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  • Lauki Juice Benefits: लौकी का जूस डाइट में शामिल करने से मिल सकते हैं ये 5 फायदे, लेकिन कड़वी लौकी से रहें सावधान

    Lauki Juice Benefits: लौकी का जूस डाइट में शामिल करने से मिल सकते हैं ये 5 फायदे, लेकिन कड़वी लौकी से रहें सावधान

    Lauki Juice Benefits: लौकी को सेहत के लिए फायदेमंद सब्जियों में शामिल किया जाता है। इसमें पानी की मात्रा अधिक होती है और यह कुछ जरूरी पोषक तत्वों का स्रोत भी है। इसी वजह से कई लोग लौकी की सब्जी के अलावा इसका जूस भी अपनी डाइट में शामिल करते हैं। बिना चीनी और अतिरिक्त सामग्री के तैयार किया गया ताजा लौकी का जूस हल्का पेय विकल्प हो सकता है। हालांकि, इसे किसी बीमारी का इलाज नहीं माना जाना चाहिए और न ही किसी एक जूस पर निर्भर रहना सही है। इसे संतुलित खानपान के हिस्से के तौर पर लेना बेहतर है। लौकी के जूस से जुड़े फायदों की बात करें तो इसमें मौजूद पानी और कुछ पोषक तत्व शरीर को पर्याप्त तरल पदार्थ उपलब्ध कराने और डाइट की पोषण गुणवत्ता बेहतर करने में योगदान दे सकते हैं।

    लौकी का जूस शरीर को हाइड्रेट रखने में मदद कर सकता है। लौकी में पानी की मात्रा काफी अधिक होती है, इसलिए इससे तैयार ताजा जूस शरीर में तरल पदार्थ की पूर्ति में योगदान दे सकता है। गर्मी या शारीरिक गतिविधि के दौरान शरीर को पर्याप्त पानी की जरूरत होती है और इस स्थिति में सादा पानी सबसे अच्छा विकल्प माना जाता है। इसलिए लौकी के जूस को पानी का विकल्प नहीं समझना चाहिए। इसके अलावा लौकी में मौजूद पानी और यदि जूस में कुछ गूदा शामिल रहे तो थोड़ी मात्रा में फाइबर भी मिल सकता है। संतुलित डाइट में फाइबर पाचन तंत्र के सामान्य कामकाज के लिए महत्वपूर्ण होता है। हालांकि, पूरी लौकी खाने की तुलना में जूस में फाइबर की मात्रा कम हो सकती है।

    लौकी को आमतौर पर कम कैलोरी वाली सब्जियों में शामिल किया जाता है। बिना चीनी मिलाया गया लौकी का जूस भी कैलोरी के लिहाज से हल्का पेय हो सकता है। यदि इसे अधिक कैलोरी या मीठे पेय की जगह लिया जाए तो कुल कैलोरी सेवन को नियंत्रित रखने में मदद मिल सकती है। हालांकि, केवल लौकी का जूस पीने से वजन कम करने की उम्मीद करना सही तरीका नहीं है। वजन नियंत्रित रखने के लिए संतुलित खानपान पर ध्यान देना जरूरी है। इसी तरह लौकी को डाइट में शामिल करने से शरीर को कुछ विटामिन और मिनरल्स भी मिल सकते हैं। अलग-अलग सब्जियों और फलों को उनकी पूरी अवस्था में खाने से शरीर को विविध पोषण और पर्याप्त फाइबर मिल सकता है।

    बिना चीनी और अतिरिक्त सामग्री के तैयार किया गया ताजा लौकी का जूस उन लोगों के लिए हल्का पेय विकल्प हो सकता है, जो मीठे शीतल पेय या अधिक कैलोरी वाले ड्रिंक्स कम करना चाहते हैं। हालांकि, इसे डाइट में शामिल करने से पहले डॉक्टर या डाइटिशियन की सलाह ली जा सकती है। खास तौर पर लौकी का जूस तैयार करते समय एक जरूरी सावधानी का ध्यान रखना चाहिए। यदि लौकी का स्वाद कड़वा हो तो उसका जूस बिल्कुल नहीं पीना चाहिए। कड़वी लौकी में विषैले कुकुर्बिटासिन की मात्रा अधिक हो सकती है। इसलिए जूस बनाने से पहले लौकी का स्वाद जांचना जरूरी है और कड़वी लौकी का सेवन नहीं करना चाहिए।

    कुल मिलाकर, लौकी का ताजा जूस हाइड्रेशन में योगदान देने, संतुलित डाइट में पोषक तत्व शामिल करने और मीठे या अधिक कैलोरी वाले पेय के विकल्प के रूप में उपयोगी हो सकता है। पाचन के लिए भी इसमें मौजूद पानी और कुछ गूदे के कारण थोड़ी मात्रा में फाइबर मिल सकता है। फिर भी जूस की तुलना में पूरी सब्जी खाना अधिक फायदेमंद हो सकता है, क्योंकि जूस बनाने की प्रक्रिया में फाइबर कम हो जाता है। इसलिए लौकी को संतुलित आहार का हिस्सा बनाना बेहतर है और किसी बीमारी के इलाज या वजन घटाने के लिए केवल इसके जूस पर निर्भर नहीं रहना चाहिए।

