हार्दिक का शानदार प्रदर्शन
भारत के लिए दूसरा सबसे तेज अर्धशतक
माहिका और हार्दिक का प्यार

दिल्ली कैपिटल्स के मालिक पर टिप्पणी से बढ़ा विवाद
हाल ही में गंभीर ने दिल्ली कैपिटल्स के मालिक पार्थ जिंदल पर बिना नाम लिए जवाब दिया था। जिंदल ने टीम के लिए स्प्लिट कोचिंग मॉडल अपनाने की बात कही थी। गंभीर ने इस सुझाव पर कटाक्ष करते हुए कहा था कि “हर किसी को अपने डोमेन में रहना चाहिए।”
भारत की साउथ अफ्रीका के खिलाफ वनडे सीरीज़ जीत के तुरंत बाद दिए गए इस बयान ने और बहस छेड़ दी-खासकर तब, जब इससे पहले टीम को घरेलू टेस्ट सीरीज़ में 0-3 से हार झेलनी पड़ी थी। इस हार ने गंभीर के शुरुआती कोचिंग दौर में कई सवाल खड़े किए।
आकाश चोपड़ा की सलाह-“गंभीर खुद पर आलोचना की बौछार बुला लेते हैं”
अपने यूट्यूब चैनल पर बात करते हुए चोपड़ा ने कहा:
“गौतम की खासियत है कि वे प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिल खोलकर बोलते हैं, कुछ भी नहीं छुपाते। लेकिन मेरी एक निजी सलाह है कि इतनी लड़ाइयाँ मत लो। जब आप किसी बात पर बहुत ज्यादा टकराव वाले हो जाते हैं, तो लोग आपकी हार का इंतजार करने लगते हैं। कभी-कभी लगता है कि गंभीर खुद को आलोचना के लिए एक्सपोज़ कर देते हैं।”
“दिल सही जगह पर है, लेकिन टकराव कम करें”
चोपड़ा ने गंभीर के जज़्बे और इरादों की तारीफ करते हुए कहा:
“एक बात पक्की है-गौतम बेहद पैशनेट इंसान हैं। उनका दिल देश और टीम के लिए धड़कता है। वे हमेशा लड़ने को तैयार रहते हैं। लेकिन मेरी सलाह यही है कि अनावश्यक लड़ाइयाँ मत लड़ो। किसी को खुश करना जरूरी नहीं, लेकिन लोगों को आपके गिरने का इंतज़ार न करने दो।”

रिटायरमेंट से वापसी का कारण
शाकिब ने पिछले साल अक्टूबर में भारत के खिलाफ कानपुर टेस्ट खेला था। इसके बाद उन्होंने टेस्ट और टी20 फॉर्मेट से संन्यास की घोषणा की थी, जबकि वनडे इंटरनेशनल खेलते रहने की इच्छा जताई थी। बाद में विवाद और कानूनी मुद्दों के कारण वह टीम में वापसी नहीं कर पाए।
हाल ही में बियर्ड बिफोर विकेट पॉडकास्ट में मोईन अली से बातचीत के दौरान शाकिब ने स्पष्ट किया कि उन्होंने तीनों फॉर्मेट से आधिकारिक रूप से संन्यास नहीं लिया है। उन्होंने कहा:
“मेरी इच्छा है कि मैं बांग्लादेश लौटकर ओडीआई, टेस्ट और टी20 इंटरनेशनल की पूरी सीरीज खेलूं और इसके बाद संन्यास लूँ। मैं इसे किसी भी क्रम में खेल सकता हूँ, लेकिन पूरी सीरीज खेलकर ही विदाई लेना चाहता हूँ।”
बांग्लादेश लौटने की चुनौती
शाकिब के लिए बांग्लादेश लौटना आसान नहीं है। बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) ने पहले ही स्पष्ट किया है कि वे किसी भी तरह की सुरक्षा गारंटी नहीं दे सकते। पिछले साल शाकिब घरेलू मैदान पर साउथ अफ्रीका के खिलाफ फेयरवेल टेस्ट खेलना चाहते थे, लेकिन सुरक्षा चिंताओं और गिरफ्तारी के डर के कारण उन्होंने जोखिम नहीं लिया।
साथ ही शाकिब ने कहा कि वे फिट रहकर चयन के लिए उपलब्ध रहना चाहते हैं और घरेलू दर्शकों के सामने ही अपने करियर को सम्मानजनक रूप से समाप्त करना चाहते हैं।
शाकिब का करियर: शानदार ऑलराउंड रिकॉर्ड
38 वर्षीय शाकिब अल हसन ने बांग्लादेश के लिए बेहतरीन प्रदर्शन किया है:
टेस्ट: 71 मैच, 4609 रन (औसत 37.78), 246 विकेट
वनडे: 247 मैच, 7570 रन, 317 विकेट
टी20 इंटरनेशनल: 129 मैच, 2551 रन, 149 विकेट
आईपीएल: 71 मैच, 793 रन, 63 विकेट
उनकी बल्लेबाजी और गेंदबाजी की क्षमताओं ने उन्हें बांग्लादेश के सबसे बड़े ऑलराउंडरों में शामिल किया है।
शाकिब की यह वापसी और अंतिम सीरीज की योजना क्रिकेट प्रशंसकों के लिए खासा रोमांचक बन सकती है, लेकिन सुरक्षा और राजनीतिक परिस्थितियों के कारण उनके देश लौटने में अभी भी अनिश्चितता बनी हुई है।