Tag: Indore crime news

  • कोच के दस्तावेजों पर IDA का स्विमिंग पूल टेंडर? बिना अनुमति इस्तेमाल का आरोप, संस्था ने कहा- आरोप बेबुनियाद

    कोच के दस्तावेजों पर IDA का स्विमिंग पूल टेंडर? बिना अनुमति इस्तेमाल का आरोप, संस्था ने कहा- आरोप बेबुनियाद


    इंदौर  इंदौर में स्विमिंग पूल संचालन के एक टेंडर को लेकर गंभीर विवाद सामने आया है। दिल्ली के रिटायर्ड इंटरनेशनल स्विमिंग कोच मुकुंद मोहन शर्मा ने आरोप लगाया है कि उनके शैक्षणिक और पेशेवर दस्तावेजों का कथित रूप से बिना अनुमति इस्तेमाल कर इंदौर डेवलपमेंट अथॉरिटी यानी IDA का स्विमिंग पूल संचालन का ठेका हासिल किया गया। कोच का दावा है कि उन्होंने ये दस्तावेज केवल दिल्ली के तालकटोरा स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के टेंडर में भाग लेने के लिए एक संस्था को दिए थे लेकिन बाद में उन्हीं दस्तावेजों का इस्तेमाल इंदौर के टेंडर में कर लिया गया। मामला सामने आने के बाद उन्होंने इंदौर पुलिस कमिश्नर से शिकायत की है और अब क्राइम ब्रांच मामले में FIR दर्ज करने की तैयारी कर रही है।

    मुकुंद मोहन शर्मा के अनुसार वह वर्ष 2022 में अपने छात्र संदीप तोकस के माध्यम से देवा स्विमिंग इंस्टीट्यूट से जुड़े थे। इसके बाद 21 फरवरी 2023 को उन्होंने संस्था के डायरेक्टर देवेंद्र लांबा और उनकी पत्नी मधुलिका को अपने शैक्षणिक और पेशेवर योग्यता से जुड़े दस्तावेज दिए थे। उनका कहना है कि ये दस्तावेज केवल नई दिल्ली के तालकटोरा स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के स्विमिंग पूल संचालन के टेंडर में इस्तेमाल करने के लिए दिए गए थे। बाद में वह टेंडर निरस्त हो गया।

    कोच का आरोप है कि टेंडर निरस्त होने के बाद उन्होंने अपने दस्तावेजों को किसी अन्य सरकारी अर्धसरकारी या निजी संस्था की टेंडर प्रक्रिया में इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं दी थी। इसके बावजूद उन्हीं दस्तावेजों का इस्तेमाल इंदौर में IDA के स्विमिंग पूल संचालन का ठेका हासिल करने में किया गया। शर्मा के मुताबिक 8 सितंबर 2023 को IDA का अनुबंध हासिल किया गया था। उनका दावा है कि पूरी प्रक्रिया में उनसे किसी तरह की लिखित अनुमति या सहमति नहीं ली गई।

    सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि शर्मा को कथित दस्तावेज दुरुपयोग की जानकारी करीब तीन साल बाद जनवरी 2026 में मिली। एक परिचित के माध्यम से उन्हें पता चला कि उनके दस्तावेज इंदौर के IDA टेंडर में लगाए गए हैं। इसके बाद उन्होंने IDA के CEO को ईमेल के जरिए शिकायत की। 25 फरवरी को उन्होंने मामले की जानकारी देते हुए ईमेल भेजा और 7 मार्च को रिमाइंडर भी भेजा। कई महीने तक स्पष्ट कार्रवाई या जांच की जानकारी नहीं मिलने के बाद उन्होंने लिखित शिकायत के साथ शपथपत्र भी दिया।

    शर्मा ने यह भी आशंका जताई है कि उनके शैक्षणिक और पेशेवर दस्तावेजों का इस्तेमाल अन्य शहरों में स्विमिंग पूल के टेंडर लाइसेंस या परमिट हासिल करने के लिए भी किया गया हो सकता है। उन्होंने स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया के लखनऊ स्थित रीजनल सेंटर के स्विमिंग पूल से जुड़ी टेंडर प्रक्रिया में भी अपने दस्तावेजों के इस्तेमाल की जांच कराने की मांग की है।

    हालांकि देवा स्विमिंग इंस्टीट्यूट के संचालक देवेंद्र लांबा ने शर्मा के आरोपों को पूरी तरह गलत और निराधार बताया है। उनका कहना है कि शर्मा पहले उनके संस्थान से जुड़े थे और उनकी शैक्षणिक योग्यता तथा उपलब्धियों से संबंधित दस्तावेज संस्था के रिकॉर्ड में उपलब्ध थे। लांबा के मुताबिक किसी कोच या कर्मचारी के संस्थान से जुड़ने पर उसकी योग्यता और उपलब्धियों के दस्तावेज रिकॉर्ड में रखना सामान्य प्रक्रिया है। उन्होंने कहा कि क्राइम ब्रांच की शिकायत के बाद संस्था अपना जवाब दे चुकी है और जरूरत पड़ने पर संबंधित दस्तावेज और अंडरटेकिंग भी जांच एजेंसी को उपलब्ध कराई जाएगी।

    लांबा ने यह भी कहा कि देवा स्विमिंग इंस्टीट्यूट का हेड ऑफिस गुरुग्राम में है और देश के अलग-अलग हिस्सों में उसके कई सेंटर संचालित होते हैं। उनके मुताबिक टेंडर प्रक्रिया स्थानीय स्तर पर नहीं बल्कि हेड ऑफिस के माध्यम से की जाती है।

    वहीं IDA के CEO डॉ. परीक्षित झाडे ने बताया कि मुकुंद मोहन शर्मा की ओर से शिकायत प्राप्त हुई है और विभागीय स्तर पर इसकी जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि यदि जांच में किसी तरह की गड़बड़ी सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मामला आरोप और जांच के स्तर पर है और क्राइम ब्रांच की पड़ताल के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि दस्तावेजों का वास्तव में किस तरह इस्तेमाल हुआ और टेंडर प्रक्रिया में किसी नियम का उल्लंघन हुआ या नहीं।

  • इंदौर के दोहरे हत्याकांड में मासूम की गवाही पर टिकी नजर, घटना के तुरंत बाद रिकॉर्ड हुआ बयान जांच में बनेगा अहम कड़ी

