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  • यंग टीम इंडिया को मिलेगा खुद को साबित करने का अवसर, अफगानिस्तान टेस्ट पर सबा करीम का बयान

    यंग टीम इंडिया को मिलेगा खुद को साबित करने का अवसर, अफगानिस्तान टेस्ट पर सबा करीम का बयान


    नई दिल्ली । भारत और अफगानिस्तान के बीच 6 जून से न्यू पंजाब क्रिकेट एसोसिएशन स्टेडियम में खेले जाने वाले एकमात्र टेस्ट मैच को लेकर पूर्व भारतीय विकेटकीपर बल्लेबाज सबा करीम ने अहम टिप्पणी की है। उनका मानना है कि यह मुकाबला टीम इंडिया के लिए केवल एक मैच नहीं, बल्कि भविष्य की मजबूत नींव रखने का बड़ा अवसर है।

    सबा करीम ने जियोहॉटस्टार पर बातचीत में कहा कि भले ही यह टेस्ट विश्व टेस्ट चैंपियनशिप का हिस्सा नहीं है, लेकिन यह शुभमन गिल की कप्तानी में बन रही नई टीम के लिए बेहद अहम साबित हो सकता है। उनके अनुसार, इस मैच के जरिए टीम अपनी बल्लेबाजी और गेंदबाजी की कमजोरियों को पहचानकर सुधार सकती है।

    युवाओं को मौका देने का सही समय
    करीम ने कहा कि भारतीय टीम को अब घरेलू मैदानों पर अपना दबदबा फिर से मजबूत करने की जरूरत है। ऐसे में यह टेस्ट मैच उभरते हुए खिलाड़ियों को परखने और उन्हें अंतरराष्ट्रीय अनुभव देने का सही मंच हो सकता है।

    उन्होंने कहा कि अगर युवा खिलाड़ी इस मौके पर अच्छा प्रदर्शन करते हैं, तो उनका आत्मविश्वास बढ़ेगा और उन्हें आगे बड़ी सीरीज, खासकर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ घरेलू मुकाबलों में जगह मिलने की संभावना मजबूत होगी।

    करीम के मुताबिक, भारतीय टेस्ट क्रिकेट इस समय बदलाव के दौर से गुजर रहा है, जहां सिर्फ मैच जीतना ही लक्ष्य नहीं बल्कि एक संतुलित और मजबूत टीम तैयार करना भी जरूरी है।

    गेंदबाजी में जिम्मेदारी का केंद्र बने सिराज
    टीम इंडिया की गेंदबाजी पर बात करते हुए सबा करीम ने कहा कि जसप्रीत बुमराह की अनुपस्थिति में मोहम्मद सिराज पर जिम्मेदारी बढ़ जाएगी। उन्होंने इंग्लैंड दौरे पर सिराज के प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने अपनी क्षमता साबित की है।

    करीम ने कहा कि सिराज में गति, आक्रामकता और दोनों दिशाओं में स्विंग कराने की क्षमता है। ऐसे में वह न सिर्फ गेंदबाजी आक्रमण का नेतृत्व कर सकते हैं, बल्कि युवा गेंदबाजों के लिए प्रेरणा भी बन सकते हैं। हालांकि, उन्हें दूसरे छोर से पर्याप्त सहयोग की भी जरूरत होगी ताकि टीम बेहतर प्रदर्शन कर सके।

    नई टीम, नया संतुलन और बड़ा अवसर
    सबा करीम का मानना है कि यह टेस्ट मैच चयनकर्ताओं और टीम प्रबंधन के लिए नए संयोजन आजमाने का बेहतरीन मौका है। इससे यह तय किया जा सकता है कि आने वाले समय में भारतीय टेस्ट टीम का संतुलन कैसा होगा और कौन से खिलाड़ी लंबे समय तक टीम का हिस्सा बन सकते हैं।

  • जब टेस्ट क्रिकेट में आमने-सामने आए भारत और अफगानिस्तान, किसका रहा दबदबा?

    जब टेस्ट क्रिकेट में आमने-सामने आए भारत और अफगानिस्तान, किसका रहा दबदबा?


    नई दिल्ली । भारत और अफगानिस्तान के बीच महामुकाबला: मुल्लांपुर टेस्ट में युवा जोश के साथ उतरेगी टीम इंडिया
    क्रिकेट प्रेमियों का इंतजार खत्म होने जा रहा है क्योंकि भारत और अफगानिस्तान की टीमें पूरे आठ साल बाद टेस्ट क्रिकेट के सबसे लंबे और पारंपरिक प्रारूप में एक बार फिर टकराने के लिए तैयार हैं। दोनों देशों के बीच यह एकमात्र टेस्ट मैच शनिवार से मुल्लांपुर के महाराजा यादविंद्र सिंह इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाएगा। भारतीय राष्ट्रीय क्रिकेट टीम इस मुकाबले में नए और युवा कप्तान शुभमन गिल की अगुआई में अपनी जीत का सिलसिला बरकरार रखने के इरादे से मैदान पर उतरेगी, वहीं दूसरी ओर अफगानिस्तान क्रिकेट टीम इस बार मजबूत तैयारी के साथ इतिहास रचने की पुरजोर कोशिश करेगी।

