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  • आईसीसी रैंकिंग में बड़ा बदलाव, श्रेयस अय्यर ने 18 स्थान की छलांग लगाई और केएल राहुल भी टॉप-10 में पहुंचे

    आईसीसी रैंकिंग में बड़ा बदलाव, श्रेयस अय्यर ने 18 स्थान की छलांग लगाई और केएल राहुल भी टॉप-10 में पहुंचे


    नई दिल्ली । 
    वेस्टइंडीज के खिलाफ हालिया सीमित ओवरों की सीरीज में शानदार बल्लेबाजी का फायदा भारतीय बल्लेबाज श्रेयस अय्यर और केएल राहुल को आईसीसी रैंकिंग में मिला है। श्रेयस अय्यर ने टी20 बल्लेबाजों की रैंकिंग में लंबी छलांग लगाकर टॉप-10 में जगह बनाई है, जबकि केएल राहुल वनडे बल्लेबाजों की सूची में सात स्थान ऊपर पहुंचकर 10वें नंबर पर आ गए हैं। दोनों खिलाड़ियों के प्रदर्शन ने उनकी रैंकिंग में बड़ा बदलाव किया है।

    श्रेयस अय्यर ने वेस्टइंडीज के खिलाफ टी20 सीरीज के पहले मुकाबले में अपने करियर का पहला टी20 शतक लगाया था। लखनऊ के इकाना स्टेडियम में खेले गए इस मैच में उन्होंने 42 गेंदों पर शतक पूरा किया और कुल 43 गेंदों में नाबाद 102 रन बनाए। इस पारी के बाद श्रेयस को टी20 बल्लेबाजों की रैंकिंग में 18 स्थान का फायदा हुआ और वह सातवें पायदान पर पहुंच गए।

    टी20 बल्लेबाजों की रैंकिंग में भारत के ईशान किशन पहले स्थान पर हैं, जबकि अभिषेक शर्मा दूसरे नंबर पर हैं। पाकिस्तान के साहिबजादा फरहान तीसरे, इंग्लैंड के हैरी ब्रूक चौथे और जोस बटलर पांचवें स्थान पर हैं। दक्षिण अफ्रीका के डेवाल्ड ब्रेविस छठे स्थान पर हैं। श्रेयस अय्यर सातवें नंबर पर पहुंच गए हैं। इंग्लैंड के फिल सॉल्ट आठवें, श्रीलंका के पाथुम निसांका नौवें और भारत के तिलक वर्मा दसवें स्थान पर हैं। सॉल्ट, निसांका और तिलक वर्मा को एक-एक स्थान का नुकसान हुआ है।

    वनडे रैंकिंग में भी भारतीय बल्लेबाज केएल राहुल को उनके प्रदर्शन का फायदा मिला है। वेस्टइंडीज के खिलाफ तीसरे और आखिरी वनडे में राहुल ने नाबाद 129 रन की पारी खेली थी। उन्होंने 87 गेंदों का सामना करते हुए छह छक्के और 10 चौके लगाए। इस पारी के बाद राहुल ने वनडे बल्लेबाजों की रैंकिंग में सात स्थान की छलांग लगाई और 10वें पायदान पर पहुंच गए।

    वनडे बल्लेबाजों की रैंकिंग में भारतीय कप्तान शुभमन गिल शीर्ष पर बने हुए हैं। न्यूजीलैंड के डेरिल मिचेल दूसरे स्थान पर हैं और उन्हें एक स्थान का फायदा हुआ है। विराट कोहली तीसरे नंबर पर हैं और उन्हें एक स्थान का नुकसान हुआ है। रोहित शर्मा चौथे और अफगानिस्तान के इब्राहिम जादरान पांचवें स्थान पर हैं।

    वेस्टइंडीज के कप्तान शे होप ने भी भारत के खिलाफ शानदार प्रदर्शन के बाद रैंकिंग में बढ़त हासिल की है। तीसरे वनडे में उन्होंने नाबाद 162 रन की पारी खेलकर अपनी टीम को जीत दिलाई थी। इस प्रदर्शन के बाद वह दो स्थान ऊपर चढ़कर छठे नंबर पर पहुंच गए हैं। पाकिस्तान के बाबर आजम और श्रीलंका के कुसाल मेंडिस क्रमशः सातवें और आठवें स्थान पर हैं, दोनों को एक-एक स्थान का नुकसान हुआ है।

    इंग्लैंड के जो रूट नौवें स्थान पर हैं और उनके बाद केएल राहुल दसवें पायदान पर पहुंच गए हैं। इस तरह ताजा वनडे और टी20 रैंकिंग में भारत के कई बल्लेबाज टॉप-10 में शामिल हैं, जबकि श्रेयस अय्यर और राहुल को वेस्टइंडीज के खिलाफ उनकी प्रभावी पारियों का सीधा फायदा मिला है।

  • अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में ओवरथ्रो से लेकर रन आउट तक…. ICC ने किया कई नियमों में बदलाव

    अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में ओवरथ्रो से लेकर रन आउट तक…. ICC ने किया कई नियमों में बदलाव


    नई दिल्ली।
    इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (International Cricket Council- ICC) ने इंटरनेशनल क्रिकेट (International Cricket) में 1 अक्टूबर (गुरुवार) 2026 से कई नए प्लेइंग कंडीशन्स (New playing conditions) लागू किए गए हैं. हालांकि, जो सीरीज पहले से चल रही हैं, उनमें पुराने नियम ही लागू रहेंगे।


