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  • त्योहारी सीजन से पहले गोल्ड ईटीएफ एफओएफ में नए निवेश पर रोक, एसआईपी और लंपसम निवेशकों के लिए बदले नियम

    त्योहारी सीजन से पहले गोल्ड ईटीएफ एफओएफ में नए निवेश पर रोक, एसआईपी और लंपसम निवेशकों के लिए बदले नियम

    नई दिल्ली ।त्योहारी सीजन में सोने की मांग बढ़ने से पहले कई म्यूचुअल फंड कंपनियों ने गोल्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ईटीएफ) से जुड़े फंड-ऑफ-फंड्स (एफओएफ) में नए निवेश पर अस्थायी रोक लगा दी है। यह व्यवस्था 16 अक्टूबर 2026 से लागू किए जाने की जानकारी सामने आई है। इसके तहत नए एकमुश्त निवेश, नई सिस्टेमेटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (एसआईपी) के पंजीकरण और पहले से चल रही एसआईपी में अतिरिक्त निवेश से जुड़े कुछ अनुरोधों पर प्रतिबंध लगाया गया है।
    निवेशकों को भेजी गई सूचनाओं के अनुसार, यह रोक अगले आदेश तक लागू रहेगी। कुछ फंड हाउसों ने इसके दायरे में स्विच-इन लेनदेन और नई सिस्टेमेटिक ट्रांसफर प्लान (एसटीपी) के पंजीकरण को भी शामिल किया है। हालांकि, सभी कंपनियों के नियम और प्रतिबंधों का दायरा एक जैसा हो, यह जरूरी नहीं है। निवेशकों को संबंधित फंड हाउस की ओर से जारी सूचना के आधार पर अपने निवेश संबंधी फैसले लेने होंगे।
    गोल्ड ईटीएफ एफओएफ ऐसी म्यूचुअल फंड योजनाएं होती हैं, जो मुख्य रूप से गोल्ड ईटीएफ की इकाइयों में निवेश करती हैं। इनके माध्यम से निवेशक सीधे सोने के आभूषण या सिक्के खरीदे बिना सोने की कीमतों से जुड़े निवेश का विकल्प चुन सकते हैं। नए निवेश पर रोक का मतलब यह नहीं है कि इन योजनाओं में पहले से निवेश करने वाले सभी निवेशकों का पैसा निकालने पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है।
    फंड कंपनियों की ओर से जारी सूचनाओं में स्पष्ट किया गया है कि प्रतिबंध लागू होने से पहले पंजीकृत एसआईपी और एसटीपी की निर्धारित किस्तों का लेनदेन सामान्य रूप से जारी रहेगा। यानी पहले से पंजीकृत योजनाओं के तहत होने वाले नियमित निवेश पर सामान्य तौर पर असर नहीं पड़ेगा। हालांकि, मौजूदा एसआईपी में अतिरिक्त राशि जोड़ने या निवेश बढ़ाने के अनुरोधों पर रोक लागू हो सकती है।
    निवेशकों के लिए राहत की बात यह है कि रिडेम्प्शन यानी निवेश की रकम वापस लेने और स्विच-आउट के अनुरोधों पर इन प्रतिबंधों का असर नहीं पड़ेगा। इससे पहले से निवेश कर चुके लोगों के लिए अपनी इकाइयां भुनाने या दूसरी योजना में स्थानांतरित करने का विकल्प बना रहेगा। संबंधित कंपनियों ने यह भी बताया है कि निर्धारित कट-ऑफ समय के बाद जमा किए गए कुछ आवेदन अस्वीकार किए जा सकते हैं और निवेशकों की राशि वापस की जा सकती है।
    हालांकि, म्यूचुअल फंड कंपनियों की ओर से जारी सूचनाओं में नए निवेश पर रोक लगाने का कोई स्पष्ट कारण नहीं बताया गया है। एक फंड हाउस ने इसे नियामकीय स्तर पर हुई चर्चाओं के बाद उद्योग के माध्यम से मिले निर्देशों के अनुरूप उठाया गया कदम बताया है। इसलिए इस फैसले के पीछे किसी एक कारण को निश्चित रूप से जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता।
    यह कदम ऐसे समय उठाया गया है, जब दशहरा और दिवाली जैसे त्योहारों के दौरान भारत में सोने की मांग आमतौर पर बढ़ जाती है। इस अवधि में लोग आभूषणों और अन्य रूपों में सोना खरीदते हैं। भारत घरेलू जरूरतों को पूरा करने के लिए बड़े पैमाने पर सोने के आयात पर निर्भर है। आयात में बढ़ोतरी से व्यापार घाटे पर दबाव पड़ सकता है और रुपये की स्थिति भी प्रभावित हो सकती है।
    इस वर्ष की शुरुआत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं और पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के संदर्भ में विदेशी मुद्रा भंडार को सुरक्षित रखने की अपील की थी। उन्होंने नागरिकों से एक वर्ष तक सोना खरीदने से बचने का आग्रह किया था। प्रधानमंत्री ने समारोहों और अन्य अवसरों पर सोने के आभूषण नहीं खरीदने का संकल्प लेने की बात कही थी।
    फिलहाल गोल्ड ईटीएफ एफओएफ में नए निवेश पर लगी रोक अस्थायी है और अगले आदेश तक प्रभावी रहेगी। निवेश करने या एसआईपी में बदलाव करने की योजना बना रहे लोगों के लिए संबंधित म्यूचुअल फंड कंपनी की ताजा सूचना और लागू शर्तों की जांच करना जरूरी होगा।
  • सोने और चांदी की कीमतों में लौटी तेजी, 24 कैरेट गोल्ड 1.47 लाख रुपये के पार, जानिए दिल्ली से भोपाल तक के ताजा भाव

    सोने और चांदी की कीमतों में लौटी तेजी, 24 कैरेट गोल्ड 1.47 लाख रुपये के पार, जानिए दिल्ली से भोपाल तक के ताजा भाव

