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  • सुबह खाली पेट पानी पीना: सेहत के लिए ‘साइलेंट हीलर’, जानें 11 फायदे और सही तरीका

    सुबह खाली पेट पानी पीना: सेहत के लिए ‘साइलेंट हीलर’, जानें 11 फायदे और सही तरीका


    नई दिल्ली । हम अक्सर सुनते हैं कि सुबह खाली पेट पानी पीना सेहत के लिए बेहद फायदेमंद है। हेल्थ एक्सपर्ट इसे साइलेंट हीलर कहते हैं क्योंकि यह छोटी लेकिन असरदार आदत हमारे शरीर को रीस्टार्ट का संदेश देती है। इंग्लैंड की लॉफबोरो यूनिवर्सिटी की स्टडी बताती है कि सुबह उठने के 30 मिनट के अंदर आधा लीटर पानी पीने से ब्रेन की फंक्शनिंग में सुधार आता है।

    डॉ. रोहित शर्मा कंसल्टेंट इंटरनल मेडिसिन अपोलो स्पेक्ट्रा हॉस्पिटल जयपुर बताते हैं कि सोते समय शरीर रिकवरी और रिपेयर मोड में चला जाता है। मेटाबॉलिज्म और ऑर्गन्स स्लो हो जाते हैं। ऐसे में सुबह पानी पीना शरीर को धीरे धीरे इस मोड से बाहर निकालता है। मूड संतुलित रहता है फोकस और याददाश्त बढ़ती है और सोचने समझने की क्षमता बेहतर होती है।

    डाइजेशन पर इसका असर भी महत्वपूर्ण है। खाली पेट पानी पेट में पहुंचकर पाचन तंत्र को सक्रिय करता है पेट और आंतों की मांसपेशियां मूवमेंट शुरू करती हैं। गैस्ट्रिक जूस और एंजाइम्स रिलीज होने से खाना पचाने की क्षमता बढ़ती है। कब्ज एसिडिटी और ब्लोटिंग जैसी समस्याएं कम होती हैं।

    सुबह पानी पीने से कई लाइफस्टाइल डिजीज का जोखिम घट सकता है। हाइड्रेटेड रहने से मेटाबॉलिज्म बेहतर होता है और टॉक्सिन्स जमा नहीं होते। किडनी स्टोन यूरिन इन्फेक्शन हाई ब्लड प्रेशर और कब्ज जैसी बीमारियों के खतरे कम होते हैं।

    वजन कम करने में भी यह मददगार है। पानी मेटाबॉलिज्म को 20–30% तक एक्टिव करता है और कैलोरी बर्न में सहायक होता है। पेट थोड़ा भरा महसूस होने से नाश्ते में ओवरईटिंग कम होती है। हालांकि सिर्फ पानी पीने से वजन कम नहीं होता इसे हेल्दी लाइफस्टाइल के साथ अपनाना जरूरी है।

    मानसिक स्वास्थ्य पर भी इसका असर दिखता है। डिहाइड्रेशन से थकान चिड़चिड़ापन और फोकस की कमी हो सकती है। सुबह पानी पीने से ब्रेन को पर्याप्त ऑक्सीजन और ब्लड सप्लाई मिलती है जिससे स्ट्रेस हॉर्मोन बैलेंस होते हैं और दिन की शुरुआत क्लियर और शांत होती है।

    एनर्जी लेवल और मूड पर भी सकारात्मक असर पड़ता है। रात भर डिहाइड्रेटेड रहने से शरीर सुस्त रहता है। पानी पीते ही सेल्स सक्रिय हो जाती हैं थकान कम होती है और सिर भारी लगने की समस्या घटती है। यही कारण है कि हेल्थ एक्सपर्ट चाय कॉफी से पहले पानी पीने की सलाह देते हैं।

