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  • पैक्स सिलिका गठबंधन में शामिल हुआ भारत..अमेरिका से नजदीकी बढ़ा सकती है चीन की टेंशन

    पैक्स सिलिका गठबंधन में शामिल हुआ भारत..अमेरिका से नजदीकी बढ़ा सकती है चीन की टेंशन


    नई दिल्ली।
    नई दिल्ली (New Delhi) में आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट (AI Impact Summit) में शुक्रवार को भारत (India) ने ‘पैक्स सिलिका’ (Pax Silica) गठबंधन में औपचारिक रूप से शामिल होने के लिए समझौते पर हस्ताक्षर किए। इसके साथ ही अमेरिका (America) के इस महत्वपूर्ण रणनीतिक गठबंधन में सदस्य देशों की संख्या अब 10 हो गई है। जानकारों का कहना है कि ‘क्वाड’ के बाद यह नया गठबंधन चीन (China) की चिंताएं बढ़ा सकता है, क्योंकि अब तक उसका इस क्षेत्र में प्रभुत्व रहा है।


    पैक्स सिलिका गठबंधन क्या है?

    पैक्स सिलिका सहयोगी देशों के बीच एआई और सप्लाई चेन को सुरक्षित करने के लिए प्रमुख गठजोड़ है। इसकी शुरुआत पिछले साल 12 दिसंबर को वॉशिंगटन में एक सम्मेलन के दौरान हुई थी। यह समझौता सहयोगी देशों के बीच आर्थिक सुरक्षा सहमति को आगे बढ़ाता है। यहां पैक्स शब्द का अर्थ है- शांति, स्थिरता और समृद्धि। अमेरिका में आर्थिक मामलों के अवर सचिव जैकब हेल्बर्ग ने कहा कि 20वीं सदी में दुनिया तेल और स्टील से चलती थी। लेकिन 21वीं सदी में दुनिया कंप्यूटर से चलती है, और उस कंप्यूटर को बनाने के लिए लिथियम और कोबाल्ट जैसे खनिज जरूरी हैं। पैक्स सिलिका का मकसद भरोसेमंद देशों के साथ एक साझा योजना बनाना है, ताकि वे भविष्य की एआई और तकनीक तैयार कर सकें। इसमें ऊर्जा, जरूरी खनिज, हाईटेक फैक्ट्री और एआई मॉडल, सब शामिल हैं।


    क्या है साझा घोषणा?

    पैक्स सिलिका की घोषणा में कहा गया है कि हम साझा समृद्धि, तकनीकी प्रगति और आर्थिक सुरक्षा के लिए मिलकर काम करने पर सहमत हैं। हम मानते हैं कि भरोसेमंद सप्लाई चेन और सुरक्षित एआई सिस्टम भविष्य की अर्थव्यवस्था के लिए जरूरी हैं। एआई की तेज प्रगति वैश्विक अर्थव्यवस्था और सप्लाई चेन को बदल रही है और इससे ऊर्जा, जरूरी खनिज, मैन्युफैक्चरिंग, हार्डवेयर, इंफ्रास्ट्रक्चर और नए बाजारों में बड़े अवसर बनेंगे।


    पैक्स सिलिका में शामिल देश

    इस समझौते पर भारत से पहले हस्ताक्षर करने वाले देश में ऑस्ट्रेलिया, ग्रीस, इजरायल, जापान, कतर, साउथ कोरिया, सिंगापुर, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) और यूके शामिल हैं। हस्ताक्षर किए बना जुड़े देशों में कनाडा, यूरोपीयन संघ, नीदरलैंड, आर्थिक सहयोगिता और विकास के लिए संगठन (ओईसीडी) और ताइवान शामिल हैं।


