Tag: Indore Weather

  • मानसून ने इंदौर को किया तरबतर, सीजन में 11 इंच से ज्यादा बारिश; अगले 3-4 दिन भी राहत नहीं

    मानसून ने इंदौर को किया तरबतर, सीजन में 11 इंच से ज्यादा बारिश; अगले 3-4 दिन भी राहत नहीं


    इंदौर । इंदौर में मानसून लगातार मेहरबान बना हुआ है। जुलाई की शुरुआत से ही शहर में बारिश का दौर जारी है और पिछले तीन दिनों में छह इंच से अधिक पानी बरस चुका है। शुक्रवार शाम हुई जोरदार बारिश के बाद रातभर रुक-रुककर बारिश होती रही, जबकि शनिवार सुबह भी आसमान में बादल छाए रहे और कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग ने शनिवार को भी तेज बारिश की संभावना जताई है। लगातार हो रही बारिश के चलते इस सीजन में अब तक 11 इंच से अधिक वर्षा रिकॉर्ड की जा चुकी है।

    शुक्रवार शाम करीब दो घंटे तक हुई तेज बारिश के दौरान लगभग ढाई इंच पानी बरसा। इसके बाद देर रात फिर बारिश का सिलसिला शुरू हो गया। लगातार बारिश के बावजूद दिन का अधिकतम तापमान 30 से 32 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है, जबकि न्यूनतम तापमान 21 से 22 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया जा रहा है। बारिश के दौरान मौसम सुहावना हो जाता है, लेकिन कुछ समय बाद उमस का असर भी महसूस किया जा रहा है।

    मौसम वैज्ञानिक अजय कुमार शुक्ला के अनुसार फिलहाल इंदौर पर दोहरे मानसूनी सिस्टम का प्रभाव है। अरब सागर में सक्रिय मौसम प्रणाली का असर मालवा क्षेत्र तक पहुंच रहा है, जबकि बंगाल की खाड़ी में बना सिस्टम मध्य प्रदेश के जबलपुर, रीवा और भोपाल संभाग में अच्छी बारिश करा रहा है। दोनों सिस्टम के सक्रिय रहने से पूरे प्रदेश में व्यापक वर्षा हो रही है। मौसम विभाग का अनुमान है कि यह स्थिति अगले तीन से चार दिनों तक बनी रह सकती है और जुलाई का पहला सप्ताह अच्छी बारिश के साथ गुजरने की संभावना है।

    लगातार बारिश के बीच स्वास्थ्य विभाग ने भी लोगों के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की है। विभाग ने चेतावनी दी है कि मानसून के दौरान दूषित पानी और अस्वच्छ वातावरण के कारण डायरिया, टाइफाइड, पीलिया, पैचिश, हैजा, डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

    स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से केवल स्वच्छ और उबला हुआ पानी पीने, ताजा भोजन करने और भोजन से पहले तथा शौच के बाद साबुन से हाथ धोने की अपील की है। दस्त और उल्टी की स्थिति में चिकित्सकीय सलाह के अनुसार ओआरएस घोल और जिंक का उपयोग करने की सलाह भी दी गई है। साथ ही खुले में बिकने वाले खाद्य पदार्थों और सड़े-गले फलों से बचने की हिदायत दी गई है।

    मच्छरजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए घरों और आसपास पानी जमा नहीं होने देने की सलाह दी गई है। कूलर, फ्रिज की ट्रे, फुलदान, पुराने टायर और अन्य बर्तनों में जमा पानी नियमित रूप से खाली करने को कहा गया है। स्वास्थ्य विभाग ने पूरी आस्तीन के कपड़े पहनने, मच्छरदानी का उपयोग करने और बुखार आने पर तुरंत जांच कराने की अपील की है।

    बारिश के आंकड़ों पर नजर डालें तो 1 जुलाई को 63.6 मिमी, 2 जुलाई को 41.9 मिमी और 3 जुलाई को 64.1 मिमी वर्षा दर्ज की गई। इस तरह जुलाई के शुरुआती तीन दिनों में ही 169 मिमी से अधिक बारिश हो चुकी है, जबकि पूरे मानसून सीजन में अब तक करीब 283.9 मिमी यानी 11 इंच से अधिक वर्षा रिकॉर्ड की जा चुकी है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान को देखते हुए आने वाले दिनों में भी इंदौर और आसपास के क्षेत्रों में अच्छी बारिश जारी रहने की संभावना है।

  • बारिश ने खोली विकास कार्यों की पोल, इंदौर में जलभराव से जनजीवन बेहाल; 4 दिन भारी बारिश का अलर्ट

    बारिश ने खोली विकास कार्यों की पोल, इंदौर में जलभराव से जनजीवन बेहाल; 4 दिन भारी बारिश का अलर्ट


    इंदौर । इंदौर में मानसून ने जुलाई की शुरुआत से ही जोरदार दस्तक दी है। पिछले दो दिनों में शहर में करीब पांच इंच बारिश दर्ज की गई है, जिससे कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई। बुधवार को करीब ढाई इंच बारिश के बाद गुरुवार रात फिर तेज बारिश हुई और शुक्रवार सुबह तक शहर के अधिकांश हिस्सों में पानी भरा रहा। लगातार हो रही बारिश के बीच अधूरे सड़क और ड्रेनेज निर्माण कार्यों ने लोगों की मुश्किलें कई गुना बढ़ा दी हैं। मौसम विभाग ने अगले चार दिनों तक भारी से अति भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है, जिससे प्रशासन की चिंता भी बढ़ गई है।

