Tag: Indore crime news

  • इंदौर में शिकायत के बाद परिवार पर हमला, CCTV में कैद हुई पूरी घटना

    इंदौर में शिकायत के बाद परिवार पर हमला, CCTV में कैद हुई पूरी घटना


    इंदौर । इंदौर में एरोड्रम थाना क्षेत्र के अंतर्गत एक नाबालिग लड़की को अश्लील मैसेज भेजने के विवाद ने गंभीर हिंसा का रूप ले लिया। पीड़ित परिवार का आरोप है कि शिकायत करने के बाद उन्हें न्याय मिलने के बजाय मारपीट और धमकियों का सामना करना पड़ा।

    मामले की शुरुआत 23 मई को हुई बताई जा रही है, जब अंबिकापुरी निवासी एक महिला की नाबालिग बेटी को विश्व प्रताप सिंह ठाकुर द्वारा मोबाइल पर अश्लील मैसेज भेजे गए। इस घटना के बाद पीड़ित महिला अपने पति और बेटे के साथ आरोपी के घर बात करने पहुंची थी।

    परिजनों के अनुसार, बातचीत के दौरान विवाद बढ़ गया और आरोपी पक्ष आक्रामक हो गया। आरोप है कि आरोपी विश्व प्रताप के साथ उसके परिजन भी मौके पर आ गए और बिना किसी बात को सुने मारपीट शुरू कर दी। इस दौरान लकड़ी, स्टंप और लात-घूंसों से हमला किया गया, जिसमें महिला और उनकी नाबालिग बेटी भी घायल हो गईं। महिला का कहना है कि मारपीट के दौरान वह बेहोश हो गई थीं।

    घटना के बाद परिवार ने 112 पर कॉल कर पुलिस को बुलाया, जिसके बाद घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालांकि पीड़ित पक्ष का आरोप है कि पुलिस ने मामले को गंभीर धाराओं में दर्ज करने के बजाय केवल सामान्य मारपीट की धाराओं में FIR दर्ज की है।

    महिला का यह भी आरोप है कि आरोपी पक्ष प्रभावशाली है और राजनीतिक या प्रशासनिक दबाव के चलते पुलिस ने सख्त कार्रवाई नहीं की। पीड़ित परिवार ने इस मामले में डीसीपी से भी मुलाकात की है और निष्पक्ष जांच की मांग की है।

    इधर, घटना का CCTV वीडियो सामने आने के बाद मामला और गंभीर हो गया है। वीडियो में मारपीट की पुष्टि होने के बाद भी कार्रवाई को लेकर सवाल उठ रहे हैं। पीड़ित परिवार का कहना है कि घटना के बाद से उन्हें लगातार धमकियां मिल रही हैं और पुलिस से पर्याप्त सुरक्षा नहीं मिल पा रही है।

    फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है, लेकिन यह मामला अब केवल मारपीट का नहीं बल्कि पुलिस कार्रवाई और सिस्टम की संवेदनशीलता पर भी सवाल खड़े कर रहा है।

  • ICU में भर्ती बुजुर्ग महिला का सोने का कंगन गायब, मौत के बाद हुआ खुलासा; दूसरी घटना में वॉक कर रही महिला से मंगलसूत्र लूटा

    ICU में भर्ती बुजुर्ग महिला का सोने का कंगन गायब, मौत के बाद हुआ खुलासा; दूसरी घटना में वॉक कर रही महिला से मंगलसूत्र लूटा


    इंदौर । इंदौर में एक ओर जहां अस्पताल जैसी सुरक्षित मानी जाने वाली जगह से सोने के कंगन चोरी होने का मामला सामने आया है, वहीं दूसरी ओर सड़क पर बदमाशों ने महिला से मंगलसूत्र लूटकर सनसनी फैला दी है। दोनों घटनाओं ने शहर की कानून-व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

    पहला मामला एमजी रोड थाना क्षेत्र के अर्पण अस्पताल का है, जहां मूसाखेड़ी के मयूर नगर निवासी ज्योति गुप्ता की मां उमा सूर्यवंशी को 16 अप्रैल को अचानक तबीयत बिगड़ने पर भर्ती कराया गया था। उन्हें ICU में रखा गया, जहां उनके दोनों हाथों में सोने के कंगन थे। परिजनों के अनुसार, शाम को जब मरीज को ICU से बाहर लाया गया, तो एक हाथ का कंगन गायब मिला। इसके बाद उन्हें आगे इलाज के लिए गोकुलदास अस्पताल रेफर किया गया, जहां उनकी मौत हो गई।

