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  • जब गोविंदा की गिफ्ट की शर्ट को राजकुमार ने बना दिया रूमाल, बेबाक अंदाज का यह किस्सा आज भी फिल्मी दुनिया में है मशहूर

    जब गोविंदा की गिफ्ट की शर्ट को राजकुमार ने बना दिया रूमाल, बेबाक अंदाज का यह किस्सा आज भी फिल्मी दुनिया में है मशहूर


    नई दिल्ली ।
    हिंदी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता राजकुमार केवल अपनी दमदार संवाद अदायगी और प्रभावशाली अभिनय के लिए ही नहीं, बल्कि अपने बेबाक स्वभाव और अलग अंदाज के लिए भी याद किए जाते हैं। उनके व्यक्तित्व से जुड़े अनेक किस्से आज भी फिल्म जगत में चर्चा का विषय बने रहते हैं। इन्हीं चर्चित घटनाओं में अभिनेता गोविंदा द्वारा उपहार में दी गई शर्ट से जुड़ा एक किस्सा भी शामिल है, जिसे लोग आज भी बड़े दिलचस्प अंदाज में याद करते हैं।

    बताया जाता है कि फिल्म ‘जंगबाज’ की शूटिंग के दौरान गोविंदा ने सम्मान स्वरूप राजकुमार को एक आकर्षक शर्ट भेंट की थी। उन्हें उम्मीद थी कि वरिष्ठ अभिनेता इस उपहार को पहनेंगे। हालांकि कुछ समय बाद जब गोविंदा दोबारा सेट पर पहुंचे तो उन्होंने देखा कि वही शर्ट अब अपने मूल रूप में नहीं थी। राजकुमार ने उसे कटवाकर रूमाल बनवा लिया था। यह देखकर गोविंदा आश्चर्यचकित रह गए। यह घटना बाद में राजकुमार के अनोखे और बेपरवाह व्यक्तित्व का चर्चित उदाहरण बन गई।

    राजकुमार का जन्म 8 अक्टूबर 1926 को तत्कालीन बलूचिस्तान में एक कश्मीरी पंडित परिवार में हुआ था। उनका वास्तविक नाम कुलभूषण पंडित था। फिल्मों में आने से पहले उन्होंने मुंबई पुलिस में सब-इंस्पेक्टर के रूप में सेवा दी। अपने कर्तव्यनिष्ठ और अनुशासित स्वभाव के कारण उनकी पहचान एक सख्त पुलिस अधिकारी के रूप में थी। हालांकि अभिनय के प्रति उनका झुकाव उन्हें अंततः फिल्मी दुनिया की ओर ले आया।

    फिल्मी सफर की शुरुआत एक संयोग से हुई। एक निर्माता से मुलाकात के बाद उन्हें अभिनय का अवसर मिला और उन्होंने सरकारी नौकरी छोड़कर सिनेमा को अपना करियर बना लिया। शुरुआती दौर में उन्हें अपेक्षित सफलता नहीं मिली, लेकिन उन्होंने लगातार मेहनत जारी रखी। धीरे-धीरे उनकी अभिनय क्षमता और प्रभावशाली व्यक्तित्व ने उन्हें हिंदी सिनेमा के प्रमुख अभिनेताओं की श्रेणी में स्थापित कर दिया।

    अपने लंबे करियर में उन्होंने कई यादगार फिल्मों में काम किया और अलग-अलग तरह के किरदार निभाकर दर्शकों के दिलों में खास जगह बनाई। उनकी दमदार आवाज, संवाद बोलने की विशिष्ट शैली और स्क्रीन पर प्रभावशाली उपस्थिति उनकी सबसे बड़ी पहचान बन गई। यही कारण रहा कि उनके कई संवाद और अंदाज आज भी सिनेमा प्रेमियों के बीच लोकप्रिय हैं।

    राजकुमार को अपने अभिनय के लिए कई प्रतिष्ठित सम्मान भी मिले। उन्होंने गंभीर और चुनौतीपूर्ण भूमिकाओं के माध्यम से यह साबित किया कि मजबूत अभिनय किसी भी फिल्म की सबसे बड़ी ताकत हो सकता है। उनके योगदान को हिंदी सिनेमा के स्वर्णिम दौर की महत्वपूर्ण उपलब्धियों में गिना जाता है।

    जीवन के अंतिम वर्षों में वह गले के कैंसर से पीड़ित रहे, जिसका असर उनकी आवाज पर भी पड़ा। इसके बावजूद उन्होंने अपनी गरिमा और आत्मविश्वास बनाए रखा। 3 जुलाई 1996 को उनका निधन हो गया, लेकिन उनकी फिल्मों, संवादों और उनसे जुड़े अनोखे किस्सों के कारण वह आज भी भारतीय सिनेमा के सबसे यादगार कलाकारों में गिने जाते हैं।

  • गोविंदा को डरा गई थी गदर की स्क्रिप्ट फिल्म बनी ब्लॉकबस्टर और सनी देओल के करियर की सबसे बड़ी हिट

    गोविंदा को डरा गई थी गदर की स्क्रिप्ट फिल्म बनी ब्लॉकबस्टर और सनी देओल के करियर की सबसे बड़ी हिट


    नई दिल्ली। हिंदी सिनेमा की सबसे सफल फिल्मों में गिनी जाने वाली गदर एक प्रेम कथा आज भी दर्शकों की पसंदीदा फिल्मों में शामिल है। वर्ष 2001 में रिलीज हुई इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर कई रिकॉर्ड बनाए और सनी देओल के करियर को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा दिया। हालांकि इस फिल्म को लेकर एक पुराना किस्सा एक बार फिर चर्चा में है। निर्देशक अनिल शर्मा ने एक इंटरव्यू में खुलासा किया था कि उन्होंने फिल्म की कहानी अभिनेता गोविंदा को भी सुनाई थी लेकिन कहानी की भव्यता और विषय को देखकर वह हैरान रह गए थे।

