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  • विदिशा में हादसे का खतरा: न गोताखोर, न होमगार्ड, फिर भी नदी में उतर रहे लोग

    विदिशा में हादसे का खतरा: न गोताखोर, न होमगार्ड, फिर भी नदी में उतर रहे लोग


    मध्यप्रदेश । विदिशा में भीषण गर्मी और अधिक मास के चलते नदी घाटों पर लोगों की भीड़ लगातार बढ़ रही है। तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंचने से लोग गर्मी से राहत पाने के लिए नदी का रुख कर रहे हैं। चिंताजनक बात यह है कि प्रशासन द्वारा खतरनाक घोषित और प्रतिबंधित किए गए बगला घाट पर भी बड़ी संख्या में लोग स्नान करने पहुंच रहे हैं। घाट पर लगे चेतावनी बोर्डों को नजरअंदाज करते हुए बच्चे, युवा और बुजुर्ग नदी में उतर रहे हैं, जबकि मौके पर सुरक्षा के नाम पर कोई व्यवस्था दिखाई नहीं दे रही।

    बगला घाट को पहले ही प्रशासन ने जोखिमपूर्ण क्षेत्र घोषित कर यहां स्नान पर रोक लगा दी थी। इसके पीछे मुख्य कारण नदी की अधिक गहराई और तेज जल प्रवाह है। पूर्व में यहां कई दर्दनाक हादसे हो चुके हैं, जिनमें लोगों की डूबने से मौत तक हो चुकी है। बावजूद इसके, लोग अपनी जान जोखिम में डालकर घाट पर पहुंच रहे हैं।

    स्थानीय लोगों के अनुसार सुबह के समय घाट पर सबसे अधिक भीड़ रहती है। लोग धार्मिक आस्था और गर्मी से राहत दोनों कारणों से यहां स्नान करने आते हैं। अधिक मास का धार्मिक महत्व होने के कारण श्रद्धालुओं की संख्या और बढ़ गई है। घाट स्थित मंदिर के पुजारी ने बताया कि नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है, जिससे खतरा पहले से ज्यादा बढ़ गया है। उन्होंने कहा कि कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है, लेकिन प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए हैं।

    शहर में स्विमिंग पूल जैसी सुविधाओं की कमी भी लोगों को नदी की ओर खींच रही है। कई परिवार अपने बच्चों को तैरना सिखाने के लिए भी इसी घाट पर ला रहे हैं। यह स्थिति और अधिक खतरनाक बन जाती है क्योंकि घाट पर न तो प्रशिक्षित गोताखोर मौजूद हैं और न ही किसी प्रकार की रेस्क्यू टीम तैनात है।

    स्थानीय निवासी अश्वनी राजपूत ने बताया कि प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग यहां स्नान करते हैं, लेकिन उन्हें रोकने वाला कोई नहीं है। उन्होंने प्रशासन से तत्काल होमगार्ड जवानों और गोताखोरों की तैनाती की मांग की है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत मदद मिल सके।

    स्थानीय लोगों का कहना है कि केवल चेतावनी बोर्ड लगाकर प्रशासन अपनी जिम्मेदारी से मुक्त नहीं हो सकता। जब तक घाट पर सख्त निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था नहीं होगी, तब तक लोग नियमों का पालन नहीं करेंगे। लोगों ने मांग की है कि प्रतिबंध का सख्ती से पालन कराया जाए और घाट पर नियमित गश्त बढ़ाई जाए।

    भीषण गर्मी के बीच बगला घाट पर बढ़ती भीड़ और सुरक्षा इंतजामों की कमी किसी बड़े हादसे की आशंका को जन्म दे रही है। ऐसे में प्रशासन के लिए यह जरूरी हो गया है कि वह केवल चेतावनी जारी करने तक सीमित न रहे, बल्कि जमीनी स्तर पर प्रभावी कार्रवाई भी सुनिश्चित करे।

  • झांसी में गर्मी और बिजली कटौती से बिगड़ रही लोगों की नींद, बढ़े मानसिक तनाव के मरीज

    झांसी में गर्मी और बिजली कटौती से बिगड़ रही लोगों की नींद, बढ़े मानसिक तनाव के मरीज



    झांसी । झांसी में भीषण गर्मी और लगातार हो रही बिजली कटौती लोगों के स्वास्थ्य और मानसिक स्थिति पर गहरा असर डाल रही है। रात के समय बिजली न आने और तेज गर्मी के कारण लोगों की नींद पूरी नहीं हो पा रही है, जिससे चिड़चिड़ापन, बेचैनी और तनाव जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं।

