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  • हैदराबादः भगवान राम की मूर्ति हटाने का विरोध.. BJP बोली – कांग्रेस का तेलंगाना में भी होगा UP जैसा हाल

    हैदराबादः भगवान राम की मूर्ति हटाने का विरोध.. BJP बोली – कांग्रेस का तेलंगाना में भी होगा UP जैसा हाल


    हैदराबाद।
    तेलंगाना (Telangana) की राजधानी हैदराबाद (Hyderabad) में एक चौराहे से भगवान राम की मूर्ति (Lord Ram – Idol) हटाने जाने का भाजपा (BJP) ने विरोध किया है। भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस के ऊपर राम विरोधी होने का आरोप लगाते हुए कहा कि इस फैसले के बाद उन्हें जनता के गुस्से का सामना करना पड़ेगा। तेलंगाना भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि उत्तर प्रदेश में भी कांग्रेस ने इसी तरह से भगवान राम की मूर्ति हटाई थी। उसके बाद कांग्रेस वहां से साफ हो गई। यही हाल तेलंगाना में भी होने वाला है। बता दें, यह मूर्ति दशहरा के पहले कुछ हिंदु संगठनों द्वारा लगाई गई थी। बाद में इन संगठनों ने चौराहे का नाम बदलने की अपील की थी।

    दशहरे के कार्यक्रम के पूरा होने के बाद कुछ हिंदू समूहों ने चौराहे का नाम बदलने की अपील करते हुए मूर्ति को यहीं स्थापित रखने पर जोर दिया। प्रशासन को इसकी जानकारी मिलने के बाद नगर प्रशासन ने ट्रस्ट को मूर्ति हटाने का आदेश जारी कर दिया। सोशल मीडिया पर भी भगवान राम की मूर्ति हटाए जाने का वीडियो तेजी के साथ वायरल हो रहा है।


    प्रशासन ने दिया सुप्रीम कोर्ट का हवाला
    हिंदू संगठनों की तरफ से किए जा रहे विरोध के बीच नगर प्रशासन ने कानून का हवाला दिया। प्रशासन की तरफ से सुप्रीम कोर्ट के नियम का हवाला देते हुए कहा कि सार्वजनिक स्थानों, फुटपाथों और सार्वजनिक ऊपयोग की जगह पर गैर कानूनी रूप से मूर्तियां स्थापित करने की इजाजत नहीं दी जा सकती।


    भाजपा बोली- कांग्रेस का उत्तर प्रदेश जैसा हाल होगा
    भारतीय जनता पार्टी के तेलंगाना अध्यक्ष एन रामचंद्र राव ने कहा कि कांग्रेस को अब जनता के गुस्से का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने कहा, “यह पहली बार नहीं है, जब कांग्रेस सरकार ने भगवान राम की प्रतिमा को हटाने की कोशिश की है। इससे पहले भी 1949 में पंडित नेहरू की सरकार ने प्रतिमा को हटा दिया था। बाद में कांग्रेस उत्तर प्रदेश से गायब हो गई। अब कांग्रेस सरकार ने बशीरबाग में भी अपनी हरकत को दोहराया है। फिर वही हाल कांग्रेस का इंतजार कर रहा है। लोग न भूलते हैं और न ही माफ करते हैं।

    इस घटनाक्रम का भाजपा और विश्व हिंदू परिषद की तरफ से विरोध किया गया। भाजपा के तेलंगाना सोशल मीडिया हैंडल पर कांग्रेस को हिंदू विरोधी मानसिकता का करार दिया गया। पोस्ट में लिखा गया, “कांग्रेस सरकार की हिंदू-विरोधी मानसिकता एक बार फिर सबके सामने आ गई है। हैदराबाद में बशीरबाग मंदिर के पास, दशहरा के पावन अवसर पर हिंदू संगठनों द्वारा स्थापित प्रभु श्री राम की मूर्ति को हटाना, करोड़ों भक्तों का सीधा अपमान है। उत्तर प्रदेश से लेकर बंगाल तक, जनता ने हमेशा राजनीतिक अहंकार को कुचला है। तेलंगाना की जनता न तो माफ करेगी और न ही चुप बैठेगी।”

    बता दें, विश्व हिंदू परिषद और भाजपा समेत कई हिंदु संगठन इस चौराहे का नाम बशीबाग से बदलकर श्रीराम चौक करने की मांग लंबे समय से करते आ रहे हैं। मूर्ति के हटाए जाने के बाद विहिप के राष्ट्रीय प्रवक्ता रविनुथला शशिधर ने कहा कि भविष्य में मंदिर में 108 फुट ऊंची प्रतिमा स्थापित की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि वह दिन दूर नहीं, जब हैदराबाद समेत राज्य के कई शहरों के पुराने नाम बहाल किए जाएंगे।

  • हैदराबाद के इंजीनियरिंग कॉलेज में डांडिया नाइट के दौरान बड़ा हादसा, स्ट्रक्चर गिरने से छात्रा की मौत, बहन गंभीर रूप से घायल

    हैदराबाद के इंजीनियरिंग कॉलेज में डांडिया नाइट के दौरान बड़ा हादसा, स्ट्रक्चर गिरने से छात्रा की मौत, बहन गंभीर रूप से घायल

    नई दिल्ली । तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद के नादरगुल स्थित एमवीएसआर इंजीनियरिंग कॉलेज में डांडिया नाइट के दौरान बड़ा हादसा हो गया। कॉलेज में आयोजित उत्सव के दौरान लाइटिंग या लिफ्टिंग के लिए लगाया गया एक स्ट्रक्चर अचानक गिर गया। इस घटना में इलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग (ईईई) की प्रथम वर्ष की छात्रा सोना नारायण दास की मौत हो गई, जबकि उसकी बहन मीना नारायण दास गंभीर रूप से घायल हो गई। हादसे में कई अन्य छात्र भी घायल हुए हैं।

    यह घटना शनिवार, 17 अक्टूबर 2026 को कॉलेज में आयोजित डांडिया कार्यक्रम के दौरान हुई। उत्सव में छात्र शामिल हुए थे और कार्यक्रम चल रहा था। इसी बीच लाइटिंग या लिफ्टिंग के लिए लगाए गए स्ट्रक्चर के गिरने से वहां मौजूद लोगों में हादसे की स्थिति पैदा हो गई। घटना में कई छात्रों को चोटें आईं। गंभीर रूप से घायल सोना नारायण दास को बचाने और इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उसकी जान नहीं बचाई जा सकी।

