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  • नौतपा की शुरुआत से पहले इंदौर तपने लगा: उमस और गर्म हवाओं ने बढ़ाई बेचैनी, तापमान में हल्का उछाल

    नौतपा की शुरुआत से पहले इंदौर तपने लगा: उमस और गर्म हवाओं ने बढ़ाई बेचैनी, तापमान में हल्का उछाल


    नई दिल्ली । इंदौर में नौतपा की शुरुआत के साथ ही मौसम ने अपना मिजाज जरूर दिखाया, लेकिन इस बार भीषण गर्मी की बजाय उमस और गर्म हवाओं ने लोगों को ज्यादा परेशान किया। नौतपा के पहले ही दिन शहर में तापमान में मामूली बढ़ोतरी दर्ज की गई, लेकिन यह बढ़ोतरी अपेक्षित स्तर तक नहीं पहुंच सकी।

    सोमवार को इंदौर का अधिकतम तापमान 41.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो पिछले दिन की तुलना में लगभग एक डिग्री अधिक रहा। वहीं रात के तापमान में हल्की गिरावट देखने को मिली और यह 27.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हालांकि रात में तापमान थोड़ा कम होने के बावजूद उमस ने लोगों को राहत नहीं दी और वातावरण में बेचैनी बनी रही।

    मौसम विशेषज्ञों के अनुसार फिलहाल पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टर्बेंस) सक्रिय नहीं है, जिसके कारण मौसम में किसी बड़े बदलाव की संभावना कम है। इसी वजह से तापमान में हल्का उतार-चढ़ाव जारी है, लेकिन तेज गर्मी या हीटवेव जैसे हालात फिलहाल बनने की संभावना कम बताई जा रही है।

    मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले दिनों में तापमान 43 से 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना फिलहाल कम है, लेकिन उमस और गर्म हवाओं का असर लगातार बना रहेगा। धूप निकलते ही दोपहर के समय गर्मी का प्रभाव और ज्यादा महसूस किया जा रहा है।

    विशेषज्ञों ने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। मौसम वैज्ञानिक एचएस पांडे के अनुसार दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच सबसे ज्यादा गर्मी का असर रहता है, इसलिए इस समय अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचना चाहिए। उन्होंने कहा कि शरीर को हाइड्रेट रखना बेहद जरूरी है और पर्याप्त मात्रा में पानी पीना चाहिए।

    स्वास्थ्य विशेषज्ञों का भी कहना है कि हल्के रंग के सूती कपड़े पहनना और बच्चों व बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखना इस मौसम में जरूरी है। लगातार बढ़ती उमस के कारण डिहाइड्रेशन और थकान जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं।

    पिछले कुछ वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो इंदौर में मई के महीने में कई बार तापमान 44 से 46 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है। वर्ष 1994 में 46.6 डिग्री सेल्सियस का रिकॉर्ड तापमान दर्ज किया गया था, जो अब तक का सबसे अधिक माना जाता है।

    हालांकि इस बार मौसम का रुख थोड़ा अलग दिखाई दे रहा है। दिन के तापमान में उतार-चढ़ाव के बावजूद भीषण लू जैसे हालात फिलहाल नजर नहीं आ रहे हैं, लेकिन उमस लोगों की परेशानी बढ़ा रही है। मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले दिनों में स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

  • इंदौर में तापमान में हल्की गिरावट, फिर भी गर्मी से नहीं मिली राहत

    इंदौर में तापमान में हल्की गिरावट, फिर भी गर्मी से नहीं मिली राहत


    इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में मई के तीसरे सप्ताह में तापमान में हल्की गिरावट दर्ज की गई है, लेकिन इसके बावजूद भीषण गर्मी से राहत नहीं मिल पाई है। शुक्रवार को दिन का अधिकतम तापमान 2 डिग्री गिरकर 41.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से अभी भी करीब 2 डिग्री अधिक है। दिन में तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण लोग घरों से बाहर निकलने से बचते नजर आए। वहीं, रात का तापमान भी 3 डिग्री गिरकर 25.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, लेकिन उमस और गर्मी का असर लगातार बना रहा।

