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  • पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव का असर, एयर इंडिया ने सऊदी अरब के तीन शहरों की उड़ानें 14 नवंबर तक रोकीं

    पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव का असर, एयर इंडिया ने सऊदी अरब के तीन शहरों की उड़ानें 14 नवंबर तक रोकीं

    नई दिल्ली । पश्चिम एशिया में लगातार बिगड़ते सुरक्षा हालात का असर हवाई सेवाओं पर पड़ने लगा है। सऊदी अरब आने-जाने वाले यात्रियों को अब अपनी यात्रा की योजनाओं में बदलाव करना पड़ सकता है। एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस ने सऊदी अरब के तीन प्रमुख शहरों के लिए अपनी उड़ानें 14 नवंबर 2026 तक निलंबित कर दी हैं। इस फैसले से जेद्दा, रियाद और दम्माम के लिए हवाई यात्रा करने वाले यात्रियों की परेशानी बढ़ सकती है। वहीं, इंडिगो और अकासा एयर ने भी सुरक्षा परिस्थितियों को देखते हुए अपनी कुछ सेवाएं अस्थायी रूप से बंद कर दी हैं।

    एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस ने पहले भी इन शहरों के लिए उड़ानों पर रोक लगाई थी। उस समय रियाद और दम्माम की उड़ानें 7 नवंबर तक, जबकि जेद्दा की उड़ानें 31 अक्टूबर तक निलंबित की गई थीं। अब क्षेत्र में सुरक्षा संबंधी चिंताओं को देखते हुए इस अवधि को बढ़ाकर 14 नवंबर 2026 कर दिया गया है। एयरलाइंस का यह निर्णय यात्रियों और विमान संचालन की सुरक्षा को ध्यान में रखकर लिया गया है।

    प्रभावित यात्रियों को राहत देने के लिए टिकट की तारीख बदलने और पूरा रिफंड लेने का विकल्प दिया गया है। इसके लिए कुछ शर्तें निर्धारित की गई हैं। यह सुविधा उन यात्रियों को मिलेगी जिनके टिकट 30 अक्टूबर 2026 या उससे पहले जारी हुए हैं और जिनकी यात्रा की तारीख 14 नवंबर 2026 तक निर्धारित थी। ऐसे यात्री एक बार बिना अतिरिक्त शुल्क के अपनी यात्रा की तारीख बदल सकते हैं। नई यात्रा 29 नवंबर 2026 तक पूरी करनी होगी। हालांकि, मुफ्त रीबुकिंग की सुविधा सीटों की उपलब्धता पर निर्भर करेगी।

    जो यात्री अपनी यात्रा नहीं करना चाहते, वे टिकट रद्द कर पूरा रिफंड प्राप्त कर सकते हैं। एयर इंडिया के यात्री सऊदी अरब में एयरलाइन के किसी भी चालू स्टेशन से आने-जाने के लिए टिकट की वैकल्पिक व्यवस्था करा सकते हैं। वहीं, एयर इंडिया एक्सप्रेस के यात्रियों को सऊदी अरब या बहरीन में एयरलाइन के किसी भी चालू स्टेशन के लिए रीबुकिंग का विकल्प दिया गया है। प्रभावित यात्रियों की सहायता के लिए दोनों कंपनियों ने संपर्क केंद्र और शहरों में टिकट बुकिंग कार्यालयों की सुविधा उपलब्ध कराई है।

    सऊदी अरब में हाल के हमलों के बाद सुरक्षा चिंताएं और बढ़ गई हैं। 21 अक्टूबर को दम्माम स्थित किंग फहद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे और शायबाह तेल क्षेत्र को निशाना बनाए जाने की घटना सामने आई थी। इस हमले में एक भारतीय नागरिक की मौत हो गई थी, जबकि दो अन्य घायल हुए थे। शायबाह तेल क्षेत्र में हुए हमले में भी एक भारतीय नागरिक घायल हुआ था। इन घटनाओं के बाद क्षेत्र में नागरिक और ऊर्जा से जुड़े महत्वपूर्ण ठिकानों की सुरक्षा को लेकर सतर्कता बढ़ाई गई है।

    उड़ानों पर रोक लगाने वाली कंपनियों में इंडिगो भी शामिल है। कंपनी ने जेद्दा, दम्माम और मदीना आने-जाने वाली अपनी उड़ानें 14 नवंबर तक रद्द की हैं। दूसरी ओर, अकासा एयर ने रियाद के लिए अपनी उड़ानों पर 30 नवंबर तक और जेद्दा के लिए 10 नवंबर तक रोक लगाने का फैसला किया है। इस तरह अलग-अलग एयरलाइंस की उड़ानों के निलंबन की अवधि अलग-अलग रखी गई है।

    प्रभावित यात्री टिकट में बदलाव या रिफंड से संबंधित जानकारी के लिए एयर इंडिया के संपर्क नंबर +91 11 69329333 और +91 11 69329999 पर संपर्क कर सकते हैं। एयर इंडिया एक्सप्रेस के यात्रियों के लिए +91 124 6935600 नंबर उपलब्ध कराया गया है।

    यात्रियों को सलाह दी गई है कि हवाई अड्डे के लिए रवाना होने से पहले अपनी उड़ान की स्थिति जरूर जांच लें। टिकट बदलने या रद्द कराने से पहले संबंधित एयरलाइन की निर्धारित शर्तों और उपलब्ध विकल्पों की जानकारी लेना भी जरूरी है। पश्चिम एशिया के मौजूदा हालात के बीच उड़ानों के संचालन में आगे भी बदलाव हो सकते हैं।

  • इंडिगो ने बढ़ाया फ्यूल चार्ज, घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का किराया बढ़ेगा, मंगलवार से नए शुल्क लागू होंगे

    इंडिगो ने बढ़ाया फ्यूल चार्ज, घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का किराया बढ़ेगा, मंगलवार से नए शुल्क लागू होंगे


