Tag: Hydration

  • गर्मी में भी नहीं होगी थकान, इन आसान तरीकों से पाएं एनर्जी

    गर्मी में भी नहीं होगी थकान, इन आसान तरीकों से पाएं एनर्जी


    नई दिल्ली । भीषण गर्मी के मौसम में शरीर की एनर्जी तेजी से कम होने लगती है। तेज धूप, पसीना और डिहाइड्रेशन के कारण लोग दिनभर थकान, सुस्ती और कमजोरी महसूस करते हैं। ऐसे में सही खानपान और जीवनशैली अपनाकर शरीर को फिट और एक्टिव रखा जा सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार कुछ आसान घरेलू उपाय गर्मी के असर को काफी हद तक कम कर सकते हैं और शरीर को दिनभर तरोताजा बनाए रख सकते हैं।

    शरीर को हाइड्रेट रखना सबसे जरूरी
    गर्मी में एनर्जी बनाए रखने का सबसे पहला नियम शरीर को हाइड्रेट रखना है। पर्याप्त पानी पीने से शरीर का तापमान नियंत्रित रहता है और थकान कम होती है। विशेषज्ञों के अनुसार दिनभर में कम से कम 7 से 8 गिलास पानी जरूर पीना चाहिए। इसके अलावा नारियल पानी, नींबू पानी, छाछ और ताजे फलों के जूस को भी डाइट में शामिल करना चाहिए। ये न केवल शरीर में पानी की कमी पूरी करते हैं, बल्कि इलेक्ट्रोलाइट बैलेंस बनाए रखने में भी मदद करते हैं।

    हल्का और संतुलित आहार अपनाएं
    गर्मी के मौसम में भारी और तला-भुना भोजन शरीर पर अतिरिक्त बोझ डालता है, जिससे सुस्ती बढ़ जाती है। ऐसे में हल्का और पौष्टिक भोजन लेना चाहिए। हरी सब्जियां, दाल, सलाद और मौसमी फल जैसे तरबूज, खीरा, खरबूजा शरीर को ठंडक देने के साथ एनर्जी भी प्रदान करते हैं। यह भोजन पाचन को भी आसान बनाता है और शरीर को एक्टिव रखता है।

    सुबह का नाश्ता कभी न छोड़ें
    दिन की शुरुआत हमेशा हेल्दी नाश्ते से करनी चाहिए। ओट्स, पोहा, उपमा या फल आधारित नाश्ता शरीर को दिनभर एनर्जेटिक बनाए रखता है।

    विशेषज्ञों का कहना है कि सुबह का नाश्ता छोड़ने से ब्लड शुगर लेवल गिर सकता है, जिससे थकान और कमजोरी महसूस होती है।

    धूप से बचाव बेहद जरूरी
    गर्मी में दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच धूप सबसे तेज होती है। इस समय बाहर निकलने से बचना चाहिए। यदि बाहर जाना जरूरी हो, तो सिर को ढककर, हल्के और ढीले कपड़े पहनकर ही निकलना चाहिए। इससे लू और हीट स्ट्रोक का खतरा कम हो जाता है और शरीर पर गर्मी का प्रभाव भी घटता है।

    पर्याप्त नींद और आराम जरूरी
    शरीर को दिनभर एनर्जेटिक बनाए रखने के लिए पर्याप्त नींद लेना बहुत जरूरी है। रोजाना 7 से 8 घंटे की नींद लेने से शरीर और दिमाग दोनों तरोताजा रहते हैं। नींद की कमी से चिड़चिड़ापन, थकान और कमजोरी बढ़ सकती है, जो गर्मी में और अधिक परेशान करती है।

    कैफीन और जंक फूड से दूरी बनाएं
    गर्मी में चाय, कॉफी और फास्ट फूड का अधिक सेवन शरीर को डिहाइड्रेट कर सकता है और एनर्जी लेवल गिरा सकता है। इनकी जगह प्राकृतिक पेय और घर का ताजा, हल्का भोजन लेना ज्यादा फायदेमंद होता है।

    सही दिनचर्या, संतुलित आहार और पर्याप्त पानी के सेवन से भीषण गर्मी में भी शरीर को एनर्जेटिक और फिट रखा जा सकता है। छोटे-छोटे बदलाव अपनाकर आप पूरे दिन तरोताजा और सक्रिय रह सकते हैं।

  • गर्मियों में ठंडक और ताजगी का डबल मजा, घर पर बनाएं हेल्दी और स्वादिष्ट समर स्पेशल ड्रिंक्स..

    गर्मियों में ठंडक और ताजगी का डबल मजा, घर पर बनाएं हेल्दी और स्वादिष्ट समर स्पेशल ड्रिंक्स..

