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  • देश के पहले सीडीएस जनरल बिपिन रावत की जयंती, गडकरी, योगी और अन्य नेताओं ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि

    देश के पहले सीडीएस जनरल बिपिन रावत की जयंती, गडकरी, योगी और अन्य नेताओं ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि

    नई दिल्ली : भारत अपने पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) पद्म विभूषण जनरल बिपिन रावत को उनकी जयंती पर याद कर रहा है। देशभर के नेता और अधिकारी इस अवसर पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दे रहे हैं।

    केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, देश के प्रथम रक्षा प्रमुख पद्म विभूषण जनरल बिपिन रावत की जयंती पर उन्हें विनम्र अभिवादन।

    केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने कहा, “जनरल बिपिन रावत ने अपना पूरा जीवन देश की रक्षा को मजबूत करने और सशस्त्र बलों के बीच तालमेल बढ़ाने के लिए समर्पित कर दिया। उनका दूरदर्शी नेतृत्व और देशभक्ति पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी।”

    केंद्रीय राज्य मंत्री और उत्तर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी ने लिखा, देश के प्रथम चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ पद्म विभूषण जनरल बिपिन रावत की जयंती पर सादर नमन। उन्होंने अपने जीवन का प्रत्येक क्षण देश की आन-बान-शान और सेनाओं को मजबूत करने में लगाया।

    उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा,मां भारती के वीर सपूत, देश के प्रथम सीडीएस और ‘पद्म विभूषण’ जनरल बिपिन रावत की जयंती पर विनम्र श्रद्धांजलि। राष्ट्र की सुरक्षा और सैन्य सुदृढ़ता में उनका योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा।

    उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी उन्हें याद करते हुए कहा, “अदम्य साहस, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रभक्ति के प्रतीक जनरल बिपिन रावत की जयंती पर उन्हें कोटिशः नमन। राष्ट्र की रक्षा के प्रति उनका समर्पण हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत रहेगा।

    दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने लिखा, जनरल बिपिन रावत जी की जयंती पर उन्हें शत-शत नमन। अदम्य साहस और अद्वितीय सैन्य कौशल के प्रतीक के रूप में उन्होंने भारतीय सेना के आधुनिकीकरण में अतुलनीय योगदान दिया।

    दिल्ली सरकार में मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा, राष्ट्र की सुरक्षा के प्रति आपका समर्पण, साहस और अदम्य नेतृत्व सदैव हम सभी को प्रेरित करता रहेगा।

    बिहार भाजपा अध्यक्ष संजय सरावगी ने भी लिखा, राष्ट्र की रक्षा के प्रति उनकी अटूट निष्ठा, अद्भुत नेतृत्व क्षमता और साहसिक व्यक्तित्व हर भारतवासी के लिए प्रेरणा का स्रोत है। देश सेवा में उनके अमूल्य योगदान और बलिदान को देश सदैव गर्व के साथ याद रखेगा।

    देशभर के नेताओं की यह श्रद्धांजलि न केवल जनरल बिपिन रावत के साहस और नेतृत्व को याद करती है बल्कि भारतीय सेना और राष्ट्र सेवा में उनके योगदान को भी सम्मानित करती है।

  • ऑपरेशन ‘सिंदूर 2.0’ पर सख्त संदेश: जमीन, समुद्र और हवा-हर मोर्चे पर जवाब को तैयार सेना

    ऑपरेशन ‘सिंदूर 2.0’ पर सख्त संदेश: जमीन, समुद्र और हवा-हर मोर्चे पर जवाब को तैयार सेना

    नई दिल्ली। भारत ने सीमा पार से किसी भी उकसावे की स्थिति में पहले से अधिक कठोर प्रतिक्रिया देने के संकेत दिए हैं। भारतीय सेना की पश्चिमी कमान ने स्पष्ट किया है कि ‘ऑपरेशन सिंदूर 2.0’ के तहत सैन्य तैयारियों को व्यापक रूप से मजबूत किया गया है और भविष्य की कार्रवाई बहु-आयामी हो सकती है।

