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  • एमपी में बादलों का डेरा, दिन का तापमान गिरा, हल्की ठंड बरकरार

    एमपी में बादलों का डेरा, दिन का तापमान गिरा, हल्की ठंड बरकरार


    भोपाल। मध्य प्रदेश में मौसम ने एक बार फिर बदलते मिजाज का अंदाज दिखाया है। पश्चिमी विक्षोक्ष और ट्रफ के असर से बुधवार को भोपाल, इंदौर, ग्वालियर समेत कई शहरों में बादल छाए रहे, जिससे दिन का तापमान गिरावट पर आ गया।

    मौसम विभाग के मुताबिक, अगले पांच दिनों में पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में दो वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय होंगे। हालांकि फिलहाल बारिश का कोई अलर्ट जारी नहीं किया गया है, लेकिन बादल बनी रहने की संभावना है। सिस्टम के असर के कारण फिलहाल बादल छाए हैं। आने वाले दिनों में दिन और रात का तापमान बढ़ने का रुझान रहेगा।

    सर्दी का असर और आगे का मौसम
    मौसम विभाग के अनुसार, पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी जारी है और कई राज्यों में हल्की बारिश भी हो रही है। सिस्टम गुजरने और बर्फ पिघलने के बाद मध्य प्रदेश में मौसम में फिर बदलाव देखने को मिलेगा। अगले कुछ दिनों में तापमान में गिरावट का दौर भी आ सकता है, लेकिन ठंड ज्यादा तेज नहीं होगी। रात का तापमान ज्यादातर शहरों में 10 से 12 डिग्री सेल्सियस के बीच रहेगा।

    अगले दो दिन का पूर्वानुमान
    13 फरवरी – कुछ जिलों में हल्का कोहरा रह सकता है। बारिश का कोई अलर्ट नहीं है। दिन में बादल छाए रह सकते हैं।
    14 फरवरी – हल्का से मध्यम कोहरा कुछ जिलों में बने रह सकता है। बारिश की संभावना नहीं है।

    न्यूनतम तापमान की जानकारी
    मौसम विभाग के अनुसार, मंगलवार-रविवार की रात में शहडोल के कल्याणपुर में तापमान 5 डिग्री से नीचे गिर गया। यहां न्यूनतम तापमान 4.3 डिग्री दर्ज किया गया। अन्य स्थानों पर तापमान इस प्रकार रहा:
    पचमढ़ी: 7.4 डिग्री
    कटनी (करौंदी): 8.4 डिग्री
    अमरकंटक (अनूपपुर): 9.1 डिग्री
    मंदसौर: 9.1 डिग्री
    खजुराहो: 9.2 डिग्री
    दतिया: 9.9 डिग्री

    बड़े शहरों में न्यूनतम तापमान
    ग्वालियर: 13 डिग्री
    उज्जैन-जबलपुर: 13.5 डिग्री
    भोपाल-इंदौर: 13.6 डिग्री

  • मध्य प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ का असर, 20 जिलों में छाया घना कोहरा..

    मध्य प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ का असर, 20 जिलों में छाया घना कोहरा..


    भोपाल। पिछले चार दिनों से मध्य प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवात की वजह से ओले और बारिश का सिलसिला चला। मंगलवार को भोपाल, ग्वालियर और आसपास के 15 से अधिक जिलों में मौसम ने करवट बदली। कुछ जगह हल्की बारिश और ओले गिरे, तो कुछ जगह बस मौसम में बदलाव महसूस हुआ। बुधवार सुबह लगभग 20 जिलों में हल्के से मध्यम कोहरे का असर रहा। हालांकि आज बारिश या ओले का कोई अलर्ट नहीं है।

    मौसम विभाग के अनुसार भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, श्योपुर, शिवपुरी, गुना, अशोक नगर, नीमच, मंदसौर, आगर-मालवा, राजगढ़, विदिशा, रायसेन, सागर, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, दमोह, पन्ना, सतना, रीवा और मऊगंज में कोहरा छाया रहा।

