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  • भारतीय सिनेमा के ये बड़े नाम नियम से करते हैं हनुमान चालीसा का पाठ, देखें पूरी लिस्ट..

    भारतीय सिनेमा के ये बड़े नाम नियम से करते हैं हनुमान चालीसा का पाठ, देखें पूरी लिस्ट..


    नई दिल्ली।भारतीय संस्कृति में हनुमान चालीसा की महिमा अपरंपार है और इसका प्रभाव केवल आम जनता तक ही सीमित नहीं है, बल्कि मनोरंजन और खेल जगत की बड़ी हस्तियां भी इसकी शक्ति की कायल हैं। हाल के दिनों में एक मशहूर क्रिकेटर का वीडियो खूब चर्चा में रहा, जिसमें उन्होंने स्वीकार किया कि वे अपनी सबसे महंगी कार में सफर करते समय भी हनुमान चालीसा सुनना पसंद करते हैं। इंटरनेट पर हनुमान चालीसा के विभिन्न संस्करणों को मिलने वाले अरबों व्यूज इस बात का प्रमाण हैं कि यह स्तुति लोगों के दिलों में कितनी गहराई तक बसी है। ताज्जुब की बात यह है कि केवल हिंदू कलाकार ही नहीं, बल्कि कई मुस्लिम सेलिब्रिटीज भी हनुमान चालीसा को अपनी दिनचर्या का हिस्सा मानते हैं और इसे सुनने से मिलने वाली मानसिक शांति का जिक्र कर चुके हैं।

    अभिनय की दुनिया के दिग्गज अक्षय कुमार ने अपनी पसंद का खुलासा करते हुए बताया कि वे वर्कआउट के दौरान और सामान्य समय में भी हनुमान चालीसा और भजनों को सुनना पसंद करते हैं। उनके अनुसार, यह उन्हें शारीरिक और मानसिक रूप से सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करता है। वहीं, मशहूर गायक सोनू निगम का हनुमानजी के प्रति अटूट विश्वास किसी से छिपा नहीं है। उन्होंने एक पुराने वाकये को याद करते हुए साझा किया था कि एक बड़े हादसे में वे बाल-बाल बचे थे, जिसका पूरा श्रेय वे संकटमोचन की कृपा को देते हैं। वे अपने हर बड़े मंच पर जाने से पहले हनुमान चालीसा का पाठ जरूर करते हैं। अपनी फिटनेस के लिए मशहूर शिल्पा शेट्टी भी साझा कर चुकी हैं कि ऊर्जा के स्तर को बढ़ाए रखने के लिए हनुमान चालीसा का श्रवण उनके लिए सबसे अच्छा विकल्प है।

    युवा पीढ़ी के लोकप्रिय अभिनेता विकी कौशल ने भी बताया है कि सुबह जल्दी शूटिंग पर जाते समय वे अपनी गाड़ी में हनुमान चालीसा चलाकर ही दिन की शुरुआत करते हैं। सदी के महानायक अमिताभ बच्चन न केवल इसे सुनते हैं, बल्कि एक विशेष सामूहिक गायन में उन्होंने इस पावन स्तुति को अपनी आवाज भी दी है। खेल जगत के उभरते सितारे सूर्यकुमार यादव भी स्नान के पश्चात नियम से इसका श्रवण करते हैं। इस सूची में सबसे प्रभावशाली नाम उन मुस्लिम कलाकारों के हैं, जिन्होंने धर्म की दीवारों से ऊपर उठकर इस स्तुति को अपनाया है। इनमें दानिश अख्तर का नाम शामिल है, जिन्होंने एक पौराणिक भूमिका निभाने के दौरान हनुमान चालीसा पढ़ना शुरू किया था और अब यह उनकी आदत में शुमार है। वहीं मशहूर अभिनेत्री नरगिस फाखरी ने भी स्पष्ट किया है कि जब उन्हें मानसिक तनाव या घबराहट महसूस होती है, तो वे शांति पाने के लिए अक्सर हनुमान चालीसा सुनती हैं।

    इन सितारों की आस्था यह सिद्ध करती है कि भक्ति और श्रद्धा की कोई जाति या सीमा नहीं होती। जब बात मन की शांति और संकट से उबरने की आती है, तो हनुमान चालीसा एक ऐसा सार्वभौमिक माध्यम बन जाता है जिससे हर कोई जुड़ाव महसूस करता है। चकाचौंध से भरी इस इंडस्ट्री में ये कलाकार अपनी जड़ों और आध्यात्मिकता को इस स्तुति के माध्यम से जीवित रखे हुए हैं। संकटमोचन की यह चालीसा आज के तनावपूर्ण दौर में इन सेलिब्रिटीज के लिए एक सुरक्षा कवच की तरह काम करती है, जो न केवल उन्हें आत्मिक शक्ति प्रदान करती है बल्कि जीवन की चुनौतियों का सामना करने का साहस भी देती है।