    यह बयान पठानकोट में आयोजित एक ऑपरेशनल क्षमता प्रदर्शन के दौरान सामने आया, जहां वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों ने सेना की तैयारी और रणनीतिक क्षमता का प्रदर्शन किया।

    2 कोर के जनरल ऑफिसर कमांडिंग राजेश पुष्कर ने कहा कि पिछले वर्ष चलाया गया ‘ऑपरेशन सिंदूर’ केवल भारतीय सैन्य क्षमता का सीमित उदाहरण था। उनका कहना था कि चार दिनों के भीतर ही पाकिस्तान को संघर्षविराम की अपील करनी पड़ी थी, जबकि मौजूदा चरण में कहीं अधिक बड़े स्तर की तैयारी की गई है।

    किसी भी मोर्चे पर जवाब की तैयारी

    अधिकारियों ने संकेत दिया कि भविष्य की सैन्य प्रतिक्रिया परिस्थितियों पर निर्भर करेगी, लेकिन आवश्यकता पड़ने पर कार्रवाई जमीन, समुद्र या हवा—तीनों क्षेत्रों में एक साथ की जा सकती है।

    सेना का उद्देश्य अब केवल जवाब देना नहीं, बल्कि प्रतिरोध क्षमता को निर्णायक स्तर तक ले जाना है।

    “न्यूक्लियर ब्लफ” पर भी सख्त रुख

    पश्चिमी कमान के प्रमुख मनोज कुमार कटियार ने पाकिस्तान की ओर से बार-बार दिए जाने वाले परमाणु संकेतों को “न्यूक्लियर ब्लफ” करार देते हुए कहा कि भारत अब ऐसे दबावों में आने वाला नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि शहबाज शरीफ भारत को कड़ी कार्रवाई से रोकने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन भारतीय सेना हर परिस्थिति के लिए तैयार है।

    पिछले साल हमले के बाद शुरू हुआ था ऑपरेशन

    जानकारी के अनुसार, मई 2025 में पहलगाम में हुए आतंकी हमले, जिसमें 26 लोगों की मौत हुई थी, के बाद भारतीय सशस्त्र बलों ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शुरू किया था। इस अभियान के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में आतंकी ठिकानों पर सटीक सैन्य कार्रवाई की गई थी।

    रणनीति अब और आक्रामक

    सेना के ताजा संकेतों से स्पष्ट है कि भारत ने अपनी सैन्य रणनीति, समन्वित युद्धक क्षमता और त्वरित प्रतिक्रिया तंत्र को पहले से अधिक सशक्त बनाया है। किसी भी संभावित उकसावे की स्थिति में इस बार जवाब अधिक तीव्र, व्यापक और बहु-क्षेत्रीय हो सकता है।

  • भारतीय सेना आयोजित करेगी इंटरनेशनल मिलिट्री एडवेंचर चैलेंज कप 2026, 8 देशों की टीमें लेंगी भाग

    भारतीय सेना आयोजित करेगी इंटरनेशनल मिलिट्री एडवेंचर चैलेंज कप 2026, 8 देशों की टीमें लेंगी भाग


    नई दिल्ली: भारतीय सेना पहली बार इंटरनेशनल मिलिट्री एडवेंचर चैलेंज कप IMACC2026 का आयोजन करने जा रही है। यह प्रतियोगिता 18 से 23 फरवरी तक पूर्वी हिमालय की तलहटी में आयोजित होगी। इस एक सप्ताह के आयोजन में भारत और मित्र देशों की सैन्य टीमें साहसिक और सहनशक्ति से जुड़ी कठिन प्रतिस्पर्धाओं में भाग लेंगी।

    प्रतियोगिता में सात मित्र देशों-भूटान, ब्राजील, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, नेपाल, श्रीलंका और सऊदी अरब-की सैन्य टीमें शामिल होंगी। इनके साथ भारतीय सेना, भारतीय वायु सेना, भारतीय तटरक्षक बल और भारत-तिब्बत सीमा पुलिस ITBPकी टीमें भी हिस्सा लेंगी। आयोजन में शामिल गतिविधियां सैनिकों की शारीरिक फिटनेस, मानसिक दृढ़ता, टीम भावना, नेतृत्व क्षमता और दबाव में निर्णय लेने की योग्यता की परीक्षा लेंगी। यह गतिविधियां कठिन पहाड़ी और फील्ड इलाके में आयोजित होंगी, जिससे वास्तविक सैन्य अभियानों जैसी परिस्थितियों का अनुभव होगा।

