगे प्रोडक्ट का इस्तेमाल करते हैं लेकिन रोजमर्रा की कुछ सामान्य आदतों में सुधार करके भी त्वचा की बेहतर देखभाल की जा सकती है। त्वचा को स्वस्थ रखने के लिए सबसे जरूरी है कि उसकी सफाई नमी और सुरक्षा का नियमित रूप से ध्यान रखा जाए।

    दिनभर बाहर रहने के दौरान धूल मिट्टी और प्रदूषण त्वचा पर जमा हो सकते हैं। इसलिए चेहरे को अपनी त्वचा के प्रकार के अनुसार किसी हल्के क्लींजर से साफ करना जरूरी माना जाता है। बहुत ज्यादा बार चेहरा धोने या तेज साबुन का इस्तेमाल करने से त्वचा की प्राकृतिक नमी कम हो सकती है। ऐसे में त्वचा को साफ रखने के साथ उसकी नमी बनाए रखना भी जरूरी है।

    मॉइस्चराइजर का इस्तेमाल त्वचा की देखभाल का अहम हिस्सा माना जाता है। तैलीय त्वचा वाले लोगों को हल्का और नॉन कॉमेडोजेनिक मॉइस्चराइजर पसंद आ सकता है जबकि रूखी त्वचा के लिए थोड़ा अधिक मॉइस्चराइजिंग विकल्प उपयोगी हो सकता है। त्वचा को नियमित रूप से मॉइस्चराइज करने से रूखापन और खिंचाव कम महसूस हो सकता है।

    धूप से त्वचा की सुरक्षा करना भी बेहद जरूरी है। लंबे समय तक तेज धूप में रहने से त्वचा पर टैनिंग और समय से पहले उम्र बढ़ने के संकेत दिखाई दे सकते हैं। इसलिए बाहर निकलने से पहले सनस्क्रीन का इस्तेमाल करना अच्छी आदत मानी जाती है। धूप में ज्यादा समय बिताना हो तो टोपी या छाते जैसी चीजों से भी त्वचा को बचाया जा सकता है।

    त्वचा की सेहत का संबंध खानपान और जीवनशैली से भी माना जाता है। पर्याप्त पानी पीना संतुलित भोजन लेना और फल तथा सब्जियों को आहार में शामिल करना शरीर के साथ त्वचा के लिए भी फायदेमंद हो सकता है। बहुत ज्यादा तला भुना भोजन और अनियमित दिनचर्या से बचना बेहतर माना जाता है। पर्याप्त नींद लेना भी जरूरी है क्योंकि लगातार नींद की कमी से चेहरा थका हुआ दिखाई दे सकता है।

    चेहरे को बार बार हाथ लगाने और बिना साफ किए मेकअप के साथ सोने से भी बचना चाहिए। मेकअप करने के बाद रात में त्वचा को अच्छी तरह साफ करना जरूरी है। इसके अलावा तकिए के कवर और चेहरे के संपर्क में आने वाली चीजों की सफाई का भी ध्यान रखना चाहिए।

    घरेलू नुस्खों का इस्तेमाल करते समय भी सावधानी जरूरी है। हर प्राकृतिक चीज हर व्यक्ति की त्वचा के लिए सुरक्षित हो यह जरूरी नहीं है। किसी नए प्रोडक्ट या घरेलू सामग्री को चेहरे पर लगाने से पहले पैच टेस्ट करना बेहतर होता है। यदि त्वचा पर लगातार खुजली जलन लालिमा मुंहासे या कोई अन्य समस्या बनी रहती है तो विशेषज्ञ से सलाह लेना उचित है।

    कुल मिलाकर त्वचा की देखभाल के लिए महंगे प्रोडक्ट से ज्यादा जरूरी नियमितता है। साफ सफाई मॉइस्चराइजिंग धूप से सुरक्षा संतुलित खानपान पर्याप्त नींद और सही दिनचर्या को अपनी आदत में शामिल करके त्वचा को स्वस्थ बनाए रखने की कोशिश की जा सकती है।

  • चेहरे की dullness दूर करने में काम आ सकता है चावल जानिए कैसे बनाएं आसान घरेलू स्किन केयर

    चेहरे की dullness दूर करने में काम आ सकता है चावल जानिए कैसे बनाएं आसान घरेलू स्किन केयर


    नई दिल्ली। चेहरे की खूबसूरती और निखार के लिए लोग अक्सर महंगे स्किन केयर प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करते हैं लेकिन घर में मौजूद कुछ सामान्य चीजों से भी त्वचा की देखभाल की जा सकती है। चावल ऐसी ही चीज है जिसका इस्तेमाल लंबे समय से त्वचा की देखभाल से जुड़े घरेलू नुस्खों में किया जाता रहा है। चावल में मौजूद स्टार्च और कुछ पोषक तत्व त्वचा को मुलायम महसूस कराने और चेहरे की सफाई में मदद कर सकते हैं। यही वजह है कि राइस वॉटर और चावल से बने फेस पैक को घरेलू स्किन केयर रूटीन में शामिल करने का चलन बढ़ रहा है।

    चावल से स्किन केयर करने का सबसे आसान तरीका राइस वॉटर है। इसके लिए चावल को अच्छी तरह धोकर पानी में कुछ समय के लिए भिगोया जा सकता है। इसके बाद उस पानी को अलग करके चेहरे की सफाई के बाद इस्तेमाल किया जा सकता है। राइस वॉटर को चेहरे पर हल्के हाथों से लगाया जा सकता है और कुछ समय बाद सामान्य पानी से चेहरा धोया जा सकता है। इससे त्वचा साफ और फ्रेश महसूस हो सकती है। हालांकि हर व्यक्ति की त्वचा अलग होती है इसलिए किसी भी घरेलू उपाय को पहली बार इस्तेमाल करने से पहले पैच टेस्ट करना बेहतर माना जाता है।