    दोपहर में हालत सबसे खराब, अलर्ट जारी
    मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार इंदौर में दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच सबसे ज्यादा गर्मी का असर रहेगा। इस दौरान लू जैसे हालात बन सकते हैं। लोगों को सलाह दी गई है कि केवल जरूरी काम होने पर ही घर से बाहर निकलें और पर्याप्त पानी पिएं। विशेषज्ञों का कहना है कि अगले 4 दिन यानी 16 से 19 मई तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में भीषण गर्मी का दौर जारी रहेगा, जिसमें इंदौर संभाग भी प्रभावित रहेगा।

    तापमान में उतार-चढ़ाव, लेकिन राहत नहीं
    हालांकि पिछले कुछ दिनों में तापमान में हल्की गिरावट दर्ज की गई है, लेकिन यह गिरावट लोगों को राहत देने में नाकाम रही है। 41 से 43 डिग्री के बीच लगातार बना तापमान गर्मी को और ज्यादा असहनीय बना रहा है। इंदौर में हाल के दिनों में तापमान 43 डिग्री से ऊपर भी पहुंच चुका है, जिससे शहरवासियों को लगातार गर्म हवाओं का सामना करना पड़ रहा है।

    मानसून से उम्मीद, जल्दी पहुंचने के संकेत
    भीषण गर्मी के बीच राहत की एक उम्मीद मानसून से जुड़ी है। मौसम विभाग के अनुसार इस बार मानसून सामान्य से पहले आगे बढ़ सकता है। संकेत हैं कि मानसून 26 मई के आसपास केरल पहुंच सकता है और मध्य प्रदेश में 12 जून तक प्रवेश कर सकता है। यदि यह अनुमान सही साबित होता है, तो इस बार लोगों को जल्दी बारिश की राहत मिल सकती है।

    ऐतिहासिक रिकॉर्ड और बदलता मौसम
    इंदौर में मई का तापमान कई बार 46 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच चुका है। 31 मई 1994 को शहर में 46.6 डिग्री सेल्सियस का रिकॉर्ड दर्ज किया गया था, जो अब तक का सर्वाधिक तापमान माना जाता है। हाल के वर्षों में मई के महीने में बारिश भी देखने को मिली है, जिससे मौसम में अचानक बदलाव आते रहे हैं।

    इंदौर में तापमान भले ही थोड़ा घटा हो, लेकिन गर्मी का प्रकोप अभी भी चरम पर है। आने वाले दिनों में राहत की कोई बड़ी संभावना नजर नहीं आ रही है। ऐसे में सावधानी और स्वास्थ्य सुरक्षा ही सबसे जरूरी उपाय बने हुए हैं।

  • एमपी में गर्मी का कहर तेज, इंदौर-उज्जैन में लू का ऑरेंज अलर्ट, भोपाल-जबलपुर भी होंगे प्रभावित

    एमपी में गर्मी का कहर तेज, इंदौर-उज्जैन में लू का ऑरेंज अलर्ट, भोपाल-जबलपुर भी होंगे प्रभावित

    भोपाल । मध्यप्रदेश में भीषण गर्मी का असर लगातार बढ़ता जा रहा है। बुधवार को मालवा-निमाड़ क्षेत्र समेत इंदौर और उज्जैन संभाग के कई शहर तेज गर्मी और लू की चपेट में रहे। छतरपुर के खजुराहो में सबसे अधिक 45.4 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार, अगले चार दिनों तक प्रदेश के लगभग आधे हिस्से में हीट वेव का असर बना रहेगा।

    गुरुवार को इंदौर, उज्जैन, धार और रतलाम में तेज लू को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इन इलाकों में दिन के साथ रात का तापमान भी सामान्य से अधिक रहने की संभावना है, जिससे वॉर्म नाइट की स्थिति बनेगी। गर्म हवाओं का असर झाबुआ, आलीराजपुर, बड़वानी, खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर, हरदा, नर्मदापुरम, देवास, सीहोर, शाजापुर, आगर-मालवा और राजगढ़ में भी देखने को मिलेगा।