    अगर दोनों टीमों के हेड टू हेड रिकॉर्ड और इतिहास पर नजर डालें, तो टेस्ट प्रारूप में भारत का पलड़ा पूरी तरह भारी रहा है। भारत और अफगानिस्तान के बीच अब तक टेस्ट इतिहास में केवल एक ही मुकाबला खेला गया है। यह ऐतिहासिक मैच वर्ष 2018 में बेंगलुरु के मैदान पर आयोजित हुआ था, जो अफगानिस्तान के क्रिकेट इतिहास का पहला टेस्ट मैच भी था। उस मुकाबले में भारतीय टीम ने खेल के हर विभाग में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए अफगानिस्तान को एक पारी और 262 रनों के विशाल अंतर से शिकस्त दी थी। यह ऐतिहासिक जीत आज भी टेस्ट क्रिकेट में रनों और पारी के लिहाज से भारत की सबसे बड़ी जीतों में शुमार की जाती है। हालांकि, तब से लेकर अब तक वक्त काफी बदल चुका है और अफगान टीम ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी एक नई पहचान बनाई है।

    इस बार मुल्लांपुर टेस्ट के लिए भारतीय चयनकर्ताओं ने भविष्य को ध्यान में रखते हुए टीम में कई नए और युवा चेहरों को शामिल किया है, जिन पर चयनकर्ताओं के भरोसे को सही साबित करने का दारोमदार होगा। घरेलू क्रिकेट और आईपीएल में अपनी चमक बिखेरने वाले देवदत्त पडिक्कल को टीम में मौका मिला है। इसके अलावा पहली बार भारतीय टेस्ट टीम का हिस्सा बने मानव सुथार, तेज गेंदबाज गुरनूर बराड़ और फिरकी गेंदबाज हर्ष दुबे जैसी नई प्रतिभाओं पर भी सभी खेल प्रेमियों और जानकारों की खास निगाहें टिकी रहेंगी।

    कागज पर भारतीय टीम का बल्लेबाजी क्रम बेहद मजबूत, संतुलित और आक्रामक नजर आ रहा है। टीम के पास यशस्वी जायसवाल, केएल राहुल, साई सुदर्शन, ऋषभ पंत और देवदत्त पडिक्कल जैसे मैच जिताऊ बल्लेबाज मौजूद हैं। पिछले कुछ समय से खराब फॉर्म से जूझ रहे स्टार विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत के लिए यह टेस्ट मैच अपनी लय और पुरानी फॉर्म में वापस लौटने का एक बेहतरीन सुनहरा अवसर माना जा रहा है। इसके साथ ही युवा ओपनर यशस्वी जायसवाल और साई सुदर्शन भी भारतीय सरजमीं पर एक बड़ी और यादगार पारी खेलने के प्रबल दावेदार के रूप में उतरेंगे।

    भले ही आंकड़े और परिस्थितियां टीम इंडिया के पक्ष में दिख रही हों, लेकिन भारतीय टीम अफगानिस्तान को किसी भी कीमत पर हल्के में लेने की भूल नहीं कर सकती है। पिछले कुछ वर्षों में अफगानिस्तान ने सीमित ओवरों के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में बेहद तेजी से प्रगति की है। उनके कप्तान हशमतुल्लाह शाहिदी, आक्रामक ओपनर रहमानुल्लाह गुरबाज, अनुभवी रहमत शाह और ऑलराउंडर अजमतुल्लाह उमरजई जैसे धाकड़ खिलाड़ी किसी भी गेंदबाजी आक्रमण को ध्वस्त करने का माद्दा रखते हैं। हालांकि भारतीय टीम घरेलू परिस्थितियों में बेहद मजबूत है, लेकिन अफगानिस्तान के पास उलटफेर करने की पूरी क्षमता है, जिससे यह मुकाबला बेहद रोमांचक होने की उम्मीद है।

  • हार नहीं मानी, यही असली ताकत थी”: जीत के बाद भावुक दिखे दिल्ली कप्तान अक्षर पटेल

    हार नहीं मानी, यही असली ताकत थी”: जीत के बाद भावुक दिखे दिल्ली कप्तान अक्षर पटेल


    कोलकाता । कोलकाता के ईडन गार्डन्स में खेले गए आईपीएल 2026 के आखिरी लीग मुकाबले में दिल्ली कैपिटल्स ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) को 40 रनों से हरा दिया। इस जीत के साथ दिल्ली ने अपने अभियान का अंत एक सकारात्मक नोट पर किया। पहले बल्लेबाजी करते हुए दिल्ली ने 20 ओवर में 5 विकेट पर 203 रन बनाए। टीम की ओर से KL Rahul ने 30 गेंदों में 60 रनों की तेजतर्रार पारी खेली, जबकि कप्तान Axar Patel ने 25 गेंदों में 39 रन जोड़कर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया।
     कप्तान अक्षर पटेल का बड़ा बयान: “टीम ने हार नहीं मानी”
    मैच के बाद अक्षर पटेल ने कहा कि पिछले तीन मुकाबलों में टीम ने जिस तरह से संघर्ष किया, उस पर उन्हें गर्व है। उन्होंने कहा कि भले ही परिणाम पक्ष में नहीं रहे, लेकिन खिलाड़ियों ने कभी हार मानने का रवैया नहीं अपनाया। अक्षर ने कहा, “हम जानते थे कि चीजें सही नहीं चल रही थीं, लेकिन किसी ने हार मानने के बारे में नहीं सोचा। टीम ने आखिरी गेंद तक लड़ाई लड़ी।”

