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  • संपत्ति कुर्की के आदेश पड़ते ही बदले हालात, छह महीने से फरार GST अधीक्षक मुकेश बर्मन ने किया आत्मसमर्पण, CBI अब करेगी गहन पूछताछ

    संपत्ति कुर्की के आदेश पड़ते ही बदले हालात, छह महीने से फरार GST अधीक्षक मुकेश बर्मन ने किया आत्मसमर्पण, CBI अब करेगी गहन पूछताछ

    मध्य प्रदेश: के जबलपुर में सामने आए चर्चित सेंट्रल जीएसटी रिश्वतकांड में छह महीने से फरार चल रहे जीएसटी अधीक्षक मुकेश बर्मन ने आखिरकार अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया। लंबे समय से गिरफ्तारी से बच रहे आरोपी के खिलाफ संपत्ति कुर्की की प्रक्रिया शुरू होने के बाद घटनाक्रम तेजी से बदला और उसने न्यायालय का रुख किया। अदालत ने उसे 2 जुलाई तक CBI रिमांड पर भेजते हुए जांच एजेंसी को पूछताछ की अनुमति दे दी है। माना जा रहा है कि रिमांड के दौरान मामले से जुड़े कई महत्वपूर्ण तथ्यों का खुलासा हो सकता है।

    यह मामला पिछले वर्ष दिसंबर में सामने आया था, जब केंद्रीय जांच एजेंसी ने जबलपुर स्थित सेंट्रल जीएसटी डिविजन कार्यालय में छापेमारी कर कथित रिश्वतखोरी के नेटवर्क का खुलासा किया था। ट्रैप कार्रवाई के दौरान विभाग के एक सहायक आयुक्त और एक निरीक्षक को चार लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया था। इसी कार्रवाई के दौरान जीएसटी अधीक्षक मुकेश बर्मन फरार हो गया था और तब से उसकी तलाश लगातार जारी थी।

    जांच एजेंसी ने आरोपी की गिरफ्तारी के लिए विभिन्न संभावित ठिकानों पर कई बार दबिश दी, लेकिन वह लगातार जांच से बचता रहा। इसके बाद कानूनी प्रक्रिया के तहत उसकी संपत्ति कुर्क करने की कार्रवाई शुरू की गई। इसी बीच आरोपी ने अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया। इस घटनाक्रम को जांच की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि अब एजेंसी सीधे आरोपी से पूछताछ कर पूरे प्रकरण की कड़ियां जोड़ने का प्रयास करेगी।

    पूरे मामले की शुरुआत एक होटल व्यवसायी की शिकायत से हुई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि कर संबंधी मामले में बड़ी राशि की रिकवरी दर्शाने के बाद उसे राहत देने के नाम पर दस लाख रुपये की रिश्वत की मांग की गई। शिकायत मिलने के बाद जांच एजेंसी ने योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप कार्रवाई की, जिसमें चार लाख रुपये की रिश्वत स्वीकार किए जाने के दौरान अधिकारियों को गिरफ्तार कर लिया गया। इसके बाद मामले ने व्यापक चर्चा बटोरी और विभागीय कार्यप्रणाली पर भी कई सवाल खड़े हुए।

    अब मुकेश बर्मन के आत्मसमर्पण के बाद जांच का दायरा और व्यापक होने की संभावना है। जांच एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास करेगी कि कथित रिश्वत मांगने और वसूली के इस पूरे प्रकरण में किन-किन अधिकारियों या कर्मचारियों की भूमिका रही। साथ ही यह भी जांच की जाएगी कि क्या यह मामला किसी संगठित भ्रष्टाचार तंत्र का हिस्सा था या फिर सीमित स्तर पर संचालित किया जा रहा था।

    जांच के दौरान आरोपी से विभागीय प्रक्रियाओं, कथित रिश्वत मांगने के तरीके, वित्तीय लेनदेन और अन्य संभावित सहयोगियों के बारे में विस्तार से पूछताछ की जाएगी। यदि पूछताछ में नए तथ्य सामने आते हैं तो मामले में अन्य लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में आ सकती है। फिलहाल अदालत द्वारा दिए गए रिमांड के दौरान CBI पूरे घटनाक्रम की परतें खोलने और उपलब्ध साक्ष्यों को मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ेगी। मामले की आगामी सुनवाई और जांच के निष्कर्षों पर अब सभी की नजर बनी हुई है।

  • जबलपुर में नकली DAP खाद बनाने की फैक्ट्री का भंडाफोड़, घर के अंदर चल रहा था अवैध कारोबार, नामचीन कंपनी के नाम पर बिक्री की थी तैयारी

    जबलपुर में नकली DAP खाद बनाने की फैक्ट्री का भंडाफोड़, घर के अंदर चल रहा था अवैध कारोबार, नामचीन कंपनी के नाम पर बिक्री की थी तैयारी

