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  • IND vs NZ T20 सीरीज: सूर्यकुमार यादव का रन-राज, अर्शदीप सिंह का पंजा; अभिषेक शर्मा ने छोड़ी अलग छाप

    IND vs NZ T20 सीरीज: सूर्यकुमार यादव का रन-राज, अर्शदीप सिंह का पंजा; अभिषेक शर्मा ने छोड़ी अलग छाप


    नई दिल्ली । भारत की शानदार जीत के साथ इंडिया वर्सेस न्यूजीलैंड टी20 सीरीज का रोमांचक समापन हो गया। तिरुवनंतपुरम में खेले गए आखिरी टी20 मुकाबले ने सीरीज की कहानी को पूरी तरह बयान कर दिया, जहां भारतीय बल्लेबाजों की तूफानी पारियों और गेंदबाजों के धारदार प्रदर्शन ने न्यूजीलैंड को बैकफुट पर धकेल दिया। ईशान किशन के शतक और कप्तान सूर्यकुमार यादव की विस्फोटक अर्धशतकीय पारी की बदौलत भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए विशाल स्कोर खड़ा किया। लक्ष्य का पीछा करते हुए कीवी टीम संघर्ष करती दिखी और अंततः भारतीय गेंदबाजों के आगे घुटने टेक दिए।

    इस पूरी सीरीज में बल्लेबाजों का बोलबाला रहा, लेकिन सबसे चमकदार नाम रहा कप्तान सूर्यकुमार यादव का। सीरीज से पहले खराब फॉर्म की चर्चाओं से घिरे सूर्यकुमार ने बल्ले से जोरदार जवाब दिया और पांच मैचों की सीरीज में सबसे ज्यादा 242 रन बनाए। तीन अर्धशतकों के साथ उन्होंने न सिर्फ भारतीय पारी को मजबूती दी, बल्कि विरोधी गेंदबाजों पर लगातार दबाव बनाए रखा। भले ही उन्हें किसी मैच में ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ का अवॉर्ड न मिला हो, लेकिन सर्वाधिक रन बनाकर उन्होंने ‘प्लेयर ऑफ द सीरीज’ का खिताब अपने नाम किया।

    सूर्यकुमार यादव के साथ ईशान किशन भी पूरे रंग में नजर आए। आक्रामक अंदाज और बड़े शॉट्स के लिए पहचाने जाने वाले ईशान ने 215 रन बनाकर 200 रन का आंकड़ा पार किया। उनका शतक सीरीज का यादगार लम्हा रहा। वहीं युवा सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा ने भी सभी को प्रभावित किया। 182 रन बनाकर वह तीसरे स्थान पर रहे और यह साबित किया कि वह बड़े मंच पर लंबी रेस के घोड़े हैं। न्यूजीलैंड की ओर से ग्लेन फिलिप्स 176 रन और डेरिल मिशेल 125 रन ने जिम्मेदारी निभाई और टॉप-5 बल्लेबाजों में अपनी जगह बनाई।

    गेंदबाजी की बात करें तो सीरीज का आखिरी मैच अर्शदीप सिंह के नाम रहा। निर्णायक मुकाबले में पांच विकेट झटककर उन्होंने मैच का रुख ही पलट दिया। कुल 8 विकेट के साथ अर्शदीप इस सीरीज में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज बने। उनके अलावा न्यूजीलैंड के जेकब डफी ने 6 विकेट, जबकि मिचेल सेंटनर और ईश सोढ़ी ने 5-5 विकेट हासिल किए। सीमित मौके मिलने के बावजूद अक्षर पटेल ने भी अपनी उपयोगिता साबित की और अहम समय पर असरदार गेंदबाजी की।
    कुल मिलाकर, यह सीरीज भारतीय क्रिकेट के लिए आत्मविश्वास बढ़ाने वाली रही। बल्लेबाजी में गहराई, गेंदबाजी में धार और युवा खिलाड़ियों का उभरता प्रदर्शन आने वाले मुकाबलों के लिए शुभ संकेत है।

  • रायपुर में रनचेज का महातूफान: टीम इंडिया ने 92 गेंदों में रचा इतिहास, एशिया की नंबर-1 T20I टीम बनी