    लंबे समय से यह चर्चा होती रही है कि गदर में तारा सिंह के किरदार के लिए पहले गोविंदा को चुना गया था। हालांकि निर्देशक अनिल शर्मा ने इस दावे को पूरी तरह गलत बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि गोविंदा को कभी इस फिल्म के लिए साइन नहीं किया गया था। उस समय वह फिल्म महाराजा की शूटिंग कर रहे थे और इसी दौरान अनिल शर्मा ने उन्हें गदर की कहानी सुनाई थी।

    निर्देशक के अनुसार गोविंदा ने कहानी सुनने के बाद कहा कि इतनी बड़ी और भव्य फिल्म बनाना आसान नहीं होगा। उस दौर में पाकिस्तान की पृष्ठभूमि पर इतने बड़े स्तर पर फिल्म बनाना बेहद चुनौतीपूर्ण माना जाता था। यही वजह थी कि गोविंदा इस परियोजना की विशालता को लेकर आशंकित नजर आए। अनिल शर्मा ने साफ कहा कि तारा सिंह के किरदार के लिए उनकी पहली और अंतिम पसंद हमेशा सनी देओल ही थे।

    फिल्म में सनी देओल ने तारा सिंह का किरदार निभाया जबकि अमीषा पटेल ने सकीना की भूमिका से दर्शकों का दिल जीत लिया। दोनों की जोड़ी को जबरदस्त लोकप्रियता मिली और फिल्म का देशभक्ति तथा प्रेम से जुड़ा भावनात्मक कथानक लोगों के दिलों में बस गया। फिल्म के संवाद और गीत भी आज तक याद किए जाते हैं।

    निर्देशक ने यह भी बताया कि मुख्य अभिनेत्री के किरदार के लिए केवल काजोल ही नहीं बल्कि कई अभिनेत्रियों से बातचीत की गई थी। अंत में अमीषा पटेल को यह भूमिका मिली और उन्होंने अपने अभिनय से फिल्म को यादगार बना दिया। गदर उनके करियर की सबसे बड़ी सफल फिल्मों में शामिल हो गई।

    करीब 18 करोड़ 50 लाख रुपये के बजट में बनी गदर एक प्रेम कथा ने रिलीज के बाद बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन किया। फिल्म ने भारत और विदेशों में मिलाकर 133 करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार किया और उस समय की सबसे बड़ी ब्लॉकबस्टर फिल्मों में शामिल हो गई। भारतीय बॉक्स ऑफिस पर भी इसने शानदार कमाई करते हुए कई रिकॉर्ड बनाए। आज भी गदर को हिंदी सिनेमा की सबसे प्रतिष्ठित फिल्मों में गिना जाता है और तारा सिंह का किरदार सनी देओल की पहचान बन चुका है। निर्देशक के इस पुराने खुलासे ने एक बार फिर यह चर्चा तेज कर दी है कि यदि गोविंदा ने इस कहानी पर अलग नजरिया अपनाया होता तो शायद हिंदी सिनेमा का इतिहास कुछ और होता। हालांकि अंततः यह फिल्म सनी देओल के करियर की सबसे बड़ी उपलब्धियों में बदल गई।

  • गोविंदा और सुनीता आहूजा के तलाक की खबरों पर बेटी टीना का बड़ा खुलासा, शादी में दरार के दावों को बताया महज अफवाह

    गोविंदा और सुनीता आहूजा के तलाक की खबरों पर बेटी टीना का बड़ा खुलासा, शादी में दरार के दावों को बताया महज अफवाह

    नई दिल्ली । भारतीय सिनेमा जगत में लंबे समय तक ‘जोड़ी नंबर 1’ के रूप में मशहूर रहे अभिनेता गोविंदा और उनकी पत्नी सुनीता आहूजा के वैवाहिक जीवन को लेकर सोशल मीडिया पर एक चौंकाने वाला दावा तेजी से वायरल हो रहा है। इंटरनेट पर विभिन्न प्लेटफॉर्म्स पर यह अफवाह फैलाई जा रही है कि इस स्टार कपल की 39 साल पुरानी शादी में गंभीर खटपट चल रही है और दोनों जल्द ही तलाक लेकर अलग होने वाले हैं। कुछ सोशल मीडिया पोस्ट्स में तो यहां तक दावा कर दिया गया कि सुनीता आहूजा ने इशारों-इशारों में पति के एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर को लेकर शक जाहिर किया है। इन लगातार बढ़ती और परेशान करने वाली अटकलों के बीच अब गोविंदा की बेटी टीना आहूजा ने सामने आकर इस पूरे विवाद का सच उजागर किया है।

    एक प्रमुख मीडिया संस्थान से विशेष बातचीत के दौरान टीना आहूजा ने माता-पिता के रिश्ते और उनके तलाक को लेकर चल रही खबरों पर खुलकर अपनी बात रखी। टीना ने इन दावों को पूरी तरह से खारिज करते हुए कहा कि वे इस तरह की मनगढ़ंत कहानियां अपने बचपन के दिनों से देखती आ रही हैं। उनके अनुसार, फिल्म इंडस्ट्री में हर दशक में किसी न किसी सेलिब्रिटी को लेकर एक नई और झूठी कहानी गढ़ दी जाती है, जिसका वास्तविकता से दूर-दूर तक कोई वास्ता नहीं होता।