    गलतियों से सीख और आगे बढ़ने की सोच
    दिल्ली कप्तान ने माना कि सीजन में कुछ अहम मौकों पर टीम से गलतियां हुईं, जिनका असर परिणाम पर पड़ा। उन्होंने कहा कि टीम को अपनी गलतियों को स्वीकार कर आगे सुधार करना होगा। उन्होंने यह भी कहा कि अगर कुछ मैचों में छोटे-छोटे पल उनके पक्ष में जाते, तो कहानी कुछ और होती।

    कप्तानी का अनुभव और मानसिक मजबूती
    अक्षर पटेल ने अपनी कप्तानी पर बात करते हुए कहा कि आईपीएल जैसे बड़े टूर्नामेंट में मानसिक मजबूती सबसे अहम होती है। उन्होंने कहा कि शांत दिमाग से लिए गए फैसले ही टीम को सही दिशा में ले जाते हैं। उनके मुताबिक, दबाव में आकर फैसले लेना टीम के प्रदर्शन को प्रभावित कर सकता है, इसलिए संयम बेहद जरूरी है।

    केकेआर की पारी लड़खड़ाई
    204 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी कोलकाता नाइट राइडर्स की टीम 18.4 ओवर में 163 रन बनाकर ऑलआउट हो गई। दिल्ली के गेंदबाजों ने शुरू से ही दबाव बनाए रखा और नियमित अंतराल पर विकेट निकालते रहे।

    हालांकि दिल्ली कैपिटल्स का पूरा सीजन उतार-चढ़ाव भरा रहा, लेकिन आखिरी मैच की जीत ने टीम को सकारात्मक अंत दिया। अक्षर पटेल का संदेश साफ था—हार के बावजूद लड़ाई जारी रखना ही असली पहचान है।

  • टी20 कप्तानी पर चर्चा तेज: शास्त्री ने गिनाई संजू सैमसन की खास खूबियां

    टी20 कप्तानी पर चर्चा तेज: शास्त्री ने गिनाई संजू सैमसन की खास खूबियां


    नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट में एक बार फिर कप्तानी को लेकर चर्चा तेज हो गई है। टीम इंडिया के पूर्व मुख्य कोच और दिग्गज क्रिकेटर रवि शास्त्री ने विकेटकीपर-बल्लेबाज संजू सैमसन को लेकर बड़ा बयान दिया है। शास्त्री का मानना है कि आने वाले समय में संजू सैमसन भारत की टी20 टीम के कप्तान बनने के सबसे मजबूत दावेदारों में शामिल हो सकते हैं।

    शास्त्री ने एक इंटरव्यू के दौरान कहा कि वर्तमान कप्तान सूर्यकुमार यादव के बाद भारतीय टी20 टीम को एक नए नेतृत्व की आवश्यकता पड़ सकती है और उस भूमिका के लिए संजू सैमसन का नाम सबसे आगे है। उन्होंने कहा कि सैमसन के पास न केवल अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का अनुभव है, बल्कि उन्होंने इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में राजस्थान रॉयल्स की कप्तानी करके अपनी नेतृत्व क्षमता भी साबित की है।

    रवि शास्त्री के अनुसार, सैमसन एक ऐसे खिलाड़ी हैं जिनमें टॉप ऑर्डर में आकर तेज और आक्रामक बल्लेबाजी करने की क्षमता है। साथ ही वह दबाव की परिस्थितियों में शांत रहकर मैच को बदलने का दम रखते हैं। शास्त्री ने कहा कि यही गुण किसी भी सफल कप्तान की पहचान होते हैं।

    सैमसन के हालिया प्रदर्शन की सराहना करते हुए शास्त्री ने कहा कि टी20 विश्व कप 2026 में उनके प्रदर्शन ने सभी का ध्यान खींचा। उन्होंने टूर्नामेंट के सेमीफाइनल और फाइनल जैसे बड़े मुकाबलों में महत्वपूर्ण पारियां खेलकर भारत को खिताब दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी। इस शानदार प्रदर्शन के चलते उन्हें ‘प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट’ भी चुना गया था।

    आईपीएल में राजस्थान रॉयल्स की कप्तानी करते हुए भी सैमसन ने अपनी नेतृत्व क्षमता दिखाई है। उनकी कप्तानी में टीम 2022 में फाइनल तक पहुंची थी, जो उनके करियर का एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जाता है। शास्त्री ने कहा कि यह अनुभव उन्हें भविष्य में भारतीय टीम की कमान संभालने के लिए और मजबूत उम्मीदवार बनाता है।

    उन्होंने यह भी कहा कि सैमसन को लेकर पहले कई सवाल उठते रहे हैं, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में उन्होंने लगातार अच्छा प्रदर्शन करके अपने आलोचकों को जवाब दिया है। अब वह केवल एक प्रतिभाशाली बल्लेबाज नहीं बल्कि एक परिपक्व और जिम्मेदार खिलाड़ी के रूप में उभर चुके हैं।

