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  • क्राइम सीन पर अब तुरंत फॉरेंसिक जांच, गुजरात की 47 हाईटेक मोबाइल वैन से मजबूत होगी जांच और दोषसिद्धि की प्रक्रिया

    क्राइम सीन पर अब तुरंत फॉरेंसिक जांच, गुजरात की 47 हाईटेक मोबाइल वैन से मजबूत होगी जांच और दोषसिद्धि की प्रक्रिया

    गांधीनगर । गुजरात में अपराध जांच को अधिक वैज्ञानिक, सटीक और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से राज्यभर में 47 मोबाइल फॉरेंसिक वैन सक्रिय रूप से कार्य कर रही हैं। इन अत्याधुनिक वाहनों की मदद से पुलिस को घटनास्थल पर ही प्रारंभिक वैज्ञानिक परीक्षण, साक्ष्यों के संरक्षण और शुरुआती फॉरेंसिक विश्लेषण की सुविधा मिल रही है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि महत्वपूर्ण साक्ष्य समय रहते सुरक्षित किए जा सकें और उनके साथ किसी प्रकार की छेड़छाड़ या दूषित होने की संभावना न्यूनतम रहे।

    राज्य में फॉरेंसिक विज्ञान के विस्तार के लिए पिछले वर्षों में विशेष प्रयास किए गए हैं। इसी दिशा में फॉरेंसिक शिक्षा और अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए स्थापित संस्थान को अब केंद्रीय विश्वविद्यालय का दर्जा मिल चुका है। इसके साथ ही अपराध जांच में वैज्ञानिक तरीकों के अधिकतम उपयोग पर लगातार जोर दिया गया है, जिससे पुलिस जांच की गुणवत्ता और विश्वसनीयता में उल्लेखनीय सुधार आया है।

    नई आपराधिक व्यवस्था लागू होने के बाद वैज्ञानिक जांच की भूमिका पहले से अधिक महत्वपूर्ण हो गई है। विशेष रूप से ऐसे मामलों में, जिनमें सात वर्ष या उससे अधिक की सजा का प्रावधान है, फॉरेंसिक जांच को अनिवार्य बनाए जाने के बाद घटनास्थल पर तत्काल विशेषज्ञ सहायता की आवश्यकता बढ़ी है। इसी आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए मोबाइल फॉरेंसिक वैन की उपयोगिता लगातार बढ़ रही है।

    पिछले दो वर्षों के दौरान ये मोबाइल फॉरेंसिक वैन राज्यभर में हजारों अपराध स्थलों पर पहुंचकर जांच एजेंसियों की सहायता कर चुकी हैं। हत्या, यौन अपराध, पॉक्सो, लूट, चोरी, आगजनी, मादक पदार्थों से जुड़े मामलों और अन्य गंभीर अपराधों में घटनास्थल पर वैज्ञानिक तरीके से साक्ष्य जुटाने का कार्य किया गया। इसके अलावा संदिग्ध मौत, हिरासत में मृत्यु, दुर्घटनाओं और अन्य संवेदनशील मामलों में भी इन वैनों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

    इन विशेष वाहनों में आधुनिक वैज्ञानिक उपकरणों और परीक्षण किटों की व्यापक व्यवस्था की गई है। इनमें डीएनए और जैविक नमूनों की जांच, यौन अपराधों से जुड़े साक्ष्यों का संग्रह, मादक पदार्थों और विस्फोटक पदार्थों की प्रारंभिक पहचान, आगजनी से संबंधित विश्लेषण तथा गन शॉट अवशेषों की जांच के लिए आवश्यक किट उपलब्ध हैं। इसके साथ ही पैरों और टायर के निशानों के संरक्षण तथा अन्य सूक्ष्म साक्ष्यों के संग्रह की भी सुविधा मौजूद है।

    मोबाइल फॉरेंसिक वैन में उच्च क्षमता वाले कैमरे, स्टीरियो माइक्रोस्कोप, जीपीएस आधारित बॉडी कैमरा, लैपटॉप, प्रिंटर, मिनी रेफ्रिजरेटर, एलईडी डिस्प्ले, उच्च तीव्रता वाली फॉरेंसिक लाइट और अन्य आधुनिक उपकरण लगाए गए हैं। इनकी सहायता से घटनास्थल पर रक्त के धब्बों, फिंगरप्रिंट, बाल, फाइबर, मिट्टी, कांच के टुकड़ों, जैविक नमूनों और अन्य सूक्ष्म साक्ष्यों की प्रारंभिक जांच और सुरक्षित संग्रहण किया जा सकता है।

    विशेषज्ञों के अनुसार मोबाइल फॉरेंसिक वैन का सबसे बड़ा लाभ यह है कि अपराध स्थल पर तुरंत वैज्ञानिक सहायता उपलब्ध हो जाती है, जिससे महत्वपूर्ण साक्ष्यों के नष्ट होने या दूषित होने की आशंका काफी कम हो जाती है। विशेषकर यौन अपराध और पॉक्सो जैसे मामलों में समय पर जैविक साक्ष्य एकत्र करना जांच की सफलता के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक प्रक्रियाओं के व्यापक उपयोग से गुजरात में अपराध जांच की कार्यप्रणाली अधिक सुदृढ़, पारदर्शी और परिणामोन्मुख बन रही है, जिससे न्यायिक प्रक्रिया को भी मजबूत आधार मिलने की उम्मीद है।

