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  • फिक्सिंग मामले में ICC का बड़ा एक्शन, अमेरिका के खिलाड़ी पर 8 साल का प्रतिबंध

    फिक्सिंग मामले में ICC का बड़ा एक्शन, अमेरिका के खिलाड़ी पर 8 साल का प्रतिबंध

    नई दिल्ली । अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए अमेरिका के क्रिकेटर अखिलेश रेड्डी पर आठ वर्षों का प्रतिबंध लगा दिया है। आईसीसी की भ्रष्टाचार-रोधी ट्रिब्यूनल ने उन्हें 2025 अबू धाबी टी10 लीग से जुड़े मामले में एंटी-करप्शन कोड के कई प्रावधानों का उल्लंघन करने का दोषी पाया। इसके बाद उन्हें सभी प्रकार की क्रिकेट गतिविधियों से आठ साल के लिए निलंबित कर दिया गया है।

    आईसीसी के अनुसार यह मामला वर्ष 2025 में संयुक्त अरब अमीरात में आयोजित अबू धाबी टी10 लीग से जुड़ा है। इस प्रतियोगिता के लिए एमिरेट्स क्रिकेट बोर्ड ने आईसीसी को नामित भ्रष्टाचार-रोधी अधिकारी की जिम्मेदारी सौंपी थी। जांच के दौरान अखिलेश रेड्डी की भूमिका संदेह के दायरे में आई, जिसके बाद विस्तृत जांच और सुनवाई की प्रक्रिया पूरी की गई।

    आईसीसी ने बताया कि अखिलेश रेड्डी को भ्रष्टाचार-रोधी संहिता के तीन अलग-अलग प्रावधानों के उल्लंघन का दोषी पाया गया। उन पर मैच के परिणाम या उसके किसी पहलू को प्रभावित करने की कोशिश करने, दूसरे खिलाड़ी को ऐसे कृत्य के लिए उकसाने तथा जांच के दौरान महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्यों को नष्ट कर जांच में बाधा पहुंचाने के आरोप सिद्ध हुए।

    जांच में यह भी सामने आया कि खिलाड़ी ने अपने मोबाइल उपकरण से डेटा और संदेश हटाने की कोशिश की, जो भ्रष्टाचार-रोधी अधिकारियों की जांच के लिए महत्वपूर्ण हो सकते थे। आईसीसी ने इसे जांच प्रक्रिया में सहयोग न करने और साक्ष्य मिटाने का गंभीर मामला माना।

    आईसीसी के आदेश के अनुसार यह प्रतिबंध 21 नवंबर 2025 से प्रभावी माना जाएगा। इसी तारीख को अखिलेश रेड्डी को अस्थायी रूप से निलंबित किया गया था। अब इस अवधि को शामिल करते हुए वह अगले आठ वर्षों तक किसी भी स्तर की क्रिकेट गतिविधि में भाग नहीं ले सकेंगे।

    अखिलेश रेड्डी का अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट करियर अभी शुरुआती दौर में ही था। उन्होंने अब तक अमेरिका के लिए चार टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेले हैं। इन मैचों में गेंदबाजी करते हुए उनके नाम एक विकेट दर्ज है, जबकि उन्हें बल्लेबाजी का अवसर नहीं मिला। इसके अलावा वह 2025 अबू धाबी टी10 लीग में एस्पिन स्टैलियन्स टीम का हिस्सा भी रहे थे।

    आईसीसी लगातार क्रिकेट में भ्रष्टाचार रोकने के लिए अपनी निगरानी व्यवस्था को मजबूत कर रही है। परिषद का कहना है कि मैच फिक्सिंग, स्पॉट फिक्सिंग और किसी भी प्रकार के भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों में शून्य सहनशीलता की नीति अपनाई जाएगी। खिलाड़ियों और अन्य संबंधित व्यक्तियों से जांच एजेंसियों के साथ पूर्ण सहयोग की अपेक्षा की जाती है।

    इस कार्रवाई को क्रिकेट की पारदर्शिता और विश्वसनीयता बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। आईसीसी का मानना है कि खेल की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए भ्रष्टाचार के मामलों में त्वरित और कठोर कार्रवाई आवश्यक है। इसी नीति के तहत दोषी पाए जाने पर अखिलेश रेड्डी पर यह लंबा प्रतिबंध लगाया गया है।

  • नेतन्याहू की गिरफ्तारी पर कानूनी अधिकार न होने की बात मानने के बाद भी घिरे ममदानी, यहूदी समुदाय की चिंताएं बरकरार

    नेतन्याहू की गिरफ्तारी पर कानूनी अधिकार न होने की बात मानने के बाद भी घिरे ममदानी, यहूदी समुदाय की चिंताएं बरकरार

    नई दिल्ली ।न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी के हालिया बयान ने एक बार फिर इजरायल और यहूदी समुदाय से जुड़े राजनीतिक विवाद को चर्चा के केंद्र में ला दिया है। ममदानी ने स्पष्ट किया है कि उनके पास इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को गिरफ्तार करने का कोई कानूनी अधिकार नहीं है। हालांकि, इस स्वीकारोक्ति के बावजूद उनके पूर्व बयानों और इजरायल को लेकर उनके रुख पर उठ रहे सवाल अभी भी शांत नहीं हुए हैं।

    ममदानी ने हाल ही में जारी एक वीडियो संदेश में कहा कि न्यूयॉर्क सिटी प्रशासन के पास किसी विदेशी राष्ट्राध्यक्ष या प्रधानमंत्री की गिरफ्तारी का अधिकार नहीं है। साथ ही उन्होंने यह भी दोहराया कि उनके अनुसार नेतन्याहू को अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय (आईसीसी) के वारंट के तहत जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर नई बहस शुरू हो गई।