    1. बल्लेबाज ने समय गंवाया तो 5 रन की पेनल्टी

    अगर बल्लेबाज निर्धारित समय के अंदर अगली गेंद खेलने के लिए तैयार नहीं होता है, तो
    – पहली गलती पर चेतावनी
    – दूसरी गलती पर अंतिम चेतावनी
    – तीसरी और उसके बाद हर गलती पर गेंदबाजी करने वाली टीम को 5 पेनल्टी रन


    2. दिन के टेस्ट में पिंक बॉल का ट्रायल

    अब आपसी सहमति से दिन में खेले जाने वाले टेस्ट मैचों में पिंक बॉल का इस्तेमाल ट्रायल के तौर पर किया जा सकता है. इसका उद्देश्य खराब रोशनी के कारण खेल रुकने की संभावना को कम करना है.

    हालांकि, पिंक बॉल के इस्तेमाल का फैसला टेस्ट शुरू होने से पहले करना होगा. मैच शुरू होने के बाद रेड बॉल से पिंक बॉल या पिंक बॉल से रेड बॉल में बदलाव नहीं किया जा सकता.


    3. महिला क्रिकेट की गेंद के आकार और वजन के नियम सख्त

    महिला और जूनियर क्रिकेट में गेंद के आकार और वजन को लेकर नए नियम बनाए गए हैं. अब पुरुष, महिला और जूनियर क्रिकेट के लिए तीन अलग-अलग आकार और वजन निर्धारित किए गए हैं.


    4. ओवरथ्रो की परिभाषा स्पष्ट

    अब यह स्पष्ट कर दिया गया है कि ओवरथ्रो कब माना जाएगा. अगर कोई फील्डर गेंद को स्टंप की दिशा में फेंकता है ताकि रन रोका जा सके या रन आउट किया जा सके, तो यह ओवरथ्रो माना जाएगा. लेकिन केवल गेंद को रोकने या दूसरे फील्डर को पास करने की कोशिश में हुई मिस्फील्ड को ओवरथ्रो नहीं माना जाएगा.


    5. गेंद कब स्थिर मानी जाएगी?

    अब अंपायर को यह तय करने में ज्यादा अधिकार होगा कि गेंद आखिरकार स्थिर हो गई है या नहीं. गेंद का बॉलर या विकेटकीपर के हाथ में होना जरूरी नहीं होगा. यह नियम खासकर करीबी मुकाबलों में महत्वपूर्ण हो सकता है, जैसे मैच की आखिरी गेंद पर.


    6. रन आउट और स्टंपिंग में फील्डर का पूरा कंट्रोल जरूरी

    अगर फील्डर गेंद को पकड़कर स्टंप गिराता है, तो उसके पास गेंद पर पूरा नियंत्रण होना जरूरी होगा. सिर्फ हाथ से गेंद को छूना और उसी दौरान स्टंप गिर जाना पर्याप्त नहीं माना जाएगा.


    कब से लागू होंगे नए नियम?
    ये बदलाव 1 अक्टूबर 2026 या उसके बाद शुरू होने वाली इंटरनेशनल सीरीज में लागू होंगे. जो सीरीज 1 अक्टूबर से पहले शुरू हो चुकी हैं, वे पुराने प्लेइंग कंडीशन्स के तहत जारी रहेंगी. नए नियमों का फोकस खास तौर पर खेल की गति बढ़ाने, समय बर्बाद रोकने, गेंद के आकार और वजन को स्पष्ट करने और फील्डिंग से जुड़े नियमों में भ्रम दूर करने पर है.

  • ND vs PAK: भारत-पाकिस्तान के महामुकाबले की बढ़ सकती है संख्या, ICC ट्राई-सीरीज या चार टीमों वाले टूर्नामेंट पर कर रहा विचार

    ND vs PAK: भारत-पाकिस्तान के महामुकाबले की बढ़ सकती है संख्या, ICC ट्राई-सीरीज या चार टीमों वाले टूर्नामेंट पर कर रहा विचार

    नई दिल्ली । क्रिकेट फैन्स के लिए भारत और पाकिस्तान के बीच मुकाबलों को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। दोनों पड़ोसी देशों के बीच क्रिकेट मुकाबले हमेशा से दर्शकों के लिए बेहद खास रहे हैं और अब आने वाले समय में इनके बीच ज्यादा मैच देखने का रास्ता खुल सकता है।

    भारत और पाकिस्तान के बीच लंबे समय से द्विपक्षीय क्रिकेट सीरीज नहीं खेली जा रही है। दोनों टीमें मुख्य रूप से बहुराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में आमने-सामने आती हैं। ऐसे में दोनों देशों के क्रिकेट फैन्स को भारत-पाकिस्तान मुकाबले के लिए बड़े टूर्नामेंट का इंतजार करना पड़ता है।

    अब अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के कार्यक्रम को लेकर एक नए प्रारूप पर विचार किया जा रहा है। इसमें भारत और पाकिस्तान को एक साथ शामिल करते हुए ट्राई-सीरीज या चार टीमों वाली बहुराष्ट्रीय सीरीज आयोजित करने का विकल्प सामने आया है। इस तरह के आयोजन का उद्देश्य रोमांचक मुकाबलों के साथ अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के व्यावसायिक आकर्षण को बढ़ाना भी हो सकता है।

