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  • MP: शिवपुरी में पत्नी ने मारा थप्पड़ तो पति ने बेरहमी से पीटा… गला दबाकर उतारा मौत के घाट

    MP: शिवपुरी में पत्नी ने मारा थप्पड़ तो पति ने बेरहमी से पीटा… गला दबाकर उतारा मौत के घाट


    शिवपुरी।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के शिवपुरी जिले (Shivpuri district) के करैरा (Karaira) में शादी के बाद एक 23 साल की विवाहिता (Married Woman) की उसके ही पति ने पहले मारपीट की और फिर गला दबाकर हत्या कर दी। घटना के वक्त घर में देवर और देवरानी भी मौजूद थे, जिन्हें पुलिस ने सहआरोपी बनाकर गिरफ्तार कर लिया है। दोनों के एक 4 साल का बेटा भी है।

    नंदनी साहू की शादी करीब 5 साल पहले टीला रोड निवासी संदीप साहू से हुई थी। बाहर से सामान्य दिखने वाले इस परिवार में लंबे समय से विवाद चल रहा था। आरोपी पति संदीप साहू अपनी पत्नी के चरित्र पर शक करता था ।इसी शक के चलते दोनों के बीच आए दिन झगड़े होते थे। घटना से दो दिन पहले भी दोनों के बीच विवाद इतना बढ़ गया था कि गुस्से में संदीप ने पत्नी का मोबाइल तोड़ दिया था। इस घटना की जानकारी मिलने पर नंदनी के मायके पक्ष के लोग उसे समझाने के लिए ससुराल भी पहुंचे थे, लेकिन हालात नहीं सुधरे।

    दोनों के बीच कहासुनी शुरू हुई। विवाद इतना बढ़ गया कि नंदनी घर छोड़कर जाने लगी। इसी दौरान संदीप ने उसे रोकने की कोशिश की, जिस पर दोनों के बीच हाथापाई हो गई। बताया जा रहा है कि नंदनी ने गुस्से में पति को थप्पड़ मार दिया, जिससे स्थिति और बिगड़ गई। गुस्से में बेकाबू हुए संदीप साहू ने पहले पत्नी के साथ बेरहमी से मारपीट की। इसके बाद कमरे में बिस्तर पर उसे दबोचकर गला दबा दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के दौरान घर में देवर और देवरानी भी मौजूद थे।


    चेहरे और गले पर नाखून के निशान

    परिजनों के अनुसार नंदनी के गले और चेहरे पर नाखून के कई निशान मिले हैं, जबकि पीठ पर भी चोट के निशान पाए गए। वहीं आरोपी पति के हाथों पर काटने के निशान थे, जिससे साफ है कि घटना के दौरान दोनों के बीच जोरदार संघर्ष हुआ। घटना के बाद आरोपी संदीप साहू ने खुद नंदनी के भाई मदन साहू को फोन कर हत्या की जानकारी दी। सूचना मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे, जहां नंदनी का शव कमरे में पलंग पर पड़ा मिला। आरोपी ने परिजनों के सामने भी अपना जुर्म स्वीकार कर लिया।

    घटना के समय घर में मौजूद देवर मोनू साहू और देवरानी रूचि साहू को भी पुलिस ने आरोपी बनाया है। पुलिस का मानना है कि घटना के दौरान उनकी भूमिका संदिग्ध है। तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर हत्या का मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने महिला के शव का पोस्टमार्टम मेडिकल पैनल से कराया है। एसडीओपी आयुष जाखड़ के अनुसार मामले की गंभीरता को देखते हुए हर पहलू से जांच की जा रही है।फिलहाल पुलिस पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।

  • महाकाल के दर्शन करने उज्‍जैन पहुंची एक्ट्रेस अंकिता लोखंडे, पति संग भस्म आरती में हुईं शामिल

    महाकाल के दर्शन करने उज्‍जैन पहुंची एक्ट्रेस अंकिता लोखंडे, पति संग भस्म आरती में हुईं शामिल


    उज्जैन। प्रसिद्ध टीवी और फिल्म एक्ट्रेस अंकिता लोखंडे मंगलवार सुबह अपने पति विक्की जैन के साथ श्री महाकालेश्वर मंदिर पहुंचीं। यहां दोनों ने भस्म आरती में शामिल होकर भगवान महाकाल का आशीर्वाद लिया। सुबह करीब 4 बजे मंदिर पहुंचे इस कपल ने नंदी हाल में बैठकर दर्शन किए और पूरे समय भक्ति भाव में लीन नजर आए।