    इंदौर के दोहरे हत्याकांड में मासूम की गवाही पर टिकी नजर, घटना के तुरंत बाद रिकॉर्ड हुआ बयान जांच में बनेगा अहम कड़ी


    इंदौर  इंदौर के कनाड़िया थाना क्षेत्र के झलारिया गांव में हुए मां बेटी हत्याकांड की जांच में अब 8 साल के मासूम बेटे का बयान बेहद अहम माना जा रहा है। पुलिस के मुताबिक आरोपी पिता सुनील चौहान ने पहले पत्नी अनीता की हत्या की और इसके बाद दोनों बच्चों को हिंगोनिया तालाब में फेंक दिया। इस घटना में 10 वर्षीय बेटी माही की मौत हो गई जबकि 8 वर्षीय बेटा अजय किसी तरह अपनी जान बचाकर तालाब से बाहर निकल आया। इसके बाद उसने पुलिस को पूरी घटना की जानकारी दी। घटना के बाद पुलिस ने बच्चे का बयान मोबाइल में रिकॉर्ड किया था। बताया जा रहा है कि यह वीडियो करीब 2 मिनट 8 सेकंड का है। बाद में बच्चे का बयान अदालत में भी दर्ज कराया गया। घटना और बच्चे के पुलिस को दिए बयान की जानकारी की पुष्टि कई रिपोर्टों में हुई है।

    पुलिस के अनुसार तालाब में फेंके जाने के बाद बच्चे ने अपनी जान बचाने के लिए खुद को मृत होने का आभास दिया और मौका मिलते ही पानी से बाहर निकलकर सड़क की ओर पहुंचा। वहां गश्त कर रही पुलिस टीम की नजर उस पर पड़ी। गीले कपड़ों और घबराए हुए बच्चे ने पुलिस को जो जानकारी दी उसके बाद तालाब में तलाश अभियान शुरू किया गया। कई घंटे की मशक्कत के बाद उसकी बहन का शव बरामद किया गया। इस तरह घटना के तुरंत बाद सामने आया बच्चे का बयान पुलिस के लिए शुरुआती जांच का महत्वपूर्ण आधार बना।

    अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि अदालत में 8 साल के बच्चे की गवाही कितनी महत्वपूर्ण होगी। कानूनी तौर पर केवल उम्र कम होने की वजह से किसी बच्चे की गवाही को खारिज नहीं किया जाता। अदालत यह देखती है कि बच्चा सवाल समझने और उनके जवाब तार्किक तरीके से देने में सक्षम है या नहीं। यदि अदालत को लगता है कि बच्चा घटनाक्रम को समझने और सही तरीके से बताने की क्षमता रखता है तो उसकी गवाही को साक्ष्य के रूप में महत्व दिया जा सकता है। हालांकि अंतिम निर्णय अदालत ही करेगी और बयान की विश्वसनीयता दूसरे उपलब्ध साक्ष्यों के साथ परखी जाएगी।

    इस मामले में घटना के तुरंत बाद दिया गया बयान भी जांच के लिहाज से महत्वपूर्ण है। बच्चे ने घटना के कुछ ही समय बाद पुलिस को जानकारी दी थी। ऐसे बयान की जांच करते समय पुलिस और अदालत परिस्थितियों तथा दूसरे साक्ष्यों से उसका मिलान कर सकती है। वीडियो रिकॉर्डिंग भी जांच में उपयोगी हो सकती है लेकिन केवल वीडियो बन जाना अपने आप में पर्याप्त नहीं माना जाता। डिजिटल रिकॉर्ड को कानून के मुताबिक सुरक्षित और प्रमाणित तरीके से अदालत के सामने पेश करना जरूरी होगा।

    मामले में पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट घटनास्थल से मिले साक्ष्य आरोपी के बयान और अन्य परिस्थितिजन्य साक्ष्यों की भी जांच होगी। इन सभी साक्ष्यों को एक साथ देखकर अदालत यह तय करेगी कि अभियोजन पक्ष के आरोप किस हद तक साबित होते हैं। इसलिए बच्चे का बयान महत्वपूर्ण होने के बावजूद पूरे मामले का फैसला केवल एक साक्ष्य के आधार पर नहीं बल्कि समग्र साक्ष्य के आधार पर होगा।

    इस घटना का सबसे संवेदनशील पहलू मासूम की मानसिक स्थिति भी है। उसने अपनी मां और बहन को खोया है और खुद भी जानलेवा परिस्थिति से बचकर निकला है। ऐसे हादसे का बच्चे के मन पर गहरा असर पड़ सकता है। विशेषज्ञों के मुताबिक उसे सुरक्षित और भरोसेमंद माहौल देना जरूरी है। परिवार को उससे बार बार घटना पूछने के बजाय उसे भावनात्मक सहारा देना चाहिए। जरूरत पड़ने पर बाल मनोवैज्ञानिक या काउंसलर की मदद भी ली जा सकती है।

    इस पूरे मामले में एक तरफ पुलिस हत्या के आरोपों से जुड़े साक्ष्यों को मजबूत करने में जुटी है तो दूसरी तरफ मासूम के भविष्य और मानसिक सुरक्षा की चुनौती भी सामने है। मां और बहन की मौत के बाद उसकी जिंदगी पूरी तरह बदल गई है। ऐसे में अदालत में न्याय की प्रक्रिया के साथ उसकी देखभाल और पुनर्वास पर भी उतना ही ध्यान देना जरूरी होगा। आरोपी सुनील चौहान के खिलाफ पुलिस की जांच आगे बढ़ रही है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

  • इंदौर में गड्ढा बंद करने पहुंची गैस कंपनी की टीम से विवाद, मारपीट के आरोपों पर आमने-सामने कंपनी और पार्षद

    इंदौर में गड्ढा बंद करने पहुंची गैस कंपनी की टीम से विवाद, मारपीट के आरोपों पर आमने-सामने कंपनी और पार्षद