    अंतरराष्ट्रीय सैन्य खेल लंबे समय से दुनिया भर की सेनाओं के बीच विश्वास और सहयोग बढ़ाने का माध्यम रहे हैं। ये प्रतियोगिताएं इंटरनेशनल मिलिट्री स्पोर्ट्स काउंसिल CISMके “खेल के माध्यम से मित्रता” के सिद्धांत के तहत आयोजित होती हैं। भारत इस परंपरा में लंबे समय से सक्रिय भागीदार रहा है। वर्ष 2007 में भारत ने चौथे CISM मिलिट्री वर्ल्ड गेम्स की भी मेजबानी की थी।

    IMACC इस परंपरा में एक नया और अभिनव कदम है। पारंपरिक स्टेडियम खेलों के विपरीत, यह प्रतियोगिता साहसिक गतिविधियों, सहनशक्ति और फील्ड कौशल पर केंद्रित है। यह आधुनिक सैन्य प्रशिक्षण के लिए बेहद महत्वपूर्ण है और सैनिकों में उच्च स्तरीय क्षमता, रणनीतिक सोच और आपसी भरोसा विकसित करने में मदद करेगी।

    प्रतियोगिता के दौरान भाग लेने वाले सैनिक कठिन पहाड़ी मार्ग, बाधा दौड़, जलवायु-संबंधी चुनौतियों और टीम आधारित मिशन में अपनी दक्षता का प्रदर्शन करेंगे। आयोजक अधिकारी बताते हैं कि यह आयोजन सिर्फ प्रतिस्पर्धा का माध्यम नहीं है बल्कि रक्षा सहयोग, आपसी सम्मान और सैनिकों के बीच भाईचारे को बढ़ावा देने का अवसर भी प्रदान करेगा।

    मुख्य समन्वयक अधिकारियों ने कहा कि IMACC 2026 भारतीय सेना के लिए मित्र देशों के साथ रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने और खेल के माध्यम से विश्वास और सहयोग को बढ़ावा देने का एक शानदार अवसर है। इस आयोजन के माध्यम से भारत न केवल आधुनिक सैन्य कौशल का प्रदर्शन करेगा, बल्कि एशिया और विश्व स्तर पर सैन्य प्रशिक्षण और सहयोग में अपनी भूमिका को भी और सुदृढ़ करेगा।

    इस पहले IMACC आयोजन की मेजबानी कर भारतीय सेना ने अपने सैन्य संबंधों को मजबूत करते हुए खेल के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय मित्रता और सामूहिक साहसिक कौशल के महत्व को उजागर किया है।

  • सीमा पर मंडराता खतरा: LoC और अंतरराष्ट्रीय बॉर्डर पर फिर दिखे पाकिस्तानी ड्रोन, सेना का 'सर्च ऑपरेशन' शुरू

    सीमा पर मंडराता खतरा: LoC और अंतरराष्ट्रीय बॉर्डर पर फिर दिखे पाकिस्तानी ड्रोन, सेना का 'सर्च ऑपरेशन' शुरू


    नई दिल्ली । श्रीनगर/जम्मू: गणतंत्र दिवस से पूर्व जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा और अंतरराष्ट्रीय सीमा पर पाकिस्तानी ड्रोनों की बढ़ती सक्रियता ने सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर ला दिया है। पिछले पांच दिनों के भीतर संदिग्ध ड्रोन देखे जाने की यह तीसरी बड़ी घटना है, जिसके बाद सांबा और पुंछ जिलों में सेना ने बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान शुरू कर दिया है। सीमा पार से होने वाली इन संदिग्ध गतिविधियों को देखते हुए भारतीय सुरक्षा बल पूरी तरह मुस्तैद हैं।

