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  • जबलपुर समेत MP के 22 जिलों में आज भारी बारिश का अलर्ट, सतना में स्कूल-कॉलेज बंद

    जबलपुर समेत MP के 22 जिलों में आज भारी बारिश का अलर्ट, सतना में स्कूल-कॉलेज बंद


    भोपाल। मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्से में स्ट्रॉन्ग मानसूनी सिस्टम सक्रिय है। जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग के कई जिलों में इसका असर दिखाई दे रहा है। भारी बारिश से कई इलाकों में बाढ़ के हालात हैं। सतना में स्थिति सबसे ज्यादा खराब है। चित्रकूट में मंदाकिनी नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। मंगलवार को रामघाट की करीब 400 दुकानें और 20-25 होटल पानी में डूब गए। हालात को देखते हुए सतना में 2 और 3 सितंबर को सभी स्कूल, कॉलेज और आंगनवाड़ियां बंद रहेंगी।

    आज 22 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

    IMD (मौसम केंद्र) भोपाल के अनुसार, अगले 24 घंटे में सीधी, पन्ना, कटनी, उमरिया, डिंडौरी, मंडला और सिवनी में 4 इंच से ज्यादा बारिश हो सकती है। इन जिलों के लिए अति भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

    विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, सागर, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, जबलपुर, छतरपुर, सतना, रीवा, मऊगंज, सिंगरौली, शहडोल, अनूपपुर और बालाघाट में भारी बारिश की चेतावनी है। इसके अलावा भोपाल, सीहोर, राजगढ़, इंदौर, धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, पांढुर्णा, मैहर, दमोह, टीकमगढ़ और निवाड़ी में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश हो सकती है।

    बंगाल की खाड़ी का लो प्रेशर बना वजह

    मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा के मुताबिक, बंगाल की खाड़ी में लो प्रेशर एरिया सक्रिय है। दक्षिणी हिस्से से ट्रफ गुजर रही है, जबकि ऊपरी हिस्से में मानसून ट्रफ भी सक्रिय है। इन सिस्टम के प्रभाव से प्रदेश में लगातार बारिश हो रही है। अगले तीन दिनों में सिस्टम के और मजबूत होने की संभावना है।

    कल से भोपाल, ग्वालियर-उज्जैन में बढ़ेगा असर

    2 सितंबर: पूर्वी मध्य प्रदेश में तेज बारिश का दौर जारी रहेगा। भोपाल और नर्मदापुरम संभाग के कुछ जिलों में भी तेज बारिश हो सकती है।

    3 सितंबर: सिस्टम आगे बढ़ेगा और भोपाल, उज्जैन, ग्वालियर, सागर, नर्मदापुरम, रीवा और जबलपुर संभाग में इसका असर रहेगा।

    4 सितंबर: पश्चिमी हिस्से में सिस्टम का ज्यादा प्रभाव रहेगा। भोपाल, उज्जैन, नर्मदापुरम, ग्वालियर-चंबल और सागर संभाग में तेज बारिश होगी।

    5 सितंबर: इन संभागों में भारी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।

    डैमों में 70% से ज्यादा पानी

    लगातार बारिश से प्रदेश के अधिकांश डैमों में पानी की स्थिति सुधरी है। कई डैम 70% तक भर चुके हैं और कुछ के गेट भी खोले गए हैं। हालांकि इंदौर और उज्जैन संभाग के डैमों में अभी स्थिति बेहतर नहीं है।

    भोपाल के बड़े तालाब का जलस्तर 1666.50 फीट पहुंच गया है। अब यह सिर्फ 0.30 फीट खाली है। तालाब फुल होने के बाद भदभदा डैम के गेट खोले जाएंगे। यहां से छोड़ा गया पानी कलियासोत डैम में पहुंचेगा, जिससे उसका जलस्तर भी बढ़ेगा।

    अब तक 27.8 इंच बारिश, सामान्य से 11% कम

    IMD के मुताबिक, मध्य प्रदेश में अब तक 707.1 मिमी यानी 27.8 इंच बारिश हो चुकी है। सामान्य बारिश 31.2 इंच (791.7 मिमी) के मुकाबले यह करीब 3.1 इंच कम है। प्रदेश में अब तक कुल 11% कम बारिश हुई है। पूर्वी हिस्से में सामान्य से 5% और पश्चिमी हिस्से में 16% बारिश कम हुई है।

    40 जिलों में 2 से 55% तक कम बारिश

    पूर्वी हिस्से के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में सामान्य से करीब 5% तक कम बारिश हुई है। बालाघाट, छतरपुर, डिंडौरी, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, नरसिंहपुर, निवाड़ी, पांढुर्णा, पन्ना, रीवा, सागर, सिवनी और टीकमगढ़ समेत जिलों में 2% से 55% तक कम बारिश दर्ज की गई है।

