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  • इंडिगो उड़ान 6ई321 बेंगलुरु एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतरी, सीआईएसएफ जांच के बाद बम धमकी फर्जी निकली

    इंडिगो उड़ान 6ई321 बेंगलुरु एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतरी, सीआईएसएफ जांच के बाद बम धमकी फर्जी निकली

    नई दिल्ली ।लखनऊ से बेंगलुरु जा रही इंडिगो की उड़ान 6ई321 में बम की धमकी मिलने से बुधवार को सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया। विमान के बेंगलुरु एयरपोर्ट पहुंचने के बाद इस धमकी की जानकारी सामने आई। इसके बाद तय सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत विमान की व्यापक जांच की गई।

    फ्लाइट के बेंगलुरु पहुंचने के बाद विमान को सुरक्षित तरीके से उतारा गया और ग्राउंड स्टाफ की सहायता से सभी यात्रियों को बाहर निकाला गया। यात्रियों को सुरक्षित निकालने के बाद सुरक्षा अधिकारियों ने विमान की गहन तलाशी शुरू की।

    जांच प्रक्रिया में केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल और संबंधित सुरक्षा अधिकारियों ने विमान के विभिन्न हिस्सों की बारीकी से जांच की। सुरक्षा जांच के दौरान किसी तरह की संदिग्ध वस्तु अथवा विस्फोटक सामग्री बरामद नहीं हुई। इसके बाद बम की धमकी को फर्जी पाया गया।

    जांच पूरी होने के बाद विमान को दोबारा उड़ान भरने की अनुमति दे दी गई। इस घटनाक्रम के दौरान सुरक्षा एजेंसियों ने निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार कार्रवाई की। किसी भी संभावित खतरे को ध्यान में रखते हुए विमान और उससे जुड़े सामान की जांच पूरी होने तक सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखी गई।

    महत्वपूर्ण बात यह रही कि धमकी का मामला लखनऊ एयरपोर्ट पर विमान के रवाना होने के समय सामने नहीं आया था। यह जानकारी बेंगलुरु एयरपोर्ट पर विमान के पहुंचने के बाद मिली। इसलिए इस घटना का लखनऊ एयरपोर्ट के संचालन अथवा वहां की सुरक्षा व्यवस्था से सीधा संबंध नहीं बताया गया है।

    विमान में बम की धमकी मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियों की प्राथमिकता यात्रियों और विमान की सुरक्षा सुनिश्चित करना रही। जांच के दौरान किसी संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक के नहीं मिलने के बाद स्थिति सामान्य हुई और विमान को आगे की प्रक्रिया के लिए मंजूरी प्रदान की गई।

    विमानन क्षेत्र में बम की झूठी धमकियां सुरक्षा व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती मानी जाती हैं। ऐसी सूचना मिलने पर वास्तविक खतरे की पुष्टि होने तक सुरक्षा एजेंसियों को निर्धारित सभी प्रक्रियाओं का पालन करना पड़ता है। इसके कारण यात्रियों और विमान संचालन पर अस्थायी असर पड़ सकता है।

    इससे पहले 18 अगस्त को भी इंडिगो की हैदराबाद से विशाखापत्तनम जाने वाली उड़ान 208 को बम की धमकी मिली थी। ईमेल के जरिए मिली सूचना के बाद सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय हुई थीं और विमान की व्यापक तलाशी ली गई थी। उस जांच में भी कोई संदिग्ध सामग्री नहीं मिली थी।

    मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के टर्मिनल 2 पर भी बम संबंधी गैर-जिम्मेदाराना टिप्पणी के कारण सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित हुई थी। एक यात्री द्वारा अपने बैग में बम होने की बात कहे जाने के बाद दिल्ली जाने वाली इंडिगो उड़ान को उड़ान भरने से पहले रोक दिया गया था। सुरक्षा एजेंसियों ने यात्री को विमान से उतारकर हिरासत में लिया था।

    लखनऊ-बेंगलुरु उड़ान की ताजा घटना में जांच के बाद कोई विस्फोटक नहीं मिलने से यात्रियों और विमान की सुरक्षा को लेकर तत्काल खतरा समाप्त हो गया। सुरक्षा एजेंसियां अब धमकी की सूचना के स्रोत और परिस्थितियों से जुड़े पहलुओं की जांच कर रही हैं।

  • इंडिगो वेबसाइट डाउन: टिकट बुकिंग और वेब चेक-इन प्रभावित, एक सप्ताह में दूसरी बार डिजिटल सेवाओं में आई परेशानी

    इंडिगो वेबसाइट डाउन: टिकट बुकिंग और वेब चेक-इन प्रभावित, एक सप्ताह में दूसरी बार डिजिटल सेवाओं में आई परेशानी

    नई दिल्ली । देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो की वेबसाइट और कुछ ऑनलाइन सेवाओं में शुक्रवार को एक बार फिर तकनीकी समस्या सामने आई। वेबसाइट के काम नहीं करने के कारण यात्रियों को टिकट बुक करने, वेब चेक-इन पूरा करने और अन्य डिजिटल सुविधाओं का इस्तेमाल करने में परेशानी हुई। कुछ यात्रियों ने मोबाइल एप में लॉगिन से जुड़ी समस्या की भी जानकारी दी। खास बात यह है कि एक सप्ताह के भीतर दूसरी बार एयरलाइन की ऑनलाइन सेवाएं प्रभावित हुई हैं।