    पैक्स सिलिका का मकसद

    पैक्स सिलिका का सबसे बड़ा मकसद किसी एक देश पर पूरी तरह से निर्भरता को कम करना है। इसका मतलब है कि देश किसी एक देश पर सामग्री, तकनीक या उत्पादों के लिए जरूरत से ज्यादा निर्भर न रहें, ताकि वैश्विक व्यापार में उन पर दबाव या उनका शोषण न किया जा सके। बिना नाम लिए यह गठजोड़ चीन की चुनौती को काउंटर करने की कोशिश है और खास तौर से रेयर अर्थ मेटल्स के सप्लाई चेन को सुरक्षित करने की बड़ी दीर्घकालिक योजना है।


    60-70 फीसदी चीन का प्रभुत्व

    दुर्लभ खनिज धरती के अंदर पाए जाने वाले 17 दुर्लभ धातु हैं। आज के तकनीक के जमाने में दुर्लभ खनिज ऐसा फैक्टर है जिससे नियंत्रण अपने हाथों में बनाए रखा जा सकता है। हथियारों से लेकर इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, गाड़ी बनाने से लेकर एयरोस्पेस बनाने तक, सेमीकंडक्टर और उपभोक्ता वस्तुओं के निर्माण में हर जगह रेयर अर्थ के कंपोनेंट अहम हैं। अभी चीन रेयर अर्थ मिनरल्स की वैश्विक आपूर्ति पर हावी है। दुनिया में रेयर अर्थ मिनरल्स के खनन का 60-70 प्रतिशत हिस्सा चीन का है।

  • MP में दिन होने लगे गर्म, लेकिन रातें अभी भी ठंडी, 15 शहरों में बढ़ने लगा पारा

    MP में दिन होने लगे गर्म, लेकिन रातें अभी भी ठंडी, 15 शहरों में बढ़ने लगा पारा


    भोपाल।  मध्य प्रदेश में अब दिन धीरे-धीरे गर्म होने लगे हैं। मंगलवार को भोपाल, इंदौर और अन्य 13 शहरों में अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच गया। लेकिन रातें अभी भी ठंडी बनी हुई हैं। मंगलवार की रात प्रदेश के 11 शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से नीचे दर्ज किया गया।

    मौसम विभाग का कहना है कि अगले दो दिन तापमान में थोड़ी गिरावट हो सकती है। फिलहाल देश में दो मौसमीय सिस्टम सक्रिय हैं, लेकिन कमजोर होने की वजह से प्रदेश में बारिश की संभावना कम है। वहीं, 13 और 16 फरवरी को पश्चिमी हिमालय में नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) सक्रिय हो सकता है, जिसका असर मध्य प्रदेश में भी दिख सकता है। इससे दिन और रात के तापमान में 3-4 डिग्री तक गिरावट आ सकती है।

    दिन में नर्मदापुरम सबसे गर्म, रात में कल्याणपुर सबसे ठंडी

    मंगलवार को प्रदेश के भोपाल, इंदौर, दमोह, खजुराहो, मंडला, सागर, टीकमगढ़, बैतूल, गुना, धार, खंडवा, खरगोन, रायसेन, रतलाम और नर्मदापुरम में पारा 30 डिग्री से ऊपर गया। नर्मदापुरम सबसे ज्यादा गर्म, 33 डिग्री के साथ, रहा। रात में सबसे ठंडा रहा शहडोल का कल्याणपुर, जहां न्यूनतम तापमान 4.5 डिग्री दर्ज किया गया।

    अन्य शहरों में न्यूनतम तापमान इस प्रकार रहा:
    कटनी (करौंदी) – 5.9 डिग्री
    अनूपपुर (अमरकंटक) – 7.8 डिग्री
    खजुराहो – 8.2 डिग्री
    पचमढ़ी-उमरिया – 8.4 डिग्री
    रीवा – 8.5 डिग्री
    शिवपुरी – 9 डिग्री
    मंडला – 9.1 डिग्री
    दतिया – 9.5 डिग्री
    नौगांव – 9.8 डिग्री