    भोपाल, जबलपुर और ग्वालियर सहित प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी गुरुवार को तेज गर्मी पड़ने के आसार हैं। शाजापुर, आगर-मालवा, नीमच, मंदसौर, निवाड़ी, भिंड, मुरैना, दतिया, श्योपुर, टीकमगढ़ और छतरपुर जैसे जिलों में तापमान 44 डिग्री सेल्सियस से ऊपर जा सकता है।

    बुधवार को प्रदेश के 12 शहरों में तापमान 44 डिग्री से अधिक दर्ज किया गया। खजुराहो सबसे गर्म रहा, जबकि रतलाम में 45.2 डिग्री और धार में 45 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया। शाजापुर में 44.7 डिग्री, गुना में 44.6 डिग्री, श्योपुर और सागर में 44.4 डिग्री, खरगोन और रायसेन में 44.2 डिग्री, खंडवा में 44.1 डिग्री तथा दमोह में 44 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज हुआ।

    प्रदेश के प्रमुख शहरों में उज्जैन सबसे गर्म रहा, जहां तापमान 44.7 डिग्री दर्ज किया गया। वहीं, भोपाल में 43.2 डिग्री, इंदौर में 43.6 डिग्री, ग्वालियर में 42 डिग्री और जबलपुर में 42.7 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया।

    मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि अगले चार दिनों तक प्रदेश में भीषण गर्मी का दौर जारी रहेगा। खासतौर पर इंदौर और उज्जैन संभाग में गर्मी का असर अधिक रहेगा, इसलिए यहां ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। भोपाल, ग्वालियर और जबलपुर में भी लू चलने की चेतावनी दी गई है। 17 मई तक प्रदेश के कई जिलों में हीट वेव का असर बना रह सकता है।

    हालांकि, मई की शुरुआत में प्रदेश में लगातार मौसम बदला हुआ रहा। 30 अप्रैल से शुरू हुआ आंधी-बारिश का सिलसिला 10 मई तक जारी रहा। पश्चिमी विक्षोभ, चक्रवात और ट्रफ सिस्टम के कारण मई के पहले सप्ताह में कई जिलों में बारिश, आंधी और ओलावृष्टि देखने को मिली। 11 मई को मौसम साफ हुआ, लेकिन 12 और 13 मई को फिर बदलाव देखने को मिला। इस तरह मई के 13 दिनों में से 11 दिन प्रदेश में कहीं न कहीं बारिश, आंधी या ओलावृष्टि का असर रहा। गुरुवार के लिए फिलहाल बारिश का कोई अलर्ट जारी नहीं किया गया है।

  • एमपी में हीट अटैक के बीच बारिश की चेतावनी: मार्च में पहली बार मावठा के आसार, कई जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट

    एमपी में हीट अटैक के बीच बारिश की चेतावनी: मार्च में पहली बार मावठा के आसार, कई जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट


    मध्य प्रदेश । मध्य प्रदेश में इन दिनों तेज गर्मी के बीच मौसम एक बार फिर करवट लेने जा रहा है। प्रदेश में हीट अटैक जैसे हालात के बीच मौसम विभाग ने अगले चार दिनों में कई इलाकों में आंधी और बारिश की चेतावनी जारी की है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक इस बार मार्च के महीने में पहली बार मावठा गिरने की संभावना बन रही है। हालांकि प्रदेश के कई हिस्सों में गर्म हवाओं और तेज धूप का असर भी जारी रहेगा।

    मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में सक्रिय हो रहे वेस्टर्न डिस्टरबेंस और ट्रफ लाइन के कारण मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा। 17 मार्च के आसपास एक नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस उत्तर पश्चिम भारत को प्रभावित कर सकता है जिसके असर से मध्य प्रदेश के कई जिलों में बादल छाने गरज चमक के साथ बारिश और तेज हवा चलने की संभावना है।

    पूर्वी और दक्षिणी मध्य प्रदेश के कई जिलों में अगले कुछ दिनों तक बारिश का दौर देखने को मिल सकता है। 16 मार्च को छिंदवाड़ा बालाघाट बैतूल पंढुर्ना मंडला सिवनी अनूपपुर और डिंडोरी जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना जताई गई है।

