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  • प्रेम विवाह के बाद बढ़े पारिवारिक विवाद का खूनी अंजाम, यूट्यूबर शेख महबूब की चाकुओं से गोदकर हत्या

    प्रेम विवाह के बाद बढ़े पारिवारिक विवाद का खूनी अंजाम, यूट्यूबर शेख महबूब की चाकुओं से गोदकर हत्या

    नई दिल्ली । तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में सोशल मीडिया से पहचान बनाने वाले 30 वर्षीय यूट्यूबर और इलेक्ट्रीशियन शेख महबूब की हत्या ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी है। चांदी मसूद नाम से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सक्रिय महबूब की दिनदहाड़े धारदार हथियारों से हमला कर हत्या कर दी गई। प्रारंभिक जांच में घटना के पीछे पारिवारिक विवाद और रिश्तों में लंबे समय से चल रहे तनाव को अहम कारण माना जा रहा है।

    घटना गोलकोंडा थाना क्षेत्र के कुमारवाड़ी इलाके की बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार शेख महबूब शुक्रवार को जुमे की नमाज अदा करने के बाद अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान कुछ लोगों ने उनका पीछा करना शुरू कर दिया। स्थिति को भांपते हुए उन्होंने तेजी से अपने घर में प्रवेश किया, लेकिन हमलावर भी उनके पीछे-पीछे घर के अंदर पहुंच गए।

    प्रत्यक्षदर्शियों और प्रारंभिक जांच के आधार पर सामने आया है कि घर के भीतर पहुंचते ही आरोपियों ने महबूब पर हमला बोल दिया। हमले में चाकुओं सहित अन्य धारदार हथियारों का इस्तेमाल किया गया। जांच में यह भी सामने आया है कि मारपीट के दौरान लोहे की रॉड और व्यायाम उपकरणों का भी उपयोग किया गया। लगातार किए गए हमलों के कारण महबूब गंभीर रूप से घायल हो गए और घटनास्थल पर ही उनकी हालत अत्यंत नाजुक हो गई।

    स्थानीय लोगों ने तत्काल उन्हें अस्पताल पहुंचाने की कोशिश की, लेकिन चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस घटना के बाद इलाके में तनावपूर्ण माहौल बन गया और बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल के आसपास एकत्र हो गए। सूचना मिलते ही पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची तथा साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया शुरू की गई।

    पुलिस की शुरुआती जांच में मृतक की पत्नी के भाई शेख सोहेल का नाम प्रमुख आरोपी के रूप में सामने आया है। इसके अलावा दो अन्य व्यक्तियों की संलिप्तता की भी आशंका व्यक्त की जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि घटना पूर्व नियोजित हो सकती है, इसलिए हत्या के पीछे की परिस्थितियों और संभावित साजिश की भी गहन जांच की जा रही है।

    जांच एजेंसियों को मिली जानकारी के अनुसार शेख महबूब ने लगभग डेढ़ वर्ष पहले प्रेम विवाह किया था। बताया जा रहा है कि विवाह को लेकर दोनों परिवारों के कुछ सदस्यों के बीच मतभेद थे। विवाह के बाद दंपति को एक संतान भी हुई, लेकिन पारिवारिक रिश्तों में तनाव पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ। पुलिस इसी पृष्ठभूमि को ध्यान में रखकर मामले की कड़ियां जोड़ने का प्रयास कर रही है।

    अधिकारियों ने बताया कि घटनास्थल से महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र किए गए हैं और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है। गवाहों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं ताकि हमलावरों की गतिविधियों और घटना के क्रम को स्पष्ट रूप से समझा जा सके। पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमों का गठन किया है और संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है।

    पुलिस का कहना है कि मामले के हर पहलू की निष्पक्ष जांच की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार हत्या के पीछे की वास्तविक वजह, आरोपियों की भूमिका और घटना की पूरी साजिश का खुलासा जांच पूरी होने के बाद किया जाएगा। फिलहाल पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपियों की तलाश और साक्ष्य संग्रहण की कार्रवाई तेज कर दी गई है।

  • साई पल्लवी और रुक्मिणी वसंत के बाद अब रश्मिका मंदाना के नाम की चर्चा तेज, आधिकारिक घोषणा का इंतजार