  • फंक्शन से पहले चेहरे की थकान और रूखापन कैसे करें कम, घर की इन चीजों से तैयार करें आसान फेस पैक

    फंक्शन से पहले चेहरे की थकान और रूखापन कैसे करें कम, घर की इन चीजों से तैयार करें आसान फेस पैक


    नई दिल्ली ।पार्टी, फंक्शन या किसी खास मौके से पहले हर कोई अपने चेहरे को फ्रेश और ग्लोइंग देखना चाहता है। लेकिन कई बार लगातार व्यस्तता, थकान या मौसम के असर से त्वचा रूखी और बेजान नजर आने लगती है। ऐसे में आखिरी समय पर पार्लर जाने के बजाय घर पर उपलब्ध कुछ सामान्य चीजों से आसान फेस पैक तैयार किए जा सकते हैं।

    घरेलू स्किन केयर में इस्तेमाल होने वाली कई चीजें चेहरे को साफ और तरोताजा महसूस कराने में मदद कर सकती हैं। हालांकि हर व्यक्ति की त्वचा अलग होती है और किसी भी नए मिश्रण को पूरे चेहरे पर लगाने से पहले छोटे हिस्से पर पैच टेस्ट करना बेहतर रहता है।

    बेसन और दही का फेस पैक एक आसान विकल्प है। इसके लिए बेसन और दही को मिलाकर गाढ़ा पेस्ट तैयार किया जा सकता है। इसे चेहरे पर लगाकर सूखने दें और फिर पानी से धीरे-धीरे साफ कर लें। चेहरे को साफ करते समय ज्यादा रगड़ने से बचना चाहिए।

    अगर त्वचा रूखी या बेजान महसूस हो रही है, तो एलोवेरा जेल और शहद का मिश्रण इस्तेमाल किया जा सकता है। दोनों को थोड़ी मात्रा में मिलाकर चेहरे पर लगाया जा सकता है। यह घरेलू पैक त्वचा को नमी देने वाले विकल्प के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है।

    पका हुआ पपीता और शहद भी घर पर तैयार किए जाने वाले फेस पैक में शामिल किए जा सकते हैं। पपीते को अच्छी तरह मैश करके उसमें थोड़ी मात्रा में शहद मिलाएं। तैयार मिश्रण को कुछ देर चेहरे पर रखने के बाद पानी से धो लें। इसके बाद त्वचा के अनुसार मॉइस्चराइजर लगाया जा सकता है।

    हल्दी और दही से भी फेस पैक तैयार किया जा सकता है। इसके लिए दही में बहुत थोड़ी मात्रा में हल्दी मिलाकर पेस्ट बनाएं और चेहरे पर पतली परत लगाएं। कुछ समय बाद इसे पानी से साफ कर लें। हल्दी की मात्रा ज्यादा रखने पर चेहरे पर पीला रंग दिखाई दे सकता है, इसलिए इसका इस्तेमाल सीमित मात्रा में करना चाहिए।

    रूखी या खिंची हुई त्वचा के लिए ओट्स और शहद का पैक भी इस्तेमाल किया जा सकता है। ओट्स को हल्का पीसकर उसमें शहद मिलाएं और तैयार मिश्रण को चेहरे पर हल्के हाथ से लगाएं। इसे त्वचा पर जोर से रगड़ने से बचना चाहिए, खासकर अगर स्किन संवेदनशील हो।

    खीरे का पैक भी घर पर आसानी से तैयार किया जा सकता है। खीरे को पीसकर उसका पेस्ट बनाएं और चेहरे पर लगाएं। इससे त्वचा को ठंडक और ताजगी महसूस हो सकती है। गर्म मौसम या लंबे दिन के बाद यह एक सरल घरेलू स्किन केयर विकल्प हो सकता है।

    इनमें से किसी भी फेस पैक को पहली बार इस्तेमाल करने से पहले त्वचा के छोटे हिस्से पर परीक्षण करना जरूरी है। अगर जलन, खुजली, चुभन या किसी तरह की असहजता महसूस हो तो इसे तुरंत पानी से धो देना चाहिए। बहुत अधिक फेस पैक लगाने या बार-बार त्वचा को एक्सफोलिएट करने से जलन और ड्राईनेस बढ़ सकती है। इसलिए फंक्शन से पहले स्किन केयर करते समय त्वचा की जरूरत और संवेदनशीलता का ध्यान रखना जरूरी है।

  • Health Tips: गर्मी में डाइट में शामिल करें ये 5 फल और प्राकृतिक ड्रिंक्स, शरीर रहेगा ठंडा और हाइड्रेटेड

    Health Tips: गर्मी में डाइट में शामिल करें ये 5 फल और प्राकृतिक ड्रिंक्स, शरीर रहेगा ठंडा और हाइड्रेटेड


    नई दिल्ली । गर्मी का मौसम अपने साथ तेज धूप, पसीना और शरीर में पानी की कमी जैसी कई परेशानियां लेकर आता है। ऐसे समय में सिर्फ ज्यादा पानी पीना ही काफी नहीं होता, बल्कि खानपान में भी ऐसे खाद्य पदार्थ शामिल करना जरूरी होता है जो शरीर को ठंडक दें और जरूरी पोषक तत्व भी पहुंचाएं। मौसमी फल और प्राकृतिक पेय पदार्थ शरीर में पानी की कमी को दूर करने के साथ-साथ ऊर्जा बनाए रखने में भी मदद करते हैं। अगर आप भी गर्मी में खुद को फिट और तरोताजा रखना चाहते हैं तो अपनी डाइट में कुछ खास चीजों को जरूर शामिल करें।