    इंदौर । इंदौर के शीतल नगर में अवंतिका गैस लिमिटेड के कर्मचारियों के साथ कथित मारपीट को लेकर विवाद सामने आया है। कंपनी के कर्मचारियों ने आरोप लगाया है कि 14 अगस्त की रात खुले गड्ढे को बंद करने पहुंची टीम के साथ पार्षद बालमुकुंद सोनी और उनके साथियों ने विवाद किया और मारपीट की। कंपनी का दावा है कि घटना में कर्मचारी मनोज के चेहरे पर गंभीर सूजन आ गई है और उसका जबड़ा तक नहीं खुल पा रहा है। दूसरे कर्मचारी खंटूस के भी डरे होने की बात सामने आई है। दूसरी ओर पार्षद बालमुकुंद सोनी ने मारपीट के आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया है और कहा है कि उन्होंने किसी कर्मचारी के साथ मारपीट नहीं की।

    कंपनी के सुपरवाइजर अर्जुन गुर्जर के मुताबिक 14 अगस्त की रात टीम को शीतल नगर में एक खुले गड्ढे को बंद करने के लिए भेजा गया था। कर्मचारियों ने मौके पर पहुंचकर काम शुरू किया था। इसी दौरान पार्षद बालमुकुंद सोनी अपने कुछ साथियों के साथ वहां पहुंचे। आरोप है कि काम को लेकर पहले बहस हुई और इसके बाद कर्मचारियों के साथ गाली गलौज और मारपीट की गई।

    कंपनी के कर्मचारियों का आरोप है कि विवाद के दौरान उन्हें दोबारा क्षेत्र में दिखाई नहीं देने की धमकी भी दी गई। कर्मचारियों के मुताबिक उन्हें चेतावनी दी गई कि यदि वे फिर गड्ढा खोदने या काम करने आए तो गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। कंपनी का यह भी आरोप है कि जाते समय कर्मचारियों को धमकी दी गई कि यदि अवंतिका गैस की गाड़ी दोबारा क्षेत्र में दिखाई दी तो उसे आग लगा दी जाएगी। हालांकि इन आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

    सुपरवाइजर अर्जुन गुर्जर का कहना है कि घटना के दौरान पुलिस को फोन किया गया था लेकिन तत्काल मौके पर पुलिस नहीं पहुंची। बाद में विवाद में शामिल बताए जा रहे लोग वहां से चले गए। कंपनी की ओर से पुलिस को शिकायत दिए जाने की बात कही गई है। कंपनी का दावा है कि शिकायत में आरोपियों के नाम बताए गए थे लेकिन बाद में दर्ज मामले में अज्ञात लोगों का उल्लेख किया गया। इसी वजह से पुलिस की कार्रवाई को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।

    कंपनी के मुताबिक मारपीट के बाद कर्मचारियों में डर का माहौल है। उनका कहना है कि यदि किसी क्षेत्र में जरूरी गैस पाइपलाइन का काम करना हो और कर्मचारियों को सुरक्षा का भरोसा नहीं मिले तो काम करना मुश्किल हो जाता है। कंपनी ने यह भी कहा है कि पाइपलाइन से जुड़ा काम केवल सामान्य खुदाई नहीं है बल्कि गैस आपूर्ति और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ा मामला है।

    अवंतिका गैस का कहना है कि संबंधित पाइपलाइन कार्य के लिए उसके पास नगर निगम की अनुमति है। कंपनी के अनुसार बारिश के मौसम में कुछ स्थानों पर पाइपलाइन में लीकेज की आशंका को देखते हुए जरूरी काम किया जा रहा है। प्रभावित हिस्से में नई तकनीक के माध्यम से वैकल्पिक व्यवस्था तैयार करने की कोशिश भी की जा रही है ताकि उपभोक्ताओं को गैस सप्लाई में परेशानी न हो और किसी संभावित दुर्घटना को रोका जा सके।

    वहीं पार्षद बालमुकुंद सोनी ने कंपनी के आरोपों से इनकार करते हुए पूरे विवाद की अलग तस्वीर पेश की है। उनका कहना है कि करीब 15 दिन पहले रेडिसन होटल के पास अवंतिका गैस कंपनी खुदाई कर रही थी। उन्होंने वहां से नर्मदा पाइपलाइन गुजरने की जानकारी कर्मचारियों को दी थी और खुदाई से मना किया था। पार्षद के मुताबिक इसके बावजूद खुदाई के कारण नर्मदा पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गई जिसके चलते करीब 700 परिवारों को दो दिन तक पानी की परेशानी हुई। उनका दावा है कि प्रभावित परिवारों के लिए उन्होंने टैंकरों से पानी उपलब्ध कराया।

    सोनी के मुताबिक 14 अगस्त की रात उन्हें क्षेत्र में कंपनी के लोगों के पहुंचने की जानकारी मिली थी। उन्होंने पुलिस को सूचना देने के साथ कर्मचारियों को समझाने की कोशिश की कि वहां काम न किया जाए। उनका कहना है कि बाद में वरिष्ठ कार्यकर्ताओं से चर्चा के बाद भी काम रोकने की सलाह दी गई। पार्षद का साफ कहना है कि उन्होंने या उनके साथियों ने किसी कर्मचारी के साथ मारपीट नहीं की।

    इस पूरे विवाद के बीच 23 जून को इंदौर में अवंतिका गैस की पाइपलाइन में हुए विस्फोट की घटना भी चर्चा में है। मंगल मॉल के पीछे जैन मंदिर के पास ड्रिलिंग के दौरान गैस पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने के बाद धमाका हुआ था। इस घटना में कई लोग प्रभावित हुए थे। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक इस घटना ने गैस पाइपलाइन के आसपास खुदाई और सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए थे।

    अब शीतल नगर का विवाद केवल मारपीट के आरोपों तक सीमित नहीं रह गया है। पुलिस के सामने यह स्पष्ट करने की चुनौती है कि घटना के दौरान वास्तव में क्या हुआ था। क्या कर्मचारियों के साथ मारपीट हुई थी या काम रोकने को लेकर विवाद बढ़ा था। क्या कर्मचारियों को धमकी दी गई और क्या संबंधित काम के लिए कंपनी के पास आवश्यक अनुमति थी। इन सभी सवालों का जवाब पुलिस जांच और उपलब्ध साक्ष्यों से सामने आएगा।

    कंपनी और पार्षद दोनों पक्षों के अलग अलग दावे सामने आने के बाद मामले में निष्पक्ष जांच महत्वपूर्ण हो गई है। यदि मारपीट और धमकी के आरोप सही पाए जाते हैं तो जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई हो सकती है। वहीं यदि विवाद की वजह पाइपलाइन या खुदाई से जुड़ी कोई वास्तविक समस्या थी तो उस पहलू की भी जांच जरूरी होगी। फिलहाल पुलिस की जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।

