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  • वैभव सूर्यवंशी के लिए इंग्लैंड दौरे पर विशेष व्यवस्था, भारतीय ड्रेसिंग रूम में कपड़े बदलने की नहीं होगी अनुमति

    वैभव सूर्यवंशी के लिए इंग्लैंड दौरे पर विशेष व्यवस्था, भारतीय ड्रेसिंग रूम में कपड़े बदलने की नहीं होगी अनुमति

    नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट के उभरते सितारे वैभव सूर्यवंशी आगामी इंग्लैंड दौरे पर पहली बार सीनियर टीम का हिस्सा बनने जा रहे हैं। महज 15 वर्ष की उम्र में राष्ट्रीय टीम में चयनित होने के कारण वह लगातार चर्चा में हैं। हालांकि इस दौरे से पहले उनके लिए एक विशेष व्यवस्था किए जाने की जानकारी सामने आई है। इंग्लैंड में होने वाली टी-20 श्रृंखला के दौरान वैभव भारतीय टीम के साथ रहेंगे, लेकिन उन्हें टीम के अन्य खिलाड़ियों के साथ चेंजिंग रूम साझा करने की अनुमति नहीं होगी।

    यह निर्णय किसी अनुशासनात्मक कारण से नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में लागू सुरक्षा नियमों के तहत लिया गया है। चूंकि वैभव अभी 16 वर्ष से कम आयु के हैं, इसलिए उन पर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद की सेफगार्डिंग पॉलिसी लागू होगी। इसी नीति के तहत उनके लिए प्रत्येक मैच स्थल पर अलग चेंजिंग रूम और विशेष सुविधाओं की व्यवस्था की जाएगी।

    हालांकि युवा बल्लेबाज टीम की रणनीतिक बैठकों, अभ्यास सत्रों और ड्रेसिंग रूम की अन्य गतिविधियों का हिस्सा बने रहेंगे। उन्हें टीम के माहौल में पूरी तरह शामिल रखा जाएगा, लेकिन कपड़े बदलने और निजी सुविधाओं के उपयोग के लिए अलग व्यवस्था उपलब्ध कराई जाएगी। इस कदम का उद्देश्य नाबालिग खिलाड़ियों की सुरक्षा और गोपनीयता सुनिश्चित करना है।

    सेफगार्डिंग पॉलिसी अंतरराष्ट्रीय खेलों में कम उम्र के खिलाड़ियों के संरक्षण के लिए बनाई गई है। इसके तहत शारीरिक, मानसिक और सामाजिक सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाती है। यह नीति सुनिश्चित करती है कि युवा खिलाड़ी किसी भी प्रकार के दबाव, असहजता या संभावित दुर्व्यवहार से सुरक्षित रहें और उन्हें स्वस्थ खेल वातावरण उपलब्ध कराया जाए।

    वैभव सूर्यवंशी के मामले में भी यही नियम लागू किए जा रहे हैं। क्रिकेट प्रशासन का मानना है कि इतनी कम उम्र में सीनियर स्तर पर पहुंचने वाले खिलाड़ियों को विशेष देखभाल और सहयोग की आवश्यकता होती है। यही कारण है कि उनके माता-पिता को भी इस विदेशी दौरे के दौरान साथ रहने की अनुमति दी गई है। इससे युवा खिलाड़ी को नए माहौल में मानसिक और भावनात्मक समर्थन मिलेगा।

    भारतीय क्रिकेट बोर्ड के अधिकारियों का मानना है कि वैभव को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के माहौल में धीरे-धीरे ढालना जरूरी है। ऐसे में परिवार की मौजूदगी उनके आत्मविश्वास और प्रदर्शन दोनों के लिए लाभदायक साबित हो सकती है। बोर्ड यह सुनिश्चित करना चाहता है कि क्रिकेट के सबसे बड़े मंच पर कदम रखते समय युवा खिलाड़ी पर अनावश्यक दबाव न बने।

    वैभव सूर्यवंशी के लिए यह दौरा बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उन्हें पहली बार भारतीय टी-20 टीम में शामिल किया गया है और इस दौरे पर उन्हें आयरलैंड तथा इंग्लैंड के खिलाफ कुल सात अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों का हिस्सा बनने का अवसर मिल सकता है। पहले भारत आयरलैंड के खिलाफ दो टी-20 मैच खेलेगा, जिसके बाद इंग्लैंड के विरुद्ध पांच मैचों की श्रृंखला खेली जाएगी।

    क्रिकेट जगत की नजरें अब इस युवा प्रतिभा पर टिकी हैं। कम उम्र में राष्ट्रीय टीम तक पहुंचने वाले वैभव से बड़ी उम्मीदें की जा रही हैं। इंग्लैंड दौरे पर लागू विशेष सुरक्षा व्यवस्थाएं यह भी दर्शाती हैं कि आधुनिक खेल प्रशासन युवा खिलाड़ियों के विकास के साथ-साथ उनकी सुरक्षा और मानसिक स्वास्थ्य को भी समान महत्व दे रहा है। ऐसे में यह दौरा वैभव सूर्यवंशी के क्रिकेट करियर का एक महत्वपूर्ण और यादगार अध्याय साबित हो सकता है।

  • महिला टी20 विश्व कप: पाकिस्तान के खिलाफ 'नो हैंडशेक' विवाद पर कप्तान हरमनप्रीत कौर का बड़ा बयान, कहा- हमारा पूरा ध्यान सिर्फ क्रिकेट पर