    तरबूज बनाए शरीर को ठंडा और हाइड्रेटेड
    गर्मी के मौसम में तरबूज सबसे ज्यादा पसंद किए जाने वाले फलों में से एक है। इसमें लगभग 90 प्रतिशत से अधिक पानी होता है, जो शरीर को लंबे समय तक हाइड्रेट रखने में मदद करता है। इसके अलावा तरबूज में विटामिन A, विटामिन C और लाइकोपीन जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो त्वचा और दिल की सेहत के लिए भी फायदेमंद माने जाते हैं। दोपहर या शाम के समय ताजा तरबूज खाना शरीर को ठंडक देने का आसान और स्वादिष्ट तरीका है।

    खरबूजा देगा पोषण और ताजगी
    खरबूजा भी गर्मियों का एक बेहतरीन फल है। इसमें पानी के साथ फाइबर, पोटैशियम और कई जरूरी विटामिन मौजूद होते हैं। इसे खाने से शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स का संतुलन बेहतर बना रहता है और पाचन भी ठीक रहता है। अगर आपको गर्मी में थकान या कमजोरी महसूस होती है तो नाश्ते या शाम के स्नैक में खरबूजा शामिल करना अच्छा विकल्प हो सकता है।

    खीरा रखें रोज की डाइट का हिस्सा
    खीरा गर्मी के मौसम में सबसे आसान और हेल्दी विकल्पों में से एक है। इसमें भरपूर मात्रा में पानी और फाइबर होता है, जिससे शरीर हाइड्रेट रहता है और पेट भी हल्का महसूस करता है। सलाद के रूप में या हल्के मसालों के साथ खीरा खाने से पाचन बेहतर रहता है और गर्मी की वजह से होने वाली बेचैनी भी कम महसूस होती है। नियमित रूप से खीरा खाने से त्वचा में भी प्राकृतिक निखार बना रहता है।

    आम का स्वाद लें, लेकिन सीमित मात्रा में
    गर्मी का मौसम आम के बिना अधूरा माना जाता है। आम में विटामिन A, विटामिन C और कई जरूरी एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं। हालांकि इसमें प्राकृतिक शर्करा की मात्रा भी अधिक होती है, इसलिए इसका सेवन संतुलित मात्रा में करना बेहतर रहता है। दिन में एक मध्यम आकार का आम या सीमित मात्रा में आम खाना पर्याप्त माना जाता है। खासतौर पर मधुमेह या वजन नियंत्रित रखने वाले लोगों को डॉक्टर या डाइटिशियन की सलाह के अनुसार ही आम का सेवन करना चाहिए।

    नारियल पानी से मिलेगी प्राकृतिक ऊर्जा
    गर्मी में शरीर से पसीने के साथ कई जरूरी मिनरल्स भी बाहर निकल जाते हैं। ऐसे में नारियल पानी एक प्राकृतिक एनर्जी ड्रिंक की तरह काम करता है। इसमें पोटैशियम, मैग्नीशियम और अन्य इलेक्ट्रोलाइट्स होते हैं, जो शरीर में पानी और मिनरल्स का संतुलन बनाए रखने में मदद करते हैं। तेज धूप से लौटने के बाद या सुबह के समय नारियल पानी पीना शरीर को ताजगी और ऊर्जा देने का आसान तरीका है।

    गर्मी में रखें खानपान का खास ध्यान
    गर्मी के मौसम में सही खानपान अपनाने से कई मौसमी समस्याओं से बचा जा सकता है। अपनी रोज की डाइट में तरबूज, खरबूजा, खीरा, सीमित मात्रा में आम और नारियल पानी शामिल करके आप शरीर को हाइड्रेटेड, ऊर्जावान और स्वस्थ रख सकते हैं। इसके साथ पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं, बहुत ज्यादा तली-भुनी चीजों से बचें और ताजे मौसमी फलों को प्राथमिकता दें। छोटी-छोटी अच्छी आदतें गर्मियों को आरामदायक और सेहतमंद बना सकती हैं।

  • बारिश के मौसम में बढ़ जाता है पेट की बीमारियों का खतरा, इन आसान उपायों से रखें डाइजेशन बेहतर और शरीर फिट

    बारिश के मौसम में बढ़ जाता है पेट की बीमारियों का खतरा, इन आसान उपायों से रखें डाइजेशन बेहतर और शरीर फिट

    नई दिल्ली । मानसून का मौसम गर्मी से राहत तो देता है, लेकिन इसके साथ पाचन तंत्र से जुड़ी कई स्वास्थ्य चुनौतियां भी लेकर आता है। वातावरण में बढ़ी नमी के कारण बैक्टीरिया और वायरस तेजी से पनप सकते हैं, जिससे फूड पॉइजनिंग, गैस, अपच, दस्त, पेट दर्द और एसिडिटी जैसी समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे समय में खानपान और व्यक्तिगत स्वच्छता पर विशेष ध्यान देकर इन जोखिमों को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

