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  • न्यूयॉर्क में नेतन्याहू की गिरफ्तारी की बात पर बढ़ा विवाद, इजरायल और अमेरिकी नेताओं ने ममदानी के बयान पर जताई कड़ी आपत्ति

    न्यूयॉर्क में नेतन्याहू की गिरफ्तारी की बात पर बढ़ा विवाद, इजरायल और अमेरिकी नेताओं ने ममदानी के बयान पर जताई कड़ी आपत्ति


    नई दिल्ली ।
    न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी के एक हालिया बयान ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। उन्होंने एक साक्षात्कार में कहा कि यदि इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू संयुक्त राष्ट्र महासभा में भाग लेने के लिए सितंबर में न्यूयॉर्क आते हैं, तो उनके खिलाफ अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय द्वारा जारी आरोपों के संदर्भ में गिरफ्तारी होनी चाहिए। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वह किसी नए कानून के जरिए ऐसा करने का प्रयास नहीं करेंगे और शहर के मौजूदा कानूनी ढांचे के भीतर ही कार्य करेंगे।

    ममदानी ने कहा कि उनके अनुसार नेतन्याहू पर लगे आरोप गंभीर हैं और इस कारण उन्हें न्यायिक प्रक्रिया का सामना करना चाहिए। साथ ही उन्होंने यह भी दोहराया कि न्यूयॉर्क शहर का प्रशासन कानून के दायरे में रहकर ही किसी भी निर्णय पर अमल करेगा। उन्होंने संकेत दिया कि इस विषय पर शहर के कानूनी विभाग के साथ चर्चा हुई है, लेकिन किसी प्रकार के विशेष कानूनी बदलाव की योजना नहीं है।

    ममदानी के इस बयान के बाद इजरायल और अमेरिका के कई नेताओं ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। अमेरिका में इजरायल के राजदूत माइक वॉल्ट्ज ने कहा कि ऐसी किसी भी कार्रवाई की संभावना व्यावहारिक रूप से नहीं है। उन्होंने तर्क दिया कि अमेरिका रोम संविधि का सदस्य नहीं है, जिसके आधार पर अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय काम करता है। उन्होंने यह भी कहा कि संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय समझौते के तहत किसी राष्ट्राध्यक्ष या सरकार प्रमुख को राजनयिक सुरक्षा प्राप्त होती है और संघीय अधिकार स्थानीय प्रशासन से ऊपर होते हैं।

    संयुक्त राष्ट्र में इजरायल के राजदूत डेनी डेनन ने भी ममदानी के बयान की आलोचना करते हुए कहा कि न्यूयॉर्क के मेयर को अंतरराष्ट्रीय विवादों की बजाय शहर के प्रशासनिक और स्थानीय मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि इस प्रकार के बयान केवल राजनीतिक सुर्खियां बटोरने का प्रयास हैं और इससे किसी कानूनी स्थिति में बदलाव नहीं आएगा। उन्होंने विश्वास जताया कि प्रधानमंत्री नेतन्याहू संयुक्त राष्ट्र महासभा में भाग लेंगे और इजरायल का पक्ष अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सामने रखेंगे।

    न्यूयॉर्क स्थित इजरायल के महावाणिज्य दूतावास की ओर से भी कहा गया कि किसी विदेशी राष्ट्राध्यक्ष की गिरफ्तारी का आदेश देने का अधिकार शहर के मेयर के पास नहीं होता। उनके अनुसार यह विषय संघीय सरकार, अंतरराष्ट्रीय कूटनीति और कानूनी प्रावधानों से जुड़ा है, इसलिए स्थानीय प्रशासन की भूमिका सीमित है।

    अमेरिका की रिपब्लिकन पार्टी के नेताओं ने भी ममदानी की टिप्पणी का विरोध किया। उनका कहना है कि स्थानीय प्रशासन को विदेश नीति से जुड़े मामलों में हस्तक्षेप करने के बजाय शहर की कानून-व्यवस्था, महंगाई, आवास संकट और सामाजिक चुनौतियों जैसे मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह के बयान स्थानीय प्रशासन के अधिकार क्षेत्र से बाहर हैं।

    इजरायल में अमेरिका के पूर्व राजदूत डैनियल बी. शापिरो ने भी इस पूरे विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ऐसी किसी कार्रवाई का वास्तविक प्रभाव सीमित होगा और इससे इजरायल की आंतरिक राजनीति पर अलग तरह का असर पड़ सकता है। उनके अनुसार इस प्रकार की बयानबाजी अंतरराष्ट्रीय राजनीतिक बहस को और तीखा बना सकती है, लेकिन व्यावहारिक स्तर पर कानूनी और राजनयिक प्रक्रियाएं कहीं अधिक जटिल हैं। इस घटनाक्रम के बाद अंतरराष्ट्रीय कानून, राजनयिक प्रतिरक्षा और स्थानीय प्रशासन की शक्तियों को लेकर एक बार फिर व्यापक चर्चा शुरू हो गई है।

  • UNGA दौरे से पहले इजरायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू पर न्यूयॉर्क में गिरफ्तारी की चर्चा तेज, मेयर ममदानी के बयान से बढ़ा अंतरराष्ट्रीय विवाद

    UNGA दौरे से पहले इजरायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू पर न्यूयॉर्क में गिरफ्तारी की चर्चा तेज, मेयर ममदानी के बयान से बढ़ा अंतरराष्ट्रीय विवाद

    नई दिल्ली । संयुक्त राष्ट्र महासभा के प्रस्तावित सत्र से पहले इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को लेकर न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी का बयान अंतरराष्ट्रीय राजनीति में नई बहस का विषय बन गया है। ममदानी ने कहा है कि यदि नेतन्याहू संयुक्त राष्ट्र महासभा में भाग लेने के लिए न्यूयॉर्क आते हैं, तो उनकी गिरफ्तारी की संभावना से जुड़े कानूनी पहलुओं की समीक्षा की जा रही है। इस बयान के सामने आने के बाद कूटनीतिक और कानूनी स्तर पर कई तरह की चर्चाएं तेज हो गई हैं।

