Tag: Gwalior Weather

  • मानसून आया नहीं, फिर भी कोटे से 65% ज्यादा बारिश; MP में मौसम का बदला मिजाज

    मानसून आया नहीं, फिर भी कोटे से 65% ज्यादा बारिश; MP में मौसम का बदला मिजाज


    मध्‍य प्रदेश। मध्यप्रदेश में मानसून ने अभी आधिकारिक तौर पर दस्तक नहीं दी है, लेकिन मौसम ने अपने तेवर पहले ही दिखाने शुरू कर दिए हैं। जून महीने की शुरुआत से ही राज्य के कई हिस्सों में लगातार बारिश और तेज आंधी का दौर जारी है। हालात यह हैं कि अब तक प्रदेश में सामान्य से करीब 65 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की जा चुकी है, जिससे मौसम विभाग भी हैरान है।

    राज्य के कई जिलों में रविवार को भी तेज बारिश देखने को मिली। खंडवा, जबलपुर और सीहोर जैसे जिलों में झमाझम बारिश ने गर्मी से राहत तो दी, लेकिन साथ ही जनजीवन को भी प्रभावित किया। कई जगहों पर तेज हवाओं के कारण यातायात बाधित हुआ और हाईवे पर जाम जैसी स्थिति बन गई।

    मौसम विभाग के अनुसार, इस समय प्रदेश में प्री-मानसूनी गतिविधियां सक्रिय हैं। मानसून की आधिकारिक एंट्री अभी नहीं हुई है, लेकिन वातावरण में नमी और बदलते दबाव के कारण लगातार बारिश हो रही है। अनुमान लगाया जा रहा है कि मानसून 15 से 18 जून के बीच मध्यप्रदेश में प्रवेश कर सकता है।

    भोपाल, आगर-मालवा, शाजापुर और नीमच जैसे जिलों में इस महीने अब तक 2 से ढाई इंच तक बारिश दर्ज की जा चुकी है, जो सामान्य औसत से काफी अधिक है। वहीं सतना, सीधी, रायसेन, रतलाम, श्योपुर, हरदा और बुरहानपुर जैसे जिलों में भी एक इंच से अधिक बारिश हो चुकी है।

    मौसम विभाग ने सोमवार के लिए ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, सागर, दमोह, जबलपुर, नरसिंहपुर, बालाघाट, छिंदवाड़ा, बैतूल, खंडवा, खरगोन और बड़वानी सहित कई जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट जारी किया है। इन क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना जताई गई है।

    लगातार बदलते मौसम ने किसानों और आम लोगों की चिंता भी बढ़ा दी है। जहां एक तरफ बारिश से तापमान में गिरावट आई है, वहीं दूसरी ओर खेतों में खड़ी फसलों और शहरों में ट्रैफिक व्यवस्था पर असर पड़ रहा है। कई स्थानों पर बिजली आपूर्ति भी बाधित होने की खबरें सामने आई हैं।

    विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की प्री-मानसूनी गतिविधियां मानसून के मजबूत संकेत हो सकती हैं, लेकिन इसके साथ ही सावधानी बरतना भी जरूरी है। तेज आंधी और बारिश के दौरान खुले स्थानों से बचने और सुरक्षित स्थान पर रहने की सलाह दी गई है।

    फिलहाल प्रदेश में मौसम का यह बदला हुआ मिजाज अगले कुछ दिनों तक जारी रहने की संभावना है, जिससे लोगों को गर्मी से राहत तो मिलेगी, लेकिन सावधानी भी जरूरी होगी।

  • ग्वालियर में गर्म हवाओं का कहर: सुबह 8:30 बजे ही 37 के पार पहुंचा पारा, आज लू का अलर्ट जारी

    ग्वालियर में गर्म हवाओं का कहर: सुबह 8:30 बजे ही 37 के पार पहुंचा पारा, आज लू का अलर्ट जारी


    नई दिल्ली। ग्वालियर अंचल इन दिनों भीषण गर्मी और तपती हवाओं की चपेट में है, जहां मौसम लगातार लोगों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है। गुरुवार सुबह से ही तेज धूप और गर्म हवाओं ने माहौल को बेहाल कर दिया। मौसम विभाग ने ग्वालियर और आसपास के क्षेत्रों के लिए लू का अलर्ट जारी किया है, जिससे दिनभर हालात और खराब रहने की आशंका है।

