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  • इंस्टाग्राम पर दोस्ती, शादी का झांसा और फिर धमकियां: इंदौर में कॉलेज छात्रा की शिकायत पर केस दर्ज

    इंस्टाग्राम पर दोस्ती, शादी का झांसा और फिर धमकियां: इंदौर में कॉलेज छात्रा की शिकायत पर केस दर्ज


    मध्य प्रदेश । इंदौर के बाणगंगा थाना क्षेत्र में सोशल मीडिया के जरिए हुई दोस्ती के बाद एक कॉलेज छात्रा को कथित रूप से परेशान करने और धमकाने का मामला सामने आया है। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी युवक के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। युवती का आरोप है कि आरोपी ने खुद को अविवाहित बताकर उससे दोस्ती की, लेकिन बाद में उसके शादीशुदा होने की जानकारी सामने आने पर जब उसने संबंध समाप्त कर दिए तो युवक उसे लगातार परेशान करने लगा।

    पुलिस के अनुसार छात्रा की पहचान इंस्टाग्राम के माध्यम से सिद्धार्थ पचोरे नामक युवक से हुई थी। शुरुआती बातचीत के बाद दोनों की मुलाकात हुई और धीरे-धीरे संपर्क बढ़ता गया। शिकायत के मुताबिक इसी दौरान आरोपी ने छात्रा के सामने विवाह का प्रस्ताव रखा। भरोसे में आकर छात्रा ने भी इस संबंध को गंभीरता से लिया और दोनों के बीच बातचीत जारी रही।

    कुछ समय बाद छात्रा को जानकारी मिली कि युवक पहले से विवाहित है और उसके बच्चे भी हैं। इस जानकारी के सामने आने के बाद छात्रा ने आरोपी से इस बारे में सवाल किया। आरोप है कि युवक ने जवाब में पत्नी को तलाक देने की बात कही, लेकिन छात्रा ने उस पर विश्वास नहीं किया और उससे दूरी बना ली। इसके बाद उसने बातचीत पूरी तरह बंद कर दी।

    पीड़िता का आरोप है कि संपर्क खत्म होने के बाद आरोपी का व्यवहार आक्रामक हो गया। वह लगातार फोन, संदेश और अन्य माध्यमों से छात्रा पर दबाव बनाने लगा। शिकायत में कहा गया है कि आरोपी आत्महत्या करने और उसमें छात्रा को फंसाने जैसी धमकियां देता था। इतना ही नहीं, उसने युवती के परिजनों को भी संदेश भेजकर मानसिक रूप से परेशान करने का प्रयास किया।

    छात्रा ने पुलिस को बताया कि आरोपी कई बार उसका पीछा भी करता था और रास्ते में रोककर बातचीत करने का दबाव बनाता था। शिकायत के अनुसार कुछ दिन पहले शाम के समय जब वह घर से बाहर निकली तो आरोपी ने रास्ते में रोककर अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया और गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी। घटना के बाद छात्रा ने परिवार को पूरी जानकारी दी और फिर थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई।

    पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि युवती द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच की जा रही है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

    इसी बीच शहर में छेड़छाड़ का एक अन्य मामला भी सामने आया है। पुलिस ने 17 वर्षीय स्कूली छात्रा की शिकायत पर एक युवक के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है। शिकायत के अनुसार छात्रा जब सामान लेकर घर लौट रही थी, तब आरोपी ने उसे रास्ते में रोक लिया और मोबाइल नंबर मांगने लगा। आरोप है कि युवक ने जबरन उसका हाथ पकड़ने की भी कोशिश की। छात्रा किसी तरह वहां से निकलकर घर पहुंची और परिजनों को घटना की जानकारी दी।

    दोनों मामलों ने एक बार फिर महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। पुलिस का कहना है कि शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

  • इंदौर में कचरे के ढेर में मिला नवजात का क्षत-विक्षत शव, आसपास मंडरा रहे थे कुत्ते

    इंदौर में कचरे के ढेर में मिला नवजात का क्षत-विक्षत शव, आसपास मंडरा रहे थे कुत्ते


    मध्य प्रदेश । इंदौर के खजराना थाना क्षेत्र में रविवार सुबह एक दर्दनाक और संवेदनशील घटना सामने आई, जिसने इलाके के लोगों को झकझोर कर रख दिया। एक कॉलोनी के समीप कचरे के ढेर में नवजात शिशु का शव मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। स्थानीय लोगों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए एमवाय अस्पताल भिजवाया। फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि नवजात को वहां किसने और किन परिस्थितियों में छोड़ा।

