Tag: Indian cricket news

  • T20 कप्तानी पर बड़ा संकट: सूर्यकुमार यादव पर खतरा, श्रेयस अय्यर रेस में सबसे आगे

    T20 कप्तानी पर बड़ा संकट: सूर्यकुमार यादव पर खतरा, श्रेयस अय्यर रेस में सबसे आगे


    नई दिल्ली । टीम इंडिया की टी20 कप्तानी को लेकर बड़ा बदलाव चर्चा में आ गया है। टी20 वर्ल्ड कप 2026 और आईपीएल 2026 के बाद कप्तान सूर्यकुमार यादव के प्रदर्शन पर सवाल उठने लगे हैं, जिसके चलते उनके नेतृत्व पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं।

    सूत्रों के अनुसार अब चयनकर्ता भविष्य की रणनीति को ध्यान में रखते हुए नए कप्तान की तलाश में हैं। इस रेस में सबसे आगे नाम सामने आ रहा है Shreyas Iyer का, जिन्हें एक मजबूत नेतृत्व विकल्प माना जा रहा है। वहीं उप-कप्तानी के लिए तिलक वर्मा और ईशान किशन जैसे युवा खिलाड़ियों के नाम भी चर्चा में हैं।

    बताया जा रहा है कि टीम मैनेजमेंट केवल मौजूदा सीरीज ही नहीं, बल्कि अगले दो टी20 वर्ल्ड कप को ध्यान में रखते हुए लंबे समय के लिए कप्तान चुनने की योजना पर काम कर रहा है। इसी कारण चयनकर्ता ऐसे खिलाड़ी को जिम्मेदारी देना चाहते हैं जो लगातार प्रदर्शन के साथ टीम को स्थिर नेतृत्व दे सके।

    श्रेयस अय्यर के पक्ष में सबसे बड़ा कारण उनका आईपीएल में कप्तानी अनुभव और लगातार बेहतर प्रदर्शन माना जा रहा है। उन्होंने घरेलू और लीग क्रिकेट में अपनी लीडरशिप क्षमता साबित की है। साथ ही उन्हें टी20 टीम में मध्यक्रम की अहम जिम्मेदारी देने पर भी विचार किया जा रहा है।

    इस बीच मौजूदा कप्तान Suryakumar Yadav की खराब फॉर्म चिंता का विषय बनी हुई है। टी20 वर्ल्ड कप और आईपीएल में अपेक्षित प्रदर्शन न कर पाने के कारण उनकी कप्तानी पर सवाल खड़े हो गए हैं।

    चयन प्रक्रिया को लेकर मुख्य चयनकर्ता Ajit Agarkar और हेड कोच Gautam Gambhir के बीच चर्चा की भी खबरें हैं। दोनों के बीच रणनीतिक दृष्टिकोण को लेकर मतभेद की बातें सामने आ रही हैं, हालांकि अंतिम फैसला चयन समिति की सहमति से ही लिया जाएगा।

    टीम इंडिया के लिए आगामी आयरलैंड और इंग्लैंड दौरा बेहद अहम माना जा रहा है, जहां कप्तानी को लेकर अंतिम संकेत मिल सकते हैं। अब सबकी नजर इस पर टिकी है कि क्या सूर्यकुमार यादव अपनी कप्तानी बचा पाएंगे या फिर भारतीय टी20 क्रिकेट में एक नए नेतृत्व युग की शुरुआत श्रेयस अय्यर के हाथों होगी।

  • युवा खिलाड़ी पर गावस्कर का बड़ा बयान! आयुष म्हात्रे को बताया खास, दी सोच बदलने वाली सलाह

    युवा खिलाड़ी पर गावस्कर का बड़ा बयान! आयुष म्हात्रे को बताया खास, दी सोच बदलने वाली सलाह


    नई दिल्ली। चेन्नई सुपर किंग्स और पंजाब किंग्स के बीच खेले गए मुकाबले में पंजाब ने 5 विकेट से शानदार जीत दर्ज की। इस मैच में जहां एक ओर युवा बल्लेबाज आयुष म्हात्रे ने चेन्नई के लिए दमदार पारी खेली, वहीं प्रियांश आर्या ने तूफानी बल्लेबाजी से मैच का रुख पलट दिया।

    गावस्कर ने की आयुष म्हात्रे की जमकर तारीफ

    मैच के बाद ‘अमूल क्रिकेट लाइव’ शो में बात करते हुए दिग्गज बल्लेबाज सुनील गावस्कर ने आयुष म्हात्रे की मानसिकता की खुलकर सराहना की। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी की सबसे बड़ी खासियत यही है कि वे पिछली गलतियों को जल्दी भूलकर आगे बढ़ते हैं।