    नई दिल्ली ।भारतीय सर्राफा बाजार में गुरुवार, 15 अक्टूबर 2026 को सोने और चांदी की कीमतों में तेजी देखने को मिली। एक दिन पहले दोनों कीमती धातुओं के भाव में गिरावट दर्ज की गई थी, लेकिन गुरुवार को बाजार में फिर बढ़त लौट आई। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, सोने की कीमत में करीब 1,420 रुपये प्रति 10 ग्राम तक का इजाफा हुआ। वहीं, चांदी का भाव भी लगभग 1,120 रुपये प्रति किलोग्राम बढ़ गया।

    ताजा दरों के मुताबिक, दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, लखनऊ और जयपुर जैसे शहरों में 22 कैरेट सोने की कीमत 1,35,200 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर से ऊपर पहुंच गई। वहीं, 24 कैरेट सोने का भाव 1,47,500 रुपये प्रति 10 ग्राम से अधिक दर्ज किया गया। कीमतों में इस बढ़ोतरी के बाद सोना खरीदने की योजना बना रहे लोगों के लिए अलग-अलग शहरों के भाव जानना महत्वपूर्ण हो गया है।

    राजधानी दिल्ली में 24 कैरेट सोने की कीमत 1,47,510 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई। यहां 22 कैरेट सोने का भाव 1,35,218 रुपये प्रति 10 ग्राम रहा। जयपुर और लखनऊ में भी दोनों श्रेणियों के सोने की कीमतें दिल्ली के समान रहीं। इन शहरों में 24 कैरेट गोल्ड 1,47,510 रुपये और 22 कैरेट सोना 1,35,218 रुपये प्रति 10 ग्राम पर दर्ज किया गया।

    मुंबई में 24 कैरेट सोने की कीमत 1,47,360 रुपये प्रति 10 ग्राम रही, जबकि 22 कैरेट सोने का भाव 1,35,068 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया। कोलकाता और बेंगलुरु में भी सोने की कीमतें मुंबई के समान रहीं। इन दोनों शहरों में 24 कैरेट सोना 1,47,360 रुपये और 22 कैरेट सोना 1,35,068 रुपये प्रति 10 ग्राम पर रहा।

    अहमदाबाद में 24 कैरेट सोने की कीमत 1,47,410 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई। यहां 22 कैरेट गोल्ड का भाव 1,35,118 रुपये प्रति 10 ग्राम रहा। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में भी सोने की कीमतें अहमदाबाद के समान रहीं। भोपाल में 24 कैरेट सोना 1,47,410 रुपये और 22 कैरेट सोना 1,35,118 रुपये प्रति 10 ग्राम पर दर्ज किया गया।

    सोने के साथ चांदी की कीमतों में भी बढ़त दर्ज की गई। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, पिछले दिन की तुलना में चांदी करीब 1,120 रुपये प्रति किलोग्राम महंगी हुई। इसके बाद अधिकांश शहरों में चांदी का भाव बढ़कर 2,09,460 रुपये प्रति किलोग्राम पहुंच गया।

    गुरुवार को दर्ज हुए भाव में दिल्ली और जयपुर में सोने की कीमत सबसे अधिक रही, जबकि मुंबई, कोलकाता और बेंगलुरु में भाव अपेक्षाकृत कम दर्ज किया गया। अहमदाबाद और भोपाल में सोने की दरें इन दोनों समूहों के बीच रहीं। हालांकि, सोने और चांदी की कीमतों में लगातार बदलाव के कारण खरीदारी से पहले संबंधित शहर का ताजा भाव जानना जरूरी है। यहां दिए गए आंकड़े 15 अक्टूबर 2026 को उपलब्ध दरों पर आधारित हैं।

  • गोल्ड ईटीएफ में सितंबर के दौरान निवेश 71.4 प्रतिशत बढ़कर 4,451 करोड़ रुपये पहुंचा, इक्विटी फंड और एसआईपी में भी निवेशकों की मजबूत भागीदारी

    गोल्ड ईटीएफ में सितंबर के दौरान निवेश 71.4 प्रतिशत बढ़कर 4,451 करोड़ रुपये पहुंचा, इक्विटी फंड और एसआईपी में भी निवेशकों की मजबूत भागीदारी

    नई दिल्ली ।सितंबर 2026 में गोल्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ईटीएफ) में निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ी है। इस दौरान गोल्ड ईटीएफ में शुद्ध निवेश अगस्त के 2,597 करोड़ रुपये से बढ़कर 4,451 करोड़ रुपये हो गया। महीने-दर-महीने आधार पर इसमें 71.4 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। यह आंकड़ा दर्शाता है कि निवेशकों का रुझान सोने से जुड़े निवेश विकल्पों की ओर बढ़ा है। हालांकि, सोने में निवेश बढ़ने के बावजूद व्यापक म्यूचुअल फंड उद्योग को सितंबर में शुद्ध निकासी का सामना करना पड़ा।

    सितंबर के दौरान पूरे म्यूचुअल फंड उद्योग से कुल 1.33 लाख करोड़ रुपये की शुद्ध निकासी दर्ज की गई। इसके विपरीत, अगस्त में उद्योग में 41,353 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश आया था। इस बड़े बदलाव की प्रमुख वजह फिक्स्ड इनकम से जुड़ी म्यूचुअल फंड योजनाओं से भारी निकासी रही। खासतौर पर डेट म्यूचुअल फंड से निवेशकों ने बड़ी रकम निकाली, जिससे उद्योग के कुल निवेश प्रवाह पर दबाव पड़ा।