    यह मुद्दा इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि मेयर चुनाव अभियान के दौरान ममदानी ने नेतन्याहू की संभावित गिरफ्तारी का उल्लेख किया था। उस समय कई कानूनी विशेषज्ञों ने कहा था कि न्यूयॉर्क के मेयर के पास ऐसा कोई संवैधानिक या कानूनी अधिकार नहीं है। अब स्वयं ममदानी ने भी इस सीमा को स्वीकार किया है, लेकिन उनके पहले दिए गए बयानों को लेकर विवाद समाप्त नहीं हुआ है।

    न्यूयॉर्क के यहूदी समुदाय के कई प्रतिनिधियों ने कहा है कि मौजूदा स्पष्टीकरण उनकी चिंताओं को दूर करने के लिए पर्याप्त नहीं है। उनका मानना है कि ऐसे बयान ऐसे समय में सामने आए हैं, जब यहूदी विरोधी घटनाओं और सामाजिक तनाव को लेकर पहले से ही संवेदनशील माहौल बना हुआ है। समुदाय के कुछ नेताओं ने आशंका जताई कि सार्वजनिक पद पर बैठे लोगों के बयान समाज में मतभेद और अविश्वास को बढ़ा सकते हैं।

    कई यहूदी संगठनों के प्रतिनिधियों ने हाल के वर्षों में इजरायल-हमास संघर्ष के दौरान हुए प्रदर्शनों का उल्लेख करते हुए कहा कि सार्वजनिक विमर्श में जिम्मेदारी और संतुलन बनाए रखना आवश्यक है। उनका कहना है कि राजनीतिक नेताओं के शब्दों का व्यापक प्रभाव पड़ता है और किसी भी बयान को ऐसे संदर्भ में देखा जाता है, जहां सामाजिक सौहार्द और सामुदायिक विश्वास प्रभावित हो सकता है।

    दूसरी ओर, इजरायली नेताओं की ओर से भी ममदानी के रुख पर प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने न्यूयॉर्क में रहने वाले यहूदी समुदाय की सुरक्षा और उनके प्रति बढ़ती चिंताओं का उल्लेख करते हुए ऐसे बयानों पर आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि सार्वजनिक जीवन में संवेदनशील अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर टिप्पणी करते समय सभी पक्षों के हितों और सामाजिक प्रभावों का ध्यान रखा जाना चाहिए।

    राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह विवाद केवल एक कानूनी प्रश्न तक सीमित नहीं है, बल्कि यह अंतरराष्ट्रीय राजनीति, स्थानीय नेतृत्व और सामुदायिक संबंधों से भी जुड़ गया है। ऐसे मामलों में विभिन्न पक्षों के अलग-अलग दृष्टिकोण सामने आते हैं, जिससे सार्वजनिक बहस और तेज हो जाती है। फिलहाल ममदानी के स्पष्टीकरण के बावजूद यह मुद्दा न्यूयॉर्क की राजनीति और यहूदी समुदाय के साथ उनके संबंधों को लेकर चर्चा का विषय बना हुआ है।

  • ICC वनडे रैंकिंग में शुभमन गिल नंबर-1 से सिर्फ एक कदम दूर, टॉप-5 में भारत के तीन बल्लेबाज बरकरार

    ICC वनडे रैंकिंग में शुभमन गिल नंबर-1 से सिर्फ एक कदम दूर, टॉप-5 में भारत के तीन बल्लेबाज बरकरार

    नई दिल्ली । इंग्लैंड के खिलाफ हाल ही में समाप्त हुई वनडे सीरीज के बाद जारी ताजा ICC ODI बल्लेबाजी रैंकिंग में भारतीय बल्लेबाजों का दबदबा कायम है। कप्तान शुभमन गिल नंबर-1 बल्लेबाज बनने से सिर्फ एक रेटिंग अंक दूर हैं, जबकि विराट कोहली और रोहित शर्मा टॉप-5 में बने हुए हैं।

    बल्लेबाजी रैंकिंग: मुख्य बातें
    शुभमन गिल: इंग्लैंड के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज में 188 रन बनाने के बाद गिल के खाते में 801 रेटिंग अंक हो गए हैं। वह शीर्ष पर मौजूद न्यूजीलैंड के डेरिल मिचेल (802 अंक) से सिर्फ एक अंक पीछे हैं।

    विराट कोहली: 767 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर बने हुए हैं।

    रोहित शर्मा: 758 अंकों के साथ चौथे स्थान पर काबिज हैं।

    श्रेयस अय्यर: दो स्थान की छलांग लगाकर 13वें नंबर पर पहुंच गए हैं।

    इंग्लैंड के खिलाड़ियों को फायदा

    जो रूट: भारत के खिलाफ सीरीज में 249 रन बनाकर ‘प्लेयर ऑफ द सीरीज’ चुने गए जो रूट ने चार स्थान की छलांग लगाई है और अब आठवें नंबर पर पहुंच गए हैं।

    बेन डकेट: 11 पायदान चढ़कर संयुक्त रूप से 19वें स्थान पर पहुंच गए हैं।

    जैकब बेथेल: पांच स्थान के सुधार के साथ 64वें नंबर पर आ गए हैं।

    गेंदबाजी रैंकिंग का हाल
    कुलदीप यादव: भारत के स्टार स्पिनर को नुकसान हुआ है और वह टॉप-10 से बाहर होकर 11वें स्थान पर खिसक गए हैं।

