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  • अफगानिस्तान सीरीज से पहले अभिषेक शर्मा का बड़ा धमाका, 26 गेंदों में 77 रन ठोककर चयनकर्ताओं को दिया जोरदार संदेश

    अफगानिस्तान सीरीज से पहले अभिषेक शर्मा का बड़ा धमाका, 26 गेंदों में 77 रन ठोककर चयनकर्ताओं को दिया जोरदार संदेश


    नई दिल्ली। अफगानिस्तान के खिलाफ आगामी टी20 सीरीज से पहले भारतीय सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा ने अपने बल्ले की धाक एक बार फिर दिखा दी है। शेर-ए-पंजाब टी20 लीग में अमृतसर सूरमाज के कप्तान के तौर पर खेलते हुए अभिषेक ने ऐसी विस्फोटक पारी खेली जिसने आगामी सीरीज के लिए उनकी दावेदारी को और मजबूत कर दिया। 30 अगस्त को मोहाली के पीसीए आईएस बिंद्रा स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में अभिषेक ने महज 26 गेंदों पर 77 रन ठोक दिए। उनकी इस पारी में 6 चौके और 7 छक्के शामिल रहे। सबसे खास बात यह रही कि उन्होंने सिर्फ 17 गेंदों में अपनी फिफ्टी पूरी कर ली और अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से मैदान में मौजूद दर्शकों के साथ क्रिकेट फैन्स का भी ध्यान खींच लिया।
    अभिषेक ने पारी की शुरुआत से ही गेंदबाजों पर दबाव बनाना शुरू कर दिया था। उनका स्ट्राइक रेट 296.15 रहा जो उनकी आक्रामक बल्लेबाजी का अंदाजा देने के लिए काफी है। पावरप्ले में तेजी से रन बनाने की उनकी क्षमता पहले भी चर्चा में रही है और इस मुकाबले में भी उन्होंने उसी अंदाज को दोहराया। अभिषेक के साथ ओपनिंग करने वाले सहज धवन ने 18 गेंदों में 45 रन बनाए जबकि नमन धीर ने 22 गेंदों में 47 रनों की तेज पारी खेली। नमन की पारी में पांच छक्के और एक चौका शामिल रहा। इन तूफानी पारियों के दम पर अमृतसर सूरमाज ने 19.5 ओवर में 258 रन का विशाल स्कोर खड़ा कर दिया।

    हालांकि 258 रन बनाने के बावजूद अमृतसर की टीम मुकाबला जीत नहीं सकी। मोहाली किंग्स ने जबरदस्त रन चेज करते हुए 19.3 ओवर में 259 रन बनाकर पांच विकेट से मैच अपने नाम कर लिया। मोहाली की जीत के सबसे बड़े नायक अनमोलप्रीत सिंह रहे जिन्होंने 51 गेंदों पर 133 रनों की विस्फोटक पारी खेली। उन्होंने अपनी पारी में 10 चौके और 12 छक्के लगाए। कप्तान रमनदीप सिंह ने भी 40 गेंदों पर नाबाद 69 रन बनाकर उनका बेहतरीन साथ दिया। दोनों ने चौथे विकेट के लिए सिर्फ 70 गेंदों में 151 रन जोड़कर मुकाबले का रुख पूरी तरह बदल दिया।

    अभिषेक ने इस मुकाबले में गेंदबाजी में भी हाथ आजमाया। उन्होंने रन चेज के दौरान पहला ओवर डाला और चौथी गेंद पर मनप्रीत जौहल को आउट कर दिया। हालांकि बाद में उनकी गेंदों पर तेजी से रन बने और उन्होंने 2.3 ओवर में 37 रन देकर एक विकेट हासिल किया।

    अभिषेक का यह तूफानी प्रदर्शन ऐसे समय आया है जब भारतीय टीम को 13 सितंबर से दिल्ली में अफगानिस्तान के खिलाफ तीन टी20 मैचों की सीरीज खेलनी है। इस सीरीज के लिए भारतीय टीम का ऐलान जल्द होने की उम्मीद है। ऐसे में घरेलू टी20 मुकाबले में अभिषेक की 26 गेंदों पर 77 रन की पारी चयनकर्ताओं के लिए निश्चित तौर पर एक मजबूत संदेश है। अब उनकी नजरें आने वाले मुकाबलों में इसी लय को बरकरार रखने पर होंगी। वहीं फैन्स भी यह देखने के लिए उत्साहित हैं कि क्या उनका यह तूफानी फॉर्म उन्हें अफगानिस्तान के खिलाफ भारतीय टीम में जगह दिला पाता है।

  • भारत के सामने श्रीलंका की हालत पस्त! फॉलोऑन खेलते ही ढहा टॉप ऑर्डर, 6 विकेट लेकर जीत की ओर टीम इंडिया

    भारत के सामने श्रीलंका की हालत पस्त! फॉलोऑन खेलते ही ढहा टॉप ऑर्डर, 6 विकेट लेकर जीत की ओर टीम इंडिया