    नई दिल्ली ।
    देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो ने एविएशन टरबाइन फ्यूल यानी एटीएफ की बढ़ती कीमतों के कारण घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर फ्यूल चार्ज बढ़ाने का फैसला किया है। एयरलाइन के अनुसार, नई दरें मंगलवार से बुक होने वाली सभी उड़ानों पर लागू होंगी। इससे हवाई यात्रा करने वाले यात्रियों के टिकट खर्च में बढ़ोतरी होगी। फ्यूल चार्ज घरेलू उड़ानों में तय दूरी के आधार पर और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में रूट तथा क्षेत्र के हिसाब से अलग-अलग रखा गया है।

    एयरलाइन के मुताबिक, ईंधन की कीमतों में लगातार वृद्धि हो रही है। हाल ही में एटीएफ की कीमतों में महीने-दर-महीने 14 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी हुई है। इसके चलते एटीएफ की लागत पिछले एक दशक के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गई है। एयरलाइन ने बताया कि एविएशन टरबाइन फ्यूल उसकी परिचालन लागत का एक बड़ा हिस्सा है। इसलिए ईंधन की कीमत बढ़ने का असर एयरलाइन की लागत संरचना और नेटवर्क के संचालन पर पड़ रहा है।

    घरेलू उड़ानों के लिए 500 किलोमीटर तक की दूरी पर 375 रुपये का फ्यूल चार्ज लगाया जाएगा। 501 से 1,000 किलोमीटर तक की उड़ानों के लिए यह शुल्क 600 रुपये होगा। 1,001 से 1,500 किलोमीटर की दूरी वाली उड़ानों पर 900 रुपये, 1,501 से 2,000 किलोमीटर की उड़ानों पर 1,150 रुपये और 2,000 किलोमीटर से अधिक दूरी वाली उड़ानों पर 1,300 रुपये का फ्यूल चार्ज लिया जाएगा। इस तरह घरेलू उड़ानों के लिए शुल्क दूरी बढ़ने के साथ अलग-अलग निर्धारित किया गया है।

    अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए भी अलग-अलग शुल्क तय किया गया है। सार्क क्षेत्र में 500 किलोमीटर तक की दूरी वाली उड़ानों पर 1,000 रुपये और 500 किलोमीटर से अधिक दूरी वाली उड़ानों पर 3,000 रुपये का फ्यूल चार्ज लगेगा। वहीं, साउथ-ईस्ट एशिया, जीसीसी, मिडिल ईस्ट और नॉर्थ व ईस्ट एशिया जाने वाली उड़ानों के लिए 5,500 रुपये का शुल्क निर्धारित किया गया है। अफ्रीका और यूरोप जाने वाली उड़ानों पर फ्यूल चार्ज 6,000 रुपये होगा।

    एयरलाइन ने कहा है कि बढ़ती ईंधन लागत की पूरी भरपाई करने के लिए फ्यूल चार्ज में इससे अधिक बढ़ोतरी की जरूरत हो सकती थी, लेकिन यात्रियों पर पड़ने वाले असर को कम रखने के लिए अपेक्षाकृत सीमित बदलाव किया गया है। एयरलाइन के अनुसार, ईंधन की लागत में लगातार हो रही वृद्धि के कारण यह शुल्क बढ़ाना जरूरी हुआ है। अमेरिका-ईरान युद्ध के कारण वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में भी बीते तीन महीनों में करीब 40 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हुई है। कच्चे तेल की कीमतों में इस वृद्धि का असर एयरलाइन के परिचालन खर्च पर पड़ रहा है। नई फ्यूल चार्ज दरों के लागू होने के बाद घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों तरह की उड़ानों के यात्रियों को टिकट बुक करते समय अतिरिक्त शुल्क देना होगा।

  • अगस्त में घरेलू हवाई यातायात 6.34 प्रतिशत घटा, इंडिगो और स्पाइसजेट की हिस्सेदारी में आई कमी

    अगस्त में घरेलू हवाई यातायात 6.34 प्रतिशत घटा, इंडिगो और स्पाइसजेट की हिस्सेदारी में आई कमी

    नई दिल्ली ।भारत में घरेलू हवाई यात्री यातायात में अगस्त के दौरान सालाना आधार पर गिरावट दर्ज की गई। इस महीने घरेलू एयरलाइनों से यात्रा करने वाले यात्रियों की संख्या 6.34 प्रतिशत घटकर करीब 1.21 करोड़ रह गई। विमानन क्षेत्र से जुड़े आंकड़ों के अनुसार, इस दौरान प्रमुख एयरलाइनों की बाजार हिस्सेदारी में भी बदलाव देखने को मिला।

    अगस्त में इंडिगो घरेलू विमानन बाजार में सबसे बड़ी एयरलाइन बनी रही, हालांकि उसकी बाजार हिस्सेदारी जुलाई के मुकाबले कम हुई। जुलाई में इंडिगो की हिस्सेदारी 67.4 प्रतिशत थी, जो अगस्त में घटकर 65 प्रतिशत रह गई। इसके बावजूद कंपनी घरेलू हवाई यातायात में सबसे आगे रही।

    अगस्त के दौरान इंडिगो से 78.87 लाख यात्रियों ने हवाई सफर किया। घरेलू बाजार में उसकी हिस्सेदारी घटने के बावजूद यात्रियों की संख्या के लिहाज से वह अन्य प्रमुख एयरलाइनों से आगे रही।

    एयर इंडिया समूह की बाजार हिस्सेदारी में इस दौरान बढ़ोतरी दर्ज की गई। जुलाई में समूह की हिस्सेदारी 24 प्रतिशत थी, जो अगस्त में बढ़कर 26.7 प्रतिशत हो गई। अगस्त में एयर इंडिया समूह के विमानों से 32.32 लाख यात्रियों ने यात्रा की।