    पहाड़ों में बर्फ पिघलने के बाद मौसम में आएगा बदलाव

    मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में वर्तमान में साइक्लोनिक सर्कुलेशन और वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय हैं। पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी और बारिश की संभावना है। इससे अगले दो दिन प्रदेश में तापमान में बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। भोपाल, इंदौर और उज्जैन समेत अधिकांश शहरों में मंगलवार को तेज धूप खिली रही, जिससे दिन का तापमान बढ़ा। लेकिन रात और सुबह ठंड का असर बरकरार रहेगा।

    आने वाले दिनों का पूर्वानुमान:

    12 फरवरी: दिन और रात के तापमान में बढ़ोतरी, दिन में तेज धूप
    13 फरवरी: तापमान में 3-4 डिग्री तक गिरावट, रात और सुबह ठंड बनी रहेगी
    लेकिन रातें अभी भी ठंडी बनी हुई हैं। मंगलवार की रात प्रदेश के 11 शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से नीचे दर्ज किया गया।

    मौसम विभाग का कहना है कि अगले दो दिन तापमान में थोड़ी गिरावट हो सकती है। फिलहाल देश में दो मौसमीय सिस्टम सक्रिय हैं, लेकिन कमजोर होने की वजह से प्रदेश में बारिश की संभावना कम है। वहीं, 13 और 16 फरवरी को पश्चिमी हिमालय में नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) सक्रिय हो सकता है, जिसका असर मध्य प्रदेश में भी दिख सकता है। इससे दिन और रात के तापमान में 3-4 डिग्री तक गिरावट आ सकती है।

    दिन में नर्मदापुरम सबसे गर्म, रात में कल्याणपुर सबसे ठंडी

    मंगलवार को प्रदेश के भोपाल, इंदौर, दमोह, खजुराहो, मंडला, सागर, टीकमगढ़, बैतूल, गुना, धार, खंडवा, खरगोन, रायसेन, रतलाम और नर्मदापुरम में पारा 30 डिग्री से ऊपर गया। नर्मदापुरम सबसे ज्यादा गर्म, 33 डिग्री के साथ, रहा। रात में सबसे ठंडा रहा शहडोल का कल्याणपुर, जहां न्यूनतम तापमान 4.5 डिग्री दर्ज किया गया।

    अन्य शहरों में न्यूनतम तापमान इस प्रकार रहा:
    कटनी (करौंदी) – 5.9 डिग्री
    अनूपपुर (अमरकंटक) – 7.8 डिग्री
    खजुराहो – 8.2 डिग्री
    पचमढ़ी-उमरिया – 8.4 डिग्री
    रीवा – 8.5 डिग्री
    शिवपुरी – 9 डिग्री
    मंडला – 9.1 डिग्री
    दतिया – 9.5 डिग्री
    नौगांव – 9.8 डिग्री

    पहाड़ों में बर्फ पिघलने के बाद मौसम में आएगा बदलाव

    मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में वर्तमान में साइक्लोनिक सर्कुलेशन और वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय हैं। पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी और बारिश की संभावना है। इससे अगले दो दिन प्रदेश में तापमान में बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। भोपाल, इंदौर और उज्जैन समेत अधिकांश शहरों में मंगलवार को तेज धूप खिली रही, जिससे दिन का तापमान बढ़ा। लेकिन रात और सुबह ठंड का असर बरकरार रहेगा।

    आने वाले दिनों का पूर्वानुमान:

    12 फरवरी: दिन और रात के तापमान में बढ़ोतरी, दिन में तेज धूप
    13 फरवरी: तापमान में 3-4 डिग्री तक गिरावट, रात और सुबह ठंड बनी रहेगी

  • Mukesh Ambani की नई चाल से बढ़ेगी Netflix की टेंशन! जानिए पूरा प्‍लान

    Mukesh Ambani की नई चाल से बढ़ेगी Netflix की टेंशन! जानिए पूरा प्‍लान


    मुंबई। OTT यूजर्स के लिए बड़ी खबर है. JioHotstar ने नए यूजर्स के लिए अपने सब्सक्रिप्शन प्लान्स को अपडेट कर दिया है. ये नए प्लान 28 जनवरी 2026 से लागू होंगे. कंपनी ने अब अपने प्लेटफॉर्म पर मंथली प्लान्स भी जोड़ दिए हैं, जो पहले सिर्फ क्वार्टरली और एनुअल ऑप्शन में आते थे. नए बदलावों के बाद JioHotstar उन लोगों के लिए ज्यादा आसान और किफायती बन गया है जो कम कीमत में OTT कंटेंट देखना चाहते हैं.
    खास बात यह है कि प्लान की शुरुआती कीमत सिर्फ ₹79 रखी गई है.