    शास्त्री ने यह भी जोड़ा कि अगले दो से तीन वर्षों में सैमसन का प्रदर्शन और निखर सकता है और वह टीम इंडिया की लीडरशिप रेस में सबसे आगे नजर आ सकते हैं। उनके मुताबिक, यदि सैमसन इसी तरह फॉर्म और निरंतरता बनाए रखते हैं तो वह भारतीय टी20 क्रिकेट के भविष्य के कप्तान साबित हो सकते हैं।

  • टी20 वर्ल्ड कप के हीरो IPL 2026 में फ्लॉप! स्टार खिलाड़ियों की खराब फॉर्म बनी चिंता

    टी20 वर्ल्ड कप के हीरो IPL 2026 में फ्लॉप! स्टार खिलाड़ियों की खराब फॉर्म बनी चिंता


    नई दिल्ली। भारतीय टीम को टी20 विश्व कप 2026 का खिताब दिलाने वाले कई स्टार खिलाड़ी आईपीएल 2026 में उम्मीदों पर खरे नहीं उतर पाए हैं। जिन खिलाड़ियों ने वर्ल्ड कप में अपने दमदार प्रदर्शन से टीम इंडिया को चैंपियन बनाया था, वही खिलाड़ी अब आईपीएल में खराब फॉर्म से जूझ रहे हैं। बल्लेबाज रन बनाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं, तो गेंदबाज विकेट लेने में नाकाम दिख रहे हैं। इसका सीधा असर उनकी फ्रेंचाइजियों के प्रदर्शन पर भी पड़ा है।

    सबसे ज्यादा चर्चा मुंबई इंडियंस के स्टार बल्लेबाज और भारतीय टी20 कप्तान सूर्यकुमार यादव की हो रही है। वर्ल्ड कप में धमाकेदार बल्लेबाजी करने वाले सूर्या आईपीएल 2026 में अब तक 11 मैचों में सिर्फ 195 रन ही बना सके हैं। उनके बल्ले से पूरे सीजन में केवल एक अर्धशतक निकला है। मुंबई इंडियंस को उनसे जिस विस्फोटक बल्लेबाजी की उम्मीद थी, वह अब तक दिखाई नहीं दी।

    हार्दिक पांड्या का प्रदर्शन भी सवालों के घेरे में है। कप्तान और ऑलराउंडर दोनों भूमिकाओं में हार्दिक संघर्ष करते नजर आए हैं। 8 मुकाबलों में उन्होंने सिर्फ 146 रन बनाए हैं, जबकि गेंदबाजी में केवल 4 विकेट ही हासिल कर सके हैं। उनकी कप्तानी को लेकर भी लगातार आलोचना हो रही है।

    चेन्नई सुपर किंग्स के शिवम दुबे भी इस सीजन प्रभाव छोड़ने में असफल रहे हैं। टी20 वर्ल्ड कप में मैच फिनिशर की भूमिका निभाने वाले दुबे 10 मैचों में सिर्फ 165 रन बना सके हैं। उनके बल्ले से एक भी अर्धशतक नहीं निकला है, जबकि गेंदबाजी में भी वह सिर्फ एक विकेट ले पाए हैं।

    सबसे बड़ा झटका मुंबई इंडियंस को जसप्रीत बुमराह की खराब फॉर्म से लगा है। दुनिया के सबसे खतरनाक तेज गेंदबाजों में गिने जाने वाले बुमराह 11 मैचों में सिर्फ 3 विकेट ही ले सके हैं। उनका इकोनॉमी रेट भी 8.51 का रहा है, जो उनके स्तर के हिसाब से काफी खराब माना जा रहा है।

    दिल्ली कैपिटल्स के कप्तान अक्षर पटेल भी बल्ले और गेंद दोनों से उम्मीदों पर खरे नहीं उतरे हैं। अक्षर ने 12 मैचों में केवल 100 रन बनाए हैं और उनका स्ट्राइक रेट भी बेहद साधारण रहा है। हालांकि गेंदबाजी में उन्होंने 10 विकेट जरूर लिए हैं, लेकिन उनकी बल्लेबाजी टीम के लिए चिंता बनी हुई है।

    पंजाब किंग्स के तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह विकेट तो निकाल रहे हैं, लेकिन रन रोकने में पूरी तरह विफल रहे हैं। 11 मैचों में 13 विकेट लेने के बावजूद उनका इकोनॉमी 9.92 का रहा है। डेथ ओवरों में उनकी महंगी गेंदबाजी पंजाब के लिए परेशानी बनी हुई है।

    मुंबई इंडियंस के युवा बल्लेबाज तिलक वर्मा ने एक शतक जरूर लगाया, लेकिन बाकी मुकाबलों में निरंतरता की कमी साफ नजर आई। वहीं दिल्ली कैपिटल्स के स्पिनर कुलदीप यादव भी इस सीजन फीके दिखाई दिए हैं। कुलदीप 11 मैचों में सिर्फ 7 विकेट ले सके हैं और उनका इकोनॉमी 10.66 तक पहुंच गया है।

    इन खिलाड़ियों की खराब फॉर्म ने आईपीएल 2026 का समीकरण पूरी तरह बदल दिया है। अब देखना दिलचस्प होगा कि टूर्नामेंट के बाकी मुकाबलों में ये स्टार खिलाड़ी वापसी कर पाते हैं या नहीं।

