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  • इंडिगो को ₹2,536 करोड़ का तिमाही घाटा: महंगे ईंधन और रुपये की कमजोरी से बढ़ा दबाव, किराया बढ़ने के संकेत

    इंडिगो को ₹2,536 करोड़ का तिमाही घाटा: महंगे ईंधन और रुपये की कमजोरी से बढ़ा दबाव, किराया बढ़ने के संकेत

    नई दिल्ली । देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो के वित्तीय नतीजों ने एविएशन सेक्टर में दबाव की तस्वीर को एक बार फिर सामने ला दिया है। वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही में कंपनी को 2,536 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा हुआ है, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में कंपनी ने 3,068 करोड़ रुपये का मुनाफा दर्ज किया था। एक साल के भीतर मुनाफे से घाटे में पहुंचना इस बात का संकेत है कि एयरलाइन उद्योग इस समय बढ़ती लागत, वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं और परिचालन चुनौतियों के बीच संतुलन बनाने की कोशिश कर रहा है।

    इंटरग्लोब एविएशन के तहत संचालित इंडिगो का कुल कारोबार हालांकि इस अवधि में थोड़ा बढ़ा है, लेकिन मुनाफे पर भारी दबाव देखने को मिला है। कंपनी का परिचालन राजस्व 22,438 करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जो पिछले वर्ष की तुलना में मामूली वृद्धि दर्शाता है। इसके बावजूद खर्चों में तेज बढ़ोतरी ने लाभ को घाटे में बदल दिया। कंपनी के अनुसार इस गिरावट का सबसे बड़ा कारण एविएशन टरबाइन फ्यूल यानी एटीएफ की बढ़ती कीमतें और भारतीय रुपये की कमजोरी रही है। डॉलर में होने वाले लीज, मेंटेनेंस और अन्य भुगतान के कारण मुद्रा विनिमय दर में बदलाव का सीधा असर लागत पर पड़ता है।

    इसके अलावा इस तिमाही में कंपनी पर लगभग 250 करोड़ रुपये का एकमुश्त खर्च भी आया, जिसने वित्तीय परिणामों को और प्रभावित किया। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में अस्थिरता और मध्य पूर्व में तनाव के कारण जेट फ्यूल की कीमतों में उतार-चढ़ाव बना हुआ है, जिसका असर वैश्विक विमानन उद्योग पर साफ दिखाई दे रहा है। इंडिगो ने संकेत दिए हैं कि यदि लागत में यह बढ़ोतरी जारी रहती है तो आने वाले समय में हवाई किरायों में वृद्धि की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

    कंपनी अब फ्यूल हेजिंग जैसी रणनीतियों पर भी विचार कर रही है, ताकि भविष्य में ईंधन की कीमतों में अचानक होने वाले उतार-चढ़ाव से बचा जा सके। यह रणनीति दुनिया की कई बड़ी एयरलाइंस पहले से अपनाती रही हैं। इसके साथ ही इंडिगो ने लगभग 450 मिलियन डॉलर के प्रीपेमेंट को भी मंजूरी दी है, जिसका उपयोग विमान और इंजन जैसे एविएशन एसेट्स की खरीद में किया जाएगा। यह कदम कंपनी को लंबी अवधि में लीज निर्भरता कम करने की दिशा में आगे बढ़ा सकता है।

    प्रबंधन का कहना है कि वित्तीय दबाव के बावजूद कंपनी की बुनियादी स्थिति मजबूत बनी हुई है। कंपनी की क्षमता में वृद्धि हुई है और कुल आय में भी सुधार दर्ज किया गया है। हालांकि यात्रियों की संख्या में हल्की गिरावट देखने को मिली है, जो इस तिमाही में 1.1 प्रतिशत घटकर 31.6 मिलियन रह गई। प्रति किलोमीटर आय और सीट भराव दर में भी मामूली गिरावट दर्ज की गई है, हालांकि उद्योग मानकों के अनुसार यह स्थिति अब भी स्थिर मानी जा रही है।

    शेयर बाजार में भी नतीजों का असर देखने को मिला और कंपनी के शेयर में दबाव रहा। हालांकि इंडिगो का बाजार पूंजीकरण अब भी मजबूत स्तर पर बना हुआ है, जो इसकी बाजार स्थिति को दर्शाता है। कुल मिलाकर यह तिमाही एयरलाइन उद्योग के लिए चुनौतीपूर्ण रही है, जहां बढ़ती लागत ने मजबूत मांग के बावजूद मुनाफे को प्रभावित किया है। आने वाले महीनों में किराया निर्धारण और ईंधन कीमतों की दिशा कंपनी के प्रदर्शन के लिए निर्णायक साबित हो सकती है।