    सितंबर में डेट म्यूचुअल फंड योजनाओं से शुद्ध निकासी बढ़कर 1.83 लाख करोड़ रुपये हो गई, जबकि अगस्त में यह आंकड़ा 8,127 करोड़ रुपये था। डेट फंड से इतनी बड़ी निकासी का असर म्यूचुअल फंड उद्योग की कुल प्रबंधन अधीन परिसंपत्तियों यानी एसेट अंडर मैनेजमेंट (एयूएम) पर भी दिखाई दिया। अगस्त में उद्योग का कुल एयूएम 87.08 लाख करोड़ रुपये था, जो सितंबर में घटकर 82.64 लाख करोड़ रुपये रह गया। इस तरह एक महीने में कुल एयूएम में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई।

    दूसरी ओर, इक्विटी म्यूचुअल फंड योजनाओं में निवेशकों की भागीदारी मजबूत बनी रही। सितंबर में इक्विटी फंड में शुद्ध निवेश 30.6 प्रतिशत बढ़कर 38,307 करोड़ रुपये पहुंच गया, जबकि अगस्त में यह 29,328 करोड़ रुपये था। इक्विटी श्रेणी में स्मॉल-कैप फंड निवेशकों की पसंद बने रहे। इन योजनाओं में सितंबर के दौरान 9,039 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश आया, जो अगस्त के 7,973 करोड़ रुपये से अधिक था।

    मिड-कैप फंड में भी निवेश बढ़ा। सितंबर में इन योजनाओं में 7,835 करोड़ रुपये का निवेश दर्ज किया गया, जबकि अगस्त में यह 6,989 करोड़ रुपये था। इसी तरह फ्लेक्सी-कैप फंड में शुद्ध निवेश अगस्त के 5,059 करोड़ रुपये से बढ़कर सितंबर में 6,702 करोड़ रुपये हो गया। सेक्टोरल और थीमैटिक फंड में भी निवेशकों की भागीदारी बढ़ी। इन योजनाओं में सितंबर में 3,640 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश आया, जबकि पिछले महीने यह 1,713 करोड़ रुपये था।

    लार्ज-कैप फंड भी सितंबर में सकारात्मक स्थिति में लौट आए। अगस्त में इन योजनाओं से 1,147 करोड़ रुपये की शुद्ध निकासी हुई थी, लेकिन सितंबर में इनमें 859 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश दर्ज किया गया। वहीं, मल्टी-एसेट एलोकेशन फंड में निवेश लगभग स्थिर रहा। सितंबर में इन योजनाओं को 3,667 करोड़ रुपये मिले, जबकि अगस्त में यह राशि 3,671 करोड़ रुपये थी।

    नियमित निवेश के मामले में सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (एसआईपी) के जरिए योगदान मजबूत बना रहा। सितंबर में मासिक एसआईपी निवेश बढ़कर रिकॉर्ड 32,490 करोड़ रुपये पहुंच गया, जबकि अगस्त में यह 32,297 करोड़ रुपये था। इस तरह गोल्ड ईटीएफ और इक्विटी फंड में बढ़ते निवेश के साथ एसआईपी योगदान ने भी निवेशकों की निरंतर भागीदारी को दर्शाया। वहीं, डेट फंड से भारी निकासी सितंबर के दौरान म्यूचुअल फंड उद्योग की सबसे प्रमुख वित्तीय गतिविधियों में शामिल रही।

  • सोने की कीमतों में 1,443 रुपये की गिरावट, चांदी भी 1,552 रुपये फिसली, जानें घरेलू बाजार में भाव और आगे के अहम स्तर

    सोने की कीमतों में 1,443 रुपये की गिरावट, चांदी भी 1,552 रुपये फिसली, जानें घरेलू बाजार में भाव और आगे के अहम स्तर

    नई दिल्ली । सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार, 12 अक्टूबर 2026 को घरेलू वायदा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर शुरुआती कारोबार के दौरान सोना 1,443 रुपये प्रति 10 ग्राम तक टूट गया, जबकि चांदी की कीमत में 1,552 रुपये प्रति किलोग्राम तक की कमी आई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में दोनों कीमती धातुओं के भाव में हल्की तेजी के बावजूद भारतीय बाजार में कीमतें नीचे रहीं। इसके पीछे रुपये की मजबूती और निवेशकों की मुनाफावसूली को प्रमुख कारण बताया गया।

    एमसीएक्स पर 4 दिसंबर को डिलीवरी वाला सोना पिछले कारोबारी सत्र में 1,51,499 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। सोमवार को यह 1,51,596 रुपये पर खुला, लेकिन शुरुआती कारोबार में बिकवाली बढ़ने से भाव गिरकर 1,50,056 रुपये प्रति 10 ग्राम के निचले स्तर पर पहुंच गया। इस तरह सोने में 1,443 रुपये यानी करीब 0.95 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, सोने के लिए 1,50,000 से 1,50,700 रुपये का दायरा महत्वपूर्ण सपोर्ट स्तर है।

    चांदी में भी कारोबार के दौरान दबाव बना रहा। एमसीएक्स पर दिसंबर डिलीवरी वाली चांदी पिछले सत्र में 2,25,755 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी। सोमवार को यह 2,25,494 रुपये पर खुली, जो पिछले बंद भाव से करीब 0.11 प्रतिशत कम था। इसके बाद कीमत और नीचे आई तथा चांदी 2,24,203 रुपये प्रति किलोग्राम के निचले स्तर तक पहुंच गई। इस दौरान इसमें 1,552 रुपये यानी लगभग 0.68 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। विश्लेषकों का मानना है कि औद्योगिक मांग चांदी को कुछ समर्थन दे सकती है, लेकिन रुपये की मजबूती निकट भविष्य में इसकी कीमतों पर दबाव बनाए रख सकती है।