  • भारत-खाड़ी डीपवॉटर एनर्जी पाइपलाइन पर अटकलों का अंत, केंद्र ने गुजरात-ओमान कनेक्टिविटी परियोजना की खबरों को बताया निराधार

    भारत-खाड़ी डीपवॉटर एनर्जी पाइपलाइन पर अटकलों का अंत, केंद्र ने गुजरात-ओमान कनेक्टिविटी परियोजना की खबरों को बताया निराधार

    नई दिल्ली । भारत और खाड़ी देशों के बीच समुद्र के भीतर ऊर्जा पाइपलाइन बिछाने संबंधी चर्चाओं पर केंद्र सरकार ने स्पष्ट और आधिकारिक स्थिति सामने रख दी है। हाल के दिनों में विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि भारत सरकार गुजरात को ओमान और अन्य खाड़ी देशों से जोड़ने वाली एक महत्वाकांक्षी डीपवॉटर एनर्जी पाइपलाइन परियोजना पर तेजी से काम कर रही है। इन रिपोर्ट्स के सामने आने के बाद ऊर्जा क्षेत्र में इस संभावित परियोजना को लेकर व्यापक चर्चा शुरू हो गई थी। हालांकि अब सरकार ने इन अटकलों को पूरी तरह निराधार बताते हुए स्थिति स्पष्ट कर दी है।

    पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने जारी बयान में कहा कि ‘मिडिल ईस्ट-इंडिया डीपवॉटर पाइपलाइन’ नामक किसी प्रस्ताव पर वर्तमान समय में मंत्रालय के स्तर पर कोई विचार-विमर्श नहीं चल रहा है। मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया कि गुजरात को ओमान अथवा खाड़ी क्षेत्र के अन्य देशों से जोड़ने वाली ऐसी किसी ऊर्जा पाइपलाइन परियोजना के संबंध में कोई औपचारिक प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है।

    सरकार के अनुसार, इस विषय को लेकर ओमान सहित किसी भी खाड़ी देश के साथ मंत्रालय के किसी स्तर पर कोई सक्रिय चर्चा, वार्ता या परियोजना-आधारित बातचीत नहीं की जा रही है। मंत्रालय ने कहा कि विभिन्न मंचों पर फैल रही अटकलों और भ्रम को समाप्त करने के उद्देश्य से यह स्पष्टीकरण जारी किया गया है, ताकि ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े हितधारकों और आम जनता के बीच सही जानकारी पहुंच सके।

    विशेषज्ञों का मानना है कि भारत और खाड़ी देशों के बीच ऊर्जा सहयोग लगातार मजबूत हुआ है और इसी कारण ऐसी परियोजनाओं को लेकर समय-समय पर संभावनाएं व्यक्त की जाती रही हैं। हालांकि किसी भी अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा अवसंरचना परियोजना के लिए विस्तृत तकनीकी अध्ययन, आर्थिक व्यवहार्यता, कूटनीतिक सहमति और बहुपक्षीय सहयोग की आवश्यकता होती है। सरकार के ताजा बयान ने यह स्पष्ट कर दिया है कि फिलहाल ऐसी किसी प्रक्रिया की शुरुआत भी नहीं हुई है।

    इस बीच सरकार ने यह भी दोहराया कि भारत की ऊर्जा सुरक्षा और मध्य पूर्व से होने वाली ऊर्जा आपूर्ति पूरी तरह सामान्य बनी हुई है। वैश्विक स्तर पर जारी भू-राजनीतिक चुनौतियों के बावजूद देश के लिए ऊर्जा संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के प्रयास लगातार जारी हैं। इसी क्रम में माल्टा के ध्वज वाला एलएनजी कैरियर ‘दिशा’ सुरक्षित रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर आगे बढ़ा है। यह जहाज गुजरात के दहेज बंदरगाह के लिए बड़ी मात्रा में तरलीकृत प्राकृतिक गैस लेकर रवाना हुआ है और निर्धारित समय पर भारत पहुंचने की संभावना है।

    सरकार ने बताया कि जहाज का संचालन भारतीय प्रबंधन समूह द्वारा किया जा रहा है तथा समुद्री मार्गों पर स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। विदेश मंत्रालय, भारतीय मिशन, शिपिंग कंपनियों और संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय बनाए रखते हुए भारतीय नाविकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। देश के सभी प्रमुख बंदरगाहों पर संचालन सामान्य रूप से जारी है और किसी प्रकार की बाधा की सूचना नहीं है।

    वहीं मध्य पूर्व क्षेत्र में बढ़ते सुरक्षा जोखिमों को देखते हुए समुद्री क्षेत्र में अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है। हाल ही में क्षेत्र में हुई घटनाओं के बाद संबंधित समुद्री प्राधिकरणों ने शिपिंग कंपनियों और भर्ती एजेंसियों को सलाह जारी की है कि अगले निर्देश तक संघर्ष प्रभावित इलाकों में भारतीय नाविकों की तैनाती से बचा जाए। सरकार का कहना है कि ऊर्जा आपूर्ति और समुद्री सुरक्षा दोनों मोर्चों पर स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है ताकि राष्ट्रीय हितों और भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

  • राष्ट्रीय सुरक्षा पर अहमदाबाद पुलिस की बड़ी कार्रवाई, संयुक्त सर्च ऑपरेशन में 131 अवैध बांग्लादेशी गिरफ्तार