    परिवार का कहना है कि दुख की घड़ी के कारण तत्काल शिकायत दर्ज नहीं कराई जा सकी। बाद में मामला पुलिस तक पहुंचा और एमजी रोड पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ चोरी का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब अस्पताल के CCTV फुटेज खंगाल रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि कंगन कब और कैसे गायब हुआ।

    इसी बीच शहर में दूसरी घटना ने दहशत बढ़ा दी। राजेंद्र नगर थाना क्षेत्र में वीआईपी परस्पर नगर इलाके में रात के समय टहल रही आशा सोनी नाम की महिला से बदमाश ने मंगलसूत्र लूट लिया। पुलिस के अनुसार, महिला वॉक कर रही थीं, तभी एक्टिवा सवार बदमाश अचानक उनके पास पहुंचा और झपट्टा मारकर गले से मंगलसूत्र छीनकर फरार हो गया।

    घटना के बाद महिला ने घर पहुंचकर अपने पति को जानकारी दी और अगले दिन पुलिस में एफआईआर दर्ज कराई गई। पुलिस ने संदिग्ध की तलाश शुरू कर दी है और आसपास के CCTV फुटेज खंगाले जा रहे हैं।

    इन दोनों घटनाओं के बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी और डर का माहौल है। अस्पताल से लेकर सड़कों तक बढ़ती ऐसी वारदातें पुलिस गश्त और सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल छोड़ रही हैं।

  • इंदौर में IPL सट्टा गिरोह का भंडाफोड़: घर से वेबसाइट के जरिए चला रहा था खेल, सूदखोरी का भी खुलासा

    इंदौर में IPL सट्टा गिरोह का भंडाफोड़: घर से वेबसाइट के जरिए चला रहा था खेल, सूदखोरी का भी खुलासा


    नई दिल्ली। इंदौर में आईपीएल मैचों के दौरान अवैध सट्टेबाजी का बड़ा मामला सामने आया है, जहां क्राइम ब्रांच ने एक युवक को उसके घर से गिरफ्तार किया। आरोपी अपने घर में बैठकर टीवी पर मैच देखते हुए मोबाइल फोन और वेबसाइट के जरिए सट्टा संचालित कर रहा था। पुलिस ने मौके से इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों सहित नकदी बरामद की है और अब पूरे नेटवर्क की जांच शुरू कर दी है।
    मामले का खुलासा करते हुए राजेश कुमार त्रिपाठी ने बताया कि टीम को मुखबिर से सूचना मिली थी, जिसके बाद धर्मराज कॉलोनी स्थित घर पर दबिश दी गई। यहां से शुभम उर्फ मोनू यादव को पकड़ा गया, जो उस समय लाइव आईपीएल मैच पर सट्टा लगवा रहा था।
    पुलिस के अनुसार, आरोपी दो मोबाइल फोन के जरिए एक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म का उपयोग कर सट्टेबाजी करवा रहा था। मौके से दो मोबाइल, एक एलईडी टीवी और करीब एक लाख रुपए का सामान जब्त किया गया है। मोबाइल फोन की जांच में लाखों रुपए के लेन-देन के सबूत भी मिले हैं, जिससे यह संकेत मिलता है कि सट्टे का यह नेटवर्क काफी बड़ा हो सकता है।
    पूछताछ में सामने आया कि आरोपी “Allpanelexch9.co.website” नाम की साइट के जरिए लोगों को सट्टा खेलने के लिए आईडी और पासवर्ड उपलब्ध कराता था। इसके बदले वह तय रकम वसूलता था। इतना ही नहीं, वह लोगों को सट्टा खेलने के लिए पैसे उधार भी देता था और उस पर ब्याज वसूलता था, जिससे सूदखोरी का एंगल भी इस मामले में जुड़ गया है।
    जांच में यह भी पता चला है कि आरोपी शहर के कई लोगों को गेमिंग के लिए कॉइन्स उपलब्ध कराता था, जिससे वे ऑनलाइन सट्टा खेल सकें। पुलिस अब आरोपी के बैंक खातों, ट्रांजेक्शन और उससे जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटा रही है। इस नेटवर्क से जुड़े अन्य संदिग्धों की तलाश जारी है।
    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आईपीएल जैसे बड़े आयोजनों के दौरान इस तरह की अवैध गतिविधियां बढ़ जाती हैं, जिन पर नजर रखने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। क्राइम ब्रांच अब इस मामले में तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है और उम्मीद है कि जल्द ही पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जाएगा।
  • राजा रघुवंशी हत्याकांड में बड़ा मोड़: सोनम रघुवंशी को मिली जमानत, परिवार में आक्रोश

