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  • शेयर बाजार में जोरदार उछाल सेंसेक्स 1500 अंक उछला बैंक और डिफेंस स्टॉक्स चमके

    शेयर बाजार में जोरदार उछाल सेंसेक्स 1500 अंक उछला बैंक और डिफेंस स्टॉक्स चमके


    नई दिल्ली:मध्य पूर्व में तनाव कम होने के संकेतों के बीच भारतीय शेयर बाजार ने मंगलवार को मजबूत शुरुआत की और निवेशकों के बीच उत्साह का माहौल देखने को मिला। बाजार खुलते ही प्रमुख सूचकांकों में जबरदस्त उछाल दर्ज किया गया।

    बेंचमार्क इंडेक्स SENSEX 1516.08 अंक यानी 2.09 प्रतिशत की बढ़त के साथ 74212.47 के स्तर पर खुला। वहीं NIFTY 50 365.80 अंक यानी 1.62 प्रतिशत की तेजी के साथ 22878.45 पर पहुंच गया। इस तेजी ने पूरे बाजार में सकारात्मक माहौल बना दिया।

    शुरुआती कारोबार में लगभग सभी सेक्टर हरे निशान में नजर आए और चौतरफा खरीदारी देखने को मिली। खासतौर पर निफ्टी पीएसयू बैंक, निफ्टी इंडिया डिफेंस, निफ्टी ऑटो, निफ्टी मेटल और निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स जैसे सेक्टर टॉप गेनर्स की लिस्ट में शामिल रहे।

    लार्जकैप के साथ साथ मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी मजबूती देखने को मिली। NIFTY Midcap 100 करीब 772 अंक यानी 1.47 प्रतिशत की बढ़त के साथ 53490 के स्तर पर पहुंच गया। वहीं NIFTY Smallcap 100 भी 219 अंक यानी 1.45 प्रतिशत की तेजी के साथ 15318 पर कारोबार करता नजर आया। इससे साफ है कि बाजार में केवल बड़े शेयर ही नहीं बल्कि छोटे और मिड साइज कंपनियों में भी निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ी है।

    ब्रोकरेज हाउस चॉइस ब्रोकिंग के टेक्निकल एनालिस्ट आकाश शाह के अनुसार निफ्टी फिलहाल अपने शॉर्ट टर्म सपोर्ट जोन से नीचे ट्रेड कर रहा है जिससे बाजार का रुझान अभी कमजोर बना हुआ है। उन्होंने बताया कि 22650 से 22700 के स्तर पर मजबूत रुकावट देखी जा रही है जबकि 22300 से 22400 के बीच सपोर्ट जोन है। अगर यह स्तर टूटता है तो आने वाले समय में बाजार में गिरावट और गहरी हो सकती है।

    सेंसेक्स पैक में कई बड़े स्टॉक्स ने मजबूती दिखाई। एशियन पेंट्स, इंडिगो, ट्रेंट, टाइटन, बीईएल, अल्ट्राटेक सीमेंट, एलएंडटी, अदाणी पोर्ट्स, टेक महिंद्रा, कोटक महिंद्रा, एचडीएफसी बैंक, टाटा स्टील, बजाज फिनसर्व, मारुति सुजुकी और एसबीआई जैसे शेयरों में खरीदारी देखने को मिली। केवल पावर ग्रिड एकमात्र ऐसा शेयर रहा जो लाल निशान में ट्रेड कर रहा था।

    ग्लोबल मार्केट की बात करें तो एशियाई बाजारों में भी तेजी देखने को मिली। टोक्यो, शंघाई, हांगकांग, बैंकॉक और सोल जैसे प्रमुख बाजार हरे निशान में खुले। वहीं अमेरिकी बाजार भी सोमवार को मजबूती के साथ बंद हुए थे जहां डाओ और नैस्डैक इंडेक्स में करीब 1.38 प्रतिशत तक की तेजी दर्ज की गई।

    बाजार में आई इस तेजी के पीछे सबसे बड़ा कारण मध्य पूर्व में तनाव कम होने के संकेत और वैश्विक स्तर पर बेहतर निवेश माहौल को माना जा रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार अमेरिकी पक्ष द्वारा ईरान के पावर प्लांट्स पर संभावित हमले को फिलहाल टालने के फैसले से तनाव में कमी आई है, जिससे निवेशकों का भरोसा बढ़ा है और बाजार में खरीदारी तेज हुई है।

  • मिडिल ईस्ट तनाव का भारतीय बाजार पर असर, BSE Sensex में एक फीसदी से ज्यादा गिरावट

    मिडिल ईस्ट तनाव का भारतीय बाजार पर असर, BSE Sensex में एक फीसदी से ज्यादा गिरावट


    नई दिल्ली। मध्य पूर्व में बढ़ते संघर्ष का असर गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार पर साफ दिखाई दिया। कारोबारी सत्र की शुरुआत में ही बाजार दबाव में नजर आया और प्रमुख सूचकांक गिरावट के साथ खुले। सुबह करीब 9:19 बजे BSE Sensex 963 अंक यानी लगभग 1.25 प्रतिशत गिरकर 75,899 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। वहीं Nifty 50 303 अंक यानी करीब 1.27 प्रतिशत फिसलकर 23,563 के स्तर पर पहुंच गया। वैश्विक अनिश्चितता और कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल के कारण निवेशकों में सतर्कता का माहौल देखने को मिला।

