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  • इंदौर में सनसनीखेज हत्याकांड: फोटो स्टूडियो कर्मचारी की गला रेतकर हत्या, अवैध संबंधों के शक में तफ्तीश शुरू

    इंदौर में सनसनीखेज हत्याकांड: फोटो स्टूडियो कर्मचारी की गला रेतकर हत्या, अवैध संबंधों के शक में तफ्तीश शुरू

    इंदौर । मध्य प्रदेश स्वच्छता में नंबर वन रहने वाले शहर इंदौर में अपराधियों के हौसले बुलंद नजर आ रहे हैं। शहर के बाणगंगा थाना क्षेत्र में एक युवक की बेरहमी से हत्या का मामला प्रकाश में आया है। हमलावरों ने युवक की गर्दन पर धारदार हथियार से वार कर उसे मौत के घाट उतार दिया और शव को सुनसान इलाके में फेंक कर फरार हो गए। मृतक की पहचान छत्तीसगढ़ निवासी खोजराम पिता लखन नारंगे के रूप में हुई है, जो इंदौर में एक फोटो स्टूडियो में काम कर अपनी आजीविका चला रहा था।

    वारदात का खुलासा और पुलिस की कार्रवाई घटना की जानकारी तब लगी जब राहगीरों ने बाणगंगा क्षेत्र के एक एकांत स्थान पर लहूलुहान हालत में शव पड़ा देखा। सूचना मिलते ही बाणगंगा थाना पुलिस और एफएसएल की टीम मौके पर पहुंची। प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हो गया कि युवक की हत्या कहीं और की गई या फिर सुनसान इलाके का फायदा उठाकर उसे वहीं मौत के घाट उतारा गया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए एमवाय अस्पताल भिजवा दिया है।

    अवैध संबंधों के एंगल पर टिकी जांच फिलहाल हत्या के स्पष्ट कारणों का खुलासा नहीं हो पाया है, लेकिन पुलिस के रडार पर कई संदिग्ध बिंदु हैं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, जिस तरह से गला रेतकर हत्या की गई है, वह किसी रंजिश या आवेश का परिणाम लग रही है। पुलिस इस मामले में ‘अवैध संबंधों’ के एंगल को प्रमुखता से देख रही है। पुलिस मृतक के मोबाइल कॉल डिटेल्स खंगाल रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि वह आखिरी बार किसके संपर्क में था और स्टूडियो से निकलने के बाद वह कहाँ गया था।

    खोजराम मूलतः छत्तीसगढ़ का रहने वाला था, ऐसे में पुलिस उसके साथियों और स्टूडियो के कर्मचारियों से भी पूछताछ कर रही है ताकि किसी पुरानी दुश्मनी या विवाद का सुराग मिल सके। बाणगंगा थाना पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

  • 8वें वेतन आयोग के नाम पर साइबर ठगी का नया जाल: APK फाइल से खाली हो सकते हैं खाते, पुलिस ने जारी की चेतावनी

    8वें वेतन आयोग के नाम पर साइबर ठगी का नया जाल: APK फाइल से खाली हो सकते हैं खाते, पुलिस ने जारी की चेतावनी


    इंदौर । मध्यप्रदेश में साइबर अपराध के मामलों में लगातार नए-नए तरीके सामने आ रहे हैं। जहां एक ओर पुलिस साइबर अपराधों को लेकर सतर्कता और जागरूकता बढ़ा रही है, वहीं दूसरी ओर साइबर ठग भी सरकारी कर्मचारियों को निशाना बनाने के लिए नए हथकंडे अपना रहे हैं। ताजा मामला 8वें वेतन आयोग में वेतन वृद्धि के नाम पर की जा रही साइबर ठगी से जुड़ा हुआ है, जिसे लेकर इंदौर क्राइम ब्रांच पुलिस को विधिवत एडवाइजरी जारी करनी पड़ी है।