    तीन कैटेगरी में बांटे गए नए JioHotstar प्लान
    JioHotstar ने नए सब्सक्रिप्शन प्लान्स को तीन अलग-अलग कैटेगरी में लॉन्च किया है—Mobile, Super और Premium. हर प्लान को मंथली, क्वार्टरली और एनुअल अवधि में लिया जा सकता है. इन प्लान्स में फर्क डिवाइस सपोर्ट, कंटेंट एक्सेस और विज्ञापनों के अनुभव के आधार पर किया गया है. इसका मकसद यह है कि हर तरह के यूजर को उसकी जरूरत के हिसाब से विकल्प मिल सके.
    JioHotstar Mobile प्लान: सबसे सस्ता ऑप्शन
    Mobile प्लान खास तौर पर उन यूजर्स के लिए बनाया गया है जो सिर्फ स्मार्टफोन पर OTT कंटेंट देखते हैं. इस प्लान की मंथली कीमत ₹79 रखी गई है, जबकि क्वार्टरली प्लान ₹149 और सालाना प्लान ₹499 में उपलब्ध है.

    इस प्लान में एक समय पर सिर्फ एक मोबाइल डिवाइस पर स्ट्रीमिंग की जा सकती है. हालांकि, इसमें विज्ञापन दिखाए जाएंगे और हॉलीवुड कंटेंट इसमें शामिल नहीं है. फिर भी, भारतीय सीरियल्स, फिल्में और स्पोर्ट्स कंटेंट देखने वालों के लिए यह एक बजट-फ्रेंडली ऑप्शन है.
    Mobile प्लान में हॉलीवुड कंटेंट कैसे देखें
    अगर Mobile प्लान यूजर हॉलीवुड फिल्में और वेब सीरीज देखना चाहते हैं, तो उन्हें अलग से हॉलीवुड ऐड-ऑन लेना होगा. इसके लिए मंथली ₹49, क्वार्टरली ₹129 और सालाना ₹399 का चार्ज देना होगा. यानी कम कीमत में भी यूजर अपनी पसंद के हिसाब से कंटेंट कस्टमाइज कर सकते हैं.
    JioHotstar Super प्लान: मल्टी-डिवाइस यूजर्स के लिए
    Super प्लान उन लोगों के लिए है जो मोबाइल के साथ-साथ लैपटॉप या स्मार्ट टीवी पर भी कंटेंट देखते हैं. इस प्लान की मंथली कीमत ₹149, क्वार्टरली ₹349 और एनुअल कीमत ₹1,099 है. इसमें एक साथ दो डिवाइस पर स्ट्रीमिंग की सुविधा मिलती है. यह प्लान विज्ञापन-समर्थित है, लेकिन इसमें हॉलीवुड कंटेंट पहले से शामिल है, यानी अलग से कोई ऐड-ऑन लेने की जरूरत नहीं पड़ती.

    JioHotstar Premium प्लान: पूरी आजादी, बिना ऐड्स
    Premium प्लान JioHotstar का सबसे महंगा लेकिन सबसे पावरफुल ऑप्शन है. इसकी मंथली कीमत ₹299, क्वार्टरली ₹699 और सालाना ₹2,199 रखी गई है. इस प्लान में चार डिवाइस पर एक साथ स्ट्रीमिंग की सुविधा मिलती है. ऑन-डिमांड कंटेंट पूरी तरह ऐड-फ्री होता है, हालांकि लाइव स्पोर्ट्स और लाइव शोज के दौरान विज्ञापन दिखाए जाएंगे. इसमें सभी कैटेगरी का कंटेंट और हॉलीवुड ऐड-ऑन बिना किसी अतिरिक्त चार्ज के शामिल है.

  • वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच भारत के निर्यात में 1.87 फीसदी का इजाफा

    वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच भारत के निर्यात में 1.87 फीसदी का इजाफा


    नई दिल्ली।
    वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं (Global Economic Uncertainties) के बीच बीते महीने (दिसंबर 2025) में भारत (India) से होने वाले वस्तु निर्यात (Commodity Export) में 1.87 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इस दौरान भारत ने 38.51 अरब डॉलर का निर्यात किया है। जबकि, उससे पहले वर्ष की की समान अवधि (दिसंबर 2024) में 37.80 अरब डॉलर का निर्यात किया था।

    वहीं, बीते महीने वस्तुओं का आयात 8.7 प्रतिशत बढ़कर 63.55 अरब डॉलर रहा, जो दिसंबर 2024 में 58.43 अरब डॉलर का रहा है। इस तरह से बीते महीने वस्तुओं के आयात में वृद्धि के चलते व्यापार घाटा बढ़कर 25.04 अरब डॉलर हो गया।

    गुरुवार को वाणिज्य मंत्रालय की तरफ से जारी आयात-निर्यात के आंकड़ों से पता चलता है कि वस्तु एवं सेवाओं को मिलाकर भारत ने बीते महीने 74.01 अरब डॉलर का निर्यात किया है, जबकि दिसंबर 2024 में 74.77 अरब डॉलर का निर्यात किया था।

    सेवा के निर्यात में गिरावट
    इस अवधि में सेवा के निर्यात में गिरावट दर्ज की गई है, जो 36.97 से घटकर 36.50 अरब डॉलर रही है। वहीं, आयात की बात करें तो दिसंबर 2025 में भारत ने वस्तु एवं सेवा का कुल निर्यात 80.84 अरब डॉलर का रहा है, जो दिसंबर 2024 में 76.23 अब ड़लर का रहा था। चालू वित्त वर्ष (अप्रैल-दिसंबर) के दौरान देश का कुल वस्तु निर्यात 2.44 प्रतिशत बढ़कर 330.29 अरब डॉलर का रहा है। जबकि आयात 5.9 प्रतिशत बढ़कर 578.61 अरब डॉलर हो गया।


    नौ महीनों में कुल व्यापार घाटा 248.32 अरब डॉलर पर पहुंचा

    इस तरह वित्त वर्ष के पहले नौ महीनों में कुल व्यापार घाटा 248.32 अरब डॉलर दर्ज किया गया। अगर वस्तु एवं सेवा क्षेत्र के निर्यात को जोड़कर देखा जाए तो बीते नौ महीनों में निर्यात 4.33 प्रतिशत बढ़ गया है जो वित्तीय वर्ष 2024-25 में 607.93 अरब डॉलर का था लेकिन चालू वित्तीय वर्ष दिसंबर तक ही निर्यात बढ़कर 634.26 अरब डॉलर का रहा है।


    निर्यात के मोर्चे पर सकारात्मक रुझान

    वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल का निर्यात को लेकर कहना है कि तमाम वैश्विक चुनौतियों के बावजूद भारत का निर्यात सकारात्मक दिखाई दे रहा है। मौजूदा रुझानों को देखते हुए उम्मीद है कि चालू वित्त वर्ष में कुल निर्यात (वस्तु और सेवाएं) 850 अरब डॉलर का आंकड़ा पार कर सकता है। बीते महीने इंजीनियरिंग उत्पाद, इलेक्ट्रॉनिक्स, समुद्री उत्पाद और दवा जैसे क्षेत्रों में निर्यात बढ़ा है। इसके साथ अमेरिका, चीन और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) को भारत का निर्यात स्थिर गति से बढ़ रहा है।