    अकासा एयर की बाजार हिस्सेदारी अगस्त में 5.5 प्रतिशत पर स्थिर रही। एयरलाइन ने इस महीने 6.68 लाख यात्रियों को यात्रा कराई। इस तरह बाजार हिस्सेदारी के मामले में अकासा एयर ने तीसरा स्थान बरकरार रखा।

    स्पाइसजेट के प्रदर्शन में अगस्त के दौरान गिरावट देखने को मिली। जुलाई में उसकी बाजार हिस्सेदारी 1.6 प्रतिशत थी, जो अगस्त में घटकर 1.2 प्रतिशत रह गई। एयरलाइन ने इस महीने करीब 1.40 लाख यात्रियों को यात्रा कराई।

    स्पाइसजेट को अगस्त में कई परिचालन संबंधी चुनौतियों का सामना करना पड़ा। इन परिस्थितियों का असर उसकी उड़ानों पर भी पड़ा और कई उड़ानों में देरी दर्ज की गई। बाजार हिस्सेदारी में कमी के बीच एयरलाइन के परिचालन प्रदर्शन पर भी निगरानी बनी रही।

    उड़ानों के समय पर संचालन के मामले में अगस्त के दौरान इंडिगो का प्रदर्शन प्रमुख एयरलाइनों में सबसे बेहतर रहा। एयरलाइन का ऑन-टाइम परफॉरमेंस 91 प्रतिशत दर्ज किया गया। इसके बाद अकासा एयर का प्रदर्शन 90.5 प्रतिशत रहा।

    एयर इंडिया समूह का ऑन-टाइम परफॉरमेंस अगस्त में 83.9 प्रतिशत रहा। वहीं, अलायंस एयर का प्रदर्शन 71.8 प्रतिशत दर्ज किया गया। इन आंकड़ों से अलग-अलग एयरलाइनों के समय पर उड़ान संचालन में अंतर का पता चलता है।

    स्पाइसजेट से जुड़ी परिचालन और वित्तीय स्थिति को लेकर भी निगरानी जारी है। केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने कहा कि विमानन नियामक डीजीसीए एयरलाइन की मौजूदा चुनौतियों के बीच उसके वित्तीय और परिचालन प्रदर्शन पर करीबी नजर रख रहा है।

    मंत्री के अनुसार, डीजीसीए को एयरलाइन की परिचालन और वित्तीय स्थिति की समीक्षा करने की जिम्मेदारी दी गई है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि एयरलाइन की मौजूदा परिस्थितियों के बीच विमानन सुरक्षा से किसी तरह का समझौता न हो।

    अगस्त के आंकड़ों में जहां घरेलू हवाई यातायात में सालाना गिरावट सामने आई, वहीं एयरलाइनों की बाजार हिस्सेदारी में अलग-अलग बदलाव दर्ज हुए। इंडिगो अभी भी बाजार में सबसे आगे रही, जबकि एयर इंडिया समूह की हिस्सेदारी बढ़ी और स्पाइसजेट की हिस्सेदारी में कमी आई।

  • जबलपुर एयरपोर्ट पर अचानक कैंसिल हुई इंडिगो की उड़ान, यात्रियों ने जताई नाराजगी; वैकल्पिक यात्रा का दिया गया भरोसा

    जबलपुर एयरपोर्ट पर अचानक कैंसिल हुई इंडिगो की उड़ान, यात्रियों ने जताई नाराजगी; वैकल्पिक यात्रा का दिया गया भरोसा

    मध्‍य प्रदेश : जबलपुर एयरपोर्ट पर सोमवार को इंडिगो की उड़ान तकनीकी खराबी के कारण रद्द होने से करीब 45 यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। हैदराबाद से जबलपुर पहुंचने के बाद इसी विमान को यात्रियों को लेकर इंदौर रवाना होना था, लेकिन तकनीकी समस्या सामने आने के बाद उड़ान संचालित नहीं की जा सकी।

    इंडिगो की फ्लाइट 6E7315 सोमवार सुबह हैदराबाद से जबलपुर पहुंची थी। इसके बाद विमान को जबलपुर से इंदौर के लिए उड़ान भरनी थी। इस चरण में करीब 45 यात्री इंदौर जाने के लिए विमान में सवार होने वाले थे। हालांकि तकनीकी खराबी के चलते उड़ान रद्द करने का फैसला लिया गया।

    यात्रियों को जब फ्लाइट कैंसिल होने की जानकारी मिली तो एयरपोर्ट पर नाराजगी की स्थिति बन गई। कई यात्रियों का कहना था कि उन्होंने इंदौर पहुंचने के लिए पहले से अपनी यात्रा की योजना बनाई थी। कुछ यात्रियों को जरूरी काम के सिलसिले में इंदौर जाना था, इसलिए अचानक उड़ान रद्द होने से उनके कार्यक्रम प्रभावित हुए।

    फ्लाइट रद्द होने की सूचना के बाद यात्रियों ने एयरपोर्ट पर अपनी नाराजगी जाहिर की। यात्रियों के मुताबिक उन्हें उड़ान रद्द होने की जानकारी अचानक मिली, जिससे आगे की यात्रा को लेकर उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ा। एयरपोर्ट पर मौजूद यात्रियों को अपनी यात्रा के लिए नए विकल्प तलाशने पड़े।

    स्थिति को देखते हुए एयरलाइन अधिकारियों ने यात्रियों से बातचीत की और वैकल्पिक व्यवस्था उपलब्ध कराने का भरोसा दिया। यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने के लिए दूसरे मार्गों और कनेक्टिंग फ्लाइट की संभावनाओं पर काम किया गया।

    एयरलाइन की ओर से कुछ यात्रियों को कनेक्टिंग रूट के जरिए इंदौर भेजने की व्यवस्था किए जाने की जानकारी दी गई। इससे यात्रियों के लिए तत्काल यात्रा का वैकल्पिक रास्ता उपलब्ध कराने की कोशिश की गई। हालांकि अचानक हुए बदलाव के कारण यात्रियों को अपनी यात्रा योजनाओं में परिवर्तन करना पड़ा।