    तकनीकी गड़बड़ी के दौरान कई यात्रियों के लिए बुकिंग प्रक्रिया पूरी करना मुश्किल रहा। कुछ लोगों को फ्लाइट टिकट बुक करते समय परेशानी हुई, जबकि कुछ यात्रियों ने वेब चेक-इन नहीं हो पाने की शिकायत की। इसके अलावा भुगतान प्रक्रिया पूरी होने के बाद पेमेंट कन्फर्मेशन नहीं मिलने की समस्या भी सामने आई। यात्रा के करीब पहुंच चुके यात्रियों के लिए ऑनलाइन चेक-इन में बाधा विशेष चिंता का विषय बनी।

    इंडिगो ने अपनी सेवा व्यवस्था में आ रही तकनीकी परेशानी को स्वीकार करते हुए बताया कि ऑनलाइन सेवाओं में रुक-रुककर व्यवधान आ रहा है। एयरलाइन की तकनीकी टीमें समस्या को दूर करने में जुटी हैं। कंपनी ने यात्रियों को सलाह दी कि जिन लोगों को तत्काल यात्रा संबंधी सहायता की जरूरत है, वे ग्राहक सहायता केंद्र से संपर्क करें।

    एयरलाइन ने उन यात्रियों को कुछ समय बाद दोबारा डिजिटल सेवाओं का इस्तेमाल करने की सलाह दी, जिनकी यात्रा तत्काल नहीं है। यात्रियों से कहा गया कि वे वेबसाइट या मोबाइल एप पर बाद में फिर से प्रयास करें। इस दौरान सोशल मीडिया पर कई उपयोगकर्ताओं ने ऑनलाइन सेवाओं में आ रही दिक्कतों को लेकर अपनी शिकायतें दर्ज कराईं।

    यह समस्या उस तकनीकी व्यवधान के कुछ ही दिन बाद सामने आई है, जिसका असर इंडिगो की मुख्य आरक्षण व्यवस्था पर पड़ा था। आरक्षण प्रणाली एयरलाइन के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि टिकट बुकिंग और यात्रियों से जुड़ी कई ऑनलाइन प्रक्रियाएं इसी व्यवस्था पर निर्भर करती हैं। सिस्टम में तकनीकी बाधा आने पर एक साथ बड़ी संख्या में यात्रियों की सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं।

    इंडिगो की तकनीकी टीमें अपने तकनीकी सहयोगी के साथ मिलकर समस्या को प्राथमिकता के आधार पर ठीक करने में लगी हुई हैं। एयरलाइन की डिजिटल सेवाओं पर यात्रियों की निर्भरता काफी अधिक है। टिकट खरीदने से लेकर बुकिंग प्रबंधन और वेब चेक-इन तक कई प्रक्रियाएं अब ऑनलाइन पूरी की जाती हैं। ऐसे में डिजिटल सिस्टम में व्यवधान होने पर यात्रियों को वैकल्पिक सहायता की जरूरत पड़ती है।

    इंडिगो घरेलू विमानन बाजार में सबसे बड़ी हिस्सेदारी वाली एयरलाइन है। जुलाई में घरेलू बाजार में कंपनी की हिस्सेदारी करीब 67 प्रतिशत बताई गई थी। एयरलाइन का नेटवर्क देश के कई शहरों में फैला हुआ है और बड़ी संख्या में यात्री रोजाना उसकी उड़ानों से यात्रा करते हैं। इसलिए डिजिटल सिस्टम में आने वाली तकनीकी समस्या का प्रभाव व्यापक हो सकता है।

    लगातार दूसरी बार ऑनलाइन सेवाओं में रुकावट सामने आने से एयरलाइन की डिजिटल व्यवस्था की स्थिरता भी चर्चा में आ गई है। हालांकि उपलब्ध जानकारी के अनुसार कंपनी ने समस्या को ठीक करने के लिए तकनीकी स्तर पर काम शुरू कर दिया है। यात्रियों के लिए फिलहाल सलाह यही है कि तत्काल सहायता की आवश्यकता होने पर ग्राहक सहायता केंद्र से संपर्क करें और अन्य यात्री कुछ समय बाद वेबसाइट या मोबाइल एप के माध्यम से अपनी प्रक्रिया दोबारा पूरी करने का प्रयास करें।

  • जंग का असर: इंडिगो बंद करेगी वाइड-बॉडी उड़ानें, 25 अक्टूबर से बड़ा बदलाव

    जंग का असर: इंडिगो बंद करेगी वाइड-बॉडी उड़ानें, 25 अक्टूबर से बड़ा बदलाव


    नई दिल्ली। वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव और बढ़ती परिचालन लागत के बीच देश की सबसे बड़ी घरेलू एयरलाइन इंडिगो ने अपने वाइड-बॉडी विमान संचालन को बंद करने का फैसला किया है। कंपनी ने घोषणा की है कि 25 अक्टूबर 2026 से वाइड-बॉडी ऑपरेशन समाप्त कर दिए जाएंगे। इसी के साथ नॉर्स अटलांटिक एयरवेज के साथ किया गया डैम्प लीज समझौता भी उसी महीने खत्म हो जाएगा।

    इंडिगो ने बताया कि फिलहाल मुंबई-एम्स्टर्डम मार्ग पर डैम्प लीज पर लिए गए बोइंग 787-9 विमान की जगह एयरबस A321XLR विमान से उड़ानें संचालित की जाएंगी। वहीं, लंदन हीथ्रो के लिए एयरलाइन की सेवाएं अस्थायी रूप से बंद रहेंगी। कंपनी का कहना है कि यह सेवा तब दोबारा शुरू होगी, जब उसके ऑर्डर किए गए एयरबस A350-900 विमान बेड़े में शामिल हो जाएंगे।