    डॉ. शर्मा के मुताबिक गुनगुना या नॉर्मल टेम्परेचर का पानी सुबह के लिए सबसे सही है। ठंडा पानी डाइजेशन धीमा कर सकता है। आमतौर पर 1–2 गिलास 250–500 ml पानी पर्याप्त होता है लेकिन मौसम और हेल्थ कंडीशन के हिसाब से मात्रा बदल सकती है।

    कुछ सावधानियां भी जरूरी हैं। किडनी या हार्ट की समस्या लो ब्लड प्रेशर गंभीर गैस्ट्रिक इश्यू वाले लोग थोड़ी सतर्कता बरतें। सुबह खाली पेट पानी पीना एक छोटी लेकिन असरदार आदत है जो डाइजेशन मेटाबॉलिज्म मेंटल हेल्थ और ओवरऑल वेलबीइंग को बेहतर बनाती है।

  • गर्मियों में नहीं होगा चेहरा काला और ऑयली! अपनी डेली रूटीन में शामिल करें ये 3 जादुई बदलाव

    गर्मियों में नहीं होगा चेहरा काला और ऑयली! अपनी डेली रूटीन में शामिल करें ये 3 जादुई बदलाव


    नई दिल्ली । गर्मी का मौसम शुरू होते ही हमारी त्वचा की परेशानियां भी बढ़ने लगती हैं. तेज धूप और पसीने की वजह से चेहरा न सिर्फ काला पड़ने लगता है बल्कि बार-बार तेल आने से चेहरे की चमक भी खो जाती है. बहुत से लोग महंगे क्रीम और फेशवॉश इस्तेमाल करते हैं लेकिन फिर भी उन्हें सही रिजल्टनहीं मिलता. असल में गर्मियों में त्वचा का ख्याल रखने के लिए आपको बहुत ज्यादा तामझाम की जरूरत नहीं है. बस अपनी रोज की आदतों में कुछ छोटे और सही बदलाव करने से आप धूप से होने वाले नुकसान से बच सकते हैं. इस आर्टिकल में हम आपको ऐसे 3 आसान और जादुई तरीकों के बारे में बताएंगे जिन्हें अपनाकर आप तपती गर्मी में भी अपने चेहरे को ठंडा साफ और चमकदार बनाए रख सकते हैं.

    चेहरे को धोने का सही तरीका और समय
    गर्मियों में बार-बार चेहरा धोने से त्वचा का कुदरती तेल खत्म हो जाता है जिससे चेहरा और ज्यादा ऑयली हो जाता है. दिन में सिर्फ दो या तीन बार ही अच्छे फेसवाश का इस्तेमाल करें. जब भी आप बाहर से आएं तो चेहरे पर ठंडे पानी के छींटे जरूर मारें. इससे धूल-मिट्टी साफ हो जाएगी और चेहरे की गर्मी भी कम होगी. रात को सोने से पहले चेहरा साफ करना कभी न भूलें ताकि आपकी स्किन रात भर सांस ले सके.

    सनस्क्रीन को अपनी आदत बना लें

    सूरज की तेज किरणें चेहरे को काला करने और झुर्रियां पैदा करने का सबसे बड़ा कारण होती हैं. बहुत से लोग सोचते हैं कि घर के अंदर सनस्क्रीन की जरूरत नहीं है लेकिन यह गलत है. घर के अंदर हों या बाहर सनस्क्रीन जरूर लगाएं. यह आपके चेहरे पर एक सुरक्षा कवच की तरह काम करती है और धूप से होने वाले कालेपन को रोकती है. हर 3 से 4 घंटे बाद इसे दोबारा लगाना सबसे अच्छा रहता है.

