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  • Heatwave Alert: शरीर कितनी गर्मी झेल सकता है? बढ़ते तापमान में बड़ा सवाल

    Heatwave Alert: शरीर कितनी गर्मी झेल सकता है? बढ़ते तापमान में बड़ा सवाल


    नई दिल्ली।देश के कई हिस्सों में गर्मी ने एक बार फिर अपना विकराल रूप दिखाना शुरू कर दिया है। तापमान लगातार बढ़ रहा है और कई राज्यों में हालात ऐसे हैं कि दिन के समय बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। इस बीच लू का असर भी तेज हो गया है, जिससे लोगों की सेहत पर गंभीर खतरा मंडराने लगा है। ऐसे माहौल में सबसे अहम सवाल यह उठता है कि आखिर इंसानी शरीर कितनी गर्मी सह सकता है और कब यह सीमा टूटने लगती है।

    विशेषज्ञों के अनुसार, इंसानी शरीर की गर्मी सहने की क्षमता सिर्फ तापमान पर निर्भर नहीं करती, बल्कि हवा में मौजूद नमी भी इसमें बड़ी भूमिका निभाती है। इसे समझने के लिए “वेट बल्ब तापमान” की अवधारणा का उपयोग किया जाता है। यह बताता है कि शरीर पसीने के जरिए खुद को कितनी प्रभावी तरह से ठंडा कर सकता है। सामान्य तौर पर पहले माना जाता था कि इंसान लगभग 35 डिग्री सेल्सियस तक के वेट बल्ब तापमान को सहन कर सकता है, लेकिन नई समझ के अनुसार यह सीमा लगभग 30 से 31 डिग्री सेल्सियस के आसपास मानी जाती है। इससे अधिक होने पर शरीर की प्राकृतिक ठंडा करने की प्रक्रिया कमजोर पड़ने लगती है।

    नमी वाली गर्मी को सबसे अधिक खतरनाक माना जाता है क्योंकि इसमें पसीना शरीर से जल्दी वाष्पित नहीं हो पाता। जब पसीना सूख नहीं पाता तो शरीर की गर्मी बाहर नहीं निकल पाती और अंदरूनी तापमान तेजी से बढ़ने लगता है। यही कारण है कि कम तापमान होने के बावजूद अधिक नमी वाली जगहों पर गर्मी ज्यादा असहनीय महसूस होती है।

    जब शरीर का तापमान लगभग 40 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक पहुंच जाता है, तो स्थिति बेहद गंभीर हो जाती है। इस अवस्था को हीट स्ट्रोक कहा जाता है, जिसमें शरीर का तापमान नियंत्रित करने वाला तंत्र पूरी तरह से प्रभावित हो जाता है। इसके शुरुआती संकेतों में चक्कर आना, सिर दर्द, भ्रम की स्थिति, तेज कमजोरी और घबराहट शामिल होते हैं। अगर समय पर इलाज न मिले तो यह स्थिति जानलेवा भी साबित हो सकती है।

    तेज गर्मी का असर केवल बाहरी शरीर पर ही नहीं, बल्कि अंदरूनी अंगों पर भी पड़ता है। दिमाग पर अतिरिक्त दबाव बढ़ सकता है, जिससे व्यक्ति मानसिक भ्रम या बेहोशी की स्थिति में जा सकता है। दिल को भी सामान्य से ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है, जिससे शरीर पर तनाव बढ़ जाता है। लंबे समय तक ऐसी स्थिति रहने पर शरीर का संतुलन पूरी तरह बिगड़ सकता है।

    ऐसे मौसम में सावधानी बेहद जरूरी हो जाती है। दोपहर के समय धूप में निकलने से बचना चाहिए, पर्याप्त मात्रा में पानी पीना चाहिए और शरीर को ठंडा रखने की कोशिश करनी चाहिए। हल्के कपड़े पहनना, छांव में रहना और शरीर में पानी की कमी न होने देना जरूरी है। साथ ही ज्यादा मेहनत वाले काम गर्मी के समय से बचकर करने चाहिए।

    बढ़ती गर्मी और लू के इस दौर में जागरूक रहना ही सबसे बड़ा बचाव है। समय पर सावधानी अपनाकर गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से बचा जा सकता है और शरीर को इस बढ़ते तापमान के खतरे से सुरक्षित रखा जा सकता है।