    पुलिस अधिकारियों के अनुसार, हाल के दिनों में बड़ी संख्या में सरकारी कर्मचारियों के मोबाइल फोन पर “8वें वेतन आयोग में आपकी सैलरी कितनी होगी” जैसे आकर्षक संदेश प्राप्त हो रहे हैं। इन संदेशों के साथ एक APK फाइल भी भेजी जा रही है। जैसे ही कोई व्यक्ति इस फाइल को डाउनलोड करता है, उसका मोबाइल फोन साइबर अपराधियों के नियंत्रण में आ सकता है, जिससे बैंक अकाउंट, यूपीआई और अन्य डिजिटल माध्यमों से पैसे निकाले जाने का गंभीर खतरा उत्पन्न हो जाता है।

    इंदौर क्राइम ब्रांच ने स्पष्ट किया है कि यह एक संगठित साइबर फ्रॉड है, जिसमें सरकारी कर्मचारियों की जिज्ञासा और वेतन वृद्धि की उम्मीद का दुरुपयोग किया जा रहा है। APK फाइल डाउनलोड होते ही मोबाइल में मौजूद संवेदनशील जानकारियां, जैसे बैंक डिटेल्स, ओटीपी और पासवर्ड साइबर अपराधियों तक पहुंच सकते हैं। इसके परिणामस्वरूप पीड़ित का बैंक खाता पूरी तरह खाली हो सकता है।

    इस संबंध में अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त एडिशनल डीसीपी श्री राजेश दंडोतिया ने बताया कि यह एक नया और खतरनाक साइबर फ्रॉड है, जिससे बचाव के लिए जनजागरूकता बेहद जरूरी है। उन्होंने सभी सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों से अपील की है कि वे किसी भी अनजान नंबर या स्रोत से प्राप्त APK फाइल को डाउनलोड न करें और न ही ऐसे संदेशों पर विश्वास करें।

    पुलिस द्वारा जारी एडवाइजरी में कहा गया है कि वेतन आयोग, वेतन वृद्धि या अन्य शासकीय लाभों से जुड़ी कोई भी आधिकारिक जानकारी केवल सक्षम शासकीय विभागों और अधिकृत पोर्टलों के माध्यम से ही साझा की जाती है। ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार की फाइल या लिंक मोबाइल पर भेजे जाने की प्रक्रिया पूरी तरह संदिग्ध मानी जानी चाहिए।

    क्राइम ब्रांच ने यह भी सलाह दी है कि यदि किसी व्यक्ति को इस प्रकार का संदेश प्राप्त होता है, तो वह तुरंत अपने नजदीकी पुलिस थाने या साइबर क्राइम सेल को इसकी सूचना दे। समय रहते सतर्कता बरतने से न केवल आर्थिक नुकसान से बचा जा सकता है, बल्कि साइबर अपराधियों तक पहुंचने में भी पुलिस को सहायता मिल सकती है। पुलिस प्रशासन ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे डिजिटल लेन-देन में सावधानी बरतें, किसी भी लालच भरे संदेश से दूर रहें और साइबर सुरक्षा नियमों का पालन कर स्वयं को सुरक्षित रखें।

  • विवादों में घिरे रंजीत सिंह पर बड़ी कार्रवाई, अनुशासनहीनता के आरोप में हुए पदावनत

    विवादों में घिरे रंजीत सिंह पर बड़ी कार्रवाई, अनुशासनहीनता के आरोप में हुए पदावनत

    इंदौर। बीते कुछ महीनों से लगातार विवादों में घिरे रंजीत सिंह पर आखिरकार पुलिस विभाग ने कड़ी कार्रवाई की है। एक युवती द्वारा फेसबुक मैसेंजर के जरिए आपत्तिजनक संदेश भेजने के आरोप सामने आने के बाद यह मामला तूल पकड़ता चला गया। युवती ने आरोप लगाया था कि रंजीत सिंह ने उसे इंदौर बुलाने और ठहरने की व्यवस्था कराने से जुड़े संदेश भेजे थे। इस संबंध में युवती ने स्क्रीनशॉट भी साझा किए थे।

    मामला सामने आने के बाद पुलिस विभाग की छवि पर गंभीर सवाल खड़े हुए। शुरुआती कार्रवाई के तौर पर रंजीत सिंह को ट्रैफिक थाना से हटाकर पुलिस लाइन में पदस्थ किया गया था। हालांकि इसके बावजूद रंजीत ने सोशल मीडिया पर वर्दी में रील बनाकर उसे वायरल कर दिया। इस हरकत को विभागीय अनुशासन का खुला उल्लंघन माना गया।