    बीते बुधवार को अधिकतम तापमान 44.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था, जबकि रात का न्यूनतम तापमान भी 30 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जिससे रात के समय भी लोगों को राहत नहीं मिल सकी। गर्म हवाओं के चलते घरों में कूलर और एसी भी असरदार साबित नहीं हो रहे हैं।

    गुरुवार सुबह हालात और भी तेजी से बिगड़ते नजर आए। सुबह 5:30 बजे जहां तापमान 34.2 डिग्री सेल्सियस था, वहीं महज तीन घंटे के भीतर यानी 8:30 बजे यह बढ़कर 37.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। लगातार बढ़ते तापमान ने लोगों की दिनचर्या प्रभावित कर दी है।

    सुबह से ही सड़कें सुनसान नजर आईं और लोग बेहद जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकलते दिखाई दिए। कई जगहों पर लोग धूप से बचने के लिए सिर और चेहरा तौलिये या कपड़े से ढककर चलते नजर आए। पेड़ों की छांव और ठंडे पानी के स्थानों पर लोगों की भीड़ देखी गई।

    मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार इस बार मई महीने में तापमान सामान्य से काफी अधिक बना हुआ है, जिससे दिन के साथ-साथ रात का तापमान भी राहत नहीं दे रहा है। लगातार गर्म हवाएं चलने से लू का असर और बढ़ गया है।

    स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। डॉक्टरों का कहना है कि इस मौसम में डिहाइड्रेशन, चक्कर आना, सिरदर्द और हीट स्ट्रोक जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ सकती हैं। ऐसे में लोगों को दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक घर से बाहर निकलने से बचने, पर्याप्त पानी पीने और हल्के सूती कपड़े पहनने की सलाह दी गई है।

    फिलहाल पूरे ग्वालियर अंचल में गर्म हवाओं का असर जारी है और आने वाले दिनों में राहत मिलने की संभावना फिलहाल कम नजर आ रही है।

  • आंधी के आसार के बीच तपिश बरकरार, ग्वालियर में बढ़ी मुश्किलें

    आंधी के आसार के बीच तपिश बरकरार, ग्वालियर में बढ़ी मुश्किलें


    मध्यप्रदेश। ग्वालियर शहर इन दिनों भीषण गर्मी की चपेट में है, जहां तापमान लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है। रविवार को सुबह से ही तेज धूप और गर्म हवाओं ने लोगों का हाल बेहाल कर दिया। सुबह 5:30 बजे जहां तापमान 29.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था, वहीं मात्र तीन घंटे के भीतर यानी 8:30 बजे तक यह बढ़कर 36 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। इससे साफ संकेत मिल रहे हैं कि दिन चढ़ने के साथ गर्मी और भी अधिक तीव्र रूप ले रही है।

    मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, शनिवार को शहर का अधिकतम तापमान 43 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था, जो इस सीजन के सबसे गर्म दिनों में से एक रहा। वहीं रविवार को न्यूनतम तापमान भी 29 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जिससे रातों में भी राहत नहीं मिल पा रही है। लगातार बढ़ते तापमान ने आम जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है।

    हवाओं में नमी की कमी के कारण गर्मी और अधिक तीखी महसूस की जा रही है। लोगों को अधिक प्यास लग रही है और पानी की खपत में भी तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। दोपहर के समय स्थिति इतनी गंभीर हो जाती है कि शहर की प्रमुख सड़कों पर सन्नाटा पसर जाता है और लोग केवल अत्यंत आवश्यक कार्य होने पर ही घरों से बाहर निकल रहे हैं।

    मौसम विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि शाम के समय आंधी चलने की संभावना है, लेकिन इससे तापमान में किसी बड़े बदलाव की उम्मीद नहीं है। विभाग का अनुमान है कि अगले एक सप्ताह तक गर्मी से राहत मिलने की कोई संभावना नहीं है और पारा और भी बढ़ सकता है।

    भीषण गर्मी का असर न केवल इंसानों पर बल्कि पशु-पक्षियों पर भी देखने को मिल रहा है। ग्वालियर चिड़ियाघर में जानवरों को गर्मी से बचाने के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। उनकी डाइट में पानी से भरपूर फल और सब्जियां बढ़ाई गई हैं, साथ ही बाड़ों में पर्याप्त पानी और ठंडक की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है। कुल मिलाकर, ग्वालियर में गर्मी ने जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है और आने वाले दिनों में राहत की कोई उम्मीद नजर नहीं आ रही है।

