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  • फ्लाइट कैंसिलेशन और देरी के बाद एयरलाइन पर सवाल, DGCA की कार्रवाई पर यात्रियों की राय मिली-जुली

    फ्लाइट कैंसिलेशन और देरी के बाद एयरलाइन पर सवाल, DGCA की कार्रवाई पर यात्रियों की राय मिली-जुली


    नई दिल्ली। दिसंबर 2025 की शुरुआत में इंडिगो एयरलाइंस द्वारा बड़े पैमाने पर फ्लाइट कैंसिलेशन और लेटलतीफी ने देशभर के हवाई यात्रियों को भारी असुविधा में डाल दिया। 3 से 5 दिसंबर के बीच नए संचालन नियमों के कारण इंडिगो की 2,507 उड़ानें रद्द कर दी गईं, जबकि 1,852 फ्लाइट्स देरी से संचालित हुईं। इन घटनाओं से करीब 3 लाख से अधिक  यात्री प्रभावित हुए।
    DGCA ने एयरलाइन पर कुल ₹22.20 करोड़ का जुर्माना लगाया। इसमें मूल जुर्माना ₹1.80 करोड़ और फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन FDTLनियमों का 68 दिनों तक पालन न करने पर प्रतिदिन ₹30 लाख के हिसाब से अतिरिक्त ₹20.40 करोड़ की पेनाल्टी शामिल थी।

    हालांकि लोकलसर्कल्स के ताजा सर्वे में यह सामने आया है कि देश के 292 जिलों से 31,000 से अधिक हवाई यात्रियों ने हिस्सा लिया। इसमें 61% यात्रियों का मानना था कि यह जुर्माना भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए पर्याप्त नहीं है और एयरलाइन की जवाबदेही तय नहीं करता। वहीं 21% यात्रियों ने DGCA की कार्रवाई को सही ठहराया, जबकि 18% ने कोई स्पष्ट राय नहीं दी।

    सर्वे में यात्रियों ने केवल फ्लाइट रद्द होने तक की परेशानी ही नहीं बताई, बल्कि एयरलाइन के व्यवहार पर भी सवाल उठाए। कई यात्रियों का आरोप था कि फ्लाइट कैंसिल होने के बाद उन्हें नियमों के तहत मिलने वाला कैश रिफंड नहीं दिया गया, बल्कि ट्रैवल वाउचर थमाए गए। यात्रियों का कहना है कि वाउचर उनकी तत्काल जरूरतों को पूरा नहीं करते और सभी के लिए उपयोगी नहीं हैं।इंडिगो एयरलाइंस ने कहा कि वह DGCA के सभी निर्देशों का पालन करेगी और हालिया घटनाओं के बाद आंतरिक स्तर पर संचालन, सिस्टम और प्रक्रियाओं की विस्तृत समीक्षा की जा रही है, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति से बचा जा सके।

    एविएशन एक्सपर्ट्स का मानना है कि केवल आर्थिक जुर्माने से समस्या का स्थायी समाधान संभव नहीं है। जब तक यात्रियों के अधिकारों को सख्ती से लागू नहीं किया जाता और नियामक निगरानी मजबूत नहीं होती, तब तक ऐसी घटनाएं दोहराई जा सकती हैं।यह मामला एयरलाइन संचालन और नियामक जवाबदेही के बीच संतुलन की जरूरत को रेखांकित करता है, साथ ही हवाई यात्रियों के अधिकारों और सुरक्षा को सुनिश्चित करने की दिशा में सुधार की मांग को भी उजागर करता है।

  • इंडिगो पर बड़ा एक्शन… DGCA ने लगाया 22.2 करोड़ का जुर्माना, अब शेयरों पर निवेशकों की नजर

    इंडिगो पर बड़ा एक्शन… DGCA ने लगाया 22.2 करोड़ का जुर्माना, अब शेयरों पर निवेशकों की नजर