    गावस्कर के मुताबिक, पिछले मैच में पहली गेंद पर आउट होने के बावजूद आयुष पर कोई दबाव नहीं दिखा और उन्होंने बेखौफ बल्लेबाजी करते हुए 43 गेंदों पर 73 रन ठोक दिए। उन्होंने यह भी कहा कि नंबर-3 का स्थान आयुष के लिए बिल्कुल उपयुक्त नजर आता है।

    चेन्नई की गेंदबाजी बनी चिंता

    गावस्कर ने चेन्नई सुपर किंग्स की गेंदबाजी पर भी चिंता जताई। उनका मानना है कि टीम को आगे के मैचों में जीत के लिए 225-230 जैसे बड़े स्कोर खड़े करने पड़ सकते हैं, क्योंकि गेंदबाज अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर पा रहे हैं।

    उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि पंजाब के मार्कस स्टोइनिस जैसे खिलाड़ी निचले क्रम में आकर भी आसानी से रन बना रहे हैं, जो विरोधी टीमों के लिए खतरे की घंटी है।

    प्रियांश आर्या की आक्रामक बल्लेबाजी पर पुजारा की राय

    भारतीय बल्लेबाज चेतेश्वर पुजारा ने प्रियांश आर्या की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि प्रियांश बहुत जल्दी गेंद की लेंथ पहचान लेते हैं और छोटी गेंदों पर बेझिझक बड़े शॉट खेलते हैं।

    पुजारा के मुताबिक, प्रियांश ऑफ साइड और लेग साइड दोनों पर सहज हैं, जिससे गेंदबाजों के लिए उनके खिलाफ गलती की कोई गुंजाइश नहीं बचती।

    रोहित शर्मा की फिटनेस पर भी चर्चा

    गावस्कर ने रोहित शर्मा की फिटनेस में आए बदलाव की भी तारीफ की। उन्होंने कहा कि रोहित की मेहनत अब साफ दिख रही है—उनका फुटवर्क तेज हुआ है और वह पहले से ज्यादा ऊर्जावान नजर आ रहे हैं।

    मैच का पूरा हाल

    इस मुकाबले में चेन्नई सुपर किंग्स ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 210 रन बनाए। जवाब में पंजाब किंग्स ने 18.4 ओवर में 5 विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया।

  • BCCI ने घोषित किया 2026-27 घरेलू क्रिकेट शेड्यूल, जानिए कब-कब होंगे मुकाबले

    BCCI ने घोषित किया 2026-27 घरेलू क्रिकेट शेड्यूल, जानिए कब-कब होंगे मुकाबले


    नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने 2026-27 सीजन के लिए भारतीय सीनियर पुरुष टीम के अंतरराष्ट्रीय घरेलू मैचों का शेड्यूल जारी कर दिया है। इस सीजन में चार विदेशी टीमें-वेस्टइंडीज, श्रीलंका, जिम्बाब्वे और ऑस्ट्रेलिया-भारत दौरे पर आएंगी। कुल 22 इंटरनेशनल मैच 17 शहरों में खेले जाएंगे, जिससे क्रिकेट प्रेमियों को पूरे देश में रोमांचक मुकाबले देखने का मौका मिलेगा।

    वेस्टइंडीज का भारत दौरा: सितंबर-अक्टूबर 2026

    सीजन की शुरुआत वेस्टइंडीज के भारत दौरे से होगी। 27 सितंबर से 3 अक्टूबर के बीच तीन वनडे मैच और 6 से 17 अक्टूबर के बीच पांच टी20 मुकाबले खेले जाएंगे।

    वनडे मैच:
    27 सितंबर: त्रिवेंद्रम
    30 सितंबर: गुवाहाटी
    3 अक्टूबर: न्यू चंडीगढ़
    टी20 मैच:
    6 अक्टूबर: लखनऊ
    9 अक्टूबर: रांची
    11 अक्टूबर: इंदौर
    14 अक्टूबर: हैदराबाद
    17 अक्टूबर: बेंगलुरु

    श्रीलंका का भारत दौरा: दिसंबर 2026

    दिसंबर में श्रीलंकाई टीम भारत दौरे पर आएगी और तीन वनडे और तीन टी20 मैच खेलेगी।

    वनडे मैच:
    13 दिसंबर: दिल्ली
    16 दिसंबर: बेंगलुरु (एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम, लगभग दो साल बाद अंतरराष्ट्रीय मैच)
    19 दिसंबर: अहमदाबाद
    टी20 मैच:
    22 दिसंबर: राजकोट
    24 दिसंबर: कटक
    27 दिसंबर: पुणे
    जिम्बाब्वे का भारत दौरा: जनवरी 2027