    राष्ट्रीय सुरक्षा पर अहमदाबाद पुलिस की बड़ी कार्रवाई, संयुक्त सर्च ऑपरेशन में 131 अवैध बांग्लादेशी गिरफ्तार

    नई दिल्ली। गुजरात के अहमदाबाद में अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों के खिलाफ पुलिस और प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए व्यापक सर्च ऑपरेशन चलाया है। अहमदाबाद पुलिस और क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीमों ने शहर के विभिन्न इलाकों में देर रात छापेमारी कर बड़ी संख्या में संदिग्ध लोगों को हिरासत में लिया। अधिकारियों के अनुसार प्रारंभिक जांच के बाद 131 लोगों की पहचान अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों के रूप में की गई है। इसके अलावा करीब 160 अन्य संदिग्धों से पूछताछ और दस्तावेजों की जांच जारी है। इस कार्रवाई को हाल के वर्षों में शहर में चलाए गए सबसे बड़े अभियानों में से एक माना जा रहा है।

    पुलिस अधिकारियों के मुताबिक यह विशेष अभियान खुफिया सूचनाओं के आधार पर चलाया गया। इसके लिए अहमदाबाद पुलिस और क्राइम ब्रांच की कई टीमों को एक साथ विभिन्न क्षेत्रों में तैनात किया गया था। ऑपरेशन के दौरान शहर के संवेदनशील और घनी आबादी वाले इलाकों में व्यापक तलाशी अभियान चलाया गया। अधिकारियों का कहना है कि लंबे समय से कुछ क्षेत्रों में अवैध रूप से विदेशी नागरिकों के रहने की सूचनाएं मिल रही थीं, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई।

    क्राइम ब्रांच के अनुसार चंडोला, गुलाबनगर और खोडियारनगर समेत कई इलाकों में एक साथ छापेमारी की गई। इन क्षेत्रों में बड़ी संख्या में लोगों के पहचान दस्तावेजों की जांच की गई और संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ की गई। जांच के दौरान 131 लोगों के पास भारत में रहने के वैध दस्तावेज नहीं पाए गए। पुलिस का दावा है कि प्रारंभिक सत्यापन में इन लोगों की पहचान बांग्लादेशी नागरिकों के रूप में हुई है। हालांकि सभी मामलों में विस्तृत जांच और कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है ताकि किसी प्रकार की त्रुटि की संभावना न रहे।

    अधिकारियों ने बताया कि हिरासत में लिए गए अन्य 160 लोगों के दस्तावेजों और नागरिकता संबंधी विवरणों की भी जांच की जा रही है। पुलिस विभिन्न सरकारी अभिलेखों और पहचान दस्तावेजों का मिलान कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही उनके संबंध में अंतिम निर्णय लिया जाएगा। प्रशासन का कहना है कि सभी कार्रवाई कानून के निर्धारित प्रावधानों के अनुसार की जा रही है और प्रत्येक व्यक्ति को अपनी पहचान साबित करने का अवसर दिया जा रहा है।

    इस अभियान के साथ-साथ प्रशासन ने चंडोला झील क्षेत्र में अवैध निर्माणों के खिलाफ भी कार्रवाई तेज कर दी है। नगर निगम और अन्य संबंधित एजेंसियों ने क्षेत्र में बने कई अवैध ढांचों को हटाने का अभियान चलाया है। अधिकारियों का कहना है कि संरक्षित जलाशय क्षेत्र के आसपास अनधिकृत निर्माण पर्यावरण और शहरी नियोजन दोनों के लिए चुनौती बने हुए थे। इसलिए दस्तावेजों के सत्यापन और कानूनी प्रक्रिया के बाद अवैध निर्माणों को हटाने का निर्णय लिया गया।

    पुलिस का कहना है कि राष्ट्रीय सुरक्षा और कानून व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए शहर में पहचान और दस्तावेज सत्यापन अभियान आगे भी जारी रहेगा। प्रशासन सभी विदेशी नागरिकों से वैध दस्तावेज रखने और संबंधित नियमों का पालन करने की अपील कर रहा है। वहीं जिन लोगों के पास आवश्यक कानूनी दस्तावेज नहीं पाए जाएंगे, उनके खिलाफ विदेशी नागरिकों से संबंधित कानूनों के तहत कार्रवाई की जाएगी।

    अधिकारियों के अनुसार अवैध प्रवास और फर्जी दस्तावेजों के मामलों की रोकथाम के लिए विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय बढ़ाया गया है। सीमा क्षेत्रों और संवेदनशील स्थानों पर भी निगरानी मजबूत की जा रही है। प्रशासन का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद पात्र मामलों में कानूनी प्रक्रिया के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल अहमदाबाद में चलाया गया यह अभियान सुरक्षा और दस्तावेज सत्यापन के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है और इसकी चर्चा पूरे राज्य में हो रही है।

  • CM बनने से पहले तीखे तेवर… डीके शिवकुमार बोले- गुजरात नहीं ले जाने दूंगा कर्नाटक का हक

    CM बनने से पहले तीखे तेवर… डीके शिवकुमार बोले- गुजरात नहीं ले जाने दूंगा कर्नाटक का हक


