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  • IPO मार्केट में हलचल, SEBI की मंजूरी के बाद 3 कंपनियां लाएंगी पब्लिक ऑफर, निवेशकों की नजर

    IPO मार्केट में हलचल, SEBI की मंजूरी के बाद 3 कंपनियां लाएंगी पब्लिक ऑफर, निवेशकों की नजर


    नई दिल्ली । बाजार नियामक SEBI ने तीन कंपनियों को अपने प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गम यानी IPO लाने की मंजूरी दे दी है, जिससे प्राथमिक बाजार में नई हलचल देखने को मिल रही है। ये कंपनियां Neolite ZKW Lightings, SS Retail और Aspri Spirits हैं, जो मिलकर बाजार से 1,200 करोड़ रुपये से अधिक जुटाने की योजना पर काम कर रही हैं। इन सभी कंपनियों ने पिछले साल अपने ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस जमा किए थे, जिन पर अब SEBI की ओर से अंतिम स्वीकृति मिल चुकी है।

    इन तीनों कंपनियों के IPO आने से निवेशकों के लिए नए अवसर खुलेंगे और विभिन्न सेक्टर्स में भागीदारी का मौका मिलेगा। ये कंपनियां स्टॉक एक्सचेंज में लिस्ट होने के बाद अपनी बाजार मौजूदगी को और मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ेंगी। प्राप्त जानकारी के अनुसार, इन IPOs के जरिए जुटाई जाने वाली राशि का उपयोग विस्तार योजनाओं, कर्ज चुकाने और कारोबारी जरूरतों को पूरा करने में किया जाएगा।

    Neolite ZKW Lightings, जो ऑटोमोबाइल लाइटिंग सेक्टर में काम करती है, इस IPO के जरिए करीब 600 करोड़ रुपये जुटाने की योजना में है। कंपनी का एक हिस्सा नए शेयर जारी कर पूंजी जुटाएगा, जबकि मौजूदा निवेशक ऑफर फॉर सेल के माध्यम से अपनी हिस्सेदारी बेचेंगे। कंपनी इस फंड का इस्तेमाल उत्पादन क्षमता बढ़ाने और नए प्लांट स्थापित करने में करेगी।

    वहीं SS Retail, जो इलेक्ट्रॉनिक्स और मोबाइल रिटेल सेक्टर में काम करती है, करीब 500 करोड़ रुपये जुटाने की तैयारी में है। कंपनी इस पूंजी का उपयोग नए स्टोर्स खोलने और वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने के लिए करेगी। इसका कारोबार कई राज्यों के शहरी और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में फैला हुआ है, जिससे इसकी ग्रोथ की संभावनाएं मजबूत मानी जा रही हैं।

    तीसरी कंपनी Aspri Spirits अल्कोहल और पेय पदार्थों के डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर में सक्रिय है और इस लिस्ट में सबसे प्रमुख नामों में शामिल है। कंपनी अपने बड़े ब्रांड पोर्टफोलियो के साथ बाजार में मजबूत स्थिति रखती है। IPO से जुटाई गई राशि का उपयोग कंपनी कर्ज चुकाने और विस्तार योजनाओं में करने की योजना बना रही है।

    कुल मिलाकर, SEBI की इस मंजूरी के बाद IPO बाजार में नई गतिविधियां तेज हो गई हैं। निवेशकों के लिए यह आने वाले दिनों में नए निवेश विकल्पों का संकेत माना जा रहा है, जबकि कंपनियों के लिए यह अपने कारोबार को विस्तार देने का एक महत्वपूर्ण अवसर साबित हो सकता है।

  • सिम्का एडवरटाइजिंग आईपीओ: ग्रे मार्केट में तेजी और अलॉटमेंट से पहले निवेशकों की बढ़ी उम्मीदें

    सिम्का एडवरटाइजिंग आईपीओ: ग्रे मार्केट में तेजी और अलॉटमेंट से पहले निवेशकों की बढ़ी उम्मीदें

    नई दिल्ली । बाजार में इस समय निवेशकों का ध्यान एक बार फिर से नए पब्लिक इश्यू की ओर तेजी से आकर्षित हुआ है, जहांSimca Advertising का आईपीओ चर्चा के केंद्र में बना हुआ है। कंपनी का यह पब्लिक ऑफरिंग निवेशकों के बीच जबरदस्त उत्साह पैदा करने में सफल रहा है, खासकर उस समय जब शुरुआती चरण में इसे अपेक्षाकृत धीमी प्रतिक्रिया मिली थी, लेकिन अंतिम दिनों में आई तेज भागीदारी ने पूरे परिदृश्य को बदल दिया।

    यह आईपीओ 58 करोड़ रुपये के करीब का एक बुक बिल्ड इश्यू है, जिसमें कंपनी ने नए शेयर जारी किए हैं। ओवरऑल सब्सक्रिप्शन के अंतिम आंकड़ों के अनुसार यह इश्यू 80 गुना से अधिक सब्सक्राइब हुआ, जो निवेशकों के मजबूत भरोसे को दर्शाता है। पहले दिन जहां सब्सक्रिप्शन कमजोर रहा था, वहीं दूसरे और तीसरे दिन अचानक आई तेजी ने इसे बहु-गुना ओवरसब्सक्राइब कर दिया। खास बात यह रही कि हर श्रेणी में निवेशकों की भागीदारी मजबूत देखने को मिली, जिसमें संस्थागत निवेशकों से लेकर रिटेल कैटेगरी तक में उल्लेखनीय मांग दर्ज की गई।

