Tag: Indore crime news

  • इंदौर में चाचा-भतीजे को अगवा कर खदान में बेरहमी से पीटा, पता पूछने के बहाने बाइक पर बैठाया और तोड़ दिए मोबाइल

    इंदौर में चाचा-भतीजे को अगवा कर खदान में बेरहमी से पीटा, पता पूछने के बहाने बाइक पर बैठाया और तोड़ दिए मोबाइल


    इंदौर । इंदौर के खुड़ैल थाना क्षेत्र में शनिवार दोपहर चाचा और भतीजे के साथ अपहरण और बेरहमी से मारपीट का मामला सामने आया है। बाइक से जा रहे दोनों को आधा दर्जन बदमाशों ने रास्ते में रोक लिया और जबरन अपने साथ ले गए। आरोपी उन्हें नीलगिरी परिसर स्थित एक खदान पर ले पहुंचे। वहां रितिक यादव के बारे में पूछताछ करते हुए दोनों के साथ डंडों और थप्पड़ों से मारपीट की गई। शोर सुनकर मौके पर पहुंचे राहगीरों ने बीच-बचाव किया तो आरोपी दोनों को छोड़कर भाग निकले। पीड़ितों की शिकायत पर पुलिस ने तीन नामजद आरोपियों और उनके अन्य साथियों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    पुलिस के मुताबिक फरियादी रितिक सिंह उर्फ रुद्रसिंह निवासी ग्राम बिहाड़िया अपने भतीजे अभिषेक पटेल के साथ बाइक से सनन चाय कंपनी जा रहे थे। शनिवार दोपहर जब वे शिवाजी राव कदम कॉलेज तिल्लोरखुर्द के पास पहुंचे तो दो बाइकों पर सवार होकर आए बदमाशों ने उनका रास्ता रोक लिया। आरोपियों में कुणाल उर्फ टीटू गुर्जर और अनुज गुर्जर निवासी ग्राम दूधिया तथा रोहित चौधरी निवासी तिल्लोर बामन टेकरी शामिल थे। इनके साथ कुछ अन्य लोग भी मौजूद थे।

    रास्ते में रोकने के बाद कुणाल गुर्जर ने रितिक सिंह से पूछा कि क्या वह रितिक यादव को जानता है। रितिक सिंह ने पहचान होने की बात स्वीकार की तो आरोपियों ने दोनों चाचा-भतीजे को अलग-अलग बाइक पर जबरन बैठा लिया। इसके बाद उन्हें नीलगिरी परिसर स्थित खदान पर ले जाया गया। वहां बदमाशों ने रितिक यादव को छिपाकर रखने के संबंध में पूछताछ शुरू कर दी। दोनों ने इस बारे में जानकारी होने से इनकार किया तो आरोपी नाराज हो गए और गाली-गलौज करने लगे।

    पीड़ितों के विरोध करने पर आरोपियों ने उनके साथ मारपीट शुरू कर दी। कुणाल अनुज रोहित और उनके साथियों ने खदान के पास पड़े डंडों से दोनों को पीटा। थप्पड़ भी मारे गए। अचानक हुए हमले से चाचा-भतीजे खुद को बचाने की कोशिश करते रहे लेकिन बदमाशों की संख्या अधिक होने के कारण वे उनका मुकाबला नहीं कर सके। इसी दौरान वहां से गुजर रहे आनंद यादव और अन्य राहगीरों की नजर दोनों पर पड़ी। उन्होंने बीच-बचाव करते हुए बदमाशों को रोकने की कोशिश की। लोगों को आता देखकर आरोपी मौके से भाग निकले।

    आरोप है कि भागते समय बदमाशों ने दोनों के मोबाइल फोन भी तोड़ दिए। मारपीट और अफरा-तफरी के दौरान पीड़ितों का पर्स और हाथ की अंगूठी भी गिर गई। घटना के बाद दोनों पीड़ित खुड़ैल थाने पहुंचे और पुलिस को पूरी जानकारी दी। पुलिस ने उनकी शिकायत के आधार पर मेडिकल परीक्षण कराया और तीन नामजद आरोपियों सहित उनके अन्य साथियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की।

    पुलिस अब आरोपियों की तलाश कर रही है। घटना में शामिल अन्य लोगों की पहचान करने के साथ मारपीट और जबरन ले जाने के पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है। दिनदहाड़े कॉलेज के पास से चाचा-भतीजे को जबरन ले जाकर खदान में पीटने की इस घटना से इलाके में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। राहगीरों के समय पर हस्तक्षेप के कारण दोनों को आरोपियों के चंगुल से निकलने का मौका मिला।

  • पार्षद पति पर हमले के बाद गरमाया मामला, एक पक्ष ने मारपीट तो दूसरे ने पिस्टल दिखाने का लगाया आरोप

    पार्षद पति पर हमले के बाद गरमाया मामला, एक पक्ष ने मारपीट तो दूसरे ने पिस्टल दिखाने का लगाया आरोप


    इंदौर । इंदौर के ऊषागंज इलाके में एक पार्षद के पति के घर में घुसकर मारपीट और तोड़फोड़ करने का मामला सामने आया है। गीतांजलि अपार्टमेंट में हुई इस घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। प्रॉपर्टी कारोबारी और पार्षद पति सुमित तलरेजा ने चार लोगों के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। आरोप है कि पुराने विवाद को लेकर आरोपी उनके घर पहुंचे और गाली गलौज करते हुए हमला करने की कोशिश की। इस दौरान घर के बाहर लगा पार्षद का बोर्ड चाकू से फाड़ दिया गया। गमले और अन्य सामान भी तोड़ दिए गए। वहीं दूसरे पक्ष ने भी सुमित तलरेजा पर पिस्टल दिखाकर डराने का आरोप लगाया है। पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायतों और आरोपों को ध्यान में रखते हुए जांच शुरू कर दी है।