  • डेढ़ बजे राऊ में पुलिस की दबिश से मची भगदड़, जुआरी बाइक छोड़कर भागे; अड्डा संचालक की तलाश शॉर्ट डिस्क्रिप्शन

    डेढ़ बजे राऊ में पुलिस की दबिश से मची भगदड़, जुआरी बाइक छोड़कर भागे; अड्डा संचालक की तलाश शॉर्ट डिस्क्रिप्शन


    इंदौर । इंदौर के राऊ इलाके में शनिवार देर रात पुलिस की कार्रवाई से जुआरियों में भगदड़ मच गई। पुलिस टीम ने पेट्रोल पंप के पास कथित रूप से संचालित जुए के अड्डे पर करीब रात डेढ़ बजे दबिश दी। पुलिस की गाड़ियां देखते ही वहां मौजूद जुआरी अपनी बाइक और ताश के पत्ते मौके पर छोड़कर खेतों की ओर भाग गए। अंधेरा होने के कारण कई संदिग्ध पुलिस की पकड़ में नहीं आ सके। पुलिस टीम ने मौके पर खड़ी आधा दर्जन से ज्यादा बाइक जब्त की हैं और उन्हें थाने ले जाया गया है। पुलिस अब वाहनों के आधार पर फरार जुआरियों की पहचान करने का प्रयास कर रही है।

    जानकारी के मुताबिक इंदौर जोन-1 के डीसीपी नरेंद्र रावत को राऊ इलाके में बड़े स्तर पर जुआ संचालित होने की सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर पुलिस अधिकारियों ने स्थानीय टीम को कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद अलग अलग पुलिस टीमों को तैयार कर देर रात संदिग्ध स्थान पर भेजा गया। पुलिस को पेट्रोल पंप के आसपास जुआ चलाए जाने की जानकारी मिली थी। इसी सूचना के आधार पर टीम ने रात करीब डेढ़ बजे मौके पर पहुंचकर घेराबंदी शुरू की।

    पुलिस के पहुंचते ही वहां मौजूद लोगों को कार्रवाई की भनक लग गई। पुलिस की गाड़ियां देखकर जुआ खेल रहे लोग मौके से भागने लगे। कई जुआरी खेतों की तरफ दौड़ गए। रात का अंधेरा होने के कारण पुलिस के लिए खेतों में भागे लोगों का पीछा करना मुश्किल रहा। भागने के दौरान जुआरी अपनी बाइक तक मौके पर छोड़ गए। पुलिस को वहां ताश के पत्ते भी मिले हैं। इसके बाद पुलिस ने मौके पर मौजूद वाहनों को जब्त कर लिया।

    पुलिस अब जब्त की गई बाइकों के नंबर और दस्तावेजों के आधार पर उनके मालिकों की जानकारी जुटा रही है। इसके जरिए यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि मौके पर कौन कौन लोग मौजूद थे। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि जब्त वाहन वास्तव में जुआ खेलने आए लोगों के थे या किसी अन्य व्यक्ति के नाम पर पंजीकृत हैं। जांच के दौरान सामने आने वाली जानकारी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

    पुलिस सूत्रों के मुताबिक राऊ क्षेत्र में जिस स्थान पर कार्रवाई की गई वहां पिछले कुछ दिनों से जुआ संचालित होने की जानकारी मिल रही थी। बताया जा रहा है कि करीब एक सप्ताह से यहां लोगों की आवाजाही बढ़ी हुई थी। पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस गतिविधि के पीछे कौन लोग थे और कथित जुए का अड्डा किसके इशारे पर चल रहा था।

    इस कार्रवाई को हाल में इंदौर के दूसरे इलाकों में जुए के खिलाफ हुई पुलिस कार्रवाई से भी जोड़कर देखा जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक कुछ दिन पहले क्राइम ब्रांच ने लसूड़िया थाना क्षेत्र के महालक्ष्मी नगर में कार्रवाई करते हुए बड़ी संख्या में जुआरियों को पकड़ा था। उस कार्रवाई में करीब दो दर्जन लोगों के पकड़े जाने और बड़ी रकम बरामद होने की जानकारी सामने आई थी। इसके बाद कथित तौर पर जुए से जुड़े कुछ लोगों ने राऊ इलाके में अपना नया ठिकाना बना लिया था। हालांकि इस कड़ी की आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही होगी।

    राऊ पुलिस की देर रात हुई कार्रवाई के बाद इलाके में जुआ संचालकों और जुआ खेलने वालों के बीच हड़कंप की स्थिति है। पुलिस अब जब्त बाइकों के जरिए फरार आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। इसके अलावा आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों की मदद से भी संदिग्धों की पहचान की जा सकती है।

    फिलहाल पुलिस ने मौके से मिले वाहनों और ताश के पत्तों को जांच में शामिल किया है। पुलिस का कहना है कि फरार लोगों की पहचान और भूमिका सामने आने के बाद संबंधित कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई से एक बात साफ है कि पुलिस को यदि किसी क्षेत्र में लंबे समय से जुआ संचालित होने की सूचना मिलती है तो वह देर रात भी कार्रवाई करने से पीछे नहीं हट रही है।

  • इंदौर में चोरी की दो वारदातों से हड़कंप, घर से नकदी-जेवर और मोबाइल दुकान से 5 फोन समेत इलेक्ट्रॉनिक सामान चोरी

    इंदौर में चोरी की दो वारदातों से हड़कंप, घर से नकदी-जेवर और मोबाइल दुकान से 5 फोन समेत इलेक्ट्रॉनिक सामान चोरी


    इंदौर इंदौर में चोरी की दो अलग-अलग वारदातों ने पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। हीरानगर थाना क्षेत्र में चोर रात के समय एक किराए के मकान में घुस गए और परिवार के सोते रहने के दौरान अलमारी का लॉकर तोड़कर नकदी और जेवर लेकर फरार हो गए। वारदात की पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई है जिसमें दो संदिग्ध नजर आ रहे हैं। पुलिस फुटेज के आधार पर आरोपियों की तलाश में जुटी है। दूसरी घटना राजेंद्र नगर क्षेत्र में सामने आई जहां चोरों ने एक मोबाइल दुकान को निशाना बनाया और मोबाइल फोन के साथ लैपटॉप तथा अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामान चोरी कर लिया।