    राजा रघुवंशी हत्याकांड में बड़ा मोड़: सोनम रघुवंशी को मिली जमानत, परिवार में आक्रोश

    इंदौर के चर्चित राजा रघुवंशी मर्डर केस में मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी को जमानत मिलने के बाद मामला फिर सुर्खियों में है। परिवार ने फैसले पर नाराजगी जताते हुए कानूनी लड़ाई जारी रखने की बात कही है।


    इंदौर के बहुचर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड में एक अहम कानूनी घटनाक्रम सामने आया है, जिसने पूरे मामले को नई दिशा दे दी है। मुख्य आरोपी Sonam Raghuvanshi को Shillong की अदालत से जमानत मिल गई है। लंबे समय से जेल में बंद सोनम की यह जमानत याचिका पहले कई बार खारिज हो चुकी थी, लेकिन इस बार अदालत ने कुछ शर्तों के साथ उसे राहत दे दी। कोर्ट के इस फैसले ने जहां आरोपी पक्ष को राहत दी है, वहीं पीड़ित परिवार के लिए यह एक बड़ा झटका साबित हुआ है।

    मामले की बात करें तो Raja Raghuvanshi की हत्या उस समय हुई थी जब वे मेघालय में हनीमून पर गए थे। इस सनसनीखेज वारदात ने पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींचा था। जांच एजेंसियों के मुताबिक यह कोई सामान्य हत्या नहीं थी, बल्कि एक सुनियोजित साजिश का हिस्सा थी। पुलिस का दावा है कि सोनम रघुवंशी ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर इस हत्या को अंजाम दिलवाया। हालांकि, यह आरोप अभी अदालत में साबित होना बाकी है।

    जमानत मिलने के बाद मृतक के परिवार ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उनका कहना है कि यह फैसला उनके लिए गहरा आघात है और उन्हें न्याय व्यवस्था से बड़ी उम्मीदें थीं। परिवार ने साफ कहा है कि वे इस फैसले के खिलाफ आगे भी कानूनी लड़ाई लड़ेंगे और सुनिश्चित करेंगे कि दोषियों को सजा मिले। उनका मानना है कि ट्रायल के दौरान सच्चाई सामने आएगी और न्याय जरूर मिलेगा।

    कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, जमानत मिलने का अर्थ यह नहीं है कि आरोपी निर्दोष साबित हो गया है। यह केवल एक अस्थायी राहत होती है, जिसमें आरोपी को कुछ शर्तों के तहत रिहाई मिलती है। इस केस में भी आगे ट्रायल जारी रहेगा, जहां गवाहों के बयान, सबूत और जांच रिपोर्ट के आधार पर अंतिम फैसला सुनाया जाएगा।

    फिलहाल यह मामला एक बार फिर चर्चा में है और आने वाले दिनों में इसमें और भी महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं। पूरे देश की नजर इस केस पर टिकी हुई है, जहां न्याय की अंतिम परिणति का इंतजार किया जा रहा है।


  • इंदौर में दोस्ती की आड़ में दरिंदगी: 12 साल की छात्रा से दुष्कर्म, जेवर-नकदी भी ठगे

    इंदौर में दोस्ती की आड़ में दरिंदगी: 12 साल की छात्रा से दुष्कर्म, जेवर-नकदी भी ठगे


    इंदौर मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी और स्वच्छता में सिरमौर इंदौर शहर से एक ऐसा दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है जिसने मानवता को शर्मसार कर दिया है। यहाँ के एक प्रतिष्ठित थाना क्षेत्र में बारह वर्षीय नाबालिग छात्रा के साथ दोस्ती के नाम पर विश्वासघात और फिर घिनौनी दरिंदगी की वारदात को अंजाम दिया गया। पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार एक युवक ने पहले मासूम बच्ची को अपने झांसे में लेकर उससे दोस्ती की और फिर एकांत का फायदा उठाकर उसे अपनी हवस का शिकार बना डाला। अपराधी की हैवानियत यहीं नहीं थमी बल्कि उसने इस कुकृत्य के बाद बच्ची को डराना और धमकाना शुरू कर दिया ताकि वह किसी को कुछ बता न सके।