    कुछ यात्रियों ने अपनी यात्रा को आगे के लिए रीशेड्यूल कराया। वहीं कुछ यात्रियों ने टिकट कैंसिल कराने का विकल्प चुना। यात्रियों का कहना था कि उड़ान रद्द होने के कारण उनके समय और आगे की निर्धारित योजनाओं पर असर पड़ा।

    तकनीकी खराबी के कारण विमान संचालन रोकना विमानन सुरक्षा से जुड़ी सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा है। ऐसी स्थिति में विमान को उड़ाने के बजाय तकनीकी जांच और आवश्यक सुधार को प्राथमिकता दी जाती है। हालांकि यात्रियों के लिए अचानक उड़ान रद्द होना असुविधाजनक स्थिति पैदा करता है, खासकर तब जब उन्होंने आगे की यात्रा या जरूरी कार्यों के लिए समय निर्धारित किया हो।

    जबलपुर और इंदौर के बीच हवाई संपर्क यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे दोनों शहरों के बीच कम समय में यात्रा की सुविधा मिलती है। ऐसे में उड़ान रद्द होने से प्रभावित यात्रियों को वैकल्पिक यात्रा व्यवस्था पर निर्भर रहना पड़ा।

    फिलहाल प्रभावित यात्रियों के लिए वैकल्पिक रूट, रीशेड्यूलिंग और टिकट रद्द कराने जैसे विकल्प उपलब्ध कराए गए। घटना के बाद यात्रियों की मुख्य चिंता अपने निर्धारित समय पर इंदौर पहुंचने की रही। तकनीकी समस्या के कारण उड़ान संचालन नहीं होने से सोमवार की यह यात्रा कई यात्रियों के लिए परेशानी भरी साबित हुई।

  • श्रीनगर एयरपोर्ट पर IndiGo विमान VDGS पोल से टकराया, ब्रेक सिस्टम खराबी के दावे के बीच जांच में जुटे अधिकारी

    श्रीनगर एयरपोर्ट पर IndiGo विमान VDGS पोल से टकराया, ब्रेक सिस्टम खराबी के दावे के बीच जांच में जुटे अधिकारी


    नई दिल्ली । 
    श्रीनगर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर शुक्रवार सुबह IndiGo की एक फ्लाइट पार्किंग के दौरान विजुअल डॉकिंग गाइडेंस सिस्टम के पोल से टकरा गई। शुरुआती जानकारी के अनुसार विमान को पार्क करते समय ब्रेक सिस्टम में खराबी सामने आई, जिसके बाद विमान का अगला हिस्सा पोल के संपर्क में आ गया। हादसे में विमान के नोज सेक्शन को नुकसान पहुंचा है।

    घटना के समय विमान में मौजूद सभी यात्री और क्रू सदस्य सुरक्षित रहे। किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। विमान के रुकने के बाद यात्रियों और चालक दल के सदस्यों को मैनुअल एयरक्राफ्ट सीढ़ियों की मदद से सुरक्षित बाहर निकाला गया।

    यह विमान IndiGo की फ्लाइट संख्या 6E 225 थी, जिसने सुबह नवी मुंबई से उड़ान भरी थी। विमान शुक्रवार सुबह करीब नौ बजे श्रीनगर एयरपोर्ट पहुंचा। लैंडिंग के बाद विमान को बे नंबर छह पर पार्क किया जा रहा था। इसी दौरान यह घटना हुई।

    उपलब्ध जानकारी के मुताबिक विमान का पंजीकरण नंबर VT-NOG है। पार्किंग की प्रक्रिया के दौरान विमान VDGS यानी विजुअल डॉकिंग गाइडेंस सिस्टम के पोल से टकराया। टक्कर के कारण विमान के अगले हिस्से को नुकसान हुआ। हालांकि नुकसान के बावजूद यात्रियों को सुरक्षित तरीके से विमान से बाहर निकाल लिया गया।

    एयरलाइन की ओर से घटना को पार्किंग के दौरान हुई मामूली घटना बताया गया है। हालांकि शुरुआती तौर पर ब्रेक सिस्टम में खराबी की बात सामने आई है, लेकिन हादसे की पूरी वजह अभी स्पष्ट नहीं है। विमान के पोल से संपर्क में आने की परिस्थितियों और तकनीकी कारणों की जांच निर्धारित प्रक्रिया के तहत की जाएगी।

    हवाई अड्डे पर विमान की सुरक्षित पार्किंग के लिए विजुअल डॉकिंग गाइडेंस सिस्टम महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह व्यवस्था पायलट को विमान को निर्धारित पार्किंग स्थान तक सही तरीके से पहुंचाने में सहायता करती है। इस घटना में इसी प्रणाली के पोल से विमान का संपर्क हुआ, जिससे उसके अगले हिस्से को नुकसान पहुंचा।

    घटना के बाद एयरपोर्ट पर यात्रियों की सुरक्षा को लेकर तत्काल स्थिति का आकलन किया गया। अधिकारियों के शुरुआती बयान के अनुसार विमान में सवार सभी लोग सुरक्षित हैं। एयरपोर्ट के सामान्य संचालन पर भी घटना का कोई बड़ा असर नहीं पड़ा है।

    श्रीनगर एयरपोर्ट के निदेशक जावेद अंजुम ने बताया कि हवाई अड्डे का संचालन सामान्य रूप से जारी है। विमानों की आवाजाही निर्धारित व्यवस्था के अनुसार चल रही है और यात्रियों तथा अन्य संबंधित लोगों के लिए सुरक्षित संचालन सुनिश्चित किया जा रहा है।