    ताजा घटनाक्रम के अनुसार, गुरुवार शाम सांबा जिले के रामगढ़ सेक्टर और पुंछ के देगवार व मनकोट इलाकों में पाकिस्तानी ड्रोन मंडराते देखे गए। रामगढ़ के चक बबरल गांव के ऊपर शाम करीब 7:15 बजे एक संदिग्ध वस्तु कुछ मिनटों तक उड़ती दिखी, जबकि पुंछ में शाम 6:25 बजे तैन से टोपा की ओर ड्रोन जैसी वस्तु जाती नजर आई। इन गतिविधियों के तुरंत बाद सेना ने अपने एंटी-अनमैन्ड एरियल सिस्टम को सक्रिय कर दिया और संबंधित इलाकों की घेराबंदी कर दी।

    इससे पहले 13 जनवरी को राजौरी जिले में दो बार पाकिस्तानी ड्रोन देखे गए थे, जिन पर जवानों ने फायरिंग की, जिसके बाद वे पाक अधिकृत कश्मीर की ओर लौट गए। वहीं, 11 जनवरी को नौशेरा सेक्टर में जवानों ने मशीन गन से फायरिंग कर ड्रोन की घुसपैठ को नाकाम किया था। सुरक्षा एजेंसियों को अंदेशा है कि पाकिस्तान इन ड्रोनों का उपयोग भारतीय सेना की चौकियों की टोह लेने या फिर आतंकियों के लिए हथियारों और नशीले पदार्थों की खेप गिराने के लिए कर रहा है। उल्लेखनीय है कि 9 जनवरी को सांबा के पालूरा गांव में ड्रोन द्वारा गिराई गई एक खेप बरामद हुई थी, जिसमें पिस्तौल, मैगजीन और ग्रेनेड शामिल थे।

    इस तनावपूर्ण स्थिति के बीच, आर्मी चीफ जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने स्पष्ट संदेश दिया है कि भारतीय सेना किसी भी आतंकी या सैन्य दुस्साहस का जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने बताया कि सीमा पार अब भी 8 आतंकी कैंप सक्रिय हैं और ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत सेना हर हरकत पर नजर रख रही है। इसके अतिरिक्त, राजौरी के काकोरा गांव में सेना ने समय रहते 3 किलो वजन का एक संदिग्ध  बरामद कर उसे नष्ट कर दिया, जिससे एक बड़ी आतंकी साजिश विफल हो गई। गणतंत्र दिवस को देखते हुए पूरी घाटी और सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।

  • गणतंत्र दिवस परेड 2026 टिकट , कर्तव्य पथ पर गणतंत्र दिवस परेड देखने के लिए कैसे बुक करें टिकट? जानिए पूरा प्रोसेस

    गणतंत्र दिवस परेड 2026 टिकट , कर्तव्य पथ पर गणतंत्र दिवस परेड देखने के लिए कैसे बुक करें टिकट? जानिए पूरा प्रोसेस


    नई दिल्ली । गणतंत्र दिवस परेड 2026 भारत के नागरिकों के लिए गर्व का प्रतीक होती है जिसमें भारतीय सेना सांस्कृतिक विविधता और राष्ट्रीय एकता का अद्भुत संगम देखने को मिलता है। इस साल गणतंत्र दिवस परेड की मुख्य थीम वंदे मातरम् रखी गई है। 26 जनवरी को मुख्य परेड का आयोजन होगा, जबकि बीटिंग द रिट्रीट समारोह 28 और 29 जनवरी को आयोजित किया जाएगा। यदि आप इस ऐतिहासिक आयोजन का हिस्सा बनना चाहते हैं और कर्तव्य पथ पर बैठकर परेड देखना चाहते हैं, तो इसके लिए टिकट बुक करना अनिवार्य है।

    कहां से खरीद सकते हैं 26 जनवरी की परेड के टिकट

    गणतंत्र दिवस परेड 2026 के लिए टिकट अब आधिकारिक वेबसाइट aamantran.mod.gov.in से खरीदी जा सकती हैं। यहां से आप 26 जनवरी की मुख्य परेड, 28 जनवरी को होने वाली फुल ड्रेस रिहर्सल, और 29 जनवरी के बीटिंग द रिट्रीट समारोह के टिकट ऑनलाइन बुक कर सकते हैं।