    कई सेक्टरों में दिखा भारी दबाव
    शुरुआती कारोबार में बाजार के लगभग सभी सेक्टरों में गिरावट देखी गई। ऑटो, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, मीडिया, रियल्टी, मेटल, पीएसयू बैंक, डिफेंस और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के शेयरों पर सबसे अधिक दबाव रहा। निवेशकों ने जोखिम से बचने की रणनीति अपनाते हुए कई सेक्टरों में मुनाफावसूली की। इस वजह से बाजार का मूड नकारात्मक बना रहा और प्रमुख सूचकांक लाल निशान में बने रहे।

    मिडकैप और स्मॉलकैप शेयर भी दबाव में
    केवल लार्जकैप ही नहीं बल्कि मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी गिरावट का असर देखा गया। Nifty Midcap 100 इंडेक्स करीब 1,070 अंक यानी 1.90 प्रतिशत की गिरावट के साथ 55,390 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। वहीं Nifty Smallcap 100 इंडेक्स लगभग 286 अंक यानी 1.75 प्रतिशत गिरकर 16,127 पर पहुंच गया। इससे साफ है कि बाजार में बिकवाली का दबाव व्यापक स्तर पर देखने को मिला।

    सेंसेक्स के कई बड़े शेयरों में गिरावट
    सेंसेक्स पैक के कई बड़े शेयर शुरुआती कारोबार में नुकसान में दिखाई दिए। इनमें प्रमुख रूप से Mahindra & Mahindra, Tata Steel, ICICI Bank, Titan Company, Larsen & Toubro, Maruti Suzuki, Bajaj Finance, State Bank of India, Axis Bank, Infosys और HDFC Bank जैसे शेयर शामिल रहे। दूसरी ओर आईटी सेक्टर के कुछ शेयरों में मजबूती देखने को मिली, जहां Tech Mahindra और HCLTech हल्की बढ़त के साथ कारोबार करते नजर आए।

    एशियाई और अमेरिकी बाजारों से भी मिला कमजोर संकेत
    वैश्विक बाजारों से भी कमजोर संकेत मिले हैं। एशिया के कई प्रमुख शेयर बाजार जैसे Nikkei 225, Shanghai Composite, Hang Seng Index और KOSPI भी गिरावट के साथ खुले। वहीं अमेरिका में भी पिछला कारोबारी सत्र कमजोर रहा, जहां Dow Jones Industrial Average लाल निशान में बंद हुआ था। इन वैश्विक संकेतों का असर भारतीय बाजार पर भी पड़ा।

    कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल
    बाजार में गिरावट की एक बड़ी वजह कच्चे तेल की कीमतों में आई तेज बढ़ोतरी भी है। मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के कारण वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ गई है। खबर लिखे जाने तक Brent Crude लगभग 9.31 प्रतिशत की तेजी के साथ 100.54 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गया था, जबकि WTI Crude भी करीब 9 प्रतिशत की बढ़त के साथ 95.14 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर कारोबार कर रहा था।

    एफआईआई की बिकवाली से बढ़ा दबाव
    बाजार पर विदेशी निवेशकों की बिकवाली का दबाव भी बना हुआ है। बुधवार को विदेशी संस्थागत निवेशकों ने भारतीय शेयर बाजार से करीब 6,267.31 करोड़ रुपये की निकासी की। हालांकि घरेलू संस्थागत निवेशकों ने बाजार को कुछ सहारा देते हुए लगभग 4,965.53 करोड़ रुपये का निवेश किया। इसके बावजूद वैश्विक अनिश्चितता के माहौल में निवेशकों की सतर्कता के कारण बाजार में गिरावट का रुख बना रहा।

  • ग्लोबल संकेतों से बाजार में जोश, हरे निशान में खुला शेयर मार्केट; कंज्यूमर स्टॉक्स में जोरदार खरीदारी

    ग्लोबल संकेतों से बाजार में जोश, हरे निशान में खुला शेयर मार्केट; कंज्यूमर स्टॉक्स में जोरदार खरीदारी


    नई दिल्ली। वैश्विक बाजारों से मिले मजबूत संकेतों के चलते भारतीय शेयर बाजार ने मंगलवार को जोरदार शुरुआत की। शुरुआती कारोबार में निवेशकों का रुझान सकारात्मक रहा और प्रमुख सूचकांक बढ़त के साथ खुले। BSE Sensex 809 अंक यानी करीब एक प्रतिशत की तेजी के साथ 78,375.73 के स्तर पर खुला। वहीं Nifty 50 भी 252 अंक या लगभग एक प्रतिशत की मजबूती के साथ 24,280.80 के स्तर पर कारोबार करता नजर आया। वैश्विक बाजारों में सकारात्मक माहौल और घरेलू स्तर पर निवेशकों की मजबूत खरीदारी के चलते शुरुआती सत्र में बाजार में उत्साह दिखाई दिया।