    नई दिल्ली। कोलंबो टेस्ट में भारतीय टीम ने मुकाबले पर अपनी पकड़ बेहद मजबूत कर ली है और अब श्रीलंका की हार लगभग सामने खड़ी नजर आ रही है। सिंहलीज स्पोर्ट्स क्लब में खेले जा रहे दूसरे टेस्ट के चौथे दिन बारिश ने खेल जरूर रोक दिया लेकिन उससे पहले भारतीय गेंदबाजों ने श्रीलंकाई बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी। फॉलोऑन खेलने उतरी मेजबान टीम ने दिन का खेल खत्म होने तक दूसरी पारी में 6 विकेट गंवाकर 229 रन बना लिए हैं। श्रीलंका के पास अब भारत के खिलाफ सिर्फ 16 रन की बढ़त है और उसके चार विकेट बाकी हैं। ऐसे में पांचवें दिन भारतीय टीम की कोशिश श्रीलंका की पारी को जल्द से जल्द समेटकर जीत पर मुहर लगाने की होगी।

    इससे पहले भारत ने अपनी पहली पारी 503 रन पर 9 विकेट के नुकसान पर घोषित की थी। टीम इंडिया की शुरुआत बहुत अच्छी नहीं रही थी और 66 रन के भीतर केएल राहुल और यशस्वी जायसवाल के विकेट गिर गए थे। इसके बाद देवदत्त पड्डिकल और कप्तान शुभमन गिल ने पारी को संभाला और तीसरे विकेट के लिए 120 रन की शानदार साझेदारी की। गिल ने 50 रन बनाए जबकि पड्डिकल ने शानदार शतक लगाते हुए 117 रन की पारी खेली। उनकी पारी में 12 चौके शामिल रहे।

    पड्डिकल के बाद रवींद्र जडेजा के साथ उनकी 74 रन की साझेदारी ने भारत को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। इसके बाद ऋषभ पंत ने चोट से उबरकर मैदान पर वापसी की और ध्रुव जुरेल के साथ मिलकर 112 रन जोड़े। पंत ने 63 रन बनाए जबकि जुरेल ने नाबाद 115 रन की शानदार पारी खेलकर भारत को 500 के पार पहुंचाया। जुरेल की पारी में 9 चौके और 2 छक्के शामिल रहे।

    भारत के विशाल स्कोर के जवाब में श्रीलंका की पहली पारी 290 रन पर सिमट गई। पसिंदु सूरियाबंदारा ने 80 रन और सोनल दिनुषा ने 103 रन बनाकर टीम को संभालने की कोशिश की लेकिन श्रीलंका फॉलोऑन बचाने के लिए जरूरी स्कोर से 14 रन दूर रह गया। भारत की ओर से प्रसिद्ध कृष्णा और मानव सुथार ने तीन तीन विकेट चटकाए जबकि सारांश जैन ने दो विकेट हासिल किए। भारत को पहली पारी में 213 रन की बड़ी बढ़त मिली जिसके बाद श्रीलंका को फॉलोऑन खेलने के लिए मजबूर होना पड़ा।

    दूसरी पारी में श्रीलंका ने शुरुआत में ही एक विकेट गंवा दिया लेकिन इसके बाद पसिंदु सूरियाबंदारा ने मोर्चा संभाल लिया। उन्होंने कामिल मिशारा और कामिंदु मेंडिस के साथ महत्वपूर्ण साझेदारियां कीं। कामिंदु ने 55 रन बनाए जबकि पसिंदु 92 रन बनाकर आउट हुए। कप्तान धनंजय डी सिल्वा ने 23 रन जोड़े। हालांकि भारतीय गेंदबाज लगातार दबाव बनाए रहे और दूसरी पारी में भी श्रीलंका के छह विकेट गिर चुके हैं।

    अब मुकाबले का आखिरी दिन बेहद रोमांचक होने वाला है। श्रीलंका के पास केवल 16 रन की बढ़त है और चार विकेट शेष हैं। अगर भारतीय गेंदबाज शुरुआती सत्र में इन विकेटों को हासिल कर लेते हैं तो टीम इंडिया के सामने जीत के लिए बेहद छोटा लक्ष्य होगा। बारिश के कारण चौथे दिन खेल समय से पहले खत्म होने के बाद अब सभी की निगाहें पांचवें दिन पर टिकी हैं। भारत के पास जीत का सुनहरा मौका है और श्रीलंका के लिए अब मैच बचाना सबसे बड़ी चुनौती बन चुका है।

  • भारतीय क्रिकेट टीम के सपोर्ट स्टाफ में बदलाव, रयान टेन डोशेट और टी. दिलीप का कार्यकाल समाप्त

    भारतीय क्रिकेट टीम के सपोर्ट स्टाफ में बदलाव, रयान टेन डोशेट और टी. दिलीप का कार्यकाल समाप्त


    नई दिल्ली।
    भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम के सहायक कोच रयान टेन डोशेट और फील्डिंग कोच टी. दिलीप के अनुबंध को आगे नहीं बढ़ाने का फैसला किया है। बोर्ड सचिव देवजीत सैकिया ने मंगलवार को स्पष्ट किया कि दोनों कोचों का कार्यकाल समाप्त हो चुका है और जल्द ही उनके स्थान पर नए नियुक्तियों की घोषणा की जाएगी।