    हीरानगर पुलिस ने श्याम नगर निवासी 39 वर्षीय अभिषेक हजारी की शिकायत पर चोरी का मामला दर्ज किया है। अभिषेक निजी कंपनी में काम करते हैं और घटना के समय परिवार के साथ घर में मौजूद थे। पुलिस के मुताबिक रात में चोर पहले घर के बाहर के दरवाजे तक पहुंचे। इसके बाद उन्होंने किचन की खिड़की को निशाना बनाया। खिड़की में शीशा नहीं लगा था। इसी वजह से चोर ने खिड़की के भीतर हाथ डालकर पास मौजूद दरवाजे की चिटकनी खोल ली और घर के अंदर दाखिल हो गया।

    घर में प्रवेश करने के बाद आरोपी उस कमरे तक पहुंचा जहां अलमारी रखी हुई थी। चोर ने अलमारी का लॉकर तोड़ दिया और उसमें रखी नकदी तथा कुछ जेवर निकाल लिए। पुलिस के मुताबिक अलमारी की दराज में लॉकर की चाबी भी मौजूद थी। हालांकि चोर ने लॉकर तोड़कर सामान निकाल लिया। घटना के दौरान परिवार के सदस्य घर के अंदर सो रहे थे लेकिन उन्हें चोरी की भनक तक नहीं लगी।

    सुबह घटना की जानकारी मिलने के बाद परिवार ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस टीम मौके पर पहुंची और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। फुटेज में दो संदिग्ध चोर नजर आए हैं। पुलिस अब उनकी पहचान करने का प्रयास कर रही है। आरोपियों ने इलाके में दूसरे मकानों की भी रेकी की थी लेकिन कुछ जगह कुत्तों के भौंकने के कारण वे वहां ज्यादा देर नहीं रुके। पुलिस को आशंका है कि आरोपी इलाके की गतिविधियों से पहले से परिचित हो सकते हैं।

    फिलहाल फरियादी ने चोरी हुए सामान की पूरी सूची पुलिस को नहीं दी है। ऐसे में नकदी और जेवर की वास्तविक कीमत का आकलन अभी नहीं किया गया है। पुलिस का कहना है कि शिकायतकर्ता से जानकारी मिलने के बाद चोरी गए सामान का सही आंकड़ा सामने आएगा। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।

    इसी तरह राजेंद्र नगर थाना क्षेत्र में भी चोरों ने एक मोबाइल दुकान में सेंध लगाई। पुलिस ने अफजल खान की शिकायत पर चोरी का मामला दर्ज किया है। अफजल की शिव स्कॉर्य नाम से दुकान बताई गई है। चोर दुकान से पांच मोबाइल फोन एक लैपटॉप और कई मोबाइल एक्सेसरीज ले गए। इसके अलावा ग्लास गार्ड एक एलसीडी और कैमरों का डीवीआर भी चोरी होने की जानकारी सामने आई है।

    मोबाइल दुकान में चोरी के बाद पुलिस ने आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी फुटेज की जांच शुरू कर दी है। दुकान में लगे कैमरों का डीवीआर भी चोरी होने से पुलिस को जांच में अतिरिक्त चुनौती का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में आसपास की दुकानों और सड़कों पर लगे कैमरों के फुटेज से संदिग्धों की गतिविधियों का पता लगाया जा सकता है।

    लगातार सामने आ रही चोरी की घटनाओं के बीच पुलिस के सामने अब आरोपियों की पहचान कर उन्हें पकड़ने की चुनौती है। हीरानगर की घटना में सीसीटीवी फुटेज पुलिस के लिए अहम सुराग माना जा रहा है जबकि राजेंद्र नगर की वारदात में चोरी किए गए सामान और आरोपियों के आने जाने के रास्ते की जांच की जा रही है। पुलिस दोनों मामलों में अलग-अलग स्तर पर जांच कर रही है और आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि इन वारदातों के पीछे एक ही गिरोह का हाथ है या अलग-अलग चोर सक्रिय हैं।

  • इंदौर में युवक की मौत से सनसनी, पुलिस ट्रेनिंग कर रही युवती से प्रेम की बात सामने आई; सुसाइड नोट नहीं मिला

    इंदौर में युवक की मौत से सनसनी, पुलिस ट्रेनिंग कर रही युवती से प्रेम की बात सामने आई; सुसाइड नोट नहीं मिला


    इंदौर  इंदौर के खुड़ैल थाना क्षेत्र में 27 वर्षीय युवक की मौत का मामला सामने आया है। युवक का शव देवगुराड़िया की मानसरोवर कॉलोनी स्थित उसके किराए के कमरे में मिला। मृतक की पहचान आयुष पिता उत्तम गोस्वामी के रूप में हुई है। वह मूल रूप से सागर का रहने वाला था और पिछले कुछ महीनों से इंदौर में रहकर निजी कंपनी में ड्राइवर का काम कर रहा था। शुरुआती पुलिस जांच में उसके इंदौर आने की वजह सागर की एक युवती से प्रेम संबंध होने की बात सामने आई है। युवती इंदौर में पुलिस ट्रेनिंग कर रही थी। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और मौत की वास्तविक परिस्थितियों का पता लगाने के लिए परिजनों और परिचितों से जानकारी जुटाई जा रही है।

    पुलिस के मुताबिक शनिवार को आयुष किसी का फोन नहीं उठा रहा था। लगातार संपर्क करने की कोशिश के बाद उसके मकान मालिक से बात की गई। मकान मालिक जब कमरे पर पहुंचा तो अंदर आयुष का शव मिला। घटना की जानकारी तत्काल पुलिस और परिवार को दी गई। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई शुरू की। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।

    जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि आयुष पिछले कुछ महीनों से इंदौर में रह रहा था। उसके दोस्तों और परिचितों से पूछताछ में सामने आया कि सागर की रहने वाली एक युवती से उसका प्रेम संबंध था। बताया गया है कि युवती इंदौर में पुलिस ट्रेनिंग के लिए आई थी। इसके बाद आयुष भी इंदौर आने की जिद करने लगा था। परिवार के मुताबिक वह कुछ समय पहले इंदौर आया और यहां निजी कंपनी में ड्राइवर की नौकरी करने लगा।