  • चोट के बावजूद खेल रहे हैं Virat Kohli, फिटनेस को लेकर बड़ा खुलासा

    चोट के बावजूद खेल रहे हैं Virat Kohli, फिटनेस को लेकर बड़ा खुलासा

     
    नई दिल्ली। आईपीएल 2026 के रोमांचक मुकाबले में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) ने लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) को 5 विकेट से हराकर एक और जीत अपने नाम की। 147 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए RCB ने 29 गेंद शेष रहते 149 रन बनाकर आसान जीत दर्ज की। इस जीत में सबसे अहम भूमिका विराट कोहली की रही, जिन्होंने 34 गेंदों पर 49 रन बनाए और टीम को मजबूत शुरुआत दी। उनकी इस पारी में 6 चौके और 1 छक्का शामिल रहा। कोहली ने देवदत्त पडिक्कल के साथ दूसरे विकेट के लिए 57 रनों की साझेदारी कर जीत की नींव रखी।

    घुटने की चोट से जूझ रहे हैं विराट कोहली

    मैच के बाद विराट कोहली ने बड़ा खुलासा करते हुए बताया कि उनका घुटना अभी पूरी तरह ठीक नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि पिछले एक सप्ताह से वह घुटने में दर्द और सूजन की समस्या से परेशान हैं। कोहली ने माना कि वह इस मैच में भी 100 प्रतिशत फिट नहीं थे, लेकिन टीम के लिए मैदान पर उतरना जरूरी था। उन्होंने कहा कि पिछले मुकाबले की तुलना में स्थिति बेहतर है, लेकिन अभी पूरी तरह फिट होने में समय लगेगा।

    ‘मैं अभी पूरी तरह फिट नहीं हूं’ – कोहली

    कोहली ने मैच के बाद बातचीत में बताया कि पिछले चार-पांच दिनों से उनका स्वास्थ्य भी ठीक नहीं रहा। उन्होंने कहा कि उनकी कोशिश थी कि पावरप्ले में ही मैच का रुख बदल दिया जाए। हालांकि उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि वह मैच को और बेहतर तरीके से खत्म कर सकते थे। इसके बावजूद उन्होंने अपनी बल्लेबाजी और जज्बे पर संतोष जताया।

    पिच और रणनीति पर भी रखी राय

    विराट कोहली ने पिच को लेकर कहा कि सतह पर ज्यादा घास नहीं थी और यह अपेक्षाकृत धीमी थी। गर्म मौसम के कारण पिच का व्यवहार अलग था, जिससे बल्लेबाजी चुनौतीपूर्ण हो गई थी। उन्होंने बताया कि उनकी रणनीति शुरुआती ओवरों में ही विपक्षी टीम पर दबाव बनाने की थी, ताकि लक्ष्य आसान हो सके।

    RCB की गेंदबाजी ने भी दिखाया दम

    इस मुकाबले में RCB की जीत में गेंदबाजों का भी अहम योगदान रहा। रसिख सलाम ने 4 विकेट और भुवनेश्वर कुमार ने 3 विकेट लेकर LSG की बल्लेबाजी को झकझोर दिया। LSG की पूरी टीम 146 रन पर सिमट गई। कृणाल पंड्या ने भी 2 विकेट हासिल किए। बेहतरीन गेंदबाजी के कारण RCB को आसान लक्ष्य मिला।

    LSG के कार्यवाहक कप्तान ने मानी कमजोरी

    LSG के कप्तान निकोलस पूरन ने हार के बाद स्वीकार किया कि उनकी टीम इस सीजन में लगातार अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पा रही है। उन्होंने कहा कि 175 रन का स्कोर प्रतिस्पर्धी होता, लेकिन बल्लेबाज अच्छा प्रदर्शन नहीं कर सके। पूरन ने माना कि टी20 क्रिकेट में निरंतरता मुश्किल होती है, लेकिन टीम प्रयास कर रही है।

    यह मुकाबला RCB की शानदार जीत के साथ-साथ विराट कोहली की फिटनेस को लेकर चिंता भी छोड़ गया है। घुटने की चोट के बावजूद उनका प्रदर्शन टीम के लिए बेहद अहम साबित हुआ, लेकिन आने वाले मैचों में उनकी उपलब्धता और फिटनेस RCB के अभियान के लिए निर्णायक साबित हो सकती है।

  • सेमीफाइनल की हैट्रिक: टी20 वर्ल्ड कप में इंग्लैंड के खिलाफ तीसरी बार उतरेगी भारतीय टीम

    सेमीफाइनल की हैट्रिक: टी20 वर्ल्ड कप में इंग्लैंड के खिलाफ तीसरी बार उतरेगी भारतीय टीम

    नई दिल्ली टी20 विश्व कप 2026 में भारतीय टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सेमीफाइनल में जगह बना ली है। रविवार को खेले गए मुकाबले में India national cricket team ने West Indies cricket team को 5 विकेट से हराकर अंतिम चार का टिकट पक्का किया। इसके साथ ही टीम इंडिया छठी बार टी20 विश्व कप के सेमीफाइनल में पहुंची है और लगातार तीसरी बार यह उपलब्धि हासिल की है।