    मृत छात्रा की पहचान सोना नारायण दास के रूप में हुई है। वह एमवीएसआर इंजीनियरिंग कॉलेज में इलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग की प्रथम वर्ष की छात्रा थी। डांडिया कार्यक्रम के दौरान हुए इस हादसे ने कॉलेज के उत्सवी माहौल को दुखद घटना में बदल दिया। सोना की बहन मीना नारायण दास भी हादसे की चपेट में आ गई। उसे गंभीर चोटें आई हैं और उसकी हालत चिंताजनक बताई जा रही है।

    घायल मीना नारायण दास को इलाज के लिए नादरगुल के पास स्थित प्रत्युषा अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अस्पताल में उसका उपचार जारी है। हादसे में घायल हुए अन्य छात्रों को भी चिकित्सा सहायता के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। घटना के बाद घायलों के इलाज पर ध्यान दिया गया, जबकि मृत छात्रा की पहचान और हादसे से जुड़ी शुरुआती जानकारी सामने आई।

    प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, हादसे की मुख्य वजह कार्यक्रम के दौरान लगाया गया स्ट्रक्चर गिरना है। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि स्ट्रक्चर किन परिस्थितियों में गिरा। यह भी अभी साफ नहीं है कि उसके गिरने के पीछे तकनीकी खराबी, असंतुलन या कोई अन्य कारण था। घटना के समय कार्यक्रम स्थल पर कितने छात्र मौजूद थे, इसकी भी विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।

    हादसे से जुड़े कई महत्वपूर्ण सवालों के जवाब अभी सामने आने बाकी हैं। स्ट्रक्चर लगाने की व्यवस्था कैसी थी, उसे किस उद्देश्य से स्थापित किया गया था और कार्यक्रम के दौरान उसकी सुरक्षा के क्या इंतजाम थे, इन बिंदुओं पर अभी स्पष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं है। उपलब्ध विवरण के मुताबिक, स्ट्रक्चर गिरने से कई छात्र घायल हुए और सोना नारायण दास की इलाज के दौरान मौत हो गई।

    इस घटना में सबसे गंभीर स्थिति सोना की बहन मीना की है, जिसका अस्पताल में उपचार जारी है। फिलहाल उसकी सेहत को लेकर विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। कॉलेज में डांडिया नाइट के दौरान हुई इस दुर्घटना में एक छात्रा की मौत और कई विद्यार्थियों के घायल होने से कार्यक्रम की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े होते हैं। हालांकि, हादसे के वास्तविक कारण और परिस्थितियों की पूरी तस्वीर सामने आने के लिए अधिक जानकारी का इंतजार है।

  • हैदराबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर के लिए जमीन अधिग्रहण की मांग नहीं, केंद्र ने किसानों के विरोध के बीच जारी किया स्पष्टीकरण

    हैदराबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर के लिए जमीन अधिग्रहण की मांग नहीं, केंद्र ने किसानों के विरोध के बीच जारी किया स्पष्टीकरण

    नई दिल्ली ।केंद्र सरकार ने हैदराबाद से जुड़ी प्रस्तावित हाई-स्पीड रेल परियोजनाओं को लेकर स्पष्ट किया है कि फिलहाल इनके लिए जमीन अधिग्रहण की कोई मांग नहीं की गई है। हैदराबाद-चेन्नई, हैदराबाद-बेंगलुरु और हैदराबाद-पुणे हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर की अलाइनमेंट स्टडी अभी चल रही है। केंद्र के अनुसार, इन कॉरिडोर का मार्ग निर्धारित होने के बाद ही संबंधित राज्य सरकारों और किसानों के साथ आवश्यक जानकारी साझा की जाएगी।

    केंद्रीय कोयला मंत्री जी. किशन रेड्डी ने राष्ट्रीय राजधानी में केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से मुलाकात के बाद यह जानकारी दी। दोनों मंत्रियों के बीच हैदराबाद को चेन्नई, बेंगलुरु और पुणे से जोड़ने वाली प्रस्तावित हाई-स्पीड रेल कनेक्टिविटी पर चर्चा हुई। बैठक के बाद रेड्डी ने बताया कि रेल मंत्री ने साफ किया है कि संबंधित राज्य सरकारों को जमीन अधिग्रहण के संबंध में कोई अनुरोध नहीं भेजा गया है।

    रेड्डी के अनुसार, रेल मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि परियोजना के मौजूदा चरण में हाई-स्पीड रेल के नाम पर जमीन का अधिग्रहण करना गैर-कानूनी है। उन्होंने कहा कि तीनों प्रस्तावित कॉरिडोर के लिए अलाइनमेंट संबंधी अध्ययन जारी है। मार्ग का निर्धारण पूरा होने के बाद संबंधित राज्य सरकारों और किसानों को इसके बारे में जानकारी दी जाएगी। इस स्पष्टीकरण से परियोजना के लिए जमीन लेने की प्रक्रिया को लेकर स्थिति स्पष्ट करने की कोशिश की गई है।

    यह बयान ऐसे समय आया है, जब तेलंगाना में रेल कॉरिडोर और अन्य परियोजनाओं के लिए जमीन अधिग्रहण की कोशिशों को लेकर किसानों का विरोध सामने आया है। हैदराबाद के बाहरी इलाकों में किसान जमीन अधिग्रहण के खिलाफ विरोध कर रहे हैं। ऐसे में केंद्र सरकार ने प्रस्तावित हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर के संबंध में मौजूदा स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि अभी जमीन अधिग्रहण के लिए संबंधित राज्य सरकारों को कोई मांग नहीं भेजी गई है। फिलहाल परियोजनाओं का मार्ग तय करने के लिए अध्ययन किया जा रहा है।

    प्रस्तावित रेल कनेक्टिविटी को लेकर पहले भी चर्चा हुई थी। दक्षिण मध्य रेलवे की ओर से साझा किए गए एक वीडियो में अश्विनी वैष्णव और जी. किशन रेड्डी के बीच हैदराबाद को चेन्नई, बेंगलुरु और पुणे से जोड़ने वाले हाई-स्पीड रेल मार्गों पर विस्तार से चर्चा होने की जानकारी दी गई थी। मौजूदा स्पष्टीकरण में केंद्र ने दोहराया है कि तीनों कॉरिडोर की अलाइनमेंट स्टडी पूरी होने और मार्ग निर्धारित किए जाने के बाद ही संबंधित पक्षों के साथ जानकारी साझा की जाएगी।