    महिला टी20 विश्व कप: पाकिस्तान के खिलाफ 'नो हैंडशेक' विवाद पर कप्तान हरमनप्रीत कौर का बड़ा बयान, कहा- हमारा पूरा ध्यान सिर्फ क्रिकेट पर


    नई दिल्ली।
    महिला टी20 विश्व कप में पारंपरिक प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान के खिलाफ होने वाले महामुकाबले से पहले भारतीय खेमे में रणनीतिक तैयारियां तेज हो गई हैं। इस हाई-प्रोफाइल मैच की संवेदनशीलता और मैदान के बाहर चल रही चर्चाओं के बीच भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर ने एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस में हिस्सा लिया। इस दौरान मीडिया जगत में लंबे समय से चर्चा का विषय बनी ‘नो हैंडशेक नीति’ को लेकर कप्तान से तीखे सवाल पूछे गए, जिस पर उन्होंने बेहद परिपक्व और कूटनीतिक रुख अपनाया।

    हालिया क्रिकेट इतिहास पर नजर डालें तो पुरुष एशिया कप 2025 के बाद से भारत और पाकिस्तान के बीच खेले गए विभिन्न मुकाबलों में एक अलग तरह की कड़ाहट देखी गई है। राइजिंग स्टार्स एशिया कप, अंडर-19 एशिया कप और पिछले महिला विश्व कप के दौरान भी भारतीय खिलाड़ियों द्वारा पाकिस्तानी टीम के साथ मैच के बाद हाथ न मिलाने का चलन सुर्खियों में रहा था। पिछले आईसीसी टूर्नामेंट में खुद हरमनप्रीत कौर और पाकिस्तानी कप्तान फातिमा सना के बीच हाथ न मिलाने की घटना सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुई थी, जिसके बाद से दोनों देशों के खेल प्रेमियों और विश्लेषकों के बीच इस नीति को लेकर तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे थे।

    मैच की पूर्व संध्या पर आयोजित आधिकारिक प्रेस कॉन्फ्रेंस में जब कप्तान हरमनप्रीत कौर से इस विशिष्ट व्यवहार और आगामी मैच में इसकी पुनरावृत्ति को लेकर सीधा सवाल किया गया, तो उन्होंने किसी भी प्रकार के नए विवाद को जन्म देने से साफ इनकार कर दिया। हरमनप्रीत ने नीति के अस्तित्व या उसकी वजहों पर कोई भी टिप्पणी करने से परहेज करते हुए सीधे तौर पर खेल को प्राथमिकता दी। उन्होंने बेहद पेशेवर अंदाज में कहा कि भारतीय टीम यहां केवल क्रिकेट खेलने के उद्देश्य से आई है और ड्रेसिंग रूम के भीतर खिलाड़ियों के बीच मैदान से इतर की किसी भी दूसरी चीज या विवाद पर कोई चर्चा नहीं होती है।

    भारतीय कप्तान ने इस ऐतिहासिक मुकाबले से जुड़े मानसिक दबाव को भी स्वीकार किया। उन्होंने अपने बचपन के दिनों को याद करते हुए कहा कि एक प्रशंसक के रूप में भी उन्होंने हमेशा भारत-पाकिस्तान मैच के असाधारण दबाव को महसूस किया है। अब जबकि वह खुद मैदान पर देश का प्रतिनिधित्व कर रही हैं और टीम की कमान संभाल रही हैं, तो जिम्मेदारी और दबाव का स्तर कई गुना बढ़ जाता है। इसके बावजूद, टीम प्रबंधन की ओर से खिलाड़ियों को यही सलाह दी गई है कि वे इस मुकाबले को एक सामान्य क्रिकेट मैच की तरह लें और मैदान पर खेल का पूरा आनंद उठाएं ताकि दबाव उनके प्रदर्शन पर हावी न हो सके।

    रणनीतिक दृष्टिकोण से भारतीय टीम के लिए यह मुकाबला बेहद अहम माना जा रहा है। हरमनप्रीत कौर का मानना है कि किसी भी बड़े आईसीसी टूर्नामेंट में पहला मैच पूरी टीम का लय और आगे का माहौल तय करता है। भारतीय टीम पिछले एकदिवसीय विश्व कप की तरह ही इस बार भी सकारात्मक और आक्रामक सोच के साथ अपने अभियान की शुरुआत करने के लिए पूरी तरह तैयार है। टीम का प्राथमिक लक्ष्य इस कड़े मुकाबले को जीतकर टूर्नामेंट में अपनी स्थिति को मजबूत करना और अंक तालिका में बढ़त हासिल करना है।

    सांख्यिकीय आंकड़ों की बात करें तो टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भारतीय महिला टीम का पलड़ा पाकिस्तान पर हमेशा से भारी रहा है। दोनों देशों के बीच अब तक खेले गए कुल मुकाबलों में भारत ने 13 बार जीत का स्वाद चखा है, जबकि पाकिस्तानी टीम केवल तीन बार ही जीत दर्ज करने में सफल हो सकी है। वहीं, अगर सिर्फ महिला टी20 विश्व कप के इतिहास को देखें तो वहां भी भारतीय टीम 6-2 की बड़ी बढ़त के साथ मानसिक रूप से मजबूत स्थिति में है। हालिया फॉर्म भी भारत के पक्ष में है, जहां टीम इंडिया लगातार तीन मैचों में पाकिस्तान को शिकस्त दे चुकी है। इस मजबूत रिकॉर्ड के साथ भारतीय टीम मैदान पर अपनी बादशाहत बरकरार रखने उतरेगी, जबकि पाकिस्तान की टीम इस बड़े मंच पर भारत के खिलाफ अपनी हार के सिलसिले को तोड़ने का प्रयास करेगी।