    कंज्यूमर ड्यूरेबल्स शेयरों में सबसे ज्यादा खरीदारी
    मंगलवार के शुरुआती कारोबार में बाजार की तेजी का नेतृत्व कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सेक्टर ने किया। Nifty Consumer Durables Index दो प्रतिशत से अधिक की तेजी के साथ टॉप गेनर बनकर उभरा। इसके अलावा ऑटो, पीएसयू बैंक, रियल्टी, मैन्युफैक्चरिंग, मेटल, फार्मा, डिफेंस, हेल्थकेयर, मीडिया, कमोडिटी और एनर्जी सेक्टर के शेयरों में भी अच्छी खरीदारी देखने को मिली। दूसरी ओर आईटी और ऑयल एंड गैस सेक्टर के शेयरों में हल्की कमजोरी दर्ज की गई, जिसके चलते ये सूचकांक लाल निशान में कारोबार करते दिखे।

    मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी तेजी
    लार्जकैप शेयरों के साथ-साथ मिडकैप और स्मॉलकैप कंपनियों के शेयरों में भी तेजी का रुख देखने को मिला। Nifty Midcap 100 Index 618 अंक यानी 1.10 प्रतिशत की बढ़त के साथ 56,884 के स्तर पर पहुंच गया। वहीं Nifty Smallcap 100 Index 224 अंक या 1.39 प्रतिशत की तेजी के साथ 16,357 के स्तर पर कारोबार करता दिखा। इससे साफ संकेत मिला कि बाजार में केवल बड़ी कंपनियों ही नहीं, बल्कि मिड और स्मॉलकैप कंपनियों में भी निवेशकों का भरोसा बना हुआ है।

    इन दिग्गज कंपनियों के शेयरों में रही बढ़त
    सेंसेक्स पैक में कई दिग्गज कंपनियों के शेयर तेजी के साथ कारोबार करते नजर आए। इनमें InterGlobe Aviation, UltraTech Cement, Asian Paints, Mahindra & Mahindra, Adani Ports, Titan Company, Tata Steel, Larsen & Toubro, ICICI Bank, State Bank of India, Maruti Suzuki, Bajaj Finserv, HDFC Bank, Hindustan Unilever, Trent Limited, Kotak Mahindra Bank, Bharat Electronics Limited और Sun Pharmaceutical शामिल रहे। वहीं दूसरी ओर Infosys, Tech Mahindra, HCLTech, Power Grid Corporation of India, Bharti Airtel, ITC Limited और Axis Bank के शेयरों में कमजोरी देखने को मिली।

    एशियाई और अमेरिकी बाजारों का मिला सपोर्ट
    वैश्विक बाजारों से भी सकारात्मक संकेत मिले। एशिया के प्रमुख बाजार जैसे Nikkei 225, Shanghai Composite Index और Hang Seng Index बढ़त के साथ खुले। इसके अलावा बैंकॉक, जकार्ता और सोल के बाजारों में भी तेजी का रुख देखने को मिला। अमेरिकी बाजार भी सोमवार के कारोबारी सत्र में मजबूती के साथ बंद हुए थे। Dow Jones Industrial Average में करीब 0.50 प्रतिशत और टेक्नोलॉजी आधारित Nasdaq Composite में 1.38 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई।

    एफआईआई ने बेचे शेयर, डीआईआई ने किया निवेश
    निवेश के मोर्चे पर विदेशी और घरेलू संस्थागत निवेशकों का रुख अलग-अलग रहा। विदेशी संस्थागत निवेशकों यानी Foreign Institutional Investors ने सोमवार को 6,345.57 करोड़ रुपये के शेयरों की बिकवाली की। वहीं घरेलू संस्थागत निवेशकों यानी Domestic Institutional Investors ने 9,013.80 करोड़ रुपये का निवेश कर बाजार को सहारा दिया।

    कच्चे तेल की कीमतों में आई नरमी
    अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी तेजी के बाद अब कुछ नरमी देखने को मिल रही है। खबर लिखे जाने तक WTI Crude Oil 6.30 प्रतिशत गिरकर 88.80 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था। वहीं Brent Crude 6.34 प्रतिशत की गिरावट के साथ 92.69 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।

    बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक वैश्विक संकेतों की मजबूती और घरेलू निवेशकों की खरीदारी से फिलहाल बाजार में सकारात्मक रुख बना हुआ है, हालांकि आगे के सत्रों में वैश्विक घटनाक्रम और कच्चे तेल की कीमतें बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकती हैं।

  • US-Iran युद्ध की आग में सेंसेक्स और निफ्टी लुढ़के, शेयर बाजार में हाहाकार

    US-Iran युद्ध की आग में सेंसेक्स और निफ्टी लुढ़के, शेयर बाजार में हाहाकार


    नई दिल्‍ली । भारतीय शेयर बाजार पर सोमवार को अमेरिका, ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते संघर्ष का असर देखने को मिला। सेंसेक्स 2,366 अंक टूटकर 76,552 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 717 अंकों की गिरावट के साथ 23,732 पर आ गया। सभी प्रमुख स्टॉक्स लाल निशान में रहे। इंडिगो 7% से अधिक लुढ़ककर शीर्ष नुकसान में रहा। इसके अलावा टाटा स्टील 5.59%, मारुति 5.40% और इटरनल 5.19% टूटकर बंद हुए।