    सेमीफाइनल में इंग्लैंड से लगातार तीसरी टक्कर
    दिलचस्प बात यह है कि इस बार भी भारत का सामना उसी टीम से है, जिससे पिछले दो टी20 विश्व कप सेमीफाइनल में भिड़ंत हुई थी-England cricket team। इस तरह टी20 विश्व कप में लगातार तीसरी बार भारत और इंग्लैंड सेमीफाइनल में आमने-सामने होंगे। क्रिकेट इतिहास में यह एक अनोखा संयोग है, जिसने मुकाबले का रोमांच कई गुना बढ़ा दिया है।

    2022: इंग्लैंड की ऐतिहासिक जीत
    ICC Men’s T20 World Cup 2022 के सेमीफाइनल में एडिलेड में भारत और इंग्लैंड की भिड़ंत हुई थी। रोहित शर्मा की कप्तानी में भारत ने 6 विकेट पर 168 रन बनाए थे। जवाब में जोस बटलर की अगुआई में इंग्लैंड ने 16 ओवर में बिना विकेट गंवाए 170 रन बनाकर 10 विकेट से ऐतिहासिक जीत दर्ज की थी। बाद में इंग्लैंड ने फाइनल में पाकिस्तान को हराकर खिताब अपने नाम किया।

    2024: भारत ने लिया बदला, बना चैंपियन
    ICC Men’s T20 World Cup 2024 के सेमीफाइनल में जॉर्जटाउन में फिर वही कहानी लिखी गई, लेकिन इस बार अंत अलग था। भारत ने 7 विकेट पर 171 रन बनाए और इंग्लैंड को 16.4 ओवर में 103 रन पर समेटकर 68 रन से जीत हासिल की। फाइनल में दक्षिण अफ्रीका को हराकर भारत ने ट्रॉफी उठाई।

    2026: वानखेड़े में होगा महामुकाबला
    अब 2026 में यह तीसरी भिड़ंत मुंबई के Wankhede Stadium में 5 मार्च को शाम 7 बजे से खेली जाएगी। क्रिकेट प्रेमियों की नजर इस बात पर है कि क्या इतिहास खुद को दोहराएगा? पिछली दो बार सेमीफाइनल जीतने वाली टीम ही आगे चलकर चैंपियन बनी थी।

    इस बार भी मुकाबला बराबरी का दिख रहा है-एक तरफ अनुभव और आत्मविश्वास से भरी भारतीय टीम, तो दूसरी ओर बड़े मैचों की विशेषज्ञ इंग्लैंड। सेमीफाइनल का यह संग्राम सिर्फ फाइनल का टिकट नहीं, बल्कि मनोवैज्ञानिक बढ़त की जंग भी होगा।

  • साधारण ऑफ स्पिनर  उस्मान तारिक से नहीं घबराएगा भारत, सौरव गांगुली का बड़ा बयान

    साधारण ऑफ स्पिनर उस्मान तारिक से नहीं घबराएगा भारत, सौरव गांगुली का बड़ा बयान


    नई दिल्ली । भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाले बहुप्रतीक्षित टी20 विश्व कप मुकाबले से पहले पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली ने पाकिस्तान के ऑफ-स्पिनर उस्मान तारिक को लेकर साफ और बेबाक राय रखी है। गांगुली ने तारिक को एक साधारण ऑफ-स्पिनर बताते हुए कहा कि भारतीय बल्लेबाज उनकी गेंदबाजी से निपटना अच्छी तरह जानते हैं और इस मुकाबले में उन्हें कोई खास परेशानी नहीं होगी। भारत और पाकिस्तान रविवार को कोलंबो में ग्रुप ए के मैच में आमने-सामने होंगे और मुकाबले से पहले 28 वर्षीय तारिक चर्चा का प्रमुख विषय बने हुए हैं।

    कोलकाता में टी20 विश्व कप मैगजीन लॉन्च के दौरान गांगुली ने कहा कि टी20 क्रिकेट में किसी भी नतीजे का सटीक अनुमान लगाना मुश्किल होता है लेकिन भारतीय टीम संतुलित और मजबूत है। उन्होंने तारिक की गेंदबाजी शैली का जिक्र करते हुए कहा कि वह अपनी डिलीवरी स्ट्राइड में हल्का सा रुककर गेंद छोड़ते हैं पर इसमें ऐसा कुछ भी रहस्यमय नहीं है जिसे समझ पाना कठिन हो। दादा के मुताबिक भारतीय बल्लेबाज इस तरह की विविधताओं के आदी हैं और उन्हें खेलने में सक्षम हैं। उन्होंने भरोसे के साथ कहा भारत अच्छा खेलेगा।

    तारिक ने अब तक केवल चार टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले हैं जिनमें 11 विकेट लेकर उन्होंने ध्यान जरूर खींचा है लेकिन भारत-पाकिस्तान मुकाबले का दबाव अलग स्तर का होता है। यह सिर्फ एक क्रिकेट मैच नहीं बल्कि भावनाओं और अपेक्षाओं का टकराव होता है। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि सीमित अनुभव वाले तारिक इस बड़े मंच के दबाव को कैसे संभालते हैं। भारत और पाकिस्तान के बीच टी20 विश्व कप इतिहास में अब तक आठ मुकाबले हुए हैं जिनमें सात में भारत विजयी रहा है जबकि पाकिस्तान को सिर्फ एक जीत मिली है। आंकड़े भी भारत के आत्मविश्वास को मजबूती देते हैं।