  • इंग्लैंड और वेल्स में 12 जून से सजेगा महिला टी20 विश्व कप का भव्य मंच: 12 सर्वश्रेष्ठ टीमों के बीच 24 दिनों तक मचेगा क्रिकेट का घमासान

    इंग्लैंड और वेल्स में 12 जून से सजेगा महिला टी20 विश्व कप का भव्य मंच: 12 सर्वश्रेष्ठ टीमों के बीच 24 दिनों तक मचेगा क्रिकेट का घमासान

    नई दिल्ली । महिला क्रिकेट जगत के सबसे बड़े और प्रतिष्ठित आयोजनों में से एक आईसीसी महिला टी20 विश्व कप 2026 का बिगुल बज चुका है। आगामी 12 जून से इंग्लैंड और वेल्स की मेजबानी में क्रिकेट के इस सबसे छोटे और रोमांचक प्रारूप का महाकुंभ शुरू होने जा रहा है। इस भव्य वैश्विक प्रतियोगिता में दुनिया की 12 सर्वश्रेष्ठ टीमें प्रतिष्ठित ट्रॉफी को अपने नाम करने के इरादे से मैदान पर उतरेंगी। कुल 24 दिनों तक चलने वाले इस व्यापक टूर्नामेंट का समापन 5 जुलाई को क्रिकेट के मक्का कहे जाने वाले ऐतिहासिक लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड पर होने वाले खिताबी मुकाबले के साथ होगा।

    टूर्नामेंट के प्रारूप के अनुसार सभी 12 टीमों को दो अलग-अलग ग्रुपों में विभाजित किया गया है। ग्रुप-1 में भारतीय टीम को मौजूदा चैंपियन ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका, पारंपरिक प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान, बांग्लादेश और पहली बार इस वैश्विक मंच पर जगह बनाने वाली नीदरलैंड की टीम के साथ रखा गया है। वहीं ग्रुप-2 में मेजबान इंग्लैंड, वेस्टइंडीज, न्यूजीलैंड, श्रीलंका, आयरलैंड और स्कॉटलैंड की टीमें शामिल हैं। टूर्नामेंट का उद्घाटन मुकाबला 12 जून को एजबेस्टन के मैदान पर मेजबान इंग्लैंड और एशियाई चैंपियन श्रीलंका के बीच खेला जाएगा, जो इस टूर्नामेंट की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

    भारतीय क्रिकेट प्रशंसकों की नजरें विशेष रूप से 14 जून की तारीख पर टिकी हुई हैं, जब एजबेस्टन के ऐतिहासिक मैदान पर भारत और पाकिस्तान की महिला टीमें आमने-सामने होंगी। दोनों देशों के बीच होने वाला यह मुकाबला हमेशा की तरह भारी दबाव, रोमांच और खेल भावना से भरपूर होने की उम्मीद है। भारतीय टीम के लिए सेमीफाइनल की राह आसान नहीं होगी, क्योंकि ग्रुप चरण में उन्हें न केवल पाकिस्तान बल्कि दक्षिण अफ्रीका और महिला क्रिकेट की सबसे मजबूत टीम ऑस्ट्रेलिया की कड़ी चुनौती का भी सामना करना पड़ेगा। भारत अपने ग्रुप चरण के मुकाबले एजबेस्टन, हेडिंग्ले, ओल्ड ट्रैफर्ड और लॉर्ड्स जैसे ऐतिहासिक मैदानों पर खेलेगा।

    इस विश्व कप की कुछ प्रमुख विशेषताओं की बात करें तो पूरे टूर्नामेंट के दौरान कुल 33 कड़े मुकाबले खेले जाएंगे। दर्शकों के रोमांच को दोगुना करने के लिए आईसीसी ने इस बार के कार्यक्रम में पांच ट्रिपल हेडर (एक दिन में तीन मैच) और पांच डबल हेडर (एक दिन में दो मैच) को शामिल किया है। नीदरलैंड की महिला टीम के लिए यह आयोजन बेहद खास है क्योंकि वह अपने इतिहास में पहली बार महिला टी20 विश्व कप की मुख्य प्रतियोगिता में भाग ले रही है। भारतीय समयानुसार ग्रुप चरण के मुकाबले दोपहर 3:00 बजे, शाम 7:00 बजे और रात 11:00 बजे से प्रसारित किए जाएंगे।

    ग्रुप चरण के कड़े मुकाबलों के बाद शीर्ष पर रहने वाली टीमें नॉकआउट चरण में प्रवेश करेंगी। टूर्नामेंट का पहला सेमीफाइनल मुकाबला 30 जून को द ओवल के मैदान पर भारतीय समयानुसार शाम 7:00 बजे से खेला जाएगा, जबकि दूसरा सेमीफाइनल मैच इसी मैदान पर 2 जुलाई को रात 11:00 बजे आयोजित होगा। भारतीय महिला क्रिकेट टीम इस बार अपनी तैयारियों को पुख्ता कर पहली बार टी20 विश्व कप के खिताब को चूमने के इरादे से मैदान पर उतरेगी। वहीं दूसरी तरफ ऑस्ट्रेलियाई टीम अपनी बादशाहत को बरकरार रखने के लिए पूरी ताकत झोंकेगी, जिससे इस बार का विश्व कप इतिहास का सबसे प्रतिस्पर्धी टूर्नामेंट बनने जा रहा है।

