आज कितनी है सोने की कीमत?
बुधवार को कितनी बढ़ी थी कीमत?
आज कितनी है कीमत?
चेन्नई कोयंबटू मदुरै सेलम जैसे कई शहरों में आज 24 22 और 18 कैरेट सोने की कीमत क्रमश: 16,277 रुपये 14,920 रुपये और 12,765 रुपये है
चांदी की कितनी है कीमत?

आज कितनी है सोने की कीमत?
बुधवार को कितनी बढ़ी थी कीमत?
आज कितनी है कीमत?

इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन के आंकड़ों के अनुसार 24 कैरेट सोना 10 ग्राम पर घटकर 1,65,795 रुपए पर आ गया था, जबकि इससे पहले यह 1,75,340 रुपए पर बंद हुआ था। विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिकी डॉलर के मजबूत होने की वजह से निवेशकों ने तेजी से बिकवाली शुरू की। डॉलर के मजबूती का मुख्य कारण अमेरिकी राष्ट्रपति ने फेडरल रिजर्व चेयरमैन के रूप में केविन वार्श के नाम की घोषणा करना बताया गया है। केविन वार्श महंगाई को काबू में रखने के लिए सख्त रुख रखते हैं और कम ब्याज दरों के पक्ष में नहीं माने जाते।
विश्लेषकों का कहना है कि अमेरिकी डॉलर मजबूत हुआ, वास्तविक बॉन्ड यील्ड बढ़ीं और सोने व चांदी में लीवरेज्ड पोजीशन, जिन्हें करेंसी वैल्यू घटने से बचाव के तौर पर लिया गया था, तेजी से खत्म कर दी गई। इसके चलते बाजार में अरबों डॉलर का मार्केट वैल्यू साफ हुआ और कमजोर निवेशक बाहर हो गए। विशेषज्ञों के मुताबिक यह गिरावट लंबी अवधि की मंदी की शुरुआत नहीं है बल्कि एक जरूरी सुधार प्रक्रिया है।लंबी अवधि के बुनियादी कारक अब भी मजबूत बने हुए हैं। केंद्रीय बैंकों द्वारा लगातार सोने की खरीद, ग्रीन एनर्जी, इलेक्ट्रिक वाहनों, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और इलेक्ट्रॉनिक्स में बढ़ती औद्योगिक मांग के कारण चांदी की आपूर्ति में संरचनात्मक कमी बनी हुई है। यही वजह है कि विशेषज्ञों का कहना है कि लंबी अवधि में सोने और चांदी के लिए तेजी का नजरिया बरकरार है।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस गिरावट के बाद जरूरत से ज्यादा सट्टेबाजी और जोखिम भरे निवेश बाहर हो गए हैं जिससे आगे चलकर बाजार स्थिर तरीके से ऊपर जा सकता है। चांदी की कीमत यदि 3 लाख से 3.10 लाख रुपए प्रति किलो के स्तर पर आती है तो वहां से दोबारा खरीदारी शुरू हो सकती है। इसके चलते चांदी संभावित रूप से 3.40 लाख से 3.50 लाख रुपए प्रति किलो तक पहुंच सकती है।इस गिरावट को निवेशकों के लिए मौका भी माना जा रहा है क्योंकि बाजार में स्थिरता आने के बाद धातुओं की कीमतें फिर से ऊपर जा सकती हैं।

