

किस्मत का साथ जरूरी है
टेस्ट क्रिकेट में सफलता
जायसवाल के आंकड़े
भविष्य की उम्मीदें

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पुणे में खेले गए मुंबई बनाम राजस्थान के अहम मुकाबले के दौरान ही यशस्वी जायसवाल को पेट में ऐंठन की शिकायत महसूस होने लगी थी। हालांकि, टीम के लिए उनकी अहमियत को देखते हुए उन्होंने दर्द के बावजूद मैदान नहीं छोड़ा और मैच में हिस्सा लिया। मुकाबला समाप्त होने के कुछ घंटों बाद उनकी तबीयत और बिगड़ गई, जिसके चलते उन्हें तुरंत पिंपरी-चिंचवड़ स्थित आदित्य बिड़ला अस्पताल ले जाया गया।
अस्पताल में डॉक्टरों ने प्राथमिक जांच के बाद बताया कि यशस्वी जायसवाल एक्यूट गैस्ट्रोएंटेराइटिस से पीड़ित हैं। यह पेट से जुड़ी एक समस्या है, जिसमें तेज दर्द, ऐंठन और कमजोरी जैसी शिकायतें होती हैं। डॉक्टरों ने एहतियात के तौर पर उनका अल्ट्रासाउंड USGऔर सीटी स्कैन कराया। इसके साथ ही उन्हें ड्रिप के जरिए जरूरी दवाइयां दी गईं और पूरी तरह आराम करने की सलाह दी गई।राहत की बात यह है कि फिलहाल जायसवाल की हालत स्थिर बताई जा रही है और वह डॉक्टरों की निगरानी में हैं। मेडिकल टीम का कहना है कि यदि उनकी तबीयत में सुधार जारी रहा, तो कुछ ही दिनों में उन्हें अस्पताल से छुट्टी मिल सकती है। हालांकि, पूरी तरह फिट होने के लिए उन्हें पर्याप्त आराम की जरूरत होगी।
बीमारी के बावजूद जायसवाल का मैदान पर उतरना उनके जज्बे और प्रोफेशनलिज्म को दर्शाता है। राजस्थान के खिलाफ खेले गए इस मुकाबले में उन्होंने 217 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए 16 गेंदों में 15 रन बनाए। यह मैच मुंबई की टीम ने तीन विकेट से अपने नाम किया। कप्तान अजिंक्य रहाणे की नाबाद 72 रनों की शानदार पारी और सरफराज खान की 22 गेंदों में 73 रनों की तूफानी बल्लेबाजी ने टीम को जीत दिलाई। हालांकि, इस जीत के बावजूद मुंबई की टीम टूर्नामेंट से बाहर हो गई।यशस्वी जायसवाल की सेहत को लेकर फिलहाल BCCI की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। क्रिकेट फैंस और विशेषज्ञ अब बोर्ड के अपडेट का इंतजार कर रहे हैं। हालिया फॉर्म की बात करें तो जायसवाल शानदार लय में चल रहे हैं। सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में उन्होंने तीन मैचों में 145 रन बनाए हैं, जबकि दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ हालिया वनडे सीरीज में भी उनका प्रदर्शन काफी प्रभावशाली रहा था।
अच्छी खबर यह है कि फिलहाल भारतीय टीम का कोई बड़ा अंतरराष्ट्रीय दौरा तुरंत नहीं है। यशस्वी जायसवाल इस समय T20I टीम का हिस्सा नहीं हैं, जिससे उन्हें पूरी तरह रिकवर होने का समय मिल सकता है। भारतीय टीम नए साल की शुरुआत 11 जनवरी से न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज से करेगी। उम्मीद जताई जा रही है कि तब तक जायसवाल पूरी तरह फिट होकर एक बार फिर मैदान पर वापसी करेंगे और अपने बल्ले से फैंस को खुश करेंगे।