    रायपुर में रनचेज का महातूफान: टीम इंडिया ने 92 गेंदों में रचा इतिहास, एशिया की नंबर-1 T20I टीम बनी


    नई दिल्ली । रायपुर की शाम भारतीय क्रिकेट के इतिहास में सुनहरे अक्षरों में दर्ज हो गई, जब टीम इंडिया ने न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 मुकाबले में ऐसा तूफानी प्रदर्शन किया कि पूरी क्रिकेट दुनिया दंग रह गई। शहीद वीर नारायण सिंह स्टेडियम में खेले गए इस मैच में भारत ने 209 रनों के विशाल लक्ष्य को महज 15.2 ओवर यानी 92 गेंदों में हासिल कर लिया और 28 गेंद शेष रहते मुकाबला अपने नाम कर लिया। यह न सिर्फ भारत का सबसे तेज सफल टी20 अंतरराष्ट्रीय रनचेज बना, बल्कि इसके साथ ही टीम इंडिया ने एक साथ दो बड़े रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिए।
    मैच की शुरुआत भारत के लिए कुछ खास नहीं रही। लक्ष्य का पीछा करते हुए पहले दो ओवर में ही टीम ने अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन के विकेट गंवा दिए। अभिषेक खाता भी नहीं खोल सके, जबकि संजू सिर्फ 6 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। शुरुआती झटकों के बाद ऐसा लगा कि न्यूजीलैंड ने मुकाबले में मजबूत पकड़ बना ली है, लेकिन इसके बाद जो हुआ, उसने मैच की तस्वीर ही बदल दी।
    तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करने उतरे ईशान किशन ने कप्तान सूर्यकुमार यादव के साथ मिलकर मैदान पर रन बरसाने शुरू कर दिए। ईशान ने सिर्फ 21 गेंदों में अर्धशतक जड़ दिया और कीवी गेंदबाजों की एक भी चाल कामयाब नहीं होने दी। दूसरी ओर सूर्यकुमार यादव अपने चिर-परिचित अंदाज में गेंदबाजों पर टूट पड़े। दोनों बल्लेबाजों के बीच 122 रनों की विस्फोटक साझेदारी हुई, जिसने न्यूजीलैंड को पूरी तरह बैकफुट पर धकेल दिया।
    कप्तान सूर्यकुमार यादव ने 37 गेंदों पर नाबाद 82 रनों की शानदार पारी खेली, जबकि ईशान किशन ने 32 गेंदों पर 76 रन बनाए। चौकों-छक्कों की बारिश के बीच दर्शकों का उत्साह चरम पर था और हर ओवर के साथ भारत जीत के करीब पहुंचता गया।
    आखिरकार भारत ने यह मुकाबला 7 विकेट से जीतकर सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त बना ली।इस जीत के साथ टीम इंडिया ने पहला बड़ा रिकॉर्ड यह बनाया कि उसने टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में छठी बार 200 या उससे ज्यादा रनों का लक्ष्य सफलतापूर्वक चेज किया। इस मामले में भारत अब दुनिया की दूसरी सबसे सफल टीम बन गई हैऑस्ट्रेलिया 7 बार ऐसा कर चुका है, जबकि भारत ने दक्षिण अफ्रीका, पाकिस्तान और इंग्लैंड जैसी टीमों को पीछे छोड़ दिया है।
    दूसरा और ऐतिहासिक रिकॉर्ड यह रहा कि भारत अपने घर में 100 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने वाला एशिया का पहला देश बन गया। न पाकिस्तान और न ही कोई अन्य एशियाई टीम यह उपलब्धि हासिल कर सकी है। भारत ने घरेलू मैदान पर खेले गए 100 टी20 मैचों में से 68 जीते हैं, जो उसकी घरेलू मजबूती को साफ दर्शाता है। रायपुर का यह मुकाबला सिर्फ एक जीत नहीं, बल्कि भारतीय क्रिकेट की आक्रामक सोच, गहराई और आत्मविश्वास का प्रतीक बन गया, जिसने टीम इंडिया को एशिया की नंबर-1 T20I टीम के रूप में और मजबूत पहचान दिला दी।
  • ईशान किशन और सूर्यकुमार यादव के तूफानी अर्धशतक से भारत ने 209 रन का लक्ष्य महज 15 ओवर में हासिल किया