    नई दिल्ली।
    बीते दिसंबर महीने में इंडिगो एयरलाइन (Indigo Airlines) की ओर से की गई मनमानी पर अब सरकार ने बड़ा एक्शन (Big Action) लिया है। दरअसल, डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) ने दिसंबर में बड़े पैमाने पर हुई दिक्कतों के लिए इंडिगो एयरलाइन पर ₹22.2 करोड़ का जुर्माना लगाया है। इस खबर के बाद अब सोमवार को इंडिगो के शेयर (Share) पर निवेशकों (Investors) की नजर रहेगी। बता दें कि डीजीसीए ने 68 दिनों के लिए हर दिन ₹3 लाख का जुर्माना और इसके अलावा ₹1.80 करोड़ का एक बार का सिस्टमैटिक पेनल्टी लगाया है। इस तरह, इंडिगो पर लगाया गया कुल जुर्माना ₹22.2 करोड़ हो गया है।


    परफॉर्मेंस

    इंडिगो के शेयर की बात करें तो बीएसई पर 4738.70 रुपये पर है। सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन शेयर में मामूली तेजी आई थी। अब सोमवार को शेयर का कैसा परफॉर्मेंस रहेगा, ये तो आने वाला वक्त बताएगा लेकिन सरकार की कार्रवाई से निवेशक सहमे हुए हैं। शेयर के 52 हफ्ते का हाई 6,225.05 रुपये है। वहीं, शेयर के 52 हफ्ते का लो 3,946.40 रुपये है।


    इंडिगो पर सरकार की कार्रवाई

    दरअसल, डीजीसीए ने दिसंबर के पहले सप्ताह में इंडिगो संकट की उड़ानों में व्यवधान की जांच के लिए गठित समिति की रिपोर्ट के आधार पर उस पर 22.20 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। इसके साथ ही एक अधिकारी को कार्यमुक्त करने का निर्देश दिया है। नियामक ने एयरलाइन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) को भी इस मामले में आगाह किया है। बता दें कि 3 से 5 दिसंबर के बीच इंडिगो की 2,507 उड़ानें रद्द रही थीं और 1,852 उड़ानों में देरी हुई थी। इसके बाद भी कई दिन तक बड़े पैमाने पर व्यवधान था लेकिन डीजीसीए ने अपनी कार्रवाई के लिए सिर्फ इन्हीं तीन दिनों को आधार बनाया है। जांच समिति ने 26 दिसंबर को अपनी रिपोर्ट सौंपी थी।

    नियामक ने इंडिगो के सीईओ पीटर एल्बर्स को आगाह करके छोड़ दिया है जबकि मुख्य परिचालन अधिकारी इसिडर पोरक्रस को विंटर शिड्यूल और फ्लाइट ड्यूटी से संबंधित नये नियमों के असर के आकलन में विफल रहने के लिए चेतावनी जारी की है। इसके साथ ही कंपनी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष (ऑपरेशन्स कंट्रोल सेंटर) जैसन हर्टर को मौजूदा जिम्मेदारियों से मुक्त करने और कोई भी जिम्मेदारी का पद न देने का आदेश दिया गया है। इंडिगो से 50 करोड़ रुपये की बैंक गारंटी जमा कराने के लिए भी कहा गया है। कंपनी जैसे-जैसे डीजीसीए के निर्देशों के अनुरूप लक्ष्यों को हासिल करती जाएगी, बैंक गारंटी की राशि उसे वापस मिलती जाएगी।

  • फ्लाइट कैंसिलेशन से इंडिगो को झटका, नवंबर में घटा मार्केट शेयर; एअर इंडिया और स्पाइसजेट को फायदा

    फ्लाइट कैंसिलेशन से इंडिगो को झटका, नवंबर में घटा मार्केट शेयर; एअर इंडिया और स्पाइसजेट को फायदा