    इसके बाद 17 मार्च को भी कुछ जिलों में बारिश का असर जारी रह सकता है। इस दिन बालाघाट सिवनी मंडला अनूपपुर और डिंडोरी में बादल गरजने के साथ पानी गिरने के असर हैं। वहीं 18 मार्च को मौसम का असर और बढ़ सकता है। इस दौरान ग्वालियर मुरैना भिंड श्योपुर शहडोल के साथ साथ बालाघाट मंडला डिंडोरी सिवनी अनूपपुर पांढुर्णा और छिंदवाड़ा में बारिश होने की संभावना जताई गई है।

    दूसरी ओर प्रदेश के कई हिस्सों में गर्मी का असर लगातार बढ़ रहा है। शनिवार को प्रदेश के अधिकांश शहरों में सुबह से ही तेज धूप और गर्म हवाएं महसूस की गईं। राजधानी भोपाल और इंदौर समेत कई शहरों में तापमान सामान्य से अधिक दर्ज किया गया।

    सबसे ज़्यादा तापमान नर्मदापुरम में रिकॉर्ड किया गया जहाँ पारा 40.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच गया। इसके अलावा खरगोन में तापमान 39.2 डिग्री दर्ज किया गया। वहीं शाजापुर सतना सिवनी सागर छिंदवाड़ा खजुराहो खंडवा रतलाम रायसेन मंडला दमोह गुना बैतूल नरसिंहपुर धार उमरिया और टीकमगढ़ समेत कई जिलों में तापमान 37 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक दर्ज किया गया।

    मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में जहां कुछ जिलों में बारिश और आंधी से लोगों को गर्मी से राहत मिल सकती है वहीं कई क्षेत्रों में हीट वेव जैसे हालात बने रहेंगे। ऐसे में लोगों को दोपहर के समय तेज धूप से बचने और पर्याप्त पानी पीने की सलाह दी गई है।

  • MP में 16 फरवरी के बाद करवट बदलेगा मौसम, बादल छाने की संभावना, दिन गर्म-रातें रहेंगी ठंडी

    MP में 16 फरवरी के बाद करवट बदलेगा मौसम, बादल छाने की संभावना, दिन गर्म-रातें रहेंगी ठंडी



    भोपाल। मध्य प्रदेश के मौसम में 16 फरवरी के बाद एक बार फिर बदलाव देखने को मिल सकता है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टरबेंस) के असर से राज्य में बादल छा सकते हैं। फिलहाल, भोपाल, इंदौर और अन्य शहरों में दिन का तापमान बढ़ा हुआ है, जबकि पचमढ़ी, खजुराहो और कटनी में रातें काफी ठंडी बनी हुई हैं। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, फरवरी के इस महीने में मौसम का यह मिजाज जारी रहेगा। दिन में गर्मी, रातों में ठंडक रहेगी, लेकिन तेज सर्दी और घना कोहरा नहीं रहेगा।

    पश्चिमी विक्षोभ का असर
    सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि वर्तमान में वेस्टर्न डिस्टरबेंस के चलते कुछ जिलों में हल्के बादल हैं। 16 फरवरी से नया सिस्टम पश्चिमी हिमालय क्षेत्र को प्रभावित कर सकता है, जिससे प्रदेश में बादल छाए रह सकते हैं और न्यूनतम तापमान में 2-3 डिग्री की वृद्धि हो सकती है।

    हल्की सर्दी का दौर जारी
    मौसम विभाग के अनुसार, फिलहाल पहाड़ों में बर्फबारी हो रही है। सिस्टम के गुजरने और बर्फ पिघलने के बाद राज्य में मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा और हल्की सर्दी का एक और दौर आ सकता है।

    दिन और रात का तापमान
    15 फरवरी को दिन का तापमान भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, बैतूल, धार, गुना, नर्मदापुरम, खंडवा, खरगोन, रतलाम, दमोह, खजुराहो, मंडला, नरसिंहपुर, सागर और सिवनी में 30 डिग्री के पार रहा। सबसे अधिक 33.5 डिग्री खंडवा में दर्ज किया गया।