    जिला अस्पताल की मनोचिकित्सक डॉ. शिकाफा जाफरीन के अनुसार ओपीडी में आने वाले मानसिक रोगियों में हर चौथा मरीज नींद की कमी से जुड़ी समस्याओं से परेशान है। काउंसलिंग के दौरान यह सामने आया है कि अधिकतर लोग या तो गर्मी के कारण सो नहीं पा रहे हैं या फिर रात में बिजली कटौती उनकी नींद बाधित कर रही है।

    डॉक्टरों का कहना है कि पर्याप्त नींद न मिलने से मानसिक स्वास्थ्य पर सीधा असर पड़ता है। इससे मेनिया, पैनिक डिसऑर्डर और इनसोमनिया (अनिद्रा) जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं। मेनिया की स्थिति में व्यक्ति अत्यधिक उत्तेजित हो जाता है, बहुत अधिक या बहुत कम बोलता है, मूड स्विंग होता है और व्यवहार असामान्य हो जाता है।

    वहीं पैनिक डिसऑर्डर के मरीजों में बार-बार घबराहट, दिल की धड़कन तेज होना और सांस फूलने जैसी समस्याएं देखी जा रही हैं।

    इनसोमनिया के मरीज अधिक सोचने लगते हैं और छोटी-छोटी बातों पर चिड़चिड़ापन और गुस्सा दिखाने लगते हैं।

    डॉक्टरों के अनुसार नींद की कमी का असर केवल मानसिक ही नहीं बल्कि शारीरिक स्वास्थ्य पर भी पड़ रहा है, जिससे लोगों की दिनचर्या प्रभावित हो रही है। लगातार नींद न पूरी होने से मरीजों में तनाव बढ़ता जा रहा है और कई लोग सामान्य बातचीत में भी आक्रामक व्यवहार करने लगे हैं।

    फिलहाल विशेषज्ञों ने लोगों को सलाह दी है कि वे गर्मी से बचाव के उपाय अपनाएं, पर्याप्त पानी पिएं और जितना संभव हो नींद का नियमित समय बनाए रखें, ताकि मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को बेहतर रखा जा सके।

  • ऊफ ये गर्मी ! दुनिया के सबसे गर्म 100 शहरों में 92 भारत के…. दिल्ली में पारा 44 डिग्री के पार

    ऊफ ये गर्मी ! दुनिया के सबसे गर्म 100 शहरों में 92 भारत के…. दिल्ली में पारा 44 डिग्री के पार


    नई दिल्ली।
    गर्मी (Heat) शुरुआत में ही रिकॉर्ड तोड़ रही है। वैश्विक तापमान आंकड़ों के अनुसार दुनिया के 100 सबसे गर्म शहरों (World 100 Hottest cities) में 92 भारत (India) के हैं। इसके अलावा 6 शहर थाईलैंड और दो शहर नेपाल के हैं। अप्रैल की शुरुआत में ही दिल्ली (Delhi), मुंबई, चेन्नई और बंगलूरू जैसे शहरों में पारा 42 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच गया। दिल्ली में तापमान 44.5 डिग्री दर्ज किया गया। आने वाले दिनों में इसमें और वृदि्ध की आशंका जताई जा रही है।

    देश में शनिवार को सर्वाधिक तापमान 47.4 डिग्री सेल्सियस यूपी के बांदा का रहा। इसके बाद प्रयागराज में 45.5 डिग्री, वाराणसी में 45 डिग्री, झांसी में 44.8 डिग्री रहा। गाजियाबाद में अधिकतम तापमान 43 डिग्री रहा। कई इलाकों में तापमान सामान्य से 5 डिग्री या उससे ऊपर है, जिससे हीट स्ट्रेस की स्थिति बन रही है।

    मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और मध्य भारत के कुछ हिस्सों में लू चलने (Scorching Heatwave) की संभावना है। उत्तर भारत में रातें भी गर्म रह सकती हैं। यह स्थिति हीट डोम जैसे हालात की ओर इशारा करती है, जिसमें गर्म हवा एक क्षेत्र में फंस जाती है और तापमान लगातार बढ़ता रहता है।