    सैकिया ने बताया कि टी. दिलीप का अनुबंध पिछले वर्ष समाप्त हो गया था, लेकिन उन्हें एक वर्ष का विस्तार दिया गया था। वहीं, रयान टेन डोशेट का अनुबंध 10 जून को समाप्त हो गया था। हालांकि, दोनों को भारत-इंग्लैंड सीमित ओवरों की श्रृंखला समाप्त होने तक टीम के साथ बनाए रखा गया, जो 19 जुलाई को खत्म हुई।

    उन्होंने कहा कि अनुबंध समाप्त होने के बाद उसे आगे नहीं बढ़ाने का निर्णय पहले ही लिया जा चुका था। उन्होंने उन अटकलों को भी खारिज किया, जिनमें इस्तीफे या अन्य कारणों की चर्चा की जा रही थी। सैकिया के अनुसार, यह पूरी तरह अनुबंध अवधि समाप्त होने के बाद लिया गया सामान्य प्रशासनिक निर्णय है।

    बीसीसीआई सचिव ने बताया कि बोर्ड नए सहायक और फील्डिंग कोच की नियुक्ति की प्रक्रिया में है तथा एक-दो दिन के भीतर नए नामों की घोषणा की जा सकती है।

    रयान टेन डोशेट ने 2024 टी20 विश्व कप जीत के बाद मुख्य कोच गौतम गंभीर के कार्यभार संभालने पर भारतीय टीम के सपोर्ट स्टाफ में शामिल हुए थे। बल्लेबाजी और फील्डिंग विभाग में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। उनके कार्यकाल में भारत ने 2025 एशिया कप और 2026 आईसीसी पुरुष टी20 विश्व कप का खिताब अपने नाम किया।

    हालांकि, इसी अवधि में भारतीय टेस्ट टीम का प्रदर्शन अपेक्षाकृत कमजोर रहा। टीम ने ऑस्ट्रेलिया दौरे पर बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी गंवाई और घरेलू मैदान पर न्यूजीलैंड तथा दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट श्रृंखलाओं में हार का सामना किया।

    फील्डिंग कोच टी. दिलीप वर्ष 2021 से भारतीय टीम के साथ जुड़े थे। उनके कार्यकाल में भारत ने 2024 टी20 विश्व कप, 2025 चैंपियंस ट्रॉफी और 2026 टी20 विश्व कप जैसे बड़े खिताब जीते।

  • टॉप ऑर्डर फ्लॉप खराब कॉम्बिनेशन और कमजोर बल्लेबाजी टीम इंडिया की हार के पांच बड़े कारण

    टॉप ऑर्डर फ्लॉप खराब कॉम्बिनेशन और कमजोर बल्लेबाजी टीम इंडिया की हार के पांच बड़े कारण


    नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट टीम को आयरलैंड के खिलाफ पहली बार टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज में हार का सामना करना पड़ा है। बेलफास्ट में खेले गए दूसरे मुकाबले में एक रन की रोमांचक हार के साथ भारत ने दो मैचों की सीरीज 2 0 से गंवा दी। इस हार ने टीम इंडिया की तैयारियों रणनीति और बल्लेबाजी क्रम पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पूरी सीरीज के दौरान भारतीय टीम कई विभागों में उम्मीदों पर खरी नहीं उतर सकी और यही उसकी हार का सबसे बड़ा कारण बना।

    सबसे बड़ी चिंता टीम इंडिया के टॉप ऑर्डर का खराब प्रदर्शन रहा। सलामी बल्लेबाजों और शुरुआती क्रम के बल्लेबाजों ने दोनों मुकाबलों में निराश किया। संजू सैमसन पूरी सीरीज में रन बनाने के लिए संघर्ष करते नजर आए। पहले मैच में वह केवल पांच रन बना सके जबकि दूसरे मुकाबले में बिना खाता खोले पवेलियन लौट गए। अभिषेक शर्मा ने पहले मैच में शानदार 49 रन बनाए लेकिन दूसरे मैच में शून्य पर आउट हो गए। ईशान किशन भी दोनों मैचों में प्रभाव छोड़ने में नाकाम रहे और कुल मिलाकर केवल 13 रन ही बना सके। शुरुआती बल्लेबाजों की नाकामी ने पूरी टीम पर अतिरिक्त दबाव डाल दिया।

    दूसरा बड़ा कारण कप्तान श्रेयस अय्यर का फीका प्रदर्शन रहा। बतौर कप्तान यह उनकी पहली टी20 सीरीज थी और उनसे बड़ी पारी की उम्मीद थी लेकिन उनका बल्ला पूरी तरह शांत रहा। दो मुकाबलों में वह केवल 13 रन बना सके। कप्तान का खराब प्रदर्शन टीम के आत्मविश्वास पर भी असर डालता है और यही इस सीरीज में देखने को मिला।