    शुरुआती कारोबार में भारी गिरावट

    सुबह के कारोबार में भी बाजार में दबाव साफ दिखा। बीएसई सेंसेक्स 1,862 अंक की गिरावट के साथ 77,056 पर खुला, जबकि निफ्टी 582 अंक नीचे 23,868 पर आया। NSE पर केवल 249 शेयर ही हरे निशान में थे, जबकि 403 स्टॉक्स 52 हफ्ते के निचले स्तर पर पहुंच गए। निफ्टी फ्यूचर्स पिछले बंद भाव से करीब 722 अंकों की गिरावट के साथ 23,824 के आसपास ट्रेड कर रहे थे।

    विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिकी-ईरान संघर्ष और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के कारण घरेलू बाजार में भारी बिकवाली हुई। पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने के साथ तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के पार चली गई हैं, जिससे वैश्विक निवेशक भी सतर्क हो गए।

    एशियाई और अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाहाकार

    सोमवार को एशियाई बाजारों में भी भारी दबाव देखा गया। जापान का निक्की 225 सूचकांक 6.22% गिरकर 53,000 के स्तर से नीचे चला गया, जबकि टॉपिक्स 5.27% टूट गया। दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स पिछले सप्ताह 11% गिरने के बाद सोमवार को 8% से अधिक लुढ़का, जिसमें सैमसंग और SK हाइनिक्स जैसी कंपनियां सबसे अधिक प्रभावित रहीं। गिरावट के चलते सर्किट ब्रेकर चालू किए गए और ट्रेडिंग 20 मिनट के लिए रोक दी गई। हांगकांग का हैंग सेंग इंडेक्स भी तेज गिरावट के साथ खुला। वॉल स्ट्रीट में भी दबाव रहा। डॉउ जोन्स फ्यूचर्स में 950 अंक तक की गिरावट आई, एसएंडपी 500 फ्यूचर्स 100 अंक से अधिक लुढ़के और नैस्डैक फ्यूचर्स में 400 अंकों की गिरावट दर्ज हुई।

    कच्चे तेल की कीमतों में रिकॉर्ड उछाल

    अमेरिका-ईरान संघर्ष के बीच हुर्मुज जलडमरूमध्य पर खतरे और खाड़ी के तेल उत्पादकों द्वारा उत्पादन में कटौती के कारण कच्चे तेल की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गईं। ब्रेंट क्रूड ऑयल 18.03% बढ़कर 109.40 डॉलर प्रति बैरल हो गई, जबकि अमेरिकी WTI क्रूड फ्यूचर्स 20.23% उछलकर 109.29 डॉलर पर पहुंच गए। यह दोनों स्तर रूस के 2022 में यूक्रेन पर हमले के शुरुआती महीनों के बाद नहीं देखे गए थे। कतर के ऊर्जा मंत्री ने चेतावनी दी कि अगर युद्ध के कारण खाड़ी देशों का उत्पादन बाधित हुआ, तो कच्चे तेल की कीमत $150 तक पहुंच सकती है।

  • इस सप्ताह भारतीय शेयर बाजार दबाव में, सेंसेक्स और निफ्टी फिसले 3 प्रतिशत

    इस सप्ताह भारतीय शेयर बाजार दबाव में, सेंसेक्स और निफ्टी फिसले 3 प्रतिशत


    नई दिल्ली। इस सप्ताह भारतीय शेयर बाजार में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। मध्य पूर्व में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और विदेशी निवेशकों (एफआईआई) की लगातार बिकवाली के चलते सेंसेक्स और निफ्टी लगभग 3 प्रतिशत तक गिर गए। सप्ताह के दौरान सेंसेक्स 81,287.19 से फिसलकर 78,918.90 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 25,178.65 से गिरकर 24,450.45 पर बंद हुआ।

    एफआईआई की लगातार बिकवाली इस सप्ताह बाजार पर दबाव डालती रही। निवेशकों ने भारतीय बाजार से 23,000 करोड़ रुपए से ज्यादा की निकासी की। वैश्विक जोखिम और ऊर्जा कीमतों में बढ़ोतरी के कारण विदेशी निवेशक सतर्क नजर आए। वहीं, घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) और लगातार आ रहे एसआईपी फंड ने बाजार में गिरावट को कुछ हद तक रोकने में मदद की।

    मध्य पूर्व में तनाव के चलते कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई। ब्रेंट क्रूड 86 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गया, जिससे ऊर्जा संबंधित सेक्टर और समग्र बाजार पर दबाव बढ़ा। बीएसई मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स भी लगभग 3 प्रतिशत नीचे बंद हुए।

