एक घंटे की मशक्कत के बाद काबू, रहवासियों ने खुद संभाली स्थिति
मकान मालिक बल्ली कांदिल के अनुसार, घर के सामने निर्माण कार्य चल रहा था, जबकि पीछे परिवार रह रहा था। देर रात पड़ोसियों ने आग लगने की सूचना दी, जिसके बाद अफरा-तफरी मच गई। फायर ब्रिगेड के समय पर न पहुंचने के कारण स्थानीय लोगों ने खुद मोर्चा संभाला। बोरिंग पंप चालू कर पाइप से पानी डाला गया और आसपास के घरों से भी पानी लाकर आग बुझाने की कोशिश की गई। करीब एक घंटे की कड़ी मेहनत के बाद आग पर काबू पाया जा सका।
ट्रैक्टर-स्कॉर्पियो समेत कई वाहन जलकर खाक
इस भीषण आग में एक ट्रैक्टर, एक स्कॉर्पियो कार, तीन बाइक और एक स्कूटी पूरी तरह जलकर राख हो गए। आग से लाखों रुपए के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है। आसपास के घरों की दीवारें भी आग की चपेट में आकर झुलस गईं।
दमकल पर लापरवाही के आरोप
मकान मालिक ने आरोप लगाया कि घटना की सूचना देने के बावजूद फायर ब्रिगेड समय पर मौके पर नहीं पहुंची। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर दमकल समय पर पहुंच जाती तो नुकसान कम हो सकता था।
स्पार्किंग से लगी आग की आशंका
घटना स्थल पर बिजली कनेक्शन नहीं होने के कारण शॉर्ट सर्किट की संभावना से इनकार किया जा रहा है। प्रारंभिक जांच में वाहनों में स्पार्किंग या पेट्रोल-डीजल के कारण आग लगने की आशंका जताई गई है। पुलिस और प्रशासन मामले की जांच में जुटे हैं।
सिथौली फैक्ट्री में भी लगी आग, समय रहते पाया काबू
इसी बीच सिथौली औद्योगिक क्षेत्र स्थित रेलवे स्प्रिंग फैक्ट्री में भी रविवार रात कोयले के ढेर में आग लग गई। हालांकि कर्मचारियों ने तुरंत सक्रियता दिखाते हुए 10-15 मिनट में आग पर काबू पा लिया, जिससे बड़ा हादसा टल गया। बाद में दमकल टीम ने पहुंचकर स्थिति को पूरी तरह नियंत्रित किया।