    साई पल्लवी और रुक्मिणी वसंत के बाद अब रश्मिका मंदाना के नाम की चर्चा तेज, आधिकारिक घोषणा का इंतजार

    नई दिल्ली । भारतीय संगीत जगत की सर्वकालिक महान विभूतियों में शुमार और भारत रत्न से सम्मानित कर्नाटक संगीत की दिग्गज गायिका एमएस सुब्बुलक्ष्मी की गौरवशाली जीवन यात्रा जल्द ही बड़े पर्दे पर अवतरित होने जा रही है। इस ऐतिहासिक और संगीत से ओतप्रोत बायोपिक फिल्म को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर सिनेमाई गलियारों और सोशल मीडिया पर व्यापक चर्चाएं शुरू हो गई हैं। इस महत्वाकांक्षी परियोजना में मुख्य किरदार अर्थात एमएस सुब्बुलक्ष्मी की प्रतिष्ठित भूमिका को पर्दे पर जीवंत करने के लिए दक्षिण भारतीय और हिंदी सिनेमा की शीर्ष अभिनेत्री रश्मिका मंदाना के नाम पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है।

    इस बहुप्रतीक्षित बायोपिक फिल्म के तकनीकी और रचनात्मक पहलुओं की जिम्मेदारी फिल्म इंडस्ट्री के जाने-माने निर्देशक गौतम तिन्ननुरी संभाल रहे हैं। गौतम तिन्ननुरी को समीक्षकों द्वारा प्रशंसित और व्यावसायिक रूप से बेहद सफल रही फिल्म ‘जर्सी’ के निर्देशन के लिए विशेष पहचान हासिल है। प्राप्त विवरण के अनुसार, निर्देशक पिछले एक लंबे समय से महान गायिका एमएस सुब्बुलक्ष्मी के जीवन, उनके संगीत के सफर और उनके ऐतिहासिक योगदान पर गहन शोध (रिसर्च) कर रहे हैं, ताकि कहानी को पूरी प्रामाणिकता के साथ दर्शकों के समक्ष प्रस्तुत किया जा सके।

    फिल्म की मुख्य अभिनेत्री के चयन को लेकर वर्तमान में फिल्म उद्योग के भीतर गहरा सस्पेंस बना हुआ है, जिसके कारण विभिन्न कयास लगाए जा रहे हैं। तेलुगु सिनेमाई मीडिया रिपोर्ट्स के दावों के अनुसार, रश्मिका मंदाना को इस ऐतिहासिक भूमिका के लिए लगभग तय माना जा रहा है और हाल ही में उनके आवास पर इस किरदार से जुड़े पहनावे और स्वरूप को लेकर एक गुप्त लुक टेस्ट भी सफलतापूर्वक आयोजित किया गया है। रश्मिका के इस प्रोजेक्ट से जुड़ने की खबर ने उनके प्रशंसकों के बीच भारी उत्साह पैदा कर दिया है।

    हालांकि, इस महत्वपूर्ण भूमिका के लिए रश्मिका मंदाना के अलावा इंडस्ट्री की कुछ अन्य प्रतिभाशाली अभिनेत्रियों के नाम भी पूर्व में सामने आते रहे हैं। कुछ समय पहले तक यह चर्चा बेहद गर्म थी कि अपनी संजीदा अदाकारी के लिए मशहूर साई पल्लवी इस बायोपिक का हिस्सा होंगी और उन्होंने इस किरदार की तैयारी के लिए बकायदा कर्नाटक संगीत की बुनियादी बारीकियां सीखना भी शुरू कर दिया था। इसके बाद बीच में उभरती हुई अभिनेत्री रुक्मिणी वसंत को भी इस रोल के लिए साइन किए जाने की खबरें आईं। चूंकि फिल्म के निर्माताओं ने अभी तक कास्टिंग को लेकर कोई औपचारिक प्रेस विज्ञप्ति जारी नहीं की है, इसलिए अंतिम नाम को लेकर आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है।