  • भोजशाला में गूंजा हनुमान चालीसा पाठ धार में सत्याग्रह के बीच पहुंचे प्रवीण तोगड़िया

    भोजशाला में गूंजा हनुमान चालीसा पाठ धार में सत्याग्रह के बीच पहुंचे प्रवीण तोगड़िया


    धार । मध्य प्रदेश के धार जिले स्थित ऐतिहासिक भोजशाला परिसर एक बार फिर धार्मिक गतिविधियों और सत्याग्रह के कारण चर्चा में आ गया है। यहां हिंदू समाज के लोगों ने एकत्र होकर शांतिपूर्ण सत्याग्रह किया और सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा का पाठ तथा पूजन किया। पूरे परिसर में धार्मिक माहौल बना रहा और श्रद्धालुओं की मौजूदगी से वातावरण भक्तिमय हो गया।

    इस दौरान अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रवीण तोगड़िया भी भोजशाला पहुंचे और परिसर का अवलोकन किया। उनके आगमन को लेकर पहले से ही तैयारी की गई थी और स्थानीय स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी रखी गई थी।

    अवलोकन के दौरान भोज उत्सव समिति के गोपाल शर्मा ने तोगड़िया को भोजशाला की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और वर्तमान स्थिति के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने परिसर के महत्व और इससे जुड़े विभिन्न पहलुओं को सामने रखा जिससे तोगड़िया ने भी गंभीरता से पूरे स्थल का निरीक्षण किया।

    मीडिया से बातचीत करते हुए प्रवीण तोगड़िया ने कहा कि वह लंबे समय से इस स्थल से जुड़े रहे हैं और वर्षों पहले यहां ताला खुलवाने के आंदोलन में भी सक्रिय भूमिका निभा चुके हैं। उन्होंने बताया कि वह एक बार फिर यहां दर्शन करने के उद्देश्य से आए हैं और इस स्थान के प्रति उनकी आस्था और जुड़ाव बना हुआ है।

    सत्याग्रह के दौरान बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे जिन्होंने शांतिपूर्ण तरीके से अपनी धार्मिक आस्था का प्रदर्शन किया। आयोजन के दौरान अनुशासन बनाए रखा गया और किसी प्रकार की अव्यवस्था की स्थिति सामने नहीं आई।

    भोजशाला का यह आयोजन एक बार फिर इस ऐतिहासिक स्थल को चर्चा के केंद्र में ले आया है जहां धार्मिक और सामाजिक गतिविधियां समय समय पर लोगों का ध्यान आकर्षित करती रहती हैं। प्रशासन भी ऐसे आयोजनों को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए सतर्क नजर आ रहा है।

  • हनुमान जन्मोत्सव विशेष : अष्ट सिद्धि और नव निधि के दाता, संकट मोचन हनुमान

    हनुमान जन्मोत्सव विशेष : अष्ट सिद्धि और नव निधि के दाता, संकट मोचन हनुमान


    नई दिल्ली । चैत्र पूर्णिमा यानी गुरुवार 2 अप्रैल को पूरे देश में भगवान श्रीराम के परम भक्त हनुमान का जन्मोत्सव मनाया जा रहा है हनुमान जी त्रेतायुग में वानरराज केसरी और माता अंजना के घर अवतरित हुए थे धार्मिक मान्यताओं के अनुसार हनुमान जी चिरंजीवी हैं और उनकी कृपा कलियुग में भी भक्तों पर बनी रहती है

    गोस्वामी तुलसीदास रचित ‘हनुमान चालीसा’ हनुमान जी की भक्ति का सबसे सरल और प्रभावशाली माध्यम है इसमें कहा गया है “अष्ट सिद्धि नव निधि के दाता, अस वर दीन जानकी माता” अर्थात माता सीता ने हनुमान जी को आठ दिव्य शक्तियां और नौ प्रकार की संपत्तियों का वरदान दिया था

    हनुमान जी में इन शक्तियों का अद्भुत प्रयोग करने का सामर्थ्य था यही कारण है कि वे किसी भी रूप में प्रकट हो सकते थे पल में किसी भी स्थान पर पहुंच सकते थे और असंभव कार्यों को भी संभव कर सकते थे हनुमान चालीसा के नियमित पाठ से भक्तों को इन दिव्य शक्तियों का आशीर्वाद प्राप्त होता है संकट मोचन की कृपा से सभी कष्ट दूर होते हैं साहस बढ़ता है और जीवन में सफलता मिलती है