    नई दिल्ली ।  गर्मियों का मौसम अपने साथ तेज धूप, थकान और शरीर में पानी की कमी जैसी कई परेशानियां लेकर आता है। ऐसे समय में लोग ऐसे पेय पदार्थों की तलाश करते हैं जो शरीर को ठंडक देने के साथ-साथ स्वाद और ऊर्जा भी प्रदान करें। यही कारण है कि घर पर बनने वाले हेल्दी और फ्रेश ड्रिंक्स इन दिनों काफी लोकप्रिय हो रहे हैं। ताजे फलों, सब्जियों और प्राकृतिक सामग्री से तैयार किए गए ये समर स्पेशल ड्रिंक्स न केवल शरीर को हाइड्रेट रखते हैं बल्कि गर्मी के असर को कम करने में भी मदद करते हैं।

    गर्मियों में चुकंदर और गाजर से तैयार होने वाला हेल्दी ड्रिंक शरीर को एनर्जी देने के साथ-साथ ठंडक भी पहुंचाता है। इसमें मौजूद पोषक तत्व शरीर को तरोताजा बनाए रखते हैं और थकान को दूर करने में मदद करते हैं। इसी तरह गुलाब और अदरक से तैयार ड्रिंक स्वाद और ताजगी का अनोखा मेल माना जाता है, जो गर्मी में शरीर को तुरंत राहत देता है। इसमें पुदीना और नींबू का इस्तेमाल स्वाद को और भी बढ़ा देता है।

    फलों से बने कूलर्स भी इस मौसम में लोगों की पहली पसंद बनते जा रहे हैं। सेब और खस के स्वाद से तैयार ठंडा पेय शरीर को सुकून देने के साथ गर्मी से राहत देता है। वहीं चीकू और ऑरेंज फ्लेवर से तैयार कूलर बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी को पसंद आता है। इसमें दूध और क्रीम का स्वाद इसे और अधिक रिच और खास बना देता है।

    गर्मियों में नींबू आधारित ड्रिंक्स की मांग सबसे ज्यादा रहती है और चेरी लेमोनेड इसका शानदार उदाहरण है। चेरी, नींबू और सोडा वॉटर से तैयार यह ड्रिंक शरीर को इंस्टेंट फ्रेशनेस देता है। इसका हल्का खट्टा-मीठा स्वाद गर्मी में मूड को भी फ्रेश कर देता है। इसी तरह मैंगो और पाइनएप्पल का कॉम्बिनेशन भी समर सीजन में काफी पसंद किया जाता है। पुदीना और शहद के साथ तैयार यह ड्रिंक स्वाद के साथ शरीर को ठंडा रखने में भी मदद करता है।

    मौसंबी स्लश जैसे पेय गर्मी में शरीर को तुरंत ठंडक पहुंचाने के लिए बेहतरीन विकल्प माने जाते हैं। ताजे फलों के रस से तैयार ये ड्रिंक्स शरीर में पानी की कमी को पूरा करने में मदद करते हैं और लंबे समय तक ताजगी बनाए रखते हैं। इसके अलावा आलूबुखारे और ऑरेंज फ्लेवर से तैयार कूलर भी इस मौसम में अलग स्वाद का अनुभव देता है।

    आजकल लोग बाजार में मिलने वाले अधिक शुगर और केमिकल वाले पेय पदार्थों की बजाय घर पर तैयार हेल्दी ड्रिंक्स को ज्यादा पसंद कर रहे हैं। ये ड्रिंक्स स्वादिष्ट होने के साथ पौष्टिक भी होते हैं और इन्हें बेहद कम समय में आसानी से तैयार किया जा सकता है। गर्मियों में यदि खानपान के साथ ऐसे हेल्दी और फ्रेश ड्रिंक्स को शामिल किया जाए तो शरीर को ठंडक, ऊर्जा और ताजगी लंबे समय तक मिलती रहती है।

  • भीषण गर्मी में लू से बचना है तो अपनाएं ये देसी उपाय, ये 5 पारंपरिक ड्रिंक देंगे ठंडक और ताकत

    भीषण गर्मी में लू से बचना है तो अपनाएं ये देसी उपाय, ये 5 पारंपरिक ड्रिंक देंगे ठंडक और ताकत

    नई दिल्ली। गर्मी का मौसम इस बार अपने चरम पर पहुंचता नजर आ रहा है। अप्रैल खत्म होते-होते ही तापमान 40 डिग्री के पार चला गया, और मई-जून में इसके और बढ़ने की संभावना है। ऐसे में लू का खतरा भी तेजी से बढ़ जाता है, जो कई बार गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार लू को हल्के में लेना खतरनाक साबित हो सकता है, क्योंकि इसमें शरीर का तापमान असामान्य रूप से बढ़ जाता है और पसीना आना बंद हो सकता है, जिससे स्थिति और गंभीर हो जाती है।