    दूसरी ओर, रश्मिका मंदाना वर्तमान में अपनी एक अन्य बड़ी और आधुनिक प्रेम कहानी पर आधारित फिल्म ‘कॉकटेल 2’ के प्रचार-प्रसार में व्यस्त हैं। हाल ही में डिजिटल प्लेटफॉर्म पर रिलीज हुए ‘कॉकटेल 2’ के आधिकारिक ट्रेलर को दर्शकों और नेटिजन्स की ओर से बेहद सकारात्मक प्रतिक्रियाएं मिली हैं, जिसके लिए रश्मिका ने अपने प्रशंसकों के प्रति आभार भी व्यक्त किया है। होमी अदजानिया के निर्देशन में बनी यह फिल्म आगामी 19 जून 2026 को देश भर के सिनेमाघरों में प्रदर्शित होने के लिए पूरी तरह तैयार है, जिसमें रश्मिका के साथ शाहिद कपूर और कृति सेनन मुख्य भूमिकाओं में दिखाई देंगे। इस व्यावसायिक फिल्म के तुरंत बाद एमएस सुब्बुलक्ष्मी जैसी ऐतिहासिक शख्सियत की बायोपिक रश्मिका के करियर के लिए एक बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हो सकती है।

  • धार्मिक मुद्दों के राजनीतिक इस्तेमाल पर ओवैसी ने उठाए सवाल, UCC, NEET और महंगाई पर सरकारों को घेरा

    धार्मिक मुद्दों के राजनीतिक इस्तेमाल पर ओवैसी ने उठाए सवाल, UCC, NEET और महंगाई पर सरकारों को घेरा

    नई दिल्ली/ हैदराबाद में आयोजित ईद मिलाप कार्यक्रम के दौरान AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने एक बार फिर कई राष्ट्रीय और सामाजिक मुद्दों पर अपनी बेबाक राय रखी है। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि अजान और नमाज जैसे धार्मिक विषयों को अक्सर राजनीतिक रूप से इस तरह उठाया जाता है, जिससे एक विशेष समुदाय को निशाना बनाने का माहौल बनता है। उन्होंने आरोप लगाया कि सार्वजनिक बहसों में ऐसे मुद्दों को आवश्यकता से अधिक महत्व दिया जाता है, जबकि देश के असली मुद्दे रोजगार, शिक्षा और महंगाई हैं, जिन पर पर्याप्त चर्चा नहीं हो पाती।

    ओवैसी ने अपने भाषण में सड़क पर नमाज पढ़ने के मुद्दे का उल्लेख करते हुए कहा कि यह कोई रोजमर्रा की स्थिति नहीं होती, बल्कि केवल कुछ विशेष अवसरों जैसे जुमे या ईद पर सीमित समय के लिए होता है। इसके बावजूद इसे लगातार एक बड़े विवाद के रूप में प्रस्तुत किया जाता है। उन्होंने कहा कि देश में विभिन्न धार्मिक आयोजनों और जुलूसों के दौरान भी सड़कें अस्थायी रूप से बंद की जाती हैं और व्यवस्था बनाई जाती है, लेकिन उन मामलों पर विवाद उतना नहीं होता जितना नमाज को लेकर देखा जाता है।

    उन्होंने यह भी कहा कि यदि सार्वजनिक स्थानों के उपयोग को लेकर कोई नियम बनाया जाता है, तो वह सभी धर्मों और समुदायों पर समान रूप से लागू होना चाहिए। उनके अनुसार किसी भी प्रकार की असमानता समाज में भ्रम और असंतोष पैदा करती है। उन्होंने तर्क दिया कि लोगों को धार्मिक मुद्दों की बजाय उन विषयों पर अधिक ध्यान देना चाहिए जो उनके दैनिक जीवन को सीधे प्रभावित करते हैं, जैसे महंगाई और बेरोजगारी।

    अपने संबोधन में ओवैसी ने मीडिया की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्तर के कई महत्वपूर्ण मुद्दे, जैसे परीक्षा प्रणाली से जुड़े विवाद और छात्रों की समस्याएं, अक्सर उतनी गंभीरता से नहीं उठाई जातीं जितनी धार्मिक बहसें दिखाई जाती हैं। उन्होंने कहा कि लाखों छात्रों और उनके परिवारों पर असर डालने वाले विषयों को अधिक प्राथमिकता मिलनी चाहिए, क्योंकि ये सीधे भविष्य से जुड़े मुद्दे हैं।

    यूनिफॉर्म सिविल कोड को लेकर भी उन्होंने अपनी आपत्तियां दोहराईं और कहा कि किसी भी कानून को समानता के नाम पर लागू करते समय सभी समुदायों के साथ एक जैसा व्यवहार होना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि किसी नीति में चयनात्मक तरीके से छूट या सख्ती अपनाई जाती है, तो यह सामाजिक संतुलन को प्रभावित कर सकती है।