    बेंगलुरु।
    डीके शिवकुमार (DK Shivakumar) कर्नाटक (Karnataka) के अगले मुख्यमंत्री (Chief Minister) बनने वाले हैं। हालांकि मुख्यमंत्री बनने से पहले ही उन्होंने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। डीके शिवकुमार ने सोमवार को कहाकि सरकार में आते ही वह तय करेंगे कि कर्नाटक का हक गुजरात नहीं चला जाए। शिवकुमार ने आईपीएल में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (Royal Challengers Bangalore) की खिताबी जीत के बाद यह बयान दिया है। गौरतलब है आरसीबी ने आईपीएल के खिताबी मुकाबले में गुजरात टाइटंस को हराकर लगातार दूसरी बार ट्रॉफी पर कब्जा जमाया है।


    गुजरात पर प्रभाव के इस्तेमाल का आरोप

    डीके शिवकुमार ने मीडिया से बातचीत में कहाकि कर्नाटक स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन (KSCA) को आईपीएल फाइनल की मेजबानी करनी थी। राज्य सरकार ने भी इसकी अनुमति दी थी। लेकिन गुजरात ने अपने प्रभाव का इस्तेमाल किया और फाइनल की मेजबानी कर्नाटक से छीन ली। बुधवार को कर्नाटक के नए मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ लेने जा रहे डीके ने कहाकि यह हमारे क्रिकेट प्रशंसकों को निराश कर सकता है। हम जरूरी कदम उठा रहे हैं ताकि यह फिर कभी न हो। हालांकि, इसमें कुछ समय लगेगा।


    अहमदाबाद में हुआ था फाइनल

    आरसीबी और जीटी के बीच यह फाइनल मुकाबला गुजरात के अहमदाबाद शहर स्थित नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेला गया था। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की जीत पर राजधानी बेंगलुरु और कर्नाटक के अन्य शहरों में जश्न का माहौल है। भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (बीसीसीआई) ने पिछले महीने अहमदाबाद को आईपीएल फाइनल की मेजबानी के लिए नए वेन्यू के तौर पर चुना था। इससे पहले बेंगलुरु को इस फाइनल की मेजबानी करनी थी। लेकिन सांसदों और विधायकों के लिए टिकटों की मांग को लेकर विवाद के बाद यह फैसला लिया गया।


    दिल्ली पहुंच गए डीके

    गौरतलब है कि कर्नाटक के भावी मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सिद्धरमैया राज्य के अगले मंत्रिमंडल को अंतिम रूप देने के लिए पार्टी आलाकमान से चर्चा करेंगे। सूत्रों का कहना है कि दोनों नेता मंगलवार को कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी से मुलाकात कर सकते हैं। शिवकुमार और पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धरमैया सोमवार दोपहर दिल्ली पहुंचे। शिवकुमार बुधवार को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। कांग्रेस नेतृत्व के कहने पर सिद्धरमैया के इस्तीफा देने के बाद वह इस जिम्मेदारी को संभालने जा रहे हैं।


    कब है शपथ ग्रहण

    कांग्रेस की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष शिवकुमार तीन जून को शाम चार बजकर पांच मिनट पर लोक भवन परिसर में मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। इस दौरान कुछ विधायक भी मंत्री पद की शपथ लेंगे। शिवकुमार को शनिवार को औपचारिक रूप से कांग्रेस विधायक दल का नेता चुना गया था। कर्नाटक में मुख्यमंत्री सहित मंत्रिपरिषद में अधिकतम 34 मंत्रियों को शामिल किए जाने का प्रावधान है।

  • गुजरात के सूरत में मुस्लिम युवक ने की महिला से छेड़छाड़, गुस्साई भीड़ ने आरोपी को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा

    गुजरात के सूरत में मुस्लिम युवक ने की महिला से छेड़छाड़, गुस्साई भीड़ ने आरोपी को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा

    सूरत। गुजरात की डायमंड सिटी नाम से मशहूर सूरत में कुछ देर पहले छेड़छाड़ की एक घटना को लेकर जमकर हंगामा हुआ. शहर के व्यस्त इलाके में एक मुस्लिम युवक ने महिला से छेड़छाड़ की. पीड़िता की चीख-पुकार सुन मौके पर मौजूद भीड़ ने आरोपी युवक को जमकर पीटा. शिकायत के बाद पुलिस ने एक्शन लेते हुए फौरन आरोपी को गिरफ्तार किया है. इस घटना से आक्रोशित भीड़ ने छेड़छाड़ के आरोपी के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करने के लिए अल्थान इलाके में थाने के बाहर खूब हंगामा और प्रदर्शन किया.
    स्थानीय लोगों ने थाने के बाहर नारेबाजी की. इस दौरान, उनकी पुलिस के साथ झड़प हुई. इसके बाद, पुलिस ने लोगों को मौके से खदेड़ा. थाने का घेराव करने आए लोगों में महिला और पुरुष दोनों शामिल थे. लोग अपने हाथों में लाठी और डंडे लिए नजर आए.
    आरोपी को पीटा
    जब ये घटना सामने आई तो लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया. इसके बाद 112 नंबर पर कॉल करके पुलिस को बुलाया गया. जब तक पुलिस मौके पर पहुंची, तब तक ये खबर दावानल की तरह पूरे इलाके में फैल चुकी थी. इस वजह से बहुत सारे लोग वहां आ गए थे. इसके बाद, भीड़ ने पुलिस वैन से उतारकर आरोपी को पीटा. हालात बिगड़े तो और फोर्स बुलानी पड़ी और तब जाकर आरोपी को गिरफ्तार किया गया.
    हालात तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में
    भारी संख्या में पुलिस फोर्स इलाके में तैनात की गई है. ACP, सूरत ने कहा कि स्थिति नियंत्रण में है. हम लोगों से अपील करते हैं कि कृपया कानून-व्यवस्था अपने हाथ न लें. पुलिस अपना काम कर रही है. हम दोषी को कड़ी सजा देंगे.
    विधायक ने की शांति की अपील

    मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक विधायक मनु पटेल भी मौके पर पहुंचे. उन्होंने भी लोगों से शांति बहाल करने की अपील की. उन्होंने कानून-व्यवस्था का पालन करने की अपील की. इस घटना के मद्देनजर, मौके पर भारी पुलिस फोर्स तैनात किया गया है.