    रेलवे के बजट खर्च और सुरक्षा से जुड़े कार्यों के संबंध में भी जानकारी दी गई थी। अगस्त में सरकार ने बताया था कि वित्त वर्ष 2026-27 के लिए निर्धारित बजट में से जुलाई तक भारतीय रेलवे 1,14,973 करोड़ रुपये खर्च कर चुका था। यह राशि 2,93,030 करोड़ रुपये के कुल बजट का लगभग 39 प्रतिशत थी।

    रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने लोकसभा में लिखित जवाब में यह जानकारी दी थी। उन्होंने बताया कि रेलवे में सुरक्षा से जुड़े कार्यों पर खर्च 2013-14 में 39,200 करोड़ रुपये था, जो वित्त वर्ष 2026-27 के लिए बढ़कर 1,20,389 करोड़ रुपये हो गया। स्वदेशी ऑटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन सिस्टम कवच के संबंध में उन्होंने बताया कि 31 जुलाई तक इसके संस्करण 4.0 को 2,633 रूट किलोमीटर पर लागू किया जा चुका था। इसमें दिल्ली-मुंबई और दिल्ली-हावड़ा जैसे अधिक यातायात वाले रेल कॉरिडोर के महत्वपूर्ण हिस्से शामिल हैं।

  • माइक्रोसॉफ्ट ने हैदराबाद में भारत का चौथा क्लाउड रीजन शुरू किया, एआई और डेटा सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार को मिलेगा नया बल

    माइक्रोसॉफ्ट ने हैदराबाद में भारत का चौथा क्लाउड रीजन शुरू किया, एआई और डेटा सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार को मिलेगा नया बल

    नई दिल्ली । माइक्रोसॉफ्ट ने हैदराबाद में अपना चौथा क्लाउड रीजन लॉन्च किया है। ‘इंडिया साउथ सेंट्रल’ नाम से शुरू किया गया यह क्लाउड रीजन भारत में कंपनी की क्लाउड और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई अवसंरचना क्षमता के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इसके साथ ही देश में माइक्रोसॉफ्ट की हाइपरस्केल क्लाउड मौजूदगी और मजबूत हुई है।

    हैदराबाद का नया क्लाउड रीजन माइक्रोसॉफ्ट के पुणे, चेन्नई और मुंबई स्थित मौजूदा क्लाउड रीजन से जुड़ गया है। कंपनी के अनुसार, भारत में डेटा सेंटर क्षमता बढ़ाने और एंटरप्राइज स्तर पर एआई के इस्तेमाल में तेजी आने की संभावनाओं के बीच यह विस्तार किया गया है।

    यह लॉन्च भारत में माइक्रोसॉफ्ट के पहले घोषित 20.5 अरब डॉलर के निवेश कार्यक्रम का हिस्सा है। इस कार्यक्रम के तहत देश में क्लाउड क्षमताओं, एआई इंफ्रास्ट्रक्चर, कौशल विकास और परिचालन विस्तार को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया है।

    क्लाउड रीजन के लॉन्च के दौरान माइक्रोसॉफ्ट इंडिया एवं दक्षिण एशिया के अध्यक्ष पुनीत चंदोक ने भारत की डिजिटल परिवर्तन यात्रा को तेजी से आगे बढ़ने वाला चरण बताया। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया के सबसे बड़े डेटा उत्पादक देशों में तेजी से उभर रहा है और आने वाले समय में डिजिटल सेवाओं की जरूरत और बढ़ सकती है।

    चंदोक के अनुसार, भारत वर्तमान में दुनिया के कुल डेटा का लगभग 20 प्रतिशत उत्पन्न करता है, जबकि वैश्विक डेटा सेंटर क्षमता में देश की हिस्सेदारी केवल करीब 3 प्रतिशत है। उनके मुताबिक, डेटा उत्पादन और डेटा सेंटर क्षमता के बीच का यह अंतर भारत में डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार की बड़ी संभावना को दर्शाता है।

    उन्होंने बताया कि भारत में मौजूदा डेटा सेंटर क्षमता लगभग 2 गीगावाट है। अनुमान है कि वर्ष 2035 तक यह क्षमता बढ़कर 12 से 14 गीगावाट के बीच पहुंच सकती है। इस विस्तार के पीछे डिजिटल सेवाओं, क्लाउड कंप्यूटिंग और एआई आधारित तकनीकों की बढ़ती जरूरत को प्रमुख कारण माना जा रहा है।

    एआई के क्षेत्र में बदलाव अब केवल प्रयोग या शुरुआती इस्तेमाल तक सीमित नहीं रह गया है। कंपनियां, सरकारी विभाग और विभिन्न संस्थान बड़े स्तर पर एआई आधारित अनुप्रयोगों को लागू करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। इसके कारण कंप्यूटिंग क्षमता, डेटा स्टोरेज और क्लाउड सेवाओं की मांग में भी वृद्धि हो रही है।

    बढ़ती मांग के बीच पर्याप्त भौतिक और डिजिटल अवसंरचना तैयार करना बड़ी आवश्यकता बन गई है। एआई मॉडल और उनसे जुड़ी सेवाओं के संचालन के लिए बड़े पैमाने पर डेटा सेंटर, कंप्यूटिंग संसाधन और क्लाउड क्षमता की जरूरत होती है।

    माइक्रोसॉफ्ट का हैदराबाद क्लाउड रीजन ऐसे समय शुरू हुआ है जब भारत में डिजिटल अर्थव्यवस्था के विस्तार के साथ डेटा की मात्रा भी लगातार बढ़ रही है। नए क्लाउड रीजन से देश में स्थानीय स्तर पर क्लाउड सेवाओं की क्षमता बढ़ाने और एआई आधारित तकनीकों के लिए आवश्यक इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

    चंदोक ने कहा कि जिस डिजिटल पैमाने पर भारत आगे बढ़ रहा है, उसके अनुरूप भौतिक अवसंरचना का विस्तार भी जरूरी है। उनके अनुसार, डिजिटल विकास की गति को बनाए रखने के लिए डेटा सेंटर क्षमता बढ़ाना आने वाले वर्षों में महत्वपूर्ण प्राथमिकता होगी।