  • कोलकाता एयरपोर्ट पर इंडिगो विमान से टकराया कैटरिंग ट्रक, उड़ान से पहले हादसा; जांच शुरू

    कोलकाता एयरपोर्ट पर इंडिगो विमान से टकराया कैटरिंग ट्रक, उड़ान से पहले हादसा; जांच शुरू


    कोलकाता। इंडिगो के एक पार्क किए गए विमान को नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा पर मंगलवार को हादसे का सामना करना पड़ा, जब एक कैटरिंग ट्रक विमान के इंजन से टकरा गया। टक्कर से विमान को मामूली नुकसान पहुंचा, हालांकि घटना के समय विमान खाली खड़ा था।

    बे नंबर 51 पर हुआ हादसा

    प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, एयरपोर्ट के बे नंबर 51 पर खड़ा विमान उस समय ऑपरेशन में नहीं था। इसी दौरान कैटरिंग वाहन स्टार्ट करते वक्त अचानक आगे बढ़ गया और सीधे इंजन से जा टकराया। घटना के बाद एयरपोर्ट अधिकारियों ने तुरंत स्थिति संभाल ली।

    कोई हताहत नहीं

    हादसे में किसी यात्री या स्टाफ के घायल होने की सूचना नहीं है। एयरपोर्ट अथॉरिटी और संबंधित एजेंसियों ने मौके का निरीक्षण कर जांच शुरू कर दी है।

    इंडिगो का बयान

    इंडिगो ने कहा कि 7 अप्रैल को एप्रन पर चल रहा थर्ड-पार्टी मानव रहित वाहन खड़े विमान से टकरा गया। विमान को फिलहाल ग्राउंड कर दिया गया है और विस्तृत जांच व मरम्मत के बाद ही दोबारा उड़ान की अनुमति दी जाएगी।

    यह विमान कोलकाता से गुवाहाटी जाने वाली फ्लाइट 6E 6663 के रूप में संचालित होने वाला था। एयरलाइन ने यात्रियों की सुविधा के लिए वैकल्पिक विमान की व्यवस्था कर दी है।

  • विमान ईंधन के दाम बढ़ने के बाद हवाई यात्रा भी हुई महंगी… इंडिगो ₹10,000 तक लगाएगा फ्यूल चार्ज

    विमान ईंधन के दाम बढ़ने के बाद हवाई यात्रा भी हुई महंगी… इंडिगो ₹10,000 तक लगाएगा फ्यूल चार्ज


    नई दिल्ली।
    देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो (Country’s Largest Airline Indigo) ने बुधवार को कहा कि वह विमान ईंधन की कीमतों में वृद्धि (Jet Fuel Prices Rise) के बाद 2 अप्रैल से घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर 275 रुपये से लेकर 10,000 रुपये तक का संशोधित ईंधन शुल्क लगाना शुरू करेगी। ईंधन शुल्क में इस बढ़ोतरी से विभिन्न घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के हवाई किराए बढ़ने तय हैं। एयरलाइन की यह घोषणा उस दिन आई है, जब विमान ईंधन (एटीएफ) की कीमतों में संशोधन किया गया और सरकार ने घरेलू उड़ानों के लिए कीमतों में 25 प्रतिशत की आंशिक बढ़ोतरी का फैसला किया।

    पश्चिम एशिया संकट के कारण ईंधन की कीमतों में आए उछाल के मद्देनजर एयरलाइन 14 मार्च से ही घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के टिकटों पर 425 रुपये से 2,300 रुपये तक का ईंधन शुल्क वसूल रही है। घरेलू उड़ानों के लिए दूरी के आधार पर संशोधित ईंधन शुल्क 275 रुपये से 950 रुपये के बीच होगा।


    कितनी बढ़ोतरी होगी?

    इंडिगो ने एक बयान में कहा कि इंडिगो ने अलग-अलग यात्रा दूरियों के हिसाब से अपने घरेलू ईंधन शुल्क को फिर से निर्धारित किया है। अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के मामले में दूरी के आधार पर ईंधन शुल्क 900 रुपये से लेकर 10,000 रुपये तक होगा।


    कब से होगी बढ़ोतरी?