    नए साल की शुरुआत में जिम्बाब्वे टीम भारत दौरे पर आएगी। 3 से 9 जनवरी के बीच तीन वनडे मैच होंगे।

    3 जनवरी: कोलकाता
    6 जनवरी: हैदराबाद
    9 जनवरी: मुंबई
    ऑस्ट्रेलिया का भारत दौरा और बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी: जनवरी-मार्च 2027

    सीजन का समापन ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के साथ होगा। टेस्ट सीरीज 21 जनवरी से 3 मार्च तक खेली जाएगी।

    21-25 जनवरी: पहला टेस्ट (नागपुर)
    29 जनवरी-2 फरवरी: दूसरा टेस्ट (चेन्नई)
    11-15 फरवरी: तीसरा टेस्ट (गुवाहाटी, बरसापारा स्टेडियम पहली बार टेस्ट की मेजबानी)
    19-23 फरवरी: चौथा टेस्ट (रांची)
    27 फरवरी-3 मार्च: पांचवां टेस्ट (अहमदाबाद)

    गुवाहाटी का बरसापारा क्रिकेट स्टेडियम पहली बार बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में टेस्ट मैच की मेजबानी करेगा।
    बेंगलुरु का एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम लगभग दो साल बाद अंतरराष्ट्रीय मैच की मेजबानी करेगा।
    इस सीजन में कुल 22 इंटरनेशनल मैच 17 शहरों में आयोजित होंगे, जिससे देशभर के क्रिकेट प्रेमियों को रोमांचक मुकाबले देखने का अवसर मिलेगा।

  • युवराज से सीखेंगे पंत? Yuvraj Singh के साथ जुड़ाव को लेकर आई बड़ी प्रतिक्रिया

    युवराज से सीखेंगे पंत? Yuvraj Singh के साथ जुड़ाव को लेकर आई बड़ी प्रतिक्रिया


    नई दिल्ली आईपीएल 2026 से पहले ऋषभ पंत को लेकर पूर्व भारतीय बल्लेबाज आकाश चोपड़ा ने बड़ा बयान दिया है। चोपड़ा का दावा है कि नेशनल सुपर जायंट्स के कैप्टन पंत को अपने खेल के तरीकों में बदलाव करना होगा, अन्यथा भविष्य में उन्हें नुकसान उठाना पड़ सकता है।

    रेप्युटेशन के कैदी बन गए हैं पंत

    आकाश चोपड़ा ने कहा कि पंत अपनी आक्रामक ऑलट्रॉयल स्टाइल के कारण खुद की बनाई छवि के कैदी बन गए हैं। वह हर स्थिति में जोखिम के खिलाफ गोलीबारी की कोशिश करती है, जो कई बार सामने आती है। चोपड़ा के अनुसार, अगर पंत को भारत की राष्ट्रीय क्रिकेट टीम टी20 में वापसी करनी है, तो उन्हें अपने खेल की तकनीक पर ध्यान देना होगा और स्थिति के अनुसार नाटकीय प्रदर्शन करना होगा।

    ख़राब फॉर्म और दाग़ चिंता का विषय

    पिछले आईपीएल सीजन में पंत के प्रदर्शन की उम्मीद नहीं जताई जा रही थी। वे 13 मैचों में सिर्फ 269 रन बनाए और उनका औसत 24.45 रहा। चोपड़ा का कहना है कि पंत को कई खिलाड़ी मिले, लेकिन उन्होंने अपने खेल में कोई बदलाव नहीं किया और लगातार शेयर बाजार में बने रहे। यही कारण है कि वह राष्ट्रीय टीम की टी-20 से बाहर हो गए हैं।

    द्रविड़ को भी पसंद नहीं था एप्रोच

    चोपड़ा ने यह भी बताया कि पंत के पूर्व ऑल-ऑथिक कोच राहुल द्रविड़ भी बिल्कुल पसंद नहीं थे, हालांकि टेस्ट क्रिकेट में उनके अच्छे नतीजे आ रहे हैं। इससे साफ है कि पंत को अपने शॉट सिलेक्शन और मैच सिचुएशन को इशारा करने पर सबसे ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है।