    पुलिस के मुताबिक सुमित तलरेजा अपनी पत्नी पंखुड़ी तलरेजा के साथ थाने पहुंचे और घटना की शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि 29 अक्टूबर को वे अपने घर पर मौजूद थे। इसी दौरान उनका पुराना परिचित प्रशांत करौसिया अपने तीन साथियों अंशए सुमित खरे और विशाल बौरासी के साथ वहां पहुंच गया। आरोप है कि चारों पुराने विवाद के समझौते को लेकर उनसे बातचीत करने आए थे लेकिन कुछ ही देर में विवाद बढ़ गया। इसके बाद आरोपियों ने गाली गलौज शुरू कर दी और उनके साथ मारपीट करने के लिए आगे बढ़े।

    सुमित की शिकायत के अनुसार आरोपियों ने घर के बाहर लगा पार्षद का बोर्ड चाकू से फाड़ दिया। स्थिति बिगड़ती देख सुमित खुद को बचाने के लिए मल्टी की दूसरी मंजिल पर स्थित अपने फ्लैट में चले गए। इसके बाद भी आरोपियों का गुस्सा शांत नहीं हुआ। उन्होंने फ्लैट के दरवाजे पर लात मारी और बाहर रखे गमलों को तोड़ना शुरू कर दिया। आरोप है कि वहां खड़ी गाड़ियों और कुर्सियों को भी नुकसान पहुंचाया गया। इस दौरान सुमित की ओर गमला फेंकने और उन्हें तथा उनकी पत्नी को जान से मारने की धमकी देने की बात भी शिकायत में कही गई है।

    घटना के दौरान सुमित और उनकी पत्नी ने शोर मचाया तो आसपास के लोग मौके पर जमा हो गए। लोगों की मौजूदगी बढ़ने के बाद आरोपी वहां से भाग निकले। इसके बाद दंपति ने पुलिस को पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। पुलिस ने सुमित की शिकायत पर चार लोगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

    हालांकि इस घटना में दूसरा पक्ष भी सामने आया है। दूसरे पक्ष का आरोप है कि विवाद की शुरुआत सुमित तलरेजा ने की थी और उन्होंने पिस्टल दिखाकर डराने की कोशिश की थी। इस आरोप के सामने आने के बाद मामला और पेचीदा हो गया है। फिलहाल पुलिस दोनों पक्षों के बयान और उनके आरोपों की जांच कर रही है। घटना के पीछे पुराने विवाद और समझौते को लेकर हुई कहासुनी को अहम वजह माना जा रहा है। पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि विवाद किस बात से शुरू हुआ और घटना के दौरान किस पक्ष की क्या भूमिका रही।

  • इंदौर की राजकमल रेसीडेंसी में मिला बिजली कर्मचारी का शव, महिला मित्र से पूछताछ, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार

    इंदौर की राजकमल रेसीडेंसी में मिला बिजली कर्मचारी का शव, महिला मित्र से पूछताछ, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार


    इंदौर । इंदौर के गांधी नगर क्षेत्र स्थित राजकमल रेसीडेंसी में एक बिजली कर्मचारी का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। मृतक की पहचान निर्मल राजपूत के रूप में हुई है जो बिजली विभाग में लाइनमैन के पद पर काम करता था। उसका शव एक महिला मित्र के फ्लैट में संदिग्ध परिस्थितियों में मिला। पुलिस को उसके शरीर पर हल्के चोट के निशान भी मिले हैं। शुरुआती अनुमान के मुताबिक मौत करीब 12 घंटे पहले हुई हो सकती है। हालांकि मौत की वास्तविक वजह अभी स्पष्ट नहीं है और पुलिस पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है।

    आधी रात को मिली सूचना के बाद पहुंची पुलिस

    पुलिस के मुताबिक सोमवार रात करीब 12 बजकर 30 मिनट पर घटना की सूचना मिली थी। इसके बाद पुलिस टीम राजकमल रेसीडेंसी स्थित फ्लैट पर पहुंची और जांच शुरू की। मौके पर शव की स्थिति का निरीक्षण किया गया। इसके बाद शव को पोस्टमॉर्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया गया। शरीर पर चोट के हल्के निशान मिलने के बाद पुलिस मामले को गंभीरता से लेते हुए सभी संभावित पहलुओं की जांच कर रही है।

    निर्मल मूल रूप से बागड़दा एरोड्रम क्षेत्र का निवासी था। वह बिजली विभाग में लाइनमैन के रूप में कार्यरत था। पुलिस के अनुसार वह राजकमल रेसीडेंसी में रहने वाली महिला का परिचित था। महिला अपने पति से अलग रहती है। फिलहाल पुलिस ने महिला को हिरासत में लेकर पूछताछ की है ताकि घटना से जुड़ी परिस्थितियों और मृतक के फ्लैट तक पहुंचने के बारे में जानकारी जुटाई जा सके।

    सीसीटीवी फुटेज भी जांच के दायरे में

    पुलिस जांच में सोसायटी के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक कैमरों में निर्मल बिल्डिंग में पीछे के रास्ते से आता दिखाई दिया है। पुलिस अब फुटेज और घटनास्थल से जुड़े अन्य साक्ष्यों का मिलान कर रही है। जांच के दौरान यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि निर्मल फ्लैट पर कब पहुंचा था और उसके बाद वहां क्या परिस्थितियां बनीं।