    आइए जानते हैं हनुमान जी की अष्ट सिद्धियां और नव निधियां :

    अष्ट सिद्धियां – आठ दिव्य शक्तियां हैं

    अणिमा : बहुत सूक्ष्म रूप धारण करने की शक्ति

    महिमा : इच्छानुसार बहुत बड़ा रूप धारण करने की शक्ति

    गरिमा : शरीर को अत्यंत भारी बनाने की शक्ति

    लघिमा : शरीर को अत्यंत हल्का बनाने की शक्ति

    प्राप्ति : किसी भी वस्तु को तुरंत प्राप्त करने की शक्ति

    प्राकाम्य : इच्छानुसार किसी भी जगह पहुंचने, जल या आकाश में रहने की शक्ति

    ईशित्व : दैवीय शक्तियों का नियंत्रण

    वशित्व : इंद्रियों और मन पर पूर्ण नियंत्रण

    नव निधियां – नौ प्रकार की दिव्य संपत्तियां हैं

    पद्म निधि : स्वर्ण-चांदी का संग्रह और दान करने वाला सात्विक स्वभाव

    महापद्म निधि : धार्मिक कार्यों में धन लगाने वाला स्वभाव

    नील निधि : तीन पीढ़ियों तक चलने वाली संपत्ति

    मुकुंद निधि : राज्य और सत्ता से संबंधित संपत्ति

    नंद निधि : कुल का आधार बनने वाली संपत्ति

    मकर निधि : अस्त्र-शस्त्रों का संग्रह

    कच्छप निधि : स्वयं उपभोग करने योग्य संपत्ति

    शंख निधि : एक पीढ़ी तक रहने वाली संपत्ति

    खर्व निधि : मिश्रित फलों वाली संपत्ति

    हनुमान जन्मोत्सव के दिन इन दिव्य शक्तियों और संपत्तियों का स्मरण भक्तों के जीवन में आध्यात्मिक शक्ति साहस और सफलता का मार्ग प्रशस्त करता है यह पर्व हमें भक्ति और निष्ठा की महत्ता भी याद दिलाता है

  • मंगलवार: हनुमानजी की आराधना से कठिनाइयाँ दूर, जीवन में आएगी सुख-समृद्धि

    मंगलवार: हनुमानजी की आराधना से कठिनाइयाँ दूर, जीवन में आएगी सुख-समृद्धि

    नई दिल्ली। हिंदू धार्मिक परंपरा में मंगलवार का दिन भगवान हनुमान की विशेष आराधना के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। मंगलवार को हनुमानजी की पूजा-अर्चना करने से जीवन में बाधाएँ कम होती हैं, मानसिक शांति मिलती है और सुख-समृद्धि आती है। इस दिन किये गए विशेष उपायों से देवी-देवताओं की कृपा पाकर कठिनाइयों से भी मुक्ति मिल सकती है।

    धार्मिक आस्था के अनुसार मंगलवार को सुबह स्नान कर शुद्ध वस्त्र धारण करने के बाद हनुमान चालीसा, बजरंगबाण या मारुति स्तोत्र का पाठ करने से जीवन में आने वाली परेशानियों का नाश होता है और संकट दूर हो जाते हैं। हनुमान चालीसा की भक्ति से हनुमानजी संकटों से रक्षा करते हैं और भक्त को साहस तथा शक्ति प्रदान करते हैं।

    इस दिन श्रीराम के नाम का स्मरण तथा जाप भी अत्यंत प्रभावशाली माना जाता है। हनुमानजी को प्रभु राम का नाम अत्यंत प्रिय है, इसलिए मंगलवार के दिन राम नाम का उच्चारण निरंतर करने से मन और बुद्धि में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

    आस्था अनुसार मंगलवार को तुलसी के पास दीपक जलाना भी शुभ फलदायी होता है। तुलसी के पास जल या दीपक प्रज्वलित करने से घर में सकारात्मक वातावरण बनता है और नकारात्मक ऊर्जा का नाश होता है। तुलसी के उपाय से गृहस्थ जीवन में सुख-शांति तथा लक्ष्मीजी का आगमन भी माना जाता है।

    लाल जनेऊ अर्पण तथा विशेष विधि से पूजा करना भी मंगलमय फल देता है। मंगलवार को मंदिर में जाकर या घर में ही हनुमानजी को लाल जनेऊ अर्पित करने से कार्यों में आ रही बाधाएँ दूर होती हैं और बिगड़े हुए कार्यों के सफल होने की संभावनाएँ बढ़ती हैं।