    मध्यप्रदेश: के जबलपुर जिले में कृषि विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए नकली डीएपी खाद बनाने के एक अवैध कारोबार का खुलासा किया है। यह पूरा मामला पाटन क्षेत्र के ग्राम करौंदी का है, जहां एक घर के भीतर ही गुपचुप तरीके से नकली खाद तैयार की जा रही थी। छापेमारी के बाद सामने आया कि आरोपी लंबे समय से इस अवैध गतिविधि को संचालित कर रहा था और किसानों तक घटिया गुणवत्ता की खाद पहुंचाने की योजना बना रहा था।

    कृषि विभाग की टीम को इस संबंध में पहले से सूचना मिली थी, जिसके आधार पर अचानक मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की गई। छापेमारी के दौरान अधिकारियों को घर के अंदर भारी मात्रा में नकली डीएपी खाद और उसे बनाने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री बरामद हुई। इसके अलावा कई प्रकार के रसायन और पैकिंग से जुड़े उपकरण भी जब्त किए गए हैं।

    जांच में सामने आया है कि आरोपी कथित रूप से नामचीन कंपनी के ब्रांडेड बैग की नकल तैयार करता था और उन्हीं में नकली खाद को पैक कर बाजार में सप्लाई करने की योजना बना रहा था। इसका उद्देश्य किसानों को असली खाद बताकर अधिक कीमत पर बेचना था। प्रारंभिक जांच में यह भी संकेत मिले हैं कि इस तरह की गतिविधि लंबे समय से चल रही थी और धीरे-धीरे इसका नेटवर्क भी फैलाया जा रहा था।

    कृषि विभाग के अधिकारियों के अनुसार खरीफ सीजन के दौरान डीएपी खाद की मांग बढ़ जाती है, जिसका फायदा उठाकर ऐसे गिरोह सक्रिय हो जाते हैं। किसान अपनी फसलों की बुवाई के लिए खाद पर निर्भर रहते हैं, ऐसे में मिलावटी या नकली खाद उनकी फसल और आर्थिक स्थिति दोनों पर गंभीर असर डाल सकती है। इसी को ध्यान में रखते हुए विभाग लगातार निगरानी और जांच अभियान चला रहा है।

    छापेमारी के दौरान जब्त किए गए सभी नमूनों को प्रयोगशाला जांच के लिए भेजा गया है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि तैयार की जा रही खाद की गुणवत्ता कैसी थी और इसमें किन-किन रसायनों का उपयोग किया गया था। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई और सख्त की जाएगी।

    इस मामले में उर्वरक नियंत्रण आदेश और संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई शुरू कर दी गई है। पुलिस भी इस बात की जांच कर रही है कि इस अवैध कारोबार में और कौन-कौन लोग शामिल हो सकते हैं और क्या इसके पीछे किसी बड़े नेटवर्क का हाथ है।

    कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे खाद खरीदते समय केवल अधिकृत विक्रेताओं और प्रमाणित स्रोतों से ही सामग्री लें। साथ ही किसी भी संदिग्ध पैकेजिंग या कम कीमत वाले उत्पादों से सावधान रहने की सलाह दी गई है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि किसानों के हितों से किसी भी तरह का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ऐसे मामलों पर लगातार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

  • पाटन कृषि मंडी में 80 क्विंटल मूंग की चोरी, ट्रक बाहर ले जाकर खाली किया और फिर वापस खड़ा कर गए बदमाश

    पाटन कृषि मंडी में 80 क्विंटल मूंग की चोरी, ट्रक बाहर ले जाकर खाली किया और फिर वापस खड़ा कर गए बदमाश


    मध्य प्रदेश । जबलपुर जिले की पाटन कृषि उपज मंडी में एक हैरान कर देने वाली चोरी की वारदात सामने आई है, जिसने मंडी प्रशासन, व्यापारियों और किसानों सभी को चिंता में डाल दिया है। अज्ञात बदमाशों ने मंडी परिसर में खड़े एक ट्रक से करीब 80 क्विंटल मूंग चोरी कर ली। वारदात को अंजाम देने का तरीका इतना सुनियोजित था कि शुरुआत में किसी को चोरी होने का अंदाजा तक नहीं हुआ। आरोपियों ने पहले ट्रक को मंडी से बाहर निकाला, उसमें भरी पूरी मूंग दूसरे वाहन में उतारी और फिर खाली ट्रक को वापस उसी स्थान पर लाकर खड़ा कर दिया।