    हालांकि अभी तक पुलिस की ओर से मौत के कारण को लेकर कोई अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है। शरीर पर मिले चोट के निशानों की प्रकृति और उनकी मौत से संभावित संबंध का पता मेडिकल जांच के बाद ही चल सकेगा। पुलिस महिला से पूछताछ के साथ दूसरे जरूरी पहलुओं की भी पड़ताल कर रही है।

    पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से खुलेगा मौत का राज

    एसीपी निधि सक्सेना के मुताबिक शव को पोस्टमॉर्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा गया है और महिला मित्र से पूछताछ की जा रही है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत की वजह को लेकर स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि चोट के निशान कैसे आए और क्या उनका मौत से कोई संबंध है।

    निर्मल के परिवार में पत्नी और एक बेटी हैं। घटना की जानकारी मिलने के बाद परिवार के लिए भी यह मामला चिंता और सदमे का विषय बन गया है। फिलहाल पुलिस ने मौत को लेकर किसी अंतिम नतीजे की घोषणा नहीं की है। जांच के नतीजे और मेडिकल रिपोर्ट सामने आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि यह मौत किन परिस्थितियों में हुई। फिलहाल सीसीटीवी फुटेज पूछताछ और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के आधार पर मामले की जांच आगे बढ़ाई जा रही है।

  • इंदौर में छेड़छाड़ के दो मामले आए सामने, रिसेप्शनिस्ट से अश्लील हरकत का आरोप तो नाबालिग छात्रा पर मिलने का दबाव

    इंदौर में छेड़छाड़ के दो मामले आए सामने, रिसेप्शनिस्ट से अश्लील हरकत का आरोप तो नाबालिग छात्रा पर मिलने का दबाव


    इंदौर । इंदौर के द्वारकापुरी इलाके में एक निजी अस्पताल की रिसेप्शनिस्ट से छेड़छाड़ का मामला सामने आया है। युवती की शिकायत पर पुलिस ने सब्जी व्यापारी नरेंद्र साहू के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। युवती का आरोप है कि व्यापारी पिछले करीब 20 दिनों से उसे देखकर अश्लील इशारे करता था और आपत्तिजनक हरकतों के जरिए परेशान कर रहा था। शनिवार रात हुई घटना के बाद युवती ने पुलिस से शिकायत की जिसके आधार पर कार्रवाई की गई।

    द्वारकापुरी पुलिस के मुताबिक युवती फूटी कोठी क्षेत्र स्थित एक निजी अस्पताल में रिसेप्शनिस्ट के रूप में काम करती है। अस्पताल के बाहर सब्जियों की दुकानें लगती हैं जिनमें से एक दुकान नरेंद्र साहू की बताई गई है। युवती ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया कि आरोपी उसे देखकर अश्लील हरकतें करता था और इस वजह से वह कई दिनों से परेशान थी। मामले में पुलिस ने युवती के आरोपों के आधार पर प्रकरण दर्ज किया है।

    शिकायत के मुताबिक शनिवार रात अस्पताल से निकलने के दौरान युवती के साथ यह घटना हुई। अस्पताल का गार्ड उसे गेट तक छोड़ने आया था। युवती उस समय अपने भाई का इंतजार कर रही थी। इसी दौरान आरोप है कि नरेंद्र साहू ने जानबूझकर अश्लील हरकत करते हुए अपना निजी अंग दिखाया। युवती ने इसका विरोध करते हुए आरोपी को ललकारा तो अस्पताल का स्टाफ भी मौके पर पहुंच गया। इसके बाद आरोपी वहां से चला गया।

    घटना के बाद युवती अपनी बहन के साथ द्वारकापुरी थाने पहुंची और पुलिस को पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। पुलिस ने शिकायत के आधार पर आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी। फिलहाल आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोपों की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के तहत होना बाकी है।

    इसी बीच इंदौर के लसूड़िया थाना क्षेत्र में भी छेड़छाड़ और परेशान करने का एक अलग मामला सामने आया है। यहां 11वीं कक्षा में पढ़ने वाली एक नाबालिग छात्रा की शिकायत पर पुलिस ने संजय नाम के युवक के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। छात्रा का आरोप है कि उसके साथ पहले पढ़ने वाला संजय उसे लगातार मोबाइल फोन पर कॉल करता था और मिलने के लिए दबाव बनाता था।

    शिकायत के अनुसार एक दिन पहले युवक छात्रा के घर के बाहर पहुंच गया और फोन कर उससे जबरन मिलने की जिद करने लगा। लगातार परेशान किए जाने से छात्रा ने अपने पिता को इसकी जानकारी दी। इसके बाद परिवार ने पुलिस से संपर्क किया। शनिवार को पुलिस ने आरोपी के खिलाफ छेड़छाड़ और अन्य संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया।

    इंदौर में सामने आए इन दोनों मामलों में शिकायतकर्ताओं के आरोपों के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई की है। एक मामले में निजी अस्पताल की रिसेप्शनिस्ट ने सब्जी व्यापारी पर अश्लील हरकतें करने का आरोप लगाया है जबकि दूसरे मामले में नाबालिग छात्रा ने परिचित युवक पर मिलने के लिए दबाव बनाने की शिकायत की है। दोनों मामलों में पुलिस की जांच आगे की कार्रवाई के लिए महत्वपूर्ण होगी।