    यूके से दिशानिर्देश लेना सकारात्मक संकेत

    हालांकि, चोपड़ा ने पंत के वन स्टेप की शोभा भी बढ़ा दी। उन्होंने कहा कि युवराज सिंह की तरफ से पंत की तरफ से की गई सलाह एक सकारात्मक संकेत है। यह दिखाया गया है कि वह अपने खेल में सुधार करना चाहती हैं और अपनी प्रेमिकाओं पर काम करने के लिए तैयार हैं।

    आईपीएल 2026 में होगी असली परीक्षा

    अब बिजनेस नजर आईपीएल 2026 पर है, जहां लखनऊ सुपर जायंट्स को अपने कप्तान से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद होगी। टीम अपना पहला मुकाबला दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ 1 अप्रैल को खेलेगी।

  • गिल का बयान चर्चा में, बोले- नंबर 1 बल्लेबाज को सलाह की जरूरत नहीं; अभिषेक पर भी दी राय

    गिल का बयान चर्चा में, बोले- नंबर 1 बल्लेबाज को सलाह की जरूरत नहीं; अभिषेक पर भी दी राय


    नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम के युवा सितारों के बीच शानदार तालमेल का एक मजेदार किस्सा सामने आया है। विस्फोटक ओपनर अभिषेक शर्मा ने खुलासा किया कि ICC मेन्स T20 वर्ल्ड कप 2026 के दौरान लगातार तीन बार ज़ीरो पर आउट होने के बाद वे शुभमन गिल से मदद मांगी थी।

    बल्ला मांगकर ढूंढी फॉर्म

    अभिषेक शर्मा ने बताया कि खराब फॉर्म से जूझते हुए उन्होंने गिल को मैसेज किया—“इससे पहले कि कोई और रिकॉर्ड बन जाए, मुझे अपना बल्ला दे दो।” यह बात मजाक में कही गई थी, लेकिन इससे उन्हें मानसिक रूप से काफी राहत मिली और आत्मविश्वास वापस आया।

    गिल का दिलचस्प जवाब

    जब शुभमन गिल से पूछा गया कि क्या उन्होंने अभिषेक को कोई सलाह दी थी, तो वे हंसते हुए कहा“दुनिया के नंबर-1 T20 बल्लेबाज को कौन सलाह देगा?
    गिल ने यह भी बताया कि अभिषेक अक्सर उनका बल्ला इस्तेमाल करते रहते हैं।

    प्रदर्शन रहा उतार-चढ़ाव भरा

    अभिषेक शर्मा का टूर्नामेंट में प्रदर्शन शुरुआत में नाकाम रहा और वह लगातार तीन बार ज़ीरो पर आउट हुए। हालांकि, वे वापसी करते हुए अहम मौकों पर शानदार बल्लेबाजी की।

    फाइनल में बड़ी भूमिका निभाई

    अभिषेक ने सुपर-8 में जिम्बाब्वे के खिलाफ और फाइनल में न्यूजीलैंड के खिलाफ बेहतरीन मुलाकात की, जिससे टीम को खिताब जीतने में बड़ी मदद मिली।

    टीम सिलेक्शन पर भी चर्चा

    वहीं शुभमन गिल को इस टूर्नामेंट के लिए टीम में शामिल नहीं किया गया था। उनकी जगह संजू सैमसन और इशान किशन को मौका दिया गया।

    यह किस्सा दिखाता है कि क्रिकेट सिर्फ टेक्नीक का खेल नहीं, बल्कि कॉन्फिडेंस और टीममेट्स के साथ रिश्तों का भी खेल है। गिल और अभिषेक की दोस्ती और हल्का-फुल्का अंदाज टीम के पॉजिटिव माहौल को भी बरकरार है।

  • टेस्ट क्रिकेट की वापसी का इशारा, आर अश्विन के अनुसार विराट कोहली में क्षमता बरकरार

    टेस्ट क्रिकेट की वापसी का इशारा, आर अश्विन के अनुसार विराट कोहली में क्षमता बरकरार


    नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट के दिग्गज खिलाड़ी विराट कोहली ने पिछले साल इंग्लैंड दौरे से पहले टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले लिया, जिसने क्रिकेट फैंस और आलोचकों दोनों को चौंका दिया। कोहली के इस फैसले को लेकर पूर्व स्पिनर आर अश्विन ने कहा है कि उनके अनुसार कोहली में अभी भी टेस्ट क्रिकेट बाकी था और वह रेड-बॉल क्रिकेट में टीम इंडिया के लिए योगदान दे सकते थे।