    अगर इस प्रस्ताव को आगे बढ़ाया जाता है तो भारत और पाकिस्तान के बीच एक ही टूर्नामेंट में मुकाबले होने की संभावना बढ़ सकती है। हालांकि अभी इसे अंतिम कार्यक्रम या आधिकारिक तौर पर तय सीरीज नहीं माना जा सकता है। प्रस्तावित प्रारूप पर चर्चा और संभावनाओं के स्तर पर ही जानकारी सामने आई है।

    भारत और पाकिस्तान के बीच क्रिकेट मुकाबलों की लोकप्रियता किसी से छिपी नहीं है। दोनों टीमों के बीच होने वाला मैच दुनियाभर में बड़ी संख्या में दर्शकों को आकर्षित करता है। यही वजह है कि किसी भी बहुराष्ट्रीय टूर्नामेंट में दोनों टीमों के आमने-सामने आने पर मुकाबले को लेकर उत्साह काफी बढ़ जाता है।

    हाल के वर्षों में दोनों टीमों के बीच मुकाबले मुख्य रूप से आईसीसी और अन्य बहुराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं तक सीमित रहे हैं। ऐसे में अगर नया बहुराष्ट्रीय प्रारूप तैयार होता है और उसमें भारत तथा पाकिस्तान को जगह मिलती है, तो क्रिकेट प्रशंसकों को दोनों टीमों के बीच ज्यादा मुकाबले देखने का अवसर मिल सकता है।

    ट्राई-सीरीज के प्रारूप में तीन टीमें हिस्सा लेती हैं और टूर्नामेंट के दौरान एक-दूसरे के खिलाफ मुकाबले खेले जाते हैं। इसी तरह चार टीमों के प्रारूप में मुकाबलों की संख्या और संभावित कार्यक्रम को अलग तरीके से तैयार किया जा सकता है। भारत और पाकिस्तान की मौजूदगी ऐसे किसी आयोजन को दर्शकों के लिहाज से बेहद आकर्षक बना सकती है।

    फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इस तरह की किसी सीरीज को लेकर अंतिम घोषणा नहीं हुई है। प्रस्ताव पर आगे क्या फैसला लिया जाता है और भारत तथा पाकिस्तान को इसमें किस तरह शामिल किया जाता है, यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा।

    अगर यह योजना आकार लेती है तो क्रिकेट फैन्स के लिए यह बड़ी खुशखबरी साबित हो सकती है। भारत-पाकिस्तान मुकाबले को लेकर हमेशा रहने वाला रोमांच नए बहुराष्ट्रीय प्रारूप के जरिए और बढ़ सकता है। इससे दोनों टीमों के बीच मुकाबलों की संख्या बढ़ने की संभावना भी मजबूत हो सकती है।

  • फिक्सिंग मामले में ICC का बड़ा एक्शन, अमेरिका के खिलाड़ी पर 8 साल का प्रतिबंध

    फिक्सिंग मामले में ICC का बड़ा एक्शन, अमेरिका के खिलाड़ी पर 8 साल का प्रतिबंध

    नई दिल्ली । अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए अमेरिका के क्रिकेटर अखिलेश रेड्डी पर आठ वर्षों का प्रतिबंध लगा दिया है। आईसीसी की भ्रष्टाचार-रोधी ट्रिब्यूनल ने उन्हें 2025 अबू धाबी टी10 लीग से जुड़े मामले में एंटी-करप्शन कोड के कई प्रावधानों का उल्लंघन करने का दोषी पाया। इसके बाद उन्हें सभी प्रकार की क्रिकेट गतिविधियों से आठ साल के लिए निलंबित कर दिया गया है।

    आईसीसी के अनुसार यह मामला वर्ष 2025 में संयुक्त अरब अमीरात में आयोजित अबू धाबी टी10 लीग से जुड़ा है। इस प्रतियोगिता के लिए एमिरेट्स क्रिकेट बोर्ड ने आईसीसी को नामित भ्रष्टाचार-रोधी अधिकारी की जिम्मेदारी सौंपी थी। जांच के दौरान अखिलेश रेड्डी की भूमिका संदेह के दायरे में आई, जिसके बाद विस्तृत जांच और सुनवाई की प्रक्रिया पूरी की गई।

    आईसीसी ने बताया कि अखिलेश रेड्डी को भ्रष्टाचार-रोधी संहिता के तीन अलग-अलग प्रावधानों के उल्लंघन का दोषी पाया गया। उन पर मैच के परिणाम या उसके किसी पहलू को प्रभावित करने की कोशिश करने, दूसरे खिलाड़ी को ऐसे कृत्य के लिए उकसाने तथा जांच के दौरान महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्यों को नष्ट कर जांच में बाधा पहुंचाने के आरोप सिद्ध हुए।

    जांच में यह भी सामने आया कि खिलाड़ी ने अपने मोबाइल उपकरण से डेटा और संदेश हटाने की कोशिश की, जो भ्रष्टाचार-रोधी अधिकारियों की जांच के लिए महत्वपूर्ण हो सकते थे। आईसीसी ने इसे जांच प्रक्रिया में सहयोग न करने और साक्ष्य मिटाने का गंभीर मामला माना।

    आईसीसी के आदेश के अनुसार यह प्रतिबंध 21 नवंबर 2025 से प्रभावी माना जाएगा। इसी तारीख को अखिलेश रेड्डी को अस्थायी रूप से निलंबित किया गया था। अब इस अवधि को शामिल करते हुए वह अगले आठ वर्षों तक किसी भी स्तर की क्रिकेट गतिविधि में भाग नहीं ले सकेंगे।