  • इंदौर में गैरेज संचालक पर 2 करोड़ से ज्यादा की धोखाधड़ी का आरोप, बॉडी बिल्डिंग और AC के नाम पर ली रकम, काम अधूरा छोड़कर भागा

    इंदौर में गैरेज संचालक पर 2 करोड़ से ज्यादा की धोखाधड़ी का आरोप, बॉडी बिल्डिंग और AC के नाम पर ली रकम, काम अधूरा छोड़कर भागा


    इंदौर । इंदौर में बसों की बॉडी बिल्डिंग और इंटीरियर तैयार करने के नाम पर दो करोड़ रुपये से ज्यादा की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। आरोप है कि एक गैरेज संचालक ने 18 से ज्यादा बस मालिकों से बॉडी बनाने सीट कवर लगाने एसी फिट करने और इंटीरियर कस्टमाइजेशन के लिए एडवांस रकम ली लेकिन काम पूरा किए बिना फरार हो गया। लंबे समय तक आरोपी से संपर्क नहीं होने और गैरेज व अन्य ठिकानों पर तलाश के बावजूद उसका पता नहीं चलने पर पीड़ित बस संचालकों ने पुलिस से शिकायत की। मामले में पुलिस ने धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
    पुलिस के अनुसार शिकायतकर्ताओं में राजा दिव्यांशु बर्मन प्रथम गुप्ता सूरज भारद्वाज शमशेर सिंह सहित अन्य बस मालिक शामिल हैं। इन लोगों ने जनसुनवाई के दौरान डीसीपी को लिखित शिकायत देकर अपनी परेशानी बताई थी। शिकायत में मोहित उर्फ मन्नू पुत्र सत्यनारायण दीक्षित पर धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया गया है। बताया गया है कि आरोपी एमबी बस के नाम से बसों की बॉडी बनाने और उन्हें जरूरत के मुताबिक तैयार करने का काम करता था। इसी कारोबार के सिलसिले में बस संचालकों ने उसे अलग-अलग कामों के लिए बड़ी रकम एडवांस में दी थी।

    पीड़ितों का कहना है कि आरोपी के साथ उनका लंबे समय से व्यावसायिक लेनदेन चल रहा था। इसी वजह से उन्हें उस पर भरोसा था और उन्होंने बिना किसी आशंका के बसों के काम के लिए रकम सौंप दी। बसों की बॉडी बिल्डिंग से लेकर सीट कवर एसी और इंटीरियर तैयार कराने तक के काम के लिए भुगतान किया गया था। आरोप है कि रकम मिलने के बाद आरोपी ने कुछ काम अधूरे छोड़ दिए और कई मामलों में काम आगे नहीं बढ़ाया। इसके बाद वह कथित तौर पर अपने ठिकानों से गायब हो गया। पीड़ितों के मुताबिक इस पूरे मामले में कुल दो करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम फंसी हुई है।

    शिकायतकर्ताओं ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ मामलों में बसों पर काम कराने के बावजूद सप्लायरों और कारीगरों को भुगतान नहीं किया गया। इससे बस मालिकों की परेशानी और बढ़ गई। बसों का काम अधूरा रहने और भुगतान से जुड़ी समस्याओं के कारण उन्हें आर्थिक नुकसान उठाने की आशंका है। जब आरोपी से संपर्क करने की कोशिशें सफल नहीं हुईं तो बस मालिक कई दिनों तक उसके गैरेज और विजय नगर स्थित ठिकानों पर पहुंचते रहे। लेकिन वहां भी उसका पता नहीं चल सका। इसके बाद पीड़ितों ने पुलिस अधिकारियों से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की।

    पुलिस ने शिकायत और शुरुआती जांच के आधार पर आरोपी मोहित उर्फ मन्नू के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। मामले की जांच की जा रही है और आरोपी की तलाश के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश देने की जानकारी सामने आई है। पुलिस अब लेनदेन से जुड़े दस्तावेजों भुगतान के रिकॉर्ड और शिकायतकर्ताओं के बयानों के आधार पर मामले की जांच आगे बढ़ाएगी। फिलहाल आरोपों की विस्तृत जांच और आरोपी की गिरफ्तारी के बाद ही पूरे घटनाक्रम की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। इस मामले ने व्यावसायिक लेनदेन में भरोसे के आधार पर बड़ी रकम एडवांस देने और भुगतान की सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं।

  • इंदौर में दो परिवारों पर टूटा दुखों का पहाड़, एक युवक ने फांसी लगाई, दूसरे की सड़क हादसे में मौत

    इंदौर में दो परिवारों पर टूटा दुखों का पहाड़, एक युवक ने फांसी लगाई, दूसरे की सड़क हादसे में मौत


    इंदौर। शहर में बीती रात हुई दो अलग अलग घटनाओं में दो युवकों की मौत हो गई। आजाद नगर इलाके में 35 वर्षीय युवक घर के बाहर बने कमरे में फंदे पर मिला। वहीं तेजाजी नगर क्षेत्र में तेज रफ्तार कार की टक्कर से बाइक सवार युवक की जान चली गई। दोनों घटनाओं के बाद संबंधित थाना पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। एक मामले में पुलिस युवक के इस कदम के पीछे की वजह पता कर रही है जबकि दूसरे मामले में दुर्घटना के बाद मौके से भागे कार सवारों की तलाश की जा रही है।