    कंपनी का प्राइस बैंड तय सीमा में रखा गया था, और इसी के आधार पर ग्रे मार्केट में भी इसके शेयरों को सकारात्मक संकेत मिलने लगे हैं। मौजूदा अनुमानों के अनुसार ग्रे मार्केट प्रीमियम में मजबूती देखने को मिल रही है, जिससे संकेत मिल रहे हैं कि लिस्टिंग के समय निवेशकों को अच्छा रिटर्न मिल सकता है। हालांकि विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि ग्रे मार्केट केवल एक संकेत होता है और वास्तविक प्रदर्शन बाजार की स्थिति पर निर्भर करता है।

    शेयर अलॉटमेंट की प्रक्रिया भी अंतिम चरण में पहुंच चुकी है और निवेशकों को जल्द ही यह स्पष्ट हो जाएगा कि उन्हें कितने शेयर आवंटित हुए हैं। इसके तुरंत बाद कंपनी के शेयरों की लिस्टिंग तय तारीख पर होने की संभावना है, जिससे बाजार में नई हलचल देखने को मिल सकती है। अलॉटमेंट और लिस्टिंग की इस प्रक्रिया को लेकर निवेशकों में खासा उत्साह है, क्योंकि मजबूत सब्सक्रिप्शन के बाद उम्मीदें बढ़ गई हैं।

    कंपनी का मुख्य फोकस आउट-ऑफ-होम विज्ञापन क्षेत्र पर है, जिसमें होर्डिंग्स, डिजिटल डिस्प्ले, बस पैनल, कियोस्क और अन्य माध्यम शामिल हैं। यह मॉडल तेजी से बढ़ते विज्ञापन बाजार में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। कंपनी विभिन्न सेक्टरों के क्लाइंट्स के साथ काम करती है, जिसमें कॉरपोरेट, रियल एस्टेट, एंटरटेनमेंट और सरकारी परियोजनाएं शामिल हैं। इसके नेटवर्क में बड़ी संख्या में मीडिया एसेट्स का संचालन भी शामिल है, जो इसे इस क्षेत्र में प्रतिस्पर्धी बनाता है।

    आईपीओ से जुटाई गई राशि का उपयोग कंपनी अपने विस्तार और तकनीकी विकास के लिए करने की योजना बना रही है। इसमें डिजिटल LED स्क्रीन की स्थापना, रणनीतिक साझेदारियों को मजबूत करना और कार्यशील पूंजी की जरूरतों को पूरा करना शामिल है। इससे कंपनी के संचालन और बाजार उपस्थिति को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।

  • फार्मा सेक्टर में आईपीओ की हलचल तेज, गोल्डलाइन फार्मास्युटिकल का एसएमई मुद्दा 39% जीएमपी पर बना चर्चा का केंद्र

    फार्मा सेक्टर में आईपीओ की हलचल तेज, गोल्डलाइन फार्मास्युटिकल का एसएमई मुद्दा 39% जीएमपी पर बना चर्चा का केंद्र

    नई दिल्ली । फार्मा सेक्टर की उभरती हुई कंपनी Goldline Pharmaceutical ने अपने SME IPO के जरिए निवेश बाजार में एक बार फिर हलचल पैदा कर दी है। कंपनी का यह आईपीओ आज से निवेशकों के लिए खुल गया है, जिसे लेकर बाजार में पहले ही काफी उत्साह देखा जा रहा है। खास बात यह है कि कंपनी का ग्रे मार्केट प्रीमियम लगभग 39 प्रतिशत तक पहुंच चुका है, जो निवेशकों के मजबूत भरोसे और संभावित लिस्टिंग गेन की उम्मीद को दर्शाता है।

    Goldline Pharmaceutical का यह आईपीओ पूरी तरह से फ्रेश इश्यू है, जिसके तहत कंपनी 27 लाख नए शेयर जारी कर रही है। इस इश्यू के माध्यम से कंपनी कुल 11.61 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखती है। प्राइस बैंड 41 रुपये से 43 रुपये प्रति शेयर तय किया गया है, जबकि निवेशकों को कम से कम एक लॉट के लिए आवेदन करना होगा, जिसमें 3,000 शेयर शामिल हैं। रिटेल निवेशकों के लिए न्यूनतम निवेश राशि लगभग 2.58 लाख रुपये निर्धारित की गई है, जो इसे एक मध्यम स्तर के SME इश्यू की श्रेणी में लाता है।

    कंपनी का बिजनेस मॉडल पारंपरिक फार्मा कंपनियों से अलग है। Goldline Pharmaceutical सीधे दवाइयों का निर्माण नहीं करती, बल्कि एक एसेट-लाइट मॉडल पर काम करती है। इसके तहत कंपनी तीसरे पक्ष के मैन्युफैक्चरर्स से दवाइयां बनवाकर उन्हें अपने ब्रांड नाम से बाजार में बेचती है। इस रणनीति के कारण कंपनी को भारी इंफ्रास्ट्रक्चर और उत्पादन लागत से राहत मिलती है, जिससे वह कम लागत में तेजी से विस्तार कर सकती है।

    कंपनी का नेटवर्क भी लगातार मजबूत हो रहा है और यह कार्डियोलॉजी, ऑर्थोपेडिक, डायबिटीज केयर, पीडियाट्रिक्स और क्रिटिकल केयर जैसे प्रमुख मेडिकल सेगमेंट में अपनी उपस्थिति दर्ज करा चुकी है। वर्तमान में कंपनी 15 मैन्युफैक्चरर्स और 7 डिस्ट्रीब्यूटर्स के साथ मिलकर काम कर रही है। इसके उत्पाद महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, ओडिशा, झारखंड, तमिलनाडु, राजस्थान और बिहार जैसे कई राज्यों में उपलब्ध हैं, जो इसके बढ़ते वितरण नेटवर्क को दर्शाता है।