    गाजियाबाद 43 डिग्री में तपा, सबसे गर्म शहरों में यूपी के 37

    100 सबसे गर्म शहरों में यूपी के 37 शहर हैं। प. बंगाल के 18, पंजाब के सात, तेलंगाना और छत्तीसगढ़ के छह-छह, बिहार और ओडिशा के पांच-पांच, महाराष्ट्र के चार, उत्तराखंड और आंध्र प्रदेश के दो-दो शहर शामिल हैं। ज्यादातर शहरों में तापमान तापमान 42 से 45 डिग्री दर्ज किया गया।


    दिल्ली के राम मनोहर लोहिया अस्पताल में हीटस्ट्रोक यूनिट बनी

    दिल्ली में शनिवार को पारा 43 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जिसके चलते राममनोहर लोहिया हॉस्पिटल में हीटस्ट्रोक यूनिट बनाई गई है। इसमें कूलिंग टब, 200 किलो बर्फ बनाने की मशीनें और पोर्टेबल आइस पैक भी रखे गए हैं।


    दोपहर में काम नहीं कर सकेंगे मजदूर

    उत्तर प्रदेश : आगरा, मथुरा, फिरोजाबाद और मैनपुरी में दोपहर 12 से 4 बजे तक मजदूरों के काम पर रोक।
    ओडिशा : सोमवार से सभी सरकारी स्कूल बंद रहेंगे।
    केरल : लोगों से दिन में 11 से 3 बजे के बीच बाहर न निकलने की सलाह। सेल्फ लॉकडाउन अपनाने के लिए कहा।
    कर्नाटक : सभी अस्पतालों में हीट स्ट्रोक यूनिट बनाने का आदेश। ये सभी यूनिट 31 जुलाई तक चालू रखी जाएंगी।
    मध्य प्रदेश : नर्मदापुरम जिले में स्कूलों की छुट्टी कर दी गई है।


    धूप से बचने, पर्याप्त पानी पीने हल्के कपड़े पहनने की सलाह

    मौसम विभाग ने दोपहर में धूप से बचने, पर्याप्त पानी पीने, हल्के कपड़े पहनने और बच्चों, बुजुर्गों व बीमार लोगों का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी है। सावधानी बरतने से हीट स्ट्रोक जैसी गंभीर समस्याओं से बचा जा सकता है।

    कश्मीर में बारिश और रोहतांग में बर्फबारी
    श्रीनगर समेत कश्मीर घाटी के मैदानी इलाकों में शनिवार को रुक-रुक कर हुई बारिश से गर्मी से राहत मिली है, जबकि जोजिला दर्रे पर हल्की बर्फबारी भी हुई। वहीं, हिमाचल में रोहतांग दर्रा, कुंजम दर्रा सहित ऊंची चोटियों पर बर्फबारी हुई।

  • MP-UP समेत इन राज्यों में गर्मी दिखा रही रौद्र रूप…. लोगों का घर से बाहर निकलना हुआ मुश्किल

    MP-UP समेत इन राज्यों में गर्मी दिखा रही रौद्र रूप…. लोगों का घर से बाहर निकलना हुआ मुश्किल


    नई दिल्ली।
    अप्रैल (April) के तीसरे हफ्ते में गर्मी ने अपना रौद्र रूप (Heat Fierce form) दिखाना शुरू कर दिया है। उत्तर भारत (North India) के राज्यों में दोपहर के समय हालात ऐसे हैं कि लोगों का घर से बाहर निकलना मुश्किल हो रहा है। यूपी, बिहार, मध्य प्रदेश और हरियाणा, पंजाब जैसे राज्यों में तेज तेज धूप पड़ रही है। सुबह 10 बजे के बाद ही मौसम में तेज गर्माहट आनी शुरू हो जाती है। मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक शुक्रवार को उत्तर भारत के तमाम जिलों का अधिकतम तापमान 40 डिग्री के ऊपर रहने की संभावना है। आन वाले कुछ दिनों में लू की आशंका भी बनी हुई है।

    मौसम विभाग द्वारा जारी किए गए अनुमान के मुताबिक उत्तर भारत जहां गर्मी से परेशान रहेगा, तो वही पहाड़ी क्षेत्र और पूर्वोत्तर भारत अभी भी बारिश और ठंडक से घिरा हुआ रहेगा। रिपोर्ट के मुताबिक, शुक्रवार को जम्मू-कश्मीर, लद्दाख तेज गरज और बिजली के साथ बर्फबारी और बारिश होने की संभावना है। इस दौरान हवाएं करीब 45 से 55 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से चल सकती हैं। इसके अलावा हिमाचल में भी बादल छाए रहने और हल्की बूंदा-बांदी की संभावना है।