    राशिद खान: अफगानिस्तान के राशिद खान गेंदबाजों की सूची में शीर्ष पर बने हुए हैं।

    जोफ्रा आर्चर: भारत के खिलाफ वनडे सीरीज में 5 विकेट लेने के बाद इंग्लैंड के जोफ्रा आर्चर एक स्थान ऊपर चढ़कर तीसरे नंबर पर पहुंच गए हैं। पाकिस्तान के अबरार अहमद उनसे ऊपर दूसरे स्थान पर हैं।

  • नेतन्याहू की गिरफ्तारी पर ममदानी का यू-टर्न, कानूनी अधिकार न होने की बात स्वीकार, फिर भी ICC वारंट लागू करने की उठाई मांग

    नेतन्याहू की गिरफ्तारी पर ममदानी का यू-टर्न, कानूनी अधिकार न होने की बात स्वीकार, फिर भी ICC वारंट लागू करने की उठाई मांग

    नई दिल्ली । न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को लेकर अपने पहले के चुनावी रुख में महत्वपूर्ण बदलाव करते हुए कहा है कि उनके प्रशासन के पास नेतन्याहू को गिरफ्तार करने का स्वतंत्र कानूनी अधिकार नहीं है। चुनाव प्रचार के दौरान उन्होंने कई बार दावा किया था कि यदि नेतन्याहू न्यूयॉर्क आए तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी, लेकिन अब कानूनी समीक्षा के बाद उन्होंने स्पष्ट किया है कि स्थानीय प्रशासन के अधिकार सीमित हैं और इस प्रकार की कार्रवाई उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं आती।

    ममदानी ने एक वीडियो संदेश जारी कर बताया कि उनके प्रशासन ने लागू कानूनों का विस्तृत अध्ययन किया और यह जांचने का प्रयास किया कि क्या न्यूयॉर्क शहर अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय (आईसीसी) द्वारा जारी किसी गिरफ्तारी वारंट को स्वयं लागू कर सकता है। समीक्षा के बाद यह निष्कर्ष निकला कि नगर प्रशासन के पास ऐसा करने का स्वतंत्र कानूनी अधिकार उपलब्ध नहीं है। उन्होंने कहा कि इस विषय में अंतिम अधिकार संघीय सरकार के पास है।

    हालांकि कानूनी सीमाओं को स्वीकार करने के बावजूद ममदानी ने अपने राजनीतिक रुख में कोई नरमी नहीं दिखाई। उन्होंने दोहराया कि उनकी राय में बेंजामिन नेतन्याहू पर लगे आरोप गंभीर हैं और यदि अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय ने उनके खिलाफ वारंट जारी किया है तो उसका सम्मान किया जाना चाहिए। उन्होंने अमेरिका की संघीय सरकार से अपील की कि वह अंतरराष्ट्रीय न्यायिक प्रक्रियाओं के प्रति सहयोगात्मक रवैया अपनाए और संबंधित वारंट के अनुरूप आवश्यक कदम उठाए।

    ममदानी ने यह भी कहा कि जब सितंबर में संयुक्त राष्ट्र महासभा के लिए नेतन्याहू के न्यूयॉर्क आने की संभावना हो, तब संघीय प्रशासन को आवश्यक कानूनी विकल्पों पर विचार करना चाहिए। उन्होंने अमेरिका से अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय के साथ सहयोग बढ़ाने की भी वकालत की। हालांकि अमेरिका वर्तमान में आईसीसी का सदस्य नहीं है, इसलिए इस मुद्दे पर कानूनी और कूटनीतिक जटिलताएं बनी हुई हैं।

    इस घटनाक्रम के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि नेतन्याहू की अमेरिका यात्रा के दौरान किसी प्रकार की गिरफ्तारी नहीं होगी। ट्रंप ने सार्वजनिक रूप से कहा कि अमेरिकी भूमि पर रहते हुए इजरायली प्रधानमंत्री के खिलाफ ऐसी कार्रवाई नहीं की जाएगी। उनके इस बयान के बाद ममदानी की नई टिप्पणी को राजनीतिक और कानूनी दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

    ममदानी ने यह भी दोहराया कि वह नेतन्याहू की नीतियों के आलोचक बने हुए हैं और उनके अनुसार अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष सुनवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि किसी भी व्यक्ति के खिलाफ आईसीसी ने आरोप तय किए हैं तो न्यायिक प्रक्रिया का पालन किया जाना चाहिए। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि न्यूयॉर्क ऐसे किसी व्यक्ति का स्वागत नहीं करता जिसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गंभीर आरोपों का सामना करना पड़ रहा हो।

    दूसरी ओर, नेतन्याहू के कार्यालय ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज करते हुए अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय की वैधता पर सवाल उठाए हैं। इजरायल की ओर से कहा गया कि आईसीसी का इजरायली नागरिकों या अमेरिकी नागरिकों पर कोई अधिकार क्षेत्र नहीं है और उसके निर्णयों को स्वीकार नहीं किया जाता। इस पूरे विवाद ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय न्याय, राष्ट्रीय संप्रभुता और स्थानीय प्रशासन के अधिकारों को लेकर नई बहस को जन्म दे दिया है।

  • ICC ODI Ranking में शुभमन गिल नंबर-1 से सिर्फ एक कदम दूर, डेरिल मिशेल से महज 1 अंक पीछे

    ICC ODI Ranking में शुभमन गिल नंबर-1 से सिर्फ एक कदम दूर, डेरिल मिशेल से महज 1 अंक पीछे