    हिंदू त्योहारों के दौरान मांस और अंडे की बिक्री पर लगाए जाने वाले प्रतिबंधों का उल्लेख करते हुए ओवैसी ने कहा कि यदि धार्मिक भावनाओं के आधार पर ऐसे कदम उठाए जाते हैं, तो सभी समुदायों के लिए एक समान दृष्टिकोण अपनाया जाना चाहिए। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी धर्म की आलोचना करना नहीं, बल्कि सभी के लिए समान व्यवहार की मांग करना है।

    महंगाई और बढ़ती ईंधन कीमतों पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि आम लोगों की सबसे बड़ी समस्या रोजमर्रा के खर्चों में बढ़ोतरी है, जो सीधे पेट्रोल, डीजल और गैस की कीमतों से जुड़ी हुई है। उन्होंने कहा कि इन मुद्दों पर गंभीर और निरंतर चर्चा की आवश्यकता है, क्योंकि यही विषय आम नागरिक के जीवन को सबसे अधिक प्रभावित करते हैं।

  • रफ्तार का नशा पड़ा भारी, 200 किमी प्रति घंटे की स्पीड पर बनाई रील, डिजिटल सुरागों ने पहुंचाया सलाखों तक

    रफ्तार का नशा पड़ा भारी, 200 किमी प्रति घंटे की स्पीड पर बनाई रील, डिजिटल सुरागों ने पहुंचाया सलाखों तक

    नई दिल्ली सोशल मीडिया पर लोकप्रियता हासिल करने की चाहत कई बार लोगों को ऐसे कदम उठाने के लिए प्रेरित कर देती है, जिनका परिणाम गंभीर हो सकता है। तेज रफ्तार, स्टंट और वायरल होने की होड़ के बीच सड़क सुरक्षा नियमों की अनदेखी अब कानून व्यवस्था के लिए भी चुनौती बनती जा रही है। ताजा मामले में एक युवक द्वारा रिंग रोड पर अत्यधिक रफ्तार से लग्जरी कार चलाने और उसका वीडियो साझा करने के बाद पुलिस ने सख्त कार्रवाई की है।

    जानकारी के अनुसार युवक ने एक हाई-स्पीड मार्ग पर अपनी लग्जरी कार को बेहद तेज रफ्तार में दौड़ाया। बताया जा रहा है कि वाहन की गति सामान्य सीमा से कहीं अधिक थी और इसी दौरान ड्राइविंग से जुड़ा वीडियो रिकॉर्ड किया गया। बाद में इसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा किया गया, जिसके बाद मामला तेजी से चर्चा में आ गया।

    वीडियो सामने आने के बाद लोगों ने सड़क सुरक्षा को लेकर चिंता जतानी शुरू कर दी। तेज रफ्तार में वाहन चलाना केवल चालक के लिए ही नहीं बल्कि सड़क पर मौजूद अन्य लोगों के लिए भी गंभीर खतरा बन सकता है। ऐसे मामलों में एक छोटी सी लापरवाही बड़े हादसे का कारण बन सकती है। इसी वजह से वीडियो वायरल होने के बाद संबंधित एजेंसियां भी सक्रिय हो गईं।

    मामले की जांच के दौरान तकनीकी साक्ष्यों और डिजिटल गतिविधियों का सहारा लिया गया। पुलिस ने सोशल मीडिया प्रोफाइल और अन्य तकनीकी संकेतों के आधार पर आरोपी की पहचान की और उसके बाद कार्रवाई को अंजाम दिया। जांच एजेंसियों ने यह भी स्पष्ट किया कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर साझा की गई सामग्री कई बार जांच में अहम भूमिका निभाती है और कानून से बच निकलना आसान नहीं होता।

    पूछताछ के दौरान आरोपी ने कथित रूप से वाहन और घटना से जुड़े तथ्यों को स्वीकार किया। इसके बाद कार्रवाई के तहत संबंधित वाहन को भी जब्त कर लिया गया और आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई। इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा किया है कि सोशल मीडिया पर कुछ अलग दिखाने की होड़ किस हद तक लोगों को जोखिम उठाने के लिए प्रेरित कर रही है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि सड़कें स्टंट या लोकप्रियता पाने का मंच नहीं हैं। यातायात नियम केवल व्यवस्था बनाए रखने के लिए नहीं बल्कि लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बनाए जाते हैं। तेज रफ्तार से जुड़ी घटनाएं पहले भी कई दर्दनाक हादसों का कारण बन चुकी हैं, जिनमें कई लोगों ने अपनी जान गंवाई है।