  • तेलंगाना सीएम रेवंत रेड्डी का अमेरिकी दौरा रद्द, केंद्र से मंजूरी नहीं मिलने का आरोप लगाकर सरकार पर साधा निशाना

    तेलंगाना सीएम रेवंत रेड्डी का अमेरिकी दौरा रद्द, केंद्र से मंजूरी नहीं मिलने का आरोप लगाकर सरकार पर साधा निशाना

    नई दिल्ली । तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी का प्रस्तावित अमेरिका दौरा रद्द हो गया है। मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से बताया गया है कि केंद्र सरकार से आवश्यक मंजूरी नहीं मिलने के कारण मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाले प्रतिनिधिमंडल की अमेरिका यात्रा आगे नहीं बढ़ सकी। रेवंत रेड्डी फिलहाल लंदन के दौरे पर हैं और अमेरिका की यात्रा के बजाय लंदन से सीधे हैदराबाद लौट सकते हैं।

    मुख्यमंत्री का विदेश दौरा राज्य में निवेश, शिक्षा और विभिन्न संस्थानों के साथ संभावित सहयोग को लेकर महत्वपूर्ण माना जा रहा था। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार लंदन के बाद रेवंत रेड्डी को 24 अगस्त को अमेरिका पहुंचना था। वहां कई प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों और अन्य प्रतिनिधियों के साथ बैठकें प्रस्तावित थीं। दौरे में तेलंगाना राइजिंग टीम के अधिकारी भी शामिल थे।

    जानकारी के मुताबिक, रेवंत रेड्डी 20 अगस्त को लंदन पहुंचे थे। लंदन प्रवास के दौरान उनके ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी, कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी और लंदन बिजनेस स्कूल जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में जाने का कार्यक्रम था। इन मुलाकातों के जरिए शिक्षा, कौशल, निवेश और राज्य के विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर बातचीत की योजना बनाई गई थी।

    लंदन के बाद अमेरिका में भी मुख्यमंत्री के कई कार्यक्रम निर्धारित थे। प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार हार्वर्ड यूनिवर्सिटी और मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी यानी एमआईटी में जाने की योजना थी। इसके अलावा बोस्टन में 25 अगस्त को एक टीम के साथ बातचीत और 26 अगस्त को न्यूयॉर्क में एक कार्यक्रम में शामिल होने का कार्यक्रम प्रस्तावित था।

    मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, विदेश मंत्रालय से आवश्यक अनुमति नहीं मिलने के कारण अमेरिका की यात्रा रद्द करनी पड़ी। कार्यालय ने कहा कि रेवंत रेड्डी के नेतृत्व में तेलंगाना राइजिंग प्रतिनिधिमंडल को अमेरिका जाने की मंजूरी नहीं मिली। इसके बाद यात्रा कार्यक्रम में बदलाव किया गया है।

    अमेरिका दौरे के दौरान जिन संस्थानों और प्रतिनिधियों के साथ बैठकें प्रस्तावित थीं, उनमें से कुछ कार्यक्रमों को पूरी तरह समाप्त करने के बजाय आगे की तारीखों के लिए निर्धारित करने के निर्देश दिए गए हैं। राज्य सरकार की ओर से संबंधित अधिकारियों को इस संबंध में कार्यक्रमों को पुनर्निर्धारित करने के लिए कहा गया है।

    मुख्यमंत्री के इस दौरे की पृष्ठभूमि में तेलंगाना में निवेश आकर्षित करने और राज्य के विकास से जुड़े अंतरराष्ट्रीय संपर्कों को मजबूत करने की कोशिश भी देखी जा रही थी। प्रस्तावित अमेरिकी यात्रा के दौरान उद्योग, शिक्षा और तकनीकी क्षेत्र से जुड़े लोगों के साथ संवाद की संभावना थी।

    रेवंत रेड्डी 19 अगस्त को कांग्रेस कार्य समिति की बैठक में शामिल होने के लिए दिल्ली में थे। इसके बाद वह 20 अगस्त को लंदन के लिए रवाना हुए। पहले तय कार्यक्रम के अनुसार उनकी विदेश यात्रा के बाद 30 अगस्त को हैदराबाद लौटने की योजना थी। हालांकि अमेरिका दौरा रद्द होने के बाद अब उनकी वापसी की समय-सारणी में बदलाव हो सकता है।

    अमेरिकी यात्रा को लेकर अनुमति नहीं मिलने का मुद्दा केंद्र और तेलंगाना सरकार के बीच राजनीतिक मतभेदों को लेकर भी चर्चा में आ गया है। मुख्यमंत्री कार्यालय ने अनुमति नहीं मिलने की बात कही है, जबकि इस घटनाक्रम के बाद राज्य सरकार के आगामी विदेश संपर्क कार्यक्रमों में भी बदलाव की संभावना बनी हुई है।

  • घुटने की सफल सर्जरी के बाद अस्पताल में भर्ती नंदमुरी बालकृष्ण, स्वास्थ्य जानने पहुंचे मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू

    घुटने की सफल सर्जरी के बाद अस्पताल में भर्ती नंदमुरी बालकृष्ण, स्वास्थ्य जानने पहुंचे मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू

    नई दिल्ली । अभिनेता और आंध्र प्रदेश की राजनीति के प्रमुख चेहरों में शामिल नंदमुरी बालकृष्ण इन दिनों हैदराबाद के एक अस्पताल में उपचाराधीन हैं। हाल ही में एक फिल्म की शूटिंग के दौरान उनके घुटने में गंभीर चोट लगने के बाद उनकी सर्जरी की गई। ऑपरेशन के बाद उनकी स्वास्थ्य स्थिति स्थिर बताई जा रही है। इस बीच आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू अस्पताल पहुंचे और उनसे मुलाकात कर स्वास्थ्य की जानकारी ली। उन्होंने चिकित्सकों से भी उपचार और रिकवरी की पूरी प्रक्रिया पर विस्तार से चर्चा की।