    जानकारी के अनुसार सुबह पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना मिली थी कि झुग्गी बस्ती के पास कचरे के ढेर में एक नवजात का शव पड़ा हुआ है। सूचना मिलते ही एफआरवी और खजराना थाना पुलिस मौके पर पहुंची। वहां मौजूद लोगों ने बताया कि शव के आसपास कई आवारा कुत्ते घूम रहे थे। शव की स्थिति अत्यंत खराब थी, जिससे स्पष्ट था कि वह लंबे समय तक खुले स्थान पर पड़ा रहा होगा।

    खजराना थाना प्रभारी मनोज सेंधव के अनुसार प्रथम दृष्टया नवजात लगभग छह से सात माह का प्री-मैच्योर शिशु प्रतीत हो रहा है। पुलिस ने शव को सुरक्षित रूप से अस्पताल पहुंचाकर पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया शुरू कराई है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि नवजात की मृत्यु किन कारणों से हुई और शव वहां कितने समय से पड़ा था।

    घटना की सूचना फैलते ही क्षेत्र में लोगों की भीड़ जमा हो गई। स्थानीय नागरिकों ने इस घटना पर दुख और चिंता व्यक्त करते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि इस तरह नवजात को खुले में छोड़ देना बेहद अमानवीय और चिंताजनक घटना है।

    पुलिस अब मामले के हर पहलू की जांच कर रही है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि नवजात को वहां कौन छोड़कर गया। इसके अलावा क्षेत्र के निवासियों, झुग्गी बस्ती के लोगों और आसपास के संस्थानों से भी पूछताछ की जा रही है। जांच अधिकारी यह भी पता लगाने का प्रयास कर रहे हैं कि कहीं यह मामला अवैध गर्भपात, लावारिस प्रसव या किसी अन्य परिस्थिति से तो जुड़ा नहीं है।

    गौरतलब है कि कुछ समय पहले भी एमवाय अस्पताल परिसर में एक नवजात का शव मिलने का मामला सामने आया था। अस्पताल के बाथरूम में मिले उस शव की जांच अब तक पूरी तरह किसी निष्कर्ष तक नहीं पहुंच सकी है। ऐसे में ताजा घटना ने एक बार फिर नवजातों की सुरक्षा, स्वास्थ्य संस्थानों की निगरानी व्यवस्था और सामाजिक संवेदनशीलता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

    स्थानीय सूत्रों के अनुसार जिस क्षेत्र में यह शव मिला है, उसके आसपास चिकित्सा सुविधाएं और जांच केंद्र भी मौजूद हैं, जहां बड़ी संख्या में गर्भवती महिलाएं जांच के लिए आती हैं। हालांकि पुलिस फिलहाल किसी भी संभावना पर आधिकारिक टिप्पणी करने से बच रही है और जांच पूरी होने का इंतजार कर रही है।

    फिलहाल पुलिस का पूरा ध्यान नवजात की पहचान, घटना की परिस्थितियों और जिम्मेदार व्यक्ति तक पहुंचने पर केंद्रित है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और सीसीटीवी फुटेज से मिलने वाले सुराग इस मामले की गुत्थी सुलझाने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।

  • 10 लाख की डील, 5 लाख में ‘सेटलमेंट’ का आरोप; होटल में बंधक बनाकर तस्करों से वसूली का खुलासा

    10 लाख की डील, 5 लाख में ‘सेटलमेंट’ का आरोप; होटल में बंधक बनाकर तस्करों से वसूली का खुलासा


    नई दिल्ली।  इंदौर के विजय नगर क्षेत्र में तस्कर आरिफ और उसके साथी वसीम को होटल में बंधक बनाकर मारपीट और अवैध वसूली के आरोप सामने आए हैं। जांच रिपोर्ट के मुताबिक दोनों को एक होटल में रखा गया, जहां पूछताछ के दौरान मारपीट की गई और माल के बारे में सवाल किए गए। आरिफ ने आरोप लगाया कि उससे जब्त माल और आपूर्ति को लेकर पूछताछ की गई और दबाव बनाया गया।

    10 लाख की डील, 5 लाख में ‘छुट्टी’ का दावा
    तस्कर आरिफ के बयान के अनुसार उसे छोड़ने के लिए पहले 10 लाख रुपए की मांग की गई थी। बाद में मामला 5 लाख रुपए में तय होने की बात सामने आई। आरोप है कि पैसे देने के बाद ही उसे छोड़ा गया।
    रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि इस पूरी बातचीत में पुलिस अधिकारियों और उनके संपर्कों की भूमिका सामने आई है।

    फाइव स्टार होटल में रखकर पूछताछ का आरोप
    रिपोर्ट के अनुसार आरिफ और वसीम को एक होटल में रखा गया था, जहां उनसे लगातार पूछताछ की गई। इसी दौरान कथित रूप से मारपीट और धमकी देने के आरोप भी लगाए गए हैं। आरिफ ने यह भी दावा किया कि उसके एक कस्टमर को बुलाकर भी पुलिस कार्रवाई की गई और बाद में पैसे लेकर छोड़ दिया गया।