    हैवानियत के बाद शुरू हुआ ब्लैकमेलिंग का खौफनाक दौर

    दुष्कर्म की इस घिनौनी वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी ने बच्ची की मासूमियत और डर का फायदा उठाते हुए उसे बदनाम करने की धमकी दी। लोक लाज और समाज के डर से सहमी छात्रा अपराधी के इशारों पर नाचने को मजबूर हो गई। आरोपी ने इसे अपनी कमाई का जरिया बना लिया और बच्ची पर घर से कीमती जेवर और नकदी लाने का भारी दबाव बनाना शुरू कर दिया। डरी-सहमी छात्रा ने बदनामी के डर से अपने ही घर की अलमारी में सेंध लगाना शुरू कर दिया और समय-समय पर घर के गहने और मेहनत की कमाई आरोपी के हवाले करती रही। आरोपी का दुस्साहस इतना बढ़ गया था कि वह लगातार और अधिक धन की मांग कर रहा था जिससे बच्ची मानसिक तनाव के गहरे भंवर में फंसती चली गई।

    परिजनों की चौकसी से उजागर हुआ दरिंदगी का राज

    इस पूरी घटना का पर्दाफाश तब हुआ जब घर की महिलाओं ने अलमारी से कीमती जेवर और नकदी को गायब पाया। पहले तो परिजनों को लगा कि घर में कोई बाहरी चोर घुस आया है लेकिन जब घर का सामान बार-बार गायब होने लगा तो उन्हें किसी करीबी पर शक हुआ। इसी दौरान उन्होंने अपनी बारह वर्षीय बेटी के व्यवहार में एक अजीब सा डर और चिड़चिड़ापन महसूस किया। जब माता-पिता ने बच्ची को विश्वास में लेकर कड़ाई से पूछताछ की तो वह फूट-फूटकर रोने लगी। छात्रा ने जो आपबीती सुनाई उसे सुनकर परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई। बच्ची ने बताया कि किस तरह दोस्ती के नाम पर उसे धोखा दिया गया और फिर उसे आर्थिक रूप से लूटने का सिलसिला शुरू हुआ।

    पुलिस की सख्त कार्रवाई और आरोपी की सरगर्मी से तलाश

    मामले की सूचना मिलते ही पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया और वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में तत्काल टीम गठित की गई। पुलिस ने छात्रा के बयान के आधार पर आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट सहित अन्य गंभीर धाराओं में प्रकरण दर्ज कर लिया है। पीड़िता को चिकित्सीय परीक्षण के लिए भेजा गया है और उसे इस सदमे से बाहर निकालने के लिए मनोवैज्ञानिकों द्वारा काउंसलिंग भी प्रदान की जा रही है। पुलिस की एक विशेष टीम आरोपी के संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है और उसके तकनीकी साक्ष्यों को खंगाला जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि अपराधी चाहे कहीं भी छिपा हो उसे जल्द ही सलाखों के पीछे भेजा जाएगा और कठोरतम दंड सुनिश्चित किया जाएगा।

  • साउथ तुकोगंज में दहशत लॉरेंस नाम पर 15 करोड़ की फिरौती और जान से मारने की धमकी

    साउथ तुकोगंज में दहशत लॉरेंस नाम पर 15 करोड़ की फिरौती और जान से मारने की धमकी


    इंदौर के साउथ तुकोगंज इलाके में एक रियल एस्टेट कारोबारी को गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम पर जान से मारने की धमकी दिए जाने का मामला सामने आया है कारोबारी संजय जैन से 15 करोड़ रुपये की फिरौती मांगी गई है जिससे क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया है

    पीड़ित के अनुसार उन्हें सबसे पहले एक अंतरराष्ट्रीय नंबर से कॉल आया जिसमें कॉल करने वाले ने खुद को गैंग का सदस्य बताया और पहचान की पुष्टि करने की कोशिश की जब संजय जैन ने इनकार किया तो आरोपी ने खुद को ‘हैरी बॉक्सर’ बताते हुए धमकी दी और कहा कि अगर पैसे नहीं दिए गए तो गंभीर परिणाम भुगतने होंगे