    पाकिस्तान की सीमा से सटे पंजाब और राजस्थान के क्षेत्रों में गर्मी अपने चरम पर होगी। लेकिन जम्मू-कश्मीर और नीचे पंजाब की तरफ आने वाले सीमाई इलाकों में हल्की गरज के साथ बारिश होने की संभावना है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में भी शुक्रवार को हल्की बारिश हो सकती है।

    मध्य भारत में बढ़ेगी गर्मी
    दूसरी तरफ उत्तर भारत की तरह मध्य भारत भी धूप से जूझता रहेगा। हालांकि, 19 और 20 अप्रैल को पश्चिमी मध्य प्रदेश में तेज हवाओं के साथ बारिश होने की संभावना है। इसके अलावा महाराष्ट्र के विदर्भ और छत्तीशगढ़ में तापमान क्रमिक रूप से बढ़ता रहेगा। 20 अप्रैल के बाद इन क्षेत्रों में हल्की बारिश हो सकती है।

    पूर्वी भारत में बारिश जारी
    उत्तर भारत जहां गर्मी से जूझ रहा है, तो वहीं दूसरी ओर पूर्वोत्तर भारत बारिश की संभावना से घिरा हुआ है। पश्चिम बंगाल, सिक्किम में शुक्रवार यानी 17 अप्रैल को हल्की बारिश होने की संभावना है। इसके अलावा बिहार के पूर्वी इलाके, ओडिशाग और बंगाल के मैदानी इलाकों में 17 से लेकर 22 अप्रैल तक धीमी और मध्यम बारिश होने की संभावना है। इसके अलावा सिक्किम में भी 17-18 अप्रैल को तेज बारिश होने की संभावना है।

    दक्षिण भारत में बढ़ेगी उमस वाली गर्मी
    मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक शुक्रवार 17 अप्रैल को भी दक्षिण भारत का मौसम पिछले दिनों के जैसा ही रहेगा। तटीय इलाकों में हल्की बारिश होने की संभावना है। बाकी जगहों पर तेज धूप और ह्यूमिडिटी की वजह से उमस वाली गर्मी पड़ेगी। तेज धूप की वजह से इन राज्यों का अधिकतम तापमान 39 से 41 डिग्री के आसपास रहेगा।

  • देश में गर्मी दिखाने लगी तीखे तेवर… कई शहरों में तापमान पहुंचा 40 डिग्री के आसपास

    देश में गर्मी दिखाने लगी तीखे तेवर… कई शहरों में तापमान पहुंचा 40 डिग्री के आसपास


    नई दिल्ली।
    पिछले कुछ दिनों के दौरान हल्की बारिश के बाद अब गर्मी (Heat wave ) ने अपना रंग दिखाना शुरू कर दिया है। उत्तर भारत (North India) के अधिकतर हिस्सों में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस (Temperature 40 degrees Celsius) के आसपास पहुंच गया है और अगले पांच दिनों के दौरान इसके 40 डिग्री के पार जाने की संभावना है। राजस्थान में कई जगह तो पहले ही तापमान 40 डिग्री से ज्यादा हो गया है। इस सप्ताह, मध्य, पूर्वी, पश्चिमी और दक्षिणी भारत के कुछ हिस्सों में लू चलने और उमस भरे मौसम रहने की संभावना है, जबकि पूर्वोत्तर भारत में गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ छिटपुट बारिश के आसार हैं।

    भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) के अनुसार, मंगलवार सुबह 8:30 बजे तक बीते 24 घंटों के दौरान उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और बिहार में कुछ स्थानों पर 30-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं। गुजरात क्षेत्र, मध्य महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, तटीय महाराष्ट्र, ओडिशा, मणिपुर और अरुणाचल प्रदेश में भी कुछ स्थानों पर आंधी आई। वहीं, सौराष्ट्र और कच्छ, नगालैंड, असम और मेघालय में कुछ स्थानों पर 50-70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं और गरज-चमक के साथ हल्की बारिश भी दर्ज की गई। दिल्ली, यूपी और राजस्थान में शुष्क मौसम के साथ तेज धूप का असर दिखने लगा है। कोलकाता में भी उमस भरी गर्मी बढ़ गई है। दिल्ली में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच गया है, जो आने वाले पांच दिनों में 42 डिग्री तक पहुंच सकता है। उत्तर प्रदेश में बांदा 40.4 डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे गर्म रहा