    नई दिल्ली । अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) द्वारा जारी ताजा वनडे रैंकिंग में भारतीय कप्तान शुभमन गिल विश्व के नंबर-1 बल्लेबाज बनने की दहलीज पर पहुंच गए हैं। न्यूजीलैंड के स्टार बल्लेबाज डेरिल मिशेल 802 रेटिंग अंकों के साथ पहले स्थान पर कायम हैं, जबकि शुभमन गिल उनसे महज एक रेटिंग अंक पीछे दूसरे स्थान पर मौजूद हैं। ऐसे में आगामी मुकाबलों में अच्छा प्रदर्शन गिल को वनडे का नया नंबर-1 बल्लेबाज बना सकता है।

    भारतीय बल्लेबाजों का दबदबा रैंकिंग में साफ दिखाई दे रहा है। विराट कोहली तीसरे और रोहित शर्मा चौथे स्थान पर बने हुए हैं। हाल ही में इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स वनडे में शानदार 138 रन की पारी खेलने का फायदा रोहित को भी मिला है। अफगानिस्तान के युवा बल्लेबाज इब्राहिम जादरान पांचवें स्थान पर हैं।

    पाकिस्तान के बाबर आजम और आयरलैंड के हैरी टैक्टर ने भी एक-एक स्थान का सुधार किया है और वे क्रमशः छठे तथा सातवें स्थान पर पहुंच गए हैं। भारत के खिलाफ वनडे सीरीज में शानदार प्रदर्शन करने वाले इंग्लैंड के अनुभवी बल्लेबाज जो रूट को चार स्थानों का फायदा मिला है। वह आठवें स्थान पर पहुंचकर एक बार फिर शीर्ष-10 बल्लेबाजों की सूची में शामिल हो गए हैं।

    वेस्टइंडीज के शे होप को तीन स्थान का नुकसान हुआ है और वह नौवें स्थान पर खिसक गए हैं, जबकि श्रीलंका के चरिथ असलांका दसवें स्थान पर बने हुए हैं।

    वनडे गेंदबाजों की रैंकिंग में भी बदलाव

    गेंदबाजों की रैंकिंग में अफगानिस्तान के राशिद खान पहले स्थान पर कायम हैं, जबकि पाकिस्तान के अबरार अहमद दूसरे नंबर पर हैं। इंग्लैंड के जोफ्रा आर्चर एक स्थान की छलांग लगाकर तीसरे स्थान पर पहुंच गए हैं।

    न्यूजीलैंड के कप्तान मिचेल सैंटनर को तीन स्थान का फायदा मिला है और वह चौथे नंबर पर पहुंच गए हैं। दक्षिण अफ्रीका के केशव महाराज और श्रीलंका के महेश थीक्षाना क्रमशः पांचवें और छठे स्थान पर हैं।

    पाकिस्तान के शाहीन शाह अफरीदी दो स्थान के सुधार के साथ सातवें और बांग्लादेश के मेहदी हसन मिराज आठवें स्थान पर पहुंच गए हैं। इंग्लैंड के आदिल रशीद नौवें स्थान पर खिसक गए हैं, जबकि वेस्टइंडीज के गुडाकेश मोती ने सात स्थान की बड़ी छलांग लगाते हुए टॉप-10 में दसवां स्थान हासिल कर लिया है।

    अब क्रिकेट प्रशंसकों की नजर आगामी वनडे मुकाबलों पर होगी, जहां शुभमन गिल के पास दुनिया के नंबर-1 वनडे बल्लेबाज बनने का सुनहरा अवसर होगा।

  • चुनावी वादे से पीछे हटे न्यूयॉर्क मेयर जोहरान ममदानी, बोले- नेतन्याहू को गिरफ्तार करने का कानूनी अधिकार नहीं, फिर भी ट्रंप प्रशासन से की कार्रवाई की मांग

    चुनावी वादे से पीछे हटे न्यूयॉर्क मेयर जोहरान ममदानी, बोले- नेतन्याहू को गिरफ्तार करने का कानूनी अधिकार नहीं, फिर भी ट्रंप प्रशासन से की कार्रवाई की मांग

    नई दिल्ली । न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को लेकर अपने पहले के चुनावी रुख में महत्वपूर्ण बदलाव करते हुए कहा है कि उनके प्रशासन के पास नेतन्याहू को गिरफ्तार करने का स्वतंत्र कानूनी अधिकार नहीं है। चुनाव प्रचार के दौरान उन्होंने कई बार दावा किया था कि यदि नेतन्याहू न्यूयॉर्क आए तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी, लेकिन अब कानूनी समीक्षा के बाद उन्होंने स्पष्ट किया है कि स्थानीय प्रशासन के अधिकार सीमित हैं और इस प्रकार की कार्रवाई उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं आती।

    ममदानी ने एक वीडियो संदेश जारी कर बताया कि उनके प्रशासन ने लागू कानूनों का विस्तृत अध्ययन किया और यह जांचने का प्रयास किया कि क्या न्यूयॉर्क शहर अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय (आईसीसी) द्वारा जारी किसी गिरफ्तारी वारंट को स्वयं लागू कर सकता है। समीक्षा के बाद यह निष्कर्ष निकला कि नगर प्रशासन के पास ऐसा करने का स्वतंत्र कानूनी अधिकार उपलब्ध नहीं है। उन्होंने कहा कि इस विषय में अंतिम अधिकार संघीय सरकार के पास है।

    हालांकि कानूनी सीमाओं को स्वीकार करने के बावजूद ममदानी ने अपने राजनीतिक रुख में कोई नरमी नहीं दिखाई। उन्होंने दोहराया कि उनकी राय में बेंजामिन नेतन्याहू पर लगे आरोप गंभीर हैं और यदि अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय ने उनके खिलाफ वारंट जारी किया है तो उसका सम्मान किया जाना चाहिए। उन्होंने अमेरिका की संघीय सरकार से अपील की कि वह अंतरराष्ट्रीय न्यायिक प्रक्रियाओं के प्रति सहयोगात्मक रवैया अपनाए और संबंधित वारंट के अनुरूप आवश्यक कदम उठाए।