    मुख्यमंत्री का अस्पताल पहुंचना केवल औपचारिक मुलाकात नहीं रहा, बल्कि उन्होंने डॉक्टरों से सर्जरी की सफलता, वर्तमान स्वास्थ्य स्थिति और आगे की चिकित्सा योजना के बारे में भी जानकारी प्राप्त की। नंदमुरी बालकृष्ण तेलुगु देशम पार्टी के वरिष्ठ नेता होने के साथ-साथ मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू के पारिवारिक संबंधी भी हैं। अस्पताल में दोनों के बीच कुछ समय तक बातचीत हुई, जिसके बाद मुख्यमंत्री ने चिकित्सकीय टीम से विस्तार से चर्चा की।

    जानकारी के अनुसार, 21 जुलाई को राजमुंदरी में अपनी नई फिल्म की शूटिंग के दौरान एक दृश्य फिल्माते समय बालकृष्ण के घुटने में गंभीर चोट लगी थी। शुरुआती उपचार वहीं किया गया, लेकिन जांच में चोट अधिक गंभीर होने का संकेत मिलने पर अगले दिन उन्हें एयर एंबुलेंस के जरिए हैदराबाद लाया गया। यहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में उनका विस्तृत परीक्षण किया गया और आवश्यक मेडिकल जांच कराई गई।

    चिकित्सकीय जांच में सामने आया कि उनके बाएं पैर के क्वाड्रिसेप्स टेंडन को गंभीर नुकसान पहुंचा है। यह टेंडन जांघ की प्रमुख मांसपेशी को घुटने से जोड़ने का महत्वपूर्ण कार्य करता है और चलने-फिरने तथा पैर को सीधा करने में अहम भूमिका निभाता है। इसके अलावा घुटने के दोनों ओर मौजूद सहायक ऊतकों में भी चोट की पुष्टि हुई। डॉक्टरों ने सभी रिपोर्टों का मूल्यांकन करने के बाद सर्जरी को सबसे उपयुक्त उपचार माना।

    23 जुलाई को विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम ने उनका ऑपरेशन किया। लगभग तीन घंटे तक चली यह सर्जरी सफल रही। ऑपरेशन के बाद जारी मेडिकल जानकारी के अनुसार, बालकृष्ण की स्थिति संतोषजनक है और उन्हें पोस्ट-ऑपरेटिव ऑब्जर्वेशन में रखा गया है। चिकित्सक लगातार उनकी रिकवरी की निगरानी कर रहे हैं और आवश्यक उपचार जारी है। स्वास्थ्य में सुधार के साथ आगे पुनर्वास प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी, ताकि वह सामान्य गतिविधियों में सुरक्षित रूप से लौट सकें।

    बालकृष्ण के अस्पताल में भर्ती होने की खबर सामने आने के बाद उनके प्रशंसकों, समर्थकों और राजनीतिक सहयोगियों ने उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। आंध्र प्रदेश सरकार में मानव संसाधन विकास, सूचना प्रौद्योगिकी और इलेक्ट्रॉनिक्स मंत्री नारा लोकेश ने भी फोन पर उनसे बातचीत कर उनका हालचाल जाना और जल्द स्वस्थ होने की शुभकामनाएं दीं। फिल्म जगत और राजनीतिक क्षेत्र से जुड़े कई लोगों ने भी उनके स्वास्थ्य लाभ की कामना व्यक्त की है।

    नंदमुरी बालकृष्ण लंबे समय से तेलुगु सिनेमा और सार्वजनिक जीवन में सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं। ऐसे में उनके स्वास्थ्य को लेकर प्रशंसकों के बीच लगातार उत्सुकता बनी हुई है। चिकित्सकों का कहना है कि फिलहाल उनकी हालत स्थिर है और रिकवरी की प्रक्रिया संतोषजनक ढंग से आगे बढ़ रही है। आने वाले दिनों में उनकी सेहत में सुधार के आधार पर आगे की चिकित्सकीय योजना तय की जाएगी।

  • 90 के दशक की सुपरहिट जोड़ी अब नए अंदाज में करेगी वापसी, 'King 100' में तब्बू के विलेन अवतार से नागार्जुन की होगी सीधी टक्कर

    90 के दशक की सुपरहिट जोड़ी अब नए अंदाज में करेगी वापसी, 'King 100' में तब्बू के विलेन अवतार से नागार्जुन की होगी सीधी टक्कर

    नई दिल्ली । दक्षिण भारतीय सिनेमा के वरिष्ठ अभिनेता नागार्जुन अक्किनेनी और अभिनेत्री तब्बू की लोकप्रिय जोड़ी एक बार फिर बड़े पर्दे पर साथ दिखाई देने वाली है। करीब 28 वर्ष बाद दोनों कलाकार फिल्म ‘King 100’ में साथ काम कर रहे हैं। हालांकि इस बार दर्शकों को उनकी पारंपरिक रोमांटिक केमिस्ट्री नहीं, बल्कि पूरी तरह अलग कहानी और टकराव देखने को मिलेगा। फिल्म में तब्बू एक प्रभावशाली नकारात्मक किरदार निभा रही हैं, जबकि नागार्जुन मुख्य भूमिका में नजर आएंगे।

    ‘King 100’ नागार्जुन के फिल्मी करियर की 100वीं फिल्म है, इसलिए इसे उनके लिए बेहद खास प्रोजेक्ट माना जा रहा है। फिल्म को लेकर पहले से ही दर्शकों के बीच उत्सुकता बनी हुई थी, लेकिन तब्बू की एंट्री और उनके विलेन वाले किरदार की जानकारी सामने आने के बाद इस परियोजना को लेकर चर्चा और तेज हो गई है। लंबे अंतराल के बाद दोनों कलाकारों का एक साथ आना दर्शकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बन गया है।

    अपने अभिनय करियर में तब्बू ने कई गंभीर और चुनौतीपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं, लेकिन पूरी तरह नकारात्मक किरदार में उन्हें बहुत कम देखा गया है। इस फिल्म में उनका किरदार कहानी का प्रमुख विरोधी होगा। बताया जा रहा है कि उनका चरित्र मजबूत, प्रभावशाली और कथानक का अहम हिस्सा होगा। इससे पहले भी उन्होंने कुछ फिल्मों में ग्रे शेड वाले किरदार निभाकर अपनी अभिनय क्षमता का परिचय दिया है, लेकिन इस बार उनका किरदार पूरी तरह अलग अंदाज में दर्शकों के सामने आएगा।