    पश्चिमी हिस्से के आगर-मालवा, आलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, दतिया, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, मुरैना, मंदसौर, नर्मदापुरम, नीमच, बड़वानी, खंडवा, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, श्योपुर, शिवपुरी, उज्जैन और विदिशा में सामान्य से 1% से 53% तक कम बारिश हुई है।

    15 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश

    अनूपपुर, निवाड़ी, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, उमरिया, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, गुना, ग्वालियर, खरगोन, राजगढ़ और शिवपुरी में सामान्य से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है।

  • एमपी में अगले 4 दिन तेज बारिश के आसार, सतना-रीवा समेत 17 जिलों में आज भारी बारिश का अलर्ट

    एमपी में अगले 4 दिन तेज बारिश के आसार, सतना-रीवा समेत 17 जिलों में आज भारी बारिश का अलर्ट


    भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय है। बंगाल की खाड़ी में बने लो प्रेशर एरिया और ट्रफ के असर से अगले चार दिन प्रदेश के कई हिस्सों में भारी से अति भारी बारिश होने का अनुमान है। मंगलवार को उमरिया और बालाघाट में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है, जबकि सतना, रीवा, पन्ना समेत 15 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। लगातार बारिश को देखते हुए मैहर में मंगलवार को भी सभी शैक्षणिक संस्थानों में छुट्टी रहेगी।

    4 सितंबर तक कई संभागों में बारिश

    IMD (मौसम केंद्र) भोपाल के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में लो प्रेशर एरिया और ट्रफ के कारण 4 सितंबर तक जबलपुर, रीवा, शहडोल, सागर, भोपाल, नर्मदापुरम, उज्जैन और ग्वालियर-चंबल संभाग में बारिश का दौर जारी रहेगा। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक 1 और 2 सितंबर को पूर्वी मध्य प्रदेश में तेज बारिश होगी। 3 सितंबर को भोपाल और ग्वालियर संभाग में भारी बारिश की संभावना है, जबकि 4 सितंबर को सिस्टम पश्चिम की ओर बढ़ते हुए उज्जैन, भोपाल, नर्मदापुरम, ग्वालियर और चंबल संभाग को प्रभावित करेगा।

    आज 17 जिलों में अलर्ट

    मंगलवार को उमरिया और बालाघाट में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, कटनी, मैहर, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, जबलपुर, मंडला, सिवनी और छिंदवाड़ा में भारी बारिश हो सकती है।

    इसके अलावा भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, सागर, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश होने का अनुमान है।

    मैहर में आज भी स्कूल बंद

    मैहर में लगातार भारी बारिश और नदी-नालों के उफान को देखते हुए कलेक्टर बिदिशा मुखर्जी ने 1 सितंबर को सभी शैक्षणिक संस्थानों में अवकाश घोषित किया है। कलेक्टर के निर्देश पर जिला शिक्षा अधिकारी ने सोमवार देर रात आदेश जारी किया।

    डैमों में 70% से ज्यादा पानी

    लगातार बारिश से प्रदेश के ज्यादातर डैमों में जलस्तर तेजी से बढ़ा है। अधिकांश बांधों में 70% तक पानी पहुंच चुका है और कुछ के गेट भी खोले गए हैं। हालांकि इंदौर और उज्जैन संभाग के डैमों की स्थिति अभी अपेक्षाकृत कमजोर है।

    भोपाल के बड़े तालाब का जलस्तर 1666.50 फीट तक पहुंच गया है। अब यह फुल टैंक लेवल से सिर्फ 0.30 फीट खाली है। बड़ा तालाब भरने के बाद भदभदा डैम के गेट खोले जाएंगे। इससे कलियासोत डैम का जलस्तर भी बढ़ेगा।

    अब तक 27.7 इंच बारिश

    मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में अब तक 702.9 मिमी यानी 27.7 इंच बारिश हो चुकी है। सामान्य तौर पर इस अवधि में 782.6 मिमी यानी 30.8 इंच बारिश होनी चाहिए थी। इस तरह प्रदेश में अभी 3.1 इंच बारिश कम हुई है। ओवरऑल बारिश सामान्य से 10% कम है। पूर्वी हिस्से में 5% और पश्चिमी हिस्से में 15% कम बारिश दर्ज की गई है।

    39 जिलों में 2 से 57% तक कम बारिश

    पूर्वी मध्य प्रदेश के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में कुल मिलाकर 5% तक कम बारिश हुई है। बालाघाट, छतरपुर, डिंडौरी, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, नरसिंहपुर, निवाड़ी, पांढुर्णा, पन्ना, रीवा, सागर, सिवनी और टीकमगढ़ समेत जिलों में 4% से 53% तक कम बारिश दर्ज की गई है।

    पश्चिमी हिस्से के आगर-मालवा, आलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, दतिया, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, मुरैना, मंदसौर, नर्मदापुरम, नीमच, बड़वानी, खंडवा, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, श्योपुर, शिवपुरी, उज्जैन और विदिशा में सामान्य से 4% से 53% तक कम बारिश हुई है।