    2025 में हुआ था समझौता
    इंडिगो ने वर्ष 2025 की शुरुआत में नॉर्स अटलांटिक एयरवेज के साथ छह बोइंग 787-9 विमानों के लिए डैम्प लीज एग्रीमेंट किया था, ताकि लंबी दूरी के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का विस्तार किया जा सके।

    क्यों लिया गया फैसला?
    एयरलाइन के अनुसार, समझौते के बाद वैश्विक हालात तेजी से बदले हैं। एयरस्पेस पर प्रतिबंध, ईंधन की लगातार बढ़ती कीमतें और विदेशी मुद्रा विनिमय दरों के दबाव ने परिचालन लागत में उल्लेखनीय बढ़ोतरी कर दी है। इन परिस्थितियों का असर उड़ानों की क्षमता, समयबद्धता, कनेक्टिविटी और प्रतिस्पर्धात्मकता पर पड़ा है। इसी वजह से कंपनी ने पूरे कार्यक्रम की समीक्षा कर रणनीति में बदलाव का निर्णय लिया है।

    ‘संसाधनों का विवेकपूर्ण उपयोग जरूरी’
    इंडिगो के प्लानिंग एवं रेवेन्यू मैनेजमेंट के वरिष्ठ उपाध्यक्ष अभिजीत दासगुप्ता ने कहा कि वैश्विक विमानन उद्योग लगातार भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं से जूझ रहा है। ऐसे माहौल में अल्पकालिक संसाधनों का सोच-समझकर उपयोग करना और दीर्घकालिक रणनीति को संतुलित रखना बेहद आवश्यक है। उन्होंने कहा कि एयरलाइन भविष्य में भी मिड और लॉन्ग-हॉल अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अपनी मौजूदगी मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है।

    यात्रियों को दिए जाएंगे विकल्प
    इंडिगो ने स्पष्ट किया है कि इस फैसले से प्रभावित यात्रियों से व्यक्तिगत रूप से संपर्क किया जाएगा। उन्हें वैकल्पिक यात्रा व्यवस्था या लागू नियमों के तहत रिफंड का विकल्प उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि यात्रियों को किसी तरह की असुविधा न हो।

  • दुबई से मुंबई जा रही इंडिगो फ्लाइट की राजकोट में इमरजेंसी लैंडिंग, कार्गो होल्ड में धुएं की सूचना से सतर्कता

    दुबई से मुंबई जा रही इंडिगो फ्लाइट की राजकोट में इमरजेंसी लैंडिंग, कार्गो होल्ड में धुएं की सूचना से सतर्कता

    नई दिल्ली । दुबई से मुंबई के लिए उड़ान भरने वाली इंडिगो की एक यात्री उड़ान को सोमवार को एहतियात के तौर पर गुजरात के राजकोट इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिंग करानी पड़ी। उड़ान के दौरान विमान के कार्गो होल्ड में धुआं होने की सूचना मिलने के बाद पायलट और एयर ट्रैफिक कंट्रोल ने तत्काल सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू किया और विमान को राजकोट की ओर डायवर्ट करने का निर्णय लिया। अधिकारियों के अनुसार सभी यात्रियों और चालक दल के सदस्य पूरी तरह सुरक्षित हैं तथा किसी के घायल होने की सूचना नहीं है।

    प्राप्त जानकारी के अनुसार, उड़ान सामान्य रूप से अपने निर्धारित मार्ग पर थी, तभी विमान के कार्गो सेक्शन से धुएं का संकेत मिलने की सूचना सामने आई। विमानन सुरक्षा नियमों के तहत ऐसी स्थिति को गंभीरता से लिया जाता है। इसी कारण चालक दल ने बिना किसी देरी के निकटतम उपयुक्त हवाई अड्डे पर सुरक्षित लैंडिंग की प्रक्रिया शुरू की। इसके बाद विमान को राजकोट इंटरनेशनल एयरपोर्ट की ओर मोड़ दिया गया।

    राजकोट एयरपोर्ट प्रशासन ने पुष्टि की कि विमान की सुरक्षित लैंडिंग कराई गई और उतरने के तुरंत बाद सभी आवश्यक आपातकालीन सेवाओं को सक्रिय रखा गया। एयरपोर्ट पर पहले से अग्निशमन दल, चिकित्सा टीम और अन्य सुरक्षा एजेंसियां पूरी तैयारी के साथ मौजूद थीं ताकि आवश्यकता पड़ने पर तुरंत कार्रवाई की जा सके। हालांकि लैंडिंग के बाद किसी प्रकार की आपात स्थिति सामने नहीं आई और सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।

    अधिकारियों ने बताया कि घटना के बाद विमान को तकनीकी निरीक्षण के लिए अलग स्थान पर ले जाया गया। विशेषज्ञों की टीम कार्गो होल्ड की विस्तृत जांच कर रही है ताकि यह स्पष्ट किया जा सके कि धुएं का संकेत किस कारण से मिला। प्रारंभिक स्तर पर किसी तकनीकी खराबी, उपकरण की समस्या या अन्य संभावित कारणों की जांच की जा रही है। अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।

    विमानन क्षेत्र में सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाती है और किसी भी प्रकार के धुएं या आग से संबंधित संकेत मिलने पर तत्काल एहतियाती कदम उठाना निर्धारित प्रक्रिया का हिस्सा होता है। ऐसे मामलों में पायलट स्थिति का आकलन करते हुए निकटतम सुरक्षित हवाई अड्डे पर विमान उतारने का निर्णय लेते हैं ताकि यात्रियों और चालक दल की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