    मोबाइल में नकली नोटों का वीडियो, फिर कार्रवाई का दावा
    रिपोर्ट में बताया गया कि एक आरोपी के मोबाइल में नकली नोटों से जुड़े वीडियो मिले थे। इसके बाद पुलिस ने उसे पकड़ने और पूछताछ करने की प्रक्रिया शुरू की। इसी दौरान कई लेन-देन और वसूली के आरोप सामने आए।

    पत्नी ने गोल्ड लोन लेकर चुकाए पैसे
    आरिफ ने अपने बयान में दावा किया कि पैसे जुटाने के लिए उसकी पत्नी ने गोल्ड लोन लिया। इसके बाद कथित रूप से 1 लाख रुपए देकर उसे छोड़ा गया।

    जांच रिपोर्ट में पुलिसकर्मियों पर गंभीर आरोप
    12 पेज की जांच रिपोर्ट में एएसआई, प्रधान आरक्षक और अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ गंभीर आरोप दर्ज किए गए हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि कुछ मामलों में नियंत्रण और प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया।
    हालांकि, अभी तक रिपोर्ट पर अंतिम कार्रवाई लंबित है और मामला विभागीय स्तर पर जांच के घेरे में है।

    विभाग में मचा हड़कंप
    मामले के सामने आने के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। जांच रिपोर्ट को लेकर कई स्तरों पर समीक्षा की जा रही है और आगे की कार्रवाई का इंतजार है।

  • सिंहस्थ-2028 के लिए इंदौर में बनेंगे अस्थायी सैटेलाइट टाउन:उज्जैन में भीड़ बढ़ने पर श्रद्धालुओं को शहर से पहले रोका जाएगा

    सिंहस्थ-2028 के लिए इंदौर में बनेंगे अस्थायी सैटेलाइट टाउन:उज्जैन में भीड़ बढ़ने पर श्रद्धालुओं को शहर से पहले रोका जाएगा


    नई दिल्ली। सिंहस्थ-2028 को देखते हुए इंदौर पुलिस ने भीड़ प्रबंधन की तैयारी शुरू कर दी है। पुलिस ने योजना बनाई है कि उज्जैन में भीड़ बढ़ने पर श्रद्धालुओं को शहर में प्रवेश से पहले इंदौर में ही रोका जाएगा। इसके लिए शहर के बाहरी क्षेत्रों में अस्थायी सैटेलाइट टाउन विकसित किए जाएंगे।

    पुलिस सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के साथ हुई चर्चा के बाद यह निर्णय लिया गया है। प्रशासन और पुलिस के बीच हुई संयुक्त बैठक में श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या को देखते हुए ट्रैफिक और भीड़ नियंत्रण की रणनीति पर चर्चा की गई।

    इंदौर से सबसे ज्यादा श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना

    पुलिस अधिकारियों के अनुसार सिंहस्थ के दौरान उज्जैन आने वाले श्रद्धालुओं की सबसे ज्यादा आवाजाही इंदौर मार्ग से होने की संभावना है। ऐसे में भीड़ का दबाव कम करने के लिए पहले से व्यवस्था तैयार की जा रही है।

    प्रस्तावित सैटेलाइट टाउन में श्रद्धालुओं के लिए पार्किंग, पेयजल, भोजन, शौचालय और विश्राम जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इन स्थानों से श्रद्धालुओं को नियंत्रित तरीके से उज्जैन की ओर भेजा जाएगा।

    बाहरी क्षेत्रों में स्थानों का चयन

    पुलिस अधिकारियों के अनुसार शहर के बाहरी इलाकों में ऐसे कई स्थानों का चयन किया गया है, जहां अस्थायी सैटेलाइट टाउन विकसित किए जाएंगे। इससे उज्जैन में अचानक भीड़ का दबाव नहीं बढ़ेगा।

    ट्रैफिक प्रबंधन के लिए प्रशिक्षण

    एडिशनल पुलिस आयुक्त (मुख्यालय) आर.के. सिंह के अनुसार सिंहस्थ को देखते हुए ट्रैफिक प्रबंधन के लिए पुलिसकर्मियों को विशेष प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।

    तीन नए ट्रैफिक थानों का प्रस्ताव

    शहर में फिलहाल एक ही ट्रैफिक थाना है। सिंहस्थ को ध्यान में रखते हुए तीन नए ट्रैफिक थानों के निर्माण का प्रस्ताव भेजा गया है।

    इनमें चंदन नगर क्षेत्र में धार रोड, बाणगंगा में सुपर कॉरिडोर और लसूड़िया में महालक्ष्मी नगर में ट्रैफिक थाना बनाने की योजना है। धार रोड के लिए प्रशासन ने जमीन उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है।