    स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि लू लगने पर व्यक्ति का रक्तचाप गिर सकता है और गंभीर मामलों में बेहोशी या कोमा जैसी स्थिति भी उत्पन्न हो सकती है। इसलिए जरूरी है कि गर्मियों के दौरान विशेष सावधानी बरती जाए और शरीर को ठंडा व हाइड्रेटेड रखा जाए।

    गर्मी से बचाव के लिए सबसे महत्वपूर्ण है दिनचर्या में बदलाव करना। तेज धूप के समय, विशेष रूप से सुबह 11 बजे से लेकर शाम 4 बजे के बीच बाहर निकलने से बचना चाहिए। यदि बाहर जाना जरूरी हो, तो सिर को ढककर और चेहरे को कपड़े से सुरक्षित करके निकलना चाहिए। इसके साथ ही पर्याप्त मात्रा में पानी पीना बेहद जरूरी है ताकि शरीर में पानी की कमी न हो।

    खानपान में भी कुछ पारंपरिक उपाय बेहद कारगर साबित होते हैं। गर्मियों में आम का पन्ना एक बेहद लोकप्रिय और प्रभावी पेय माना जाता है, जो शरीर को ठंडक देने के साथ-साथ ऊर्जा भी प्रदान करता है। इसी तरह बेल का शरबत भी शरीर को अंदर से ठंडा रखने में मदद करता है और पाचन को बेहतर बनाता है।

    सत्तू का सेवन भी गर्मियों में विशेष रूप से लाभकारी माना जाता है। यह न केवल शरीर को ठंडा रखता है, बल्कि लंबे समय तक ऊर्जा बनाए रखने में भी सहायक होता है। इसमें थोड़ा सा नमक या भुना जीरा मिलाकर पीने से इसका प्रभाव और बढ़ जाता है।

    इसके अलावा कच्चा प्याज भी लू से बचाव में सहायक माना जाता है। पारंपरिक रूप से लोग गर्मियों में भोजन के साथ प्याज का सेवन करते हैं, जो शरीर को ठंडक प्रदान करता है और लू के प्रभाव को कम करता है। कुछ क्षेत्रों में चावल के आटे से बनी पतली पेज का सेवन भी किया जाता है, जो शरीर को तुरंत ऊर्जा देने के साथ ठंडक भी प्रदान करती है।

    ग्रामीण इलाकों में महुआ से बनी राब भी एक पारंपरिक पेय है, जिसे लू से बचाने में प्रभावी माना जाता है। यह न केवल शरीर को ठंडा रखती है, बल्कि पोषण भी प्रदान करती है।

    कुल मिलाकर, गर्मियों में स्वास्थ्य बनाए रखने के लिए जरूरी है कि शरीर को ठंडा रखा जाए, पर्याप्त पानी और पोषक पेय का सेवन किया जाए और धूप से बचाव के उपाय अपनाए जाएं। पारंपरिक देसी पेय न केवल आसानी से उपलब्ध होते हैं, बल्कि इनके नियमित सेवन से लू जैसी गंभीर समस्या से भी काफी हद तक बचा जा सकता है।

  • महंगे प्रोडक्ट्स छोड़ें, इन 5 फलों से पाएं नेचुरल ग्लो और हेल्दी स्किन

    महंगे प्रोडक्ट्स छोड़ें, इन 5 फलों से पाएं नेचुरल ग्लो और हेल्दी स्किन


    नई दिल्ली । गर्मियों का मौसम जहां एक ओर ताजगी लेकर आता है, वहीं दूसरी ओर त्वचा के लिए कई समस्याएं भी खड़ी कर देता है। तेज धूप, पसीना और बढ़ता तापमान त्वचा की नमी को कम कर देते हैं, जिससे चेहरा बेजान और रूखा नजर आने लगता है। टैनिंग और डलनेस की समस्या आम हो जाती है। ऐसे में लोग महंगे और केमिकल युक्त ब्यूटी प्रोडक्ट्स का सहारा लेते हैं, लेकिन कई बार ये त्वचा को नुकसान भी पहुंचा सकते हैं।

    ऐसी स्थिति में सबसे सुरक्षित और असरदार उपाय है अपनी डाइट में प्राकृतिक फलों को शामिल करना। गर्मियों में मिलने वाले कुछ खास फल न केवल शरीर को ठंडक देते हैं, बल्कि त्वचा को अंदर से पोषण देकर उसका ग्लो भी बढ़ाते हैं।

    सबसे पहले बात करें नारियल पानी की, जिसे एक प्राकृतिक एनर्जी ड्रिंक माना जाता है। यह शरीर को हाइड्रेट रखने में बेहद मददगार है और त्वचा को मुलायम व चमकदार बनाता है। रोजाना नारियल पानी पीने से पाचन तंत्र भी बेहतर होता है, जिसका सीधा असर चेहरे की चमक पर दिखाई देता है।