  • महिला क्रिकेट के सबसे बड़े महाकुंभ का बिगुल बजा: इंग्लैंड और वेल्स में 12 जून से शुरू होगा महिला टी20 विश्व कप, आईसीसी चेयरमैन जय शाह ने टीमों को दीं शुभकामनाएं

    महिला क्रिकेट के सबसे बड़े महाकुंभ का बिगुल बजा: इंग्लैंड और वेल्स में 12 जून से शुरू होगा महिला टी20 विश्व कप, आईसीसी चेयरमैन जय शाह ने टीमों को दीं शुभकामनाएं

    नई दिल्ली । महिला क्रिकेट के इतिहास में एक नया मील का पत्थर स्थापित करने के उद्देश्य से आईसीसी महिला टी20 विश्व कप 2026 का बिगुल बज चुका है। इंग्लैंड और वेल्स के ऐतिहासिक मैदानों पर आयोजित होने जा रहे क्रिकेट के इस सबसे बड़े महाकुंभ की तैयारियां अपने अंतिम चरण में हैं। रविवार को टूर्नामेंट के आधिकारिक उद्घाटन के सिलसिले में एक भव्य ‘कैप्टंस मीट’ का आयोजन किया गया। इस विशेष अवसर पर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) के चेयरमैन जय शाह ने व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहकर सभी 12 प्रतिभागी देशों के कप्तानों का हौसला बढ़ाया और उन्हें खेल भावना के साथ ऐतिहासिक प्रदर्शन करने के लिए शुभकामनाएं दीं।

    आईसीसी चेयरमैन जय शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपने आधिकारिक संदेश के माध्यम से इस आगामी संस्करण को महिला क्रिकेट के इतिहास का सबसे भव्य और क्रांतिकारी टूर्नामेंट करार दिया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इंग्लैंड और वेल्स के प्रतिष्ठित क्रिकेट स्टेडियमों में इस बार रिकॉर्ड संख्या में दर्शक मैच देखने पहुंचेंगे, जिससे महिला क्रिकेट की लोकप्रियता को एक नया आयाम मिलेगा। शाह ने यह भी रेखांकित किया कि वैश्विक प्रसारण नेटवर्क के व्यापक विस्तार के कारण दुनिया भर के करोड़ों क्रिकेट प्रेमी इस बार अपनी पसंदीदा महिला क्रिकेट टीमों और खिलाड़ियों को लाइव एक्शन में देख सकेंगे।

    प्रशासनिक और तकनीकी दृष्टिकोण से इस बार का टूर्नामेंट कई मायनों में अनूठा होने जा रहा है क्योंकि महिला टी20 विश्व कप के इतिहास में पहली बार 12 टीमें खिताब की दौड़ में शामिल हो रही हैं। टूर्नामेंट का आधिकारिक आगाज 12 जून को पहले ग्रुप मुकाबले के साथ होगा। यह इस प्रतिष्ठित वैश्विक प्रतियोगिता का 10वां संस्करण है और साल 2009 में आयोजित हुए उद्घाटन सत्र के बाद यह पहला मौका है जब इंग्लैंड इसकी पूर्ण रूप से मेजबानी कर रहा है। पूरे टूर्नामेंट के दौरान कुल 33 मुकाबले खेले जाएंगे, जिनका आयोजन इंग्लैंड और वेल्स के सात सबसे प्रमुख क्रिकेट मैदानों पर किया जाएगा।

    टूर्नामेंट के समीकरणों पर नजर डालें तो सभी 12 टीमों को दो अलग-अलग समूहों में विभाजित किया गया है। ग्रुप-A में छह बार की सर्वाधिक सफल चैंपियन टीम ऑस्ट्रेलिया के साथ भारत, पाकिस्तान, दक्षिण अफ्रीका, बांग्लादेश और पहली बार इस वैश्विक मंच पर पदार्पण कर रही नीदरलैंड्स की टीम को जगह मिली है। वहीं दूसरी ओर ग्रुप-B में मेजबान इंग्लैंड के साथ गत विजेता न्यूजीलैंड, वेस्टइंडीज, श्रीलंका, आयरलैंड और स्कॉटलैंड की टीमें शामिल हैं। लीग चरण के दौरान प्रत्येक टीम कुल पांच-पांच मुकाबले खेलेगी और दोनों समूहों की शीर्ष दो टीमें नॉकआउट चरण अर्थात सेमीफाइनल के लिए क्वालिफाई करेंगी।

    क्रिकेट समीक्षकों के अनुसार, जहां न्यूजीलैंड की टीम अपने मौजूदा चैंपियन के खिताब की रक्षा करने के इरादे से मैदान पर उतरेगी, वहीं छह बार की विश्व विजेता ऑस्ट्रेलियाई टीम का दबदबा बरकरार रखने की चुनौती होगी। मेजबान इंग्लैंड भी अपनी पूर्व कप्तान और वर्तमान मुख्य कोच शार्लोट एडवर्ड्स के मार्गदर्शन में साल 2009 की खिताबी सफलता को अपनी घरेलू धरती पर दोहराना चाहेगी। टूर्नामेंट के वार्म-अप मैचों की प्रक्रिया छह जून से डर्बी, लॉफबोरो और कार्डिफ में पहले ही शुरू हो चुकी है। मुख्य चरण के बाद दोनों महत्वपूर्ण सेमीफाइनल मुकाबले क्रमशः 30 जून और 2 जुलाई को लंदन के द ओवल मैदान पर खेले जाएंगे, जबकि विश्व विजेता का फैसला करने वाला ऐतिहासिक फाइनल महामुकाबला 5 जुलाई को मक्का ऑफ क्रिकेट कहे जाने वाले लॉर्ड्स मैदान पर खेला जाएगा।