    बारिश के बाद एमबी रोड, रिंग रोड, नेहरू नगर, अटल द्वार, निपानिया, स्टार चौराहा और द्वारकापुरी समेत कई इलाकों में सड़कों पर पानी भर गया। कई स्थानों पर ड्रेनेज लाइन, स्टॉर्म वॉटर लाइन और पेयजल पाइपलाइन बिछाने के लिए की गई खुदाई के बाद सड़कें समय पर दुरुस्त नहीं की गईं। कहीं केवल मिट्टी और गिट्टी डालकर काम छोड़ दिया गया, जो बारिश में दलदल में बदल गई। इससे वाहन चालकों और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

    सत्यसांई चौराहे के पास तेज बारिश के दौरान एक बड़ा पेड़ का हिस्सा सड़क पर गिर गया। हालांकि इस हादसे में एक व्यक्ति बाल-बाल बच गया। वहीं कई स्थानों पर दोपहिया वाहन चालक गड्ढों और फिसलन के कारण गिरकर घायल हो गए। बारिश के पानी में गड्ढे दिखाई नहीं देने से दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बना हुआ है।

    एमआर-11 मार्ग पर निर्माण कार्य के चलते बनाए गए डायवर्शन मार्ग भी बारिश में खतरनाक साबित हो रहे हैं। देवास नाका और निपानिया चौराहे के आसपास खुदाई के बाद सड़क की ठीक से मरम्मत नहीं होने के कारण जगह-जगह बड़े गड्ढे बन गए हैं। मानसरोवर क्षेत्र में हाल ही में बनी सड़क पहली ही बारिश में उखड़ने लगी है, जबकि महालक्ष्मी नगर से निपानिया तक की सीमेंटेड सड़क भी कई जगह क्षतिग्रस्त हो चुकी है। सड़क किनारे पक्के फुटपाथ नहीं होने से पूरा इलाका कीचड़ और दलदल में बदल गया है।

    हाल ही में बनाई गई स्टॉर्म वॉटर लाइन भी बारिश का दबाव नहीं झेल सकी। स्टार चौराहे पर घंटों तक पानी जमा रहा। वहीं जंजीरवाला चौराहे और रॉयल पार्क क्षेत्र में अधूरे निर्माण कार्यों के कारण हर बारिश में जलभराव की समस्या सामने आ रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि संबंधित एजेंसियों के बीच समन्वय की कमी का खामियाजा आम नागरिक भुगत रहे हैं।

    मेट्रो प्रोजेक्ट के तहत रेडिसन चौराहे से रोबोट चौराहे तक चल रहे निर्माण कार्य ने भी ट्रैफिक और सड़क व्यवस्था को प्रभावित किया है। मुख्य सड़क संकरी होने और सर्विस रोड की खराब स्थिति के कारण बारिश के दौरान आवागमन और मुश्किल हो गया है। वहीं द्वारकापुरी क्षेत्र में वर्षों से चली आ रही जलभराव की समस्या अब भी जस की तस बनी हुई है। कई परिवारों ने घरों में पानी घुसने से रोकने के लिए मुख्य दरवाजों के सामने सीमेंट की छोटी दीवारें तक बना ली हैं।

    मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में 6 जुलाई तक भारी से अति भारी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। ऐसे में प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने, जलभराव वाले क्षेत्रों में सावधानी बरतने और मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करने की अपील की है। लगातार हो रही बारिश ने एक बार फिर शहर की अधूरी परियोजनाओं और कमजोर आधारभूत ढांचे की पोल खोल दी है।

  • क्रेडिट कार्ड का कर्ज नहीं चुका पाया डिलीवरी बॉय ने उठाया खौफनाक कदम इंदौर में दो युवकों की मौत से सनसनी

    क्रेडिट कार्ड का कर्ज नहीं चुका पाया डिलीवरी बॉय ने उठाया खौफनाक कदम इंदौर में दो युवकों की मौत से सनसनी


    इंदौर मध्य प्रदेश के इंदौर में आर्थिक तंगी और बढ़ते कर्ज के दबाव के बीच एक युवा डिलीवरी बॉय की मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। चंदन नगर थाना क्षेत्र में रहने वाले 25 वर्षीय युवक ने कथित तौर पर जहरीला पदार्थ खा लिया। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार वह लंबे समय से आर्थिक परेशानियों और क्रेडिट कार्ड के कर्ज को लेकर तनाव में था। वहीं शहर के आजाद नगर क्षेत्र में भी एक 21 वर्षीय युवक ने फांसी लगाकर जान दे दी। दोनों मामलों की पुलिस जांच जारी है।

    पुलिस के अनुसार चंदन नगर के व्यास नगर निवासी लखन कोटे ने बुधवार को अपने घर में जहरीला पदार्थ खा लिया। तबीयत बिगड़ने पर उसकी पत्नी ने परिवार के अन्य सदस्यों को सूचना दी जिसके बाद परिजन उसे तत्काल एमवाय अस्पताल लेकर पहुंचे। डॉक्टरों ने इलाज शुरू किया लेकिन गुरुवार तड़के उसकी मौत हो गई। घटना के बाद परिवार में शोक का माहौल है।