    ईशान किशन और सूर्यकुमार यादव के तूफानी अर्धशतक से भारत ने 209 रन का लक्ष्य महज 15 ओवर में हासिल किया


    नई दिल्ली। रायपुर में टीम इंडिया ने न्यूजीलैंड के खिलाफ दूसरे टी20 में धमाकेदार जीत दर्ज की। कीवी टीम ने भारत के सामने 209 रनों का चुनौतीपूर्ण लक्ष्य रखा था। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए भारत ने महज 15.2 ओवर का समय लिया और कई रिकॉर्ड्स अपने नाम किए। ईशान किशन ने 32 गेंदों पर 76 और सूर्यकुमार यादव ने 37 गेंदों पर नाबाद 82 रन बनाए। किशन को प्लेयर ऑफ द मैच का अवार्ड भी मिला।

    इस जीत के दौरान भारत ने टी20आई में फुल मेंबर टीम द्वारा सबसे तेज 200 प्लस रन चेज का वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया। इससे पहले पाकिस्तान ने 2025 में न्यूजीलैंड के खिलाफ 200 रन के लक्ष्य का पीछा 16 ओवर में पूरा किया था। भारत ने यह रिकॉर्ड सिर्फ तोड़ा ही नहीं बल्कि इसे और भी शानदार अंदाज में पूरा किया।यह दूसरी बार है जब टीम इंडिया ने 200 से अधिक रन बनाए और दो विकेट जल्दी गिरने के बावजूद शानदार पीछा किया। पहले टी20 में 27/2 के बाद भारत ने 211 रन जोड़े थे जबकि दूसरे टी20 में छह ओवर के बाद दो विकेट खोने के बाद 203 रन बनाए। 209 रनों का यह चेज टी20आई में सबसे बड़ा सफल पीछा भी माना जा रहा है जब टीम के दो विकेट दस रन से कम पर गिर गए हों।

    सूर्यकुमार यादव ने लगातार 23 पारियों में कोई फिफ्टी नहीं बनाने के बाद न्यूजीलैंड के खिलाफ 82 रन नाबाद बनाए। इस दौरान उन्होंने टॉप चार में बल्लेबाजी करते हुए टी20आई में लंबा सिलसिला तोड़ा। ऋषभ पंत के बाद यह किसी भारतीय बल्लेबाज का दूसरा सबसे लंबा रिकॉर्ड है।ईशान किशन ने अपनी फिफ्टी 21 गेंदों में पूरी की जो न्यूजीलैंड के खिलाफ भारत के लिए सबसे तेज फिफ्टी है। पावरप्ले में उनके 56 रन मेंस टी20आई में भारत के किसी बल्लेबाज द्वारा बनाया गया दूसरा सबसे बड़ा स्कोर है।

    भारत ने न्यूजीलैंड को 28 गेंदें शेष रहते हराया। इस जीत के साथ भारत ने फुल मेंबर टीम द्वारा 200 प्लस रन का पीछा करते हुए सबसे ज्यादा गेंदें शेष रहते जीत हासिल करने का रिकॉर्ड भी पाकिस्तान से छीना। इस शानदार प्रदर्शन ने टीम इंडिया के आक्रामक और मजबूत फॉर्म को फिर साबित कर दिया।ईशान और सूर्यकुमार की तूफानी पारियों के दम पर भारत ने टी20 क्रिकेट के इतिहास में अपना नाम और भी ऊंचा किया और इस मैच ने दर्शकों के लिए रोमांचक और यादगार मोड़ साबित किया।

  • क्या आप इंडिया के लिए खेलने के काबिल हैं?ईशान किशन ने कमबैक की दास्तां सुनाई, 76 रनों की धमाकेदार पारी से किया सबका दिल जीत

    क्या आप इंडिया के लिए खेलने के काबिल हैं?ईशान किशन ने कमबैक की दास्तां सुनाई, 76 रनों की धमाकेदार पारी से किया सबका दिल जीत