    अपनी बात आगे बढ़ाते हुए टीना ने कहा कि पहले के समय में इस तरह की गॉसिप और भ्रामक खबरें केवल फिल्मी पत्रिकाओं और मैगजीन्स में छपती थीं। इसके बाद जब इंटरनेट का दौर आया, तो यह खबरें वेबसाइट्स पर दिखने लगीं और अब वर्तमान समय में इंस्टाग्राम तथा यूट्यूब जैसे डिजिटल माध्यमों पर व्यूज बटोरने के लिए ऐसी अफवाहों को परोसा जा रहा है। उन्होंने दर्द साझा करते हुए कहा कि आखिरकार वे भी एक इंसान हैं और जब कोई उनके परिवार के बारे में इस तरह की आधारहीन और खींची हुई बातें लिखता है, तो वे अंदर से बेहद परेशान हो जाती हैं।

    टीना आहूजा ने कड़े शब्दों में कहा कि आज के डिजिटल युग में केवल ‘क्लिकबेट’ यानी लोगों का ध्यान खींचने और लाइक्स-व्यूज कमाने के लिए ऐसी झूठी खबरें जानबूझकर क्रिएट की जाती हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे कोई संत नहीं हैं कि उन्हें इन नकारात्मक बातों से फर्क न पड़े, निश्चित रूप से ऐसी झूठी खबरें उन्हें और उनके परिवार को प्रभावित करती हैं। हालांकि, फिल्म इंडस्ट्री का हिस्सा होने के नाते समय के साथ उन्होंने खुद को मानसिक रूप से मजबूत बनाना सीख लिया है।

    पारिवारिक रिश्तों की मजबूती पर भरोसा जताते हुए टीना ने कहा कि जब आपको अपने घर और माता-पिता का असली सच पता होता है, तो ऐसी फालतू की बातों पर प्रतिक्रिया न देना ही सबसे बेहतर विकल्प होता है। उन्होंने साफ कर दिया कि गोविंदा और सुनीता के बीच सब कुछ पूरी तरह ठीक है और उनके अलग होने की बातें महज एक कोरी कल्पना हैं। गौरतलब है कि टीना आहूजा इन दिनों अपने प्रोफेशनल वर्कफ्रंट को लेकर भी चर्चा में हैं। उन्होंने अपनी मां सुनीता आहूजा के साथ टेलीविजन की दुनिया में कदम रखा है, जहां वे जीटीवी के नए रियलिटी शो ‘मां है ना’ में नजर आ रही हैं, जिसे अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी द्वारा होस्ट किया जा रहा है।

  • पति-बच्चों को छोड़ डॉगी के नाम करेंगी संपत्ति! सुनीता आहूजा का मजाकिया बयान वायरल, कृष्णा अभिषेक को बताया बेटा

    पति-बच्चों को छोड़ डॉगी के नाम करेंगी संपत्ति! सुनीता आहूजा का मजाकिया बयान वायरल, कृष्णा अभिषेक को बताया बेटा


    नई दिल्ली । बॉलीवुड के लोकप्रिय अभिनेता Govinda की पत्नी Sunita Ahuja अक्सर अपने स्पष्ट, बेबाक और मजाकिया अंदाज के कारण सुर्खियों में बनी रहती हैं। हाल ही में मुंबई एयरपोर्ट पर उनका एक वीडियो सामने आया है, जिसमें उन्होंने अपनी संपत्ति को लेकर ऐसा बयान दिया कि सोशल मीडिया पर चर्चा शुरू हो गई।

    दरअसल, शनिवार को सुनीता आहूजा मुंबई एयरपोर्ट पर स्पॉट हुईं। इस दौरान उनके साथ उनका पालतू डॉगी भी मौजूद था। पैपराजी से बातचीत करते हुए सुनीता ने हमेशा की तरह हंसी-मजाक का माहौल बना दिया। जब वह अपने डॉगी को कार की आगे वाली सीट पर प्यार से बैठा रही थीं, तभी उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि वह अपनी सारी प्रॉपर्टी इसी के नाम करने वाली हैं। उनका यह बयान सुनकर वहां मौजूद लोग भी हंस पड़े और वीडियो तेजी से वायरल होने लगा।

    दिलचस्प बात यह रही कि सुनीता ने अपनी संपत्ति के लिए न तो अपने पति गोविंदा का नाम लिया और न ही अपने बच्चों यशवर्धन और टीना का। हालांकि उनका यह बयान पूरी तरह मजाक के रूप में देखा जा रहा है, लेकिन सोशल मीडिया पर इसे लेकर खूब प्रतिक्रियाएं आ रही हैं।

    बातचीत के दौरान पैपराजी ने उनसे Krushna Abhishek को लेकर भी सवाल किया। इस पर सुनीता ने कहा कि कृष्णा उनके बेटे जैसे हैं। उन्होंने प्यार जताते हुए कहा कि कृष्णा के पास पहले से ही बहुत कुछ है और भगवान उन्हें और सफलता दें। सुनीता ने यह भी कहा कि जब तक वह जीवित हैं, तब तक कृष्णा हमेशा उनके परिवार का हिस्सा रहेंगे।

    गौरतलब है कि पिछले कुछ वर्षों से सुनीता आहूजा और कृष्णा अभिषेक के परिवार के बीच रिश्तों में खटास की खबरें सामने आती रही थीं। हालांकि हाल ही में दोनों परिवारों के बीच सुलह हो गई है। टीवी शो में हुई मुलाकात के दौरान सुनीता, कृष्णा और Kashmera Shah एक साथ नजर आए थे। लंबे समय बाद हुई इस मुलाकात के दौरान भावुक पल भी देखने को मिले थे।