    परिजनों ने पुलिस को बताया कि लखन पार्सल डिलीवरी का काम करने के साथ साथ रेपिडो चलाकर भी परिवार का खर्च उठाता था। पिछले कुछ समय से आमदनी कम हो गई थी जबकि खर्च लगातार बढ़ रहे थे। आर्थिक जरूरतों को पूरा करने के लिए उसने क्रेडिट कार्ड के माध्यम से कर्ज लिया था। परिजनों के अनुसार वह समय पर भुगतान नहीं कर पा रहा था और इसी कारण मानसिक तनाव में रहने लगा था। हालांकि उसने कितना कर्ज लिया था इसकी आधिकारिक जानकारी अभी सामने नहीं आई है।

    लखन की शादी करीब डेढ़ वर्ष पहले हुई थी। परिवार में उसके माता पिता पत्नी और बड़ा भाई हैं। पुलिस को मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है इसलिए आत्महत्या के कारणों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। पुलिस आर्थिक लेनदेन और अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है।

    इधर आजाद नगर थाना क्षेत्र के इदरीश नगर में रहने वाले 21 वर्षीय अनोज एड्रयू ने भी अपने घर में फांसी लगाकर जान दे दी। उसका शव कुछ परिचित लोग अस्पताल लेकर पहुंचे थे। पुलिस का कहना है कि शव अस्पताल पहुंचाने वाले लोगों से संपर्क करने का प्रयास किया जा रहा है ताकि घटना के कारणों का पता लगाया जा सके। फिलहाल इस मामले में भी जांच जारी है और आत्महत्या के पीछे की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है।

    लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाएं आर्थिक दबाव और मानसिक तनाव की गंभीरता की ओर संकेत करती हैं। पुलिस दोनों मामलों में सभी पहलुओं की जांच कर रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट तथा अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

  • एक इंच बारिश के बाद फिर बढ़ी उमस, इंदौर में रात का तापमान 6 डिग्री उछला; आज फिर बारिश की संभावना

    एक इंच बारिश के बाद फिर बढ़ी उमस, इंदौर में रात का तापमान 6 डिग्री उछला; आज फिर बारिश की संभावना


    मध्यप्रदेश । इंदौर में रविवार अलसुबह हुई करीब एक इंच बारिश ने लोगों को कुछ समय के लिए गर्मी से राहत जरूर दी, लेकिन यह राहत ज्यादा देर तक नहीं टिक सकी। बारिश के बाद दिन चढ़ते ही तेज धूप और बढ़ी हुई नमी ने मौसम को फिर से असहज बना दिया। पूरे दिन उमस भरी गर्मी के कारण लोग परेशान रहे, वहीं रात के तापमान में अचानक हुई बढ़ोतरी ने भी लोगों की मुश्किलें बढ़ा दीं।

    मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार रविवार को शहर का अधिकतम तापमान 36.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से लगभग एक डिग्री कम रहा। हालांकि तापमान में गिरावट के बावजूद वातावरण में मौजूद नमी के कारण उमस काफी अधिक महसूस हुई। वहीं न्यूनतम तापमान में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई और यह 25.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। पिछले दिन की तुलना में रात के तापमान में करीब 6 डिग्री का उछाल देखा गया।

    सोमवार सुबह शहर का मौसम बदला-बदला नजर आया। आसमान में हल्के बादल छाए रहे और बीच-बीच में धूप भी निकलती रही। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि दिन के दौरान इंदौर और आसपास के इलाकों में फिर से बारिश या हल्की बौछारें देखने को मिल सकती हैं। स्थानीय स्तर पर बन रहे बादल और वातावरण में मौजूद नमी के कारण प्री-मानसून गतिविधियां जारी रहने की संभावना है।

    इस सीजन में अब तक इंदौर में लगभग 2 इंच बारिश दर्ज की जा चुकी है, जबकि केवल जून महीने में औसतन करीब 5 इंच बारिश होती है। ऐसे में अभी भी सामान्य आंकड़े तक पहुंचने के लिए अच्छी बारिश की जरूरत बनी हुई है। शहर के जलस्रोतों और भूजल स्तर को देखते हुए पर्याप्त वर्षा बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

    मानसून की सुस्त चाल फिलहाल मौसम विशेषज्ञों और प्रशासन दोनों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। जून के शुरुआती दिनों में अपेक्षित वर्षा नहीं होने के कारण शहर के तालाबों और जलाशयों का जलस्तर लगातार घट रहा है। बढ़ती आबादी और पानी की बढ़ती मांग को देखते हुए इंदौर को हर साल अच्छी बारिश की आवश्यकता रहती है। विशेषज्ञों का मानना है कि शहर को दीर्घकालिक जल संकट से बचाने के लिए सामान्य से बेहतर वर्षा जरूरी है।