    वैश्विक बाजार में तस्वीर कुछ अलग रही। कॉमेक्स पर सोना 4,200 डॉलर प्रति औंस के ऊपर कारोबार करता दिखाई दिया, जबकि चांदी का भाव करीब 61.1 डॉलर प्रति औंस रहा। अंतरराष्ट्रीय कीमतों में मजबूती के बावजूद भारतीय बाजार में गिरावट की एक प्रमुख वजह रुपये में संभावित मजबूती की उम्मीद है। भारतीय रिजर्व बैंक के हालिया कदमों से रुपये को समर्थन मिलने की संभावना के बीच निवेशक इस घटनाक्रम पर नजर रख रहे हैं। रुपया मजबूत होने पर आयातित सोना और चांदी घरेलू बाजार में अपेक्षाकृत सस्ते पड़ सकते हैं।

    आने वाले दिनों में बाजार की दिशा तय करने वाले प्रमुख कारकों में अमेरिका के उपभोक्ता मूल्य सूचकांक यानी सीपीआई के आंकड़े और फेडरल रिजर्व की ब्याज दर नीति शामिल हैं। बाजार में दिसंबर के दौरान ब्याज दरों में संभावित बढ़ोतरी की उम्मीद भी बनी हुई है। आम तौर पर ऊंची ब्याज दरें सोने जैसी ऐसी संपत्तियों का आकर्षण घटा सकती हैं, जिनसे नियमित ब्याज नहीं मिलता। इसलिए आने वाले आर्थिक आंकड़ों के आधार पर निवेशकों की रणनीति में बदलाव देखने को मिल सकता है।

    वैश्विक अर्थव्यवस्था को लेकर भी अनिश्चितता बनी हुई है। संयुक्त राष्ट्र की व्यापार एवं विकास एजेंसी ने 2026 में वैश्विक आर्थिक वृद्धि दर घटकर 2.6 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया है। पश्चिम एशिया में जारी तनाव और ऊर्जा कीमतों में उतार-चढ़ाव को भी आर्थिक जोखिमों में शामिल किया गया है। विशेषज्ञों के मुताबिक, भू-राजनीतिक अनिश्चितता लंबे समय में सोने की सुरक्षित निवेश विकल्प के रूप में मांग को समर्थन दे सकती है।

    तकनीकी स्तरों के लिहाज से सोने के लिए 1.50 लाख रुपये के आसपास का भाव अहम माना जा रहा है। यह स्तर टूटने पर कीमत 1.48 लाख रुपये तक जा सकती है, जबकि ऊपर की ओर 1.52 लाख से 1.53 लाख रुपये का दायरा प्रमुख प्रतिरोध स्तर है। चांदी के लिए 2.24 लाख रुपये प्रति किलोग्राम का स्तर महत्वपूर्ण है। कीमतों में मजबूती आने पर इसका भाव 2.28 लाख रुपये तक पहुंचने की संभावना जताई गई है।

  • सोने-चांदी के भाव में 11 अक्टूबर को कितना बदलाव, जानें 24, 22 और 18 कैरेट गोल्ड के रेट और चांदी की कीमत

    सोने-चांदी के भाव में 11 अक्टूबर को कितना बदलाव, जानें 24, 22 और 18 कैरेट गोल्ड के रेट और चांदी की कीमत

    नई दिल्ली । रविवार, 11 अक्टूबर 2026 को सोने और चांदी की कीमतों पर खरीदारी करने वालों और निवेशकों की नजर बनी हुई है। त्योहारों और शादी-ब्याह के लिए गहने खरीदने की तैयारी कर रहे लोगों के लिए 24, 22 और 18 कैरेट सोने के भाव जानना जरूरी है। अलग-अलग बाजारों और रेट ट्रैकर्स पर कीमतों में अंतर देखने को मिल सकता है। ऐसे में सोना या चांदी खरीदने से पहले संबंधित शहर के ताजा भाव की जानकारी लेना उपयोगी रहता है।

    11 अक्टूबर के बाजार आंकड़ों के अनुसार, 24 कैरेट सोने की कीमत करीब 1.49 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम बताई गई है। वहीं, 22 कैरेट सोने का भाव लगभग 1.37 लाख रुपये और 18 कैरेट सोने की कीमत करीब 1.12 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई। ये कीमतें उपलब्ध बाजार जानकारी पर आधारित हैं। अलग-अलग कारोबारी स्रोतों पर सोने के भाव में अंतर होने के कारण खरीदारी से पहले स्थानीय जौहरी से दर की पुष्टि करना जरूरी है।

    सोने की शुद्धता के आधार पर उसके इस्तेमाल में भी अंतर होता है। 24 कैरेट सोना सबसे शुद्ध माना जाता है। हालांकि, यह अपेक्षाकृत नरम होता है, इसलिए इससे सामान्य तौर पर रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाले मजबूत आभूषण नहीं बनाए जाते। निवेश के लिए इस्तेमाल होने वाले सोने के सिक्कों और बार में आमतौर पर 24 कैरेट सोने का उपयोग किया जाता है। इसकी कीमत जानना उन लोगों के लिए महत्वपूर्ण है, जो सोने में निवेश करने की योजना बना रहे हैं।

    दूसरी ओर, 22 कैरेट सोने में थोड़ी मात्रा में अन्य धातुएं मिलाई जाती हैं। इससे सोना अधिक मजबूत बनता है और उससे गहने तैयार करना आसान होता है। इसी वजह से पारंपरिक आभूषणों और शादी-ब्याह में पहने जाने वाले गहनों के लिए 22 कैरेट सोने का इस्तेमाल आम है। वहीं, 18 कैरेट सोने में भी दूसरी धातुओं का मिश्रण होता है। इसका उपयोग अलग-अलग डिजाइन के आभूषण बनाने में किया जाता है। इन तीनों श्रेणियों की कीमतों में शुद्धता के अंतर के कारण फर्क रहता है।