    वित्तीय प्रदर्शन की बात करें तो कंपनी ने पिछले कुछ वर्षों में स्थिर वृद्धि दर्ज की है। वित्त वर्ष 2024 में कंपनी की कुल आय 23.57 करोड़ रुपये थी, जो 2025 में बढ़कर 28.06 करोड़ रुपये हो गई। इसी अवधि में मुनाफा भी 1.81 करोड़ रुपये से बढ़कर 2.83 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। यह वृद्धि कंपनी की ऑपरेशनल क्षमता और बिजनेस मॉडल की मजबूती को दर्शाती है।

    IPO से प्राप्त होने वाली राशि का बड़ा हिस्सा कंपनी अपने मौजूदा कर्ज को कम करने में उपयोग करेगी, जिसमें लगभग 8.35 करोड़ रुपये का उपयोग ऋण पुनर्भुगतान या प्रीपेमेंट के लिए किया जाएगा। शेष राशि का उपयोग सामान्य कॉरपोरेट उद्देश्यों और संचालन विस्तार में किया जाएगा। निवेशकों के बीच बढ़ती रुचि और मजबूत GMP संकेत दे रहे हैं कि यह IPO लिस्टिंग के समय अच्छा प्रदर्शन कर सकता है, हालांकि अंतिम परिणाम बाजार की परिस्थितियों पर निर्भर करेगा।

  • शेयर बाजार में शानदार आगाज़: ‘किश्त’ की पैरेंट कंपनी ने पहले दिन ही निवेशकों को कराया मुनाफा

    शेयर बाजार में शानदार आगाज़: ‘किश्त’ की पैरेंट कंपनी ने पहले दिन ही निवेशकों को कराया मुनाफा

    नई दिल्ली ।डिजिटल फाइनेंस और ऑनलाइन लोन सेवाओं के क्षेत्र में तेजी से उभर रही OnEMI Technology Solutions ने शेयर बाजार में मजबूत शुरुआत कर निवेशकों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। कंपनी के शेयर बाजार में सूचीबद्ध होते ही निवेशकों को अच्छा मुनाफा मिला, जिससे IPO में हिस्सा लेने वाले लोगों के चेहरे खिल उठे।

    कंपनी के शेयर अपने तय इश्यू प्राइस से करीब 11 प्रतिशत ऊपर खुले। शुरुआती कारोबार में ही शेयरों में सकारात्मक माहौल देखने को मिला और यह लिस्टिंग निवेशकों के लिए फायदे का सौदा साबित हुई। बाजार में पहले से ही इस IPO को लेकर उत्साह बना हुआ था और लिस्टिंग के बाद वह भरोसा और मजबूत होता दिखाई दिया।

    हालांकि कुछ निवेशकों को इससे भी अधिक प्रीमियम की उम्मीद थी, लेकिन मौजूदा बाजार की अस्थिर परिस्थितियों के बीच इस प्रदर्शन को मजबूत शुरुआत माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल लेंडिंग सेक्टर की बढ़ती मांग ने कंपनी के प्रति निवेशकों का विश्वास बढ़ाया है।

    करीब 926 करोड़ रुपये के इस IPO को निवेशकों की ओर से शानदार प्रतिक्रिया मिली थी। अंतिम दिन तक यह इश्यू कई गुना सब्सक्राइब हुआ, जिससे साफ संकेत मिला कि बाजार में कंपनी को लेकर सकारात्मक माहौल बना हुआ है। खास बात यह रही कि बड़े संस्थागत निवेशकों ने कंपनी में सबसे अधिक रुचि दिखाई।

    संस्थागत निवेशकों के अलावा गैर-संस्थागत और रिटेल निवेशकों ने भी IPO में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। बड़ी संख्या में आवेदन मिलने से यह इश्यू बाजार में चर्चा का विषय बन गया। IPO खुलने से पहले ही कंपनी ने एंकर निवेशकों के जरिए बड़ी रकम जुटाकर अपनी मजबूत स्थिति का संकेत दे दिया था।

    OnEMI Technology Solutions की शुरुआत साल 2016 में हुई थी। कंपनी डिजिटल लेंडिंग और पेमेंट सेवाओं के क्षेत्र में काम करती है और अपने प्लेटफॉर्म के जरिए ग्राहकों को कई तरह की वित्तीय सुविधाएं उपलब्ध कराती है। कंपनी पर्सनल लोन, छोटे कारोबारियों के लिए लोन, EMI फाइनेंसिंग और अन्य डिजिटल क्रेडिट सेवाओं के माध्यम से तेजी से अपने कारोबार का विस्तार कर रही है।

    बीते कुछ वर्षों में कंपनी ने करोड़ों यूजर्स तक अपनी पहुंच बनाई है। बड़ी संख्या में ग्राहकों के जुड़ने और डिजिटल सेवाओं की मांग बढ़ने से कंपनी का कारोबार लगातार मजबूत हुआ है। कंपनी का एसेट अंडर मैनेजमेंट भी तेजी से बढ़ा है, जो उसके विस्तार और ग्राहकों के भरोसे को दर्शाता है।

    वित्तीय आंकड़ों की बात करें तो कंपनी ने आय और मुनाफे दोनों में लगातार सुधार दर्ज किया है। यही वजह है कि निवेशकों ने कंपनी के भविष्य को लेकर सकारात्मक रुख दिखाया। डिजिटल फाइनेंस सेक्टर में बढ़ते अवसरों के कारण कंपनी को आगे भी मजबूत ग्रोथ मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