    गांगुली ने पाकिस्तान की मौजूदा टीम की तुलना उसके स्वर्णिम दौर से करते हुए कहा कि आज की टीम पहले जैसी प्रभावशाली नहीं दिखती। उन्होंने याद दिलाया कि जब टीम में इंजमाम-उल-हक सईद अनवर मोहम्मद यूसुफ वसीम अकरम और वकार यूनिस जैसे दिग्गज खिलाड़ी थे तब पाकिस्तान की टीम का स्तर अलग था। मौजूदा टीम में वह अनुभव और धार नजर नहीं आती।

    टीम संयोजन को लेकर भी गांगुली ने स्पष्ट राय रखी। उन्होंने कहा कि भारत को गेंदबाजी आक्रमण में बदलाव की जरूरत नहीं है। उनके अनुसार अक्षर पटेल वरुण चक्रवर्ती जसप्रीत बुमराह और अर्शदीप सिंह मुख्य गेंदबाज होने चाहिए। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि बल्लेबाजी संतुलन बनाए रखना जरूरी है और अनावश्यक प्रयोग से बचना चाहिए। उनका मानना है कि एक खिलाड़ी पर फोकस करने के बजाय पूरी टीम के प्रदर्शन पर ध्यान देना अधिक महत्वपूर्ण है।

    कुल मिलाकर गांगुली के बयान ने भारतीय प्रशंसकों की टेंशन कम कर दी है। अब नजरें इस बात पर होंगी कि क्या उस्मान तारिक बड़े मंच पर खुद को साबित कर पाते हैं या भारतीय बल्लेबाज उनके खिलाफ आत्मविश्वास के साथ खेलते हुए मुकाबले को अपने नाम करते हैं।

  • वरुण की रहस्यमयी गेंदबाजी, ईशान-हार्दिक का तूफान; विश्व कप में भारत की सबसे बड़ी जीत

    वरुण की रहस्यमयी गेंदबाजी, ईशान-हार्दिक का तूफान; विश्व कप में भारत की सबसे बड़ी जीत



    नई दिल्ली। टी20 विश्व कप 2026: भारतीय क्रिकेट टीम ने दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में इतिहास रचते हुए नामीबिया राष्ट्रीय क्रिकेट टीम को 93 रनों से करारी शिकस्त दी। ICC Men’s T20 World Cup 2026 के ग्रुप-ए मुकाबले में मिली यह जीत टी20 विश्व कप इतिहास में रनों के लिहाज से भारत की सबसे बड़ी जीत साबित हुई। इससे पहले 2012 में भारत ने इंग्लैंड क्रिकेट टीम को 90 रनों से हराया था। मौजूदा चैम्पियन भारत की टूर्नामेंट में यह लगातार दूसरी जीत है।

    टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत ने 9 विकेट पर 209 रन बनाए। शुरुआत में संजू सैमसन ने 8 गेंदों पर 22 रन की तेज पारी खेली। इसके बाद ईशान किशन ने आक्रामक अंदाज अपनाते हुए सिर्फ 20 गेंदों में अर्धशतक पूरा किया और 24 गेंदों पर 61 रन (6 चौके, 5 छक्के) ठोक दिए। एक ओवर में लगातार चार छक्के लगाकर उन्होंने मुकाबले का रुख पूरी तरह भारत की ओर मोड़ दिया। तिलक वर्मा (25) और कप्तान सूर्यकुमार यादव (12) बड़ी पारी नहीं खेल सके, लेकिन हार्दिक पंड्या ने जिम्मेदारी संभालते हुए 28 गेंदों पर 52 रन बनाए। शिवम दुबे (23) के साथ उनकी 81 रनों की साझेदारी ने टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। हालांकि आखिरी दो ओवरों में भारत ने 5 विकेट गंवाए और सिर्फ 10 रन जोड़े, फिर भी स्कोर 200 के पार पहुंच चुका था।

    210 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए नामीबिया की शुरुआत खराब रही। जान फ्राइलिंक 22 रन बनाकर आउट हुए। लॉरेन स्टीनकैंप (29) और जान निकोल लॉफ्टी-ईटन (13) ने कुछ संघर्ष जरूर किया, लेकिन वरुण चक्रवर्ती ने अपनी रहस्यमयी गेंदबाजी से मैच की दिशा बदल दी। उन्होंने 2 ओवर में केवल 7 रन देकर 3 विकेट झटके। एक ही ओवर में दो बल्लेबाजों को पवेलियन भेजकर उन्होंने विपक्ष की कमर तोड़ दी। अक्षर पटेल और हार्दिक पंड्या ने दो-दो विकेट लिए, जबकि जसप्रीत बुमराह और शिवम दुबे को भी एक-एक सफलता मिली। पूरी नामीबियाई टीम 16.2 ओवर में 116 रन पर सिमट गई। हार्दिक पंड्या को उनके हरफनमौला प्रदर्शन के लिए ‘मैन ऑफ द मैच’ चुना गया।