    आज रात सक्रिय होगा नया पश्चिमी विक्षोभ

    मौसम विभाग ने बताया कि बुधवार की रात से पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में एक नए कमजोर पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने की संभावना है। इसके प्रभाव से जम्मू-कश्मीर-लद्दाख-गिलगित-बाल्टिस्तान-मुजफ्फराबाद में 15 से 18 अप्रैल के दौरान हल्की से मध्यम स्तर की वर्षा और बर्फबारी हो सकती है। कुछ जगहों पर गरज के साथ बिजली कड़कने और 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है। हिमाचल प्रदेश में 17 से 19 अप्रैल के दौरान छिटपुट वर्षा हो सकती है। पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में 17 और 18 अप्रैल को बारिश होने और 30-40 किमी प्रति घंटे की गति से हवाएं चलने की संभावना है। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में 17 और 18 अप्रैल को हल्की ओलावृष्टि भी हो सकती है।


    पूर्वोत्तर में कुछ जगहों पर भारी बारिश के आसार

    असम और मेघालय में 18 अप्रैल तक छिटपुट बारिश, गरज और चमक के साथ 30-50 किमी की गति से हवा चल सकती है। इस दौरान अरुणाचल प्रदेश में कुछ जगहों पर बिजली गिरने की संभावना है। 15 से 17 अप्रैल के दौरान नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी यही स्थिति रहेगी। 15 अप्रैल को अरुणाचल प्रदेश में और 18 अप्रैल को असम, मेघालय और नागालैंड में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है।


    राजस्थान में बाड़मेर व ओडिशा में टिटलगढ़ रहा सबसे गर्म

    राजस्थान में पिछले 24 घंटों में दिन के तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि हुई है। चुरू, चितौड़गढ़, कोटा और बाड़मेर में पारा 40 डिग्री के पार चला गया है। प्रदेश में बाड़मेर में सबसे अधिक तापमान 41.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। 17 और 18 अप्रैल को पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों, विशेषकर जोधपुर और बीकानेर डिवीजनों में, अधिकतम तापमान 42 से 44 डिग्री सेल्सियस तक दर्ज किया जा सकता है। कुछ स्थानों पर लू चलने की संभावना है। ओडिशा में कई स्थानों पर लू चल रही है। टिटलगढ़ में सबसे अधिक 41.7 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। अगले तीन दिनों के दौरान अधिकतम तापमान में 2-4 डिग्री की बढ़ोतरी होने की संभावना है।

  • Weather: मध्य प्रदेश में थमा ओला-बारिश का दौर, अब गर्मी दिखाएगी अपना रौद्र रूप

    Weather: मध्य प्रदेश में थमा ओला-बारिश का दौर, अब गर्मी दिखाएगी अपना रौद्र रूप


    भोपाल।
    मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) में पिछले कई दिनों से जारी आंधी-बारिश (Storm and Rain) और ओलों (Hail) का दौर अब खत्म होने की कगार पर है। मौसम का यह राहत भरा फेज अब तेजी से बदल रहा है और प्रदेश एक बार फिर झुलसाने वाली गर्मी की ओर बढ़ रहा है। मौसम विभाग (Meteorological Department.) के अनुसार, शुक्रवार से मौसम पूरी तरह साफ हो जाएगा और तापमान में 4 से 6 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी।


    9 दिन बाद खत्म हुआ राहत वाला दौर

    अप्रैल की शुरुआत इस बार अलग रही। जहां आमतौर पर इस समय तक तेज गर्मी पड़ने लगती है, वहीं इस साल 1 से 9 अप्रैल तक प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में आंधी, बारिश और ओलों का असर बना रहा। लगातार एक्टिव रहे साइक्लोनिक सर्कुलेशन और वेस्टर्न डिस्टरबेंस ने गर्मी पर ब्रेक लगा दिया था। गुरुवार को भी पूर्वी मध्यप्रदेश के उमरिया, शहडोल, डिंडौरी, अनूपपुर, मंडला, सिवनी और बालाघाट जिलों में मौसम बदला हुआ नजर आया। कहीं तेज आंधी चली तो कहीं हल्की बारिश दर्ज की गई।


    अब 5 दिन नहीं होगी बारिश

    मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, अब ये सिस्टम कमजोर पड़ चुके हैं। शुक्रवार से मौसम साफ रहेगा और अगले पांच दिन तक प्रदेश में कहीं भी बारिश के आसार नहीं हैं। यानी पूरा प्रदेश ड्राई जोन में रहेगा और तापमान तेजी से बढ़ेगा।