    रात के तापमान की बात करें तो अधिकांश शहरों में 10 डिग्री से ऊपर ही है। कटनी के करौंदी में 8.9 डिग्री, पचमढ़ी में 9.2 डिग्री, खजुराहो में 10.4 डिग्री, राजगढ़ में 10.6 डिग्री, मंदसौर में 10.7 डिग्री, नौगांव-रीवा में 10.8 डिग्री और उमरिया में 10.9 डिग्री दर्ज किया गया। पांच बड़े शहरों में ग्वालियर में सबसे कम तापमान 12.5 डिग्री रहा।

    अगले दो दिनों का पूर्वानुमान
    15 फरवरी – कुछ जिलों में हल्का कोहरा रहेगा, बारिश का कोई अलर्ट नहीं। दिन में बादल छा सकते हैं।
    16 फरवरी – कुछ ही जिलों में हल्का कोहरा रहेगा, बारिश का अलर्ट नहीं। दिन में बादल जरूर छाए रहेंगे।

  • एमपी में बादलों का डेरा, दिन का तापमान गिरा, हल्की ठंड बरकरार

    एमपी में बादलों का डेरा, दिन का तापमान गिरा, हल्की ठंड बरकरार


    भोपाल। मध्य प्रदेश में मौसम ने एक बार फिर बदलते मिजाज का अंदाज दिखाया है। पश्चिमी विक्षोक्ष और ट्रफ के असर से बुधवार को भोपाल, इंदौर, ग्वालियर समेत कई शहरों में बादल छाए रहे, जिससे दिन का तापमान गिरावट पर आ गया।

    मौसम विभाग के मुताबिक, अगले पांच दिनों में पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में दो वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय होंगे। हालांकि फिलहाल बारिश का कोई अलर्ट जारी नहीं किया गया है, लेकिन बादल बनी रहने की संभावना है। सिस्टम के असर के कारण फिलहाल बादल छाए हैं। आने वाले दिनों में दिन और रात का तापमान बढ़ने का रुझान रहेगा।

    सर्दी का असर और आगे का मौसम
    मौसम विभाग के अनुसार, पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी जारी है और कई राज्यों में हल्की बारिश भी हो रही है। सिस्टम गुजरने और बर्फ पिघलने के बाद मध्य प्रदेश में मौसम में फिर बदलाव देखने को मिलेगा। अगले कुछ दिनों में तापमान में गिरावट का दौर भी आ सकता है, लेकिन ठंड ज्यादा तेज नहीं होगी। रात का तापमान ज्यादातर शहरों में 10 से 12 डिग्री सेल्सियस के बीच रहेगा।

    अगले दो दिन का पूर्वानुमान
    13 फरवरी – कुछ जिलों में हल्का कोहरा रह सकता है। बारिश का कोई अलर्ट नहीं है। दिन में बादल छाए रह सकते हैं।
    14 फरवरी – हल्का से मध्यम कोहरा कुछ जिलों में बने रह सकता है। बारिश की संभावना नहीं है।

    न्यूनतम तापमान की जानकारी
    मौसम विभाग के अनुसार, मंगलवार-रविवार की रात में शहडोल के कल्याणपुर में तापमान 5 डिग्री से नीचे गिर गया। यहां न्यूनतम तापमान 4.3 डिग्री दर्ज किया गया। अन्य स्थानों पर तापमान इस प्रकार रहा:
    पचमढ़ी: 7.4 डिग्री
    कटनी (करौंदी): 8.4 डिग्री
    अमरकंटक (अनूपपुर): 9.1 डिग्री
    मंदसौर: 9.1 डिग्री
    खजुराहो: 9.2 डिग्री
    दतिया: 9.9 डिग्री

    बड़े शहरों में न्यूनतम तापमान
    ग्वालियर: 13 डिग्री
    उज्जैन-जबलपुर: 13.5 डिग्री
    भोपाल-इंदौर: 13.6 डिग्री

  • कोहरे की गिरफ्त में मध्यप्रदेश, दिन में भी ठिठुरन, ट्रेनों और सड़कों की रफ्तार थमी..

    कोहरे की गिरफ्त में मध्यप्रदेश, दिन में भी ठिठुरन, ट्रेनों और सड़कों की रफ्तार थमी..