    फिलहाल पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि युवक की मौत से पहले उसकी मानसिक स्थिति कैसी थी और पिछले कुछ दिनों में उसकी किन लोगों से बातचीत हुई थी। पुलिस उसके मोबाइल फोन और अन्य उपलब्ध जानकारी की भी जांच कर सकती है ताकि घटनाक्रम की पूरी कड़ी सामने आ सके। हालांकि शुरुआती जानकारी में प्रेम प्रसंग को वजह बताए जाने के बावजूद पुलिस ने अभी इसे मौत का अंतिम कारण नहीं माना है।

    आयुष के कमरे से कोई सुसाइड नोट नहीं मिलने की बात सामने आई है। ऐसे में पुलिस के लिए यह पता लगाना महत्वपूर्ण होगा कि घटना से पहले युवक के साथ क्या परिस्थितियां बनी थीं। उसके परिवार और दोस्तों के बयान भी जांच में अहम हो सकते हैं। पुलिस यह भी पता कर रही है कि क्या युवक किसी तनाव या अन्य व्यक्तिगत परेशानी से गुजर रहा था।

    आयुष अपने परिवार में चार बहनों का इकलौता भाई था। उसकी मौत की खबर मिलते ही सागर स्थित परिवार में मातम छा गया। परिजनों के लिए यह घटना इसलिए भी बेहद दुखद है क्योंकि परिवार को आयुष से भविष्य को लेकर कई उम्मीदें थीं। इंदौर में नौकरी करते हुए वह अपने जीवन को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहा था।

    पुलिस मामले में हर संभावित पहलू की जांच कर रही है। प्रेम प्रसंग से जुड़ी जानकारी को भी इसी जांच का हिस्सा बनाया गया है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि युवती के साथ आयुष का संबंध किस तरह का था और क्या घटना से पहले दोनों के बीच किसी तरह की बातचीत या विवाद हुआ था। हालांकि किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले पुलिस को पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच से सामने आने वाले तथ्यों का इंतजार करना होगा।

    फिलहाल खुड़ैल पुलिस ने मामला जांच में लिया है। पोस्टमार्टम और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का मुख्य उद्देश्य मौत की वास्तविक वजह और उससे पहले की परिस्थितियों को स्पष्ट करना है। वहीं परिवार और परिचितों से पूछताछ के बाद मामले से जुड़े कई और तथ्य सामने आने की उम्मीद है।

  • MD की डिलीवरी से पहले पुलिस ने दबोचा आरोपी, नाबालिग भी साथ; चंदन नगर में शराब तस्करी पर 3 गिरफ्तार

    MD की डिलीवरी से पहले पुलिस ने दबोचा आरोपी, नाबालिग भी साथ; चंदन नगर में शराब तस्करी पर 3 गिरफ्तार


    इंदौर  इंदौर में नशे और अवैध शराब के कारोबार के खिलाफ पुलिस ने एक साथ दो थाना क्षेत्रों में कार्रवाई की है। खजराना और चंदन नगर पुलिस की अलग अलग कार्रवाई में कुल पांच आरोपियों को पकड़ा गया है। खजराना पुलिस ने करीब 100 ग्राम MD ड्रग के साथ एक युवक और एक नाबालिग को पकड़ा है। पुलिस के मुताबिक दोनों किसी अन्य व्यक्ति को ड्रग की डिलीवरी देने के लिए इलाके में पहुंचे थे। वहीं चंदन नगर पुलिस ने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर ड्राय डे के बावजूद अवैध तरीके से शराब बेचने के आरोप में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से हजारों रुपए कीमत की शराब जब्त की है।

    खजराना पुलिस की कार्रवाई में पकड़े गए युवक की पहचान राहुल पिता मनोहर परमार के रूप में हुई है। वह देवास के चाणक्यपुरी और सिविल लाइंस क्षेत्र का निवासी बताया गया है। पुलिस के साथ कार्रवाई के दौरान एक नाबालिग भी पकड़ा गया। पुलिस का दावा है कि दोनों के कब्जे से करीब 100 ग्राम MD बरामद हुई है। दोनों कथित तौर पर इलाके में किसी अन्य व्यक्ति तक ड्रग पहुंचाने के लिए आए थे।

    पुलिस ने जब्त की गई सामग्री को जांच के लिए सुरक्षित किया है और अब इस पूरे नेटवर्क की पड़ताल की जा रही है। पूछताछ के दौरान पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि MD कहां से लाई गई थी और इसे किस व्यक्ति तक पहुंचाया जाना था। इसके अलावा पुलिस यह भी जांच कर रही है कि आरोपी पहले से किसी नशे के नेटवर्क से जुड़े हुए थे या नहीं। मामले में आगे की जांच के आधार पर अन्य लोगों की भूमिका सामने आने की संभावना है।

    नाबालिग की भूमिका को लेकर भी पुलिस जांच कर रही है। चूंकि वह उम्र में कम है इसलिए उसके संबंध में कार्रवाई किशोर न्याय से जुड़े प्रावधानों के तहत की जाएगी। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि नाबालिग को कथित तौर पर ड्रग की तस्करी में किस तरह शामिल किया गया और उसके पीछे किसी बड़े नेटवर्क की भूमिका तो नहीं है।

    दूसरी कार्रवाई चंदन नगर थाना क्षेत्र में हुई जहां पुलिस ने 15 अगस्त को ड्राय डे के दौरान अवैध शराब बेचने के आरोप में तीन लोगों को गिरफ्तार किया। पुलिस के मुताबिक पकड़े गए आरोपियों की पहचान सत्या पिता कालू वसुनिया निवासी चंदन नगर रईस पिता मोहम्मद शकुर पठान निवासी सहयोग नगर और प्रदीप पिता ओमप्रकाश सेन निवासी सिरपुर के रूप में हुई है।

    पुलिस ने तीनों के कब्जे से हजारों रुपए कीमत की शराब जब्त करने का दावा किया है। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने यह भी जानकारी जुटाई कि आरोपी ड्राय डे के बावजूद शराब की बिक्री कर रहे थे। स्वतंत्रता दिवस के मौके पर शराब की बिक्री पर प्रतिबंध के बीच हुई इस कार्रवाई को पुलिस की निगरानी से जोड़कर देखा जा रहा है।