    15 अप्रैल को नया सिस्टम, असर कम

    मौसम विभाग के अनुसार, 15 अप्रैल के आसपास उत्तर-पश्चिम भारत में एक नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव होगा, लेकिन इसका असर मध्यप्रदेश में सीमित ही रहेगा। ऐसे में गर्मी से राहत की संभावना फिलहाल नहीं दिख रही है।मौसम विभाग मानता है कि जैसे सर्दी के लिए दिसंबर-जनवरी और बारिश के लिए जुलाई-अगस्त अहम होते हैं, वैसे ही गर्मी के लिए अप्रैल और मई सबसे महत्वपूर्ण महीने हैं। इस बार मार्च के दूसरे पखवाड़े में ही तापमान 41°C के पार पहुंच गया था, लेकिन बाद में मौसम बदलने से गर्मी की रफ्तार थम गई थी।


    बार-बार बदला मौसम, फसलों को नुकसान

    इस साल फरवरी और मार्च में चार-चार बार मौसम बदला। कई जिलों में आंधी, बारिश और ओलावृष्टि से फसलों को भारी नुकसान हुआ। गेहूं, पपीता और केले की फसलें प्रभावित हुईं। मार्च के आखिरी और अप्रैल के पहले पखवाड़े में भी बारिश का सिलसिला जारी रहा। मौसम अब अपने पुराने ट्रेंड पर लौट रहा है। बारिश का दौर थमते ही तेज धूप और गर्म हवाएं असर दिखाने लगेंगी। आने वाले दिनों में लू चलने की स्थिति भी बन सकती है, जिससे जनजीवन प्रभावित होगा।

  • मार्च की शुरुआत में ही तपने लगा मध्य प्रदेश, पारा सामान्य से 3 डिग्री ऊपर, रतलाम में सबसे गर्म

    मार्च की शुरुआत में ही तपने लगा मध्य प्रदेश, पारा सामान्य से 3 डिग्री ऊपर, रतलाम में सबसे गर्म


    भोपाल। मध्य प्रदेश में इस बार मार्च की शुरुआत से ही गर्मी ने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। महीने के पहले ही सप्ताह में अधिकतम तापमान सामान्य से करीब 3 डिग्री सेल्सियस ज्यादा दर्ज किया गया है। मालवा-निमाड़ क्षेत्र यानी इंदौर और उज्जैन संभाग के कई शहरों में तापमान 39 डिग्री तक पहुंच गया है।

    रविवार को रंगपंचमी के दिन रतलाम प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा। वहीं इंदौर, उज्जैन, भोपाल, ग्वालियर और जबलपुर समेत कई शहरों में दिनभर तेज धूप और गर्मी का असर देखा गया। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में फिलहाल अधिकतम तापमान सामान्य से ऊपर बना हुआ है और अगले 4 से 5 दिन तक मौसम का यही रुख रहने की संभावना है। उन्होंने बताया कि 9 मार्च से एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने जा रहा है, जिसका असर आगे देखने को मिल सकता है।

    कई शहरों में तापमान 36 डिग्री के पार
    रविवार को प्रदेश के लगभग सभी शहरों में गर्मी का असर रहा। बड़े शहरों में उज्जैन का तापमान सबसे ज्यादा 36.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके बाद ग्वालियर में 36.5 डिग्री, इंदौर में 35.8 डिग्री, भोपाल में 34.8 डिग्री और जबलपुर में 34.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ। अन्य शहरों की बात करें तो रतलाम में पारा 39 डिग्री तक पहुंच गया, जबकि नर्मदापुरम में 38.1 डिग्री दर्ज किया गया। गुना और सागर में तापमान 37.4 डिग्री और श्योपुर में 37 डिग्री रहा। प्रदेश के ज्यादातर शहरों में तापमान 32 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया।

    हवा की दिशा बदलने से बढ़ी गर्मी
    मौसम विभाग के अनुसार इस साल मार्च में पिछले साल की तुलना में ज्यादा गर्मी महसूस की जा रही है। प्रदेश के कई शहरों में सामान्य तापमान से 2 से 3 डिग्री तक बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इसकी मुख्य वजह हवा की दिशा में बदलाव बताया जा रहा है। फिलहाल हवाएं उत्तर-पूर्व की बजाय पश्चिम और उत्तर-पश्चिम दिशा से चल रही हैं। साथ ही हवा में नमी कम है और रेगिस्तानी इलाकों से आने वाली गर्म हवाएं प्रदेश में तापमान बढ़ा रही हैं।