    सुनीता ने पहले भी कहा था कि कृष्णा उनके बेटे जैसे हैं और उन्होंने उन्हें दिल से माफ कर दिया है। वहीं कश्मीरा शाह ने भी मजाकिया अंदाज में कहा था कि उनका वनवास खत्म हो गया है।

    दूसरी ओर, सुनीता और गोविंदा के रिश्तों को लेकर भी पिछले कुछ समय से कई तरह की चर्चाएं होती रही हैं। सुनीता ने कुछ इंटरव्यू में गोविंदा पर एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर के आरोप लगाए थे। उन्होंने यह भी कहा था कि गोविंदा ने अपने बेटे के करियर को लेकर पर्याप्त सहयोग नहीं किया। हालांकि गोविंदा ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया था।

    दोनों के तलाक की खबरें भी कई बार मीडिया में सामने आईं, लेकिन अभिनेता के वकील ने इन अटकलों को गलत बताया था। फिलहाल दोनों के रिश्तों को लेकर चर्चाएं जारी हैं, लेकिन सुनीता का ताजा वीडियो उनके हल्के-फुल्के और मजाकिया अंदाज के कारण सोशल मीडिया पर खूब पसंद किया जा रहा है।

  • बॉक्स ऑफिस पर जब 'पार्टनर' ने मचाया था कोहराम: 28 करोड़ के बजट में 100 करोड़ कमाकर सलमान और गोविंदा के डूबते करियर को मिला था नया जीवन

    बॉक्स ऑफिस पर जब 'पार्टनर' ने मचाया था कोहराम: 28 करोड़ के बजट में 100 करोड़ कमाकर सलमान और गोविंदा के डूबते करियर को मिला था नया जीवन

    नई दिल्ली । भारतीय सिनेमा के इतिहास में कुछ फिल्में ऐसी होती हैं जो न सिर्फ बॉक्स ऑफिस के समीकरण बदलती हैं, बल्कि डूबते हुए सितारों के करियर को भी एक नया जीवनदान दे देती हैं। वर्ष 2007 में रिलीज हुई निर्देशक डेविड धवन की फिल्म ‘पार्टनर’ को आज भी एक ऐसी ही कल्ट कॉमेडी फिल्म के रूप में याद किया जाता है। इस फिल्म ने न केवल दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया, बल्कि उस दौर में बॉक्स ऑफिस पर संघर्ष कर रहे बॉलीवुड के दो दिग्गज अभिनेताओं, सलमान खान और गोविंदा के स्टारडम को फिल्म इंडस्ट्री में दोबारा मजबूती से स्थापित किया।

    यदि उस दौर के परिदृश्य पर नजर डालें तो नब्बे के दशक में सिनेमाई पर्दे पर राज करने वाले गोविंदा का करियर बेहद चुनौतीपूर्ण दौर से गुजर रहा था। सक्रिय राजनीति में कदम रखने के कारण उनका अभिनय से ध्यान भटक गया था और उनकी लगातार कई फिल्में बॉक्स ऑफिस पर असफल साबित हुई थीं। फिल्म इंडस्ट्री उन्हें लगभग बिसरा चुकी थी। दूसरी तरफ, सलमान खान की स्थिति भी बहुत अच्छी नहीं थी। इस फिल्म के प्रदर्शन से ठीक पहले आई उनकी बड़े बजट की फिल्में जैसे ‘सलाम-ए-इश्क’, ‘जान-ए-मन’, ‘सांवरिया’ और ‘मैरीगोल्ड’ दर्शकों को सिनेमाघरों तक खींचने में नाकाम रही थीं। ऐसे नाजुक मोड़ पर दोनों ही कलाकारों को एक बड़ी व्यावसायिक सफलता की सख्त दरकार थी।

    निर्देशक डेविड धवन ने इस भांपते हुए महज 28 करोड़ रुपये के सीमित बजट में ‘पार्टनर’ का निर्माण किया। फिल्म ने सिनेमाघरों में आते ही बॉक्स ऑफिस पर ऐसा तहलका मचाया कि पहले ही सप्ताह में घरेलू बाजार में 30 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर लिया। यह उस समय के भारतीय सिनेमाई इतिहास की दूसरी सबसे बड़ी डोमेस्टिक ओपनिंग दर्ज कराने वाली फिल्म बनी। दुनिया भर के बॉक्स ऑफिस पर इस फिल्म ने कुल 103 करोड़ रुपये से अधिक की शानदार कमाई की। इस ऐतिहासिक सफलता के लिए सलमान खान को जहां 15 करोड़ रुपये की भारी-भरकम फीस दी गई थी, वहीं उनके जोड़ीदार बने गोविंदा को 4 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया था।

    व्यावसायिक सफलता के बीच इस फिल्म की कहानी को लेकर एक बड़ा विवाद भी खड़ा हुआ था। दरअसल, ‘पार्टनर’ की पूरी पटकथा वर्ष 2005 में आई हॉलीवुड की सुपरहिट फिल्म ‘हिच’ से प्रेरित थी, जिसमें विल स्मिथ ने एक लव गुरु की भूमिका निभाई थी। चूंकि भारतीय निर्माताओं ने हॉलीवुड फिल्म के आधिकारिक रीमेक राइट्स नहीं खरीदे थे, इसलिए ‘हिच’ की निर्माता कंपनी सोनी पिक्चर्स एंटरटेनमेंट ने ‘पार्टनर’ के मेकर्स पर 30 मिलियन डॉलर का कानूनी मुकदमा ठोकने की तैयारी कर ली थी। इस बड़े अंतरराष्ट्रीय कानूनी विवाद को कोर्ट पहुंचने से पहले ही आपसी सहमति से सुलझा लिया गया, जिसके तहत सोनी पिक्चर्स को इस फिल्म के वर्ल्डवाइड एक्सक्लूसिव सैटेलाइट ब्रॉडकास्टिंग राइट्स हमेशा के लिए सौंप दिए गए।