    मेयर ममदानी ने स्पष्ट किया कि उनका प्रशासन इस बात का परीक्षण कर रहा है कि क्या न्यूयॉर्क शहर के पास किसी विदेशी राष्ट्राध्यक्ष या सरकार प्रमुख के खिलाफ कार्रवाई करने का कोई वैधानिक अधिकार मौजूद है। उन्होंने स्वीकार किया कि इस विषय पर अंतिम कानूनी स्थिति स्पष्ट नहीं है, लेकिन संबंधित विभागों के साथ विस्तृत परामर्श जारी है। उनका कहना है कि किसी भी संभावित कदम से पहले सभी संवैधानिक और कानूनी प्रावधानों का अध्ययन किया जाएगा।

    ममदानी ने यह भी याद दिलाया कि मेयर पद के चुनाव अभियान के दौरान उन्होंने नेतन्याहू के खिलाफ सख्त रुख अपनाने का वादा किया था। उनका कहना है कि अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय द्वारा जारी वारंट और युद्ध अपराधों से जुड़े आरोपों को देखते हुए इस मामले को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि उनके अनुसार ऐसे मामलों में अंतरराष्ट्रीय कानून और न्यायिक प्रक्रियाओं का सम्मान किया जाना आवश्यक है।

    इस बयान के बाद इजरायल की ओर से भी तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है। इजरायली पक्ष ने मेयर के बयान पर आपत्ति जताते हुए इसे अनुचित और विवाद को बढ़ाने वाला बताया है। वहीं, इस घटनाक्रम ने एक बार फिर यह प्रश्न खड़ा कर दिया है कि किसी विदेशी नेता के खिलाफ स्थानीय प्रशासन की शक्तियां कितनी व्यापक हो सकती हैं और अंतरराष्ट्रीय कानून तथा राजनयिक संरक्षण के बीच संतुलन किस प्रकार बनाया जाता है।

    कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, किसी भी विदेशी राष्ट्राध्यक्ष या सरकार प्रमुख के खिलाफ कार्रवाई का विषय केवल स्थानीय प्रशासन तक सीमित नहीं रहता, बल्कि इसमें राष्ट्रीय कानून, अंतरराष्ट्रीय दायित्व और राजनयिक प्रोटोकॉल जैसी कई जटिल प्रक्रियाएं शामिल होती हैं। इसी कारण इस प्रकार के मामलों में किसी भी निर्णय से पहले विस्तृत कानूनी परीक्षण और विभिन्न संस्थाओं के बीच समन्वय आवश्यक माना जाता है।

    सितंबर में प्रस्तावित संयुक्त राष्ट्र महासभा का सत्र हर वर्ष दुनिया के अनेक देशों के शीर्ष नेताओं को एक मंच पर लाता है। ऐसे में यदि नेतन्याहू इस बैठक में भाग लेने के लिए न्यूयॉर्क पहुंचते हैं, तो ममदानी के बयान के कारण पहले से ही राजनीतिक और कानूनी चर्चाएं तेज रहने की संभावना जताई जा रही है। यह भी माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर विभिन्न पक्षों की प्रतिक्रियाएं और अधिक स्पष्ट हो सकती हैं।

    पूरा घटनाक्रम केवल एक राजनीतिक बयान तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि इसने अंतरराष्ट्रीय न्याय व्यवस्था, राजनयिक अधिकारों और स्थानीय प्रशासन की सीमाओं को लेकर नई बहस छेड़ दी है। अब सभी की नजर इस बात पर रहेगी कि कानूनी समीक्षा का निष्कर्ष क्या निकलता है और संयुक्त राष्ट्र महासभा से पहले इस विषय पर आगे कौन से घटनाक्रम सामने आते हैं।

  • टी20 वर्ल्ड कप के दौरान डोप टेस्ट में विफल रहे स्पिनर मोहम्मद नवाज; आईसीसी की बड़ी कार्रवाई के बाद रद्द किए गए पिछले कई महीनों के रिकॉर्ड

    टी20 वर्ल्ड कप के दौरान डोप टेस्ट में विफल रहे स्पिनर मोहम्मद नवाज; आईसीसी की बड़ी कार्रवाई के बाद रद्द किए गए पिछले कई महीनों के रिकॉर्ड

    नई दिल्ली । अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट जगत से एक बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां पाकिस्तान राष्ट्रीय क्रिकेट टीम के अनुभवी स्पिन गेंदबाजी ऑलराउंडर मोहम्मद नवाज पर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने एंटी-डोपिंग नियमों के उल्लंघन के मामले में गंभीर अनुशासनात्मक कार्रवाई की है। डोप परीक्षण के दौरान खिलाड़ी के शरीर में एक प्रतिबंधित पदार्थ के अंश पाए गए थे, जिसके बाद नवाज ने आधिकारिक तौर पर अपनी गलती स्वीकार कर ली है। इस कृत्य के लिए शासी निकाय ने उन पर तीन महीने का निलंबन लागू किया है। हालांकि, खेल नियमों के तहत पुनर्वास कार्यक्रम को सफलतापूर्वक पूरा करने की शर्त पर इस अवधि को कम कर केवल एक महीने किए जाने का विकल्प भी खुला रखा गया है।

    मध्य प्रदेश सहित देश और दुनिया के खेल प्रेमियों के लिए यह घटनाक्रम काफी चौंकाने वाला है। बत्तीस वर्षीय मोहम्मद नवाज का यह डोप परीक्षण इस वर्ष 7 फरवरी को श्रीलंका के कोलंबो में आयोजित आईसीसी मेन्स टी20 वर्ल्ड कप के एक मुकाबले के बाद किया गया था। यह मैच पाकिस्तान और नीदरलैंड्स के बीच खेला गया था, जिसके संपन्न होने के बाद लिए गए जैविक नमूने की जांच रिपोर्ट में कार्बोक्सी-टीएचसी नामक प्रतिबंधित तत्व की पुष्टि हुई थी। आईसीसी की आधिकारिक एंटी-डोपिंग आचार संहिता के अंतर्गत इस विशिष्ट पदार्थ को नशीले या मादक पदार्थों की श्रेणी में वर्गीकृत किया गया है, जिसके सेवन पर पूरी तरह से प्रतिबंध है।