    16 जिलों में सामान्य से ज्यादा पानी

    IMD के मुताबिक अनूपपुर, निवाड़ी, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, उमरिया, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, दतिया, गुना, ग्वालियर, खरगोन, राजगढ़ और शिवपुरी में अब तक सामान्य से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है।

  • MP में आज 14 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, चंबल-जबलपुर और नर्मदापुरम संभाग में चेतावनी

    MP में आज 14 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, चंबल-जबलपुर और नर्मदापुरम संभाग में चेतावनी


    भोपाल। मध्य प्रदेश में बारिश का दौर अभी थमा नहीं है। पूर्वी हिस्से में लो प्रेशर एरिया और मानसून ट्रफ के एक्टिव होने से कई जिलों में तेज बारिश हो रही है। शनिवार को बालाघाट, छतरपुर, नरसिंहपुर, सतना, सीधी और पन्ना समेत कई जिलों में नदी-नाले उफान पर रहे। मौसम विभाग ने रविवार को 14 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। जबलपुर, चंबल और नर्मदापुरम संभाग में बारिश का असर ज्यादा रहने की संभावना है, जबकि भोपाल में हल्की बारिश हो सकती है।

    14 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

    मौसम केंद्र भोपाल के मुताबिक अगले 24 घंटे में श्योपुर, मुरैना, भिंड, शिवपुरी, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, डिंडौरी और सीधी में भारी बारिश होने की संभावना है।

    वहीं भोपाल, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, अलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, हरदा, ग्वालियर, गुना, दतिया, अशोकनगर, जबलपुर, कटनी, मंडला, रीवा, सतना, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश हो सकती है।

    सीधी में 104 करोड़ की सड़क का हिस्सा बहा

    लगातार बारिश के बीच सीधी में करीब छह महीने पहले बनी 104 करोड़ रुपए की सड़क का बड़ा हिस्सा तेज बहाव में बह गया। सड़क के क्षतिग्रस्त होने से आवागमन प्रभावित हुआ है।

    पन्ना में उफनती नदी में एक डंपर बह गया। धरमपुर थाना क्षेत्र में कालिंजर से अजयगढ़ जा रहा डंपर शहपुरा नदी के तेज बहाव की चपेट में आया। चालक सनी उर्फ रोहित सिंह ने किसी तरह तैरकर अपनी जान बचाई।

    सतना में बाइक समेत तीन लोग नाले में बहे

    सतना के नागौद क्षेत्र में ललचहा-इटमा नाले में शुक्रवार देर रात तेज बहाव के दौरान बाइक समेत तीन लोग बह गए। बालेंद्र सिंह और दीपू पांडेय तैरकर सुरक्षित बाहर निकल आए, जबकि तीसरा व्यक्ति पानी के तेज बहाव में बह गया। उसकी तलाश की जा रही है।

    छतरपुर में नदी पार कर स्कूल जाते हैं बच्चे

    छतरपुर के महाराजपुर क्षेत्र के हरपई पुरवा में कुम्हेड़ नदी का जलस्तर बढ़ने से करीब 250 से 300 लोगों की परेशानी बढ़ गई है। पुल नहीं होने के कारण ग्रामीणों का महाराजपुर से संपर्क प्रभावित हो जाता है। कई बार अभिभावकों को बच्चों को कंधे पर बैठाकर नदी पार करानी पड़ती है। बीमार, बुजुर्ग और गर्भवती महिलाओं को भी इसी रास्ते से गुजरना पड़ता है।

    नर्मदा का जलस्तर बढ़ा, पुल डूबे

    नरसिंहपुर में लगातार बारिश और बरगी बांध के गेट खुले होने से नर्मदा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। बरमान के रेतघाट पर बना पुल पूरी तरह पानी में डूब गया है। वहीं नरसिंहपुर-जबलपुर को जोड़ने वाला झांसीघाट पुल भी जलमग्न होने की स्थिति में पहुंच गया है।

    26 अगस्त तक बारिश का दौर

    मौसम विशेषज्ञों के अनुसार 21 और 22 अगस्त को पूर्वी मध्य प्रदेश में बारिश का सबसे ज्यादा असर रहा। अब 23 से 26 अगस्त तक भी प्रदेश में बारिश जारी रहने के आसार हैं। इस दौरान पश्चिमी मध्य प्रदेश में भी तेज बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं।

    40 जिलों में सामान्य से कम बारिश

    प्रदेश के पूर्वी हिस्से के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में अब तक 19% तक कम बारिश हुई है। बालाघाट, छतरपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, कटनी, मैहर, डिंडौरी, मंडला, मऊगंज, नरसिंहपुर, निवाड़ी, पांढुर्णा, पन्ना, रीवा, सागर, सिवनी और टीकमगढ़ में सामान्य से 1% से 51% तक कम पानी गिरा है।