    इसके बाद तरबूज का नाम आता है, जो गर्मियों का सबसे पसंदीदा फल है। इसमें पानी की मात्रा बहुत अधिक होती है और साथ ही विटामिन C भी भरपूर होता है। यह त्वचा को हाइड्रेट रखने के साथ-साथ धूप से होने वाली टैनिंग को कम करने में मदद करता है। तरबूज का नियमित सेवन चेहरे को फ्रेश और ग्लोइंग बनाता है।

    खीरा भी त्वचा के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। यह शरीर में पानी की कमी को पूरा करता है और त्वचा को ठंडक प्रदान करता है। खीरा न केवल अंदर से हाइड्रेशन देता है, बल्कि चेहरे के रूखेपन को कम करके उसे मुलायम बनाता है। यही वजह है कि इसका इस्तेमाल कई स्किनकेयर प्रोडक्ट्स में भी किया जाता है।

    वहीं आम, जिसे फलों का राजा कहा जाता है, त्वचा के लिए बेहद फायदेमंद है। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स और विटामिन C त्वचा को पोषण देकर उसकी चमक बढ़ाते हैं। हालांकि इसका सेवन संतुलित मात्रा में करना चाहिए, ताकि शरीर पर इसका सकारात्मक प्रभाव बना रहे।

    अंत में संतरा, जो विटामिन C का बेहतरीन स्रोत है, त्वचा के लिए बेहद लाभकारी होता है। यह दाग-धब्बों को कम करने में मदद करता है और त्वचा को साफ व चमकदार बनाता है। संतरे का सेवन करने के साथ-साथ इसके छिलके का उपयोग फेसपैक के रूप में भी किया जा सकता है।

    इस प्रकार, यदि आप गर्मियों में भी अपनी त्वचा को स्वस्थ और चमकदार बनाए रखना चाहते हैं, तो इन प्राकृतिक फलों को अपनी डाइट का हिस्सा जरूर बनाएं। यह न केवल किफायती और सुरक्षित हैं, बल्कि लंबे समय तक आपकी त्वचा को जवान और दमकता हुआ बनाए रखने में मदद करते हैं।

  • गर्मियों का सुपरफ्रूट खरबूजा: शरीर को ठंडक और त्वचा को निखार देने वाला फल

    गर्मियों का सुपरफ्रूट खरबूजा: शरीर को ठंडक और त्वचा को निखार देने वाला फल


    नई दिल्ली । गर्मियों का मौसम जहां शरीर को अत्यधिक पसीना और पानी की कमी से जूझना पड़ता है, वहीं ऐसे फलों का सेवन जो ठंडक पहुंचाएं और स्वास्थ्य बनाए रखें, बेहद जरूरी है। खरबूजा इसी श्रेणी में एक बेहतरीन फल माना जाता है। आयुर्वेद के अनुसार, खरबूजा गर्मियों के लिए वरदान के समान है। यह न केवल प्यास बुझाता है बल्कि शरीर को अंदर से हाइड्रेट रखने में भी मदद करता है।

    खरबूजे में लगभग 90 प्रतिशत पानी होता है, जो गर्मी में डिहाइड्रेशन से बचाता है। साथ ही इसमें उच्च मात्रा में फाइबर, विटामिन ए, विटामिन सी और पोटेशियम जैसे महत्वपूर्ण पोषक तत्व पाए जाते हैं। ये तत्व शरीर की ऊर्जा बनाए रखने, पाचन क्रिया सुधारने और त्वचा तथा आंखों की सेहत के लिए अत्यंत लाभकारी साबित होते हैं।

    आयुर्वेद में खरबूजे को ठंडा और पित्तशामक फल माना गया है। गर्मियों में यह शरीर की अतिरिक्त गर्मी को कम करता है, पेट को ठंडक पहुंचाता है और हृदय को राहत देता है। इसे कटकर, जूस बनाकर या सलाद में शामिल कर रोजाना खाया जा सकता है। हेल्थ एक्सपर्ट के अनुसार, खरबूजा न केवल स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद है बल्कि यह सस्ता और आसानी से उपलब्ध भी है। हालांकि, डायबिटीज के मरीजों को इसे डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही सेवन करना चाहिए।

    खरबूजे के नियमित सेवन से शरीर हाइड्रेट रहता है। गर्मी में पसीना अधिक निकलने से शरीर में पानी की कमी होने लगती है, लेकिन खरबूजा प्राकृतिक रूप से पानी की पूर्ति करता है और डिहाइड्रेशन से बचाता है। इसके अलावा, इसमें मौजूद फाइबर पाचन क्रिया को सुधारता है, कब्ज जैसी समस्याओं को दूर करता है और पेट को साफ रखता है।