    कंपनी ने संकेत दिया है कि IPO से जुटाई गई राशि का उपयोग मुख्य रूप से अपने फाइनेंस कारोबार को और मजबूत करने में किया जाएगा। इसके जरिए कंपनी ज्यादा लोन ग्रोथ हासिल करने और डिजिटल फाइनेंस मार्केट में अपनी स्थिति को और बेहतर बनाने की योजना पर काम करेगी।

    बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में डिजिटल क्रेडिट और ऑनलाइन फाइनेंस सेवाओं की मांग तेजी से बढ़ सकती है। ऐसे में इस क्षेत्र में काम करने वाली कंपनियों के लिए विकास के बड़े अवसर मौजूद हैं। अब निवेशकों की नजर इस बात पर टिकी रहेगी कि कंपनी अपनी मौजूदा ग्रोथ को भविष्य में किस तरह बनाए रखती है।

  • शेयर बाजार में दस्तक देने जा रही पैकेजिंग कंपनी, 50 रुपये प्रति शेयर वाला IPO बना चर्चा का विषय

    शेयर बाजार में दस्तक देने जा रही पैकेजिंग कंपनी, 50 रुपये प्रति शेयर वाला IPO बना चर्चा का विषय


    नई दिल्ली ।भारतीय शेयर बाजार में एक और नया आईपीओ निवेशकों के लिए अवसर लेकर आने वाला है। पैकेजिंग सेक्टर में काम करने वाली कंपनी आरएफबीएल फ्लेक्सी पैक जल्द ही अपना SME आईपीओ लॉन्च करने जा रही है। कम कीमत और तेजी से बढ़ते पैकेजिंग उद्योग की वजह से यह इश्यू निवेशकों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। कंपनी का आईपीओ 12 मई से खुलेगा, जबकि निवेशक 14 मई तक इसमें आवेदन कर सकेंगे।

    इस आईपीओ का प्राइस बैंड 47 रुपये से 50 रुपये प्रति शेयर तय किया गया है। कंपनी इस इश्यू के जरिए लगभग 35 करोड़ रुपये जुटाने की तैयारी में है। इसके तहत करीब 71 लाख नए शेयर जारी किए जाएंगे। शेयर बाजार में इसकी संभावित लिस्टिंग 19 मई को हो सकती है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि कम कीमत वाला यह इश्यू छोटे और मध्यम निवेशकों को आकर्षित कर सकता है।

    आईपीओ में आवेदन करने के लिए रिटेल निवेशकों को कम से कम 3,000 शेयरों का एक लॉट खरीदना होगा। यदि कोई निवेशक ऊपरी प्राइस बैंड पर आवेदन करता है तो उसे लगभग 1.50 लाख रुपये का निवेश करना पड़ेगा। वहीं बड़े निवेशकों के लिए न्यूनतम निवेश राशि इससे कहीं अधिक रखी गई है। शेयर आवंटन की प्रक्रिया 15 मई तक पूरी होने की उम्मीद है।

    कंपनी पिछले कई वर्षों से फ्लेक्सिबल पैकेजिंग मटेरियल के निर्माण और व्यापार में सक्रिय है। यह मुख्य रूप से प्लास्टिक फिल्म रोल और पैकेजिंग पाउच तैयार करती है, जिनका इस्तेमाल खाद्य पदार्थ, फार्मा और घरेलू उत्पादों की पैकेजिंग में किया जाता है। कंपनी विभिन्न उद्योगों की जरूरतों के अनुसार कस्टमाइज पैकेजिंग समाधान भी उपलब्ध कराती है, जिससे उसकी बाजार में अच्छी पकड़ बनी हुई है।

    भारत में पैकेज्ड फूड, एफएमसीजी और फार्मास्यूटिकल सेक्टर तेजी से विस्तार कर रहे हैं। इन उद्योगों में बढ़ती मांग का सीधा फायदा पैकेजिंग कंपनियों को मिल रहा है। इसी अवसर को देखते हुए कंपनी अपने कारोबार का विस्तार करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। कंपनी आधुनिक मल्टीलेयर पैकेजिंग तकनीक का इस्तेमाल करती है, जिससे उत्पादों को सुरक्षित रखने के साथ-साथ उनकी गुणवत्ता भी लंबे समय तक बनी रहती है।

    कंपनी की उत्पादन इकाई गुजरात के हिम्मतनगर में स्थित है। सीमित संसाधनों के बावजूद कंपनी लगातार अपने कारोबार को मजबूत करने में लगी हुई है। आधुनिक तकनीक और मजबूत वितरण नेटवर्क की मदद से कंपनी पैकेजिंग उद्योग में अपनी स्थिति को और बेहतर बनाने का प्रयास कर रही है।

    वित्तीय प्रदर्शन की बात करें तो कंपनी ने पिछले वित्त वर्ष में 135 करोड़ रुपये से अधिक की आय दर्ज की थी। इसी अवधि में कंपनी का मुनाफा भी मजबूत रहा, जिससे संकेत मिलता है कि कारोबार लगातार स्थिर गति से आगे बढ़ रहा है। चालू वित्त वर्ष में भी कंपनी ने संतोषजनक प्रदर्शन किया है और उत्पादन क्षमता बढ़ाने की दिशा में काम जारी रखा है।

    आईपीओ से मिलने वाली राशि का उपयोग मुख्य रूप से कारोबार विस्तार, पूंजीगत खर्च और वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने में किया जाएगा। कंपनी का लक्ष्य उत्पादन क्षमता बढ़ाने और बाजार में अपनी मौजूदगी को मजबूत करना है। बढ़ती पैकेजिंग इंडस्ट्री और कम प्राइस बैंड को देखते हुए यह आईपीओ निवेशकों के लिए आकर्षण का केंद्र बन सकता है।