    जानकारी के अनुसार पाटन निवासी अनाज व्यापारी विकास अग्रवाल ने किसानों से 134 बोरी मूंग खरीदी थी। कुल मिलाकर यह लगभग 80 क्विंटल मूंग थी, जिसकी कीमत करीब साढ़े चार लाख रुपए बताई जा रही है। खरीदा गया अनाज एक ट्रक में लोड कर मंडी परिसर में खड़ा किया गया था। व्यापारी का इरादा अगले दिन सुबह इस माल को जबलपुर भेजने का था, इसलिए सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ट्रक को मंडी परिसर में ही रखा गया था।

    लेकिन 16 जून की सुबह जब व्यापारी मंडी पहुंचे तो उनके होश उड़ गए। ट्रक अपनी जगह पर खड़ा था, लेकिन उसमें रखा पूरा अनाज गायब था। पहले तो उन्हें समझ नहीं आया कि आखिर माल कहां गया, लेकिन जांच करने पर पता चला कि ट्रक पूरी तरह खाली है। इसके बाद तुरंत मंडी प्रबंधन और पुलिस को सूचना दी गई।

    शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मंडी परिसर और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालना शुरू किया। फुटेज में रात करीब एक से दो बजे के बीच कुछ संदिग्ध लोग ट्रक को मंडी से बाहर ले जाते दिखाई दिए हैं। प्रारंभिक जांच में पुलिस को आशंका है कि आरोपियों ने पहले ट्रक को मंडी से बाहर निकाला, फिर किसी सुनसान स्थान पर ले जाकर उसमें भरी मूंग दूसरे वाहन में शिफ्ट कर दी। इसके बाद शक से बचने के लिए खाली ट्रक को वापस उसी स्थान पर लाकर खड़ा कर दिया गया।

    इस पूरी घटना ने मंडी की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। मंडी प्रबंधन का कहना है कि परिसर में चौबीस घंटे सुरक्षा कर्मी तैनात रहते हैं। घटना वाली रात भी चौकीदार अपनी ड्यूटी पर मौजूद थे। हालांकि पूछताछ में चौकीदारों ने बताया कि वे उस समय मंडी परिसर के बाहर गश्त कर रहे थे, जिसका फायदा उठाकर बदमाश अंदर घुस गए और वारदात को अंजाम दे दिया।

    पाटन थाना पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। थाना प्रभारी जी.एस. राजपूत के अनुसार सीसीटीवी फुटेज के आधार पर संदिग्धों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस विभिन्न पहलुओं पर जांच कर रही है और जल्द ही आरोपियों तक पहुंचने का दावा कर रही है।

    स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि पाटन कृषि उपज मंडी में इस प्रकार की चोरी की घटना पहले कभी सामने नहीं आई। रोजाना बड़ी मात्रा में कृषि उपज की खरीदी-बिक्री होती है और सैकड़ों वाहन मंडी में आते-जाते हैं। ऐसे में इस घटना ने व्यापारियों और किसानों के बीच सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। अब सभी की नजर पुलिस जांच पर टिकी हुई है और उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर चोरी गई मूंग बरामद की जाएगी।

  • नीट परीक्षा के लिए जबलपुर तैयार, 23 केंद्रों पर 10 हजार से अधिक छात्र देंगे परीक्षा; राष्ट्रपति और CM के दौरे के बीच विशेष इंतजाम

    नीट परीक्षा के लिए जबलपुर तैयार, 23 केंद्रों पर 10 हजार से अधिक छात्र देंगे परीक्षा; राष्ट्रपति और CM के दौरे के बीच विशेष इंतजाम


    मध्य प्रदेश । राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) को लेकर जबलपुर जिला प्रशासन ने व्यापक स्तर पर तैयारियां पूरी कर ली हैं। 21 जून को आयोजित होने वाली इस महत्वपूर्ण परीक्षा में जिले के 23 केंद्रों पर 10 हजार से अधिक छात्र शामिल होंगे। परीक्षा की निष्पक्षता, सुरक्षा और छात्रों की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए प्रशासन ने कई विशेष इंतजाम किए हैं। खास बात यह है कि इसी दिन राष्ट्रपति, राज्यपाल और मुख्यमंत्री का भी प्रस्तावित दौरा है, जिसके चलते प्रशासन ने परीक्षा और वीवीआईपी मूवमेंट दोनों को ध्यान में रखते हुए विस्तृत कार्ययोजना तैयार की है।

    नीट परीक्षा देश की सबसे महत्वपूर्ण प्रवेश परीक्षाओं में से एक मानी जाती है। हाल ही में परीक्षा प्रक्रिया को लेकर उठे विवादों और परीक्षा रद्द होने की घटनाओं के बाद इस बार सुरक्षा और पारदर्शिता पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। केंद्र और राज्य सरकार के निर्देशों के अनुसार सभी परीक्षा केंद्रों पर कड़े सुरक्षा प्रबंध किए गए हैं।