सोने की कीमतें भी ऐतिहासिक रिकॉर्ड बनाती नजर आ रही हैं। 24 कैरेट सोना बुधवार को ₹1,868 की मजबूती के साथ ₹1,42,152 प्रति 10 ग्राम पर खुला। यह अब तक का सर्वकालिक उच्च स्तर है। इससे पहले मंगलवार को सोना ₹1,40,482 प्रति 10 ग्राम के भाव पर बंद हुआ था। लगातार बढ़ती कीमतों ने एक बार फिर सोने को निवेशकों के लिए सुरक्षित विकल्प के रूप में स्थापित कर दिया है।बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता, कमजोर डॉलर और केंद्रीय बैंकों की आक्रामक खरीदारी ने कीमती धातुओं को मजबूती दी है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर के कमजोर होने से सोने की होल्डिंग कॉस्ट कम हो गई है, जिससे निवेशकों का रुझान तेजी से सोने की ओर बढ़ा है। वहीं चांदी को केवल कीमती धातु ही नहीं, बल्कि एक अहम औद्योगिक धातु के रूप में भी देखा जा रहा है, जिससे इसकी मांग लगातार बढ़ रही है।
विशेषज्ञों के अनुसार, चांदी की कीमतों में तेजी के पीछे सोलर एनर्जी, इलेक्ट्रॉनिक्स और इलेक्ट्रिक व्हीकल सेक्टर से आ रही मजबूत औद्योगिक मांग बड़ी वजह है। इसके अलावा अमेरिका में संभावित टैरिफ नीतियों को लेकर कंपनियां पहले से चांदी का स्टॉक बढ़ा रही हैं, जिससे सप्लाई पर दबाव बना हुआ है।आईबीजेए द्वारा जारी किए गए सोने और चांदी के भाव में 3 प्रतिशत जीएसटी, मेकिंग चार्ज और ज्वेलर्स का मार्जिन शामिल नहीं होता। इसी कारण दिल्ली, मुंबई, चेन्नई और कोलकाता जैसे शहरों में खुदरा स्तर पर कीमतें अलग-अलग हो सकती हैं। आईबीजेए के रेट का उपयोग रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया द्वारा सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड की कीमत तय करने और बैंकों द्वारा गोल्ड लोन की गणना के लिए किया जाता है।
अगर पिछले एक साल के प्रदर्शन पर नजर डालें, तो 2025 में सोना और चांदी दोनों ने निवेशकों को शानदार रिटर्न दिया है। इस साल अब तक सोने की कीमतों में करीब ₹57,033 यानी लगभग 75 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वहीं चांदी के दामों में ₹1,44,403 की जबरदस्त तेजी आई है, जो करीब 167 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाती है।भू-राजनीतिक तनाव, रूस-यूक्रेन युद्ध और वैश्विक आर्थिक सुस्ती के संकेतों ने सोने को एक बार फिर सुरक्षित निवेश का मजबूत विकल्प बना दिया है। चीन सहित कई देशों के केंद्रीय बैंक लगातार अपने गोल्ड रिजर्व में इजाफा कर रहे हैं, जिससे मांग और कीमतों दोनों को समर्थन मिल रहा है।
बाजार जानकारों का मानना है कि यदि वैश्विक हालात ऐसे ही बने रहे, तो आने वाले महीनों में सोने और चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव के साथ तेजी बनी रह सकती है। हालांकि निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि वे बाजार की चाल और जोखिम को समझते हुए ही निवेश का फैसला लें।देश में कीमती धातुओं की कीमतों ने एक बार फिर निवेशकों को चौंका दिया है। बुधवार को सोना और चांदी दोनों ही नई ऊंचाइयों पर पहुंच गए। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक, चांदी की कीमतों में लगातार तीसरे दिन तेज उछाल दर्ज किया गया है। बुधवार को एक किलो चांदी ₹14,145 महंगी होकर ₹2,77,175 के स्तर पर पहुंच गई। बीते महज तीन दिनों में चांदी की कीमतों में कुल ₹34 हजार से अधिक की छलांग लग चुकी है, जो हालिया वर्षों में सबसे तेज बढ़ोतरी मानी जा रही है।सोने की कीमतें भी ऐतिहासिक रिकॉर्ड बनाती नजर आ रही हैं। 24 कैरेट सोना बुधवार को ₹1,868 की मजबूती के साथ ₹1,42,152 प्रति 10 ग्राम पर खुला। यह अब तक का सर्वकालिक उच्च स्तर है। इससे पहले मंगलवार को सोना ₹1,40,482 प्रति 10 ग्राम के भाव पर बंद हुआ था। लगातार बढ़ती कीमतों ने एक बार फिर सोने को निवेशकों के लिए सुरक्षित विकल्प के रूप में स्थापित कर दिया है।
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता, कमजोर डॉलर और केंद्रीय बैंकों की आक्रामक खरीदारी ने कीमती धातुओं को मजबूती दी है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर के कमजोर होने से सोने की होल्डिंग कॉस्ट कम हो गई है, जिससे निवेशकों का रुझान तेजी से सोने की ओर बढ़ा है। वहीं चांदी को केवल कीमती धातु ही नहीं, बल्कि एक अहम औद्योगिक धातु के रूप में भी देखा जा रहा है, जिससे इसकी मांग लगातार बढ़ रही है।विशेषज्ञों के अनुसार चांदी की कीमतों में तेजी के पीछे सोलर एनर्जी, इलेक्ट्रॉनिक्स और इलेक्ट्रिक व्हीकल सेक्टर से आ रही मजबूत औद्योगिक मांग बड़ी वजह है। इसके अलावा अमेरिका में संभावित टैरिफ नीतियों को लेकर कंपनियां पहले से चांदी का स्टॉक बढ़ा रही हैं, जिससे सप्लाई पर दबाव बना हुआ है।
आईबीजेए द्वारा जारी किए गए सोने और चांदी के भाव में 3 प्रतिशत जीएसटी, मेकिंग चार्ज और ज्वेलर्स का मार्जिन शामिल नहीं होता। इसी कारण दिल्ली, मुंबई, चेन्नई और कोलकाता जैसे शहरों में खुदरा स्तर पर कीमतें अलग-अलग हो सकती हैं। आईबीजेए के रेट का उपयोग रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया द्वारा सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड की कीमत तय करने और बैंकों द्वारा गोल्ड लोन की गणना के लिए किया जाता है।अगर पिछले एक साल के प्रदर्शन पर नजर डालें, तो 2025 में सोना और चांदी दोनों ने निवेशकों को शानदार रिटर्न दिया है। इस साल अब तक सोने की कीमतों में करीब ₹57,033 यानी लगभग 75 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वहीं चांदी के दामों में ₹1,44,403 की जबरदस्त तेजी आई है, जो करीब 167 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाती है।
भू-राजनीतिक तनाव, रूस-यूक्रेन युद्ध और वैश्विक आर्थिक सुस्ती के संकेतों ने सोने को एक बार फिर सुरक्षित निवेश का मजबूत विकल्प बना दिया है। चीन सहित कई देशों के केंद्रीय बैंक लगातार अपने गोल्ड रिजर्व में इजाफा कर रहे हैं, जिससे मांग और कीमतों दोनों को समर्थन मिल रहा है।बाजार जानकारों का मानना है कि यदि वैश्विक हालात ऐसे ही बने रहे, तो आने वाले महीनों में सोने और चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव के साथ तेजी बनी रह सकती है। हालांकि निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि वे बाजार की चाल और जोखिम को समझते हुए ही निवेश का फैसला लें।