MP में नर्मदा-मंदाकिनी खतरे के निशान के पार, कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात, आज भारी बारिश का अलर्ट


भोपाल। मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्से में सक्रिय स्ट्रॉन्ग सिस्टम के कारण डिंडौरी, पन्ना, रीवा, सतना, छतरपुर समेत कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। नर्मदा और मंदाकिनी समेत कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। मैहर में आज सभी स्कूलों में छुट्टी घोषित की गई है, जबकि डिंडौरी में आंगनवाड़ी केंद्र बंद रहेंगे।

16 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग ने निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर समेत 16 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में अगले 24 घंटे में 4 से 8 इंच तक बारिश होने का अनुमान है। इसके अलावा ग्वालियर, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, सागर, दमोह, पन्ना, सीधी और सिवनी में भी भारी बारिश की चेतावनी है। भोपाल समेत कई जिलों में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है।

मऊगंज में नदी उफनी, एक मजदूर बहा

मऊगंज में अष्टभुजा नदी के उफान पर आने से नईगढ़ी गांव में बाढ़ की स्थिति बन गई। अमृत योजना के निर्माण कार्य में लगे चार मजदूर फंस गए, जिनमें से एक तेज बहाव में बह गया। बताया गया कि वह करीब दो घंटे तक मदद के लिए गुहार लगाता रहा।

उमरिया में भी एक बुजुर्ग के बाढ़ में बहने की खबर है। डिंडौरी में भारी बारिश के कारण आंगनवाड़ी से लेकर 12वीं तक के स्कूल बंद रहे। खरमेर नदी का पानी पुल के ऊपर आने से डिंडौरी-मंडला स्टेट हाईवे पर आवागमन बंद हो गया।

चित्रकूट में बाजार तक पहुंचा मंदाकिनी का पानी

चित्रकूट में मंदाकिनी नदी का पानी बाजार तक पहुंच गया। सड़कों पर पानी भरने के कारण नाव चलानी पड़ी। गुप्त गोदावरी की दोनों गुफाओं को पर्यटकों के लिए बंद कर दिया गया है। रीवा के निराला नगर हॉस्टल समेत नौ इलाकों में जलभराव से घरों और दुकानों में रखा सामान प्रभावित हुआ है।

MP में अब तक 23.6 इंच बारिश

मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक के मुताबिक, मानसून ट्रफ समेत अन्य सिस्टम सक्रिय होने से पूर्वी मध्य प्रदेश में भारी बारिश हो रही है। 20 से 24 अगस्त के बीच बारिश का असर धीरे-धीरे मध्य और पश्चिमी हिस्सों की ओर बढ़ने के संकेत हैं।

मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में अब तक 599 मिमी यानी 23.6 इंच बारिश हो चुकी है। सामान्य बारिश 675.1 मिमी यानी 26.6 इंच के मुकाबले यह करीब 3 इंच कम है। प्रदेश में अब तक 11% कम बारिश हुई है। पूर्वी हिस्से में 11% और पश्चिमी हिस्से में 12% बारिश सामान्य से कम है।

39 जिलों में अब भी बारिश का घाटा

प्रदेश के कई जिलों में सामान्य से 4% से 58% तक कम बारिश दर्ज की गई है। पूर्वी हिस्से के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में बारिश का घाटा 19% तक है। वहीं पश्चिमी मध्य प्रदेश के कई जिलों में भी सामान्य से 5% से 39% तक कम बारिश हुई है।

इसके उलट अनूपपुर, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, उमरिया, बड़वानी, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, देवास, गुना, ग्वालियर, खंडवा, खरगोन और राजगढ़ में सामान्य से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है।