    कई थानों में बल बढ़ाने का प्रस्ताव

    पुलिस आयुक्त संतोष कुमार सिंह ने तिलक नगर, राऊ और द्वारकापुरी थानों में अतिरिक्त बल बढ़ाने का प्रस्ताव भी पुलिस मुख्यालय को भेजा है। इसके अलावा ट्रैफिक थानों के लिए भी अतिरिक्त पुलिस बल की मांग की जाएगी।

    सिंहस्थ-2028 में करोड़ों श्रद्धालुओं के उज्जैन पहुंचने की संभावना को देखते हुए इंदौर पुलिस तैयारियों को लेकर योजना बना रही है।

  • इंदौर के विजयनगर में पुलिस की हाईटेक निगरानी: 40 से ज्यादा CCTV कैमरे लगे, जल्द 150 कैमरों से होगी पूरे क्षेत्र की मॉनिटरिंग

    इंदौर के विजयनगर में पुलिस की हाईटेक निगरानी: 40 से ज्यादा CCTV कैमरे लगे, जल्द 150 कैमरों से होगी पूरे क्षेत्र की मॉनिटरिंग


    इंदौर । मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में अपराध पर लगाम लगाने और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए पुलिस लगातार नई तकनीकों का सहारा ले रही है। इसी कड़ी में शहर के व्यस्त और संवेदनशील क्षेत्रों में गिने जाने वाले विजयनगर थाना क्षेत्र में पुलिस ने हाईटेक निगरानी व्यवस्था शुरू की है। क्षेत्र में फिलहाल 40 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं जिनके माध्यम से पूरे इलाके की गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। आने वाले समय में इन कैमरों की संख्या बढ़ाकर 150 से अधिक करने की योजना भी तैयार की गई है।

    जानकारी के मुताबिक इन सभी कैमरों का कंट्रोल सीधेमध्य प्रदेश पुलिस के विजय नगर पुलिस स्टेशन से किया जा रहा है। खास बात यह है कि थाना प्रभारी के कक्ष में ही एक विशेष कंट्रोल रूम बनाया गया है जहां से पुलिसकर्मी लगातार कैमरों की लाइव मॉनिटरिंग कर रहे हैं। इस व्यवस्था के जरिए पुलिस संदिग्ध गतिविधियों पर तुरंत नजर रख सकती है और किसी भी घटना की स्थिति में त्वरित कार्रवाई कर सकती है।

    विजयनगर थाना प्रभारी चंद्रकांत पटेल ने बताया कि आधुनिक तकनीक के इस इस्तेमाल से अपराधियों पर नजर रखना आसान हो गया है। उनके अनुसार सीसीटीवी कैमरे अपराध रोकने और वारदात के बाद आरोपियों की पहचान करने में बेहद प्रभावी साबित हो रहे हैं। कैमरों के माध्यम से न केवल क्षेत्र की निगरानी की जा रही है बल्कि कई मामलों में अपराधियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार भी किया गया है।

    पुलिस अब इस निगरानी व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है। अगले चरण में क्षेत्र के घरों अस्पतालों मॉल दुकानों और अन्य निजी संस्थानों में लगे सीसीटीवी कैमरों को भी पुलिस के कंट्रोल रूम से जोड़ने की योजना बनाई जा रही है। यदि यह योजना सफल होती है तो पूरे विजयनगर क्षेत्र की निगरानी एक ही जगह से संभव हो सकेगी। इससे पुलिस को किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई करने में मदद मिलेगी।

    थाना प्रभारी के मुताबिक कैमरे लगने के बाद क्षेत्र में चोरी और अन्य अपराधों की घटनाओं में कमी देखने को मिली है। कई मामलों में कैमरों में कैद फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया गया है। पुलिस का मानना है कि जैसे-जैसे कैमरों की संख्या बढ़ेगी वैसे-वैसे अपराधियों के लिए क्षेत्र में वारदात करना और भी मुश्किल हो जाएगा।

    फिलहाल पुलिस का लक्ष्य है कि जल्द से जल्द विजयनगर थाना क्षेत्र में 150 से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं ताकि पूरे इलाके के चप्पे-चप्पे पर नजर रखी जा सके। पुलिस का कहना है कि इस हाईटेक निगरानी व्यवस्था से न केवल अपराध पर नियंत्रण मिलेगा बल्कि आम लोगों में भी सुरक्षा की भावना मजबूत होगी।

  • इंदौर में सनसनीखेज हत्याकांड: फोटो स्टूडियो कर्मचारी की गला रेतकर हत्या, अवैध संबंधों के शक में तफ्तीश शुरू