    घटना के बाद एयरपोर्ट अधिकारियों और संबंधित एजेंसियों ने पूरे घटनाक्रम की समीक्षा शुरू कर दी है। तकनीकी जांच पूरी होने के बाद ही विमान को आगे की उड़ान के लिए अनुमति दी जाएगी। वहीं यात्रियों की सुविधा के लिए एयरलाइन की ओर से आवश्यक व्यवस्थाएं भी की जा रही हैं। अधिकारियों ने दोहराया कि इमरजेंसी लैंडिंग पूरी तरह एहतियात के तहत कराई गई और समय पर उठाए गए कदमों की वजह से किसी प्रकार की अप्रिय घटना नहीं हुई।

    यह घटना एक बार फिर दर्शाती है कि विमानन क्षेत्र में सुरक्षा संबंधी मानकों का कड़ाई से पालन किया जाता है। किसी भी संभावित जोखिम की स्थिति में तत्काल निर्णय लेकर यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना एयरलाइन और विमानन अधिकारियों की प्राथमिक जिम्मेदारी होती है। फिलहाल सभी की निगाहें तकनीकी जांच रिपोर्ट पर हैं, जिससे धुएं की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी।

  • इंडिगो की कमाई बढ़ी लेकिन मुनाफा घाटे में बदला, ईंधन खर्च और छोटी फ्लीट बनी बड़ी वजह

    इंडिगो की कमाई बढ़ी लेकिन मुनाफा घाटे में बदला, ईंधन खर्च और छोटी फ्लीट बनी बड़ी वजह

    नई दिल्ली । देश की सबसे बड़ी निजी एयरलाइन इंडिगो को वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में घाटे का सामना करना पड़ा है। कंपनी ने अप्रैल से जून 2026 की अवधि के लिए स्टैंडअलोन आधार पर 382 करोड़ रुपये के शुद्ध घाटे की जानकारी दी है, जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में उसे 2,161 करोड़ रुपये का लाभ हुआ था। कंपनी के वित्तीय नतीजों से स्पष्ट है कि वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव, ईंधन की बढ़ती कीमतों और परिचालन लागत में तेज वृद्धि ने उसके प्रदर्शन को प्रभावित किया।

    कंसोलिडेटेड आधार पर भी कंपनी का प्रदर्शन दबाव में रहा। इस अवधि में इंडिगो को 238 करोड़ रुपये का घाटा दर्ज करना पड़ा, जबकि एक वर्ष पहले इसी तिमाही में उसे 2,176 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ था। हालांकि कंपनी की आय में उल्लेखनीय बढ़ोतरी देखने को मिली और कुल राजस्व 25,614.1 करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जो पिछले वर्ष की समान अवधि के 21,542.6 करोड़ रुपये की तुलना में लगभग 18.9 प्रतिशत अधिक है।

    राजस्व में वृद्धि के बावजूद कंपनी का कुल खर्च काफी तेजी से बढ़ा। अप्रैल-जून तिमाही में कुल परिचालन व्यय 25,852.5 करोड़ रुपये रहा, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह 19,231.9 करोड़ रुपये था। यानी कुल खर्च में लगभग 34.4 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। कंपनी के अनुसार इस बढ़ोतरी का सबसे बड़ा कारण विमान ईंधन की कीमतों में तेज उछाल रहा, जिसने परिचालन लागत पर सीधा असर डाला।

    ईंधन खर्च के आंकड़े भी इस दबाव को स्पष्ट करते हैं। पहली तिमाही में इंडिगो का ईंधन पर खर्च बढ़कर 10,832.9 करोड़ रुपये हो गया, जबकि एक वर्ष पहले यही खर्च 5,832.6 करोड़ रुपये था। सालाना आधार पर इसमें लगभग 85.7 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। वैश्विक परिस्थितियों और अंतरराष्ट्रीय बाजार में ईंधन कीमतों में उतार-चढ़ाव का असर कंपनी की लागत संरचना पर स्पष्ट रूप से दिखाई दिया।

    कंपनी की परिचालन लाभप्रदता में भी गिरावट दर्ज की गई। पहली तिमाही में ईबीआईटीडीएआर 5,738.6 करोड़ रुपये से घटकर 3,832.5 करोड़ रुपये रह गया। इसी अवधि में ईबीआईटीडीएआर मार्जिन भी 28.8 प्रतिशत से घटकर 16.5 प्रतिशत पर आ गया। इससे संकेत मिलता है कि आय बढ़ने के बावजूद बढ़ती लागत ने लाभप्रदता को काफी प्रभावित किया।

    इंडिगो के बेड़े में भी इस दौरान कमी दर्ज की गई। 30 जून 2026 तक कंपनी के पास कुल 432 विमान थे, जबकि 31 मार्च 2026 को यह संख्या 441 थी। यानी तिमाही के दौरान कंपनी का बेड़ा नौ विमानों तक घट गया। कंपनी ने बताया कि डैम्प लीज पर संचालित विमानों की संख्या 20 से घटकर 7 रह जाने के कारण फ्लीट का आकार कम हुआ है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि विमानन उद्योग पर वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों, ईंधन लागत और अंतरराष्ट्रीय तनाव का सीधा प्रभाव पड़ता है। ऐसे में आने वाली तिमाहियों में ईंधन कीमतों की दिशा, अंतरराष्ट्रीय हवाई यातायात की स्थिति और परिचालन लागत पर नियंत्रण कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन के लिए महत्वपूर्ण कारक रहेंगे। फिलहाल इंडिगो की आय में वृद्धि सकारात्मक संकेत देती है, लेकिन बढ़ते खर्च ने उसकी लाभप्रदता पर दबाव बनाए रखा है।