    पश्चिमी हिस्से के आगर-मालवा, अलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, दतिया, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, मुरैना, मंदसौर, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, श्योपुर, शिवपुरी, उज्जैन और विदिशा में सामान्य से 2% से 47% तक कम बारिश दर्ज हुई है।

    15 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश

    IMD के आंकड़ों के मुताबिक अनूपपुर, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, उमरिया, बड़वानी, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, गुना, ग्वालियर, खंडवा, खरगोन और राजगढ़ में अब तक सामान्य से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है।

  • MP में नर्मदा-मंदाकिनी खतरे के निशान के पार, कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात, आज भारी बारिश का अलर्ट

    MP में नर्मदा-मंदाकिनी खतरे के निशान के पार, कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात, आज भारी बारिश का अलर्ट


    भोपाल। मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्से में सक्रिय स्ट्रॉन्ग सिस्टम के कारण डिंडौरी, पन्ना, रीवा, सतना, छतरपुर समेत कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। नर्मदा और मंदाकिनी समेत कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। मैहर में आज सभी स्कूलों में छुट्टी घोषित की गई है, जबकि डिंडौरी में आंगनवाड़ी केंद्र बंद रहेंगे।

    16 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

    मौसम विभाग ने निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर समेत 16 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में अगले 24 घंटे में 4 से 8 इंच तक बारिश होने का अनुमान है। इसके अलावा ग्वालियर, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, सागर, दमोह, पन्ना, सीधी और सिवनी में भी भारी बारिश की चेतावनी है। भोपाल समेत कई जिलों में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है।

    मऊगंज में नदी उफनी, एक मजदूर बहा

    मऊगंज में अष्टभुजा नदी के उफान पर आने से नईगढ़ी गांव में बाढ़ की स्थिति बन गई। अमृत योजना के निर्माण कार्य में लगे चार मजदूर फंस गए, जिनमें से एक तेज बहाव में बह गया। बताया गया कि वह करीब दो घंटे तक मदद के लिए गुहार लगाता रहा।

    उमरिया में भी एक बुजुर्ग के बाढ़ में बहने की खबर है। डिंडौरी में भारी बारिश के कारण आंगनवाड़ी से लेकर 12वीं तक के स्कूल बंद रहे। खरमेर नदी का पानी पुल के ऊपर आने से डिंडौरी-मंडला स्टेट हाईवे पर आवागमन बंद हो गया।

    चित्रकूट में बाजार तक पहुंचा मंदाकिनी का पानी

    चित्रकूट में मंदाकिनी नदी का पानी बाजार तक पहुंच गया। सड़कों पर पानी भरने के कारण नाव चलानी पड़ी। गुप्त गोदावरी की दोनों गुफाओं को पर्यटकों के लिए बंद कर दिया गया है। रीवा के निराला नगर हॉस्टल समेत नौ इलाकों में जलभराव से घरों और दुकानों में रखा सामान प्रभावित हुआ है।

    MP में अब तक 23.6 इंच बारिश

    मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक के मुताबिक, मानसून ट्रफ समेत अन्य सिस्टम सक्रिय होने से पूर्वी मध्य प्रदेश में भारी बारिश हो रही है। 20 से 24 अगस्त के बीच बारिश का असर धीरे-धीरे मध्य और पश्चिमी हिस्सों की ओर बढ़ने के संकेत हैं।

    मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में अब तक 599 मिमी यानी 23.6 इंच बारिश हो चुकी है। सामान्य बारिश 675.1 मिमी यानी 26.6 इंच के मुकाबले यह करीब 3 इंच कम है। प्रदेश में अब तक 11% कम बारिश हुई है। पूर्वी हिस्से में 11% और पश्चिमी हिस्से में 12% बारिश सामान्य से कम है।

    39 जिलों में अब भी बारिश का घाटा

    प्रदेश के कई जिलों में सामान्य से 4% से 58% तक कम बारिश दर्ज की गई है। पूर्वी हिस्से के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में बारिश का घाटा 19% तक है। वहीं पश्चिमी मध्य प्रदेश के कई जिलों में भी सामान्य से 5% से 39% तक कम बारिश हुई है।

    इसके उलट अनूपपुर, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, उमरिया, बड़वानी, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, देवास, गुना, ग्वालियर, खंडवा, खरगोन और राजगढ़ में सामान्य से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है।

  • MP के 18 जिलों में हैवी रेन का अलर्ट, जबलपुर-रीवा-शहडोल संभाग में स्ट्रॉन्ग सिस्टम, अगले 3 दिन भारी बारिश

    MP के 18 जिलों में हैवी रेन का अलर्ट, जबलपुर-रीवा-शहडोल संभाग में स्ट्रॉन्ग सिस्टम, अगले 3 दिन भारी बारिश