  • इतिहास की सबसे मजबूत टी20 टीम ,रिकी पोंटिंग ने भारतीय टीम की ताकत को किया सलाम

    इतिहास की सबसे मजबूत टी20 टीम ,रिकी पोंटिंग ने भारतीय टीम की ताकत को किया सलाम


    नई दिल्ली । हाल ही में संपन्न आईसीसी पुरुष टी20 विश्व कप में भारत की ऐतिहासिक जीत के बाद ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान रिकी पोंटिंग ने बड़ा बयान देते हुए मौजूदा भारतीय टीम को अब तक की सबसे मजबूत टी20 अंतरराष्ट्रीय टीम करार दिया है। पोंटिंग के अनुसार इस टीम की असली ताकत उसकी गहराई अनुभव और लगातार शानदार प्रदर्शन है जिसने उसे सफेद गेंद के क्रिकेट में एक अलग ही मुकाम पर पहुंचा दिया है। अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले गए फाइनल मुकाबले में भारत ने न्यूजीलैंड को 96 रन से हराकर अपना तीसरा टी20 विश्व कप खिताब जीता और इतिहास रचते हुए लगातार दूसरी बार इस ट्रॉफी को अपने नाम किया।

    भारतीय टीम का प्रदर्शन केवल इस एक टूर्नामेंट तक सीमित नहीं रहा है बल्कि पिछले कुछ वर्षों में उसने सीमित ओवरों के क्रिकेट में लगातार दबदबा बनाए रखा है। 2023 के अंत से अब तक खेले गए चार बड़े आईसीसी टूर्नामेंट में टीम को केवल दो मैचों में हार का सामना करना पड़ा है। इनमें एक हार 2023 के एकदिवसीय विश्व कप फाइनल में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ और दूसरी 2026 टी20 विश्व कप के सुपर-8 चरण में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ आई। इसके बावजूद टीम ने जिस तरह से वापसी की वह उसकी मानसिक मजबूती और सामूहिक क्षमता को दर्शाता है।

    आईसीसी हॉल ऑफ फेम में शामिल पोंटिंग ने आईसीसी के कार्यक्रम द आईसीसी रिव्यू में कहा कि मौजूदा भारतीय टीम की श्रेष्ठता पर सवाल उठाना आसान नहीं है। उन्होंने स्पष्ट तौर पर कहा कि बीते पांच-छह वर्षों में भारत का रिकॉर्ड बेहद शानदार रहा है और टीम ने हर बड़े मंच पर अपनी क्षमता साबित की है। पोंटिंग के मुताबिक इस टीम की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें अनुभव और युवा ऊर्जा का बेहतरीन संतुलन मौजूद है जो उसे हर परिस्थिति में मजबूत बनाता है।

    पोंटिंग ने यह भी माना कि इंडियन प्रीमियर लीग का भारतीय खिलाड़ियों के विकास में बड़ा योगदान रहा है। उनका कहना है कि आईपीएल में खेलने से खिलाड़ियों को बड़े मैचों के दबाव को संभालने की आदत हो जाती है क्योंकि यहां हर मुकाबला अंतरराष्ट्रीय स्तर जैसा ही चुनौतीपूर्ण होता है। यही कारण है कि भारतीय खिलाड़ी किसी भी बड़े मंच पर घबराते नहीं हैं और आत्मविश्वास के साथ प्रदर्शन करते हैं।

    सुपर-8 चरण में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मिली हार को पोंटिंग ने टीम के लिए एक जरूरी झटका बताया। उनका मानना है कि लगातार जीत के बीच कभी-कभी हार टीम को अपनी कमियों को समझने और सुधार करने का मौका देती है। भारत ने इस हार के बाद शानदार वापसी करते हुए अपने बाकी मुकाबलों में आक्रामक बल्लेबाजी का प्रदर्शन किया और तीन मैचों में 250 से अधिक का स्कोर खड़ा किया जिसमें सेमीफाइनल और फाइनल जैसे अहम मुकाबले भी शामिल थे। इस तरह भारतीय टीम ने न सिर्फ खिताब जीता बल्कि अपने खेल संतुलन और निरंतरता से यह साबित कर दिया कि वह टी20 क्रिकेट के इतिहास की सबसे प्रभावशाली और मजबूत टीमों में से एक बन चुकी है।

  • टी20 वर्ल्ड कप जीत पर धोनी का खास मैसेज, गौतम गंभीर और टीम इंडिया को दी बधाई, पोस्ट हुई वायरल

    टी20 वर्ल्ड कप जीत पर धोनी का खास मैसेज, गौतम गंभीर और टीम इंडिया को दी बधाई, पोस्ट हुई वायरल


    नई दिल्ली। आईसीसी मेन्स टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भारत की शानदार जीत के बाद मैदान के साथ-साथ सोशल मीडिया पर भी एक खास पल चर्चा में आ गया। अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में न्यूजीलैंड को 96 रन से हराकर भारत ने तीसरी बार टी20 विश्व कप का खिताब अपने नाम किया। जीत के तुरंत बाद पूर्व कप्तान एमएस धोनी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा कर टीम को बधाई दी, जो तेजी से वायरल हो गई।