    बयान में कहा गया कि अंतरराष्ट्रीय ऑपरेशन के लिए पिछले महीने में एटीएफ की कीमतें दोगुनी से अधिक हो गई हैं, जिसके चलते इन मार्गों पर एयरलाइन की ऑपरेशनल कॉस्ट पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ा है। ये संशोधित शुल्क 2 अप्रैल को रात 00:01 बजे से लागू होंगे।

    एयरलाइन कंपनियों ने बुधवार को कहा कि विमान ईंधन (एटीएफ) की कीमत में आंशिक वृद्धि से घरेलू हवाई यात्रा की लागत को संतुलित रखने में मदद मिलेगी। पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण ईंधन की बढ़ती कीमतों के बीच यह वृद्धि की गई है।

    स्पाइसजेट के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक अजय सिंह ने कहा कि सरकार की जेट ईंधन की कीमतों में केवल आंशिक वृद्धि की अनुमति देने का निर्णय विमानन उद्योग के लिए एक बड़ी राहत है। उन्होंने बयान में यह भी कहा कि समय पर किये गये इस हस्तक्षेप से हाल के समय के सबसे चुनौतीपूर्ण वैश्विक संकट में से एक से निपटने में एयरलाइंस को काफी मदद मिलेगी।

    नागर विमानन मंत्री के. राममोहन नायडू ने सोशल मीडिया पर लिखा कि पेट्रोलियम मंत्रालय के अंतर्गत आने वाली सार्वजनिक क्षेत्र की पेट्रोलियम विपणन कंपनियों ने नागर विमानन मंत्रालय के परामर्श से घरेलू विमानन कंपनियों के लिए केवल 25 प्रतिशत यानी 15 रुपये प्रति लीटर की आंशिक और चरणबद्ध वृद्धि लागू करने का निर्णय लिया है।

    संघर्ष के बीच पश्चिम एशिया क्षेत्र में हवाई क्षेत्र प्रतिबंधों के कारण एयरलाइंस पहले से ही हाई ऑपरेशनल कॉस्ट वहन कर रही हैं। इस स्थिति के कारण एयरलाइंस को अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए लंबे मार्ग अपनाने पड़ रहे हैं, जिससे ईंधन की खपत बढ़ रही है।

  • इंडिगो और अदाणी एयरपोर्ट्स की साझेदारी, ड्यूटी-फ्री शॉपिंग पर मिलेंगे ब्लूचिप्स रिवॉर्ड

    इंडिगो और अदाणी एयरपोर्ट्स की साझेदारी, ड्यूटी-फ्री शॉपिंग पर मिलेंगे ब्लूचिप्स रिवॉर्ड


    नई दिल्ली : IndiGo और Adani Airport Holdings Limited ने सोमवार को एक नई साझेदारी की घोषणा की है। इस समझौते के तहत एएएचएल द्वारा प्रबंधित हवाई अड्डों पर ड्यूटी-फ्री शॉपिंग करने वाले यात्रियों को अब इंडिगो ब्लूचिप्स रिवॉर्ड प्वाइंट्स मिलेंगे।

    दोनों कंपनियों की ओर से जारी प्रेस रिलीज के मुताबिक, इस साझेदारी के तहत इंडिगो ब्लूचिप्स सदस्य अदाणी प्लेटफॉर्म के माध्यम से पहले से बुक किए गए ड्यूटी-फ्री उत्पादों पर खर्च किए गए प्रत्येक 100 रुपये पर पांच ब्लूचिप्स प्वाइंट्स अर्जित कर सकेंगे।

    यात्री अपनी यात्रा से पहले ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर उत्पादों को ब्राउज कर सकते हैं, उन्हें रिजर्व कर सकते हैं और भुगतान भी कर सकते हैं। इसके बाद वे एयरपोर्ट पहुंचकर आसानी से अपनी खरीदी गई वस्तुएं प्राप्त कर सकते हैं।

    इंडिगो के मुख्य डिजिटल एवं सूचना अधिकारी Neetan Chopra ने कहा कि कंपनी अपने लॉयल्टी प्रोग्राम के मूल्य को लगातार बढ़ाने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने बताया कि अदाणी ड्यूटी-फ्री के साथ यह साझेदारी उड़ानों से आगे बढ़कर यात्रियों को अतिरिक्त रिवॉर्ड देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

    वहीं Suchit Bansal ने कहा कि अदाणी प्लेटफॉर्म के माध्यम से डिजिटल डिस्कवरी, प्री-ऑर्डर और आसान कलेक्शन जैसी सुविधाओं को एकीकृत कर एयरपोर्ट पर शॉपिंग के अनुभव को नया रूप दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इंडिगो के साथ यह साझेदारी भारत की सबसे बड़ी एयरलाइन और देश के प्रमुख निजी हवाई अड्डा संचालक को एक साथ लाती है, जिससे यात्रियों को अधिक सुविधाजनक और लाभदायक अनुभव मिलेगा।

    ग्राहक एक समर्पित पोर्टल पर लॉग इन कर अपनी इंडिगो ब्लूचिप सदस्यता आईडी लिंक कर सकते हैं। खरीदारी पूरी होने के 24 से 48 घंटे के भीतर खर्च के आधार पर रिवॉर्ड प्वाइंट्स उनके खाते में जोड़ दिए जाएंगे।