    भोपाल। लो प्रेशर एरिया और मानसून टर्फ के असर से मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्से में बारिश का स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव है। इसके चलते जबलपुर, रीवा और शहडोल संभाग में अगले 3 दिन भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। रविवार को जबलपुर, सागर, नरसिंहपुर, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, कटनी, पन्ना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, रायसेन और नर्मदापुरम में तेज बारिश होगी। मौसम केंद्र के अनुसार, अगले 24 घंटे में इन जिलों में 4 इंच या इससे ज्यादा बारिश हो सकती है।

    भोपाल, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, अलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सतना, मैहर, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश जारी रहने का अनुमान है।

    भोपाल-ग्वालियर-चंबल में भी असर
    मौसम विभाग के मुताबिक, सिस्टम का असर भोपाल, ग्वालियर और चंबल संभाग में भी रहेगा। 16, 17 और 18 अगस्त को इन संभागों के कुछ जिलों में तेज बारिश का अलर्ट है।

    प्रदेश में अब तक 21.4 इंच बारिश
    मौसम केंद्र के अनुसार, मध्य प्रदेश में अब तक 544.4 मिमी यानी 21.4 इंच बारिश हो चुकी है। यह सामान्य बारिश 24.4 इंच (618.8 मिमी) से करीब 3 इंच कम है। प्रदेश में अब तक 12% कम बारिश हुई है। पूर्वी हिस्से में सामान्य से 18% और पश्चिमी हिस्से में 6% कम बारिश दर्ज की गई है।

    43 जिलों में 2% से 54% तक कम बारिश
    पूर्वी हिस्से के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में बारिश 19% तक कम हुई है। बालाघाट, छतरपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, डिंडौरी, जबलपुर, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, नरसिंहपुर, निवाड़ी, पांढुर्णा, पन्ना, रीवा, सागर, सतना, सिवनी, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़ और उमरिया में सामान्य से 2% से 54% तक कम बारिश हुई है।

    पश्चिमी हिस्से के आगर-मालवा, अलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, दतिया, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, मुरैना, मंदसौर, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, रतलाम, शाजापुर, श्योपुर, शिवपुरी, उज्जैन और विदिशा में सामान्य से 1% से 48% तक कम बारिश हुई है।

    इन 12 जिलों में औसत से ज्यादा बारिश
    भोपाल, गुना, सीहोर, राजगढ़, ग्वालियर, अनूपपुर, भिंड, बुरहानपुर, देवास, बड़वानी, खंडवा और खरगोन में ही अब तक सामान्य से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है।

  • एमपी में फिर सक्रिय हुआ मानसून, 6 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, अगले 4 दिन गिरेगा तेज पानी

    एमपी में फिर सक्रिय हुआ मानसून, 6 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, अगले 4 दिन गिरेगा तेज पानी


    भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। सक्रिय मौसम प्रणालियों के प्रभाव से प्रदेश में तेज बारिश का सिलसिला शुरू हो गया है। रविवार को पूर्वी जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई, जबकि मौसम विभाग ने सोमवार के लिए छह जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। अगले चार दिनों तक कई इलाकों में तेज से अति भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है।

    आईएमडी भोपाल के अनुसार, अगले 24 घंटों के दौरान उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला और बालाघाट में भारी वर्षा हो सकती है। इसके अलावा भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में कहीं हल्की तो कहीं तेज बारिश का दौर जारी रहने के आसार हैं।

    कई मौसम प्रणालियां एक साथ सक्रिय
    मौसम विभाग के मुताबिक, प्रदेश से मानसून ट्रफ गुजर रही है। इसके साथ ही एक लो प्रेशर एरिया (निम्न दाब क्षेत्र) और डिप्रेशन भी सक्रिय है। आने वाले दिनों में वेस्टर्न डिस्टरबेंस के प्रभाव से मौसम और अधिक सक्रिय होगा। इसी वजह से 27 से 30 जुलाई के बीच कई जिलों में भारी से अति भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

    अब तक सामान्य से 15% कम बारिश
    मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश में अब तक औसतन 13.2 इंच (334.9 मिमी) वर्षा दर्ज की गई है, जबकि इस अवधि तक 15.5 इंच (395.2 मिमी) बारिश होनी चाहिए थी। यानी प्रदेश में अब भी करीब 15 प्रतिशत वर्षा की कमी बनी हुई है। पूर्वी मध्य प्रदेश में 18 प्रतिशत और पश्चिमी हिस्से में 13 प्रतिशत कम बारिश रिकॉर्ड की गई है। फिलहाल 14 जिलों में सामान्य से अधिक जबकि 41 जिलों में सामान्य से कम वर्षा दर्ज हुई है। पूर्वी क्षेत्र में निवाड़ी ऐसा एकमात्र जिला है, जहां औसत से अधिक बारिश हुई है।

  • एमपी में बदला मौसम का मिजाज, छतरपुर-पन्ना में भारी बारिश का अलर्ट, 34 जिलों में हल्की बारिश के आसार

    एमपी में बदला मौसम का मिजाज, छतरपुर-पन्ना में भारी बारिश का अलर्ट, 34 जिलों में हल्की बारिश के आसार