  • ग्वालियर मौसम बदला-बदला: रात में ठंडक, सुबह निकलते ही धूप और उमस ने बढ़ाई परेशानी

    ग्वालियर मौसम बदला-बदला: रात में ठंडक, सुबह निकलते ही धूप और उमस ने बढ़ाई परेशानी

    नई दिल्ली।  मध्य प्रदेश के Gwalior में मौसम ने एक बार फिर अचानक करवट ले ली है। कभी तेज बारिश और आंधी तो कभी चिलचिलाती धूप ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। बीते कुछ दिनों से शहर में मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है, जिसका सीधा असर आम जनजीवन और स्वास्थ्य पर पड़ रहा है।

    मंगलवार शाम अचानक आई आंधी और बारिश के बाद रात के समय लोगों को हल्की राहत जरूर मिली, जब तापमान में गिरावट दर्ज की गई। न्यूनतम तापमान 26.8 डिग्री से घटकर 25.3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। लेकिन यह राहत ज्यादा देर तक टिक नहीं सकी।
    बुधवार सुबह होते ही तेज धूप ने फिर से शहर को गर्मी की चपेट में ले लिया। हवा में लगभग 60 प्रतिशत नमी के कारण उमस और बढ़ गई, जिससे लोगों को भारी असहजता महसूस हुई। मौसम में इस बदलाव के चलते दिनभर बेचैनी का माहौल बना रहा।
    सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि सुबह के कुछ ही घंटों में तापमान में तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई। सुबह 5:30 बजे जहां तापमान 25.6 डिग्री था, वहीं 8:30 बजे तक यह बढ़कर 31.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। यह लगभग 5.8 डिग्री का उछाल दर्शाता है, जो मौसम में अस्थिरता का संकेत है।
    दिन के समय बढ़ती गर्मी का असर शहर की रफ्तार पर भी साफ दिखाई दे रहा है। दोपहर होते ही बाजारों और सड़कों पर सन्नाटा पसरने लगा है। लोग तेज धूप से बचने के लिए छाते, गमछे और पानी की बोतलों का सहारा ले रहे हैं। चिकित्सकों ने भी सलाह दी है कि दोपहर 12 बजे से 4 बजे के बीच अनावश्यक बाहर निकलने से बचें।
    मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दो दिनों तक मौसम शुष्क बना रह सकता है और तापमान में और वृद्धि होने की संभावना है। साथ ही लू जैसे हालात बनने की आशंका भी जताई गई है, जिससे लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है।
    फिलहाल मौसम का यह बदलता मिजाज लोगों के लिए राहत और परेशानी दोनों लेकर आ रहा है, जहां रात की ठंडक के बाद दिन की गर्मी चुनौती बनती जा रही है।
  • MP: आज ग्वालियर समेत 11 जिलों में बारिश-आंधी की चेतावनी, भोपाल-इंदौर में बढ़ेगी गर्मी

    MP: आज ग्वालियर समेत 11 जिलों में बारिश-आंधी की चेतावनी, भोपाल-इंदौर में बढ़ेगी गर्मी


    भोपाल। मध्य प्रदेश में मौसम लगातार करवट बदल रहा है। पश्चिमी विक्षोभ, चक्रवातीय परिसंचरण और ट्रफ लाइन के असर से पिछले एक सप्ताह से प्रदेश में कहीं आंधी तो कहीं बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग ने गुरुवार को ग्वालियर सहित 11 जिलों में तेज आंधी और बारिश की चेतावनी जारी की है।

    अलर्ट वाले जिलों में ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा और मऊगंज शामिल हैं। मौसम विभाग के अनुसार सक्रिय वेस्टर्न डिस्टरबेंस के कारण अगले दो दिन तक मौसम का मिजाज ऐसा ही बना रह सकता है। वहीं दूसरी ओर भोपाल, इंदौर, उज्जैन और जबलपुर समेत प्रदेश के 44 जिलों में गर्मी का असर भी देखने को मिलेगा। कई शहरों में दिन का तापमान 43 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना है। निवाड़ी, छतरपुर, टीकमगढ़, नर्मदापुरम, रतलाम, नीमच और मंदसौर में तापमान में अधिक बढ़ोतरी हो सकती है।