    नई दिल्ली।देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो के लिए नवंबर 2025 चुनौतियों से भरा रहा। लगातार फ्लाइट कैंसिलेशन और देरी के कारण कंपनी का घरेलू मार्केट शेयर घटकर 63.6% पर आ गया जो अक्टूबर में 65.6% था। इस गिरावट के चलते एयरलाइन उद्योग में प्रतिस्पर्धा और बढ़ गई है जबकि एअर इंडिया और स्पाइसजेट जैसी एयरलाइंस ने इस अवसर का लाभ उठाया।

    नागर विमानन महानिदेशालय DGCA द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, इंडिगो की मार्केट हिस्सेदारी में लगभग 2% की गिरावट दर्ज की गई। इस दौरान टाटा समूह की एअर इंडिया का संयुक्त मार्केट शेयर अक्टूबर के 25.7% से बढ़कर नवंबर में 26.7% पहुंच गया। वहीं, आर्थिक संकट से उबरने की कोशिश कर रही स्पाइसजेट की हिस्सेदारी 2.6% से बढ़कर 3.7% हो गई।नवंबर और दिसंबर की शुरुआत में इंडिगो को बड़े पैमाने पर ऑपरेशनल समस्याओं का सामना करना पड़ा। DGCA द्वारा पायलटों की ड्यूटी और आराम से जुड़े नए फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिट FDTL नियम लागू किए गए थे। इंडिगो इन नए नियमों के अनुसार समय पर अपने क्रू रोस्टर और संसाधनों का प्रबंधन नहीं कर सकी। इसका नतीजा यह हुआ कि नवंबर के अंतिम सप्ताह और दिसंबर के पहले हफ्ते में लगभग 5,000 उड़ानें या तो रद्द हुईं या तय समय से देरी से संचालित हुईं।

    लगातार उड़ान बाधित होने से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा और एयरलाइन की विश्वसनीयता पर असर पड़ा। हालात बिगड़ने के बाद DGCA ने सख्त कदम उठाते हुए इंडिगो को अपने विंटर शेड्यूल में 10% कटौती करने का निर्देश दिया। इसके साथ ही जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट मंत्रालय को सौंप दी है जिसमें एयरलाइन की योजना और प्रबंधन से जुड़ी खामियों का उल्लेख होने की संभावना है।विशेषज्ञों का मानना है कि इंडिगो के पास मजबूत नेटवर्क और बेड़े की क्षमता है, लेकिन नियामकीय बदलावों के अनुरूप तेजी से ढलना अब उसकी प्राथमिक चुनौती होगी। लगातार फ्लाइट कैंसिलेशन और देरी से यात्रियों में असंतोष बढ़ा है। नवंबर में घरेलू उड़ानों में 1.53 करोड़ यात्रियों ने सफर किया जो पिछले साल की तुलना में करीब 7% अधिक था। इसी अवधि में कुल 1,196 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें आधे से अधिक उड़ान में देरी और कैंसिलेशन से संबंधित थीं, जबकि बैगेज और रिफंड की शिकायतें भी प्रमुख रही।

    इंडिगो के लिए यह समय रणनीतिक दृष्टि से चुनौतीपूर्ण है, क्योंकि बाजार में बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच ग्राहकों की संतुष्टि बनाए रखना बेहद महत्वपूर्ण है। दूसरी ओर, एअर इंडिया और स्पाइसजेट जैसी एयरलाइंस के लिए यह अवसर है कि वे अपनी सेवाओं को बेहतर करके मार्केट में स्थायी बढ़त हासिल कर सकें। एअर इंडिया ने पिछले महीनों में अपने बेड़े और मार्ग नेटवर्क का विस्तार किया है, जबकि स्पाइसजेट ने नए रूट और प्रतिस्पर्धी कीमतें पेश कर अपनी स्थिति मजबूत की है विश्लेषकों का कहना है कि इंडिगो को भविष्य में नियामक बदलावों और ऑपरेशनल चुनौतियों से निपटने के लिए नई रणनीति अपनानी होगी। यात्रियों का भरोसा और समय पर उड़ान संचालन कंपनी की दीर्घकालिक सफलता के लिए अहम होंगे। एयरलाइन उद्योग में यह संकेत देता है कि बड़े ऑपरेटरों को भी समय-समय पर अपने प्रबंधन और संसाधन प्रबंधन में सुधार करना होगा, ताकि मार्केट में उनका प्रभुत्व बरकरार रहे।