    इंदौर में सनसनीखेज हत्याकांड: फोटो स्टूडियो कर्मचारी की गला रेतकर हत्या, अवैध संबंधों के शक में तफ्तीश शुरू

    इंदौर । मध्य प्रदेश स्वच्छता में नंबर वन रहने वाले शहर इंदौर में अपराधियों के हौसले बुलंद नजर आ रहे हैं। शहर के बाणगंगा थाना क्षेत्र में एक युवक की बेरहमी से हत्या का मामला प्रकाश में आया है। हमलावरों ने युवक की गर्दन पर धारदार हथियार से वार कर उसे मौत के घाट उतार दिया और शव को सुनसान इलाके में फेंक कर फरार हो गए। मृतक की पहचान छत्तीसगढ़ निवासी खोजराम पिता लखन नारंगे के रूप में हुई है, जो इंदौर में एक फोटो स्टूडियो में काम कर अपनी आजीविका चला रहा था।

    वारदात का खुलासा और पुलिस की कार्रवाई घटना की जानकारी तब लगी जब राहगीरों ने बाणगंगा क्षेत्र के एक एकांत स्थान पर लहूलुहान हालत में शव पड़ा देखा। सूचना मिलते ही बाणगंगा थाना पुलिस और एफएसएल की टीम मौके पर पहुंची। प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हो गया कि युवक की हत्या कहीं और की गई या फिर सुनसान इलाके का फायदा उठाकर उसे वहीं मौत के घाट उतारा गया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए एमवाय अस्पताल भिजवा दिया है।

    अवैध संबंधों के एंगल पर टिकी जांच फिलहाल हत्या के स्पष्ट कारणों का खुलासा नहीं हो पाया है, लेकिन पुलिस के रडार पर कई संदिग्ध बिंदु हैं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, जिस तरह से गला रेतकर हत्या की गई है, वह किसी रंजिश या आवेश का परिणाम लग रही है। पुलिस इस मामले में ‘अवैध संबंधों’ के एंगल को प्रमुखता से देख रही है। पुलिस मृतक के मोबाइल कॉल डिटेल्स खंगाल रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि वह आखिरी बार किसके संपर्क में था और स्टूडियो से निकलने के बाद वह कहाँ गया था।

    खोजराम मूलतः छत्तीसगढ़ का रहने वाला था, ऐसे में पुलिस उसके साथियों और स्टूडियो के कर्मचारियों से भी पूछताछ कर रही है ताकि किसी पुरानी दुश्मनी या विवाद का सुराग मिल सके। बाणगंगा थाना पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

  • 8वें वेतन आयोग के नाम पर साइबर ठगी का नया जाल: APK फाइल से खाली हो सकते हैं खाते, पुलिस ने जारी की चेतावनी

    8वें वेतन आयोग के नाम पर साइबर ठगी का नया जाल: APK फाइल से खाली हो सकते हैं खाते, पुलिस ने जारी की चेतावनी


    इंदौर । मध्यप्रदेश में साइबर अपराध के मामलों में लगातार नए-नए तरीके सामने आ रहे हैं। जहां एक ओर पुलिस साइबर अपराधों को लेकर सतर्कता और जागरूकता बढ़ा रही है, वहीं दूसरी ओर साइबर ठग भी सरकारी कर्मचारियों को निशाना बनाने के लिए नए हथकंडे अपना रहे हैं। ताजा मामला 8वें वेतन आयोग में वेतन वृद्धि के नाम पर की जा रही साइबर ठगी से जुड़ा हुआ है, जिसे लेकर इंदौर क्राइम ब्रांच पुलिस को विधिवत एडवाइजरी जारी करनी पड़ी है।

    पुलिस अधिकारियों के अनुसार, हाल के दिनों में बड़ी संख्या में सरकारी कर्मचारियों के मोबाइल फोन पर “8वें वेतन आयोग में आपकी सैलरी कितनी होगी” जैसे आकर्षक संदेश प्राप्त हो रहे हैं। इन संदेशों के साथ एक APK फाइल भी भेजी जा रही है। जैसे ही कोई व्यक्ति इस फाइल को डाउनलोड करता है, उसका मोबाइल फोन साइबर अपराधियों के नियंत्रण में आ सकता है, जिससे बैंक अकाउंट, यूपीआई और अन्य डिजिटल माध्यमों से पैसे निकाले जाने का गंभीर खतरा उत्पन्न हो जाता है।

    इंदौर क्राइम ब्रांच ने स्पष्ट किया है कि यह एक संगठित साइबर फ्रॉड है, जिसमें सरकारी कर्मचारियों की जिज्ञासा और वेतन वृद्धि की उम्मीद का दुरुपयोग किया जा रहा है। APK फाइल डाउनलोड होते ही मोबाइल में मौजूद संवेदनशील जानकारियां, जैसे बैंक डिटेल्स, ओटीपी और पासवर्ड साइबर अपराधियों तक पहुंच सकते हैं। इसके परिणामस्वरूप पीड़ित का बैंक खाता पूरी तरह खाली हो सकता है।