    यह पहल डिजिटल सुविधा, लॉयल्टी लाभ और एयरपोर्ट रिटेल को एक साथ जोड़कर यात्रियों के अनुभव को बेहतर बनाने के उद्देश्य से शुरू की गई है।

    फिलहाल यह ड्यूटी-फ्री सुविधा मुंबई, अहमदाबाद, तिरुवनंतपुरम, जयपुर, मंगलुरु और लखनऊ हवाई अड्डों पर उपलब्ध है। आने वाले समय में इसे Lokpriya Gopinath Bordoloi International Airport और Navi Mumbai International Airport तक भी विस्तारित करने की योजना है।

    एएएचएल देशभर में आठ हवाई अड्डों का संचालन करता है, जिनमें मुंबई, अहमदाबाद, लखनऊ, मंगलुरु, जयपुर, गुवाहाटी और तिरुवनंतपुरम शामिल हैं। वहीं नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, जो भारत के सबसे बड़े ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट प्रोजेक्ट्स में से एक है, ने 25 दिसंबर 2025 से वाणिज्यिक संचालन शुरू किया था।

  • US-Iran युद्ध की आग में सेंसेक्स और निफ्टी लुढ़के, शेयर बाजार में हाहाकार

    US-Iran युद्ध की आग में सेंसेक्स और निफ्टी लुढ़के, शेयर बाजार में हाहाकार


    नई दिल्‍ली । भारतीय शेयर बाजार पर सोमवार को अमेरिका, ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते संघर्ष का असर देखने को मिला। सेंसेक्स 2,366 अंक टूटकर 76,552 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 717 अंकों की गिरावट के साथ 23,732 पर आ गया। सभी प्रमुख स्टॉक्स लाल निशान में रहे। इंडिगो 7% से अधिक लुढ़ककर शीर्ष नुकसान में रहा। इसके अलावा टाटा स्टील 5.59%, मारुति 5.40% और इटरनल 5.19% टूटकर बंद हुए।

    शुरुआती कारोबार में भारी गिरावट

    सुबह के कारोबार में भी बाजार में दबाव साफ दिखा। बीएसई सेंसेक्स 1,862 अंक की गिरावट के साथ 77,056 पर खुला, जबकि निफ्टी 582 अंक नीचे 23,868 पर आया। NSE पर केवल 249 शेयर ही हरे निशान में थे, जबकि 403 स्टॉक्स 52 हफ्ते के निचले स्तर पर पहुंच गए। निफ्टी फ्यूचर्स पिछले बंद भाव से करीब 722 अंकों की गिरावट के साथ 23,824 के आसपास ट्रेड कर रहे थे।

    विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिकी-ईरान संघर्ष और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के कारण घरेलू बाजार में भारी बिकवाली हुई। पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने के साथ तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के पार चली गई हैं, जिससे वैश्विक निवेशक भी सतर्क हो गए।

    एशियाई और अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाहाकार

    सोमवार को एशियाई बाजारों में भी भारी दबाव देखा गया। जापान का निक्की 225 सूचकांक 6.22% गिरकर 53,000 के स्तर से नीचे चला गया, जबकि टॉपिक्स 5.27% टूट गया। दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स पिछले सप्ताह 11% गिरने के बाद सोमवार को 8% से अधिक लुढ़का, जिसमें सैमसंग और SK हाइनिक्स जैसी कंपनियां सबसे अधिक प्रभावित रहीं। गिरावट के चलते सर्किट ब्रेकर चालू किए गए और ट्रेडिंग 20 मिनट के लिए रोक दी गई। हांगकांग का हैंग सेंग इंडेक्स भी तेज गिरावट के साथ खुला। वॉल स्ट्रीट में भी दबाव रहा। डॉउ जोन्स फ्यूचर्स में 950 अंक तक की गिरावट आई, एसएंडपी 500 फ्यूचर्स 100 अंक से अधिक लुढ़के और नैस्डैक फ्यूचर्स में 400 अंकों की गिरावट दर्ज हुई।

    कच्चे तेल की कीमतों में रिकॉर्ड उछाल

    अमेरिका-ईरान संघर्ष के बीच हुर्मुज जलडमरूमध्य पर खतरे और खाड़ी के तेल उत्पादकों द्वारा उत्पादन में कटौती के कारण कच्चे तेल की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गईं। ब्रेंट क्रूड ऑयल 18.03% बढ़कर 109.40 डॉलर प्रति बैरल हो गई, जबकि अमेरिकी WTI क्रूड फ्यूचर्स 20.23% उछलकर 109.29 डॉलर पर पहुंच गए। यह दोनों स्तर रूस के 2022 में यूक्रेन पर हमले के शुरुआती महीनों के बाद नहीं देखे गए थे। कतर के ऊर्जा मंत्री ने चेतावनी दी कि अगर युद्ध के कारण खाड़ी देशों का उत्पादन बाधित हुआ, तो कच्चे तेल की कीमत $150 तक पहुंच सकती है।