    अश्विन ने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा, “मैंने विराट से सीधे कहा था कि टेस्ट क्रिकेट में उनमें अभी भी क्रिकेट बाकी है। लेकिन सच कहूं तो यह ठीक है। भारत में सोच को लेकर थोड़ी समस्या है। उन्होंने हमेशा टीम को पहले रखा। टीम की जीत उनके लिए सबसे अहम रही। रिटायरमेंट का फैसला उनका है, लेकिन मुझे विश्वास है कि उनमें और क्रिकेट खेलने की क्षमता नियत थी।”

    विराट कोहली के टेस्ट से संन्यास लेने के पीछे कई कारण माने जा रहे हैं। उनके लिए 2024-25 का ऑस्ट्रेलिया दौरा चुनौतीपूर्ण साबित हुआ। वहां ऑफ-स्टंप के बाहर गेंदबाजी पर उनकी कमजोरी सामने आई। लय पाने के लिए कोहली रणजी ट्रॉफी में भी उतरे, लेकिन वहां उम्मीद के मुताबिक रन नहीं बने।

    अश्विन ने कहा कि बढ़ती उम्मीदों और मीडिया की सुर्खियों से थोड़ी राहत मिलने के कारण ही कोहली ने टेस्ट क्रिकेट से दूर जाने का फैसला लिया। उनका टेस्ट करियर शानदार रहा; 123 टेस्ट मैचों में 9,230 रन, 30 शतक और 31 अर्द्धशतक बनाना उनकी क्षमता का प्रमाण है। विराट का सर्वोच्च स्कोर 254 रन रहा।

    कप्तानी की भूमिका में भी कोहली ने टेस्ट क्रिकेट में टीम इंडिया को बढ़ाया। उनकी कप्तानी में टीम इंडिया दुनिया की सबसे मजबूत टीमों में शामिल हुई। अश्विन ने कहा, “विराट के टेस्ट से संन्यास लेने से रेड-बॉल क्रिकेट का एक शानदार चैप्टर अचानक बंद हो गया।”

    आर अश्विन खुद लंबे समय तक विराट के साथ टेस्ट टीम का हिस्सा रहे। अश्विन ने साल 2024 के अंत में ऑस्ट्रेलिया दौरे के बीच टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लिया था। कोहली, अश्विन और रोहित शर्मा के संन्यास ने भारतीय क्रिकेट मैनेजमेंट पर भी सवाल खड़े कर दिए थे। इसने यह दिखाया कि टीम ने ऐसे खिलाड़ी खो दिए जो अभी काफी योगदान दे सकते थे।

    अश्विन ने यह भी कहा कि कोहली ने हमेशा टीम को सर्वोपरि रखा और व्यक्तिगत उपलब्धियों से ज्यादा टीम की जीत को महत्व दिया। यही वजह है कि कोहली का टेस्ट क्रिकेट से जाना भारतीय क्रिकेट के लिए दर्दनाक नुकसान है, लेकिन फैंस को टी20 और वनडे फॉर्मेट में उनके शानदार प्रदर्शन का इंतजार रहेगा।

    विराट कोहली का टेस्ट करियर न केवल व्यक्तिगत आंकड़ों की वजह से याद किया जाएगा, बल्कि उनके कप्तान के रूप में टीम इंडिया को बढ़ाने देने, दबाव में शांत रहने और खेल की गुणवत्ता बनाए रखने के दृष्टिकोण से भी हमेशा याद रखा जाएगा।

  • आईपीएल 2026: विराट कोहली ने साथी खिलाड़ियों को दिया ‘एक भी मिनट बर्बाद ना करें’ का गुरु मंत्र

    आईपीएल 2026: विराट कोहली ने साथी खिलाड़ियों को दिया ‘एक भी मिनट बर्बाद ना करें’ का गुरु मंत्र


    नई दिल्ली आईपीएल 2026 के प्रोजेक्ट से पहले रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) के दिग्गज खिलाड़ी विराट कोहली ने टीम के बाकी सदस्यों को प्रेरित करते हुए कहा है कि उन्हें अभ्यास के हर सत्र का पूरा खेल खेलना चाहिए और एक मिनट में भी ब्रेक नहीं लेना चाहिए। माइकल का यह संदेश टीम की तैयारी और ग्रेड संवर्धन के लिए आया है।

    इस बार की चैंपियन सनराइजर्स हैदराबाद (एसआरएच) के साथ 28 मार्च को होम ग्राउंड एम. के साथ आरसीबी का पहला मुकाबला। चिन्नास्वामी स्टेडियम, बेंगलुरु में खेला जाएगा। इस मैच में और पूरे सीजन में टीम के खिलाड़ियों का प्रदर्शन अच्छा रहा। आरसीबी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर प्रैक्टिस सत्र का वीडियो साझा किया है, जिसमें कोहली टीम के साथ बातचीत नीचे दी गई है।