    चावल से फेस पैक भी तैयार किया जा सकता है। इसके लिए चावल को अच्छी तरह पकाकर या भिगोकर उसका मुलायम पेस्ट तैयार किया जा सकता है। इसमें जरूरत के अनुसार एलोवेरा जेल या दही जैसी चीज मिलाई जा सकती है। तैयार मिश्रण को चेहरे पर हल्की परत के रूप में लगाया जा सकता है। कुछ समय बाद चेहरे को सामान्य पानी से धो लेना चाहिए। यह उपाय त्वचा को मुलायम और हाइड्रेटेड महसूस कराने में मदद कर सकता है।

    अगर त्वचा बहुत ज्यादा रूखी रहती है तो चावल के पेस्ट में थोड़ा दही मिलाकर इस्तेमाल किया जा सकता है। वहीं तैलीय त्वचा वाले लोग बहुत भारी सामग्री मिलाने से बचें। चेहरे पर किसी भी घरेलू मिश्रण को रगड़कर लगाने के बजाय हल्के हाथों से लगाना बेहतर होता है। ज्यादा रगड़ने से त्वचा में जलन या लालिमा हो सकती है।

    चावल से स्किन केयर करते समय यह समझना जरूरी है कि घरेलू नुस्खे किसी गंभीर त्वचा समस्या का इलाज नहीं हैं। अगर चेहरे पर लगातार मुंहासे खुजली जलन लाल चकत्ते या किसी तरह की एलर्जी है तो घरेलू उपायों पर निर्भर रहने के बजाय त्वचा विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर है। संवेदनशील त्वचा वाले लोगों को खास सावधानी बरतनी चाहिए।

    राइस स्किन केयर का फायदा पाने के लिए नियमितता के साथ त्वचा की मूल जरूरतों का भी ध्यान रखना जरूरी है। पर्याप्त पानी पीना संतुलित भोजन लेना धूप में निकलते समय सनस्क्रीन लगाना और चेहरे की साफ सफाई बनाए रखना त्वचा की देखभाल के अहम हिस्से हैं। चावल से बने घरेलू उपाय त्वचा को कुछ समय के लिए मुलायम और फ्रेश महसूस करा सकते हैं लेकिन इन्हें चमत्कारी उपचार नहीं समझना चाहिए। सही तरीके और सावधानी के साथ चावल को एक सरल घरेलू स्किन केयर विकल्प के तौर पर आजमाया जा सकता है।

  • महंगे स्किन केयर प्रोडक्ट्स छोड़िए मुल्तानी मिट्टी से घर पर करें चेहरे की देखभाल जानिए सही इस्तेमाल का आसान तरीका

    महंगे स्किन केयर प्रोडक्ट्स छोड़िए मुल्तानी मिट्टी से घर पर करें चेहरे की देखभाल जानिए सही इस्तेमाल का आसान तरीका

    नई दिल्ली । चेहरे की थकान पिंपल्स और अतिरिक्त तेल से हैं परेशान तो काम आएगी मुल्तानी मिट्टी इन तरीकों से करें इस्तेमाआज के समय में चेहरे की चमक और त्वचा की सेहत बनाए रखने के लिए लोग कई तरह के महंगे स्किन केयर प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करते हैं लेकिन घर में मौजूद कुछ प्राकृतिक चीजें भी त्वचा की देखभाल में मददगार हो सकती हैं। इन्हीं में से एक है मुल्तानी मिट्टी। इसे लंबे समय से त्वचा की सफाई और अतिरिक्त तेल को कम करने के लिए इस्तेमाल किया जाता रहा है। खासतौर पर ऑयली स्किन वाले लोगों के लिए मुल्तानी मिट्टी एक आसान घरेलू विकल्प मानी जाती है। हालांकि इसका इस्तेमाल त्वचा के प्रकार को ध्यान में रखकर करना जरूरी है।

    मुल्तानी मिट्टी त्वचा से अतिरिक्त तेल और गंदगी हटाने में मदद कर सकती है। चेहरे पर दिनभर धूल प्रदूषण और पसीने की वजह से जमा होने वाली गंदगी त्वचा को बेजान दिखा सकती है। ऐसे में मुल्तानी मिट्टी का फेस पैक चेहरे की सतह को साफ करने में मदद कर सकता है। इसे लगाने के बाद त्वचा कुछ समय के लिए ज्यादा साफ और फ्रेश महसूस हो सकती है।

    मुल्तानी मिट्टी का इस्तेमाल करने के लिए सबसे आसान तरीका है इसे गुलाब जल के साथ मिलाकर फेस पैक तैयार करना। एक कटोरी में मुल्तानी मिट्टी लेकर उसमें जरूरत के अनुसार गुलाब जल डालें और अच्छी तरह मिलाकर पेस्ट बना लें। इस पेस्ट को चेहरे पर पतली परत में लगाएं और पूरी तरह सूखने से पहले सामान्य पानी से धो लें। इसके बाद त्वचा पर हल्का मॉइस्चराइजर लगाना बेहतर रहता है।

    अगर आपकी त्वचा बहुत ज्यादा ऑयली है तो मुल्तानी मिट्टी में थोड़ा एलोवेरा जेल मिलाया जा सकता है। इससे फेस पैक त्वचा पर लगाने में आसान हो जाता है। वहीं रूखी या संवेदनशील त्वचा वाले लोगों को मुल्तानी मिट्टी का इस्तेमाल सावधानी से करना चाहिए क्योंकि यह त्वचा से तेल सोखती है और बार बार इस्तेमाल करने पर ड्राईनेस या खिंचाव बढ़ सकता है। ऐसे लोगों के लिए इसे दूध या किसी सौम्य मॉइस्चराइजिंग सामग्री के साथ मिलाने का विकल्प रखा जा सकता है लेकिन किसी भी नए मिश्रण को पूरे चेहरे पर लगाने से पहले पैच टेस्ट करना जरूरी है।