    फिल्म की सफलता में इसके संगीत का भी बहुत बड़ा योगदान था, जिसे संगीतकार जोड़ी साजिद-वाजिद ने तैयार किया था। फिल्म का मुख्य गीत ‘सोनी दी नखरे’ आज भी विवाह समारोहों और पार्टियों की मुख्य पसंद बना हुआ है। बेहद दिलचस्प बात यह है कि यह गाना वर्ष 1989 के मशहूर विदेशी ट्रैक ‘पंप अप द जैम’ से प्रेरित था। गोविंदा नब्बे के दशक में अपने अंतरराष्ट्रीय दौरों और स्टेज शोज के दौरान अक्सर इसी मूल अंग्रेजी गाने पर नृत्य किया करते थे। सालों बाद उन्हें उसी धुन के हिंदी रूपांतरण पर बड़े पर्दे पर थिरकने का मौका मिला, जिसने उनके इस कमबैक को भारतीय दर्शकों के लिए हमेशा-कहा के लिए यादगार बना दिया।

  • जब दिग्गज गायक ने एक नए अभिनेता के लिए अपनी फीस से किया था बड़ा समझौता..

    जब दिग्गज गायक ने एक नए अभिनेता के लिए अपनी फीस से किया था बड़ा समझौता..

    नई दिल्ली। अस्सी के दशक में जब बॉलीवुड की गलियों में एक नया लड़का अपनी थिरकन और मासूमियत से पहचान बनाने की कोशिश कर रहा था, तब किसी ने नहीं सोचा था कि संगीत की दुनिया का सबसे बड़ा सितारा उसके लिए अपनी शर्तें बदल देगा। यह कहानी है ‘चीची’ यानी गोविंदा और किशोर कुमार के उस अनकहे रिश्ते की, जिसने फिल्म इंडस्ट्री में सफलता के नए मायने लिखे। साल 1986 में जब गोविंदा ने फिल्म ‘लव 86’ और ‘इल्जाम’ के जरिए अपनी मौजूदगी दर्ज कराई, तब वह महज एक उभरते हुए कलाकार थे। उनके पास टैलेंट तो था, लेकिन उस समय के सबसे महंगे और दिग्गज गायक किशोर कुमार की आवाज पाना उनके लिए एक सुनहरे सपने जैसा था।

    फिल्म ‘ड्यूटी’ गोविंदा के शुरुआती करियर की एक ऐसी फिल्म थी, जिसका बजट बेहद सीमित था। फिल्म के निर्देशक रविकांत नगैच और संगीतकार बाबला शाह इस बात को लेकर बेहद चिंतित थे कि इतने कम बजट में फिल्म को बड़े स्तर पर कैसे प्रमोट किया जाए। इसी बीच गोविंदा ने एक ऐसी मांग रख दी जिसने मेकर्स के पसीने छुड़ा दिए। गोविंदा चाहते थे कि फिल्म के दो महत्वपूर्ण गानों को केवल किशोर कुमार ही अपनी आवाज दें। गोविंदा का मानना था कि यदि किशोर दा जैसा बड़ा नाम उनके साथ जुड़ जाएगा, तो न केवल फिल्म की वैल्यू बढ़ जाएगी, बल्कि एक नए अभिनेता के तौर पर उन्हें इंडस्ट्री में वह गंभीरता मिलेगी जिसकी उन्हें तलाश थी।

    चुनौती यह थी कि किशोर कुमार उस दौर के सबसे व्यस्त और महंगे गायक थे। फिल्म का बजट इतना कम था कि निर्माता एक बड़े विलेन तक को कास्ट नहीं कर पा रहे थे, ऐसे में किशोर कुमार की भारी-भरकम फीस चुकाना नामुमकिन लग रहा था। जब संगीत निर्देशक बाबला शाह ने यह बात कल्याणजी-आनंदजी को बताई, तो कहानी में एक नया मोड़ आया। दरअसल, बाबला शाह दिग्गज संगीतकार जोड़ी कल्याणजी-आनंदजी के छोटे भाई थे। अपने भाई के भविष्य और गोविंदा के जुनून को देखते हुए कल्याणजी-आनंदजी ने किशोर कुमार से खास सिफारिश की। किशोर दा के संबंध इस जोड़ी से बेहद मधुर थे, इसलिए उन्होंने मित्रता और सम्मान के खातिर अपनी फीस काफी कम कर दी और गानों के लिए हामी भर दी।

    किशोर कुमार ने इस फिल्म के लिए ‘जिस महफिल में आता हूं’ और ‘तुम जिसे चाहो’ जैसे दो शानदार गाने गाए। इन गानों के रिलीज होते ही संगीत प्रेमियों के बीच तहलका मच गया। किशोर दा की जादुई आवाज और पर्दे पर गोविंदा के बेहतरीन डांस मूव्स ने वह जादू पैदा किया, जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी। इन गानों की सफलता ने गोविंदा को रातों-रात सुपरस्टार्स की कतार में खड़ा कर दिया। इसके बाद गोविंदा और किशोर कुमार की जोड़ी ने कई यादगार नगमे दिए, लेकिन फिल्म ‘ड्यूटी’ के वे दो गाने हमेशा इस बात के गवाह रहेंगे कि कैसे एक दिग्गज कलाकार ने अपनी दरियादिली से एक उभरते हुए सितारे की तकदीर बदल दी थी।

  • सुनीता आहूजा के तल्ख तेवरों ने उड़ाए फैंस के होश, आखिर क्यों पति के नाम पर भड़क रही हैं गोविंदा की पत्नी?