  • इंडिगो की उड़ानें फिर से शुरू होने से भोपाल में हवाई यात्री बढ़े, टूटा पुराना रिकॉर्ड

    इंडिगो की उड़ानें फिर से शुरू होने से भोपाल में हवाई यात्री बढ़े, टूटा पुराना रिकॉर्ड


    भोपाल । इस माह इंडिगो की उड़ानों के अचानक रद्द होने के कारण भोपाल में हवाई यातायात पर गहरा असर पड़ा था। यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा था और उन्होंने जमकर हंगामा भी किया था। हालांकि अब इंडिगो की सभी उड़ानें फिर से बहाल हो चुकी हैं और इसका सीधा असर यात्रियों की संख्या पर देखने को मिल रहा है। रविवार को भोपाल के राजा भोज एयरपोर्ट पर एक नया रिकॉर्ड बना जब एक ही दिन में 6000 से ज्यादा यात्रियों ने हवाई सफर किया।
    यह आंकड़ा एयरपोर्ट के लिए एक ऐतिहासिक मील का पत्थर साबित हुआ है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार इंडिगो की उड़ानों के बहाल होने से यात्रियों की संख्या में तेजी से वृद्धि हुई है। इस महीने जब इंडिगो की उड़ानें रद्द हो रही थीं तब रोजाना के यात्री केवल 3000 के करीब थे लेकिन अब यह संख्या दोगुनी होकर 6000 के पार पहुँच गई है।

    भोपाल में अब हवाई यात्रा केवल उच्च वर्ग के नहीं बल्कि मध्यम वर्ग के लोगों में भी सामान्य हो गई है। पहले जहां लोग मुख्यत ट्रेन से यात्रा करते थे अब विमान में सफर करने की प्रवृत्ति बढ़ी है। दरअसल तीन से चार साल पहले तक भोपाल से विमान यात्रा करने वाले यात्री कम हुआ करते थे लेकिन अब लोग बढ़े हुए किराए के बावजूद भी हवाई यात्रा को प्राथमिकता दे रहे हैं।

    भोपाल से दिल्ली तक की ट्रेन कनेक्टिविटी बहुत सरल और सुलभ है फिर भी हवाई यात्रा की ओर रुझान बढ़ा है। भोपाल से दिल्ली तक की पांच नियमित और एक साप्ताहिक उड़ानें उपलब्ध हैं जिनमें 90 प्रतिशत तक पैसेंजर लोड देखा जा रहा है। यह कनेक्टिविटी अब यात्रियों की प्राथमिकता बन गई है जो यात्री संख्या में वृद्धि का मुख्य कारण है।

  • इंदौर-रीवा विमान सेवा15 घंटे की यात्रा अब सिर्फ 1 घंटा 45 मिनट में विंध्य क्षेत्र को मिलेगी नई हवाई कनेक्टिविटी

    इंदौर-रीवा विमान सेवा15 घंटे की यात्रा अब सिर्फ 1 घंटा 45 मिनट में विंध्य क्षेत्र को मिलेगी नई हवाई कनेक्टिविटी

    इंदौर । इंदौर और रीवा के बीच 22 दिसंबर से इंडिगो एयरलाइंस की सीधी उड़ान सेवा शुरू होने जा रही है जो विंध्य क्षेत्र के लोगों के लिए एक बड़ा तोहफा साबित होगी। पहले जहां यह यात्रा ट्रेन या बस से करीब 15 घंटे में पूरी होती थी वहीं अब यह महज 1 घंटा 45 मिनट में पूरी हो सकेगी। इस नई हवाई सेवा से विंध्य क्षेत्र के आठ जिलों को बड़ी राहत मिलेगी क्योंकि यह क्षेत्र पहले मुख्य रूप से सड़क और रेल मार्गों पर निर्भर था।

