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  • लुधियाना में युवक की कलाई काटकर लिफाफे में दुकानदार को थमाई, पुरानी रंजिश के मामले में पुलिस की जांच तेज

    लुधियाना में युवक की कलाई काटकर लिफाफे में दुकानदार को थमाई, पुरानी रंजिश के मामले में पुलिस की जांच तेज

    नई दिल्ली । पंजाब के लुधियाना में आपसी रंजिश के चलते एक युवक पर जानलेवा हमला करने का मामला सामने आया है। आरोप है कि कुछ हमलावरों ने युवक के घर में घुसकर तेजधार हथियारों से हमला किया और उसकी कलाई काटकर शरीर से अलग कर दी। इसके बाद आरोपी कटी हुई कलाई को लिफाफे में रखकर एक दुकानदार के पास पहुंचे और उसे युवक के घर पहुंचाने के लिए कहा। घटना के सामने आने के बाद इलाके में दहशत का माहौल बन गया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आरोपियों की तलाश की जा रही है।

    घायल युवक की पहचान बसंत नगर निवासी शक्ति सिंह उर्फ भूरा के रूप में हुई है। उसकी उम्र लगभग 35 से 40 वर्ष बताई जा रही है। यह घटना रेडू साहिब गुरुद्वारे के नजदीक हुई। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, हमलावर तेजधार हथियार लेकर युवक के घर में दाखिल हुए और उस पर हमला कर दिया। हमले के दौरान उसकी कलाई कटकर अलग हो गई, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया।

    वारदात के बाद आरोपी सतगुरु नगर की गली नंबर 9 स्थित राणा करियाना स्टोर पहुंचे। बताया गया है कि उन्होंने कटी हुई कलाई को एक लिफाफे में रखा और दुकानदार को सौंप दिया। आरोपियों ने कथित तौर पर दुकानदार से कहा कि वह इसे युवक के घर पहुंचा दे। इसके बाद वे वहां से फरार हो गए। इस असामान्य घटनाक्रम की जानकारी दुकानदार की ओर से पुलिस को दी गई, जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई शुरू की।

    सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। संबंधित थाना प्रभारी जतींदर सिंह ने मामले की जांच शुरू कराई। घायल युवक को एंबुलेंस की सहायता से अस्पताल पहुंचाया गया। जानकारी के अनुसार, अस्पताल ले जाते समय युवक होश में था और बातचीत कर रहा था। हालांकि, उसकी चोट की गंभीरता और आगे के उपचार से संबंधित विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।

    पुलिस की शुरुआती जांच में हमले के पीछे पुरानी आपसी रंजिश होने की बात सामने आई है। पुलिस के मुताबिक, घायल शक्ति सिंह उर्फ भूरा के खिलाफ पहले से लगभग 12 आपराधिक मामले दर्ज हैं। वहीं, हमले में शामिल बताए जा रहे आरोपियों का भी आपराधिक रिकॉर्ड होने की जानकारी मिली है। हालांकि, मामले में आरोपियों की भूमिका और हमले के पीछे के वास्तविक कारणों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

    जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल और राणा करियाना स्टोर के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज अपने कब्जे में ली है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, दुकानदार को लिफाफा सौंपने पहुंचे आरोपी कैमरे में दिखाई दिए हैं। पुलिस इन फुटेज की मदद से संदिग्धों की पहचान करने और घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने का प्रयास कर रही है।

    आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है। जांच में यह पता लगाने का प्रयास भी किया जा रहा है कि हमले में कितने लोग शामिल थे और वारदात को अंजाम देने के बाद वे किस दिशा में गए। फिलहाल, मामले में पुरानी रंजिश को संभावित वजह माना जा रहा है, लेकिन हमले से जुड़ी सभी परिस्थितियों की पुष्टि होना बाकी है।

    लुधियाना की इस घटना में पुलिस के सामने घायल युवक पर हमले, कलाई काटे जाने और दुकानदार को लिफाफा सौंपने की पूरी कड़ी स्पष्ट करने की चुनौती है। सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान तथा गिरफ्तारी की कोशिश की जा रही है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच से मिलने वाले तथ्यों के आधार पर की जाएगी।

  • मुंबई में रैपिडो राइडर गिरफ्तार, जैश-ए-मोहम्मद से कथित संबंध और टेलीग्राम पर भड़काऊ भाषण साझा करने का आरोप

    मुंबई में रैपिडो राइडर गिरफ्तार, जैश-ए-मोहम्मद से कथित संबंध और टेलीग्राम पर भड़काऊ भाषण साझा करने का आरोप

    नई दिल्ली । महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में आतंकवाद निरोधी दस्ते (एटीएस) ने जैश-ए-मोहम्मद से कथित संबंध होने के संदेह में 33 वर्षीय एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान मोहम्मद हसन अबू सरमद अख्तर के रूप में हुई है। उसे माहिम मेट्रो स्टेशन के पास से पकड़ा गया। जांच एजेंसी के अनुसार, आरोपी रैपिडो राइडर के रूप में काम करने के साथ इत्र बेचने का व्यवसाय भी करता था। उसके सोशल मीडिया इस्तेमाल और मोबाइल फोन में मिली संदिग्ध सामग्री की जांच की जा रही है।