    चांदी की कीमतों की बात करें तो 11 अक्टूबर को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर चांदी का भाव 2,25,820 रुपये प्रति किलोग्राम बताया गया। पिछले कारोबारी सत्र में इसका बंद भाव 2,22,575 रुपये प्रति किलोग्राम दर्ज किया गया था। वहीं, बुलियन बाजार के उपलब्ध आंकड़ों में चांदी की कीमत 2,26,100 रुपये प्रति किलोग्राम बताई गई। इन दरों में अंतर अलग-अलग बाजारों और मूल्य निर्धारण के आधार पर हो सकता है। इसलिए खरीदारी के समय संबंधित बाजार का भाव जांचना जरूरी है।

    सोना या चांदी खरीदते समय केवल घोषित बाजार भाव के आधार पर फैसला करना पर्याप्त नहीं है। गहने खरीदने वाले ग्राहकों को सोने की शुद्धता, हॉलमार्क और मेकिंग चार्ज की जानकारी भी लेनी चाहिए। अलग-अलग दुकानों पर मेकिंग चार्ज में अंतर हो सकता है, जिसका असर अंतिम कीमत पर पड़ता है। इसके अलावा, दिन के दौरान कीमतों में बदलाव संभव है। इसलिए भुगतान करने से पहले जौहरी से उस समय लागू दर और पूरे बिल की जानकारी लेना बेहतर रहेगा।

  • सोने की कीमत में इस सप्ताह 1,292 रुपये की बढ़ोतरी, चांदी भी महंगी होकर 2.21 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के पार पहुंची

    सोने की कीमत में इस सप्ताह 1,292 रुपये की बढ़ोतरी, चांदी भी महंगी होकर 2.21 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के पार पहुंची

    नई दिल्ली । सोने की कीमतों में इस सप्ताह तेजी दर्ज की गई। 24 कैरेट सोने का भाव 1,292 रुपये प्रति 10 ग्राम बढ़कर 1,49,430 रुपये हो गया। सप्ताह की शुरुआत में इसका भाव 1,48,138 रुपये प्रति 10 ग्राम था। वहीं, चांदी की कीमत में भी बढ़ोतरी हुई और यह 280 रुपये महंगी होकर 2,21,109 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई। इससे पहले चांदी का भाव 2,20,829 रुपये प्रति किलोग्राम था। हालांकि, सप्ताह के दौरान दोनों कीमती धातुओं के भाव में उतार-चढ़ाव बना रहा।

    सोने की अलग-अलग शुद्धता वाली श्रेणियों में भी कीमतें बढ़ीं। 22 कैरेट सोने का भाव बढ़कर 1,36,878 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गया, जबकि इससे पहले यह 1,35,694 रुपये प्रति 10 ग्राम था। इसी तरह 18 कैरेट सोने की कीमत 1,11,104 रुपये से बढ़कर 1,12,073 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गई। इन आंकड़ों के मुताबिक, सप्ताह के दौरान 24, 22 और 18 कैरेट सोने की कीमतों में बढ़ोतरी दर्ज की गई।

    सप्ताह के दौरान सोने के भाव में अलग-अलग सत्रों में बदलाव देखने को मिला। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, 6 अक्टूबर को सुबह के सत्र में सोने का भाव 1,47,278 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया, जिसे सप्ताह का उच्चतम भाव बताया गया है। वहीं, 9 अक्टूबर को सुबह के सत्र में इसका भाव 1,49,614 रुपये प्रति 10 ग्राम रहा, जिसे न्यूनतम कीमत बताया गया है। हालांकि, इन दोनों तारीखों के साथ दिए गए भावों और उच्चतम तथा न्यूनतम स्तर के विवरण में विसंगति दिखाई देती है। इसलिए इन आंकड़ों के आधार पर सप्ताह के सबसे ऊंचे और सबसे नीचे भाव की स्थिति स्पष्ट नहीं होती।

    चांदी के भाव में भी सप्ताह के दौरान उतार-चढ़ाव रहा। इसका साप्ताहिक भाव 280 रुपये बढ़कर 2,21,109 रुपये प्रति किलोग्राम हो गया। उपलब्ध विवरण के मुताबिक, 5 अक्टूबर को शाम के सत्र में चांदी का भाव 2,24,157 रुपये प्रति किलोग्राम दर्ज किया गया, जिसे सप्ताह का उच्चतम स्तर बताया गया। वहीं, 7 अक्टूबर को शाम के सत्र में कीमत 2,20,866 रुपये प्रति किलोग्राम रही, जिसे न्यूनतम स्तर बताया गया। इन आंकड़ों से पता चलता है कि सप्ताह के अलग-अलग कारोबारी सत्रों में चांदी की कीमतों में अंतर रहा।

    सोने और चांदी के दैनिक भाव सुबह और शाम के सत्र में जारी किए जाते हैं। इस व्यवस्था के तहत दोनों कीमती धातुओं की कीमतों में दिन के दौरान होने वाले बदलाव दर्ज किए जाते हैं। साप्ताहिक भाव में बढ़ोतरी के बावजूद, दोनों धातुओं की कीमतों में पूरे सप्ताह एक समान तेजी नहीं रही और अलग-अलग सत्रों में उतार-चढ़ाव देखने को मिला।

    अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने और चांदी की कीमतें ऊंचे स्तर पर बनी रहीं। सोने का भाव 4,200 डॉलर प्रति औंस और चांदी का भाव 60 डॉलर प्रति औंस के करीब पहुंच गया। बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, इस सप्ताह दोनों कीमती धातुओं की कीमतें एक सीमित दायरे में रहीं। बॉन्ड यील्ड का लगातार 5 प्रतिशत पर बने रहना और कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर रहना इसके प्रमुख कारणों में शामिल रहे।

    विशेषज्ञों के अनुसार, मजबूत अमेरिकी डॉलर का दबाव भी सोने और चांदी की कीमतों पर बना हुआ है। इस तरह घरेलू बाजार में सप्ताह के दौरान दोनों धातुओं के भाव बढ़े, जबकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में बॉन्ड यील्ड, कच्चे तेल और डॉलर की स्थिति ने उनकी कीमतों को प्रभावित किया।