    सुनीता आहूजा के तल्ख तेवरों ने उड़ाए फैंस के होश, आखिर क्यों पति के नाम पर भड़क रही हैं गोविंदा की पत्नी?


    नई दिल्ली। बॉलीवुड के गलियारों में इन दिनों अभिनेता गोविंदा और उनकी पत्नी सुनीता आहूजा के बीच के रिश्तों को लेकर कयासों का बाजार गर्म है। हाल ही में सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो रहे एक वीडियो ने फैंस और फिल्म जगत के जानकारों को हैरान कर दिया है। इस वीडियो में सुनीता आहूजा का अपने पति गोविंदा के प्रति बेहद तल्ख और बेरुखा अंदाज देखने को मिल रहा है।

    जब सार्वजनिक स्थान पर मौजूद लोगों ने उनसे गोविंदा की गैर मौजूदगी और उनके ठिकाने के बारे में सवाल किया, तो सुनीता ने सामान्य जवाब देने के बजाय गुस्से में प्रतिक्रिया दी। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि उन्हें नहीं पता कि गोविंदा कहाँ हैं, वे शायद घर पर होंगे। उनके इस बयान के बाद यह सवाल उठने लगा है कि क्या इस मशहूर जोड़ी के बीच सब कुछ सामान्य है या फिर पर्दे के पीछे कोई बड़ी दरार आ चुकी है।

    सफेद शर्ट और जींस पहने अपने पालतू कुत्ते के साथ नजर आ रही सुनीता के चेहरे पर उस वक्त नाराजगी साफ देखी जा सकती थी, जब उनसे पूछा गया कि गोविंदा सर काफी समय से दिखाई क्यों नहीं दे रहे हैं। इस सवाल पर जिस तरह का चेहरा उन्होंने बनाया और जिस लहजे में जवाब दिया, वह किसी सामान्य वैवाहिक चर्चा जैसा नहीं था।

    अक्सर सार्वजनिक मंचों पर एक-दूसरे की तारीफ करने वाले इस जोड़े के बीच ऐसी कड़वाहट पहले कभी नहीं देखी गई। इस घटना ने उन पुरानी चर्चाओं को फिर से जीवित कर दिया है, जिनमें अक्सर यह दावा किया जाता रहा है कि यह जोड़ी पिछले कुछ समय से व्यक्तिगत मतभेदों के कारण अलग-अलग रह रही है।

    गौरतलब है कि हाल ही में सुनीता आहूजा को उनके भांजे और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ एक मंच पर देखा गया था, जिसे सालों पुराने पारिवारिक विवाद के खात्मे के रूप में देखा जा रहा था। प्रशंसकों को लगा था कि अब परिवार में सब कुछ ठीक हो गया है, लेकिन पति के प्रति सुनीता की यह हालिया नाराजगी एक नई उलझन पैदा कर रही है।

    पिछले साल भी जब गोविंदा के निजी जीवन से जुड़ी कुछ खबरें सामने आई थीं, तब सुनीता ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा था कि वे किसी भी बात को तब तक सच नहीं मानेंगी जब तक प्रमाण न देख लें, और सच साबित होने पर वे कड़ा कदम उठाने से पीछे नहीं हटेंगी।

    फिलहाल, इस वायरल घटनाक्रम ने बॉलीवुड प्रेमियों के बीच चर्चाओं का दौर तेज कर दिया है। जहाँ एक तरफ सुनीता के इस अंदाज को उनका स्वाभाविक बेबाकपन बताया जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ इसे एक टूटते हुए रिश्ते की आहट के तौर पर भी देखा जा रहा है।

    गोविंदा की ओर से इस पूरे मामले पर अब तक कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन सुनीता के इस ‘चौंकाने वाले’ जवाब ने यह साफ कर दिया है कि उनके और गोविंदा के बीच फिलहाल स्थितियां बहुत सहज नहीं हैं। आने वाले समय में ही यह साफ हो पाएगा कि यह महज एक पल का गुस्सा था या फिर किसी बड़े अलगाव की आधिकारिक शुरुआत।

  • प्रियदर्शन की सख्त शर्त के बाद गोविंदा ने किया कमाल भागम भाग की शूटिंग से जुड़ा दिलचस्प किस्सा आया सामने

    प्रियदर्शन की सख्त शर्त के बाद गोविंदा ने किया कमाल भागम भाग की शूटिंग से जुड़ा दिलचस्प किस्सा आया सामने


    नई दिल्ली:भारतीय सिनेमा के मशहूर फिल्म निर्देशक Priyadarshan अपनी शानदार कॉमेडी फिल्मों के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने हिंदी सिनेमा को कई यादगार फिल्में दी हैं जिनकी लोकप्रियता आज भी बरकरार है। उनकी फिल्मों की खासियत साफ सुथरी कॉमेडी मजबूत कहानी और कलाकारों की शानदार टाइमिंग रही है। यही वजह है कि उनकी बनाई कई फिल्में वर्षों बाद भी दर्शकों को उतना ही हंसाती हैं जितना रिलीज के समय हंसाती थीं।

    इन दिनों प्रियदर्शन एक बार फिर चर्चा में हैं क्योंकि वह जल्द ही अभिनेता Akshay Kumar के साथ नई फिल्म Bhoot Bangla लेकर आ रहे हैं। यह फिल्म 10 अप्रैल को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है। फिल्म की रिलीज से पहले प्रियदर्शन ने एक इंटरव्यू में अपने करियर और पुराने अनुभवों को याद किया। इसी बातचीत के दौरान उन्होंने अभिनेता Govinda के साथ काम करने से जुड़ा एक दिलचस्प किस्सा भी साझा किया जिसने लोगों का ध्यान खींच लिया।