    घटना की सही वजह सामने आने के लिए तकनीकी और परिचालन पहलुओं की जांच महत्वपूर्ण होगी। इसमें विमान के ब्रेक सिस्टम की स्थिति, पार्किंग के दौरान हुई गतिविधियां और VDGS पोल से विमान के संपर्क की परिस्थितियों का आकलन किया जा सकता है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि टक्कर के पीछे वास्तविक तकनीकी या अन्य कारण क्या था।

    फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि घटना में किसी यात्री या क्रू सदस्य को चोट नहीं आई। विमान के अगले हिस्से को हुए नुकसान का आकलन संबंधित तकनीकी प्रक्रिया के तहत किया जाएगा। इसके बाद विमान की आगे की परिचालन स्थिति के बारे में फैसला लिया जाएगा।

    इस घटना ने विमान की पार्किंग प्रक्रिया और तकनीकी प्रणालियों की भूमिका को लेकर ध्यान आकर्षित किया है। हालांकि अभी किसी अंतिम निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। जांच पूरी होने के बाद ही ब्रेक सिस्टम में खराबी और पोल से हुई टक्कर के बीच वास्तविक संबंध स्पष्ट हो सकेगा।

  • इंडिगो उड़ान 6ई321 बेंगलुरु एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतरी, सीआईएसएफ जांच के बाद बम धमकी फर्जी निकली

    इंडिगो उड़ान 6ई321 बेंगलुरु एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतरी, सीआईएसएफ जांच के बाद बम धमकी फर्जी निकली

    नई दिल्ली ।लखनऊ से बेंगलुरु जा रही इंडिगो की उड़ान 6ई321 में बम की धमकी मिलने से बुधवार को सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया। विमान के बेंगलुरु एयरपोर्ट पहुंचने के बाद इस धमकी की जानकारी सामने आई। इसके बाद तय सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत विमान की व्यापक जांच की गई।

    फ्लाइट के बेंगलुरु पहुंचने के बाद विमान को सुरक्षित तरीके से उतारा गया और ग्राउंड स्टाफ की सहायता से सभी यात्रियों को बाहर निकाला गया। यात्रियों को सुरक्षित निकालने के बाद सुरक्षा अधिकारियों ने विमान की गहन तलाशी शुरू की।

    जांच प्रक्रिया में केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल और संबंधित सुरक्षा अधिकारियों ने विमान के विभिन्न हिस्सों की बारीकी से जांच की। सुरक्षा जांच के दौरान किसी तरह की संदिग्ध वस्तु अथवा विस्फोटक सामग्री बरामद नहीं हुई। इसके बाद बम की धमकी को फर्जी पाया गया।

    जांच पूरी होने के बाद विमान को दोबारा उड़ान भरने की अनुमति दे दी गई। इस घटनाक्रम के दौरान सुरक्षा एजेंसियों ने निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार कार्रवाई की। किसी भी संभावित खतरे को ध्यान में रखते हुए विमान और उससे जुड़े सामान की जांच पूरी होने तक सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखी गई।

    महत्वपूर्ण बात यह रही कि धमकी का मामला लखनऊ एयरपोर्ट पर विमान के रवाना होने के समय सामने नहीं आया था। यह जानकारी बेंगलुरु एयरपोर्ट पर विमान के पहुंचने के बाद मिली। इसलिए इस घटना का लखनऊ एयरपोर्ट के संचालन अथवा वहां की सुरक्षा व्यवस्था से सीधा संबंध नहीं बताया गया है।

    विमान में बम की धमकी मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियों की प्राथमिकता यात्रियों और विमान की सुरक्षा सुनिश्चित करना रही। जांच के दौरान किसी संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक के नहीं मिलने के बाद स्थिति सामान्य हुई और विमान को आगे की प्रक्रिया के लिए मंजूरी प्रदान की गई।

    विमानन क्षेत्र में बम की झूठी धमकियां सुरक्षा व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती मानी जाती हैं। ऐसी सूचना मिलने पर वास्तविक खतरे की पुष्टि होने तक सुरक्षा एजेंसियों को निर्धारित सभी प्रक्रियाओं का पालन करना पड़ता है। इसके कारण यात्रियों और विमान संचालन पर अस्थायी असर पड़ सकता है।

    इससे पहले 18 अगस्त को भी इंडिगो की हैदराबाद से विशाखापत्तनम जाने वाली उड़ान 208 को बम की धमकी मिली थी। ईमेल के जरिए मिली सूचना के बाद सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय हुई थीं और विमान की व्यापक तलाशी ली गई थी। उस जांच में भी कोई संदिग्ध सामग्री नहीं मिली थी।

    मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के टर्मिनल 2 पर भी बम संबंधी गैर-जिम्मेदाराना टिप्पणी के कारण सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित हुई थी। एक यात्री द्वारा अपने बैग में बम होने की बात कहे जाने के बाद दिल्ली जाने वाली इंडिगो उड़ान को उड़ान भरने से पहले रोक दिया गया था। सुरक्षा एजेंसियों ने यात्री को विमान से उतारकर हिरासत में लिया था।

    लखनऊ-बेंगलुरु उड़ान की ताजा घटना में जांच के बाद कोई विस्फोटक नहीं मिलने से यात्रियों और विमान की सुरक्षा को लेकर तत्काल खतरा समाप्त हो गया। सुरक्षा एजेंसियां अब धमकी की सूचना के स्रोत और परिस्थितियों से जुड़े पहलुओं की जांच कर रही हैं।

  • इंडिगो वेबसाइट डाउन: टिकट बुकिंग और वेब चेक-इन प्रभावित, एक सप्ताह में दूसरी बार डिजिटल सेवाओं में आई परेशानी

    इंडिगो वेबसाइट डाउन: टिकट बुकिंग और वेब चेक-इन प्रभावित, एक सप्ताह में दूसरी बार डिजिटल सेवाओं में आई परेशानी