    इस बार मार्च में ही तेज गर्मी के संकेत
    आमतौर पर प्रदेश में तेज गर्मी का दौर मार्च के दूसरे पखवाड़े में शुरू होता है। पिछले 10 वर्षों के आंकड़ों में भी 15 मार्च के बाद ही तापमान में तेज बढ़ोतरी देखी गई है, लेकिन इस बार ट्रेंड पहले ही बदलता नजर आ रहा है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले चार दिनों में अधिकतम तापमान करीब 4 डिग्री तक और बढ़ सकता है। ऐसे में संभावना है कि मार्च के पहले पखवाड़े में ही प्रदेश के कई इलाकों में पारा 40 डिग्री तक पहुंच जाए। साथ ही अनुमान जताया जा रहा है कि अप्रैल और मई में प्रदेश में हीट वेव यानी लू का असर देखने को मिलेगा, जो करीब 15 से 20 दिनों तक चल सकती है।

  • एमपी में मार्च में ही अप्रैल जैसी गर्मी, तापमान 39 डिग्री पार, 40 डिग्री तक पहुंचने की संभावना

    एमपी में मार्च में ही अप्रैल जैसी गर्मी, तापमान 39 डिग्री पार, 40 डिग्री तक पहुंचने की संभावना


    भोपाल । मध्य प्रदेश में इस साल मार्च की शुरुआत से ही गर्मी ने तीखे तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। हालात ऐसे हैं कि मौसम अप्रैल जैसा महसूस होने लगा है और कई शहरों में तापमान 39 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले चार दिनों में तापमान और बढ़ सकता है तथा प्रदेश के कई हिस्सों में पारा 40 डिग्री सेल्सियस के पार जाने की संभावना जताई गई है। गुरुवार को नर्मदापुरम में इस सीजन में पहली बार तापमान 39 डिग्री सेल्सियस से अधिक दर्ज किया गया, जिससे गर्मी का असर साफ नजर आया।
    मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि आमतौर पर मार्च के दूसरे पखवाड़े में तेज गर्मी शुरू होती है, लेकिन इस बार मौसम का ट्रेंड बदल गया है। पिछले दस वर्षों में 15 मार्च के बाद तापमान में तेजी से बढ़ोतरी देखी गई है, जबकि इस बार महीने की शुरुआत में ही पारे में उछाल आ गया है। प्रदेश के ग्वालियर, चंबल और सागर संभाग के शहर फिलहाल सबसे ज्यादा गर्मी झेल रहे हैं। इन इलाकों में अधिकतम तापमान सामान्य से तीन से चार डिग्री सेल्सियस तक ज्यादा रिकॉर्ड किया जा रहा है।

    प्रदेश में फिलहाल किसी बड़े मौसमीय सिस्टम का प्रभाव नहीं दिखाई दे रहा है। हालांकि पूर्वी हिस्से से एक टर्फ लाइन गुजर रही है और साइक्लोनिक सर्कुलेशन भी सक्रिय है, लेकिन इसका मध्य प्रदेश के मौसम पर खास असर नहीं पड़ रहा। मौसम विभाग के मुताबिक आसमान साफ रहने के कारण सूरज की तेज किरणें सीधे जमीन तक पहुंच रही हैं, जिससे दिन में गर्मी का असर तेजी से बढ़ रहा है।

    गुरुवार को प्रदेश के पांच बड़े शहरों में से चार इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन और जबलपुर—में तापमान 35 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया, जबकि भोपाल में अधिकतम तापमान 34.6 डिग्री सेल्सियस रहा। नर्मदापुरम प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा, जहां पारा 39.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। इसके अलावा छतरपुर के खजुराहो में 36.8 डिग्री, धार में 36.6 डिग्री, दमोह, सागर और श्योपुर में 36.4 डिग्री, रतलाम में 36.2 डिग्री तथा गुना और टीकमगढ़ में 36 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। शाजापुर, मंडला और सतना में भी अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक रहा। वहीं रात के समय भी तापमान 18 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच गया है।