    अन्य उपायों में हनुमानजी के मंदिर में दीपक जलाना, लाल या केसरिया वस्त्र धारण कर पूजा करना और प्रसाद के रूप में गुड़-चना, मेवा-फल अर्पित करना शामिल है। इस प्रकार की भक्ति और उपायों से मनोबल उच्च रहता है तथा जीवन में आने वाली कठिनाइयाँ बलवान उपाय के रूप में कमजोर पड़ती हैं।

    धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मंगलवार को हनुमानजी की भक्ति निरंतर करने से न केवल भौतिक जीवन की समस्याओं का समाधान होता है, बल्कि मानसिक संतुलन, सकारात्मक ऊर्जा और आध्यात्मिक उन्नति भी प्राप्त होती है। इससे घर-परिवार में समृद्धि तथा संतोषपूर्ण जीवन का अनुभव होता है, जिससे भक्त का संपूर्ण कल्याण सुनिश्चित होता है।

  • शनिवार के उपाय: शनिदेव की कृपा पाने और जीवन से कष्ट दूर करने के आसान उपाय

    शनिवार के उपाय: शनिदेव की कृपा पाने और जीवन से कष्ट दूर करने के आसान उपाय


    नई दिल्ली।शनिवार का दिन विशेष रूप से शनिदेव को समर्पित माना जाता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार शनि ग्रह कर्म, न्याय और अनुशासन का प्रतीक है। जब शनि अशुभ फल देता है तो व्यक्ति को आर्थिक संकट, मानसिक तनाव, करियर में रुकावट और पारिवारिक समस्याओं का सामना करना पड़ता है। ऐसे में शनिवार को किए जाने वाले पारंपरिक उपाय शनि दोष शांत करने और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा लाने में मददगार माने जाते हैं।

    शनिदेव की पूजा का महत्व अत्यधिक है। प्रातः स्नान के बाद काले या नीले वस्त्र पहनकर शनि मंदिर जाना शुभ माना जाता है। जो लोग मंदिर नहीं जा सकते वे घर पर भी श्रद्धा भाव से पूजा कर सकते हैं। पूजा में सरसों के तेल का दीपक जलाना विशेष फलदायी माना गया है। दीपक में दो लौंग डालने से नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव कम होता है।

    पूजा के दौरान मंत्र का जप करना लाभकारी है। मंत्र ॐ शं शनैश्चराय नमः का उच्चारण शनि दोष शांत करने में सहायक होता है। शनि चालीसा या शनि स्तोत्र का पाठ करने से मानसिक स्थिरता और आत्मबल बढ़ता है।पीपल के पेड़ की पूजा का शनिवार को विशेष महत्व है। मान्यता है कि पीपल में शनिदेव का वास होता है। सुबह या संध्या के समय पीपल के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं। जल में काले तिल मिलाकर अर्पित करें और पीपल की सात परिक्रमा करें। यह उपाय साढ़ेसाती और ढैय्या के प्रभाव को कम करने में सहायक माना जाता है।

    हनुमान जी की उपासना भी शनिदेव के अशुभ प्रभाव कम करने में मदद करती है। शनिवार को हनुमान चालीसा का पाठ करने और लाल फूल तथा लड्डू अर्पित करने से भय, रोग और मानसिक तनाव दूर होता है।दान का विशेष महत्व है। शनिवार को काले तिल, उड़द दाल, लोहा, काले वस्त्र या जूते चप्पल जरूरतमंदों को दान करें। अंधों, अपंगों और असहाय लोगों को भोजन कराने से भी शनि की कठोरता कम होती है।

    अन्य उपायों में कौवे को भोजन कराना, घर में घी का दीपक जलाना और शिवलिंग का काले तिल और बेलपत्र से अभिषेक करना शामिल हैं। ये उपाय सकारात्मक ऊर्जा और सुख समृद्धि बढ़ाने में सहायक हैं।श्रद्धा और नियमपूर्वक किए गए ये उपाय जीवन में आर्थिक संकट, करियर की बाधाएं, मानसिक अशांति और पारिवारिक तनाव कम करते हैं। शनिदेव की कृपा से जीवन में स्थिरता अनुशासन और समृद्धि का मार्ग प्रशस्त होता

  • 12 दिसंबर को हनुमान अष्टमी बजरंगबली की पूजा से ग्रहों के विपरीत प्रभाव से मिलेगी मुक्ति