    सेक्टरवार नजर डालें तो बीएसई रियल्टी इंडेक्स में 4.9 प्रतिशत, बीएसई ऑयल एंड गैस 4.8 प्रतिशत, बीएसई बैंकएक्स 4.6 प्रतिशत, बीएसई ऑटो 3.9 प्रतिशत और बीएसई कंज्यूमर ड्यूरेबल्स 3.1 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। हालांकि बीएसई कैपिटल गुड्स में 0.2 प्रतिशत की मामूली बढ़त हुई और डिफेंस सेक्टर के शेयरों में लगभग 3 प्रतिशत की तेजी देखी गई, क्योंकि वैश्विक तनाव के बीच निवेशकों ने रक्षा कंपनियों में रुचि दिखाई।

    वेंचुरा सिक्योरिटीज के रिसर्च हेड विनीत बोलिंजकर के अनुसार, इस सप्ताह भारतीय बाजार में वैश्विक जोखिम और घरेलू मजबूती के बीच खींचतान देखने को मिली। उन्होंने कहा कि वैश्विक अनिश्चितता और बढ़ती ऊर्जा कीमतों के कारण एफआईआई लगातार बिकवाली कर रहे हैं। हालांकि, घरेलू निवेशकों की भागीदारी और एसआईपी के जरिए लगातार फंड आना बाजार को सहारा दे रहा है।

    विश्लेषकों के अनुसार, निफ्टी50 इंडेक्स 24,450 के आसपास अपने 200-दिन के मूविंग एवरेज के करीब पहुंच गया है। यह दर्शाता है कि फिलहाल बाजार अस्थिर है लेकिन दीर्घकालिक दृष्टि से स्थिति अभी भी मजबूत बनी हुई है। इस दौरान इंडिया वीआईएक्स इंडेक्स में 11 प्रतिशत से अधिक की तेजी दर्ज की गई, जो निवेशकों की जोखिम से बचने की प्रवृत्ति को दर्शाती है।

    इस तरह इस सप्ताह वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव और एफआईआई की बिकवाली ने बाजार पर दबाव डाला, जबकि घरेलू निवेशकों और एसआईपी फंड की भागीदारी ने स्थिति को संतुलित रखा।

  • निवेशकों के चार दिन में 13 लाख करोड़ रुपये डूबे, ईरान-इजरायल युद्ध के बीच शेयर बाजार में कोहराम

    निवेशकों के चार दिन में 13 लाख करोड़ रुपये डूबे, ईरान-इजरायल युद्ध के बीच शेयर बाजार में कोहराम


    नई दिल्ली। ईरान-इजरायल युद्ध के लगातार खिंचने के असर से भारतीय शेयर बाजार में पिछले चार कारोबारी सत्रों में भारी गिरावट आई है। निवेशकों की कुल संपत्ति इस दौरान 13 लाख करोड़ रुपये से अधिक घट गई है। कारोबारी हफ्ते के आखिरी दिन शुक्रवार को भी सेंसेक्स और निफ्टी में 1 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई। निफ्टी 315.45 अंक गिरकर 24,450.45 पर बंद हुआ जबकि सेंसेक्स करीब 1100 अंक टूटकर 79,000 के नीचे बंद हुआ। शुक्रवार को ही लगभग 3 लाख करोड़ का मार्केट कैप स्वाहा हो गया।

    बैंकिंग और बड़े शेयरों पर दबाव

    सबसे अधिक दबाव ICICI बैंक के शेयर पर रहा जो 3.39 प्रतिशत गिरा। इसके अलावा एक्सिस बैंक अल्ट्राटेक सीमेंट HDFC बैंक और SBI के शेयरों में भी 2 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट देखने को मिली। बीएसई में लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैप 27 फरवरी को 463.25 लाख करोड़ रुपये था जो अब घटकर 449.79 लाख करोड़ रुपये रह गया है।

    विशेषज्ञों के मुताबिक पिछले कुछ दिनों में विदेशी संस्थागत निवेशकों FII ने भारतीय बाजार में भारी बिकवाली की है। वैश्विक अनिश्चितता के कारण विदेशी निवेशक अक्सर सुरक्षित बाजारों की ओर रुख करते हैं जिससे उभरते बाजारों जैसे भारत में दबाव बढ़ जाता है। इसके अलावा कच्चे तेल की बढ़ती कीमत और रुपये की कमजोरी ने भी बाजार की गिरावट को तेज किया। शुक्रवार को ब्रेंट क्रूड की कीमत 86 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई।

    लार्ज-कैप और 52-वीक लो पर शेयर

    चार दिन की बिकवाली में सबसे अधिक दबाव बड़े शेयरों यानी लार्ज-कैप स्टॉक्स पर पड़ा जिससे सेंसेक्स में ज्यादा गिरावट आई। बीएसई 500 इंडेक्स के कई शेयर अपने 52-हफ्ते के निचले स्तर पर आ गए। इनमें ACC अंबुजा सीमेंट एल्काइल एमिन्स केमिकल्स साइएंट बर्जर पेंट्स इंडिया कोहांस लाइफसाइंसेज इंद्रप्रस्थ गैस एडब्ल्यूएल एग्री बिजनेस बिरला कॉर्पोरेशन जेके लक्ष्मी सीमेंट जुबिलेंट फार्मावा प्रॉक्टर एंड गैंबल हाइजीन एंड हेल्थ केयर और सोनाटा सॉफ्टवेयर शामिल हैं।