    भारतीय टीम का मध्यक्रम भी उम्मीदों पर खरा नहीं उतर सका। हार्दिक पांड्या की गैरमौजूदगी साफ महसूस हुई। अक्षर पटेल शिवम दुबे और अन्य बल्लेबाज बड़ी पारियां खेलने में असफल रहे। तिलक वर्मा ने दूसरे मैच में अर्धशतक जरूर लगाया लेकिन उनका स्ट्राइक रेट टी20 क्रिकेट के हिसाब से काफी धीमा रहा। तेजी से रन नहीं बनने के कारण टीम बड़ा स्कोर खड़ा नहीं कर सकी और इसका फायदा आयरलैंड को मिला।

    टीम चयन और प्लेइंग इलेवन का संतुलन भी सवालों के घेरे में रहा। पहले मुकाबले में दो स्पिनरों के साथ उतरने का फैसला परिस्थितियों के अनुकूल नहीं था। वॉशिंगटन सुंदर से केवल एक ओवर गेंदबाजी कराई गई जिसमें उन्होंने 19 रन खर्च किए। वहीं तेज गेंदबाज प्रसिद्ध कृष्णा को मौका देना भी टीम के लिए महंगा साबित हुआ। उन्होंने चार ओवर में बिना विकेट लिए 57 रन लुटा दिए जिससे आयरलैंड को खुलकर खेलने का मौका मिल गया।

    पांचवां बड़ा कारण युवा प्रतिभा वैभव सूर्यवंशी को मौका नहीं देना माना जा रहा है। पहले मैच में बल्लेबाजी के खराब प्रदर्शन के बावजूद टीम प्रबंधन ने दूसरे मुकाबले में भी उन्हें अंतिम एकादश में शामिल नहीं किया। भारत ए के लिए हालिया शानदार प्रदर्शन के बाद उम्मीद थी कि उन्हें अवसर मिलेगा लेकिन ऐसा नहीं हुआ। कई क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि वैभव जैसे आक्रामक बल्लेबाज मैच का रुख बदलने की क्षमता रखते थे।

    इस सीरीज ने भारतीय टीम को यह स्पष्ट संदेश दिया है कि केवल प्रतिभा के दम पर लगातार सफलता हासिल नहीं की जा सकती। बेहतर टीम संयोजन स्पष्ट बल्लेबाजी क्रम और परिस्थितियों के अनुसार रणनीति बनाना उतना ही जरूरी है। आगामी बड़े टूर्नामेंटों से पहले टीम प्रबंधन को इन कमियों पर गंभीरता से काम करना होगा ताकि भविष्य में ऐसी निराशाजनक हार से बचा जा सके।

  • अफगानिस्तान के खिलाफ तीसरे वनडे के लिए भारतीय टीम में हर्षित राणा की वापसी, चेन्नई में जुड़ेंगे स्क्वॉड से

    अफगानिस्तान के खिलाफ तीसरे वनडे के लिए भारतीय टीम में हर्षित राणा की वापसी, चेन्नई में जुड़ेंगे स्क्वॉड से


    नई दिल्ली । अफगानिस्तान के खिलाफ जारी तीन मैचों की वनडे सीरीज के अंतिम मुकाबले से पहले भारतीय क्रिकेट टीम को बड़ी मजबूती मिली है। युवा तेज गेंदबाज हर्षित राणा की टीम इंडिया में वापसी हो गई है। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने पुष्टि की है कि हर्षित राणा ने अपना रिहैबिलिटेशन कार्यक्रम सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है और अब वह पूरी तरह फिट हैं। इसी के चलते उन्हें अफगानिस्तान के खिलाफ तीसरे वनडे मैच के लिए भारतीय टीम में शामिल किया गया है।

    बीसीसीआई के अनुसार हर्षित राणा ने सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (सीओई) में अपनी फिटनेस और रिहैब प्रक्रिया पूरी की है। वह जल्द ही चेन्नई पहुंचकर भारतीय टीम से जुड़ेंगे। चयनकर्ताओं ने उनकी फिटनेस को देखते हुए आगामी अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रमों के लिए भी उन पर भरोसा जताया है। हर्षित को आयरलैंड-इंग्लैंड दौरे और एशियन गेम्स 2026 के लिए भारतीय टी-20 टीम में भी जगह दी गई है।

    इस बीच भारतीय टीम अफगानिस्तान के खिलाफ वनडे सीरीज में शानदार प्रदर्शन कर रही है। टीम इंडिया पहले ही शुरुआती दो मुकाबले जीतकर सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त हासिल कर चुकी है। अब उसका लक्ष्य तीसरा मुकाबला जीतकर सीरीज का क्लीन स्वीप करना होगा।

    लखनऊ के इकाना स्टेडियम में खेले गए दूसरे वनडे में भारतीय बल्लेबाजों ने धमाकेदार प्रदर्शन किया था। पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत ने निर्धारित 50 ओवर में 402 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया। टीम की ओर से शुभमन गिल ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 110 गेंदों में 154 रन बनाए, जबकि ईशान किशन ने 79 गेंदों में 125 रनों की विस्फोटक पारी खेली। दोनों बल्लेबाजों की शतकीय पारियों ने अफगानिस्तान के गेंदबाजों को पूरी तरह बैकफुट पर धकेल दिया।