    कोहली ने कहा, ”पिछले दो-तीन सीजन में हमने कड़ी मेहनत की, जिससे हमें आईपीएल 2025 में पहली बार टाइटल जीतने में मदद मिली।

    विराट ने टीम को यह भी याद दिलाया कि कर्मचारियों को नौकरानी भेजना आसान नहीं है, और इसके लिए मानसिक तैयारी और शारीरिक फिटनेस दोनों जरूरी हैं। उनके जोर हर खिलाड़ी से पूरी क्षमता का उपयोग किया जा रहा है।

    कोहली 2008 से आरसीबी से जुड़े हुए हैं और लंबे समय तक टीम के कप्तान भी रहे हैं। उन्होंने टीम के लिए कई स्मारकों का प्रदर्शन किया। आईपीएल 2025 में खिताब जीतने में उनका योगदान बेहद अहम था। कोहली ने उस सीज़न में 15 मैचों में 8 मैचों में 657 रन बनाये थे।

    हालाँकि, विराट ने अंतर्राष्ट्रीय टी20 से संन्यास ले लिया है, लेकिन आईपीएल में उन्हें अब भी आकर्षण का केंद्र बना लिया गया है। आईपीएल 2026 में उनके चाहने वालों को उम्मीद है कि वह टीम के लिए नाटकीय प्रदर्शन करेंगे और प्रदर्शन में लगातार योगदान देंगे।

    आरसीबी के लिए यह सीज़न डीवीडी बनाने वाला है क्योंकि अब अन्य रिकॉर्ड भी पहले से अधिक मजबूत और तैयार हैं। कोहली के नेतृत्व और अनुभव से लेकर टीम की रणनीति और प्रदर्शन में सुधार की उम्मीद है। उनके गुरु मंत्र का उद्देश्य टीम को सकारात्मक प्रेरणा और निर्देशन के साथ मैदान पर उतारना है।

    आईपीएल 2026 के इस सीजन में आरसीबी के लिए डिफेंस डिफेंस और टीम की नई रणनीति परखने का मौका मिलेगा। विराट कोहली की प्रेरणा और खिलाड़ियों की मेहनत इस बार टीम को नई जहां तक ​​ले जाने की कोशिश है।

  • आईपीएल में कैप्टन की कुर्सी के लिए कितना तैयार ईशान किशन? हैरान कर देने वाले हैं ये आंकड़े

    आईपीएल में कैप्टन की कुर्सी के लिए कितना तैयार ईशान किशन? हैरान कर देने वाले हैं ये आंकड़े

    नई दिल्ली।  सनराइजर्स हैदराबाद ने आईपीएल 2026 की शुरुआत से पहले एक बड़ा फैसला लिया है। एसआरएच सीजन की शुरुआत में नए कैप्टन पैट कमिंस के निधन की वजह से खेलेगी। जब तक पैट कमिंस अपनी इंजरी से रिकवर वापस नहीं आ गए, तब तक हैदराबाद ने ईशान किशन को अपना नया कैप्टन चुना, वहीं अभिषेक शर्मा इस दौरान उप-कैप्टन की जिम्मेदारी निभाएंगे। एक तरफ जहां भारतीय खिलाड़ी ईशान किशन ने यह उपलब्धि हासिल की है, वहीं दूसरी तरफ उनके जहान में सवाल है कि क्या वह आईपीएल जैसे बड़े मंच पर प्लैटफॉर्म बनाने के लिए कितनी तैयार हैं? ऑर्डिज़ियन का प्रेसिडेंट ने अपनी बैटिंग परंपरा पर तो नहीं कहा?

    तो अपनी जानकारी के लिए बताएं, ईशान किशन आईपीएल में ‍विज्ञापन के लिए बिल्कुल तैयार हैं। उनके इस प्रमोशन के लिए चयन सिर्फ टी20 वर्ल्ड कप में उनकी सफलता को देखने के लिए नहीं किया गया है, बल्कि इसके पीछे उनके डोमेस्टिक क्रिकेट की कड़ी मेहनत है। जी हां, ईशान किशन की टीम इंडिया में कमबैक भी इसी डोमेस्टिक क्रिकेट की विचारधारा के दम पर हुआ था।