    ममदानी ने यह भी कहा कि जब सितंबर में संयुक्त राष्ट्र महासभा के लिए नेतन्याहू के न्यूयॉर्क आने की संभावना हो, तब संघीय प्रशासन को आवश्यक कानूनी विकल्पों पर विचार करना चाहिए। उन्होंने अमेरिका से अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय के साथ सहयोग बढ़ाने की भी वकालत की। हालांकि अमेरिका वर्तमान में आईसीसी का सदस्य नहीं है, इसलिए इस मुद्दे पर कानूनी और कूटनीतिक जटिलताएं बनी हुई हैं।

    इस घटनाक्रम के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि नेतन्याहू की अमेरिका यात्रा के दौरान किसी प्रकार की गिरफ्तारी नहीं होगी। ट्रंप ने सार्वजनिक रूप से कहा कि अमेरिकी भूमि पर रहते हुए इजरायली प्रधानमंत्री के खिलाफ ऐसी कार्रवाई नहीं की जाएगी। उनके इस बयान के बाद ममदानी की नई टिप्पणी को राजनीतिक और कानूनी दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

    ममदानी ने यह भी दोहराया कि वह नेतन्याहू की नीतियों के आलोचक बने हुए हैं और उनके अनुसार अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष सुनवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि किसी भी व्यक्ति के खिलाफ आईसीसी ने आरोप तय किए हैं तो न्यायिक प्रक्रिया का पालन किया जाना चाहिए। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि न्यूयॉर्क ऐसे किसी व्यक्ति का स्वागत नहीं करता जिसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गंभीर आरोपों का सामना करना पड़ रहा हो।

    दूसरी ओर, नेतन्याहू के कार्यालय ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज करते हुए अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय की वैधता पर सवाल उठाए हैं। इजरायल की ओर से कहा गया कि आईसीसी का इजरायली नागरिकों या अमेरिकी नागरिकों पर कोई अधिकार क्षेत्र नहीं है और उसके निर्णयों को स्वीकार नहीं किया जाता। इस पूरे विवाद ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय न्याय, राष्ट्रीय संप्रभुता और स्थानीय प्रशासन के अधिकारों को लेकर नई बहस को जन्म दे दिया है।

  • अफगानिस्तान क्रिकेट में बड़ा बदलाव वनडे कप्तानी से हटे हशमतुल्लाह शाहिदी नए कप्तान की तलाश हुई तेज

    अफगानिस्तान क्रिकेट में बड़ा बदलाव वनडे कप्तानी से हटे हशमतुल्लाह शाहिदी नए कप्तान की तलाश हुई तेज


    नई दिल्ली । अफगानिस्तान क्रिकेट टीम को वनडे प्रारूप में बड़ा झटका लगा है। टीम के अनुभवी बल्लेबाज और कप्तान हशमतुल्लाह शाहिदी ने वनडे कप्तानी छोड़ने का फैसला लेकर सभी को चौंका दिया है। वर्ष 2022 से टीम की कमान संभाल रहे शाहिदी ने अपने सोशल मीडिया के माध्यम से इस्तीफे की घोषणा करते हुए कहा कि यह फैसला उन्होंने पूरी इच्छा और सम्मान के साथ लिया है। उनके इस निर्णय के बाद अब अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड के सामने नए कप्तान के चयन की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है खासकर ऐसे समय में जब टीम 2027 वनडे विश्व कप की तैयारियों में जुटी हुई है।

    हशमतुल्लाह शाहिदी का कप्तानी कार्यकाल अफगानिस्तान क्रिकेट के सबसे सफल दौरों में गिना जाता है। उनकी अगुवाई में टीम ने न केवल लगातार बेहतर प्रदर्शन किया बल्कि दुनिया की कई बड़ी टीमों को हराकर अपनी अलग पहचान भी बनाई। उन्होंने एशिया कप वनडे विश्व कप 2023 और चैंपियंस ट्रॉफी 2025 जैसे बड़े टूर्नामेंटों में टीम का नेतृत्व किया और अफगानिस्तान को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया।

    विश्व कप 2023 में शाहिदी की कप्तानी में अफगानिस्तान ने पाकिस्तान इंग्लैंड श्रीलंका और नीदरलैंड्स जैसी मजबूत टीमों को हराकर क्रिकेट जगत को चौंका दिया था। टीम ने अंक तालिका में छठा स्थान हासिल किया और शानदार प्रदर्शन के दम पर चैंपियंस ट्रॉफी के लिए भी क्वालीफाई किया। यह उपलब्धि अफगानिस्तान क्रिकेट के इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय मानी जाती है।

    शाहिदी ने अपने भावुक संदेश में टीम के खिलाड़ियों को अपनी सबसे बड़ी ताकत बताया। उन्होंने लिखा कि कप्तान बनना उनके जीवन का सबसे बड़ा सम्मान रहा और टीम की हर उपलब्धि पूरी टीम की मेहनत एकता और समर्पण का परिणाम है। उन्होंने खिलाड़ियों कोचिंग स्टाफ अधिकारियों और क्रिकेट बोर्ड का धन्यवाद करते हुए कहा कि उनके सहयोग और विश्वास के बिना यह सफर संभव नहीं था।