    नई दिल्ली। टी20 वर्ल्ड कप से ठीक पहले टीम इंडिया में वापसी करने वाले ईशान किशन ने अपने करियर की सबसे बड़ी चुनौती खुद से सवाल पूछनाकी कहानी दुनिया के सामने रखी। दो साल से ज्यादा समय तक टीम इंडिया से बाहर रहने के बाद, उन्होंने डोमेस्टिक क्रिकेट में लगातार रन बनाकर खुद को फिर से टीम में जगह दिलाई। और अब, न्यूजीलैंड के खिलाफ दूसरे टी20 में उन्होंने 76 रनों की धुआंधार पारी खेलकर वापसी को और यादगार बना दिया। इस पारी के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच भी चुना गया।

    ईशान ने मैच के बाद बताया कि उन्होंने खुद से एक सवाल पूछा थाक्या मैं इंडिया के लिए खेलने के काबिल हूँ? क्या मैं यह फिर से कर सकता हूँ?उनका जवाब साफ था हाँ, वह कर सकते हैं। इसलिए उन्होंने डोमेस्टिक क्रिकेट में रन बनाना जारी रखा और इसी भरोसे के साथ मैदान पर उतरे।

    ईशान ने कहा कि उन्हें मैच के दौरान शुरुआत से ही गेंद कनेक्ट होती रही और उन्होंने खुद पर भरोसा रखा। उन्होंने बताया कि जब वे अच्छे शॉट्स खेलते रहे, तो उन्हें विश्वास था कि वे टीम के लिए बड़ा स्कोर बना सकते हैं।

    उन्होंने कहा कि डोमेस्टिक क्रिकेट में रन बनाना उनके लिए इसलिए जरूरी था ताकि वह खुद के सवालों का जवाब दे सकें और अपने आत्मविश्वास को वापस पा सकें।

    ईशान ने अपनी भावनाओं को साझा करते हुए कहा, मैंने खुद से पूछा कि क्या मैं यह फिर से कर सकता हूँ? और मुझे इसका साफ जवाब मिला। अगर मैं आउट भी हो जाता, तो भी मैं सिर्फ अच्छा क्रिकेट खेलना चाहता था।

    इस मुकाबले में न्यूजीलैंड ने भारत के सामने 209 रनों का लक्ष्य रखा था, जिसे टीम इंडिया ने ईशान किशन और सूर्यकुमार यादव के अर्धशतकों की मदद से 15.2 ओवर में 7 विकेट से हासिल कर लिया। इस जीत के साथ टीम इंडिया ने सीरीज में मजबूती दिखाई और ईशान की पारी ने वापसी को पूरी तरह से सफल बना दिया।

  • टीम इंडिया में बड़े बदलाव की आहट: न्यूजीलैंड वनडे सीरीज से ऋषभ पंत की छुट्टी तय, ईशान किशन की होगी 'तूफानी' वापसी!

    टीम इंडिया में बड़े बदलाव की आहट: न्यूजीलैंड वनडे सीरीज से ऋषभ पंत की छुट्टी तय, ईशान किशन की होगी 'तूफानी' वापसी!


    नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट के घरेलू सत्र 2025-26 का समापन करीब है और इसी बीच टीम इंडिया के सामने न्यूजीलैंड जैसी मजबूत टीम की चुनौती है। भारत और न्यूजीलैंड के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज का आगाज 13 जनवरी से होने जा रहा है। हालांकिभारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड BCCI ने अभी तक आधिकारिक तौर पर स्क्वॉड का ऐलान नहीं किया हैलेकिन क्रिकेट गलियारों में इस बात की चर्चा तेज है कि विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत को वनडे टीम से बाहर का रास्ता दिखाया जा सकता है। उनकी जगह घरेलू क्रिकेट में रनों का अंबार लगाने वाले विस्फोटक बल्लेबाज ईशान किशन की वापसी लगभग तय मानी जा रही है।