    यह सेवा देवी अहिल्याबाई होलकर एयरपोर्ट इंदौर से रीवा के लिए प्रतिदिन 70 सीटों वाले विमान का संचालन करेगी। यात्रा की कम कीमत के कारण भी यह सेवा लोगों के बीच लोकप्रिय हो रही है और इसके लिए पहले दिन की सभी सीटें पहले ही बुक हो चुकी हैं। इस सेवा से न केवल स्थानीय यात्रियों को सुविधा होगी बल्कि व्यापार शिक्षा स्वास्थ्य और पर्यटन के क्षेत्र में भी नए अवसर खुलेंगे।

    किराया और सुविधाएँ

    इंदौर और रीवा के बीच विमान सेवा का किराया करीब 4700 रुपये रहेगा जो एक तरह से इस क्षेत्र के लिए किफायती विकल्प बन सकता है। इस किराए में ऐसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी जो यात्रियों के लिए आरामदायक यात्रा का अनुभव प्रदान करेंगी। इस हवाई सेवा के शुरू होने से यात्रा की गति में तेज़ी आएगी और अब लोग कम समय में एक शहर से दूसरे शहर तक आसानी से पहुँच सकेंगे। खासतौर पर व्यापारिक और सरकारी कामकाज के लिए यात्रियों को राहत मिलेगी जो पहले लंबी दूरी के कारण रेल या बस यात्रा पर निर्भर रहते थे।

    विंध्य क्षेत्र के आठ जिलों को मिलेगा फायदा

    यह उड़ान सेवा विंध्य क्षेत्र के आठ जिलों को सीधी कनेक्टिविटी प्रदान करेगी। इन जिलों में रीवा सागर कटनी सीधी उमरिया शहडोल अनूपपुर और दमोह शामिल हैं। इन जिलों के लोग अब इंदौर तक आसानी से पहुँच सकेंगे जिससे रोजगार और शिक्षा के नए अवसर खुलेंगे।यह सेवा क्षेत्रीय विकास के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकती है क्योंकि हवाई कनेक्टिविटी से व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। विशेष रूप से रीवा और आसपास के इलाकों में पर्यटन स्थलों की बढ़ती संख्या को ध्यान में रखते हुए यह हवाई सेवा यात्रियों के लिए एक बड़ी सुविधा साबित होगी।

    नई हवाई सेवा का भविष्य

    इस नई विमान सेवा के साथ इंदौर और रीवा के बीच यात्रा की सहजता में इंकलाब आने की संभावना है। हवाई यात्रा से क्षेत्र के दूरदराज इलाकों तक आसानी से पहुँचने के साथ ही लोग विभिन्न सरकारी और निजी कार्यों के लिए इंदौर जैसे बड़े शहरों में समय से पहुँच सकेंगे। इस कनेक्टिविटी से न केवल लोगों के जीवन में सुधार आएगा बल्कि यह क्षेत्र के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इंदौर और रीवा के बीच उड़ान सेवा का शुभारंभ विंध्य क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक कदम है। यह हवाई कनेक्टिविटी क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक विकास को नई दिशा देने के साथ ही स्थानीय लोगों को यात्रा की सुविधा और समय की बचत भी प्रदान करेगी। अब देखते हैं कि भविष्य में अन्य शहरों के लिए भी ऐसी हवाई सेवाओं का विस्तार होता है या नहीं।

  • IndiGo पर DGCA का बड़ा एक्शन: रोजाना 110 उड़ानें प्रभावित, सरकार ने एयरलाइन को चेताया

    IndiGo पर DGCA का बड़ा एक्शन: रोजाना 110 उड़ानें प्रभावित, सरकार ने एयरलाइन को चेताया