    अखिलेश रेड्डी का अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट करियर अभी शुरुआती दौर में ही था। उन्होंने अब तक अमेरिका के लिए चार टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेले हैं। इन मैचों में गेंदबाजी करते हुए उनके नाम एक विकेट दर्ज है, जबकि उन्हें बल्लेबाजी का अवसर नहीं मिला। इसके अलावा वह 2025 अबू धाबी टी10 लीग में एस्पिन स्टैलियन्स टीम का हिस्सा भी रहे थे।

    आईसीसी लगातार क्रिकेट में भ्रष्टाचार रोकने के लिए अपनी निगरानी व्यवस्था को मजबूत कर रही है। परिषद का कहना है कि मैच फिक्सिंग, स्पॉट फिक्सिंग और किसी भी प्रकार के भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों में शून्य सहनशीलता की नीति अपनाई जाएगी। खिलाड़ियों और अन्य संबंधित व्यक्तियों से जांच एजेंसियों के साथ पूर्ण सहयोग की अपेक्षा की जाती है।

    इस कार्रवाई को क्रिकेट की पारदर्शिता और विश्वसनीयता बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। आईसीसी का मानना है कि खेल की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए भ्रष्टाचार के मामलों में त्वरित और कठोर कार्रवाई आवश्यक है। इसी नीति के तहत दोषी पाए जाने पर अखिलेश रेड्डी पर यह लंबा प्रतिबंध लगाया गया है।

  • नेतन्याहू की गिरफ्तारी पर कानूनी अधिकार न होने की बात मानने के बाद भी घिरे ममदानी, यहूदी समुदाय की चिंताएं बरकरार

    नेतन्याहू की गिरफ्तारी पर कानूनी अधिकार न होने की बात मानने के बाद भी घिरे ममदानी, यहूदी समुदाय की चिंताएं बरकरार

    नई दिल्ली ।न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी के हालिया बयान ने एक बार फिर इजरायल और यहूदी समुदाय से जुड़े राजनीतिक विवाद को चर्चा के केंद्र में ला दिया है। ममदानी ने स्पष्ट किया है कि उनके पास इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को गिरफ्तार करने का कोई कानूनी अधिकार नहीं है। हालांकि, इस स्वीकारोक्ति के बावजूद उनके पूर्व बयानों और इजरायल को लेकर उनके रुख पर उठ रहे सवाल अभी भी शांत नहीं हुए हैं।

    ममदानी ने हाल ही में जारी एक वीडियो संदेश में कहा कि न्यूयॉर्क सिटी प्रशासन के पास किसी विदेशी राष्ट्राध्यक्ष या प्रधानमंत्री की गिरफ्तारी का अधिकार नहीं है। साथ ही उन्होंने यह भी दोहराया कि उनके अनुसार नेतन्याहू को अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय (आईसीसी) के वारंट के तहत जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर नई बहस शुरू हो गई।

    यह मुद्दा इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि मेयर चुनाव अभियान के दौरान ममदानी ने नेतन्याहू की संभावित गिरफ्तारी का उल्लेख किया था। उस समय कई कानूनी विशेषज्ञों ने कहा था कि न्यूयॉर्क के मेयर के पास ऐसा कोई संवैधानिक या कानूनी अधिकार नहीं है। अब स्वयं ममदानी ने भी इस सीमा को स्वीकार किया है, लेकिन उनके पहले दिए गए बयानों को लेकर विवाद समाप्त नहीं हुआ है।

    न्यूयॉर्क के यहूदी समुदाय के कई प्रतिनिधियों ने कहा है कि मौजूदा स्पष्टीकरण उनकी चिंताओं को दूर करने के लिए पर्याप्त नहीं है। उनका मानना है कि ऐसे बयान ऐसे समय में सामने आए हैं, जब यहूदी विरोधी घटनाओं और सामाजिक तनाव को लेकर पहले से ही संवेदनशील माहौल बना हुआ है। समुदाय के कुछ नेताओं ने आशंका जताई कि सार्वजनिक पद पर बैठे लोगों के बयान समाज में मतभेद और अविश्वास को बढ़ा सकते हैं।

    कई यहूदी संगठनों के प्रतिनिधियों ने हाल के वर्षों में इजरायल-हमास संघर्ष के दौरान हुए प्रदर्शनों का उल्लेख करते हुए कहा कि सार्वजनिक विमर्श में जिम्मेदारी और संतुलन बनाए रखना आवश्यक है। उनका कहना है कि राजनीतिक नेताओं के शब्दों का व्यापक प्रभाव पड़ता है और किसी भी बयान को ऐसे संदर्भ में देखा जाता है, जहां सामाजिक सौहार्द और सामुदायिक विश्वास प्रभावित हो सकता है।

    दूसरी ओर, इजरायली नेताओं की ओर से भी ममदानी के रुख पर प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने न्यूयॉर्क में रहने वाले यहूदी समुदाय की सुरक्षा और उनके प्रति बढ़ती चिंताओं का उल्लेख करते हुए ऐसे बयानों पर आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि सार्वजनिक जीवन में संवेदनशील अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर टिप्पणी करते समय सभी पक्षों के हितों और सामाजिक प्रभावों का ध्यान रखा जाना चाहिए।

    राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह विवाद केवल एक कानूनी प्रश्न तक सीमित नहीं है, बल्कि यह अंतरराष्ट्रीय राजनीति, स्थानीय नेतृत्व और सामुदायिक संबंधों से भी जुड़ गया है। ऐसे मामलों में विभिन्न पक्षों के अलग-अलग दृष्टिकोण सामने आते हैं, जिससे सार्वजनिक बहस और तेज हो जाती है। फिलहाल ममदानी के स्पष्टीकरण के बावजूद यह मुद्दा न्यूयॉर्क की राजनीति और यहूदी समुदाय के साथ उनके संबंधों को लेकर चर्चा का विषय बना हुआ है।

  • ICC वनडे रैंकिंग में शुभमन गिल नंबर-1 से सिर्फ एक कदम दूर, टॉप-5 में भारत के तीन बल्लेबाज बरकरार

    ICC वनडे रैंकिंग में शुभमन गिल नंबर-1 से सिर्फ एक कदम दूर, टॉप-5 में भारत के तीन बल्लेबाज बरकरार

    नई दिल्ली । इंग्लैंड के खिलाफ हाल ही में समाप्त हुई वनडे सीरीज के बाद जारी ताजा ICC ODI बल्लेबाजी रैंकिंग में भारतीय बल्लेबाजों का दबदबा कायम है। कप्तान शुभमन गिल नंबर-1 बल्लेबाज बनने से सिर्फ एक रेटिंग अंक दूर हैं, जबकि विराट कोहली और रोहित शर्मा टॉप-5 में बने हुए हैं।

    बल्लेबाजी रैंकिंग: मुख्य बातें
    शुभमन गिल: इंग्लैंड के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज में 188 रन बनाने के बाद गिल के खाते में 801 रेटिंग अंक हो गए हैं। वह शीर्ष पर मौजूद न्यूजीलैंड के डेरिल मिचेल (802 अंक) से सिर्फ एक अंक पीछे हैं।

    विराट कोहली: 767 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर बने हुए हैं।

    रोहित शर्मा: 758 अंकों के साथ चौथे स्थान पर काबिज हैं।

    श्रेयस अय्यर: दो स्थान की छलांग लगाकर 13वें नंबर पर पहुंच गए हैं।

    इंग्लैंड के खिलाड़ियों को फायदा

    जो रूट: भारत के खिलाफ सीरीज में 249 रन बनाकर ‘प्लेयर ऑफ द सीरीज’ चुने गए जो रूट ने चार स्थान की छलांग लगाई है और अब आठवें नंबर पर पहुंच गए हैं।

    बेन डकेट: 11 पायदान चढ़कर संयुक्त रूप से 19वें स्थान पर पहुंच गए हैं।

    जैकब बेथेल: पांच स्थान के सुधार के साथ 64वें नंबर पर आ गए हैं।

    गेंदबाजी रैंकिंग का हाल
    कुलदीप यादव: भारत के स्टार स्पिनर को नुकसान हुआ है और वह टॉप-10 से बाहर होकर 11वें स्थान पर खिसक गए हैं।

    राशिद खान: अफगानिस्तान के राशिद खान गेंदबाजों की सूची में शीर्ष पर बने हुए हैं।

    जोफ्रा आर्चर: भारत के खिलाफ वनडे सीरीज में 5 विकेट लेने के बाद इंग्लैंड के जोफ्रा आर्चर एक स्थान ऊपर चढ़कर तीसरे नंबर पर पहुंच गए हैं। पाकिस्तान के अबरार अहमद उनसे ऊपर दूसरे स्थान पर हैं।

  • नेतन्याहू की गिरफ्तारी पर ममदानी का यू-टर्न, कानूनी अधिकार न होने की बात स्वीकार, फिर भी ICC वारंट लागू करने की उठाई मांग

    नेतन्याहू की गिरफ्तारी पर ममदानी का यू-टर्न, कानूनी अधिकार न होने की बात स्वीकार, फिर भी ICC वारंट लागू करने की उठाई मांग

    नई दिल्ली । न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को लेकर अपने पहले के चुनावी रुख में महत्वपूर्ण बदलाव करते हुए कहा है कि उनके प्रशासन के पास नेतन्याहू को गिरफ्तार करने का स्वतंत्र कानूनी अधिकार नहीं है। चुनाव प्रचार के दौरान उन्होंने कई बार दावा किया था कि यदि नेतन्याहू न्यूयॉर्क आए तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी, लेकिन अब कानूनी समीक्षा के बाद उन्होंने स्पष्ट किया है कि स्थानीय प्रशासन के अधिकार सीमित हैं और इस प्रकार की कार्रवाई उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं आती।

    ममदानी ने एक वीडियो संदेश जारी कर बताया कि उनके प्रशासन ने लागू कानूनों का विस्तृत अध्ययन किया और यह जांचने का प्रयास किया कि क्या न्यूयॉर्क शहर अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय (आईसीसी) द्वारा जारी किसी गिरफ्तारी वारंट को स्वयं लागू कर सकता है। समीक्षा के बाद यह निष्कर्ष निकला कि नगर प्रशासन के पास ऐसा करने का स्वतंत्र कानूनी अधिकार उपलब्ध नहीं है। उन्होंने कहा कि इस विषय में अंतिम अधिकार संघीय सरकार के पास है।