    विवाद यहीं नहीं थमा। हाल ही में रंजीत सिंह ने हाथ में पिस्टल और हथकड़ी लेकर एक और रील बनाई, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुई। इस वीडियो ने पुलिस महकमे को और असहज कर दिया। मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस आयुक्त संतोष कुमार सिंह ने जांच के आदेश दिए। जांच की जिम्मेदारी डीसीपी मुख्यालय प्रकाश परिहार को सौंपी गई।

    जांच में प्रथम दृष्टया यह सामने आया कि रंजीत सिंह द्वारा सोशल मीडिया का दुरुपयोग किया गया और वर्दी की गरिमा को ठेस पहुंचाई गई। जांच रिपोर्ट के आधार पर बुधवार को डीसीपी द्वारा आदेश जारी करते हुए रंजीत सिंह को पदावनत कर पुनः आरक्षक बना दिया गया।पुलिस अधिकारियों का साफ कहना है कि विभाग में अनुशासन सर्वोपरि है और वर्दी की गरिमा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। सोशल मीडिया पर वर्दी पहनकर हथियारों का प्रदर्शन करना और रील बनाना गंभीर अनुशासनहीनता की श्रेणी में आता है। ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी ताकि पुलिस बल की साख और अनुशासन बना रहे।

    पुलिस महकमे की इस कार्रवाई को विभागीय सख्ती के तौर पर देखा जा रहा है। अधिकारियों का मानना है कि इस तरह के मामलों पर कड़ा रुख अपनाना जरूरी है ताकि भविष्य में कोई भी पुलिसकर्मी सोशल मीडिया का गलत इस्तेमाल करने से पहले सौ बार सोचे।

  • इवेंट मैनेजमेंट की आड़ में हाई-प्रोफाइल ड्रग पार्टियां: 15000 में एंट्री, युवतियों को पैडलर बनाकर 5 राज्यों में एमडी ड्रग सप्लाई

    इवेंट मैनेजमेंट की आड़ में हाई-प्रोफाइल ड्रग पार्टियां: 15000 में एंट्री, युवतियों को पैडलर बनाकर 5 राज्यों में एमडी ड्रग सप्लाई


    नई दिल्ली। इंदौर पुलिस ने एक बड़े अंतरराज्यीय ड्रग तस्करी गिरोह का पर्दाफाश किया है, जिसमें भोपाल का अबान शकील मुख्य आरोपी बताया जा रहा है। पुलिस ने अबान को इंदौर में ड्रग डिलीवरी के इंतजार के दौरान गिरफ्तार किया। जांच में सामने आया कि अबान गोवा, इंदौर, मुंबई, दिल्ली और भोपाल जैसे कई बड़े शहरों में एमडी ड्रग की सप्लाई में सक्रिय था। इस गिरोह में दो युवतियां भी पैडलर के रूप में शामिल थीं, जिन्हें अबान और उसके साथी वैभव उर्फ बाबा शर्मा मोटे कमीशन और ड्रग की फ्री खुराक का लालच देकर तस्करी के काम में जोड़ते थे।
    पुलिस ने अबान की निशानदेही पर दो युवतियों और बाबा शर्मा को भी गिरफ्तार किया है।

    इंदौर पुलिस की जांच में यह भी स्पष्ट हुआ है कि अबान और बाबा शर्मा अंतरराज्यीय एमडी तस्कर गिरोह के सदस्य हैं और यह गिरोह चार से पांच राज्यों में ड्रग तस्करी कर रहा था। जांच के दौरान यह तथ्य भी उजागर हुआ कि इवेंट मैनेजमेंट की आड़ में आरोपी बाबा शर्मा, अलीशा मसीह और नेहा पार्टीज का आयोजन करते थे। इन पार्टियों में एंट्री फीस 10 से 15 हजार रुपए तक ली जाती थी और रईसजादों को ड्रग खपाने का काम किया जाता था।