    मौसम विभाग के अनुसार इंदौर में मानसून की औपचारिक एंट्री 18 जून के बाद होने की संभावना है। फिलहाल अरब सागर और आसपास के क्षेत्रों में मजबूत मौसमी सिस्टम सक्रिय नहीं होने के कारण मानसून की गति धीमी बनी हुई है। हालांकि मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि यदि अगले कुछ दिनों में अनुकूल परिस्थितियां बनती हैं तो मानसून तेजी पकड़ सकता है और जून के अंत तक बारिश का आंकड़ा सामान्य स्तर के करीब पहुंच सकता है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि अच्छी वर्षा केवल तालाबों को भरने के लिए ही नहीं, बल्कि भूजल स्तर को बनाए रखने के लिए भी आवश्यक है। पर्याप्त बारिश होने पर बोरवेल, ट्यूबवेल और अन्य जलस्रोतों को भी राहत मिलेगी। ऐसे में शहरवासियों की निगाहें अब मानसून की जोरदार दस्तक पर टिकी हुई हैं।

  • इंदौर में बदला मौसम का मिजाज, प्री-मानसून ने दी दस्तक; बारिश और तेज हवाओं से तापमान 7 डिग्री गिरा

    इंदौर में बदला मौसम का मिजाज, प्री-मानसून ने दी दस्तक; बारिश और तेज हवाओं से तापमान 7 डिग्री गिरा


    मध्यप्रदेश । इंदौर में लंबे समय से बनी हुई उमस और गर्मी के बीच रविवार को प्री-मानसून गतिविधियों ने राहत पहुंचाई। अलसुबह शहर के कई हिस्सों में बारिश हुई, तेज हवाएं चलीं और बिजली कड़कने के साथ कुछ क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति भी प्रभावित रही। मौसम विभाग के अनुसार पिछले 24 घंटों में शहर में 29.1 मिमी यानी एक इंच से अधिक बारिश दर्ज की गई। बारिश के बाद कुछ समय के लिए मौसम सुहावना रहा, हालांकि दिन चढ़ने के साथ उमस फिर महसूस होने लगी।

    बारिश और तेज हवाओं का असर तापमान पर भी साफ दिखाई दिया। शनिवार रात न्यूनतम तापमान में करीब 7 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई और यह 19.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। यह सामान्य तापमान से लगभग 5 डिग्री कम रहा। पिछले चार दिनों से रात का तापमान 26 डिग्री सेल्सियस से अधिक बना हुआ था, लेकिन मौसम में आए अचानक बदलाव ने लोगों को गर्मी से बड़ी राहत दी।

    शनिवार को दिनभर शहर में उमस का असर बना रहा और लगातार चौथे दिन अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया। हालांकि रात में मौसम का मिजाज बदलने के बाद वातावरण में ठंडक महसूस की गई। रविवार सुबह हुई बारिश के बाद आसमान साफ हो गया और धूप निकल आई, लेकिन हवा में नमी बढ़ने के कारण उमस बनी रही।

    मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में सक्रिय टर्फ लाइन और प्री-मानसून सिस्टम के कारण अगले चार दिनों तक मौसम में उतार-चढ़ाव जारी रहेगा। इंदौर सहित उज्जैन, रतलाम, झाबुआ, अलीराजपुर, धार, बड़वानी, खरगोन, देवास, हरदा, खंडवा और बुरहानपुर जिलों में आंधी और बारिश की संभावना बनी हुई है। इसके साथ ही कुछ इलाकों में तेज गर्मी और उमस का असर भी देखने को मिल सकता है।

    मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इस समय पूरे मध्य प्रदेश में प्री-मानसून गतिविधियां सक्रिय हैं। कहीं तेज हवाएं चल रही हैं तो कहीं गरज-चमक के साथ बारिश हो रही है। कुछ क्षेत्रों में ओलावृष्टि की भी घटनाएं सामने आई हैं। मानसून की रफ्तार फिलहाल सामान्य से थोड़ी धीमी है और यह लगभग तीन से चार दिन देरी से आगे बढ़ रहा है। ऐसे में प्रदेश में मानसून के 18 जून तक प्रवेश करने की संभावना जताई जा रही है।

    बारिश के आंकड़ों पर नजर डालें तो इंदौर में जून माह के दौरान अब तक 55.2 मिमी यानी दो इंच से अधिक वर्षा दर्ज की जा चुकी है। महीने का आधा समय अभी बाकी है, ऐसे में बारिश का आंकड़ा और बढ़ने की संभावना है। सामान्य तौर पर जून महीने में शहर में मानसून पूर्व अच्छी बारिश देखने को मिलती है और इस बार भी यही स्थिति बनती दिखाई दे रही है।

    इंदौर के मौसम इतिहास की बात करें तो वर्ष 1980 में जून महीने में 17 इंच से अधिक वर्षा दर्ज की गई थी, जो अब तक का रिकॉर्ड है। वहीं 23 जून 2003 को 24 घंटे में पांच इंच बारिश हुई थी। तापमान के रिकॉर्ड में 3 जून 1991 को अधिकतम तापमान 45.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था, जबकि 12 जून 1958 को न्यूनतम तापमान 18.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। फिलहाल मौसम विभाग ने लोगों को बदलते मौसम को देखते हुए सावधानी बरतने और गरज-चमक के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है।

  • इंदौर में मानसून का इंतजार बढ़ा, गर्मी और उमस से बेहाल शहर; प्री-मानसून गतिविधियां भी कमजोर