    हालांकि कानूनी सीमाओं को स्वीकार करने के बावजूद ममदानी ने अपने राजनीतिक रुख में कोई नरमी नहीं दिखाई। उन्होंने दोहराया कि उनकी राय में बेंजामिन नेतन्याहू पर लगे आरोप गंभीर हैं और यदि अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय ने उनके खिलाफ वारंट जारी किया है तो उसका सम्मान किया जाना चाहिए। उन्होंने अमेरिका की संघीय सरकार से अपील की कि वह अंतरराष्ट्रीय न्यायिक प्रक्रियाओं के प्रति सहयोगात्मक रवैया अपनाए और संबंधित वारंट के अनुरूप आवश्यक कदम उठाए।

    ममदानी ने यह भी कहा कि जब सितंबर में संयुक्त राष्ट्र महासभा के लिए नेतन्याहू के न्यूयॉर्क आने की संभावना हो, तब संघीय प्रशासन को आवश्यक कानूनी विकल्पों पर विचार करना चाहिए। उन्होंने अमेरिका से अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय के साथ सहयोग बढ़ाने की भी वकालत की। हालांकि अमेरिका वर्तमान में आईसीसी का सदस्य नहीं है, इसलिए इस मुद्दे पर कानूनी और कूटनीतिक जटिलताएं बनी हुई हैं।

    इस घटनाक्रम के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि नेतन्याहू की अमेरिका यात्रा के दौरान किसी प्रकार की गिरफ्तारी नहीं होगी। ट्रंप ने सार्वजनिक रूप से कहा कि अमेरिकी भूमि पर रहते हुए इजरायली प्रधानमंत्री के खिलाफ ऐसी कार्रवाई नहीं की जाएगी। उनके इस बयान के बाद ममदानी की नई टिप्पणी को राजनीतिक और कानूनी दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

    ममदानी ने यह भी दोहराया कि वह नेतन्याहू की नीतियों के आलोचक बने हुए हैं और उनके अनुसार अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष सुनवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि किसी भी व्यक्ति के खिलाफ आईसीसी ने आरोप तय किए हैं तो न्यायिक प्रक्रिया का पालन किया जाना चाहिए। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि न्यूयॉर्क ऐसे किसी व्यक्ति का स्वागत नहीं करता जिसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गंभीर आरोपों का सामना करना पड़ रहा हो।

    दूसरी ओर, नेतन्याहू के कार्यालय ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज करते हुए अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय की वैधता पर सवाल उठाए हैं। इजरायल की ओर से कहा गया कि आईसीसी का इजरायली नागरिकों या अमेरिकी नागरिकों पर कोई अधिकार क्षेत्र नहीं है और उसके निर्णयों को स्वीकार नहीं किया जाता। इस पूरे विवाद ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय न्याय, राष्ट्रीय संप्रभुता और स्थानीय प्रशासन के अधिकारों को लेकर नई बहस को जन्म दे दिया है।

  • ICC ODI Ranking में शुभमन गिल नंबर-1 से सिर्फ एक कदम दूर, डेरिल मिशेल से महज 1 अंक पीछे

    ICC ODI Ranking में शुभमन गिल नंबर-1 से सिर्फ एक कदम दूर, डेरिल मिशेल से महज 1 अंक पीछे


    नई दिल्ली । अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) द्वारा जारी ताजा वनडे रैंकिंग में भारतीय कप्तान शुभमन गिल विश्व के नंबर-1 बल्लेबाज बनने की दहलीज पर पहुंच गए हैं। न्यूजीलैंड के स्टार बल्लेबाज डेरिल मिशेल 802 रेटिंग अंकों के साथ पहले स्थान पर कायम हैं, जबकि शुभमन गिल उनसे महज एक रेटिंग अंक पीछे दूसरे स्थान पर मौजूद हैं। ऐसे में आगामी मुकाबलों में अच्छा प्रदर्शन गिल को वनडे का नया नंबर-1 बल्लेबाज बना सकता है।

    भारतीय बल्लेबाजों का दबदबा रैंकिंग में साफ दिखाई दे रहा है। विराट कोहली तीसरे और रोहित शर्मा चौथे स्थान पर बने हुए हैं। हाल ही में इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स वनडे में शानदार 138 रन की पारी खेलने का फायदा रोहित को भी मिला है। अफगानिस्तान के युवा बल्लेबाज इब्राहिम जादरान पांचवें स्थान पर हैं।

    पाकिस्तान के बाबर आजम और आयरलैंड के हैरी टैक्टर ने भी एक-एक स्थान का सुधार किया है और वे क्रमशः छठे तथा सातवें स्थान पर पहुंच गए हैं। भारत के खिलाफ वनडे सीरीज में शानदार प्रदर्शन करने वाले इंग्लैंड के अनुभवी बल्लेबाज जो रूट को चार स्थानों का फायदा मिला है। वह आठवें स्थान पर पहुंचकर एक बार फिर शीर्ष-10 बल्लेबाजों की सूची में शामिल हो गए हैं।

    वेस्टइंडीज के शे होप को तीन स्थान का नुकसान हुआ है और वह नौवें स्थान पर खिसक गए हैं, जबकि श्रीलंका के चरिथ असलांका दसवें स्थान पर बने हुए हैं।

    वनडे गेंदबाजों की रैंकिंग में भी बदलाव

    गेंदबाजों की रैंकिंग में अफगानिस्तान के राशिद खान पहले स्थान पर कायम हैं, जबकि पाकिस्तान के अबरार अहमद दूसरे नंबर पर हैं। इंग्लैंड के जोफ्रा आर्चर एक स्थान की छलांग लगाकर तीसरे स्थान पर पहुंच गए हैं।