    पुलिस ने बताया कि अबान अपनी पार्टीज के जरिए युवाओं को आकर्षित करता था और बाद में उन्हें एमडी की खुराक देकर पार्टी कल्चर के नाम पर नशे का आदी बनाता था। इसके बाद वही युवतियां और अन्य सदस्य ड्रग सप्लाई के लिए आगे काम करते थे। गिरोह के सदस्य मुख्य रूप से गोवा, दिल्ली, इंदौर, भोपाल, मुंबई सहित अन्य शहरों में पार्टीज आयोजित करते रहे हैं।

    अब तक इस मामले में कुल चार गिरफ्तारियां हुई हैं।

    इंदौर पुलिस ने अबान के साथ कनाड़िया, मुंबई और देवास से गिरोह के तीन और सदस्यों को गिरफ्तार किया है। आरोपी वैभव उर्फ बाबा ने पूछताछ में स्वीकार किया कि वह अबान और युवतियों के साथ मिलकर एमडी ड्रग्स की तस्करी करता था।

    पुलिस के मुताबिक, गिरोह गोवा सहित कई राज्यों के पब, बार और क्लबों में एमडी ड्रग की सप्लाई करता था और इसकी कीमत लगभग 10 हजार रुपए प्रति ग्राम थी। पुलिस अभी आरोपी से एमडी ड्रग्स के सोर्स के बारे में पूछताछ कर रही है और उसके बाद गिरोह के अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी भी संभव है।

    इस बीच, अबान शकील का नाम ड्रग तस्करी में फंसने के बाद भोपाल डिवीजन क्रिकेट एसोसिएशन (बीडीसीए) ने उसे अपनी प्रारंभिक सदस्यता से बर्खास्त कर दिया है। बीडीसीए ने एक बयान जारी कर इसकी पुष्टि की है। अबान बीडीसीए का आजीवन सदस्य भी था। पुलिस ने बताया कि अबान कोहेफिजा इलाके में स्थित सैफिया कॉलेज मैदान के पास बने करोड़ों रुपए कीमत के बंगले में रहता था और उसके घर के पोर्च पर लग्जरी कारें खड़ी रहती थीं।
    इस मामले में इंदौर के कनाड़िया थाने में अपराध क्रमांक 37/2025 के तहत धारा 8/22 एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है। अब तक आरोपियों से कुल 15.95 ग्राम एमडी ड्रग्स, बिना नंबर की इको स्पोर्ट्स कार, थार और एक एसयूवी जब्त की गई है। पुलिस का कहना है कि अबान थार जीप से भोपाल-इंदौर के पब और लाउंज में ड्रग सप्लाई करता था और उसके लिए लड़कियां भी पैडलर का काम करती थीं।

    इंदौर क्राइम ब्रांच और कनाड़िया पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में अबान की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस ने मामले के अन्य पहलुओं की भी जांच तेज कर दी है, जिससे जल्द ही गिरोह के अन्य सदस्यों के खिलाफ भी कार्रवाई की संभावना है।

  • इंदौर में कोहराम पटेल ब्रिज के नीचे बस ने बाइक को मारी टक्कर आक्रोशित भीड़ ने बस को किया आग के हवाले

    इंदौर में कोहराम पटेल ब्रिज के नीचे बस ने बाइक को मारी टक्कर आक्रोशित भीड़ ने बस को किया आग के हवाले


    इंदौर। मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर के व्यस्ततम इलाके पटेल ब्रिज के नीचे बुधवार सुबह उस समय अफरा-तफरी मच गईजब एक भीषण सड़क हादसे ने हिंसक रूप अख्तियार कर लिया। शुक्ला ब्रदर्स की एक तेज रफ्तार यात्री बस ने एक बाइक सवार को जोरदार टक्कर मार दीजिसके बाद मौके पर मौजूद गुस्साई भीड़ ने कानून को हाथ में लेते हुए बस में आग लगा दी। देखते ही देखते बस आग के गोले में तब्दील हो गई और काले धुएं का गुबार पूरे आसमान में छा गया।