    अगले दो दिन का मौसम
    5 फरवरी-ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा और मऊगंज में घना कोहरा रहेगा। भोपाल, गुना, अशोक नगर, श्योपुर, शिवपुरी, विदिशा, रायसेन, सीहोर, उज्जैन, इंदौर, राजगढ़, शाजापुर, देवास और आसपास के जिलों में हल्का से मध्यम कोहरा रहेगा।  6 फरवरी-अधिकांश जिलों में हल्का से मध्यम कोहरा रहेगा। इस दिन बारिश का कोई अलर्ट नहीं है।

    मुरैना में बुधवार सुबह घना कोहरा छाया, जिससे दृश्यता लगभग 50 मीटर रह गई। ठंडी हवाओं के चलते तापमान में गिरावट आई; न्यूनतम 9 डिग्री और अधिकतम 23 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। फरवरी में पिछले पांच साल में इतना घना कोहरा कम ही देखा गया। एमपी के हिल स्टेशन पचमढ़ी में भी घना कोहरा और ठंडी हवाओं के कारण तापमान में गिरावट रही। मौसम सुहावना होने के चलते पर्यटक और स्थानीय लोग ठंडक का आनंद ले रहे हैं।

    भोपाल में हल्का कोहरा देखा गया, लेकिन तेज हवाओं की वजह से ठंडक बनी हुई है। सुबह और शाम को ठंडक अधिक महसूस हो रही है। ग्वालियर में मंगलवार की ओलावृष्टि के बाद बुधवार को घने कोहरे ने शहर को ढक लिया। सुबह 7 बजे तक सड़कें सुनसान रहीं और वाहन चालकों को हाई बीम लाइट जलाकर चलना पड़ा। रीवा में भी विजिबिलिटी 100 मीटर तक गिर गई। मौसम विभाग ने बताया कि पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में 5 फरवरी से नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय होगा, जिसका असर प्रदेश में नजर आएगा। 10 फरवरी तक मावठा गिरने की संभावना है।

    पिछले दिन मंगलवार को ग्वालियर, मंदसौर, भोपाल, निवाड़ी, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, दतिया, मैहर, कटनी, मऊगंज, शिवपुरी, भिंड, राजगढ़, आगर-मालवा, गुना में मौसम में बदलाव देखा गया। कुछ जगह ओले और आकाशीय बिजली गिरी, तो कुछ जगह बारिश और आंधी रही।

  • MP में ठंड और बारिश का 'डबल अटैक': 20 जिलों में घने कोहरे का पहरा, 2 फरवरी तक बिगड़ा रहेगा मौसम का मिजाज

    MP में ठंड और बारिश का 'डबल अटैक': 20 जिलों में घने कोहरे का पहरा, 2 फरवरी तक बिगड़ा रहेगा मौसम का मिजाज


    भोपाल । मध्य प्रदेश में कुदरत के दोहरे रंग देखने को मिल रहे हैं। एक तरफ जहाँ उत्तर भारत से आ रही बर्फीली हवाओं ने ठिठुरन बढ़ा दी है, वहीं दूसरी ओर एक शक्तिशाली पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से प्रदेश के बड़े हिस्से में बारिश का खतरा मंडरा रहा है। मौसम विभाग IMD ने चेतावनी जारी की है कि अगले तीन दिनों तक मध्य प्रदेश के आसमान पर बादलों का पहरा रहेगा और कई जिलों में गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं।

    अगले 24 घंटे: 14 जिलों में बारिश का अलर्ट मौसम केंद्र भोपाल के अनुसार, स्ट्रॉन्ग वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के प्रभाव से अगले 24 घंटों के भीतर प्रदेश के 14 जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होने की प्रबल संभावना है। विशेष रूप से ग्वालियर, मुरैना, दतिया, भिंड, श्योपुर, शिवपुरी, अशोकनगर और गुना जैसे उत्तरी बेल्ट के साथ-साथ विदिशा, सागर, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर में मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है। यहाँ बारिश के साथ कहीं-कहीं ओलावृष्टि की स्थिति भी बन सकती है।

    कोहरे की सफेद चादर में लिपटे 20 जिले बारिश की चेतावनी के साथ ही प्रदेश के उत्तरी और पूर्वी हिस्सों में घने कोहरे ने जनजीवन प्रभावित कर दिया है। आज सुबह ग्वालियर-चंबल संभाग समेत रीवा, सागर और शहडोल संभाग के करीब 20 जिलों में दृश्यता (Visibility) बेहद कम रही। ग्वालियर, दतिया और छतरपुर जैसे जिलों में तो विजिबिलिटी शून्य तक पहुँच गई, जिससे सड़क यातायात के साथ-साथ रेल और हवाई सेवाएं भी प्रभावित हुई हैं। भोपाल और इंदौर जैसे बड़े शहरों में भी सुबह के वक्त धुंध का असर देखा गया।