    न्यूजीलैंड के कप्तान मिचेल सैंटनर को तीन स्थान का फायदा मिला है और वह चौथे नंबर पर पहुंच गए हैं। दक्षिण अफ्रीका के केशव महाराज और श्रीलंका के महेश थीक्षाना क्रमशः पांचवें और छठे स्थान पर हैं।

    पाकिस्तान के शाहीन शाह अफरीदी दो स्थान के सुधार के साथ सातवें और बांग्लादेश के मेहदी हसन मिराज आठवें स्थान पर पहुंच गए हैं। इंग्लैंड के आदिल रशीद नौवें स्थान पर खिसक गए हैं, जबकि वेस्टइंडीज के गुडाकेश मोती ने सात स्थान की बड़ी छलांग लगाते हुए टॉप-10 में दसवां स्थान हासिल कर लिया है।

    अब क्रिकेट प्रशंसकों की नजर आगामी वनडे मुकाबलों पर होगी, जहां शुभमन गिल के पास दुनिया के नंबर-1 वनडे बल्लेबाज बनने का सुनहरा अवसर होगा।

  • चुनावी वादे से पीछे हटे न्यूयॉर्क मेयर जोहरान ममदानी, बोले- नेतन्याहू को गिरफ्तार करने का कानूनी अधिकार नहीं, फिर भी ट्रंप प्रशासन से की कार्रवाई की मांग

    चुनावी वादे से पीछे हटे न्यूयॉर्क मेयर जोहरान ममदानी, बोले- नेतन्याहू को गिरफ्तार करने का कानूनी अधिकार नहीं, फिर भी ट्रंप प्रशासन से की कार्रवाई की मांग

    नई दिल्ली । न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को लेकर अपने पहले के चुनावी रुख में महत्वपूर्ण बदलाव करते हुए कहा है कि उनके प्रशासन के पास नेतन्याहू को गिरफ्तार करने का स्वतंत्र कानूनी अधिकार नहीं है। चुनाव प्रचार के दौरान उन्होंने कई बार दावा किया था कि यदि नेतन्याहू न्यूयॉर्क आए तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी, लेकिन अब कानूनी समीक्षा के बाद उन्होंने स्पष्ट किया है कि स्थानीय प्रशासन के अधिकार सीमित हैं और इस प्रकार की कार्रवाई उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं आती।

    ममदानी ने एक वीडियो संदेश जारी कर बताया कि उनके प्रशासन ने लागू कानूनों का विस्तृत अध्ययन किया और यह जांचने का प्रयास किया कि क्या न्यूयॉर्क शहर अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय (आईसीसी) द्वारा जारी किसी गिरफ्तारी वारंट को स्वयं लागू कर सकता है। समीक्षा के बाद यह निष्कर्ष निकला कि नगर प्रशासन के पास ऐसा करने का स्वतंत्र कानूनी अधिकार उपलब्ध नहीं है। उन्होंने कहा कि इस विषय में अंतिम अधिकार संघीय सरकार के पास है।

    हालांकि कानूनी सीमाओं को स्वीकार करने के बावजूद ममदानी ने अपने राजनीतिक रुख में कोई नरमी नहीं दिखाई। उन्होंने दोहराया कि उनकी राय में बेंजामिन नेतन्याहू पर लगे आरोप गंभीर हैं और यदि अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय ने उनके खिलाफ वारंट जारी किया है तो उसका सम्मान किया जाना चाहिए। उन्होंने अमेरिका की संघीय सरकार से अपील की कि वह अंतरराष्ट्रीय न्यायिक प्रक्रियाओं के प्रति सहयोगात्मक रवैया अपनाए और संबंधित वारंट के अनुरूप आवश्यक कदम उठाए।

    ममदानी ने यह भी कहा कि जब सितंबर में संयुक्त राष्ट्र महासभा के लिए नेतन्याहू के न्यूयॉर्क आने की संभावना हो, तब संघीय प्रशासन को आवश्यक कानूनी विकल्पों पर विचार करना चाहिए। उन्होंने अमेरिका से अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय के साथ सहयोग बढ़ाने की भी वकालत की। हालांकि अमेरिका वर्तमान में आईसीसी का सदस्य नहीं है, इसलिए इस मुद्दे पर कानूनी और कूटनीतिक जटिलताएं बनी हुई हैं।

    इस घटनाक्रम के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि नेतन्याहू की अमेरिका यात्रा के दौरान किसी प्रकार की गिरफ्तारी नहीं होगी। ट्रंप ने सार्वजनिक रूप से कहा कि अमेरिकी भूमि पर रहते हुए इजरायली प्रधानमंत्री के खिलाफ ऐसी कार्रवाई नहीं की जाएगी। उनके इस बयान के बाद ममदानी की नई टिप्पणी को राजनीतिक और कानूनी दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

    ममदानी ने यह भी दोहराया कि वह नेतन्याहू की नीतियों के आलोचक बने हुए हैं और उनके अनुसार अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष सुनवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि किसी भी व्यक्ति के खिलाफ आईसीसी ने आरोप तय किए हैं तो न्यायिक प्रक्रिया का पालन किया जाना चाहिए। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि न्यूयॉर्क ऐसे किसी व्यक्ति का स्वागत नहीं करता जिसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गंभीर आरोपों का सामना करना पड़ रहा हो।