    अमेरिका-चीन के साथ बढ़ रहा कारोबार

    वैश्विक खींचतान के बीच अमेरिका द्वारा भारत पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाया हुआ है लेकिन उसके बावजूद अमेरिका को होने वाला निर्यात नवंबर की तुलना में दिसंबर में भी स्थिर रहा है। बीते महीने भारत से 6.89 अरब डॉलर का निर्यात हुआ है। जबकि नवंबर 2025 में 6.98 अरब डॉलर का निर्यात हुआ था। अगर दिसंबर 2024 के मुकाबले देखा जाए तो थोड़ी से कमी दिखाई देती है क्योंकि दिसंबर 2024 में भारत से 7.01 अरब डॉलर का निर्यात हुआ था। उधर, चालू वित्तीय वर्ष में वित्तीय वर्ष 2024-25 के मुकाबले 9.75 प्रतिशत की वृद्धि दिखाई देती है। वहीं, चीन को होने वाले निर्यात में 36.68 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

  • देश के औद्योगिक उत्पादन में इजाफा, दो साल के उच्च स्तर पर पहुंची वृद्धि दर

    देश के औद्योगिक उत्पादन में इजाफा, दो साल के उच्च स्तर पर पहुंची वृद्धि दर


    नई दिल्ली।
    खनन और विनिर्माण क्षेत्रों (Mining and Manufacturing sectors) के मजबूत प्रदर्शन से नवंबर महीने में देश के औद्योगिक उत्पादन में वृद्धि दर (Country’s Industrial Production growth rate) दो साल के उच्च स्तर 6.7 प्रतिशत पर पहुंच गई। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) के आंकड़ों के मुताबिक, औद्योगिक उत्पादन को मापने वाला औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (IIP) नवंबर, 2024 में पांच प्रतिशत बढ़ा था। इससे पहले औद्योगिक उत्पादन का उच्च स्तर नवंबर, 2023 में 11.9 प्रतिशत दर्ज किया गया था।

    त्योहारों से पहले देश में मांग और खपत को बढ़ावा देने के लिए कई उपभोक्ता वस्तुओं पर वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) की दरों में 22 सितंबर 2025 से कटौती की गई थी। इससे जीएसटी दरों में कमी का लाभ उठाने के लिए विनिर्माण ऑर्डरों में तेजी आई।


    अक्टूबर के आंकड़ों में बदलाव

    इसके साथ एनएसओ ने अक्टूबर 2025 के लिए औद्योगिक उत्पादन वृद्धि के आंकड़े को भी संशोधित किया है। अक्टूबर के लिए आईआईपी वृद्धि को बढ़ाकर 0.5 प्रतिशत कर दिया गया है जबकि पिछले महीने जारी अस्थायी अनुमान 0.4 प्रतिशत का था।


    बिजली उत्पादन का प्रदर्शन कमजोर

    आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, नवंबर 2025 में विनिर्माण क्षेत्र का उत्पादन आठ प्रतिशत बढ़ा, जो एक साल पहले इसी महीने में 5.5 प्रतिशत था। खनन क्षेत्र का उत्पादन भी नवंबर में 5.4 प्रतिशत बढ़ा जबकि नवंबर 2024 में यह वृद्धि 1.9 प्रतिशत रही थी। हालांकि, बिजली उत्पादन का प्रदर्शन पिछले महीने कमजोर रहा। नवंबर में बिजली उत्पादन में 1.5 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, जबकि पिछले वर्ष की समान अवधि में इसमें 4.4 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी।


    प्रमुख क्षेत्रों में रफ्तार की वापसी

    नवंबर महीने के आईआईपी आंकड़ों में सुधार से संकेत मिलता है कि औद्योगिक गतिविधियों में खासकर विनिर्माण और खनन जैसे प्रमुख क्षेत्रों में रफ्तार की वापसी हो रही है। वित्त वर्ष 2025-26 में अप्रैल-नवंबर के दौरान देश का औद्योगिक उत्पादन 3.3 प्रतिशत की दर से बढ़ा, जबकि एक साल पहले इसी अवधि में यह आंकड़ा 4.1 प्रतिशत था। विनिर्माण क्षेत्र के तहत 23 में 20 उद्योग समूहों ने नवंबर 2025 में सालाना आधार पर सकारात्मक वृद्धि दर्ज की।