    वैश्विक क्रिकेट निकाय द्वारा जारी आधिकारिक वक्तव्य के अनुसार, पाकिस्तानी ऑलराउंडर ने अपनी इस प्रशासनिक और नैतिक चूक को बिना किसी प्रतिवाद के स्वीकार कर लिया है। खिलाड़ी ने आईसीसी के समक्ष यह भी प्रमाणित किया कि उक्त प्रतिबंधित पदार्थ का उपयोग प्रतियोगिता की अवधि के बाहर किया गया था और इसका उद्देश्य मैदान पर अपने खेल प्रदर्शन को अनुचित रूप से बेहतर बनाना या कोई अतिरिक्त लाभ प्राप्त करना बिल्कुल नहीं था। इसी तार्किक आधार पर विचार करते हुए आईसीसी ने उन पर अपेक्षाकृत कम समय यानी तीन महीने की अयोग्यता का निर्णय लिया। यह निलंबन 1 मई से प्रभावी माना गया है, क्योंकि इसी तिथि से खिलाड़ी ने स्वैच्छिक रूप से अस्थायी निलंबन स्वीकार कर लिया था।

    शासी निकाय ने यह भी स्पष्ट किया है कि मोहम्मद नवाज ने अपनी निर्धारित सजा को स्वीकार करने के साथ-साथ संस्था द्वारा निर्देशित नशा मुक्ति और पुनर्वास कार्यक्रम में सम्मिलित होने पर पूर्ण सहमति व्यक्त की है। यदि वह आईसीसी के मानकों और चिकित्सा विशेषज्ञों की संतुष्टि के अनुरूप इस संपूर्ण कार्यक्रम को सफलतापूर्वक पूर्ण कर लेते हैं, तो उनके निलंबन की अवधि को तीन महीने से घटाकर केवल एक महीना कर दिया जाएगा। वर्तमान स्थिति के अनुसार, ढाई महीने का समय व्यतीत होने के उपरांत उनके अस्थायी निलंबन को भी हटा लिया गया है, जो पुनर्वास की दिशा में एक प्रगतिशील कदम माना जा रहा है।

    इस पूरे अनुशासनात्मक मामले में खिलाड़ी को सबसे बड़ा झटका उनके व्यक्तिगत रिकॉर्ड्स के मोर्चे पर लगा है। आईसीसी एंटी-डोपिंग कोड के कड़े नियमों के तहत, 7 फरवरी को नीदरलैंड्स के विरुद्ध खेले गए मैच से लेकर 1 मई तक की अवधि के बीच मोहम्मद नवाज द्वारा खेले गए सभी आधिकारिक मुकाबलों के व्यक्तिगत प्रदर्शन और रिकॉर्ड्स को पूरी तरह से रद्द घोषित कर दिया गया है। इसका अर्थ यह है कि इस विशिष्ट समयावधि के दौरान बनाए गए रन या लिए गए विकेटों को अब किसी भी आधिकारिक क्रिकेट सांख्यिकी में मान्यता नहीं दी जाएगी। इस कठोर निर्णय ने एक बार फिर खेल जगत में डोपिंग रोधी नियमों की सर्वोच्चता को सिद्ध किया है।

  • सीरीज गंवा चुका भारत अब प्रतिष्ठा बचाने की चुनौती में इंग्लैंड से आखिरी मुकाबला आज पिच और मौसम देंगे बल्लेबाजों का साथ

    सीरीज गंवा चुका भारत अब प्रतिष्ठा बचाने की चुनौती में इंग्लैंड से आखिरी मुकाबला आज पिच और मौसम देंगे बल्लेबाजों का साथ


    नई दिल्ली। भारत और इंग्लैंड के बीच खेली जा रही पांच मैचों की टी20 अंतरराष्ट्रीय श्रृंखला का आखिरी मुकाबला शनिवार को साउथैम्पटन के रोज बाउल क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाएगा। यह मुकाबला भारतीय टीम के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि एक तरफ टीम सीरीज में सम्मान बचाने के इरादे से मैदान पर उतरेगी तो दूसरी ओर आईसीसी टी20 रैंकिंग में दुनिया की नंबर एक टीम बने रहने की चुनौती भी उसके सामने होगी। यदि इंग्लैंड इस मुकाबले में जीत दर्ज करने में सफल रहता है तो वह भारत को पीछे छोड़ते हुए टी20 क्रिकेट की नई नंबर वन टीम बन जाएगा। ऐसे में यह मुकाबला केवल सीरीज का अंतिम मैच नहीं बल्कि प्रतिष्ठा और रैंकिंग की जंग भी बन गया है।

    हैरी ब्रूक की कप्तानी में इंग्लैंड ने पूरी श्रृंखला में शानदार प्रदर्शन किया है। मेजबान टीम पहले ही 3-0 की अजेय बढ़त हासिल कर चुकी है और उसके खिलाड़ियों ने बल्लेबाजी तथा गेंदबाजी दोनों विभागों में लगातार दमदार खेल दिखाया है। कप्तान हैरी ब्रूक ने चौथे मुकाबले में विस्फोटक बल्लेबाजी करते हुए केवल 35 गेंदों में 79 रन बनाए थे जबकि फिल साल्ट जैकब बेथेल और टॉम बैंटन ने भी लगातार उपयोगी पारियां खेलकर भारतीय गेंदबाजों पर दबाव बनाए रखा। जरूरत पड़ने पर सैम करन ने भी बल्ले से अहम योगदान दिया है।

    गेंदबाजी में जोफ्रा आर्चर और जोश टंग की जोड़ी भारत के लिए सबसे बड़ी चुनौती साबित हुई है। नई गेंद से दोनों तेज गेंदबाजों ने भारतीय शीर्ष क्रम को लगातार परेशान किया है। इंग्लैंड के स्पिन और तेज गेंदबाजों के संतुलित प्रदर्शन ने पूरी श्रृंखला में भारतीय बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया।

    दूसरी ओर भारतीय टीम का प्रदर्शन उम्मीदों के अनुरूप नहीं रहा। युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी लगातार मिले अवसरों का फायदा नहीं उठा सके जबकि अभिषेक शर्मा पिछले दो मुकाबलों में बड़ी पारी खेलने में असफल रहे। ईशान किशन भी रनों के लिए संघर्ष करते दिखाई दिए। तिलक वर्मा और अक्षर पटेल का बल्ला भी इस श्रृंखला में खामोश रहा। हालांकि कप्तान श्रेयस अय्यर ने चौथे मुकाबले में 80 रन की शानदार पारी खेलकर अपने शानदार फॉर्म का परिचय दिया और टीम को संघर्ष करने का मौका दिया।