    विशेषज्ञों के अनुसार, बारिश के मौसम में हमेशा ताजा और गर्म भोजन को प्राथमिकता देनी चाहिए। लंबे समय तक खुले में रखा हुआ या बासी भोजन बैक्टीरिया की वृद्धि का कारण बन सकता है, जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। बाहर मिलने वाले खुले खाद्य पदार्थ, पहले से कटे फल और बिना ढके रखे भोजन से बचना बेहतर माना जाता है। घर पर ताजा तैयार किया गया भोजन पाचन तंत्र के लिए अपेक्षाकृत अधिक सुरक्षित होता है।

    मानसून में सुरक्षित पेयजल का सेवन भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। दूषित पानी पेट संबंधी संक्रमण का प्रमुख कारण बन सकता है। इसलिए फिल्टर किया हुआ या अच्छी तरह उबाला गया पानी पीने की सलाह दी जाती है। पर्याप्त मात्रा में पानी पीने से शरीर हाइड्रेट रहता है और पाचन प्रक्रिया सामान्य रूप से काम करती है। यदि घर से बाहर जा रहे हों, तो अपने साथ साफ पानी की बोतल रखना एक अच्छी आदत हो सकती है।

    पाचन तंत्र को स्वस्थ बनाए रखने के लिए प्रोबायोटिक खाद्य पदार्थों को भी आहार में शामिल किया जा सकता है। दही और छाछ जैसे खाद्य पदार्थ आंतों में लाभकारी बैक्टीरिया के संतुलन को बनाए रखने में सहायक माने जाते हैं। इसके साथ ही खिचड़ी, दलिया, सूप, उबली सब्जियां और अन्य हल्के भोजन का सेवन पाचन तंत्र पर अतिरिक्त दबाव नहीं डालता और भोजन आसानी से पचने में मदद करता है।

    स्वच्छता का पालन मानसून में बीमारी से बचाव का सबसे प्रभावी उपायों में से एक है। भोजन करने से पहले और शौचालय के उपयोग के बाद साबुन से हाथ धोना, फल और सब्जियों को अच्छी तरह साफ करना तथा रसोई और बर्तनों की नियमित सफाई बनाए रखना संक्रमण के खतरे को कम कर सकता है। छोटी-छोटी स्वच्छता संबंधी आदतें भी स्वास्थ्य की दृष्टि से बड़ा अंतर पैदा कर सकती हैं।

    बारिश के मौसम में तली-भुनी और अत्यधिक मसालेदार चीजें खाने की इच्छा बढ़ जाती है, लेकिन इनका अधिक सेवन पाचन संबंधी समस्याओं को बढ़ा सकता है। अधिक तेल और मसाले वाला भोजन एसिडिटी, गैस और अपच जैसी परेशानियों का कारण बन सकता है। इसलिए संतुलित, पौष्टिक और हल्का भोजन चुनना अधिक लाभदायक माना जाता है।

    यदि लगातार पेट दर्द, दस्त, उल्टी, तेज बुखार या निर्जलीकरण जैसे लक्षण दिखाई दें, तो घरेलू उपायों पर निर्भर रहने के बजाय चिकित्सकीय सलाह लेना आवश्यक है। समय पर उपचार गंभीर जटिलताओं से बचाने में मदद कर सकता है। संतुलित आहार, पर्याप्त पानी, स्वच्छता और स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर मानसून के मौसम में पाचन तंत्र को बेहतर स्थिति में रखा जा सकता है और पूरे मौसम का आनंद स्वस्थ रहकर लिया जा सकता है।

  • गर्मी में भी नहीं होगी थकान, इन आसान तरीकों से पाएं एनर्जी

    गर्मी में भी नहीं होगी थकान, इन आसान तरीकों से पाएं एनर्जी


    नई दिल्ली । भीषण गर्मी के मौसम में शरीर की एनर्जी तेजी से कम होने लगती है। तेज धूप, पसीना और डिहाइड्रेशन के कारण लोग दिनभर थकान, सुस्ती और कमजोरी महसूस करते हैं। ऐसे में सही खानपान और जीवनशैली अपनाकर शरीर को फिट और एक्टिव रखा जा सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार कुछ आसान घरेलू उपाय गर्मी के असर को काफी हद तक कम कर सकते हैं और शरीर को दिनभर तरोताजा बनाए रख सकते हैं।

    शरीर को हाइड्रेट रखना सबसे जरूरी
    गर्मी में एनर्जी बनाए रखने का सबसे पहला नियम शरीर को हाइड्रेट रखना है। पर्याप्त पानी पीने से शरीर का तापमान नियंत्रित रहता है और थकान कम होती है। विशेषज्ञों के अनुसार दिनभर में कम से कम 7 से 8 गिलास पानी जरूर पीना चाहिए। इसके अलावा नारियल पानी, नींबू पानी, छाछ और ताजे फलों के जूस को भी डाइट में शामिल करना चाहिए। ये न केवल शरीर में पानी की कमी पूरी करते हैं, बल्कि इलेक्ट्रोलाइट बैलेंस बनाए रखने में भी मदद करते हैं।