  • पहाड़ी और पूर्वोत्तर क्षेत्रों में बारिश से मिलेगी राहत, वहीं यूपी और राजस्थान में हीटवेव ने बढ़ाई आम लोगों की मुश्किलें

    पहाड़ी और पूर्वोत्तर क्षेत्रों में बारिश से मिलेगी राहत, वहीं यूपी और राजस्थान में हीटवेव ने बढ़ाई आम लोगों की मुश्किलें


    नई दिल्ली:   देश के विभिन्न हिस्सों में मौसम ने अचानक करवट ले ली है, जिससे लोगों को अलग अलग परिस्थितियों का सामना करना पड़ रहा है। एक ओर जहां कई राज्यों में बारिश और आंधी तूफान की चेतावनी जारी की गई है, वहीं दूसरी ओर कई क्षेत्रों में तेज गर्मी और लू ने जनजीवन को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। ताजा पूर्वानुमान के अनुसार आज कई राज्यों में मौसम अस्थिर रहेगा और लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।

    उत्तर भारत के पर्वतीय क्षेत्रों में मौसम का रुख बदला हुआ नजर आ रहा है। हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू कश्मीर के कई हिस्सों में बारिश और तेज हवाओं की संभावना है। इन इलाकों में गरज चमक के साथ वर्षा होने से तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है, जिससे कुछ हद तक राहत मिलने की उम्मीद है। पश्चिम बंगाल में भी मौसम परिवर्तनशील बना हुआ है और कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।

    राजधानी दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में दिन के समय तेज हवाएं चलने की संभावना है, जिससे धूल भरी स्थिति बन सकती है। इसके बाद अगले कुछ दिनों में मौसम साफ रहने और तापमान में तेजी से बढ़ोतरी का अनुमान है। आने वाले दिनों में अधिकतम तापमान लगातार बढ़ सकता है, जिससे गर्मी का असर और अधिक महसूस होगा।

    उत्तर प्रदेश में आज बारिश की संभावना बेहद कम है और यहां भीषण गर्मी का प्रभाव देखने को मिल सकता है। राज्य के कई जिलों में लू चलने की आशंका जताई गई है। लखनऊ सहित कई प्रमुख शहरों में तापमान ऊंचा बना रहेगा, जिससे लोगों को दिन के समय बाहर निकलने में कठिनाई हो सकती है।

    राजस्थान में भी मौसम शुष्क बना हुआ है और यहां हीटवेव की स्थिति बनने की संभावना है। जयपुर सहित कई जिलों में तापमान में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है। तेज धूप और गर्म हवाएं लोगों के लिए परेशानी का कारण बन रही हैं और आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है।

    पूर्वोत्तर भारत के राज्यों में मौसम अपेक्षाकृत संतुलित बना हुआ है। सिक्किम में भारी बारिश की संभावना है, जबकि अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, मिजोरम, नागालैंड और त्रिपुरा में हल्की बारिश का पूर्वानुमान है। इन क्षेत्रों में बादल और ठंडी हवाएं मौसम को सुहावना बनाए रख सकती हैं।

    बिहार में भी गर्मी का असर तेजी से बढ़ रहा है। पटना सहित कई जिलों में लू चलने की संभावना है, जिससे लोगों को सावधानी बरतने की आवश्यकता है। दिन के समय तापमान काफी ऊंचा रहने का अनुमान है, जिससे सामान्य गतिविधियां प्रभावित हो सकती हैं।

    हरियाणा और पंजाब में भी तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। कई शहरों में गर्मी धीरे धीरे अपना असर दिखा रही है और आने वाले दिनों में इसमें और तेजी आने की संभावना है। वहीं उत्तराखंड के कई इलाकों में बारिश का अनुमान है, जिससे वहां के मौसम में ठंडक बनी रह सकती है।

    जम्मू कश्मीर में भी बारिश और तूफान की संभावना जताई गई है। कई जिलों में मौसम अचानक बदल सकता है, जिससे तापमान में गिरावट देखने को मिलेगी और लोगों को गर्मी से राहत मिल सकती है।