    कॉल के बाद भी धमकियों का सिलसिला जारी रहा और उसी नंबर से व्हाट्सएप पर वॉइस मैसेज और वीडियो कॉल आने लगे इसके अलावा एक अन्य नंबर से भी संपर्क करने की कोशिश की गई जिस पर धार्मिक तस्वीर लगी हुई थी वॉइस मैसेज में साफ तौर पर कहा गया कि रकम नहीं देने पर हत्या कर दी जाएगी

    शुरुआत में आरोपी ने 10 करोड़ रुपये की मांग की थी जिसे बाद में बढ़ाकर 15 करोड़ रुपये कर दिया गया धमकी देने वाले ने कारोबारी के परिवार और उनके करीबियों के बारे में भी जानकारी होने का दावा किया जिससे यह मामला और गंभीर हो गया

    धमकी देने वाले ने यह भी कहा कि उसे कारोबारी की लोकेशन उनके आने जाने के रास्तों और व्यापार से जुड़ी जानकारी भी है इन बातों से पीड़ित और उनका परिवार पूरी तरह दहशत में आ गया है

    कारोबारी ने तत्काल पुलिस में शिकायत दर्ज कराई जिसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर कॉल की लोकेशन और आरोपी की पहचान करने के प्रयास किए जा रहे हैं पुलिस साइबर सेल की मदद से अंतरराष्ट्रीय कॉल्स और व्हाट्सएप नंबरों की जांच कर रही है

    इस घटना ने एक बार फिर संगठित अपराध और डिजिटल माध्यम से हो रही धमकियों की गंभीरता को उजागर किया है पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां इस तरह के मामलों को लेकर सतर्क हो गई हैं ताकि ऐसे गिरोहों पर लगाम लगाई जा सके और व्यापारियों को सुरक्षा प्रदान की जा सके

  • इंदौर में नवविवाहिता की मौत: पति और सास पर दहेज हत्या का केस दर्ज

    इंदौर में नवविवाहिता की मौत: पति और सास पर दहेज हत्या का केस दर्ज


    इंदौर। मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर के विजयनगर क्षेत्र से एक हृदयविदारक मामला सामने आया है जहाँ कल्प कामधेनू नगर में रहने वाली 20 वर्षीय नवविवाहिता मोनिका पटेल ने ससुराल की प्रताड़ना से तंग आकर मौत को गले लगा लिया। पुलिस की गहन जांच और एसीपी पराग सैनी की रिपोर्ट के बाद इस मामले ने अब कानूनी मोड़ ले लिया है। पुलिस ने मृतका के पति रितेश पटेल और सास राधा पटेल के खिलाफ दहेज प्रताड़ना और आत्महत्या के लिए उकसाने जैसी गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया है।

    घटना की शुरुआत 2 फरवरी को हुई जब मोनिका ने अपने ही घर में फांसी लगाकर जीवनलीला समाप्त कर ली थी। पुलिस ने शुरुआती मर्ग कायम कर जब मामले की परतें खोलना शुरू कीं तो प्रताड़ना की एक दर्दनाक कहानी सामने आई। एसीपी की जांच रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि विवाह के महज कुछ महीनों के भीतर ही मोनिका को लगातार शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था। घरेलू विवाद और ससुराल पक्ष के कठोर व्यवहार ने मोनिका को इस कदर तोड़ दिया था कि उसने अपनी उम्र के 20वें साल में ही दुनिया को अलविदा कहना बेहतर समझा।

    जांच में यह भी सामने आया कि घटना वाले दिन पति-पत्नी के बीच सिलाई के कपड़े लाने को लेकर मामूली कहासुनी हुई थी। मोनिका सिलाई का काम करके घर में सहयोग करती थी जबकि उसका पति रितेश रेपिडो बाइक चालक है। हालांकि पति ने पुलिस को दिए बयान में खुद को बेगुनाह बताते हुए घटना के समय घर पर न होने का दावा किया था लेकिन परिजनों के आरोपों ने सच्चाई की दिशा बदल दी।