  • बेंगलुरु एयरपोर्ट पर उड़ान से पहले सुरक्षा अलर्ट, इंडिगो विमान के शौचालय में मिला धमकी भरा नोट; एफआईआर दर्ज कर जांच तेज

    बेंगलुरु एयरपोर्ट पर उड़ान से पहले सुरक्षा अलर्ट, इंडिगो विमान के शौचालय में मिला धमकी भरा नोट; एफआईआर दर्ज कर जांच तेज

    नई दिल्ली । बेंगलुरु के केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से अहमदाबाद के लिए रवाना होने वाली इंडिगो की एक उड़ान में बम की धमकी वाला हस्तलिखित नोट मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया। उड़ान भरने से कुछ समय पहले विमान के शौचालय में मिले इस नोट ने एयरपोर्ट प्रशासन, एयरलाइन और सुरक्षा अधिकारियों को तुरंत सक्रिय कर दिया। घटना के बाद मानक सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू किए गए और विमान को उड़ान भरने से पहले विस्तृत जांच के लिए रोक दिया गया।

    जानकारी के अनुसार यह घटना इंडिगो की फ्लाइट 6ई-6423 में हुई, जो शाम के समय अहमदाबाद के लिए निर्धारित थी। उड़ान से करीब 25 मिनट पहले विमान के आगे वाले शौचालय में एक हस्तलिखित पर्ची मिली, जिस पर बम होने की चेतावनी लिखी गई थी। नोट मिलने की सूचना मिलते ही चालक दल ने तत्काल एयरपोर्ट अधिकारियों और सुरक्षा एजेंसियों को जानकारी दी, जिसके बाद विमान को अलग स्थान पर ले जाकर सुरक्षा जांच शुरू की गई।

    सुरक्षा एजेंसियों ने विमान के प्रत्येक हिस्से की गहन तलाशी ली। इस दौरान यात्रियों और चालक दल की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सभी निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन किया गया। विमान के अंदर मौजूद सामान और अन्य हिस्सों की सावधानीपूर्वक जांच की गई, लेकिन किसी भी प्रकार की संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक सामग्री बरामद नहीं हुई। जांच पूरी होने के बाद यह स्पष्ट हो गया कि बम की धमकी झूठी थी और विमान में कोई सुरक्षा जोखिम मौजूद नहीं था।

    घटना के बाद एयरलाइन ने एयरपोर्ट पुलिस में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में कहा गया कि इस तरह की झूठी धमकी से उड़ान संचालन प्रभावित हुआ और यात्रियों के साथ-साथ चालक दल की सुरक्षा को लेकर अनावश्यक चिंता उत्पन्न हुई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

    जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि विमान के शौचालय में यह नोट किसने रखा और इसके पीछे उसका उद्देश्य क्या था। अधिकारियों का मानना है कि विमान में मौजूद यात्रियों, चालक दल और एयरपोर्ट परिसर के सीसीटीवी फुटेज की जांच के साथ अन्य तकनीकी साक्ष्यों का भी विश्लेषण किया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर संबंधित लोगों से पूछताछ भी की जाएगी ताकि घटना की पूरी सच्चाई सामने आ सके।

    यह घटना ऐसे समय सामने आई है जब हाल के महीनों में देश के विभिन्न हवाई अड्डों और उड़ानों में बम की झूठी धमकियों के मामले समय-समय पर सामने आते रहे हैं। पिछले महीने भी लखनऊ से दिल्ली जाने वाली इंडिगो की एक उड़ान में शौचालय के भीतर टिश्यू पेपर पर बम से संबंधित संदेश लिखा मिला था। उस समय भी सुरक्षा एजेंसियों ने विमान को उड़ान से पहले रोककर पूरी जांच की थी और अंततः कोई विस्फोटक सामग्री नहीं मिली थी।

    विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार की झूठी धमकियां केवल सुरक्षा व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव ही नहीं डालतीं, बल्कि उड़ानों के संचालन, यात्रियों की यात्रा और एयरपोर्ट की सामान्य गतिविधियों को भी प्रभावित करती हैं। इसलिए ऐसी घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए हर सूचना की पूरी जांच की जाती है। फिलहाल बेंगलुरु की इस घटना में पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है और नोट रखने वाले व्यक्ति की पहचान करने के प्रयास जारी हैं। यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एयरपोर्ट और एयरलाइन की ओर से सभी आवश्यक सुरक्षा उपायों का पालन किया गया।

  • नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से उड़ानों का विस्तार, इंडिगो ने 8 नए शहर जोड़े, अकासा एयर ने मुंबई के लिए शुरू की सेवा

    नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से उड़ानों का विस्तार, इंडिगो ने 8 नए शहर जोड़े, अकासा एयर ने मुंबई के लिए शुरू की सेवा


    नई दिल्ली। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से हवाई कनेक्टिविटी लगातार मजबूत हो रही है। देश की सबसे बड़ी घरेलू एयरलाइन इंडिगो (IndiGo) ने एयरपोर्ट से आठ नए शहरों के लिए उड़ानें शुरू कर अपने नेटवर्क का बड़ा विस्तार किया है। वहीं, अकासा एयर (Akasa Air) ने भी 2 जुलाई से मुंबई के लिए अपनी नियमित फ्लाइट सेवा शुरू कर दी है। इससे नोएडा एयरपोर्ट से यात्रियों के लिए हवाई सफर के विकल्प और बढ़ गए हैं।