    मुल्तानी मिट्टी चेहरे की गंदगी और अतिरिक्त तेल को हटाने में मदद कर सकती है लेकिन इसे हर दिन इस्तेमाल करना जरूरी नहीं है। जरूरत से ज्यादा फेस पैक लगाने से त्वचा की प्राकृतिक नमी प्रभावित हो सकती है। सामान्य तौर पर सप्ताह में एक बार से शुरुआत करना बेहतर माना जा सकता है और त्वचा की प्रतिक्रिया के अनुसार इस्तेमाल की आवृत्ति तय की जा सकती है।

    यह भी ध्यान रखना जरूरी है कि मुल्तानी मिट्टी किसी त्वचा रोग का इलाज नहीं है। अगर चेहरे पर लगातार मुंहासे लालिमा जलन खुजली या किसी तरह की एलर्जी की समस्या है तो घरेलू उपायों के बजाय त्वचा विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर है। किसी भी प्राकृतिक सामग्री को सुरक्षित समझकर बिना जांच के इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। सही तरीके और अपनी त्वचा के प्रकार को ध्यान में रखकर मुल्तानी मिट्टी का इस्तेमाल किया जाए तो यह सामान्य स्किन केयर रूटीन का एक सरल हिस्सा बन सकती है।

  • स्किन केयर में एलोवेरा का कमाल: ग्लो बढ़ाने और त्वचा को हाइड्रेट रखने के आसान घरेलू तरीके जानिए

    स्किन केयर में एलोवेरा का कमाल: ग्लो बढ़ाने और त्वचा को हाइड्रेट रखने के आसान घरेलू तरीके जानिए


    नई दिल्ली। आज के समय में धूल मिट्टी प्रदूषण तेज धूप और बदलती दिनचर्या का असर सबसे पहले हमारी त्वचा पर नजर आता है। लंबे समय तक धूप में रहने या पर्याप्त देखभाल नहीं करने से चेहरा रूखा बेजान और थका हुआ दिखाई दे सकता है। ऐसे में एलोवेरा त्वचा की सामान्य देखभाल के लिए एक आसान घरेलू विकल्प हो सकता है। एलोवेरा जेल में पानी की मात्रा अधिक होती है और इसे त्वचा पर लगाने से नमी और ठंडक का एहसास मिल सकता है। यही वजह है कि कई लोग इसे अपने स्किन केयर रूटीन का हिस्सा बनाते हैं। हालांकि एलोवेरा को किसी जादुई इलाज की तरह इस्तेमाल करने के बजाय त्वचा की सामान्य देखभाल के एक विकल्प के रूप में देखना बेहतर है।

    चेहरे पर एलोवेरा लगाने के लिए सबसे पहले त्वचा को अच्छी तरह साफ करना जरूरी है। इसके बाद एलोवेरा जेल की थोड़ी मात्रा लेकर चेहरे पर हल्के हाथों से लगाएं और कुछ देर के लिए छोड़ दें। अगर त्वचा इसे आसानी से स्वीकार करती है तो बाद में चेहरे को सामान्य पानी से धोया जा सकता है। इसके बाद हल्का मॉइस्चराइजर लगाने से त्वचा की नमी बनाए रखने में मदद मिल सकती है। एलोवेरा लगाने पर त्वचा को मुलायम और फ्रेश महसूस किया जा सकता है। खासकर रूखी त्वचा वाले लोगों को इसका हाइड्रेटिंग एहसास पसंद आ सकता है।

    एलोवेरा का इस्तेमाल करते समय यह समझना भी जरूरी है कि हर व्यक्ति की त्वचा अलग होती है। किसी एक व्यक्ति को एलोवेरा लगाने से अच्छा अनुभव हो सकता है जबकि दूसरे व्यक्ति की त्वचा पर जलन या लालिमा हो सकती है। इसलिए पहली बार इस्तेमाल करने से पहले पैच टेस्ट करना समझदारी है। हाथ या बांह के छोटे हिस्से पर थोड़ी मात्रा लगाकर कुछ समय देखें। अगर खुजली जलन लालिमा या सूजन जैसी परेशानी दिखाई दे तो चेहरे पर इसका इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। आंखों के आसपास भी इसे लगाने से बचना बेहतर है।

    सोशल मीडिया पर एलोवेरा के साथ नींबू बेकिंग सोडा या कई दूसरी चीजें मिलाकर लगाने के घरेलू नुस्खे खूब बताए जाते हैं। लेकिन त्वचा पर बिना सोचे समझे ऐसे प्रयोग करना नुकसानदायक हो सकता है। खासकर संवेदनशील त्वचा पर तेज या परेशान करने वाली सामग्री जलन बढ़ा सकती है। इसलिए एलोवेरा का इस्तेमाल सरल तरीके से करना बेहतर है। अगर बाजार से एलोवेरा जेल खरीद रहे हैं तो पैकेट पर दी गई सामग्री जरूर पढ़ें और ऐसे उत्पाद का चुनाव करें जिसमें आपकी त्वचा के लिए अनावश्यक परेशान करने वाले तत्व कम हों।

    एलोवेरा के साथ रोजाना की स्किन केयर में कुछ और आदतों को शामिल करना भी जरूरी है। चेहरा साफ रखना पर्याप्त पानी पीना संतुलित खानपान लेना और धूप में निकलते समय सनस्क्रीन का इस्तेमाल करना त्वचा की देखभाल के महत्वपूर्ण हिस्से हैं। केवल एलोवेरा लगाने से त्वचा की हर समस्या खत्म नहीं हो सकती। अगर चेहरे पर लगातार लालिमा खुजली सूजन या किसी तरह की गंभीर समस्या बनी रहती है तो घरेलू नुस्खों पर निर्भर रहने के बजाय त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर होगा।