    403 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी अफगानिस्तान की टीम भारतीय गेंदबाजों के सामने टिक नहीं सकी और 232 रन पर सिमट गई। गेंदबाजी में गुरनूर बरार और अर्शदीप सिंह ने तीन-तीन विकेट लेकर अहम भूमिका निभाई। वहीं डेब्यू मैच खेल रहे प्रिंस यादव ने भी दो विकेट हासिल कर प्रभावित किया।

    अफगानिस्तान की ओर से रहमत शाह ने 79 रन और रहमानुल्लाह गुरबाज ने 41 रन बनाए, लेकिन उनकी पारियां टीम को हार से नहीं बचा सकीं। यह वनडे क्रिकेट में अफगानिस्तान की रनों के लिहाज से दूसरी सबसे बड़ी हार रही।

    अब दोनों टीमों के बीच सीरीज का तीसरा और अंतिम मुकाबला 20 जून को चेन्नई में खेला जाएगा। भारतीय टीम जहां क्लीन स्वीप के इरादे से मैदान में उतरेगी, वहीं अफगानिस्तान सम्मान बचाने के लिए जीत दर्ज करने की कोशिश करेगा।

  • कभी थे टीम इंडिया के सबसे भरोसेमंद बल्लेबाज, अब कप्तानी और स्थान दोनों पर सवाल

    कभी थे टीम इंडिया के सबसे भरोसेमंद बल्लेबाज, अब कप्तानी और स्थान दोनों पर सवाल


    नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट में नेतृत्व परिवर्तन हमेशा चर्चा का विषय रहा है और इस बार भी टी20 टीम की कप्तानी को लेकर लिए गए फैसले ने क्रिकेट जगत में बहस छेड़ दी है। हाल के घटनाक्रमों के बाद यह सवाल लगातार उठ रहा है कि आखिर किन कारणों से भारतीय टी20 टीम की कमान में बदलाव किया गया और क्यों नए नेतृत्व की ओर बढ़ने का निर्णय लिया गया। क्रिकेट विशेषज्ञों और विभिन्न रिपोर्टों में इसके पीछे तीन प्रमुख कारणों की चर्चा की जा रही है।

    सबसे पहले बात बल्लेबाजी प्रदर्शन की करें तो माना जा रहा है कि हाल के समय में कप्तान के रूप में टीम को सफलताएं मिलने के बावजूद बल्लेबाज के तौर पर अपेक्षित निरंतरता नहीं दिखी। टी20 क्रिकेट में शीर्ष क्रम के बल्लेबाज से तेज रन गति और बड़ी पारियों की अपेक्षा रहती है। विश्लेषकों का मानना है कि पिछले कुछ समय में रन बनाने की गति और औसत दोनों में गिरावट देखने को मिली, जिससे टीम के मध्यक्रम पर अतिरिक्त दबाव पड़ा। यही कारण रहा कि चयनकर्ताओं ने प्रदर्शन को प्रमुख आधार मानते हुए बदलाव पर विचार किया।

    दूसरा महत्वपूर्ण पहलू भविष्य की रणनीति से जुड़ा बताया जा रहा है। भारतीय क्रिकेट प्रबंधन आने वाले वर्षों में होने वाले बड़े टूर्नामेंटों को ध्यान में रखकर दीर्घकालिक योजना पर काम कर रहा है। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि चयनकर्ता ऐसे खिलाड़ियों को नेतृत्व की भूमिका में देखना चाहते हैं जो अगले कई वर्षों तक टीम का हिस्सा बने रहें और आगामी वैश्विक प्रतियोगिताओं में टीम का नेतृत्व कर सकें। इसी दृष्टिकोण से युवा और मध्य आयु वर्ग के खिलाड़ियों को अधिक अवसर देने की रणनीति पर जोर दिया जा रहा है।

    तीसरा कारण नए नेतृत्व विकल्पों का मजबूत दावा माना जा रहा है। विशेष रूप से Shreyas Iyer ने पिछले कुछ वर्षों में बल्लेबाजी और कप्तानी दोनों में प्रभावशाली प्रदर्शन किया है। घरेलू और फ्रेंचाइजी क्रिकेट में उनकी कप्तानी क्षमता की लगातार सराहना हुई है। साथ ही बल्ले से भी उन्होंने निरंतर रन बनाकर अपनी दावेदारी मजबूत की। ऐसे में चयनकर्ताओं के सामने नेतृत्व परिवर्तन का विकल्प पहले की तुलना में अधिक मजबूत दिखाई दिया।

    दूसरी ओर, Suryakumar Yadav भारतीय टी20 क्रिकेट के सबसे प्रभावशाली खिलाड़ियों में से एक रहे हैं और उनकी आक्रामक बल्लेबाजी ने कई मौकों पर टीम को जीत दिलाई है। हालांकि हालिया प्रदर्शन को लेकर उठे सवालों ने उनकी स्थिति को चुनौतीपूर्ण बना दिया। क्रिकेट विश्लेषकों का मानना है कि आधुनिक क्रिकेट में कप्तानी और व्यक्तिगत प्रदर्शन दोनों का संतुलन बनाए रखना बेहद जरूरी हो गया है।