    कब तक खरीद सकते हैं टिकट

    गणतंत्र दिवस परेड 2026 के लिए टिकट की बिक्री 5 जनवरी 2026 से शुरू हो चुकी है। टिकट खरीदने की अंतिम तारीख 14 जनवरी 2026 है। ध्यान रखें कि टिकट की बिक्री हर दिन सुबह 9 बजे से शुरू होगी और सीटें समाप्त होने तक जारी रहेगी, इसलिए जल्दी से टिकट बुक करना बेहतर रहेगा।

    टिकट की कीमत क्या है

    26 जनवरी 2026 की गणतंत्र दिवस परेड के टिकट की कीमत ₹20 और ₹100 है, जो सीट की पोज़िशन के आधार पर अलग-अलग हो सकती है। 28 जनवरी 2026 को होने वाली बीटिंग द रिट्रीट फुल ड्रेस रिहर्सल के टिकट की कीमत ₹20 है। 29 जनवरी 2026 को होने वाले बीटिंग द रिट्रीट मुख्य समारोह के टिकट ₹100 में उपलब्ध हैं। घर बैठे गणतंत्र दिवस परेड 2026 के लिए ऑनलाइन टिकट कैसे बुक करें ऑनलाइन टिकट बुकिंग के लिए निम्नलिखित स्टेप्स को फॉलो करें सबसे पहले aamantran.mod.gov.in पोर्टल पर जाएं।

    पोर्टल पर अपना रजिस्ट्रेशन करें। रजिस्ट्रेशन के लिए आपको अपना नाम, जन्मतिथि, मोबाइल नंबर, पता और ईमेल आईडी भरना होगा। एक वैध आईडी प्रूफ जैसे आधार कार्ड, पासपोर्ट, आदि अपलोड करें। सभी विवरण भरने और सत्यापित करने के बाद बुकिंग पूरी होगी, और आपको एक डिजिटल टिकट प्राप्त होगा।

    ऑफलाइन टिकट काउंटर पर टिकट कैसे खरीदें

    यदि आप ऑनलाइन बुकिंग से बचना चाहते हैं, तो दिल्ली में कई जगहों पर ऑफलाइन टिकट काउंटर भी खोले गए हैं, जहां से आप गणतंत्र दिवस परेड के टिकट खरीद सकते हैं।

    टिकट काउंटर का समय

    सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक, दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक

    टिकट उपलब्ध स्थान

    सेना भवन गेट नंबर 5,शास्त्री भवन गेट नंबर 3,जंतर-मंतर मुख्य द्वार,संसद भवन रिसेप्शन,राजीव चौक मेट्रो स्टेशन डी ब्लॉक कश्मीरी गेट मेट्रो स्टेशन क्या डॉक्यूमेंट्स जरूरी हैं?चाहे आप ऑनलाइन टिकट बुक करें या ऑफलाइन काउंटर से, फोटो पहचान पत्र जैसे आधार कार्ड, वोटर आईडी, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड, पासपोर्ट का होना अनिवार्य है।

    परेड की खासियत

    गणतंत्र दिवस परेड के दौरान दर्शक भारतीय सेना के आधुनिक टैंक, तोपें, और लड़ाकू विमानों का हैरतअंगेज प्रदर्शन देख सकेंगे। इसके साथ ही देश के विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की सांस्कृतिक झांकियां भारत की विविधता में एकता को प्रदर्शित करेंगी। बीटिंग द रिट्रीट समारोह में सेना के तीनों अंगों थल जल और नभ के बैंड्स स्कूल के बच्चों और लोक कलाकारों के प्रदर्शन और ऐतिहासिक इमारतों पर शानदार लाइट शो दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर देगा।

    मुख्य आकर्षण

    आर्मी नेवी और एयर फोर्स बैंड का भव्य प्रदर्शन शास्त्रीय और पारंपरिक संगीत के साथ प्रिसिजन ड्रिल ऐतिहासिक स्थलों पर रोशन होने वाला लाइट शो गणतंत्र दिवस परेड 2026 भारतीय इतिहास का एक अहम हिस्सा होने जा रहा है और इसे देखने का अनुभव देशवासियों के लिए बेहद खास होगा। इस ऐतिहासिक परेड को कर्तव्य पथ पर बैठकर देखने के लिए जल्दी से टिकट बुक करें और इस अद्भुत मौके का हिस्सा बनें