    2 फरवरी तक राहत के आसार नहीं मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि यह स्थिति 2 फरवरी तक लगातार बनी रह सकती है। वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के कारण फिलहाल न्यूनतम तापमान में थोड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे रात की ठंड से आंशिक राहत मिली है, लेकिन दिन के तापमान में गिरावट आने से ‘कोल्ड डे’ जैसी स्थिति बनी हुई है। 2 फरवरी के बाद जैसे ही बादल छंटेंगे, एक बार फिर बर्फीली हवाएं चलेंगी और कड़ाके की ठंड का दूसरा दौर शुरू होगा। प्रशासन ने खराब मौसम और कोहरे को देखते हुए वाहन चालकों को सावधानी बरतने की सलाह दी है।

    मध्य प्रदेश में कुदरत के दोहरे रंग देखने को मिल रहे हैं। एक तरफ जहाँ उत्तर भारत से आ रही बर्फीली हवाओं ने ठिठुरन बढ़ा दी है, वहीं दूसरी ओर एक शक्तिशाली पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से प्रदेश के बड़े हिस्से में बारिश का खतरा मंडरा रहा है। मौसम विभाग (IMD) ने चेतावनी जारी की है कि अगले तीन दिनों तक मध्य प्रदेश के आसमान पर बादलों का पहरा रहेगा और कई जिलों में गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं।

    अगले 24 घंटे: 14 जिलों में बारिश का अलर्ट मौसम केंद्र भोपाल के अनुसार, स्ट्रॉन्ग वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के प्रभाव से अगले 24 घंटों के भीतर प्रदेश के 14 जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होने की प्रबल संभावना है। विशेष रूप से ग्वालियर, मुरैना, दतिया, भिंड, श्योपुर, शिवपुरी, अशोकनगर और गुना जैसे उत्तरी बेल्ट के साथ-साथ विदिशा, सागर, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर में मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है। यहाँ बारिश के साथ कहीं-कहीं ओलावृष्टि की स्थिति भी बन सकती है।

    कोहरे की सफेद चादर में लिपटे 20 जिले बारिश की चेतावनी के साथ ही प्रदेश के उत्तरी और पूर्वी हिस्सों में घने कोहरे ने जनजीवन प्रभावित कर दिया है। आज सुबह ग्वालियर-चंबल संभाग समेत रीवा, सागर और शहडोल संभाग के करीब 20 जिलों में दृश्यता (Visibility) बेहद कम रही। ग्वालियर, दतिया और छतरपुर जैसे जिलों में तो विजिबिलिटी शून्य तक पहुँच गई, जिससे सड़क यातायात के साथ-साथ रेल और हवाई सेवाएं भी प्रभावित हुई हैं। भोपाल और इंदौर जैसे बड़े शहरों में भी सुबह के वक्त धुंध का असर देखा गया।

    2 फरवरी तक राहत के आसार नहीं मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि यह स्थिति 2 फरवरी तक लगातार बनी रह सकती है। वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के कारण फिलहाल न्यूनतम तापमान में थोड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे रात की ठंड से आंशिक राहत मिली है, लेकिन दिन के तापमान में गिरावट आने से ‘कोल्ड डे’ जैसी स्थिति बनी हुई है। 2 फरवरी के बाद जैसे ही बादल छंटेंगे, एक बार फिर बर्फीली हवाएं चलेंगी और कड़ाके की ठंड का दूसरा दौर शुरू होगा। प्रशासन ने खराब मौसम और कोहरे को देखते हुए वाहन चालकों को सावधानी बरतने की सलाह दी है।

  • ग्वालियर में रिकॉर्ड तोड़ ठंड का कहर: 25 साल का रिकॉर्ड ध्वस्त, न्यूनतम तापमान 5 डिग्री, जनजीवन बेहाल