    कुल मिलाकर एलोवेरा त्वचा की सामान्य देखभाल में एक सरल और सुविधाजनक विकल्प हो सकता है। इसका सही और सावधानीपूर्वक इस्तेमाल त्वचा को नमी और ताजगी का एहसास देने में मदद कर सकता है। लेकिन बेहतर त्वचा के लिए नियमित स्किन केयर स्वस्थ खानपान पर्याप्त नींद और धूप से बचाव को भी अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाना जरूरी है।

  • चेहरे की थकान और रूखेपन का आसान इलाज है खीरा, ग्लोइंग स्किन के लिए ऐसे बनाएं घरेलू नुस्खा

    चेहरे की थकान और रूखेपन का आसान इलाज है खीरा, ग्लोइंग स्किन के लिए ऐसे बनाएं घरेलू नुस्खा


    नई दिल्ली । खीरा गर्मियों में शरीर को ठंडक देने वाली सब्जियों में गिना जाता है लेकिन इसका इस्तेमाल केवल खाने तक सीमित नहीं है। त्वचा की देखभाल के लिए भी खीरे का इस्तेमाल लंबे समय से घरेलू उपाय के तौर पर किया जाता रहा है। खीरे में पानी की मात्रा अधिक होती है और इसमें कई पोषक तत्व पाए जाते हैं। यही वजह है कि इसे त्वचा को तरोताजा रखने वाली प्राकृतिक चीजों में शामिल किया जाता है। खासतौर पर धूप और गर्मी के कारण चेहरा थका हुआ और बेजान नजर आने लगे तो खीरे का इस्तेमाल त्वचा को ठंडक देने में मदद कर सकता है।

    खीरे का सबसे आसान इस्तेमाल इसका रस चेहरे पर लगाना है। इसके लिए खीरे को अच्छी तरह धोकर उसका रस निकाला जा सकता है। कॉटन की मदद से इसे चेहरे पर हल्के हाथों से लगाया जा सकता है। कुछ देर बाद चेहरे को सामान्य पानी से धो लें। इससे त्वचा को ताजगी महसूस हो सकती है। हालांकि संवेदनशील त्वचा वाले लोगों को किसी भी घरेलू चीज को पूरे चेहरे पर लगाने से पहले थोड़ी मात्रा में पैच टेस्ट जरूर करना चाहिए।

    खीरे के टुकड़ों को सीधे चेहरे पर लगाने का तरीका भी काफी आसान है। ठंडे खीरे के पतले टुकड़े आंखों के आसपास कुछ देर रखने से थकी हुई आंखों और आसपास की त्वचा को ठंडक मिल सकती है। लंबे समय तक स्क्रीन देखने या पर्याप्त आराम न मिलने के कारण आंखों के आसपास थकान दिखाई दे तो यह तरीका कुछ लोगों को आरामदायक लग सकता है। हालांकि आंखों में खीरे का रस जाने से बचना चाहिए।

    खीरे का फेस पैक भी घर पर आसानी से तैयार किया जा सकता है। खीरे को पीसकर उसमें एलोवेरा जेल मिलाकर चेहरे पर लगाया जा सकता है। यह मिश्रण त्वचा को ठंडक और नमी देने में मदद कर सकता है। अगर त्वचा बहुत संवेदनशील है तो नींबू या दूसरे तेज पदार्थ मिलाने से बचना बेहतर है क्योंकि इससे जलन या संवेदनशीलता बढ़ सकती है।

    रूखी त्वचा वाले लोग खीरे के साथ ऐसा प्राकृतिक मॉइस्चराइजिंग मिश्रण इस्तेमाल कर सकते हैं जो त्वचा को अतिरिक्त नमी देने में मदद करे। वहीं तैलीय त्वचा में भी खीरे का इस्तेमाल चेहरे को ताजा महसूस कराने के लिए किया जा सकता है। लेकिन यह समझना जरूरी है कि खीरा किसी गंभीर त्वचा समस्या जैसे मुहांसे संक्रमण या एलर्जी का इलाज नहीं है।

    त्वचा को स्वस्थ रखने के लिए केवल बाहरी उपायों पर निर्भर रहना भी सही नहीं है। पर्याप्त पानी पीना संतुलित भोजन लेना अच्छी नींद लेना और धूप में निकलते समय सनस्क्रीन का इस्तेमाल करना भी जरूरी है। चेहरे को साफ रखना और बार बार हाथ लगाने से बचना भी त्वचा की देखभाल का अहम हिस्सा है।

    अगर खीरा लगाने के बाद चेहरे पर लालिमा जलन खुजली या सूजन दिखाई दे तो इसका इस्तेमाल तुरंत बंद कर देना चाहिए। लगातार बनी रहने वाली त्वचा संबंधी समस्या में त्वचा विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर होता है। कुल मिलाकर खीरा त्वचा की नियमित देखभाल में एक आसान और कम खर्च वाला घरेलू विकल्प हो सकता है जो त्वचा को ताजगी और ठंडक का एहसास देने में मदद कर सकता है।

  • चेहरे की चमक से लेकर रूखी त्वचा तक, गुलाब के ये आसान उपाय बना सकते हैं स्किन केयर रूटीन को खास

    चेहरे की चमक से लेकर रूखी त्वचा तक, गुलाब के ये आसान उपाय बना सकते हैं स्किन केयर रूटीन को खास