    एटीएस का आरोप है कि आरोपी सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों के बीच नफरत फैलाने वाली सामग्री साझा कर रहा था। जांच एजेंसी के मुताबिक, वह टेलीग्राम पर एक समूह भी संचालित करता था। आरोप है कि इस समूह में उसने 1 जून को जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख मसूद अजहर के भड़काऊ भाषण साझा किए थे। इन भाषणों में बाबरी मस्जिद सहित कुछ अन्य मुद्दों का उल्लेख होने की बात कही गई है।

    जांचकर्ताओं का यह भी दावा है कि आरोपी पाकिस्तान समर्थित बताए जा रहे ‘इब्न-ए-कासिम’ नाम के टेलीग्राम चैनल से जुड़ा हुआ था। हालांकि, उसके कथित संबंधों और गतिविधियों की वास्तविक प्रकृति का पता लगाने के लिए जांच जारी है। मोबाइल फोन से मिली सामग्री, सोशल मीडिया पर उसकी गतिविधियों और संबंधित डिजिटल संपर्कों की पड़ताल की जा रही है। गिरफ्तारी के बाद जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी किन लोगों के संपर्क में था और उसके ऑनलाइन समूह में किस तरह की सामग्री साझा की जाती थी।

    इसी बीच, गुजरात में भी जैश-ए-मोहम्मद से कथित तौर पर जुड़े मामले में पांच लोगों की गिरफ्तारी के बाद जांच आगे बढ़ रही है। गुजरात आतंकवाद निरोधी दस्ते ने बिलाल आबिदभाई शेरा, मोहम्मद अयूब कदीवाला, मोहम्मद पालनपुरी उर्फ खाली अयूब सुनसारा, शफिया रईस मुख्ती और मोहम्मद हसन करदिया को गिरफ्तार किया था। इन पांचों को गुजरात के पाटन जिले के खडियाल गांव से पकड़े जाने की जानकारी दी गई है।

    अधिकारियों के मुताबिक, जैश-ए-मोहम्मद के आठ कथित सदस्यों से संबंधित जांच के दौरान इन पांच लोगों के नाम सामने आए थे। मामले में उनकी भूमिका और अन्य संदिग्धों के साथ उनके संपर्कों की पड़ताल की जा रही है। जांच एजेंसी यह स्पष्ट करने का प्रयास कर रही है कि आरोपियों के बीच किस तरह का संपर्क था और कथित गतिविधियों में उनकी क्या भूमिका रही।

    अदालती कार्यवाही के दौरान सरकारी वकील पी.आर. दंतानी ने पांचों आरोपियों से पूछताछ की आवश्यकता बताई थी। उनके अनुसार, एक आरोपी पर टाइम बम बनाने की कोशिश करने का आरोप है। जांच एजेंसी को कथित तौर पर बम बनाने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री और प्रतिबंधित संगठन से संबंधित उर्दू में लिखे साहित्य की तलाश है।

    एटीएस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि संदिग्ध सामग्री कहां से लाई गई, उसे कहां रखा गया था और प्रतिबंधित संगठन से जुड़ी बताई जा रही सामग्री आरोपियों तक कैसे पहुंची। इन सवालों के जवाब जुटाने के लिए आरोपियों से पूछताछ की आवश्यकता बताई गई थी। अदालत ने पांचों आरोपियों को एटीएस की हिरासत में भेज दिया था।

    मुंबई और गुजरात के इन मामलों में जांच एजेंसियां कथित आतंकी संपर्कों, डिजिटल गतिविधियों और संदिग्ध सामग्री से जुड़े पहलुओं की पड़ताल कर रही

  • शिवपुरी में सरकारी चबूतरे पर बैठने को लेकर विवाद, मारपीट के बाद 42 वर्षीय सुरेश की मौत, तीन आरोपी गिरफ्तार

    शिवपुरी में सरकारी चबूतरे पर बैठने को लेकर विवाद, मारपीट के बाद 42 वर्षीय सुरेश की मौत, तीन आरोपी गिरफ्तार

    शिवपुरी जिले: में शासकीय चबूतरे पर बैठने को लेकर शुरू हुआ विवाद एक व्यक्ति की मौत का कारण बन गया। पिछोर अनुविभाग के भौती थाना क्षेत्र के महोबा डामरौन गांव में कथित मारपीट के बाद 42 वर्षीय सुरेश जाटव की मौत हो गई। मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। शुरुआती कार्रवाई में मारपीट की धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया गया था, लेकिन सुरेश की मौत के बाद पुलिस ने इसमें हत्या की धारा बढ़ा दी।

    जानकारी के अनुसार, महोबा डामरौन निवासी सुरेश जाटव, पुत्र बाबूलाल जाटव, 20 अक्टूबर की शाम अपने घर के पास स्थित सरकारी चबूतरे पर बैठा था। गांव में पंचायत के इस चबूतरे पर लोग खाली समय में बैठते रहते हैं। इसी दौरान पड़ोस में रहने वाला रामसेवक जाटव अपने दो बेटों कृष्ण कुमार और रोहित के साथ वहां पहुंचा। आरोप है कि तीनों ने सुरेश के साथ गाली-गलौज शुरू कर दी। सुरेश ने इसका विरोध किया तो विवाद बढ़ गया और तीनों ने कथित तौर पर उसके साथ मारपीट की।