    आजाद नगर थाना पुलिस के मुताबिक मृतक की पहचान मनोज 35 वर्ष पिता मोहर सिंह ठाकुर निवासी मूसाखेड़ी के रूप में हुई है। वह गैस सिलेंडर की डिलीवरी और रिपेयरिंग का काम करता था। पुलिस के अनुसार रात करीब साढ़े 12 बजे उसने घर के बाहर वाले कमरे में फांसी लगा ली। घटना का पता उस समय चला जब उसकी पत्नी देर रात उसे देखने के लिए बाहर गई। वहां मनोज को फंदे पर लटका देखकर उसने परिजनों और पड़ोसियों को जानकारी दी।

    मनोज के भाई विनोद के अनुसार वह रात करीब 11 बजे घर से कुछ रुपए लेकर निकला था। उसने अपनी पत्नी से कुछ देर में लौटने की बात कही थी। इसके बाद वह वापस घर पहुंचा लेकिन तब तक पत्नी और बच्चे सो चुके थे। कुछ समय बाद जब पत्नी बाहर के कमरे में पहुंची तो घटना का पता चला। परिवार के मुताबिक घटना से पहले मनोज ने विदिशा में रहने वाले अपने साले से फोन पर बातचीत भी की थी। हालांकि उसके भाई ने किसी तरह के कर्ज की जानकारी होने से इनकार किया है। पुलिस फिलहाल घटना के कारणों और उससे पहले की परिस्थितियों की जांच कर रही है।

    दूसरी घटना तेजाजी नगर थाना क्षेत्र में हुई जहां सड़क दुर्घटना में युवक दीपक मनासिया की मौत हो गई। वह कुशलगढ़ महू का रहने वाला था और खेती किसानी से जुड़ा था। पुलिस के अनुसार रात करीब 12 बजे डी मार्ट के पास तेज रफ्तार कार ने दीपक की बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर के बाद दीपक सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गया।

    बताया गया कि हादसे के बाद कार में सवार युवक वाहन को मौके पर छोड़कर दूसरी कार से वहां से चले गए। इसी दौरान पीछे से आ रहे दीपक के दोस्तों ने उसे सड़क पर घायल हालत में देखा। दोस्तों ने तत्काल उसे अस्पताल पहुंचाया लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने दुर्घटना में शामिल कार को कब्जे में ले लिया है और उसके चालक तथा अन्य लोगों की पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं।

    परिजनों के मुताबिक दीपक काम के सिलसिले में चापड़ा गया था। उसके साथ कुछ दोस्त भी अलग अलग बाइक से गए थे। वह खेती का काम करता था। परिवार में उसकी पत्नी और तीन बच्चे हैं। घटना की सूचना मिलने के बाद परिवार में मातम का माहौल है।

    दोनों मामलों में पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है। आजाद नगर मामले में युवक के इस कदम के पीछे की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है जबकि तेजाजी नगर हादसे में पुलिस वाहन और घटनास्थल से मिले सुरागों के आधार पर जांच आगे बढ़ा रही है। दोनों मामलों में पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही घटनाओं की परिस्थितियों को लेकर तस्वीर साफ हो सकेगी।

  • इंदौर में गोदाम पर छापा और बड़ा खुलासा, 10 हजार से ज्यादा गर्भपात किट मिलीं, 9 हजार किट की बिक्री भी जांच के घेरे में

    इंदौर में गोदाम पर छापा और बड़ा खुलासा, 10 हजार से ज्यादा गर्भपात किट मिलीं, 9 हजार किट की बिक्री भी जांच के घेरे में


    इंदौर । इंदौर में ड्रग विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने धार कोठी क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई करते हुए एक दवा गोदाम से 10 हजार से ज्यादा गर्भपात किट जब्त की हैं। इसके अलावा सिडेनफिल साइट्रेट और सेफ्टी पिल ब्रांड की दवाएं भी टीम को मिली हैं। जब्त दवाओं की कुल कीमत 52 लाख रुपए से अधिक बताई जा रही है। कार्रवाई के बाद अब विभाग की जांच इस बात पर केंद्रित है कि इतनी बड़ी मात्रा में दवाओं का भंडारण किस उद्देश्य से किया गया था और इनकी बिक्री किन लोगों या संस्थानों को की गई।

    यह कार्रवाई गुरुवार रात सेंट रेफियल स्कूल के पास धार कोठी क्षेत्र में क्वालिटी फार्मा से जुड़े एक गोदाम पर की गई। अधिकारियों के मुताबिक संबंधित फर्म लाइसेंसी है लेकिन जांच के दौरान गोदाम में रखी दवाओं के भंडारण और बिक्री से जुड़े जरूरी रिकॉर्ड और दस्तावेज मौके पर उपलब्ध नहीं कराए जा सके। इसके बाद टीम ने दवाओं को अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी।

    जांच के दौरान विभाग को यह जानकारी भी मिली कि संबंधित फर्म से करीब 9 हजार गर्भपात किट पहले ही बेचे जा चुके हैं। हालांकि इन दवाओं की बिक्री का पूरा रिकॉर्ड अभी जांच के दायरे में है। अधिकारियों ने संबंधित पक्ष से दवाओं की खरीद और बिक्री से जुड़े दस्तावेज तथा पूरा हिसाब उपलब्ध कराने को कहा है। रिकॉर्ड की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि कितनी दवाएं किसे और किन परिस्थितियों में बेची गईं।