    ऋषभ पंत: मौके मिलेपर भुना नहीं पाए


    ऋषभ पंत के लिए पिछला कुछ समय वनडे क्रिकेट में संघर्षपूर्ण रहा है। पंत को हाल ही में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ वनडे सीरीज के लिए स्क्वॉड में शामिल किया गया थालेकिन विडंबना यह रही कि उन्हें पूरी सीरीज के दौरान एक भी मैच खेलने का मौका नहीं मिला। पंत ने अपना आखिरी वनडे अंतरराष्ट्रीय मैच 7 अगस्त 2024 को श्रीलंका के खिलाफ कोलंबो में खेला था। तब से वह छोटे फॉर्मेट में अपनी उस लय को नहीं पा सके हैं जिसके लिए वे जाने जाते हैं। चयनकर्ताओं और टीम मैनेजमेंट के लिए अब पंत का ‘फॉर्म और बैलेंस’ चिंता का विषय बना हुआ हैजिसके चलते उन्हें इस सीरीज से ड्रॉप करने की तैयारी की जा रही है।

    ईशान किशन: घरेलू क्रिकेट में मचाया कोहराम


    दूसरी ओरईशान किशन ने अपने हालिया प्रदर्शन से चयनकर्ताओं के दरवाजे पर जोर-शोर से दस्तक दी है। ईशान किशन ने लगभग दो साल से भारत के लिए कोई वनडे मैच नहीं खेला है (आखिरी बार 11 अक्टूबर 2023बनाम अफगानिस्तान)। लेकिन पिछले कुछ महीनों में उनके बल्ले से निकले रनों ने सबको चौंका दिया है।ईशान ने सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी 2025 में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी बनकर अपनी टीम झारखंड को पहला खिताब दिलाने में अहम भूमिका निभाई। उनकी आक्रामकता यहीं नहीं रुकी; विजय हजारे ट्रॉफी में 24 दिसंबर को कर्नाटक के खिलाफ उन्होंने महज 33 गेंदों में शतक जड़कर इतिहास रच दिया। यह किसी भी भारतीय द्वारा लिस्ट ए क्रिकेट में दूसरा सबसे तेज शतक है। उनके इसी प्रचंड फॉर्म के कारण उन्हें पहले ही न्यूजीलैंड के खिलाफ होने वाली 5 मैचों की टी20 सीरीज के लिए चुना जा चुका है।

    रणनीतिक बदलाव और किशन की उपयोगिता


    ईशान किशन के आने से टीम इंडिया को थ्री-इन-वन विकल्प मिलता है। किशन न केवल केएल राहुल के लिए एक मजबूत बैकअप विकेटकीपर साबित होंगेबल्कि वह एक बेहतरीन बैकअप ओपनर की भूमिका भी निभा सकते हैं। साथ हीमिडिल ऑर्डर में तेजी से रन बनाने की उनकी काबिलियत टीम को मध्यक्रम में वह लचीलापन Flexibility प्रदान करती हैजिसकी तलाश कप्तान और कोच को काफी समय से है।बीसीसीआई से जुड़े सूत्रों का कहना है कि टीम मैनेजमेंट अब 2025-26 के आगामी घरेलू असाइनमेंट को ध्यान में रखते हुए टीम में संतुलन बनाना चाहता है। ईशान किशन का बाएं हाथ का बल्लेबाज होना और टॉप से लेकर मिडिल ऑर्डर तक कहीं भी फिट हो जानाउनके पक्ष में सबसे बड़ा तर्क है।

    कब होगा टीम का ऐलान?


    इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसारचयन समिति इस हफ्ते के अंत तक न्यूजीलैंड सीरीज के लिए टीम इंडिया का ऐलान कर सकती है। इस सीरीज को चैंपियंस ट्रॉफी और आगामी महत्वपूर्ण टूर्नामेंटों की तैयारी के तौर पर भी देखा जा रहा है। यदि ईशान किशन को मौका मिलता हैतो यह उनके वनडे करियर को दोबारा पटरी पर लाने का सुनहरा अवसर होगा। वहींऋषभ पंत के लिए यह एक संकेत होगा कि उन्हें अपनी फॉर्म और फिटनेस पर दोबारा काम करने की जरूरत है।क्रिकेट प्रेमियों की निगाहें अब बीसीसीआई के आधिकारिक ऐलान पर टिकी हैंजो यह तय करेगा कि क्या युवा जोश ईशान अनुभवी फिनिशर पंत पर भारी पड़ेगा।
  • सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी 2025 के फाइनल में हरियाणा और झारखंड की टक्कर मिलेगा नया विजेता

    सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी 2025 के फाइनल में हरियाणा और झारखंड की टक्कर मिलेगा नया विजेता


    पुणे । सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी 2025 के फाइनल में हरियाणा और झारखंड की टीमें आमने-सामने होंगी और इस बार यह टूर्नामेंट एक नया विजेता पैदा करने की ओर बढ़ रहा है। मंगलवार को हरियाणा ने अपनी शानदार बल्लेबाजी और गेंदबाजी के साथ हैदराबाद को 124 रनों से करारी शिकस्त दी और फाइनल में अपनी जगह पक्की की। वहीं झारखंड ने भी अपनी शानदार प्रदर्शन से फाइनल में प्रवेश किया है। यह दोनों टीमें पहली बार सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी के फाइनल में पहुंची हैं जो इस मैच को और भी रोमांचक बना देता है।

    हरियाणा की धमाकेदार जीत
    हरियाणा ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 246 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। सलामी बल्लेबाज अंकित कुमार ने 27 गेंदों में 57 रन बनाये और अपनी टीम को मजबूत शुरुआत दिलाई। उन्होंने अर्श रंगा  के साथ मिलकर 81 रनों की साझेदारी की। अंकित की आक्रामक बल्लेबाजी में छह छक्के और एक चौका शामिल था। इसके बाद सामंत जाखड़ ने 22 गेंदों में आठ छक्कों और एक चौके की मदद से 60 रन बनाकर टीम को और ऊंचाई तक पहुंचाया। अंत में पार्थ वत्स ने भी 19 गेंदों में चार चौके और तीन छक्के जड़ते हुए 45 रन बनाये।

    हैदराबाद के लिए लक्ष्य का पीछा करना आसान नहीं था। हैदराबाद की टीम केवल 122 रन बनाकर ऑल आउट हो गई। अमित राणा ने गेंदबाजी में शानदार प्रदर्शन करते हुए 14 रन पर तीन विकेट लिए वहीं सामंत जाखड़ इशांत भारद्वाज और अंशुल कंबोज ने भी दो-दो विकेट चटकाए।

    झारखंड की टीम भी फाइनल में

    सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी 2025 का फाइनल भी रोमांचक होने की संभावना है क्योंकि झारखंड की टीम ने भी शानदार क्रिकेट खेला है। ईशान किशन की कप्तानी में झारखंड ने बहुत अच्छा प्रदर्शन किया और अब वे हरियाणा के खिलाफ खिताबी भिड़ंत के लिए तैयार हैं।

    फाइनल का रोमांच

    फाइनल में हरियाणा और झारखंड दोनों ही टीमों ने इस सीजन में अपने शानदार खेल से सभी को प्रभावित किया है। हरियाणा की ओर से अंकित कुमार और सामंत जाखड़ की तूफानी बल्लेबाजी ने उन्हें सेमीफाइनल में हैदराबाद को हराने में मदद की जबकि झारखंड ने भी अपने सामूहिक प्रदर्शन से फाइनल में जगह बनाई। इस मुकाबले में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या हरियाणा अपना पहला सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी खिताब जीत पाती है या फिर झारखंड अपने पहले खिताब के साथ इतिहास रचने में सफल होता है।

    मुकाबला पुणे में

    सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी 2025 का फाइनल मैच 18 दिसंबर को पुणे के महाराष्ट्र क्रिकेट एसोसिएशन स्टेडियम में खेला जाएगा। यह मैच दो शानदार टीमों के बीच होगा जो दोनों ही पहली बार इस टूर्नामेंट के फाइनल में पहुंची हैं और इस कारण इस मुकाबले का रोमांच काफी बढ़ चुका है। अब देखना यह है कि कौन सी टीम इस ऐतिहासिक खिताबी भिड़ंत में बाजी मारती है और नया विजेता बनता है!