    फाइनल मैच के दौरान धोनी वीवीआईपी बॉक्स में मौजूद थे। उनके साथ भारतीय कप्तान रोहित शर्मा और बीसीसीआई सचिव जय शाह भी नजर आए। मैच खत्म होने के बाद धोनी ने इंस्टाग्राम पर टीम की उपलब्धि की सराहना करते हुए खास तौर पर मुख्य कोच गौतम गंभीर की तारीफ की।

    धोनी का संदेश बना चर्चा का विषय

    धोनी ने अपनी पोस्ट में लिखा, “कोच साहब, आप पर मुस्कान बहुत अच्छी लगती है।” इसके साथ ही उन्होंने टीम के शानदार प्रदर्शन और पिछले कुछ समय में हुए बदलावों की भी सराहना की। उन्होंने लिखा कि अहमदाबाद में इतिहास रचा गया है और यह जीत पूरे देश के लिए गर्व का पल है। धोनी ने टीम, सपोर्ट स्टाफ और दुनियाभर में मौजूद भारतीय क्रिकेट प्रशंसकों को बधाई देते हुए कहा कि सभी को खेलते देखना बेहद खुशी की बात रही। धोनी का “कोच साहब” वाला संबोधन सीधे गौतम गंभीर के लिए था। गंभीर अपनी सख्त और गंभीर छवि के लिए जाने जाते हैं, इसलिए जीत के बाद उनकी मुस्कान को लेकर धोनी की टिप्पणी सोशल मीडिया पर काफी चर्चा में रही।



    बुमराह की भी जमकर तारीफ

    धोनी ने अपनी पोस्ट में तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह की भी तारीफ की। उन्होंने मजाकिया अंदाज में लिखा, “बुमराह के बारे में अगर कुछ न लिखूं तो ही बेहतर है… चैंपियन गेंदबाज।” दरअसल फाइनल मुकाबले में बुमराह ने शानदार गेंदबाजी करते हुए 15 रन देकर 4 विकेट लिए और न्यूजीलैंड की बल्लेबाजी को बड़ा झटका दिया।

    भारत ने 96 रन से जीता फाइनल

    फाइनल में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 255 रन का बड़ा स्कोर खड़ा किया। इसके जवाब में 256 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी न्यूजीलैंड की टीम शुरुआत से ही दबाव में रही और 19 ओवर में 159 रन पर सिमट गई। इस तरह भारत ने 96 रन की बड़ी जीत के साथ टी20 वर्ल्ड कप 2026 का खिताब अपने नाम कर लिया।

  • टी20 वर्ल्ड कप 2026 फाइनल: भारत और न्यूजीलैंड के बीच अहम मुकाबला, ICC अध्यक्ष जय शाह ने दी शुभकामनाएं

    टी20 वर्ल्ड कप 2026 फाइनल: भारत और न्यूजीलैंड के बीच अहम मुकाबला, ICC अध्यक्ष जय शाह ने दी शुभकामनाएं

    नई दिल्ली। क्रिकेट प्रेमियों के लिए टी20 विश्व कप 2026 का फाइनल अब बस कुछ घंटे दूर है। यह रोमांचक मुकाबला अहमदाबाद के Narendra Modi Stadium में शाम 7 बजे से भारत और न्यूजीलैंड के बीच खेला जाएगा। आईसीसी के अध्यक्ष Jay Shah ने इस मौके पर दोनों टीमों को शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि यह टूर्नामेंट रिकॉर्ड तोड़ने वाला रहा है और इसमें एसोसिएट देशों के शानदार प्रदर्शन भी देखने को मिले हैं। अब समय है भारत और न्यूजीलैंड को फाइनल के लिए गुड लक कहने का जो भारी दर्शक संख्या के सामने खेला जाएगा और जिसे करोड़ों लोग देखेंगे।

    टी20 विश्व कप 2026 ने क्रिकेट के इतिहास में कई नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। अकेले भारत में दर्शकों की संख्या 500 मिलियन को पार कर गई है, जो किसी भी टी20 विश्व कप में अब तक की सबसे बड़ी संख्या है। आईसीसी की स्ट्रीमिंग सर्विस ने भी नया रिकॉर्ड बनाया। भारत और वेस्टइंडीज के सुपर 8 मैच के दौरान स्ट्रीमिंग की उच्चतम संख्या 2024 के फाइनल रिकॉर्ड को पार कर गई।

    सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी ICC ने अपने वीडियो व्यूज में नया मील का पत्थर पार किया। ICC ने कुल 10 बिलियन वीडियो व्यूज के आंकड़े को पार कर लिया है और 2024 में हासिल किए गए 16 बिलियन व्यूज को पार करने की राह पर है। इसके अलावा भारत और इंग्लैंड के बीच हुए दूसरे सेमीफाइनल ने JioHotstar पर 65.2 मिलियन दर्शकों की पीक डिजिटल कंसंट्रेशन दर्ज की, जो दुनिया में किसी भी लाइव इवेंट के लिए सबसे अधिक है।

    2026 के टी20 विश्व कप में मुकाबले काफी रोमांचक और उलटफेर से भरे रहे। ग्रुप स्टेज में 20 टीमों को चार ग्रुप में बांटा गया और हर ग्रुप से टॉप दो टीमें सुपर 8 में पहुंचीं। शुरुआत में ही बड़ी टीमों का परीक्षण हुआ जबकि जिम्बाब्वे, नेपाल और इटली जैसी टीमों ने शानदार प्रदर्शन किया। दूसरी ओर ऑस्ट्रेलिया और अफगानिस्तान ग्रुप स्टेज से बाहर हो गए और पाकिस्तान को सुपर-8 में जगह नहीं मिली।