    इंडिगो ने 8 नए शहरों को जोड़ा
    15 जून 2026 को शुरू हुए नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से इंडिगो ने शुरुआत में बेंगलुरु, हैदराबाद, लखनऊ, जम्मू और अमृतसर के लिए उड़ानें संचालित की थीं।

    अब 1 जुलाई से एयरलाइन ने जयपुर, जोधपुर, चंडीगढ़, देहरादून, धर्मशाला, भोपाल, बरेली और पंतनगर के लिए भी फ्लाइट सेवा शुरू कर दी है। इसके अलावा 2 जुलाई से किशनगढ़ को भी नेटवर्क में शामिल किया जा रहा है। इसके साथ ही नोएडा एयरपोर्ट से इंडिगो के गंतव्यों (डेस्टिनेशन) की संख्या बढ़कर 15 हो जाएगी।

    मुंबई के लिए अकासा एयर की नई उड़ान
    अकासा एयर ने 2 जुलाई से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एयरपोर्ट से जोड़ने वाली नई उड़ान सेवा शुरू कर दी है।

    एयरलाइन के बुकिंग पोर्टल के अनुसार, मुंबई रूट पर प्रतिदिन दो नई उड़ानें संचालित की जाएंगी। इससे पहले अकासा एयर देश की पहली एयरलाइन बनी थी, जिसने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट और नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट जैसे दो नए ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट को आपस में जोड़ने की शुरुआत की थी।

    जुलाई में रोजाना 40 से अधिक उड़ानों का लक्ष्य
    इंडिगो और अकासा एयर ने 16 जून से नोएडा एयरपोर्ट पर अपना परिचालन शुरू किया था। उस समय दोनों एयरलाइंस मिलकर प्रतिदिन 12 उड़ानें संचालित कर रही थीं, जिनमें आठ इंडिगो और चार अकासा एयर की थीं।

    इंडिगो द्वारा शुरू किए गए नए रूटों में बरेली, जोधपुर और किशनगढ़ के लिए उड़ानें एक दिन छोड़कर संचालित होंगी, जबकि अन्य सभी शहरों के लिए दैनिक उड़ानें उपलब्ध रहेंगी।

    इसके अलावा इंडिगो 13 जुलाई से चंडीगढ़ रूट पर दो अतिरिक्त दैनिक उड़ानें भी शुरू करने जा रही है। इन नई सेवाओं के साथ जुलाई के दौरान नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से प्रतिदिन 40 से 42 उड़ानें संचालित करने का लक्ष्य रखा गया है।

  • नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से शुरू हुई वाणिज्यिक उड़ानें, इंडिगो की पहली सेवा के साथ दिल्ली-एनसीआर को मिला नया एविएशन हब

    नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से शुरू हुई वाणिज्यिक उड़ानें, इंडिगो की पहली सेवा के साथ दिल्ली-एनसीआर को मिला नया एविएशन हब

    नई दिल्ली । उत्तर प्रदेश के जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट ने सोमवार को भारतीय विमानन क्षेत्र में एक नया अध्याय जोड़ते हुए वाणिज्यिक उड़ानों का संचालन शुरू कर दिया। लंबे समय से प्रतीक्षित इस परियोजना के परिचालन में आने के साथ ही दिल्ली-एनसीआर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश को एक नया हवाई प्रवेश द्वार मिल गया है। एयरपोर्ट से पहली नियमित उड़ान सेवा शुरू करने का गौरव इंडिगो एयरलाइन को मिला, जिसने यहां से अपने वाणिज्यिक संचालन का औपचारिक शुभारंभ किया।

    एयरपोर्ट के संचालन की शुरुआत के साथ ही क्षेत्रीय और राष्ट्रीय हवाई संपर्क को नई मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। पहली उड़ान लखनऊ से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पहुंची, जबकि इसके बाद यहां से पहली प्रस्थान उड़ान बेंगलुरु के लिए रवाना हुई। यह शुरुआत केवल एक नई सेवा का आरंभ नहीं बल्कि देश के तेजी से विकसित हो रहे विमानन बुनियादी ढांचे का भी प्रतीक मानी जा रही है।

    इंडिगो ने घोषणा की है कि वह इस नए एयरपोर्ट को देश के 16 से अधिक प्रमुख गंतव्यों से सीधे जोड़ेगी। इसके अतिरिक्त कई शहरों के बीच वन-स्टॉप कनेक्टिविटी की सुविधा भी उपलब्ध होगी, जिससे यात्रियों को अधिक विकल्प और बेहतर यात्रा अनुभव प्राप्त होगा। इस व्यवस्था का सबसे बड़ा लाभ टियर-2 और टियर-3 शहरों के यात्रियों को मिलेगा, जिन्हें अब बड़े महानगरों तक पहुंचने के लिए कम समय और कम जटिल यात्रा करनी पड़ेगी।

    विशेषज्ञों का मानना है कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का संचालन शुरू होने से दिल्ली-एनसीआर के मौजूदा हवाई यातायात दबाव को कम करने में मदद मिलेगी। राजधानी क्षेत्र में बढ़ती यात्री संख्या और विमान सेवाओं की मांग को देखते हुए यह एयरपोर्ट एक महत्वपूर्ण पूरक भूमिका निभाएगा। इसके साथ ही यह क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों को गति देने में भी सहायक साबित हो सकता है।