    भोपाल। मध्य प्रदेश में रविवार को भी मौसम का मिजाज बदला रहेगा। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे के लिए छतरपुर और पन्ना जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। वहीं, जबलपुर, ग्वालियर सहित 34 जिलों में हल्की बारिश या बूंदाबांदी होने की संभावना जताई गई है। दूसरी ओर, भोपाल, इंदौर और उज्जैन समेत कई जिलों में मौसम साफ रहने का अनुमान है।

    मौसम विभाग के मुताबिक, प्रदेश के आसपास सक्रिय चार साइक्लोनिक सर्कुलेशन (चक्रवाती परिसंचरण) और एक टर्फ के प्रभाव से प्रदेश में बारिश की गतिविधियां बनी हुई हैं। इसी सिस्टम के कारण शनिवार को भोपाल, नर्मदापुरम सहित कई जिलों में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश दर्ज की गई। रविवार को भी इसी तरह का मौसम बने रहने की संभावना है।

    विभाग के अनुसार, छतरपुर और पन्ना में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। वहीं रायसेन, विदिशा, नर्मदापुरम, बैतूल, ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, दमोह, टीकमगढ़ और निवाड़ी में बूंदाबांदी या हल्की बारिश हो सकती है।

    इसके विपरीत भोपाल, राजगढ़, सीहोर, हरदा, इंदौर, झाबुआ, अलीराजपुर, धार, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, उज्जैन, नीमच, मंदसौर, रतलाम, आगर-मालवा, शाजापुर और देवास में मौसम सामान्य और साफ रहने का पूर्वानुमान है।

    जुलाई में सामान्य से 15 फीसदी कम बारिश
    प्रदेश में पिछले नौ दिनों के दौरान किसी भी जिले में भारी या अति भारी बारिश दर्ज नहीं की गई है। इसका असर मानसूनी आंकड़ों पर भी दिखाई दे रहा है। शनिवार तक मध्य प्रदेश में सामान्य से 15 प्रतिशत कम बारिश रिकॉर्ड की गई है।

    अब तक प्रदेश में 247 मिमी वर्षा दर्ज की गई है, जबकि इस अवधि में सामान्य औसत 291 मिमी बारिश होती है। पूर्वी मध्य प्रदेश में सामान्य से 26 प्रतिशत कम और पश्चिमी हिस्से में 5 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है।

    बारिश के आंकड़ों पर नजर डालें तो देवास प्रदेश का सबसे अधिक वर्षा वाला जिला बना हुआ है, जहां सामान्य से 102 प्रतिशत अधिक बारिश हो चुकी है। यहां अब तक करीब 18 इंच वर्षा दर्ज की गई है। इसके अलावा हरदा में 15 इंच, इंदौर और सीहोर में करीब 14 इंच, जबकि भोपाल में अब तक 13.1 इंच बारिश रिकॉर्ड की गई है।

  • एमपी में मानसूनी गतिविधियां जारी, आज ग्वालियर-चंबल समेत कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी

    एमपी में मानसूनी गतिविधियां जारी, आज ग्वालियर-चंबल समेत कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी


    भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून पूरी तरह सक्रिय है और प्रदेशभर में लगातार बारिश का दौर जारी है। कहीं तेज तो कहीं रुक-रुककर हो रही वर्षा के कारण कई जिलों में जनजीवन प्रभावित हुआ है। बुधवार को 20 से अधिक जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई, जिससे कई सड़कें और संपर्क मार्ग बाधित हो गए।

    मौसम विभाग ने गुरुवार के लिए भिंड जिले में अति भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है। वहीं मुरैना, ग्वालियर, दतिया, शिवपुरी, निवाड़ी, टीकमगढ़, राजगढ़, आगर-मालवा और रतलाम में भारी बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है।

    इसके अलावा नीमच, उज्जैन, शाजापुर, श्योपुर, गुना, अशोकनगर, विदिशा, सागर, दमोह, छतरपुर और पन्ना जिलों में भी भारी वर्षा होने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 घंटे में प्रदेश के उत्तरी हिस्से में तेज बारिश का असर सबसे अधिक देखने को मिल सकता है।

    भोपाल-इंदौर समेत कई जिलों में बारिश के आसार
    गुरुवार को भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, इंदौर, झाबुआ, आलीराजपुर, धार, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, देवास, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया और अनूपपुर में भी बारिश होने का अनुमान है।

    कई जिलों में उफान पर रहे नदी-नाले
    बुधवार को लगातार हुई बारिश के चलते प्रदेश के कई हिस्सों में नदी-नाले उफान पर रहे। सेंधवा के ग्रामीण इलाकों में जलभराव और तेज बहाव के कारण जनजीवन प्रभावित हुआ।