    हल्का और संतुलित आहार अपनाएं
    गर्मी के मौसम में भारी और तला-भुना भोजन शरीर पर अतिरिक्त बोझ डालता है, जिससे सुस्ती बढ़ जाती है। ऐसे में हल्का और पौष्टिक भोजन लेना चाहिए। हरी सब्जियां, दाल, सलाद और मौसमी फल जैसे तरबूज, खीरा, खरबूजा शरीर को ठंडक देने के साथ एनर्जी भी प्रदान करते हैं। यह भोजन पाचन को भी आसान बनाता है और शरीर को एक्टिव रखता है।

    सुबह का नाश्ता कभी न छोड़ें
    दिन की शुरुआत हमेशा हेल्दी नाश्ते से करनी चाहिए। ओट्स, पोहा, उपमा या फल आधारित नाश्ता शरीर को दिनभर एनर्जेटिक बनाए रखता है।

    विशेषज्ञों का कहना है कि सुबह का नाश्ता छोड़ने से ब्लड शुगर लेवल गिर सकता है, जिससे थकान और कमजोरी महसूस होती है।

    धूप से बचाव बेहद जरूरी
    गर्मी में दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच धूप सबसे तेज होती है। इस समय बाहर निकलने से बचना चाहिए। यदि बाहर जाना जरूरी हो, तो सिर को ढककर, हल्के और ढीले कपड़े पहनकर ही निकलना चाहिए। इससे लू और हीट स्ट्रोक का खतरा कम हो जाता है और शरीर पर गर्मी का प्रभाव भी घटता है।

    पर्याप्त नींद और आराम जरूरी
    शरीर को दिनभर एनर्जेटिक बनाए रखने के लिए पर्याप्त नींद लेना बहुत जरूरी है। रोजाना 7 से 8 घंटे की नींद लेने से शरीर और दिमाग दोनों तरोताजा रहते हैं। नींद की कमी से चिड़चिड़ापन, थकान और कमजोरी बढ़ सकती है, जो गर्मी में और अधिक परेशान करती है।

    कैफीन और जंक फूड से दूरी बनाएं
    गर्मी में चाय, कॉफी और फास्ट फूड का अधिक सेवन शरीर को डिहाइड्रेट कर सकता है और एनर्जी लेवल गिरा सकता है। इनकी जगह प्राकृतिक पेय और घर का ताजा, हल्का भोजन लेना ज्यादा फायदेमंद होता है।

    सही दिनचर्या, संतुलित आहार और पर्याप्त पानी के सेवन से भीषण गर्मी में भी शरीर को एनर्जेटिक और फिट रखा जा सकता है। छोटे-छोटे बदलाव अपनाकर आप पूरे दिन तरोताजा और सक्रिय रह सकते हैं।

  • गर्मियों में ठंडक और ताजगी का डबल मजा, घर पर बनाएं हेल्दी और स्वादिष्ट समर स्पेशल ड्रिंक्स..

    गर्मियों में ठंडक और ताजगी का डबल मजा, घर पर बनाएं हेल्दी और स्वादिष्ट समर स्पेशल ड्रिंक्स..

    नई दिल्ली ।  गर्मियों का मौसम अपने साथ तेज धूप, थकान और शरीर में पानी की कमी जैसी कई परेशानियां लेकर आता है। ऐसे समय में लोग ऐसे पेय पदार्थों की तलाश करते हैं जो शरीर को ठंडक देने के साथ-साथ स्वाद और ऊर्जा भी प्रदान करें। यही कारण है कि घर पर बनने वाले हेल्दी और फ्रेश ड्रिंक्स इन दिनों काफी लोकप्रिय हो रहे हैं। ताजे फलों, सब्जियों और प्राकृतिक सामग्री से तैयार किए गए ये समर स्पेशल ड्रिंक्स न केवल शरीर को हाइड्रेट रखते हैं बल्कि गर्मी के असर को कम करने में भी मदद करते हैं।

    गर्मियों में चुकंदर और गाजर से तैयार होने वाला हेल्दी ड्रिंक शरीर को एनर्जी देने के साथ-साथ ठंडक भी पहुंचाता है। इसमें मौजूद पोषक तत्व शरीर को तरोताजा बनाए रखते हैं और थकान को दूर करने में मदद करते हैं। इसी तरह गुलाब और अदरक से तैयार ड्रिंक स्वाद और ताजगी का अनोखा मेल माना जाता है, जो गर्मी में शरीर को तुरंत राहत देता है। इसमें पुदीना और नींबू का इस्तेमाल स्वाद को और भी बढ़ा देता है।

    फलों से बने कूलर्स भी इस मौसम में लोगों की पहली पसंद बनते जा रहे हैं। सेब और खस के स्वाद से तैयार ठंडा पेय शरीर को सुकून देने के साथ गर्मी से राहत देता है। वहीं चीकू और ऑरेंज फ्लेवर से तैयार कूलर बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी को पसंद आता है। इसमें दूध और क्रीम का स्वाद इसे और अधिक रिच और खास बना देता है।