    घटना के अगले दिन, 21 अक्टूबर को सुरेश शिकायत लेकर भौती थाने पहुंचा। पुलिस ने उसकी शिकायत के आधार पर मारपीट की धाराओं में मामला दर्ज किया। इसके बाद उसका चिकित्सकीय परीक्षण कराया गया। जांच के बाद चिकित्सक ने उसे घर जाने दिया। हालांकि, उसी दिन शाम को सुरेश की तबीयत अचानक बिगड़ गई और उसकी मौत हो गई। इस घटनाक्रम के बाद मामले ने गंभीर रूप ले लिया।

    सुरेश की मौत की सूचना मिलने पर पुलिस ने दर्ज प्रकरण में हत्या की धारा जोड़ दी। अब पुलिस मारपीट की घटना और उसके बाद हुई मौत के बीच परिस्थितियों की जांच कर रही है। मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। मौत के वास्तविक कारणों और घटना से जुड़े सभी पहलुओं को स्पष्ट करने के लिए जांच महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

    पुलिस ने कार्रवाई के लिए थाना प्रभारी घनश्याम भदौरिया के नेतृत्व में टीम गठित की थी। टीम ने तलाश और दबिश के बाद 23 अक्टूबर को तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों में रामसेवक जाटव, उम्र 50 वर्ष, पुत्र स्वर्गीय राजाराम जाटव, उसका बेटा कृष्ण कुमार जाटव, उम्र 28 वर्ष, और दूसरा बेटा रोहित जाटव, उम्र 22 वर्ष शामिल हैं। तीनों महोबा डामरौन गांव के निवासी बताए गए हैं।

    मामले की जांच के दौरान सुरेश की दिनचर्या और घटना वाले दिन की परिस्थितियों से जुड़ी कुछ अन्य जानकारियां भी सामने आई हैं। पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक विवेचना में पता चला कि सुरेश नवरात्र के दौरान उपवास रख रहा था और काफी समय से भूखा था। वह शराब का सेवन भी करता था। जांच में यह जानकारी सामने आई कि उसने मारपीट वाले दिन शराब पी थी। थाने में शिकायत दर्ज कराने और चिकित्सकीय परीक्षण के बाद घर लौटने पर भी उसने शराब का सेवन किया था।

    इन परिस्थितियों के सामने आने के बाद पुलिस मामले के विभिन्न पहलुओं की जांच कर रही है। हालांकि, उपवास और शराब के सेवन की जानकारी अपने आप में मौत का कारण साबित नहीं करती। सुरेश की मौत किन परिस्थितियों में हुई और मारपीट की घटना की उसमें क्या भूमिका रही, इसका निष्कर्ष जांच के तथ्यों और चिकित्सकीय साक्ष्यों के आधार पर ही स्पष्ट हो सकेगा।

    सुरेश के पारिवारिक हालात भी इस मामले का एक महत्वपूर्ण पहलू हैं। उसकी पत्नी की पहले ही मृत्यु हो चुकी थी। उसका 20 वर्षीय बेटा उससे अलग खोड़ क्षेत्र में रहता था, जबकि सुरेश गांव में अकेला रहता था। उसके भाई सहित अन्य परिजन आसपास रहते थे। फिलहाल पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की जांच जारी है।

  • ग्वालियर में 14 साल के बच्चे पर चाकू से नौ वार, बलि देने की धमकी का आरोप, जंगल में छोड़कर भागा पड़ोसी

    ग्वालियर में 14 साल के बच्चे पर चाकू से नौ वार, बलि देने की धमकी का आरोप, जंगल में छोड़कर भागा पड़ोसी


    मध्य प्रदेश: के ग्वालियर जिले में 14 साल के बच्चे पर चाकू से हमला करने का गंभीर मामला सामने आया है। करहिया थाना क्षेत्र के रिठौदन गांव में रहने वाले एक पड़ोसी पर आरोप है कि वह बच्चे को झांकी दिखाने के बहाने बाइक से गोलेश्वर मंदिर की पहाड़ी के पास जंगल में ले गया। वहां उसने बच्चे से कथित तौर पर कहा कि वह उसकी बलि देगा और फिर चाकू से लगातार नौ वार कर दिए। गंभीर रूप से घायल होने के बाद बच्चा जमीन पर गिरकर बेहोश हो गया। आरोपी उसे मृत समझकर जंगल में छोड़कर फरार हो गया।

    पीड़ित बच्चे की पहचान निशांत के रूप में बताई गई है। परिजनों के मुताबिक, आरोपी विक्की गौड़ उनके पड़ोस में रहता है। आरोप है कि वह निशांत को बाइक पर बैठाकर जंगल की ओर ले गया था। बच्चे को शुरुआत में इस बात का अंदाजा नहीं था कि उसके साथ कोई अनहोनी होने वाली है। लेकिन जंगल पहुंचने के बाद आरोपी का व्यवहार बदल गया और घटना ने गंभीर रूप ले लिया।