    नई दिल्ली । देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो की वेबसाइट और कुछ ऑनलाइन सेवाओं में शुक्रवार को एक बार फिर तकनीकी समस्या सामने आई। वेबसाइट के काम नहीं करने के कारण यात्रियों को टिकट बुक करने, वेब चेक-इन पूरा करने और अन्य डिजिटल सुविधाओं का इस्तेमाल करने में परेशानी हुई। कुछ यात्रियों ने मोबाइल एप में लॉगिन से जुड़ी समस्या की भी जानकारी दी। खास बात यह है कि एक सप्ताह के भीतर दूसरी बार एयरलाइन की ऑनलाइन सेवाएं प्रभावित हुई हैं।

    तकनीकी गड़बड़ी के दौरान कई यात्रियों के लिए बुकिंग प्रक्रिया पूरी करना मुश्किल रहा। कुछ लोगों को फ्लाइट टिकट बुक करते समय परेशानी हुई, जबकि कुछ यात्रियों ने वेब चेक-इन नहीं हो पाने की शिकायत की। इसके अलावा भुगतान प्रक्रिया पूरी होने के बाद पेमेंट कन्फर्मेशन नहीं मिलने की समस्या भी सामने आई। यात्रा के करीब पहुंच चुके यात्रियों के लिए ऑनलाइन चेक-इन में बाधा विशेष चिंता का विषय बनी।

    इंडिगो ने अपनी सेवा व्यवस्था में आ रही तकनीकी परेशानी को स्वीकार करते हुए बताया कि ऑनलाइन सेवाओं में रुक-रुककर व्यवधान आ रहा है। एयरलाइन की तकनीकी टीमें समस्या को दूर करने में जुटी हैं। कंपनी ने यात्रियों को सलाह दी कि जिन लोगों को तत्काल यात्रा संबंधी सहायता की जरूरत है, वे ग्राहक सहायता केंद्र से संपर्क करें।

    एयरलाइन ने उन यात्रियों को कुछ समय बाद दोबारा डिजिटल सेवाओं का इस्तेमाल करने की सलाह दी, जिनकी यात्रा तत्काल नहीं है। यात्रियों से कहा गया कि वे वेबसाइट या मोबाइल एप पर बाद में फिर से प्रयास करें। इस दौरान सोशल मीडिया पर कई उपयोगकर्ताओं ने ऑनलाइन सेवाओं में आ रही दिक्कतों को लेकर अपनी शिकायतें दर्ज कराईं।

    यह समस्या उस तकनीकी व्यवधान के कुछ ही दिन बाद सामने आई है, जिसका असर इंडिगो की मुख्य आरक्षण व्यवस्था पर पड़ा था। आरक्षण प्रणाली एयरलाइन के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि टिकट बुकिंग और यात्रियों से जुड़ी कई ऑनलाइन प्रक्रियाएं इसी व्यवस्था पर निर्भर करती हैं। सिस्टम में तकनीकी बाधा आने पर एक साथ बड़ी संख्या में यात्रियों की सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं।

    इंडिगो की तकनीकी टीमें अपने तकनीकी सहयोगी के साथ मिलकर समस्या को प्राथमिकता के आधार पर ठीक करने में लगी हुई हैं। एयरलाइन की डिजिटल सेवाओं पर यात्रियों की निर्भरता काफी अधिक है। टिकट खरीदने से लेकर बुकिंग प्रबंधन और वेब चेक-इन तक कई प्रक्रियाएं अब ऑनलाइन पूरी की जाती हैं। ऐसे में डिजिटल सिस्टम में व्यवधान होने पर यात्रियों को वैकल्पिक सहायता की जरूरत पड़ती है।

    इंडिगो घरेलू विमानन बाजार में सबसे बड़ी हिस्सेदारी वाली एयरलाइन है। जुलाई में घरेलू बाजार में कंपनी की हिस्सेदारी करीब 67 प्रतिशत बताई गई थी। एयरलाइन का नेटवर्क देश के कई शहरों में फैला हुआ है और बड़ी संख्या में यात्री रोजाना उसकी उड़ानों से यात्रा करते हैं। इसलिए डिजिटल सिस्टम में आने वाली तकनीकी समस्या का प्रभाव व्यापक हो सकता है।

    लगातार दूसरी बार ऑनलाइन सेवाओं में रुकावट सामने आने से एयरलाइन की डिजिटल व्यवस्था की स्थिरता भी चर्चा में आ गई है। हालांकि उपलब्ध जानकारी के अनुसार कंपनी ने समस्या को ठीक करने के लिए तकनीकी स्तर पर काम शुरू कर दिया है। यात्रियों के लिए फिलहाल सलाह यही है कि तत्काल सहायता की आवश्यकता होने पर ग्राहक सहायता केंद्र से संपर्क करें और अन्य यात्री कुछ समय बाद वेबसाइट या मोबाइल एप के माध्यम से अपनी प्रक्रिया दोबारा पूरी करने का प्रयास करें।

  • जंग का असर: इंडिगो बंद करेगी वाइड-बॉडी उड़ानें, 25 अक्टूबर से बड़ा बदलाव

    जंग का असर: इंडिगो बंद करेगी वाइड-बॉडी उड़ानें, 25 अक्टूबर से बड़ा बदलाव


    नई दिल्ली। वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव और बढ़ती परिचालन लागत के बीच देश की सबसे बड़ी घरेलू एयरलाइन इंडिगो ने अपने वाइड-बॉडी विमान संचालन को बंद करने का फैसला किया है। कंपनी ने घोषणा की है कि 25 अक्टूबर 2026 से वाइड-बॉडी ऑपरेशन समाप्त कर दिए जाएंगे। इसी के साथ नॉर्स अटलांटिक एयरवेज के साथ किया गया डैम्प लीज समझौता भी उसी महीने खत्म हो जाएगा।