    पानी और खानपान पर खास ध्यान दें

    बाहर से महंगी क्रीम लगाने से ज्यादा जरूरी है कि आप अंदर से अपनी स्किन का ख्याल रखें. गर्मियों में ज्यादा से ज्यादा पानी पिएं ताकि शरीर की गंदगी बाहर निकल सके और स्किन हाइड्रेटेड रहे. अपनी डाइट में खीरा तरबूज और नींबू पानी जैसी ठंडी चीजें शामिल करें. तेल-मसाले वाला खाना कम खाएं क्योंकि इससे चेहरे पर पिंपल्स और तेल आने की समस्या बढ़ जाती है. जितना ज्यादा आप फल और सब्जियां खाएंगे आपका चेहरा उतना ही ज्यादा चमकेगा.
  • Skin Care Tips: डल स्किन को अलविदा कहो, बस अपनाएं ये ट्रिक, सिर्फ 6 आसान टिप्स से निखार रहेगा दिन-रात

    Skin Care Tips: डल स्किन को अलविदा कहो, बस अपनाएं ये ट्रिक, सिर्फ 6 आसान टिप्स से निखार रहेगा दिन-रात

    नई दिल्ली । बदलते मौसम में सबसे पहले असर हमारी त्वचा पर दिखने लगता है. कभी रूखापन कभी ऑयलीनेस तो कभी पिंपल्स और रैशेज स्किन कन्फ्यूज हो जाती है. उसे आखिर चाहिए क्या. ऐसे में अगर सही देखभाल न की जाए तो चेहरा बेजान लगने लगता है, लेकिन घबराने की जरूरत नहीं है. कुछ आसान और रोजमर्रा की आदतें अपनाकर आप बिना मेकअप भी चांद सा निखार पा सकते हैं. बदलते मौसम में थोड़ी सी सावधानी और नियमित स्किन केयर रूटीन अपनाकर आप अपनी त्वचा को हेल्दी और ग्लोइंग रख सकते हैं.
    याद रखिए असली खूबसूरती नैचुरल होती है. सही देखभाल से वही निखार सबसे ज्यादा दमकता है. मैक्स हॉस्पिटल में प्रिंसिपल कंसल्टेंट के तौर पर तैनात डर्मेटोलॉजिस्ट डॉ. साक्षी श्रीवास्तव का कहना है कि जब हम अपनी डाइट को बैलेंस करते हैं और केमिकल्स और मेकअप के बजाय नेचुरल चीज़ों पर ध्यान देते हैं तो स्किन ग्लो करती है.

    क्लेंजिंग है सबसे पहला कदम

    मौसम चाहे कोई भी हो दिन में 2 बार माइल्ड फेसवॉश से चेहरा साफ करना जरूरी है. इससे धूल-मिट्टी और अतिरिक्त ऑयल हटता है और पोर्स साफ रहते हैं, लेकिन बार-बार फेसवॉश करने से बचें, वरना स्किन ड्राई हो सकती है.

    मॉइश्चराइजर कभी न छोड़ें
    अक्सर लोग सोचते हैं कि गर्मी में मॉइश्चराइजर की जरूरत नहीं होती हैं, लेकिन बदलते मौसम में स्किन का बैलेंस बिगड़ जाता है. हल्का, वॉटर-बेस्ड मॉइश्चराइजर लगाएं. ताकि त्वचा हाइड्रेटेड रहे और ग्लो बरकरार रहे.

    सनस्क्रीन है जरूरी

    धूप सर्दी-गर्मी नहीं देखती. बाहर निकलने से 15-20 मिनट पहले SPF 30 या उससे ज्यादा वाला सनस्क्रीन लगाएं. इससे टैनिंग, पिग्मेंटेशन और समय से पहले झुर्रियों से बचाव होता है.बाहर जाने से पहले सनस्क्रीन लगाना बहुत ज़रूरी है. खासकर गर्मियों में, सनस्क्रीन हमारी स्किन के लिए बहुत सारी प्रॉब्लम खड़ी कर सकता है, जिससे यह डल और इरिटेटेड दिखती है.

    हफ्ते में एक-दो बार एक्सफोलिएशन

    डेड स्किन हटाने के लिए हल्के स्क्रब या केमिकल एक्सफोलिएटर का इस्तेमाल करें. इससे त्वचा साफ और फ्रेश दिखती है, लेकिन ज्यादा स्क्रब करने से स्किन डैमेज हो सकती है. इसलिए संतुलन जरूरी है.