    दूसरी ओर, नेतन्याहू के कार्यालय ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज करते हुए अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय की वैधता पर सवाल उठाए हैं। इजरायल की ओर से कहा गया कि आईसीसी का इजरायली नागरिकों या अमेरिकी नागरिकों पर कोई अधिकार क्षेत्र नहीं है और उसके निर्णयों को स्वीकार नहीं किया जाता। इस पूरे विवाद ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय न्याय, राष्ट्रीय संप्रभुता और स्थानीय प्रशासन के अधिकारों को लेकर नई बहस को जन्म दे दिया है।

  • अफगानिस्तान क्रिकेट में बड़ा बदलाव वनडे कप्तानी से हटे हशमतुल्लाह शाहिदी नए कप्तान की तलाश हुई तेज

    अफगानिस्तान क्रिकेट में बड़ा बदलाव वनडे कप्तानी से हटे हशमतुल्लाह शाहिदी नए कप्तान की तलाश हुई तेज


    नई दिल्ली । अफगानिस्तान क्रिकेट टीम को वनडे प्रारूप में बड़ा झटका लगा है। टीम के अनुभवी बल्लेबाज और कप्तान हशमतुल्लाह शाहिदी ने वनडे कप्तानी छोड़ने का फैसला लेकर सभी को चौंका दिया है। वर्ष 2022 से टीम की कमान संभाल रहे शाहिदी ने अपने सोशल मीडिया के माध्यम से इस्तीफे की घोषणा करते हुए कहा कि यह फैसला उन्होंने पूरी इच्छा और सम्मान के साथ लिया है। उनके इस निर्णय के बाद अब अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड के सामने नए कप्तान के चयन की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है खासकर ऐसे समय में जब टीम 2027 वनडे विश्व कप की तैयारियों में जुटी हुई है।

    हशमतुल्लाह शाहिदी का कप्तानी कार्यकाल अफगानिस्तान क्रिकेट के सबसे सफल दौरों में गिना जाता है। उनकी अगुवाई में टीम ने न केवल लगातार बेहतर प्रदर्शन किया बल्कि दुनिया की कई बड़ी टीमों को हराकर अपनी अलग पहचान भी बनाई। उन्होंने एशिया कप वनडे विश्व कप 2023 और चैंपियंस ट्रॉफी 2025 जैसे बड़े टूर्नामेंटों में टीम का नेतृत्व किया और अफगानिस्तान को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया।

    विश्व कप 2023 में शाहिदी की कप्तानी में अफगानिस्तान ने पाकिस्तान इंग्लैंड श्रीलंका और नीदरलैंड्स जैसी मजबूत टीमों को हराकर क्रिकेट जगत को चौंका दिया था। टीम ने अंक तालिका में छठा स्थान हासिल किया और शानदार प्रदर्शन के दम पर चैंपियंस ट्रॉफी के लिए भी क्वालीफाई किया। यह उपलब्धि अफगानिस्तान क्रिकेट के इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय मानी जाती है।

    शाहिदी ने अपने भावुक संदेश में टीम के खिलाड़ियों को अपनी सबसे बड़ी ताकत बताया। उन्होंने लिखा कि कप्तान बनना उनके जीवन का सबसे बड़ा सम्मान रहा और टीम की हर उपलब्धि पूरी टीम की मेहनत एकता और समर्पण का परिणाम है। उन्होंने खिलाड़ियों कोचिंग स्टाफ अधिकारियों और क्रिकेट बोर्ड का धन्यवाद करते हुए कहा कि उनके सहयोग और विश्वास के बिना यह सफर संभव नहीं था।

    द्विपक्षीय सीरीज में भी शाहिदी का रिकॉर्ड प्रभावशाली रहा। उनकी कप्तानी में अफगानिस्तान ने बांग्लादेश के खिलाफ तीन सीरीज जीती जबकि जिम्बाब्वे और दक्षिण अफ्रीका जैसी टीमों के खिलाफ भी महत्वपूर्ण सफलताएं हासिल कीं। कप्तान के रूप में उन्होंने 27 वनडे मुकाबलों में टीम को जीत दिलाई और अपनी शांत नेतृत्व शैली से खिलाड़ियों का भरोसा जीता।

    बतौर बल्लेबाज भी शाहिदी का योगदान बेहद अहम रहा। उन्होंने कप्तानी के दौरान लगातार जिम्मेदारी निभाई और मध्यमक्रम को मजबूती दी। वनडे क्रिकेट में उनका एकमात्र शतक भारत के खिलाफ आया जब उन्होंने 131 गेंदों में शानदार 102 रन बनाकर अपनी क्षमता का परिचय दिया। उनकी संयमित बल्लेबाजी और नेतृत्व कौशल ने अफगानिस्तान को कई यादगार जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई।

    अब अफगानिस्तान को आयरलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज खेलनी है और इसके बाद टीम का पूरा ध्यान 2027 विश्व कप की तैयारियों पर रहेगा। ऐसे में नया कप्तान चुनना बोर्ड के लिए बेहद महत्वपूर्ण फैसला होगा। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि शाहिदी का इस्तीफा टीम के लिए चुनौती जरूर है लेकिन उनके द्वारा तैयार की गई मजबूत टीम भविष्य में भी शानदार प्रदर्शन करने की क्षमता रखती है।