  • ऊंची अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और वैश्विक तनाव से सोने-चांदी पर दबाव, दोनों कीमती धातुओं में एक प्रतिशत से ज्यादा गिरावट

    ऊंची अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और वैश्विक तनाव से सोने-चांदी पर दबाव, दोनों कीमती धातुओं में एक प्रतिशत से ज्यादा गिरावट

    नई दिल्ली ।ऊंची अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण मंगलवार को घरेलू बाजार में सोने और चांदी की कीमतों पर दबाव देखने को मिला। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी एमसीएक्स पर दोनों कीमती धातुओं में गिरावट दर्ज की गई। कारोबार के दौरान चांदी में गिरावट सोने के मुकाबले अधिक रही।

    दिसंबर डिलीवरी वाला सोना वायदा 487 रुपये यानी 0.33 प्रतिशत की गिरावट के साथ 1,48,410 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था। कारोबार के दौरान सोना 747 रुपये यानी 0.50 प्रतिशत गिरकर 1,48,150 रुपये प्रति 10 ग्राम के इंट्राडे निचले स्तर तक पहुंच गया। इसका दिन का उच्चतम स्तर 1,49,034 रुपये रहा।

    चांदी वायदा में भी दबाव ज्यादा दिखाई दिया। दिसंबर डिलीवरी वाली चांदी कारोबार के दौरान 2,942 रुपये यानी 1.29 प्रतिशत की गिरावट के साथ 2,24,500 रुपये प्रति किलोग्राम के इंट्राडे निचले स्तर तक पहुंच गई। बाद में इसमें गिरावट कुछ कम हुई और यह 2,104 रुपये यानी 0.93 प्रतिशत नीचे 2,25,338 रुपये प्रति किलोग्राम पर कारोबार करती रही।

    कीमती धातुओं में कमजोरी के पीछे अमेरिका और ईरान के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर बढ़ता तनाव प्रमुख कारणों में शामिल रहा। इस तनाव के कारण वैश्विक ऊर्जा कीमतों पर दबाव बना हुआ है। वहीं अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में तेजी से सोने और चांदी जैसे गैर-ब्याज देने वाले निवेश विकल्पों की आकर्षण क्षमता प्रभावित हुई है।

    अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने पर दबाव बना रहा। पिछले कारोबारी सत्र में स्पॉट गोल्ड में करीब 4 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई थी। इसके बाद कीमत सात सप्ताह के निचले स्तर तक पहुंच गई थी।

    ईरान की ओर से नवंबर में होने वाले अमेरिकी मध्यावधि चुनावों से पहले वॉशिंगटन के साथ किसी समझौते की संभावना को लेकर निराशा जताए जाने से स्थिति और जटिल हुई। इसके बाद अमेरिका की ओर से होर्मुज जलडमरूमध्य को सात दिनों के भीतर फिर से खोलने संबंधी ईरान के प्रस्ताव को खारिज किए जाने से ऊर्जा बाजार में अनिश्चितता बनी रही।

    बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, सोने के लिए निकट अवधि में 1,50,000 से 1,50,700 रुपये का स्तर पहला प्रतिरोध क्षेत्र है। इसके ऊपर 1,52,000 से 1,52,600 रुपये का स्तर महत्वपूर्ण रहेगा। नीचे की ओर 1,48,000 से 1,47,300 रुपये का दायरा प्रमुख समर्थन क्षेत्र माना जा रहा है। 1,48,000 रुपये से नीचे मजबूती से फिसलने पर सोने में और गिरावट का दबाव बन सकता है।

    चांदी के लिए 2,27,000 से 2,28,000 रुपये प्रति किलोग्राम का स्तर निकटतम प्रतिरोध है। इसके ऊपर 2,32,000 से 2,33,000 रुपये का क्षेत्र अगला प्रतिरोध माना जा रहा है। नीचे की ओर 2,24,000 से 2,23,000 रुपये और फिर 2,20,000 से 2,19,000 रुपये प्रमुख समर्थन स्तर हैं।

    विशेषज्ञों के मुताबिक फिलहाल सोने और चांदी दोनों का रुख सतर्क से नकारात्मक बना हुआ है। सोने में मजबूती के संकेत के लिए 1.50 लाख रुपये के ऊपर टिकना जरूरी होगा, जबकि चांदी के लिए 2.28 लाख रुपये का स्तर पार करना महत्वपूर्ण रहेगा। समर्थन स्तर टूटने की स्थिति में दोनों धातुओं पर अतिरिक्त दबाव बना रह सकता है।

  • सोने और चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट, शुरुआती कारोबार में चांदी 2.34 प्रतिशत और सोना 1.80 प्रतिशत तक टूटा

    सोने और चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट, शुरुआती कारोबार में चांदी 2.34 प्रतिशत और सोना 1.80 प्रतिशत तक टूटा

    नई दिल्ली । सोने और चांदी की कीमतों में सोमवार, 28 सितंबर को गिरावट देखने को मिली। घरेलू वायदा बाजार में शुरुआती कारोबार के दौरान दोनों कीमती धातुओं के भाव में कमजोरी दर्ज की गई। कारोबार के शुरुआती दौर में सोना करीब 1.80 प्रतिशत और चांदी 2.34 प्रतिशत तक टूट गई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी दोनों धातुओं की कीमतों में गिरावट रही।

    मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर सोने का 5 अक्टूबर 2026 का वायदा कॉन्ट्रैक्ट पिछले कारोबारी सत्र में 1,50,881 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। सोमवार को यह 1,50,100 रुपये प्रति 10 ग्राम पर खुला। इसके बाद कीमत में और गिरावट दर्ज की गई।