    नई दिल्ली । मध्यप्रदेश में एक बार फिर मौसम ने करवट ले ली है। पश्चिमी विक्षोभ के असर से वातावरण में नमी बढ़ गई है, जिसके चलते प्रदेशभर में घने कोहरे की चादर छाई हुई है। हालात ऐसे हैं कि ठंड का असर सिर्फ सुबह-शाम ही नहीं, बल्कि दिन के समय भी साफ महसूस किया जा रहा है। कई जिलों में दिन का तापमान सामान्य से नीचे चला गया है और शीतल दिन जैसी स्थिति बन गई है।

    शनिवार को प्रदेश के 11 से 12 शहरों में अधिकतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया। दतिया और रीवा में पूरे दिन ठंड का असर बना रहा। ग्वालियर में सुबह के समय अति घना कोहरा छाया रहा, जबकि इंदौर और जबलपुर में घने कोहरे के कारण दृश्यता विजिबिलिटी काफी कम हो गई। राजधानी भोपाल और नर्मदापुरम में मध्यम कोहरा दर्ज किया गया।मौसम विभाग के अनुसार, इस सर्दी के सीजन में यह कोहरे का अब तक का सबसे लंबा दौर माना जा रहा है। भोपाल में शनिवार को दिनभर कोहरा बना रहा, जिससे धूप के दर्शन भी मुश्किल हो गए। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अगले दो से तीन दिनों तक प्रदेश में इसी तरह का मौसम बने रहने की संभावना है। कोहरे के साथ-साथ शीतलहर का असर भी तेज हो सकता है, जिससे रात के तापमान में और गिरावट आ सकती है।

    इंदौर में विजिबिलिटी शून्य के करीब

    शनिवार रात इंदौर में हालात सबसे ज्यादा खराब नजर आए। घने कोहरे के कारण विजिबिलिटी लगभग शून्य हो गई, जिससे सड़कों पर चल रहे वाहन एक-दूसरे को मुश्किल से देख पा रहे थे। इसका सीधा असर यातायात पर पड़ा और वाहनों की रफ्तार बेहद धीमी हो गई। कई जगहों पर जाम जैसे हालात भी बने।

    रेल यातायात पर पड़ा असर


    कोहरे का असर रेल यातायात पर भी साफ तौर पर दिखाई दे रहा है। दिल्ली की ओर से भोपाल, इंदौर और उज्जैन आने वाली मालवा एक्सप्रेस, सचखंड एक्सप्रेस, शताब्दी एक्सप्रेस सहित एक दर्जन से अधिक ट्रेनें 30 मिनट से लेकर 6 घंटे तक की देरी से चल रही हैं। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, रविवार को भी ट्रेनों के लेट होने की आशंका बनी हुई है, जिससे यात्रियों की परेशानियां बढ़ सकती हैं।

    इन जिलों में ज्यादा असर


    रविवार को भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर के अलावा श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, राजगढ़, विदिशा, रायसेन, सागर, दमोह, टीकमगढ़, निवाड़ी, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, सीधी, सिंगरौली, शहडोल, उमरिया, कटनी और मैहर समेत कई जिलों में कोहरे का असर बना हुआ है।

    अगले दो दिन का अलर्ट


    मौसम विभाग ने आगामी दो दिनों के लिए भी घने कोहरे की चेतावनी जारी की है।5 जनवरी को ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, मैहर, रीवा, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली में घना कोहरा रहने की संभावना है।6 जनवरी को भी शिवपुरी, श्योपुर, ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली में कोहरे का असर बना रह सकता है।

    क्यों बन रहा है ऐसा मौसम 


    मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा के अनुसार, उत्तर भारत के बड़े हिस्से में इस समय कोहरे की स्थिति बनी हुई है। राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तरप्रदेश और बिहार में भी इसी तरह का मौसम है। पश्चिमी विक्षोभ के गुजरने के बाद वातावरण में बची नमी के कारण कोहरा लगातार बन रहा है। हालांकि एक-दो दिन बाद इसकी तीव्रता में कुछ कमी आने की संभावना जताई गई है।