    निशांत के अनुसार, उसने आरोपी से पूछा कि वह उसे वहां क्यों लेकर आया है। इस पर आरोपी ने कथित तौर पर कहा कि वह उसकी बलि देना चाहता है। इसके बाद उसने चाकू निकालकर बच्चे पर हमला कर दिया। आरोप है कि आरोपी ने निशांत के गले पर चार वार किए। इसके अलावा उसके माथे और शरीर के अन्य हिस्सों पर भी चाकू से हमला किया गया। इस तरह बच्चे पर कुल नौ वार किए गए। हमले के दौरान चाकू टूटने की बात भी सामने आई है। गंभीर चोटों के कारण निशांत वहीं गिर पड़ा और बेहोश हो गया।

    आरोपी को जब लगा कि बच्चा मर चुका है, तो वह उसे जंगल में ही छोड़कर भाग गया। बताया गया है कि निशांत कई घंटे तक घायल अवस्था में जंगल में पड़ा रहा। देर रात उसे होश आया तो वह किसी तरह अपने घर पहुंचा। उसके शरीर पर गंभीर चोटें थीं और वह खून से लथपथ था। बच्चे की हालत देखकर परिजन घबरा गए और उसे तत्काल उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया।

    घटना के बाद पीड़ित परिवार ने पुलिस से शिकायत की। परिजनों का आरोप है कि सूचना देने के बावजूद शुरुआत में उचित कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद परिवार घायल बच्चे को लेकर पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचा और अपनी शिकायत दर्ज कराई। निशांत ने आरोप लगाया कि हमले के दौरान आरोपी ने उसे धमकी भी दी थी। बच्चे के मुताबिक, आरोपी ने कहा था कि उसकी बलि देने के बाद वह उसके भाई को भी मार देगा। उसने रामबरन नाम के एक अन्य युवक की बलि देने की बात भी कही थी। इन आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

    मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आरोपी विक्की गौड़ के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर लिया है। देहात के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जयराज कुबेर के अनुसार, करहिया थाना पुलिस आरोपी की तलाश कर रही है। घटना के पीछे की वास्तविक वजह और आरोपी की मंशा का पता लगाने के लिए मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। फिलहाल आरोपी फरार बताया गया है।

    पुलिस जांच में यह स्पष्ट किया जाएगा कि बच्चे पर हमला किन परिस्थितियों में हुआ और क्या घटना के पीछे वास्तव में बलि देने की मंशा थी। फिलहाल परिवार के आरोप, बच्चे के बयान और घटनाक्रम से जुड़े तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है। आरोपी की गिरफ्तारी और जांच के निष्कर्षों के बाद ही मामले की पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

  • पूर्व डीएसपी की पुत्रवधु ने ससुराल पक्ष पर प्रताड़ना और संपत्ति हड़पने के आरोप लगाए, छह लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग

    पूर्व डीएसपी की पुत्रवधु ने ससुराल पक्ष पर प्रताड़ना और संपत्ति हड़पने के आरोप लगाए, छह लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग

    मध्य प्रदेश: के शिवपुरी में पूर्व ट्रैफिक डीएसपी हरिवंश कन्हौआ के परिवार से जुड़ा विवाद पुलिस अधीक्षक कार्यालय तक पहुंच गया है। उनकी पुत्रवधु प्रियांशु शर्मा ने ससुराल पक्ष के छह सदस्यों के खिलाफ शिकायत देकर मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना, संपत्ति हड़पने की कोशिश तथा जान से मारने की धमकी देने जैसे आरोप लगाए हैं। प्रियांशु ने पुलिस से मामले में कार्रवाई करने और अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। फिलहाल ये आरोप शिकायतकर्ता की ओर से लगाए गए हैं। मामले में पुलिस की जांच और संबंधित पक्षों का आधिकारिक पक्ष सामने आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

    प्रियांशु शर्मा ने अपने आवेदन में बताया कि उनकी शादी जनवरी 2022 में आकाश कन्हौआ के साथ हुई थी। शिकायत के मुताबिक, 23 दिसंबर 2025 को आकाश 14 लाख रुपये की व्यवस्था करने के लिए घर से निकले थे। इसके अगले दिन प्रियांशु को जबलपुर में उनकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत होने की सूचना मिली। पति की मौत के हालात को लेकर शिकायत में चिंता जताई गई है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में उनकी मौत के कारणों और उससे संबंधित जांच के अंतिम निष्कर्ष का उल्लेख नहीं है।

    प्रियांशु का आरोप है कि पति की मौत के लगभग सवा महीने बाद भोपाल स्थित मकान से 23 लाख रुपये की चोरी के मामले में उन पर आरोप लगाया गया। उन्होंने दावा किया कि इस संबंध में पुलिस जांच और फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला यानी एफएसएल की जांच में उनके खिलाफ कोई साक्ष्य नहीं मिला। इस मामले में जांच से संबंधित दस्तावेजों और निष्कर्षों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं है।

    शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया कि सास-ससुर और जेठ की ओर से उन पर दूसरी शादी करने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। उनके अनुसार, बेटी सान्वी को अपने पास से छोड़ने के लिए भी दबाव बनाया गया। प्रियांशु ने दावा किया कि पति के नाम पर मौजूद संपत्ति अपने नाम कराने के लिए भी उनसे लगातार दबावपूर्वक बातचीत की जाती रही। इन आरोपों के संबंध में दूसरे पक्ष का बयान उपलब्ध नहीं है।