  • इंडिगो की बड़ी उपलब्धि, बनी एक हजार से अधिक महिला पायलट वाली देश की पहली एयरलाइंस

    इंडिगो की बड़ी उपलब्धि, बनी एक हजार से अधिक महिला पायलट वाली देश की पहली एयरलाइंस


    नई दिल्ली। भारत के विमानन क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी तेजी से बढ़ रही है। इसी कड़ी में देश की प्रमुख एयरलाइंस में से एक इंडिगो ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। कंपनी के बेड़े में अब 1000 से अधिक महिला पायलट कार्यरत हैं। यह उपलब्धि न केवल इंडिगो के लिए बल्कि पूरे भारतीय विमानन क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इंडिगो में कुल पायलटों में 17.5 प्रतिशत महिलाएं हैं जो वैश्विक औसत से लगभग तीन गुना अधिक है।

    महिलाओं को अवसर देने पर फोकस

    2015 के बाद से इंडिगो ने पायलट भर्ती और प्रशिक्षण में महिलाओं को विशेष अवसर देने की दिशा में कदम उठाए। कंपनी ने कई प्रशिक्षण कार्यक्रम और छात्रवृत्ति योजनाएं शुरू कीं जिससे महिला उम्मीदवारों को पायलट बनने का मौका मिला। इसी रणनीति के चलते इंडिगो अब उन एयरलाइंस में शामिल हो गई है जहां महिला पायलटों की संख्या तेजी से बढ़ रही है।

    भारत में इस समय लगभग 15 हजार कमर्शियल पायलट हैं जिनमें लगभग 12–15 प्रतिशत महिलाएं हैं। यह अनुपात कई विकसित देशों से बेहतर माना जाता है। इंडिगो और एयर इंडिया जैसी एयरलाइंस ने महिला पायलटों को अवसर देकर इस आंकड़े को बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई है।

    वैश्विक स्तर पर विमानन क्षेत्र में लैंगिक अंतर

    वैश्विक स्तर पर अभी भी विमानन क्षेत्र में लैंगिक अंतर बड़ा है। दुनिया भर में पायलटों में महिलाओं की हिस्सेदारी औसतन केवल 5–6 प्रतिशत है। ऐसे में भारत उन देशों में शामिल हो गया है जहां महिला पायलटों की भागीदारी अपेक्षाकृत अधिक है।

    पायलट बनने के लिए सबसे पहले 12वीं में भौतिकी और गणित होना आवश्यक है। इसके बाद उम्मीदवार को डीजीसीए से मान्यता प्राप्त उड़ान स्कूल से प्रशिक्षण लेना होता है। कमर्शियल पायलट लाइसेंस पाने के लिए लगभग 200 घंटे की उड़ान प्रशिक्षण पूरी करनी पड़ती है। उसके बाद एयरलाइंस में नौकरी के लिए आवेदन किया जा सकता है।

    महिला पायलटों की संख्या में हो रही वृद्धि

    पिछले एक दशक में भारत में महिला पायलटों की संख्या में तेज वृद्धि हुई है। कई एयरलाइंस अब महिला उम्मीदवारों के लिए विशेष प्रशिक्षण और छात्रवृत्ति कार्यक्रम चला रही हैं। इंडिगो और एयर इंडिया जैसी कंपनियों में अब बड़ी संख्या में महिलाएं कॉकपिट की जिम्मेदारी संभाल रही हैं।

    भारत की पहली महिला पायलट सरला ठकराल थीं। उन्होंने 1936 में केवल 21 वर्ष की आयु में पायलट लाइसेंस हासिल किया था और उस दौर में महिलाओं के लिए विमानन क्षेत्र में कदम रखना बेहद चुनौतीपूर्ण था। आज भारतीय विमानन क्षेत्र में महिलाओं के लिए नए अवसर तेजी से बढ़ रहे हैं। इंडिगो में 1000 महिला पायलटों का आंकड़ा इसी बदलाव का प्रतीक है। विशेषज्ञ मानते हैं कि आने वाले वर्षों में एयरलाइंस में महिला पायलटों की संख्या और बढ़ेगी और यह क्षेत्र लैंगिक समानता की दिशा में एक प्रेरक उदाहरण बन सकता है।

  • फ्लाइट कैंसिलेशन और देरी के बाद एयरलाइन पर सवाल, DGCA की कार्रवाई पर यात्रियों की राय मिली-जुली

    फ्लाइट कैंसिलेशन और देरी के बाद एयरलाइन पर सवाल, DGCA की कार्रवाई पर यात्रियों की राय मिली-जुली