    इंदौर में मानसून का इंतजार बढ़ा, गर्मी और उमस से बेहाल शहर; प्री-मानसून गतिविधियां भी कमजोर


    मध्‍य प्रदेश । मालवा की आर्थिक राजधानी इंदौर में जून का दूसरा सप्ताह समाप्ति की ओर है, लेकिन शहरवासियों को अब तक मानसून पूर्व राहत नहीं मिल सकी है। गर्मी और उमस का दोहरा असर लोगों को परेशान कर रहा है। पिछले कई दिनों से मौसम लगभग एक जैसा बना हुआ है। दिन का तापमान करीब 38 डिग्री सेल्सियस और रात का तापमान 26 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है। सुबह से तेज धूप और हवा में नमी के कारण लोगों को लगातार उमस का सामना करना पड़ रहा है।

    मौसम विभाग के अनुसार फिलहाल इंदौर और आसपास के क्षेत्रों में मौसम साफ रहने की संभावना है। हालांकि प्रदेश के अन्य हिस्सों में प्री-मानसून गतिविधियां सक्रिय हैं, लेकिन इंदौर क्षेत्र पर उनका अपेक्षित प्रभाव नहीं दिखाई दे रहा है। यही वजह है कि जून के दूसरे सप्ताह तक शहर में केवल लगभग एक इंच बारिश दर्ज की गई है, जो सामान्य स्थिति की तुलना में काफी कम मानी जा रही है।

    आमतौर पर जून माह में इंदौर के तापमान में उल्लेखनीय गिरावट देखने को मिलती है। पिछले छह वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो वर्ष 2020 से 2025 के बीच जून महीने में अधिकतम तापमान 39.6 से 41.6 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा है। पिछले वर्ष अधिकतम तापमान 41.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा था, लेकिन साथ ही अच्छी बारिश ने मौसम को राहतभरा बनाए रखा था। सामान्य तौर पर जून महीने में इंदौर अपने वार्षिक वर्षा कोटे का लगभग 20 प्रतिशत प्राप्त कर लेता है। वर्ष 2025 में जून के दौरान करीब साढ़े पांच इंच बारिश दर्ज की गई थी।

    इंदौर के मौसम इतिहास पर नजर डालें तो जून महीने में कई रिकॉर्ड दर्ज हैं। वर्ष 1980 में शहर में जून के दौरान 17 इंच से अधिक बारिश हुई थी, जो अब भी एक बड़ा रिकॉर्ड माना जाता है। वहीं 23 जून 2003 को 24 घंटे में लगभग पांच इंच बारिश दर्ज की गई थी। तापमान के लिहाज से 3 जून 1991 को अधिकतम तापमान 45.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था, जबकि 12 जून 1958 को न्यूनतम तापमान 18.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था।

    मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि दक्षिण-पश्चिम मानसून ने देश के कई हिस्सों में दोबारा गति पकड़ ली है। इसके चलते मध्य प्रदेश में मानसून के प्रवेश की संभावनाएं मजबूत हुई हैं। वर्तमान अनुमान के अनुसार 15 से 18 जून के बीच मानसून प्रदेश में दस्तक दे सकता है। हालांकि तब तक प्रदेश में प्री-मानसून गतिविधियां जारी रहेंगी।

    प्रदेश के कई जिलों में हाल के दिनों में तेज आंधी, बारिश और कहीं-कहीं ओलावृष्टि भी दर्ज की गई है। लेकिन इंदौर और उसके आसपास के इलाकों में इन गतिविधियों का प्रभाव बेहद सीमित रहा है। मौसम विभाग का मानना है कि मानसून के सक्रिय होते ही इंदौर में बारिश की स्थिति बेहतर होगी और लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिलने की संभावना है।

    फिलहाल शहरवासी आसमान की ओर उम्मीद भरी नजरों से देख रहे हैं और मानसून की पहली जोरदार बारिश का इंतजार कर रहे हैं, जो न केवल तापमान में गिरावट लाएगी बल्कि लंबे समय से बनी उमस से भी राहत दिलाएगी।

  • इंदौर मौसम अपडेट: प्री-मानसून कमजोर, दो–तीन दिन बारिश से राहत नहीं – उमस बढ़ाएगी परेशानी

    इंदौर मौसम अपडेट: प्री-मानसून कमजोर, दो–तीन दिन बारिश से राहत नहीं – उमस बढ़ाएगी परेशानी


    मध्‍य प्रदेश । इंदौर में मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है, लेकिन राहत की बारिश फिलहाल दूर नजर आ रही है। पिछले 24 घंटों में जहां दिन के तापमान में करीब 2 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई है, वहीं रात का तापमान 1 डिग्री बढ़ गया है।

    बुधवार को शहर में अधिकतम तापमान 38.9 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो पिछले दिन की तुलना में मामूली वृद्धि के साथ दर्ज हुआ। वहीं न्यूनतम तापमान 26.1 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जिससे रात में भी गर्मी का असर बना रहा।

     प्री-मानसून कमजोर, बारिश का इंतजार लंबा
    इस बार इंदौर में प्री-मानसून गतिविधियां बेहद कमजोर बनी हुई हैं। अब तक शहर में केवल करीब 1 इंच बारिश ही दर्ज की गई है, जो सामान्य से काफी कम मानी जा रही है।