    हाल के वर्षों में सोशल मीडिया और रील संस्कृति ने नई संभावनाएं तो दी हैं, लेकिन इसके साथ जिम्मेदारी भी बढ़ी है। कानून एजेंसियां लगातार यह संदेश दे रही हैं कि ऑनलाइन लोकप्रियता के लिए सार्वजनिक सुरक्षा से समझौता नहीं किया जा सकता। यह घटना उन लोगों के लिए भी एक सीख मानी जा रही है जो कुछ मिनटों की प्रसिद्धि के लिए नियमों और सुरक्षा को नजरअंदाज कर देते हैं।

  • हैदराबाद में शर्मनाक वारदात: चाय के बहाने कार में घुमाया, फिर क्लासमेट को जबरन शराब पिलाकर बीटेक छात्र ने किया दुष्कर्म, आरोपी सलाखों के पीछे

    हैदराबाद में शर्मनाक वारदात: चाय के बहाने कार में घुमाया, फिर क्लासमेट को जबरन शराब पिलाकर बीटेक छात्र ने किया दुष्कर्म, आरोपी सलाखों के पीछे

    नई दिल्ली /हैदराबाद: महानगर के शैक्षणिक हलकों को झकझोर देने वाली एक बेहद संवेदनशील और गंभीर घटना में पुलिस ने एक तकनीकी संस्थान के छात्र को अपनी ही सहपाठी के साथ कथित तौर पर दुष्कर्म करने के आरोप में गिरफ्तार किया है। पीड़ित युवती और आरोपी दोनों ही क्षेत्र के एक प्रतिष्ठित कॉलेज से बीटेक की पढ़ाई कर रहे हैं और एक ही कक्षा में होने के कारण दोनों के बीच सामान्य जान-पहचान थी। इसी परिचय का फायदा उठाकर आरोपी ने इस घिनौनी वारदात को अंजाम दिया। पुलिस प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए त्वरित कार्रवाई की और पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए कानूनी प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाया है।

    घटनाक्रम के अनुसार, यह पूरी वारदात बीते सप्ताह की रात को घटित हुई थी। आरोपी छात्र पीड़िता को उसके घर के पास से महज चाय पीने और साथ घूमने के बहाने अपनी कार में बिठाकर ले गया था। वह काफी देर तक युवती को कार में इधर-उधर घुमाता रहा, जिससे पीड़िता को उसकी वास्तविक और दुर्भावनापूर्ण मंशा का जरा भी अंदाजा नहीं हुआ। वापसी के दौरान आरोपी ने बीच रास्ते में गाड़ी रोककर शराब खरीदी। इसके बाद उसने कार के भीतर ही खुद भी शराब का सेवन किया और युवती को भी जबरन अत्यधिक मात्रा में शराब पीने पर मजबूर कर दिया। युवती के विरोध को दरकिनार करते हुए उसे पूरी तरह नशे की हालत में ला दिया गया।

    जब पीड़िता अत्यधिक नशे के कारण खुद को संभालने की स्थिति में नहीं रही, तब आरोपी उसे इब्राहिमपटनम इलाके में स्थित एक सुनसान कमरे पर लेकर गया। वहां उसने युवती की बेबसी का फायदा उठाते हुए उसके साथ जबरन दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया। होश में आने और घटना की भयावहता को समझने के बाद, बीस वर्षीय पीड़िता ने हिम्मत दिखाई और सीधे स्थानीय पुलिस थाने पहुंचकर अपने साथ हुई इस बर्बरता की लिखित शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने पीड़िता की मानसिक और शारीरिक स्थिति को समझते हुए तुरंत उसकी शिकायत के आधार पर संबंधित कानूनी धाराओं के तहत मामला पंजीकृत कर लिया।