    नई दिल्ली । गुलाब का नाम आते ही सबसे पहले उसकी खूबसूरती और मनमोहक खुशबू का ख्याल आता है लेकिन यह खूबसूरत फूल त्वचा की देखभाल में भी काफी उपयोगी माना जाता है। सदियों से गुलाब की पंखुड़ियों और गुलाब जल का इस्तेमाल सौंदर्य को निखारने के लिए किया जाता रहा है। आज भी प्राकृतिक स्किन केयर रूटीन में गुलाब को खास जगह दी जाती है। बाजार में मिलने वाले कई तरह के कॉस्मेटिक प्रोडक्ट्स में भी गुलाब के अर्क और गुलाब जल का उपयोग किया जाता है। अगर त्वचा को ताजगी और प्राकृतिक चमक देना चाहते हैं तो गुलाब को अपने ब्यूटी रूटीन का हिस्सा बनाया जा सकता है।

    गुलाब जल त्वचा को ताजगी देने के लिए सबसे लोकप्रिय प्राकृतिक उपायों में से एक है। चेहरे को साफ करने के बाद कॉटन की मदद से हल्के हाथों से गुलाब जल लगाया जा सकता है। इससे चेहरा फ्रेश महसूस होता है और त्वचा को ठंडक भी मिलती है। खासतौर पर धूल मिट्टी और तेज धूप के संपर्क में आने के बाद गुलाब जल का इस्तेमाल चेहरे को आराम देने में मदद कर सकता है। कई लोग इसे अपने स्किन केयर रूटीन में टोनर की तरह भी शामिल करते हैं।

    गुलाब की ताजी पंखुड़ियों का उपयोग फेस पैक बनाने में भी किया जा सकता है। इसके लिए साफ और ताजी गुलाब की पंखुड़ियों को पीसकर उसमें त्वचा के अनुसार अन्य प्राकृतिक सामग्री मिलाई जा सकती है। गुलाब की पंखुड़ियों से बना हल्का फेस पैक त्वचा को ताजगी देने में मदद करता है। चेहरे पर किसी भी घरेलू नुस्खे को लगाने से पहले यह जरूरी है कि त्वचा की संवेदनशीलता को ध्यान में रखा जाए और जरूरत पड़ने पर पैच टेस्ट किया जाए।

    रूखी और बेजान दिखने वाली त्वचा के लिए भी गुलाब से बने घरेलू उपाय उपयोगी हो सकते हैं। गुलाब की पंखुड़ियों को पानी में भिगोकर तैयार किया गया प्राकृतिक मिश्रण चेहरे को फ्रेश महसूस कराने में मदद कर सकता है। गर्मी के मौसम में गुलाब जल को ठंडी जगह पर रखकर इस्तेमाल करने से चेहरे को अतिरिक्त ताजगी का एहसास हो सकता है। हालांकि हर व्यक्ति की त्वचा अलग होती है इसलिए किसी भी चीज के इस्तेमाल का परिणाम भी अलग हो सकता है।

    गुलाब से त्वचा की देखभाल करते समय साफ और अच्छी गुणवत्ता वाले उत्पादों का चयन करना जरूरी है। अगर गुलाब जल खरीद रहे हैं तो उसमें अनावश्यक केमिकल और तेज खुशबू वाले तत्वों की जानकारी जरूर जांचनी चाहिए। त्वचा पर किसी नए उत्पाद का इस्तेमाल करने से पहले पैच टेस्ट करना सुरक्षित तरीका माना जाता है। जिन लोगों को किसी कॉस्मेटिक या प्राकृतिक चीज से एलर्जी की समस्या होती है उन्हें विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।

    त्वचा की असली खूबसूरती सिर्फ बाहरी उत्पादों से नहीं बल्कि स्वस्थ जीवनशैली से भी जुड़ी होती है। पर्याप्त पानी पीना संतुलित भोजन लेना पूरी नींद करना और धूप से त्वचा को बचाना भी जरूरी है। गुलाब जल और गुलाब की पंखुड़ियों को स्किन केयर रूटीन का एक सरल हिस्सा बनाया जा सकता है लेकिन इन्हें चमत्कारी इलाज नहीं मानना चाहिए।

    अगर त्वचा पर लगातार दाने खुजली लालिमा या किसी तरह की गंभीर समस्या बनी रहती है तो घरेलू उपायों पर निर्भर रहने के बजाय त्वचा विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर है। सही देखभाल और नियमित स्किन केयर के साथ गुलाब आपकी दिनचर्या में ताजगी और प्राकृतिक खूबसूरती का एक खास एहसास जोड़ सकता है।

  • चेहरे की डलनेस और टैनिंग से परेशान हैं तो आजमाएं पपीता: जानें त्वचा को ग्लो देने का आसान और असरदार तरीका

    चेहरे की डलनेस और टैनिंग से परेशान हैं तो आजमाएं पपीता: जानें त्वचा को ग्लो देने का आसान और असरदार तरीका


    नई दिल्ली । चेहरे की खूबसूरती और त्वचा की चमक बनाए रखने के लिए लोग अक्सर महंगे स्किन केयर प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करते हैं लेकिन कई बार घर में मौजूद सामान्य चीजें भी त्वचा की देखभाल में मददगार साबित हो सकती हैं। पपीता इन्हीं चीजों में शामिल है। यह स्वादिष्ट फल सेहत के साथ त्वचा के लिए भी उपयोगी माना जाता है। इसमें पपेन नामक एंजाइम और कई पोषक तत्व पाए जाते हैं जो त्वचा की मृत कोशिकाओं को हटाने में मदद कर सकते हैं। यही वजह है कि पपीते का इस्तेमाल कई घरेलू स्किन केयर रूटीन में किया जाता है।

    अगर त्वचा बेजान नजर आती है या चेहरे पर जमा डेड स्किन के कारण प्राकृतिक चमक कम हो गई है तो पके हुए पपीते का इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके लिए पपीते को अच्छी तरह मैश करके चेहरे पर हल्की परत के रूप में लगाया जा सकता है। इसे आंखों और होंठों के आसपास लगाने से बचना चाहिए। कुछ मिनट बाद चेहरे को सामान्य पानी से साफ किया जा सकता है। इसके बाद त्वचा पर हल्का मॉइस्चराइजर लगाना बेहतर रहता है। पपीते में मौजूद एंजाइम त्वचा की ऊपरी परत पर मौजूद मृत कोशिकाओं को हटाने में मदद कर सकते हैं जिससे चेहरा साफ और मुलायम महसूस हो सकता है।