    गेंदबाजी विभाग में भी भारतीय टीम अपेक्षित प्रभाव नहीं छोड़ सकी। अर्शदीप सिंह हर्षित राणा और प्रसिद्ध कृष्णा लगातार रन लुटाते नजर आए जबकि स्पिन विभाग में भी विपक्षी बल्लेबाजों पर दबाव बनाने में सफलता नहीं मिली। ऐसे में आखिरी मुकाबले में भारतीय टीम अपने सभी विभागों में बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद करेगी।

    साउथैम्पटन के रोज बाउल मैदान की बात करें तो यहां की पिच आमतौर पर बल्लेबाजों के लिए अनुकूल मानी जाती है। अच्छी बाउंस और तेज आउटफील्ड के कारण बल्लेबाज खुलकर शॉट खेल सकते हैं। इस मैदान पर पहली पारी का औसत स्कोर लगभग 166 रन है जबकि दूसरी पारी में औसतन 138 रन बने हैं। आंकड़े बताते हैं कि यहां पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम को अधिक सफलता मिली है। अब तक खेले गए 24 टी20 मुकाबलों में 16 बार पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम विजयी रही है जबकि लक्ष्य का पीछा करने वाली टीम केवल 8 मैच जीत सकी है। ऐसे में टॉस की भूमिका भी काफी महत्वपूर्ण रहने वाली है।

    मौसम की बात करें तो क्रिकेट प्रेमियों के लिए अच्छी खबर है। मौसम विभाग के अनुसार पूरे मुकाबले के दौरान आसमान साफ रहने की संभावना है और बारिश की आशंका बेहद कम है। ऐसे में दर्शकों को बिना किसी रुकावट के पूरे 40 ओवर का रोमांचक मुकाबला देखने को मिल सकता है।

    भारतीय टीम के लिए यह मुकाबला केवल हार जीत का नहीं बल्कि आत्मविश्वास वापस हासिल करने और दुनिया की नंबर एक टी20 टीम का ताज बचाने का अवसर भी है। वहीं इंग्लैंड की नजर सीरीज में क्लीन स्वीप करने के साथ दुनिया की नंबर एक टीम बनने के गौरव पर होगी। यही वजह है कि दोनों टीमों के बीच यह मुकाबला बेहद रोमांचक और हाई वोल्टेज होने की पूरी उम्मीद है।

  • वैभव सूर्यवंशी के लिए इंग्लैंड दौरे पर विशेष व्यवस्था, भारतीय ड्रेसिंग रूम में कपड़े बदलने की नहीं होगी अनुमति

    वैभव सूर्यवंशी के लिए इंग्लैंड दौरे पर विशेष व्यवस्था, भारतीय ड्रेसिंग रूम में कपड़े बदलने की नहीं होगी अनुमति

    नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट के उभरते सितारे वैभव सूर्यवंशी आगामी इंग्लैंड दौरे पर पहली बार सीनियर टीम का हिस्सा बनने जा रहे हैं। महज 15 वर्ष की उम्र में राष्ट्रीय टीम में चयनित होने के कारण वह लगातार चर्चा में हैं। हालांकि इस दौरे से पहले उनके लिए एक विशेष व्यवस्था किए जाने की जानकारी सामने आई है। इंग्लैंड में होने वाली टी-20 श्रृंखला के दौरान वैभव भारतीय टीम के साथ रहेंगे, लेकिन उन्हें टीम के अन्य खिलाड़ियों के साथ चेंजिंग रूम साझा करने की अनुमति नहीं होगी।

    यह निर्णय किसी अनुशासनात्मक कारण से नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में लागू सुरक्षा नियमों के तहत लिया गया है। चूंकि वैभव अभी 16 वर्ष से कम आयु के हैं, इसलिए उन पर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद की सेफगार्डिंग पॉलिसी लागू होगी। इसी नीति के तहत उनके लिए प्रत्येक मैच स्थल पर अलग चेंजिंग रूम और विशेष सुविधाओं की व्यवस्था की जाएगी।

    हालांकि युवा बल्लेबाज टीम की रणनीतिक बैठकों, अभ्यास सत्रों और ड्रेसिंग रूम की अन्य गतिविधियों का हिस्सा बने रहेंगे। उन्हें टीम के माहौल में पूरी तरह शामिल रखा जाएगा, लेकिन कपड़े बदलने और निजी सुविधाओं के उपयोग के लिए अलग व्यवस्था उपलब्ध कराई जाएगी। इस कदम का उद्देश्य नाबालिग खिलाड़ियों की सुरक्षा और गोपनीयता सुनिश्चित करना है।

    सेफगार्डिंग पॉलिसी अंतरराष्ट्रीय खेलों में कम उम्र के खिलाड़ियों के संरक्षण के लिए बनाई गई है। इसके तहत शारीरिक, मानसिक और सामाजिक सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाती है। यह नीति सुनिश्चित करती है कि युवा खिलाड़ी किसी भी प्रकार के दबाव, असहजता या संभावित दुर्व्यवहार से सुरक्षित रहें और उन्हें स्वस्थ खेल वातावरण उपलब्ध कराया जाए।

    वैभव सूर्यवंशी के मामले में भी यही नियम लागू किए जा रहे हैं। क्रिकेट प्रशासन का मानना है कि इतनी कम उम्र में सीनियर स्तर पर पहुंचने वाले खिलाड़ियों को विशेष देखभाल और सहयोग की आवश्यकता होती है। यही कारण है कि उनके माता-पिता को भी इस विदेशी दौरे के दौरान साथ रहने की अनुमति दी गई है। इससे युवा खिलाड़ी को नए माहौल में मानसिक और भावनात्मक समर्थन मिलेगा।

    भारतीय क्रिकेट बोर्ड के अधिकारियों का मानना है कि वैभव को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के माहौल में धीरे-धीरे ढालना जरूरी है। ऐसे में परिवार की मौजूदगी उनके आत्मविश्वास और प्रदर्शन दोनों के लिए लाभदायक साबित हो सकती है। बोर्ड यह सुनिश्चित करना चाहता है कि क्रिकेट के सबसे बड़े मंच पर कदम रखते समय युवा खिलाड़ी पर अनावश्यक दबाव न बने।

    वैभव सूर्यवंशी के लिए यह दौरा बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उन्हें पहली बार भारतीय टी-20 टीम में शामिल किया गया है और इस दौरे पर उन्हें आयरलैंड तथा इंग्लैंड के खिलाफ कुल सात अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों का हिस्सा बनने का अवसर मिल सकता है। पहले भारत आयरलैंड के खिलाफ दो टी-20 मैच खेलेगा, जिसके बाद इंग्लैंड के विरुद्ध पांच मैचों की श्रृंखला खेली जाएगी।