    इंडिगो ने बताया कि फिलहाल मुंबई-एम्स्टर्डम मार्ग पर डैम्प लीज पर लिए गए बोइंग 787-9 विमान की जगह एयरबस A321XLR विमान से उड़ानें संचालित की जाएंगी। वहीं, लंदन हीथ्रो के लिए एयरलाइन की सेवाएं अस्थायी रूप से बंद रहेंगी। कंपनी का कहना है कि यह सेवा तब दोबारा शुरू होगी, जब उसके ऑर्डर किए गए एयरबस A350-900 विमान बेड़े में शामिल हो जाएंगे।

    2025 में हुआ था समझौता
    इंडिगो ने वर्ष 2025 की शुरुआत में नॉर्स अटलांटिक एयरवेज के साथ छह बोइंग 787-9 विमानों के लिए डैम्प लीज एग्रीमेंट किया था, ताकि लंबी दूरी के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का विस्तार किया जा सके।

    क्यों लिया गया फैसला?
    एयरलाइन के अनुसार, समझौते के बाद वैश्विक हालात तेजी से बदले हैं। एयरस्पेस पर प्रतिबंध, ईंधन की लगातार बढ़ती कीमतें और विदेशी मुद्रा विनिमय दरों के दबाव ने परिचालन लागत में उल्लेखनीय बढ़ोतरी कर दी है। इन परिस्थितियों का असर उड़ानों की क्षमता, समयबद्धता, कनेक्टिविटी और प्रतिस्पर्धात्मकता पर पड़ा है। इसी वजह से कंपनी ने पूरे कार्यक्रम की समीक्षा कर रणनीति में बदलाव का निर्णय लिया है।

    ‘संसाधनों का विवेकपूर्ण उपयोग जरूरी’
    इंडिगो के प्लानिंग एवं रेवेन्यू मैनेजमेंट के वरिष्ठ उपाध्यक्ष अभिजीत दासगुप्ता ने कहा कि वैश्विक विमानन उद्योग लगातार भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं से जूझ रहा है। ऐसे माहौल में अल्पकालिक संसाधनों का सोच-समझकर उपयोग करना और दीर्घकालिक रणनीति को संतुलित रखना बेहद आवश्यक है। उन्होंने कहा कि एयरलाइन भविष्य में भी मिड और लॉन्ग-हॉल अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अपनी मौजूदगी मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है।

    यात्रियों को दिए जाएंगे विकल्प
    इंडिगो ने स्पष्ट किया है कि इस फैसले से प्रभावित यात्रियों से व्यक्तिगत रूप से संपर्क किया जाएगा। उन्हें वैकल्पिक यात्रा व्यवस्था या लागू नियमों के तहत रिफंड का विकल्प उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि यात्रियों को किसी तरह की असुविधा न हो।

  • दुबई से मुंबई जा रही इंडिगो फ्लाइट की राजकोट में इमरजेंसी लैंडिंग, कार्गो होल्ड में धुएं की सूचना से सतर्कता

    दुबई से मुंबई जा रही इंडिगो फ्लाइट की राजकोट में इमरजेंसी लैंडिंग, कार्गो होल्ड में धुएं की सूचना से सतर्कता

    नई दिल्ली । दुबई से मुंबई के लिए उड़ान भरने वाली इंडिगो की एक यात्री उड़ान को सोमवार को एहतियात के तौर पर गुजरात के राजकोट इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिंग करानी पड़ी। उड़ान के दौरान विमान के कार्गो होल्ड में धुआं होने की सूचना मिलने के बाद पायलट और एयर ट्रैफिक कंट्रोल ने तत्काल सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू किया और विमान को राजकोट की ओर डायवर्ट करने का निर्णय लिया। अधिकारियों के अनुसार सभी यात्रियों और चालक दल के सदस्य पूरी तरह सुरक्षित हैं तथा किसी के घायल होने की सूचना नहीं है।

    प्राप्त जानकारी के अनुसार, उड़ान सामान्य रूप से अपने निर्धारित मार्ग पर थी, तभी विमान के कार्गो सेक्शन से धुएं का संकेत मिलने की सूचना सामने आई। विमानन सुरक्षा नियमों के तहत ऐसी स्थिति को गंभीरता से लिया जाता है। इसी कारण चालक दल ने बिना किसी देरी के निकटतम उपयुक्त हवाई अड्डे पर सुरक्षित लैंडिंग की प्रक्रिया शुरू की। इसके बाद विमान को राजकोट इंटरनेशनल एयरपोर्ट की ओर मोड़ दिया गया।

    राजकोट एयरपोर्ट प्रशासन ने पुष्टि की कि विमान की सुरक्षित लैंडिंग कराई गई और उतरने के तुरंत बाद सभी आवश्यक आपातकालीन सेवाओं को सक्रिय रखा गया। एयरपोर्ट पर पहले से अग्निशमन दल, चिकित्सा टीम और अन्य सुरक्षा एजेंसियां पूरी तैयारी के साथ मौजूद थीं ताकि आवश्यकता पड़ने पर तुरंत कार्रवाई की जा सके। हालांकि लैंडिंग के बाद किसी प्रकार की आपात स्थिति सामने नहीं आई और सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।

    अधिकारियों ने बताया कि घटना के बाद विमान को तकनीकी निरीक्षण के लिए अलग स्थान पर ले जाया गया। विशेषज्ञों की टीम कार्गो होल्ड की विस्तृत जांच कर रही है ताकि यह स्पष्ट किया जा सके कि धुएं का संकेत किस कारण से मिला। प्रारंभिक स्तर पर किसी तकनीकी खराबी, उपकरण की समस्या या अन्य संभावित कारणों की जांच की जा रही है। अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।

    विमानन क्षेत्र में सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाती है और किसी भी प्रकार के धुएं या आग से संबंधित संकेत मिलने पर तत्काल एहतियाती कदम उठाना निर्धारित प्रक्रिया का हिस्सा होता है। ऐसे मामलों में पायलट स्थिति का आकलन करते हुए निकटतम सुरक्षित हवाई अड्डे पर विमान उतारने का निर्णय लेते हैं ताकि यात्रियों और चालक दल की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