    सुबह 9:50 बजे सोने का वायदा भाव 2,721 रुपये यानी 1.80 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 1,48,160 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था। कारोबारी सत्र के दौरान सोने ने 1,47,667 रुपये प्रति 10 ग्राम का न्यूनतम स्तर छुआ। वहीं, इसका उच्चतम स्तर 1,50,100 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया।

    सोने की तरह चांदी के भाव में भी गिरावट दर्ज की गई। एमसीएक्स पर चांदी का 4 दिसंबर 2026 का वायदा कॉन्ट्रैक्ट पिछले कारोबारी सत्र में 2,34,696 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुआ था। सोमवार को यह 2,32,300 रुपये प्रति किलोग्राम पर खुला।

    सुबह 9:50 बजे चांदी 5,490 रुपये यानी 2.34 प्रतिशत की गिरावट के साथ 2,29,206 रुपये प्रति किलोग्राम पर कारोबार कर रही थी। कारोबार के दौरान चांदी का न्यूनतम भाव 2,28,035 रुपये प्रति किलोग्राम और उच्चतम भाव 2,32,300 रुपये प्रति किलोग्राम रहा।

    घरेलू बाजार के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने और चांदी की कीमतों में कमजोरी देखी गई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना 2.09 प्रतिशत गिरकर 4,230 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा था। वहीं, चांदी की कीमत 3.67 प्रतिशत की गिरावट के साथ 62.43 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई।

    बाजार के जानकारों के मुताबिक, कीमती धातुओं की कीमतों में गिरावट के पीछे अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ओर से ब्याज दरें बढ़ाए जाने की आशंका और डॉलर इंडेक्स में लगातार तेजी को प्रमुख वजह माना जा रहा है। डॉलर इंडेक्स बढ़कर 100.83 पर पहुंच गया है। डॉलर में मजबूती का असर सोने और चांदी की अंतरराष्ट्रीय कीमतों पर भी देखने को मिल रहा है।

    डॉलर इंडेक्स के जरिए दुनिया की छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की स्थिति को मापा जाता है। इसमें यूरो, जापानी येन, पाउंड स्टर्लिंग, कनाडाई डॉलर, स्वीडिश क्रोना और स्विस फ्रैंक शामिल हैं। इन मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की मजबूती या कमजोरी को दर्शाने वाला यह सूचकांक वैश्विक बाजार में डॉलर की स्थिति का संकेत देता है।

    सोमवार के शुरुआती कारोबार में घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों बाजारों में सोने तथा चांदी की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। हालांकि, दिए गए कारोबारी आंकड़े सुबह 9:50 बजे तक के हैं और पूरे दिन के अंतिम भाव इनमें शामिल नहीं हैं।

  • चामुंडा मंदिर में गुप्त दानदाता ने दिए 3 किलो सोना और 6 क्विंटल चांदी, गर्भगृह का बदलेगा स्वरूप

    चामुंडा मंदिर में गुप्त दानदाता ने दिए 3 किलो सोना और 6 क्विंटल चांदी, गर्भगृह का बदलेगा स्वरूप


    नई दिल्ली । हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में स्थित प्रसिद्ध श्री चामुंडा नंदकेश्वर धाम के नवीनीकरण का काम तेजी से चल रहा है। करीब 400 साल पुराने इस धार्मिक स्थल को नए स्वरूप में सजाने के लिए एक गुमनाम दानदाता ने बड़ी मात्रा में सोना और चांदी देने का निर्णय लिया है। पंजाब से जुड़े इस दानदाता की ओर से देवी चामुंडा के सिंहासन के लिए 3 किलो सोना और गर्भगृह की सजावट के लिए 6 क्विंटल चांदी देने की बात सामने आई है।

    मंदिर प्रशासन के मुताबिक, दानदाता ने अपनी पहचान सार्वजनिक नहीं करने का अनुरोध किया है। पहले से मंदिर में मौजूद करीब 2.85 क्विंटल चांदी को भी नए दान के साथ मिलाकर गर्भगृह की सजावट में इस्तेमाल किया जाएगा। इस तरह मंदिर के गर्भगृह को सजाने के लिए उपलब्ध चांदी की कुल मात्रा काफी अधिक हो जाएगी।

    श्री चामुंडा नंदकेश्वर धाम देवी चामुंडा को समर्पित है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार देवी ने चंड और मुंड नाम के राक्षसों का वध किया था। इसी प्रसंग से देवी के चामुंडा स्वरूप का संबंध बताया जाता है। मंदिर परिसर में देवी के मुख्य मंदिर के साथ भगवान शिव का स्वयंभू शिवलिंग भी स्थित है। इसी वजह से यह स्थान चामुंडा नंदकेश्वर धाम के नाम से भी जाना जाता है।

    नवीनीकरण के तहत गर्भगृह में विशेष मार्बल लगाया जा रहा है। इसके लिए वियतनाम से मार्बल मंगाया जा रहा है, जबकि मंदिर के अन्य हिस्सों में राजस्थान के मकराना का मार्बल इस्तेमाल किया जा रहा है। मंदिर में पत्थर और मार्बल से जुड़े काम को तेजी से पूरा किया जा रहा है। उम्मीद है कि नवीनीकरण का यह चरण इस साल के अंत तक पूरा हो जाएगा।

    मंदिर के नंदकेश्वर हिस्से को सुंदर बनाने का काम पहले ही पूरा किया जा चुका है। यहां एक स्वयंभू शिवलिंग स्थित है, जिसके ऊपर एक बड़ा पत्थर मौजूद है। इसके अलावा यज्ञशाला का काम भी पूरा हो चुका है। मंदिर परिसर में किए जा रहे कई अन्य कार्यों में भी दानदाताओं का सहयोग लिया जा रहा है। इनमें से कुछ दानदाताओं ने अपनी पहचान सार्वजनिक नहीं करने की इच्छा जताई है।