    मौसम विभाग के अनुसार दमोह में पौने दो इंच, नर्मदापुरम में 1.1 इंच तथा खजुराहो और टीकमगढ़ में पौन इंच बारिश दर्ज की गई। जबलपुर, खरगोन और बैतूल में करीब आधा इंच वर्षा रिकॉर्ड हुई। इसके अलावा दतिया, धार, ग्वालियर, खंडवा, रतलाम, श्योपुर, उज्जैन, छिंदवाड़ा, मंडला, नरसिंहपुर, नौगांव, सागर, सतना, सिवनी, बालाघाट, मंदसौर, शाजापुर, पन्ना, बड़वानी, देवास और सीहोर में भी अच्छी बारिश हुई।

    तापमान में आई गिरावट
    लगातार बारिश के कारण प्रदेशभर में अधिकतम तापमान में कमी दर्ज की गई। पांच प्रमुख शहरों में इंदौर का अधिकतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस, जबलपुर 28.5 डिग्री, उज्जैन 29.2 डिग्री, ग्वालियर 29.7 डिग्री और भोपाल 30.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। प्रदेश में सबसे अधिक तापमान सीधी में 33.6 डिग्री सेल्सियस और सबसे कम छिंदवाड़ा में 25.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ।

    सामान्य से 10 प्रतिशत अधिक हुई बारिश
    इस बार जून महीने में प्रदेश में आंधी और बारिश का दौर जारी रहने के बावजूद सामान्य से लगभग 30 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई थी। हालांकि जुलाई के शुरुआती आठ दिनों में हुई तेज बारिश ने यह कमी पूरी कर दी है।

    अब तक मध्य प्रदेश में कुल 223.7 मिमी (करीब 9 इंच) बारिश दर्ज की जा चुकी है, जो सामान्य 202.5 मिमी (8.1 इंच) वर्षा से 10 प्रतिशत अधिक है। प्रदेश के पूर्वी हिस्से में अब भी सामान्य से 10 प्रतिशत कम बारिश हुई है, जबकि पश्चिमी क्षेत्र में औसत से 30 प्रतिशत अधिक वर्षा रिकॉर्ड की गई है।

  • MP में जुलाई में मानसून मेहरबान, आज 23 जिलों में आज भारी से अति भारी बारिश का अलर्ट

    MP में जुलाई में मानसून मेहरबान, आज 23 जिलों में आज भारी से अति भारी बारिश का अलर्ट


    भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून पूरी रफ्तार में है। जुलाई की शुरुआत से ही प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में लगातार बारिश हो रही है। अब तक राज्य में औसतन 163.1 मिमी (6.4 इंच) वर्षा रिकॉर्ड की जा चुकी है। रविवार को 20 से अधिक जिलों में अच्छी बारिश हुई, जबकि सोमवार के लिए मौसम विभाग ने 23 जिलों में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।

    मौसम केंद्र, भोपाल के अनुसार सोमवार को सागर, दमोह, बैतूल, देवास, आलीराजपुर, उमरिया, सिवनी, छिंदवाड़ा और अनूपपुर जिलों में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं रतलाम, उज्जैन, धार, शाजापुर, सीहोर, विदिशा, गुना, नर्मदापुरम, नरसिंहपुर, जबलपुर, मंडला, बालाघाट, डिंडौरी और पन्ना में भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है।

    इसके अलावा ग्वालियर, भिंड, मुरैना, दतिया, शिवपुरी, निवाड़ी, टीकमगढ़, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, शहडोल, अशोकनगर, नीमच, मंदसौर, झाबुआ, बड़वानी, खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर, हरदा, आगर-मालवा, राजगढ़ और भोपाल में कहीं हल्की तो कहीं तेज बारिश का दौर जारी रह सकता है।

    रविवार को भी कई जिलों में जमकर बरसे बादल
    रविवार को प्रदेश के 25 से ज्यादा जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। सीहोर में दिन के समय घने बादलों के कारण अंधेरा छा गया, जबकि मंदसौर में इस मानसून सीजन में अब तक 6.04 इंच बारिश रिकॉर्ड की गई। शाजापुर में सर्वाधिक 28 मिमी वर्षा हुई, जिससे कालीसिंध नदी उफान पर पहुंच गई।

    मौसम विभाग के मुताबिक, छिंदवाड़ा में ढाई इंच से अधिक बारिश हुई। सिवनी, उज्जैन और श्योपुर में करीब पौन इंच, जबकि टीकमगढ़ और ग्वालियर में लगभग आधा इंच बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा दतिया, गुना, इंदौर, राजगढ़, जबलपुर, मंडला, नरसिंहपुर, रीवा, सागर, सीधी, बालाघाट, शाजापुर, भिंड, विदिशा, सीहोर, मंदसौर और पांढुर्णा में भी बारिश और आंधी का असर देखने को मिला।