बीसीसीआई की ओर से जारी आधिकारिक बयान में बताया गया कि अक्षर पटेल धर्मशाला में खेले गए तीसरे टी20 मुकाबले के दौरान प्लेइंग इलेवन के चयन के लिए उपलब्ध नहीं थे। उनकी तबीयत में अपेक्षित सुधार न होने के कारण मेडिकल टीम ने उन्हें आगे के मैचों में खेलने से रोकने का फैसला किया है। हालांकि राहत की बात यह है कि अक्षर टीम के साथ लखनऊ जाएंगे, जहां उनकी नियमित मेडिकल जांच की जाएगी और रिकवरी पर नजर रखी जाएगी। अक्षर के बाहर होने के बाद भारतीय टीम प्रबंधन ने उनके विकल्प के तौर पर बंगाल के ऑलराउंडर शाहबाज अहमद को टीम में शामिल किया है। शाहबाज अहमद घरेलू क्रिकेट में अपने हरफनमौला प्रदर्शन के लिए जाने जाते हैं और पहले भी भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेल चुके हैं। उन्होंने अब तक तीन वनडे और दो टी20 मुकाबले खेले हैं, हालांकि टी20 फॉर्मेट में उन्हें बल्लेबाजी का ज्यादा अवसर नहीं मिला है। इसके बावजूद टीम को उनसे गेंद और बल्ले दोनों से संतुलन देने की उम्मीद रहेगी।
इस बीच तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह को लेकर भी असमंजस की स्थिति बनी हुई है। बुमराह तीसरे टी20 मैच के दौरान टीम चयन के लिए उपलब्ध नहीं थे और निजी कारणों के चलते स्वदेश लौट गए थे। अब तक उनकी वापसी को लेकर बीसीसीआई या टीम मैनेजमेंट की ओर से कोई आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की गई है। उनकी अनुपस्थिति में युवा तेज गेंदबाज हर्षित राणा को मौका मिला, जिन्होंने अपनी ऊर्जा और गति से प्रभावित किया।सीरीज के मौजूदा हालात की बात करें तो भारतीय टीम ने तीसरे टी20 मुकाबले में शानदार प्रदर्शन करते हुए दक्षिण अफ्रीका को हराया और सीरीज में 2-1 की अहम बढ़त हासिल की। इस जीत ने टीम का आत्मविश्वास बढ़ाया है, लेकिन अंतिम दो मैचों से पहले टीम संयोजन में बदलाव चुनौती बन सकता है।
अंतिम दो मुकाबलों के लिए भारतीय टीम की कमान कप्तान सूर्यकुमार यादव के हाथों में रहेगी, जबकि उपकप्तान की भूमिका शुभमन गिल निभाएंगे। टीम में हार्दिक पंड्या, तिलक वर्मा, शिवम दुबे, संजू सैमसन और विकेटकीपर जितेश शर्मा जैसे आक्रामक और संतुलित खिलाड़ी शामिल हैं। गेंदबाजी विभाग में वरुण चक्रवर्ती, कुलदीप यादव, वाशिंगटन सुंदर, हर्षित राणा और शाहबाज अहमद टीम की जिम्मेदारी संभालेंगे।
अक्षर पटेल जैसे अनुभवी खिलाड़ी की गैरमौजूदगी निश्चित रूप से टीम के संतुलन को प्रभावित कर सकती है, खासकर मिडिल ओवर्स में। ऐसे में शाहबाज अहमद के लिए यह खुद को साबित करने का सुनहरा मौका होगा। वहीं, अगर जसप्रीत बुमराह की वापसी होती है तो यह भारतीय टीम के लिए बड़ी राहत साबित हो सकती है।अब सभी की नजरें लखनऊ में होने वाले अंतिम दो मुकाबलों पर टिकी हैं, जहां टीम इंडिया सीरीज जीत की मुहर लगाने के इरादे से मैदान में उतरेगी।

कप्तान का गुस्सा: शुभमन गिल को दिया दोष
कप्तान सूर्यकुमार यादव ने मैच के बाद कहा कि उन्हें और शुभमन गिल को अच्छी शुरुआत देनी चाहिए थी, जिससे टीम को मजबूती मिलती। गिल का पहली गेंद पर आउट होना कप्तान के लिए बेहद निराशाजनक था। सूर्या ने कहा, “मुझे और शुभमन को बेहतर शुरुआत देनी चाहिए थी। हर बार अभिषेक शर्मा से उम्मीद नहीं की जा सकती है। शुभमन की पहली गेंद पर आउट होना टीम के लिए बड़ा झटका था।” उन्होंने यह भी माना कि उनका और गिल का जल्दी आउट होना हार की प्रमुख वजह बनी।
टॉस और रणनीति पर पछतावा
सूर्यकुमार यादव ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने के फैसले को भी गलत ठहराया। उन्होंने कहा, “मुझे लगता है हमें पहले बल्लेबाजी करनी चाहिए थी। विकेट शुरुआती ओवरों में बल्लेबाजी के लिए अच्छा था, और हम इसका सही उपयोग नहीं कर पाए।” कप्तान ने गेंदबाजों की रणनीति पर भी सवाल उठाया, कहा कि उनकी टीम सही लेंथ पर गेंदबाजी करने में नाकाम रही, और साउथ अफ्रीका ने पावरप्ले में तेजी से रन बटोरने का फायदा उठाया।
ओस का फायदा उठाने में नाकामी
मुल्लांपुर में ओस होने के बावजूद भारतीय टीम दूसरी पारी में इसका फायदा नहीं उठा पाई। सूर्या ने कहा, “थोड़ी ओस थी, लेकिन हमारी योजना काम नहीं कर रही थी। हमें अपनी रणनीति में बदलाव करना चाहिए था, लेकिन हम ऐसा नहीं कर पाए।” यह हार टीम के लिए एक सीख थी, और सूर्या ने आगे सुधार की बात की।
अक्षर पटेल की तारीफ, लेकिन टॉप ऑर्डर की नाकामी भारी पड़ी
कप्तान सूर्यकुमार यादव ने निचले क्रम में अक्षर पटेल की तारीफ की, जिन्होंने अकेले संघर्ष किया, लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि जब टॉप ऑर्डर फेल हो जाए, तो निचला क्रम मैच को पलटने में नाकाम रहता है। सूर्या ने कहा, “अक्षर ने अच्छी बल्लेबाजी की, लेकिन हमें शुरुआत में ही पारी को सेट करना चाहिए था। तभी चेज करना आसान होता।”
सूर्यकुमार यादव का यह तीखा रिएक्शन साफ तौर पर दिखाता है कि टीम अगले मैच में अपनी रणनीति और प्लेइंग इलेवन में बड़े बदलाव करने की योजना बना सकती है। भारत सीरीज में वापसी करने के लिए हर हाल में जीत दर्ज करना चाहेगा।