  • आईपीओ बाजार में फाइनेंशियल सेक्टर की मजबूत पकड़ 34% हिस्सेदारी

    आईपीओ बाजार में फाइनेंशियल सेक्टर की मजबूत पकड़ 34% हिस्सेदारी

    नई दिल्ली:  नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया यानी एनएसई की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2026 में इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग IPO के जरिए फंड जुटाने में फाइनेंशियल सेक्टर ने सबसे मजबूत प्रदर्शन किया है। अप्रैल से फरवरी की अवधि में जुटाई गई कुल राशि में इस सेक्टर की हिस्सेदारी 34 प्रतिशत रही, जो अन्य सभी क्षेत्रों से अधिक है

    रिपोर्ट में बताया गया कि फाइनेंशियल सेक्टर के बाद कंज्यूमर डिस्क्रिशनरी सेक्टर की हिस्सेदारी 31 प्रतिशत रही, जबकि इंडस्ट्रियल सेक्टर ने 11 प्रतिशत योगदान दिया। यह दर्शाता है कि निवेशकों का रुझान मुख्य रूप से वित्तीय और उपभोक्ता आधारित कंपनियों की ओर बना हुआ है

    एसएमई SME सेगमेंट में अलग रुझान देखने को मिला। यहां इंडस्ट्रियल सेक्टर 36 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ सबसे आगे रहा, जबकि कंज्यूमर डिस्क्रिशनरी 23 प्रतिशत और मटेरियल सेक्टर 10 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ शामिल रहे। यह दिखाता है कि छोटे और मझोले उद्योगों में औद्योगिक कंपनियों की भागीदारी ज्यादा है

    मेनबोर्ड आईपीओ की बात करें तो अप्रैल 2025 से फरवरी 2026 के बीच 99 कंपनियों ने आईपीओ के जरिए 1,65,036 करोड़ रुपए जुटाए। यह पिछले वित्त वर्ष की तुलना में भी मजबूत वृद्धि को दर्शाता है, जहां 79 कंपनियों ने 1,62,517 करोड़ रुपए जुटाए थे

    हालांकि, एसएमई आईपीओ में कुछ गिरावट देखी गई है। वित्त वर्ष 2026 में अब तक 105 एसएमई आईपीओ लिस्ट हुए, जिनसे कुल 5,121 करोड़ रुपए जुटाए गए, जबकि पिछले वर्ष 163 आईपीओ के जरिए 7,111 करोड़ रुपए जुटाए गए थे

    निवेशकों की संख्या में भी लगातार वृद्धि हो रही है। फरवरी 2026 तक एनएसई पर पंजीकृत निवेशकों की संख्या 12.8 करोड़ तक पहुंच गई। हर महीने औसतन 13.6 लाख नए निवेशक बाजार से जुड़ रहे हैं, जो भारत के पूंजी बाजार की बढ़ती लोकप्रियता को दर्शाता है

    राज्यों की बात करें तो महाराष्ट्र 2 करोड़ से अधिक निवेशकों के साथ पहला राज्य बन गया है। इसके बाद उत्तर प्रदेश, गुजरात, पश्चिम बंगाल और राजस्थान प्रमुख निवेशक आधार वाले राज्य हैं

  • अगले हफ्ते शेयर बाजार में IPO की बारिश, 4 कंपनियां खोलेंगी पब्लिक इश्यू, निवेशकों के लिए बड़ा मौका

    अगले हफ्ते शेयर बाजार में IPO की बारिश, 4 कंपनियां खोलेंगी पब्लिक इश्यू, निवेशकों के लिए बड़ा मौका

    नई दिल्ली। शेयर बाजार में निवेश करने वालों के लिए अगला हफ्ता बेहद अहम रहने वाला है। 9 मार्च से शुरू होने वाले सप्ताह में देश में चार नए आईपीओ खुलने जा रहे हैं। इनमें से तीन पब्लिक इश्यू मेनबोर्ड सेगमेंट से जुड़े हैं जबकि एक आईपीओ एसएमई सेगमेंट का है। इसके अलावा पहले से खुले दो आईपीओ में भी निवेश का मौका मिलेगा। ऐसे में निवेशकों के पास अलग अलग सेक्टर की कंपनियों में पैसा लगाने का अच्छा अवसर रहेगा।

    आने वाले सप्ताह में जिन कंपनियों के आईपीओ खुलने वाले हैं उनमें राजपूताना स्टेनलेस, इनोविजन, एप्सिस एरोकॉम और राजमार्ग इंफ्रा इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट शामिल हैं। इन कंपनियों के जरिए बाजार से हजारों करोड़ रुपये जुटाने की योजना है।

    सबसे पहले राजपूताना स्टेनलेस का आईपीओ 9 मार्च को खुलेगा और 11 मार्च को बंद होगा। यह लगभग 254.98 करोड़ रुपये का इश्यू है। कंपनी ने इसके लिए 116 से 122 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है और एक लॉट में 110 शेयर होंगे। इस कंपनी के शेयर 16 मार्च को बीएसई और एनएसई पर लिस्ट होने की संभावना है।

    इसके बाद इनोविजन का आईपीओ 10 मार्च को खुलेगा और 12 मार्च को बंद होगा। कंपनी का लक्ष्य लगभग 322.84 करोड़ रुपये जुटाना है। इसके लिए 521 से 548 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया गया है और एक लॉट में 27 शेयर शामिल होंगे। कंपनी के शेयर 17 मार्च को बीएसई और एनएसई पर सूचीबद्ध हो सकते हैं।