    2026 की शुरुआत में ही जब न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज और टी20 वर्ल्ड कप के लिए ईशान किशन का सेलेक्शन हुआ तो हर कोई हैरान रह गया कि अचानक उनकी टीम इंडिया में एंट्री कैसे हो गई। इनका नाम तो टी20 क्रिकेट में दूर-दूर तक नहीं था। मगर बता दें, जब सभी शुभमन गिल और संजू सैमसन खिलाड़ी पर ध्यान दिया गया था तब ईशान किशन डोमेस्टिक क्रिकेट में धमाल मचा रहे थे। ईशान किशन की अगुआई में ही मिर्जा शेख मुश्ताक अली ट्रॉफी का खिताब जीतने में कामयाब रहे थे। उन्होंने इस टूर्नामेंट में सैथ्थ कैप्टन ही नहीं बल्कि सैथ्थ सैक्टर से भी प्रेरणा ली थी।

    अगर टी20 के आंकड़े की बात करें तो, बेस्ट कैप्टन ईशान किशन ने 2019 से अब तक 29 टी20 मैचों में खिलाड़ी की है, जिसमें से उन्होंने 24 मैच जीते और केवल पांच हारे। वहीं, सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में उनके मैकेनिक ने झारखंड में 11 से फाइनल में 10 मैच जीते थे।

    कैप्टन बने हुए हैं और ख़ूंखार हो जाते हैं ईशान किशन
    ऑर्थोडॉक्स के थोक व्यापारी, मगर ईशान किशन के मामले में ऐसा नहीं है। कैप्टन वह बॅट से और खुंखार हो जाते हैं। किशन ने वैश्वीकरण की अतिरिक्त जिम्मेदारी बैठक में शानदार प्रदर्शन किया। कैप्टन के मुताबिक 29 टी20 मैचों में इस बाएं हाथ के बल्लेबाज ने 43.12 के शानदार औसत से 1,078 रन बनाए हैं। ख़ास बात यह है कि उनके सात टी20 शतकों में से चार शतक की बात तब आई थी, जब वे टीम की टीमें कर रहे थे।

  • विश्व कप हीरो संजू सैमसन को केरल सरकार करेगी सम्मानित, 16 मार्च को आयोजित होगा विशेष कार्यक्रम

    विश्व कप हीरो संजू सैमसन को केरल सरकार करेगी सम्मानित, 16 मार्च को आयोजित होगा विशेष कार्यक्रम


    नई दिल्ली।  भारतीय क्रिकेट टीम को टी20 विश्व कप 2026 में चैंपियन बनाने में अहम भूमिका निभाने वाले विकेटकीपर बल्लेबाज संजू सैमसन को उनके गृह राज्य केरल की सरकार द्वारा 16 मार्च को सम्मानित किया जाएगा। इसकी पुष्टि केरल सरकार के खेल मंत्रालय ने की है।

    मंत्रालय के मुताबिक, राज्य सरकार टी20 विश्व कप जीतने वाली भारतीय क्रिकेट टीम के सदस्य और टूर्नामेंट के श्रेष्ठ खिलाड़ी रहे संजू सैमसन को सम्मानित करेगी। सम्मान समारोह 16 मार्च को शाम 4 बजे तिरुवनंतपुरम सेंट्रल स्टेडियम में आयोजित होगा। मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन कार्यक्रम में उपस्थित रहेंगे।

    कार्यक्रम की अध्यक्षता खेल मंत्री वी अब्दुरहीमान करेंगे। इसके अलावा, राज्य सरकार के अन्य मंत्री और विभागों के मुख्य सचिव और गणमान्य अतिथि कार्यक्रम का हिस्सा बनेंगे। राज्य खेल मंत्रालय ने संजू सैमसन के स्वागत के लिए शानदार इंतजाम किया है। इससे पहले विश्व कप के बाद पहली बार तिरुवनंतपुरम पहुंचने पर एयरपोर्ट पर संजू सैमसन का गर्मजोशी से स्वागत किया गया था।

    संजू सैमसन टी20 विश्व कप 2026 में अपने प्रदर्शन के दम पर सबसे अहम और चर्चित खिलाड़ी बनकर उभरे हैं। टूर्नामेंट के शुरुआती चरण के अधिकांश मैचों से बाहर रहे सैमसन को टीम ने जिम्बाब्वे के खिलाफ सुपर-8 मैच में टीम इंडिया की प्लेइंग इलेवन में मौका मिला था। उस मैच में सैमसन ने 15 गेंदों पर 24 रन बनाए थे। इस छोटी पारी में उनका आत्मविश्वास साफ दिखा था।