    गर्मियों में नींबू आधारित ड्रिंक्स की मांग सबसे ज्यादा रहती है और चेरी लेमोनेड इसका शानदार उदाहरण है। चेरी, नींबू और सोडा वॉटर से तैयार यह ड्रिंक शरीर को इंस्टेंट फ्रेशनेस देता है। इसका हल्का खट्टा-मीठा स्वाद गर्मी में मूड को भी फ्रेश कर देता है। इसी तरह मैंगो और पाइनएप्पल का कॉम्बिनेशन भी समर सीजन में काफी पसंद किया जाता है। पुदीना और शहद के साथ तैयार यह ड्रिंक स्वाद के साथ शरीर को ठंडा रखने में भी मदद करता है।

    मौसंबी स्लश जैसे पेय गर्मी में शरीर को तुरंत ठंडक पहुंचाने के लिए बेहतरीन विकल्प माने जाते हैं। ताजे फलों के रस से तैयार ये ड्रिंक्स शरीर में पानी की कमी को पूरा करने में मदद करते हैं और लंबे समय तक ताजगी बनाए रखते हैं। इसके अलावा आलूबुखारे और ऑरेंज फ्लेवर से तैयार कूलर भी इस मौसम में अलग स्वाद का अनुभव देता है।

    आजकल लोग बाजार में मिलने वाले अधिक शुगर और केमिकल वाले पेय पदार्थों की बजाय घर पर तैयार हेल्दी ड्रिंक्स को ज्यादा पसंद कर रहे हैं। ये ड्रिंक्स स्वादिष्ट होने के साथ पौष्टिक भी होते हैं और इन्हें बेहद कम समय में आसानी से तैयार किया जा सकता है। गर्मियों में यदि खानपान के साथ ऐसे हेल्दी और फ्रेश ड्रिंक्स को शामिल किया जाए तो शरीर को ठंडक, ऊर्जा और ताजगी लंबे समय तक मिलती रहती है।

  • भीषण गर्मी में लू से बचना है तो अपनाएं ये देसी उपाय, ये 5 पारंपरिक ड्रिंक देंगे ठंडक और ताकत

    भीषण गर्मी में लू से बचना है तो अपनाएं ये देसी उपाय, ये 5 पारंपरिक ड्रिंक देंगे ठंडक और ताकत

    नई दिल्ली। गर्मी का मौसम इस बार अपने चरम पर पहुंचता नजर आ रहा है। अप्रैल खत्म होते-होते ही तापमान 40 डिग्री के पार चला गया, और मई-जून में इसके और बढ़ने की संभावना है। ऐसे में लू का खतरा भी तेजी से बढ़ जाता है, जो कई बार गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार लू को हल्के में लेना खतरनाक साबित हो सकता है, क्योंकि इसमें शरीर का तापमान असामान्य रूप से बढ़ जाता है और पसीना आना बंद हो सकता है, जिससे स्थिति और गंभीर हो जाती है।

    स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि लू लगने पर व्यक्ति का रक्तचाप गिर सकता है और गंभीर मामलों में बेहोशी या कोमा जैसी स्थिति भी उत्पन्न हो सकती है। इसलिए जरूरी है कि गर्मियों के दौरान विशेष सावधानी बरती जाए और शरीर को ठंडा व हाइड्रेटेड रखा जाए।

    गर्मी से बचाव के लिए सबसे महत्वपूर्ण है दिनचर्या में बदलाव करना। तेज धूप के समय, विशेष रूप से सुबह 11 बजे से लेकर शाम 4 बजे के बीच बाहर निकलने से बचना चाहिए। यदि बाहर जाना जरूरी हो, तो सिर को ढककर और चेहरे को कपड़े से सुरक्षित करके निकलना चाहिए। इसके साथ ही पर्याप्त मात्रा में पानी पीना बेहद जरूरी है ताकि शरीर में पानी की कमी न हो।

    खानपान में भी कुछ पारंपरिक उपाय बेहद कारगर साबित होते हैं। गर्मियों में आम का पन्ना एक बेहद लोकप्रिय और प्रभावी पेय माना जाता है, जो शरीर को ठंडक देने के साथ-साथ ऊर्जा भी प्रदान करता है। इसी तरह बेल का शरबत भी शरीर को अंदर से ठंडा रखने में मदद करता है और पाचन को बेहतर बनाता है।

    सत्तू का सेवन भी गर्मियों में विशेष रूप से लाभकारी माना जाता है। यह न केवल शरीर को ठंडा रखता है, बल्कि लंबे समय तक ऊर्जा बनाए रखने में भी सहायक होता है। इसमें थोड़ा सा नमक या भुना जीरा मिलाकर पीने से इसका प्रभाव और बढ़ जाता है।

    इसके अलावा कच्चा प्याज भी लू से बचाव में सहायक माना जाता है। पारंपरिक रूप से लोग गर्मियों में भोजन के साथ प्याज का सेवन करते हैं, जो शरीर को ठंडक प्रदान करता है और लू के प्रभाव को कम करता है। कुछ क्षेत्रों में चावल के आटे से बनी पतली पेज का सेवन भी किया जाता है, जो शरीर को तुरंत ऊर्जा देने के साथ ठंडक भी प्रदान करती है।

    ग्रामीण इलाकों में महुआ से बनी राब भी एक पारंपरिक पेय है, जिसे लू से बचाने में प्रभावी माना जाता है। यह न केवल शरीर को ठंडा रखती है, बल्कि पोषण भी प्रदान करती है।

