Tag: Home Remedies

  • नहाते समय कान में चला गया पानी? घरेलू उपायों से मिल सकती है राहत, लापरवाही बढ़ा सकती है संक्रमण का खतरा

    नहाते समय कान में चला गया पानी? घरेलू उपायों से मिल सकती है राहत, लापरवाही बढ़ा सकती है संक्रमण का खतरा

    नई दिल्ली । नहाते समय या बाल धोते वक्त कान में पानी चला जाना एक आम समस्या हैजिसे अधिकतर लोग हल्के में ले लेते हैं। हालांकि डॉक्टरों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि यह छोटी-सी परेशानी समय पर ध्यान न देने पर गंभीर रूप ले सकती है। कान में फंसा पानी न सिर्फ असहजता पैदा करता हैबल्कि संक्रमणदर्द और सुनने की क्षमता पर असर जैसी समस्याओं का कारण भी बन सकता है। इसलिए जरूरी है कि सही और सुरक्षित तरीकों से ही इस समस्या से राहत पाई जाए। विशेषज्ञों के अनुसारजब नहाते समय तेज दबाव के साथ पानी कान में प्रवेश करता हैतो वह ईयर कैनाल में फंस सकता है। कान की बनावट और अंदर मौजूद ईयर वैक्स कान का मैल कई बार पानी को बाहर निकलने से रोक देता है।
    इससे कान भारी लगने लगता हैआवाजें साफ सुनाई नहीं देतीं और एक अजीब-सी झनझनाहट महसूस होती है। लंबे समय तक नमी बनी रहने से कान के अंदर गर्म और नम वातावरण बन जाता हैजो बैक्टीरिया और फंगस के पनपने के लिए अनुकूल होता है। यही कारण है कि लापरवाही करने पर इंफेक्शन का खतरा बढ़ जाता है। डॉक्टरों का कहना है कि सबसे आसान और सुरक्षित घरेलू उपाय गुरुत्वाकर्षण (ग्रैविटी) का इस्तेमाल करना है। जिस कान में पानी गया होउस तरफ सिर झुकाकर कुछ मिनट तक लेटना कई बार पानी को बाहर निकालने के लिए पर्याप्त होता है। इसी दौरान कान की लोब को हल्के से नीचे और बाहर की ओर खींचने से ईयर कैनाल सीधी होती है और फंसा हुआ पानी बाहर निकल सकता है।

    कुछ मामलों में हेयर ड्रायर का उपयोग भी मददगार हो सकता है। ड्रायर को कम गर्मी या ठंडी हवा के मोड पर रखकर कान से सुरक्षित दूरी पर इस्तेमाल किया जाए तो अंदर की नमी सूख सकती है। हालांकि विशेषज्ञ चेतावनी देते हैं कि ड्रायर को बहुत पास लाना या ज्यादा देर तक गर्म हवा देना नुकसानदेह हो सकता है। डॉक्टर साफ तौर पर बताते हैं कि कान में कॉटन बडपिनमाचिस की तीली या किसी भी नुकीली वस्तु का इस्तेमाल बिल्कुल नहीं करना चाहिए। इससे कान की अंदरूनी त्वचा को चोट लग सकती है और ईयर ड्रम के फटने का भी खतरा रहता है। इसी तरह जबरदस्ती फूंक मारना या किसी तरल पदार्थ को कान में डालना स्थिति को और बिगाड़ सकता है।

    यदि 24 घंटे से अधिक समय तक कान में पानी भरा हुआ महसूस होदर्दखुजली या जलन शुरू हो जाएया कान से पीले रंग का स्राव निकलने लगेतो तुरंत ईएनटी विशेषज्ञ से संपर्क करना चाहिए। जिन लोगों का पहले कान का ऑपरेशन हो चुका हो या जिनके कान के पर्दे में छेद की समस्या रही होउन्हें घरेलू उपाय करने से पहले विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। विशेषज्ञों की सलाह है कि नहाते समय या तैराकी के दौरान ईयर प्लग का इस्तेमाल किया जाए। जरूरत पड़ने पर कॉटन पर हल्की वैसलीन लगाकर कान में रखा जा सकता हैताकि पानी अंदर न जाए। साथ ही बार-बार कान साफ करने की आदत से भी बचना चाहिएक्योंकि इससे ईयर वैक्स का प्राकृतिक संतुलन बिगड़ सकता है।

