झांसी में गर्मी और बिजली कटौती से बिगड़ रही लोगों की नींद, बढ़े मानसिक तनाव के मरीज



झांसी । झांसी में भीषण गर्मी और लगातार हो रही बिजली कटौती लोगों के स्वास्थ्य और मानसिक स्थिति पर गहरा असर डाल रही है। रात के समय बिजली न आने और तेज गर्मी के कारण लोगों की नींद पूरी नहीं हो पा रही है, जिससे चिड़चिड़ापन, बेचैनी और तनाव जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं।

जिला अस्पताल की मनोचिकित्सक डॉ. शिकाफा जाफरीन के अनुसार ओपीडी में आने वाले मानसिक रोगियों में हर चौथा मरीज नींद की कमी से जुड़ी समस्याओं से परेशान है। काउंसलिंग के दौरान यह सामने आया है कि अधिकतर लोग या तो गर्मी के कारण सो नहीं पा रहे हैं या फिर रात में बिजली कटौती उनकी नींद बाधित कर रही है।

डॉक्टरों का कहना है कि पर्याप्त नींद न मिलने से मानसिक स्वास्थ्य पर सीधा असर पड़ता है। इससे मेनिया, पैनिक डिसऑर्डर और इनसोमनिया (अनिद्रा) जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं। मेनिया की स्थिति में व्यक्ति अत्यधिक उत्तेजित हो जाता है, बहुत अधिक या बहुत कम बोलता है, मूड स्विंग होता है और व्यवहार असामान्य हो जाता है।

वहीं पैनिक डिसऑर्डर के मरीजों में बार-बार घबराहट, दिल की धड़कन तेज होना और सांस फूलने जैसी समस्याएं देखी जा रही हैं।

इनसोमनिया के मरीज अधिक सोचने लगते हैं और छोटी-छोटी बातों पर चिड़चिड़ापन और गुस्सा दिखाने लगते हैं।

डॉक्टरों के अनुसार नींद की कमी का असर केवल मानसिक ही नहीं बल्कि शारीरिक स्वास्थ्य पर भी पड़ रहा है, जिससे लोगों की दिनचर्या प्रभावित हो रही है। लगातार नींद न पूरी होने से मरीजों में तनाव बढ़ता जा रहा है और कई लोग सामान्य बातचीत में भी आक्रामक व्यवहार करने लगे हैं।

फिलहाल विशेषज्ञों ने लोगों को सलाह दी है कि वे गर्मी से बचाव के उपाय अपनाएं, पर्याप्त पानी पिएं और जितना संभव हो नींद का नियमित समय बनाए रखें, ताकि मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को बेहतर रखा जा सके।