    जबलपुर कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने बताया कि जिले में 23 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जहां कुल 10,426 विद्यार्थी परीक्षा देंगे। छात्रों को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए पहली बार प्रशासन की ओर से परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाने के लिए बसों की व्यवस्था की गई है। शहर के पेंटीनाका चौक से दोपहर 12 बजे तक विद्यार्थियों के लिए विशेष बस सेवा उपलब्ध रहेगी, जिससे दूर-दराज से आने वाले छात्रों को राहत मिलेगी।

    परीक्षा के दौरान गर्मी और मौसम की चुनौतियों को देखते हुए भी विशेष प्रबंध किए गए हैं। सभी परीक्षा केंद्रों पर निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। परीक्षा कक्षों में पंखों और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की गई है ताकि छात्र आरामदायक वातावरण में परीक्षा दे सकें। वहीं परीक्षा केंद्रों के बाहर अभिभावकों के बैठने के लिए अस्थायी शेड तैयार किए जा रहे हैं, जहां कूलर, पंखे और पेयजल की सुविधा उपलब्ध रहेगी।

    प्रशासन ने अभिभावकों के लिए अस्थायी कैंटीन की भी व्यवस्था की है। परीक्षा के दौरान कई घंटों तक बाहर इंतजार करने वाले परिजनों को भोजन और नाश्ते की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे उन्हें किसी प्रकार की असुविधा न हो।

    सुरक्षा के लिहाज से भी इस बार विशेष सतर्कता बरती जा रही है। परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे, बायोमैट्रिक मशीनें और जैमर लगाए जाएंगे। प्रशासन के अनुसार 19 जून तक सभी उपकरण स्थापित कर दिए जाएंगे, जबकि 20 जून को उनका अंतिम परीक्षण किया जाएगा। परीक्षा केंद्रों की निगरानी लगातार की जाएगी ताकि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या अनुचित गतिविधि को रोका जा सके।

    इस बार एक और बड़ी चुनौती प्रशासन के सामने है। 21 जून को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, राज्यपाल मंगूभाई पटेल और मुख्यमंत्री मोहन यादव का भी जबलपुर दौरा प्रस्तावित है। ऐसे में परीक्षा केंद्रों तक छात्रों की सुगम आवाजाही और वीवीआईपी मूवमेंट के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए विशेष ट्रैफिक और सुरक्षा योजना तैयार की गई है। अधिकारियों का कहना है कि छात्रों को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए सभी संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए गए हैं।

    प्रशासन का दावा है कि इस बार नीट परीक्षा को पूरी पारदर्शिता, सुरक्षा और बेहतर व्यवस्थाओं के साथ संपन्न कराया जाएगा। छात्रों और अभिभावकों की सुविधा को केंद्र में रखते हुए किए गए ये इंतजाम परीक्षा दिवस को सुचारु और सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

  • जबलपुर में नगर निगम के स्वास्थ्य अधिकारी पर ईओडब्ल्यू का शिकंजा, आय से अधिक संपत्ति मामले में घर पर छापा

    जबलपुर में नगर निगम के स्वास्थ्य अधिकारी पर ईओडब्ल्यू का शिकंजा, आय से अधिक संपत्ति मामले में घर पर छापा


    जबलपुर जबलपुर में मंगलवार को आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) की टीम ने नगर निगम के प्रभारी सहायक स्वास्थ्य अधिकारी पोला राव के निवास पर छापामार कार्रवाई कर हड़कंप मचा दिया। आय से अधिक संपत्ति की शिकायत मिलने के बाद कोर्ट से सर्च वारंट प्राप्त कर यह कार्रवाई की गई। सुबह शुरू हुई जांच देर तक जारी रही, जिसमें अधिकारियों ने संपत्ति, बैंक खातों और निवेश से जुड़े कई महत्वपूर्ण दस्तावेजों की पड़ताल की।

    जानकारी के अनुसार, पोला राव वर्तमान में जबलपुर नगर निगम के स्वास्थ्य विभाग में प्रभारी सहायक स्वास्थ्य अधिकारी के रूप में पदस्थ हैं। मूल रूप से आंध्रप्रदेश निवासी पोला राव का निवास विजय नगर क्षेत्र स्थित मुस्कान प्लाजा में है, जहां ईओडब्ल्यू की टीम ने पहुंचकर तलाशी अभियान शुरू किया। अधिकारियों ने घर के भीतर मौजूद दस्तावेजों, बैंक रिकॉर्ड, बीमा पॉलिसियों और अन्य वित्तीय अभिलेखों की जांच की।

    प्रारंभिक जांच में ईओडब्ल्यू को जबलपुर में पोला राव के नाम एक फ्लैट और लगभग 10 हजार वर्गफुट का प्लॉट होने की जानकारी मिली है। इसके अलावा आंध्रप्रदेश में करीब एक एकड़ कृषि भूमि से संबंधित दस्तावेज भी जांच के दौरान सामने आए हैं। अधिकारियों का मानना है कि इन संपत्तियों का वास्तविक मूल्य और उनकी खरीद के स्रोत की जांच करना आवश्यक है।