    क्रिकेट जगत की नजरें अब इस युवा प्रतिभा पर टिकी हैं। कम उम्र में राष्ट्रीय टीम तक पहुंचने वाले वैभव से बड़ी उम्मीदें की जा रही हैं। इंग्लैंड दौरे पर लागू विशेष सुरक्षा व्यवस्थाएं यह भी दर्शाती हैं कि आधुनिक खेल प्रशासन युवा खिलाड़ियों के विकास के साथ-साथ उनकी सुरक्षा और मानसिक स्वास्थ्य को भी समान महत्व दे रहा है। ऐसे में यह दौरा वैभव सूर्यवंशी के क्रिकेट करियर का एक महत्वपूर्ण और यादगार अध्याय साबित हो सकता है।

  • महिला टी20 विश्व कप: पाकिस्तान के खिलाफ 'नो हैंडशेक' विवाद पर कप्तान हरमनप्रीत कौर का बड़ा बयान, कहा- हमारा पूरा ध्यान सिर्फ क्रिकेट पर

    महिला टी20 विश्व कप: पाकिस्तान के खिलाफ 'नो हैंडशेक' विवाद पर कप्तान हरमनप्रीत कौर का बड़ा बयान, कहा- हमारा पूरा ध्यान सिर्फ क्रिकेट पर


    नई दिल्ली।
    महिला टी20 विश्व कप में पारंपरिक प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान के खिलाफ होने वाले महामुकाबले से पहले भारतीय खेमे में रणनीतिक तैयारियां तेज हो गई हैं। इस हाई-प्रोफाइल मैच की संवेदनशीलता और मैदान के बाहर चल रही चर्चाओं के बीच भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर ने एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस में हिस्सा लिया। इस दौरान मीडिया जगत में लंबे समय से चर्चा का विषय बनी ‘नो हैंडशेक नीति’ को लेकर कप्तान से तीखे सवाल पूछे गए, जिस पर उन्होंने बेहद परिपक्व और कूटनीतिक रुख अपनाया।

    हालिया क्रिकेट इतिहास पर नजर डालें तो पुरुष एशिया कप 2025 के बाद से भारत और पाकिस्तान के बीच खेले गए विभिन्न मुकाबलों में एक अलग तरह की कड़ाहट देखी गई है। राइजिंग स्टार्स एशिया कप, अंडर-19 एशिया कप और पिछले महिला विश्व कप के दौरान भी भारतीय खिलाड़ियों द्वारा पाकिस्तानी टीम के साथ मैच के बाद हाथ न मिलाने का चलन सुर्खियों में रहा था। पिछले आईसीसी टूर्नामेंट में खुद हरमनप्रीत कौर और पाकिस्तानी कप्तान फातिमा सना के बीच हाथ न मिलाने की घटना सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुई थी, जिसके बाद से दोनों देशों के खेल प्रेमियों और विश्लेषकों के बीच इस नीति को लेकर तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे थे।

    मैच की पूर्व संध्या पर आयोजित आधिकारिक प्रेस कॉन्फ्रेंस में जब कप्तान हरमनप्रीत कौर से इस विशिष्ट व्यवहार और आगामी मैच में इसकी पुनरावृत्ति को लेकर सीधा सवाल किया गया, तो उन्होंने किसी भी प्रकार के नए विवाद को जन्म देने से साफ इनकार कर दिया। हरमनप्रीत ने नीति के अस्तित्व या उसकी वजहों पर कोई भी टिप्पणी करने से परहेज करते हुए सीधे तौर पर खेल को प्राथमिकता दी। उन्होंने बेहद पेशेवर अंदाज में कहा कि भारतीय टीम यहां केवल क्रिकेट खेलने के उद्देश्य से आई है और ड्रेसिंग रूम के भीतर खिलाड़ियों के बीच मैदान से इतर की किसी भी दूसरी चीज या विवाद पर कोई चर्चा नहीं होती है।

    भारतीय कप्तान ने इस ऐतिहासिक मुकाबले से जुड़े मानसिक दबाव को भी स्वीकार किया। उन्होंने अपने बचपन के दिनों को याद करते हुए कहा कि एक प्रशंसक के रूप में भी उन्होंने हमेशा भारत-पाकिस्तान मैच के असाधारण दबाव को महसूस किया है। अब जबकि वह खुद मैदान पर देश का प्रतिनिधित्व कर रही हैं और टीम की कमान संभाल रही हैं, तो जिम्मेदारी और दबाव का स्तर कई गुना बढ़ जाता है। इसके बावजूद, टीम प्रबंधन की ओर से खिलाड़ियों को यही सलाह दी गई है कि वे इस मुकाबले को एक सामान्य क्रिकेट मैच की तरह लें और मैदान पर खेल का पूरा आनंद उठाएं ताकि दबाव उनके प्रदर्शन पर हावी न हो सके।

    रणनीतिक दृष्टिकोण से भारतीय टीम के लिए यह मुकाबला बेहद अहम माना जा रहा है। हरमनप्रीत कौर का मानना है कि किसी भी बड़े आईसीसी टूर्नामेंट में पहला मैच पूरी टीम का लय और आगे का माहौल तय करता है। भारतीय टीम पिछले एकदिवसीय विश्व कप की तरह ही इस बार भी सकारात्मक और आक्रामक सोच के साथ अपने अभियान की शुरुआत करने के लिए पूरी तरह तैयार है। टीम का प्राथमिक लक्ष्य इस कड़े मुकाबले को जीतकर टूर्नामेंट में अपनी स्थिति को मजबूत करना और अंक तालिका में बढ़त हासिल करना है।

    सांख्यिकीय आंकड़ों की बात करें तो टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भारतीय महिला टीम का पलड़ा पाकिस्तान पर हमेशा से भारी रहा है। दोनों देशों के बीच अब तक खेले गए कुल मुकाबलों में भारत ने 13 बार जीत का स्वाद चखा है, जबकि पाकिस्तानी टीम केवल तीन बार ही जीत दर्ज करने में सफल हो सकी है। वहीं, अगर सिर्फ महिला टी20 विश्व कप के इतिहास को देखें तो वहां भी भारतीय टीम 6-2 की बड़ी बढ़त के साथ मानसिक रूप से मजबूत स्थिति में है। हालिया फॉर्म भी भारत के पक्ष में है, जहां टीम इंडिया लगातार तीन मैचों में पाकिस्तान को शिकस्त दे चुकी है। इस मजबूत रिकॉर्ड के साथ भारतीय टीम मैदान पर अपनी बादशाहत बरकरार रखने उतरेगी, जबकि पाकिस्तान की टीम इस बड़े मंच पर भारत के खिलाफ अपनी हार के सिलसिले को तोड़ने का प्रयास करेगी।