    यमुना एक्सप्रेसवे के किनारे स्थित यह एयरपोर्ट रणनीतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बेहतर सड़क संपर्क और औद्योगिक क्षेत्रों के निकट होने के कारण इसे भविष्य में एक प्रमुख एविएशन तथा लॉजिस्टिक्स हब के रूप में विकसित करने की योजना है। इससे व्यापार, निवेश, पर्यटन और माल परिवहन गतिविधियों को भी नई दिशा मिलने की संभावना है।

    विमानन क्षेत्र के जानकारों के अनुसार, किसी भी बड़े एयरपोर्ट का प्रभाव केवल हवाई सेवाओं तक सीमित नहीं रहता। इसके आसपास रोजगार के नए अवसर पैदा होते हैं, होटल, परिवहन और सेवा क्षेत्र का विस्तार होता है तथा स्थानीय अर्थव्यवस्था को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष लाभ मिलता है। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के साथ भी इसी प्रकार के व्यापक आर्थिक प्रभावों की उम्मीद की जा रही है।

    एयरपोर्ट प्रबंधन ने कहा है कि यात्रियों को आधुनिक और सुविधाजनक यात्रा अनुभव उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दिया गया है। प्रथम चरण में विकसित इस परियोजना की वार्षिक यात्री क्षमता लगभग 1.2 करोड़ रखी गई है। वर्तमान परिचालन ढांचे में एक रनवे, एकीकृत टर्मिनल भवन और अत्याधुनिक एयर ट्रैफिक कंट्रोल टावर शामिल हैं।

    विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में एयरपोर्ट के विस्तार के साथ इसकी क्षमता और कनेक्टिविटी दोनों में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। वाणिज्यिक उड़ानों की शुरुआत के साथ नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट अब केवल एक महत्वाकांक्षी परियोजना नहीं रहा, बल्कि उत्तर भारत के विमानन मानचित्र पर एक सक्रिय और महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में उभर चुका है। इससे क्षेत्रीय विकास, पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलने की संभावना और मजबूत हुई है।

  • फ्लाइट के बाथरूम में रची गई सोना तस्करी की हाईटेक साजिश नाकाम, स्पीकर बॉक्स से निकला 2.8 किलो विदेशी सोना

    फ्लाइट के बाथरूम में रची गई सोना तस्करी की हाईटेक साजिश नाकाम, स्पीकर बॉक्स से निकला 2.8 किलो विदेशी सोना

    नई दिल्ली । देश में सोना तस्करी के नए-नए तरीकों के बीच अहमदाबाद के सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने सुरक्षा एजेंसियों को भी चौंका दिया। कस्टम विभाग ने दुबई से अहमदाबाद पहुंची एक अंतरराष्ट्रीय उड़ान के टॉयलेट में छिपाकर रखा गया बड़ी मात्रा में विदेशी सोना बरामद किया है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि तस्करों ने विमान के बाथरूम में लगे साउंड सिस्टम का इस्तेमाल सोने को छिपाने के लिए किया था।

    कस्टम अधिकारियों को विमान में संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिलने के बाद विस्तृत तलाशी अभियान चलाया गया। जांच के दौरान विमान के केबिन और विभिन्न तकनीकी हिस्सों की बारीकी से पड़ताल की गई। जब टीम विमान के टॉयलेट तक पहुंची तो वहां एक असामान्य स्थिति दिखाई दी। अधिकारियों ने तकनीकी विशेषज्ञों और विमान इंजीनियरों की सहायता से टॉयलेट में लगे जनरल अनाउंसमेंट सिस्टम के स्पीकर बॉक्स की जांच की।

    स्पीकर यूनिट को खोलने पर उसके भीतर दो विशेष पैकेट मिले, जिन्हें काले रंग की इलेक्ट्रिकल टेप से मजबूती से लपेटा गया था। पैकेटों को बाहर निकालकर खोला गया तो उनके अंदर 24 विदेशी सोने के बिस्किट बरामद हुए। बरामद सोने का कुल वजन लगभग 2.8 किलोग्राम बताया गया है, जबकि इसकी अनुमानित बाजार कीमत करीब 4.26 करोड़ रुपये आंकी गई है।

    जांच एजेंसियों का मानना है कि तस्करों ने सोने को विमान के टॉयलेट में छिपाकर रखने की सुनियोजित रणनीति अपनाई थी। आशंका है कि विमान के अहमदाबाद पहुंचने के बाद कोई स्थानीय संपर्क, ग्राउंड स्टाफ का सदस्य अथवा कोई अन्य व्यक्ति इसे निकालकर आगे पहुंचाने वाला था। हालांकि सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता के कारण यह पूरी योजना सफल नहीं हो सकी और सोना बरामद कर लिया गया।

    अधिकारियों के अनुसार तलाशी के दौरान विमान में मौजूद किसी भी यात्री या कर्मचारी ने बरामद सोने पर अपना दावा नहीं किया। इससे यह संकेत मिलता है कि तस्करी में शामिल व्यक्ति ने पकड़े जाने के डर से सोने को वहीं छोड़ दिया होगा। मामले की गंभीरता को देखते हुए पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है।

    कस्टम विभाग अब उड़ान से जुड़े दस्तावेजों, यात्री विवरण, क्रू रिकॉर्ड और विमान की गतिविधियों की जांच कर रहा है। साथ ही यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि सोना विमान के भीतर किसने रखा और इसके पीछे कौन-सा तस्करी नेटवर्क सक्रिय था। जांच एजेंसियां संभावित सहयोगियों और संपर्क सूत्रों की भी पहचान करने में जुटी हैं।