    टीम प्रबंधन और चयन समिति की ओर से लिए गए ऐसे फैसले आमतौर पर केवल एक कारण पर आधारित नहीं होते, बल्कि कई खेल, रणनीतिक और भविष्यगत पहलुओं को ध्यान में रखकर किए जाते हैं। इसलिए नेतृत्व परिवर्तन को केवल किसी एक खिलाड़ी की असफलता के रूप में नहीं, बल्कि भारतीय क्रिकेट की दीर्घकालिक योजना के हिस्से के रूप में भी देखा जा रहा है।

    आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि नया नेतृत्व भारतीय टीम को किस दिशा में ले जाता है और अनुभवी खिलाड़ियों की भूमिका टीम की भविष्य की योजनाओं में किस तरह तय होती है।

  • “पंत को गेम बदलने को नहीं कहा, परिस्थितियों के अनुसार खेलना जरूरी”: गौतम गंभीर

    “पंत को गेम बदलने को नहीं कहा, परिस्थितियों के अनुसार खेलना जरूरी”: गौतम गंभीर


    नई दिल्ली । भारतीय टीम के हेड कोच गौतम गंभीर ने विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत को लेकर चल रही चर्चाओं पर स्थिति साफ कर दी है। उन्होंने कहा कि टीम प्रबंधन पंत से उनका प्राकृतिक आक्रामक खेल बदलने की उम्मीद नहीं करता, लेकिन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में परिस्थितियों को समझकर खेलना बेहद जरूरी है।

    गंभीर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि हर खिलाड़ी को उसके प्रदर्शन के आधार पर आंका जाता है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि किसी को अपनी शैली पूरी तरह बदलनी होगी। उनके अनुसार, टेस्ट, वनडे या टी20—हर फॉर्मेट में लक्ष्य रन बनाना और टीम के लिए योगदान देना ही होता है, लेकिन यह कैसे करना है, यह मैच की स्थिति पर निर्भर करता है।

    उन्होंने साफ किया कि पंत को “गेम बदलने” या अलग तरीके से खेलने का निर्देश नहीं दिया गया है। बल्कि उनसे उम्मीद है कि वह अपने नैचुरल गेम के साथ-साथ हालात को पढ़कर समझदारी से बल्लेबाजी करें।

    ऋषभ पंत हाल के समय में फॉर्म को लेकर चर्चा में रहे हैं। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ घरेलू टेस्ट सीरीज में उनका प्रदर्शन निराशाजनक रहा था। हालांकि, इंग्लैंड दौरे पर उन्होंने शानदार बल्लेबाजी की थी, लेकिन चोट के कारण वह सीरीज बीच में छोड़कर बाहर हो गए थे।

    अब पंत के पास अफगानिस्तान के खिलाफ होने वाले एकमात्र टेस्ट में खुद को साबित करने का बड़ा मौका होगा। यह मुकाबला उनके टेस्ट करियर का 50वां मैच भी हो सकता है, जो उनके करियर के लिए एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है।

  • रोहित शर्मा और विराट कोहली की फिटनेस पर नजर, सीरीज से पहले होगा जरूरी टेस्ट

    रोहित शर्मा और विराट कोहली की फिटनेस पर नजर, सीरीज से पहले होगा जरूरी टेस्ट


    नई दिल्ली ।  अफगानिस्तान के खिलाफ आगामी तीन मैचों की वनडे सीरीज से पहले भारतीय क्रिकेट टीम के दिग्गज बल्लेबाज रोहित शर्मा और विराट कोहली की फिटनेस को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। टीम प्रबंधन ने संकेत दिए हैं कि दोनों खिलाड़ियों के खेलने को लेकर अंतिम फैसला फिटनेस टेस्ट और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर लिया जाएगा।

    भारतीय टीम के सहायक कोच रयान टेन डोएशेट ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि विराट कोहली और रोहित शर्मा जैसे बड़े खिलाड़ियों का टीम से बाहर या अंदर होना हमेशा चर्चा का विषय रहता है। उन्होंने बताया कि मेडिकल टीम दोनों खिलाड़ियों की स्थिति की समीक्षा कर रही है और अगले कुछ दिनों में उनकी उपलब्धता पर निर्णय लिया जाएगा।

    फिटनेस रिपोर्ट के बाद ही तय होगा भविष्य
    कोच डोएशेट ने स्पष्ट किया कि चयन प्रक्रिया में खिलाड़ियों की फिटनेस सबसे महत्वपूर्ण मानदंड है। उन्होंने कहा कि जैसे ही मेडिकल टीम अपनी रिपोर्ट देगी, उसके आधार पर आधिकारिक घोषणा कर दी जाएगी कि रोहित और कोहली सीरीज का हिस्सा होंगे या नहीं। उन्होंने यह भी कहा कि टीम प्रबंधन चाहता है कि सभी खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय मैचों में पूरी फिटनेस और सर्वश्रेष्ठ फॉर्म के साथ उतरें, ताकि टीम का प्रदर्शन प्रभावित न हो।