    मौसम विभाग के अनुसार, अगले दो से तीन दिनों तक इंदौर और आसपास के क्षेत्रों में बारिश की कोई संभावना नहीं है। आसमान साफ रहेगा, लेकिन उमस लोगों को परेशान करती रहेगी।

     प्रदेश में बारिश, लेकिन इंदौर में सूखा जैसा मौसम
    मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में ट्रफ और साइक्लोनिक सर्कुलेशन के कारण तेज आंधी और बारिश का दौर जारी है। ग्वालियर, जबलपुर, बुंदेलखंड और चंबल क्षेत्र में मौसम सक्रिय है, लेकिन इंदौर और आसपास का इलाका इस सिस्टम से लगभग बाहर बना हुआ है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इसी वजह से इंदौर में बादलों की सक्रियता नहीं बन पा रही है और बारिश की गतिविधियां कमजोर बनी हुई हैं।

    आने वाले दिनों में भी राहत नही
    मौसम विभाग का अनुमान है कि 13 जून के आसपास ग्वालियर-चंबल और बुंदेलखंड में तेज आंधी का ऑरेंज अलर्ट रहेगा, लेकिन इंदौर में फिलहाल बारिश की कोई मजबूत संभावना नहीं दिख रही है।

    उमस और गर्मी से बढ़ी परेशानी
    बारिश न होने और हवा में नमी बढ़ने के कारण शहर में उमस का असर तेज हो गया है। दिन में गर्म हवाएं और रात में चिपचिपी गर्मी लोगों की परेशानी बढ़ा रही है। लोग अब मानसून की औपचारिक एंट्री का इंतजार कर रहे हैं, जिससे तापमान में गिरावट और मौसम में राहत मिल सके।

  • मानसून आने से पहले मौसम का यू-टर्न, 18 जिलों में बारिश-आंधी और फिर पड़ेगी भीषण गर्मी

    मानसून आने से पहले मौसम का यू-टर्न, 18 जिलों में बारिश-आंधी और फिर पड़ेगी भीषण गर्मी


    मध्यप्रदेश । मध्य प्रदेश में मानसून की दस्तक अब ज्यादा दूर नहीं है। मौसम विभाग और मौसम विशेषज्ञों के अनुसार प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून 15 से 18 जून के बीच प्रवेश कर सकता है। अनुमान है कि मानसून की पहली एंट्री इंदौर और जबलपुर संभाग के छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, बालाघाट, बैतूल, बड़वानी, खरगोन या बुरहानपुर जिले के रास्ते हो सकती है। इसके पहले पूरे प्रदेश में प्री-मानसून गतिविधियां सक्रिय रहेंगी, जिससे कई क्षेत्रों में तेज आंधी, गरज-चमक और बारिश का दौर जारी रहेगा।

    मौसम विभाग ने मंगलवार को प्रदेश के करीब 20 जिलों में तेज हवाओं और बारिश का अलर्ट जारी किया है। इनमें बड़वानी, खरगोन, बुरहानपुर, खंडवा, हरदा, नर्मदापुरम, बैतूल, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, जबलपुर, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, अनूपपुर, उमरिया और शहडोल सहित कई जिले शामिल हैं। इन क्षेत्रों में कहीं-कहीं तेज हवा के साथ गरज-चमक और हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है।

    हालांकि बारिश के साथ गर्मी का असर भी बना रहेगा। मौसम विभाग ने 10 और 11 जून को भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर जिलों में हीटवेव का अलर्ट जारी किया है। इससे साफ है कि प्रदेश में फिलहाल तीनों मौसम—गर्मी, आंधी-बारिश और बढ़ती नमी—एक साथ प्रभाव दिखा रहे हैं।

    सोमवार को प्रदेश के कई हिस्सों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया। मंडला सबसे गर्म रहा, जहां अधिकतम तापमान 42.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। छिंदवाड़ा, खजुराहो, दमोह, मलाजखंड, राजगढ़, नरसिंहपुर, दतिया और शाजापुर सहित कई शहरों में तापमान 41 डिग्री से ऊपर पहुंच गया। वहीं ग्वालियर में 41.6 डिग्री, जबलपुर में 40 डिग्री, उज्जैन में 39.5 डिग्री, भोपाल में 38.7 डिग्री और इंदौर में 38.6 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया।

    मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि प्रदेश इस समय एक महत्वपूर्ण संक्रमण काल से गुजर रहा है। पूर्वी मध्य प्रदेश के रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला, बालाघाट और सिवनी जिलों में अगले तीन से चार दिनों तक गरज-चमक के साथ बारिश की गतिविधियां बनी रह सकती हैं। महाकौशल क्षेत्र में कई स्थानों पर मध्यम वर्षा होने की संभावना है, जबकि बिजली गिरने और तेज हवाओं की घटनाओं में भी वृद्धि हो सकती है।