    नागार्जुन और तब्बू ने 1990 के दशक में कई फिल्मों में साथ काम किया था। उनकी जोड़ी को दर्शकों ने काफी पसंद किया था और दोनों की ऑन-स्क्रीन केमिस्ट्री लंबे समय तक चर्चा में रही। अब वर्षों बाद दोनों कलाकार एक नई कहानी और नए किरदारों के साथ वापसी कर रहे हैं। यही कारण है कि फिल्म को लेकर सिनेमा प्रेमियों और दोनों सितारों के प्रशंसकों में खास उत्साह देखा जा रहा है।

    फिल्म की शूटिंग भी लगातार आगे बढ़ रही है। हाल ही में पहले शेड्यूल का काम पूरा हुआ है। तब्बू ने सोशल मीडिया पर इसकी जानकारी साझा करते हुए शूटिंग पूरी होने की खुशी जाहिर की थी। इसके बाद फिल्म की टीम दूसरे शेड्यूल की तैयारियों में जुट गई है। निर्माण से जुड़े लोग फिल्म को निर्धारित समय के भीतर पूरा करने की दिशा में काम कर रहे हैं।

    मनोरंजन जगत के जानकारों का मानना है कि ‘King 100’ केवल नागार्जुन के करियर का महत्वपूर्ण पड़ाव नहीं होगी, बल्कि तब्बू के लिए भी एक अलग तरह का अभिनय प्रस्तुत करने का अवसर बनेगी। दर्शकों को इस फिल्म में एक्शन, ड्रामा और मजबूत किरदारों का संतुलन देखने को मिल सकता है। यदि कहानी और प्रस्तुति उम्मीदों पर खरी उतरती है तो यह फिल्म दोनों कलाकारों की यादगार फिल्मों में शामिल हो सकती है।

    फिल्म के वर्ष 2027 की शुरुआत में सिनेमाघरों में रिलीज होने की संभावना जताई जा रही है। आधिकारिक रिलीज की घोषणा का इंतजार किया जा रहा है। फिलहाल फिल्म की स्टार कास्ट, कहानी और तब्बू के नए अवतार को लेकर दर्शकों के बीच उत्सुकता लगातार बढ़ रही है। लंबे समय बाद नागार्जुन और तब्बू को एक साथ देखने का अवसर दर्शकों के लिए इस फिल्म का सबसे बड़ा आकर्षण माना जा रहा है।

  • स्पीड पोस्ट और कूरियर के जरिए 21 राज्यों में फैलाया गया करोड़ों का गांजा नेटवर्क बेनकाब, घर-घर पार्सल पहुंचाकर चल रहा था संगठित ड्रग्स कारोबार

    स्पीड पोस्ट और कूरियर के जरिए 21 राज्यों में फैलाया गया करोड़ों का गांजा नेटवर्क बेनकाब, घर-घर पार्सल पहुंचाकर चल रहा था संगठित ड्रग्स कारोबार

    नई दिल्ली । देशभर में स्पीड पोस्ट और निजी कूरियर सेवाओं का इस्तेमाल कर संगठित तरीके से गांजा सप्लाई करने वाले एक बड़े अंतरराज्यीय ड्रग्स नेटवर्क का खुलासा हुआ है। जांच में सामने आया है कि यह गिरोह 21 राज्यों तक अपना नेटवर्क फैला चुका था और ऑनलाइन ऑर्डर मिलने के बाद पार्सल के माध्यम से ग्राहकों के घरों तक मादक पदार्थ पहुंचाए जाते थे। मामले में मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि नेटवर्क से जुड़े कई अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। शुरुआती जांच में करोड़ों रुपये के अवैध कारोबार और सुनियोजित तस्करी तंत्र के संचालन के संकेत मिले हैं।

    पूरे मामले का खुलासा उस समय हुआ जब डाक के माध्यम से भेजे जा रहे एक संदिग्ध पार्सल की जांच की गई। इसके बाद दूसरे पार्सलों की पड़ताल शुरू हुई और धीरे-धीरे एक ऐसे नेटवर्क का पता चला, जो लंबे समय से अलग-अलग राज्यों में छोटे-छोटे पैकेटों के जरिए गांजे की आपूर्ति कर रहा था। जांच एजेंसियों ने इस नेटवर्क की कार्यप्रणाली का विश्लेषण किया तो सामने आया कि पार्सलों में मादक पदार्थों को सामान्य घरेलू सामान या दवाइयों के रूप में दर्शाकर भेजा जाता था, ताकि किसी को संदेह न हो।

    प्रारंभिक जांच के अनुसार गिरोह प्रतिदिन बड़ी संख्या में ग्राहकों के ऑर्डर पूरा करता था। रोजाना कई स्पीड पोस्ट और कूरियर पार्सलों के जरिए 50 से 250 ग्राम तक गांजा विभिन्न राज्यों में भेजा जाता था। प्रत्येक पार्सल की कीमत उसकी मात्रा के अनुसार तय होती थी और पूरे कारोबार से प्रतिदिन लाखों रुपये का लेनदेन होने का अनुमान है। मासिक और वार्षिक स्तर पर यह अवैध कारोबार करोड़ों रुपये तक पहुंच चुका था।

    जांच में यह भी सामने आया कि गिरोह सोशल मीडिया और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म के माध्यम से ग्राहकों से संपर्क करता था। ऑर्डर प्राप्त होने के बाद डिजिटल भुगतान के जरिए रकम ली जाती थी और फिर पैकेज तैयार कर अलग-अलग स्थानों पर भेज दिए जाते थे। नेटवर्क में शामिल प्रत्येक सदस्य की अलग जिम्मेदारी तय थी। कोई पैकेजिंग करता था, कोई पार्सल बुक कराता था, जबकि अन्य सदस्य मादक पदार्थों की खरीद, भंडारण और वितरण का काम संभालते थे। इससे पूरे नेटवर्क का संचालन व्यवस्थित तरीके से किया जा रहा था।

    पुलिस के अनुसार गिरोह अपनी गतिविधियों को छिपाने के लिए कोड वर्ड का भी इस्तेमाल करता था। मादक पदार्थ की मात्रा और गुणवत्ता बताने के लिए सामान्य शब्दों का प्रयोग किया जाता था, जिससे बातचीत के दौरान संदेह की संभावना कम रहे। अवैध कमाई को छिपाने के लिए विभिन्न बैंक खातों और यूपीआई आईडी का उपयोग किया जाता था। जांच में यह भी सामने आया कि अवैध आय का एक हिस्सा सोने, महंगी गाड़ियों और अन्य संपत्तियों में निवेश किया गया, ताकि धन के स्रोत को छिपाया जा सके।