    वर्कलोड और आईपीएल को लेकर भी चर्चा
    सहायक कोच ने खिलाड़ियों के वर्कलोड और आईपीएल के दौरान चोटों के मुद्दे पर भी बात की। उन्होंने कहा कि हर खिलाड़ी की स्थिति अलग होती है और इसे व्यक्तिगत रूप से देखा जाना चाहिए। डोएशेट के अनुसार, आईपीएल जैसे बड़े घरेलू टूर्नामेंट में खिलाड़ियों पर काफी दबाव रहता है, लेकिन टीम इंडिया के लिए जरूरी है कि जब खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय ड्यूटी पर आएं तो वे पूरी तरह फिट हों।

    हार्दिक पांड्या पर भी नजर, टीम संयोजन पर असर संभव
    अफगानिस्तान के खिलाफ वनडे सीरीज के लिए चुनी गई भारतीय टीम में रोहित शर्मा, विराट कोहली और हार्दिक पांड्या को शामिल किया गया है। हालांकि, फिटनेस को लेकर अनिश्चितता के कारण टीम संयोजन में बदलाव की संभावना भी बनी हुई है।

  • यंग टीम इंडिया को मिलेगा खुद को साबित करने का अवसर, अफगानिस्तान टेस्ट पर सबा करीम का बयान

    यंग टीम इंडिया को मिलेगा खुद को साबित करने का अवसर, अफगानिस्तान टेस्ट पर सबा करीम का बयान


    नई दिल्ली । भारत और अफगानिस्तान के बीच 6 जून से न्यू पंजाब क्रिकेट एसोसिएशन स्टेडियम में खेले जाने वाले एकमात्र टेस्ट मैच को लेकर पूर्व भारतीय विकेटकीपर बल्लेबाज सबा करीम ने अहम टिप्पणी की है। उनका मानना है कि यह मुकाबला टीम इंडिया के लिए केवल एक मैच नहीं, बल्कि भविष्य की मजबूत नींव रखने का बड़ा अवसर है।

    सबा करीम ने जियोहॉटस्टार पर बातचीत में कहा कि भले ही यह टेस्ट विश्व टेस्ट चैंपियनशिप का हिस्सा नहीं है, लेकिन यह शुभमन गिल की कप्तानी में बन रही नई टीम के लिए बेहद अहम साबित हो सकता है। उनके अनुसार, इस मैच के जरिए टीम अपनी बल्लेबाजी और गेंदबाजी की कमजोरियों को पहचानकर सुधार सकती है।

    युवाओं को मौका देने का सही समय
    करीम ने कहा कि भारतीय टीम को अब घरेलू मैदानों पर अपना दबदबा फिर से मजबूत करने की जरूरत है। ऐसे में यह टेस्ट मैच उभरते हुए खिलाड़ियों को परखने और उन्हें अंतरराष्ट्रीय अनुभव देने का सही मंच हो सकता है।

    उन्होंने कहा कि अगर युवा खिलाड़ी इस मौके पर अच्छा प्रदर्शन करते हैं, तो उनका आत्मविश्वास बढ़ेगा और उन्हें आगे बड़ी सीरीज, खासकर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ घरेलू मुकाबलों में जगह मिलने की संभावना मजबूत होगी।

    करीम के मुताबिक, भारतीय टेस्ट क्रिकेट इस समय बदलाव के दौर से गुजर रहा है, जहां सिर्फ मैच जीतना ही लक्ष्य नहीं बल्कि एक संतुलित और मजबूत टीम तैयार करना भी जरूरी है।

    गेंदबाजी में जिम्मेदारी का केंद्र बने सिराज
    टीम इंडिया की गेंदबाजी पर बात करते हुए सबा करीम ने कहा कि जसप्रीत बुमराह की अनुपस्थिति में मोहम्मद सिराज पर जिम्मेदारी बढ़ जाएगी। उन्होंने इंग्लैंड दौरे पर सिराज के प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने अपनी क्षमता साबित की है।

    करीम ने कहा कि सिराज में गति, आक्रामकता और दोनों दिशाओं में स्विंग कराने की क्षमता है। ऐसे में वह न सिर्फ गेंदबाजी आक्रमण का नेतृत्व कर सकते हैं, बल्कि युवा गेंदबाजों के लिए प्रेरणा भी बन सकते हैं। हालांकि, उन्हें दूसरे छोर से पर्याप्त सहयोग की भी जरूरत होगी ताकि टीम बेहतर प्रदर्शन कर सके।

    नई टीम, नया संतुलन और बड़ा अवसर
    सबा करीम का मानना है कि यह टेस्ट मैच चयनकर्ताओं और टीम प्रबंधन के लिए नए संयोजन आजमाने का बेहतरीन मौका है। इससे यह तय किया जा सकता है कि आने वाले समय में भारतीय टेस्ट टीम का संतुलन कैसा होगा और कौन से खिलाड़ी लंबे समय तक टीम का हिस्सा बन सकते हैं।

  • जब टेस्ट क्रिकेट में आमने-सामने आए भारत और अफगानिस्तान, किसका रहा दबदबा?