    प्रियांशु ने अपनी शिकायत में यह भी कहा कि उन्हें इंदौर में नौकरी छोड़ने के लिए मजबूर किया गया। उनका आरोप है कि अक्टूबर 2026 में अपने पिता के साथ बातचीत के दौरान उनसे जबरन समझौते से जुड़े दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कराए गए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें घर से निकालने की बात कही गई। शिकायतकर्ता के मुताबिक, इन परिस्थितियों के कारण उन्हें मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ा और अब उन्हें अपनी सुरक्षा की चिंता है।

    प्रियांशु शर्मा ने जिन छह लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है, उनमें उनके ससुर हरिवंश कन्हौआ, सास सरोज कन्हौआ, जेठ विकास कन्हौआ, जेठानी भावना कन्हौआ, ननद ऋतु अवस्थी और नंदोई सौरभ अवस्थी के नाम शामिल हैं। उन्होंने पुलिस से शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच करने, संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने और सुरक्षा उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है।

    मामले में अब पुलिस की जांच महत्वपूर्ण होगी। पति की संदिग्ध मौत, चोरी के आरोप, संपत्ति को लेकर विवाद और कथित प्रताड़ना से जुड़े पहलुओं की वास्तविक स्थिति संबंधित दस्तावेजों, बयानों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल शिकायत में लगाए गए आरोपों को सिद्ध तथ्य नहीं माना जा सकता। पुलिस की कार्रवाई और जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही मामले की आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।

  • शिवपुरी में तीन बच्चों की मां के लापता होने का मामला, पति ने नकदी और सोने के जेवर ले जाने का लगाया आरोप

    शिवपुरी में तीन बच्चों की मां के लापता होने का मामला, पति ने नकदी और सोने के जेवर ले जाने का लगाया आरोप

    मध्य प्रदेश: के शिवपुरी जिले में तीन बच्चों की मां के लापता होने का मामला सामने आया है। सुरवाया थाना क्षेत्र के ग्राम बिची मोहनगढ़ निवासी धर्मवीर गुर्जर ने आरोप लगाया है कि उसकी पत्नी पूनम गुर्जर 30 सितंबर की रात घर में रखे दो लाख रुपये नकद और पांच तोला सोने के जेवर लेकर चली गई। धर्मवीर का दावा है कि उसकी पत्नी गौशाला क्षेत्र में रहने वाले जीतू गुर्जर के साथ गई है। मामले में शिकायत लेकर वह पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचा और कार्रवाई की मांग की।

    धर्मवीर के अनुसार, उसकी शादी वर्ष 2017 में समाज के सामूहिक विवाह सम्मेलन में पूनम गुर्जर के साथ हुई थी। शादी के बाद उनके तीन बच्चे हुए। उसने बताया कि वह खेती करके परिवार का भरण-पोषण करता था और उसके पास करीब 40 बीघा कृषि भूमि है। बच्चों की पढ़ाई और बेहतर भविष्य को ध्यान में रखते हुए उसने शिवपुरी शहर के गौशाला-लुधावली क्षेत्र में एक मकान भी लिया था, ताकि बच्चों को शिक्षा के बेहतर अवसर मिल सकें।

    धर्मवीर ने अपने आवेदन में आरोप लगाया कि इसी दौरान उसकी पत्नी की गौशाला क्षेत्र में रहने वाले जीतू गुर्जर से नजदीकियां बढ़ गईं। उसके मुताबिक, इस संबंध में जानकारी मिलने के बाद उसने पत्नी को समझाने की कोशिश की, लेकिन परिस्थितियों में सुधार नहीं हुआ। इसके बाद उसने शिवपुरी स्थित मकान बेचने का निर्णय लिया। धर्मवीर का कहना है कि उसने मकान चार लाख रुपये में बेच दिया और इसके बाद पत्नी तथा बच्चों को लेकर अपने गांव बिची मोहनगढ़ लौट आया।

    पीड़ित के आरोप के मुताबिक, 30 सितंबर की रात पूनम घर में रखे दो लाख रुपये नकद और पांच तोला सोने के जेवर लेकर चली गई। धर्मवीर ने दावा किया कि इस मामले में जीतू गुर्जर के मौसा इंदर गुर्जर और उसके दोस्त नरेंद्र लोधी ने भी सहयोग किया। उसने नरेंद्र पर जान से मारकर फेंक देने की धमकी देने का आरोप भी लगाया है। इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। मामले में संबंधित पक्षों का बयान भी सामने नहीं आया है।

    धर्मवीर का कहना है कि उसने इस घटना के संबंध में सुरवाया थाना पुलिस से शिकायत की थी, लेकिन उसकी सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद वह अपनी फरियाद लेकर शिवपुरी के पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचा। उसने पुलिस अधीक्षक यांगचेन डोलकर भूटिया से मिलने का प्रयास किया, लेकिन उसकी मुलाकात नहीं हो सकी। इसके बाद उसने अपनी शिकायत पर कार्रवाई कराने की मांग दोहराई।

    धर्मवीर ने अपनी शिकायत में परिवार की स्थिति का भी जिक्र किया है। उसका कहना है कि तीनों बच्चे अपनी मां को याद करते हैं और उसके घर लौटने की उम्मीद में रोते हैं। वह बच्चों को यह कहकर समझाता है कि उनकी मां वापस आ जाएगी। इस स्थिति से परिवार पर पड़ रहे असर को बताते हुए उसने पुलिस से मामले को गंभीरता से लेने की अपील की है।