    पानी और डाइट पर ध्यान दें

    खूबसूरत त्वचा सिर्फ बाहर से नहीं, अंदर से भी बनती है. दिन में 7-8 गिलास पानी पिएं और अपनी डाइट में फल, हरी सब्जियां और विटामिन-सी से भरपूर चीजें शामिल करें. इससे त्वचा में नैचुरल ग्लो आता है.

    ब्यूटी स्लीप को न करें नजरअंदाज

    रात की 7-8 घंटे की नींद स्किन के लिए बेहद जरूरी है. सोते समय त्वचा खुद को रिपेयर करती है, जिससे चेहरा सुबह फ्रेश और चमकदार नजर आता है.

  • आप भी खड़े होकर पीते हैं पानी? तो जाएं सावधान; जानिए इसके बड़े नुकसान

    आप भी खड़े होकर पीते हैं पानी? तो जाएं सावधान; जानिए इसके बड़े नुकसान


    नई दिल्ली । स्वस्थ रहने के लिए पानी पीना उतना ही जरूरी है जितना कि उसका सही तरीका अपनाना। आजकल हम अक्सर जल्दबाजी में खड़े होकर पानी पी लेते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह आदत आपके शरीर के लिए कितनी हानिकारक हो सकती है? हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार, खड़े होकर पानी पीने से कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं, जिनमें किडनी, पाचन तंत्र और फेफड़ों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। आइए जानते हैं कि खड़े होकर पानी पीने के क्या नुकसान हो सकते हैं और इसे ठीक से पीने का तरीका क्या है।

    खड़े होकर पानी पीने के नुकसान

    मांसपेशियों और जोड़ों पर असर खड़े होकर पानी पीने से शरीर में टॉक्सिन्स जमा हो सकते हैं क्योंकि इस स्थिति में पानी पेट के निचले हिस्से में दबाव डालते हुए पहुंचता है। इससे शरीर की नसों पर भी दबाव पड़ता है जिससे कमर और रीढ़ की हड्डी में दर्द और जकड़न की समस्या हो सकती है। लंबे समय तक इस आदत को अपनाने से मांसपेशियों और जोड़ों में ऐंठन और समस्या हो सकती है।

    किडनी से जुड़ी परेशानियां

    जब आप खड़े होकर पानी पीते हैं तो पानी जल्दी से पेट के निचले हिस्से में पहुंचता है और किडनी के ऊपर अधिक दबाव डालता है। इस दबाव के कारण किडनी का कार्य प्रभावित हो सकता है, जिससे शरीर में पानी का फिल्टरेशन सही तरीके से नहीं हो पाता। दूसरी ओर बैठकर पानी पीने से शरीर धीरे-धीरे पानी अवशोषित करता है, जिससे किडनी का कार्य संतुलित रहता है और किडनी पर दबाव कम पड़ता है।

    फेफड़ों और हृदय को नुकसान

    खड़े होकर पानी पीने से विटामिन्स और पोषक तत्व सही तरीके से पाचन तंत्र और लिवर तक नहीं पहुंच पाते। इससे हृदय और फेफड़ों की सेहत पर भी असर पड़ सकता है। इसके अलावा यह शरीर में ऑक्सीजन के स्तर को भी प्रभावित कर सकता है जिससे सांस लेने में तकलीफ हो सकती है।

    पाचन प्रक्रिया होती है प्रभावित

    खड़े होकर पानी पीने से पानी तेजी से पेट में पहुंचता है, जो पाचन तंत्र को सही तरीके से काम करने का समय नहीं देता। इससे गैस, अपच पेट भारी रहने और पेट की अन्य समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। पानी का सही तरीके से पाचन में शामिल होना बेहद जरूरी है और बैठकर पानी पीने से यह प्रक्रिया बेहतर तरीके से होती है।