    मृतका के पिता हीरालाल चौहान ने पुलिस को बताया कि करीब दस महीने पहले मोनिका अचानक लापता हुई थी जिसकी शिकायत खजराना थाने में की गई थी। बाद में पता चला कि उसने रितेश से प्रेम विवाह कर लिया है। परिजनों का आरोप है कि शादी के बाद से ही उसे प्रताड़ित किया जाने लगा था। मोनिका की बड़ी बहन ने भी उसके मानसिक तनाव में होने की पुष्टि की थी। परिजनों ने समाज के लोगों के साथ मिलकर पहले भी पुलिस से न्याय की गुहार लगाई थी। वर्तमान में विजयनगर पुलिस ने सभी साक्ष्यों को आधार बनाकर आरोपियों के खिलाफ शिकंजा कस दिया है और जल्द ही गिरफ्तारी की संभावना जताई जा रही है।

  • एमपी एसटीएफ का बड़ा प्रहार: इंदौर में पकड़ी गईं 5 अत्याधुनिक पिस्तौलें, खरगोन के दो तस्कर गिरफ्तार

    एमपी एसटीएफ का बड़ा प्रहार: इंदौर में पकड़ी गईं 5 अत्याधुनिक पिस्तौलें, खरगोन के दो तस्कर गिरफ्तार


    भोपाल/इंदौर। मध्यप्रदेश पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स ने अवैध हथियारों के काले कारोबार के खिलाफ एक बड़ी सफलता हासिल की है। शनिवार, 24 जनवरी को एसटीएफ इंदौर की दो विशेष टीमों ने एक संयुक्त ऑपरेशन चलाकर 5 अत्याधुनिक पिस्तौलें और मैगजीन जब्त की हैं। इस मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया है, जो अवैध हथियारों की बड़ी खेप खपाने की फिराक में थे।

    यह पूरी कार्रवाई एसटीएफ इंदौर के उप पुलिस अधीक्षक श्री राजेश सिंह चौहान के कुशल निर्देशन में अंजाम दी गई। एसटीएफ को मुखबिर से पुख्ता सूचना मिली थी कि अवैध शस्त्रों की तस्करी से जुड़े कुछ लोग शहर में सक्रिय हैं। सूचना की गंभीरता को देखते हुए दो विशेष टीमों का गठन किया गया और संदिग्धों की घेराबंदी शुरू की गई।

    एसटीएफ की सर्जिकल स्ट्राइक

    एसटीएफ की टीमों ने बताए गए स्थान पर जाल बिछाया और दो संदिग्धों को रोककर उनकी तलाशी ली। तलाशी के दौरान उनके पास से 5 अत्याधुनिक पिस्तौलें मई मैगजीन बरामद हुईं।आरोपियों की पहचान: पकड़े गए दोनों आरोपी ग्राम बोराड़िया, थाना भिकनगांव जिला खरगोन के रहने वाले हैं। अवैध व्यापार जब आरोपियों से हथियारों के संबंध में दस्तावेज मांगे गए, तो वे कोई भी वैध लाइसेंस पेश नहीं कर सके। खरगोन का यह क्षेत्र अवैध हथियार निर्माण के लिए कुख्यात रहा है, ऐसे में एसटीएफ अब इनके पूरे नेटवर्क को खंगाल रही है।

    टीम में शामिल जांबाज अधिकारी

    प्रथम टीम इंस्पेक्टर रमेश चौहान, प्रधान आरक्षक भूपेन्द्र गुप्ता और आरक्षक विवेक द्विवेदी।द्वितीय टीम प्रधान आरक्षक आदर्श दीक्षित, आरक्षक देवराज बघेल और आरक्षक देवेन्द्र सिंह।

    जांच के दायरे में सप्लाई नेटवर्क

    एसटीएफ अब इस बात की गहन जांच कर रही है कि ये अत्याधुनिक हथियार किसे सप्लाई किए जाने थे। पुलिस को अंदेशा है कि इन हथियारों का इस्तेमाल किसी बड़ी आपराधिक घटना को अंजाम देने के लिए किया जा सकता था। आरोपियों से पूछताछ में उनके अंतरराज्यीय नेटवर्क और अन्य साथियों के बारे में महत्वपूर्ण सुराग मिलने की उम्मीद है। गणतंत्र दिवस 26 जनवरी से ठीक पहले हुई इस कार्रवाई को सुरक्षा की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।