    जब टेस्ट क्रिकेट में आमने-सामने आए भारत और अफगानिस्तान, किसका रहा दबदबा?


    नई दिल्ली । भारत और अफगानिस्तान के बीच महामुकाबला: मुल्लांपुर टेस्ट में युवा जोश के साथ उतरेगी टीम इंडिया
    क्रिकेट प्रेमियों का इंतजार खत्म होने जा रहा है क्योंकि भारत और अफगानिस्तान की टीमें पूरे आठ साल बाद टेस्ट क्रिकेट के सबसे लंबे और पारंपरिक प्रारूप में एक बार फिर टकराने के लिए तैयार हैं। दोनों देशों के बीच यह एकमात्र टेस्ट मैच शनिवार से मुल्लांपुर के महाराजा यादविंद्र सिंह इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाएगा। भारतीय राष्ट्रीय क्रिकेट टीम इस मुकाबले में नए और युवा कप्तान शुभमन गिल की अगुआई में अपनी जीत का सिलसिला बरकरार रखने के इरादे से मैदान पर उतरेगी, वहीं दूसरी ओर अफगानिस्तान क्रिकेट टीम इस बार मजबूत तैयारी के साथ इतिहास रचने की पुरजोर कोशिश करेगी।

    अगर दोनों टीमों के हेड टू हेड रिकॉर्ड और इतिहास पर नजर डालें, तो टेस्ट प्रारूप में भारत का पलड़ा पूरी तरह भारी रहा है। भारत और अफगानिस्तान के बीच अब तक टेस्ट इतिहास में केवल एक ही मुकाबला खेला गया है। यह ऐतिहासिक मैच वर्ष 2018 में बेंगलुरु के मैदान पर आयोजित हुआ था, जो अफगानिस्तान के क्रिकेट इतिहास का पहला टेस्ट मैच भी था। उस मुकाबले में भारतीय टीम ने खेल के हर विभाग में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए अफगानिस्तान को एक पारी और 262 रनों के विशाल अंतर से शिकस्त दी थी। यह ऐतिहासिक जीत आज भी टेस्ट क्रिकेट में रनों और पारी के लिहाज से भारत की सबसे बड़ी जीतों में शुमार की जाती है। हालांकि, तब से लेकर अब तक वक्त काफी बदल चुका है और अफगान टीम ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी एक नई पहचान बनाई है।

    इस बार मुल्लांपुर टेस्ट के लिए भारतीय चयनकर्ताओं ने भविष्य को ध्यान में रखते हुए टीम में कई नए और युवा चेहरों को शामिल किया है, जिन पर चयनकर्ताओं के भरोसे को सही साबित करने का दारोमदार होगा। घरेलू क्रिकेट और आईपीएल में अपनी चमक बिखेरने वाले देवदत्त पडिक्कल को टीम में मौका मिला है। इसके अलावा पहली बार भारतीय टेस्ट टीम का हिस्सा बने मानव सुथार, तेज गेंदबाज गुरनूर बराड़ और फिरकी गेंदबाज हर्ष दुबे जैसी नई प्रतिभाओं पर भी सभी खेल प्रेमियों और जानकारों की खास निगाहें टिकी रहेंगी।

    कागज पर भारतीय टीम का बल्लेबाजी क्रम बेहद मजबूत, संतुलित और आक्रामक नजर आ रहा है। टीम के पास यशस्वी जायसवाल, केएल राहुल, साई सुदर्शन, ऋषभ पंत और देवदत्त पडिक्कल जैसे मैच जिताऊ बल्लेबाज मौजूद हैं। पिछले कुछ समय से खराब फॉर्म से जूझ रहे स्टार विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत के लिए यह टेस्ट मैच अपनी लय और पुरानी फॉर्म में वापस लौटने का एक बेहतरीन सुनहरा अवसर माना जा रहा है। इसके साथ ही युवा ओपनर यशस्वी जायसवाल और साई सुदर्शन भी भारतीय सरजमीं पर एक बड़ी और यादगार पारी खेलने के प्रबल दावेदार के रूप में उतरेंगे।

    भले ही आंकड़े और परिस्थितियां टीम इंडिया के पक्ष में दिख रही हों, लेकिन भारतीय टीम अफगानिस्तान को किसी भी कीमत पर हल्के में लेने की भूल नहीं कर सकती है। पिछले कुछ वर्षों में अफगानिस्तान ने सीमित ओवरों के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में बेहद तेजी से प्रगति की है। उनके कप्तान हशमतुल्लाह शाहिदी, आक्रामक ओपनर रहमानुल्लाह गुरबाज, अनुभवी रहमत शाह और ऑलराउंडर अजमतुल्लाह उमरजई जैसे धाकड़ खिलाड़ी किसी भी गेंदबाजी आक्रमण को ध्वस्त करने का माद्दा रखते हैं। हालांकि भारतीय टीम घरेलू परिस्थितियों में बेहद मजबूत है, लेकिन अफगानिस्तान के पास उलटफेर करने की पूरी क्षमता है, जिससे यह मुकाबला बेहद रोमांचक होने की उम्मीद है।