  • इंग्लैंड और वेल्स में 12 जून से सजेगा महिला टी20 विश्व कप का भव्य मंच: 12 सर्वश्रेष्ठ टीमों के बीच 24 दिनों तक मचेगा क्रिकेट का घमासान

    इंग्लैंड और वेल्स में 12 जून से सजेगा महिला टी20 विश्व कप का भव्य मंच: 12 सर्वश्रेष्ठ टीमों के बीच 24 दिनों तक मचेगा क्रिकेट का घमासान

    नई दिल्ली । महिला क्रिकेट जगत के सबसे बड़े और प्रतिष्ठित आयोजनों में से एक आईसीसी महिला टी20 विश्व कप 2026 का बिगुल बज चुका है। आगामी 12 जून से इंग्लैंड और वेल्स की मेजबानी में क्रिकेट के इस सबसे छोटे और रोमांचक प्रारूप का महाकुंभ शुरू होने जा रहा है। इस भव्य वैश्विक प्रतियोगिता में दुनिया की 12 सर्वश्रेष्ठ टीमें प्रतिष्ठित ट्रॉफी को अपने नाम करने के इरादे से मैदान पर उतरेंगी। कुल 24 दिनों तक चलने वाले इस व्यापक टूर्नामेंट का समापन 5 जुलाई को क्रिकेट के मक्का कहे जाने वाले ऐतिहासिक लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड पर होने वाले खिताबी मुकाबले के साथ होगा।

    टूर्नामेंट के प्रारूप के अनुसार सभी 12 टीमों को दो अलग-अलग ग्रुपों में विभाजित किया गया है। ग्रुप-1 में भारतीय टीम को मौजूदा चैंपियन ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका, पारंपरिक प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान, बांग्लादेश और पहली बार इस वैश्विक मंच पर जगह बनाने वाली नीदरलैंड की टीम के साथ रखा गया है। वहीं ग्रुप-2 में मेजबान इंग्लैंड, वेस्टइंडीज, न्यूजीलैंड, श्रीलंका, आयरलैंड और स्कॉटलैंड की टीमें शामिल हैं। टूर्नामेंट का उद्घाटन मुकाबला 12 जून को एजबेस्टन के मैदान पर मेजबान इंग्लैंड और एशियाई चैंपियन श्रीलंका के बीच खेला जाएगा, जो इस टूर्नामेंट की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

    भारतीय क्रिकेट प्रशंसकों की नजरें विशेष रूप से 14 जून की तारीख पर टिकी हुई हैं, जब एजबेस्टन के ऐतिहासिक मैदान पर भारत और पाकिस्तान की महिला टीमें आमने-सामने होंगी। दोनों देशों के बीच होने वाला यह मुकाबला हमेशा की तरह भारी दबाव, रोमांच और खेल भावना से भरपूर होने की उम्मीद है। भारतीय टीम के लिए सेमीफाइनल की राह आसान नहीं होगी, क्योंकि ग्रुप चरण में उन्हें न केवल पाकिस्तान बल्कि दक्षिण अफ्रीका और महिला क्रिकेट की सबसे मजबूत टीम ऑस्ट्रेलिया की कड़ी चुनौती का भी सामना करना पड़ेगा। भारत अपने ग्रुप चरण के मुकाबले एजबेस्टन, हेडिंग्ले, ओल्ड ट्रैफर्ड और लॉर्ड्स जैसे ऐतिहासिक मैदानों पर खेलेगा।

    इस विश्व कप की कुछ प्रमुख विशेषताओं की बात करें तो पूरे टूर्नामेंट के दौरान कुल 33 कड़े मुकाबले खेले जाएंगे। दर्शकों के रोमांच को दोगुना करने के लिए आईसीसी ने इस बार के कार्यक्रम में पांच ट्रिपल हेडर (एक दिन में तीन मैच) और पांच डबल हेडर (एक दिन में दो मैच) को शामिल किया है। नीदरलैंड की महिला टीम के लिए यह आयोजन बेहद खास है क्योंकि वह अपने इतिहास में पहली बार महिला टी20 विश्व कप की मुख्य प्रतियोगिता में भाग ले रही है। भारतीय समयानुसार ग्रुप चरण के मुकाबले दोपहर 3:00 बजे, शाम 7:00 बजे और रात 11:00 बजे से प्रसारित किए जाएंगे।

    ग्रुप चरण के कड़े मुकाबलों के बाद शीर्ष पर रहने वाली टीमें नॉकआउट चरण में प्रवेश करेंगी। टूर्नामेंट का पहला सेमीफाइनल मुकाबला 30 जून को द ओवल के मैदान पर भारतीय समयानुसार शाम 7:00 बजे से खेला जाएगा, जबकि दूसरा सेमीफाइनल मैच इसी मैदान पर 2 जुलाई को रात 11:00 बजे आयोजित होगा। भारतीय महिला क्रिकेट टीम इस बार अपनी तैयारियों को पुख्ता कर पहली बार टी20 विश्व कप के खिताब को चूमने के इरादे से मैदान पर उतरेगी। वहीं दूसरी तरफ ऑस्ट्रेलियाई टीम अपनी बादशाहत को बरकरार रखने के लिए पूरी ताकत झोंकेगी, जिससे इस बार का विश्व कप इतिहास का सबसे प्रतिस्पर्धी टूर्नामेंट बनने जा रहा है।

  • महिला क्रिकेट के सबसे बड़े महाकुंभ का बिगुल बजा: इंग्लैंड और वेल्स में 12 जून से शुरू होगा महिला टी20 विश्व कप, आईसीसी चेयरमैन जय शाह ने टीमों को दीं शुभकामनाएं

    महिला क्रिकेट के सबसे बड़े महाकुंभ का बिगुल बजा: इंग्लैंड और वेल्स में 12 जून से शुरू होगा महिला टी20 विश्व कप, आईसीसी चेयरमैन जय शाह ने टीमों को दीं शुभकामनाएं