    घटना के बाद एयरपोर्ट अधिकारियों और संबंधित एजेंसियों ने पूरे घटनाक्रम की समीक्षा शुरू कर दी है। तकनीकी जांच पूरी होने के बाद ही विमान को आगे की उड़ान के लिए अनुमति दी जाएगी। वहीं यात्रियों की सुविधा के लिए एयरलाइन की ओर से आवश्यक व्यवस्थाएं भी की जा रही हैं। अधिकारियों ने दोहराया कि इमरजेंसी लैंडिंग पूरी तरह एहतियात के तहत कराई गई और समय पर उठाए गए कदमों की वजह से किसी प्रकार की अप्रिय घटना नहीं हुई।

    यह घटना एक बार फिर दर्शाती है कि विमानन क्षेत्र में सुरक्षा संबंधी मानकों का कड़ाई से पालन किया जाता है। किसी भी संभावित जोखिम की स्थिति में तत्काल निर्णय लेकर यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना एयरलाइन और विमानन अधिकारियों की प्राथमिक जिम्मेदारी होती है। फिलहाल सभी की निगाहें तकनीकी जांच रिपोर्ट पर हैं, जिससे धुएं की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी।

  • इंडिगो की कमाई बढ़ी लेकिन मुनाफा घाटे में बदला, ईंधन खर्च और छोटी फ्लीट बनी बड़ी वजह

    इंडिगो की कमाई बढ़ी लेकिन मुनाफा घाटे में बदला, ईंधन खर्च और छोटी फ्लीट बनी बड़ी वजह

    नई दिल्ली । देश की सबसे बड़ी निजी एयरलाइन इंडिगो को वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में घाटे का सामना करना पड़ा है। कंपनी ने अप्रैल से जून 2026 की अवधि के लिए स्टैंडअलोन आधार पर 382 करोड़ रुपये के शुद्ध घाटे की जानकारी दी है, जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में उसे 2,161 करोड़ रुपये का लाभ हुआ था। कंपनी के वित्तीय नतीजों से स्पष्ट है कि वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव, ईंधन की बढ़ती कीमतों और परिचालन लागत में तेज वृद्धि ने उसके प्रदर्शन को प्रभावित किया।

    कंसोलिडेटेड आधार पर भी कंपनी का प्रदर्शन दबाव में रहा। इस अवधि में इंडिगो को 238 करोड़ रुपये का घाटा दर्ज करना पड़ा, जबकि एक वर्ष पहले इसी तिमाही में उसे 2,176 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ था। हालांकि कंपनी की आय में उल्लेखनीय बढ़ोतरी देखने को मिली और कुल राजस्व 25,614.1 करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जो पिछले वर्ष की समान अवधि के 21,542.6 करोड़ रुपये की तुलना में लगभग 18.9 प्रतिशत अधिक है।

    राजस्व में वृद्धि के बावजूद कंपनी का कुल खर्च काफी तेजी से बढ़ा। अप्रैल-जून तिमाही में कुल परिचालन व्यय 25,852.5 करोड़ रुपये रहा, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह 19,231.9 करोड़ रुपये था। यानी कुल खर्च में लगभग 34.4 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। कंपनी के अनुसार इस बढ़ोतरी का सबसे बड़ा कारण विमान ईंधन की कीमतों में तेज उछाल रहा, जिसने परिचालन लागत पर सीधा असर डाला।

    ईंधन खर्च के आंकड़े भी इस दबाव को स्पष्ट करते हैं। पहली तिमाही में इंडिगो का ईंधन पर खर्च बढ़कर 10,832.9 करोड़ रुपये हो गया, जबकि एक वर्ष पहले यही खर्च 5,832.6 करोड़ रुपये था। सालाना आधार पर इसमें लगभग 85.7 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। वैश्विक परिस्थितियों और अंतरराष्ट्रीय बाजार में ईंधन कीमतों में उतार-चढ़ाव का असर कंपनी की लागत संरचना पर स्पष्ट रूप से दिखाई दिया।

    कंपनी की परिचालन लाभप्रदता में भी गिरावट दर्ज की गई। पहली तिमाही में ईबीआईटीडीएआर 5,738.6 करोड़ रुपये से घटकर 3,832.5 करोड़ रुपये रह गया। इसी अवधि में ईबीआईटीडीएआर मार्जिन भी 28.8 प्रतिशत से घटकर 16.5 प्रतिशत पर आ गया। इससे संकेत मिलता है कि आय बढ़ने के बावजूद बढ़ती लागत ने लाभप्रदता को काफी प्रभावित किया।

    इंडिगो के बेड़े में भी इस दौरान कमी दर्ज की गई। 30 जून 2026 तक कंपनी के पास कुल 432 विमान थे, जबकि 31 मार्च 2026 को यह संख्या 441 थी। यानी तिमाही के दौरान कंपनी का बेड़ा नौ विमानों तक घट गया। कंपनी ने बताया कि डैम्प लीज पर संचालित विमानों की संख्या 20 से घटकर 7 रह जाने के कारण फ्लीट का आकार कम हुआ है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि विमानन उद्योग पर वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों, ईंधन लागत और अंतरराष्ट्रीय तनाव का सीधा प्रभाव पड़ता है। ऐसे में आने वाली तिमाहियों में ईंधन कीमतों की दिशा, अंतरराष्ट्रीय हवाई यातायात की स्थिति और परिचालन लागत पर नियंत्रण कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन के लिए महत्वपूर्ण कारक रहेंगे। फिलहाल इंडिगो की आय में वृद्धि सकारात्मक संकेत देती है, लेकिन बढ़ते खर्च ने उसकी लाभप्रदता पर दबाव बनाए रखा है।