    विशेषज्ञों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय तस्करी गिरोह लगातार नए और तकनीकी रूप से जटिल तरीके अपनाने की कोशिश कर रहे हैं। विमान के टॉयलेट में लगे स्पीकर सिस्टम का उपयोग कर सोना छिपाने की यह घटना सुरक्षा एजेंसियों के लिए भी एक महत्वपूर्ण चेतावनी मानी जा रही है। फिलहाल बरामद सोने को कानूनी प्रक्रिया के तहत जब्त कर लिया गया है और संबंधित प्रावधानों के अंतर्गत आगे की कार्रवाई जारी है। आने वाले दिनों में जांच के आधार पर इस पूरे नेटवर्क से जुड़े नए खुलासे सामने आ सकते हैं।

  • इंडिगो की 6 अंतरराष्ट्रीय उड़ानें ऑपरेटिंग कॉस्ट बढ़ने के कारण जुलाई से अस्थाई रूप से होगी बंद

    इंडिगो की 6 अंतरराष्ट्रीय उड़ानें ऑपरेटिंग कॉस्ट बढ़ने के कारण जुलाई से अस्थाई रूप से होगी बंद


    नई दिल्ली।
    विमान कंपनी इंडिगो (Airline company Indigo) ने जुलाई महीने से छह डेस्टिनेशंस (Six Destinations) के लिए अपनी उड़ानों को अस्थायी रूप से रोकने का ऐलान किया है. विमानन कंपनी ने ये कदम कमजोर मांग और लगातार बढ़ रही ऑपरेटिंग कॉस्ट (Increasing Operating Costs) को देखते हुए उठाया है।

    इंडिगो का ये फैसला गर्मियों की छुट्टियों मौजूदा सीजन में आया है. इंडिगो के मुताबिक, मलेशिया के लांगकावी, थाईलैंड के क्राबी और वियतनाम के हो ची मिन्ह सिटी के लिए उड़ानें 1 जुलाई से सस्पेंड यानी बंद कर दी जाएंगी। इसके अलावा, हांगकांग और चीन के शंघाई, कंबोडिया के सिएम रीप के लिए उड़ानों को 3 जुलाई से रोक दिया जाएगा।

    इन सभी छह रूटों पर उड़ानों का सस्पेंशन 30 सितंबर तक लागू रहेगा. ये सभी रूट भारतीय यात्रियों के बीच काफी पॉपुलर हैं. ये रूट दक्षिण-पूर्व एशिया और चीन के प्रमुख पर्यटन और व्यावसायिक शहरों के लिए सीधी कनेक्टिविटी मुहैया कराते हैं।


    अक्टूबर से दोबारा शुरू होगी बुकिंग

    इंडिगो ने बताया है कि इन सभी छह रूटों के लिए टिकटों की बुकिंग 1 अक्टूबर से दोबारा शुरू कर दी जाएगी. हालांकि, अगर मार्किट में मांग में सुधार होता है, तो इन सेवाओं को तय समय से पहले भी बहाल किया जा सकता है. एयरलाइंस ने इस कदम को इंटरनेशनल नेटवर्क में एक सीमित और छोटा सा बदलाव बताया है।

    कंपनी के मुताबिक, साल की ये तिमाही आमतौर पर यात्रा के लिहाज से कमजोर होती है. इसके साथ ही मौजूदा समय में लागत का माहौल भी काफी चुनौतियों से भरा है. अस्थायी कटौती के बावजूद एयरलाइंस ने कहा है कि वो हर हफ्ते 1,800 से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय उड़ानें जारी रखेगी. कंपनी अपने विदेशी नेटवर्क के बड़े हिस्से को पहले की तरह ही बरकरार रख रही है।

    इंडिगो ने कहा कि वो अंतरराष्ट्रीय परिचालन पर कोई भी अगला फैसला लेने से पहले मार्किट की कंडीशन, बढ़ती परिचालन लागत और एयरस्पेस के प्रतिबंधों पर नजर रखेगी। इस फैसले से प्रभावित होने वाले यात्रियों को पहले से सूचित किया जाएगा. यात्रियों को रिफंड या दूसरे उपलब्ध विकल्प भी दिए जाएंगे.


    ईरान युद्ध के चलते मैनचेस्टर उड़ान पर भी लगा ब्रेक

    दो दिन पहले ही इंडिगो ने 31 अगस्त से मैनचेस्टर के लिए अपनी उड़ानें बंद करने की बात कही थी. एयरलाइंस ने इसके पीछे ईरान युद्ध के चलते इंटरनेशनल एयरस्पेस में लंबे समय से जारी प्रतिबंधों और बढ़ती परिचालन लागत का हवाला दिया था.

    कंपनी का कहना है कि इन वजहों से ये रूट कमर्शियल रूप से काफी नुकसानदेह साबित हो रहा था. इंडिगो के मुताबिक, कुछ एयर कॉरिडोर्स के लगातार बंद रहने की वजह से उड़ानों के समय और खर्चों में भारी बढ़ोतरी हुई है. इससे लंबी दूरी की हवाई सेवाओं को जारी रखना मुश्किल हो गया है.

    इंडिगो फिलहाल दिल्ली और मुंबई से ब्रिटेन के मैनचेस्टर के लिए उड़ानों का संचालन करती है. इस रूट की शुरुआत पिछले साल जुलाई में एयरलाइंस की लंबी दूरी के अंतरराष्ट्रीय विस्तार योजना के तहत की गई थी।