    विटामिन सी से भरपूर खरबूजा रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाता है, जिससे गर्मियों में होने वाली वायरल और अन्य बीमारियों से बचाव होता है। यह वजन नियंत्रित करने में भी मददगार है क्योंकि कम कैलोरी होने के साथ-साथ फाइबर से भरा होने के कारण पेट लंबे समय तक भरा हुआ महसूस होता है।

    त्वचा और आंखों की देखभाल में भी खरबूजा कारगर है। इसमें मौजूद विटामिन ए और सी त्वचा को स्वस्थ और चमकदार बनाए रखते हैं। गर्मियों में धूप और पसीने से जो त्वचा प्रभावित होती है, खरबूजा उसे निखारने में मदद करता है। इसके अलावा, विटामिन ए आंखों की रोशनी बनाए रखने और आंखों की थकान कम करने में सहायक होता है।

    इस प्रकार, गर्मियों में शरीर को ठंडक देने, पाचन सुधारने, रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने और त्वचा तथा आंखों के स्वास्थ्य के लिए खरबूजा एक सुपरफ्रूट के रूप में उभरता है। चाहे कटकर खाएं, जूस बनाकर पिएं या सलाद में डालकर सेवन करें, यह फल गर्मियों में हर घर का अनमोल साथी बन सकता है।

  • तरबूज: पोटैशियम और एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर गर्मियों का खजाना..

    तरबूज: पोटैशियम और एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर गर्मियों का खजाना..


    नई दिल्ली : गर्मियों की शुरुआत होते ही तरबूज खाने का मन सभी को करता है यह फल न केवल रिफ्रेशिंग है बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी बेहद लाभकारी माना जाता है आयुर्वेद में तरबूज को पित्त शामक फल कहा गया है और यह ज्येष्ठ माह का फल माना जाता है क्योंकि इस समय तापमान बहुत अधिक होता है और तरबूज की तासीर ठंडी होती है

    तरबूज खाने से शरीर हाइड्रेटेड रहता है क्योंकि इसमें 90 प्रतिशत पानी होता है इसके अलावा इसमें कैलोरी बहुत कम होती है जिससे वजन नियंत्रित रहता है और लंबे समय तक भूख नहीं लगती ओवरईटिंग से बचा जा सकता है। यह शरीर के तापमान को संतुलित रखने में मदद करता है और चेहरे पर प्राकृतिक ग्लो भी लाता है

    तरबूज में विटामिन सी और विटामिन ए प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं ये तत्व चेहरे और बालों की सेहत के लिए लाभकारी हैं विटामिन सी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद करता है और गर्मियों में होने वाली अतिसार और जी घबराने जैसी समस्याओं को कम करता है। इसके साथ ही तरबूज में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स मांसपेशियों की रिकवरी में सहायक हैं

    अगर शरीर में सूजन की समस्या है, तब भी तरबूज का सेवन लाभकारी होता है पोटैशियम और एंटीऑक्सीडेंट्स मिलकर शरीर को मजबूती देने का काम करते हैं गर्मियों में दोपहर के वक्त तरबूज खाना सबसे ज्यादा लाभकारी होता है। काटकर खाने के समय न होने पर आप इसे पुदीने के साथ जूस के रूप में भी ले सकते हैं, लेकिन जूस को बिना छाने पिएं ताकि सभी पोषक तत्व मिलते रहें

    इस तरह तरबूज सिर्फ एक स्वादिष्ट फल नहीं बल्कि गर्मियों में सेहत और ऊर्जा का खजाना है जो हाइड्रेशन, त्वचा की चमक और मांसपेशियों की मजबूती, सभी के लिए फायदेमंद है

  • तरबूज खरीदने का सीक्रेट फॉर्मूला हर बार मिलेगा लाल मीठा और पानी से भरपूर फल

    तरबूज खरीदने का सीक्रेट फॉर्मूला हर बार मिलेगा लाल मीठा और पानी से भरपूर फल


    नई दिल्ली । गर्मियों का मौसम आते ही बाजार में तरबूज की भरमार दिखाई देने लगती है और यह फल हर घर की पहली पसंद बन जाता है क्योंकि इसमें भरपूर पानी होता है जो शरीर को ठंडक और ताजगी देता है लेकिन अक्सर लोगों के साथ एक बड़ी समस्या होती है कि बाहर से हरा और अच्छा दिखने वाला तरबूज अंदर से फीका या कच्चा निकल जाता है जिससे पैसे और उम्मीद दोनों खराब हो जाते हैं