    ईओडब्ल्यू के अधिकारियों के अनुसार जांच में चार दोपहिया वाहन और एक चारपहिया वाहन की जानकारी भी मिली है, जिनकी अनुमानित कीमत 15 से 16 लाख रुपए बताई जा रही है। टीम ने इन वाहनों से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच शुरू कर दी है। साथ ही बैंक खातों में हुए लेन-देन, निवेश और बीमा योजनाओं से संबंधित अभिलेखों को भी जब्त किया गया है।

    जांच के दौरान अधिकारियों का ध्यान पोला राव के पारिवारिक संबंधों और उनसे जुड़े संपत्ति विवरणों पर भी गया है। ईओडब्ल्यू के अनुसार उनकी बहन और बहनोई भी जबलपुर में निवास करते हैं। उनके मकान और उससे संबंधित दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है। बताया जा रहा है कि संबंधित संपत्ति नजूल भूमि पर बनी हुई है, इसलिए उसके वैधानिक पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है।

    ईओडब्ल्यू के डीएसपी मनजीत सिंह ने बताया कि फिलहाल सभी दस्तावेजों का विश्लेषण किया जा रहा है। जांच का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि अधिकारी की घोषित आय और उनके नाम पर मौजूद संपत्तियों के बीच कितना अंतर है। यदि जांच में आय से अधिक संपत्ति के प्रमाण मिलते हैं तो आगे नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

    गौरतलब है कि पोला राव वर्तमान में नगर निगम के कई महत्वपूर्ण वार्डों का प्रभार संभाल रहे हैं। ऐसे में उनके खिलाफ हुई यह कार्रवाई शहर में चर्चा का विषय बन गई है। देर शाम तक जारी जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि उनके पास कुल कितनी चल-अचल संपत्ति है और उसका स्रोत क्या है। फिलहाल ईओडब्ल्यू की कार्रवाई जारी है और अधिकारी पूरे मामले की बारीकी से जांच कर रहे हैं।

  • राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 20 जून को जबलपुर दौरे पर, योग दिवस और दीक्षांत समारोह में लेंगी हिस्सा

    राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 20 जून को जबलपुर दौरे पर, योग दिवस और दीक्षांत समारोह में लेंगी हिस्सा


    जबलपुर देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 20 जून को मध्य प्रदेश के जबलपुर दौरे पर आ रही हैं। राष्ट्रपति के प्रस्तावित दौरे को लेकर जिला प्रशासन, पुलिस और विभिन्न विभागों ने तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। सुरक्षा व्यवस्था से लेकर कार्यक्रम स्थलों की व्यवस्थाओं तक हर पहलू पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। राष्ट्रपति के आगमन को देखते हुए पूरे शहर में प्रशासनिक गतिविधियां तेज हो गई हैं और अधिकारियों द्वारा लगातार निरीक्षण किया जा रहा है।

    जिला कलेक्टर राघवेंद्र सिंह के अनुसार राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 20 जून की शाम लगभग 6 बजे जबलपुर पहुंचेंगी। वह करीब 18 घंटे तक शहर में रहेंगी और इस दौरान दो महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में शामिल होंगी। राष्ट्रपति के दौरे को लेकर केंद्र सरकार की सुरक्षा गाइडलाइन और ब्लू बुक के अनुसार व्यापक इंतजाम किए जा रहे हैं। सभी विभागों को उनकी जिम्मेदारियां सौंप दी गई हैं और समन्वय के साथ तैयारियां पूरी की जा रही हैं।

    राष्ट्रपति के आगमन से पहले प्रशासन द्वारा 20 जून को फाइनल रिहर्सल भी आयोजित की जाएगी। इस रिहर्सल में सुरक्षा व्यवस्था, यातायात प्रबंधन, प्रोटोकॉल और कार्यक्रम संचालन से जुड़े सभी पहलुओं का परीक्षण किया जाएगा। पुलिस विभाग ने भी सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं और संवेदनशील स्थानों की निगरानी बढ़ा दी गई है।

    राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर जबलपुर के गैरिसन ग्राउंड में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में शामिल होंगी। योग दिवस के इस विशेष आयोजन में बड़ी संख्या में नागरिकों, विद्यार्थियों, सामाजिक संगठनों और विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधियों के शामिल होने की संभावना है। राष्ट्रपति की उपस्थिति इस आयोजन को और अधिक महत्वपूर्ण बना देगी।