    नंदी के कान में मांगी मनोकामना
    दर्शन के दौरान दोनों ने नंदी जी का पूजन किया और परंपरा के अनुसार उनके कान में अपनी इच्छा भी व्यक्त की। इसके बाद मंदिर की देहरी से जल अर्पित कर भगवान महाकाल से आशीर्वाद प्राप्त किया।

    पहली बार भस्म आरती में शामिल हुईं अंकिता

    अंकिता लोखंडे ने बताया कि वह इंदौर की रहने वाली हैं और बचपन से कई बार महाकाल मंदिर आ चुकी हैं, लेकिन भस्म आरती में शामिल होने का यह उनका पहला अनुभव था। उन्होंने कहा कि इस अनुभव को शब्दों में बयां करना मुश्किल है और इसे सामने से देखने का एहसास बेहद अलग और दिव्य है।

    मंदिर व्यवस्था की सराहना

    अंकिता ने मंदिर की व्यवस्थाओं की भी तारीफ करते हुए कहा कि यहां दर्शन की पूरी व्यवस्था बेहद सुव्यवस्थित और संतोषजनक है।

  • पति की उम्र 40 साल… MP HC ने 19 साल की पत्नी को प्रेमी के साथ रहने की दी इजाजत

    पति की उम्र 40 साल… MP HC ने 19 साल की पत्नी को प्रेमी के साथ रहने की दी इजाजत


    ग्वालियर।
    जगह मध्य प्रदेश हाई कोर्ट (Madhya Pradesh High Court) की ग्वालियर बेंच (Gwalior Bench)। 19 साल की महिला (19-year-Old Woman) कोर्टरूम के अंदर है। बाहर उसके माता-पिता, पति और प्रेमी खड़े हैं। अंदर हो रही सुनवाई का हर कोई बेसब्री से इंतजार कर रहा है। अदालत के सामने महिला ने ‘साथ रहने के अधिकार’ का इस्तेमाल करते हुए कहा- “मैं बालिग हूँ। मैं अपनी मर्ज़ी से जी रही हूँ। मैं अपने पति या अपने माता-पिता के साथ नहीं रहना चाहती।” जानिए क्या है मामला और इसे लेकर क्यों चर्चाएं तेज हो गई हैं।

    पति, दूसरे आदमी ने अवैध रूप से पत्नी को रखा
    दरअसल मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की ग्वालियर बेंच में अवधेश नामक शख्स ने हेबियस कॉर्पस पिटीशन दायर की थी। आसान शब्दों में कहें, तो किसी व्यक्ति को कोर्ट के सामने पेश करो।ये याचिका पति ने अपनी पत्नी के खिलाफ दायर की थी। याचिका में आरोप लगाया गया था कि उसकी पत्नी को अनुज कुमार नामक युवक ने अवैध रूप से अपने पास रखा हुआ है। कोर्ट के निर्देश पर पुलिस ने महिला को खोजकर एक वन-स्टॉप सेंटर में रखा और बाद में अदालत के सामने पेश किया। सुनवाई के दौरान माता-पिता, पति और लवर मौजूद थे।


    पति के बीच 21 साल का अंतर, लवर के साथ रहूंगी

    सुनवाई के दौरान जजों ने महिला से उसकी इच्छा पूछी, तो उसने साफ शब्दों में कहा- वह बालिग है और अपनी मर्जी से रह रही है। उसने जोर देते हुए कहा- वह अपने पति या माता-पिता के साथ नहीं रहना चाहती। महिला ने कोर्ट को बताया- उसकी शादीशुदा जिंदगी ठीक नहीं चल रही है। अपने और पति के बीच 21 साल के उम्र के अंतर का जिक्र करते हुए कहा- यह रिश्ता संतुलित नहीं था। महिला ने अपने पति पर प्रताड़ना के आरोप भी लगाए और कहा कि वह अपने प्रेमी अनुज कुमार के साथ रहना चाहती है।


    काउंसलिंग के बाद भी महिला का फैसला रहा अटल

    कोर्ट ने महिला को काउंसलिंग के लिए भेजा, ताकि वह अपने फैसले पर दोबारा विचार कर सके। हालांकि काउंसलिंग के बाद भी महिला अपने फैसले पर अडिग रही। उसके लवर ने भी कोर्ट को भरोसा दिलाया कि वह महिला की देखभाल करेगा और उसकी सुरक्षा सुनिश्चित करेगा। जस्टिस आनंद पाठक और जस्टिस पुष्पेंद्र यादव की खंडपीठ ने कहा कि जब यह क्लियर हो गया कि महिला को किसी प्रकार की अवैध हिरासत में नहीं रखा गया है, तो याचिका का आधार ही खत्म हो जाता है। कोर्ट ने महिला को वन-स्टॉप सेंटर से रिहा कर प्रेमी के साथ जाने की अनुमति दे दी।