    नई दिल्ली। दिसंबर 2025 की शुरुआत में इंडिगो एयरलाइंस द्वारा बड़े पैमाने पर फ्लाइट कैंसिलेशन और लेटलतीफी ने देशभर के हवाई यात्रियों को भारी असुविधा में डाल दिया। 3 से 5 दिसंबर के बीच नए संचालन नियमों के कारण इंडिगो की 2,507 उड़ानें रद्द कर दी गईं, जबकि 1,852 फ्लाइट्स देरी से संचालित हुईं। इन घटनाओं से करीब 3 लाख से अधिक  यात्री प्रभावित हुए।
    DGCA ने एयरलाइन पर कुल ₹22.20 करोड़ का जुर्माना लगाया। इसमें मूल जुर्माना ₹1.80 करोड़ और फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन FDTLनियमों का 68 दिनों तक पालन न करने पर प्रतिदिन ₹30 लाख के हिसाब से अतिरिक्त ₹20.40 करोड़ की पेनाल्टी शामिल थी।

    हालांकि लोकलसर्कल्स के ताजा सर्वे में यह सामने आया है कि देश के 292 जिलों से 31,000 से अधिक हवाई यात्रियों ने हिस्सा लिया। इसमें 61% यात्रियों का मानना था कि यह जुर्माना भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए पर्याप्त नहीं है और एयरलाइन की जवाबदेही तय नहीं करता। वहीं 21% यात्रियों ने DGCA की कार्रवाई को सही ठहराया, जबकि 18% ने कोई स्पष्ट राय नहीं दी।

    सर्वे में यात्रियों ने केवल फ्लाइट रद्द होने तक की परेशानी ही नहीं बताई, बल्कि एयरलाइन के व्यवहार पर भी सवाल उठाए। कई यात्रियों का आरोप था कि फ्लाइट कैंसिल होने के बाद उन्हें नियमों के तहत मिलने वाला कैश रिफंड नहीं दिया गया, बल्कि ट्रैवल वाउचर थमाए गए। यात्रियों का कहना है कि वाउचर उनकी तत्काल जरूरतों को पूरा नहीं करते और सभी के लिए उपयोगी नहीं हैं।इंडिगो एयरलाइंस ने कहा कि वह DGCA के सभी निर्देशों का पालन करेगी और हालिया घटनाओं के बाद आंतरिक स्तर पर संचालन, सिस्टम और प्रक्रियाओं की विस्तृत समीक्षा की जा रही है, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति से बचा जा सके।

    एविएशन एक्सपर्ट्स का मानना है कि केवल आर्थिक जुर्माने से समस्या का स्थायी समाधान संभव नहीं है। जब तक यात्रियों के अधिकारों को सख्ती से लागू नहीं किया जाता और नियामक निगरानी मजबूत नहीं होती, तब तक ऐसी घटनाएं दोहराई जा सकती हैं।यह मामला एयरलाइन संचालन और नियामक जवाबदेही के बीच संतुलन की जरूरत को रेखांकित करता है, साथ ही हवाई यात्रियों के अधिकारों और सुरक्षा को सुनिश्चित करने की दिशा में सुधार की मांग को भी उजागर करता है।

  • इंडिगो पर बड़ा एक्शन… DGCA ने लगाया 22.2 करोड़ का जुर्माना, अब शेयरों पर निवेशकों की नजर

    इंडिगो पर बड़ा एक्शन… DGCA ने लगाया 22.2 करोड़ का जुर्माना, अब शेयरों पर निवेशकों की नजर


    नई दिल्ली।
    बीते दिसंबर महीने में इंडिगो एयरलाइन (Indigo Airlines) की ओर से की गई मनमानी पर अब सरकार ने बड़ा एक्शन (Big Action) लिया है। दरअसल, डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) ने दिसंबर में बड़े पैमाने पर हुई दिक्कतों के लिए इंडिगो एयरलाइन पर ₹22.2 करोड़ का जुर्माना लगाया है। इस खबर के बाद अब सोमवार को इंडिगो के शेयर (Share) पर निवेशकों (Investors) की नजर रहेगी। बता दें कि डीजीसीए ने 68 दिनों के लिए हर दिन ₹3 लाख का जुर्माना और इसके अलावा ₹1.80 करोड़ का एक बार का सिस्टमैटिक पेनल्टी लगाया है। इस तरह, इंडिगो पर लगाया गया कुल जुर्माना ₹22.2 करोड़ हो गया है।


    परफॉर्मेंस

    इंडिगो के शेयर की बात करें तो बीएसई पर 4738.70 रुपये पर है। सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन शेयर में मामूली तेजी आई थी। अब सोमवार को शेयर का कैसा परफॉर्मेंस रहेगा, ये तो आने वाला वक्त बताएगा लेकिन सरकार की कार्रवाई से निवेशक सहमे हुए हैं। शेयर के 52 हफ्ते का हाई 6,225.05 रुपये है। वहीं, शेयर के 52 हफ्ते का लो 3,946.40 रुपये है।