    पानी पीने का सही तरीका

    स्वस्थ शरीर और बेहतर पाचन के लिए पानी पीने का तरीका बहुत महत्वपूर्ण है। विशेषज्ञों के अनुसार बैठकर पानी पीना सबसे अच्छा होता है। इसे धीरे-धीरे और शांतिपूर्वक पीना चाहिए, जिससे पानी अच्छे से शरीर में अवशोषित हो सके। पीठ सीधी रखकर पानी पिएं ताकि शरीर में कोई अतिरिक्त दबाव न पड़े और रक्त संचार सही से हो। 7-8 गिलास पानी हर दिन पीना चाहिए, ताकि शरीर हाइड्रेटेड रहे और विषाक्त तत्व बाहर निकल सकें। पानी पीना जितना जरूरी है, उतना ही जरूरी उसका सही तरीका अपनाना भी है। खड़े होकर पानी पीने से शरीर पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है, खासकर किडनी पाचन तंत्र और हृदय पर। इसलिए, स्वस्थ रहने के लिए हमेशा बैठकर और धीरे-धीरे पानी पिएं ताकि शरीर को बेहतर तरीके से हाइड्रेट किया जा सके और आपकी सेहत पर कोई बुरा असर न पड़े।

  • पेनकिलर को कहें बाय-बाय जानें क्यों फटता है आपका सिर? ये 5 गलतियां हैं जिम्मेदार

    पेनकिलर को कहें बाय-बाय जानें क्यों फटता है आपका सिर? ये 5 गलतियां हैं जिम्मेदार


    नई दिल्ली । आजकल की व्यस्त जीवनशैली में सिरदर्द एक आम समस्या बन चुकी है जिसे हम अक्सर पेनकिलर लेकर दबा देते हैं। हालांकि बार-बार होने वाला सिरदर्द हमारी रोजमर्रा की आदतों और लाइफस्टाइल से जुड़ा होता है। यदि हम इसके मूल कारणों को समझें तो दवाओं के दुष्प्रभाव से बच सकते हैं। आइए जानते हैं कुछ प्रमुख कारणों के बारे में जिनकी वजह से सिरदर्द हो सकता है।

    ब्रेकफास्ट स्किप करना

    रातभर के अंतराल के बाद शरीर को ऊर्जा की आवश्यकता होती है। अगर सुबह का नाश्ता नहीं करते तो ब्लड शुगर का लेवल गिर सकता है जिससे दिमाग की नसों में खिंचाव आ सकता है और परिणामस्वरूप तेज सिरदर्द हो सकता है। खासकर जब शरीर को जरूरी कैलोरी और पोषण नहीं मिल पाता तो इससे सिर में दर्द शुरू हो जाता है। इसलिए सुबह का नाश्ता कभी न छोड़ें!

    लंबे समय तक भूखे रहना

    वजन घटाने के प्रयास या व्रत के कारण अगर आप लंबे समय तक भूखे रहते हैं तो शरीर में एसिडिटी और गैस बनने लगती है। यह गैस सिर के ऊपर की ओर चढ़कर भारीपन और दर्द का कारण बनती है। हेल्थ स्पेशलिस्ट्स का कहना है कि लंबे समय तक भूखा रहने की बजाय थोड़ा-थोड़ा करके हल्का खाना खाना बेहतर होता है जिससे पेट में गैस बनने की संभावना कम हो जाती है और सिरदर्द से भी बचा जा सकता है।

    मानसिक तनाव

    आजकल का जीवन इतना तेज़ और व्यस्त है कि मानसिक तनाव एक सामान्य समस्या बन चुकी है। काम का बढ़ा हुआ बोझ और भविष्य की चिंता मांसपेशियों में खिंचाव पैदा करती है जिसे ‘टेंशन हेडेक’ कहा जाता है। तनाव की वजह से दिमाग की नसें थक जाती हैं जो धीरे-धीरे गंभीर सिरदर्द का रूप ले सकती हैं। इसे कम करने के लिए नियमित रूप से योग मेडिटेशन या हल्की एक्सरसाइज करना फायदेमंद हो सकता है।