    नई दिल्ली। देश की प्रमुख एयरलाइन IndiGo पर नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने बड़ा एक्शन लिया है। हाल के हज़ारों फ्लाइट रद्द होने और यात्रियों की परेशानी के कारण सरकार ने एयरलाइन के शीतकालीन उड़ान कार्यक्रम में 5% कटौती का आदेश दिया है। इसका मतलब है कि इंडिगो से रोजाना करीब 110 उड़ानें छीन ली जाएंगी, जिन्हें अन्य एयरलाइंस को आवंटित किया जाएगा।

    DGCA का कदम और पृष्ठभूमि
    नागरिक उड्डयन मंत्री के. राम मोहन नायडू ने कहा, “हम इंडिगो के मार्गों में कटौती करेंगे। फिलहाल वे 2,200 उड़ानें चला रहे हैं, अब 5% कम होंगी।” यह कार्रवाई 5 दिसंबर को इंडिगो की 100 से अधिक उड़ानों के प्रभावित होने के बाद हुई। DGCA ने एयरलाइन को कारण बताओ नोटिस जारी किया था।

    विवरण संख्या/राशि
    प्रतिदिन वर्तमान उड़ानें 2,200
    आदेशित कटौती (%) 5%
    रोजाना छीनी जाने वाली उड़ानें (अनुमानित) 110
    रद्द PNR के लिए मुआवजा ₹745 करोड़

    यात्रियों की भरपाई:
    सरकार ने बताया कि 1 से 8 दिसंबर तक रद्द किए गए 7,30,655 PNR के लिए ₹745 करोड़ का मुआवजा दिया जा चुका है। खोए हुए 9,000 बैगों में से 6,000 लौटाए जा चुके हैं और बाकी बैग जल्द ही यात्रियों तक पहुंचेंगे।

    IndiGo की प्रतिक्रिया:
    एयरलाइन ने कहा कि उड़ानें रद्द होने के पीछे तकनीकी खराबियां, खराब मौसम, हवाई यातायात की भीड़ और क्रू ड्यूटी लिमिटेशन जैसी बाहरी वजहें हैं। इंडिगो ने स्थिति सामान्य करने के लिए 15 दिनों का समय मांगा है।

    सरकार ने चेताया है कि यदि एयरलाइन ने रवैया नहीं सुधारा तो एक्शन और कड़ा किया जाएगा। यह कदम स्पष्ट संदेश देता है कि यात्रियों की असुविधा को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

  • कैंसिल फ्लाइट्स से प्रभावित यात्रियों को मिलेगा रिफंड, सरकार ने इंडिगो पर सख्त कदम उठाए

    कैंसिल फ्लाइट्स से प्रभावित यात्रियों को मिलेगा रिफंड, सरकार ने इंडिगो पर सख्त कदम उठाए


    नई दिल्‍ली । 6 दिसंबर को केंद्र सरकार ने इंडिगो एयरलाइंस पर सख्ती करते हुए फ्लाइट कैंसिल होने के कारण प्रभावित यात्रियों को टिकट का रिफंड देने का निर्देश दिया। इसके अलावा, सरकार ने यह भी सुनिश्चित करने के लिए कहा कि फ्लाइट कैंसिल होने से छूटे हुए सभी सामान को अगले 48 घंटों में यात्रियों तक पहुंचा दिया जाए। विमानन मंत्रालय ने इंडिगो को कहा कि 7 दिसंबर तक रिफंड प्रक्रिया पूरी कर ली जाए, ताकि यात्रियों को कोई असुविधा न हो।