    योग दिवस कार्यक्रम के बाद राष्ट्रपति रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय पहुंचेंगी, जहां वह विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगी। समारोह के दौरान विभिन्न संकायों के विद्यार्थियों को उपाधियां और सम्मान प्रदान किए जाएंगे। विश्वविद्यालय प्रशासन ने भी इस कार्यक्रम को लेकर तैयारियां तेज कर दी हैं।

    दीक्षांत समारोह में राष्ट्रपति के साथ मध्य प्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटेल, मुख्यमंत्री मोहन यादव, लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह, विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर राजेश कुमार वर्मा सहित कई गणमान्य अतिथि मौजूद रहेंगे। इस अवसर पर उच्च शिक्षा, शोध और नवाचार से जुड़े महत्वपूर्ण संदेश भी विद्यार्थियों को दिए जाने की संभावना है।

    प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक राष्ट्रपति की छोटी बेटी के भी इस दौरे में शामिल होने की संभावना जताई जा रही है, हालांकि इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। कार्यक्रमों में भाग लेने के बाद राष्ट्रपति उसी दिन दिल्ली के लिए रवाना हो जाएंगी।

    राष्ट्रपति के दौरे को लेकर जबलपुर में उत्साह का माहौल है। प्रशासन का प्रयास है कि सभी कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हों और सुरक्षा व व्यवस्थाओं में किसी प्रकार की कमी न रहे। राष्ट्रपति का यह दौरा शहर के लिए गौरव और महत्व का अवसर माना जा रहा है।

  • जबलपुर एसपी ऑफिस में महिलाओं के बीच मारपीट, बाल खींचे-गाल नोचे; पुलिस ने कराया बीच-बचाव

    जबलपुर एसपी ऑफिस में महिलाओं के बीच मारपीट, बाल खींचे-गाल नोचे; पुलिस ने कराया बीच-बचाव

    जबलपुर जबलपुर के पुलिस अधीक्षक (एसपी) कार्यालय परिसर में मंगलवार दोपहर उस समय हंगामे की स्थिति बन गई, जब दो महिलाएं आपस में भिड़ गईं। देखते ही देखते दोनों के बीच कहासुनी मारपीट में बदल गई और कार्यालय परिसर में अफरा-तफरी मच गई। घटना के दौरान दोनों महिलाओं ने एक-दूसरे को धक्का दिया, बाल खींचे और जमीन पर पटकने तक की नौबत आ गई। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों और अन्य लोगों ने हस्तक्षेप कर दोनों को अलग कराया।

    जानकारी के अनुसार, घटना मंगलवार दोपहर करीब एक बजे की है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक दोनों महिलाओं के बीच पहले तीखी बहस हुई, जिसके बाद विवाद अचानक बढ़ गया। दोनों महिलाएं एक-दूसरे पर आरोप लगाते हुए हाथापाई करने लगीं। इस दौरान एक महिला के चेहरे पर नाखून लगने से चोट आई और उसके गाल से खून निकलने लगा। घटना को देखकर आसपास मौजूद लोग भी हैरान रह गए।

    हंगामे की सूचना मिलते ही पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे और दोनों महिलाओं को अलग कराया। इसके बाद सिविल लाइन थाना पुलिस को बुलाया गया। पुलिस दोनों महिलाओं को अपने साथ थाने ले गई, जहां उनसे पूछताछ की गई। बाद में मेडिकल परीक्षण के लिए जिला अस्पताल भी भेजा गया।

    एएसपी सूर्यकांत शर्मा के अनुसार, प्रारंभिक जानकारी में सामने आया है कि खुद को यूट्यूब पत्रकार बताने वाली विद्या रैकवार और पिंकी नामक महिला के बीच किसी पुराने विवाद को लेकर कहासुनी हुई थी। इसी विवाद ने मारपीट का रूप ले लिया। पुलिस दोनों पक्षों के बयान दर्ज कर मामले की जांच कर रही है।

    दूसरी ओर, पिंकी ने आरोप लगाया कि वह एक शिकायत लेकर एसपी कार्यालय पहुंची थी। उसके अनुसार, वहां पहले से मौजूद विद्या रैकवार ने उसके साथ अभद्र व्यवहार किया और विवाद बढ़ने पर मारपीट शुरू हो गई। पिंकी का कहना है कि उसने पहले भी संबंधित मामले की शिकायत पुलिस में की थी और उसे पूर्व में धमकियां भी मिल चुकी हैं। हालांकि इन आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।

    पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पूछताछ के दौरान यह भी सामने आया है कि दोनों महिलाओं के बीच पहले भी विवाद हो चुका है, जिसकी शिकायत संबंधित थाने में दर्ज कराई गई थी। अब पुलिस पुराने विवाद और वर्तमान घटना के बीच संबंधों की भी जांच कर रही है।

    फिलहाल दोनों महिलाओं का मेडिकल परीक्षण कराया गया है और मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने और तथ्यों के सामने आने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। एसपी कार्यालय जैसे संवेदनशील परिसर में हुई इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था और अनुशासन को लेकर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