    क्राइम ब्रांच की टीम ने भी पूरे इलाके को राउंड अप किया. दूसरे थानों से भी पुलिस के जवान यहां पहुचे हैं.
    सूरत में ऐसा ही एक और घिनौना मामला

    सूरत की सरौली पुलिस ने इस घटना से पहले 21 वर्षीय मोजबीर को तीन साल की बच्ची के साथ यौन उत्पीड़न के मामले में दबोचा था. बिहार निवासी आरोपी सरौली इलाके की एक कपड़ा फैक्ट्री में काम करता था. बीते गुरुवार दोपहर जब पीड़िता की मां कुछ काम से बाहर गई थी, तब शेख ने उसे अगवा कर लिया और छत पर बने बाथरूम में ले गया. वहां उसने पीड़िता के साथ यौन उत्पीड़न शुरू कर दिया. इससे पहले कि वह कोई और जघन्य अपराध कर पाता, पीड़िता की मां उसे ढूंढते हुए छत पर पहुंच गई. स्थानीय लोग तुरंत इकट्ठा हो गए और शेख की पिटाई कर दी. सरौली पुलिस को सूचना दी गई और शेख के खिलाफ बलात्कार के मामले में बीएनएस (बाल यौन उत्पीड़न अधिनियम) और बाल यौन उत्पीड़न संरक्षण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया.

  • गुजरात में मानवता की मिसाल: ब्रेन-डेड किसान के अंगों से 7 लोगों को नई जिंदगी

    गुजरात में मानवता की मिसाल: ब्रेन-डेड किसान के अंगों से 7 लोगों को नई जिंदगी

    अहमदाबाद। गुजरात के अहमदाबाद से एक भावुक और प्रेरणादायक खबर सामने आई है, जहां एक ब्रेन-डेड किसान के अंगदान ने सात लोगों को नई जिंदगी दे दी। 39 वर्षीय मनुभाई परमार के परिवार ने कठिन समय में बड़ा फैसला लेते हुए अंगदान की सहमति दी और मानवता की मिसाल पेश की।

    सड़क हादसे के बाद ब्रेन-डेड घोषित
    खेड़ा जिले के रहने वाले मनुभाई परमार 12 अप्रैल को एक सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गए थे। सिर में गहरी चोट लगने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद डॉक्टर उन्हें बचा नहीं सके और ब्रेन-डेड घोषित कर दिया गया।

    परिवार ने लिया साहसी फैसला
    डॉक्टरों की सलाह पर उनकी पत्नी अरखाबेन ने अंगदान का निर्णय लिया। परिवार की इस सहमति के बाद दिल, लिवर, किडनी, आंखें और त्वचा दान की गईं, जिससे जरूरतमंद मरीजों को तुरंत लाभ मिला।

    कहां-कहां हुए ट्रांसप्लांट?

    लिवर और किडनी का ट्रांसप्लांट अहमदाबाद सिविल अस्पताल में किया गया
    दिल को CIMS अस्पताल भेजा गया
    आंखें एम एंड जे नेत्र अस्पताल को दान की गईं
    त्वचा सिविल अस्पताल के स्किन बैंक में संरक्षित की गई

    डॉक्टरों ने की सराहना
    अस्पताल के सुपरिटेंडेंट डॉ. राकेश जोशी ने परिवार के इस फैसले को सराहनीय बताते हुए कहा कि मनुभाई भले ही अब इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन उनके अंगों ने सात लोगों को नया जीवन दिया है।

    अंगदान के बढ़ते मामले
    अहमदाबाद सिविल अस्पताल के अनुसार, अब तक 234 ब्रेन-डेड मरीजों द्वारा अंगदान किया जा चुका है, जिससे 774 अंग प्राप्त हुए हैं। इनमें सैकड़ों किडनी, लिवर, दिल और फेफड़े शामिल हैं।

    बढ़ रही जागरूकता
    गुजरात में पिछले कुछ वर्षों में अंगदान को लेकर जागरूकता बढ़ी है। सरकारी पहल और सामाजिक प्रयासों के चलते लोग इस दिशा में आगे आ रहे हैं।

    मनुभाई परमार और उनके परिवार का यह निर्णय न केवल सात जिंदगियां बचाने वाला है, बल्कि समाज को यह संदेश भी देता है कि कठिन परिस्थितियों में लिया गया एक साहसी फैसला कई लोगों के जीवन में रोशनी ला सकता है।

  • पेट्रोल गैस और खाद की सप्लाई पर गुजरात सरकार सख्त सीएम भूपेंद्र पटेल ने की समीक्षा..