    विशेषज्ञों की राय और भविष्य का अनुमान

    विशेषज्ञों का मानना है कि यह गिरावट करीब 2–3 प्रतिशत के करेक्शन के रूप में देखी जा सकती है। हालांकि ईरान-इजरायल युद्ध के कारण निवेशकों का भरोसा फिलहाल कमजोर पड़ा है और बाजार पहले ही लगभग 8 प्रतिशत टूट चुका है।

    बाजार विशेषज्ञों के अनुसार लंबी अवधि के निवेशकों के लिए यह स्थिति अवसर भी पैदा कर सकती है। यदि वैश्विक हालात स्थिर होते हैं और विदेशी निवेशकों की बिकवाली कम होती है तो बाजार में फिर से तेजी लौट सकती है। आने वाले दिनों में निवेशकों की नजर कच्चे तेल की कीमतों पश्चिम एशिया की स्थिति विदेशी निवेशकों के रुख और वैश्विक बाजारों के प्रदर्शन पर रहेगी।

  • इजरायल-ईरान संघर्ष: भारत पर कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि और अर्थव्यवस्था पर असर

    इजरायल-ईरान संघर्ष: भारत पर कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि और अर्थव्यवस्था पर असर


    नई दिल्ली। शनिवार को अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर संयुक्त सैन्य कार्रवाई की, जिससे मध्यपूर्व में तनाव चरम पर पहुँच गया है। ईरान दुनिया के प्रमुख तेल उत्पादक देशों में से एक है और इस हमले के बाद अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में अस्थिरता की चेतावनी सामने आई है। तेल की सप्लाई बाधित होने की स्थिति में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आ सकती है, जिसका असर भारत जैसे तेल आयातक देशों पर सीधे पड़ेगा।

    विशेषज्ञों का कहना है कि इस हमले का असर भारतीय शेयर बाजार पर भी दिख सकता है। अनिश्चितता के चलते निवेशक बड़े पैमाने पर बिकवाली कर सकते हैं, जिससे बाजार में दबाव बढ़ सकता है। फिलहाल भारतीय बाजार इस हमले के बाद ईरान की प्रतिक्रिया और अगले कदम का इंतजार कर रहे हैं। बाजार की चाल मुख्य रूप से इस तनाव की अवधि और गंभीरता पर निर्भर करेगी।

    भारत में कच्चे तेल की मौजूदा कीमत लगभग 67 डॉलर प्रति बैरल है, और हाल ही में इसमें लगभग 2% की बढ़ोतरी हुई है। यदि ईरान पर यह तनाव लंबे समय तक बना रहता है, तो शॉर्ट और मीडियम टर्म में भारतीय बाजारों में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। तेल महंगा होने से ऑयल मार्केटिंग कंपनियों, पेट्रोल-डीजल, पेंट, एविएशन और टायर बनाने वाली कंपनियों पर सीधा असर पड़ेगा। उत्पादन लागत बढ़ने से उपभोक्ताओं को महंगे उत्पाद खरीदने पड़ सकते हैं।

    महंगाई पर भी इसका असर देखा जा सकता है। ईंधन, परिवहन और रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतें बढ़ने से देश में महंगाई बढ़ सकती है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि आने वाले हफ्तों में बाजार अस्थिर रहेंगे और निवेशकों में बेचैनी बढ़ सकती है।

    सरकारी स्तर पर भी इस संकट को लेकर निगरानी बढ़ा दी गई है। भारत अपनी ऊर्जा सुरक्षा और रणनीतिक स्टॉक बनाए रखने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थिति पर नजर रख रहा है। वित्तीय और निवेश संस्थानों को भी निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

    संक्षेप में, ईरान पर इजरायल-यूएस हमला भारत के लिए आर्थिक चुनौती लेकर आया है। तेल की कीमतों में तेजी, शेयर बाजार में दबाव और महंगाई में वृद्धि का खतरा बढ़ गया है। ऑयल, एविएशन, पेंट और टायर जैसे सेक्टर सबसे ज्यादा प्रभावित होंगे, इसलिए निवेशकों और उपभोक्ताओं को सतर्कता और समझदारी से आर्थिक फैसले लेने होंगे।

  • भारतीय शेयर बाजार में 700 अंकों की छलांग, IT और एफआईआई ने बढ़ाया रुख

    भारतीय शेयर बाजार में 700 अंकों की छलांग, IT और एफआईआई ने बढ़ाया रुख


    नई दिल्ली ।भारतीय शेयर बाजार बुधवार के कारोबारी सत्र में जबरदस्त तेजी के साथ खुला और दिन के दौरान सेंसेक्स ने 82,957.91 अंक का उच्चतम स्तर छुआ। यह कल की क्लोजिंग 82,225.92 से करीब 732 अंक अधिक है।

    बाजार में तेजी के पीछे पांच मुख्य कारण जिम्मेदार माने जा रहे हैं।

    1. IT शेयरों में मजबूत खरीदारी:
    निफ्टी आईटी इंडेक्स खबर लिखे जाने तक 2.27 प्रतिशत की बढ़त के साथ कारोबार कर रहा था। विशेषज्ञों का कहना है कि एआई सॉफ्टवेयर कंपनियों के काम करने के तरीके में बदलाव लाएगा और नए अवसर पैदा करेगा। हाल ही में एंथ्रोपिक और इंफोसिस के साथ साझेदारी ने इसका सकारात्मक असर दिखाया है। टीसीएस भी ओपनएआई के साथ मिलकर नए प्रोजेक्ट्स पर काम कर रही है।