    अगले 4 दिन मौसम रहेगा बदला-बदला
    मौसम विभाग का कहना है कि अगले चार दिन तक प्रदेश में मौसम अस्थिर बना रहेगा। अगले दो दिन कुछ इलाकों में बारिश और तेज हवाएं चल सकती हैं, जबकि 9 और 10 मई को गर्मी का प्रभाव पूरे प्रदेश में बढ़ जाएगा।

    लगातार सातवें दिन भी बारिश
    बुधवार को प्रदेश में लगातार सातवें दिन भी कई जिलों में बारिश और आंधी का असर देखने को मिला। धार सहित कई क्षेत्रों में मौसम बदला रहा। मई की शुरुआत में लगातार हुई बारिश से फिलहाल गर्मी से राहत बनी हुई है और अधिकांश शहरों में दिन का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया जा रहा है।

    10 मई से फिर बदलेगा मौसम
    मौसम विभाग के अनुसार 10 मई से एक नया मौसम सिस्टम सक्रिय होने जा रहा है, जिसका असर अगले दो दिनों में दिखाई दे सकता है। वर्तमान में प्रदेश के मध्य और ऊपरी हिस्से में दो चक्रवातीय परिसंचरण सक्रिय हैं, जबकि पूर्वी हिस्से से एक ट्रफ लाइन गुजर रही है। इसी वजह से प्रदेश में मौसम में लगातार बदलाव बना हुआ है।

  • एमपी में आज 21 जिलों में आंधी-बारिश और ओलों की चेतावनी, 30 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

    एमपी में आज 21 जिलों में आंधी-बारिश और ओलों की चेतावनी, 30 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

    भोपाल। मध्य प्रदेश में भीषण गर्मी के बीच पिछले दो दिनों से प्रदेश के आधे से अधिक जिले आंधी, बारिश और ओलावृष्टि की चपेट में हैं। मौसम विभाग ने शनिवार को ग्वालियर सहित 21 जिलों में बारिश और तेज आंधी की चेतावनी जारी की है। इस दौरान 30 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है।

    पिछले दो दिनों में प्रदेश के करीब 35 जिलों में कहीं न कहीं बारिश, आंधी या ओले गिर चुके हैं, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। शुक्रवार को भी कई जिलों में मौसम खराब रहा। आज जिन जिलों में मौसम का असर देखने को मिल सकता है, उनमें ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, मैहर, जबलपुर, सिवनी, मंडला, बालाघाट, डिंडौरी, अनूपपुर, गुना, अशोकनगर, नीमच और मंदसौर शामिल हैं।

    वहीं दूसरी ओर भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, अलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, आगर-मालवा, शाजापुर, देवास, रतलाम, सागर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, कटनी, उमरिया, शहडोल, रीवा, मऊगंज, सीधी, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा और सिंगरौली में गर्मी का असर बना रहेगा। हालांकि कुछ इलाकों में दोपहर बाद मौसम बदल सकता है, खासकर भोपाल, नर्मदापुरम, रीवा और शहडोल संभाग में।

    शुक्रवार को जबलपुर और दमोह में बारिश दर्ज की गई। वहीं खंडवा प्रदेश का सबसे गर्म जिला रहा, जहां तापमान 43.1 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। नरसिंहपुर में 42.2 डिग्री, रतलाम में 41.2 डिग्री, टीकमगढ़ में 41 डिग्री, बैतूल में 40.8 डिग्री, गुना में 40.4 डिग्री, जबकि शाजापुर, दमोह और सागर में 40.2 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया। श्योपुर में पारा 40 डिग्री दर्ज हुआ। अगर बड़े शहरों की बात करें तो उज्जैन में तापमान 40.5 डिग्री के साथ सबसे अधिक रहा। भोपाल में 39.8 डिग्री, इंदौर में 39.4 डिग्री, ग्वालियर में 37.4 डिग्री और जबलपुर में 38 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया।