    पपीते को शहद या दही जैसी चीजों के साथ मिलाकर फेस पैक के रूप में इस्तेमाल करने का चलन भी है। शहद त्वचा को मॉइस्चराइज करने में मदद कर सकता है जबकि दही में मौजूद लैक्टिक एसिड त्वचा को एक्सफोलिएट करने में सहायक हो सकता है। हालांकि हर व्यक्ति की त्वचा अलग होती है इसलिए किसी भी घरेलू नुस्खे को पूरे चेहरे पर लगाने से पहले पैच टेस्ट करना जरूरी है। खासतौर पर संवेदनशील त्वचा वाले लोगों को ज्यादा सावधानी बरतनी चाहिए।

    पपीते का इस्तेमाल करते समय यह भी ध्यान रखना जरूरी है कि इसे बहुत ज्यादा देर तक चेहरे पर लगाकर न रखें। बार बार या जरूरत से ज्यादा एक्सफोलिएशन करने से त्वचा में जलन और रूखापन बढ़ सकता है। अगर चेहरे पर पहले से कट लगा हो या त्वचा पर जलन हो रही हो तो ऐसे समय में पपीते का प्रयोग करने से बचना चाहिए। किसी नए स्किन केयर उपाय को अपनाते समय त्वचा की प्रतिक्रिया पर नजर रखना सबसे जरूरी है।

    अगर चेहरे की देखभाल के साथ पपीते को डाइट में भी शामिल किया जाए तो यह संतुलित खानपान का हिस्सा बन सकता है। इसमें विटामिन ए और विटामिन सी जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं जो शरीर के लिए महत्वपूर्ण हैं। हालांकि केवल पपीता खाने या चेहरे पर लगाने से त्वचा की सभी समस्याएं खत्म होने की गारंटी नहीं है। लगातार मुंहासे दाग धब्बे खुजली या गंभीर त्वचा समस्या होने पर विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर होता है। सही स्किन केयर रूटीन संतुलित खानपान पर्याप्त पानी और धूप से बचाव के साथ त्वचा को लंबे समय तक स्वस्थ रखने में मदद कर सकता है।

  • महंगे स्किन केयर प्रोडक्ट्स छोड़ें! हल्दी से ऐसे रखें त्वचा का ख्याल और पाएं नेचुरल ग्लो

    महंगे स्किन केयर प्रोडक्ट्स छोड़ें! हल्दी से ऐसे रखें त्वचा का ख्याल और पाएं नेचुरल ग्लो


    नई दिल्ली। त्वचा की देखभाल के लिए लोग तरह तरह के महंगे प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करते हैं लेकिन घर में मौजूद कुछ चीजें भी स्किन केयर में उपयोगी हो सकती हैं। हल्दी उन्हीं प्राकृतिक चीजों में शामिल है जिसका इस्तेमाल भारतीय घरों में लंबे समय से किया जाता रहा है। हल्दी में करक्यूमिन नामक यौगिक पाया जाता है जिसे एंटीऑक्सीडेंट और एंटी इंफ्लेमेटरी गुणों के लिए जाना जाता है। यही वजह है कि त्वचा की देखभाल के लिए हल्दी का इस्तेमाल पारंपरिक घरेलू उपाय के तौर पर किया जाता है। हालांकि हर व्यक्ति की त्वचा अलग होती है इसलिए किसी भी घरेलू नुस्खे को अपनाने से पहले सावधानी रखना जरूरी है।

    हल्दी का सबसे सामान्य इस्तेमाल चेहरे पर फेस पैक के रूप में किया जाता है। इसके लिए थोड़ी सी हल्दी में बेसन और दही या एलोवेरा जेल मिलाकर हल्का पेस्ट तैयार किया जा सकता है। इसे चेहरे पर बहुत मोटी परत लगाने के बजाय पतली परत में लगाया जा सकता है। कुछ देर बाद चेहरे को सामान्य पानी से धो लें। इससे त्वचा को साफ महसूस करने में मदद मिल सकती है और चेहरे पर मौजूद अतिरिक्त तेल भी कम महसूस हो सकता है। हालांकि हल्दी का रंग त्वचा पर कुछ समय के लिए पीला निशान छोड़ सकता है इसलिए इसकी मात्रा बहुत ज्यादा नहीं रखनी चाहिए।

    अगर त्वचा रूखी रहती है तो हल्दी को किसी मॉइस्चराइजिंग सामग्री के साथ मिलाकर इस्तेमाल किया जा सकता है। दही या एलोवेरा जेल के साथ इसका प्रयोग त्वचा को मुलायम महसूस कराने में मदद कर सकता है। वहीं तैलीय त्वचा वाले लोग बेसन के साथ हल्दी का हल्का पैक इस्तेमाल कर सकते हैं। यहां यह समझना जरूरी है कि हल्दी किसी त्वचा रोग या गंभीर समस्या का इलाज नहीं है। पिंपल्स दाग धब्बे या त्वचा की दूसरी परेशानियों में इसका असर हर व्यक्ति पर अलग हो सकता है।

    हल्दी में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट गुण त्वचा को फ्री रेडिकल्स से होने वाले नुकसान से बचाने में मदद कर सकते हैं। इसके एंटी इंफ्लेमेटरी गुण त्वचा पर होने वाली हल्की सूजन और लालिमा को शांत करने में भी सहायक हो सकते हैं। यही कारण है कि हल्दी को कई पारंपरिक ब्यूटी रूटीन का हिस्सा बनाया जाता है। लेकिन इसे लगाने से तुरंत त्वचा का रंग बदलने या दाग पूरी तरह खत्म होने जैसी उम्मीद नहीं रखनी चाहिए।