    2. वैश्विक संकेतों का सकारात्मक होना:
    अमेरिकी बाजार मंगलवार को हरे निशान में बंद हुए थे। इससे एशियाई बाजारों के साथ भारतीय बाजारों में भी तेजी का रुझान बना रहा।

    3. डॉलर के मुकाबले रुपया मजबूत:
    डॉलर इंडेक्स में कमजोरी से अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले रुपया 6 पैसे मजबूत होकर 90.89 पर पहुंचा। रुपया मजबूती से विदेशी निवेशकों के लिए भारतीय बाजार और अधिक आकर्षक बन गया।

    4. विदेशी निवेशकों की खरीदारी:
    कल की बड़ी गिरावट के बावजूद विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने सिर्फ 102.53 करोड़ रुपए की बिकवाली की। इससे पहले सोमवार को एफआईआई ने कैश मार्केट में 3,483.70 करोड़ रुपए की खरीदारी की थी। यह संकेत है कि विदेशी निवेशकों का रुझान भारतीय बाजार के पक्ष में है।

    5. सकारात्मक बाजार धारणा और निवेशकों का भरोसा:
    एफआईआई की खरीदारी और वैश्विक संकेतों से बाजार में निवेशकों का विश्वास बढ़ा। इससे सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में तेजी देखने को मिली।इन पांच कारणों के चलते भारतीय शेयर बाजार बुधवार को मजबूती के साथ हरे निशान में खुला और कारोबार कर रहा है। निवेशकों के लिए यह सकारात्मक संकेत माना जा रहा है कि बाजार में लम्बे समय तक रुझान मजबूत बने रहने की संभावना है।

  • शेयर बाजार का सकारात्मक सप्ताह: टॉप कंपनियों में 63 हजार करोड़ रुपए की बढ़ोतरी

    शेयर बाजार का सकारात्मक सप्ताह: टॉप कंपनियों में 63 हजार करोड़ रुपए की बढ़ोतरी


    नई दिल्ली/ मुंबई। भारतीय शेयर बाजार में पिछले सप्ताह सकारात्मक रुख देखने को मिला, जिसके चलते देश की टॉप-10 सबसे मूल्यवान कंपनियों में से छह के संयुक्त बाजार पूंजीकरण में 63,478.46 करोड़ रुपए की बढ़ोतरी दर्ज की गई। इस दौरान इंफ्रास्ट्रक्चर और बैंकिंग सेक्टर की कंपनियां सबसे ज्यादा फायदे में रहीं।

    सप्ताह के दौरान व्यापक बाजार भी मजबूती के साथ बंद हुआ। 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 187.95 अंक यानी 0.22 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुआ, जिससे निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ।

    सबसे ज्यादा लाभ लार्सन एंड टुब्रो को हुआ। कंपनी का मार्केट कैप 28,523.31 करोड़ रुपए बढ़कर 6,02,552.24 करोड़ रुपए पर पहुंच गया। इंफ्रास्ट्रक्चर और प्रोजेक्ट ऑर्डर्स में मजबूती ने कंपनी के शेयरों को सहारा दिया।

    इसके बाद स्टेट बैंक ऑफ इंडिया का प्रदर्शन उल्लेखनीय रहा। बैंक का बाजार पूंजीकरण 16,015.12 करोड़ रुपए बढ़कर 11,22,581.56 करोड़ रुपए हो गया। बैंकिंग शेयरों में खरीदारी से एसबीआई को खास लाभ मिला।

    एचडीएफसी बैंक का मार्केट कैप 9,617.56 करोड़ रुपए बढ़कर 14,03,239.48 करोड़ रुपए पर पहुंच गया। वहीं भारतीय जीवन बीमा निगम का मूल्यांकन 5,977.12 करोड़ रुपए बढ़कर 5,52,203.92 करोड़ रुपए हो गया।

    वित्तीय सेवा क्षेत्र की कंपनी बजाज फाइनेंस का बाजार पूंजीकरण भी 3,142.36 करोड़ रुपए बढ़कर 6,40,387 करोड़ रुपए पर पहुंच गया।

    हालांकि सभी कंपनियों के लिए सप्ताह सकारात्मक नहीं रहा। टेलीकॉम सेक्टर की दिग्गज कंपनी भारती एयरटेल का मार्केट कैप 15,338.66 करोड़ रुपए घटकर 11,27,705.37 करोड़ रुपए रह गया।

    इसी तरह आईसीआईसीआई बैंक का मूल्यांकन 14,632.10 करोड़ रुपए घटकर 9,97,346.67 करोड़ रुपए पर आ गया। आईटी सेक्टर की कंपनियों में भी हल्की गिरावट दर्ज की गई। इंफोसिस का मार्केट कैप 6,791.58 करोड़ रुपए घटकर 5,48,496.14 करोड़ रुपए रह गया, जबकि टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज का बाजार पूंजीकरण 1,989.95 करोड़ रुपए घटकर 9,72,053.48 करोड़ रुपए पर पहुंच गया।