    तापमान में आई गिरावट
    लगातार हो रही बारिश के चलते प्रदेशभर में तापमान में भी कमी दर्ज की गई। इंदौर का अधिकतम तापमान 30.9 डिग्री सेल्सियस, भोपाल 32.2 डिग्री, उज्जैन 32.7 डिग्री, जबलपुर 34 डिग्री और ग्वालियर 37.7 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। खजुराहो सबसे गर्म रहा, जहां अधिकतम तापमान 39 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, जबकि बैतूल में सबसे कम 27 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया।

    सामान्य से 6 प्रतिशत कम बारिश
    इस वर्ष जून महीने से ही प्रदेश में आंधी और बारिश का सिलसिला जारी है। 5 जुलाई तक मध्य प्रदेश में कुल 163.1 मिमी यानी 6.4 इंच वर्षा दर्ज की गई है। हालांकि यह सामान्य औसत 172.8 मिमी (6.8 इंच) की तुलना में लगभग 6 प्रतिशत कम है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार प्रदेश के पूर्वी हिस्से में सामान्य से 29 प्रतिशत कम बारिश हुई है, जबकि पश्चिमी मध्य प्रदेश में औसत से 17 प्रतिशत अधिक वर्षा रिकॉर्ड की गई है।

  • एमपी में मानसून सक्रिय, 19 जिलों में आज भारी बारिश का अलर्ट, बड़वानी-खंडवा में रेड वार्निंग

    एमपी में मानसून सक्रिय, 19 जिलों में आज भारी बारिश का अलर्ट, बड़वानी-खंडवा में रेड वार्निंग


    भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून पूरी तरह सक्रिय है और शनिवार को प्रदेश के कई हिस्सों में भारी से अति भारी बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने इंदौर और उज्जैन सहित 19 जिलों के लिए अलर्ट जारी किया है। बड़वानी और खंडवा में अति भारी बारिश का रेड अलर्ट घोषित किया गया है, जहां अगले 24 घंटे में करीब 8 इंच तक बारिश होने का अनुमान है।

    भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, रतलाम, उज्जैन, झाबुआ, धार, अलीराजपुर, खरगोन, बुरहानपुर, छिंदवाड़ा और बालाघाट जिलों में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं इंदौर, देवास, सीहोर, हरदा, नर्मदापुरम, बैतूल, नरसिंहपुर और पांढुर्णा में भारी बारिश होने की संभावना है।

    इसके अलावा नीमच, मंदसौर, आगर-मालवा, राजगढ़, शाजापुर, विदिशा, भोपाल, रायसेन, सागर, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, ग्वालियर, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, दमोह, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, कटनी, उमरिया, शहडोल, जबलपुर, सिवनी, मंडला, डिंडौरी और अनूपपुर जिलों में तेज बारिश के साथ आंधी चलने की संभावना बनी हुई है। मौसम विभाग का अनुमान है कि प्रदेश के लगभग सभी जिलों में बारिश का दौर जारी रहेगा।

    बीते 24 घंटे में कई जिलों में झमाझम बारिश
    मानसून की सक्रियता के चलते पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के 25 से अधिक जिलों में बारिश और तेज हवाओं का असर देखने को मिला। मौसम विभाग के अनुसार, इंदौर में सबसे अधिक करीब सवा दो इंच बारिश दर्ज की गई। मंडला में लगभग पौने दो इंच, भोपाल में डेढ़ इंच तथा बालाघाट में सवा इंच वर्षा हुई।

    इसके अलावा बैतूल, नर्मदापुरम, दतिया, रतलाम और शिवपुरी में पौन इंच, जबकि दमोह, धार और पचमढ़ी में करीब आधा इंच बारिश रिकॉर्ड की गई। छिंदवाड़ा, जबलपुर, खजुराहो, नरसिंहपुर, नौगांव, सागर, सतना, सिवनी, टीकमगढ़, उमरिया, गुना, ग्वालियर और रायसेन में भी अच्छी बारिश हुई।

    बारिश से तापमान में आई गिरावट
    लगातार हो रही बारिश के कारण प्रदेशभर में दिन के तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। भोपाल में शुक्रवार को अधिकतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि इंदौर में 30 डिग्री, ग्वालियर में 33.6 डिग्री, उज्जैन में 32 डिग्री और जबलपुर में 28.3 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। सबसे कम अधिकतम तापमान मलाजखंड में 25.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। नरसिंहपुर, सागर, दमोह, रायसेन, मंडला, छिंदवाड़ा, गुना, धार और बैतूल में भी अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस से नीचे रहा।

    कई इलाकों में जनजीवन प्रभावित
    शुक्रवार को भोपाल में सुबह से रुक-रुककर बारिश होती रही। वहीं उज्जैन और आसपास के क्षेत्रों में रातभर हुई तेज बारिश से शिप्रा नदी का जलस्तर बढ़ गया, जिससे घाटों पर स्थित कई मंदिर पानी में डूब गए। ग्वालियर में भी सुबह तेज बारिश दर्ज की गई। उधर, रतलाम जिले के शिवपुर गांव में खेतों में पानी भर जाने से किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ा।