  • सेब पर छिड़क लें बस एक चुटकी सेंधा नमक, स्वाद के साथ सेहत के फायदे हो जाएंगे दोगुने, जानिए दादी-नानी का आजमाया नुस्खा

    सेब पर छिड़क लें बस एक चुटकी सेंधा नमक, स्वाद के साथ सेहत के फायदे हो जाएंगे दोगुने, जानिए दादी-नानी का आजमाया नुस्खा


    नई दिल्ली । एक सेब रोज खाओ और डॉक्टर को दूर भगाओ यह कहावत लगभग हर किसी ने सुनी है। सेब को सेहत का खजाना माना जाता है, लेकिन आयुर्वेद और आधुनिक न्यूट्रिशन एक्सपर्ट्स मानते हैं कि अगर सेब को सही तरीके से खाया जाए, तो इसके फायदे और भी बढ़ सकते हैं। दादी-नानी के जमाने से चला आ रहा एक सरल घरेलू नुस्खा आज फिर चर्चा में है सेब के स्लाइस पर एक चुटकी सेंधा नमक छिड़क कर खाना। यह न केवल स्वाद को बढ़ाता है, बल्कि शरीर पर इसके पोषक तत्वों का असर भी दोगुना कर देता है। न्यूट्रिशन विशेषज्ञों के अनुसार, सेब और सेंधा नमक का संयोजन शरीर के लिए पावरहाउस से कम नहीं है। सेब में मौजूद प्राकृतिक शुगर शरीर को तुरंत ऊर्जा प्रदान करती है। जब इसे नमक के साथ खाया जाता है, तो शरीर इसे तेजी से अवशोषित करता है। यही वजह है कि यह नुस्खा दोपहर की थकान, कमजोरी या वर्कआउट से पहले इंस्टेंट एनर्जी देने में बेहद कारगर माना जाता है।

    सेंधा नमक या हिमालयन पिंक सॉल्ट में सोडियम के साथ-साथ पोटैशियम, मैग्नीशियम और अन्य ट्रेस मिनरल्स भी होते हैं। ये तत्व शरीर में इलेक्ट्रोलाइट बैलेंस बनाए रखने में मदद करते हैं। खासकर गर्मी के मौसम में, अधिक पसीना आने या भारी शारीरिक मेहनत के दौरान यह मिश्रण मांसपेशियों में ऐंठन और डिहाइड्रेशन से बचाव करता है पाचन से जुड़ी समस्याओं में भी यह नुस्खा बेहद लाभकारी है। सेब फाइबर से भरपूर होता है, जो पाचन तंत्र को मजबूत करता है। वहीं सेंधा नमक पाचन एंजाइम्स को सक्रिय करता है। दोनों मिलकर पेट फूलने, गैस और अपच जैसी समस्याओं से राहत दिलाते हैं और गट हेल्थ को बेहतर बनाते हैं।

    एसिडिटी से परेशान लोगों के लिए भी सेब और सेंधा नमक का यह संयोजन फायदेमंद माना जाता है। सेंधा नमक की क्षारीय प्रकृति सेब के कुछ एसिडिक तत्वों को संतुलित कर देती है, जिससे पेट में जलन और खट्टी डकार जैसी समस्याएं कम हो सकती हैं। अक्सर लोगों को यह महसूस होता है कि नमक लगाने से सेब और भी मीठा लगने लगता है। इसके पीछे वैज्ञानिक कारण है। नमक जीभ पर मौजूद कड़वाहट महसूस करने वाले रिसेप्टर्स को दबा देता है, जिससे सेब की प्राकृतिक मिठास और अधिक उभर कर सामने आती है।

