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  • युवराज का दांव सफल! अभिषेक ने बल्ले से दिया करारा जवाब

    युवराज का दांव सफल! अभिषेक ने बल्ले से दिया करारा जवाब

    नई दिल्ली। टी20 विश्व कप 2026 के सुपर-8 चरण में भारतीय टीम ने जिम्बाब्वे के खिलाफ दमदार जीत दर्ज की, लेकिन इस मुकाबले की सबसे बड़ी कहानी रहे युवा सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा। टूर्नामेंट में लगातार खराब फॉर्म से जूझ रहे अभिषेक ने ठीक उसी वक्त शानदार अर्धशतक जड़कर आलोचकों को जवाब दिया, जब उन पर सवाल उठने लगे थे। उनकी इस पारी के बाद पूर्व दिग्गज ऑलराउंडर और मेंटर माने जाने वाले युवराज सिंह ने खास अंदाज में उनकी हौसला अफजाई की। युवराज ने इंस्टाग्राम पर लिखा, “सबसे अच्छी बातचीत तब होती है जब आप बल्ले को ही सारी बातें करने देते हैं। अच्छी पारी, सर अभिषेक, कोशिश करते रहो।”

    खराब फॉर्म से शानदार वापसी तक का सफर
    अभिषेक के लिए यह विश्व कप अब तक आसान नहीं रहा था। ग्रुप स्टेज के तीन मुकाबलों में वह लगातार शून्य पर आउट हुए थे। सुपर-8 के पहले मैच में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ भी वह महज 15 रन ही बना सके। उनकी खराब फॉर्म के चलते टीम इंडिया को हर मैच में कमजोर शुरुआत मिल रही थी और प्लेइंग इलेवन से बाहर किए जाने की चर्चाएं तेज हो गई थीं।

    हालांकि टीम मैनेजमेंट ने धैर्य दिखाया और उन पर भरोसा कायम रखा। जिम्बाब्वे के खिलाफ मौका मिलने पर अभिषेक ने इस विश्वास को सही साबित किया। संजू सैमसन के साथ पारी की शुरुआत करते हुए उन्होंने शुरुआत में संयम बरता और फिर लय मिलते ही आक्रामक अंदाज अपनाया।

    30 गेंदों में बदली मैच की तस्वीर
    बाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने सिर्फ 30 गेंदों में 55 रन ठोक दिए, जिसमें 4 चौके और 4 गगनचुंबी छक्के शामिल रहे। उनकी तेज पारी की बदौलत भारत ने 4 विकेट पर 256 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। जवाब में जिम्बाब्वे की टीम 184 रन पर सिमट गई और भारत ने 72 रन से मुकाबला अपने नाम किया।

    यह अर्धशतक सिर्फ आंकड़ा नहीं था, बल्कि आत्मविश्वास की वापसी का प्रतीक था। लंबे समय बाद अभिषेक अपने स्वाभाविक खेल में नजर आए और टीम को वह शुरुआत दिलाई, जिसकी जरूरत थी।

    वेस्टइंडीज मुकाबले से पहले राहत
    जिम्बाब्वे के खिलाफ इस प्रदर्शन से टीम इंडिया को सुपर-8 के आखिरी मुकाबले से पहले बड़ी राहत मिली है। अब सबकी नजरें इस बात पर होंगी कि क्या अभिषेक अपनी इस लय को बरकरार रख पाते हैं। युवराज की सीख साफ है-बल्ला बोलेगा, तो जवाब अपने आप मिल जाएगा।

  • वैभव सूर्यवंशी पर भारी पड़ा BCCI का नियम: 14 साल की उम्र में ही खत्म हुआ अंडर-19 वर्ल्ड कप का सफर

    वैभव सूर्यवंशी पर भारी पड़ा BCCI का नियम: 14 साल की उम्र में ही खत्म हुआ अंडर-19 वर्ल्ड कप का सफर


    नई दिल्ली ।अंडर-19 वर्ल्ड कप के फाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ 80 गेंदों में 175 रनों की तूफानी पारी खेलकर भारत को छठा खिताब दिलाने वाले वैभव सूर्यवंशी आज हर भारतीय क्रिकेट प्रेमी की जुबान पर हैं। पूरे टूर्नामेंट में 439 रन और रिकॉर्ड 30 छक्के जड़ने वाले वैभव की उम्र अभी सिर्फ 14 साल है। कायदे से देखा जाए तो 27 मार्च को 15 साल के होने जा रहे वैभव 2028 और उसके बाद के भी अंडर-19 वर्ल्ड कप खेलने की उम्र रखते हैं, लेकिन भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड BCCI का एक नियम उनके इस मौके को छीन चुका है।