    डिहाइड्रेशन

    शरीर में पानी की कमी होने पर ऊतक सिकुड़ने लगते हैं और नसों पर दबाव बढ़ने लगता है। अगर आप पर्याप्त पानी नहीं पीते हैं तो सिरदर्द की समस्या और भी बढ़ सकती है। खासकर जब आप झुकते हैं या चलने की कोशिश करते हैं तो यह दबाव सिर में दर्द का कारण बन सकता है। डॉक्टर भी यह सलाह देते हैं कि दिन भर में कम से कम 8-10 गिलास पानी पीना चाहिए ताकि शरीर हाइड्रेटेड रहे और सिरदर्द से बचा जा सके।

    आंखों की थकावट

    लंबे समय तक स्क्रीन पर काम करने या मोबाइल और कंप्यूटर का ज्यादा इस्तेमाल करने से आंखों में थकावट हो सकती है जो सिर में दर्द का कारण बनती है। अगर आप देर तक कंप्यूटर या मोबाइल पर काम करते हैं तो आंखों के सामने पिघलते हुए धब्बे या धुंधला दिखने जैसी समस्याएं हो सकती हैं जो सिरदर्द में बदल जाती हैं। इसके लिए स्क्रीन ब्रेक्स लेना और आंखों को आराम देना महत्वपूर्ण है।

    अगर सिरदर्द की समस्या लगातार बनी रहती है तो इसे पेनकिलर से दबाने की बजाय अपनी आदतों और लाइफस्टाइल में बदलाव लाएं। नियमित रूप से पानी पीना मानसिक तनाव को कम करना सही समय पर भोजन करना और आंखों को आराम देना आपके सिरदर्द को कम कर सकता है। अगर फिर भी समस्या बनी रहती है तो डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।

  • महंगे स्किनकेयर प्रोडक्ट्स के बावजूद निखार क्यों नहीं आता? जानें 7 गलतियां जो आपके ग्लो को छीन रही हैं

    महंगे स्किनकेयर प्रोडक्ट्स के बावजूद निखार क्यों नहीं आता? जानें 7 गलतियां जो आपके ग्लो को छीन रही हैं


    नई दिल्ली । हर महिला चाहती है कि उसकी स्किन खूबसूरत और जवां बनी रहेलेकिन कभी-कभी हम अनजाने में ऐसी गलतियाँ कर बैठते हैंजो हमारे स्किनकेयर रूटीन को नुकसान पहुंचाती हैं। ये छोटी सी दिखने वाली गलतियां हमारी त्वचा को समय से पहले बेजान और थकी-थकी बना देती हैं। आइएजानते हैं कि कौन सी वो 7 आम गलतियां हैंजो आपकी स्किन की चमक को खत्म कर रही हैं और इनसे कैसे बच सकते हैं।

    सनस्क्रीन का इस्तेमाल न करना

    बहुत सी महिलाएं सोचती हैं कि केवल धूप में बाहर जाने पर ही सनस्क्रीन लगानी चाहिए। जबकियूवी किरणें सिर्फ बाहर से ही नहींबल्कि घर के अंदर भी हमें नुकसान पहुंचा सकती हैं। घर या ऑफिस में भी दिनभर की यूवी एक्सपोजर से झुर्रियां और पिगमेंटेशन बढ़ सकते हैं।इसलिएसनस्क्रीन का नियमित इस्तेमाल बेहद जरूरी है। स्किन टाइप के हिसाब से प्रोडक्ट्स का चुनाव न करनकई बार महिलाएं अपनी स्किन टाइप को समझे बिना ही प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करने लगती हैं। यह गलत चुनाव स्किन को और भी ज्यादा ड्राईऑयली या एक्ने-प्रोन बना सकता है। जब हम सही स्किनकेयर प्रोडक्ट्स का चुनाव करते हैंतो स्किन की हेल्थ बेहतर रहती है और एजिंग के निशान भी देर से नजर आते हैं।