    मामला दर्ज होते ही स्थानीय पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर एक विशेष टीम का गठन कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी गई। पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए आरोपी छात्र को चौबीस घंटे के भीतर धर दबोचा। शुरुआती पूछताछ और प्राथमिक जांच के बाद आरोपी को स्थानीय अदालत के समक्ष पेश किया गया, जहां से विद्वान न्यायाधीश ने उसे न्यायिक हिरासत के तहत जेल भेजने का आदेश जारी कर दिया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कानून के तहत सख्त से सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है और मामले से जुड़े तमाम वैज्ञानिक व परिस्थितिजन्य साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं ताकि आरोपी को कड़ी सजा मिल सके।

  • Telangana: हैदराबाद से चेन्नई जा रही चारमीनार एक्सप्रेस में लगी आग

    Telangana: हैदराबाद से चेन्नई जा रही चारमीनार एक्सप्रेस में लगी आग


    हैदराबाद।
    तेलंगाना (Telangana) के यादद्री भुवनगिरी ज़िले (Yadadri Bhuvanagiri district) में स्थित अलेर रेलवे स्टेशन के पास चारमीनार एक्सप्रेस (Charminar Express) में आग लग गई. प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह घटना ट्रेन के S5 कोच में हुई, जहां अचानक धुआं उठता देखा गया और कुछ ही देर में आग की लपटें दिखाई देने लगीं।

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार ट्रेन जैसे ही अलेर स्टेशन के नज़दीक पहुंची, यात्रियों ने कोच के अंदर धुआं देखा. स्थिति को भांपते हुए यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई और कई लोग तत्काल कोच से बाहर निकलने की कोशिश करने लगे. बताया जा रहा है कि ट्रेन को तुरंत रोका गया, जिससे यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकलने का मौका मिला. शुरुआती रिपोर्ट्स में किसी के हताहत होने की जानकारी सामने नहीं आई है. हालांकि अभी इस घटना पर रेलवे की तरफ से कोई बयान नहीं जारी किया गया है।

    आग कैसे लगी, जांच के बाद ही होगा साफ
    घटना की सूचना मिलते ही रेलवे कर्मचारी और स्थानीय राहत दल मौके पर पहुंचे. आग पर काबू पाने के प्रयास किए गए और स्थिति को नियंत्रण में लाने की कोशिश जारी है. कुछ सूत्रों का कहना है कि आग संभवतः शॉर्ट सर्किट या किसी तकनीकी खराबी के कारण लगी हो सकती है, लेकिन इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

    ट्रेन में आग की घटना के कई वीडियो भी वायरल हो रहे हैं. जिनमें कोच से धुआं और आग निकलती दिखाई दे रही है. वहीं ट्रेन में यात्रा कर रहे एक अन्य यात्री ने बताया कि ट्रेन में अचानक आग लग गई. जिससे कोच धुएं से भर गया. घबराए यात्रियों ने चेन खींच दी और ट्रेन रुक गई. हालांकि, ट्रेन रुकने से पहले ही कई यात्री कूद गए थे।

  • हैदराबाद में बेटी और प्रेमी ने मां की हत्या कर बेडरूम में दबाया शव, कंक्रीट से ढक दिया..

    हैदराबाद में बेटी और प्रेमी ने मां की हत्या कर बेडरूम में दबाया शव, कंक्रीट से ढक दिया..


    हैदराबाद के जवाहरनगर से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसमें एक साल से लापता 40 वर्षीय महिला अंजू दासारी की हत्या का खुलासा हुआ है। महिला का शव उसी घर के बेडरूम की फर्श के नीचे दबा पाया गया, जहां उसकी छोटी बेटी रोशनी और उसके प्रेमी 22 वर्षीय ऑटो ड्राइवर मोंटी कुमार सिंह रह रहे थे।

    जांच अधिकारियों के मुताबिक अंजू दासारी घरों में साफ-सफाई का काम करती थीं और उनकी हत्या का कारण यह था कि वह अपनी बेटी और मोंटी के रिश्ते के खिलाफ थीं। 17 अक्टूबर 2025 को बेटी ने पुलिस में मां की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। लेकिन लगभग एक साल तक बेटी उसी कमरे में सोती रही, जहां उसकी मां का शव दबा हुआ था।

    मलकाजगिरि जोन के DCP सीएच श्रीधर ने बताया कि 17 वर्षीय बेटी के बयानों में विरोधाभास और कॉल डेटा रिकॉर्ड (CDR) ने पुलिस को शक दिलाया। जांच में पता चला कि मोंटी का नाम इसमें सामने आया और दोनों ने हत्या की योजना बनाई।

    पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने शादी में रुकावट बनने के कारण अंजू की हत्या की। भय के कारण दोनों ने शव को घर के अंदर गहरा गड्ढा खोदकर दबा दिया और ऊपर से कंक्रीट की फर्श डाल दी ताकि बदबू बाहर न आए। बुधवार को फोरेंसिक एक्सपर्ट्स की मौजूदगी में फर्श खोदा गया, जहां से महिला का सड़ा-गला कंकाल बरामद हुआ।

    पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम और डीएनए टेस्ट के लिए भेजा है। दोनों आरोपी गिरफ्तार होकर जेल भेज दिए गए हैं। अब पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या इस खौफनाक साजिश में कोई अन्य बाहरी व्यक्ति शामिल था।

    यह मामला न केवल परिवार में आपसी विवाद और प्रेम संबंधों की सीमा को उजागर करता है, बल्कि यह बताता है कि कैसे अपराधियों ने पूरे साल तक एक भयानक रहस्य छिपाए रखा।

  • चुनावी वादा पूरा करने के लिए हफ्तेभर में 500 कुत्तों को मार डाला! जानिए मामला?

    चुनावी वादा पूरा करने के लिए हफ्तेभर में 500 कुत्तों को मार डाला! जानिए मामला?


    हैदराबाद। चुनावी वादा पूरा करने में नेताओं का रिकॉर्ड भले ही खराब रहता हो, लेकिन हाल ही में तेलंगाना से चुनावी वादा को पूरा करने के लिए कुत्तों की हत्या का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां कुछ गांव के सरपंचों ने लोगों से किया हुआ वादा निभाने के चक्कर में एक सप्ताह में करीब 500 कुत्तों को मार डाला है। घटना सामने आने के बाद हड़कंप मच गया है।

    एक हफ्ते में कई गांवों में 500 कुत्तों को जहर देकर मार दिया गया। पशु कल्याण कार्यकर्ता अडुलापुरम गौतम द्वारा 12 जनवरी को दर्ज कराई गई शिकायत में आरोप लगाया गया है कि कामारेड्डी जिले के भवानीपेट, पालवंचा, फरीदपेट, वाडी और बंदारमेश्वरपल्ली सहित कई गांवों में आवारा कुत्तों को योजनाबद्ध तरीके से मारा गया। उन्होंने दावा किया कि पिछले दो-तीन दिनों में ही लगभग 200 कुत्तों को मारा गया है।

    सरपंचों ने करवाई हत्या

    शिकायत के मुताबिक गौतम को 12 जनवरी को दोपहर करीब 3 बजे कुत्तों की कथित सामूहिक हत्या को लेकर विश्वसनीय जानकारी मिली। उन्होंने आरोप लगाया कि ये काम गांव के सरपंचों के कहने पर किए गए। हत्याओं को क्रूर बताते हुए गौतम ने इसमें शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
    कुत्तों को लगाए गए जहरीले इंजेक्शन

    वहीं पुलिस के मुताबिक पांच गांव के सरपंचों और किशोर पांडे नाम के एक व्यक्ति सहित छह लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। आरोप है कि कुत्तों को जहरीले इंजेक्शन दिए गए, जिससे उनकी मौत हो गई।

    पुलिस अधिकारियों ने बताया कि शवों को गांवों के बाहरी इलाकों में दफना दिया गया था और बाद में पशु चिकित्सा टीमों द्वारा पोस्टमार्टम जांच के लिए उन्हें बाहर निकाला गया। आगे की जांच जारी है।
    चुनाव से पहले किया था वादा

    ग्रामीणों के मुताबिक कुछ उम्मीदवारों ने हाल ही में हुए पंचायत चुनावों के दौरान ग्रामीणों से आवारा कुत्तों से निजात दिलाने का वादा किया था। ग्रामीणों ने बताया, “पिछले साल दिसंबर में हुए चुनावों से पहले, कुछ उम्मीदवारों ने ग्रामीणों से वादा किया था कि वे आवारा कुत्तों और बंदरों की समस्या से निपटेंगे। अब वे आवारा कुत्तों को मारकर उन वादों को ‘पूरा’ कर रहे हैं।”

  • लियोनेल मेसी के इंडिया टूर पर हुआ 100 करोड़ रुपये खर्च आयोजक ने खोला खर्च का पूरा विवरण