    12 दिसंबर को हनुमान अष्टमी बजरंगबली की पूजा से ग्रहों के विपरीत प्रभाव से मिलेगी मुक्ति


    उज्जैन ।
    हनुमान अष्टमी 12 दिसंबर को मनाई जाएगी। यह दिन विशेष रूप से हनुमानजी के भक्तों के लिए महत्वपूर्ण होता है। मान्यता है कि त्रेतायुग में हनुमानजी ने पाताल लोक में अहिरावण का वध करके भगवान राम और लक्ष्मण को मुक्त किया था। इस वजह से यह दिन विजय उत्सव के रूप में मनाया जाता है। हनुमानजी की पूजा से न केवल भक्तों को मानसिक शांति और शक्ति मिलती है बल्कि ग्रहों के विपरीत प्रभाव से मुक्ति भी मिलती है।

    हनुमानजी की पूजा का महत्व

    हनुमान अष्टमी के दिन देशभर के मंदिरों में विशेष पूजा आरती और भंडारे आयोजित किए जाते हैं। हनुमानजी का अभिषेक पूजन सुबह होता है जबकि शाम को महाआरती होती है। इस दिन कई मंदिरों में चल समारोह भी निकलते हैं जिनमें श्रद्धालु अपनी श्रद्धा अर्पित करते हैं। उज्जैन में हनुमान अष्टमी विशेष रूप से धूमधाम से मनाई जाती है क्योंकि यहाँ हनुमानजी ने पाताल लोक से लौटने के बाद विश्राम किया था। यह विश्राम पृथ्वी के नाभि केंद्र पर स्थित उज्जैन में हुआ था और यह संयोग था कि उस दिन पौष कृष्ण अष्टमी तिथि थी।

    हनुमानजी की पूजा से प्राप्त लाभ

    इस दिन हनुमानजी की पूजा करने से भक्तों की समस्त मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। विशेष रूप से उन लोगों के लिए हनुमान अष्टमी का दिन बहुत शुभ होता है जिनकी जन्म पत्रिका में शनि मंगल या राहु की विपरीत स्थिति है। ऐसे व्यक्तियों को हनुमानजी की आराधना करने से नकारात्मक ग्रहों के प्रभाव से मुक्ति मिलती है। अगर किसी व्यक्ति पर शनि की साढ़े साती या ढैया का प्रभाव हो तो वह इस दिन हनुमानजी को तेल और सिंदूर चढ़ाएं हनुमान चालीसा और हनुमान अष्टक का पाठ करें। यह उन्हें संकटों से मुक्त कर सकता है।

    शनि और मंगल की अनुकूलता के लिए विशेष उपाय

    ज्योतिषाचार्य पं. हरिहर पंड्या के अनुसार हनुमान अष्टमी का दिन शनि और मंगल के अनुकूल होने के लिए विशेष रूप से लाभकारी है। यदि किसी की जन्म पत्रिका में इन ग्रहों की विपरीत स्थिति है तो हनुमानजी की पूजा से ग्रहों के नकारात्मक प्रभावों को कम किया जा सकता है। प्रत्येक शनिवार और मंगलवार को हनुमानजी की पूजा करने और दीपक लगाने से भी व्यक्ति को जीवन में आ रही समस्याओं से छुटकारा मिल सकता है।

    उज्जैन में हनुमान अष्टमी का विशेष महत्व

    उज्जैन में हनुमान अष्टमी का पर्व और भी अधिक महत्व रखता है क्योंकि यहाँ हनुमानजी ने पाताल लोक से लौटने के बाद विश्राम किया था। इस दिन मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना होती है और भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है। विशेष रूप से नानाखेड़ा चाणक्यपुरी स्थित श्री परशुराम मंदिर में हनुमानजी के दर्शन का विशेष महत्व है। यहाँ पर हजारों की संख्या में श्रद्धालु दर्शन करने आते हैं और विशेष पूजा करते हैं। इस बार भी हनुमान अष्टमी पर यहाँ विशेष उत्सव का आयोजन किया जाएगा।
    हनुमान अष्टमी का पर्व न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है बल्कि यह मानसिक और शारीरिक शांति सुख और समृद्धि की प्राप्ति का भी एक महत्वपूर्ण अवसर है। इस दिन हनुमानजी की पूजा से न केवल व्यक्ति के जीवन में सुख-समृद्धि आती है बल्कि वह ग्रहों के विपरीत प्रभाव से भी मुक्त होता है। तो इस हनुमान अष्टमी आप भी बजरंगबली की आराधना करें और अपनी जीवन यात्रा को और भी सफल बनाएं।