    चेहरे को ज्यादा रगड़ना या हार्श क्लेंजर का इस्तेमाल करना

    चेहरे को सही तरीके से साफ करना जरूरी हैलेकिन इसे ज्यादा रगड़ने से हमारी स्किन की नेचुरल नमी छीन जाती है। इसके अलावाहार्श क्लींजर स्किन के लिए हानिकारक हो सकते हैंजिससे ड्राईनेस और फाइन लाइन्स जल्दी दिखने लगती हैं। हमेशा हलके और सॉफ्ट क्लींजर का ही इस्तेमाल करें।

    हाइड्रेशन की अनदेखी करना

    त्वचा को हाइड्रेटेड रखना सबसे जरूरी है। अगर आप पर्याप्त पानी नहीं पीतीं और मॉइस्चराइजर का इस्तेमाल नहीं करतींतो स्किन डल और बेजान हो सकती है। हाइड्रेशन न होने से त्वचा में जल्दी झुर्रियां और फाइन लाइन्स दिखने लगती हैं। सही मात्रा में पानी पीना और अच्छा मॉइस्चराइज़र लगाना स्किन को हेल्दी बनाए रखने के लिए आवश्यक है।
    स्लीप रूटीन को नजरअंदाज करना नींद का सही रूटीन न होना स्किन के लिए हानिकारक हो सकता है। नींद के दौरान स्किन खुद को रिपेयर करती हैऔर अगर आपको पर्याप्त नींद नहीं मिलती तो इससे डार्क सर्कल्सपफी आईज़ और एजिंग की समस्या हो सकती है। एक अच्छा स्लीप रूटीन स्किन के लिए बेहद फायदेमंद है।

    स्ट्रेस और अनहेल्दी डाइट

    स्ट्रेस और अनहेल्दी डाइट स्किन को नुकसान पहुंचाने में महत्वपूर्ण कारण हो सकते हैं। जरूरत से ज्यादा स्ट्रेस से कोलेजन का उत्पादन कम हो सकता हैजिससे स्किन की इलास्टिसिटी घटने लगती है। इसके अलावाजंक फूडमीठा और तैलीय खाद्य पदार्थ स्किन की हेल्थ को नुकसान पहुंचाते हैं। हेल्दी डाइट और मानसिक शांति रखना त्वचा के लिए फायदेमंद है।

    नाइट केयर रूटीन स्किप करना

    रात के समय स्किन को रिपेयर करने का सबसे अच्छा मौका मिलता है। लेकिन जब महिलाएं दिनभर की थकान के बाद बिना चेहरे को ठीक से साफ किए सो जाती हैंतो स्किन का नेचुरल रीजेनरेशन प्रोसेस प्रभावित होता है। नाइट क्रीम और सीरम का नियमित इस्तेमाल त्वचा के लिए बेहद लाभकारी है। इन सात सामान्य स्किनकेयर गलतियों से बचकर आप अपनी त्वचा को स्वस्थचमकदार और जवां रख सकती हैं। सही प्रोडक्ट्सहाइड्रेशनपर्याप्त नींद और हेल्दी लाइफस्टाइल स्किन को निखारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। तोअगली बार जब आप स्किनकेयर रूटीन अपनाएंगीतो इन बातों का ध्यान रखें और अपनी त्वचा को पूरी तरह से पोषण दें!

  • सर्दियों में भी रहें हाइड्रेटेड: पानी और गर्म ड्रिंक्स के 5 आसान टिप्स

    सर्दियों में भी रहें हाइड्रेटेड: पानी और गर्म ड्रिंक्स के 5 आसान टिप्स


    नई दिल्ली
    /सर्दियों में लोग अक्सर यह सोचते हैं कि गर्म मौसम की तरह डिहाइड्रेशन का खतरा नहीं है। लेकिन सच यह है कि ठंड के मौसम में भी शरीर में पानी की कमी चुपचाप असर डालती है। कम प्यास लगना, हीटर, ब्लोअर और गर्म कपड़े शरीर से नमी को निकाल लेते हैं। इसके अलावा, सर्दियों में चाय, कॉफी या अल्कोहल का ज्यादा सेवन भी डिहाइड्रेशन बढ़ा देता है। अगर समय रहते ध्यान न दिया जाए तो यह थकान, सिरदर्द, रूखी त्वचा और कमजोर इम्यूनिटी जैसी समस्याओं का कारण बन सकता है।