    अक्सर लोग दुकान पर तरबूज को कटवाकर चेक करते हैं लेकिन यह तरीका सही नहीं माना जाता क्योंकि इससे फल जल्दी खराब हो सकता है और साफ सफाई की दृष्टि से भी यह सुरक्षित नहीं होता ऐसे में जरूरी है कि आप बिना काटे ही अच्छे तरबूज की पहचान करना सीखें ताकि हर बार मीठा और लाल फल ही घर लाएं

    तरबूज खरीदते समय सबसे पहले उसके नीचे बने पीले धब्बे पर ध्यान देना चाहिए जिसे फील्ड स्पॉट कहा जाता है यह धब्बा इस बात का संकेत होता है कि फल कितने समय तक जमीन पर पड़ा रहा और कितनी अच्छी तरह पका अगर यह धब्बा गहरा पीला या नारंगी रंग का है तो समझ लीजिए कि तरबूज पूरी तरह पका हुआ है और स्वाद में मीठा होगा वहीं अगर यह धब्बा हल्का हरा या सफेद है तो इसका मतलब है कि फल समय से पहले तोड़ा गया है और अंदर से कच्चा निकल सकता है

    इसके अलावा तरबूज को हल्के हाथ से थपथपाकर उसकी आवाज जरूर सुनें अगर उसमें से गूंजदार और खोखली आवाज आती है तो यह संकेत है कि फल अंदर से रसीला और पका हुआ है लेकिन अगर आवाज भारी या दबाव वाली लगे तो वह तरबूज कच्चा हो सकता है यह एक बहुत ही आसान और असरदार तरीका है जिसे अनुभवी लोग हमेशा अपनाते हैं

    वजन भी तरबूज की गुणवत्ता पहचानने का एक अहम तरीका है अगर आप एक जैसे आकार के दो तरबूज उठाते हैं और उनमें से एक ज्यादा भारी लगता है तो वही बेहतर होता है क्योंकि ज्यादा वजन का मतलब है उसमें पानी और रस की मात्रा अधिक है जो उसे मीठा और ताजा बनाता है

    तरबूज के बाहरी रंग और बनावट पर भी ध्यान देना चाहिए हमेशा गहरे हरे रंग और हल्के मैट फिनिश वाले तरबूज ही चुनें बहुत ज्यादा चमकदार तरबूज अक्सर कच्चे होते हैं इसके अलावा अगर तरबूज की सतह पर हल्की भूरी जाली जैसी रेखाएं दिखती हैं तो यह संकेत है कि परागण अच्छे से हुआ है और फल का स्वाद ज्यादा मीठा होगा

    अंत में तरबूज के डंठल को जरूर देखें अगर डंठल सूखा और भूरा है तो इसका मतलब है कि फल बेल पर पूरी तरह पक चुका है लेकिन अगर डंठल हरा है तो समझ लें कि उसे जल्दी तोड़ लिया गया है और उसका स्वाद उतना अच्छा नहीं होगा इन आसान लेकिन बेहद कारगर तरीकों को अपनाकर आप हर बार बाजार से सही तरबूज चुन सकते हैं और गर्मियों में ठंडक और मिठास का पूरा आनंद ले सकते हैं

  • चेहरे की झुर्रियां करें कम और पाएं नैचुरल चमक जानिए 8 आसान घरेलू तरीके

    चेहरे की झुर्रियां करें कम और पाएं नैचुरल चमक जानिए 8 आसान घरेलू तरीके


    नई दिल्ली । आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में बढ़ती उम्र का असर सबसे पहले चेहरे पर दिखाई देने लगता है। तनाव प्रदूषण और असंतुलित खानपान त्वचा की प्राकृतिक चमक को कम कर देते हैं। नतीजतन चेहरे पर झुर्रियां और महीन रेखाएं समय से पहले ही नजर आने लगती हैं। कई लोग इन समस्याओं से छुटकारा पाने के लिए महंगे ब्यूटी प्रोडक्ट्स का सहारा लेते हैं लेकिन उनमें मौजूद केमिकल्स कई बार त्वचा को नुकसान भी पहुंचा सकते हैं। ऐसे में घरेलू और प्राकृतिक उपाय एक सुरक्षित और असरदार विकल्प साबित हो सकते हैं।

    एलोवेरा त्वचा के लिए किसी चमत्कार से कम नहीं है। इसमें मौजूद तत्व त्वचा की लोच को बढ़ाने में मदद करते हैं। ताजे एलोवेरा जेल को चेहरे पर लगाकर कुछ समय के लिए छोड़ दें और फिर गुनगुने पानी से धो लें। यह त्वचा को गहराई से मॉइस्चराइज करता है और उसे मुलायम बनाता है।

    नारियल तेल भी त्वचा के लिए बेहद फायदेमंद होता है। यह त्वचा के अंदर जाकर उसे पोषण देता है और कोलेजन के निर्माण को बढ़ावा देता है। रात में सोने से पहले हल्के हाथों से चेहरे की मालिश करने से त्वचा में कसाव आता है और झुर्रियां धीरे धीरे कम होने लगती हैं।