    कार्रवाई के दौरान पुलिस ने दो स्थानीय खरीदारों को भी गिरफ्तार किया, जिनके कब्जे से गांजा बरामद किया गया। अधिकारियों का कहना है कि नेटवर्क के तार कई राज्यों से जुड़े हुए हैं और इसके माध्यम से लंबे समय से मादक पदार्थों की आपूर्ति की जा रही थी। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमें गठित की गई हैं और डिजिटल लेनदेन, बैंक खातों, मोबाइल रिकॉर्ड तथा पार्सल बुकिंग से जुड़े दस्तावेजों की गहन जांच जारी है।

    जांच एजेंसियों का मानना है कि यह मामला केवल एक तस्करी गिरोह तक सीमित नहीं हो सकता, बल्कि इसके पीछे व्यापक अंतरराज्यीय नेटवर्क सक्रिय होने की आशंका है। ऐसे में वित्तीय लेनदेन, सप्लाई चेन और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी विस्तार से जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि इस कार्रवाई से संगठित ड्रग्स तस्करी के ऐसे तरीकों पर प्रभावी अंकुश लगाने में महत्वपूर्ण मदद मिलेगी और भविष्य में इस तरह के नेटवर्क के खिलाफ अभियान और तेज किया जाएगा।

  • 'पुष्पा 2' प्रीमियर भगदड़ मामले में अल्लू अर्जुन को कोर्ट का समन, 22 जून को व्यक्तिगत पेशी के आदेश से बढ़ीं कानूनी चुनौतियां

    'पुष्पा 2' प्रीमियर भगदड़ मामले में अल्लू अर्जुन को कोर्ट का समन, 22 जून को व्यक्तिगत पेशी के आदेश से बढ़ीं कानूनी चुनौतियां

    नई दिल्ली । हैदराबाद के संध्या थिएटर में फिल्म ‘पुष्पा 2’ के प्रीमियर के दौरान हुई भगदड़ और उससे जुड़े दुखद हादसे का मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है। इस प्रकरण में अभिनेता अल्लू अर्जुन की कानूनी चुनौतियां बढ़ती दिखाई दे रही हैं। अदालत ने मामले की सुनवाई को आगे बढ़ाते हुए अभिनेता को निर्धारित तिथि पर व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का निर्देश दिया है। न्यायिक प्रक्रिया के इस नए चरण ने मामले को फिर से सुर्खियों में ला दिया है।

    दिसंबर 2024 में हुए इस हादसे ने फिल्म उद्योग, प्रशासन और आम जनता के बीच बड़े आयोजनों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे। फिल्म के विशेष प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में दर्शकों के थिएटर पहुंचने से अचानक भीड़ बढ़ गई थी। स्थिति नियंत्रण से बाहर होने पर भगदड़ जैसी परिस्थिति पैदा हुई, जिसमें एक महिला की जान चली गई थी जबकि एक किशोर गंभीर रूप से घायल हो गया था। घटना के बाद पूरे मामले की जांच शुरू की गई थी और विभिन्न पहलुओं को लेकर पुलिस ने विस्तृत पड़ताल की।

    जांच एजेंसियों ने हादसे के लिए जिम्मेदार परिस्थितियों का आकलन करते हुए कई व्यक्तियों और संबंधित पक्षों को मामले में आरोपी बनाया। पुलिस द्वारा दाखिल आरोपपत्र में थिएटर प्रबंधन के साथ-साथ अन्य संबंधित लोगों के नाम भी शामिल किए गए हैं। इसी क्रम में अभिनेता अल्लू अर्जुन को भी आरोपी के रूप में सूचीबद्ध किया गया है, जिसके बाद अदालत ने उन्हें सुनवाई के लिए तलब किया है।

    अदालत द्वारा जारी समन के अनुसार अभिनेता को 22 जून को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होना होगा। इस मामले में केवल अभिनेता ही नहीं बल्कि कई अन्य आरोपियों को भी अदालत के समक्ष पेश होने के निर्देश दिए गए हैं। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि आगामी सुनवाई मामले की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है, क्योंकि इसी दौरान आरोपों और जांच से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर आगे की प्रक्रिया तय होगी।

    घटना के बाद पीड़ित परिवार लगातार न्याय की मांग करता रहा है। हादसे में जान गंवाने वाली महिला के परिजनों का कहना है कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए जिम्मेदार पक्षों की जवाबदेही तय होना आवश्यक है। वहीं घायल युवक का उपचार लंबे समय तक चर्चा का विषय बना रहा और उसके स्वास्थ्य को लेकर समय-समय पर जानकारी सामने आती रही।

    हाल के दिनों में अभिनेता के परिवार के सदस्यों ने भी पीड़ित परिवार से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना। इस दौरान परिवार को हरसंभव सहयोग देने का आश्वासन भी दिया गया। इस कदम को मानवीय संवेदना के तौर पर देखा गया, हालांकि कानूनी प्रक्रिया अपने निर्धारित ढंग से आगे बढ़ रही है और अदालत में मामले की सुनवाई जारी है।

    फिल्मों के प्रीमियर और बड़े सार्वजनिक आयोजनों में सुरक्षा प्रबंधन को लेकर यह मामला एक महत्वपूर्ण उदाहरण बन गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ती लोकप्रियता और भारी भीड़ को देखते हुए आयोजकों, प्रशासन और संबंधित एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है। सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन ही ऐसे हादसों को रोकने का सबसे प्रभावी तरीका माना जाता है।

    अब सभी की नजरें आगामी सुनवाई पर टिकी हैं, जहां अदालत मामले से जुड़े तथ्यों, जांच रिपोर्ट और आरोपों पर आगे की कार्रवाई को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय ले सकती है। इस बीच, यह मामला न्यायिक प्रक्रिया के साथ-साथ सार्वजनिक आयोजनों में सुरक्षा व्यवस्था की आवश्यकता को भी प्रमुखता से सामने ला रहा है।