    क्यों बढ़ता है सर्दियों में डिहाइड्रेशन का खतरा?
    सर्दियों में पसीना जल्दी सूख जाता है, जिससे पानी की कमी महसूस नहीं होती। प्यास का संकेत कमजोर होने के कारण लोग पर्याप्त पानी पीना भूल जाते हैं। हीटर और ब्लोअर से हवा में नमी कम हो जाती है और गर्म कपड़े भी शरीर से पानी सोख लेते हैं। यही कारण है कि ठंड में भी हाइड्रेशन पर ध्यान रखना बेहद जरूरी है।

    सर्दियों में हाइड्रेटेड रहने के 5 आसान हैक्स

    1. पानी पीने की आदत बनाएं
    सिर्फ प्यास लगने पर पानी पीने की आदत छोड़ दें। सुबह उठते ही 1–2 गिलास गुनगुना पानी पिएं। दिनभर हर 1–2 घंटे में थोड़ा-थोड़ा पानी पीते रहें। मोबाइल रिमाइंडर सेट करना इस आदत को बनाए रखने में मदद करता है।

    2. गुनगुने और हेल्दी ड्रिंक्स अपनाएं
    ठंड में ठंडा पानी पीने का मन नहीं करता, इसलिए गुनगुना पानी या हर्बल ड्रिंक्स पीना बेहतर रहता है। नींबू पानी, अदरक और दालचीनी का काढ़ा शरीर को हाइड्रेट रखता है और इम्यूनिटी भी बढ़ाता है। गर्म ड्रिंक्स पाचन को बेहतर बनाने और शरीर में ऊर्जा बनाए रखने में भी मदद करती हैं।

    3. सूप और शोरबा शामिल करें
    सर्दियों में सूप, सब्जियों का शोरबा, दलिया और दही डाइट में शामिल करें। संतरा, सेब और अमरूद जैसे फलों में भी पानी और पोषक तत्व पर्याप्त मात्रा में होते हैं। ये न केवल हाइड्रेशन बनाए रखते हैं, बल्कि शरीर को ठंड से लड़ने के लिए आवश्यक विटामिन और मिनरल भी देते हैं।

    4. कैफीन और शराब का संतुलन रखें
    चाय, कॉफी और शराब का ज्यादा सेवन शरीर से पानी निकाल देता है। अगर इनका सेवन करें, तो पर्याप्त पानी पीना सुनिश्चित करें। पानी के साथ ही कैफीन और अल्कोहल के नुकसान को कम किया जा सकता है।

    5. शरीर के संकेतों को पहचानें
    रूखे होंठ, सूखी त्वचा, गहरा पीला यूरिन, थकान, चक्कर और सिरदर्द डिहाइड्रेशन के मुख्य संकेत हैं। इन संकेतों को नजरअंदाज न करें और तुरंत पानी या गर्म ड्रिंक्स लें।सर्दियों में पर्याप्त हाइड्रेशन बनाए रखना स्वास्थ्य के लिए बेहद जरूरी है। छोटे-छोटे कदम अपनाकर आप न केवल डिहाइड्रेशन से बच सकते हैं, बल्कि ठंड के मौसम में भी एनर्जी और इम्यूनिटी बनाए रख सकते हैं। गुनगुने पानी, सूप, शोरबा और हेल्दी ड्रिंक्स को अपनी डाइट में शामिल करके आप शरीर को फुली हाइड्रेटेड रख सकते हैं और सर्दियों का मजा सुरक्षित तरीके से ले सकते हैं।