    कुल मिलाकर, गर्मियों में स्वास्थ्य बनाए रखने के लिए जरूरी है कि शरीर को ठंडा रखा जाए, पर्याप्त पानी और पोषक पेय का सेवन किया जाए और धूप से बचाव के उपाय अपनाए जाएं। पारंपरिक देसी पेय न केवल आसानी से उपलब्ध होते हैं, बल्कि इनके नियमित सेवन से लू जैसी गंभीर समस्या से भी काफी हद तक बचा जा सकता है।

  • महंगे प्रोडक्ट्स छोड़ें, इन 5 फलों से पाएं नेचुरल ग्लो और हेल्दी स्किन

    महंगे प्रोडक्ट्स छोड़ें, इन 5 फलों से पाएं नेचुरल ग्लो और हेल्दी स्किन


    नई दिल्ली । गर्मियों का मौसम जहां एक ओर ताजगी लेकर आता है, वहीं दूसरी ओर त्वचा के लिए कई समस्याएं भी खड़ी कर देता है। तेज धूप, पसीना और बढ़ता तापमान त्वचा की नमी को कम कर देते हैं, जिससे चेहरा बेजान और रूखा नजर आने लगता है। टैनिंग और डलनेस की समस्या आम हो जाती है। ऐसे में लोग महंगे और केमिकल युक्त ब्यूटी प्रोडक्ट्स का सहारा लेते हैं, लेकिन कई बार ये त्वचा को नुकसान भी पहुंचा सकते हैं।

    ऐसी स्थिति में सबसे सुरक्षित और असरदार उपाय है अपनी डाइट में प्राकृतिक फलों को शामिल करना। गर्मियों में मिलने वाले कुछ खास फल न केवल शरीर को ठंडक देते हैं, बल्कि त्वचा को अंदर से पोषण देकर उसका ग्लो भी बढ़ाते हैं।

    सबसे पहले बात करें नारियल पानी की, जिसे एक प्राकृतिक एनर्जी ड्रिंक माना जाता है। यह शरीर को हाइड्रेट रखने में बेहद मददगार है और त्वचा को मुलायम व चमकदार बनाता है। रोजाना नारियल पानी पीने से पाचन तंत्र भी बेहतर होता है, जिसका सीधा असर चेहरे की चमक पर दिखाई देता है।

    इसके बाद तरबूज का नाम आता है, जो गर्मियों का सबसे पसंदीदा फल है। इसमें पानी की मात्रा बहुत अधिक होती है और साथ ही विटामिन C भी भरपूर होता है। यह त्वचा को हाइड्रेट रखने के साथ-साथ धूप से होने वाली टैनिंग को कम करने में मदद करता है। तरबूज का नियमित सेवन चेहरे को फ्रेश और ग्लोइंग बनाता है।

    खीरा भी त्वचा के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। यह शरीर में पानी की कमी को पूरा करता है और त्वचा को ठंडक प्रदान करता है। खीरा न केवल अंदर से हाइड्रेशन देता है, बल्कि चेहरे के रूखेपन को कम करके उसे मुलायम बनाता है। यही वजह है कि इसका इस्तेमाल कई स्किनकेयर प्रोडक्ट्स में भी किया जाता है।

    वहीं आम, जिसे फलों का राजा कहा जाता है, त्वचा के लिए बेहद फायदेमंद है। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स और विटामिन C त्वचा को पोषण देकर उसकी चमक बढ़ाते हैं। हालांकि इसका सेवन संतुलित मात्रा में करना चाहिए, ताकि शरीर पर इसका सकारात्मक प्रभाव बना रहे।

    अंत में संतरा, जो विटामिन C का बेहतरीन स्रोत है, त्वचा के लिए बेहद लाभकारी होता है। यह दाग-धब्बों को कम करने में मदद करता है और त्वचा को साफ व चमकदार बनाता है। संतरे का सेवन करने के साथ-साथ इसके छिलके का उपयोग फेसपैक के रूप में भी किया जा सकता है।

    इस प्रकार, यदि आप गर्मियों में भी अपनी त्वचा को स्वस्थ और चमकदार बनाए रखना चाहते हैं, तो इन प्राकृतिक फलों को अपनी डाइट का हिस्सा जरूर बनाएं। यह न केवल किफायती और सुरक्षित हैं, बल्कि लंबे समय तक आपकी त्वचा को जवान और दमकता हुआ बनाए रखने में मदद करते हैं।

  • गर्मियों का सुपरफ्रूट खरबूजा: शरीर को ठंडक और त्वचा को निखार देने वाला फल

    गर्मियों का सुपरफ्रूट खरबूजा: शरीर को ठंडक और त्वचा को निखार देने वाला फल


    नई दिल्ली । गर्मियों का मौसम जहां शरीर को अत्यधिक पसीना और पानी की कमी से जूझना पड़ता है, वहीं ऐसे फलों का सेवन जो ठंडक पहुंचाएं और स्वास्थ्य बनाए रखें, बेहद जरूरी है। खरबूजा इसी श्रेणी में एक बेहतरीन फल माना जाता है। आयुर्वेद के अनुसार, खरबूजा गर्मियों के लिए वरदान के समान है। यह न केवल प्यास बुझाता है बल्कि शरीर को अंदर से हाइड्रेट रखने में भी मदद करता है।