    भोपाल, रायसेन, सीहोर, विदिशा, राजगढ़, नर्मदापुरम, बैतूल और हरदा जैसे जिलों में दोपहर बाद बादल छाने और हल्की से मध्यम बारिश होने के आसार हैं। इससे पिछले कुछ दिनों से पड़ रही भीषण गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है। वहीं मालवा-निमाड़ क्षेत्र में अरब सागर से आने वाली नमी का असर दिखाई देगा, जिसके कारण बादलों की आवाजाही और उमस में बढ़ोतरी हो सकती है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि वर्तमान मौसमीय परिस्थितियां मानसून के आगमन के लिए अनुकूल बन रही हैं। यदि अगले कुछ दिनों तक यही स्थिति बनी रहती है, तो दक्षिण-पूर्वी और पूर्वी मध्य प्रदेश में मानसूनी गतिविधियां तेजी से बढ़ सकती हैं। किसानों के लिए यह खरीफ सीजन की तैयारी का समय है, लेकिन विशेषज्ञ सलाह दे रहे हैं कि स्थायी और व्यापक वर्षा शुरू होने के बाद ही बुवाई का निर्णय लेना अधिक उचित रहेगा।

    मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार प्रदेश में सक्रिय प्री-मानसून सिस्टम, चक्रवाती परिसंचरण और पश्चिमी विक्षोभ के संयुक्त प्रभाव से मौसम में लगातार बदलाव देखने को मिल रहा है। आने वाले दिनों में तापमान में 2 से 5 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज हो सकती है, जिससे कई क्षेत्रों में मौसम सुहावना होने की संभावना है।

  • आधा इंच बारिश के बाद सुहाना हुआ मौसम, कई इलाकों में रिमझिम और बूंदाबांदी

    आधा इंच बारिश के बाद सुहाना हुआ मौसम, कई इलाकों में रिमझिम और बूंदाबांदी


    मध्य प्रदेश । मध्य प्रदेश के Indore में प्री-मानसून गतिविधियों ने मौसम का मिजाज बदल दिया है। गुरुवार देर रात से शुरू हुई बारिश और ठंडी हवाओं ने भीषण गर्मी से राहत दिलाई। शुक्रवार तड़के शहर के अधिकांश हिस्सों में अच्छी बारिश दर्ज की गई, जबकि सुबह से कई इलाकों में रिमझिम और बूंदाबांदी का दौर जारी रहा। मौसम विभाग के अनुसार इंदौर में 15.6 मिमी यानी लगभग आधा इंच बारिश रिकॉर्ड की गई है। सबसे बड़ा बदलाव रात के तापमान में देखने को मिला, जो एक ही दिन में करीब 6 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया। इससे शहरवासियों को उमस और गर्मी से काफी राहत मिली है।

    चार दिन बाद बदला मौसम का मिजाज
    पिछले चार दिनों से इंदौर का अधिकतम तापमान लगातार 38 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ था। बुधवार को दिन का तापमान 38.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था, जबकि गुरुवार को यह 38.4 डिग्री सेल्सियस रहा। हालांकि देर रात मौसम ने अचानक करवट ली। बादल छाने लगे और कई इलाकों में बारिश शुरू हो गई। इसके असर से न्यूनतम तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई। बुधवार रात जहां तापमान 25.8 डिग्री सेल्सियस था, वहीं गुरुवार रात यह घटकर 19 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि प्री-मानसून की सक्रियता के चलते फिलहाल वातावरण में ठंडक बनी रहेगी और अगले कुछ दिनों तक बादलों की आवाजाही जारी रह सकती है।

    आज भी बारिश और बूंदाबांदी के आसार
    मौसम विभाग के अनुसार शुक्रवार को इंदौर और आसपास के क्षेत्रों में मिश्रित मौसम बना रहेगा। कुछ क्षेत्रों में हल्की बारिश, कहीं रिमझिम फुहारें और कहीं केवल बूंदाबांदी देखने को मिल सकती है। बादलों और ठंडी हवाओं के कारण दिन के तापमान में भी कमी महसूस की जा रही है। मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि अगले कुछ दिनों तक प्री-मानसून गतिविधियां प्रदेश के पश्चिमी और मध्य हिस्सों में सक्रिय रह सकती हैं।

    मध्य प्रदेश में 20 से 22 जून के बीच मानसून की संभावना
    इस बीच दक्षिण-पश्चिम मानसून ने Kerala में दस्तक दे दी है, जिससे मध्य प्रदेश में मानसून आगमन की उम्मीदें बढ़ गई हैं। मौसम विभाग के अनुसार इस वर्ष मानसून सामान्य तिथि की तुलना में लगभग 5 से 7 दिन की देरी से प्रदेश में प्रवेश कर सकता है। सामान्यतः मानसून 15 जून के आसपास मध्य प्रदेश के दक्षिणी हिस्सों में पहुंच जाता है, लेकिन इस बार इसके 20 से 22 जून के बीच पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि केरल में प्रवेश के लगभग 15 दिन बाद मानसून मध्य प्रदेश में सक्रिय होता है। चूंकि इस वर्ष मानसून 4 जून को केरल पहुंचा है, इसलिए 20 जून के बाद इसके प्रदेश में प्रवेश की संभावनाएं मजबूत मानी जा रही हैं।