    सेवन के सही तरीके की बात करें, तो हमेशा साधारण रिफाइंड नमक की जगह सेंधा नमक या गुलाबी नमक का ही उपयोग करें। नमक की मात्रा सिर्फ एक चुटकी तक सीमित रखें, क्योंकि अधिक नमक से ब्लड प्रेशर जैसी समस्याएं हो सकती हैं। सेब को अच्छी तरह धोकर ताजे स्लाइस में काटें और तुरंत सेवन करें। यह आसान घरेलू नुस्खा बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी के लिए फायदेमंद है। खासतौर पर जिम जाने वालों और खिलाड़ियों के लिए यह एक बेहतरीन प्री-वर्कआउट स्नैक साबित हो सकता है। हालांकि, किसी गंभीर स्वास्थ्य समस्या में इसे अपनाने से पहले डॉक्टर की सलाह लेना बेहतर रहेगा।

  • चुटकी भर सेंधा नमक से मिलेगा राहत जानें इसके फायदे और सेवन का तरीका

    चुटकी भर सेंधा नमक से मिलेगा राहत जानें इसके फायदे और सेवन का तरीका


    नई दिल्ली । नमक का प्रयोग हर भारतीय रसोई में आम है और बिना नमक के भोजन अक्सर बेस्वाद सा लगता है। आयोडीन नमक का सेवन तो अधिकांश घरों में होता है लेकिन क्या आप जानते हैं कि प्राकृतिक रूप से मिलने वाला सेंधा नमक  शरीर के लिए कई फायदे प्रदान कर सकता है? यह नमक न केवल स्वाद बढ़ाने के लिए प्रयोग होता है बल्कि इसमें कई खनिज और लवण पाए जाते हैं जो स्वास्थ्य के लिए लाभकारी होते हैं। सेंधा नमक प्राकृतिक रूप से मिलता है और इसमें आयोडीन नमक के मुकाबले कम नमकीनता होती है। यह हल्का गुलाबी रंग का होता है लेकिन कभी-कभी सफेद भी हो सकता है। सेंधा नमक में सोडियम क्लोराइड कैल्शियम पोटैशियम मैग्नीशियम ब्रोमाइन और फ्लोराइन जैसे खनिज होते हैं जो शरीर के लिए बेहद फायदेमंद होते हैं।

    सेंधा नमक के फायदेपाचन में सहायता

    अगर पाचन में कोई समस्या हो या पेट में खराबी हो तो सेंधा नमक का सेवन मददगार साबित हो सकता है। यह पाचन रस के निर्माण को बढ़ावा देता है जिससे भोजन बेहतर तरीके से पचता है और पेट में किसी तरह का गड़बड़ नहीं होती। यह विशेष रूप से तब उपयोगी है जब पाचन अग्नि कमजोर हो।

    सर्दी जुकाम और खांसी

    सेंधा नमक सर्दी जुकाम और खांसी में भी राहत देता है। यह शरीर के भीतर जमा कफ को तोड़ने में मदद करता है। इसके सेवन के लिए सेंधा नमक को हल्दी या अदरक के साथ लिया जा सकता है जो जुकाम और खांसी को कम करने में सहायक है।

    सूजन में आराम

    अगर शरीर के किसी हिस्से में सूजन हो तो सेंधा नमक उसके लिए भी लाभकारी हो सकता है। यह अंदरूनी सूजन को कम करने में मदद करता है और बाहरी सूजन के लिए सेंधा नमक के पानी से सेंकाई की जा सकती है।

    बीपी और रक्त संचार में सुधार

    बीपी के मरीजों के लिए सेंधा नमक सीमित मात्रा में फायदेमंद हो सकता है। यदि सही मात्रा में सेवन किया जाए तो यह रक्त संचार को बेहतर बनाता है जिससे दिल की सेहत पर सकारात्मक असर पड़ता है।