    चामुंडा धाम धार्मिक आस्था के साथ अपनी परंपराओं के लिए भी जाना जाता है। विवाह के बाद नए शादीशुदा जोड़े यहां दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं। इसके अलावा देश के अलग-अलग हिस्सों से श्रद्धालु पूरे वर्ष मंदिर में आते हैं। मंदिर बानेर नदी के किनारे स्थित है और हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए पहुंचते हैं।

    मंदिर से जुड़ी स्थानीय धार्मिक मान्यता के अनुसार, कई सदियों पहले एक स्थानीय राजा और पुजारी ने देवी से प्रार्थना की थी कि उनका पवित्र स्थान पहाड़ी की दुर्गम चोटी से हटाकर ऐसी जगह स्थापित किया जाए, जहां श्रद्धालुओं के लिए पहुंचना आसान हो। मान्यता है कि देवी ने पुजारी के सपने में आकर बानेर नदी के किनारे एक स्थान पर खुदाई करने को कहा था।

    कहा जाता है कि खुदाई के दौरान वहां पत्थर की एक प्राचीन मूर्ति मिली। शुरुआत में लोगों ने उसे सामान्य चट्टान समझा और कई लोगों ने उसे उठाने का प्रयास किया, लेकिन वे सफल नहीं हुए। बाद में पुजारी ने स्नान कर श्रद्धापूर्वक वहां पहुंचकर मूर्ति को आसानी से उठा लिया और उसे वर्तमान स्थान पर स्थापित किया। इसी घटना को मंदिर की स्थापना से जुड़ी प्रमुख धार्मिक मान्यताओं में गिना जाता है।

  • एक हफ्ते में सोना 4 हजार और चांदी 10 हजार रुपये सस्ती, दिल्ली सर्राफा बाजार में फिर दिखी हलचल

    एक हफ्ते में सोना 4 हजार और चांदी 10 हजार रुपये सस्ती, दिल्ली सर्राफा बाजार में फिर दिखी हलचल


    नई दिल्ली ।
    दिल्ली के सर्राफा बाजार में शुक्रवार को सोने और चांदी की कीमतों में सप्ताहभर की बड़ी गिरावट के बाद कुछ बदलाव देखने को मिला। सोने के भाव में शुक्रवार को 200 रुपये की मामूली बढ़त दर्ज की गई और 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाला सोना 1,52,600 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। इससे लगातार चार कारोबारी सत्रों से जारी सोने की गिरावट पर फिलहाल विराम लगा।

    इससे एक दिन पहले गुरुवार को सोना 1,52,400 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। शुक्रवार की बढ़त के बावजूद पूरे सप्ताह की तस्वीर देखें तो कीमती धातुओं की कीमतों में काफी दबाव रहा। एक सप्ताह के दौरान सोने के भाव में करीब 4,000 रुपये यानी लगभग 2.5 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। वहीं, चांदी की कीमत में इससे भी बड़ी गिरावट देखने को मिली और यह एक सप्ताह में करीब 10,000 रुपये यानी लगभग 4 प्रतिशत सस्ती हो गई।

    स्थानीय सर्राफा बाजार में शुक्रवार को चांदी की कीमत 2.37 लाख रुपये प्रति किलोग्राम पर स्थिर रही। सप्ताह की शुरुआत में कीमती धातुओं की कीमतों में कमजोरी का असर लगातार कई कारोबारी सत्रों तक देखने को मिला। हालांकि, शुक्रवार को निचले स्तर पर खरीदारी बढ़ने से सोने के भाव को कुछ सहारा मिला और इसमें मामूली सुधार दर्ज किया गया।

    कीमती धातुओं की कीमतों पर अंतरराष्ट्रीय बाजार के घटनाक्रम का भी असर रहा। सप्ताह के दौरान अमेरिकी डॉलर में तेज मजबूती ने सोने पर दबाव बनाया। डॉलर की मजबूती आम तौर पर अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर में कारोबार करने वाली कीमती धातुओं के लिए चुनौती पैदा करती है। हालांकि, सप्ताह के अंत में डॉलर अपने हालिया उच्च स्तर से नीचे आया, जिससे सोने और चांदी को कुछ राहत मिली।

    कच्चे तेल की कीमतों में नरमी का असर भी बाजार के माहौल पर पड़ा। शुक्रवार को इन परिस्थितियों के बीच निवेशकों की धारणा में कुछ सुधार दिखाई दिया। इसके साथ ही बॉन्ड बाजार में स्थिरता आने से भी कीमती धातुओं की कीमतों को सीमित समर्थन मिला।

    विदेशी बाजार में भी शुक्रवार को सोने और चांदी की कीमतों में सुधार दर्ज किया गया। हाजिर सोना 27.73 डॉलर यानी करीब 1 प्रतिशत बढ़कर 4,301.40 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। इसी तरह हाजिर चांदी में करीब 1.4 प्रतिशत की तेजी आई और इसकी कीमत 64.72 डॉलर प्रति औंस रही।

    विदेशी बाजार में आई इस तेजी से सोने की कीमत एक बार फिर 4,300 डॉलर प्रति औंस के स्तर से ऊपर पहुंच गई, जबकि चांदी भी 65 डॉलर प्रति औंस के करीब पहुंची। इससे पिछले दो कारोबारी सत्रों में आई गिरावट से कुछ हद तक उबरने में मदद मिली।

    फिलहाल भारतीय बाजार में सप्ताहभर की गिरावट के बाद सोने और चांदी की कीमतों में शुक्रवार को मिला सुधार निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण रहा। हालांकि, पूरे सप्ताह के आंकड़ों में दोनों कीमती धातुओं की कीमतें अभी भी निचले स्तर पर रहीं। शनिवार और रविवार को सर्राफा बाजार बंद रहने के कारण अब अगले कारोबारी सत्र में कीमतों की दिशा पर बाजार की नजर रहेगी।