    पेट्रोल गैस और खाद की सप्लाई पर गुजरात सरकार सख्त सीएम भूपेंद्र पटेल ने की समीक्षा..


    नई दिल्ली: 
    Bhupendra Patel की अध्यक्षता में Gandhinagar में एक अहम हाई लेवल मीटिंग आयोजित की गई जिसमें राज्य में पेट्रोल डीजल गैस और अन्य जरूरी वस्तुओं की उपलब्धता और सप्लाई सिस्टम की विस्तृत समीक्षा की गई यह बैठक मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए बुलाई गई थी

    यह बैठक Narendra Modi द्वारा सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रशासकों के साथ की गई वीडियो कॉन्फ्रेंस के बाद आयोजित की गई जिसमें उन्होंने पेट्रोल डीजल गैस फर्टिलाइजर और खाद्य सामग्री की आपूर्ति को लेकर जरूरी दिशा निर्देश दिए थे

    बैठक में स्पष्ट किया गया कि गुजरात में फिलहाल पेट्रोल डीजल गैस और खाद समेत सभी जरूरी वस्तुओं की पर्याप्त उपलब्धता है और सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि भविष्य में भी सप्लाई में किसी तरह की कमी न आए इसके लिए सभी विभागों को अलर्ट मोड पर रहने और बेहतर तालमेल के साथ काम करने के निर्देश दिए गए

    इस दौरान राज्य में पीएनजी कनेक्शन को तेजी से बढ़ाने पर भी जोर दिया गया मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार की गाइडलाइंस को जल्द लागू करने और खासकर रिहायशी इलाकों शैक्षणिक संस्थानों और अस्पतालों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए

    मीटिंग में जानकारी दी गई कि गुजरात देश में सबसे अधिक लगभग 23 प्रतिशत पीएनजी कनेक्शन वाला राज्य है वहीं देश के करीब 12 प्रतिशत सीएनजी फिलिंग स्टेशन भी यहीं संचालित हैं पिछले 10 दिनों में राज्य में 12 हजार से ज्यादा नए पीएनजी कनेक्शन और 300 से अधिक कमर्शियल कनेक्शन दिए गए हैं जो तेजी से बढ़ती मांग को दर्शाता है

    राज्य में एलपीजी सप्लाई को लेकर भी सरकार सतर्क है करीब 1.28 करोड़ घरेलू एलपीजी कनेक्शन धारकों को नियमित गैस आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए तेल और गैस कंपनियों के साथ लगातार समन्वय किया जा रहा है साथ ही उपभोक्ताओं की समस्याओं के समाधान के लिए हेल्पलाइन भी शुरू की गई है जिसमें अब तक 10 हजार शिकायतों का निपटारा किया जा चुका है

    मुख्यमंत्री ने जमाखोरी और कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए उन्होंने कहा कि इस तरह की गतिविधियों पर नजर रखना जरूरी है ताकि लोगों में किसी भी तरह की कमी का डर न फैले

    इसके अलावा फर्टिलाइजर की उपलब्धता पर भी संतोष जताया गया और कृषि विभाग को खरीफ सीजन के लिए पूरी तैयारी रखने को कहा गया पोर्ट्स पर कार्गो मैनेजमेंट को बेहतर बनाने और सप्लाई चेन में किसी भी रुकावट को रोकने के निर्देश भी दिए गए

    सरकार ने कर्मचारियों को समय पर वेतन देने पर भी जोर दिया ताकि वैश्विक हालात के बीच आर्थिक दबाव कम किया जा सके साथ ही राज्य और जिला स्तर पर कोऑर्डिनेशन कमेटी बनाने का फैसला लिया गया ताकि सप्लाई चेन मजबूत बनी रहे

  • SIR के बाद 6 राज्यों की वोटर लिस्ट जारी… गुजरात में सबसे ज्यादा 68 लाख और MP में हटाए गए 34.25 लाख नाम

    SIR के बाद 6 राज्यों की वोटर लिस्ट जारी… गुजरात में सबसे ज्यादा 68 लाख और MP में हटाए गए 34.25 लाख नाम


    नई दिल्ली।
    भारत निर्वाचन आयोग (Election Commission of India- ECI) ने देश के छह राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता सूचियों (Voter lists) के ‘विशेष गहन पुनरीक्षण’ (Special Intensive Revision – SIR) का कार्य सफलतापूर्वक संपन्न कर लिया है। शनिवार को जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूचियों में बड़े पैमाने पर बदलाव दर्ज किए गए हैं। लाखों की संख्या में अपात्र मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं।

    एसआईआर के आंकड़ों में सबसे चौंकाने वाली गिरावट गुजरात में देखी गई है। यहां कुल 68,12,711 मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं। पुनरीक्षण से पहले गुजरात में मतदाताओं की संख्या 5,08,43,436 थी, जो अब घटकर 4,40,30,725 रह गई है। यह कुल मतदाता संख्या में 13.40% की भारी गिरावट है। गुजरात के बाद मध्य प्रदेश में भी मतदाता सूची में बड़ी शुद्धि की गई है। यहां 34,25,078 नाम हटाए गए, जिससे मतदाताओं की संख्या 5,74,06,143 से कम होकर 5,39,81,065 (-5.97%) पर आ गई है।


    कहां कितनी हुई कटौती?