    द्विपक्षीय सीरीज में भी शाहिदी का रिकॉर्ड प्रभावशाली रहा। उनकी कप्तानी में अफगानिस्तान ने बांग्लादेश के खिलाफ तीन सीरीज जीती जबकि जिम्बाब्वे और दक्षिण अफ्रीका जैसी टीमों के खिलाफ भी महत्वपूर्ण सफलताएं हासिल कीं। कप्तान के रूप में उन्होंने 27 वनडे मुकाबलों में टीम को जीत दिलाई और अपनी शांत नेतृत्व शैली से खिलाड़ियों का भरोसा जीता।

    बतौर बल्लेबाज भी शाहिदी का योगदान बेहद अहम रहा। उन्होंने कप्तानी के दौरान लगातार जिम्मेदारी निभाई और मध्यमक्रम को मजबूती दी। वनडे क्रिकेट में उनका एकमात्र शतक भारत के खिलाफ आया जब उन्होंने 131 गेंदों में शानदार 102 रन बनाकर अपनी क्षमता का परिचय दिया। उनकी संयमित बल्लेबाजी और नेतृत्व कौशल ने अफगानिस्तान को कई यादगार जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई।

    अब अफगानिस्तान को आयरलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज खेलनी है और इसके बाद टीम का पूरा ध्यान 2027 विश्व कप की तैयारियों पर रहेगा। ऐसे में नया कप्तान चुनना बोर्ड के लिए बेहद महत्वपूर्ण फैसला होगा। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि शाहिदी का इस्तीफा टीम के लिए चुनौती जरूर है लेकिन उनके द्वारा तैयार की गई मजबूत टीम भविष्य में भी शानदार प्रदर्शन करने की क्षमता रखती है।

  • न्यूयॉर्क में नेतन्याहू की गिरफ्तारी की बात पर बढ़ा विवाद, इजरायल और अमेरिकी नेताओं ने ममदानी के बयान पर जताई कड़ी आपत्ति

    न्यूयॉर्क में नेतन्याहू की गिरफ्तारी की बात पर बढ़ा विवाद, इजरायल और अमेरिकी नेताओं ने ममदानी के बयान पर जताई कड़ी आपत्ति


    नई दिल्ली ।
    न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी के एक हालिया बयान ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। उन्होंने एक साक्षात्कार में कहा कि यदि इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू संयुक्त राष्ट्र महासभा में भाग लेने के लिए सितंबर में न्यूयॉर्क आते हैं, तो उनके खिलाफ अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय द्वारा जारी आरोपों के संदर्भ में गिरफ्तारी होनी चाहिए। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वह किसी नए कानून के जरिए ऐसा करने का प्रयास नहीं करेंगे और शहर के मौजूदा कानूनी ढांचे के भीतर ही कार्य करेंगे।

    ममदानी ने कहा कि उनके अनुसार नेतन्याहू पर लगे आरोप गंभीर हैं और इस कारण उन्हें न्यायिक प्रक्रिया का सामना करना चाहिए। साथ ही उन्होंने यह भी दोहराया कि न्यूयॉर्क शहर का प्रशासन कानून के दायरे में रहकर ही किसी भी निर्णय पर अमल करेगा। उन्होंने संकेत दिया कि इस विषय पर शहर के कानूनी विभाग के साथ चर्चा हुई है, लेकिन किसी प्रकार के विशेष कानूनी बदलाव की योजना नहीं है।

    ममदानी के इस बयान के बाद इजरायल और अमेरिका के कई नेताओं ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। अमेरिका में इजरायल के राजदूत माइक वॉल्ट्ज ने कहा कि ऐसी किसी भी कार्रवाई की संभावना व्यावहारिक रूप से नहीं है। उन्होंने तर्क दिया कि अमेरिका रोम संविधि का सदस्य नहीं है, जिसके आधार पर अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय काम करता है। उन्होंने यह भी कहा कि संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय समझौते के तहत किसी राष्ट्राध्यक्ष या सरकार प्रमुख को राजनयिक सुरक्षा प्राप्त होती है और संघीय अधिकार स्थानीय प्रशासन से ऊपर होते हैं।

    संयुक्त राष्ट्र में इजरायल के राजदूत डेनी डेनन ने भी ममदानी के बयान की आलोचना करते हुए कहा कि न्यूयॉर्क के मेयर को अंतरराष्ट्रीय विवादों की बजाय शहर के प्रशासनिक और स्थानीय मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि इस प्रकार के बयान केवल राजनीतिक सुर्खियां बटोरने का प्रयास हैं और इससे किसी कानूनी स्थिति में बदलाव नहीं आएगा। उन्होंने विश्वास जताया कि प्रधानमंत्री नेतन्याहू संयुक्त राष्ट्र महासभा में भाग लेंगे और इजरायल का पक्ष अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सामने रखेंगे।

    न्यूयॉर्क स्थित इजरायल के महावाणिज्य दूतावास की ओर से भी कहा गया कि किसी विदेशी राष्ट्राध्यक्ष की गिरफ्तारी का आदेश देने का अधिकार शहर के मेयर के पास नहीं होता। उनके अनुसार यह विषय संघीय सरकार, अंतरराष्ट्रीय कूटनीति और कानूनी प्रावधानों से जुड़ा है, इसलिए स्थानीय प्रशासन की भूमिका सीमित है।

    अमेरिका की रिपब्लिकन पार्टी के नेताओं ने भी ममदानी की टिप्पणी का विरोध किया। उनका कहना है कि स्थानीय प्रशासन को विदेश नीति से जुड़े मामलों में हस्तक्षेप करने के बजाय शहर की कानून-व्यवस्था, महंगाई, आवास संकट और सामाजिक चुनौतियों जैसे मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह के बयान स्थानीय प्रशासन के अधिकार क्षेत्र से बाहर हैं।