    अब जांच का एक अहम हिस्सा यह भी है कि इतनी बड़ी संख्या में गर्भपात किट और अन्य दवाएं गोदाम तक कैसे पहुंचीं। अधिकारियों की टीम दवाओं के स्रोत से लेकर उनकी सप्लाई और बिक्री तक की कड़ी को खंगाल रही है। विभाग यह भी पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि दवाओं की बिक्री निर्धारित नियमों के तहत की गई थी या नहीं।

    कार्रवाई के दौरान जावेद खान और अजय सवडतकर से संबंधित दवाएं भी जब्त किए जाने की जानकारी सामने आई है। अधिकारियों के अनुसार फिलहाल मामले से जुड़े तथ्यों और संबंधित लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि नियमों का उल्लंघन किस स्तर पर हुआ और इसमें कौन कौन लोग शामिल थे।

    औषधि विभाग के अधिकारियों के अनुसार गर्भपात से संबंधित दवाओं की बिक्री निर्धारित चिकित्सकीय प्रक्रिया और वैध प्रिस्क्रिप्शन के आधार पर ही की जानी चाहिए। विभाग को आशंका है कि इन दवाओं की बिक्री में नियमों का उल्लंघन हुआ हो सकता है। हालांकि इस संबंध में अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने और बिक्री रिकॉर्ड तथा अन्य दस्तावेजों की विस्तृत पड़ताल के बाद ही सामने आएगा।

    मामले में ड्रग एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट के तहत कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। जब्त दवाओं और उपलब्ध दस्तावेजों की जांच जारी है। ड्रग इंस्पेक्टर सारिका अग्रवाल योगेश गुप्ता और लोकेश गुप्ता की टीम ने यह कार्रवाई की। अब आगे की कानूनी कार्रवाई जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर की जाएगी। इस कार्रवाई के बाद दवा कारोबार से जुड़े रिकॉर्ड और गर्भपात संबंधी दवाओं की बिक्री व्यवस्था पर विभाग की निगरानी और सख्त होने की संभावना है।

  • इंदौर में ब्यूटीशियन की संदिग्ध मौत होटल से शव ले जाने का VIDEO सामने आया फंदे के एंगल की जांच में जुटी पुलिस

    इंदौर में ब्यूटीशियन की संदिग्ध मौत होटल से शव ले जाने का VIDEO सामने आया फंदे के एंगल की जांच में जुटी पुलिस


    इंदौर । इंदौर के तिलक नगर स्थित एलएक्स होटल में 32 वर्षीय ब्यूटीशियन सोनिला शर्मा की मौत का मामला लगातार उलझता जा रहा है। होटल के कमरे में महिला की मौत के बाद सामने आए CCTV फुटेज ने पुलिस की जांच को नया मोड़ दे दिया है। फुटेज में होटल के बाहर एक सफेद कार दिखाई दे रही है जिसके आसपास कुछ युवक मौजूद हैं। इनमें से दो युवक महिला के शव को कार में रखते हुए नजर आ रहे हैं। कारोबारी दीपक खंडेलवाल भी कार के पास खड़ा दिखाई देता है। पुलिस अब होटल में महिला के पहुंचने से लेकर उसे अस्पताल ले जाने तक की पूरी कड़ी जोड़ने में जुटी है।

    जानकारी के मुताबिक सोनिला बुधवार दोपहर दीपक खंडेलवाल के साथ होटल पहुंची थी। दोनों होटल के कमरा नंबर 101 में गए थे। सोनिला के पहुंचने के करीब एक घंटे बाद दीपक होटल आया था। इसके बाद वह करीब 40 मिनट तक कमरे में रुका। कमरे से बाहर निकलने के बाद उसने होटल स्टाफ को बताया कि सोनिला बेहोश है। इसके बाद महिला को अस्पताल ले जाने की तैयारी शुरू हुई।

    CCTV फुटेज में होटल के बाहर की गतिविधियां भी रिकॉर्ड हुई हैं। सफेद कार के आसपास कई युवक दिखाई दे रहे हैं। दो लोग महिला के शव को कार में रखते नजर आते हैं। इसी दौरान कारोबारी होटल के एक कर्मचारी को अपने साथ चलने का इशारा करता है लेकिन कर्मचारी उसके साथ जाने से मना कर देता है। महिला को बाद में अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

    घटना की जानकारी मिलने के बाद सोनिला के परिजन भी अस्पताल पहुंचे। बताया गया है कि वहां उनकी दीपक खंडेलवाल से कहासुनी हुई थी। इसके बाद दीपक अस्पताल से चला गया। घटना के बाद से पुलिस उसकी तलाश कर रही है। पुलिस मोबाइल लोकेशन और दूसरे तकनीकी साक्ष्यों के जरिए उसकी गतिविधियों का पता लगाने की कोशिश कर रही है।

    सोनिला के पति संजय ने बताया कि उनकी शादी करीब 14 साल पहले हुई थी और दोनों की दो बेटियां हैं। कुछ समय पहले परिवार इंदौर में रहने लगा था लेकिन पिछले करीब एक साल से संजय ब्यावरा में रह रहा था जबकि सोनिला इंदौर में रहती थी। दीपक को लेकर पूछे जाने पर संजय ने कहा कि वह उसे जानता है लेकिन फिलहाल इस मामले में बात नहीं करना चाहता। उसने करीब आठ दिन बाद पूरी बात बताने की बात कही है। परिवार की ओर से अभी तक दीपक पर कोई सीधा आरोप नहीं लगाया गया है।