    हल्दी का इस्तेमाल करते समय सबसे जरूरी बात इसकी मात्रा है। बहुत अधिक हल्दी लगाने से त्वचा पर जलन खुजली या लालिमा हो सकती है। खासकर संवेदनशील त्वचा वाले लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए। पहली बार इस्तेमाल करने से पहले हाथ के छोटे हिस्से या त्वचा के किसी सीमित हिस्से पर पैच टेस्ट करना बेहतर होता है। अगर जलन या एलर्जी जैसी समस्या दिखाई दे तो इसका इस्तेमाल तुरंत बंद कर देना चाहिए।

    इसके साथ ही चेहरे पर नींबू या दूसरे तेज एसिडिक पदार्थों के साथ हल्दी मिलाकर लगाने से बचना चाहिए क्योंकि इससे कुछ लोगों की त्वचा में जलन और संवेदनशीलता बढ़ सकती है। त्वचा को स्वस्थ रखने के लिए केवल घरेलू नुस्खों पर निर्भर रहना पर्याप्त नहीं है। रोजाना पर्याप्त पानी पीना संतुलित भोजन लेना अच्छी नींद लेना और धूप में निकलते समय सनस्क्रीन का इस्तेमाल करना भी जरूरी है।

    कुल मिलाकर हल्दी को त्वचा की देखभाल के लिए एक सरल घरेलू विकल्प के तौर पर इस्तेमाल किया जा सकता है। सही मात्रा और अपनी त्वचा के अनुसार इसका उपयोग करना जरूरी है। अगर त्वचा पर लगातार पिंपल्स सूजन एलर्जी या दाग धब्बों की समस्या बनी हुई है तो घरेलू उपायों के बजाय त्वचा विशेषज्ञ की सलाह लेना ज्यादा सुरक्षित और प्रभावी रहेगा।

  • स्किन केयर रूटीन में शामिल करें एवोकाडो, पोषण और नमी से त्वचा को बना सकता है ज्यादा सॉफ्ट और हेल्दी

    स्किन केयर रूटीन में शामिल करें एवोकाडो, पोषण और नमी से त्वचा को बना सकता है ज्यादा सॉफ्ट और हेल्दी


    नई दिल्ली । त्वचा की देखभाल के लिए लोग बाजार में मिलने वाले महंगे ब्यूटी प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करते हैं लेकिन कई प्राकृतिक चीजें भी स्किन केयर रूटीन में उपयोगी साबित हो सकती हैं। इन्हीं में से एक है एवोकाडो जो अपने पोषक तत्वों और हेल्दी फैट्स के कारण काफी लोकप्रिय है। एवोकाडो को खाने के साथ साथ त्वचा की देखभाल में भी शामिल किया जा सकता है। इसमें मौजूद पोषक तत्व त्वचा को नमी देने और उसे मुलायम बनाए रखने में सहायक हो सकते हैं। खासतौर पर जिन लोगों की त्वचा रूखी रहती है उनके लिए एवोकाडो आधारित घरेलू स्किन केयर उपाय उपयोगी हो सकते हैं। हालांकि हर व्यक्ति की त्वचा अलग होती है इसलिए किसी भी चीज को चेहरे पर लगाने से पहले सावधानी रखना जरूरी है।

    एवोकाडो में प्राकृतिक रूप से हेल्दी फैट्स पाए जाते हैं जो त्वचा की नमी बनाए रखने में मदद कर सकते हैं। रूखी और बेजान त्वचा में नमी की कमी होने पर चेहरा खिंचा हुआ और थका हुआ दिखाई देने लगता है। ऐसे में एवोकाडो का गूदा त्वचा को मॉइस्चराइज करने वाले घरेलू उपाय के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। पके हुए एवोकाडो को अच्छी तरह मैश करके चेहरे पर हल्के हाथों से लगाया जा सकता है और कुछ समय बाद साफ पानी से धोया जा सकता है। यह त्वचा को मुलायम महसूस कराने में मदद कर सकता है।

    त्वचा की देखभाल के लिए एवोकाडो का इस्तेमाल अन्य प्राकृतिक चीजों के साथ भी किया जाता है। उदाहरण के लिए इसे थोड़ी मात्रा में शहद के साथ मिलाकर फेस पैक के रूप में लगाया जा सकता है। शहद त्वचा को नमी देने वाले गुणों के लिए जाना जाता है और एवोकाडो के साथ इसका संयोजन रूखी त्वचा के लिए उपयोगी महसूस हो सकता है। इस तरह के घरेलू फेस पैक को चेहरे पर बहुत अधिक देर तक रखने की जरूरत नहीं होती। लगाने से पहले त्वचा को साफ कर लेना चाहिए और बाद में चेहरे को सामान्य पानी से धोना बेहतर रहता है।

    अगर त्वचा बहुत ज्यादा रूखी दिखाई देती है तो एवोकाडो को दही जैसे हल्के प्राकृतिक पदार्थों के साथ मिलाकर भी इस्तेमाल किया जा सकता है। इससे त्वचा को ताजगी और नमी का एहसास मिल सकता है। हालांकि संवेदनशील त्वचा वाले लोगों को किसी भी नए मिश्रण का उपयोग करने से पहले पैच टेस्ट जरूर करना चाहिए। चेहरे पर सीधे कोई भी घरेलू नुस्खा लगाने से पहले हाथ के छोटे हिस्से पर जांच करना एक सुरक्षित तरीका हो सकता है। जलन खुजली लालिमा या किसी भी तरह की परेशानी महसूस होने पर उसका इस्तेमाल तुरंत बंद कर देना चाहिए।