  • वंदे मातरम् के 150 वर्ष: देशभर में भारतीय सेना के विशेष बैंड कार्यक्रम, देशभक्ति की धुनों से गूंजेंगे शहर

    वंदे मातरम् के 150 वर्ष: देशभर में भारतीय सेना के विशेष बैंड कार्यक्रम, देशभक्ति की धुनों से गूंजेंगे शहर



    नई दिल्ली
    । राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् की 150वीं वर्षगांठ को ऐतिहासिक और यादगार बनाने के लिए भारतीय सेना ने देशभर में विशेष बैंड परफॉर्मेंस आयोजित करने की व्यापक योजना बनाई है। यह आयोजन केवल एक सांगीतिक प्रस्तुति नहीं होगा बल्कि राष्ट्र की एकता सांस्कृतिक विरासत और देशभक्ति की भावना को सशक्त करने का प्रयास भी होगा। सेना के ये विशेष कार्यक्रम 19 से 26 जनवरी 2026 तक देश के प्रमुख शहरों में आयोजित किए जाएंगे।भारतीय सेना के अनुसार प्रत्येक बैंड परफॉर्मेंस लगभग 45 मिनट की होगी और इन्हें दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे के बीच आयोजित किया जाएगा। इन कार्यक्रमों में मिलिट्री बैंड और आर्मी सिम्फनी बैंड द्वारा वंदे मातरम् सहित कई देशभक्ति गीतों की प्रस्तुति दी जाएगी। संगीत के माध्यम से आम जनता को राष्ट्र के इतिहास बलिदान और एकता की भावना से जोड़ना इन आयोजनों का मुख्य उद्देश्य है।

    इन विशेष प्रस्तुतियों के लिए देश के लगभग हर क्षेत्र को शामिल किया गया है। बिहार में पटना और गया उत्तर प्रदेश में लखनऊ और प्रयागराज उत्तराखंड में देहरादून छत्तीसगढ़ में रायपुर ओडिशा में गोपालपुर और कर्नाटक में बेंगलुरु में सेना के बैंड कार्यक्रम होंगे। मध्य प्रदेश में जबलपुर महाराष्ट्र में मुंबई और पुणे तेलंगाना में हैदराबाद हिमाचल प्रदेश में शिमला राजस्थान में जयपुर और लद्दाख के कारगिल जैसे सामरिक और ऐतिहासिक महत्व वाले स्थानों को भी इस आयोजन में शामिल किया गया है।राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में इंडिया गेट पर 18 जनवरी 2026 को आर्मी सिम्फनी बैंड की विशेष प्रस्तुति होगी जिसे इस श्रृंखला का प्रमुख आकर्षण माना जा रहा है। वहीं पश्चिम बंगाल के नैहाटी में एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा जो वंदे मातरम् के रचयिता बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय की जन्मस्थली है। इस आयोजन को सांस्कृतिक और भावनात्मक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

    भारतीय सेना का कहना है कि इन कार्यक्रमों का उद्देश्य नई पीढ़ी को राष्ट्रीय गीतों और स्वतंत्रता संग्राम के सांस्कृतिक पक्ष से जोड़ना है। सेना के अधिकारियों के अनुसार संगीत एक ऐसा माध्यम है जो बिना शब्दों के भी देशप्रेम और एकता का संदेश देता है। यही कारण है कि इन प्रस्तुतियों को सार्वजनिक और निःशुल्क रखा गया है ताकि अधिक से अधिक लोग इसमें भाग ले सकें।विशेषज्ञों और शिक्षाविदों का मानना है कि ऐसे आयोजन युवाओं में राष्ट्रीय चेतना को मजबूत करते हैं और उन्हें अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ते हैं। सेना के इन कार्यक्रमों में विभिन्न सांस्कृतिक और शैक्षिक संस्थानों की सहभागिता भी सुनिश्चित की जा रही है जिससे यह आयोजन केवल सैन्य नहीं बल्कि एक व्यापक राष्ट्रीय उत्सव का रूप ले सके।

