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  • डेंगू–चिकनगुनिया से जूझ रहे युजवेंद्र चहल, फिटनेस बिगड़ने के कारण क्रिकेट से कुछ हफ्तों का ब्रेक

    डेंगू–चिकनगुनिया से जूझ रहे युजवेंद्र चहल, फिटनेस बिगड़ने के कारण क्रिकेट से कुछ हफ्तों का ब्रेक


    नई दिल्ली/भारतीय क्रिकेट टीम के अनुभवी लेग स्पिनर युजवेंद्र चहल इन दिनों क्रिकेट मैदान से दूर हैं। इसकी वजह उननई दिल्लीकी खराब सेहत है। चहल डेंगू और चिकनगुनिया जैसी गंभीर बीमारियों से जूझ रहे हैं, जिसके चलते उनकी फिटनेस पर गहरा असर पड़ा है और उन्हें डॉक्टरों ने पूरी तरह आराम करने की सलाह दी है। इस बीमारी के कारण उन्हें घरेलू क्रिकेट के अहम मुकाबलों से भी बाहर रहना पड़ा है।युजवेंद्र चहल को आखिरी बार नवंबर महीने में हरियाणा की ओर से सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी के ग्रुप मैच में खेलते हुए देखा गया था। इसके बाद से ही वह टीम से लगातार बाहर चल रहे थे, जिससे उनके फैंस के बीच उनकी अनुपस्थिति को लेकर कई तरह के सवाल उठने लगे थे। अब खुद चहल ने सोशल मीडिया के माध्यम से इस बात की पुष्टि कर दी है कि वह डेंगू और चिकनगुनिया से प्रभावित रहे हैं और इसी वजह से क्रिकेट से ब्रेक लेना पड़ा। 
    सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी का फाइनल मुकाबला हरियाणा के लिए बेहद अहम था, लेकिन इस निर्णायक मैच में भी चहल अपनी टीम का हिस्सा नहीं बन सके। फाइनल से पहले उन्होंने इंस्टाग्राम स्टोरी पर अपनी सेहत को लेकर अपडेट साझा किया। चहल ने लिखा कि वह टीम के साथ मैदान पर उतरना चाहते थे, लेकिन शरीर ने साथ नहीं दिया। उन्होंने हरियाणा टीम को फाइनल के लिए शुभकामनाएं दीं और उम्मीद जताई कि वह जल्द पूरी तरह फिट होकर वापसी करेंगे।

    डेंगू और चिकनगुनिया जैसी बीमारियों से उबरने में आमतौर पर समय लगता है और इसका सीधा असर खिलाड़ी की फिटनेस और स्टैमिना पर पड़ता है। ऐसे में चहल की वापसी को लेकर कोई निश्चित तारीख सामने नहीं आई है। माना जा रहा है कि अब उनकी नजरें विजय हजारे ट्रॉफी पर होंगी, जिसकी शुरुआत 24 दिसंबर से हो रही है। हालांकि, इसमें उनका खेलना पूरी तरह उनकी फिटनेस रिपोर्ट पर निर्भर करेगा।गौरतलब है कि युजवेंद्र चहल पिछले काफी समय से भारतीय सीनियर टीम से भी बाहर चल रहे हैं। अगस्त 2023 के बाद से उन्होंने भारत के लिए कोई अंतरराष्ट्रीय मुकाबला नहीं खेला है। टी20 वर्ल्ड कप के बाद उन्हें राष्ट्रीय टीम में मौका नहीं मिला, हालांकि इसके बावजूद घरेलू क्रिकेट और विदेशी लीगों में उनका प्रदर्शन सराहनीय रहा है।

    बीमारी से पहले चहल इंग्लैंड में काउंटी क्रिकेट खेलते हुए नजर आए थे। उन्होंने नॉर्थम्पटनशायर की ओर से वनडे कप और काउंटी चैंपियनशिप में हिस्सा लिया था। सीमित ओवरों के क्रिकेट में उनकी गेंदबाजी किफायती रही, जबकि रेड बॉल क्रिकेट में उन्होंने तीन मैचों में 12 विकेट लेकर अपनी उपयोगिता साबित की थी। उनके इस प्रदर्शन ने यह दिखाया था कि वह अभी भी लंबे फॉर्मेट में प्रभावी गेंदबाज बने हुए हैं।फिलहाल, चहल का पूरा फोकस अपनी सेहत पर है। फैंस और क्रिकेट जगत को उम्मीद है कि वह जल्द ही इन बीमारियों से पूरी तरह उबरकर मैदान पर वापसी करेंगे और एक बार फिर अपनी लेग स्पिन से बल्लेबाजों को परेशान करते नजर आएंगे।

  • सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी 2025 के फाइनल में हरियाणा और झारखंड की टक्कर मिलेगा नया विजेता

    सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी 2025 के फाइनल में हरियाणा और झारखंड की टक्कर मिलेगा नया विजेता


    पुणे । सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी 2025 के फाइनल में हरियाणा और झारखंड की टीमें आमने-सामने होंगी और इस बार यह टूर्नामेंट एक नया विजेता पैदा करने की ओर बढ़ रहा है। मंगलवार को हरियाणा ने अपनी शानदार बल्लेबाजी और गेंदबाजी के साथ हैदराबाद को 124 रनों से करारी शिकस्त दी और फाइनल में अपनी जगह पक्की की। वहीं झारखंड ने भी अपनी शानदार प्रदर्शन से फाइनल में प्रवेश किया है। यह दोनों टीमें पहली बार सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी के फाइनल में पहुंची हैं जो इस मैच को और भी रोमांचक बना देता है।