    अंडे की सफेदी त्वचा को तुरंत टाइट करने में मदद करती है। इसमें मौजूद प्रोटीन त्वचा को मजबूती देता है। इसे चेहरे पर लगाकर सूखने दें और फिर धो लें। यह उपाय त्वचा को तुरंत तरोताजा और जवां दिखाने में मदद करता है।

    नींबू और शहद का मिश्रण भी काफी असरदार माना जाता है। शहद त्वचा को नमी प्रदान करता है जबकि नींबू में मौजूद विटामिन सी त्वचा को साफ और चमकदार बनाता है। यह मिश्रण दाग धब्बों को हल्का करने के साथ झुर्रियों को कम करने में सहायक होता है।

    केले का फेस मास्क त्वचा को पोषण देने का एक आसान तरीका है। पके हुए केले में शहद मिलाकर लगाने से त्वचा को जरूरी विटामिन और मिनरल्स मिलते हैं। इससे त्वचा की कोशिकाएं पुनर्जीवित होती हैं और चेहरे पर प्राकृतिक चमक लौटती है।

    जैतून का तेल भी एंटी एजिंग गुणों से भरपूर होता है। इसमें मौजूद विटामिन त्वचा को फ्री रेडिकल्स से बचाते हैं और उसे स्वस्थ बनाए रखते हैं। नियमित उपयोग से त्वचा में निखार आता है और झुर्रियां कम होती हैं।खीरे का रस त्वचा को ठंडक और ताजगी देता है। यह त्वचा को हाइड्रेट रखने के साथ रोमछिद्रों को कसने में मदद करता है। इसे नियमित रूप से लगाने से त्वचा साफ और फ्रेश दिखती है।

    इन सभी उपायों के साथ साथ शरीर को अंदर से स्वस्थ रखना भी बेहद जरूरी है। पर्याप्त मात्रा में पानी पीना और संतुलित आहार लेना त्वचा की खूबसूरती बनाए रखने में अहम भूमिका निभाता है। अगर आप रोजाना इन आसान घरेलू उपायों को अपनाते हैं तो बिना किसी साइड इफेक्ट के आप लंबे समय तक जवान और दमकती त्वचा पा सकते हैं।

  • गर्मियों में त्वचा को बनाएं ग्लोइंग: अपनाएं ये समर स्किन केयर टिप्स

    गर्मियों में त्वचा को बनाएं ग्लोइंग: अपनाएं ये समर स्किन केयर टिप्स


    नई दिल्ली ।
    गर्मियों का मौसम आते ही त्वचा को अतिरिक्त देखभाल की जरूरत होती है। तेज यूवी किरणें पसीना और धूल मिलकर चेहरे के रोमछिद्र बंद कर देते हैं जिससे मुंहासे डलनेस और टैनिंग जैसी समस्याएं बढ़ जाती हैं। कई लोग सर्दियों वाला स्किन केयर ही फॉलो करते हैं जो गर्मियों में त्वचा के लिए धीमे जहर की तरह काम करता है। इस मौसम में हल्के सांस लेने वाले और हाइड्रेटिंग प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करना बेहद जरूरी है।

    क्लींजिंग और हाइड्रेशन का सही बैलेंस
    बार-बार चेहरा धोना त्वचा को ताज़गी तो देता है लेकिन ज्यादा फेस वॉश प्राकृतिक ऑयल्स को खत्म कर सकता है। दिन में दो बार फोम-बेस्ड क्लींजर का इस्तेमाल करें और भारी क्रीम की जगह वॉटर-बेस्ड मॉइस्चराइजर चुनें। यह त्वचा को गहराई से हाइड्रेट करता है बिना चिपचिपा किए।

    सनस्क्रीन
    घर के अंदर या बाहर सनस्क्रीन लगाना कभी न भूलें। कम से कम 30-50 SPF वाली ब्रॉड-स्पेक्ट्रम सनस्क्रीन रोज़ाना लगाएं। हर 3 घंटे में इसे दोबारा लगाना जरूरी है क्योंकि पसीने से इसकी परत हट सकती है। यह टैनिंग सनबर्न और झुर्रियों से बचाने का सबसे कारगर तरीका है।

    प्राकृतिक कूलिंग एजेंट

    धूप से लौटते ही सीधे बर्फ या ठंडा पानी न डालें। इसके बजाय एलोवेरा जेल या गुलाब जल का स्प्रे करें। एलोवेरा में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं जो रेडनेस और सनबर्न को तुरंत शांत करते हैं। हफ्ते में एक बार मुल्तानी मिट्टी और चंदन का फेस पैक लगाएं जो त्वचा की गर्मी को सोख लेता है।