    मौसम विभाग के अनुसार आने वाले चार दिनों में प्रदेश के अधिकतम तापमान में करीब चार डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी हो सकती है। ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि मार्च के पहले पखवाड़े में ही कई जिलों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि इस बार अप्रैल और मई के दौरान प्रदेश में 15 से 20 दिनों तक लू चल सकती है। इन दो महीनों में ग्वालियर, चंबल, जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग के जिलों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार जाने की संभावना है, जबकि भोपाल, इंदौर, उज्जैन और नर्मदापुरम संभाग में भी तेज गर्मी का असर बना रहेगा।

  • एमपी में मार्च की शुरुआत से तपिश तेज, 35 से ज्यादा जिलों में पारा 33 डिग्री पार, होली पर रहेगी चटक धूप

    एमपी में मार्च की शुरुआत से तपिश तेज, 35 से ज्यादा जिलों में पारा 33 डिग्री पार, होली पर रहेगी चटक धूप


    भोपाल। मार्च की शुरुआत के साथ ही मध्य प्रदेश में गर्मी ने अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। खासतौर पर मालवा-निमाड़ क्षेत्र में तापमान तेजी से चढ़ रहा है। मंगलवार को प्रदेश के 35 से अधिक जिलों में अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस के पार दर्ज किया गया, जिससे साफ है कि इस बार गर्मी समय से पहले असर दिखा रही है। धार, नर्मदापुरम, खरगोन, खंडवा और रतलाम सबसे ज्यादा गर्म जिलों में शामिल रहे।
    मालवा-निमाड़ में सबसे ज्यादा असर
    मौसम विभाग के अनुसार धार में 35.9 डिग्री, नर्मदापुरम में 35.4 डिग्री, खरगोन में 35.2 डिग्री, खंडवा में 35.1 डिग्री और रतलाम में 35 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया। इसके अलावा भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन, जबलपुर, शाजापुर, गुना, टीकमगढ़, दमोह, सागर, सतना, मंडला, छतरपुर, सिवनी, उमरिया, सीधी, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा और रायसेन में भी पारा 33 डिग्री या उससे अधिक रहा।

    मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले चार दिनों में अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री तक की बढ़ोतरी हो सकती है। ऐसे में मार्च के पहले पखवाड़े में ही तापमान 40 डिग्री तक पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से हल्की बारिश के आसार भी बने हुए हैं।

    होली पर खिलेगी तेज धूप
    आज होली के दिन प्रदेशभर में मौसम साफ रहने की संभावना है। मौसम विभाग के मुताबिक बुधवार को कहीं भी बादल या बारिश के संकेत नहीं हैं। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और उज्जैन में तापमान 35 डिग्री के पार जा सकता है, जिससे त्योहार पर तेज धूप लोगों को गर्मी का अहसास कराएगी।

    रातें भी देने लगी गर्मी का अहसास
    दिन के साथ-साथ रात का तापमान भी बढ़ने लगा है। सोमवार-मंगलवार की दरम्यानी रात जबलपुर, सागर, सिवनी, टीकमगढ़, नरसिंहपुर, गुना, धार, नर्मदापुरम, खंडवा, खरगोन, रतलाम और श्योपुर में न्यूनतम तापमान 16 डिग्री या उससे अधिक दर्ज किया गया। इनमें धार में 18.5 डिग्री, नर्मदापुरम में 18.4 डिग्री और खंडवा में 18 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड हुआ।

    मार्च में राहत, अप्रैल-मई में चलेगी लू
    मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार मार्च में लू चलने की संभावना नहीं है, लेकिन अप्रैल और मई में 15 से 20 दिन तक हीट वेव का असर देखने को मिल सकता है। अभी मार्च के शुरुआती दिनों में ही तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है, जो आने वाले महीनों में और तीखी हो सकती है।

    6 मार्च से बदलेगा मौसम का मिजाज
    पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में सक्रिय हो रहा एक पश्चिमी विक्षोभ 6 मार्च से असर दिखाएगा। इसके प्रभाव से अगले दो से तीन दिनों में प्रदेश के कुछ हिस्सों में मौसम बदल सकता है और हल्की बारिश की संभावना बन सकती है।

    अप्रैल-मई में पड़ेगी सबसे ज्यादा गर्मी
    मौसम विभाग ने अनुमान जताया है कि इस वर्ष अप्रैल और मई सबसे अधिक गर्म रहेंगे। ग्वालियर, चंबल, जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग के जिलों में तापमान 45 डिग्री के पार पहुंच सकता है। वहीं भोपाल, इंदौर, उज्जैन और नर्मदापुरम संभाग भी भीषण गर्मी की चपेट में रहेंगे।