    पीड़ित ने पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि उसकी शिकायत के आधार पर मामले की जांच की जाए और पत्नी को ले जाने, नकदी तथा जेवर साथ ले जाने और धमकी देने से जुड़े उसके आरोपों की पड़ताल की जाए। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार, यह मामला पति की शिकायत और उसके लगाए गए आरोपों पर आधारित है। आरोपों की सच्चाई जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। पुलिस की ओर से आगे की कार्रवाई या जांच की स्थिति के संबंध में कोई विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।

  • शिवपुरी में 27 वर्षीय विवाहिता ससुराल में फंदे पर लटकी मिली, हाथ के निशान को लेकर कही थी परेशान करने वाली बात

    शिवपुरी में 27 वर्षीय विवाहिता ससुराल में फंदे पर लटकी मिली, हाथ के निशान को लेकर कही थी परेशान करने वाली बात

    मध्य प्रदेश: के शिवपुरी शहर के देहात थाना क्षेत्र के गौशाला इलाके में 27 वर्षीय विवाहिता राधा अपनी ससुराल में फंदे पर लटकी मिली। घटना गुरुवार दोपहर की बताई गई है। घटना के समय वह घर में अकेली थी। सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। फिलहाल विवाहिता की मौत के कारण स्पष्ट नहीं हुए हैं। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और परिजनों के बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

    जानकारी के अनुसार, गौशाला क्षेत्र में रहने वाले सुखवीर धाकड़ एक निजी स्कूल में शिक्षक हैं। उन्होंने बताया कि उनकी शादी राधा से करीब एक साल पहले हुई थी। गुरुवार को वह रोज की तरह स्कूल में पढ़ाने के लिए गए थे। दोपहर करीब तीन बजे उन्हें सूचना मिली कि उनकी पत्नी ने फंदे पर लटककर जान दे दी है। सूचना मिलने के बाद घटना की जानकारी पुलिस को दी गई।

    बताया गया कि घटना के समय घर में कोई अन्य व्यक्ति मौजूद नहीं था और राधा अकेली थी। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि किन परिस्थितियों में उसकी मौत हुई। शुरुआती जानकारी में पति ने राधा के हाथ पर मौजूद एक निशान का उल्लेख किया है। उनके अनुसार, राधा अक्सर अपने हाथ के उस निशान को देखकर कहती थी कि वह ज्यादा दिनों तक उनके साथ नहीं रह पाएगी। हालांकि, इस बात का घटना से क्या संबंध था, यह अभी स्पष्ट नहीं है।

    मामले में पुलिस सभी संबंधित पहलुओं की जांच कर रही है। केवल हाथ पर निशान होने या उससे जुड़ी किसी बात के आधार पर मौत का कारण तय नहीं किया जा सकता। पुलिस के मुताबिक, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और परिवार के सदस्यों के बयान से घटनाक्रम को समझने में मदद मिल सकती है। जांच के दौरान यह भी स्पष्ट करने की कोशिश की जाएगी कि घटना से पहले विवाहिता की स्थिति कैसी थी और क्या किसी तरह की परेशानी सामने आई थी।

    देहात थाना प्रभारी विकास यादव ने बताया कि मामले में मर्ग कायम कर लिया गया है। शुक्रवार को शव का पोस्टमार्टम कराया जाना था। उन्होंने स्पष्ट किया कि मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट और परिजनों के बयान मिलने के बाद ही हो सकेगा। फिलहाल पुलिस की ओर से मौत को लेकर किसी अंतिम निष्कर्ष की पुष्टि नहीं की गई है।

    घटना के बाद क्षेत्र में मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। विवाहिता की शादी को करीब एक वर्ष ही हुआ था, इसलिए पुलिस उपलब्ध जानकारी के आधार पर घटनाक्रम की जांच कर रही है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि राधा की मौत किन परिस्थितियों में हुई। जांच पूरी होने और आवश्यक रिपोर्ट सामने आने के बाद ही मामले की स्थिति अधिक स्पष्ट हो सकेगी।

  • बांग्लादेशी स्पिनर का ODI करियर खतरे में… डेब्यू मैच में ही फंसा…संदिग्ध बालिंग एक्शन की जांच शुरू

    बांग्लादेशी स्पिनर का ODI करियर खतरे में… डेब्यू मैच में ही फंसा…संदिग्ध बालिंग एक्शन की जांच शुरू


    शारजाह।
    बांग्लादेश (Bangladesh) के ऑफ स्पिनर अलिस अल इस्लाम (Aliss Al Islam) का वनडे करियर शुरू होते ही मुश्किलों में घिर गया है. अफगानिस्तान (Afghanistan) के खिलाफ ओडीआई डेब्यू (ODI Debut) करने वाले अलिस की गेंदबाजी एक्शन को संदिग्ध बताया गया है. अब इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (International Cricket Council- ICC) के मानकों के तहत उनके बॉलिंग एक्शन की स्वतंत्र जांच होगी।

    29 वर्षीय अलिस अल इस्लाम ने 21 अक्टूबर को शारजाह में ओडीआई डेब्यू किया था. अफगानिस्तान के विरुद्ध इस मुकाबले में उन्होंने 8.3 ओवर्स की गेंदबाजी में 47 रन खर्च किए, लेकिन उन्हें कोई विकेट नहीं मिला. मैच अधिकारियों ने उनकी गेंदबाजी एक्शन की वैधता पर चिंता जताई, जिसके बाद आईसीसी ने जांच की प्रक्रिया शुरू की है।


    कहां होगी एक्शन की जांच?