    खरबूजे में लगभग 90 प्रतिशत पानी होता है, जो गर्मी में डिहाइड्रेशन से बचाता है। साथ ही इसमें उच्च मात्रा में फाइबर, विटामिन ए, विटामिन सी और पोटेशियम जैसे महत्वपूर्ण पोषक तत्व पाए जाते हैं। ये तत्व शरीर की ऊर्जा बनाए रखने, पाचन क्रिया सुधारने और त्वचा तथा आंखों की सेहत के लिए अत्यंत लाभकारी साबित होते हैं।

    आयुर्वेद में खरबूजे को ठंडा और पित्तशामक फल माना गया है। गर्मियों में यह शरीर की अतिरिक्त गर्मी को कम करता है, पेट को ठंडक पहुंचाता है और हृदय को राहत देता है। इसे कटकर, जूस बनाकर या सलाद में शामिल कर रोजाना खाया जा सकता है। हेल्थ एक्सपर्ट के अनुसार, खरबूजा न केवल स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद है बल्कि यह सस्ता और आसानी से उपलब्ध भी है। हालांकि, डायबिटीज के मरीजों को इसे डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही सेवन करना चाहिए।

    खरबूजे के नियमित सेवन से शरीर हाइड्रेट रहता है। गर्मी में पसीना अधिक निकलने से शरीर में पानी की कमी होने लगती है, लेकिन खरबूजा प्राकृतिक रूप से पानी की पूर्ति करता है और डिहाइड्रेशन से बचाता है। इसके अलावा, इसमें मौजूद फाइबर पाचन क्रिया को सुधारता है, कब्ज जैसी समस्याओं को दूर करता है और पेट को साफ रखता है।

    विटामिन सी से भरपूर खरबूजा रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाता है, जिससे गर्मियों में होने वाली वायरल और अन्य बीमारियों से बचाव होता है। यह वजन नियंत्रित करने में भी मददगार है क्योंकि कम कैलोरी होने के साथ-साथ फाइबर से भरा होने के कारण पेट लंबे समय तक भरा हुआ महसूस होता है।

    त्वचा और आंखों की देखभाल में भी खरबूजा कारगर है। इसमें मौजूद विटामिन ए और सी त्वचा को स्वस्थ और चमकदार बनाए रखते हैं। गर्मियों में धूप और पसीने से जो त्वचा प्रभावित होती है, खरबूजा उसे निखारने में मदद करता है। इसके अलावा, विटामिन ए आंखों की रोशनी बनाए रखने और आंखों की थकान कम करने में सहायक होता है।

    इस प्रकार, गर्मियों में शरीर को ठंडक देने, पाचन सुधारने, रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने और त्वचा तथा आंखों के स्वास्थ्य के लिए खरबूजा एक सुपरफ्रूट के रूप में उभरता है। चाहे कटकर खाएं, जूस बनाकर पिएं या सलाद में डालकर सेवन करें, यह फल गर्मियों में हर घर का अनमोल साथी बन सकता है।

  • तरबूज: पोटैशियम और एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर गर्मियों का खजाना..

    तरबूज: पोटैशियम और एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर गर्मियों का खजाना..


    नई दिल्ली : गर्मियों की शुरुआत होते ही तरबूज खाने का मन सभी को करता है यह फल न केवल रिफ्रेशिंग है बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी बेहद लाभकारी माना जाता है आयुर्वेद में तरबूज को पित्त शामक फल कहा गया है और यह ज्येष्ठ माह का फल माना जाता है क्योंकि इस समय तापमान बहुत अधिक होता है और तरबूज की तासीर ठंडी होती है

    तरबूज खाने से शरीर हाइड्रेटेड रहता है क्योंकि इसमें 90 प्रतिशत पानी होता है इसके अलावा इसमें कैलोरी बहुत कम होती है जिससे वजन नियंत्रित रहता है और लंबे समय तक भूख नहीं लगती ओवरईटिंग से बचा जा सकता है। यह शरीर के तापमान को संतुलित रखने में मदद करता है और चेहरे पर प्राकृतिक ग्लो भी लाता है

    तरबूज में विटामिन सी और विटामिन ए प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं ये तत्व चेहरे और बालों की सेहत के लिए लाभकारी हैं विटामिन सी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद करता है और गर्मियों में होने वाली अतिसार और जी घबराने जैसी समस्याओं को कम करता है। इसके साथ ही तरबूज में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स मांसपेशियों की रिकवरी में सहायक हैं

    अगर शरीर में सूजन की समस्या है, तब भी तरबूज का सेवन लाभकारी होता है पोटैशियम और एंटीऑक्सीडेंट्स मिलकर शरीर को मजबूती देने का काम करते हैं गर्मियों में दोपहर के वक्त तरबूज खाना सबसे ज्यादा लाभकारी होता है। काटकर खाने के समय न होने पर आप इसे पुदीने के साथ जूस के रूप में भी ले सकते हैं, लेकिन जूस को बिना छाने पिएं ताकि सभी पोषक तत्व मिलते रहें

    इस तरह तरबूज सिर्फ एक स्वादिष्ट फल नहीं बल्कि गर्मियों में सेहत और ऊर्जा का खजाना है जो हाइड्रेशन, त्वचा की चमक और मांसपेशियों की मजबूती, सभी के लिए फायदेमंद है