    टक्कर के बाद भड़का जन-आक्रोश यह घटना सुबह करीब 9:30 बजे की हैजब छोटी ग्वालटोली क्षेत्र में पटेल ब्रिज के नीचे यातायात का भारी दबाव था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसारशुक्ला ब्रदर्स की बस ने बाइक को अपनी चपेट में ले लिया। गनीमत रही कि बाइक सवार को गंभीर चोटें नहीं आईंलेकिन इस हादसे ने वहां मौजूद लोगों के गुस्से को भड़का दिया। आरोप है कि चालक की लापरवाही से नाराज भीड़ ने बस को घेर लिया और उसमें आग लगा दी। आगजनी की आशंका इसलिए भी प्रबल है क्योंकि टक्कर के कुछ ही मिनटों बाद बस धू-धू कर जलने लगी थी।दमकल ने पाया काबूचालक मौके से फरार घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीम और तुकोगंज थाना पुलिस मौके पर पहुंची। फायर ब्रिगेड के सब इंस्पेक्टर शोभाराम मालवीय ने बताया कि आग की लपटें इतनी विकराल थीं कि दूर से ही दिखाई दे रही थीं। दमकलकर्मियों ने तत्परता दिखाते हुए एक टैंकर पानी की मदद से आग पर काबू पायालेकिन तब तक बस पूरी तरह जलकर खाक हो चुकी थी। हैरानी की बात यह रही कि आग लगने के दौरान बस का चालक मौके पर नहीं मिला आशंका है कि वह भीड़ के डर से वाहन छोड़कर भाग खड़ा हुआ।

    पुलिस की पड़ताल: दुर्घटना या साजिश? तुकोगंज थाना प्रभारी जितेंद्र यादव ने बताया कि बाइक सवार को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया हैजहाँ उसकी हालत खतरे से बाहर है। पुलिस अब इस गुत्थी को सुलझाने में जुटी है कि बस में आग तकनीकी खराबी या शॉर्ट सर्किट से लगी या फिर इसे भीड़ ने जानबूझकर लगाया। घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है ताकि आगजनी करने वाले संदिग्धों की पहचान की जा सके। पुलिस का कहना है कि यदि आगजनी की पुष्टि होती हैतो दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

    यातायात हुआ बाधितलाखों का नुकसान ब्रिज के नीचे हुई इस घटना के कारण घंटों तक यातायात व्यवस्था चरमरा गई। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए रूट को डायवर्ट किया और वैकल्पिक मार्गों से वाहनों को निकाला। इस अग्निकांड में बस पूरी तरह नष्ट हो गई हैजिससे बस ऑपरेटर को लाखों रुपये के नुकसान का अनुमान है। फिलहालपुलिस बस चालक की तलाश कर रही है और बाइक सवार के बयान दर्ज किए जा रहे हैं।

  • इंदौर में घरेलू नौकर ने चुराया 5 लाख का हीरा जड़ा ब्रेसलेट, पुलिस ने नौकर समेत दलाल और सुनार को गिरफ्तार किया

    इंदौर में घरेलू नौकर ने चुराया 5 लाख का हीरा जड़ा ब्रेसलेट, पुलिस ने नौकर समेत दलाल और सुनार को गिरफ्तार किया


    इंदौर । इंदौर के माणिकबाग रोड स्थित एक महिला कारोबारी के घर से घरेलू नौकर ने हीरे से जड़ा पांच लाख रुपये का ब्रेसलेट चुरा लिया। यह घटना इंदौर के भंवरकुआं थाना क्षेत्र की है जहाँ महिला कारोबारी आरती सांघी के घर से चोरी की वारदात को अंजाम दिया गया। महिला के मुताबिक यह ब्रेसलेट उसकी सास ने उपहार स्वरूप दिया था। घटना के समय वह नहाने जा रही थीं और तभी चोरी की गई। पुलिस ने गहन जांच के बाद घरेलू नौकर दलाल और सुनार को गिरफ्तार कर लिया है और चोरी किया गया ब्रेसलेट भी बरामद कर लिया है।

    चोरी की घटना और पुलिस जांच

    भंवरकुआं थाना क्षेत्र के टीआई के मुताबिक माणिकबाग रोड निवासी आरती सांघी ने घर में हुई चोरी की रिपोर्ट पुलिस में दर्ज कराई। आरती की गीता भवन नाम से गिफ्ट की दुकान है और घर में चोरी किए गए ब्रेसलेट को उसकी सास ने उन्हें उपहार के तौर पर दिया था। इस ब्रेसलेट की कीमत करीब पांच लाख रुपये थी और यह हीरे से जड़ा हुआ था। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की और क्राइम ब्रांच को मामले की जांच सौंप दी।