    आमतौर पर मई महीने की शुरुआत तेज गर्मी के साथ होती है, लेकिन इस बार मौसम का रुख बदला हुआ है और महीने की शुरुआत आंधी-बारिश से हुई है। मौसम विभाग के अनुसार, यह स्थिति 5 मई तक बनी रह सकती है। मौसम में इस बदलाव की वजह साइक्लोनिक सर्कुलेशन और हिमालयी क्षेत्र में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ है। इन सिस्टम्स के चलते प्रदेश में आगे भी आंधी और बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।

  • मध्‍य प्रदेश में मौसम के दो रंग, दिन में बढ़ी गर्मी-रात में ठंडक, कई शहरों में ‘लू’ जैसी तपिश

    मध्‍य प्रदेश में मौसम के दो रंग, दिन में बढ़ी गर्मी-रात में ठंडक, कई शहरों में ‘लू’ जैसी तपिश



    भोपाल। मध्य प्रदेश में इन दिनों मौसम का मिजाज दो तरह का देखने को मिल रहा है। दिन में तेज धूप और गर्मी के कारण तापमान तेजी से बढ़ रहा है, जबकि सुबह और रात में हल्की ठंडक बनी हुई है। कई शहरों में दिन के समय ‘लू’ जैसी तपिश महसूस की जा रही है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि इस बदलाव का असर लोगों की सेहत पर भी पड़ रहा है और अस्पतालों में सर्दी-जुकाम व एलर्जी के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। सोमवार को भोपाल, इंदौर, उज्जैन और ग्वालियर समेत कई शहरों में तेज गर्मी दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार मंगलवार को भी गर्मी का असर बना रह सकता है।

    मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक इस साल मार्च में पिछले साल की तुलना में ज्यादा गर्मी पड़ रही है। भोपाल, इंदौर, रीवा और शहडोल संभाग में अधिकतम तापमान सामान्य से करीब 1.9 से 2.7 डिग्री ज्यादा दर्ज किया गया है। वहीं ग्वालियर, चंबल, उज्जैन, जबलपुर और नर्मदापुरम संभाग में तापमान 3.1 से 4.6 डिग्री तक अधिक है। प्रदेश के आधे से ज्यादा हिस्सों में दिन का तापमान 35 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच चुका है।

    रतलाम सबसे गर्म, कई शहरों में 38 डिग्री पार

    मार्च के पहले ही पखवाड़े में प्रदेश में तापमान 40 डिग्री के करीब पहुंचने लगा है। सोमवार को रतलाम सबसे गर्म रहा, जहां अधिकतम तापमान 39.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा खजुराहो, धार, गुना, दमोह, सागर, श्योपुर और मंडला में भी तापमान 38 डिग्री या उससे अधिक रिकॉर्ड किया गया। पांच बड़े शहरों में ग्वालियर और उज्जैन सबसे गर्म रहे, जहां तापमान 37 डिग्री से अधिक रहा। वहीं भोपाल में 36.8 डिग्री, इंदौर में 36.4 डिग्री और जबलपुर में 36 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

    हवा की दिशा बदली, बढ़ी गर्मी

    मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार हवा की दिशा में बदलाव भी गर्मी बढ़ने की वजह है। फिलहाल हवाएं उत्तर-पूर्व की बजाय पश्चिम और उत्तर-पश्चिम दिशा से चल रही हैं। हवा में नमी कम है और यह रेगिस्तानी क्षेत्रों से होकर प्रदेश में पहुंच रही है, जिससे गर्मी बढ़ रही है।

    15 मार्च के बाद मौसम बदलने के संकेत

    मौसम विभाग का अनुमान है कि 15 मार्च के बाद मौसम में बदलाव हो सकता है। पश्चिमी विक्षोभ के असर से प्रदेश के पूर्वी और दक्षिणी हिस्सों में बादल छाने और हल्की बूंदाबांदी होने की संभावना है। आमतौर पर प्रदेश में तेज गर्मी मार्च के दूसरे पखवाड़े में शुरू होती है, लेकिन इस बार ट्रेंड बदल गया है और पहले ही पखवाड़े में तापमान तेजी से बढ़ गया है।

  • तपने लगा मध्‍य प्रदेश, इंदौर में पारा 36 डिग्री पार, भोपाल-ग्वालियर में 35 डिग्री से ज्यादा

    तपने लगा मध्‍य प्रदेश, इंदौर में पारा 36 डिग्री पार, भोपाल-ग्वालियर में 35 डिग्री से ज्यादा