    रिफंड की प्रक्रिया और 7 दिसंबर की डेडलाइन

    मंत्रालय ने स्पष्ट रूप से कहा कि इंडिगो को अपनी रद्द उड़ानों के लिए टिकट रिफंड की प्रक्रिया शाम तक यानी 7 दिसंबर तक पूरी करनी होगी। इसके साथ ही विमानन मंत्रालय ने इंडिगो को एक विशेष सहायता और रिफंड सुविधा केंद्र बनाने का भी आदेश दिया ताकि यात्रियों को किसी प्रकार की दिक्कत न हो। इसके अलावा यह भी निर्देशित किया गया कि एयरलाइन यह सुनिश्चित करे कि फ्लाइट के रद्द होने के कारण यात्रियों का छूटे हुआ सामान अगले 48 घंटों के भीतर उन तक पहुंच जाए।

    पायलट ड्यूटी नियमों का असर

    इंडिगो की फ्लाइट्स में रुकावट का मुख्य कारण केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए नए पायलट ड्यूटी नियम हैं। ये नियम 1 जुलाई 2025 से प्रभावी हुए थे, जिसके तहत पायलटों को हफ्ते में 36 घंटे के बजाय 48 घंटे का आराम दिया जाना अनिवार्य कर दिया गया। इसके अतिरिक्त, नवंबर 2023 में DGCA ने पायलटों और क्रू मेंबर्स के लिए लगातार नाइट शिफ्ट पर पाबंदी भी लगा दी। इसके कारण एयरलाइनों में पायलटों की उपलब्धता में 15-20% की कमी आई जिससे फ्लाइट्स की संख्या कम हो गई और कई उड़ानें रद्द हो गईं।

    इंडिगो की उड़ान रद्दीकरण और देरी

    5 और 6 दिसंबर को इंडिगो की 1,000 से ज्यादा उड़ानें रद्द हुईं। इसके अलावा, देश के प्रमुख एयरपोर्ट्स जैसे दिल्ली, मुंबई, चेन्नई और बेंगलुरु पर 400 से अधिक उड़ानें रद्द हो गईं। इन घटनाओं के चलते यात्रियों को गंभीर परेशानी का सामना करना पड़ा और सरकार ने एयरलाइन को आदेश दिया कि रिफंड प्रक्रिया में किसी भी तरह की देरी या गैर-अनुपालन पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी।

    सरकार की तैयारी और सख्त कदम

    सरकार इस मामले को लेकर बेहद सख्त नजर आ रही है और इंडिगो पर भारी जुर्माना लगाने की तैयारी कर रही है। मंत्रालय के अधिकारियों ने बताया कि सरकार इस पूरे मामले को गंभीरता से ले रही है और लगातार मीटिंग्स कर रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी इस पूरे मामले की जानकारी दी गई है।

    आगे की स्थिति

    सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि जब तक इंडिगो के परिचालन में पूरी तरह से स्थिरता नहीं आती तब तक स्वचालित रिफंड प्रक्रिया जारी रहेगी। मंत्रालय ने एयरलाइन से कहा कि वह सुनिश्चित करे कि यात्रियों के सामान का जल्द से जल्द पता लगाया जाए और उन्हें वापस किया जाए। इस बीच यात्रियों को भी सलाह दी गई है कि वे एयरलाइन की रिफंड प्रक्रिया का पालन करें और अपनी यात्रा से संबंधित किसी भी समस्या के लिए सहायता केंद्र से संपर्क करें।

    इन घटनाओं से स्पष्ट है कि सरकार की निगरानी और नियमों के पालन के बिना यात्रियों को नुकसान उठाना पड़ सकता है लेकिन अब इंडिगो पर दबाव बढ़ने के बाद उम्मीद की जा रही है कि एयरलाइन जल्द ही अपनी सेवाओं को फिर से सामान्य बनाएगी।
  • इंडिगो का ऑपरेशनल क्रैश, 550 से ज़्यादा उड़ानें रद्द, DGCA की फटकार के बाद एयरलाइन ने यात्रियों से मांगी सार्वजनिक माफ़ी

    इंडिगो का ऑपरेशनल क्रैश, 550 से ज़्यादा उड़ानें रद्द, DGCA की फटकार के बाद एयरलाइन ने यात्रियों से मांगी सार्वजनिक माफ़ी