    लियोनेल मेसी के इंडिया टूर पर हुआ 100 करोड़ रुपये खर्च आयोजक ने खोला खर्च का पूरा विवरण


    कोलकाता । अर्जेंटीना के फुटबॉल स्टार लियोनेल मेसी के हाल ही में भारत दौरे पर 100 करोड़ रुपये का खर्च हुआ जिसे लेकर अब कई अहम खुलासे हुए हैं। इस खर्च में से 89 करोड़ रुपये मेसी की फीस थी जबकि 11 करोड़ रुपये भारत सरकार को टैक्स के रूप में दिए गए। इस राशि को लेकर आयोजक सताद्रू दत्ता ने जांच एजेंसियों के सामने कई अहम बातें साझा की हैं।

    न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक दत्ता ने एसआईटी स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम को बताया कि मेसी के इंडिया टूर के दौरान कुल 100 करोड़ रुपये खर्च हुए। इस रकम में से 30 प्रतिशत स्पॉन्सर से मिला जबकि बाकी 30 प्रतिशत टिकटों की बिक्री से जुटाए गए थे। एसआईटी द्वारा दत्ता के बैंक खातों की जांच के बाद उनके अकाउंट में 20 करोड़ रुपये से अधिक की रकम मिली जो कथित तौर पर कोलकाता और हैदराबाद में आयोजित मेसी के इवेंट के टिकटों की बिक्री और स्पॉन्सरशिप से आई थी।

    सताद्रू दत्ता जो मेसी के इवेंट्स के प्रमुख आयोजक थे को गिरफ्तार कर लिया गया था। एसआईटी के अधिकारियों ने शुक्रवार को दत्ता के घर पर छापेमारी की और कई महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए। दत्ता ने जांचकर्ताओं से कहा कि इवेंट के दौरान मेसी के प्रति सुरक्षा के तमाम इंतजाम किए गए थे लेकिन बावजूद इसके भीड़ के कारण कई समस्याएं उत्पन्न हुईं।

    कोलकाता के सॉल्ट लेक स्टेडियम में जब मेसी की उपस्थिति के दौरान हजारों दर्शक इवेंट में पहुंचे थे तब अफरातफरी का माहौल बन गया। फैंस की भीड़ इतनी बढ़ गई कि कई लोग मेसी के चारों ओर जमा हो गए जिससे वह गैलरी से मुश्किल से दिखाई दे रहे थे। इसके परिणामस्वरूप कई दर्शकों ने स्टेडियम के कुछ हिस्सों में तोड़फोड़ की। इस घटना ने पुलिस और आयोजकों को एक बड़ी चुनौती दी और सुरक्षा में चूक को लेकर कई सवाल उठाए।

    एसआईटी ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच तेज कर दी है। पश्चिम बंगाल सरकार ने इस घटना की पूरी जांच के लिए वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों की एक टीम गठित की जिसमें पीयूष पांडे जावेद शमीम सुप्रतिम सरकार और मुरलीधर शामिल हैं। अधिकारियों ने कहा कि जांच के दौरान यह देखा जा रहा है कि सुरक्षा में चूक आयोजकों की भूमिका और एक्सेस नियमों के उल्लंघन के पीछे कौन जिम्मेदार है।

    मेसी की सुरक्षा को लेकर दत्ता ने भी बयान दिया कि मेसी को छुआ या गले लगाया जाना पसंद नहीं आया और यह बात उनके सुरक्षा अधिकारियों ने आयोजकों को पहले ही बता दी थी। मेसी की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विदेशी सुरक्षा अधिकारियों ने भी कई बार चेतावनी दी थी। दत्ता ने कहा भीड़ को रोकने के लिए कई बार पब्लिक अनाउंसमेंट किए गए लेकिन इसका कोई असर नहीं हुआ। मेसी को इस तरह घेरने और गले लगाने का तरीका उनके लिए बिल्कुल भी स्वीकार्य नहीं था।

    इस दौरान एसआईटी अधिकारियों ने यह भी बताया कि दत्ता के बैंक खातों से जुड़ी रकम की जांच की जा रही है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि यह रकम इवेंट्स से सही तरीके से जुटाई गई थी या इसमें कोई अनियमितता थी। इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर से आयोजकों की जिम्मेदारी और सुरक्षा इंतजामों को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।