    एवोकाडो का लाभ केवल बाहर से लगाने तक सीमित नहीं है। संतुलित आहार में पोषक तत्वों से भरपूर खाद्य पदार्थों को शामिल करना भी त्वचा के स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण होता है। पर्याप्त पानी पीना संतुलित भोजन करना अच्छी नींद लेना और नियमित रूप से त्वचा की सफाई करना हेल्दी स्किन के लिए जरूरी आदतें हैं। केवल एक घरेलू चीज से त्वचा की हर समस्या खत्म होने की उम्मीद करना सही नहीं है लेकिन सही जीवनशैली के साथ प्राकृतिक चीजों का संतुलित उपयोग स्किन केयर रूटीन को बेहतर बना सकता है।

    एवोकाडो को स्किन केयर का हिस्सा बनाते समय यह ध्यान रखना जरूरी है कि प्राकृतिक होने का मतलब यह नहीं है कि हर चीज हर व्यक्ति की त्वचा के लिए पूरी तरह उपयुक्त होगी। अगर लंबे समय से मुंहासे एलर्जी खुजली या अन्य त्वचा संबंधी समस्या बनी हुई है तो घरेलू उपायों पर निर्भर रहने के बजाय त्वचा विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर होता है। सही देखभाल और संतुलित दिनचर्या के साथ एवोकाडो को अपने ब्यूटी रूटीन में शामिल कर त्वचा को प्राकृतिक पोषण और नमी देने की कोशिश की जा सकती है।

  • स्किन को ग्लोइंग बनाने के लिए डाइट में शामिल करें ये फल! विटामिन और एंटीऑक्सीडेंट से त्वचा को मिलेगा पोषण

    स्किन को ग्लोइंग बनाने के लिए डाइट में शामिल करें ये फल! विटामिन और एंटीऑक्सीडेंट से त्वचा को मिलेगा पोषण


    नई दिल्ली। ग्लोइंग और हेल्दी स्किन हर किसी की चाहत होती है और इसके लिए लोग तरह तरह के स्किन केयर प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करते हैं। हालांकि त्वचा की देखभाल केवल बाहर से किए जाने वाले स्किन केयर तक सीमित नहीं है। हमारी डाइट का भी त्वचा की सेहत पर असर पड़ता है। रोजाना की डाइट में पोषक तत्वों से भरपूर फलों को शामिल करके शरीर को जरूरी विटामिन मिनरल्स और एंटीऑक्सीडेंट मिल सकते हैं। ये पोषक तत्व त्वचा को स्वस्थ बनाए रखने में मदद कर सकते हैं। खासतौर पर कुछ फलों में मौजूद विटामिन सी विटामिन ए पानी और एंटीऑक्सीडेंट स्किन के लिए उपयोगी माने जाते हैं।

    संतरा और अन्य खट्टे फल त्वचा के लिए अच्छी डाइट का हिस्सा हो सकते हैं। इनमें विटामिन सी पाया जाता है जो शरीर के लिए जरूरी पोषक तत्व है। संतरे जैसे फलों में पानी की मात्रा भी अच्छी होती है जिससे शरीर को हाइड्रेशन बनाए रखने में मदद मिल सकती है। नियमित रूप से मौसमी फलों का सेवन करना त्वचा के साथ साथ पूरे शरीर के लिए बेहतर डाइट का हिस्सा बन सकता है।

    पपीता भी उन फलों में शामिल है जिन्हें स्किन फ्रेंडली डाइट में जगह दी जा सकती है। इसमें विटामिन ए विटामिन सी और कई अन्य पोषक तत्व पाए जाते हैं। पपीते को नाश्ते या दिन के किसी दूसरे समय आसानी से खाया जा सकता है। इसके सेवन से शरीर को जरूरी पोषण मिलता है और संतुलित डाइट बनाए रखने में मदद मिलती है।

    तरबूज गर्म मौसम में शरीर को हाइड्रेट रखने वाला लोकप्रिय फल है। इसमें पानी की मात्रा काफी अधिक होती है। शरीर में पर्याप्त पानी होना त्वचा के सामान्य स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण है। ऐसे में तरबूज को डाइट में शामिल करना खासतौर पर गर्म दिनों में अच्छा विकल्प हो सकता है। इसे सीधे काटकर या फ्रूट बाउल के रूप में खाया जा सकता है।

    कीवी भी पोषक तत्वों से भरपूर फलों में गिना जाता है। इसमें विटामिन सी और अन्य एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं। एंटीऑक्सीडेंट युक्त खाद्य पदार्थ शरीर को ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से बचाने में भूमिका निभाते हैं। इसलिए संतुलित डाइट में कीवी जैसे फलों को शामिल करना त्वचा के साथ संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद हो सकता है।

    स्ट्रॉबेरी और दूसरे बेरीज भी डाइट को पोषक बनाने का अच्छा विकल्प हैं। इनमें विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं। इन्हें दही के साथ या सीधे फल के रूप में खाया जा सकता है। हालांकि किसी एक फल को त्वचा की सभी समस्याओं का इलाज नहीं माना जा सकता। हेल्दी स्किन के लिए संतुलित आहार पर्याप्त पानी अच्छी नींद नियमित शारीरिक गतिविधि और सही स्किन केयर रूटीन पर भी ध्यान देना जरूरी है।

    इसलिए अगर आप अपनी त्वचा को अंदर से पोषण देना चाहते हैं तो डाइट में अलग अलग रंग और प्रकार के फलों को शामिल करने की कोशिश करें। मौसमी और ताजे फलों को प्राथमिकता देना बेहतर विकल्प हो सकता है। साथ ही बहुत ज्यादा मीठे पैकेज्ड जूस की जगह साबुत फल खाना अधिक उपयोगी हो सकता है क्योंकि इससे फल में मौजूद फाइबर भी मिलता है।