  • जबलपुर में महिला बिजनेस पार्टनर की गोली मारकर हत्या, युवक ने खुद को भी शूट किया; दोनों की मौत

    जबलपुर में महिला बिजनेस पार्टनर की गोली मारकर हत्या, युवक ने खुद को भी शूट किया; दोनों की मौत


    मध्यप्रदेश । जबलपुर में सोमवार दोपहर एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जहां एक युवक ने अपनी महिला बिजनेस पार्टनर की गोली मारकर हत्या करने के बाद खुद को भी गोली मार ली। इस वारदात में दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। शुरुआती जांच में मामला कारोबार और पैसों के लेनदेन से जुड़े विवाद का बताया जा रहा है।

    घटना गोरखपुर थाना क्षेत्र के राजू डुप्लेक्स के पास की है। मृतकों की पहचान शक्ति कोहली और दीपेश राठौर के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, दोनों ने कुछ समय पहले मिलकर एक ब्यूटी पार्लर सेंटर शुरू किया था और पिछले कई महीनों से पार्टनरशिप में काम कर रहे थे।

    पुलिस के मुताबिक, सोमवार दोपहर शक्ति अपने कमरे पर मौजूद थी, तभी दीपेश वहां पहुंचा। किसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद हो गया, जो देखते ही देखते इतना बढ़ गया कि दीपेश ने पिस्टल निकालकर शक्ति पर गोली चला दी। गोली लगने से महिला की मौके पर ही मौत हो गई।

    इसके बाद आरोपी ने खुद को भी गोली मार ली, जिससे उसकी भी मौके पर ही मौत हो गई। फायरिंग की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और तुरंत पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलने पर पुलिस और वरिष्ठ अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे और इलाके को सील कर दिया गया।

    घटनास्थल से पुलिस ने हथियार सहित अन्य साक्ष्य जब्त किए हैं। दोनों के मोबाइल फोन और दस्तावेज भी जांच के लिए कब्जे में लिए गए हैं। एफएसएल टीम को भी मौके पर बुलाया गया है, जो साक्ष्य जुटा रही है।

    परिजनों के अनुसार, दोनों पिछले 6–7 महीनों से बिजनेस को लेकर लगातार संपर्क में थे, लेकिन बाद में विवाद बढ़ने लगा था। बताया गया कि युवक के खिलाफ पहले से आपराधिक मामले दर्ज थे, जिसकी जानकारी बाद में सामने आई। मामले की सभी पहलुओं से जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि पूरी जांच के बाद ही घटना के पीछे की असली वजह स्पष्ट हो सकेगी।

  • प्रेम प्रसंग को लेकर जबलपुर में बवाल: दो परिवारों में हिंसक झड़प, वाहन फूंके; 16 लोगों पर केस दर्ज

    प्रेम प्रसंग को लेकर जबलपुर में बवाल: दो परिवारों में हिंसक झड़प, वाहन फूंके; 16 लोगों पर केस दर्ज


    मध्‍य प्रदेश । मध्य प्रदेश के Jabalpur जिले के मझौली क्षेत्र में प्रेम प्रसंग से जुड़ा विवाद शुक्रवार रात हिंसक टकराव में बदल गया। दो परिवारों के बीच शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते मारपीट, तोड़फोड़ और आगजनी तक पहुंच गया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस और फायर ब्रिगेड को मौके पर पहुंचना पड़ा। मामले में दोनों पक्षों के कई लोगों के खिलाफ बलवा सहित अन्य धाराओं में प्रकरण दर्ज किया गया है।

    पुलिस के अनुसार मझौली क्षेत्र के एक युवक और युवती के बीच लंबे समय से परिचय और मित्रता थी। इसी दौरान दोनों के बीच संबंधों को लेकर विवाद उत्पन्न हो गया। पुलिस के मुताबिक युवती की शादी अन्यत्र तय हो जाने के बाद युवक द्वारा कथित रूप से कुछ आपत्तिजनक संदेश भेजे गए, जिससे दोनों परिवारों के बीच तनाव बढ़ गया।

    विवाद बढ़ने पर दोनों पक्षों के परिजन आपसी बातचीत के जरिए समाधान निकालने का प्रयास कर रहे थे, लेकिन सहमति बनने के बजाय मतभेद और गहरे हो गए। इसके बाद दोनों परिवारों के बीच माहौल लगातार तनावपूर्ण बना रहा।

    शुक्रवार रात स्थिति अचानक बिगड़ गई। पुलिस के अनुसार दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और विवाद हिंसक झड़प में बदल गया। इस दौरान लाठी-डंडों से मारपीट हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार सड़क पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया और लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे।