    भोपाल। मध्य प्रदेश में मार्च की शुरुआत से ही गर्मी का असर तेज होता दिखाई दे रहा है। आमतौर पर प्रदेश में 15 मार्च के बाद तापमान तेजी से बढ़ता है, लेकिन इस बार ट्रेंड बदल गया है और महीने के शुरुआती दिनों में ही पारा चढ़ने लगा है। सागर और ग्वालियर-चंबल संभाग के बाद अब इंदौर और उज्जैन क्षेत्र में भी गर्मी का प्रभाव बढ़ गया है।

    इंदौर में अधिकतम तापमान 36.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। वहीं भोपाल, ग्वालियर, उज्जैन और जबलपुर में तापमान 35 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया। शुक्रवार को नर्मदापुरम प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा, जहां अधिकतम तापमान 38.1 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। इसके अलावा धार, दमोह, सागर, शाजापुर, गुना, छतरपुर, रतलाम और टीकमगढ़ में भी तापमान 36 डिग्री या उससे अधिक रहा। रात का तापमान भी 18 डिग्री से ऊपर बना हुआ है।

    मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश के पूर्वी हिस्से से एक टर्फ गुजर रही है और साइक्लोनिक सर्कुलेशन भी सक्रिय है, लेकिन इसका प्रदेश के मौसम पर ज्यादा असर नहीं पड़ रहा है। आसमान साफ होने के कारण सूरज की तेज किरणें सीधे जमीन पर पड़ रही हैं, जिससे गर्मी का असर बढ़ गया है।

    मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि अगले दो दिनों में प्रदेश के अधिकतम तापमान में करीब 4 डिग्री तक बढ़ोतरी हो सकती है। ऐसे में संभावना है कि मार्च के पहले पखवाड़े में ही कई शहरों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाए। विशेषज्ञों के मुताबिक इस साल अप्रैल और मई में हीट वेव यानी लू चलने की संभावना है, जो करीब 15 से 20 दिनों तक रह सकती है। हालांकि मार्च में फिलहाल लू चलने का कोई अलर्ट जारी नहीं किया गया है।

    तेज धूप को देखते हुए विशेषज्ञों ने लोगों को सलाह दी है कि दोपहर के समय करीब तीन घंटे तक धूप से बचकर छांव में रहने की कोशिश करें।

  • एमपी में बादलों का डेरा, दिन का तापमान गिरा, हल्की ठंड बरकरार

    एमपी में बादलों का डेरा, दिन का तापमान गिरा, हल्की ठंड बरकरार


    भोपाल। मध्य प्रदेश में मौसम ने एक बार फिर बदलते मिजाज का अंदाज दिखाया है। पश्चिमी विक्षोक्ष और ट्रफ के असर से बुधवार को भोपाल, इंदौर, ग्वालियर समेत कई शहरों में बादल छाए रहे, जिससे दिन का तापमान गिरावट पर आ गया।

    मौसम विभाग के मुताबिक, अगले पांच दिनों में पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में दो वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय होंगे। हालांकि फिलहाल बारिश का कोई अलर्ट जारी नहीं किया गया है, लेकिन बादल बनी रहने की संभावना है। सिस्टम के असर के कारण फिलहाल बादल छाए हैं। आने वाले दिनों में दिन और रात का तापमान बढ़ने का रुझान रहेगा।

    सर्दी का असर और आगे का मौसम
    मौसम विभाग के अनुसार, पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी जारी है और कई राज्यों में हल्की बारिश भी हो रही है। सिस्टम गुजरने और बर्फ पिघलने के बाद मध्य प्रदेश में मौसम में फिर बदलाव देखने को मिलेगा। अगले कुछ दिनों में तापमान में गिरावट का दौर भी आ सकता है, लेकिन ठंड ज्यादा तेज नहीं होगी। रात का तापमान ज्यादातर शहरों में 10 से 12 डिग्री सेल्सियस के बीच रहेगा।

    अगले दो दिन का पूर्वानुमान
    13 फरवरी – कुछ जिलों में हल्का कोहरा रह सकता है। बारिश का कोई अलर्ट नहीं है। दिन में बादल छाए रह सकते हैं।
    14 फरवरी – हल्का से मध्यम कोहरा कुछ जिलों में बने रह सकता है। बारिश की संभावना नहीं है।