    नई दिल्ली । महिला क्रिकेट के इतिहास में एक नया मील का पत्थर स्थापित करने के उद्देश्य से आईसीसी महिला टी20 विश्व कप 2026 का बिगुल बज चुका है। इंग्लैंड और वेल्स के ऐतिहासिक मैदानों पर आयोजित होने जा रहे क्रिकेट के इस सबसे बड़े महाकुंभ की तैयारियां अपने अंतिम चरण में हैं। रविवार को टूर्नामेंट के आधिकारिक उद्घाटन के सिलसिले में एक भव्य ‘कैप्टंस मीट’ का आयोजन किया गया। इस विशेष अवसर पर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) के चेयरमैन जय शाह ने व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहकर सभी 12 प्रतिभागी देशों के कप्तानों का हौसला बढ़ाया और उन्हें खेल भावना के साथ ऐतिहासिक प्रदर्शन करने के लिए शुभकामनाएं दीं।

    आईसीसी चेयरमैन जय शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपने आधिकारिक संदेश के माध्यम से इस आगामी संस्करण को महिला क्रिकेट के इतिहास का सबसे भव्य और क्रांतिकारी टूर्नामेंट करार दिया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इंग्लैंड और वेल्स के प्रतिष्ठित क्रिकेट स्टेडियमों में इस बार रिकॉर्ड संख्या में दर्शक मैच देखने पहुंचेंगे, जिससे महिला क्रिकेट की लोकप्रियता को एक नया आयाम मिलेगा। शाह ने यह भी रेखांकित किया कि वैश्विक प्रसारण नेटवर्क के व्यापक विस्तार के कारण दुनिया भर के करोड़ों क्रिकेट प्रेमी इस बार अपनी पसंदीदा महिला क्रिकेट टीमों और खिलाड़ियों को लाइव एक्शन में देख सकेंगे।

    प्रशासनिक और तकनीकी दृष्टिकोण से इस बार का टूर्नामेंट कई मायनों में अनूठा होने जा रहा है क्योंकि महिला टी20 विश्व कप के इतिहास में पहली बार 12 टीमें खिताब की दौड़ में शामिल हो रही हैं। टूर्नामेंट का आधिकारिक आगाज 12 जून को पहले ग्रुप मुकाबले के साथ होगा। यह इस प्रतिष्ठित वैश्विक प्रतियोगिता का 10वां संस्करण है और साल 2009 में आयोजित हुए उद्घाटन सत्र के बाद यह पहला मौका है जब इंग्लैंड इसकी पूर्ण रूप से मेजबानी कर रहा है। पूरे टूर्नामेंट के दौरान कुल 33 मुकाबले खेले जाएंगे, जिनका आयोजन इंग्लैंड और वेल्स के सात सबसे प्रमुख क्रिकेट मैदानों पर किया जाएगा।

    टूर्नामेंट के समीकरणों पर नजर डालें तो सभी 12 टीमों को दो अलग-अलग समूहों में विभाजित किया गया है। ग्रुप-A में छह बार की सर्वाधिक सफल चैंपियन टीम ऑस्ट्रेलिया के साथ भारत, पाकिस्तान, दक्षिण अफ्रीका, बांग्लादेश और पहली बार इस वैश्विक मंच पर पदार्पण कर रही नीदरलैंड्स की टीम को जगह मिली है। वहीं दूसरी ओर ग्रुप-B में मेजबान इंग्लैंड के साथ गत विजेता न्यूजीलैंड, वेस्टइंडीज, श्रीलंका, आयरलैंड और स्कॉटलैंड की टीमें शामिल हैं। लीग चरण के दौरान प्रत्येक टीम कुल पांच-पांच मुकाबले खेलेगी और दोनों समूहों की शीर्ष दो टीमें नॉकआउट चरण अर्थात सेमीफाइनल के लिए क्वालिफाई करेंगी।

    क्रिकेट समीक्षकों के अनुसार, जहां न्यूजीलैंड की टीम अपने मौजूदा चैंपियन के खिताब की रक्षा करने के इरादे से मैदान पर उतरेगी, वहीं छह बार की विश्व विजेता ऑस्ट्रेलियाई टीम का दबदबा बरकरार रखने की चुनौती होगी। मेजबान इंग्लैंड भी अपनी पूर्व कप्तान और वर्तमान मुख्य कोच शार्लोट एडवर्ड्स के मार्गदर्शन में साल 2009 की खिताबी सफलता को अपनी घरेलू धरती पर दोहराना चाहेगी। टूर्नामेंट के वार्म-अप मैचों की प्रक्रिया छह जून से डर्बी, लॉफबोरो और कार्डिफ में पहले ही शुरू हो चुकी है। मुख्य चरण के बाद दोनों महत्वपूर्ण सेमीफाइनल मुकाबले क्रमशः 30 जून और 2 जुलाई को लंदन के द ओवल मैदान पर खेले जाएंगे, जबकि विश्व विजेता का फैसला करने वाला ऐतिहासिक फाइनल महामुकाबला 5 जुलाई को मक्का ऑफ क्रिकेट कहे जाने वाले लॉर्ड्स मैदान पर खेला जाएगा।

  • इतिहास की सबसे मजबूत टी20 टीम ,रिकी पोंटिंग ने भारतीय टीम की ताकत को किया सलाम

    इतिहास की सबसे मजबूत टी20 टीम ,रिकी पोंटिंग ने भारतीय टीम की ताकत को किया सलाम


    नई दिल्ली । हाल ही में संपन्न आईसीसी पुरुष टी20 विश्व कप में भारत की ऐतिहासिक जीत के बाद ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान रिकी पोंटिंग ने बड़ा बयान देते हुए मौजूदा भारतीय टीम को अब तक की सबसे मजबूत टी20 अंतरराष्ट्रीय टीम करार दिया है। पोंटिंग के अनुसार इस टीम की असली ताकत उसकी गहराई अनुभव और लगातार शानदार प्रदर्शन है जिसने उसे सफेद गेंद के क्रिकेट में एक अलग ही मुकाम पर पहुंचा दिया है। अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले गए फाइनल मुकाबले में भारत ने न्यूजीलैंड को 96 रन से हराकर अपना तीसरा टी20 विश्व कप खिताब जीता और इतिहास रचते हुए लगातार दूसरी बार इस ट्रॉफी को अपने नाम किया।