    इसके बाद अगले तीन मैचों में संजू सैमसन की खेली तीन यादगार पारियों ने न सिर्फ भारतीय टीम को विश्व चैंपियन बनाने में सबसे अहम भूमिका अदा की, बल्कि उनका नाम भी इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में अंकित करा दिया।

    वेस्टइंडीज के खिलाफ क्वार्टरफाइनल जैसे मुकाबले में 50 गेंदों पर नाबाद 97 रन की पारी खेल सैमसन ने भारतीय टीम को सेमीफाइनल में पहुंचाया था। सेमीफाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ 42 गेंदों पर 89 रन की पारी खेल इस दाएं हाथ के विस्फोटक बल्लेबाज ने टीम इंडिया को फाइनल का टिकट दिलाया। फाइनल में न्यूजीलैंड के खिलाफ 46 गेंदों पर 89 रन की पारी खेल भारत की खिताबी जीत की पटकथा लिखी। वेस्टइंडीज और इंग्लैंड के खिलाफ प्लेयर ऑफ द मैच रहे संजू सैमसन ने टूर्नामेंट में केवल 5 मैच खेले और लगभग 200 की स्ट्राइक रेट से 321 रन बनाए। उन्हें टूर्नामेंट के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी के सम्मान से नवाजा गया। सैमसन की पारियों ने दुनियाभर के भारतीय क्रिकेट फैंस को रोमांचित कर दिया था।

  • टी20 विश्व कप 2026: आलोचना से आक्रामकता तक, तिलक वर्मा का दमदार जवाब

    टी20 विश्व कप 2026: आलोचना से आक्रामकता तक, तिलक वर्मा का दमदार जवाब

    नई दिल्ली। टी20 विश्व कप 2026 में अपनी धीमी बल्लेबाजी को लेकर आलोचना झेल रहे युवा बल्लेबाज तिलक वर्मा ने जिम्बाब्वे के खिलाफ विस्फोटक पारी खेलकर सभी को करारा जवाब दिया। टीम मैनेजमेंट ने इस मुकाबले में उन्हें तीसरे नंबर की बजाय छठे स्थान पर उतारा और तिलक ने इस भूमिका को पूरी तरह भुनाया।

    16 गेंदों में 44 रन, मैच का रुख बदला
    बाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने महज 16 गेंदों में नाबाद 44 रन ठोक दिए, जिसमें 4 छक्के और 3 चौके शामिल रहे। उनकी इस ताबड़तोड़ पारी ने भारत के स्कोर को 256 रन तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। तेज फिनिशिंग ने न सिर्फ टीम का मनोबल बढ़ाया, बल्कि यह भी दिखा दिया कि तिलक परिस्थिति के मुताबिक खुद को ढालने में माहिर हैं।

    “हर गेंद पर हिट के लिए तैयार”
    मैच के बाद तिलक ने कहा कि जब ओपनर मजबूत शुरुआत देते हैं तो उसका आत्मविश्वास मध्यक्रम तक पहुंचता है। उन्होंने माना कि टीम की रणनीति साफ थी-पावरप्ले में विकेट गिरने के बावजूद आक्रामक रवैया बनाए रखना। उनका कहना था कि विरोधी गेंदबाजों में यह डर बैठाना जरूरी है कि भारतीय बल्लेबाज हर गेंद पर बड़ा शॉट खेलने को तैयार हैं।

    रोल बदला, इरादा नहीं
    तिलक ने अपने बदले बल्लेबाजी क्रम पर भी खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि टीम को जहां जरूरत हो, वह वहां खेलने के लिए तैयार हैं। आईपीएल में मुंबई इंडियंस के लिए भी वह इसी तरह की भूमिका निभा चुके हैं और भारतीय टीम में भी अलग-अलग स्थानों पर खेल चुके हैं। उनका मानना है कि विकेट गिरने के तुरंत बाद दबाव तोड़ने के लिए आक्रामक शॉट जरूरी होते हैं।

    250 के पार जाने का लक्ष्य
    तिलक ने साफ किया कि टीम का इरादा सिर्फ बड़ा स्कोर बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि 250 के आंकड़े को लगातार पार करने का है। उन्होंने बताया कि मैच से पहले टीम ने पिछले साल की अपनी टी20 बल्लेबाजी के वीडियो देखे, जिससे आत्मविश्वास बढ़ा। अब यही आक्रामक सोच आगे के मुकाबलों में भी जारी रखने की तैयारी है।

    युवा बल्लेबाज का यह आत्मविश्वास साफ संकेत देता है कि भारतीय टीम सिर्फ जीतने नहीं, बल्कि दबदबा बनाने के इरादे से मैदान में उतर रही है।