    इजरायल में अमेरिका के पूर्व राजदूत डैनियल बी. शापिरो ने भी इस पूरे विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ऐसी किसी कार्रवाई का वास्तविक प्रभाव सीमित होगा और इससे इजरायल की आंतरिक राजनीति पर अलग तरह का असर पड़ सकता है। उनके अनुसार इस प्रकार की बयानबाजी अंतरराष्ट्रीय राजनीतिक बहस को और तीखा बना सकती है, लेकिन व्यावहारिक स्तर पर कानूनी और राजनयिक प्रक्रियाएं कहीं अधिक जटिल हैं। इस घटनाक्रम के बाद अंतरराष्ट्रीय कानून, राजनयिक प्रतिरक्षा और स्थानीय प्रशासन की शक्तियों को लेकर एक बार फिर व्यापक चर्चा शुरू हो गई है।

  • UNGA दौरे से पहले इजरायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू पर न्यूयॉर्क में गिरफ्तारी की चर्चा तेज, मेयर ममदानी के बयान से बढ़ा अंतरराष्ट्रीय विवाद

    UNGA दौरे से पहले इजरायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू पर न्यूयॉर्क में गिरफ्तारी की चर्चा तेज, मेयर ममदानी के बयान से बढ़ा अंतरराष्ट्रीय विवाद

    नई दिल्ली । संयुक्त राष्ट्र महासभा के प्रस्तावित सत्र से पहले इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को लेकर न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी का बयान अंतरराष्ट्रीय राजनीति में नई बहस का विषय बन गया है। ममदानी ने कहा है कि यदि नेतन्याहू संयुक्त राष्ट्र महासभा में भाग लेने के लिए न्यूयॉर्क आते हैं, तो उनकी गिरफ्तारी की संभावना से जुड़े कानूनी पहलुओं की समीक्षा की जा रही है। इस बयान के सामने आने के बाद कूटनीतिक और कानूनी स्तर पर कई तरह की चर्चाएं तेज हो गई हैं।

    मेयर ममदानी ने स्पष्ट किया कि उनका प्रशासन इस बात का परीक्षण कर रहा है कि क्या न्यूयॉर्क शहर के पास किसी विदेशी राष्ट्राध्यक्ष या सरकार प्रमुख के खिलाफ कार्रवाई करने का कोई वैधानिक अधिकार मौजूद है। उन्होंने स्वीकार किया कि इस विषय पर अंतिम कानूनी स्थिति स्पष्ट नहीं है, लेकिन संबंधित विभागों के साथ विस्तृत परामर्श जारी है। उनका कहना है कि किसी भी संभावित कदम से पहले सभी संवैधानिक और कानूनी प्रावधानों का अध्ययन किया जाएगा।

    ममदानी ने यह भी याद दिलाया कि मेयर पद के चुनाव अभियान के दौरान उन्होंने नेतन्याहू के खिलाफ सख्त रुख अपनाने का वादा किया था। उनका कहना है कि अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय द्वारा जारी वारंट और युद्ध अपराधों से जुड़े आरोपों को देखते हुए इस मामले को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि उनके अनुसार ऐसे मामलों में अंतरराष्ट्रीय कानून और न्यायिक प्रक्रियाओं का सम्मान किया जाना आवश्यक है।

    इस बयान के बाद इजरायल की ओर से भी तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है। इजरायली पक्ष ने मेयर के बयान पर आपत्ति जताते हुए इसे अनुचित और विवाद को बढ़ाने वाला बताया है। वहीं, इस घटनाक्रम ने एक बार फिर यह प्रश्न खड़ा कर दिया है कि किसी विदेशी नेता के खिलाफ स्थानीय प्रशासन की शक्तियां कितनी व्यापक हो सकती हैं और अंतरराष्ट्रीय कानून तथा राजनयिक संरक्षण के बीच संतुलन किस प्रकार बनाया जाता है।

    कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, किसी भी विदेशी राष्ट्राध्यक्ष या सरकार प्रमुख के खिलाफ कार्रवाई का विषय केवल स्थानीय प्रशासन तक सीमित नहीं रहता, बल्कि इसमें राष्ट्रीय कानून, अंतरराष्ट्रीय दायित्व और राजनयिक प्रोटोकॉल जैसी कई जटिल प्रक्रियाएं शामिल होती हैं। इसी कारण इस प्रकार के मामलों में किसी भी निर्णय से पहले विस्तृत कानूनी परीक्षण और विभिन्न संस्थाओं के बीच समन्वय आवश्यक माना जाता है।

    सितंबर में प्रस्तावित संयुक्त राष्ट्र महासभा का सत्र हर वर्ष दुनिया के अनेक देशों के शीर्ष नेताओं को एक मंच पर लाता है। ऐसे में यदि नेतन्याहू इस बैठक में भाग लेने के लिए न्यूयॉर्क पहुंचते हैं, तो ममदानी के बयान के कारण पहले से ही राजनीतिक और कानूनी चर्चाएं तेज रहने की संभावना जताई जा रही है। यह भी माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर विभिन्न पक्षों की प्रतिक्रियाएं और अधिक स्पष्ट हो सकती हैं।

    पूरा घटनाक्रम केवल एक राजनीतिक बयान तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि इसने अंतरराष्ट्रीय न्याय व्यवस्था, राजनयिक अधिकारों और स्थानीय प्रशासन की सीमाओं को लेकर नई बहस छेड़ दी है। अब सभी की नजर इस बात पर रहेगी कि कानूनी समीक्षा का निष्कर्ष क्या निकलता है और संयुक्त राष्ट्र महासभा से पहले इस विषय पर आगे कौन से घटनाक्रम सामने आते हैं।