    देश की सबसे मूल्यवान कंपनियों की सूची में एचडीएफसी बैंक, भारती एयरटेल, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, आईसीआईसीआई बैंक, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, बजाज फाइनेंस, लार्सन एंड टुब्रो, भारतीय जीवन बीमा निगम और इंफोसिस शामिल हैं।

    विशेषज्ञों के अनुसार निफ्टी के लिए 25,800 का स्तर तत्काल रेजिस्टेंस है। इसके बाद 26,000 और 26,200 के स्तर अहम माने जा रहे हैं। वहीं नीचे की ओर 25,300 और 25,100 प्रमुख सपोर्ट स्तर हैं। यदि सूचकांक 25,000 के नीचे मजबूती से टूटता है तो बाजार में गिरावट का दबाव बढ़ सकता है।

  • भारत अमेरिका समझौते ने बदली बाजार की चाल सेंसेक्स निफ्टी में शानदार तेजी

    भारत अमेरिका समझौते ने बदली बाजार की चाल सेंसेक्स निफ्टी में शानदार तेजी


    नई दिल्ली :भारतीय शेयर बाजार सोमवार के कारोबारी सत्र में मजबूत तेजी के साथ हरे निशान में बंद हुआ। भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील को लेकर साझा बयान सामने आने के बाद निवेशकों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। दिन के अंत में सेंसेक्स 485.35 अंक की तेजी के साथ 84,065.75 के स्तर पर बंद हुआ जबकि निफ्टी 173.60 अंक चढ़कर 25,867.30 पर पहुंच गया।

    कारोबार के दौरान लगभग सभी सेक्टोरल इंडेक्स हरे निशान में बंद हुए। कंज्यूमर ड्यूरेबल्स पीएसयू बैंक रियल्टी इंडिया डिफेंस मेटल फार्मा और हेल्थकेयर सेक्टर में अच्छी खरीदारी देखने को मिली। निवेशकों का रुझान जोखिम लेने की ओर दिखाई दिया जिससे बाजार को व्यापक समर्थन मिला।

    सेंसेक्स के प्रमुख शेयरों की बात करें तो एसबीआई टाइटन टाटा स्टील अल्ट्राटेक सीमेंट इटरनल बीईएल कोटक महिंद्रा बैंक ट्रेंट इंडिगो एमएंडएम एलएंडटी अदाणी पोर्ट्स और एशियन पेंट्स में मजबूत तेजी दर्ज की गई। इन शेयरों में खरीदारी ने सेंसेक्स को ऊपरी स्तरों तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।

    वहीं दूसरी ओर पावर ग्रिड आईटीसी एनटीपीसी आईसीआईसीआई बैंक इन्फोसिस एचडीएफसी बैंक टेक महिंद्रा और मारुति जैसे शेयरों में दबाव देखा गया और ये शेयर गिरावट के साथ बंद हुए। इसके बावजूद बाजार की समग्र धारणा सकारात्मक बनी रही।

    बाजार में इस तेजी की सबसे बड़ी वजह भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील पर जारी साझा बयान को माना जा रहा है। रविवार सुबह जारी इस बयान के अनुसार भारतीय निर्यात पर अमेरिकी टैरिफ को 50 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया गया है। इसके अलावा कई उत्पादों पर ड्यूटी को शून्य रखा गया है। इस फैसले से भारतीय निर्यातकों को बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है और इसी उम्मीद ने बाजार को नई ऊर्जा दी।

    लार्जकैप शेयरों के साथ साथ मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी जोरदार खरीदारी देखने को मिली। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 938.45 अंक की तेजी के साथ 60,441.15 पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 447.25 अंक चढ़कर 17,385.90 के स्तर पर पहुंच गया। यह दर्शाता है कि बाजार में तेजी व्यापक आधार पर रही।

    एसबीआई सिक्योरिटीज के टेक्निकल और डेरिवेटिव्स रिसर्च प्रमुख सुदीप शाह ने बाजार की चाल पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि बाजार की शुरुआत मजबूत रही थी हालांकि शुरुआती कारोबार में कुछ मुनाफावसूली देखने को मिली। इसके बाद बाजार सीमित दायरे में कारोबार करता रहा और अंत में निफ्टी 25,867 के स्तर पर बंद हुआ।

    उन्होंने आगे बताया कि निफ्टी के लिए 25,970 से 26,000 का स्तर एक अहम रुकावट है। यदि निफ्टी इस स्तर को पार करता है तो आने वाले सत्रों में 26,200 और 26,400 तक जाने की संभावना बन सकती है। वहीं गिरावट की स्थिति में 25,780 से 25,750 के बीच मजबूत सपोर्ट देखा जा सकता है।कुल मिलाकर भारत अमेरिका ट्रेड डील से जुड़े सकारात्मक संकेतों ने शेयर बाजार में नई जान फूंक दी है और निवेशकों को आगे भी बाजार से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद नजर आ रही है।