    ग्वालियर में रिकॉर्ड तोड़ ठंड का कहर: 25 साल का रिकॉर्ड ध्वस्त, न्यूनतम तापमान 5 डिग्री, जनजीवन बेहाल


    ग्वालियर । ग्वालियर में कड़ाके की ठंड ने इस बार सारे पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं और जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। जनवरी में बीते 25 साल का रिकॉर्ड टूट गया, जब अधिकतम तापमान गिरकर सिर्फ 10.4 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया, जबकि न्यूनतम तापमान भी लुढ़ककर 5 डिग्री दर्ज किया गया।
    मौसम विभाग के अनुसार बीते 100 साल में यह दूसरी बार है जब जनवरी के महीने में ग्वालियर में इतनी गंभीर ठंड दर्ज की गई है। घने कोहरे और बर्फीली हवाओं के चलते सुबह से लेकर दिन तक ठंड का असर बना हुआ है और लोगों को दिन में भी रात जैसा एहसास हो रहा है।

    शुक्रवार सुबह करीब 9 बजे तक पूरा शहर कोहरे की मोटी चादर में लिपटा रहा। सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा और लोग बेहद जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकले। पिछले आठ दिनों से सुबह देर तक और शाम को जल्दी घना कोहरा छा रहा है। दृश्यता घटकर 60 से 100 मीटर रह गई, जिससे वाहन चालकों को दिन में भी हेडलाइट जलाकर चलना पड़ा।

    ठंड के प्रकोप को देखते हुए जिला प्रशासन ने प्राइमरी और मिडिल स्कूलों की छुट्टियां 10 जनवरी तक बढ़ा दी हैं।

    मौसम विभाग ने बताया कि गुरुवार को अधिकतम तापमान सामान्य से 11.1 डिग्री कम रहने के कारण दिन को ‘कोल्ड सीवियर डे’ घोषित किया गया। इससे पहले साल 2019 में अधिकतम तापमान 8.3 डिग्री तक गिरा था। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक 12.6 किलोमीटर की ऊंचाई पर 260 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही जेट स्ट्रीम हवाओं के कारण घना कोहरा बना हुआ है। वहीं कश्मीर की ओर से करीब 10 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आ रही बर्फीली हवाएं हिमालय की बर्फबारी का असर मैदानी इलाकों तक ला रही हैं, जिससे ठंड और ज्यादा बढ़ गई है।

    ठंड से राहत दिलाने के लिए नगर निगम ने शहर के प्रमुख चौराहों पर अलाव जलवाए हैं, ताकि राहगीरों और बेसहारा लोगों व जानवरों को कुछ राहत मिल सके।

    इसके बावजूद धूप न के बराबर दिखाई दे रही है और सूरज के तेवर पूरी तरह ढीले पड़े हुए हैं। मौसम विभाग का कहना है कि फिलहाल ठंड से राहत की कोई उम्मीद नहीं है। अगले 48 घंटों में न्यूनतम तापमान और गिर सकता है और घना कोहरा भी बना रहेगा।

    कड़ाके की ठंड और कोहरे का असर परिवहन व्यवस्था पर भी साफ दिख रहा है। रेल यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है और ग्वालियर आने वाली कई ट्रेनें 5 से 6 घंटे तक देरी से चल रही हैं। दिल्ली से आने वाली पंजाब मेल करीब 4 घंटे, शताब्दी एक्सप्रेस लगभग 2 घंटे और मंगला एक्सप्रेस करीब 5 घंटे लेट रही। वहीं भोपाल से आने वाली मंगला एक्सप्रेस भी साढ़े तीन घंटे की देरी से पहुंची, जबकि केरल और समता एक्सप्रेस भी अपने निर्धारित समय से काफी देर से चल रही हैं।

    हवाई यातायात पर भी कोहरे का असर पड़ा है। ग्वालियर एयरपोर्ट पर फ्लाइट्स 2 से 3 घंटे तक देरी से संचालित हो रही हैं। गुरुवार को इंडिगो की मुंबई और दिल्ली फ्लाइट्स और एयर इंडिया की बेंगलुरु फ्लाइट कोहरे के कारण देर से आईं और रवाना हुईं, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। कुल मिलाकर ग्वालियर में ठंड ने अपना रौद्र रूप दिखा दिया है और आने वाले दिनों में हालात और ज्यादा चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं।