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  • बालों का झड़ना नहीं हो रहा बंद, महंगे प्रोडक्ट्स से पहले अपनाएं ये 5 तरीके, सही तेल और डाइट से ऐसे करें बालों की देखभाल

    बालों का झड़ना नहीं हो रहा बंद, महंगे प्रोडक्ट्स से पहले अपनाएं ये 5 तरीके, सही तेल और डाइट से ऐसे करें बालों की देखभाल


    नई दिल्ली। बालों का झड़ना आजकल एक आम समस्या बन गई है। महिला हो या पुरुष कई लोग बालों के पतले होने और लगातार गिरने से परेशान रहते हैं। मौसम में बदलाव तनाव खराब खानपान नींद की कमी और बालों की सही देखभाल न करने जैसी वजहों से बालों पर असर पड़ सकता है। सामान्य रूप से रोजाना कुछ बालों का झड़ना स्वाभाविक है लेकिन जब बाल असामान्य रूप से गिरने लगें या सिर में खाली जगह दिखाई देने लगे तो इस पर ध्यान देना जरूरी है। कुछ आसान आदतों को अपनाकर बालों को स्वस्थ रखने में मदद मिल सकती है।

    बालों की देखभाल के लिए सबसे पहले संतुलित खानपान पर ध्यान दें। बालों की मजबूती के लिए शरीर को पर्याप्त प्रोटीन आयरन जिंक और अन्य जरूरी पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है। इसके लिए भोजन में दालें दूध दही अंडे पनीर हरी पत्तेदार सब्जियां फल और मेवे शामिल किए जा सकते हैं। यदि शरीर में आयरन या किसी अन्य पोषक तत्व की कमी है तो बालों का झड़ना बढ़ सकता है। इसलिए लगातार बाल गिरने पर बिना जांच के सप्लीमेंट लेने के बजाय डॉक्टर की सलाह से कमी का पता लगाना बेहतर होता है।

    बालों को धोने और सुखाने का तरीका भी महत्वपूर्ण है। बालों को साफ रखने के लिए अपनी त्वचा और बालों के प्रकार के अनुसार हल्के शैंपू का इस्तेमाल करें। शैंपू करते समय सिर की त्वचा को नाखूनों से जोर से रगड़ने से बचें। गीले बाल अपेक्षाकृत नाजुक होते हैं इसलिए उन्हें जोर से तौलिए से रगड़ना या खींचकर कंघी करना नुकसान पहुंचा सकता है। बालों को धीरे से सुखाएं और उलझन दूर करने के लिए चौड़े दांतों वाली कंघी का इस्तेमाल करें।

    बालों पर बार बार हीट स्टाइलिंग करने से भी नुकसान हो सकता है। हेयर ड्रायर स्ट्रेटनर और कर्लर का अधिक इस्तेमाल बालों को कमजोर और टूटने वाला बना सकता है। इसी तरह बार बार केमिकल ट्रीटमेंट हेयर कलर और बहुत कसकर बांधे गए हेयरस्टाइल से भी बाल टूट सकते हैं। जहां तक संभव हो बालों को आराम दें और गर्म उपकरणों का इस्तेमाल सीमित रखें। बालों में तेल लगाने से सिर की त्वचा को नमी मिल सकती है और मालिश से आराम महसूस हो सकता है लेकिन तेल लगाना हर प्रकार के हेयर फॉल का इलाज नहीं है। तेल से बाल झड़ना निश्चित रूप से बंद हो जाएगा ऐसा मानना सही नहीं है।

    तनाव और नींद की कमी भी बालों की सेहत को प्रभावित कर सकती है। रोजाना पर्याप्त नींद लेने नियमित शारीरिक गतिविधि करने और तनाव कम करने के लिए योग या ध्यान अपनाने से समग्र स्वास्थ्य को फायदा मिल सकता है। हालांकि यदि बाल झड़ने की वजह हार्मोन संबंधी समस्या आनुवंशिक कारण या कोई बीमारी है तो केवल घरेलू उपाय पर्याप्त नहीं होंगे।

    यदि बाल अचानक बहुत ज्यादा झड़ने लगें सिर में गोल खाली पैच बनें खुजली या पपड़ी के साथ समस्या हो या कई सप्ताह तक लगातार बाल गिरते रहें तो त्वचा रोग विशेषज्ञ से सलाह लें। तेज बुखार बीमारी प्रसव या अत्यधिक तनाव के कुछ समय बाद भी बाल झड़ सकते हैं। सही कारण की पहचान होने पर उचित उपचार चुना जा सकता है। बिना सलाह के दवाएं या महंगे हेयर प्रोडक्ट इस्तेमाल करने से बचें।

    बालों को स्वस्थ रखने का सबसे अच्छा तरीका नियमित देखभाल पौष्टिक भोजन पर्याप्त नींद और सही उपचार है। घरेलू उपाय सहायक हो सकते हैं लेकिन हर व्यक्ति में उनका असर अलग हो सकता है। लगातार या असामान्य हेयर फॉल को नजरअंदाज करने के बजाय समय पर विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर रहता है।

  • कम उम्र में सफेद हो रहे हैं बाल तो इन बातों पर दें, ध्यान पोषण और लाइफस्टाइल में बदलाव से मिल सकती है मदद

    कम उम्र में सफेद हो रहे हैं बाल तो इन बातों पर दें, ध्यान पोषण और लाइफस्टाइल में बदलाव से मिल सकती है मदद


    नई दिल्ली ।आजकल कम उम्र में बाल सफेद होना कई लोगों के लिए चिंता का विषय बन गया है। कुछ लोगों के बालों में 20 से 30 साल की उम्र के बीच ही सफेद बाल दिखाई देने लगते हैं। इसके पीछे केवल उम्र ही जिम्मेदार नहीं होती बल्कि आनुवंशिक कारण तनाव धूम्रपान और शरीर में कुछ पोषक तत्वों की कमी भी भूमिका निभा सकती है। बालों का प्राकृतिक रंग मेलेनिन नामक पिगमेंट से तय होता है और उम्र बढ़ने के साथ बालों की जड़ों में मौजूद मेलेनोसाइट कोशिकाएं कम मेलेनिन बनाने लगती हैं। इसी वजह से बाल धीरे धीरे सफेद या ग्रे दिखाई देने लगते हैं।

    अगर आप अपने बालों को लंबे समय तक प्राकृतिक रूप से काला और स्वस्थ बनाए रखना चाहते हैं तो सबसे पहले अपनी डाइट पर ध्यान देना जरूरी है। खाने में पर्याप्त प्रोटीन के साथ आयरन और विटामिन बी12 जैसे पोषक तत्वों की पर्याप्त मात्रा होना जरूरी है। कुछ मामलों में इन पोषक तत्वों की कमी समय से पहले बाल सफेद होने से जुड़ी पाई गई है। हालांकि बिना जांच के किसी विटामिन या सप्लीमेंट का सेवन शुरू करना सही तरीका नहीं है। जरूरत पड़ने पर डॉक्टर से जांच कराकर ही कमी की पुष्टि करनी चाहिए।

    तनाव को नियंत्रित करना भी बालों की सेहत के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है। लगातार तनाव शरीर पर अलग अलग तरह से असर डाल सकता है और शोध में तनाव तथा बालों के रंग में बदलाव के बीच संबंध देखा गया है। इसलिए पर्याप्त नींद नियमित शारीरिक गतिविधि और तनाव कम करने वाली आदतों को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाया जा सकता है।

    धूम्रपान की आदत भी समय से पहले बाल सफेद होने से जुड़ी पाई गई है। इसलिए बालों की सेहत के साथ पूरे शरीर को स्वस्थ रखने के लिए धूम्रपान से दूरी बनाना फायदेमंद हो सकता है। इसके अलावा बालों पर बहुत ज्यादा गर्मी और कठोर केमिकल ट्रीटमेंट का इस्तेमाल भी कम करना चाहिए। बार बार कलर या दूसरे केमिकल ट्रीटमेंट कराने से बाल रूखे और कमजोर हो सकते हैं।

    बालों को काला करने के लिए इंटरनेट पर आंवला करी पत्ता तेल प्याज या कई तरह के घरेलू नुस्खे बताए जाते हैं लेकिन इनसे सफेद हो चुके बाल स्थायी रूप से दोबारा काले होने का मजबूत वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। अगर बाल पहले ही सफेद हो चुके हैं तो उन्हें ढकने के लिए हेयर कलर का इस्तेमाल किया जा सकता है। हेयर कलर इस्तेमाल करने से पहले पैच टेस्ट करना जरूरी है क्योंकि कुछ लोगों को इससे एलर्जी या त्वचा में जलन हो सकती है।

    अगर कम उम्र में अचानक तेजी से बाल सफेद होने लगें या इसके साथ बाल झड़ने और स्कैल्प से जुड़ी दूसरी समस्या भी दिखाई दे तो त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर है। कुछ मामलों में विटामिन की कमी या अन्य स्वास्थ्य संबंधी स्थितियां भी बालों में बदलाव से जुड़ी हो सकती हैं। सही कारण पता चलने के बाद ही उचित उपाय किया जा सकता है।

    इसलिए बालों को नेचुरली काला बनाए रखने का सबसे व्यावहारिक तरीका किसी एक चमत्कारी नुस्खे पर निर्भर रहने के बजाय संतुलित खानपान तनाव नियंत्रण धूम्रपान से दूरी और बालों की सही देखभाल पर ध्यान देना है। उम्र के कारण सफेद हुए बालों को पूरी तरह वापस काला करने का कोई प्रमाणित घरेलू तरीका नहीं है लेकिन स्वस्थ जीवनशैली समय से पहले होने वाले बदलावों को कम करने में मदद कर सकती है।

  • Hair Care Tips: झड़ते बालों और डैंड्रफ से परेशान हैं तो फिटकरी का ऐसे करें इस्तेमाल जानिए फायदे और सावधानियां

    Hair Care Tips: झड़ते बालों और डैंड्रफ से परेशान हैं तो फिटकरी का ऐसे करें इस्तेमाल जानिए फायदे और सावधानियां

    नई दिल्ली। बालों की देखभाल के लिए लोग तरह तरह के घरेलू नुस्खे आजमाते हैं। इन्हीं में फिटकरी भी शामिल है जिसका इस्तेमाल लंबे समय से त्वचा की सफाई और शेविंग के बाद किया जाता रहा है। फिटकरी में कसैले गुण पाए जाते हैं और इसका उपयोग कुछ लोग स्कैल्प की सफाई के लिए भी करते हैं। हालांकि फिटकरी को बाल झड़ने या डैंड्रफ का पक्का इलाज मानना सही नहीं है। इसका इस्तेमाल करने से पहले यह समझना जरूरी है कि यह स्कैल्प पर किस तरह काम कर सकती है और इसे किस तरीके से इस्तेमाल करना चाहिए।

    फिटकरी का इस्तेमाल स्कैल्प की सफाई के लिए किया जाता है। अगर सिर की त्वचा बहुत ज्यादा ऑयली रहती है तो फिटकरी का हल्का घोल अतिरिक्त तेल और गंदगी को हटाने में मदद कर सकता है। इससे स्कैल्प साफ महसूस हो सकता है। कुछ लोगों का मानना है कि इससे डैंड्रफ की समस्या में भी राहत मिलती है लेकिन डैंड्रफ के कई कारण हो सकते हैं और हर व्यक्ति में इसका असर एक जैसा नहीं होता। लगातार या ज्यादा डैंड्रफ होने पर केवल घरेलू नुस्खों पर निर्भर रहने के बजाय विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर होता है।

    फिटकरी को सीधे स्कैल्प पर रगड़ना उचित नहीं माना जाता क्योंकि यह कुछ लोगों की त्वचा में रूखापन जलन या लालिमा पैदा कर सकती है। अगर इसका इस्तेमाल करना ही है तो पहले फिटकरी को पानी में अच्छी तरह घोलकर बहुत हल्का घोल तैयार किया जा सकता है। इस घोल को कॉटन या उंगलियों की मदद से स्कैल्प पर हल्के हाथों से लगाया जा सकता है। कुछ समय बाद बालों को सामान्य पानी से धो लेना चाहिए। इसके बाद स्कैल्प में रूखापन महसूस हो तो हल्का मॉइस्चराइजिंग या कंडीशनिंग प्रोडक्ट इस्तेमाल किया जा सकता है।

    बालों के झड़ने की समस्या में फिटकरी को सीधे तौर पर इलाज नहीं माना जाना चाहिए। बाल झड़ने के पीछे तनाव पोषण की कमी हार्मोनल बदलाव आनुवंशिक कारण स्कैल्प की समस्या या किसी अन्य स्वास्थ्य संबंधी वजह की भूमिका हो सकती है। इसलिए अगर बाल लगातार तेजी से झड़ रहे हैं या सिर में पैच बन रहे हैं तो कारण समझना ज्यादा जरूरी है। केवल फिटकरी लगाने से मूल समस्या दूर नहीं होगी।

    इसी तरह अगर स्कैल्प पर घाव खुजली जलन या किसी तरह का संक्रमण है तो फिटकरी का इस्तेमाल करने से बचना चाहिए। संवेदनशील त्वचा वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। पहली बार इस्तेमाल करने से पहले त्वचा के छोटे हिस्से पर पैच टेस्ट करना भी उपयोगी हो सकता है। किसी तरह की जलन या एलर्जी महसूस होने पर तुरंत इस्तेमाल बंद कर देना चाहिए।

    दरअसल फिटकरी को बालों की नियमित देखभाल का विकल्प नहीं बल्कि सीमित घरेलू उपाय के रूप में ही देखा जाना चाहिए। स्वस्थ बालों के लिए संतुलित आहार पर्याप्त प्रोटीन और पोषक तत्वों का सेवन स्कैल्प की साफ सफाई पर्याप्त नींद और बालों के लिए सही उत्पादों का इस्तेमाल ज्यादा महत्वपूर्ण है। डैंड्रफ या हेयर फॉल की समस्या लंबे समय तक बनी रहती है तो त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लेना सबसे बेहतर तरीका है।

  • बालों में कब और कैसे लगाएं नारियल तेल जानिए सही तरीका और किन गलतियों से बचना जरूरी है

    बालों में कब और कैसे लगाएं नारियल तेल जानिए सही तरीका और किन गलतियों से बचना जरूरी है


    नई दिल्ली। बालों की खूबसूरती और मजबूती के लिए लोग लंबे समय से नारियल तेल का इस्तेमाल करते आ रहे हैं। कई घरों में बालों की मालिश के लिए नारियल तेल को पारंपरिक उपाय माना जाता है। इसकी वजह यह है कि नारियल तेल में मौजूद फैटी एसिड बालों और स्कैल्प की देखभाल में मदद कर सकते हैं। खासकर जब बाल रूखे और बेजान नजर आते हैं तब नियमित रूप से सही तरीके से तेल लगाने से बालों में नमी बनाए रखने में मदद मिल सकती है। हालांकि नारियल तेल को किसी चमत्कारी इलाज की तरह देखना सही नहीं है। बालों की समस्या के कारण अलग अलग हो सकते हैं इसलिए तेल का असर भी हर व्यक्ति में अलग हो सकता है।

    नारियल तेल का सबसे बड़ा फायदा बालों की नमी से जुड़ा माना जाता है। बालों पर तेल लगाने से बालों की बाहरी परत को कंडीशनिंग मिल सकती है जिससे वे अपेक्षाकृत मुलायम महसूस होते हैं। खासकर ड्राई और फ्रिजी बालों में नारियल तेल लगाने से रूखापन कुछ कम महसूस हो सकता है। बालों को धोने से पहले तेल लगाने पर यह बालों में नमी के नुकसान को कम करने में भी मदद कर सकता है। यही कारण है कि हेयर केयर रूटीन में नारियल तेल को शामिल करने की सलाह लंबे समय से दी जाती रही है।

    नारियल तेल से सिर की मालिश करना भी कई लोगों की दिनचर्या का हिस्सा है। हल्के हाथों से स्कैल्प की मालिश करने से आराम महसूस हो सकता है और बालों में तेल समान रूप से फैल जाता है। हालांकि बहुत ज्यादा जोर से मसाज करने से बचना चाहिए। स्कैल्प पर चोट या जलन होने की स्थिति में तेल लगाने से परेशानी बढ़ सकती है। इसी तरह अगर किसी व्यक्ति को डैंड्रफ या स्कैल्प से जुड़ी कोई समस्या है तो केवल तेल लगाना पर्याप्त इलाज नहीं माना जाना चाहिए।

    बालों में नारियल तेल लगाने का तरीका भी महत्वपूर्ण है। थोड़ी मात्रा में तेल लेकर उसे हल्का गुनगुना किया जा सकता है। इसके बाद बालों की लंबाई और जरूरत के अनुसार स्कैल्प पर हल्के हाथों से लगाया जा सकता है। तेल लगाने के बाद कुछ समय के लिए छोड़कर सामान्य शैंपू से बाल धोए जा सकते हैं। बहुत अधिक तेल लगाने से बाल चिपचिपे हो सकते हैं और उन्हें साफ करने के लिए ज्यादा शैंपू की जरूरत पड़ सकती है।

    एक और जरूरी बात यह है कि हर व्यक्ति के बाल और स्कैल्प एक जैसे नहीं होते। कुछ लोगों को नारियल तेल लगाने के बाद बाल भारी या चिपचिपे महसूस हो सकते हैं। वहीं संवेदनशील स्कैल्प वाले लोगों में किसी भी नए प्रोडक्ट से जलन या खुजली हो सकती है। इसलिए पहली बार इस्तेमाल करने से पहले थोड़ी मात्रा में लगाकर प्रतिक्रिया देखना बेहतर है। अगर लगातार खुजली लालिमा या जलन हो तो इस्तेमाल रोककर विशेषज्ञ से सलाह लेनी चाहिए।

    अगर बाल बहुत ज्यादा झड़ रहे हैं या अचानक बालों का घनत्व कम हो रहा है तो केवल नारियल तेल पर निर्भर रहना उचित नहीं है। बाल झड़ने के पीछे पोषण की कमी हार्मोनल बदलाव तनाव आनुवंशिक कारण या स्कैल्प की समस्या जैसे कई कारण हो सकते हैं। ऐसी स्थिति में सही कारण पता करना ज्यादा जरूरी है। कुल मिलाकर नारियल तेल बालों को कंडीशन करने और रूखेपन को कम करने वाली हेयर केयर रूटीन का हिस्सा बन सकता है लेकिन इसके इस्तेमाल का सही तरीका और व्यक्ति के बालों की जरूरत को ध्यान में रखना जरूरी है।

  • रूखे और बेजान बालों के लिए दही-केला हेयर पैक: ऐसे करें इस्तेमाल बाल हो सकते हैं मुलायम और चमकदार

    रूखे और बेजान बालों के लिए दही-केला हेयर पैक: ऐसे करें इस्तेमाल बाल हो सकते हैं मुलायम और चमकदार


    नई दिल्ली। बालों की खूबसूरती बनाए रखने के लिए लोग कई तरह के हेयर केयर प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करते हैं लेकिन घर में मौजूद कुछ सामान्य चीजों से भी बालों की देखभाल की जा सकती है। दही और केला ऐसा ही घरेलू संयोजन है जिसे हेयर पैक के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है। केले में पोषक तत्व और दही में प्रोटीन तथा लैक्टिक एसिड पाया जाता है। ये चीजें बालों और स्कैल्प को कंडीशनिंग देने में मदद कर सकती हैं। खासतौर पर रूखे और बेजान बालों को मुलायम महसूस कराने के लिए यह घरेलू पैक इस्तेमाल किया जाता है।

    दही और केले का हेयर पैक तैयार करना काफी आसान है। इसके लिए एक पका हुआ केला लें और उसे अच्छी तरह मैश कर लें। इसमें दो से तीन चम्मच ताजा दही मिलाकर दोनों को तब तक अच्छी तरह मिलाएं जब तक एक स्मूद पेस्ट तैयार न हो जाए। अगर बाल बहुत ज्यादा रूखे हैं तो इसमें थोड़ी मात्रा में एलोवेरा जेल भी मिलाया जा सकता है। तैयार मिश्रण को बालों की लंबाई और सिरों पर अच्छी तरह लगाएं। स्कैल्प पर लगाने से पहले यह ध्यान रखें कि वहां किसी तरह की जलन या संक्रमण की समस्या न हो।

    इस पैक को बालों में करीब 20 से 30 मिनट तक रखा जा सकता है। इसके बाद सामान्य पानी से बालों को अच्छी तरह धो लें। केले के छोटे टुकड़े बालों में चिपक सकते हैं इसलिए पैक को पूरी तरह साफ करना जरूरी है। जरूरत पड़ने पर हल्के शैंपू से बाल धोए जा सकते हैं। पैक को बहुत देर तक बालों में लगाकर रखने से अतिरिक्त फायदा मिलने की गारंटी नहीं है इसलिए सीमित समय तक ही इस्तेमाल करना बेहतर है।

    दही बालों को कंडीशनिंग देने में मदद कर सकता है। इसमें मौजूद प्रोटीन और अन्य पोषक तत्व बालों को मुलायम महसूस कराने में भूमिका निभा सकते हैं। वहीं केला बालों की नमी बनाए रखने में मदद करने वाले हेयर पैक में इस्तेमाल किया जाता है। दोनों को मिलाकर लगाने से बालों में अस्थायी तौर पर सॉफ्टनेस और चमक महसूस हो सकती है। खासकर ऐसे बाल जिनमें रूखापन और फ्रिजीनेस ज्यादा है उनके लिए यह पैक उपयोगी लग सकता है।

    इस घरेलू नुस्खे का इस्तेमाल सप्ताह में एक बार किया जा सकता है। हालांकि इसका असर हर व्यक्ति के बालों के प्रकार और स्कैल्प की स्थिति पर अलग हो सकता है। अगर बाल बहुत ऑयली हैं तो दही और केले की मात्रा कम रखी जा सकती है। वहीं बहुत ड्राई बालों में पैक को केवल बालों की लंबाई और सिरों तक लगाने से बेहतर कंडीशनिंग मिल सकती है।

    दही और केले का पैक इस्तेमाल करते समय कुछ सावधानियां भी जरूरी हैं। अगर स्कैल्प पर खुजली लालिमा घाव या फंगल इंफेक्शन जैसी समस्या है तो इसे लगाने से बचें। पहली बार इस्तेमाल करने वाले लोग थोड़ी मात्रा लेकर पैच टेस्ट कर सकते हैं। किसी तरह की जलन या एलर्जी महसूस होने पर तुरंत धो दें। इसके अलावा बालों के झड़ने की समस्या लगातार बनी हुई है या बहुत ज्यादा बढ़ गई है तो केवल घरेलू नुस्खों पर निर्भर रहने के बजाय विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर होगा।

    बालों को स्वस्थ रखने के लिए सिर्फ बाहरी देखभाल पर्याप्त नहीं होती। संतुलित आहार पर्याप्त पानी अच्छी नींद और नियमित हेयर केयर भी जरूरी है। दही और केला हेयर पैक बालों को मुलायम और व्यवस्थित दिखाने में मदद कर सकता है लेकिन इसे बालों की किसी बीमारी का इलाज नहीं माना जाना चाहिए। सही तरीके और सीमित मात्रा में इस्तेमाल करने पर यह घरेलू हेयर केयर रूटीन का एक आसान विकल्प हो सकता है।

  • झड़ते बालों से हैं परेशान तो ऐसे करें नारियल तेल का इस्तेमाल जानिए लगाने का सही तरीका और जरूरी सावधानियां

    झड़ते बालों से हैं परेशान तो ऐसे करें नारियल तेल का इस्तेमाल जानिए लगाने का सही तरीका और जरूरी सावधानियां


    नई दिल्ली। बालों का झड़ना आजकल एक आम समस्या बनती जा रही है। बदलती जीवनशैली तनाव खानपान में पोषक तत्वों की कमी नींद पूरी न होना और बालों की सही देखभाल नहीं करना इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं। बालों को मजबूत और स्वस्थ बनाए रखने के लिए बाजार में कई तरह के उत्पाद मौजूद हैं लेकिन घरेलू स्तर पर नारियल तेल का इस्तेमाल लंबे समय से किया जाता रहा है। नारियल तेल बालों को कंडीशन करने और रूखेपन को कम करने में मदद कर सकता है। हालांकि बालों का झड़ना लगातार बढ़ रहा हो तो केवल घरेलू उपाय पर निर्भर रहने के बजाय कारण की पहचान करना जरूरी है।

    नारियल तेल को बालों की देखभाल के लिए इस्तेमाल करने का एक आसान तरीका है इसे हल्का गुनगुना करके सिर की त्वचा पर लगाना। तेल को बहुत गर्म नहीं करना चाहिए। हल्के हाथों से उंगलियों की मदद से सिर की त्वचा पर मसाज की जा सकती है। इससे बालों में तेल अच्छी तरह फैलता है और सिर की त्वचा की मालिश करने से आराम भी महसूस हो सकता है। मसाज करते समय नाखूनों का इस्तेमाल करने के बजाय उंगलियों के पोरों से धीरे धीरे मालिश करना बेहतर रहता है।

    अगर बाल बहुत ज्यादा रूखे हैं तो नारियल तेल को बालों की लंबाई पर भी लगाया जा सकता है। खासतौर पर बालों के सिरों पर थोड़ी मात्रा में तेल लगाने से रूखापन और उलझने की समस्या कम करने में मदद मिल सकती है। तेल लगाने के बाद कुछ समय के लिए बालों को छोड़ दें और फिर हल्के शैंपू से धो लें। बहुत अधिक तेल लगाने से बाल चिपचिपे हो सकते हैं और उन्हें साफ करने में ज्यादा शैंपू की जरूरत पड़ सकती है।

    नारियल तेल में कुछ लोग एलोवेरा जेल या मेथी जैसी चीजें मिलाकर भी इस्तेमाल करते हैं। ऐसे घरेलू मिश्रणों का इस्तेमाल करने से पहले यह देखना जरूरी है कि किसी चीज से एलर्जी या सिर की त्वचा में जलन तो नहीं होती। पहली बार इस्तेमाल करने वाले लोग थोड़ी मात्रा को त्वचा के छोटे हिस्से पर लगाकर प्रतिक्रिया देख सकते हैं। जलन खुजली लालिमा या किसी तरह की परेशानी होने पर इसका इस्तेमाल रोक देना चाहिए।

    बालों को मजबूत बनाए रखने के लिए केवल तेल लगाना पर्याप्त नहीं है। भोजन में प्रोटीन आयरन जिंक विटामिन और अन्य जरूरी पोषक तत्वों की पर्याप्त मात्रा होना भी महत्वपूर्ण है। दालें अंडे दूध दही हरी सब्जियां फल और मेवे जैसे खाद्य पदार्थ संतुलित आहार का हिस्सा बनाए जा सकते हैं। पर्याप्त नींद लेना और तनाव को नियंत्रित रखना भी बालों की सामान्य सेहत के लिए उपयोगी हो सकता है।

    बालों को धोने के बाद बहुत जोर से रगड़ने या लगातार गर्म उपकरणों का इस्तेमाल करने से भी बचना चाहिए। गीले बाल अपेक्षाकृत कमजोर होते हैं इसलिए उन्हें धीरे से सुखाना बेहतर रहता है। बहुत कसकर बाल बांधने की आदत भी बालों पर खिंचाव बढ़ा सकती है।

    ध्यान रखें कि हर व्यक्ति में बाल झड़ने का कारण अलग हो सकता है। अगर बाल अचानक बहुत तेजी से झड़ने लगें सिर की त्वचा पर खुजली या घाव हों या बालों में स्पष्ट रूप से खाली जगह दिखाई देने लगे तो त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर है। नारियल तेल बालों की देखभाल का एक सामान्य घरेलू तरीका हो सकता है लेकिन यह हर तरह के बाल झड़ने का इलाज नहीं है।

  • बालों का झड़ना रोकने के लिए महंगे प्रोडक्ट नहीं इन आसान आदतों पर दें ध्यान खानपान से लेकर तेल लगाने तक रखें इन बातों का ख्याल

    बालों का झड़ना रोकने के लिए महंगे प्रोडक्ट नहीं इन आसान आदतों पर दें ध्यान खानपान से लेकर तेल लगाने तक रखें इन बातों का ख्याल

    नई दिल्ली । बालों का झड़ना आजकल काफी आम समस्या बन गई है। मौसम में बदलाव तनाव नींद की कमी खराब खानपान बालों पर ज्यादा केमिकल प्रोडक्ट का इस्तेमाल और स्कैल्प की ठीक से देखभाल नहीं करना इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं। कुछ लोगों में रोजाना कुछ बालों का टूटना सामान्य होता है लेकिन जब बाल सामान्य से काफी ज्यादा गिरने लगें या सिर की त्वचा पर बालों का घनत्व तेजी से कम होने लगे तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। बालों को स्वस्थ रखने के लिए सबसे पहले रोजमर्रा की कुछ आदतों में बदलाव करना जरूरी है।

    बालों की देखभाल में तेल लगाना एक आसान तरीका माना जाता है। नारियल तेल जैसे हल्के तेल से स्कैल्प की हल्की मालिश की जा सकती है। इससे बालों में नमी बनाए रखने और रूखेपन को कम करने में मदद मिल सकती है। तेल लगाने के दौरान स्कैल्प को जोर से रगड़ने या नाखून से खुजलाने से बचना चाहिए। हल्के हाथों से कुछ मिनट मालिश करना बेहतर रहता है। अगर किसी तेल से खुजली लालिमा या जलन होती है तो उसका इस्तेमाल बंद कर देना चाहिए।

    बालों की सेहत का सीधा संबंध खानपान से भी है। भोजन में पर्याप्त प्रोटीन शामिल करना जरूरी है क्योंकि बाल मुख्य रूप से केराटिन नामक प्रोटीन से बने होते हैं। दालें अंडे दूध दही पनीर सोया और अन्य प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थ संतुलित आहार का हिस्सा बनाए जा सकते हैं। इसके अलावा हरी सब्जियां फल मेवे और बीज भी पोषक तत्व उपलब्ध कराते हैं। बिना जांच के किसी सप्लीमेंट या विटामिन की गोली लेना सही नहीं है।

    बाल धोते समय भी कुछ सावधानियां रखनी चाहिए। बहुत गर्म पानी से सिर धोने से बाल और स्कैल्प रूखे हो सकते हैं इसलिए सामान्य या हल्के गुनगुने पानी का इस्तेमाल करना बेहतर है। शैंपू को स्कैल्प की जरूरत के अनुसार चुनें और बालों को बहुत जोर से रगड़ने से बचें। गीले बाल अपेक्षाकृत कमजोर होते हैं इसलिए उन्हें जोर से कंघी करने के बजाय पहले हल्का सूखने दें और फिर धीरे से सुलझाएं।

    हेयर स्टाइलिंग के दौरान अत्यधिक गर्मी का इस्तेमाल भी कम करना चाहिए। लगातार हेयर स्ट्रेटनर कर्लर और तेज गर्म हवा वाले ड्रायर का इस्तेमाल बालों को नुकसान पहुंचा सकता है। बहुत ज्यादा टाइट पोनीटेल या ऐसी हेयर स्टाइल जिसमें बालों की जड़ों पर लगातार खिंचाव पड़ता है उससे भी बचना चाहिए।

    अगर बाल लगातार बहुत ज्यादा झड़ रहे हैं सिर में खाली पैच दिखाई दे रहे हैं खुजली या पपड़ी की समस्या है या अचानक तेजी से हेयर फॉल शुरू हुआ है तो त्वचा रोग विशेषज्ञ से सलाह लेना जरूरी है। केवल घरेलू नुस्खों पर निर्भर रहने के बजाय समस्या की असली वजह पता करना ज्यादा महत्वपूर्ण है। सही खानपान नियमित नींद तनाव को नियंत्रित करना और बालों की उचित देखभाल लंबे समय में बालों को स्वस्थ रखने में मदद कर सकती है।

  • बालों का झड़ना रोकना है तो इन आदतों को बदलें: डाइट से लेकर हेयर केयर तक जानिए बालों को मजबूत रखने के आसान तरीके

    बालों का झड़ना रोकना है तो इन आदतों को बदलें: डाइट से लेकर हेयर केयर तक जानिए बालों को मजबूत रखने के आसान तरीके


    नई दिल्ली। बालों का झड़ना आज के समय में एक आम समस्या बन गई है। मौसम में बदलाव तनाव नींद की कमी खानपान में पोषक तत्वों की कमी और बालों की गलत तरीके से देखभाल करने जैसी कई वजहों से बाल कमजोर होकर टूटने लग सकते हैं। कुछ मात्रा में बालों का रोज झड़ना सामान्य हो सकता है लेकिन अगर लगातार बाल पहले से ज्यादा गिर रहे हों सिर की त्वचा दिखाई देने लगी हो या बालों की मोटाई तेजी से कम हो रही हो तो इसके कारण पर ध्यान देना जरूरी है। केवल महंगे हेयर प्रोडक्ट इस्तेमाल करने के बजाय बालों की देखभाल के साथ खानपान और रोजमर्रा की आदतों में सुधार करना भी महत्वपूर्ण हो सकता है।

    बालों को मजबूत बनाए रखने के लिए सबसे पहले संतुलित आहार पर ध्यान देना चाहिए। शरीर को पर्याप्त प्रोटीन आयरन जिंक विटामिन और दूसरे जरूरी पोषक तत्व मिलना बालों के सामान्य विकास के लिए महत्वपूर्ण है। भोजन में दालें अंडे दूध दही हरी सब्जियां फल मेवे और बीज जैसे पौष्टिक विकल्प शामिल किए जा सकते हैं। अगर किसी व्यक्ति के भोजन में पोषक तत्वों की कमी है तो इसका असर बालों पर भी पड़ सकता है। हालांकि बिना जांच के आयरन या किसी अन्य सप्लीमेंट का सेवन शुरू करना उचित नहीं है।

    बालों की सफाई भी जरूरी है लेकिन उन्हें बहुत ज्यादा रगड़कर धोने से बचना चाहिए। अपनी स्कैल्प और बालों के प्रकार के अनुसार हल्के शैंपू का इस्तेमाल किया जा सकता है। शैंपू लगाते समय नाखूनों से जोर से सिर की त्वचा खरोंचने के बजाय उंगलियों के पोरों से धीरे धीरे सफाई करना बेहतर है। बाल धोने के बाद उन्हें जोर से रगड़कर सुखाने के बजाय मुलायम तौलिये से हल्के हाथों से पानी सोखना चाहिए। गीले बाल अपेक्षाकृत नाजुक होते हैं इसलिए उन्हें जोर से कंघी करने से टूटने का खतरा बढ़ सकता है।
    बालों की सफाई भी जरूरी है लेकिन उन्हें बहुत ज्यादा रगड़कर धोने से बचना चाहिए। अपनी स्कैल्प और बालों के प्रकार के अनुसार हल्के शैंपू का इस्तेमाल किया जा सकता है। शैंपू लगाते समय नाखूनों से जोर से सिर की त्वचा खरोंचने के बजाय उंगलियों के पोरों से धीरे धीरे सफाई करना बेहतर है। बाल धोने के बाद उन्हें जोर से रगड़कर सुखाने के बजाय मुलायम तौलिये से हल्के हाथों से पानी सोखना चाहिए। गीले बाल अपेक्षाकृत नाजुक होते हैं इसलिए उन्हें जोर से कंघी करने से टूटने का खतरा बढ़ सकता है।

    हेयर स्टाइलिंग की आदतों पर भी ध्यान देना जरूरी है। लगातार बहुत टाइट पोनीटेल जूड़ा या ऐसी हेयर स्टाइल जिसमें बालों की जड़ों पर खिंचाव पड़ता है बालों को कमजोर कर सकती है। बार बार हेयर स्ट्रेटनिंग कर्लिंग और अत्यधिक गर्म उपकरणों का इस्तेमाल भी बालों की बाहरी परत को नुकसान पहुंचा सकता है। इसलिए हीट स्टाइलिंग कम करना और जरूरत पड़ने पर हीट प्रोटेक्शन का इस्तेमाल करना बेहतर विकल्प हो सकता है। बालों को बार बार केमिकल ट्रीटमेंट देने से भी बचना चाहिए।

    तनाव और नींद की कमी को भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। लंबे समय तक तनाव शरीर पर कई तरह से असर डाल सकता है और कुछ लोगों में इसके बाद बाल झड़ने की समस्या बढ़ सकती है। इसलिए नियमित नींद हल्की शारीरिक गतिविधि योग या ध्यान जैसी स्वस्थ आदतों को दिनचर्या में शामिल करना उपयोगी हो सकता है। पर्याप्त पानी पीना भी शरीर और त्वचा की सामान्य सेहत के लिए जरूरी है।

    अगर बाल अचानक बहुत ज्यादा झड़ने लगें या लंबे समय तक समस्या बनी रहे तो केवल घरेलू नुस्खों पर निर्भर नहीं रहना चाहिए। थायरॉयड संबंधी समस्या आयरन की कमी हार्मोनल बदलाव कुछ दवाएं आनुवंशिक कारण या स्कैल्प से जुड़ी समस्याएं भी बाल झड़ने की वजह हो सकती हैं। ऐसी स्थिति में त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लेना और जरूरत पड़ने पर जांच कराना बेहतर रहता है। कारण पता चलने के बाद ही सही उपचार तय किया जा सकता है।

    कुल मिलाकर बालों को झड़ने से रोकने के लिए किसी एक घरेलू उपाय या तेल को चमत्कारी समाधान मानना सही नहीं है। पौष्टिक भोजन नियमित नींद तनाव को नियंत्रित रखना स्कैल्प की उचित सफाई और बालों के साथ कम से कम खिंचाव वाला व्यवहार लंबे समय में बेहतर हेयर केयर रूटीन बनाने में मदद कर सकता है। अगर बालों के झड़ने की समस्या लगातार बढ़ रही है तो समय पर विशेषज्ञ की सलाह लेना सबसे समझदारी भरा कदम है।

  • बारिश और बदलते मौसम में तेजी से झड़ रहे हैं बाल तो आज से करें ये काम बाल बनेंगे मजबूत और घने

    बारिश और बदलते मौसम में तेजी से झड़ रहे हैं बाल तो आज से करें ये काम बाल बनेंगे मजबूत और घने


    नई दिल्ली। बालों को खूबसूरत और मजबूत बनाए रखने के लिए सिर्फ महंगे प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करना ही जरूरी नहीं है। बालों की सही देखभाल के लिए रोजमर्रा की कुछ छोटी आदतों पर ध्यान देना भी काफी महत्वपूर्ण है। बदलते मौसम खासकर बारिश के दिनों में बालों से जुड़ी परेशानियां बढ़ सकती हैं। नमी और पसीने के कारण स्कैल्प चिपचिपा हो सकता है और डैंड्रफ जैसी समस्या परेशान कर सकती है। इसके अलावा तनाव खराब खानपान नींद की कमी और बालों पर ज्यादा केमिकल इस्तेमाल करने से भी बाल कमजोर होकर टूटने लग सकते हैं। ऐसे में बालों की जड़ों से लेकर उनकी लंबाई तक सही देखभाल करना जरूरी है।

    बालों को स्वस्थ रखने के लिए सबसे पहले स्कैल्प की सफाई पर ध्यान देना चाहिए। पसीना और गंदगी लंबे समय तक स्कैल्प पर जमा रहने से बालों की जड़ों को नुकसान पहुंच सकता है। इसलिए अपनी स्कैल्प की जरूरत के अनुसार किसी हल्के शैंपू से बालों को साफ करें। बहुत ज्यादा शैंपू करने से भी बचना चाहिए क्योंकि इससे बालों की प्राकृतिक नमी कम हो सकती है। अगर स्कैल्प बहुत तैलीय है या डैंड्रफ की समस्या लगातार बनी हुई है तो विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर रहता है।

    बालों में तेल लगाने की परंपरा काफी पुरानी है और सही तरीके से किया जाए तो इससे स्कैल्प की मालिश करने में मदद मिल सकती है। नारियल या अन्य उपयुक्त हेयर ऑयल से हल्के हाथों से स्कैल्प की मालिश की जा सकती है। हालांकि तेल लगाने के बाद उसे बहुत लंबे समय तक छोड़ना जरूरी नहीं है। अपनी स्कैल्प और बालों के प्रकार के अनुसार तेल लगाने की आदत बनाना बेहतर है। बहुत ज्यादा तेल लगाने या जोर से मसाज करने से बचना चाहिए क्योंकि इससे बालों की जड़ों पर अनावश्यक खिंचाव पड़ सकता है।

    बाल धोने के बाद उन्हें सुखाने के तरीके पर भी ध्यान देना चाहिए। गीले बाल अपेक्षाकृत कमजोर होते हैं और उन्हें जोर से रगड़ने या खींचने से टूटने का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए बालों को मुलायम तौलिए से धीरे से सुखाना चाहिए। गीले बालों में बहुत जोर से कंघी करने के बजाय उन्हें थोड़ा सूखने देना बेहतर माना जाता है। बाल सुलझाने के लिए चौड़े दांत वाली कंघी का इस्तेमाल किया जा सकता है।

    बालों की मजबूती के लिए खानपान भी बेहद महत्वपूर्ण है। भोजन में पर्याप्त प्रोटीन विटामिन और मिनरल्स शामिल होने चाहिए। दालें अंडे दूध दही हरी सब्जियां फल और मेवे जैसे पौष्टिक खाद्य पदार्थ संतुलित आहार का हिस्सा हो सकते हैं। पर्याप्त पानी पीना भी जरूरी है। अगर अचानक बहुत ज्यादा बाल झड़ने लगें तो केवल घरेलू नुस्खों पर निर्भर रहने के बजाय इसके कारण को समझना जरूरी है।

    हेयर ड्रायर स्ट्रेटनर कर्लर और बहुत ज्यादा गर्मी वाले उपकरणों का लगातार इस्तेमाल बालों को रूखा और कमजोर कर सकता है। इसी तरह बार बार हेयर कलर या केमिकल ट्रीटमेंट कराने से भी बालों की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है। इसलिए जहां तक संभव हो बालों को अत्यधिक गर्मी और अनावश्यक केमिकल ट्रीटमेंट से बचाना चाहिए।

    अगर बाल लगातार झड़ रहे हों स्कैल्प में खुजली या घाव हो डैंड्रफ बहुत ज्यादा हो या बालों में अचानक असामान्य बदलाव दिखाई दे तो त्वचा रोग विशेषज्ञ से सलाह लेना उचित है। सही खानपान नियमित सफाई पर्याप्त नींद और बालों के प्रति थोड़ी सावधानी अपनाकर उन्हें लंबे समय तक स्वस्थ और मजबूत रखने में मदद मिल सकती है।

  • बरसात में बालों की देखभाल के ये आसान उपाय बनाएंगे हेयर को मजबूत जानिए कैसे रोकें हेयर फॉल डैंड्रफ और स्कैल्प इंफेक्शन

    बरसात में बालों की देखभाल के ये आसान उपाय बनाएंगे हेयर को मजबूत जानिए कैसे रोकें हेयर फॉल डैंड्रफ और स्कैल्प इंफेक्शन


    नई दिल्ली। बरसात का मौसम जहां गर्मी से राहत देता है वहीं यह बालों की सेहत के लिए कई नई चुनौतियां भी लेकर आता है। हवा में बढ़ी हुई नमी गंदा बारिश का पानी और पसीना मिलकर स्कैल्प को प्रभावित कर सकते हैं जिससे बाल झड़ने डैंड्रफ खुजली और फंगल संक्रमण जैसी समस्याएं बढ़ने लगती हैं। ऐसे मौसम में केवल शैंपू करना ही पर्याप्त नहीं होता बल्कि बालों की सही देखभाल और संतुलित दिनचर्या अपनाना भी जरूरी होता है। यदि समय रहते सही हेयर केयर रूटीन अपनाया जाए तो मानसून में भी बालों को स्वस्थ मजबूत और चमकदार बनाए रखा जा सकता है।

    बारिश में भीगने के बाद सबसे पहले बालों को साफ पानी से धोना चाहिए क्योंकि वर्षा के पानी में मौजूद धूल प्रदूषक तत्व और अन्य अशुद्धियां बालों और स्कैल्प को नुकसान पहुंचा सकती हैं। इसके बाद हल्के और सौम्य शैंपू से बालों की सफाई करें ताकि स्कैल्प पर जमा गंदगी पूरी तरह निकल जाए। गीले बालों को लंबे समय तक बांधकर रखना भी उचित नहीं माना जाता क्योंकि इससे फंगल संक्रमण और बदबू की समस्या बढ़ सकती है। बालों को प्राकृतिक रूप से सूखने दें या हल्के तौलिए से सुखाएं।

    बरसात के मौसम में बहुत अधिक तेल लगाने से भी बचना चाहिए क्योंकि नमी के कारण स्कैल्प पहले से ही चिपचिपा रहता है। यदि तेल लगाना हो तो हल्के हाथों से कम मात्रा में लगाएं और कुछ समय बाद बाल धो लें। सप्ताह में एक या दो बार नारियल तेल बादाम तेल या अन्य हल्के तेल से मसाज करने से बालों की जड़ों को पोषण मिल सकता है और रक्त संचार बेहतर होने में मदद मिलती है।

    मानसून के दौरान हेयर ड्रायर स्ट्रेटनर और अन्य हीट स्टाइलिंग उपकरणों का अधिक उपयोग करने से बाल रूखे और कमजोर हो सकते हैं। इसलिए जहां तक संभव हो बालों को प्राकृतिक तरीके से सूखने दें। इसके साथ ही गीले बालों में कंघी करने से बचें क्योंकि इस समय बाल अधिक कमजोर होते हैं और आसानी से टूट सकते हैं। चौड़े दांत वाली कंघी का इस्तेमाल करना बेहतर माना जाता है।

    स्वस्थ बालों के लिए केवल बाहरी देखभाल ही नहीं बल्कि संतुलित आहार भी बेहद महत्वपूर्ण है। भोजन में प्रोटीन आयरन जिंक बायोटिन और विटामिन से भरपूर चीजों को शामिल करें। पर्याप्त मात्रा में पानी पीना भी जरूरी है ताकि शरीर और स्कैल्प दोनों हाइड्रेट रहें। ताजे फल हरी सब्जियां सूखे मेवे और अंकुरित अनाज बालों की मजबूती बनाए रखने में सहायक हो सकते हैं।

    यदि डैंड्रफ खुजली अत्यधिक बाल झड़ना या स्कैल्प पर लालिमा जैसी समस्या लंबे समय तक बनी रहे तो घरेलू उपायों पर निर्भर रहने के बजाय त्वचा या बालों के विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर होता है। हर व्यक्ति के बालों की प्रकृति अलग होती है इसलिए किसी भी नए हेयर प्रोडक्ट का उपयोग करने से पहले उसकी उपयुक्तता पर ध्यान देना चाहिए।

    बरसात का मौसम बालों की अतिरिक्त देखभाल की मांग करता है। साफ सफाई सही खानपान नियमित हेयर वॉश और संतुलित हेयर केयर रूटीन अपनाकर आप मानसून में भी अपने बालों को मजबूत चमकदार और स्वस्थ बनाए रख सकते हैं। छोटी छोटी सावधानियां भविष्य में होने वाले बड़े हेयर डैमेज से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।

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    Scalp Careबरसात का मौसम जहां गर्मी से राहत देता है वहीं यह बालों की सेहत के लिए कई नई चुनौतियां भी लेकर आता है। हवा में बढ़ी हुई नमी गंदा बारिश का पानी और पसीना मिलकर स्कैल्प को प्रभावित कर सकते हैं जिससे बाल झड़ने डैंड्रफ खुजली और फंगल संक्रमण जैसी समस्याएं बढ़ने लगती हैं। ऐसे मौसम में केवल शैंपू करना ही पर्याप्त नहीं होता बल्कि बालों की सही देखभाल और संतुलित दिनचर्या अपनाना भी जरूरी होता है। यदि समय रहते सही हेयर केयर रूटीन अपनाया जाए तो मानसून में भी बालों को स्वस्थ मजबूत और चमकदार बनाए रखा जा सकता है।

    बारिश में भीगने के बाद सबसे पहले बालों को साफ पानी से धोना चाहिए क्योंकि वर्षा के पानी में मौजूद धूल प्रदूषक तत्व और अन्य अशुद्धियां बालों और स्कैल्प को नुकसान पहुंचा सकती हैं। इसके बाद हल्के और सौम्य शैंपू से बालों की सफाई करें ताकि स्कैल्प पर जमा गंदगी पूरी तरह निकल जाए। गीले बालों को लंबे समय तक बांधकर रखना भी उचित नहीं माना जाता क्योंकि इससे फंगल संक्रमण और बदबू की समस्या बढ़ सकती है। बालों को प्राकृतिक रूप से सूखने दें या हल्के तौलिए से सुखाएं।

    बरसात के मौसम में बहुत अधिक तेल लगाने से भी बचना चाहिए क्योंकि नमी के कारण स्कैल्प पहले से ही चिपचिपा रहता है। यदि तेल लगाना हो तो हल्के हाथों से कम मात्रा में लगाएं और कुछ समय बाद बाल धो लें। सप्ताह में एक या दो बार नारियल तेल बादाम तेल या अन्य हल्के तेल से मसाज करने से बालों की जड़ों को पोषण मिल सकता है और रक्त संचार बेहतर होने में मदद मिलती है।

    मानसून के दौरान हेयर ड्रायर स्ट्रेटनर और अन्य हीट स्टाइलिंग उपकरणों का अधिक उपयोग करने से बाल रूखे और कमजोर हो सकते हैं। इसलिए जहां तक संभव हो बालों को प्राकृतिक तरीके से सूखने दें। इसके साथ ही गीले बालों में कंघी करने से बचें क्योंकि इस समय बाल अधिक कमजोर होते हैं और आसानी से टूट सकते हैं। चौड़े दांत वाली कंघी का इस्तेमाल करना बेहतर माना जाता है।

    स्वस्थ बालों के लिए केवल बाहरी देखभाल ही नहीं बल्कि संतुलित आहार भी बेहद महत्वपूर्ण है। भोजन में प्रोटीन आयरन जिंक बायोटिन और विटामिन से भरपूर चीजों को शामिल करें। पर्याप्त मात्रा में पानी पीना भी जरूरी है ताकि शरीर और स्कैल्प दोनों हाइड्रेट रहें। ताजे फल हरी सब्जियां सूखे मेवे और अंकुरित अनाज बालों की मजबूती बनाए रखने में सहायक हो सकते हैं।

    यदि डैंड्रफ खुजली अत्यधिक बाल झड़ना या स्कैल्प पर लालिमा जैसी समस्या लंबे समय तक बनी रहे तो घरेलू उपायों पर निर्भर रहने के बजाय त्वचा या बालों के विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर होता है। हर व्यक्ति के बालों की प्रकृति अलग होती है इसलिए किसी भी नए हेयर प्रोडक्ट का उपयोग करने से पहले उसकी उपयुक्तता पर ध्यान देना चाहिए।

    बरसात का मौसम बालों की अतिरिक्त देखभाल की मांग करता है। साफ सफाई सही खानपान नियमित हेयर वॉश और संतुलित हेयर केयर रूटीन अपनाकर आप मानसून में भी अपने बालों को मजबूत चमकदार और स्वस्थ बनाए रख सकते हैं। छोटी छोटी सावधानियां भविष्य में होने वाले बड़े हेयर डैमेज से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।