    तीसरा आईपीओ एप्सिस एरोकॉम का है जो 11 मार्च को खुलेगा और 13 मार्च को बंद होगा। यह एसएमई सेगमेंट का इश्यू है और कंपनी करीब 35.77 करोड़ रुपये जुटाने की योजना बना रही है। इसके लिए 104 से 110 रुपये प्रति शेयर का प्राइस तय किया गया है और लॉट साइज 1200 शेयर का है। इस कंपनी के शेयर 18 मार्च को एनएसई एसएमई प्लेटफॉर्म पर लिस्ट होने की संभावना है।

    इसके अलावा राजमार्ग इंफ्रा इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट का बड़ा आईपीओ भी 11 मार्च को खुलेगा और 13 मार्च को बंद होगा। करीब 6000 करोड़ रुपये के इस इश्यू के लिए कंपनी ने 99 से 100 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है। इस कंपनी के शेयर 24 मार्च को बीएसई और एनएसई पर लिस्ट होने की उम्मीद है।

    इन नए आईपीओ के अलावा दो ऐसे आईपीओ भी हैं जो पहले से खुले हुए हैं और जिनमें निवेशक अब भी पैसा लगा सकते हैं। एल्फिन एग्रो इंडिया का आईपीओ 5 मार्च को खुला था और 9 मार्च को बंद होगा। कंपनी करीब 25.03 करोड़ रुपये जुटाने की योजना बना रही है और इसका प्राइस 47 रुपये प्रति शेयर तय किया गया है। एक लॉट में 3000 शेयर हैं और कंपनी के शेयर 12 मार्च को बीएसई एसएमई पर लिस्ट होने की संभावना है।

    वहीं श्रीनिबासा प्रधान कंस्ट्रक्शन्स का आईपीओ 6 मार्च को खुला था और 10 मार्च को बंद होगा। करीब 20.32 करोड़ रुपये के इस इश्यू को अभी तक लगभग 9 प्रतिशत सब्सक्रिप्शन मिला है। इसके लिए 91 से 98 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड रखा गया है और लॉट साइज 1200 शेयर है। कंपनी के शेयर 13 मार्च को एनएसई एसएमई प्लेटफॉर्म पर डेब्यू कर सकते हैं।

    आने वाला सप्ताह आईपीओ बाजार के लिहाज से काफी व्यस्त रहने वाला है। मेनबोर्ड और एसएमई दोनों सेगमेंट में कई कंपनियां बाजार में उतर रही हैं। ऐसे में निवेशकों के लिए यह जरूरी है कि वे निवेश करने से पहले कंपनियों के कारोबार, वित्तीय स्थिति और जोखिम कारकों का सावधानी से विश्लेषण करें, ताकि सही निर्णय लेकर बेहतर रिटर्न हासिल किया जा सके।

  • तैयार रखें निवेश की रकम! अगले हफ्ते IPO मार्केट में आएगा तूफान, खुलेंगे 6 नए कमाई के मौके

    तैयार रखें निवेश की रकम! अगले हफ्ते IPO मार्केट में आएगा तूफान, खुलेंगे 6 नए कमाई के मौके


    नई दिल्ली। अगले हफ्ते शेयर बाजार के निवेशकों के लिए बेहद खास रहने वाला है। 12 जनवरी से 16 जनवरी के बीच प्राइमरी मार्केट में जोरदार हलचल देखने को मिलेगी। इस दौरान कुल 6 कंपनियां अपने IPO लॉन्च कर रही हैं, जिसमें एक बड़ा मेनबोर्ड IPO और पांच SME सेगमेंट के इश्यू शामिल हैं। टेक्नोलॉजी, एनर्जी और मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों की कंपनियां निवेशकों के लिए नए अवसर लेकर आ रही हैं। विशेषज्ञों के अनुसार यह सप्ताह उन निवेशकों के लिए अहम है जो शुरुआत से किसी कंपनी की ग्रोथ स्टोरी में शामिल होना चाहते हैं। अलग-अलग सेक्टरों के IPO आने से निवेशकों को अपने पोर्टफोलियो को विविधता देने का भी मौका मिलेगा। अधिकांश इश्यू 12 और 13 जनवरी से बोली प्रक्रिया शुरू करेंगे और अलग-अलग तारीखों पर बंद होंगे।

    मेनबोर्ड सेगमेंट में इस हफ्ते सबसे अधिक ध्यान Amagi Media Labs पर रहेगा। यह क्लाउड-बेस्ड SaaS कंपनी 13 जनवरी से निवेश के लिए खुलेगी और 16 जनवरी तक उपलब्ध रहेगी। इसका प्राइस बैंड ₹343 -₹361 प्रति शेयर और इश्यू साइज लगभग ₹1,788 करोड़ है। इसमें फ्रेश इश्यू के साथ OFS भी शामिल है, जिसके तहत पुराने निवेशक आंशिक हिस्सेदारी बेचेंगे। साइज और सेक्टर दोनों ही दृष्टि से यह सप्ताह का सबसे बड़ा आकर्षण माना जा रहा है।SME प्लेटफॉर्म पर भी जोरदार हलचल देखने को मिलेगी। पांच कंपनियों के इश्यू निवेशकों के लिए नए अवसर प्रदान करेंगे। इनमें शामिल हैं:

    अवाना इलेक्ट्रोसिस्टम्स: 12–14 जनवरी, प्राइस ₹56–₹59, NSE SME, लॉट साइज 4,000 शेयर।