    दांतों का स्वास्थ्य

    अगर मसूड़ों में सूजन खून आना या दांतों से जुड़ी कोई परेशानी हो तो सेंधा नमक का उपयोग लाभकारी हो सकता है। आप इसे हल्दी और सरसों के तेल के साथ मिलाकर मसूड़ों पर मालिश कर सकते हैं जिससे सूजन कम होगी और खून आना भी बंद हो सकता है।

    सेंधा नमक का सेवन करने का तरीका

    सेंधा नमक का सेवन सामान्य नमक की तुलना में थोड़ी कम मात्रा में करना चाहिए। इसे अपनी रोजमर्रा की डाइट में जोड़ा जा सकता है जैसे सलाद में सब्जियों में या फिर उबले हुए पानी में। एक चुटकी सेंधा नमक को पानी में डालकर पिया जा सकता है जो शरीर के इलेक्ट्रोलाइट्स को संतुलित करने में मदद करता है।

    कौन लोग सेंधा नमक का सेवन नहीं करें

    हालांकि सेंधा नमक कई लाभ प्रदान करता है लेकिन कुछ लोगों के लिए इसका सेवन सुरक्षित नहीं हो सकता। गर्भवती महिलाओं थायरायड के मरीजों और किडनी की समस्या से ग्रस्त मरीजों को सेंधा नमक से परहेज करना चाहिए। सेंधा नमक में सोडियम की मात्रा अधिक होती है जो थायरायड और किडनी के मरीजों के लिए ठीक नहीं है। गर्भवती महिलाओं के लिए आयोडीन की जरूरत होती है जो इस नमक में कम होता है। सेंधा नमक एक प्राकृतिक और स्वास्थ्यवर्धक विकल्प है जो कई प्रकार की परेशानियों से राहत दिला सकता है। हालांकि इसका सेवन सीमित मात्रा में ही करना चाहिए और कुछ विशेष स्थितियों में इससे बचना चाहिए। हमेशा ध्यान रखें कि किसी भी चीज़ का अत्यधिक सेवन शरीर पर विपरीत प्रभाव डाल सकता है।

  • घर पर बनाएं गाजर-चुकंदर-आंवला जूस: जानें ABC Juice की रेसिपी और इसके अद्भुत फायदे

    घर पर बनाएं गाजर-चुकंदर-आंवला जूस: जानें ABC Juice की रेसिपी और इसके अद्भुत फायदे



    नई दिल्ली ।
    सर्दियों में ताजगी और सेहत के लिए गाजर चुकंदर और आंवला का जूस एक बेहतरीन विकल्प है। इस जूस का नाम है ABC जूस, जिसमें A का मतलब है आंवला B का मतलब है चुकंदर और C का मतलब है गाजर यह जूस सिर्फ स्वाद में नहीं, बल्कि सेहत के लिहाज से भी अत्यधिक फायदेमंद है। इस जूस को नियमित रूप से पीने से शरीर को चमत्कारी लाभ मिलते हैं। आइए जानते हैं कैसे घर पर इसे तैयार किया जा सकता है और इसके क्या फायदे हैं।

    ABC जूस क्या है

    ABC जूस जैसे कि इसके नाम से पता चलता है तीन प्रमुख तत्वों से बनता है आंवला विटामिन C का बेहतरीन स्रोत है और यह इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए प्रसिद्ध है। चुकंदर रक्त संचार को सुधारता है और शरीर में खून की कमी एनीमिया को दूर करने में मदद करता है। गाजर में बीटा कैरोटीन और विटामिन A भरपूर मात्रा में होते हैं, जो आंखों की सेहत और त्वचा के लिए लाभकारी होते हैं। यह जूस विटामिन, मिनरल्स आयरन, और एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होता है, जो शरीर को भीतर से स्वस्थ रखते हैं। अब जानते हैं इस जूस को घर पर कैसे तैयार किया जा सकता है।