    सुपर-8 स्टेज ने मुकाबले और कड़े कर दिए। आठ क्वालिफाई करने वाली टीमों भारत, श्रीलंका, वेस्टइंडीज, दक्षिण अफ्रीका, इंग्लैंड, न्यूजीलैंड, जिम्बाब्वे और पाकिस्तान को दो ग्रुप में बांटा गया। हर ग्रुप से केवल शीर्ष दो टीमें सेमीफाइनल में पहुंचीं। भारत ने सेमीफाइनल में इंग्लैंड को हराया जबकि न्यूजीलैंड ने दक्षिण अफ्रीका को परास्त कर फाइनल की टिकट पक्की की।

    ऐतिहासिक और रोमांचक मुकाबलों से भरे इस टूर्नामेंट में फाइनल का इंतजार करोड़ों क्रिकेट फैंस के लिए सबसे बड़ा उत्सव साबित होने वाला है। भारत और न्यूजीलैंड के बीच होने वाला यह मुकाबला न सिर्फ टीमों की तकनीक और रणनीति की परीक्षा है बल्कि दर्शकों के लिए भी रोमांचक और यादगार पल लेकर आएगा। जय शाह ने दोनों टीमों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह मुकाबला क्रिकेट इतिहास में यादगार रहेगा।

  • जिम्बाब्वे टी20 वर्ल्ड कप 2026 से बाहर, लेकिन भारत में फंसी टीम; दुबई हवाई अड्डे की बंदी बनी रुकावट

    जिम्बाब्वे टी20 वर्ल्ड कप 2026 से बाहर, लेकिन भारत में फंसी टीम; दुबई हवाई अड्डे की बंदी बनी रुकावट


    नई दिल्ली । T20 विश्व कप 2026 में जिम्बाब्वे का सफर सुपर 8 चरण में ही समाप्त हो गया। रविवार 1 मार्च को नई दिल्ली में खेले गए आखिरी सुपर 8 मुकाबले में जिम्बाब्वे को दक्षिण अफ्रीका से हार का सामना करना पड़ा जिससे टीम का टूर्नामेंट से बाहर होना तय हो गया। हालांकि इस हार के बाद भी टीम स्वदेश वापसी की राह में कई बाधाओं का सामना कर रही है।

    मुख्य वजह है पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और दुबई हवाई अड्डे के बंद होने का मामला। जिम्बाब्वे की टीम को दुबई से कनेक्टिंग फ्लाइट लेनी थी लेकिन हवाई अड्डे की बंदी के चलते उनकी यात्रा योजना अनिश्चित हो गई। मुख्य कोच जस्टिन सैम्पसन ने कहा कि रविवार को मैच के दौरान टीम को कोई नई जानकारी नहीं दी गई थी और खिलाड़ियों का पूरा ध्यान खेल पर ही था। उन्होंने बताया जब हमने मैच शुरू किया था तब कोई अपडेट नहीं था। उसके बाद पूरा ध्यान खेल पर रहा। तब से मुझे कोई सूचना नहीं मिली है।

    जिम्बाब्वे टीम के हरफनमौला खिलाड़ी क्रेग एर्विन भी दुबई में फंसे हैं और अब उनके लिए अदीस अबाबा स्थित इथियोपियन एयरलाइंस के जरिए स्वदेश लौटना एक संभावित विकल्प बन सकता है। ICC ने शनिवार को घोषणा की थी कि वह भारत और श्रीलंका में आयोजित टी20 विश्व कप से लौट रहे खिलाड़ियों और अधिकारियों के लिए वैकल्पिक उड़ानों का इंतजाम कर रही है। यह कदम अमेरिका द्वारा ईरान पर किए गए हालिया हमलों के कारण उत्पन्न हवाई व्यवधान को देखते हुए उठाया गया है।

    मुख्य कोच सिकंदर रजा की अगुआई वाली टीम सोमवार सुबह तीन अलग-अलग चरणों में दिल्ली से रवाना होने वाली थी लेकिन दक्षिण अफ्रीका से हार के बाद यह योजना स्थगित कर दी गई। सैमन्स ने कहा कि इस स्थिति के बावजूद टीम का ध्यान मैदान पर ही रहा।

    दूसरी ओर दक्षिण अफ्रीका अभी भी टूर्नामेंट में है और उनका सेमीफाइनल 4 मार्च को कोलकाता में न्यूजीलैंड के खिलाफ खेला जाएगा। दक्षिण अफ्रीका के मुख्य कोच शुक्री कॉनराड ने कहा कि पश्चिम एशिया में संघर्ष की स्थिति खिलाड़ियों के बीच चर्चा का विषय रही है लेकिन उन्होंने भरोसा जताया कि टीम का पूरा ध्यान खेल पर बना रहेगा।

    इस बीच जिम्बाब्वे टीम और आईसीसी दोनों की कोशिशें जारी हैं ताकि खिलाड़ियों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित हो सके। फिलहाल टीम की वापसी का मार्ग और समय पूरी तरह से हवाई मार्ग की स्थिति पर निर्भर है।

  • वर्ल्ड कप सिर्फ खेलना नहीं, ट्रॉफी भी जीतना है"; रोहित शर्मा ने अपने इस बयान से कर दिया काफी कुछ साफ