    बीसीसीआई का वो सख्त नियम क्या है? दरअसल, बीसीसीआई ने साल 2016 में जूनियर क्रिकेट के ढांचे में एक बड़ा बदलाव किया था। इस नियम के तहत कोई भी भारतीय खिलाड़ी अपने करियर में केवल एक ही बार अंडर-19 वर्ल्ड कप में हिस्सा ले सकता है। बोर्ड का मानना है कि ऐसा करने से नए खिलाड़ियों को मौका मिलता है और टैलेंट पूल का दायरा बढ़ता है। यदि किसी खिलाड़ी को एक से ज्यादा बार मौका दिया जाए, तो वह नए टैलेंट का रास्ता रोकता है। यही कारण है कि वैभव सूर्यवंशी अब भविष्य में दोबारा कभी भी भारत की अंडर-19 विश्व कप टीम की जर्सी नहीं पहन पाएंगे।

    इतिहास के पन्नों में दर्ज हैं ये नाम 2016 से पहले नियम अलग थे। उस समय कई खिलाड़ियों ने अपनी उम्र के आधार पर एक से अधिक बार इस टूर्नामेंट में भाग लिया था। भारतीय टीम के मौजूदा सितारे रवींद्र जडेजा, सरफराज खान, आवेश खान, विजय जोल और रिकी भुई ऐसे नाम हैं जिन्होंने एक से ज्यादा बार अंडर-19 वर्ल्ड कप खेला है। सरफराज खान ने तो दो वर्ल्ड कप में शानदार प्रदर्शन कर काफी सुर्खियां बटोरी थीं, लेकिन वैभव अब इस फेहरिस्त में शामिल नहीं हो सकेंगे।

    आगे क्या है वैभव का रास्ता? भले ही वैभव अब अंडर-19 वर्ल्ड कप न खेल पाएं, लेकिन उनकी इस उम्र में ऐसी परिपक्व बल्लेबाजी ने उनके लिए टीम इंडिया के सीनियर स्क्वॉड के दरवाजे खोल दिए हैं। एक्सपर्ट्स का मानना है कि बीसीसीआई अब उन्हें सीधे घरेलू क्रिकेट (रणजी ट्रॉफी) और इंडिया-ए के दौरों पर भेजकर सीनियर टीम के लिए तैयार करेगा। वैभव ने जो तबाही 14 साल की उम्र में मचाई है, उसने साबित कर दिया है कि वह ‘लंबी रेस के घोड़े’ हैं और अब उनका लक्ष्य सीधे नीली जर्सी पहनकर सीनियर वर्ल्ड कप में तिरंगा लहराना होगा।

  • टीम इंडिया का बड़ा ऐलान: शुभमन गिल बने कप्तान, सिराज-श्रेयस की धमाकेदार वापसी, ऋतुराज बाहर!

    टीम इंडिया का बड़ा ऐलान: शुभमन गिल बने कप्तान, सिराज-श्रेयस की धमाकेदार वापसी, ऋतुराज बाहर!


    नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम की नए साल में पहली बड़ी चुनौती न्यूजीलैंड के खिलाफ होने जा रही है। 11 जनवरी से शुरू होने वाली तीन मैचों की वनडे सीरीज के लिए बीसीसीआई ने शनिवार को टीम इंडिया का ऐलान कर दिया है। इस सीरीज में एक बार फिर रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे दिग्गज खिलाड़ी भारतीय जर्सी में नजर आएंगे, जबकि तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज और उप-कप्तान श्रेयस अय्यर की टीम में वापसी हुई है। वहीं शानदार फॉर्म में होने के बावजूद ऋतुराज गायकवाड़ को वनडे टीम से बाहर रखा गया है, जो चयनकर्ताओं के फैसले पर सवाल खड़े कर रहा है।

    न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज की कमान युवा बल्लेबाज शुभमन गिल को सौंपी गई है। शुभमन साउथ अफ्रीका के खिलाफ पिछली वनडे सीरीज में चोट के कारण नहीं खेल पाए थे, उस दौरान केएल राहुल ने कप्तानी संभाली थी और भारत ने वह सीरीज 2-1 से जीती थी।

    अब शुभमन पूरी तरह फिट होकर कप्तान के रूप में वापसी कर रहे हैं, जिससे टीम को स्थिरता मिलने की उम्मीद है।