    6 महीने तक महिला को मिली सुरक्षा
    हालांकि, कोर्ट ने महिला की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए छह महीने तक निगरानी का निर्देश भी दिया। “शौर्य दीदी” नामित अधिकारी इस दौरान महिला के संपर्क में रहेंगे और उसकी सुरक्षा व भलाई सुनिश्चित करेंगे।

    आपको बताते चलें कि हाल ही में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने भी एक मामले में कहा था कि यदि एक शादीशुदा आदमी किसी बालिग महिला के साथ उसकी सहमति से लिव-इन रिलेशनशिप में रहता है, तो इसे अपराध नहीं माना जा सकता। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया था कि सामाजिक नैतिकता और कानून अलग-अलग हैं और अदालतें नागरिकों के अधिकारों की रक्षा करती हैं।

  • मेघालय विधानसभा में अनोखा दृश्य: विधायक पत्नी ने CM पति से ही पूछ लिया हिसाब

    मेघालय विधानसभा में अनोखा दृश्य: विधायक पत्नी ने CM पति से ही पूछ लिया हिसाब


    नई दिल्ली।
    मेघालय विधानसभा में उस समय दिलचस्प स्थिति बन गई, जब सत्तारूढ़ नेशनल पीपल्स पार्टी (NPP) की विधायक मेहताब चांदी ए संगमा ने प्रश्नकाल के दौरान अपने ही पति और मुख्यमंत्री कोनराड के. संगमा से विकास योजनाओं की प्रगति पर सीधे सवाल कर दिए।

    सदन में नीतिगत मुद्दे पर हुई यह औपचारिक बहस चर्चा का विषय बन गई और इसे लोकतांत्रिक जवाबदेही का अनोखा उदाहरण माना जा रहा है।


    पशुपालन और मत्स्य शिक्षा परियोजनाओं पर उठाए सवाल

    गांबेग्रे क्षेत्र की विधायक ने वर्ष 2022 में स्वीकृत पशुपालन और मत्स्य क्षेत्र से जुड़े शैक्षणिक संस्थानों की प्रगति पर जानकारी मांगी।



    उन्होंने पूछा कि प्रस्तावित एक वेटरनरी कॉलेज, दो फिशरीज कॉलेज और एक डेयरी कॉलेज की स्थापना में अब तक क्या कदम उठाए गए हैं।

    इसके साथ ही उन्होंने राज्य के पशु चिकित्सा प्रशिक्षण केंद्रों में कर्मियों की कमी का मुद्दा उठाते हुए कहा कि इससे पशुधन आधारित आजीविका प्रभावित हो रही है।


    मुख्यमंत्री ने बताई देरी की वजह

    मुख्यमंत्री ने जवाब देते हुए कहा कि परियोजनाएं राज्य के पशुपालन क्षेत्र को मजबूत करने के उद्देश्य से शुरू की गई हैं, लेकिन भूमि चयन, विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) और मानव संसाधन योजना जैसी प्रक्रियाओं के कारण समय लगा।

    उन्होंने बताया कि:

    • वेटरनरी कॉलेज की स्थापना पर लगभग 334 करोड़ रुपये खर्च का अनुमान है।

    • इसके लिए किर्डेमकुलाई (री-भोई जिला) में करीब 800 एकड़ भूमि चिन्हित की गई है।

    • संस्थान में 19 विभाग प्रस्तावित किए गए हैं।


    सरकार का भरोसा—अब तेज होगी प्रक्रिया

    मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि 2022 में स्वीकृत इन संस्थानों की स्थापना की प्रक्रिया को अब गति दी जाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य की बड़ी आबादी पशुपालन और इससे जुड़े व्यवसायों पर निर्भर है, इसलिए इन परियोजनाओं का समय पर पूरा होना अत्यंत आवश्यक है।

    मानव संसाधन की कमी को लेकर भी उन्होंने रिक्त पदों को शीघ्र भरने और प्रशिक्षण व्यवस्था को मजबूत करने का भरोसा दिलाया।


    जवाबदेही की मिसाल बना घटनाक्रम

    सदन में यह मामला इसलिए सुर्खियों में रहा क्योंकि एक विधायक ने निजी संबंधों से अलग हटकर सरकार से सार्वजनिक रूप से जवाब मांगा। राजनीतिक विश्लेषकों ने इसे स्वस्थ लोकतांत्रिक परंपरा और संस्थागत जवाबदेही का सकारात्मक संकेत बताया है।