    एक्सफोलिएशन
    पसीना और तेल के कारण डेड स्किन जम जाती है। हफ्ते में 1-2 बार हल्के स्क्रब से चेहरे को एक्सफोलिएट करें। इससे रोमछिद्र खुलते हैं और त्वचा में प्राकृतिक चमक आती है। ध्यान रखें धूप में निकलने से ठीक पहले स्क्रब न करें।

    खान-पान और ब्यूटी स्लीप
    आंतरिक पोषण भी त्वचा के लिए जरूरी है। तरबूज खीरा और नारियल पानी जैसे फलों का सेवन करें जो शरीर को अंदर से ठंडा रखते हैं। दिन में कम से कम 3-4 लीटर पानी पिएं ताकि टॉक्सिन बाहर निकल सकें।

  • तेज धूप में स्किन जल रही है? बाहर निकलने से पहले अपनाएं ये 4 असरदार टिप्स

    तेज धूप में स्किन जल रही है? बाहर निकलने से पहले अपनाएं ये 4 असरदार टिप्स


    नई दिल्ली । जैसे ही मार्च का महीना आता है उत्तर भारत समेत देश के कई हिस्सों में गर्मी का असर दिखना शुरू हो जाता है। पारा बढ़ने के साथ ही तेज धूप उमस और पसीना लोगों के लिए परेशानी का कारण बनते हैं। इस मौसम में सबसे अधिक प्रभावित हमारी त्वचा होती है। सूरज की हानिकारक किरणें त्वचा को टैन करती हैं सनबर्न और समय से पहले झुर्रियों का कारण भी बनती हैं।अगर आपको गर्मी में बाहर निकलना पड़ता है तो अपनी त्वचा का विशेष ध्यान रखना बेहद जरूरी है। विशेषज्ञों के अनुसार कुछ आसान और असरदार उपाय अपनाकर आप त्वचा को तेज धूप से बचा सकते हैं।

    सनस्क्रीन धूप से सबसे मजबूत सुरक्षा
    धूप में निकलने से कम से कम 20 मिनट पहले चेहरे गर्दन हाथ और पैरों पर SPF 30+ वाला सनस्क्रीन जरूर लगाएं। याद रखें कि एक बार सनस्क्रीन लगाने से काम नहीं चलता। अगर आप लंबे समय तक बाहर हैं तो हर 3-4 घंटे में इसे दोबारा लगाना जरूरी है। सनस्क्रीन त्वचा को सीधे यूवी किरणों से बचाता है और टैनिंग को रोकता है।

    हाइड्रेशन अंदर से रखे त्वचा को नमी से भरपूर

    त्वचा की चमक सिर्फ क्रीम या लोशन पर निर्भर नहीं करती बल्कि शरीर के अंदर मौजूद नमी भी महत्वपूर्ण होती है। गर्मियों में पसीने के जरिए शरीर का पानी बाहर निकल जाता है। इसे पूरा करने के लिए दिन भर में कम से कम 3-4 लीटर पानी पीना चाहिए। इसके अलावा तरबूज खरबूजा खीरा और संतरे जैसे पानी से भरपूर मौसमी फलों को आहार में शामिल करें। इससे त्वचा प्राकृतिक रूप से हाइड्रेटेड और कोमल बनी रहती है।

    पहनावा और समय का ध्यान

    तेज धूप सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक सबसे अधिक हानिकारक होती है। इस दौरान अगर संभव हो तो घर के अंदर रहें। यदि बाहर निकलना जरूरी है तो हल्के रंग के सूती कपड़े पहनें। सूती कपड़े पसीने को सोखते हैं और त्वचा को सांस लेने में मदद करते हैं। साथ ही स्कार्फ चौड़े किनारे वाली टोपी धूप का चश्मा और छाता का उपयोग करना न भूलें।

    सनबर्न और टैनिंग के घरेलू उपाय

    अगर धूप के कारण त्वचा झुलस गई या टैनिंग हो गई है तो घबराने की जरूरत नहीं है। किचन में मौजूद कुछ प्राकृतिक चीजें राहत देती हैं। प्रभावित हिस्से पर ठंडा एलोवेरा जेल लगाएं। इसके अलावा दही खीरे का रस या टमाटर का रस लगाने से भी टैनिंग कम होती है और त्वचा को ठंडक मिलती है। गर्मियों में त्वचा का ख्याल रखना न सिर्फ आपकी सुंदरता बढ़ाता है बल्कि स्वास्थ्य की दृष्टि से भी जरूरी है। इन आसान टिप्स को अपनाकर आप धूप के नुकसान से अपनी त्वचा को बचा सकते हैं और प्राकृतिक रूप से कोमल और चमकदार बनाए रख सकते हैं।