    भारतीय टीम का प्रदर्शन केवल इस एक टूर्नामेंट तक सीमित नहीं रहा है बल्कि पिछले कुछ वर्षों में उसने सीमित ओवरों के क्रिकेट में लगातार दबदबा बनाए रखा है। 2023 के अंत से अब तक खेले गए चार बड़े आईसीसी टूर्नामेंट में टीम को केवल दो मैचों में हार का सामना करना पड़ा है। इनमें एक हार 2023 के एकदिवसीय विश्व कप फाइनल में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ और दूसरी 2026 टी20 विश्व कप के सुपर-8 चरण में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ आई। इसके बावजूद टीम ने जिस तरह से वापसी की वह उसकी मानसिक मजबूती और सामूहिक क्षमता को दर्शाता है।

    आईसीसी हॉल ऑफ फेम में शामिल पोंटिंग ने आईसीसी के कार्यक्रम द आईसीसी रिव्यू में कहा कि मौजूदा भारतीय टीम की श्रेष्ठता पर सवाल उठाना आसान नहीं है। उन्होंने स्पष्ट तौर पर कहा कि बीते पांच-छह वर्षों में भारत का रिकॉर्ड बेहद शानदार रहा है और टीम ने हर बड़े मंच पर अपनी क्षमता साबित की है। पोंटिंग के मुताबिक इस टीम की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें अनुभव और युवा ऊर्जा का बेहतरीन संतुलन मौजूद है जो उसे हर परिस्थिति में मजबूत बनाता है।

    पोंटिंग ने यह भी माना कि इंडियन प्रीमियर लीग का भारतीय खिलाड़ियों के विकास में बड़ा योगदान रहा है। उनका कहना है कि आईपीएल में खेलने से खिलाड़ियों को बड़े मैचों के दबाव को संभालने की आदत हो जाती है क्योंकि यहां हर मुकाबला अंतरराष्ट्रीय स्तर जैसा ही चुनौतीपूर्ण होता है। यही कारण है कि भारतीय खिलाड़ी किसी भी बड़े मंच पर घबराते नहीं हैं और आत्मविश्वास के साथ प्रदर्शन करते हैं।

    सुपर-8 चरण में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मिली हार को पोंटिंग ने टीम के लिए एक जरूरी झटका बताया। उनका मानना है कि लगातार जीत के बीच कभी-कभी हार टीम को अपनी कमियों को समझने और सुधार करने का मौका देती है। भारत ने इस हार के बाद शानदार वापसी करते हुए अपने बाकी मुकाबलों में आक्रामक बल्लेबाजी का प्रदर्शन किया और तीन मैचों में 250 से अधिक का स्कोर खड़ा किया जिसमें सेमीफाइनल और फाइनल जैसे अहम मुकाबले भी शामिल थे। इस तरह भारतीय टीम ने न सिर्फ खिताब जीता बल्कि अपने खेल संतुलन और निरंतरता से यह साबित कर दिया कि वह टी20 क्रिकेट के इतिहास की सबसे प्रभावशाली और मजबूत टीमों में से एक बन चुकी है।

  • टी20 वर्ल्ड कप जीत पर धोनी का खास मैसेज, गौतम गंभीर और टीम इंडिया को दी बधाई, पोस्ट हुई वायरल

    टी20 वर्ल्ड कप जीत पर धोनी का खास मैसेज, गौतम गंभीर और टीम इंडिया को दी बधाई, पोस्ट हुई वायरल


    नई दिल्ली। आईसीसी मेन्स टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भारत की शानदार जीत के बाद मैदान के साथ-साथ सोशल मीडिया पर भी एक खास पल चर्चा में आ गया। अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में न्यूजीलैंड को 96 रन से हराकर भारत ने तीसरी बार टी20 विश्व कप का खिताब अपने नाम किया। जीत के तुरंत बाद पूर्व कप्तान एमएस धोनी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा कर टीम को बधाई दी, जो तेजी से वायरल हो गई।

    फाइनल मैच के दौरान धोनी वीवीआईपी बॉक्स में मौजूद थे। उनके साथ भारतीय कप्तान रोहित शर्मा और बीसीसीआई सचिव जय शाह भी नजर आए। मैच खत्म होने के बाद धोनी ने इंस्टाग्राम पर टीम की उपलब्धि की सराहना करते हुए खास तौर पर मुख्य कोच गौतम गंभीर की तारीफ की।

    धोनी का संदेश बना चर्चा का विषय

    धोनी ने अपनी पोस्ट में लिखा, “कोच साहब, आप पर मुस्कान बहुत अच्छी लगती है।” इसके साथ ही उन्होंने टीम के शानदार प्रदर्शन और पिछले कुछ समय में हुए बदलावों की भी सराहना की। उन्होंने लिखा कि अहमदाबाद में इतिहास रचा गया है और यह जीत पूरे देश के लिए गर्व का पल है। धोनी ने टीम, सपोर्ट स्टाफ और दुनियाभर में मौजूद भारतीय क्रिकेट प्रशंसकों को बधाई देते हुए कहा कि सभी को खेलते देखना बेहद खुशी की बात रही। धोनी का “कोच साहब” वाला संबोधन सीधे गौतम गंभीर के लिए था। गंभीर अपनी सख्त और गंभीर छवि के लिए जाने जाते हैं, इसलिए जीत के बाद उनकी मुस्कान को लेकर धोनी की टिप्पणी सोशल मीडिया पर काफी चर्चा में रही।



    बुमराह की भी जमकर तारीफ

    धोनी ने अपनी पोस्ट में तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह की भी तारीफ की। उन्होंने मजाकिया अंदाज में लिखा, “बुमराह के बारे में अगर कुछ न लिखूं तो ही बेहतर है… चैंपियन गेंदबाज।” दरअसल फाइनल मुकाबले में बुमराह ने शानदार गेंदबाजी करते हुए 15 रन देकर 4 विकेट लिए और न्यूजीलैंड की बल्लेबाजी को बड़ा झटका दिया।

    भारत ने 96 रन से जीता फाइनल

    फाइनल में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 255 रन का बड़ा स्कोर खड़ा किया। इसके जवाब में 256 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी न्यूजीलैंड की टीम शुरुआत से ही दबाव में रही और 19 ओवर में 159 रन पर सिमट गई। इस तरह भारत ने 96 रन की बड़ी जीत के साथ टी20 वर्ल्ड कप 2026 का खिताब अपने नाम कर लिया।