    न्यूनतम तापमान की जानकारी
    मौसम विभाग के अनुसार, मंगलवार-रविवार की रात में शहडोल के कल्याणपुर में तापमान 5 डिग्री से नीचे गिर गया। यहां न्यूनतम तापमान 4.3 डिग्री दर्ज किया गया। अन्य स्थानों पर तापमान इस प्रकार रहा:
    पचमढ़ी: 7.4 डिग्री
    कटनी (करौंदी): 8.4 डिग्री
    अमरकंटक (अनूपपुर): 9.1 डिग्री
    मंदसौर: 9.1 डिग्री
    खजुराहो: 9.2 डिग्री
    दतिया: 9.9 डिग्री

    बड़े शहरों में न्यूनतम तापमान
    ग्वालियर: 13 डिग्री
    उज्जैन-जबलपुर: 13.5 डिग्री
    भोपाल-इंदौर: 13.6 डिग्री

  • मध्य प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ का असर, 20 जिलों में छाया घना कोहरा..

    मध्य प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ का असर, 20 जिलों में छाया घना कोहरा..


    भोपाल। पिछले चार दिनों से मध्य प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवात की वजह से ओले और बारिश का सिलसिला चला। मंगलवार को भोपाल, ग्वालियर और आसपास के 15 से अधिक जिलों में मौसम ने करवट बदली। कुछ जगह हल्की बारिश और ओले गिरे, तो कुछ जगह बस मौसम में बदलाव महसूस हुआ। बुधवार सुबह लगभग 20 जिलों में हल्के से मध्यम कोहरे का असर रहा। हालांकि आज बारिश या ओले का कोई अलर्ट नहीं है।

    मौसम विभाग के अनुसार भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, श्योपुर, शिवपुरी, गुना, अशोक नगर, नीमच, मंदसौर, आगर-मालवा, राजगढ़, विदिशा, रायसेन, सागर, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, दमोह, पन्ना, सतना, रीवा और मऊगंज में कोहरा छाया रहा।

    अगले दो दिन का मौसम
    5 फरवरी-ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा और मऊगंज में घना कोहरा रहेगा। भोपाल, गुना, अशोक नगर, श्योपुर, शिवपुरी, विदिशा, रायसेन, सीहोर, उज्जैन, इंदौर, राजगढ़, शाजापुर, देवास और आसपास के जिलों में हल्का से मध्यम कोहरा रहेगा।  6 फरवरी-अधिकांश जिलों में हल्का से मध्यम कोहरा रहेगा। इस दिन बारिश का कोई अलर्ट नहीं है।

    मुरैना में बुधवार सुबह घना कोहरा छाया, जिससे दृश्यता लगभग 50 मीटर रह गई। ठंडी हवाओं के चलते तापमान में गिरावट आई; न्यूनतम 9 डिग्री और अधिकतम 23 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। फरवरी में पिछले पांच साल में इतना घना कोहरा कम ही देखा गया। एमपी के हिल स्टेशन पचमढ़ी में भी घना कोहरा और ठंडी हवाओं के कारण तापमान में गिरावट रही। मौसम सुहावना होने के चलते पर्यटक और स्थानीय लोग ठंडक का आनंद ले रहे हैं।

    भोपाल में हल्का कोहरा देखा गया, लेकिन तेज हवाओं की वजह से ठंडक बनी हुई है। सुबह और शाम को ठंडक अधिक महसूस हो रही है। ग्वालियर में मंगलवार की ओलावृष्टि के बाद बुधवार को घने कोहरे ने शहर को ढक लिया। सुबह 7 बजे तक सड़कें सुनसान रहीं और वाहन चालकों को हाई बीम लाइट जलाकर चलना पड़ा। रीवा में भी विजिबिलिटी 100 मीटर तक गिर गई। मौसम विभाग ने बताया कि पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में 5 फरवरी से नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय होगा, जिसका असर प्रदेश में नजर आएगा। 10 फरवरी तक मावठा गिरने की संभावना है।

    पिछले दिन मंगलवार को ग्वालियर, मंदसौर, भोपाल, निवाड़ी, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, दतिया, मैहर, कटनी, मऊगंज, शिवपुरी, भिंड, राजगढ़, आगर-मालवा, गुना में मौसम में बदलाव देखा गया। कुछ जगह ओले और आकाशीय बिजली गिरी, तो कुछ जगह बारिश और आंधी रही।