    पोस्टमॉर्टम के बाद पुलिस और डॉक्टरों के बीच हुई चर्चा में फंदे से मौत का एंगल सामने आया है। हालांकि मौत का वास्तविक कारण अभी स्पष्ट नहीं है। शॉर्ट पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद स्थिति और साफ होने की उम्मीद है। पुलिस ने विसरा भी जांच के लिए भेजा है। शुरुआती जानकारी में जहर खाने की आशंका की भी चर्चा हुई थी लेकिन पुलिस फिलहाल सभी संभावनाओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।

    पुलिस ने होटल से DVR और जरूरी दस्तावेज जब्त कर लिए हैं। CCTV फुटेज की बारीकी से जांच की जा रही है। जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि सोनिला होटल में किस परिस्थिति में पहुंची थी। दीपक कमरे में कितनी देर रहा और उसके बाहर निकलने के बाद महिला की स्थिति क्या थी। इसके अलावा अस्पताल तक पहुंचने के दौरान कौन कौन लोग मौजूद थे इसकी भी जानकारी जुटाई जा रही है।

    एडिशनल डीसीपी अमरेंद्र सिंह के मुताबिक मामले की जांच जारी है और पुलिस तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ रही है। दीपक खंडेलवाल पालदा क्षेत्र में पाइप का कारोबार करता है और घटना के बाद से पुलिस उसकी तलाश में कई टीमें लगा चुकी है। अब पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और CCTV जांच से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि होटल के कमरे में आखिर हुआ क्या था।

  • इंदौर में होटल के कमरे में ब्यूटिशियन की संदिग्ध मौत कारोबारी के साथ पहुंची थी महिला मुंह से झाग निकलने के बाद मौत से मचा हड़कंप

    इंदौर में होटल के कमरे में ब्यूटिशियन की संदिग्ध मौत कारोबारी के साथ पहुंची थी महिला मुंह से झाग निकलने के बाद मौत से मचा हड़कंप


    इंदौर । इंदौर के तिलक नगर इलाके में एक होटल के कमरे में 32 वर्षीय ब्यूटिशियन की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। महिला की पहचान सोनाली शर्मा के रूप में हुई है। वह एक पाइप कारोबारी के साथ होटल में रुकी थी। कुछ घंटे बाद उसकी तबीयत बिगड़ने की बात सामने आई और कारोबारी उसे अस्पताल लेकर पहुंचा। डॉक्टरों ने महिला को मृत घोषित कर दिया। इसके बाद कारोबारी अस्पताल से चला गया। पुलिस अब पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है।

    पुलिस के मुताबिक सोनाली बुधवार दोपहर करीब दो बजे तिलक नगर स्थित एलएक्स होटल पहुंची थी। उसके साथ पाइप कारोबारी दीपक खंडेलवाल भी था। दोनों ने होटल में कमरा लिया था। कुछ समय बाद दीपक कमरे से बाहर आया और होटल स्टाफ को महिला की तबीयत खराब होने की जानकारी दी। उसने बताया कि महिला को अस्पताल ले जाना है। इसके बाद वह सोनाली को अक्षत अस्पताल लेकर गया। वहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।

    महिला की मौत के बाद कारोबारी उसे अस्पताल में छोड़कर वहां से चला गया। इधर होटल के कमरे में कोई हलचल नहीं होने पर स्टाफ ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जानकारी जुटाई। महिला की हालत को देखते हुए शुरुआती तौर पर जहर खाने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि मौत की वास्तविक वजह पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

    पुलिस के अनुसार महिला के मुंह से झाग निकल रहा था। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए एमवाय अस्पताल भेजा गया है। पुलिस ने होटल के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी अपने कब्जे में ली है। अब फुटेज के जरिए यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि महिला होटल में कब पहुंची और उसके साथ कौन कौन मौजूद था। होटल में ठहरने के दौरान क्या हुआ इसकी जानकारी भी जुटाई जा रही है।

    सोनाली के पिता ने पुलिस को बताया कि उनकी बेटी पिंक सिटी पार्लर में काम करती थी। इसी पार्लर के जरिए उसकी पहचान दीपक खंडेलवाल से हुई थी। पिता के मुताबिक कारोबारी पहले भी दो बार सोनाली के घर आ चुका था। बुधवार को सोनाली घर से पार्लर जाने की बात कहकर निकली थी। इसके बाद वह कारोबारी के साथ होटल पहुंची।

    पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि सोनाली अपने पति से अलग रह रही थी। उसका पति करीब एक साल से अलग रह रहा है और ड्राइवर का काम करता है। सोनाली की दो बेटियां हैं जिनकी उम्र 8 और 14 साल बताई गई है।

    तिलक नगर थाना पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कारोबारी दीपक खंडेलवाल की तलाश शुरू कर दी है। पुलिस उससे पूछताछ कर घटना से जुड़े कई सवालों के जवाब तलाशना चाहती है। होटल की सीसीटीवी फुटेज और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट जांच में अहम भूमिका निभा सकती है। फिलहाल पुलिस मौत की वजह और पूरे घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है।

  • कोच के दस्तावेजों पर IDA का स्विमिंग पूल टेंडर? बिना अनुमति इस्तेमाल का आरोप, संस्था ने कहा- आरोप बेबुनियाद

    कोच के दस्तावेजों पर IDA का स्विमिंग पूल टेंडर? बिना अनुमति इस्तेमाल का आरोप, संस्था ने कहा- आरोप बेबुनियाद