    टीम चयन में सबसे बड़ी राहत मोहम्मद सिराज की वापसी को माना जा रहा है। सिराज के आने से भारतीय तेज गेंदबाजी आक्रमण और मजबूत हुआ है। वहीं श्रेयस अय्यर को उप-कप्तान बनाया गया है, हालांकि उनका खेलना फिटनेस क्लीयरेंस पर निर्भर करेगा। श्रेयस ऑस्ट्रेलिया दौरे के दौरान चोटिल हो गए थे और तभी से प्रतिस्पर्धी क्रिकेट से दूर हैं।

    चयनकर्ताओं ने साफ किया है कि मेडिकल टीम से हरी झंडी मिलने के बाद ही वे प्लेइंग इलेवन का हिस्सा बनेंगे।

    हालांकि अनुभवी तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी को एक बार फिर टीम में जगह नहीं मिल पाई है। शमी आखिरी बार आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी 2025 में भारत के लिए खेले थे, जहां टीम इंडिया ने फाइनल में न्यूजीलैंड को हराकर खिताब जीता था। इसके अलावा घरेलू क्रिकेट में अच्छा प्रदर्शन कर रहे देवदत्त पडिक्कल और ईशान किशन को भी वनडे स्क्वॉड में शामिल नहीं किया गया है। विकेटकीपर के तौर पर ऋषभ पंत और केएल राहुल पर चयनकर्ताओं ने भरोसा जताया है।

    टीम चयन का सबसे चौंकाने वाला फैसला ऋतुराज गायकवाड़ को बाहर करना रहा।

    ऋतुराज साउथ अफ्रीका के खिलाफ वनडे सीरीज में शतक लगा चुके हैं, इसके बावजूद उन्हें टीम से बाहर कर दिया गया। उनके साथ ध्रुव जुरेल और तिलक वर्मा को भी बाहर का रास्ता दिखाया गया है। यह फैसला फैंस और क्रिकेट विशेषज्ञों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।

    न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज के लिए भारतीय टीम में शुभमन गिल (कप्तान), रोहित शर्मा, विराट कोहली, केएल राहुल (विकेटकीपर), श्रेयस अय्यर (उप-कप्तान*), वॉशिंगटन सुंदर, रवींद्र जडेजा, मोहम्मद सिराज, हर्षित राणा, प्रसिद्ध कृष्णा, कुलदीप यादव, ऋषभ पंत (विकेटकीपर), नीतीश कुमार रेड्डी, अर्शदीप सिंह और यशस्वी जायसवाल को शामिल किया गया है।

    भारत और न्यूजीलैंड के बीच वनडे सीरीज का पहला मुकाबला 11 जनवरी को वडोदरा में खेला जाएगा, दूसरा वनडे 14 जनवरी को राजकोट में और तीसरा वनडे 18 जनवरी को इंदौर में होगा। इसके बाद दोनों टीमों के बीच 21 जनवरी से पांच मैचों की टी20 सीरीज भी खेली जाएगी। न्यूजीलैंड के खिलाफ यह दौरा टीम इंडिया के लिए साल 2026 की शुरुआत में खुद को परखने का बड़ा मौका माना जा रहा है।

  • स्मृति मंधाना का रिकॉर्ड चैलेंज: शुभमन गिल को पछाड़कर बन सकती हैं 2025 की सबसे बड़ी रन मशीन

    स्मृति मंधाना का रिकॉर्ड चैलेंज: शुभमन गिल को पछाड़कर बन सकती हैं 2025 की सबसे बड़ी रन मशीन


    नई दिल्ली: भारत और श्रीलंका के बीच पांच मैचों की टी20 सीरीज का पांचवां और आखिरी मुकाबला आज यानी मंगलवार, 30 दिसंबर को खेला जा रहा है। यह 2025 में टीम इंडिया का अंतिम मैच भी है। मैच से पहले क्रिकेट की नजरें उप-कप्तान स्मृति मंधाना पर टिकी हुई हैं, जो इस साल के रिकॉर्ड बनाने के करीब हैं।टीम इंडिया इस मैच में 5-0 से क्लीन स्वीप करने के इरादे से उतरेगी लेकिन मंधाना का ध्यान अब व्यक्तिगत रिकॉर्ड पर है। 2025 में उन्होंने महिला क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने का कारनामा किया है। अब उनका लक्ष्य पुरुष और महिला क्रिकेट दोनों मिलाकर इस साल सबसे ज्यादा रन बनाने वाली बल्लेबाज बनना है। इसके लिए उन्हें पुरुष क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले शुभमन गिल का रिकॉर्ड तोड़ना होगा।