    घर पर ABC जूस बनाने की सामग्री

    गाजर2 मध्यम आकार, चुकंदर1 छोटा आंवला 2-3 बीज निकाल कर, अदरक आधा इंच ऐच्छिकशहद 1 चम्मच ऐच्छिक पानी आधा कप ABC जूस बनाने का तरीका ।सब्जियों को धोएं और काटें सबसे पहले, गाजर और चुकंदर को अच्छी तरह से धोकर छील लें। फिर उन्हें छोटे-छोटे टुकड़ों में काट लें। आंवला को धोकर उसका बीज निकाल लें। मिक्सी जार में डालें अब गाजर, चुकंदर, आंवला और अदरक को मिक्सी जार में डालें।

    आप अदरक का इस्तेमाल स्वाद और पाचन को बेहतर बनाने के लिए कर सकते हैं हालांकि यह ऐच्छिक है। थोड़ा पानी डालें मिक्सी में डालने से पहले आधा कप पानी डालें ताकि मिश्रण आसानी से पिस सके। ब्लेंड करें अब सभी सामग्री को अच्छे से मिक्सी में ब्लेंड कर लें। आपको एक स्मूद जूस मिलेगा, जो पोषक तत्वों से भरपूर होगा।

    जूस को छाने यदि आप जूस का हल्का फाइबर चाहते हैं तो इसे जाली वाली छलनी या मलमल के कपड़े से छान सकते हैं। अगर आप फाइबर लेना पसंद करते हैं तो बिना छाने भी जूस पी सकते हैं। स्वाद बढ़ाने के लिए शहद डालें यदि आपको जूस का स्वाद थोड़ा मीठा चाहिए, तो आप इसमें एक चम्मच शहद डाल सकते हैं। शहद न केवल स्वाद बढ़ाता है, बल्कि इसके एंटीबैक्टीरियल गुण भी होते हैं।

    जूस बनाते ही पीना सबसे फायदेमंद होता है क्योंकि इससे विटामिन और पोषक तत्व पूरी तरह से शरीर में अवशोषित होते हैं। ABC जूस पीने के फायदे खून की कमी एनीमिया दूर करता है चुकंदर और आंवला खून बढ़ाने में मदद करते हैं। यह शरीर में आयरन का स्तर बढ़ाता है, जिससे एनीमिया जैसी समस्याएं दूर होती हैं।

    इम्यूनिटी मजबूत करता है आंवला में विटामिन C की अधिक मात्रा होती है जो शरीर की रोग प्रतिकारक क्षमता इम्यूनिटी को मजबूत करता है और सर्दी-खांसी जैसी बीमारियों से बचाव करता है। त्वचा को ग्लो देता है और डिटॉक्स करता है गाजर और चुकंदर में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स त्वचा की सेहत के लिए अच्छे होते हैं। यह डिटॉक्स करने में मदद करता है और त्वचा को ग्लो देता है।

    आंखों की रोशनी बढ़ाता है गाजर में विटामिन A होता है, जो आंखों के लिए फायदेमंद है और दृष्टि संबंधी समस्याओं से बचाता है पाचन शक्ति में सुधार अदरक जो इस जूस में ऐच्छिक रूप से डाला जाता है, पाचन तंत्र को बेहतर बनाता है और गैस, एसिडिटी जैसी समस्याओं को कम करता है। बालों की गुणवत्ता बेहतर करता है यह जूस बालों को मजबूत बनाने में मदद करता है और उन्हें स्वस्थ रखने में सहायक होता है।

    कब और कितना पिएं

    सबसे अच्छा समय है सुबह खाली पेट एक गिलास ABC जूस पीना। इससे शरीर को सबसे अधिक लाभ मिलता है। इसके अलावा इसे हफ्ते में 4-5 दिन पीने से अच्छे परिणाम मिलते हैं। अगर आपको जूस का स्वाद अच्छा लगता है तो आप इसे और दिनों में भी अपनी डाइट का हिस्सा बना सकते हैं।ABC जूस एक बेहतरीन स्वास्थ्य लाभ देने वाला ड्रिंक है जिसे आप घर पर आसानी से बना सकते हैं। यह न केवल शरीर को ऊर्जा प्रदान करता है बल्कि आपको सर्दियों में ताजगी और सेहतमंद रखने में भी मदद करता है।