    अरब सागर और बंगाल की खाड़ी पर नजर
    मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि मानसून की वास्तविक गति अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में बनने वाले मौसमी सिस्टम पर निर्भर करेगी। यदि अनुकूल परिस्थितियां बनी रहती हैं तो मानसून तेजी से आगे बढ़ सकता है, जबकि किसी बड़े मौसमीय व्यवधान की स्थिति में इसकी तिथि में बदलाव भी संभव है। फिलहाल प्रदेश के कई हिस्सों में गरज-चमक, तेज हवाओं और हल्की बारिश का सिलसिला जारी है, जिसे मानसून पूर्व गतिविधियों का हिस्सा माना जा रहा है।

    पिछले वर्षों में जून रहा अपेक्षाकृत ठंडा
    मौसम के आंकड़ों के अनुसार इंदौर में पिछले छह वर्षों के दौरान जून माह में अत्यधिक गर्मी नहीं पड़ी। वर्ष 2020 से 2025 के बीच जून में अधिकतम तापमान 39.6 से 41.6 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया। पिछले वर्ष 2025 में भी जून के दौरान अधिकतम तापमान 41.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा था, लेकिन समय-समय पर हुई बारिश ने गर्मी का असर कम रखा था। इस बार भी प्री-मानसून गतिविधियों के चलते मौसम में राहत बनी हुई है।

  • नौतपा के अंत में इंदौर को गर्मी से राहत, मई का सबसे कम तापमान दर्ज; आज तेज आंधी के आसार

    नौतपा के अंत में इंदौर को गर्मी से राहत, मई का सबसे कम तापमान दर्ज; आज तेज आंधी के आसार


    मध्य प्रदेश । नौतपा के अंतिम दिनों में इंदौर में मौसम ने ऐसा करवट ली कि भीषण गर्मी से परेशान लोगों को बड़ी राहत मिल गई। मई के आखिरी दिन शनिवार को शहर का अधिकतम तापमान 36.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से चार डिग्री कम रहा। खास बात यह रही कि यह पूरे मई महीने का सबसे कम अधिकतम तापमान रहा। लगातार कई दिनों तक तेज धूप और लू जैसी परिस्थितियों का सामना करने वाले शहरवासियों के लिए यह बदलाव राहत भरी खबर बनकर सामने आया है।

    हालांकि तापमान में गिरावट दर्ज होने के बावजूद उमस ने लोगों का पीछा नहीं छोड़ा। वातावरण में नमी बढ़ने के कारण दिनभर चिपचिपी गर्मी महसूस की गई। रात का तापमान 26.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, जो सामान्य से एक डिग्री अधिक रहा। इसके बावजूद दिन के समय तेज गर्मी का असर कम रहने से लोगों ने राहत की सांस ली।

    सोमवार सुबह मौसम साफ रहा, लेकिन मौसम विभाग ने दिन में तेज आंधी चलने की संभावना जताई है। विशेषज्ञों का मानना है कि प्रदेश में सक्रिय मौसम प्रणालियों और प्री-मानसून गतिविधियों के कारण आने वाले दिनों में भी मौसम में बदलाव बना रह सकता है। आंधी, बादल और हल्की बारिश की वजह से तापमान में और गिरावट दर्ज हो सकती है।

    मई महीने की शुरुआत 39.4 डिग्री सेल्सियस तापमान के साथ हुई थी। पूरे महीने मौसम लगातार करवटें बदलता रहा। आंकड़ों के अनुसार मई के दौरान 20 दिनों तक अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया। नौतपा के शुरुआती दिनों में सूरज ने जमकर तेवर दिखाए और कई बार तापमान 44 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच गया। 18 मई को अधिकतम तापमान 44.3 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो महीने के सबसे गर्म दिनों में शामिल रहा।

    इसके बाद महीने के अंतिम सप्ताह में मौसम का मिजाज अचानक बदलने लगा। बादलों की आवाजाही, हवाओं की दिशा में बदलाव और प्री-मानसून गतिविधियों के कारण तापमान में लगातार गिरावट आई। हालांकि पिछले करीब 15 दिनों से बढ़ी हुई नमी के कारण उमस लोगों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है।

    मौसम विभाग के अनुसार जून महीने में आमतौर पर तापमान में और कमी देखने को मिलती है। पिछले सात वर्षों के आंकड़े बताते हैं कि जून में अधिकतम तापमान 39.6 से 41.6 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा है। वर्ष 2025 में जून का अधिकतम तापमान 41.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। वहीं मानसून पूर्व गतिविधियों के चलते जून में सामान्यतः अच्छी बारिश भी होती है। पिछले वर्ष जून में इंदौर में करीब साढ़े पांच इंच वर्षा रिकॉर्ड की गई थी।

    इंदौर के मौसम इतिहास में जून से जुड़े कई रोचक रिकॉर्ड भी दर्ज हैं। वर्ष 1980 में जून के दौरान 17 इंच से अधिक बारिश हुई थी, जबकि 23 जून 2003 को 24 घंटे में लगभग पांच इंच बारिश दर्ज की गई थी। वहीं 3 जून 1991 को अधिकतम तापमान 45.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था।

    प्रदेशभर में भी मौसम का मिजाज बदला हुआ है। कई जिलों में आंधी और बारिश की गतिविधियां देखने को मिली हैं। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में भी मौसम इसी तरह राहत भरा बना रह सकता है और लोगों को भीषण गर्मी से काफी हद तक राहत मिलने की संभावना है।