    घटना के दौरान कुछ वाहनों में आग लगाए जाने की भी जानकारी सामने आई है। सड़क किनारे खड़े दोपहिया वाहनों को आग के हवाले कर दिया गया, जिससे इलाके में दहशत फैल गई। आग की लपटें उठने के बाद स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी।

    सूचना मिलते ही Nehru Khandate के नेतृत्व में पुलिस बल मौके पर पहुंचा। पुलिस ने तत्काल हस्तक्षेप कर दोनों पक्षों को अलग किया और हालात को नियंत्रित किया। इसके बाद फायर ब्रिगेड की मदद से जलते हुए वाहनों में लगी आग पर काबू पाया गया।

    मामले को लेकर Sampat Upadhyay ने बताया कि प्रारंभिक जांच में प्रेम प्रसंग और मोबाइल संदेशों को लेकर विवाद की बात सामने आई है। पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायतों के आधार पर काउंटर एफआईआर दर्ज की है। बलवा, मारपीट और अन्य संबंधित धाराओं के तहत लगभग 16 लोगों को नामजद किया गया है।

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और घटना में शामिल सभी लोगों की भूमिका की पड़ताल की जाएगी। आगजनी और संपत्ति को हुए नुकसान का भी आकलन किया जा रहा है। सीसीटीवी फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

    फिलहाल क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करने की अपील की है।

  • आयुध निर्माणी खमरिया ने जबलपुर पुलिस को दिए 2 बोलेरो और 8 एक्टिवा, CSR फंड से बढ़ेगा पेट्रोलिंग बेड़ा

    आयुध निर्माणी खमरिया ने जबलपुर पुलिस को दिए 2 बोलेरो और 8 एक्टिवा, CSR फंड से बढ़ेगा पेट्रोलिंग बेड़ा


    मध्य प्रदेश। जबलपुर में कानून-व्यवस्था और पुलिस पेट्रोलिंग को मजबूत करने के लिए आयुध निर्माणी खमरिया ने बड़ा सहयोग दिया है। संस्थान ने कॉरपोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी (CSR) फंड के तहत पुलिस विभाग को दो बोलेरो और आठ एक्टिवा वाहन प्रदान किए हैं। ये वाहन जिले के अलग-अलग थानों में तैनात किए जाएंगे, जिससे पेट्रोलिंग और त्वरित कार्रवाई की क्षमता बढ़ाई जा सकेगी।

    आयुध निर्माणी खमरिया के मुख्य महाप्रबंधक शैलेश वगेरवाल ने जबलपुर पुलिस अधीक्षक सम्पत उपाध्याय को इन वाहनों की चाबी औपचारिक रूप से सौंपी। इस मौके पर पुलिस और फैक्ट्री के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।

    मुख्य महाप्रबंधक शैलेश वगेरवाल ने कहा कि आयुध निर्माणी खमरिया केवल रक्षा उत्पादन तक सीमित नहीं है, बल्कि समाजहित से जुड़े कार्यों में भी सक्रिय भूमिका निभाती है। उन्होंने बताया कि सीएसआर फंड 2025-26 के तहत म्यूनिशंस इंडिया लिमिटेड, पुणे की इकाई द्वारा यह सहयोग दिया गया है।

    उन्होंने कहा कि इस पहल का उद्देश्य पुलिस विभाग की कार्यक्षमता बढ़ाना और अपराध नियंत्रण को अधिक प्रभावी बनाना है। खासतौर पर महिलाओं की सुरक्षा और शहर में गश्त व्यवस्था को मजबूत करने में यह वाहन अहम भूमिका निभाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि संस्थान समाज और जनसुरक्षा से जुड़े कार्यों में निरंतर सहयोग देता रहेगा।

    पुलिस अधीक्षक सम्पत उपाध्याय ने इस सहयोग के लिए आयुध निर्माणी खमरिया का आभार जताया। उन्होंने कहा कि इन वाहनों का उपयोग मुख्य रूप से पेट्रोलिंग, महिला सुरक्षा और आपातकालीन सेवाओं में किया जाएगा। इससे पुलिस की त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता में सुधार होगा।

    पुलिस प्रशासन के अनुसार, इन वाहनों को अलग-अलग थाना क्षेत्रों में जरूरत के अनुसार तैनात किया जाएगा, जिससे शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में गश्त व्यवस्था और मजबूत हो सके।

    इस अवसर पर आयुध निर्माणी खमरिया के जनरल मैनेजर अशोक कुमार मीना, सीनियर मैनेजर अविनाश शंकर सहित कई अधिकारी मौजूद रहे। वहीं पुलिस विभाग की ओर से अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण सूर्यकांत शर्मा, सीएसपी रांझी सतीश साहू, सीएसपी कैंट उदयभान बागरी, डीएसपी मुख्यालय बीएस गोठरिया, डीएसपी यातायात संतोष शुक्ला सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।