    इस संबंध में अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त एडिशनल डीसीपी श्री राजेश दंडोतिया ने बताया कि यह एक नया और खतरनाक साइबर फ्रॉड है, जिससे बचाव के लिए जनजागरूकता बेहद जरूरी है। उन्होंने सभी सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों से अपील की है कि वे किसी भी अनजान नंबर या स्रोत से प्राप्त APK फाइल को डाउनलोड न करें और न ही ऐसे संदेशों पर विश्वास करें।

    पुलिस द्वारा जारी एडवाइजरी में कहा गया है कि वेतन आयोग, वेतन वृद्धि या अन्य शासकीय लाभों से जुड़ी कोई भी आधिकारिक जानकारी केवल सक्षम शासकीय विभागों और अधिकृत पोर्टलों के माध्यम से ही साझा की जाती है। ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार की फाइल या लिंक मोबाइल पर भेजे जाने की प्रक्रिया पूरी तरह संदिग्ध मानी जानी चाहिए।

    क्राइम ब्रांच ने यह भी सलाह दी है कि यदि किसी व्यक्ति को इस प्रकार का संदेश प्राप्त होता है, तो वह तुरंत अपने नजदीकी पुलिस थाने या साइबर क्राइम सेल को इसकी सूचना दे। समय रहते सतर्कता बरतने से न केवल आर्थिक नुकसान से बचा जा सकता है, बल्कि साइबर अपराधियों तक पहुंचने में भी पुलिस को सहायता मिल सकती है। पुलिस प्रशासन ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे डिजिटल लेन-देन में सावधानी बरतें, किसी भी लालच भरे संदेश से दूर रहें और साइबर सुरक्षा नियमों का पालन कर स्वयं को सुरक्षित रखें।

  • विवादों में घिरे रंजीत सिंह पर बड़ी कार्रवाई, अनुशासनहीनता के आरोप में हुए पदावनत

    विवादों में घिरे रंजीत सिंह पर बड़ी कार्रवाई, अनुशासनहीनता के आरोप में हुए पदावनत

    इंदौर। बीते कुछ महीनों से लगातार विवादों में घिरे रंजीत सिंह पर आखिरकार पुलिस विभाग ने कड़ी कार्रवाई की है। एक युवती द्वारा फेसबुक मैसेंजर के जरिए आपत्तिजनक संदेश भेजने के आरोप सामने आने के बाद यह मामला तूल पकड़ता चला गया। युवती ने आरोप लगाया था कि रंजीत सिंह ने उसे इंदौर बुलाने और ठहरने की व्यवस्था कराने से जुड़े संदेश भेजे थे। इस संबंध में युवती ने स्क्रीनशॉट भी साझा किए थे।

    मामला सामने आने के बाद पुलिस विभाग की छवि पर गंभीर सवाल खड़े हुए। शुरुआती कार्रवाई के तौर पर रंजीत सिंह को ट्रैफिक थाना से हटाकर पुलिस लाइन में पदस्थ किया गया था। हालांकि इसके बावजूद रंजीत ने सोशल मीडिया पर वर्दी में रील बनाकर उसे वायरल कर दिया। इस हरकत को विभागीय अनुशासन का खुला उल्लंघन माना गया।

    विवाद यहीं नहीं थमा। हाल ही में रंजीत सिंह ने हाथ में पिस्टल और हथकड़ी लेकर एक और रील बनाई, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुई। इस वीडियो ने पुलिस महकमे को और असहज कर दिया। मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस आयुक्त संतोष कुमार सिंह ने जांच के आदेश दिए। जांच की जिम्मेदारी डीसीपी मुख्यालय प्रकाश परिहार को सौंपी गई।

    जांच में प्रथम दृष्टया यह सामने आया कि रंजीत सिंह द्वारा सोशल मीडिया का दुरुपयोग किया गया और वर्दी की गरिमा को ठेस पहुंचाई गई। जांच रिपोर्ट के आधार पर बुधवार को डीसीपी द्वारा आदेश जारी करते हुए रंजीत सिंह को पदावनत कर पुनः आरक्षक बना दिया गया।पुलिस अधिकारियों का साफ कहना है कि विभाग में अनुशासन सर्वोपरि है और वर्दी की गरिमा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। सोशल मीडिया पर वर्दी पहनकर हथियारों का प्रदर्शन करना और रील बनाना गंभीर अनुशासनहीनता की श्रेणी में आता है। ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी ताकि पुलिस बल की साख और अनुशासन बना रहे।