    चंदन नगर पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों में शामिल रईस को कुछ समय पहले जिलाबदर किया गया था। इसके बावजूद उसके इलाके में मौजूद रहने और कथित तौर पर अवैध शराब का कारोबार करने की जानकारी सामने आई है। पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि जिलाबदर की कार्रवाई के बाद वह इंदौर में कैसे पहुंचा और क्या उसके खिलाफ पहले से दर्ज मामलों की भी कोई भूमिका है।

    दोनों मामलों में पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में कार्रवाई शुरू कर दी है। MD बरामदगी के मामले में पुलिस का फोकस ड्रग की सप्लाई चेन तक पहुंचने पर है जबकि शराब के मामले में यह जांच की जा रही है कि ड्राय डे के दौरान शराब कहां से लाई गई और इसके पीछे कोई बड़ा सप्लाई नेटवर्क तो सक्रिय नहीं था।

    इंदौर पुलिस की इन कार्रवाइयों से साफ है कि स्वतंत्रता दिवस जैसे ड्राय डे के दौरान भी अवैध शराब बिक्री और नशीले पदार्थों की तस्करी पर निगरानी रखी गई। हालांकि आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।

  • मोबाइल दुकान का ताला तोड़कर लाखों की चोरी, 50 स्मार्टफोन और कैश लेकर भागे बदमाश

    मोबाइल दुकान का ताला तोड़कर लाखों की चोरी, 50 स्मार्टफोन और कैश लेकर भागे बदमाश


    मध्य प्रदेश । इंदौर में लगातार बढ़ रही चोरी की घटनाओं के बीच विजयनगर थाना क्षेत्र में एक मोबाइल व्यापारी की दुकान को निशाना बनाकर बदमाशों ने लाखों रुपए की चोरी की वारदात को अंजाम दिया। शनिवार और रविवार की दरमियानी रात हुई इस घटना में चोर दुकान का ताला तोड़कर अंदर घुसे और करीब 50 मोबाइल फोन, मोबाइल एसेसरीज तथा हजारों रुपए की नकदी लेकर फरार हो गए। घटना की जानकारी रविवार सुबह दुकान मालिक के पहुंचने पर सामने आई।

    जानकारी के अनुसार, गोल्डन फार्म निरंजनपुर निवासी अभिषेक तिवारी की विजयनगर क्षेत्र स्थित शेखर टावर में ‘मोबाइल जोन’ नाम से दुकान है। रोज की तरह शनिवार रात दुकान बंद कर वे घर चले गए थे। रविवार सुबह जब उन्होंने दुकान खोली तो सामने का नजारा देखकर उनके होश उड़ गए। दुकान के शटर के ताले टूटे हुए थे और अंदर का सामान बिखरा पड़ा था।

    दुकान की जांच करने पर पता चला कि अज्ञात बदमाश दुकान से बड़ी संख्या में मोबाइल फोन चोरी कर ले गए हैं। प्रारंभिक आकलन में करीब 50 मोबाइल फोन गायब पाए गए। इसके अलावा पावर बैंक, मोबाइल एसेसरीज और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामान भी चोरी हो गया। बदमाश दुकान में रखी करीब 41 हजार रुपए की नकदी भी अपने साथ ले गए। कुल नुकसान का आंकड़ा लाखों रुपए में बताया जा रहा है।

    घटना की सूचना मिलते ही व्यापारी ने विजयनगर थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और आसपास के क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज जुटाई है।

    प्राथमिक जांच में सामने आया है कि बदमाशों ने सुनियोजित तरीके से वारदात को अंजाम दिया। देर रात दुकान का ताला तोड़कर वे अंदर दाखिल हुए और कीमती सामान समेटकर फरार हो गए। पुलिस को उम्मीद है कि सीसीटीवी फुटेज के जरिए आरोपियों की पहचान करने में मदद मिलेगी। फुटेज में संदिग्ध गतिविधियां नजर आने की जानकारी भी सामने आई है, जिसकी जांच की जा रही है।

    व्यापारियों का कहना है कि क्षेत्र में लगातार हो रही चोरी की घटनाओं से कारोबारियों में चिंता बढ़ रही है। उन्होंने पुलिस गश्त बढ़ाने और व्यावसायिक क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है। वहीं पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर चोरी गए सामान की बरामदगी का प्रयास किया जाएगा।

    शहर में मोबाइल दुकानों और इलेक्ट्रॉनिक प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने वाली घटनाओं में हाल के समय में बढ़ोतरी देखी गई है। ऐसे में यह वारदात एक बार फिर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर रही है। पुलिस अब तकनीकी साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और स्थानीय स्तर पर जुटाई जा रही जानकारी के आधार पर बदमाशों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।

    फिलहाल व्यापारी को लाखों रुपए के नुकसान का सामना करना पड़ा है, जबकि पुलिस को उम्मीद है कि जल्द ही मामले का खुलासा कर आरोपियों को कानून के दायरे में लाया जाएगा।

  • पहले दोस्तों से मारपीट, फिर युवक पर हमला; चार आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज

    पहले दोस्तों से मारपीट, फिर युवक पर हमला; चार आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज


    मध्य प्रदेश । मध्य प्रदेश के Indore में गुरुवार देर रात एक कैफे पर हुए खूनी हमले में 22 वर्षीय युवक की मौत हो गई। द्वारकापुरी थाना क्षेत्र के विदुर नगर स्थित 60 फीट रोड पर चार युवकों ने पहले मृतक के दोस्तों के साथ मारपीट की और उन्हें वहां से भगा दिया। इसके बाद युवक पर चाकू और डंडों से ताबड़तोड़ हमला कर दिया गया। गंभीर रूप से घायल युवक को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने इस मामले में चार आरोपियों को हिरासत में लेकर हत्या का मामला दर्ज किया है। शुरुआती जांच में प्रेम प्रसंग को हत्या की मुख्य वजह माना जा रहा है।

    देर रात कैफे पर हुआ हमला
    मृतक की पहचान क्रिश श्रीवास्तव के रूप में हुई है, जो विदुर नगर का निवासी था। गुरुवार रात करीब 12 बजे वह अपने दोस्तों चेतन और आदर्श के साथ एक कैफे पर बैठा हुआ था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार इसी दौरान आरोपी बाइक से वहां पहुंचे और आते ही विवाद शुरू कर दिया। देखते ही देखते विवाद मारपीट में बदल गया। आरोपियों ने हथियार निकाल लिए, जिससे घबराकर क्रिश के दोनों दोस्त वहां से भाग गए। दोस्तों के जाने के बाद बदमाशों ने क्रिश को घेर लिया और उस पर चाकू तथा डंडों से हमला कर दिया। हमले में वह गंभीर रूप से घायल हो गया।