    – राजस्थान: मतदाताओं की संख्या 5,46,56,215 से घटकर 5,15,19,929 हो गई। 31,36,286 नाम काटे गए।
    – छत्तीसगढ़: यहां मतदाता सूची 2,12,30,737 से घटकर 1,87,30,914 रह गई। 24,99,823 नाम काटे गए।
    – केरल: सूची से 8,97,211 नाम हटाए गए, जिसके बाद अब कुल मतदाता 2,69,53,644 हैं।
    – गोवा: मतदाताओं की संख्या में 1,27,468 की गिरावट दर्ज की गई।

    केंद्र शासित प्रदेशों की स्थिति
    – पुडुचेरी: 77,367 मतदाताओं के नाम हटाए गए।
    – अंडमान और निकोबार: 52,364 नामों की कटौती की गई।
    – लक्षद्वीप: यहां सबसे कम केवल 206 नामों में बदलाव हुआ है।

    चुनाव अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह बदलाव ‘नेट चेंज’ को दर्शाता है, जिसमें अपात्र मतदाताओं की संख्या में से नए जुड़े पात्र मतदाताओं को घटाया गया है। सूची से नाम हटाने के प्राथमिक कारणों में मृत्यु, स्थायी रूप से स्थानांतरण, एक से अधिक जगहों पर नाम और अन्य पात्रता संबंधी मुद्दे शामिल हैं। आयोग ने दोहराया कि मतदाता सूची को अपडेट करना एक निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है।

    उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल की बारी
    निर्वाचन आयोग ने देश के 12 राज्यों में इस राष्ट्रव्यापी अभ्यास की शुरुआत की थी। दूसरे चरण के 12 राज्यों में से अब केवल तीन राज्य शेष हैं। पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश और तमिलनाडु के लिए ‘विशेष गहन पुनरीक्षण’ (SIR) का डेटा इस महीने के अंत में जारी किया जाएगा। आयोग ने शेष राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों (CEOs) को भी प्रारंभिक कार्य शुरू करने के निर्देश दिए हैं।

    SIR प्रक्रिया का अगला चरण अप्रैल में शुरू होने वाला है, जो मतदाता सूची के सत्यापन के देशव्यापी अभियान का हिस्सा होगा। फिलहाल, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, केरल, गोवा और अंडमान-निकोबार के लिए अंतिम मतदाता सूचियां आधिकारिक तौर पर प्रकाशित कर दी गई हैं।

  • पीएम मोदी बोले- सोमनाथ को तोड़ने वाले इतिहास के पन्नों में सिमट गए, मंदिर और भारत आज भी अडिग

    पीएम मोदी बोले- सोमनाथ को तोड़ने वाले इतिहास के पन्नों में सिमट गए, मंदिर और भारत आज भी अडिग


    गुजरात। गुजरात के सोमनाथ मंदिर पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को ऐतिहासिक और प्रेरक संदेश दिया। उन्होंने कहा कि लगभग 1000 साल पहले जब आक्रमणकारियों ने सोमनाथ मंदिर को तोड़ने की कोशिश की थी, तब उन्हें लगा कि उन्होंने हिंदुस्तान की शक्ति को खत्म कर दिया, लेकिन आज वही मंदिर खड़ा है और उसकी ध्वजा गर्व से फहरा रही है। पीएम मोदी ने चेतावनी दी कि दुर्भाग्य से आज भी देश में ऐसी ताकतें मौजूद हैं, जो मंदिरों के पुनर्निर्माण और देश की एकता का विरोध करती हैं।
    मोदी ने याद दिलाया कि जब स्वतंत्रता के बाद सरदार पटेल ने सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण की शपथ ली, तब भी उन्हें रोकने की कोशिश हुई। 1951 में मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के दौरान तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद के मंदिर में शामिल होने पर आपत्ति जताई थी। मोदी ने कहा कि देशवासियों को आज भी ऐसी ताकतों से सतर्क और एकजुट रहने की आवश्यकता है, जो देश को बांटने में लगी हैं।

    पीएम मोदी ने मंदिर में लगभग 30 मिनट तक पूजा-अर्चना की। उन्होंने शिवलिंग पर जल चढ़ाया, पंचामृत से अभिषेक किया और फूल अर्पित किए। इसके बाद उन्होंने कहा कि 1026 में पहले आक्रमण के बाद गजनवी ने सोमनाथ का वजूद मिटाने की कोशिश की थी, लेकिन मंदिर फिर से पुनर्निर्मित हुआ।

    इसके बाद खिलजी ने मंदिर को फिर तोड़ा, लेकिन जूनागढ़ के राजाओं ने इसे पुनः खड़ा किया। मोदी ने स्पष्ट किया कि न तो सोमनाथ नष्ट हुआ और न ही भारत।

    पीएम ने कहा कि आज जब सोमनाथ मंदिर के आक्रमण की 1000वीं वर्षगांठ और इसके पुनर्निर्माण के 75 साल पूरे हो रहे हैं, तो यह हमें हमारे गौरवशाली इतिहास और आस्था की शक्ति की याद दिलाता है। उन्होंने कहा कि यहां 72 घंटे तक अनवरत ओमकार और मंत्रोच्चार चलता रहा और इस हजार साल की गाथा को शब्दों में बयां करना मुश्किल है। यह केवल समय और अनुभव ही संकलित कर सकता है।