    गुरुवार को आरती द्वारा रिपोर्ट दर्ज कराए जाने के बाद पुलिस ने मामले की गंभीरता से जांच शुरू की। सबसे पहले पुलिस ने शक के आधार पर घर के घरेलू नौकर गणपत पुत्र जोगड़ा कामता को गिरफ्तार किया। गणपत ने पूछताछ के दौरान बताया कि उसने चोरी किया हुआ ब्रेसलेट राहुल वाघले नाम के एक व्यक्ति को बेचा था जो उसे धानगली इलाके में स्थित सुनार दिलीप इंदरलाल रघुवंशी के पास ले गया था। इसके बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए राहुल व दिलीप को भी गिरफ्तार कर लिया और ब्रेसलेट बरामद कर लिया।

    तीन गिरफ्तार ब्रेसलेट बरामद

    पुलिस ने अब तक तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है गणपत कामता जो घरेलू नौकर था राहुल वाघले दलाल और दिलीप इंदरलाल रघुवंशी सुनार । इन तीनों के खिलाफ चोरी धोखाधड़ी और अन्य संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने बताया कि ब्रेसलेट चोरी करने के बाद गणपत ने राहुल की मदद से उसे सुनार दिलीप को बेच दिया था जिससे उन्हें ब्रेसलेट आसानी से बिक गया। आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने ब्रेसलेट को भी जब्त कर लिया है, जिसे अब आरती सांघी को सौंप दिया जाएगा। पुलिस ने यह भी कहा कि यह एक संगठित चोरी का मामला था जिसमें घरेलू नौकर के साथ-साथ अन्य लोग भी शामिल थे।

    वृद्धा से चेन लूटने वाले तीन बदमाश गिरफ्तार

    इसके अलावा पुलिस ने एक और बड़ी सफलता हासिल की है। राजेंद्रनगर पुलिस ने तीन बदमाशों को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने एक वृद्धा से दो तोला वजनी सोने की चेन लूटी थी। यह घटना स्कीम-108 क्षेत्र में हुई थी जब कंचन पाटीदार नाम की वृद्धा से चेन छीन ली गई थी। पुलिस ने आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों में प्रेम शिंदे आकाश परिहार और रियान रशीद शाह शामिल हैं। इन तीनों पर आरोप है कि उन्होंने वृद्धा को घेर कर उसका आभूषण लूटा था।

    पुलिस की कार्रवाई और सुरक्षा को लेकर चिंताएं

    इन दोनों घटनाओं ने इंदौर में बढ़ती आपराधिक गतिविधियों की चिंता को और बढ़ा दिया है। हालांकि पुलिस ने सख्त कार्रवाई की है, लेकिन शहर में चोरी और लूट जैसी वारदातों में वृद्धि देखी जा रही है। स्थानीय लोग और व्यापारी सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं और प्रशासन से बेहतर सुरक्षा इंतजामों की मांग कर रहे हैं। इंदौर पुलिस का कहना है कि वह लगातार आपराधिक गतिविधियों पर नज़र बनाए हुए हैं और शहर में अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। साथ ही, पुलिस ने नागरिकों से भी अपील की है कि वे अपनी सुरक्षा को लेकर सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।

    इंदौर में घरेलू नौकर द्वारा की गई चोरी और बाद में अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी ने यह साबित कर दिया कि चोरी की घटनाएं कभी भी किसी से भी हो सकती हैं। पुलिस ने अपनी तेज़ी से कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार किया और चोरी किए गए ब्रेसलेट को बरामद किया। वहीं दूसरी ओर वृद्धा से चेन लूटने वाले तीन बदमाशों की गिरफ्तारी भी एक महत्वपूर्ण सफलता मानी जा रही है। अब, यह देखना होगा कि पुलिस आगे इन वारदातों पर किस तरह नियंत्रण पाती है और शहरवासियों को सुरक्षित रखने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।