    नर्मदेश ब्रास इंडस्ट्रीज: 12–15 जनवरी, प्राइस ₹515, इश्यू साइज ₹44.87 करोड़, लॉट 480 शेयर।

    इंडो एसएमसी: 13–15 जनवरी, प्राइस ₹141–₹149, BSE SME, न्यूनतम निवेश 2,000 शेयर।

    GRE रिन्यू एनरटेक: 13–16 जनवरी, प्राइस ₹100–₹105, रिन्यूएबल एनर्जी, लॉट साइज 2,400 शेयर।

    आर्मर सिक्योरिटी इंडिया: 14–19 जनवरी, प्राइस ₹55–₹57, लॉट साइज 4,000 शेयर।

    इसके अलावा, हाल ही में आए कुछ IPO अब लिस्टिंग के लिए तैयार हैं। इनमें भारत कोकिंग कोल, गैबियन टेक्नोलॉजीज, यजुर फाइबर्स, विक्ट्री इलेक्ट्रिक व्हीकल्स और डिफ्रेल टेक्नोलॉजीज शामिल हैं। लिस्टिंग के दिन इन शेयरों की चाल यह तय करेगी कि निवेशकों को तुरंत लिस्टिंग गेन मिलेगा या लॉन्ग टर्म निवेश करना पड़ेगा।विशेषज्ञों का कहना है कि IPO में निवेश आकर्षक होता है, लेकिन इसमें जोखिम भी जुड़ा रहता है। इसलिए निवेश से पहले कंपनी की वित्तीय रिपोर्ट, बिजनेस मॉडल और अपने निवेश लक्ष्य को समझना जरूरी है।अगला सप्ताह निवेशकों के लिए नए अवसर और संभावित लाभ के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।

  • साल 2025 का आखिरी धमाका: मॉडर्न डायग्नोस्टिक का IPO 31 दिसंबर से खुलेगा, निवेश से पहले जान लें पूरी डिटेल

    साल 2025 का आखिरी धमाका: मॉडर्न डायग्नोस्टिक का IPO 31 दिसंबर से खुलेगा, निवेश से पहले जान लें पूरी डिटेल


    नई दिल्ली। भारतीय शेयर बाजार के लिए साल 2025 आईपीओ के लिहाज से बेहद शानदार रहा है। अब इस साल के आखिरी पड़ाव पर निवेश का एक और मौका सामने आया है। हेल्थकेयर सेक्टर की कंपनी मॉडर्न डायग्नोस्टिक एंड रिसर्च सेंटर Modern Diagnostic and Research Centre अपना आरंभिक सार्वजनिक निर्गम IPO लेकर आ रही है। यह इस साल का आखिरी और नए साल की शुरुआत करने वाला आईपीओ होगा।

    IPO का शेड्यूल और साइज

    मॉडर्न डायग्नोस्टिक का आईपीओ निवेश के लिए 31 दिसंबर 2025 को खुलेगा और निवेशक 2 जनवरी 2026 तक इसमें बोली लगा सकेंगे। कंपनी इस इश्यू के जरिए बाजार से 36.89 करोड़ रुपये जुटाने की योजना बना रही है। खास बात यह है कि यह आईपीओ पूरी तरह से ‘फ्रेश इश्यू’ Fresh Issue पर आधारित है, जिसका अर्थ है कि आईपीओ से मिलने वाली पूरी राशि सीधे कंपनी के पास जाएगी और इसका इस्तेमाल कंपनी के विस्तार और कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए किया जाएगा। इस प्रक्रिया के तहत कंपनी कुल 41 लाख नए शेयर जारी करेगी।

    प्राइस बैंड और निवेश की सीमा

    कंपनी ने अपने शेयरों के लिए 85 रुपये से 90 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है। चूंकि यह SME सेगमेंट का आईपीओ है, इसलिए इसमें लॉट साइज सामान्य आईपीओ की तुलना में काफी बड़ा रखा गया है।मॉडर्न डायग्नोस्टिक आईपीओ का एक लॉट 1600 शेयरों का है।कंपनी के निर्देशों के अनुसार, निवेशकों को कम से कम 2 लॉट के लिए आवेदन करना होगा।इस लिहाज से, एक रिटेल निवेशक को कम से कम 2,88,000 रुपये का निवेश करना होगा।यह आईपीओ बीएसई एसएमई BSE SME प्लेटफॉर्म पर लिस्ट होगा, जो छोटे और मध्यम स्तर के व्यवसायों के लिए एक विशेष एक्सचेंज सेगमेंट है।

    ग्रे मार्केट प्रीमियम GMP की स्थिति

    निवेशकों के लिए सबसे महत्वपूर्ण जीएमपी Grey Market Premium फिलहाल शांत नजर आ रहा है। बाजार विशेषज्ञों और ‘इन्वेस्टर गेन’ की रिपोर्ट के मुताबिक, Modern Diagnostic IPO का जीएमपी आज जीरो ₹0 रुपये पर ट्रेड कर रहा है। इसका मतलब है कि फिलहाल ग्रे मार्केट में इस शेयर को लेकर कोई अतिरिक्त हलचल या प्रीमियम नहीं देखा जा रहा है। हालांकि, जानकारों का मानना है कि जैसे-जैसे सब्सक्रिप्शन की तारीख करीब आएगी, बाजार की धारणा में बदलाव हो सकता है।