    इंडिगो पर सरकार की कार्रवाई

    दरअसल, डीजीसीए ने दिसंबर के पहले सप्ताह में इंडिगो संकट की उड़ानों में व्यवधान की जांच के लिए गठित समिति की रिपोर्ट के आधार पर उस पर 22.20 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। इसके साथ ही एक अधिकारी को कार्यमुक्त करने का निर्देश दिया है। नियामक ने एयरलाइन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) को भी इस मामले में आगाह किया है। बता दें कि 3 से 5 दिसंबर के बीच इंडिगो की 2,507 उड़ानें रद्द रही थीं और 1,852 उड़ानों में देरी हुई थी। इसके बाद भी कई दिन तक बड़े पैमाने पर व्यवधान था लेकिन डीजीसीए ने अपनी कार्रवाई के लिए सिर्फ इन्हीं तीन दिनों को आधार बनाया है। जांच समिति ने 26 दिसंबर को अपनी रिपोर्ट सौंपी थी।

    नियामक ने इंडिगो के सीईओ पीटर एल्बर्स को आगाह करके छोड़ दिया है जबकि मुख्य परिचालन अधिकारी इसिडर पोरक्रस को विंटर शिड्यूल और फ्लाइट ड्यूटी से संबंधित नये नियमों के असर के आकलन में विफल रहने के लिए चेतावनी जारी की है। इसके साथ ही कंपनी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष (ऑपरेशन्स कंट्रोल सेंटर) जैसन हर्टर को मौजूदा जिम्मेदारियों से मुक्त करने और कोई भी जिम्मेदारी का पद न देने का आदेश दिया गया है। इंडिगो से 50 करोड़ रुपये की बैंक गारंटी जमा कराने के लिए भी कहा गया है। कंपनी जैसे-जैसे डीजीसीए के निर्देशों के अनुरूप लक्ष्यों को हासिल करती जाएगी, बैंक गारंटी की राशि उसे वापस मिलती जाएगी।

  • फ्लाइट कैंसिलेशन से इंडिगो को झटका, नवंबर में घटा मार्केट शेयर; एअर इंडिया और स्पाइसजेट को फायदा

    फ्लाइट कैंसिलेशन से इंडिगो को झटका, नवंबर में घटा मार्केट शेयर; एअर इंडिया और स्पाइसजेट को फायदा


    नई दिल्ली।देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो के लिए नवंबर 2025 चुनौतियों से भरा रहा। लगातार फ्लाइट कैंसिलेशन और देरी के कारण कंपनी का घरेलू मार्केट शेयर घटकर 63.6% पर आ गया जो अक्टूबर में 65.6% था। इस गिरावट के चलते एयरलाइन उद्योग में प्रतिस्पर्धा और बढ़ गई है जबकि एअर इंडिया और स्पाइसजेट जैसी एयरलाइंस ने इस अवसर का लाभ उठाया।

    नागर विमानन महानिदेशालय DGCA द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, इंडिगो की मार्केट हिस्सेदारी में लगभग 2% की गिरावट दर्ज की गई। इस दौरान टाटा समूह की एअर इंडिया का संयुक्त मार्केट शेयर अक्टूबर के 25.7% से बढ़कर नवंबर में 26.7% पहुंच गया। वहीं, आर्थिक संकट से उबरने की कोशिश कर रही स्पाइसजेट की हिस्सेदारी 2.6% से बढ़कर 3.7% हो गई।नवंबर और दिसंबर की शुरुआत में इंडिगो को बड़े पैमाने पर ऑपरेशनल समस्याओं का सामना करना पड़ा। DGCA द्वारा पायलटों की ड्यूटी और आराम से जुड़े नए फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिट FDTL नियम लागू किए गए थे। इंडिगो इन नए नियमों के अनुसार समय पर अपने क्रू रोस्टर और संसाधनों का प्रबंधन नहीं कर सकी। इसका नतीजा यह हुआ कि नवंबर के अंतिम सप्ताह और दिसंबर के पहले हफ्ते में लगभग 5,000 उड़ानें या तो रद्द हुईं या तय समय से देरी से संचालित हुईं।