    नई दिल्ली। देश की सबसे बड़ी विमानन कंपनी इंडिगो (IndiGo) इस समय अपने सबसे बड़े परिचालन संकट से जूझ रही है। गुरुवार को एयरलाइन ने देशभर में 550 से अधिक उड़ानें रद्द कर दीं, जिससे हजारों यात्रियों को एयरपोर्ट पर लंबी कतारों और भयानक अनिश्चितता का सामना करना पड़ा। इस गंभीर स्थिति पर नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) ने कड़ी फटकार लगाई है, जिसके बाद इंडिगो ने यात्रियों और हितधारकों से आधिकारिक तौर पर माफी मांगी है।

    नवंबर में 1200 से अधिक रद्द, स्टाफ की कमी मुख्य वजह
    इंडिगो, जो सामान्य दिनों में लगभग 2,300 उड़ानें संचालित करती है, नवंबर महीने से ही गहरे संकट में है।नवंबर में एयरलाइन को कुल 1,232 उड़ानें रद्द करनी पड़ी थींडीजीसीए की जांच के बाद, इंडिगो ने कबूल किया कि 1,232 रद्द उड़ानों में से 755 उड़ानें अकेले स्टाफ की कमी के कारण रद्द हुईं। इसके अलावा, एटीसी फेलियर (92), एयरपोर्ट प्रतिबंध (258), और अन्य कारणों से भी परिचालन बाधित हुआ।

    DGCA की सख्ती और ‘सेवा गुणवत्ता’ पर सवाल
    प्रदर्शन में आई इस भारी गिरावट के बाद डीजीसीए ने न केवल जांच के आदेश दिए, बल्कि एयरलाइन प्रबंधन को सेवा गुणवत्ता में सुधार के लिए कड़े कदम उठाने की चेतावनी दी। डीजीसीए ने अधिक क्रू भर्ती करने, बेहतर योजना और निगरानी की सलाह दी है।

    सीईओ का ईमेल लीक: ‘हम वादा पूरा नहीं कर सके’
    बड़े पैमाने पर रद्दीकरण के कारण यात्रियों की नाराजगी सोशल मीडिया पर खुलकर सामने आई। इस बीच, इंडिगो के सीईओ पीटर एल्बर्ट ने कर्मचारियों को ईमेल भेजकर स्थिति पर चिंता व्यक्त की। उनका ईमेल वायरल हो गया, जिसमें उन्होंने स्वीकार किया।
    हम रोजाना 3.8 लाख यात्रियों की सेवा करते हैं और चाहते हैं कि हर ग्राहक को अच्छा अनुभव मिले। पिछले दिनों हम यह वादा पूरा नहीं कर सके और हमने सार्वजनिक रूप से इसके लिए माफी मांगी है।सीईओ ने परिचालन संकट के लिए मामूली तकनीकी खामियों, शेड्यूल बदलाव, खराब मौसम, एविएशन सिस्टम में भीड़भाड़ और नई FDTL नॉर्म्स (Flight Duty Time Limitations Norms) के प्रभाव को मुख्य कारण बताया।

    संकट से उबरने की ‘युद्धस्तर पर’ कवायद
    इंडिगो ने अब बयान जारी कर यात्रियों को आश्वस्त किया है कि वे MoCA, DGCA और एयरपोर्ट ऑपरेटरों के साथ समन्वय करके युद्धस्तर पर काम कर रहे हैं ताकि परिचालन सामान्य हो सके। एयरलाइन ने कहा है कि वह डीजीसीए के निर्देशों का पालन करेगी और स्टाफ तथा प्रबंधन की कमी से जुड़ी समस्याओं को शीघ्र सुलझाएगी।इंडिगो ने यात्रियों से अपनी उड़ान की स्थिति लगातार जांचने और एयरपोर्ट पर समय से पहले पहुंचने की अपील की है।