    प्रियदर्शन ने बताया कि एक बार उन्हें पद्म श्री सम्मान मिलने के बाद एक इंटरव्यू में उनसे पूछा गया कि क्या यही उनके करियर की सबसे बड़ी उपलब्धि है। इस सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि यह उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि नहीं है। उन्होंने कहा कि उनकी असली उपलब्धि यह है कि उन्होंने गोविंदा और अभिनेता Salman Khan को सुबह पांच बजे फिल्म के सेट पर बुलाया और पूरी फिल्म समय पर खत्म कर ली।

    दरअसल फिल्म इंडस्ट्री में लंबे समय से यह चर्चा होती रही है कि कुछ कलाकार अक्सर सेट पर देर से पहुंचते हैं। इसी वजह से शूटिंग का शेड्यूल प्रभावित हो जाता है। प्रियदर्शन ने बताया कि उन्होंने गोविंदा के बारे में भी ऐसी कई बातें सुन रखी थीं। इसलिए जब उन्होंने गोविंदा को अपनी फिल्म के लिए साइन करने का फैसला किया तो उन्होंने शुरुआत में ही साफ शर्त रख दी थी।

    प्रियदर्शन ने बताया कि उन्होंने गोविंदा से साफ शब्दों में कहा कि उन्होंने उनके बारे में बहुत सी बातें सुनी हैं। इसलिए अगर वह समय पर सेट पर नहीं आ सकते तो बेहतर होगा कि यह फिल्म ही न करें। निर्देशक के अनुसार उन्होंने यह बात बिल्कुल साफ तरीके से कही थी ताकि बाद में किसी तरह की परेशानी न हो। हालांकि गोविंदा ने उनकी इस शर्त को पूरी गंभीरता से लिया।

    प्रियदर्शन ने कहा कि उनके आश्चर्य की बात यह रही कि गोविंदा हर दिन समय पर सेट पर पहुंचते थे। उन्होंने बताया कि गोविंदा के साथ काम करने का अनुभव बेहद शानदार रहा और सेट पर उनके साथ काम करते हुए उन्हें काफी मजा आया। निर्देशक ने यह भी कहा कि गोविंदा की कॉमिक टाइमिंग और अभिनय की शैली वाकई कमाल की है और यही वजह है कि दर्शक उन्हें इतना पसंद करते हैं।

    हालांकि प्रियदर्शन ने एक और मजेदार बात भी साझा की। उन्होंने बताया कि गोविंदा अक्सर अपने डायलॉग में बदलाव कर देते थे या खुद से कुछ नए डायलॉग जोड़ देते थे। कई बार यह बदलाव सीन को और मजेदार बना देते थे लेकिन कभी कभी निर्देशक को स्क्रिप्ट के हिसाब से काम करना जरूरी होता है। इसी बात को लेकर प्रियदर्शन ने एक दिन मजाक में गोविंदा से कहा कि वह पहले ही फिल्म के लेखक Neeraj Vora को पैसे दे रहे हैं इसलिए उन्हें एक और राइटर की जरूरत नहीं है।

    गौरतलब है कि गोविंदा ने प्रियदर्शन की लोकप्रिय कॉमेडी फिल्म Bhagam Bhag में काम किया था। यह फिल्म आज भी हिंदी सिनेमा की सबसे पसंदीदा कॉमेडी फिल्मों में गिनी जाती है। फिल्म के संवाद और किरदार आज भी दर्शकों के बीच उतने ही लोकप्रिय हैं जितने रिलीज के समय थे। यही कारण है कि प्रियदर्शन और गोविंदा से जुड़ी यह दिलचस्प कहानी आज भी फिल्म प्रेमियों को काफी पसंद आ रही है।

  • सपनों की तिकड़ी टूटी: भागम भाग 2 में नहीं दिखेंगे गोविंदा, अब मनोज बाजपेयी के साथ 'डबल रोल' में दिखेंगे परेश रावल

    सपनों की तिकड़ी टूटी: भागम भाग 2 में नहीं दिखेंगे गोविंदा, अब मनोज बाजपेयी के साथ 'डबल रोल' में दिखेंगे परेश रावल


    नई दिल्ली। साल 2006 में आई फिल्म ‘भागम भाग’ ने अपनी जबरदस्त कॉमेडी और अक्षय-गोविंदा-परेश की तिगड़ी से दर्शकों को लोटपोट कर दिया था। सालों से फैंस इसके दूसरे भाग का इंतजार कर रहे थे, लेकिन ‘भागम भाग 2’ से जुड़ी एक ताजा खबर ने प्रशंसकों को थोड़ा निराश कर दिया है। फिल्म के सीक्वल से कॉमेडी किंग गोविंदा बाहर हो गए हैं और उनकी जगह इंडस्ट्री के दिग्गज अभिनेता मनोज बाजपेयी ने ले ली है।

    दिग्गज अभिनेता परेश रावल ने हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान इस खबर की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि इस बार अक्षय कुमार और मनोज बाजपेयी का एक बिल्कुल ‘यूनीक’ और अनूठा कॉम्बिनेशन देखने को मिलेगा। परेश रावल के अनुसार, मनोज बाजपेयी जैसे गंभीर और वर्सेटाइल अभिनेता का कॉमेडी जॉनर में अक्षय के साथ आना फिल्म को एक नई ऊर्जा और अलग स्तर पर ले जाएगा। हालांकि, उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि वह सेट पर गोविंदा को मिस करेंगे, क्योंकि पहली फिल्म की सफलता में गोविंदा की कॉमिक टाइमिंग का बहुत बड़ा हाथ था।