    इंदौर । इंदौर में स्विमिंग पूल संचालन के एक टेंडर को लेकर गंभीर विवाद सामने आया है। दिल्ली के रिटायर्ड इंटरनेशनल स्विमिंग कोच मुकुंद मोहन शर्मा ने आरोप लगाया है कि उनके शैक्षणिक और पेशेवर दस्तावेजों का कथित रूप से बिना अनुमति इस्तेमाल कर इंदौर डेवलपमेंट अथॉरिटी यानी IDA का स्विमिंग पूल संचालन का ठेका हासिल किया गया। कोच का दावा है कि उन्होंने ये दस्तावेज केवल दिल्ली के तालकटोरा स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के टेंडर में भाग लेने के लिए एक संस्था को दिए थे लेकिन बाद में उन्हीं दस्तावेजों का इस्तेमाल इंदौर के टेंडर में कर लिया गया। मामला सामने आने के बाद उन्होंने इंदौर पुलिस कमिश्नर से शिकायत की है और अब क्राइम ब्रांच मामले में FIR दर्ज करने की तैयारी कर रही है।

    मुकुंद मोहन शर्मा के अनुसार वह वर्ष 2022 में अपने छात्र संदीप तोकस के माध्यम से देवा स्विमिंग इंस्टीट्यूट से जुड़े थे। इसके बाद 21 फरवरी 2023 को उन्होंने संस्था के डायरेक्टर देवेंद्र लांबा और उनकी पत्नी मधुलिका को अपने शैक्षणिक और पेशेवर योग्यता से जुड़े दस्तावेज दिए थे। उनका कहना है कि ये दस्तावेज केवल नई दिल्ली के तालकटोरा स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के स्विमिंग पूल संचालन के टेंडर में इस्तेमाल करने के लिए दिए गए थे। बाद में वह टेंडर निरस्त हो गया।

    कोच का आरोप है कि टेंडर निरस्त होने के बाद उन्होंने अपने दस्तावेजों को किसी अन्य सरकारी अर्धसरकारी या निजी संस्था की टेंडर प्रक्रिया में इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं दी थी। इसके बावजूद उन्हीं दस्तावेजों का इस्तेमाल इंदौर में IDA के स्विमिंग पूल संचालन का ठेका हासिल करने में किया गया। शर्मा के मुताबिक 8 सितंबर 2023 को IDA का अनुबंध हासिल किया गया था। उनका दावा है कि पूरी प्रक्रिया में उनसे किसी तरह की लिखित अनुमति या सहमति नहीं ली गई।

    सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि शर्मा को कथित दस्तावेज दुरुपयोग की जानकारी करीब तीन साल बाद जनवरी 2026 में मिली। एक परिचित के माध्यम से उन्हें पता चला कि उनके दस्तावेज इंदौर के IDA टेंडर में लगाए गए हैं। इसके बाद उन्होंने IDA के CEO को ईमेल के जरिए शिकायत की। 25 फरवरी को उन्होंने मामले की जानकारी देते हुए ईमेल भेजा और 7 मार्च को रिमाइंडर भी भेजा। कई महीने तक स्पष्ट कार्रवाई या जांच की जानकारी नहीं मिलने के बाद उन्होंने लिखित शिकायत के साथ शपथपत्र भी दिया।

    शर्मा ने यह भी आशंका जताई है कि उनके शैक्षणिक और पेशेवर दस्तावेजों का इस्तेमाल अन्य शहरों में स्विमिंग पूल के टेंडर लाइसेंस या परमिट हासिल करने के लिए भी किया गया हो सकता है। उन्होंने स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया के लखनऊ स्थित रीजनल सेंटर के स्विमिंग पूल से जुड़ी टेंडर प्रक्रिया में भी अपने दस्तावेजों के इस्तेमाल की जांच कराने की मांग की है।

    हालांकि देवा स्विमिंग इंस्टीट्यूट के संचालक देवेंद्र लांबा ने शर्मा के आरोपों को पूरी तरह गलत और निराधार बताया है। उनका कहना है कि शर्मा पहले उनके संस्थान से जुड़े थे और उनकी शैक्षणिक योग्यता तथा उपलब्धियों से संबंधित दस्तावेज संस्था के रिकॉर्ड में उपलब्ध थे। लांबा के मुताबिक किसी कोच या कर्मचारी के संस्थान से जुड़ने पर उसकी योग्यता और उपलब्धियों के दस्तावेज रिकॉर्ड में रखना सामान्य प्रक्रिया है। उन्होंने कहा कि क्राइम ब्रांच की शिकायत के बाद संस्था अपना जवाब दे चुकी है और जरूरत पड़ने पर संबंधित दस्तावेज और अंडरटेकिंग भी जांच एजेंसी को उपलब्ध कराई जाएगी।

    लांबा ने यह भी कहा कि देवा स्विमिंग इंस्टीट्यूट का हेड ऑफिस गुरुग्राम में है और देश के अलग-अलग हिस्सों में उसके कई सेंटर संचालित होते हैं। उनके मुताबिक टेंडर प्रक्रिया स्थानीय स्तर पर नहीं बल्कि हेड ऑफिस के माध्यम से की जाती है।

    वहीं IDA के CEO डॉ. परीक्षित झाडे ने बताया कि मुकुंद मोहन शर्मा की ओर से शिकायत प्राप्त हुई है और विभागीय स्तर पर इसकी जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि यदि जांच में किसी तरह की गड़बड़ी सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मामला आरोप और जांच के स्तर पर है और क्राइम ब्रांच की पड़ताल के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि दस्तावेजों का वास्तव में किस तरह इस्तेमाल हुआ और टेंडर प्रक्रिया में किसी नियम का उल्लंघन हुआ या नहीं।