    लगातार उड़ान बाधित होने से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा और एयरलाइन की विश्वसनीयता पर असर पड़ा। हालात बिगड़ने के बाद DGCA ने सख्त कदम उठाते हुए इंडिगो को अपने विंटर शेड्यूल में 10% कटौती करने का निर्देश दिया। इसके साथ ही जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट मंत्रालय को सौंप दी है जिसमें एयरलाइन की योजना और प्रबंधन से जुड़ी खामियों का उल्लेख होने की संभावना है।विशेषज्ञों का मानना है कि इंडिगो के पास मजबूत नेटवर्क और बेड़े की क्षमता है, लेकिन नियामकीय बदलावों के अनुरूप तेजी से ढलना अब उसकी प्राथमिक चुनौती होगी। लगातार फ्लाइट कैंसिलेशन और देरी से यात्रियों में असंतोष बढ़ा है। नवंबर में घरेलू उड़ानों में 1.53 करोड़ यात्रियों ने सफर किया जो पिछले साल की तुलना में करीब 7% अधिक था। इसी अवधि में कुल 1,196 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें आधे से अधिक उड़ान में देरी और कैंसिलेशन से संबंधित थीं, जबकि बैगेज और रिफंड की शिकायतें भी प्रमुख रही।

    इंडिगो के लिए यह समय रणनीतिक दृष्टि से चुनौतीपूर्ण है, क्योंकि बाजार में बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच ग्राहकों की संतुष्टि बनाए रखना बेहद महत्वपूर्ण है। दूसरी ओर, एअर इंडिया और स्पाइसजेट जैसी एयरलाइंस के लिए यह अवसर है कि वे अपनी सेवाओं को बेहतर करके मार्केट में स्थायी बढ़त हासिल कर सकें। एअर इंडिया ने पिछले महीनों में अपने बेड़े और मार्ग नेटवर्क का विस्तार किया है, जबकि स्पाइसजेट ने नए रूट और प्रतिस्पर्धी कीमतें पेश कर अपनी स्थिति मजबूत की है विश्लेषकों का कहना है कि इंडिगो को भविष्य में नियामक बदलावों और ऑपरेशनल चुनौतियों से निपटने के लिए नई रणनीति अपनानी होगी। यात्रियों का भरोसा और समय पर उड़ान संचालन कंपनी की दीर्घकालिक सफलता के लिए अहम होंगे। एयरलाइन उद्योग में यह संकेत देता है कि बड़े ऑपरेटरों को भी समय-समय पर अपने प्रबंधन और संसाधन प्रबंधन में सुधार करना होगा, ताकि मार्केट में उनका प्रभुत्व बरकरार रहे।

  • इंडिगो की उड़ानें फिर से शुरू होने से भोपाल में हवाई यात्री बढ़े, टूटा पुराना रिकॉर्ड

    इंडिगो की उड़ानें फिर से शुरू होने से भोपाल में हवाई यात्री बढ़े, टूटा पुराना रिकॉर्ड


    भोपाल । इस माह इंडिगो की उड़ानों के अचानक रद्द होने के कारण भोपाल में हवाई यातायात पर गहरा असर पड़ा था। यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा था और उन्होंने जमकर हंगामा भी किया था। हालांकि अब इंडिगो की सभी उड़ानें फिर से बहाल हो चुकी हैं और इसका सीधा असर यात्रियों की संख्या पर देखने को मिल रहा है। रविवार को भोपाल के राजा भोज एयरपोर्ट पर एक नया रिकॉर्ड बना जब एक ही दिन में 6000 से ज्यादा यात्रियों ने हवाई सफर किया।
    यह आंकड़ा एयरपोर्ट के लिए एक ऐतिहासिक मील का पत्थर साबित हुआ है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार इंडिगो की उड़ानों के बहाल होने से यात्रियों की संख्या में तेजी से वृद्धि हुई है। इस महीने जब इंडिगो की उड़ानें रद्द हो रही थीं तब रोजाना के यात्री केवल 3000 के करीब थे लेकिन अब यह संख्या दोगुनी होकर 6000 के पार पहुँच गई है।

    भोपाल में अब हवाई यात्रा केवल उच्च वर्ग के नहीं बल्कि मध्यम वर्ग के लोगों में भी सामान्य हो गई है। पहले जहां लोग मुख्यत ट्रेन से यात्रा करते थे अब विमान में सफर करने की प्रवृत्ति बढ़ी है। दरअसल तीन से चार साल पहले तक भोपाल से विमान यात्रा करने वाले यात्री कम हुआ करते थे लेकिन अब लोग बढ़े हुए किराए के बावजूद भी हवाई यात्रा को प्राथमिकता दे रहे हैं।

    भोपाल से दिल्ली तक की ट्रेन कनेक्टिविटी बहुत सरल और सुलभ है फिर भी हवाई यात्रा की ओर रुझान बढ़ा है। भोपाल से दिल्ली तक की पांच नियमित और एक साप्ताहिक उड़ानें उपलब्ध हैं जिनमें 90 प्रतिशत तक पैसेंजर लोड देखा जा रहा है। यह कनेक्टिविटी अब यात्रियों की प्राथमिकता बन गई है जो यात्री संख्या में वृद्धि का मुख्य कारण है।