    पुलिस महकमे की इस कार्रवाई को विभागीय सख्ती के तौर पर देखा जा रहा है। अधिकारियों का मानना है कि इस तरह के मामलों पर कड़ा रुख अपनाना जरूरी है ताकि भविष्य में कोई भी पुलिसकर्मी सोशल मीडिया का गलत इस्तेमाल करने से पहले सौ बार सोचे।

  • इवेंट मैनेजमेंट की आड़ में हाई-प्रोफाइल ड्रग पार्टियां: 15000 में एंट्री, युवतियों को पैडलर बनाकर 5 राज्यों में एमडी ड्रग सप्लाई

    इवेंट मैनेजमेंट की आड़ में हाई-प्रोफाइल ड्रग पार्टियां: 15000 में एंट्री, युवतियों को पैडलर बनाकर 5 राज्यों में एमडी ड्रग सप्लाई


    नई दिल्ली। इंदौर पुलिस ने एक बड़े अंतरराज्यीय ड्रग तस्करी गिरोह का पर्दाफाश किया है, जिसमें भोपाल का अबान शकील मुख्य आरोपी बताया जा रहा है। पुलिस ने अबान को इंदौर में ड्रग डिलीवरी के इंतजार के दौरान गिरफ्तार किया। जांच में सामने आया कि अबान गोवा, इंदौर, मुंबई, दिल्ली और भोपाल जैसे कई बड़े शहरों में एमडी ड्रग की सप्लाई में सक्रिय था। इस गिरोह में दो युवतियां भी पैडलर के रूप में शामिल थीं, जिन्हें अबान और उसके साथी वैभव उर्फ बाबा शर्मा मोटे कमीशन और ड्रग की फ्री खुराक का लालच देकर तस्करी के काम में जोड़ते थे।
    पुलिस ने अबान की निशानदेही पर दो युवतियों और बाबा शर्मा को भी गिरफ्तार किया है।

    इंदौर पुलिस की जांच में यह भी स्पष्ट हुआ है कि अबान और बाबा शर्मा अंतरराज्यीय एमडी तस्कर गिरोह के सदस्य हैं और यह गिरोह चार से पांच राज्यों में ड्रग तस्करी कर रहा था। जांच के दौरान यह तथ्य भी उजागर हुआ कि इवेंट मैनेजमेंट की आड़ में आरोपी बाबा शर्मा, अलीशा मसीह और नेहा पार्टीज का आयोजन करते थे। इन पार्टियों में एंट्री फीस 10 से 15 हजार रुपए तक ली जाती थी और रईसजादों को ड्रग खपाने का काम किया जाता था।

    पुलिस ने बताया कि अबान अपनी पार्टीज के जरिए युवाओं को आकर्षित करता था और बाद में उन्हें एमडी की खुराक देकर पार्टी कल्चर के नाम पर नशे का आदी बनाता था। इसके बाद वही युवतियां और अन्य सदस्य ड्रग सप्लाई के लिए आगे काम करते थे। गिरोह के सदस्य मुख्य रूप से गोवा, दिल्ली, इंदौर, भोपाल, मुंबई सहित अन्य शहरों में पार्टीज आयोजित करते रहे हैं।

    अब तक इस मामले में कुल चार गिरफ्तारियां हुई हैं।

    इंदौर पुलिस ने अबान के साथ कनाड़िया, मुंबई और देवास से गिरोह के तीन और सदस्यों को गिरफ्तार किया है। आरोपी वैभव उर्फ बाबा ने पूछताछ में स्वीकार किया कि वह अबान और युवतियों के साथ मिलकर एमडी ड्रग्स की तस्करी करता था।

    पुलिस के मुताबिक, गिरोह गोवा सहित कई राज्यों के पब, बार और क्लबों में एमडी ड्रग की सप्लाई करता था और इसकी कीमत लगभग 10 हजार रुपए प्रति ग्राम थी। पुलिस अभी आरोपी से एमडी ड्रग्स के सोर्स के बारे में पूछताछ कर रही है और उसके बाद गिरोह के अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी भी संभव है।

    इस बीच, अबान शकील का नाम ड्रग तस्करी में फंसने के बाद भोपाल डिवीजन क्रिकेट एसोसिएशन (बीडीसीए) ने उसे अपनी प्रारंभिक सदस्यता से बर्खास्त कर दिया है। बीडीसीए ने एक बयान जारी कर इसकी पुष्टि की है। अबान बीडीसीए का आजीवन सदस्य भी था। पुलिस ने बताया कि अबान कोहेफिजा इलाके में स्थित सैफिया कॉलेज मैदान के पास बने करोड़ों रुपए कीमत के बंगले में रहता था और उसके घर के पोर्च पर लग्जरी कारें खड़ी रहती थीं।
    इस मामले में इंदौर के कनाड़िया थाने में अपराध क्रमांक 37/2025 के तहत धारा 8/22 एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है। अब तक आरोपियों से कुल 15.95 ग्राम एमडी ड्रग्स, बिना नंबर की इको स्पोर्ट्स कार, थार और एक एसयूवी जब्त की गई है। पुलिस का कहना है कि अबान थार जीप से भोपाल-इंदौर के पब और लाउंज में ड्रग सप्लाई करता था और उसके लिए लड़कियां भी पैडलर का काम करती थीं।