  • वंदे मातरम् के 150 साल भारतीय सेना का बैंड कार्यक्रम, इंडिया गेट से नैहाटी तक पूरे देश में धूम

    वंदे मातरम् के 150 साल भारतीय सेना का बैंड कार्यक्रम, इंडिया गेट से नैहाटी तक पूरे देश में धूम


    नई दिल्ली । भारतीय सेना वंदे मातरम् के 150 साल पूरे होने के अवसर पर देश भर में विशेष कार्यक्रमों का आयोजन कर रही है। इसके तहत 19 से 26 जनवरी 2026 तक भारतीय सेना कई प्रमुख शहरों में मिलिट्री बैंड की परफॉर्मेंस पेश करेगी। इस आयोजन का उद्देश्य न केवल वंदे मातरम् के ऐतिहासिक महत्व को सम्मान देना है, बल्कि देशवासियों में देशभक्ति एकता और राष्ट्रीय गर्व की भावना को भी मजबूत करना है।

    कार्यक्रम का शेड्यूल

    इस विशेष कार्यक्रम का हिस्सा बनने वाले प्रमुख शहरों में बिहार के पटना और गया, झारखंड के रांची, उत्तर प्रदेश के लखनऊ और प्रयागराज, उत्तराखंड के देहरादून, छत्तीसगढ़ के रायपुर, ओडिशा के गोपालपुर कर्नाटक के बेंगलुरु, मध्य प्रदेश के जबलपुर ,महाराष्ट्र के मुंबई और पुणे, तेलंगाना के हैदराबाद हिमाचल प्रदेश के शिमला, लद्दाख के कारगिल ,राजस्थान के जयपुर और दिल्ली के इंडिया गेट शामिल हैं। इन बैंड परफॉर्मेंस का उद्देश्य भारतीय सेना के संगीत और सेना के गौरव को प्रदर्शित करना है साथ ही लोगों में एकता और राष्ट्रीय गौरव का एहसास दिलाना है।

    वंदे मातरम् के रचयिता बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय की जन्मस्थली पर कार्यक्रम

    विसेष महत्व रखने वाले कार्यक्रमों में से एक पश्चिम बंगाल के नैहाटी में आयोजित होगा, जो वंदे मातरम् के रचयिता बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय की जन्मस्थली है। यहां सेना के बैंड द्वारा खास प्रस्तुति दी जाएगी। यह कार्यक्रम वंदे मातरम् के इतिहास को सम्मान देने और लोगों में देशभक्ति का भाव जागृत करने का एक महत्वपूर्ण हिस्सा होगा।

    दिल्ली में इंडिया गेट पर आर्मी सिम्फनी बैंड की विशेष प्रस्तुति

    18 जनवरी 2026 को दिल्ली के इंडिया गेट पर आर्मी सिम्फनी बैंड का एक विशेष परफॉर्मेंस आयोजित होगा। इस कार्यक्रम का समय दोपहर 2 से 5 बजे के बीच होगा और यह आयोजन वंदे मातरम् के ऐतिहासिक महत्व को सम्मानित करने के साथ-साथ भारतीय संस्कृति और राष्ट्रीय गर्व को प्रदर्शित करेगा। सभी कार्यक्रम करीब 45 मिनट के होंगे, जो दर्शकों को भारतीय सेना की संगीत कला और देशभक्ति की भावना से प्रेरित करेंगे। इस दौरान हर शहर में सेना के मिलिट्री बैंड की लयबद्ध धुनें गूंजेंगी जो ना केवल ऐतिहासिक दृष्टिकोण से बल्कि देशवासियों के दिलों में गहरी पैठ भी बनाएंगी।

    देशभर में एकता और गौरव की लहर

    इन कार्यक्रमों का उद्देश्य वंदे मातरम् की अनमोल धुन और उसके संदेश को जनता तक पहुंचाना है। इस आयोजन के माध्यम से भारतीय सेना ने देशभर में एकता और राष्ट्रीय गौरव की लहर को फैलाने का एक बड़ा कदम उठाया है। भारत के इतिहास और संस्कृति में वंदे मातरम् का जो स्थान है, उसे और भी मजबूत बनाने की दिशा में यह आयोजन अहम साबित हो सकता है।