    अस्पताल में तोड़ा दम
    घटना की सूचना मिलते ही द्वारकापुरी पुलिस मौके पर पहुंची। परिजन और स्थानीय लोग क्रिश को तुरंत अस्पताल लेकर गए, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। हत्याकांड की सूचना मिलते ही दिशेष अग्रवाल, शिवेंदु जोशी और मनीष मिश्रा मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की।

    चार आरोपी हिरासत में
    पुलिस ने मामले में अंकित पाल, अनिकेत पाल, गौरव काला और शिवा उर्फ शिवम पाल को आरोपी बनाया है। चारों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार जांच के दौरान अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आने पर आरोपियों की संख्या बढ़ भी सकती है। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक आरोपी गौरव पर पहले से चार और अंकित पर दो आपराधिक मामले दर्ज हैं।

    प्रेम प्रसंग बना हत्या की वजह?
    जांच में सामने आया है कि मृतक और आरोपियों के बीच पहले से विवाद चल रहा था। पुलिस को आशंका है कि प्रेम प्रसंग से जुड़ा विवाद इस हत्याकांड की मुख्य वजह हो सकता है। सूत्रों के अनुसार दोनों पक्षों के बीच पहले भी कई बार कहासुनी और तनाव की स्थिति बन चुकी थी। पुलिस अब पुराने विवादों और मोबाइल कॉल रिकॉर्ड की भी जांच कर रही है, ताकि हत्या के पीछे की वास्तविक वजह सामने आ सके।

    परिवार का इकलौता बेटा था क्रिश
    क्रिश अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। वह पहले चोइथराम मंडी में बिलिंग का काम करता था, लेकिन पिछले करीब तीन महीनों से बेरोजगार था। परिवार में उसकी मां रोशनी, बड़ी बहन और पिता महेंद्र हैं। पिता मंडी में सब्जी बेचकर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। बेटे की असमय मौत से पूरा परिवार सदमे में है। घर में मातम पसरा हुआ है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

    पुलिस जुटी साक्ष्य जुटाने में
    पुलिस घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। साथ ही प्रत्यक्षदर्शियों और मृतक के दोस्तों से भी पूछताछ की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों से पूछताछ के बाद घटना से जुड़े अन्य पहलुओं का भी खुलासा हो सकता है। फिलहाल हत्या, मारपीट और अन्य संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।

  • इंदौर में देर रात खूनी संघर्ष, सड़क पर शराब पीने को लेकर दो गुटों में चाकूबाजी

    इंदौर में देर रात खूनी संघर्ष, सड़क पर शराब पीने को लेकर दो गुटों में चाकूबाजी


    मध्य प्रदेश । इंदौर के परदेशीपुरा थाना क्षेत्र में शनिवार देर रात सार्वजनिक स्थान पर शराब पीने को लेकर हुआ विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया। मामूली कहासुनी से शुरू हुआ झगड़ा कुछ ही देर में इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर धारदार हथियारों से हमला कर दिया। चाकूबाजी की इस घटना में दोनों पक्षों के कई लोग घायल हुए हैं, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने दोनों पक्षों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

    पुलिस के मुताबिक जनता क्वार्टर निवासी विनोद उर्फ पन्नू सिंह जादौन शनिवार रात करीब 11 बजे सांची पॉइंट के सामने टहल रहे थे। इसी दौरान उन्होंने कुछ युवकों को सड़क किनारे सार्वजनिक स्थान पर शराब पीते देखा। विनोद ने उन्हें समझाते हुए कहा कि यह रिहायशी इलाका है, जहां महिलाओं और परिवारों का लगातार आना-जाना रहता है, इसलिए खुलेआम शराब पीना उचित नहीं है। लेकिन उनकी यह समझाइश विवाद का कारण बन गई।

    शिकायत के अनुसार समझाने की बात सुनते ही वहां मौजूद लोगों ने गाली-गलौज शुरू कर दी। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और मारपीट की नौबत आ गई। आरोप है कि एक युवक ने विनोद के साथ हाथापाई की, जबकि दूसरे आरोपी ने चाकू निकालकर उन पर हमला कर दिया। हमले में विनोद के गले के पास गंभीर चोट आई और वह लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़े।

    घटना के बाद माहौल और तनावपूर्ण हो गया। जानकारी मिलने पर विनोद पक्ष के अन्य लोग भी मौके पर पहुंच गए। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच हिंसक टकराव शुरू हो गया। आरोप है कि जवाबी कार्रवाई में दूसरे पक्ष के लोगों पर भी चाकुओं से हमला किया गया, जिससे कई लोग घायल हो गए। एक युवक के सिर और चेहरे पर गंभीर चोटें आईं, जबकि अन्य के शरीर पर भी कई घाव पाए गए। दूसरे पक्ष के एक सदस्य ने भी शिकायत दर्ज कराते हुए आरोप लगाया कि उस पर चाकू से हमला किया गया, जिससे उसके पैर में गंभीर चोट आई।

    सूचना मिलते ही परदेशीपुरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को नियंत्रित किया। पुलिस ने घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया और दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए। शुरुआती जांच के आधार पर दोनों ओर से प्रकरण दर्ज कर लिया गया है। कुछ आरोपी घटना के बाद से फरार बताए जा रहे हैं, जिनकी तलाश के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही है।

    जांच के दौरान यह भी सामने आया है कि विवाद में शामिल दोनों पक्षों के कुछ लोगों का आपराधिक रिकॉर्ड रहा है। पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि घटना पूर्व नियोजित थी या अचानक हुए विवाद का परिणाम। क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस सतर्कता बरत रही है।

    स्थानीय लोगों का कहना है कि सार्वजनिक स्थानों पर शराबखोरी और असामाजिक गतिविधियों के कारण आए दिन विवाद की स्थिति बनती है। ऐसे में इस घटना ने एक बार फिर कानून व्यवस्था और सार्वजनिक सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है और फरार आरोपियों की तलाश जारी है।