    इस मुकाबले में भारत ने अपनी अंतिम एकादश में दो बदलाव किए। जसप्रीत बुमराह की वापसी हुई, जबकि मोहम्मद सिराज की जगह उन्हें शामिल किया गया। संजू सैमसन को सलामी बल्लेबाज के रूप में मौका मिला। टीम का संतुलन बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों में मजबूत दिखाई दिया।

    गौरतलब है कि भारत और नामीबिया के बीच इससे पहले केवल एक टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबला ICC Men’s T20 World Cup 2021 में दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम पर खेला गया था, जिसमें भारत ने 9 विकेट से जीत दर्ज की थी। 2026 में भी भारतीय टीम ने उसी दबदबे को कायम रखते हुए खिताब बचाने की अपनी दावेदारी मजबूत कर दी है।

  • गंभीर का मास्टरमाइंड और सूर्या का 'स्काई' अवतार: टी20 विश्व कप में खिताब बचाने उतरेगी कोच-कप्तान की यह बेमिसाल जोड़ी

    गंभीर का मास्टरमाइंड और सूर्या का 'स्काई' अवतार: टी20 विश्व कप में खिताब बचाने उतरेगी कोच-कप्तान की यह बेमिसाल जोड़ी

    नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट में एक नई और आक्रामक युग की शुरुआत हो चुकी है। राहुल द्रविड़ और रोहित शर्मा की सफल विरासत को आगे ले जाने की जिम्मेदारी अब गौतम गंभीर और सूर्यकुमार यादव के कंधों पर है। 72 घंटे से भी कम समय में भारतीय टीम टी20 विश्व कप में अपने खिताब को बचाने के अभियान का आगाज करेगी, और दुनिया भर की नजरें उस केमिस्ट्री पर टिकी हैं जो मैदान के बाहर गंभीर के दिमाग में पकती है और मैदान के अंदर सूर्या के बल्ले से आकार लेती है।

    आंकड़े दे रहे हैं गवाही नतीजों के लिहाज से देखें तो गंभीर और सूर्या की जोड़ी अब तक अपराजेय सी नजर आई है। 39 मैचों में 31 जीत और लगभग 80 प्रतिशत का जीत का रिकॉर्ड यह बताने के लिए काफी है कि इन दोनों की फ्रीक्वेंसी एक ही धुन पर बज रही है। भारतीय क्रिकेट में अक्सर कप्तान को जनरल माना जाता रहा है, जैसा रवि शास्त्री और विराट कोहली के दौर में था। लेकिन टी20 प्रारूप के बदलते मिजाज ने अब ‘फुटबॉल मैनेजर’ शैली की कोचिंग की मांग की है। यहाँ गंभीर एक रणनीतिकार की भूमिका में हैं और सूर्या उस योजना को शत-प्रतिशत मैदान पर उतारने वाले ‘एक्जीक्यूटर’ हैं।

    पुराना रिश्ता, नई इबारत इन दोनों का रिश्ता आज का नहीं है। सूर्यकुमार यादव को पहली बार वैश्विक पहचान तब मिली थी जब वे गौतम गंभीर की कप्तानी में कोलकाता नाइट राइडर्स के लिए फिनिशर की भूमिका निभा रहे थे। दिलचस्प बात यह है कि सूर्या का मशहूर नाम ‘स्काई’ (SKY) भी उन्हें गंभीर ने ही दिया था। यह भारतीय क्रिकेट का एक खुला राज है कि 2024 में हार्दिक पंड्या के ऊपर सूर्यकुमार को टी20 की कप्तानी दिलाने में गंभीर की अहम भूमिका रही थी। गंभीर को पता था कि सूर्या जैसा निडर खिलाड़ी ही उनकी आक्रामक रणनीति को अंजाम दे सकता है।

    अलग मिजाज, एक लक्ष्य निजी तौर पर दोनों ध्रुवों की तरह अलग हैं। गंभीर दिल्ली के एक समृद्ध व्यावसायिक परिवार से आते हैं और स्वभाव से बेहद गंभीर और ‘नो-नॉनसेन्स’ खिलाड़ी रहे हैं। वहीं सूर्या मुंबई के मध्यमवर्गीय परिवार से हैं और मैदान पर बेहद शांत और हंसमुख नजर आते हैं। लेकिन इस सामाजिक-आर्थिक अंतर के बावजूद दोनों का ‘क्रिकेटिंग डीएनए’ एक है। दोनों ही पक्के राष्ट्रवादी हैं और हार न मानने की जिद्द उनके चरित्र का मुख्य हिस्सा है। गंभीर जानते हैं कि उन्हें सहवाग जैसी नैसर्गिक प्रतिभा नहीं मिली थी, इसलिए उन्होंने कड़ी मेहनत से अपनी जगह बनाई। ठीक उसी तरह सूर्या ने भी लंबे समय तक घरेलू क्रिकेट में संघर्ष किया और अपनी जगह छीनी।

    अब विश्व कप के महामंच पर गंभीर का गेम प्लान तैयार है और सूर्या को बस अपनी उस आजादी के साथ खेलना है जिसके लिए वे जाने जाते हैं। अगर यह जुगलबंदी अपने पूरे शबाब पर रही, तो भारत को अपना विश्व कप खिताब बचाने से रोकना नामुमकिन होगा।