  • प्रभास स्टारर महागाथा 'कल्कि 2' की स्टारकास्ट को लेकर सस्पेंस बरकरार, दीपिका को रिप्लेस करने के दावों पर आया फिल्म से जुड़े करीबी सूत्रों का बड़ा बयान

    प्रभास स्टारर महागाथा 'कल्कि 2' की स्टारकास्ट को लेकर सस्पेंस बरकरार, दीपिका को रिप्लेस करने के दावों पर आया फिल्म से जुड़े करीबी सूत्रों का बड़ा बयान

    नई दिल्ली । भारतीय सिनेमा की सबसे बड़ी ब्लॉकबस्टर फिल्मों में शुमार ‘क‍ल्कि 2898 AD’ के दूसरे भाग को लेकर फिल्म गलियारों में कयासों और चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। साल 2024 में सुपरस्टार प्रभास और दीपिका पादुकोण अभिनीत इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर सफलता के नए कीर्तिमान स्थापित किए थे। फिल्म में दीपिका पादुकोण के किरदार और उनके अभिनय को दर्शकों के साथ-साथ समीक्षकों द्वारा भी काफी सराहा गया था। अब जबकि निर्माता-निर्देशक इस महागाथा के दूसरे हिस्से की तैयारियों और निर्माण में जुटे हैं, तब सोशल मीडिया पर फिल्म की स्टारकास्ट में बड़े बदलाव को लेकर कई तरह के दावे किए जा रहे हैं।

    हालिया रिपोर्ट्स में यह बात तेजी से वायरल हो रही है कि दीपिका पादुकोण अब इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट का हिस्सा नहीं हैं और वे इस फ्रेंचाइजी से बाहर हो चुकी हैं। इन चर्चाओं को तब और बल मिला जब कुछ समय पहले यह दावा किया गया कि फिल्म निर्माताओं ने दीपिका पादुकोण की जगह दक्षिण भारतीय सिनेमा की बेहतरीन अभिनेत्री साई पल्लवी को इस प्रोजेक्ट में शामिल कर लिया है। इन तमाम खबरों के बीच अब एक नया मोड़ सामने आया है, जिसमें बॉलीवुड की शीर्ष अभिनेत्री आलिया भट्ट का नाम भी इस बहुप्रतीक्षित फिल्म के साथ जोड़ा जा रहा है।

    सोशल मीडिया पर तैर रही विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, आलिया भट्ट ने इस मेगा बजट फिल्म के लिए अपनी सहमति दे दी है। कुछ रिपोर्ट्स में यह दावा किया जा रहा है कि आलिया भट्ट फिल्म में दीपिका पादुकोण को पूरी तरह से रिप्लेस कर रही हैं, जबकि उद्योग जगत के कुछ अन्य सूत्रों का मानना है कि आलिया का किरदार पूरी तरह से नया, अनूठा और फिल्म की कहानी को एक नया आयाम देने वाला होगा। इंटरनेट पर चल रही खबरों में यह भी कहा जा रहा है कि इस गुप्त प्रोजेक्ट के लिए आलिया भट्ट ने हैदराबाद का दौरा किया था, जहां उन्होंने फिल्म के कुछ महत्वपूर्ण दृश्यों की शूटिंग भी पूरी कर ली है। यदि इन अटकलों में थोड़ी भी सच्चाई है, तो दर्शकों को पर्दे पर पहली बार साई पल्लवी और आलिया भट्ट की दो दमदार अभिनेत्रियों की जुगलबंदी देखने को मिल सकती है।

    हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम और कास्टिंग को लेकर अभी तक आलिया भट्ट या फिल्म के मुख्य निर्माताओं की ओर से कोई भी आधिकारिक बयान या पुष्टि सामने नहीं आई है। फिल्म ‘कल्कि 2’ की निर्माण टीम से जुड़े एक विश्वसनीय सूत्र ने इस मामले पर स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया है कि सोशल मीडिया पर चल रही ये खबरें पूरी तरह से अपुष्ट हैं। सूत्र के अनुसार, किसी एक सोशल मीडिया हैंडल से इस तरह का भ्रामक दावा किया गया और बिना किसी प्रामाणिक तथ्य के अन्य प्लेटफॉर्म्स पर इसे कॉपी-पेस्ट किया जाने लगा। वर्तमान में आलिया भट्ट की इस प्रोजेक्ट में कास्टिंग को लेकर आधिकारिक तौर पर कोई ठोस जानकारी उपलब्ध नहीं है।

    यह भी उल्लेखनीय है कि दीपिका पादुकोण को लेकर पिछले कुछ समय से बॉलीवुड में कई तरह की खबरें सुर्खियां बटोर रही हैं। चर्चा है कि उनके हाथ से एक के बाद एक दो बड़े प्रोजेक्ट्स निकल गए हैं। पहले निर्देशक संदीप रेड्डी वांगा की फिल्म ‘स्पिरिट’ को लेकर कुछ मतभेदों की खबरें आईं, जिसके बाद तृप्ति डिमरी को कास्ट कर लिया गया। इसके तुरंत बाद निर्देशक नाग अश्विन की ‘कल्कि 2’ से भी उनके अलग होने की अफवाहों ने तूल पकड़ लिया।

    दूसरी तरफ, आलिया भट्ट इस समय अपने कई अन्य बड़े और महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स में व्यस्त हैं। वे जल्द ही यशराज फिल्म्स के स्पाई यूनिवर्स की आगामी फिल्म ‘अल्फा’ में मुख्य भूमिका निभाती नजर आएंगी, जिसका निर्देशन शिव रवैल कर रहे हैं और इसमें उनके साथ शरवरी, बॉबी देओल और अनिल कपूर जैसे कलाकार दिखाई देंगे। इसके अतिरिक्त, आलिया भट्ट प्रसिद्ध निर्देशक संजय लीला भंसाली की आगामी महत्वाकांक्षी फिल्म ‘लव एंड वॉर’ की तैयारियों में भी जुटी हैं, जिसमें वे रणबीर कपूर और विक्की कौशल के साथ स्क्रीन स्पेस साझा करती नजर आएंगी। ‘कल्कि 2’ में उनकी एंट्री केवल एक अफवाह है या इसमें कोई वास्तविक सच्चाई है, यह आने वाले समय में मेकर्स की आधिकारिक घोषणा के बाद ही साफ हो पाएगा।