    कंपनी का प्रोफाइल और भविष्य

    1985 में स्थापित हुई यह कंपनी पिछले करीब चार दशकों से स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में अपनी पहचान बनाए हुए है। कंपनी मुख्य रूप से पैथोलॉजी और रेडियोलॉजी सेवाएं प्रदान करती है। इनके पोर्टफोलियो में टेस्ट पैकेज, होम कलेक्शन और ऑनलाइन रिपोर्टिंग जैसी आधुनिक सुविधाएं शामिल हैं। वर्तमान में कंपनी का नेटवर्क काफी मजबूत है:कुल 21 सेंटर का संचालन। इनमें 18 लैब और 3 डायग्नोस्टिक सेंटर शामिल हैं।कंपनी के पास एक बड़ा ‘इंस्टीट्यूशनल कस्टमर’ बेस है, जो इसकी आय का एक मुख्य स्रोत है।

    प्रबंधन और रजिस्ट्रार
    इस पब्लिक इश्यू के प्रबंधन की जिम्मेदारी बीलाइन कैपिटल एडवाइजर्स प्राइवेट लिमिटेड को सौंपी गई है, जो बुक रनिंग लीड मैनेजर की भूमिका निभा रहे हैं। वहीं, आईपीओ के लिए MUFG Intime India को आधिकारिक रजिस्ट्रार नियुक्त किया गया है, जो अलॉटमेंट और रिफंड की प्रक्रिया को संभालेंगे।हेल्थकेयर सेक्टर में लगातार बढ़ती मांग और कंपनी के पुराने अनुभव को देखते हुए, लंबी अवधि के निवेशक इसे अपनी वॉचलिस्ट में रख सकते हैं। हालांकि, SME आईपीओ में जोखिम और लिक्विडिटी की स्थिति को ध्यान में रखना अनिवार्य है।
  • जोमाटो-स्विगी को बाजार में भी मिलेगी टक्कर होश उड़ाने आ रहा Zepto IPO

    जोमाटो-स्विगी को बाजार में भी मिलेगी टक्कर होश उड़ाने आ रहा Zepto IPO


    नई दिल्ली । जहां एक ओर जोमाटो और स्विगी को डिलीवरी के मोर्चे पर सड़क पर तगड़ी टक्कर मिल रही है. वहीं अब शेयर बाजार में भी बड़ी चुनौती का सामना भी करना पड़ सकता है. दोनों कंपनियों का होश उड़ाने के लिए रोजमर्रा की जरूरत के सामान डिलीवर करने वाली कंपनी जेप्टो अपना आईपीओ लेकर आ रही है. शुक्रवार यानी आज कंपनी गुपचुप तरीके से अपना ड्राफ्ट पेपर सेबी दफ्तर में दाखिल करेगी. जानकारों का कहना है कि जेप्टो आईपीओ का साइज 11 हजार करोड़ या उससे ऊपर जा सकता है.
    लेकिन अभी तक कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है. अभी तक जितनी भी जानकारी सामने आई है वो सभी सूत्रों के हवाले से की गई है.कंपनी का अगले साल शेयर बाजार में सूचीबद्ध होने का इरादा है. मामले से परिचित सूत्रों ने जानकारी देते हुए कहा कि जेप्टो 26 दिसंबर को सेबी के पास निर्गम संबंधी मसौदा प्रस्ताव डीआरएचपी दाखिल करने जा रही है.

    जोमैटो-स्विगी की राह पर जेप्टो

    आईपीओ संबंधी मसौदा प्रस्ताव को सेबी की मंजूरी मिलने की स्थिति में जेप्टो भारतीय शेयर बाजार में सूचीबद्ध होने वाले सबसे नई स्टार्टअप फर्मों में से एक बन जाएगी. आईपीओ लाने के साथ ही जेप्टो वह अपने क्षेत्र के प्रतिद्वंद्वियों जोमैटो एवं स्विगी की कतार में खड़ी हो जाएगी जो पहले से ही शेयर बाजार में सूचीबद्ध हैं. कंपनी का अगले साल शेयर बाजार में सूचीबद्ध होने का इरादा है. मामले से परिचित सूत्रों ने जानकारी देते हुए कहा कि जेप्टो 26 दिसंबर को सेबी के पास निर्गम संबंधी मसौदा प्रस्ताव डीआरएचपी दाखिल करने जा रही है. अभी तक कंपनी की ओर से कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है.
    गुपचुप तरीका अपना आईपीओ
    सूत्रों के मुताबिक जेप्टो गोपनीय मार्ग से आईपीओ के लिए आवेदन करने की तैयारी में है. इस मार्ग के तहत कंपनी सेबी के साथ अपने मसौदा दस्तावेज को सार्वजनिक किए बगैर उस पर शुरुआती चर्चा कर सकती है. हाल के वर्षों में गोपनीय मार्ग से आईपीओ लाने का तरीका उन कंपनियों के बीच लोकप्रिय हुआ है जो आईपीओ से पहले बाजार की स्थिति को देखते हुए अधिक लचीलापन चाहती हैं और नियामक से प्रारंभिक सुझाव लेना चाहती हैं.
    कंपनी कितना जुटा सकी पैसा
    जेप्टो का मौजूदा मूल्यांकन सात अरब अमेरिकी डॉलर आंका गया है. कंपनी अपने गठन से लेकर अब तक कुल 1.8 अरब डॉलर करीब 16000 करोड़ रुपये का कोष जुटा चुकी है. कंपनी ने अगस्त 2023 में एक अरब डॉलर से अधिक मूल्यांकन वाली कंपनी यानी यूनिकॉर्न होने का दर्जा हासिल किया था. स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी से पढ़ाई अधूरी छोड़ने वाले युवाओं आदित पलिचा और कैवल्य वोहरा ने इस कंपनी की स्थापना की थी. जेप्टो ने 10 मिनट में किराना के सामान की आपूर्ति का मॉडल अपनाकर बड़े भारतीय शहरों में तेजी से विस्तार किया.