    दिलचस्प बात यह है कि इस सीक्वल में परेश रावल खुद डबल रोल निभाते नजर आएंगे। परेश इससे पहले ‘अंदाज अपना अपना’ और ‘ओए लकी! लकी ओए!’ जैसी फिल्मों में अपनी बहुमुखी प्रतिभा साबित कर चुके हैं। फिल्म में फीमेल लीड की बात करें तो मीनाक्षी चौधरी की एंट्री हो चुकी है, जो अक्षय कुमार के अपोजिट नजर आएंगी। वहीं, मनोज बाजपेयी के लिए अभिनेत्री की तलाश अभी जारी है।

    गोविंदा का फिल्म से बाहर होना उनके प्रशंसकों के लिए किसी झटके से कम नहीं है, क्योंकि वे लंबे समय से उनकी बड़े पर्दे पर वापसी का इंतजार कर रहे थे। दूसरी तरफ, अक्षय कुमार और परेश रावल की जोड़ी आने वाले समय में ‘हेरा फेरी 3’, ‘वेलकम टू द जंगल’ और ‘भूत बंगला’ जैसी बड़ी फिल्मों में भी साथ दिखने वाली है। ‘भागम भाग 2’ में हुए इस बदलाव के बाद अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या मनोज बाजपेयी अपनी संजीदगी और कॉमेडी के मिश्रण से गोविंदा की कमी को पूरा कर पाएंगे।

  • जब चमकदार परदे से संसद तक का सफर अधूरा रह गया: राजनीति में ज्यादा दिन टिक नहीं पाए ये बॉलीवुड स्टार्स

    जब चमकदार परदे से संसद तक का सफर अधूरा रह गया: राजनीति में ज्यादा दिन टिक नहीं पाए ये बॉलीवुड स्टार्स


    नई दिल्ली ।बॉलीवुड और राजनीति का रिश्ता नया नहीं है। फिल्मों की लोकप्रियता और जनता के बीच गहरी पैठ के चलते कई सितारों ने सोचा कि वे सियासत में भी उतनी ही सफलता हासिल कर लेंगे। कुछ स्टार्स ने चुनाव जीते तो कुछ को हार का सामना करना पड़ा लेकिन हैरानी की बात यह रही कि इनमें से कई ज्यादा समय तक राजनीति में टिक नहीं पाए और फिर वापस अपनी पुरानी दुनिया या निजी जिंदगी में लौट गए।

    महानायक अमिताभ बच्चन इसका सबसे बड़ा उदाहरण हैं। साल 1984 में उन्होंने एक्टिंग से ब्रेक लेकर राजनीति में कदम रखा और इलाहाबाद सीट से रिकॉर्ड जीत दर्ज की। उस वक्त माना जा रहा था कि वह राजनीति में लंबी पारी खेलेंगे लेकिन तीन साल बाद ही 1987 में उन्होंने सांसद पद से इस्तीफा दे दिया। बाद में कई मौकों पर बिग बी ने यह संकेत दिया कि राजनीति उनके स्वभाव के अनुकूल नहीं थी।

    गोविंदा भी उन स्टार्स में शामिल हैं जिन्होंने राजनीति को लेकर खुलकर पछतावा जताया। साल 2004 में कांग्रेस के टिकट पर मुंबई नॉर्थ से लोकसभा चुनाव जीतने वाले गोविंदा ने 2009 में राजनीति से दूरी बना ली। कई इंटरव्यू में उन्होंने माना कि राजनीति ज्वाइन करना उनके जीवन की एक बड़ी गलती थी।

    उर्मिला मातोंडकर ने भी कांग्रेस के साथ राजनीति में एंट्री ली। उन्होंने मुंबई नॉर्थ सीट से चुनाव लड़ा लेकिन हार का सामना करना पड़ा। चुनाव के कुछ ही दिनों बाद उर्मिला ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया और राजनीति से पूरी तरह किनारा कर लिया।

    साउथ के सुपरस्टार रजनीकांत ने भले ही चुनाव नहीं लड़ा लेकिन उनकी राजनीतिक घोषणा ने देशभर में हलचल मचा दी थी। 2017 में उन्होंने रजनी मक्कल मंडराम पार्टी बनाने का ऐलान किया मगर 2021 में खराब स्वास्थ्य का हवाला देते हुए राजनीति में सक्रिय रूप से उतरने से इनकार कर दिया।

    संजय दत्त ने भी समाजवादी पार्टी के साथ सियासी सफर शुरू किया था। साल 2008 में पार्टी से जुड़े संजय को जनरल सेक्रेटरी बनाया गया लेकिन कुछ समय बाद उन्होंने न सिर्फ पद छोड़ा बल्कि पार्टी से भी इस्तीफा दे दिया।

    जावेद जाफरी ने 2014 में आम आदमी पार्टी ज्वाइन की और चुनाव लड़ा लेकिन हार के बाद वे राजनीति में सक्रिय नजर नहीं आए। वहीं शेखर सुमन ने 2009 में कांग्रेस के टिकट पर लोकसभा चुनाव लड़ा हार के बाद 2012 में पार्टी छोड़ दी और बाद में साफ कहा कि वह दोबारा राजनीति में नहीं आएंगे।

    मराठी सिनेमा के चर्चित नाम महेश मांजरेकर ने भी 2014 में चुनाव लड़ा लेकिन हार के बाद उनका राजनीतिक सफर वहीं थम गया। इन सभी उदाहरणों से साफ है कि फिल्मों की लोकप्रियता राजनीति में सफलता की गारंटी नहीं होती। राजनीति की जटिलताएं दबाव और जिम्मेदारियां हर किसी के बस की बात नहीं होतीं और यही वजह है कि कई सितारे जल्द ही इस दुनिया से दूरी बना लेते हैं।