    अलिस अल इस्लाम के बॉलिंग एक्शन का आकलन आईसीसी से मान्यता प्राप्त परीक्षण केंद्र में किया जाएगा. इस जांच से पता चलेगा कि गेंदबाजी करते समय उनकी कोहनी सीधी होने की सीमा निर्धारित नियमों के भीतर है या नहीं. आईसीसी के नियमों के अनुसार, गेंद छोड़ने की प्रक्रिया में कोहनी का विस्तार 15 डिग्री से अधिक नहीं होना चाहिए।

    हालांकि, संदिग्ध एक्शन की शिकायत होने का मतलब यह नहीं है कि गेंदबाज दोषी साबित हो गया है. अंतिम फैसला स्वतंत्र जांच के नतीजों के आधार पर होगा. आकलन पूरा होने तक अलिस अल इस्लाम अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में गेंदबाजी जारी रख सकते हैं।

    अलिस अल इस्लाम घरेलू क्रिकेट में अपनी रहस्यमयी स्पिन और कैरम बॉल के लिए जाने जाते हैं. बांग्लादेश प्रीमियर लीग (BPL) में उन्होंने 35 मैचों में 39 विकेट लिए हैं. वहीं, लिस्ट-ए क्रिकेट में उनके नाम पर 20 मैचों में 35 विकेट दर्ज हैं. इस फॉर्मेट में उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 21 रन देकर 6 विकेट रहा है।

    अलिस अल इस्लाम नेआइची-नागोया एशियन गेम्स 2026 में श्रीलंका के खिलाफ मुकाबले के दौरान अपना टी20 इंटरनेशनल डेब्यू भी किया था. ओडीआई में डेब्यू के बाद एक्शन पर उठे सवाल अब उनके अंतरराष्ट्रीय करियर के लिए अहम हो गए हैं।

  • फरीदाबाद में रिटायर्ड सब इंस्पेक्टर के घर तीन राउंड फायरिंग, बुलेट बाइक सवार दो बदमाश सीसीटीवी में कैद

    फरीदाबाद में रिटायर्ड सब इंस्पेक्टर के घर तीन राउंड फायरिंग, बुलेट बाइक सवार दो बदमाश सीसीटीवी में कैद

    नई दिल्ली । हरियाणा के फरीदाबाद में देर रात हरियाणा पुलिस के एक सेवानिवृत्त सब इंस्पेक्टर के घर पर गोलीबारी की घटना सामने आई है। नगला एनक्लेव पार्ट-2 में बुलेट मोटरसाइकिल पर पहुंचे दो युवकों ने मकान को निशाना बनाकर तीन राउंड फायरिंग की और मौके से फरार हो गए। घटना के समय परिवार घर के अंदर सो रहा था। गोलीबारी से मकान का शीशा टूट गया और दीवार पर भी गोली लगने के निशान मिले हैं। इस घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है।

    फायरिंग का शिकार हुए सेवानिवृत्त सब इंस्पेक्टर की पहचान सुरजीत बैंसला के रूप में हुई है। उन्होंने बताया कि वारदात के समय वह अपने परिवार के साथ घर के अंदर सो रहे थे। देर रात एक पड़ोसी ने उन्हें जानकारी दी कि उनके मकान पर गोलियां चलाई गई हैं। सूचना मिलने के बाद उन्होंने घर के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग देखी, जिसमें दो युवकों की गतिविधियां दिखाई दीं।

    फुटेज के अनुसार, दोनों युवक बुलेट मोटरसाइकिल पर सवार होकर मकान के पास पहुंचे थे। वहां रुकने के बाद उन्होंने पिस्तौल निकाली और घर की ओर गोलियां चलाईं। इसके बाद दोनों आरोपी उसी मोटरसाइकिल से घटनास्थल से भाग गए। बताया गया है कि वारदात के दौरान युवकों ने अपने चेहरे नहीं ढके हुए थे। ऐसे में पुलिस को उनकी पहचान करने के लिए सीसीटीवी रिकॉर्डिंग से मदद मिलने की उम्मीद है।

    गोलीबारी के दौरान एक गोली मकान के शीशे पर लगी, जिससे शीशा टूट गया। दूसरी गोली दीवार में जा लगी, जबकि तीसरी गोली हवा में चलाई गई। घटना के समय घर के भीतर परिवार के सदस्य मौजूद थे, लेकिन किसी के घायल होने की जानकारी सामने नहीं आई है। देर रात हुई इस वारदात से मकान को नुकसान पहुंचा और परिवार को घटना की जानकारी पड़ोसी के माध्यम से मिली।

    सुरजीत बैंसला ने बताया कि वह फायरिंग करने वाले दोनों युवकों को नहीं पहचानते। उन्हें यह भी जानकारी नहीं है कि आरोपियों ने उनके घर को निशाना क्यों बनाया। फिलहाल गोलीबारी के पीछे की वजह स्पष्ट नहीं हुई है। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि घटना किसी पुरानी रंजिश, विवाद या किसी अन्य कारण से जुड़ी है या नहीं। हालांकि, जांच पूरी होने से पहले वारदात के उद्देश्य को लेकर कोई निष्कर्ष सामने नहीं आया है।