    अमेरिकी टैरिफ का असर

    इक्रा की मुख्य अर्थशास्त्री अदिति नायर ने कहा, अमेरिकी टैरिफ और जुर्माने का असर कुछ विनिर्माण खंडों में दिखाई दे सकता है, जिससे जीएसटी दरों में बदलाव के सकारात्मक प्रभाव का असर कम हो सकता है।

    उन्होंने कहा कि दो महीने के बाद दिसंबर 2025 में बिजली की मांग बढ़ी है, जिससे उस महीने बिजली उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा और यह आईआईपी वृद्धि के लिए सकारात्मक संकेत है। नायर ने आगे कहा, हमें उम्मीद है कि दिसंबर 2025 में आईआईपी वृद्धि घटकर 3.5 से 5.0 प्रतिशत के दायरे में आ सकती है, क्योंकि तुलनात्मक आधार प्रभाव सामान्य होगा।


    औद्योगिक उत्पादन में बढ़ोतरी का मतलब

    औद्योगिक उत्पादन में बढ़ोतरी का मतलब है कि अर्थव्यवस्था की सेहत बेहतर हो रही है। इसका सीधा लाभ नौकरी, आय, व्यापार और सरकारी सेवाओं के जरिए आम आदमी तक पहुंचता है। हालांकि इसका पूरा असर दिखने में कुछ समय लग सकता है, लेकिन संकेत सकारात्मक माने जाते हैं। इसे इस तरह समझा जा सकता है—


    रोजगार के अवसर बढ़ने की संभावना

    जब फैक्ट्रियां और उद्योग ज्यादा उत्पादन करते हैं, तो उन्हें अधिक मजदूर, तकनीशियन और कर्मचारियों की जरूरत होती है। नए रोजगार पैदा हो सकते हैं। अस्थायी और कॉन्ट्रैक्ट नौकरियों में भी बढ़ोतरी होती है। इससे बेरोजगारी का दबाव कुछ हद तक कम हो सकता है।


    आमदनी और खर्च करने की क्षमता में सुधार

    उद्योगों की स्थिति बेहतर होने पर वेतन में बढ़ोतरी, ओवरटाइम और बोनस मिलने की संभावना बढ़ जाती है। इससे लोगों की खरीदने की ताकत सुधरती है।


    महंगाई पर मिला-जुला असर

    ज्यादा उत्पादन होने से बाजार में वस्तुओं की आपूर्ति बढ़ती है, जिससे कई सामानों के दाम स्थिर रह सकते हैं। कुछ चीजें सस्ती भी हो सकती हैं। हालांकि अगर कच्चा माल महंगा है या ब्याज दरें ऊंची हैं, तो महंगाई पूरी तरह कम होना जरूरी नहीं।


    छोटे कारोबार और एमएसएमई को सहारा

    बड़े उद्योगों की रफ्तार बढ़ने से छोटे उद्योगों, ट्रांसपोर्ट, पैकेजिंग और सप्लाई चेन को भी काम मिलता है। इससे स्थानीय कारोबार को फायदा होता है।


    सरकार की आय बढ़ने से, सुविधाएं बेहतर होंगी

    उद्योगों के अच्छे प्रदर्शन से टैक्स संग्रह बढ़ता है। सरकार के पास बुनियादी ढांचे, स्वास्थ्य और शिक्षा पर खर्च के लिए ज्यादा संसाधन होते हैं जिसका फायदा आम नागरिकों को मिलता है।


    शेयर बाजार और निवेश पर असर

    औद्योगिक उत्पादन में तेजी से बाजार में भरोसा बढ़ता है। म्यूचुअल फंड और शेयर में निवेश करने वालों को फायदा हो सकता है। हालांकि यह असर हर व्यक्ति पर एक जैसा नहीं होता।