    स्मृति मंधाना ने इस साल सभी फॉर्मेट में कुल 1,703 रन बनाए हैं। वहीं शुभमन गिल ने 2025 में 1,764 रन बनाए हैं। अगर मंधाना आज श्रीलंका के खिलाफ कम से कम 62 रन बनाने में कामयाब रहती हैं, तो वह पुरुष और महिला दोनों क्रिकेट मिलाकर सबसे ज्यादा रन बनाने वाली खिलाड़ी बन जाएंगी।मंधाना के इस साल के परफॉर्मेंस की बात करें तो उनके अधिकांश रन वनडे फॉर्मेट में आए हैं। उन्होंने 23 वनडे मुकाबलों में 61.9 की औसत के साथ 1,362 रन बनाए, जिनमें 5 शतक शामिल हैं। इसके अलावा, टी20 फॉर्मेट में उन्होंने 9 मैचों में एक शतक के साथ 341 रन बनाए। मंधाना ने भारतीय महिला टीम को पहला वर्ल्ड कप जीताने में अहम योगदान दिया था।

    स्मृति मंधाना का अंतरराष्ट्रीय करियर भी बेहद शानदार रहा है। टेस्ट क्रिकेट में उन्होंने 7 मैचों और 12 पारियों में 57.18 की औसत से 629 रन बनाए, जिसमें दो शतक और तीन अर्धशतक शामिल हैं। वनडे में उन्होंने 117 मैचों में 48.38 की औसत से 5,322 रन बनाए, जिसमें 14 शतक और 34 अर्धशतक शामिल हैं। इस प्रदर्शन के दम पर वह वनडे में छठी सबसे ज्यादा रन बनाने वाली खिलाड़ी बन गई हैं। T20I में उन्होंने 157 मैचों में 29.94 की औसत और 124.22 के स्ट्राइक रेट से 4,102 रन बनाए हैं, जिसमें एक शतक और 32 अर्धशतक शामिल हैं। वह T20I में दूसरी सबसे ज्यादा रन बनाने वाली खिलाड़ी हैं।

    इस मुकाबले में मंधाना का प्रदर्शन सिर्फ व्यक्तिगत रिकॉर्ड तक सीमित नहीं रहेगा। टीम इंडिया की जीत के साथ वह इतिहास रच सकती हैं। फैंस और क्रिकेट विशेषज्ञ दोनों इस मैच और मंधाना के प्रदर्शन को लेकर बेहद उत्साहित हैं। उनके रन केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि भारतीय महिला क्रिकेट की बढ़ती ताकत और पुरुष क्रिकेट के रिकॉर्ड को चुनौती देने का प्रतीक हैं।इस मुकाबले का परिणाम और मंधाना का प्रदर्शन निश्चित रूप से 2025 की क्रिकेट वर्ष की सबसे चर्चित घटनाओं में शामिल होगा।

  • सरफराज अहमद ने भारतीय खिलाड़ियों के लिए किया इस गंदे शब्द का इस्तेमाल, लीक हुआ ऑडियो

    सरफराज अहमद ने भारतीय खिलाड़ियों के लिए किया इस गंदे शब्द का इस्तेमाल, लीक हुआ ऑडियो


    नई दिल्ली।अंडर 19 एशिया कप के फाइनल में भारत को पाकिस्तान से करारी हार मिली. पाकिस्तान ने एकतरफा अंदाज में खिताबी मुकाबला 191 रनों से जीता. पहले बल्लेबाजी करते हुए पाकिस्तान ने 347 रन बनाए, जवाब में भारतीय टीम सिर्फ 156 रनों पर ढेर हो गई. इस मैच में टीम इंडिया ने बेहद खराब खेल दिखाया लेकिन इस बीच उसके खिलाफ पाकिस्तान के मेंटॉर सरफराज अहमद ने कुछ ऐसा कर दिया जिसके बाद से सोशल मीडिया पर मानो हंगामा मचा हुआ है. सरफराज अहमद ने भारतीय खिलाड़ियों के लिए बेहद गंदे शब्द का इस्तेमाल किया.