    इंदौर क्राइम ब्रांच और कनाड़िया पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में अबान की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस ने मामले के अन्य पहलुओं की भी जांच तेज कर दी है, जिससे जल्द ही गिरोह के अन्य सदस्यों के खिलाफ भी कार्रवाई की संभावना है।

  • इंदौर में कोहराम पटेल ब्रिज के नीचे बस ने बाइक को मारी टक्कर आक्रोशित भीड़ ने बस को किया आग के हवाले

    इंदौर में कोहराम पटेल ब्रिज के नीचे बस ने बाइक को मारी टक्कर आक्रोशित भीड़ ने बस को किया आग के हवाले


    इंदौर। मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर के व्यस्ततम इलाके पटेल ब्रिज के नीचे बुधवार सुबह उस समय अफरा-तफरी मच गईजब एक भीषण सड़क हादसे ने हिंसक रूप अख्तियार कर लिया। शुक्ला ब्रदर्स की एक तेज रफ्तार यात्री बस ने एक बाइक सवार को जोरदार टक्कर मार दीजिसके बाद मौके पर मौजूद गुस्साई भीड़ ने कानून को हाथ में लेते हुए बस में आग लगा दी। देखते ही देखते बस आग के गोले में तब्दील हो गई और काले धुएं का गुबार पूरे आसमान में छा गया।

    टक्कर के बाद भड़का जन-आक्रोश यह घटना सुबह करीब 9:30 बजे की हैजब छोटी ग्वालटोली क्षेत्र में पटेल ब्रिज के नीचे यातायात का भारी दबाव था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसारशुक्ला ब्रदर्स की बस ने बाइक को अपनी चपेट में ले लिया। गनीमत रही कि बाइक सवार को गंभीर चोटें नहीं आईंलेकिन इस हादसे ने वहां मौजूद लोगों के गुस्से को भड़का दिया। आरोप है कि चालक की लापरवाही से नाराज भीड़ ने बस को घेर लिया और उसमें आग लगा दी। आगजनी की आशंका इसलिए भी प्रबल है क्योंकि टक्कर के कुछ ही मिनटों बाद बस धू-धू कर जलने लगी थी।दमकल ने पाया काबूचालक मौके से फरार घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीम और तुकोगंज थाना पुलिस मौके पर पहुंची। फायर ब्रिगेड के सब इंस्पेक्टर शोभाराम मालवीय ने बताया कि आग की लपटें इतनी विकराल थीं कि दूर से ही दिखाई दे रही थीं। दमकलकर्मियों ने तत्परता दिखाते हुए एक टैंकर पानी की मदद से आग पर काबू पायालेकिन तब तक बस पूरी तरह जलकर खाक हो चुकी थी। हैरानी की बात यह रही कि आग लगने के दौरान बस का चालक मौके पर नहीं मिला आशंका है कि वह भीड़ के डर से वाहन छोड़कर भाग खड़ा हुआ।

    पुलिस की पड़ताल: दुर्घटना या साजिश? तुकोगंज थाना प्रभारी जितेंद्र यादव ने बताया कि बाइक सवार को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया हैजहाँ उसकी हालत खतरे से बाहर है। पुलिस अब इस गुत्थी को सुलझाने में जुटी है कि बस में आग तकनीकी खराबी या शॉर्ट सर्किट से लगी या फिर इसे भीड़ ने जानबूझकर लगाया। घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है ताकि आगजनी करने वाले संदिग्धों की पहचान की जा सके। पुलिस का कहना है कि यदि आगजनी की पुष्टि होती हैतो दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

    यातायात हुआ बाधितलाखों का नुकसान ब्रिज के नीचे हुई इस घटना के कारण घंटों तक यातायात व्यवस्था चरमरा गई। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए रूट को डायवर्ट किया और वैकल्पिक मार्गों से वाहनों को निकाला। इस अग्निकांड में बस पूरी तरह नष्ट हो गई हैजिससे बस ऑपरेटर को लाखों रुपये के नुकसान का अनुमान है। फिलहालपुलिस बस चालक की तलाश कर रही है और बाइक सवार के बयान दर्ज किए जा रहे हैं।