  • टी20 वर्ल्ड कप के दौरान डोप टेस्ट में विफल रहे स्पिनर मोहम्मद नवाज; आईसीसी की बड़ी कार्रवाई के बाद रद्द किए गए पिछले कई महीनों के रिकॉर्ड

    टी20 वर्ल्ड कप के दौरान डोप टेस्ट में विफल रहे स्पिनर मोहम्मद नवाज; आईसीसी की बड़ी कार्रवाई के बाद रद्द किए गए पिछले कई महीनों के रिकॉर्ड

    नई दिल्ली । अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट जगत से एक बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां पाकिस्तान राष्ट्रीय क्रिकेट टीम के अनुभवी स्पिन गेंदबाजी ऑलराउंडर मोहम्मद नवाज पर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने एंटी-डोपिंग नियमों के उल्लंघन के मामले में गंभीर अनुशासनात्मक कार्रवाई की है। डोप परीक्षण के दौरान खिलाड़ी के शरीर में एक प्रतिबंधित पदार्थ के अंश पाए गए थे, जिसके बाद नवाज ने आधिकारिक तौर पर अपनी गलती स्वीकार कर ली है। इस कृत्य के लिए शासी निकाय ने उन पर तीन महीने का निलंबन लागू किया है। हालांकि, खेल नियमों के तहत पुनर्वास कार्यक्रम को सफलतापूर्वक पूरा करने की शर्त पर इस अवधि को कम कर केवल एक महीने किए जाने का विकल्प भी खुला रखा गया है।

    मध्य प्रदेश सहित देश और दुनिया के खेल प्रेमियों के लिए यह घटनाक्रम काफी चौंकाने वाला है। बत्तीस वर्षीय मोहम्मद नवाज का यह डोप परीक्षण इस वर्ष 7 फरवरी को श्रीलंका के कोलंबो में आयोजित आईसीसी मेन्स टी20 वर्ल्ड कप के एक मुकाबले के बाद किया गया था। यह मैच पाकिस्तान और नीदरलैंड्स के बीच खेला गया था, जिसके संपन्न होने के बाद लिए गए जैविक नमूने की जांच रिपोर्ट में कार्बोक्सी-टीएचसी नामक प्रतिबंधित तत्व की पुष्टि हुई थी। आईसीसी की आधिकारिक एंटी-डोपिंग आचार संहिता के अंतर्गत इस विशिष्ट पदार्थ को नशीले या मादक पदार्थों की श्रेणी में वर्गीकृत किया गया है, जिसके सेवन पर पूरी तरह से प्रतिबंध है।

    वैश्विक क्रिकेट निकाय द्वारा जारी आधिकारिक वक्तव्य के अनुसार, पाकिस्तानी ऑलराउंडर ने अपनी इस प्रशासनिक और नैतिक चूक को बिना किसी प्रतिवाद के स्वीकार कर लिया है। खिलाड़ी ने आईसीसी के समक्ष यह भी प्रमाणित किया कि उक्त प्रतिबंधित पदार्थ का उपयोग प्रतियोगिता की अवधि के बाहर किया गया था और इसका उद्देश्य मैदान पर अपने खेल प्रदर्शन को अनुचित रूप से बेहतर बनाना या कोई अतिरिक्त लाभ प्राप्त करना बिल्कुल नहीं था। इसी तार्किक आधार पर विचार करते हुए आईसीसी ने उन पर अपेक्षाकृत कम समय यानी तीन महीने की अयोग्यता का निर्णय लिया। यह निलंबन 1 मई से प्रभावी माना गया है, क्योंकि इसी तिथि से खिलाड़ी ने स्वैच्छिक रूप से अस्थायी निलंबन स्वीकार कर लिया था।

    शासी निकाय ने यह भी स्पष्ट किया है कि मोहम्मद नवाज ने अपनी निर्धारित सजा को स्वीकार करने के साथ-साथ संस्था द्वारा निर्देशित नशा मुक्ति और पुनर्वास कार्यक्रम में सम्मिलित होने पर पूर्ण सहमति व्यक्त की है। यदि वह आईसीसी के मानकों और चिकित्सा विशेषज्ञों की संतुष्टि के अनुरूप इस संपूर्ण कार्यक्रम को सफलतापूर्वक पूर्ण कर लेते हैं, तो उनके निलंबन की अवधि को तीन महीने से घटाकर केवल एक महीना कर दिया जाएगा। वर्तमान स्थिति के अनुसार, ढाई महीने का समय व्यतीत होने के उपरांत उनके अस्थायी निलंबन को भी हटा लिया गया है, जो पुनर्वास की दिशा में एक प्रगतिशील कदम माना जा रहा है।

    इस पूरे अनुशासनात्मक मामले में खिलाड़ी को सबसे बड़ा झटका उनके व्यक्तिगत रिकॉर्ड्स के मोर्चे पर लगा है। आईसीसी एंटी-डोपिंग कोड के कड़े नियमों के तहत, 7 फरवरी को नीदरलैंड्स के विरुद्ध खेले गए मैच से लेकर 1 मई तक की अवधि के बीच मोहम्मद नवाज द्वारा खेले गए सभी आधिकारिक मुकाबलों के व्यक्तिगत प्रदर्शन और रिकॉर्ड्स को पूरी तरह से रद्द घोषित कर दिया गया है। इसका अर्थ यह है कि इस विशिष्ट समयावधि के दौरान बनाए गए रन या लिए गए विकेटों को अब किसी भी आधिकारिक क्रिकेट सांख्यिकी में मान्यता नहीं दी जाएगी। इस कठोर निर्णय ने एक बार फिर खेल जगत में डोपिंग रोधी नियमों की सर्वोच्चता को सिद्ध किया है।