    घटना की सूचना मिलने के बाद सारण थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज की जांच कर दोनों संदिग्धों की पहचान करने में जुटी है। रिकॉर्डिंग में आरोपियों के मोटरसाइकिल से पहुंचने, पिस्तौल निकालने, गोलियां चलाने और फिर मौके से भागने की गतिविधियां दिखाई देने की बात कही गई है। पुलिस घटनास्थल से जुड़े साक्ष्यों की भी जांच कर रही है।

    सारण थाना प्रभारी हुक्म सिंह के अनुसार, शिकायत मिलने के बाद प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस फायरिंग के कारणों का पता लगाने के साथ आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास कर रही है। सीसीटीवी फुटेज तथा अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामले की पड़ताल की जा रही है। फिलहाल दोनों आरोपियों की पहचान और घटना के पीछे के कारणों को लेकर जांच जारी है।

  • तिहाड़ जेल से रिहाई के बाद CJP से जुड़े सौरव दास और आशुतोष रांका को दिल्ली पुलिस का नोटिस

    तिहाड़ जेल से रिहाई के बाद CJP से जुड़े सौरव दास और आशुतोष रांका को दिल्ली पुलिस का नोटिस

    नई दिल्ली । दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने सिटिजन्स फॉर जस्टिस एंड पीस (CJP) से जुड़े सौरव दास और आशुतोष रांका को नोटिस जारी किया है। दोनों को तिहाड़ जेल से रिहाई के बाद जांच में शामिल होने के लिए बुलाया गया है। इसके अलावा, अजिंक्य शिंदे को भी पूछताछ के लिए तलब किया गया है। पुलिस इस मामले में कथित सरकारी आदेश के उल्लंघन और जंतर-मंतर पहुंचने के दौरान किसी अन्य व्यक्ति की संपत्ति में अनधिकृत प्रवेश से जुड़े आरोपों की जांच कर रही है।

    पुलिस सूत्रों के मुताबिक, सौरव दास और आशुतोष रांका को जेल से रिहा होने के बाद नोटिस भेजे गए। वहीं, अजिंक्य शिंदे को भी जांच प्रक्रिया में शामिल होने के लिए समन जारी किया गया है। क्राइम ब्रांच तीनों से संबंधित घटनाक्रम और आरोपों के बारे में जानकारी जुटाना चाहती है। पूछताछ के दौरान पुलिस यह समझने की कोशिश कर सकती है कि कथित घटना किन परिस्थितियों में हुई और संबंधित लोगों की इसमें क्या भूमिका रही।

    मामले का संबंध कथित तौर पर सरकारी आदेश का पालन नहीं करने और जंतर-मंतर पहुंचने के दौरान किसी अन्य व्यक्ति की संपत्ति में बिना अनुमति प्रवेश करने के आरोपों से बताया गया है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में कथित उल्लंघन से जुड़े घटनाक्रम का विस्तृत ब्योरा सामने नहीं आया है। इसलिए इन आरोपों को फिलहाल जांच का विषय माना जाना चाहिए। किसी व्यक्ति को पूछताछ के लिए बुलाया जाना अपने आप में आरोप साबित होने या दोषी ठहराए जाने के समान नहीं है।

    क्राइम ब्रांच की ओर से की जा रही पूछताछ का उद्देश्य मामले से जुड़े तथ्यों को स्पष्ट करना और संबंधित लोगों के बयान दर्ज करना हो सकता है। पुलिस तीनों से घटना के क्रम, कथित सरकारी आदेश और संपत्ति में प्रवेश से जुड़े पहलुओं पर सवाल कर सकती है। हालांकि, पूछताछ में किन विशिष्ट सवालों पर ध्यान दिया जाएगा, इसकी आधिकारिक जानकारी उपलब्ध नहीं है।

    इस मामले में कानूनी स्थिति स्पष्ट करने के लिए पुलिस के आधिकारिक नोटिस, संबंधित दस्तावेजों और लागू कानूनी प्रावधानों की जानकारी महत्वपूर्ण होगी। उपलब्ध विवरण में यह पुष्टि नहीं की गई है कि तीनों के खिलाफ किन धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है। ऐसे में किसी विशिष्ट अपराध या कानूनी निष्कर्ष का दावा करना उचित नहीं होगा।

    सौरव दास और आशुतोष रांका की तिहाड़ जेल से रिहाई के बाद नोटिस जारी होने तथा अजिंक्य शिंदे को तलब किए जाने से मामले की जांच आगे बढ़ने का संकेत मिलता है। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि पूछताछ के बाद पुलिस क्या कदम उठाएगी या जांच में कौन-से नए तथ्य सामने आएंगे।

    फिलहाल, मामले में तीनों को जांच में शामिल होने के लिए बुलाए जाने की जानकारी सामने आई है। पुलिस की ओर से विस्तृत आधिकारिक बयान या नोटिस की पूरी जानकारी सामने आने पर आरोपों की प्रकृति, जांच के दायरे और आगे की कानूनी प्रक्रिया को लेकर स्थिति अधिक स्पष्ट हो सकेगी।