    हरियाणा की धमाकेदार जीत
    हरियाणा ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 246 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। सलामी बल्लेबाज अंकित कुमार ने 27 गेंदों में 57 रन बनाये और अपनी टीम को मजबूत शुरुआत दिलाई। उन्होंने अर्श रंगा  के साथ मिलकर 81 रनों की साझेदारी की। अंकित की आक्रामक बल्लेबाजी में छह छक्के और एक चौका शामिल था। इसके बाद सामंत जाखड़ ने 22 गेंदों में आठ छक्कों और एक चौके की मदद से 60 रन बनाकर टीम को और ऊंचाई तक पहुंचाया। अंत में पार्थ वत्स ने भी 19 गेंदों में चार चौके और तीन छक्के जड़ते हुए 45 रन बनाये।

    हैदराबाद के लिए लक्ष्य का पीछा करना आसान नहीं था। हैदराबाद की टीम केवल 122 रन बनाकर ऑल आउट हो गई। अमित राणा ने गेंदबाजी में शानदार प्रदर्शन करते हुए 14 रन पर तीन विकेट लिए वहीं सामंत जाखड़ इशांत भारद्वाज और अंशुल कंबोज ने भी दो-दो विकेट चटकाए।

    झारखंड की टीम भी फाइनल में

    सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी 2025 का फाइनल भी रोमांचक होने की संभावना है क्योंकि झारखंड की टीम ने भी शानदार क्रिकेट खेला है। ईशान किशन की कप्तानी में झारखंड ने बहुत अच्छा प्रदर्शन किया और अब वे हरियाणा के खिलाफ खिताबी भिड़ंत के लिए तैयार हैं।

    फाइनल का रोमांच

    फाइनल में हरियाणा और झारखंड दोनों ही टीमों ने इस सीजन में अपने शानदार खेल से सभी को प्रभावित किया है। हरियाणा की ओर से अंकित कुमार और सामंत जाखड़ की तूफानी बल्लेबाजी ने उन्हें सेमीफाइनल में हैदराबाद को हराने में मदद की जबकि झारखंड ने भी अपने सामूहिक प्रदर्शन से फाइनल में जगह बनाई। इस मुकाबले में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या हरियाणा अपना पहला सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी खिताब जीत पाती है या फिर झारखंड अपने पहले खिताब के साथ इतिहास रचने में सफल होता है।

    मुकाबला पुणे में

    सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी 2025 का फाइनल मैच 18 दिसंबर को पुणे के महाराष्ट्र क्रिकेट एसोसिएशन स्टेडियम में खेला जाएगा। यह मैच दो शानदार टीमों के बीच होगा जो दोनों ही पहली बार इस टूर्नामेंट के फाइनल में पहुंची हैं और इस कारण इस मुकाबले का रोमांच काफी बढ़ चुका है। अब देखना यह है कि कौन सी टीम इस ऐतिहासिक खिताबी भिड़ंत में बाजी मारती है और नया विजेता बनता है!
  • हरियाणा में डॉक्टरों की अनिश्चितकालीन हड़ताल, अस्पतालों में मरीजों की लंबी कतारें

    हरियाणा में डॉक्टरों की अनिश्चितकालीन हड़ताल, अस्पतालों में मरीजों की लंबी कतारें


    हरियाणा। में सरकारी अस्पतालों के डॉक्टर बुधवार (10 दिसंबर) से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं। सरकार की ओर से डॉक्टरों पर ESMA (Essential Services Maintenance Act) लागू किया गया है, साथ ही No Work No Pay का नियम भी लगाया गया, लेकिन डॉक्टर अपनी मांगें मनवाने के लिए हड़ताल जारी रखेंगे।

    इस वजह से सरकारी अस्पतालों में मरीज दवा लेने और इलाज कराने के लिए लंबी कतारों में खड़े हैं और कई जगहों पर मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

    डॉक्टरों की मुख्य मांगें

    हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. राजेश ख्यालिया ने कहा कि सरकार ने पिछले साल लिखित रूप में कहा था कि सरकारी डॉक्टरों की पदोन्नति के लिए Assured Career Progression (ACP) लागू किया जाएगा, लेकिन अब तक यह लागू नहीं हुआ है।
    डॉ. ख्यालिया ने कहा कि सरकार ने हाल ही में 200 SMO (Senior Medical Officer) भर्ती के लिए प्रक्रिया शुरू की है, जिसमें 160 पद सीधे भरे जाएंगे। उनका कहना है कि यह मौजूदा सरकारी डॉक्टरों के साथ अन्याय है, क्योंकि इन पदों पर उनकी पदोन्नति होनी चाहिए थी।

    खाली पदों की समस्या

    राज्य में लगभग 600 मेडिकल ऑफिसर्स के पद खाली हैं। डॉक्टरों का कहना है कि पहले इन पदों को भरा जाना चाहिए, न कि हड़ताल करने वाले डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।

    भूख हड़ताल का ऐलान

    डॉ. ख्यालिया ने बताया कि स्वास्थ्य निदेशालय पंचकूला में तीन डॉक्टरों ने हड़ताल के समर्थन में भूख हड़ताल शुरू कर दी है।

    सरकार की प्रतिक्रिया

    स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि सरकार ने डॉक्टरों की कुछ मांगें मान ली हैं और शेष पर बातचीत जारी है। इसके बावजूद डॉक्टर अपनी हड़ताल जारी रखेंगे।

    इस हड़ताल के चलते हरियाणा के सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाओं पर भारी असर पड़ रहा है और मरीजों को इलाज के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है।