    सद्भावना ग्राउंड में आयोजित रैली को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि यह अद्भुत समय और वातावरण है। समुद्र की लहरें, सूर्य की किरणें, मंत्रों की गूंज और भक्तों की उपस्थिति इस दिव्य उत्सव को और भव्य बना रही है। मोदी ने कहा कि यह उनका सौभाग्य है कि उन्हें सोमनाथ स्वाभिमान पर्व में सेवा का अवसर मिला।

    उन्होंने देशवासियों को भरोसा दिलाया कि भारत अपने गौरव को नई बुलंदियों तक ले जाएगा और गरीबी, सामाजिक और आर्थिक चुनौतियों के खिलाफ लगातार लड़ाई जारी रखेगा।

    पीएम मोदी ने कहा कि जिस देश के पास अपनी विरासत होती है, वह उस पर गर्व करता है। लेकिन स्वतंत्रता के बाद गुलामी की मानसिकता वाले लोगों ने उस विरासत को भूलने की कोशिश की। सोमनाथ मंदिर ने यह साबित कर दिया कि आस्था, साहस और विश्वास किसी भी आघात के सामने टिक सकते हैं।

    सोमनाथ में पूजा-अर्चना और रैली के बाद पीएम मोदी ने रोड शो भी किया और लोगों को संबोधित किया। इस अवसर पर उन्होंने एकजुटता, स्वाभिमान और देशभक्ति का संदेश दोहराया।

  • Makar Sankranti 2026: गुजरात से प्रयागराज तक, मकर संक्रांति की 5 सबसे रंगीन जगह

    Makar Sankranti 2026: गुजरात से प्रयागराज तक, मकर संक्रांति की 5 सबसे रंगीन जगह

    नई दिल्ली। Makar Sankranti 2026 Places to Visit: सूर्य के उत्तरायण होते ही उत्सवों का मौसम शुरू हो जाता है। शुरुआत मकर संक्रांति के पावन पर्व से होती है जो 14 या 15 जनवरी 2026 को ंमनाई जाएगी। मकर संक्रांति पूरे देश में मनाई जाती है, लेकिन अलग-अलग नामों और तरीकों से। मकर संक्रांति का पर्व अंधकार से प्रकाश की ओर और शीत से ऊर्जा की ओर बढ़ने का समय है।

    यह वही दिन है जब सूर्य देव मकर राशि में प्रवेश करते हैं और दक्षिणायन से उत्तरायण की यात्रा शुरू होती है। भारतीय परंपरा में इसे अत्यंत शुभ माना गया है। खेतों में नई फसल की खुशी, घरों में तिल-गुड़ की मिठास और आसमान में रंग-बिरंगी पतंगें, मकर संक्रांति हर रूप में उल्लास रचती है।

    लेकिन यह पर्व पूरे भारत में एक जैसा नहीं मनाया जाता। हर क्षेत्र इसे अपने रंग, नाम और संस्कार के साथ जीता है। आइए जानते हैं उन जगहों के बारे में, जहां मकर संक्रांति की धूम देखते ही बनती है।

    गुजरात
    गुजरात में मकर संक्रांति केवल त्योहार नहीं, बल्कि जन-उत्सव है। अहमदाबाद, सूरत और वडोदरा में अंतर्राष्ट्रीय पतंग फेस्टिवल का आयोजन होता है। छतों पर लोग “काई पो चे” के नारों के साथ पतंगबाजी करते हैं। ऊंधियू, जलेबी और चिक्की यहां की पहचान हैं। रात में टुक्कल (लैंप पतंग) आसमान को जादुई बना देते हैं।

    प्रयागराज
    उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में संगम में आस्था की डुबकी लगाकर मकर संक्रांति का पर्व मनाया जाता है। यूपी में मकर संक्रांति का अर्थ है पवित्र स्नान। प्रयागराज के संगम पर लाखों श्रद्धालु गंगा, यमुना और सरस्वती के संगम में डुबकी लगाते हैं। दान-पुण्य, खिचड़ी, तिल और वस्त्र दान का विशेष महत्व है। यह दिन आध्यात्मिक शुद्धि का प्रतीक माना जाता है।

    तमिलनाडु
    तमिलनाडु में पोंगल के रूप में चार दिन का उत्सव मनाया जाता है। दक्षिण भारत में मकर संक्रांति को पोंगल कहा जाता है। यह चार दिन तक चलने वाला पर्व है, भोगी, थाई पोंगल, मट्टू पोंगल और कानुम पोंगल। नई फसल से बना मीठा पोंगल, गाय-बैलों की पूजा और घरों के सामने रंगोली, यह त्योहार किसानों के सम्मान का उत्सव है।

    राजस्थान
    यहां पतंगबाजी और लोक-संस्कृति का संगम है। जयपुर और अन्य शहरों में मकर संक्रांति पर पतंगबाजी प्रतियोगिताएं, लोकगीत और पारंपरिक व्यंजन त्योहार को खास बना देते हैं। महिलाएं पारंपरिक परिधान पहनकर सूर्य को अर्घ्य देती हैं।

    महाराष्ट्र
    महाराष्ट्र में मकर संक्रांति सामाजिक सौहार्द का पर्व है। लोग एक-दूसरे को तिलगुल देकर कहते हैं, “तिलगुल घ्या, गोड गोड बोला।” यह संदेश है कि जैसे तिल और गुड़ मिलकर मिठास देते हैं, वैसे ही जीवन में भी कटुता छोड़कर मधुरता अपनाई जाए।