    सरफराज अहमद ने क्या कहा?
    सरफराज अहमद का एक ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है जिसमें वो जाहिल शब्द का इस्तेमाल कर रहे हैं. सरफराज अहमद अपनी टीम के खिलाड़ियों को निर्देश देते हुए कह रहे थे कि जाहिलों की तरह जाहिर नहीं होना, तमीज के दायरे में खेलो. यहां सरफराज अहमद टीम इंडिया के खिलाड़ियों को जाहिल कहते दिख रहे थे.
    पाकिस्तानी खिलाड़ियों ने की बदतमीजी
    इस मुकाबले में पाकिस्तान के खिलाड़ियों ने भारतीय खिलाड़ियों से बदतमीजी भी की. पाकिस्तान के तेज गेंदबाज अली राजा ने भारतीय कप्तान आयुष म्हात्रे और वैभव सूर्यवंशी को अपशब्द कहे, जिसके बाद ये दोनों खिलाड़ी उनके साथ भिड़ते नजर आए. मैच में दोनों टीमों के खिलाड़ियों के बीच तल्खी देखी गई. ये पाकिस्तानी खिलाड़ियों की रणनीति ही थी जिसने भारतीय बल्लेबाजों को परेशान किया, अंत में टीम इंडिया को हार मिली
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    फाइनल में फेल टीम इंडिया
    टीम इंडिया ने फाइनल मैच में टॉस जीतकर पहले फील्डिंग का फैसला किया और ये फैसला उसके लिए काफी गलत साबित हुए. पाकिस्तान की टीम की ओर से ओपनर समीर मिन्हास ने तूफानी बैटिंग करते हुए 113 गेंदों में 172 रन ठोके. इस खिलाड़ी ने 9 छक्के और 17 चौके मारे. अहमद हुसैन ने 56 रनों की पारी खेली. उस्मान खान ने 35 रन बनाए. पाकिस्तान ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 347 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया. भारतीय अंडर 19 टीम इतने बड़े लक्ष्य के जवाब में बिखर गई. वैभव सूर्यवंशी 10 गेंद में 26 रन बनाकर आउट हो गए. आयुष म्हात्रे 2 ही रन बना सके. एरॉन जॉर्ज ने 16 रन बनाए. विहान मल्होत्रा, वेदांत त्रिवेदी भी फेल रहे.

  • IND vs SA: हार के बाद दिनेश कार्तिक ने वीडियो शेयर कर जताई हताशा

    IND vs SA: हार के बाद दिनेश कार्तिक ने वीडियो शेयर कर जताई हताशा

    नई दिल्ली। दिनेश कार्तिक ने हालिया हार के बाद टीम चयन और टीम संतुलन पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि इस सीरीज में भारत ने अत्यधिक ऑलराउंडर्स खिलाए, जिससे टीम का संतुलन बिगड़ गया। उन्होंने उदाहरण देते हुए नीतीश रेड्डी का जिक्र किया जो घरेलू सीजन में सिर्फ 14 ओवर फेंककर टेस्ट टीम में पेस ऑलराउंडर की भूमिका निभाने आए।

    कार्तिक ने कहा:

    इस सीरीज में भारत के केवल दो खिलाड़ियों ने फिफ्टी बनाई, जबकि दक्षिण अफ्रीका के सात खिलाड़ियों ने अर्धशतक जमाए। यह साफ दिखाता है कि हम कितने पीछे हैं।

    नंबर-3 की अस्थिरता बड़ी कमजोरी

    पूर्व विकेटकीपर ने नंबर-3 की भूमिका को टीम की सबसे बड़ी कमजोरी बताया। उन्होंने कहा कि पिछले टेस्ट चैंपियनशिप में नंबर-3 की जगह लगातार बदलती रही और बल्लेबाज का औसत केवल 26 का रहा।

    कार्तिक ने तंज भरे अंदाज में कहा:

    आखिर हमारा पक्का नंबर-3 कौन है? कभी सुदर्शन खेलते हैं कभी वॉशिंगटन सुंदर। हर मैच में बदलाव करने से टीम में स्थिरता कैसे आएगी? अगला टेस्ट अगले साल दिनेश कार्तिक ने यह भी याद दिलाया कि अगला टेस्ट अगले साल जून में है, यानी सात महीने का लंबा अंतर। उन्होंने सवाल
    उठाया, क्या हम इस हार को भूल जाएंगे, या इसे सुधार की शुरुआत के रूप में इस्तेमाल करेंगे?

    भारतीय टीम के लिए यह हार केवल अंक तालिका में नहीं बल्कि मानसिक और रणनीतिक चुनौती के रूप में भी सामने आई है। फैन्स और विशेषज्ञ अब देख रहे हैं कि टीम इंडिया इस गंभीर चेतावनी को सुधार की दिशा में कैसे इस्तेमाल करती है।