    वर्ल्ड कप सिर्फ खेलना नहीं, ट्रॉफी भी जीतना है"; रोहित शर्मा ने अपने इस बयान से कर दिया काफी कुछ साफ


    नई दिल्ली । भारत और श्रीलंका की संयुक्त मेजबानी में खेले जा रहे टी20 वर्ल्ड कप 2026 पर अभी सभी का ध्यान है, तो वहीं साल 2027 में वनडे वर्ल्ड कप खेला जाना है जिसको लेकर भी इस टूर्नामेंट में हिस्सा लेने वाली टीमों ने अपनी तैयारियों को शुरू कर दिया है। रोहित शर्मा जिनकी कप्तानी में भारतीय टीम ने साल 2024 के टी20 वर्ल्ड कप और उसके बाद साल 2025 की शुरुआत में खेली आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी को अपने नाम किया था, अब उनका सपना देश के लिए वनडे वर्ल्ड कप की ट्रॉफी को जीतना है। रोहित जो अब बतौर प्लेयर खेल रहे हैं, उनके इंटरनेशनल क्रिकेट के 2 फॉर्मेट से रिटायरमेंट लेने के बाद से वनडे से भी संन्यास लेने की अटकलें लेकर लगातार देखने को मिलती रहती हैं, जिसमें अब हिटमैन रोहित ने दिए अपने एक बयान से सबकुछ साफ कर दिया है।

    मैं जरूर अपने देश के लिए वर्ल्ड कप जीतना चाहता हूं

    रोहित शर्मा जो टी20 वर्ल्ड कप 2026 के ब्रांड एंबेसडर हैं उन्होंने आईसीसी के इवेंट में वनडे वर्ल्ड कप को लेकर सवाल पूछे जाने पर खुलकर अपनी बात रखी। रोहित शर्मा ने कहा कि मैं जरूर अपने देश के लिए वर्ल्ड कप जीतना चाहता हूं। यह मेरा हमेशा से सपना रहा है। मैं 50 ओवर का वर्ल्ड कप देखते हुए बड़ा हुआ हूं और उस समय ना ही टी20 वर्ल्ड कप होता था और ना ही आईपीएल। यह उस दौर में क्रिकेट का सबसे बड़ा इवेंट था जो हर चार साल में होता था और हम सभी इसका बेसब्री से इंतजार भी करते थे। इसलिए उस एक ट्रॉफी की बहुत अहमियत थी और उसे जीतने की बेचैनी भी। ये बात सही है कि मुझे सच में वह ट्रॉफी चाहिए, इसलिए मैं अपनी तरफ से उसे जीतने की पूरी कोशिश करूंगा।
  • टी20 विश्वकप से पहले भारत-पाक मैच पर टकराव: आईसीसी ने पीसीबी की तीन बड़ी मांगें ठुकराईं

    टी20 विश्वकप से पहले भारत-पाक मैच पर टकराव: आईसीसी ने पीसीबी की तीन बड़ी मांगें ठुकराईं


    नई दिल्ली।
    टी20 विश्व कप 2026 (T20 World Cup 2026) में भारत (India) के खिलाफ मैच खेलने से पाकिस्तान (Pakistan) के इनकार के बाद पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) (Pakistan Cricket Board – PCB) और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) (International Cricket Council – ICC) के बीच तनातनी बढ़ गई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक आईसीसी ने पीसीबी की तीन प्रमुख मांगों को खारिज कर दिया है।

    बताया जा रहा है कि पीसीबी ने आईसीसी से भारत-पाकिस्तान के बीच द्विपक्षीय सीरीज कराने की मांग रखी, लेकिन आईसीसी ने साफ किया कि द्विपक्षीय सीरीज उसके अधिकार क्षेत्र में नहीं आतीं, भले ही वह विश्व टेस्ट चैंपियनशिप चक्र का हिस्सा क्यों न हों।

    इसके अलावा पीसीबी ने भारत, पाकिस्तान और बांग्लादेश के बीच त्रिकोणीय सीरीज का प्रस्ताव भी रखा, जिसे आईसीसी ने अस्वीकार कर दिया। पीसीबी ने यह भी आग्रह किया कि भारत इस वर्ष बांग्लादेश दौरे पर जाए, जो पिछली बार टल गया था, मगर आईसीसी ने इसमें हस्तक्षेप से इनकार किया।

    हालांकि बांग्लादेश से जुड़े कुछ मुद्दों पर आईसीसी ने नरम रुख दिखाया है। महिलाओं के टी20 विश्व कप की मेजबानी स्थानांतरित होने के बाद बांग्लादेश को भविष्य में किसी आईसीसी टूर्नामेंट की मेजबानी मिल सकती है, जैसे अंडर-19 विश्व कप। साथ ही आईसीसी ने बांग्लादेश की राजस्व हिस्सेदारी पर कोई दंडात्मक कदम न उठाने का फैसला किया है।

    रिपोर्ट्स के अनुसार आईसीसी ने पीसीबी को अंतिम फैसला लेने के लिए 24 घंटे का समय दिया है। माना जा रहा है कि इस मुद्दे पर अंतिम निर्णय पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के स्तर पर होगा। मैदान पर दोनों टीमों ने अपने अभियान की जीत से शुरुआत की है। पाकिस्तान ने नीदरलैंड्स को करीबी मुकाबले में हराया, जबकि भारत ने अमेरिका को 29 रन से मात दी। अब सबकी नजर इस पर है कि भारत-पाकिस्तान मुकाबले पर अंतिम फैसला क्या होता है।